0:00 नमस्कार दोस्तों। दोस्तों भारत पाकिस्तान वॉर सिचुएशन के बीच भारत की अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ी अच्छी खबर सामने आई है। देखिए क्या होता है कि बहुत कम ऐसा मौका होता है कि किसी देश की जो क्रेडिट रेटिंग है उसको बढ़ाया जाए, अपग्रेड किया जाए। यहां पर ये हुआ है कि भारत की जो क्रेडिट रेटिंग है उसको अपग्रेड करके ट्रिपल बी पर लाया गया। आप देख सकते हो यह खबर। इंडिया अपग्रेडेड टू ट्रिपल बी विथ अ स्टेबल ट्रेंड। तो इसको थोड़ा सा डिटेल में समझने की आवश्यकता है कि आखिरकार यह किसके द्वारा किया गया? इसका मतलब क्या है? ट्रिपल बी पहले क्या था? शॉर्ट टर्म और लॉन्ग टर्म की जो रेटिंग है वो क्या रखी गई है? और साथ ही साथ इसका स्टेबल का मतलब क्या है? और यह क्यों किया गया? वो सब कुछ मैं आपको डिटेल से बताऊंगा वीडियो में। चलिए आगे बढ़ते हैं। लेकिन उससे पहले दोस्तों आप सबको बता दूं आप में से जो भी लोग यूपीएससी की प्रिपरेशन कर रहे हैं। हमारा जो नया फाउंडेशन बैच है 2026 के लिए
0:46 ये स्टार्ट हुआ है। और स्पेशली 15 मई तक आप एक्स्ट्रा डिस्काउंट के साथ इन बैचेस को अेल कर पाएंगे। तो लिंक कमेंट सेक्शन में दिया हुआ है। वहां पर जाइए और यूज़ करिए यह कोड अंकित लाइव ताकि आप जो मैक्सिमम डिस्काउंट है वो ले सकें। तो चलिए शुरुआत करते हैं। देखिए सबसे पहले मैं आपको बता दूं मॉर्निंग स्टार डीबीआरएस डोमिनियन बॉन्ड रेटिंग सर्विस ये वर्ल्ड की लीडिंग क्रेडिट रेटिंग एजेंसीज है। जैसे आपने कई बार सुना होगा ना एसएपी स्टैंडर्ड एंड पुअर mesस के बारे में फिच के बारे में सेम उसी प्रकार से मॉर्निंग स्टार डीवीआरएस का भी बहुत महत्व है। तो इन्होंने भारत की जो सोवरन क्रेडिट रेटिंग है उसको अपग्रेड कर दिया और यह कितना अपग्रेड किया है आप देख सकते हो जो लॉन्ग टर्म फॉरेन एंड लोकल करेंसी इशू रेटिंग है मतलब बेसिकली लॉन्ग टर्म वाली जो रेटिंग है ना वो ट्रिपल बी लो था पहले इसको
1:32 बढ़ाकर ट्रिपल बी कर दिया गया अच्छा इसका मतलब क्या है जैसे कि अगर आप देखोगे यहां पर जो पिच mडी एसएपी इनकी जो रेटिंग होती है ना या अगर आप देखिए तो ट्रिपल बी माइनस उसके ऊपर आता है ट्रिपल बी और उसके ऊपर ट्रिपल बी प्लस आता है राइट तो यहां पर क्या है ना एक प्रकार से यह ट्रिपल बी माइनस था पहले जो कि इसको बढ़ाकर ट्रिपल बी किया गया है। मतलब पहले यह लो था अब इसको नॉर्मल पर लाया गया है। और शॉर्ट टर्म रेटिंग अगर आप देखोगे तो ये भी R2 मिडिल से बढ़ाकर आर टू हाई की तरफ ले जाया गया है। और इसके अलावा ट्रेंड की अगर हम बात करें आउटलुक की बात करें तो इसको स्टेबल रखा गया है। मतलब हर तरफ से भारत के लिए पॉजिटिव खबर है। अच्छा यहां पर कई लोग पूछना चाहेंगे कि ये क्रेडिट रेटिंग का मतलब क्या होता है? देखिए पहले ये समझ लीजिए सोवरन क्रेडिट रेटिंग बेसिकली एक देश की एबिलिटी को दिखाता है कि जो आपने
