Khan Sir Podcast: India vs China, Pakistan, Bihar’s Reality & Geopolitics | FO343 Raj Shamani

Brief Summary

इस पॉडकास्ट में, राज शामानी, खान सर के साथ कई विषयों पर चर्चा करते हैं, जिसमें चीन की तरक्की, भारत और चीन के बीच का अंतर, शिक्षा प्रणाली, गरीबी, कम्युनिज्म और डेमोक्रेसी, सोशल मीडिया का प्रभाव, युद्ध, और भारत की वैश्विक स्थिति शामिल हैं। खान सर भारत की शिक्षा प्रणाली में सुधार, किसानों को आगे बढ़ाने और अंग्रेजी भाषा के प्रभाव जैसे मुद्दों पर अपने विचार साझा करते हैं। वे पाकिस्तान की स्थिति, महात्मा गांधी के योगदान और मीडिया की वास्तविकता पर भी बात करते हैं।

  • चीन की तरक्की और भारत से तुलना
  • शिक्षा प्रणाली में सुधार की आवश्यकता
  • सोशल मीडिया का नकारात्मक प्रभाव
  • युद्ध और शांति पर विचार
  • भारत की वैश्विक स्थिति और भविष्य

Introduction

राज शामानी खान सर का परिचय देते हैं और बताते हैं कि आज के एपिसोड में हम जानेंगे कि चीन हमसे इतना आगे क्यों है, पाकिस्तान आज तक इतना पीछे क्यों है, यूएस पाकिस्तान को सपोर्ट क्यों कर रहा है, इंडियन एजुकेशन में सुधार कैसे ला सकते हैं, हमारे देश के किसान आगे कैसे बढ़ सकते हैं और क्या इंग्लिश लैंग्वेज ने हमें बैकवर्ड बना दिया है।

China’s growth

खान सर बताते हैं कि 1950 के आसपास भारत और चीन की स्थिति लगभग एक जैसी थी, लेकिन आज चीन हमसे बहुत आगे है और आने वाले भविष्य में दुनिया पर राज करेगा। चीन रियलिस्टिक सोच रखता है और विकास पर ध्यान देता है, जबकि भारत में अंग्रेजी को थोपने के चक्कर में 70% छात्रों का समय और ज्ञान बर्बाद हो रहा है।

Difference between India and China

खान सर बताते हैं कि चीन में फैक्ट्रियों में महिलाएं काम कर रही हैं और पुरुष मार्केटिंग और एक्सपोर्ट संभाल रहे हैं, जिससे मेल और फीमेल दोनों मिलकर काम कर रहे हैं। वहीं, इंडिया में महिलाओं को घर के अंदर रखा जाता है और पुरुषों पर पैसे कमाने की जिम्मेदारी थोप दी जाती है।

Education system in China

खान सर बताते हैं कि चीन में कोचिंग सेंटर नहीं हैं और वहां वन नेशन वन एजुकेशन सिस्टम है। इंडिया में कोचिंग सेंटरों की जरूरत इसलिए है क्योंकि स्कूल अच्छी शिक्षा नहीं दे पाते हैं।

Rich vs. Poor

खान सर बताते हैं कि इंडिया में अमीर और गरीब की पढ़ाई अलग-अलग होती है, अमीर का हॉस्पिटल अलग है और गरीब का हॉस्पिटल अलग है। उन्होंने भारत को गरीबी, जाति और राज्य के आधार पर बांटने की बात कही।

Communism & Democracy

खान सर बताते हैं कि चीन में कम्युनिस्ट सिस्टम है, जहां देश का कांसेप्ट नहीं होता है, पार्टी का कांसेप्ट होता है। इंडिया में बोलने की आजादी है, लेकिन चाइना में ऐसा नहीं है।

How Facebook destroyed Sri Lanka

खान सर बताते हैं कि सोशल मीडिया का बहुत मिसयूज है। बांग्लादेश में तख्ता पलट सोशल मीडिया की वजह से हुआ और श्रीलंका फेसबुक की वजह से बर्बाद हुआ। फेसबुक ने कम्युनल राइट्स को बढ़ावा दिया और एंटी-गवर्नमेंट भावनाओं को भड़काया।

India vs. China

खान सर कहते हैं कि भारत चीन से दुश्मनी नहीं कर पा रहा है क्योंकि हर घर में चाइनीस सामान है। अक्साई चिन हमारा है, लेकिन हम उस पर ठीक से चर्चा नहीं कर पाते हैं। ताइवान को हम एक देश के रूप में एक्सेप्ट नहीं करते हैं क्योंकि हम चाइना से डरते हैं।

Import duty on essential goods

खान सर कहते हैं कि एमआरआई मशीन और सिटी स्कैन मशीन जर्मनी से आ रही हैं और इंडिया में नहीं बनती हैं। अगर कोई हॉस्पिटल वाला उस मशीन को मंगा रहा है तो उस पर गवर्नमेंट इंपोर्ट ड्यूटी लगाती है, जो कि बेशर्मी है।

U.S. Tariffs

खान सर बताते हैं कि अमेरिका के पास बिजनेस इंटरनेशनल अपॉर्चुनिटीज ज्यादा हैं और वहां एंटरप्रेन्योर का पूरा माहौल है। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि हम सरकारी नौकरी खत्म करेंगे, लोगों ने इसको सपोर्ट में वोट देके जिताया।

Vietnam vs. China

खान सर कहते हैं कि जो चीजें चाइना में मिलती हैं, वही चीजें वियतनाम में भी मिलती हैं। इंडिया को वियतनाम को प्रेफर करना चाहिए क्योंकि वियतनाम चाइना का दुश्मन है।

China, the U.S., and Taiwan

खान सर बताते हैं कि चाइना और अमेरिका के बीच 36 का आंकड़ा चल रहा है। अमेरिका सुपर पावर बना हुआ है और चाइना भी सुपर पावर बनना चाहता है। चाइना जितने बड़े देश हैं, उनकी एक खासियत होती है कि हर देश का एक दुश्मन पाल के रखते हैं।

Ukraine vs. Russia

खान सर बताते हैं कि इंडिया ने खुल के रशिया का साथ दिया है क्योंकि रशिया ने भी हमारा साथ दिया है। नाटो का कोई मतलब नहीं बनता है और दुनिया में नाटो का होना ही नहीं चाहिए।

Views on War

खान सर कहते हैं कि वॉर गलत है और लोग मरते हैं। कुछ लोग बात से नहीं सुनते हैं, लात देना ही पड़ता है। थर्ड वर्ल्ड वॉर कब होगा यह पता नहीं, लेकिन फोर्थ वर्ल्ड वॉर हम लोग पत्थर और लाठियों से लड़ेंगे।

Why Israel is powerful

खान सर बताते हैं कि इजराइल इतना पावरफुल इसलिए है क्योंकि उसके पास टेक्नोलॉजी है और उसे अमेरिका और नाटो का सपोर्ट है।

Losing wars due to geography

खान सर कहते हैं कि हम ज्योग्राफी से नहीं लड़ सकते हैं। अमेरिका वियतनाम और अफगानिस्तान में वॉर नहीं जीत पाया क्योंकि वहां की ज्योग्राफी अलग है।

How some Afghans reach London

खान सर बताते हैं कि अफगानी लोग पाकिस्तान जाते हैं, फर्जी डॉक्यूमेंट्स बनवाते हैं और फिर टूरिस्ट वीजा पर लंदन आते हैं। वहां पहुंचकर पासपोर्ट फाड़ देते हैं और असाइलम मांगते हैं।

Jinnah’s Death

खान सर कहते हैं कि जब देश आजाद हुआ तो सबसे बड़ी बेवकूफी यह हुई कि कोई फिरंगी आया और लाइन खींच दिया कि इसके इधर इंडिया और इसके इधर पाकिस्तान। जिन्ना मर चुका था, लेकिन हमने अबुल कलाम आजाद को यहां खड़ा नहीं किया।

Khan Sir on Pakistan

खान सर बताते हैं कि 1971 की वार में पाकिस्तान की सेना ने 93,000 फौज को सरेंडर कर दिया था। पाकिस्तान अभी भी कहता है कि सरेंडर नहीं हुए थे।

Mahatma Gandhi: The One-Man Army

खान सर कहते हैं कि गांधी जी को गाली दे सकते हैं लोग, इसीलिए कि देश गांधी का है। लॉर्ड माउंटबेटन ने गांधी जी को वन मैन आर्मी कहा था।

Why Gandhi Ji is on the Rupee

खान सर कहते हैं कि गांधी जी का फोटो नोट पर इसलिए है क्योंकि उन्होंने मुश्किल दौर में देश को बचा के रखा था।

Media’s reality vs ground reality

खान सर कहते हैं कि मीडिया में जो हवाबाजी चलती है, वह रियलिटी से बहुत अलग होती है। यूसीसी आने वाला था तो ऐसा लग रहा था कि भारत सिंगापुर हो जाएगा।

India’s Standing on the Global Stage

खान सर कहते हैं कि फॉरेन पॉलिसी में बहुत सुधार हुआ है, लेकिन पड़ोस में हम लोग गड़बड़ हो गए। अटल बिहारी वाजपेयी के टाइम पर हम पड़ोस में ताकतवर थे।

Khan Sir on Pakistan’s Map

खान सर कहते हैं कि पाकिस्तान का नक्शा कुत्ते जैसा दिखता है।

What If He Becomes Prime Minister of Pakistan

खान सर कहते हैं कि अगर आपको प्राइम मिनिस्टर बना दिया जाए पाकिस्तान का, तो उसका देश ही चेंज कर देंगे।

Khan Sir on Imran Khan

खान सर बताते हैं कि इमरान खान को एक महिला मिली जिसको लोगों ने कहा कि बड़ा अच्छा इसका लक्षण है। उससे शादी करने से इलेक्शन जीत जाओगे।

Why He Decided to Become a Teacher

खान सर बताते हैं कि वह टीचर बनना नहीं चाहते थे, लेकिन घर की स्थिति की वजह से उन्हें यह काम करना पड़ा।

Khan Sir’s Education

खान सर बताते हैं कि उन्होंने बीएससी किया, फिर एमए किया ज्योग्राफी से और उसके बाद आई एम अहमदाबाद से मैनेजमेंट स्ट्रेटेजिक में पढ़ाई की।

Low Fees & Attack on Class

खान सर बताते हैं कि वह बच्चों से फीस कम लेने के लिए कहते थे, इसलिए उनकी लड़ाई भी हुई। कोचिंग वालों ने उनके ऑफिस में बम लगा के उड़ा दिया।

Love for Army & Students

खान सर कहते हैं कि उन्हें फौज में जाना था, लेकिन मेडिकल में हाथ टेढ़ा होने की वजह से उन्हें साइड कर दिया गया। आज भी अगर मौका मिले तो वह सब कुछ छोड़छाड़ के फौज में चले जाएंगे।

Earning with Skills & Farmers

खान सर कहते हैं कि बच्चों को 10th से ही कुछ-कुछ स्किल सिखाते चलना चाहिए ताकि ग्रेजुएशन खत्म होते-होते वह उस लेवल तक हो सके कि कम से कम अपना निकाल सके।

KBC & Amitabh Bachchan

खान सर बताते हैं कि केबीसी में क्वेश्चन क्या पूछेंगे, यह किसी को नहीं पता होता है। अमिताभ बच्चन बहुत रिस्पेक्टफुल हैं और वह झुक के सबको नमस्ते प्रणाम करते हैं।

On Kapil Sharma

खान सर बताते हैं कि कपिल शर्मा कॉमेडियन टाइप के ही हैं और उनकी बातों में ही हंसी आती रहती है।

How He Wants to Be Remembered

खान सर कहते हैं कि वह चाहते हैं कि लोग उन्हें इस वजह से याद करें कि अगर किसी की पढ़ाई छूट रही है तो एक इंसान है जो उनकी पढ़ाई नहीं छूटने देगा।

Thank You

राज शामानी खान सर को धन्यवाद कहते हैं।

BTS

यह चैप्टर बिहाइंड द सीन के बारे में है।

Outro

राज शामानी दर्शकों को धन्यवाद कहते हैं और एपिसोड को लाइक, शेयर और सब्सक्राइब करने के लिए कहते हैं।

Summarize any YouTube video in seconds

Get summaries like this one for any video, in your language, with the free Summ app.