2:20 कर्ज लिया है क्या आप उसको लौटा पाओगे कि नहीं। मतलब आपके ऊपर जो फाइनेंसियल ऑब्लिगेशन है भारत ने इतने सारे लोन लिए होंगे। सरकार ने लोन लिए होंगे। भारत के कंपनीज़ ने लोन लिए होंगे। भारत के लोगों से लोन लिए होंगे और विदेशों से लोन लिए होंगे। तो जब आप ये लोन लेते हो तो क्या आपकी एबिलिटी है? जैसे हम कहते हैं ना कि ये देश डिफॉल्ट कर गया। फॉर एग्जांपल श्रीलंका श्रीलंका डिफॉल्ट कर गया। वो पैसे नहीं चुका पाया। पाकिस्तान की भी लगभग वैसी ही हालत है। तो यहां पर क्या है कि एक देश की एबिलिटी और विलिंगनेस को दिखाता है कि क्या वो पैसा लौटा पाएगा कि नहीं। अब क्या होता है ना कि मान लो अगर आपकी क्रेडिट रेटिंग एकदम नीचे की तरफ है। मान लो ट्रिपल सी है बी माइनस है। तो यहां पर क्या आपको लगता है कि कोई देश आपको उधार देगा। क्योंकि जब भी आपको उधार दिया जाता है जब भी कोई आपके देश में निवेश
3:05 करता है तो आपकी रेटिंग को देखता है कि क्या आपकी रेटिंग बेहतर है खराब है उसके आधार पर मान लीजिए आपकी रेटिंग बहुत खराब है तो उस केस में अगर मान लो आपको कोई लोन देगा भी तो बहुत हाई इंटरेस्ट रेट चार्ज करेगा तो इट इज़ जस्ट लाइक एग्जांपल आप नॉर्मल बैंक में कहीं पर जाते हो बैंक में आप आप बहुत पैसे वाले हो मतलब आपको जानते हैं सब तो ऑब्वियस सी बात है बैंक क्या करेगा थोड़ा सा कम इंटरेस्ट रेट चार्ज करेगा कि आप तो पैसा लौटा खरीद दोगे कहीं लेके भागोगे नहीं सेफ है पैसा व अगर कोई गरीब व्यक्ति जाता है बैंक में क्या होता है तो वही हाल होता है कि यहां पर ज्यादा इंटरेस्ट रेट लगाया जाता है कुछ वैसा ही चीज है तो एक प्रकार से जो भारत की रेटिंग अपग्रेड किया गया है इट रिफ्लेक्ट्स कि इंटरनेशनल जो कॉन्फिडेंस है भारत के मैकोनमिक फंडामेंटल्स पर हमारी इकॉनमी के ऊपर वो काफी अच्छा बढ़ रहा है और यहां पर
3:52 जब हम बात करते हैं ना कि ट्रिपल बी हो गया है मतलब हम इन्वेस्टमेंट ग्रेड रेटिंग के अंदर हैं। दुनिया इन्वेस्ट करना चाहेगी इस रेटिंग पर भारत के अंदर और जो मैंने आपको बताया कि जो ट्रेंड है उसको स्टेबल रखा गया है। ट्रेंड स्टेबल रखने का मतलब कि ऐसा नहीं है कि शॉर्ट टर्म में ये जो रेटिंग है उसको गिरा दिया जाएगा। ये स्टेबल रहेगी। ये एक प्रकार से इसका मतलब हुआ। अब क्वेश्चन ये है कि ऐसा क्यों किया गया? भारत