Download on the App Store
Get it on Google Play

Transcript

YouTube Transcript Generator

0:00 अगर आपको प्राइम मिनिस्टर बना है पाकिस्तान का डूबते जहाज का कप्तान बना रहे हो फिर क्या करोगे जल्दी डूबाए क्या चेंज करोगे उसका देश चेंज करेंगे दो देश पाकिस्तान और इंडिया एक ही टाइम पे अलग हुए [संगीत] थे दो नहीं डेढ़ बोलिए डेढ़ वो आधा देश प्रगति क्यों नहीं कर पाया उन लोग की दुनिया ही अलग है हम लोग को ना बिल्डिंग चाहिए फैक्ट्री चाहिए छोटा-मोटा चीज उन सब को थोड़ी चाहिए ताज होटल में आएंगे और उसके बाद जन्नत में जाएंगे चाइना से हमें दुश्मनी करनी चाहिए कि दोस्ती दुश्मनी कर कहां रहे हैं हम लोग चाइना से कौन सा घर है जहां चाइनीस सामान नहीं है यूक्रेन और रशिया जो चल रहा है इंडिया ने रशिया का साथ दिया खुल के कहते

0:46 हैं रशिया के दिया था कहा यूक्रेन का साथ देंगे हम रशिया ने भी हमारा साथ दिया है दुनिया उस लेवल पे है कि जहां पे वर्ल्ड वॉर थ्री वगैरह नहीं होगा थर्ड वर्ल्ड वॉर कब होगा ये पता नहीं लेकिन फोर्थ वर्ल्ड वॉर हम लोग पत्थर और लाठियों से लड़ेंगे वॉर गलत है लोग मरते हैं कुछ लोग बात से सुन भी नहीं करते लात देना ही पड़ता है सेना में आपको भी जाना था ना आज अगर मौका मिल जाए आज चले जाए सब चीज छोड़ छोड़ के क्यों ऐसे दिल लगा चुड़ैल से तो परी किस काम आज आप इतने बच्चों को पढ़ाते हो सबसे बड़े चैलेंजेस क्या दिखते हैं आपको जो बच्चे आ रहे होते हैं ना वो ग्रेजुएशन तो कर लिए बट स्टैंडर्ड ग्रेजुएशन का नहीं है कोचिंग माफिया है तो मेरे भी लड़ाई भी इसी बात की थी कि भाई आप क्यों फीस बढ़ा रहे हो डांटे वटे लड़ाई झगड़ा हुआ और पिछवा में बम लगा के बुला दिया प्यार में क्या है आज तक क्यों ऐसी कहानियां अभी भी आती है एक हफ्ते पहले की बात बता रहे हैं 19

1:32 साल का बच्चा आइसक्रीम बेच रहा था एक आदमी आया आइसक्रीम दे कहा भैया पैसा दीजिए तो हमरा से पैसा मांगेगा मुंह में गोली बंदूक घुसाया और गोली मार दिया आज बच्चा क्या करे जिससे वो पैसे कमा सकता है आगे बढ़ सकता है लोग अपने सपने पूरे करने के लिए बहुत सैक्रिफाइसेस करते हैं अपना घर छोड़ के एक नई सिटी में जाते हैं पढ़ने के लिए या बेटर अपोरर्चुनिटीज के लिए बट नया घर सेट करना ना इतना इजी नहीं होता इसीलिए शिफ्टिंग के लिए सिर्फ लॉजिस्टिक्स नहीं एक ट्रस्टेड पार्टनर चाहिए पोर्टर देता है 100% डैमेज फ्री शिफ्टिंग की गारंटी वरना ₹5 लाख तक वापस उनकी मल्टी लेयर पैकेजिंग और कन्वीनिएंट बुकिंग स्लॉट्स शिफ्टिंग को इजी बना देते हैं तो अब चाहे आपको इंटरसिटी या इंट्रासिटी शिफ्ट करना हो तो

2:19 पोर्टल के साथ लगी सेफ्टी की शर्त और जब ट्रस्ट की बात हो रही हो तो एक ऐसे टीचर का नाम जरूर आता है जिन पर लाखों स्टूडेंट्स ट्रस्ट करते हैं जिन्होंने स्टूडेंट्स को सिर्फ पढ़ाया नहीं बल्कि लाइफ में एक डायरेक्शन दिए हमारे आज के गेस्ट हैं खान सर आज के एपिसोड में हम जानेंगे चाइना हमसे इतना आगे क्यों है पाकिस्तान आज तक इतना पीछे क्यों है यूएस पाकिस्तान को सपोर्ट क्यों कर रहा है इंडियन एजुकेशन में सुधार कैसे ला सकते हैं हमारे देश के किसान आगे कैसे बढ़ सकते हैं और क्या इंग्लिश लैंग्वेज ने हमें बैकवर्ड बना दिया है इन सारे सवालों के जवाब आज के पॉडकास्ट में मिलेंगे सो एंजॉय दिस एपिसोड एंड वॉच इट टिल द एंड

3:05 आजाद होने के बाद जब अपनी सिचुएशन थी 1950 के आसपास बात कर रहा हूं मैं 47 के बाद उस टाइम पे चाइना की भी लगभग ऐसी सिचुएशन थी और शायद और ही गया गुजरा था पर आज चाइना हमसे बहुत आगे बहुत आगे दुनिया पे राज करेगा आने वाला फ्यूचर फ्यूचर वर्ल्ड फ्यूचर चाइना का है वो झूठा बात नहीं बोलता है कि हम विश्व गुरु हैं ना हमारे यहां कोई काम की यूनिवर्सिटी जो वर्ल्ड लेवल में हम कह सके ना कोई इंजीनियरिंग कॉलेज ड्रोन तो बना नहीं पा रहे हैं दूल्हा का ड्रोन बनाने वाला चाइना से आ रहा है जबकि युद्ध ड्रोन पे चला जा चुका है तो हम लोग फ फाल्स ईगो में हम लोग नहीं जी रहे हैं हम लोग जी रहे हैं चाइना ऐसा नहीं करता है आगे निकल क्यों गया चाइना एक होता है रियलिस्टिक सोच हम एक होता है आपका आईडियोलॉजिकल काश ऐसा होता दुनिया ऐसी होती हम लोग उसमें जी रहे हैं और चाइना रियलिस्टिक है भाई सड़क बनेगी बनेगी

3:50 काम खत्म अब हम लोग को क्या है कि इंग्लिश थोपिए इंग्लिश थोपने के चक्कर में 70% स्टूडेंट की जो नॉलेज है जो वर्क फ़ोर्स है जो उसका टाइमिंग है वो इंग्लिश में चला गया यूपी बिहार झारखंड के बच्चे जो एक मेजर पापुलेशन को होल्ड करते हैं हरियाणा से लेके आप उस नॉर्थ बेल्ट को ही पूरा पकड़ लीजिए इतने लेबोरियस बच्चे हैं बट क्या प्रॉब्लम क्या है कि उनके पास पैसे की प्रॉब्लम्स है पैसे की प्रॉब्लम होने की वजह से अच्छे स्कूल नहीं है और अच्छे स्कूल ना होने की वजह से उनका इंग्लिश पे कमांड अच्छा नहीं है अब वो अपने आप को लो फील कर रहे हैं बिना मतलब का हम लोग हम तो हम भी इंग्लिश मीडियम में मेरे घर वाले पढ़ाएं 12 13 साल इंग्लिश मीडियम में पढ़ाए हम एक ही चीज सीखे मे आई गो टू ड्रिंक वाटर उसके बाद कुछ बुझाया ही नहीं

4:36 हमको यहां 1970 के आसपास में चाइना में माओ जेड जब जेडोंग आए थे उन्होंने कहा कि भाड़ में जाए तुम्हारा अंग्रेजी मंडारिन भाषा बोलो उसी में सीखेंगे आज आप देखिए वहां का प्राइम मिनिस्टर को भी इंग्लिश उतना अच्छा से नहीं आता है प्रेसिडेंट को भी नहीं आता है तो क्या दिक्कत है क्या ब्राक ओबामा को हिंदी आती है नहीं तो मोदी को इंग्लिश नहीं आएगी तो क्या दिक्कत है आप बोलिए तो एक ट्रांसलेटर रख लिया जाएगा आपको जहां जरूरत पड़ेगी उसकी तो जो ब्रेन वर्क होना चाहिए था मेन काम पर वो हट गया और ये चाइना में नहीं हुआ चाइना में नहीं हुआ आपको चाइना में आप टॉप लेवल की बात करें वो चाइनीज बोलेगा वहां उसने टेक्नोलॉजी लगा ली रियल टाइम कन्व्टर लगा दिया आपको वो तुरंत आप कान में लगाए रहिए आप बोलिएगा तुरंत कन्वर्ट करके बता देगा

5:21 टेक्नोलॉजी है कि नहीं वहां पे तो एक चाइना में ये दूसरा चाइना में एक चीज हम देखें कि जो फैक्ट्रीज वगैरह रहा है उसके अंदर जो वर्किंग हो रही है वो फीमेल देख रही हैं हम ज्यादातर फैक्ट्रीज में फीमेल जब फैक्ट्रीज से सामान प्रोडक्ट बन के बाहर आ रहा है तो उसकी मार्केटिंग उसका सेल उसका बाहर एक्सपोर्ट उसकी ये चीज़ वो मेल संभाल रहे हैं मतलब मेल फीमेल दोनों हैं अगर एक इनडोर संभाल रहा है तो एक आउटडोर संभाल रहा है वो उनका अपना म्यूचुअल है क्या देख रहा है कौन क्या कर रहा है हमारे यहां फीमेल को अजीब करके रख दिया उनको मतलब घर के अंदर रख दिया हमने कहां फीमेल को जिम्मेदारी दी हॉस्पिटल में आज देखिए फीमेल डॉक्टर फीमेल नर्स पे पूरा मेडिकल इंडस्ट्री टिका हुआ है उनको मौका दिए उन्होंने करके दिखाया एिएशन दिए हम

6:08 लोग ने फीमेल को आज पायलट हो गए एयर होस्टेस हो गए फीमेल हमने दिया उन्हें करके दिखाई वहां पे हमने उन्हें दे जिम्मेदारी ही नहीं देते इंडिया में क्या है ना कि पैसे कमाने की जिम्मेदारी थोप दिया पुरुष के ऊपर इससे बहुत अजीब गया है कि बच्चा बाहर जाके कमा रहा है बस इससे मतलब है कैसे कमा रहा है मर रहा है जी रहा है सेफ्टी से है कि नहीं है रहने लायक है कि नहीं आप मुंबई में देखिए घर वालों को पता नहीं होगा कि यहां पे कोई कैसे का कमा रहा होगा आप बीच पे जाके देखिए कोई छोटी-मोटी दुकानें लगा के बेच रहा है रात-रात भर बेचारा कुछ कस्टमर आ जाए यहां पर घर वालों को क्या चिंता है पुरुष है बेटा है कमा के लाएगा यहां पर और घर की इज्जत की जिम्मेदारी औरतों को दे दिया भाई इस दोनों की कॉमन जिम्मेदारी थी यही वजह है कि इंडिया में

6:55 आप देखिएगा कि अगर किसी को बद्दुआ देनी है शरापनी है तो वो घर की फाइनेंशियल स्थिति को संभालने वाले पुरुष को बद्दुआ देगा तुम्हारे पिताजी को नौकरी छूट जाए भाई ये हो जाए और अगर उसको इज्जत डाउन करनी है यानी गाली देना है तो किसी पुरुष को गाली नहीं देगा वो महिला को देगा हम लोग महिला सशक्तिकरण की बात करते हैं और शर्म आनी चाहिए दो पुरुषों की लड़ाई में भी गालियां एक औरत ही सुन रही है वो कहां से सशक्तिकरण जिस लड़ाई में वो है भी नहीं उसमें भी उसको गाली दे रहे हैं तो चाइना में ये सब नहीं है वहां पे फीमेल पार्टिसिपेशन भी बहुत बहुत अच्छा है वहां के स्टूडेंट्स में कुछ अलग है वहां पे स्टूडेंट्स तो यूनिवर्सिटीज या एजुकेशन वहां कोचिंगचिंग नहीं है वहां कोचिंग वगैरह नहीं है रियली हम वहां गवर्नमेंट स्कूल स्कूलिंग सिस्टम एक वन नेशन वन एजुकेशन हमारे यहां वन नेशन वन इलेक्शन

7:42 बोला जा रहा है कभी एजुकेशन पे भी बात कर लो यार अच्छा हम लोग की क्या जरूरत है हम लोग खुद अपने आप से पूछते हैं कभी-कभी हम लोग की जरूरत क्या है कोचिंग वालों की क्योंकि स्कूल ने अच्छा नहीं पढ़ाया है अदरवाइज तभी तो आया है मेरे पास ऐसा भी तो हो सकता है जैसे स्कूल में उसने पढ़ाई कंप्लीट कर दी कॉलेज कंप्लीट कर दिया तब हमारे पास आया ऐसा भी तो हो सकता था कि हमने पढ़ा दिया फिर वो स्कूल में जाए हम लोग पढ़ा देंगे ना तो स्कूल के वालों को कहे कि निकलिए अब आप लोग निकलिए बहुत पीछे हैं लोग ये तो स्कूलिंग सिस्टम अगर अच्छी होती हम लोग की जरूरत ही नहीं पड़ती चाइना में एजुकेशन सिस्टम एक जैसा है इंडिया में भी अमीर हो या गरीब पढ़ाई एक जैसी होनी चाहिए मेडिकल एक जैसा होना चाहिए बट यही दुर्भाग्य है इंडिया में अमीर की पढ़ाई अलग है गरीब की पढ़ाई अलग है और उसके बाद

8:28 दोनों पढ़ के समाज में आएंगे तो अमीर लोग कहेंगे कि ये ऐसे किया वैसे किया क्या बात किए एक का पैर तोड़ दिए और एक को खिला पिला के अच्छा किए उसके बाद दोनों को सेम रेस में दौड़ा रहे हैं अमीर का हॉस्पिटल अलग है गरीब का हॉस्पिटल अलग है अमीर अभी आएगा उसको एमआरआई जांच ये सब सब हो जाएगी गरीब के लिए दो महीना का लाइन लगाना पड़ेगा अगर पहुंच है पैसा है लिंक है सुबह चाहिएगा शाम में एम्स में नंबर आ जाएगा कुछ पैरवी नहीं है तो अगर आपको किसी पेशेंट को फर्स्ट स्टेज में कैंसर पकड़ा गया और उसका अगर कोई पहुंच पैरवी नहीं है ना तो उसका नंबर आते-आते वो फोर्थ स्टेज में चला जाएगा तो डॉक्टर कहेगा आप सेवा कीजिए तो हमने कहां भारत को कितने पार्टीशन में बांट रखा है गरीबी के आधार

9:14 पर जातियों के आधार पर स्टेट के आधार पर समझ में नहीं आता इसको मतलब कहां से इसको सुधारा जाए तो जैसे 2021 में चाइना के प्रेसिडेंट ने मैं देख रहा था शायद प्राइवेट ट्यूटरिंग बैन कर दी थी इंडिया में भी अगर ऐसा हो जाए तो फिर वहां पर एक मजबूरी है कि वो वो यह सिस्टम वहां पर थोड़ा सा अलग है क्योंकि हम लोग डेमोक्रेसी में हैं वो लोग डेमोक्रेसी नहीं है वो साम्यवादी है कम्युनिस्ट है वहां पे कम्युनिस्ट में क्या होता है ना कि सब चीजें वहां देश का कांसेप्ट नहीं होता है वहां पार्टी का कांसेप्ट होता है तो अगर वहां हम राइट टू फ्रीडम ऑफ स्पीच दे देंगे ना तो उनका वो वाला सिस्टम खराब हो जाएगा इस वजह से वो ये सब चीजों को रोकता है और इंडिया में नरेटिव सेट किया जाता है कि ऐसा चाइना में है बोलने की आजादी नहीं है ये नहीं है वो नहीं है जो चाइना एक बार घूम के आए वहां पता करके आए

9:59 उनका अपना सोशल मीडिया है लेकिन इस पे कंट्रोल भी जरूरी है ऐसा नहीं कह रहे हैं कि एकदम खत्म कर देना या एकदम इंडिया मतलब छूट दे देना इसका बहुत मिसयूज भी है बांग्लादेश में तख्ता पलट करके शेख हसीना को छोड़ना पड़ा केवल सोशल मीडिया की वजह से गया था उसका पीछे श्रीलंका क्यों बर्बाद हुआ facebook के वजह से मतलब Facebook श्रीलंका जो क्राइसिस रही थी उसमें सबसे बड़ा कारण Facebook है कैसे दोनों पहले बांग्लादेश बताओ फिर श्रीलंका बताओ पहले श्रीलंका था फिर उसमें क्या हुआ ना कि किसी भी चीज को अगर आप नरेटिव सेट करना चाह रहे हैं तो धीरे-धीरे धीरे-धीरे नैरेटिव वो सेट करते जाएगा एक माइंड एक कंट्रोल करने वाला चीज है जैसे एक सिंपल सी बात बताते हैं youtube Facebook Twitter ये हमारा है नहीं अब हमारा नहीं है तो अभी एक छोटा सा जो ज्वलंत एग्जांपल देखिए आपने गाजा और

10:46 फिलिस्तीन में और हमारे यहां कश्मीर में इशू देखिए हम कश्मीर में इतनी ज्यादा इंसजेंसी है वहां पे एक टेररिस्ट मारा जाएगा ना पूरे ग्लोबल मीडिया में दिखाया जाएगा और गाजा में 60 हजार लोग मरे हैं जिसमें ज्यादातर महिलाएं और बच्चे आपको वीडियो ढूंढने को मिलेगा नहीं मिलेगा न्यूज़ देखने को मिलेगा नहीं मिलेगा केवल टूटा हुआ घर देखने को मिलेगा रीजन क्या है दे कंट्रोल देम और हम लोग अगर कश्मीर में कर देते हैं तो ह्यूमन राइट का वायलेशन हो जाता है यह ह्यूमन राइट की पार्ट सिखाते हैं सभी सब हमको यह सफेद मुर्गा सब यूरोप में बैठ के जलियांवाला बाग में गोली चला के मारे थे सब यह चोटा हम लोग को ह्यूमन राइट सिखाते हैं सब जिस समय ये लोग जानवरों की तरह जिंदगी जी रहे थे ना हमारे यहां वसुधैव कुटुंबकम चल रहा था जिस समय

11:33 दुनिया में केवल लूटखसोट मची थी ना पारसी लोगों को खुद ईरान से भगा दिया गया था ना तो हमारे यहां गुजरात और महाराष्ट्र में उन्हें रहने के लिए शरण दिया गया था तो हम लोग को ये ज्ञान दे रहे हैं तो सोशल मीडिया को हम लोग अनकंट्रोल कर रहे हैं वी आर नॉट डिजिटल इंडिया वी आर डिजिटल यूजर हमारे पास डिजिटल इंडिया हम लोग बोलते हैं उसको क्या है हमारा youtube हमारा है facebook हमारा आज अगर YouTube Google कह देता है कि आपको अपने Gmail बना रहे हैं हर Gmail का एक साल का चलाने का हमको ₹10 चाहिए हमें देना पड़ेगा सब बंद हो जाएगा एंड्राइड उसका हो जाएगा तो चाइना ने कहा कि वी आर नॉट डिजिटल चाइना वी आर नॉट डिजिटल यूजर उसने अपना बना लिया तो तो इसको अलग नरेटिव दिखा रहे हैं कि हम से कोई सवाल ना पूछे देखो चाइना का अपना Twitter भाई ठीक किया उसने ये किया अपना

12:18 उसका अपना है ना उसने चलाने पे बैन नहीं लगाया है अपना चलाओ क्या उसके YouTube नहीं है उसका अपना है बायडू है उसका वो वीchaat है उसका सब कुछ है उसका अपना हम लोग का एक चीज डिजिटल में बहुत अच्छा हुआ पेमेंट सिस्टम यूपीआई यूपीआई वो बहुत बेहतरीन है पूरी दुनिया में वैसा नहीं है बाकी जगहों पे हम लोग का उतना अच्छा नहीं है तो श्रीलंका में क्या हुआ श्रीलंका में कम्युनल राइट्स को बहुत बढ़ावा दिया गया Facebook ने हम बहुत ज्यादा धार्मिक चीजों को बढ़ा-बढ़ा के दिखाया जिस वजह से अनस्टेबिलिटी आने लगी थी वहां पे और एंटी गवर्नमेंट एंटीस्टेब्लिश भावनाएं बहुत भड़कने लगी थी श्रीलंका को तबाह करने लगा और इसी बीच में जब इकोनॉमिकल क्राइसिस आती है और पहले से एंटी एस्टेब्लिशमेंट माइंडसेट है तो फिर अब पूरा सिस्टम कोलैप्स कर जाता है

13:04 बांग्लादेश में भी यही हुआ था अचानक से लोग सड़कों पर 50,000 लोग कैसे आ गए वह Telegram पर चल रहा था पहले से और Telegram पर कंट्रोल नहीं है गवर्नमेंट का आज देखिए किसी के टेलीग्राम पे किसी के प्राइवेट वीडियोस को भेज के उसे ब्लैकमेल कर सकता है कोई भी एआई आ गया है अब तो किसी का कुछ भी बना सकता सर हटाइए लगा दीजिए कुछ हमारे आपकी बात हो रही है यहां किसी फेमस एक सेलिब्रिटी का या किसी पॉलिटिशियन का चेहरा हटा के डब कर दीजिए अच्छा एक बात हम चाइना इंडिया की बात कर रहे थे चाइना से हमें दुश्मनी करनी चाहिए कि दोस्ती दुश्मनी तो हो ही नहीं पा रहा है कौन दुश्मनी कर रहा है जरा बताइए तो चाइना हमारे एरिया में घुस जा रहा है हमारे यहां के मिनिस्टर बोलते हैं कि मार्किंग अच्छे से नहीं है ना इसलिए घुस

13:49 गया है क्या बेवकूफी है हां दुश्मनी कहां कर पा रहे हैं हम लोग तो बस फेस वाश कर रहे हैं नहीं ऐसा नहीं होना चाहिए अक्साई चिन्ह हमारा है हम लोग पीओके के मामले में हम लोग शेर हो जाते हैं सीओके जो चाइना को ऑक्यूपाई किया है कभी उस पे ठीक से चर्चा नहीं हो पाती है हम सेला टनल का उद्घाटन करने जाते हैं चाइना विरोध कर देता है क्या मतलब बनता है ताइवान को हम लोग एक्सेप्ट नहीं करते हैं एज अ कंट्री किसके डर से चाइना के डर से क्यों डरते हैं हम थोड़े डर रहे हैं जो बैठे हैं लोग डर रहे हैं लोग हम तो कह रहे हैं काहे डर रहे हो भाई बट आपको क्या लगता है क्यों डर रहे कुछ तो रीजन होगा तभी अब डिप्लोमेटिक है वहां पे शुरू से चला आया है ऐसा नहीं है कि मोदी जी डर रहे हैं मनमोहन सिंह भी वही कर रहे थे हम तो कई बार हम लोग ये कहते