की रेटिंग को क्यों अपग्रेड किया गया? कई सारे कारण हैं। एक तो जो हमारी इकोनमिक ग्रोथ है वो भी काफी मोमेंटम में चल रही है। स्पेशली कोविड के बाद से जो रिकवरी हुई सरकार कई स्कीम्स लेकर आई। जैसे पीएलआई स्कीम्स, डिजिटाइजेशन की तरफ हम गए। सर्विस सेक्टर हमारा रेिलिएंट है। तो हाई ग्रोथ को देखते हुए कहीं ना कहीं रेटिंग को बढ़ाया गया है। दूसरा क्या है कि फिस्कल कंसोलिडेशन। देखो कोई भी इन्वेस्टर अक्सर यह देखता है
4:37 कि आपके देश में सरकार फिसिकल डिसिप्लिन रख रही है कि नहीं। मान लीजिए सरकार कमा रही है ₹100 और खर्च कर रही है ₹200। यह तो बहुत ज्यादा हो गया ना। मतलब आपकी कमाई से डबल आप खर्चा कर रहे हो। लेकिन भारत सरकार यह जो डिफरेंस है उसको कम कर रही है लगातार। मतलब अगर हम ₹100 यहां पर खर्चा कमा रहे हैं तो ₹17 ही खर्चा कर रहे हैं तो हमें सिर्फ ₹7 बोरो करने की आवश्यकता है। तो जनरल गवर्नमेंट का फिसिकल डेफिसिट देखोगे मतलब सेंट्रल गवर्नमेंट और स्टेट गवर्नमेंट सबका मिलाकर तो ये सोच के देखिए उस समय जब कोविड का समय चल रहा था तो ये बहुत हाई हो गया था 13% ऑफ जीडीपी जो कि अब गिरकर लगभग 7.4% हो गया है। वहीं अगर हम सिर्फ केंद्र सरकार के फिसिकल डेफिट की बात करें तो अगेन कोविड के समय यह हाई हो गया था 9.2% जो कि अब गिरकर 5.1% हो गया। मतलब कहने का मतलब ये हुआ कि सरकार संभल
5:23 के खर्च कर रही है। अंधाधुंध तरीके से खर्च नहीं कर रही है। क्योंकि अभी अगर सरकार ज्यादा बोरो करेगी कल उसको परेशानी होगी। तो ये एक कारण है जिसकी वजह से रेटिंग अच्छी हुई है। बैंकिंग सेक्टर की हम बात करें तो देखो पहले एनपीए कितना ज्यादा बढ़ गया था। सोच के देखिए डबल डिजिट में 12 13% आज के डेट में ये घटकर सिर्फ 2.5% रह गया है। 13 इयर्स के लोएस्ट पॉइंट पर है। वही क्या होता है हमारे बैंकों के पास एडिक्वेट कैपिटल है कि नहीं? क्योंकि जितना कैपिटल होगा उतना वो उधार देने की क्षमता रखेंगे। तो ये भी आपको अच्छा खासा देखने को मिलेगा। तो ये ओवरऑल हमारे बैंकिंग सेक्टर के रूबस्टनेस को दिखाता है कि हमारे बैंकिंग सेक्टर के अंदर अच्छा खासा पैसा है। आरबीआई ध्यान दे रही है। कोई एस सच प्रॉब्लम नहीं है। तो अगेन ये भी एक बड़ा कारण है जिसकी वजह से रेटिंग बढ़ा। फिर नेक्स्ट है मैकइकोनॉमिक स्टेबिलिटी। मतलब जो बड़े-बड़े नंबर्स होते हैं जैसे इनफ्लेशन के नंबर्स। तो ये