14:36 हैं ना तो लोगों को लगता है कि नहीं ये कर रहे थे वो भी वही कर रहे थे तिब्बत चाइना ने कब्जा कर लिया था पंचशील समझौता लेके जवाहरलाल नेहरू घूम रहे थे चाइना ने पीठ पे खंजर मार दिया अब तिब्बत के मामले में हम लोग खुल के नहीं बोल पाते हैं दलाई लामा को लेके चाइना हमेशा कुछ ना कुछ वो करते रहता है तो हम लोग कहां चाइना से लड़ ही रहे हैं कहां चाइना से दुश्मनी ही कर रहे हैं बट कर सकते हैं हम क्यों नहीं कर सकते हैं उतना होना चाहिए ना हमारी इकोनमी उनकी इकॉनमी में जमीन आसमान का अंतर है हम लोग ना फेंकने में नीरज चोपड़ा से आगे हैं क्या फेंकने में अगर ओलंपिक में बहसबाजी में होता ना तो गोल्ड मेडल हम ही लोग का रहता वो कोई छीन ही नहीं सकता था आदमी टेंशन फ्री होता चल भाई ओलंपिक में एक तो

15:23 अपना फिक्स है हमसे ज्यादा कौन फेंकेगा अजीब अजीब हाल है इकोनमी की हालत दुर्दशा है इंडस्ट्रियलाइजेशन अब कहां चला गया किसी को मतलब ही नहीं हो सकती है जीएसटी का कोई और छोड़ नहीं है किस चीज पे लगा दिया जाएगा जीएसटी का अब अब देखिए मेडिकल इंडस्ट्रीज की बात कीजिए हमारे यहां पता नहीं क्या कर रहा है सब इंजीनियर सब इतना पढ़ लिख के कहां खप जाता है तो पता ही नहीं चलता है एमआरआई मशीन सिटी स्कैन मशीन जर्मनी से आ रही है हम नहीं बनती इंडिया में और आजादी के इतने साल बाद तो चलिए हर चीज में हम आगे नहीं हो सकते हैं बेशर्मी कहां होती है अगर कोई हॉस्पिटल वाला उस एमआरआई या सिटी स्कैन मशीन को मंगा रहा है तो उस पे गवर्नमेंट चढ़ जाती है मंगाया

16:10 क्या रे इंपोर्ट ड्यूटी दे क्या बेशर्मी है कोई एमआरआई किस लिए मंगाएगा बड़ी बीमारी के लिए सिटी स्कैन एमआरआई खांसी बुखार के लिए नहीं होता है कोई जा रहा है वहां पर तो मतलब इट मींस उसको सस्पिशियन है बड़ी बीमारी का है उसमें क्या जरूरत है भैया आपको इंपोर्ट ड्यूटी लगाने की वो तो आपको अपनी बेशर्मी छुपा रहे हैं आप इंडिया में बनाओ ना स्टार्टअप इंडिया मतलब कौन गिलास और चम्मच छुरी का बनाएंगे स्टार्टअप इंडिया इसका मतलब होता है ये कहां बनेगा उस पे इंपोर्ट ड्यूटी कहीं से बनता है मतलब तो बेशर्मी हो गई ये तो बट इसलिए करते हैं ना इंपोर्ट ड्यूटी कि अगर इंपोर्ट ड्यूटी लगाएंगे तो लोग कम बुलवाएंगे तो उसकी वजह से ही कोई यहां का इंसान सस्ती चीज बनाने की अच्छा कम आएगा कम आएगा एमआरआई मशीन तो कम आने की वजह से चीजें कम होंगी नुकसान ज्यादा है हमको बट

16:55 प्रॉब्लम्स तो बीमारियां तो बढ़ रही हैं तो जो एमआरआई किसी को ₹1000 में होना चाहिए आज 5000 7000 लगता है जिस वजह से एक बड़ा हिस्सा जिसकी मंथली इनकम 8000 10000 है वो एमआरआई कराएगा ही नहीं कराएगा अब उसके ब्रेन में अगर कोई ट्यूमर था स्टेज वन में था तो उसको दर्द तो होगा नहीं यहां पे अब एमआरआई महंगा है नहीं कराएगा जब करा नहीं जाएगा तो स्टेज फोर आ चुका रहेगा यहां पे सरकार को सारा कमाई करना है इसी के वजह से और अगर यही बात होना चाहिए था तो अब तक तो बन जाना चाहिए था 70 साल वेट कर दिए 75 साल वेट कर दिए अब क्या पूरा सात जन्म दे दे इनको बट ये तो इनोवेशन सिर्फ सरकार की जिम्मेदारी नहीं है ना ये तो हम लोगों की भी जिम्मेदारी तो उस हिसाब से एक इंफ्रास्ट्रक्चर होना चाहिए उस हिसाब से एजुकेशन होना चाहिए उस हिसाब से

17:41 बड़े होना चाहिए यहां पे सरकार इंसेंटिव दे क्यों नहीं बनेगा लेकिन बस वही है कि आपको हम कितना भी सैलरी देंगे लेकिन आपके डिपार्टमेंट में एक सरकारी अधिकारी बना बैठा रहेगा उससे नीचे देंगे हम आपको क्यों नहीं प्राइवेट को दे दे बनाने के लिए आज आप बोलिए अडानी को अंबानी को 2 साल में खड़ा कर देंगे सर हमारा जाता क्या है वहां के इंजीनियर को पूछा कितना सैलरी है तुम्हारा 25 लाख आ जाओ 30 लाख खत्म इसमें कौन सा देना इतना आसान थोड़ी होगा कुछ तो और नवासेस होगा ऐसा नहीं है कि हर चीज़ इतनी आसान होती है बट नामुमकिन नहीं है और इतना भी मुश्किल नहीं है कि जो 70 75 साल लगा दिए अमेरिका के सामने हम क्या लैक करते हैं अमेरिका के पास क्या है बिजनेस इंटरनेशनल अपॉर्चुनिटीज ज्यादा है एंटरप्रेन्योर का पूरा माहौल है वहां पर और गवर्नमेंट भी उसी हिसाब से सपोर्टिव है तो इस वजह से

18:28 हमारे यहां क्या है ना कि इलेक्शंस है तो इलेक्शंस में क्या है कि एक मेजॉरिटी पब्लिक को ध्यान दिया जाता है और जो एंटरप्रेन्योर हैं जो बड़े कॉरपोरेट हैं उनको कोई ध्यान नहीं देता है और ना ही वो लोग कभी इशू बने रहते हैं कभी किसी इलेक्शन का जैसे डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि हम सरकारी नौकरी खत्म करेंगे लोगों ने इसको सपोर्ट में वोट देके जिताया हमारे यहां कोई बोल दे गवर्नमेंट नौकरी खत्म करेंगे क्योंकि आपने प्राइवेट में पहले वैसी अपॉर्चुनिटी नहीं दी हम तो आप कोई एक पैर पे बैसाखी लेके चल रहा है तो उसका पहले पैर ठीक कर दीजिए उसके बाद कहिए हम तुम्हारी बैसाखी छीन लेंगे आप उसका पैर भी ठीक नहीं किए कहेंगे तो बैसाखी छीन लेंगे तो मारेगा ही ना वो अभी आपने वो पढ़ा टेरिफ लगा दिया हां रिसिप्रोकल टेरिफ लगाया उसने 26% हम लोग लगाए चाइना में भी तो और बेहतर

19:15 लगाया उसने हां हमने 52 लगाया उसने सब जो जितना लगाया ना उसका हाफ करके लगा दिया रेसिप्रोकल उसने बोला ही है तो ये अच्छा है गंदा है ये अब ये उसके देश के हिसाब से है हर देश को अपना हिसाब से राइट है करने का तो जब तेरी बढ़ाते घटाते हैं तो कभी इंपोर्ट पे फायदा होता है तो एक्सपोर्ट पे तो डिपेंड करता है कि हम कितनी चीजों का इंपोर्ट एक्सपोर्ट कर रहे होते हैं और इंडिया का है तो इंडिया में भी भाई हर देश के साथ अलग-अलग टेरिफ है इंडिया को तो चाइना पे और लगाना चाहिए कि हम लोग का ट्रेड बैलेंस बहुत खराब है चाइना के से डूब रहे हैं हम लोग यहां पे तो वही तो कहता है कि दुश्मनी कर कहां रहे हैं हम लोग चाइना से नहीं कर पा रहे हैं मजबूरी है क्योंकि अगर आज कौन सा घर है जहां चाइनीस सामान नहीं है और बहुत बिनेसेस हैं इंडिया में जो चाइना की वजह से चल रहे हैं

20:01 और यहां पैसे कमा रहे हैं बिल्कुल तो चाइना से जो चीजें चाइना में मिलती है ना एग्जैक्ट वही चीज़ वियतनाम में भी मिलती है हम एग्जैक्ट सेम प्राइस पे सब कुछ सेम पे हमको ये नहीं समझ में आता है कि इंडिया वियतनाम से प्रेफर करे एटलीस्ट वियतनाम चाइना के दुश्मन है उसी को मजबूत कर दे नहीं यार इतनी टेक्नोलॉजी नहीं है वियतनाम में इस लेवल की जो कुछ भी मटेरियल बुलवाना हो तो तो ऐसा नहीं है कि हम लोग जैसे चाइना को अगर हम लोग रिप्लेसमेंट के तौर पे देखा जाए तो कुछ साउथ एशिया की कंट्रीज हैं बट क्या है ना कि हमने ऑप्शन ही नहीं दिया किसी को जब आप ऑप्शन नहीं देंगे तो अपडेट नहीं होगा मार्केट नहीं होगी किसी होटल में कस्टमर ही कम आएंगे तो कितनी वैरायटीज रखेगा तो कस्टमर पहले अब वो तो चिकन और एग वाली मुर्गी पहले आया कि अंडा पहले आया थोड़ा थोड़ा हां थोड़ा-थोड़ा हम लोग को उधर जाना

20:47 चाहिए उस एरिया में बट चाइना का कुछ जरूरत से ज्यादा डिपेंडेंसी है बट चाइना का और अमेरिका का अभी क्या 36 का आंकड़ा चल रहा है देखा हां दोनों अपने-अपने वो एक सुपर पावर बना हुआ है इसका कहना है हम बनेंगे तो टसल पावर टसल है भयंकर और अभी अमेरिका ने जितना टाइफ लगाया चाइना ने उतना ही वापस लगा दिया वो देखा वो चाइना का ये चीज बहुत अच्छा लगता है वहां आप उसको कुछ भी कीजिएगा वह दवा देगा वह देश उसके यहां पॉलिटिक्स नहीं है उसके यहां देश है हम वह तुरंत लगा देगा हम लोग नहीं लगा सकते मजबूरी भी है हम लोग किसी को ब्लेम नहीं कर सकते किसके दम पे कूदिएगा ना इंडस्ट्रियलाइजेशन है ना इकॉनमी है उस हिसाब से क्योंकि अमेरिका को केवल अमेरिका पावरफुल नहीं ना हर जगह वो पावर रखता है वर्ल्ड बैंक से फंडिंग रोक देगा हमारे लोन रोक देगा आईएमएफ हो गए या वर्ल्ड बैंक हो गए यूरोपीय यूनियन से दबाव बनवा देगा कुछ

21:33 नासा और इसरो के बीच का कोई कॉन्ट्रैक्ट होगा उसको रुकवा देगा डिले करा देगा हर जगह यूएन में चार पांच ठो मुद्दा फंसा देगा कुछ नहीं करेगा तो अमेरिका को उठा के पाकिस्तान को एक लेटेस्ट हथियार देगा ले तुम F18 ले हम हम तो हम लोग को बहुत बैलेंस करके चलना पड़ता है और चाइना जितने बड़े देश है ना उनकी एक खासियत होती है हर देश का एक दुश्मन को वो पाल के रखते हैं हम चाइना जो है अमेरिका ज्यादा कूदेंगे ना चाइना उठाएगा नॉर्थ कोरिया पगला को कुछ हथियार और पैसा दे देगा उधर चार पांच मिसाइल मार देगा उधर तुम उलझे रहो उसको कुछ नहीं जाता है गिरेगा तो कहेगा ओ हो जापान भी गिर गया कोई बात नहीं जो करना है कर लेना उसको क्या जाता है उसको अपना क्लोज उसके यहां कोरोना के मरीज मिले थे सर सुबह

22:19 में आठ शाम में सबको मार दिया उसका क्या जा रहा है डिक्टेटरशिप देखना है तो वहां देखिए तो उसने अमेरिका ने कहा कि क्या करें इस इंसान का इस पागल किया है तो उसने क्या किया कि कहा कि नॉर्थ कोरिया में ना डेमोक्रेसी नहीं है यहां इलेक्शन होना चाहिए किंग जोंग कहा कौन बोला ये बाइडन बोला है उसने कहा कि अगले महीने इलेक्शन कराओ 100% वोट पड़ा उसको किंग जोंग को 100% जो वोट नहीं देता ना एब्सेंट भी होता उसको मार देता ये 100% वोट पड़ा अब अमेरिका कह रहा है कि ये इलेक्शन अच्छा नहीं हुआ है कह रहा तू अपने यहां का इलेक्शन दे तुम्हारे यहां के इलेक्शन कमीशन से कराएंगे अपना इलेक्शन तो हर बड़े देश यही करते हैं अब जैसे सऊदी अरब है ज्यादा कूदेंगे ईरान ज्यादा

23:06 कूदेंगे इजराइल को कहेगा दो चार ठो पुराना बम है एक्सपायरी डी डेट पास आया मार दे मार क्या करेंगे लोग कुछ नहीं तो अरब को कंट्रोल करने के लिए अमेरिका के पास इजराइल है इंडिया को कंट्रोल करने के लिए पाकिस्तान है चाइना को कंट्रोल करने के लिए इंडिया है हम रशिया को खुद डायरेक्ट कंट्रोल करता है तो हम लोग ज्यादा नहीं ना उड़ सकते हैं डिपेंडेंट नहीं है चाइना क्या कर लीजिएगा अब चाइना को कैसे कंट्रोल करना पड़ेगा उसको खूब से खूब करेगा इंडिया को क्या देगा ज्यादा हथियार देने लगेगा चाइना कहता है दे ना उसको इंडिया किसी का नहीं सुनता है हां हां फिर उसको ये भी देखना है ना कि चाइना के बाद हमें इंडिया को ही कंट्रोल करना है क्योंकि थर्ड तो हम ही है थर्ड हम ही लोग हैं तो अगर चाइना और अमेरिका कभी लड़े लड़ेंगे ही ना बड़े लोग नहीं ताइवान की ताइवान को लेके उनके बीच में हो गई थी ना वह तो होते रहता है धीरे

23:52 धीरे धीरेधीरे उसको ऐसा कैप्चर करेगा बढ़िया से माहौल देखता है जैसे 1962 में जब हमारे यहां वार हुआ था रशिया हमें बचाने नहीं आया था हम बचा भी नहीं पाता क्योंकि चाइना वो उस माहौल को तलाश रहा था कि 1960 में हम लोग का पंचशील समझौता खत्म हो गया था वो सोच रहा था कि ऐसा टाइम आए ना जहां वर्ल्ड उलझी हुई हो उसी समय क्यूबन मिसाइल क्राइसिस हुआ था ऐसा लग रहा था कि अमेरिका और रशिया में परमाणु युद्ध आज हो जाएगा कि शाम में होगा कि सुबह होगा कुछ नहीं पता मार दिया 62 में आ जाओ यहां पे अमेरिका कह रहा हमको क्या पता भाई रशिया कह रहा हमको तो ऐसा कहीं ना कहीं जब टाइम आएगा तो चाइना और अमेरिका अमेरिका और रशिया एकदम आमने-सामने होंगे उसी समय ताइवान को लेके चला जाएगा और रशिया भी कहेगा लेके जा इधर लेके जा क्योंकि कुछ ना कुछ डायवर्जन अमेरिका ताइवान को बचाने के

24:39 लिए पक्का करेगा वहां अब इसीलिए चाइना को देखिएगा हमेशा कुछ ना कुछ गड़बड़ सड़बड़ करते रहता है ताइवान में वो वो पाथ तलाश रहा है कि कहां-कहां से एंट्री करेंगे क्या करेंगे वो ड्रिल कर रहा है ड्रिल और किसी दिन ड्रिल के नाम पे अनाउंस करेगा दिस इज नॉट ड्रिल नाउ दिस इज वो ले लेगा ताइवान हां दब लेगा लेकिन जिस समय रशिया अमेरिका बिजी रहेंगे वो ताइवान की ओर जाएगा बट अगर हम मैप में देखेंगे तो ताइवान एकदम फार ईस्ट है हम तो इसे अपनी हैवी मिलिट्री एयर एयरफोर्स नेवी को ताइवान की ओर धकेलना पड़ेगा एग्जैक्ट वही टाइम होगा हम लोग कश्मीर के लिए अक्साई चीन पे चढ़ जाए बट हम थोड़ी करेंगे अब ये तो मोदी जी बताएंगे पर हम नहीं करेंगे ना क्योंकि हम यही खराबी लगती है हम आपके पास है वहां पे

25:25 हमारी सेना लड़ सकती है पर इंडिया आगे बढ़ के कभी भी ना लेता है ना अटैक करता है कुछ नहीं करता हमारी फिलॉसफी नहीं है 70 साल से देख लो आप कुछ भी नहीं हमारी ये फिलॉसफी मानते ही नहीं है अभी फिलॉसफी चेंज करने की जरूरत है पब्लिक जब प्रेशर लगाएगी तो पब्लिक को ये सब चीजों से मतलब ही नहीं रहता है वो सब लोग को अपनी हमारा जात ठीक है हमारा धर्म ठीक है हमारी राजनीतिक पार्टी ठीक है माइंडसेट बहुत खराब होता है नेशनल इंटरेस्ट देखना चाहिए तो यही मौका है नहीं तो चुपचाप देखेंगे ताइवान ले लिया कि ताइवान ले लेगा उसके बाद चाइना फिर नहीं रुकेगा हम ताइवान लेने के बाद तो खत्म बेलगाम घोड़ा हम क्योंकि वो सेमीकंडक्टर सेमी सिलिकॉन शील्ड उसको रोक के रखा है और दूसरा उसके बाद क्या है ना कि इसके अब इसका इंटरनल इशू खत्म हो जाएगा चाइना का ताइवान लेने के बाद इंटरनल

26:11 खत्म हो जाएगा फिर वो केवल और केवल फोकस्ड हो जाएगा एक्सटर्नल पे और कुछ भी कर ले चाइना अमेरिका ताइवान को बचाने के लिए एटॉमिक वार नहीं ना करेगा और चाइना का तो कोई लिमिट नहीं है उसको तो हर हाल में वो चाहिए ही चाहिए वहां पे ले ही जाएगा ले ही जाएगा वहां पे तो ये फ्यूचर आपको लगता है कि होना ही हां बस हम लोग बस यह देखना यूरोप कितना अनस्टेबल रहता है जैसे बीच में यह यह फिलिस्तीन और गाजा वाला ना उठ गया वरना यूक्रेन और रशिया ज्यादा उलझे रहते तो निपटा देता इधर ही यूक्रेन और रशिया जो चल रहा है उसमें आपको लगता है क्या कि इंडिया ने चुप रह के रशिया का साथ दिया तो हम तो हम खुल के कहते हैं रशिया के दिया था यूक्रेन का साथ देंगे हम क्या किया हमारे लिए बिना मतलब का आएंगे साथ कोई नहीं सूरजमुखी का पुल भेज दिए दो चार को रिफाइंड तेल भेज दिए तो

26:57 हम आपका साथ दे देंगे रखे रहो अपन रिफाइंड तेल हम ब्राजील से मंगा लेंगे यहां खुल के बोलते हैं रशिया का साथ दिए हैं रशिया ने भी हमारा साथ दिया है चाहे यूएन में वीटो का मामला हो इसमें खुल छुपा के कौन सा बात करना अब हम लोग कोई डिप्लोमेटिक पोस्ट पे थोड़े बैठे हैं कि लोग हमसे पूछेगा हां साथ दिए हैं अमेरिका खुल के कहता है ना कि वो इजराइल का साथ दिया है अमेरिका खुल के कहता है कि वो यूक्रेन का साथ दिया है हम क्यों मुंह मोए करें हम भी दिए हैं बट बोलते नहीं है ना हम खुल नहीं हां नहीं बोलते हैं हमारी कुछ मजबूरी क्योंकि यूरोपीय यूनियन है सब और उधर अमेरिका है पूरा वर्ल्ड एक और एक साइड से हो गए हैं सब यहां और हम लोग थोड़ा सा इसमें आपको लगता है यूक्रेन और रशिया में कौन सही है रशिया क्यों आप मेरे दुश्मन को मेरे सिधाने ले आकर बैठाइएगा हम क्या

27:44 करेंगे विरोध करेगा कि नहीं करेगा ऑब्वियस बात है नाटो का आर्टिकल फाइव कहता है कि नाटो की कोई भी कंट्री रहेगी वहां नाटो की आर्मी की पूरी डायरेक्ट एक्सेस बिलिटी रहेगी अब बैठा के वहां ले आएंगे रशिया को भाई तुम्हें डेवलप करना है करो यूरोपीय यूनियन में गया कहां इसने अटैक किया बिना मतलब का उसको कहां से जाएगा और नाटो का मतलब क्या बनता है आज के डेट में जब वर्ल्ड यू एनओ हाई है यूएओ कहता है कि हम थर्ड वर्ल्ड वार होने नहीं देंगे ये 32 कंट्री मिलके कहते हैं अगर हमारे पे किसी ने मारा हम सबको मिलके मारेंगे क्या मतलब बनता है नाटो का तो होना ही नहीं चाहिए दुनिया में 32 कंट्री अब हेल्प क्यों नहीं कर रही है जब यह हो रहा है तो मारे हुआ पुतिन बैठा हुआ है उसको क्या जाता है वह तो नॉर्थ कोरिया से बुलाया है सैनिक को जानबूझ के यूक्रेन में घुसाने के लिए क्योंकि नॉर्थ

28:30 कोरिया के पास एक बहाना मिल जाएगा कि किसी दिन अगर इसके दो चार सैनिक मारे गए हैं तो कह देगा हमारे सैनिक मारे गए यानी हमारे देश पे आया हुआ है हमारे पास परमाणु बम खाली है वो जानबूझ के लाया ना कि उसके पास एक और फ्रंट खुला रहे हम और जब से ट्रंप आए हैं तब से तो यूक्रेन और कमजोर हो गया वो तो जो वीडियो आया उसमें भी उसने क्लियर ही कर दिया दुनिया में हम जबकि अमेरिका तो साथ दे रहा था यूक्रेन का बिल्कुल वो तो सब यूरोप वाला सब साथ ही दे रहे थे सवाल तो अब क्या अब समेट लेगा डॉन बास्को और ये वाला रीजन को उसने पहले फ्री इंडिपेंडेंट स्टेट घोषित कराएगा उसके बाद से फिर करा देगा कि भाई मेरी इकॉनमी उतनी अच्छी नहीं है हम यूक्रेन से टूट तो गए हैं लेकिन फिर हम रशिया में मर्जर चाहते हैं रशिया में मर्जर हो जाएगा जैसे क्रीमिया हुआ वैसे डोनबास्क हो गया डोनेस्क हो जाएगा मर्जर हो जाएगा और उस एरिया में रशिया ने जितने