6:08 भी कंट्रोल में आ गया है। ये 4% जो हमारा टारगेट है ना 4% रहना चाहिए। प्लस माइनस 2% वो उसी की रेंज में है। फॉरेन एक्सचेंज रिजर्व हमारा अच्छा खासा है। 650 बिलियन से ज्यादा है। करंट अकाउंट डेफिसिट अगेन जो हम इंपोर्ट करते हैं ना और एक्सपोर्ट करते हैं उसका डिफरेंस। तो ये आपका घटकर 1.2% हो गया है। एक्सचेंज रेट अगर आप देखोगे तो अगेन यहां पर एक बड़ा अच्छा सुधार हुआ है। क्या है कि आप देख सकते हैं $1 इक्वल्स टू ये 8889 के करीब चला गया था। 889 यहां पर बहुत तेजी से। लेकिन पिछले कुछ समय में इसमें अच्छी खासी गिरावट हुई है। इनफैक्ट ये तो अभी 84 आ गया था। अभी वापस से थोड़ा सा ये कमजोर हुआ है। इट इज़ मेनली बिकॉज़ ऑफ जो इंडिया पाकिस्तान के बीच में हो रहा है। अदरवाइज ये वापस से और थोड़ा सा एप्रिशिएट हो जाएगा। सो ये जो इंडिकेटर्स हैं ये भारत की जो स्ट्रांग एबिलिटी है एक्सटर्नल शॉक को झेलने की कि कल के डेट में अगर मान लो
6:54 अचानक से क्रूड ऑयल के प्राइस बहुत बढ़ गए तो उसको हम झेल पाएंगे। वो रोबस्टनेस को दिखाता है जिसकी वजह से अगेन हमारी रेटिंग्स को बढ़ाया गया है। और फाइनली है यहां पर फॉर्मलाइजेशन एंड डिजिटाइजेशन। देखिए जैम ट्रिनिटी और सरकार जिस तरह से डिजिटाइजेशन लेकर आई है। यूपीआई का ट्रांजैक्शन हो रहा है। जीएसटी इनकम टैक्स जो रिफॉर्म्स है वो लेकर आया गया है। यहां पर टैक्स बेस हमारा बढ़ रहा है। तो अगेन ये सारी चीजें रेवेन्यू प्रेडिक्टेबिलिटी को दिखा रहा है कि सरकार का रेवेन्यू भी यहां पर तेजी से बढ़ रहा है। लेकिन क्या यहां पर सब कुछ ठीक है? ऐसा भी नहीं है। जाहिर सी बात है बहुत सारे चैलेंजेस भी हैं। फॉर एग्जांपल पब्लिक टू डे पब्लिक डेप्ट टू जीडीपी रेश्यो मतलब जीडीपी के परसेंटेज इस हिसाब से हमारा डे कितना है? कर्ज कितना है? तो इट इज़ अराउंड 80% के आसपास व्हिच इज़ हाई लेकिन स्टेबल है। हां
7:40 ये मतलब थोड़ा सा इस पे ध्यान देने की जरूरत है कि कहीं और ना भाग जाए। बहुत ज्यादा कर्ज हम ना ले लें। फिर इसके अलावा एंप्लॉयमेंट जनरेशन अगेन यहां पर प्रॉब्लम है। अक्सर हम देखते रहते हैं कि प्रदर्शन होते हैं, यूथ अनइंप्लॉयड है। तो इसको थोड़ा सा ध्यान देने की जरूरत है। जिओपॉलिटिकल रिस्क है स्पेशली अभी भारत पाकिस्तान का जो टेंशन चल रहा है। कहीं ये बहुत आउट ऑफ कंट्रोल ना हो जाए। बहुत ज्यादा इश्यूज ना हो जाए। अदरवाइज यहां पर अगेन प्रॉब्लम स्टार्ट हो जाएंगी। फिर इसके अलावा स्टेट फाइनेंसेस मतलब कुछ राज्यों के फाइनेंससेस काफी वीक हैं। जैसे हिमाचल प्रदेश हो गया। कुछ ऐसे-ऐसे राज्य हैं हमारे देश के अंदर जो जो कि थोड़ा सा फ्रीबीस वगैरह की तरफ ज्यादा चले गए हैं। तो उसको थोड़ा ध्यान देने की जरूरत है और इसके अलावा जो रिफॉर्म्स हैं उसमें डिले देखने को मिल रहा है। लेबर रिफॉर्म, लैंड रिफॉर्म्स वो अभी तक उतने अच्छे से नहीं हो पाए। खैर जो भी है इसमें सुधार किया जाए। लेकिन क्वेश्चन यहां पर लास्ट में ये