29:16 भी फाइनेंसियल लॉसेस हुए जितना उसका पैसा खर्च हुआ है उस एरिया में इतने मिनरल्स हैं उससे उसकी रिकवरी हो जाएगी मतलब फ्यूचर तो अब यही है यूक्रेन गया दूसरा एक और रीज़न समझिए पुतिन इतने दिन से राष्ट्रपति है हम 10 साल प्रधानमंत्री रहे और उस समय राष्ट्रपति तब इंडिया की तरह रशिया का होता था कि राष्ट्रपति के पास कोई पावर नहीं रहेगा सारा पावर प्राइम मिनिस्टर के पास रहेगा तो पुतिन 10 साल तक प्राइम मिनिस्टर थे बट रशिया का एक रूल है कि 10 साल से ज्यादा आप दो टर्म से ज्यादा आप पूरा नहीं कर सकते तो उसका जब 10 साल कंप्लीट होने वाला ना तो उसने अपने संविधान में संशोधन कर दिया हम कि प्राइम मिनिस्टर के पास अब कोई पावर नहीं रहेगा अब सारा पावर राष्ट्रपति के पास रहेगा और खुद राष्ट्रपति बन गया वीडियो गेम खेल रहा है अब 10 साल उसका पूरा हो गया 2022 में

30:03 हां अब क्या करें भाई यहां तो दो टर्म्स है तो स्पेशल अमेंडमेंट इन कॉन्स्टिट्यूशन 2036 तक इसमें कोई चेंजिंग नहीं होगा इंडिया में भी ऐसा हुआ था 2002 में हुआ था कि लोकसभा की सीटें 2026 तक नहीं बढ़ाई जाएंगी तो उसने कहा कि 2036 तक मतलब अभी एज इट इज़ रहेगा यहां पर अब इंटरनल बगावत होने लगा तो जब इंटरनल बगावत होती है ना तो इसको कंट्रोल करने का सबसे आसान तरीका होता है ना कोई वार कर दो ऐसे ही माओ के टाइम पे हुआ था 1960 में चाइना में चाइना में मार दी इंडिया में लड़ गया यहां पे ऑब्वियस बात है अभी आज चाहे महंगाई जितनी भी हो चाहे जो भी हो हमें अपने प्रधानमंत्री से या एट ए टाइम के प्रधानमंत्री या पहले के कोई भी प्रधानमंत्री लाख शिकायत होगी लेकिन जब वार के टाइम पे तो हम सब एक हैं हम कारगिल के टाइम पे कोई ये कह सकता है क्या कि हम

30:49 अटल बिहारी वाजपेयी के साथ नहीं थे भले उन्हें वोट ना दिया हो तो पुतिन के लिए युद्ध लंबा खींचना अपने विरोधियों को निपटाने का एक अच्छा रास्ता है निपटा दिया अंदर वो क्या नाम थे उनको wagon R ग्रुप के रेगोजीन की क्या नाम था उनको जहाज से उड़वा दिया जा रहे थे बेलारूस तो तो रशिया का एक अलग है वो लड़ाई को केवल ये नहीं देखिए वहां पे वो चाहे तो खत्म करके आज ही ले सकता है आज ही ले सकता है वो लंबा कर रहा है वो खुश रहा है उसको उसके उसकी पॉपुलरिटी उसका विश्वास उसकी नेशनलिटी बढ़ रही है हम कि ये रशियंस के साथ है हम रशिया को यही बचा रहा है वो दुनिया को अपने यहां दिखा रहा है रशियन भाषा में बोल के उसकी न्यूज़ तो चल रही है ना कि आज अगर पुतिन नहीं होता तो पूरी दुनिया रशिया को समेट चुकी होती ना र नाटो कहां तक चला गया रहता दिखाएगा वहां पर कि ना क्रेमलिन बचा

31:35 होता ना मास्को बचता ना पीटर्सबर्ग बचता ना ब्लादीस्टक सब यूरोप वाले कब्जा कर लेते लोगों का रहता यही रहेगा पुति नहीं रहेगा 236 नहीं जी 50 तक रहेगा वॉर गलत है ना लोगों लोग मरते हैं वॉर गलत रहता है ना बांसुरी बजाने वाले कृष्ण कन्हैया महाभारत होने नहीं देते कुछ लोग बात से सुन नहीं करते लात देना ही पड़ता है आप 32 देशों के ग्रुप जिसमें एटॉमिक पावर तीनती के पास है ब्रिटेन के पास है फ्रांस के पास है अमेरिका के पास है पावर में सबसे ज्यादा लॉबी सबसे ज्यादा टेक्नोलॉजी सबसे ज्यादा हथियार सबसे ज्यादा यूएन में पहुंच सबसे ज्यादा इसके बावजूद ही 32ों मिलके एक साथ रहेंगे और कहेंगे कि हमें कोई मारेगा हम 32ों मिलके मारेंगे सद्दाम हुसैन को पूरा उड़ा दिया सब लीबिया को पूरा उड़ा दिया यमन को पूरा उड़ा दिया सीरिया को पूरा उड़ा दिया उड़ा दिया हमारे पास ये जितने देशों को उड़ाया

32:21 कम से कम 2 से 3 लाख इंडियंस वहां काम करते थे हमें क्या मिला कुछ नहीं बीच मजधार में छोड़ के अफगानिस्तान को चला गया अफगानिस्तान में हम लोग के करोड़ों इन्वेस्टमेंट है सब फंस के रह गए तो क्या मतलब बनता है आज के डेट में नाटो का हिम्मत नहीं है किसी देश के पास ये कहने की कि नाटो गलत है वो अलग बात है बट गलत तो है ना पर उनका मेन आईडिया तो ये है ना कि कोई भी एक दूसरा पावरफुल देश हम हम छोटे-छोटे देशों को अलग तरीके से खत्म ना करें इसीलिए हम सब साथ सब साथ में जुड़ के रहेंगे क्योंकि हम सब बहुत पासपास में बहुत छोटे-छोटे देश हैं कौन यूरोप वाले कहते हैं ऐसा हां तो मेन मतलब तो इसीलिए तो स्टार्ट हुआ था ना नेटो किटो का एक छोटा देशो हुआ था इसको कंट्रोल करने के लिए उस समय रशिया बेलगाम था यूएसएसआर था हम तो यूएसएसआर इधर रशिया था हां तो ये

33:07 बहुत बड़ा था बड़ा था ये था जब ये खत्म हो गए जब आप कहें कि भाई हमको रशिया से डर है इसलिए हम ग्रुप बना रहे हैं रशिया टूट गया अब ये रहा तो फिर इसे भी खत्म करो भैया तो फिर तो वही बात हुआ इसके डर से आप बनाए और आप खुद बन गए हैं तो आपके डर से भी तो कोई और बनाना चाहिए फिर चाइना बना लिया तो क्या गलत किया चाइना बना ले नॉर्थ कोरिया बना ले इराक बना ले ईरान बना ले तालीबान मिलके बना ले सब कि हम पांचों पे कोई मारेगा तो हम मार देंगे परमाणु बम उधर चाइना संशोधन कर दे कि हमारा ईरान एलआई है हमारा नॉर्थ कोरिया एलआई है तालीबान हमारा एलआई है गाजा हमारा एलआई है किसी पे अगर होगा तो हम अपने एटॉमिक पावर का यूज़ कर सकते हैं तो हो गया काम खत्म तो ये थर्ड देखिए थर्ड वर्ल्ड वॉर किस चीज से होगा हमें पता नहीं लेकिन एक कहावत का एक विद्वान ने कहा था कि थर्ड वर्ल्ड वॉर कब

33:53 होगा यह पता नहीं लेकिन फोर्थ वर्ल्ड वॉर हम लोग पत्थर और लाठियों से लड़ेंगे क्योंकि थर्ड वर्ल्ड वॉर में इतनी तबाही मचाएगा सब कि हम लोग स्टोन होज में चले जाएंगे लगता है वॉर होगा कि होने नहीं देंगे नहीं होने देंगे मतलब अब दुनिया उस लेवल पे है कि जहां पे वर्ल्ड वॉर थ्री वगैरह नहीं होगा सब हथियार हथियार बेचने वाले कंपनी है सब अंधेरे कैडर दिखा के टॉर्च बेचते हैं थोड़ा बस मुनाफा होना चाहिए बस करोड़ों की कमाई है एक जहाज बेच देंगे सब एक अपाची हेलीकॉप्टर 6000 करोड़ का यहां यहां पता चला 10 जिला मिलके खेती करेगा तो 6000 करोड़ कभी ना कमा पाए वहां एक हेलीकॉप्टर बेचा निकल गया हम और उसके बाद उसके पास उसका मेंटेनेंस अलग पायलट की ट्रेनिंग अलग फिर हथियार खत्म हो गया तो अलग ये मेरा ही हथियार लगा सकते हो छोटे-छोटे वॉर कराना फायदेमंद है फायदेमंद होता है उन लोग के

34:39 लिए और वो लोग अभी एक स्पेशल फोर्स के ऑफिसर थे जो टेररिस्ट से लड़ते हैं इंडिया में वो बता रहे थे हमें कि बहुत सारी बड़ी-बड़ी वेपन कंपनीज़ वो आती है हमारे बॉर्डर एरिया में जो नक्सलाइट्स हैं और जो हमारे ये मिलिटेंट्स हैं इनको एडवांस एडवांस वेपन फ्री में बांट के जाती है ताकि ये अटैक करें और फिर वो वेपन से क्योंकि वो एडवांस एडवांस वेपन के साथ अटैक करती है फिर आके वो देशों को जाके बेचती है कि यार देखो उनके पास इतने एडवांस है तो आपको भी एडवांस लेने चाहिए फिर डबल प्राइस में देशों को बेच दिया जिस कंपनी का हथियार किसी टेररिस्ट के पास मिल गया उस कंपनी के ऊपर जांच होनी चाहिए और उसे इंटरनेशनलली ब्लॉक करना चाहिए इंटरनेशनल ब्लॉक जब आतंकवादी इंटरनेशनल हो सकते हैं तो उसके हथियार इंटरनेशनल कैसे

35:25 नहीं हो गया तो ये तो कौन ब्लॉक करेगा अमेरिका वगैरह अब उन्हीं पे सारा हथियार है वही तो बनाते हैं तो इनके हिसाब से ना ये किसको आतंकवादी बोलेंगे किसी को ये मुंबई को उड़ा के गया अजमल का साहब हम इजराइल ने उसे आतंकवादी नहीं बोला क्या बेशर्मी है क्यों नहीं बोला कहा कि हम अभी जांच कर रहे हैं हमारे हिसाब से नहीं हो रहा है क्या बेशर्मी है इजराइल इतना पावरफुल क्यों है सारे देश डरते क्यों आपने एक वीडियो बनाया इसके ऊपर कि इजराइल से सारे देश डरते हैं वहां के देश डरते हैं जहां खर नापतवारू या रेण प्रधान कहावत का तो उनसे आता क्या है अरब वालों को खजूर ऊंट तेल खत्म खेल खत्म वहां पे लड़ सकते हैं वहां पे क्या जा रहा है जिससे लड़ रहा है अब देखिए सीरिया में कोई

36:11 राष्ट्रपति ही नहीं है हम उठ के गोलानहाइट कब्जा कर लिया तो वहां के हिसाब से टेक्नोलॉजी है नो डाउट देश बहुत आगे है हर चीज में ठीक-ठाक है बट समझिए विदाउट अमेरिका और नाटो के सपोर्ट से वो भी नहीं लड़ा छोटा सा गाजा है जिसके पास ना अपनी एयरफोर्स है गाजा का शर्त क्या है कि फिलिस्तीन ना एयरफोर्स रखेगा ना नेवी रखेगा ना ही थल सेना रखेगा ना उसे देश की मान्यता दिया जाएगा तो उनका कहना है भाई तुम वहां है क्या कहा कि तुम जानो उसको कुछ रखने ही नहीं देता है उससे मारने के लिए उसको मारने के लिए इसे फ्रांस से सपोर्ट लेना पड़ा अमेरिका से सपोर्ट लेना पड़ा इससे तो दुनिया भर से सपोर्ट लेना पड़ा क्यों उसके पास हथियार खत्म हो गए ना तो ऐसा क्यों वो इतनी सी बेल्ट ने इतना अगर इसको खत्म ही करना है

36:56 तो जरा से गाज़ा ने कैसे परेशान कर दिया इनको एक बिल्डिंग को मारने के लिए आपके पास कम से कम 10 10 एक्सप्लोसिव उड़ानी पड़ेगी एक मोहल्ला उड़ाने के लिए आपके पास एक तो डीपो उड़ जाएगा पूरी कंप्लीट हथियार किसी को कंप्लीट डेमोलिश करने के लिए तो बनाया नहीं जाता हथियार आपको आगे एडवांटेज देने के लिए बनाया गया अब आप उसको कंप्लीट डिमोलिश करने के लिए जाएंगे तो क्या होगा अब जेसीबी है थोड़े-मोड़े खोदने के लिए आप कहिए पूरी शहर को खोदो पागल हो जाएगा यार हमको इसलिए बनाया ही नहीं यार वो तो परमाणु बम बनाया गया था कंप्लीट डेमोलिश करने के लिए तो इनका ग्रुप बहुत तगड़ा है इजराइल इजराइल हो गए या नाटो वाले इनका ग्रुप बहुत तगड़ा है ये नाटो वाले आए थे सब वियतनाम में वियतनाम वाला इतना मार मारा था सब इतना मार मारा था सब कि जान बचा के भागे हैं अमेरिका वहां से 20 साल लड़े थे कुछ नहीं कर पाए भगा दिया सब वहां पे

37:41 क्यों नहीं हो पाया ये इस वॉर के बारे में मुझे ज्यादा पता नहीं है बट वियतनाम में अमेरिका वॉर नहीं जीत पाया नहीं जीत पाया कभी नहीं जीत पाएंगे वहां पे देखिए वी कैन नॉट फाइट वि द ज्योग्राफी ना वह वियतनाम जीत सकते हैं और ना ही अफगानिस्तान जीत सकते हैं केवल अमेरिका नहीं रशिया भी तो हार के गया है कोई नहीं जीत सकता इवन ब्रिटेन वाले जब हमें गुलाम बनाए थे लेकिन अफगानिस्तान को आजाद कर दिए थे सब हमारी आजादी से पहले म्यांमार को साइड कर दिया सब 1935 के अधिनियम द्वारा 37 में जग्राफी ऐसी है ना जैसे अमेरिकन वाले सब जो है ना जमीन पे नहीं लड़ सकते हैं वो जमीन पे कभी नहीं लड़ पाएंगे उनके पास टेक्नोलॉजी है ऊपर से ड्रोन मार देंगे हेलीकॉप्टर उतार देंगे टैंक ले घुस जाएंगे लेकिन जहां यह काम नहीं आएगा वहां क्या करिएगा अफगानिस्तान में पहाड़ है वो चुपचाप लेट जाएगा ड्रोन को पता ही नहीं चलेगा साइड

38:27 में है और ड्रोन उड़ेंगे ना तो पास में आके ले जा यहां से वियतनाम में जंगल है कुछ काम नहीं आने वाला है वहां वो अंदर अंदर सुरंग खोद के चल दिए सब तो जमीन पे वो नहीं लड़ सकता है यही है और जमीन पे प्लेन अगर एरिया है तो लड़ लेगा इराक खाली मिला था लड़ लिया अफगानिस्तान 20 साल लड़े थे वापस गए भी तो इज्जत से नहीं गए उसने कहा कि 10 दिन का नहीं हम तुम्हें पांच ही दिन का टाइम देते हैं सोचिए सब छोड़ छुड़ा के चले भागो आज जिस दिन जा रहा था ना उस दिन भी मार दिया सब तालीबान वाले उस दिन भी हमारा अफगानिस्तान से अच्छा रिलेशन है बट तालीबान से नहीं तालीबान से तो रिलेशन ही नहीं है बट नो डाउट इंडिया और अफगानिस्तान बहुत बहुत अच्छा रिलेशन है हम लोग के मैच देखने पे

39:13 अफगानिस्तान वाले खुश हो जाते हैं पर तालीबान के साथ अभी क्या हो रहा है रिलेशन अभी तो कोई रिलेशन ही स्टार्ट नहीं है बट इंडिया को कुछ ना कुछ सोचना पड़ेगा आपने खुला मैदान छोड़ दिया वहां से चाइना घुस जाएगा इलेक्शन कराना चाहिए उन्हें अगर इलेक्शन के बाद अगर गवर्नमेंट जीत जाती है तो एक बहाना रहता है कि भाई आई सपोर्ट द इेड गवर्नमेंट हम क्योंकि अफगानिस्तान का है ना यहां पे उसको उसका नाम चेंज कर देंगे सब वो सब अपना तो गवर्नमेंट को सोचना चाहिए क्योंकि अफगानिस्तान हमारे लिए बहुत अच्छा चीज है क्योंकि मेरे दुश्मन का दुश्मन मेरा दोस्त हमारा दुश्मन पाकिस्तान है उसका दुश्मन अफगानिस्तान है उसको सपोर्ट करना हमें अफगानिस्तान खुला नहीं छोड़ना चाहिए अफगानिस्तान से तो बहुत लोग अभी भाग रहे हैं अभी करेंगे क्या बेचारे वो लोग मरेंगे वहां तो वहां पर तभी मैं एक मैं लंदन में था और जहां पर टैक्सी

39:59 ड्राइवर था मेरे साथ वो अफगानिस्तान अफगानी था और वो बता रहा था कि अफगानिस्तान में कैसा रैकेट चलता है लंदन आने के लिए तो अफगानी लोग पाकिस्तान पाकिस्तान जाते हैं फर्जी डॉक्यूमेंट्स बना के वहां पैसे खिला के बहुत आसान है जाना फिर पाकिस्तान से किसी ना किसी तरह डॉक्यूमेंट बनाते हैं पासपोर्ट बनवाते हैं जिससे वो टूरिस्ट वीजा पर लंदन आते हैं क्योंकि पाकिस्तान से या स्टूडेंट वीजा पे लंदन में इनकी ही एक एजेंसी है जो इन लोगों को डॉक्यूमेंट देती है कि यहां इनको पढ़ाने के लिए बुला रहे हैं पढ़ाई के पेपर देके वो पहुंच जाते हैं जैसे उधर वहां पहुंच के पासपोर्ट फाड़ के फेंक के घूम जाते हैं फिर घूम के इधर-उधर जितना टाइम घूम लिए घूमने के बाद जाके सरेंडर कर देते हैं कि हम भाग के आए हैं हम हमको हमारे हमको असाइलम दे दो हमको यहीं रहने दो क्योंकि अगर हमको हमारे देश भेजा तो वहां मार दिया जाएंगे हम किसी भी देश के नहीं

40:44 है और ये बस बोलते हैं कि हम अफगानी हैं बताते नहीं कि पाकिस्तान के रूट से हैं बोलते हैं हम अफगानी है हम किसी तरह यहां पे भाग भुका के पहुंच गए और पहुंच गए तो फिर वहां पे एक रूल है जहां पे 5 साल तक तुम्हें फिर वो वीजा देते हैं रहने के लिए 5 साल तक तुम उधर रह लो तो 5 साल के बाद तुम्हें तुम उधर अपनी सिटीजनशिप के लिए अप्लाई कर सकते हो ये लंदन वालों को इस पर तकलीफ हो रहा होगा इनको इन्हीं गधों ने अफगानिस्तान को हमसे अलग किया है इन्हीं गधों ने पाकिस्तान को हमसे अलग किया है पाकिस्तान के लोगों जो पाकिस्तान में पैदा हुआ एज ए ह्यूमन सोचिए उसकी कितनी दुर्दशा होगी हम लड़कियों की हालत ऐसी खराब उसका हस्बैंड कब एक नया दुल्हन लेके चलाएगा पता ही नहीं चलेगा उसको कितना खराब लगे एक पर्सनल लिबर्टी भी होती है ना वहां पे एक आदमी चार पांच शादी

41:31 कर लिया अब आपने वैसा माहौल बना दिया कि जिंदा रहने को ही लोग विकास समझे अलग बात है अब देखिए सबसे बड़ी खराबी क्या जब देश आजाद हुआ तो गांधी जी तो खैर बंगाल में दंगा छिड़ा हुआ था कोई पूछने नहीं गया था तो आजादी का लोग इधर दिल्ली में जश्न मना रहे थे वो बूढ़ा इंसान एक टूटे हुए घर में था कि इसे उग्र भीड़ ने तोड़ दिया है मैं ये दिखाना चाह रहा हूं कि हिंदुस्तान आज भी जिंदा है तो वहां लोग भले गाली देते हैं जिसकी औकात अपने गांव के मुखिया से लड़ने की नहीं है जिसकी औकात एक विधायक से लड़ने की नहीं है वो उस गांधी पे आवाज उठाता है जो गुलाम देश में इंग्लैंड की महारानी से लड़ा था अब क्या बोलिएगा इसे खैर वो अलग चीज है क्योंकि गांधी को मानने वाले भी गांधी के विचार वाले होते हैं जब देश आजाद हुआ सबसे बड़ी बेवकूफी हम लोगों से क्या हुआ हमारा देश है कोई ससुरा आया ऐसे लाइन खींच दिया

42:18 कि इसके इधर इंडिया इसके इधर पाकिस्तान हम मान लिए क्या बेवकूफी थी चाहे उस समय सरदार पटेल हो जवाहरलाल नेहरू हो हमारे देश में क्या है ना कि आप एक नेता को गाली दो एक को मत बोलो भाई दोनों लोगों ने क्या किया ये आपके ऊपर एक लाइन कोई खींच के चला गया आप क्या करेंगे तुम जाना है ब्रिटेन जाओ उसने क्या किया सेनापति कहा कि हमारी सेनापति दो साल तक यही रहेंगे हम जनरल बूचर था वहां पे तो वो वहीं रह गया आप दो साल बाद मिटा देते उसको जिन्ना मर चुका था पाकिस्तान में जिन्ना के अलावा कोई नेता ही नहीं था अबुल कलाम आजाद को यहां खड़ा कर देते क्या जाता था कैसे एक्सेप्ट कर लिया हम लोगों ने कितना बेवकूफी 1947 में देश आजाद हुआ 10 साल पहले म्यांमार को 1937 में अलग किए 35 का नियम बनाया सब 37 में अलग कर आपको 10 साल पुराना लाइन खींचने

43:06 में मेहनत लग रहा था क्या बेवकूफी है ये सब चीज खींच खींच के मिटाया कौन कौन है लाहौर बोलता है यहां पर लाहौर को तुम्हारे बाबा का लाहौर है हां बप्पा रावल का है कंधार तुम्हारा गांधारी का कंधार है उनकी भी नसीब अच्छी होती है हमारे यहां ना ऐसे कोई रिलीजन को लेके लड़ाई झगड़ा नहीं है वो पॉलिटिक्स का हिस्सा है ये एक पॉलिटिक्स उनकी भी मजबूरी है अगर वो ये नहीं करेंगे तो जीत भी नहीं पाएंगे जैसे सांप नहीं मारे तो फिर तो सी तो होता नहीं है सांप को और कुछ जिसके पास वही तो वो एक अदरवाइज में वो लोग भी बड़ा सुकून से जीते हमारे बप्पा रावल का लाहौर था और पूरी दुनिया में एकता की मिसाल थी लाहौर जहां जितनी बड़ी संख्या में सिख रहते थे उतनी ही बड़ी संख्या में

43:51 मुस्लिम उतनी ही बड़ी संख्या में हिंदू उतनी ही संख्या में ईसाई सारे लोग बौद्ध सब लोग लाहौर क्या शहर हुआ करता था आज क्या हो गया है लाहौर किधर बम फटेगा पता ही नहीं बर्बाद कर दिया सर इसको तो ये एक बहुत हमको सच में ये दुख होता है कि क्या थिंकिंग थी उस टाइम के लोगों की मान लिया एक कोई फिरंगी आया लाइन खींच दिया सेरियल रेड क्लिप बैठा इसे टेबल पे नक्शा लेके कहा कि कहां कहांहां पुलिस स्टेशन है पुलिस स्टेशन से लाइन खींचते खींचते खींचते खींचते खींच दिया लाहौर इंडिया में दिया था तो लोगों ने कहा कि सर आपने तो पाकिस्तान में तो कोई शहर ही नहीं बचा कराची है बस कहा कि तो मैं क्या करूं कहा एक काम कीजिए लाहौर दे दीजिए ऐसे मिटा के ना लाहौर दे दिया मिटा के दिया लाहौर और