8:26 आता है कि ये जो रेटिंग अपग्रेड किया गया है। इसका अल्टीमेट इंपैक्ट क्या होगा? क्या इससे फायदा होगा? सबसे पहला है इन्वेस्टर्स का सेंटीमेंट बढ़ेगा। यहां पर ज्यादा एफडीआई आएगा। ज्यादा फॉरेन पोर्टफोलियो इन्वेस्टर्स निवेश करेंगे। तो इसकी वजह से क्या है कि अल्टीमेटली यहां पर हमारा जो बॉन्ड ईल्ड है वो भी थोड़ा सा नीचे जाएगा। बॉन्ड ईल्ड नीचे जाता है तो बेसिक सिंपल अर्थों में अगर मैं शब्दों में आपको बताऊं तो इसका सिंपल अर्थ ये है कि जो इंटरेस्ट रेट है ना वो थोड़ा सा नीचे जाएगा। जब बैंकों का जैसे रेपो रेट वगैरह नीचे जाएगा अगर बॉन्ड ईल्ड थोड़ा सा नीचे गया तो तो यहां पर क्या है कि अल्टीमेटली जो हम लोग लोन लेते हैं बैंकों से वो थोड़ा सा नीचे जाएगा। तो ज्यादा लोन लेंगे, ज्यादा हम खर्च करेंगे और ज्यादा हमारी जीडीपी बढ़ सकेगी। फिर नेक्स्ट है इंडियन रूपी। ज्यादा एफडीआई, एफपीडीआई आएगा तो मतलब क्या है? यहां पर हमारा रूपी
9:11 और स्टेबलाइज होगा, एप्रिशिएट होगा। फिर इसके अलावा सोवन फंड इन्वेस्टमेंट के चांसेस बढ़ जाएंगे और इसके अलावा भारत की जो ग्लोबल इमेज है, परसेप्शन है, उसमें भी काफी ज्यादा सुधार होगा और ज्यादा स्ट्रांग होगा एक प्रकार से। तो ये पूरा कहानी था दोस्तों और देखिए यहां पर कंक्लूजन यही निकलता है कि मॉर्निंग स्टार डीवीआरएस का जो अपग्रेड किया गया है इसकी वजह से अब क्या है कि बाकी के भी जो रेटिंग एजेंसीज है ना फिच Modi स्टैंडर्ड एंड पुअर उनके ऊपर भी असर आएगा उनके ऊपर भी दबाव आएगा कि देखिए आप भी यहां पर रेटिंग बढ़ाइए और भारत तो ये कह ही रहा है कि ये जो रेटिंग अभी हमें दिया जा रहा है वो सही नहीं है। जिस तरह की भारत की इकॉनमी है उसमें और ज्यादा हमें रेटिंग बढ़ाने की आवश्यकता है। तो ये था पूरा वीडियो और जाने से पहले आप सबके लिए एक इंटरेस्टिंग क्वेश्चन। देखिए अभी रिसेंटली काफी न्यूज़ में चल रहा था कि पाकिस्तान के द्वारा ये जो ड्रोन इस्तेमाल किया जा रहा
9:57 है ना भारत के खिलाफ सोंग ड्रोन ये किस देश से ओरिजनेट होता है ये आपको बताना है इसका राइट आंसर आप सब जानते हैं मेरे Instagram पर तो मिलेगा ही वहां पर अगर आप नहीं हो कोई बात नहीं tlegram से ले सकते हैं इसका सही उत्तर और जैसा कि मैंने आपको बताया अगर आप स्टडी आईक्यू पर कोई भी कोर्स बैच लेना चाहते हैं स्पेशली 2026 की अगर आप तैयारी कर रहे हैं हमारा फाउंडेशन बैच ले सकते हैं बाय यूजिंग दिस कोड अंकित लाइव यू विल गेट मैक्सिमम डिस्काउंट थैंक