44:38 हम लोग चुपचाप बर्दाश्त किए थे क्या बेवकूफी थी अभी कोई खींच के देख ले बट पहले इंटरनल फाइट थी इसकी वजह से ना धर्म के नाम पे दो लोग अलग-अलग तरीके से लड़ रहे थे इसलिए कोई तो होना चाहिए जो धर्म के खिलाफ बोले अब जैसे कोई धार्मिक मामला हमको कह ना हमको कोई फर्क नहीं पड़ता है हिंदू मुसलमान साइड रोल बाद में नेशनल मैटर का है तो साइड बंद अभी लाइन मिटाएंगे पहले उसके बाद उस टाइम पे बोलते थे ना कि वीर सावरकर थे लेकिन उनकी आवाज सुनी नहीं टॉप लेवल तक सुनाने लायक पोजीशन पे भी तो मतलब अब देखिए वीर सावरकर ने लड़ाई लड़ी थी बट एक जिस लेवल पे सुभाष चंद्र बोस गए उस लेवल पे बात ले जाना चाहिए था सावरकर जी ने पूरा प्रयास किया था अपने हिसाब से सब लोग ने अपना-अपना योगदान दिया लेकिन उसका क्या फायदा मिला हमको कि हमसे म्यांमार तोड़ दिया हमसे बांग्लादेश तोड़

45:25 दिया हमसे पाकिस्तान तोड़ दिया हमसे अफगानिस्तान तोड़ दिया यह वही हुआ कि हम अपने पथरी का इलाज कराने हॉस्पिटल में गए हमको बचा तो लिया लेकिन हमारा दोनों हाथ पैर काट दिया अरे भाई का करेंगे हम लेके पथरी का इलाज करना था कर तुम पथरी सही कर भाई तेरे को आजादी देनी था आजाद कर भाग यहां से ब्रिटेन वहां पे तो ये आपको लगता है ये ब्रिटेन की चाल थी कि हमारी ब्रिटेन ब्रिटेन क्योंकि इंटरनल पॉलिटिक्स नहीं नहीं ब्रिटेन का था 100% ब्रिटेन का था एक्चुअल में क्या होता है ना कि जब हम किसी से आजादी मांगते हैं ना उसके कुछ साल बाद जो नेशनलिस्ट होते हैं ना उस आजादी की कीमत वसूलते हैं कि तुमने जलियांवाला बाग किया था तुमने हमसे इतना सोना ले गए हमसे ये ले गए तो ब्रिटेन को ये डर समा रहा था यार ये सब मांगेगा सब

46:13 हमसे और फिर ये महारानी का ताज ले जाएगा सर नहीं देंगे ना तो महारानी साहित्य उठा ले जाएगा सब उसने देखा कि भाई इसको क्या करें हम तो सपोज कीजिए कि हम किसी के घर से कोई चोरी करके ले जा रहे हैं मेरे पीछे वो दौड़ गया है तो कुछ ना कुछ देर में तो हमको पकड़ लेगा उसका पैर तोड़ देते हैं मार के हम तू दौड़ेगा ही नहीं आएगा ही नहीं पैर तोड़ने के लिए उसने कहा ना कि एक काम करते हैं यहां लड़ाओ ऐसा ना होगा पहली बार जमीन का विभाजन धर्म के आधार पे कर दिया उधर म्यांमार में बौद्ध ज्यादा रख दिया इधर मुस्लिम ज्यादा रख दिया लड़ो तोड़ दिया पैर अब हमें क्या लगता है पाकिस्तान दुश्मन है है वो फिलहाल 47 के बाद लेकिन पाकिस्तान को पैदा करने वाले दुश्मन का बाप ब्रिटेन ब्रिटेन हुए अब तो मिटाना बड़ा मुश्किल हो गया ना उस

46:58 समय नया-नया चीज था बंटवारा खत्म हो सकता था हम हमको एक चीज नहीं समझ में आया था सरदार पटेल इतने बहादुर क्या पर्सनालिटी थी सरदार पटेल की नो डाउट अनमैचेबल अवतार लिए हुए इंसान थे वो सरदार पटेल वो हैदराबाद के नवाब को यूं झुका देते हैं ऑपरेशन पोलो लाते हैं ये जूनागढ़ का नवाब था वो कह रहा था हम इंडिया में मिलेंगे ही नहीं उसको भगा दिए यहां से तो जिन्ना ने कहा कि भाई तुम्हारे पास तो बहुत पैसा है आ जाओ यहां पे तो कहा ठीक है आ जाते हैं जिन्ना ने जहाज भेजा पानी वाली जहाज सरदार पटेल ने तुम्हारी संपत्ति कैसे जाएगी बे यहीं रहेगी तुम्हारे बाप की है तो वो जूनागढ़ का नवाब केवल 1200 कुत्ता लेके गया था उसको कुत्ता पालने का शौक था जिन्ना देखा माथा पीट

47:45 लिया तो कुत्ता लेके आ रहा है यहां पे ना जमीन लाया ना पैसा लाया कुत्ता लेके आया वहां पे सरदार पटेल ने सरदार पटेल ने नॉर्थ इंडिया पे उतना ध्यान नहीं दिया कश्मीर इशू में सरदार पटेल और जवाहरलाल नेहरू तो नेहरू ज्यादा आगे इन फ्रंट पे थे और उसका सबसे बड़ा कारण था जनरल बूचर जनरल बूचर ने कहा कि सेनापति हमारा नहीं था वो हमें ब्रिटेन का था उसने कहा कि जब तक हरी सिंह साइन करके नहीं देंगे हम करेंगे नहीं हरी सिंह को नौटंकी पता नहीं किसने दे दिया कि अपना स्विट्जरलैंड बनाएंगे पूरा खानदान लूट गया हर सिंह का बता नहीं सकते हैं इनके घर से किनको किनको उठा के ले गए थे सब अब हम लोग भी नहीं बोलते हैं कि चलो भैया सबकी एक रेस्पेक्ट की बात होती है लास्ट में देखे ना कि कौन-कौन रिश्तेदार तब साइन किए यहां पे सरदार पटेल ने तो वहां से ना भैया

48:31 सरदार पटेल की बात अलग थी वो इंसान अगर चाह देते ना ये लाइन मिटाने का मतलब क्या चाहिए वो तो पाकिस्तान वाला मिटाते अफगानिस्तान वाला भी मिटा देते देखते कोई नहीं देख रहा है नॉर्थ इंडिया और भी सेंट्रल एशिया में चल चलते हैं गलत हो गया उस टाइम हम लोग से आपको लगता है वो पीएम बनने थे फर्स्ट बनने तो चाहिए थे लेकिन जिंदा रहते तब ना यह बड़ा अजीब सी बात होती है सरदार पटेल जी की आकस्मिक मृत्यु 1950 में हो गई थी और हमारे यहां पहला इलेक्शन ही हुआ 1951 में नहीं 47 के बाद ही वो तो प्रोविजनल गवर्नमेंट थी वो तो प्रोविजनल गवर्नमेंट थी वो तो वायसराय के अंडर में काम कर रही थी सेनापति मेरा नहीं वायसराय मेरा नहीं तो हम क्या करेंगे ऐसा राजा बन के कि जमीनें मेरे सेना नहीं है तो किसको बनना था पहला प्रधानमंत्री जो चेंज कर देता है इंडिया की ही उस समय जो कर सकते थे 47 में प्रोविजनल गवर्नमेंट में उन्हीं के हाथ में था होम मिनिस्टर के अंडर में नहीं उसके बाद पहले इलेक्शन के

49:18 टाइम पे उस देखिए देखिए पहले इलेक्शन के टाइम पे तो बहुत लेट हो जाता है 47 में ही बात कर रहे हैं क्योंकि आप बहुत लेट कर दीजिएगा तब तो नहीं हो पाएगा 47 में ही ये विभाजन खत्म होना चाहिए था हम अजीना को टीवी था मर गया फिर उसके साथ ले लेते हां वहां पे अजीन्ना मरा था ना तो उसकी बॉडी को दो घंटा बाद आया था सर ले जाने के लिए एम्बुलेंस में मर के सौड़ रहा था मक्खी भान बना रही थी एम्बुलेंस का एसी नहीं चल रहा था और फ्यूल खत्म हो गया सोचिए उसका उसका कारकेट जाना चाहिए ना तो फ्यूल खत्म हो गया था फिर मैसेज गया कि जिन्ना यहां पड़ा हुआ है ले जा भाई तू ओके आप पाकिस्तान की बात कर रहे थे मैंने आपका एक वीडियो देखा उसमें एक थंबनेल था पाकिस्तान के लोग ये वीडियो मत देखना ये वीडियो में क्या बताया आपने ऐसा क्या बताया 1971 की वार की चर्चा थी इस वीडियो में और ये आई थिंक 5 साल

50:03 पहले का वीडियो 2020 के आसपास का है हां तो उसमें यही बता रहे थे कि मतलब पाकिस्तान अपना किस तरह मतलब दो साइड में लड़ाई चल रही थी एक थी बांग्लादेश साइड में हम बांग्लादेश साइड में हमारी आर्मी उसके ऊपर भारी पड़ रही थी और उसने सोचा कि भाई बांग्लादेश तो गया मेरे हाथ से हम तो उसने पूरी अपनी टैंक रेजीमेंट और पूरी इनफेंट्री बटालियन लेके घुस गया राजस्थान में जिस पे लोंगवाला की लड़ाई आपने बड़ा फेमस लड़ाई थी मेजर कुलदीप सिंह कुलदीप सिंह चांदपुरी तो वो 120 जवान थे उनके सामने पूरी इनफेंट्री बटालियन थी पूरी टैंक थी उनके ऊपर से आर्डर थे छोड़ के हट जाओ भाई नहीं लड़ पाओगे उनसे वो लोग नहीं हट हटे और रात भर रोक दिया उन लोगों को सुबह आई जहाज मार गई हमारी सेना के ऊपर

50:49 ऑर्डर आई थी कि हट जाओ सुबह जो होगा देखा जाएगा उन्होंने कहा कि भैया सुबह तक ये तो पूरे जोधपुर एयरवे से उड़ा देंगे सब और उसी लड़ाई में पाकिस्तान की सेना थी उसको 93,000 फौज को पाकिस्तान से मैसेज था हटना मत गधा कहीं का बहुत बिरयानी खिलाए तुमको हटना मत वो 93,000 सरेंडर कर दिए 93,000 इन सब को ना चम्मच में थूक के डूब जाना चाहिए तो क्यों सरेंडर कर दी कुछ तो होगा लड़ने की औकात होनी चाहिए यहां हम 120 में रोक दिए यहां 120 में रोक दिए सवा लाख एक लड़ावा क्यों इनकी नहीं है 93000 इतने बड़ी यही तो हमें नहीं समझ में आता है इतने कैसे जाहिल हो सकते हैं ये 93ाउ खत्म कर दिए जबकि इनके पीछे बैक सपोर्ट था ब्रिटेन का

51:34 नाटो का अमेरिका का सबका बैक सपोर्ट था हम अब ये क्या कर सकते हैं और यह अपने यहां अभी भी कहते हैं सरेंडर नहीं हुए थे यही कह थे कि भाई तुम मानोगे हो ही नहीं कि तुम्हारे यहां सरेंडर हुए थे तो यह बारात में घूमने आए थे 93000 इनको अमेरिका भी अपनी भेज रहा था ना शिप्स सपोर्ट करने के लिए भेजने वाला था पहुंचने से पहले अमेरिका का तो आधा बेइज्जती पाकिस्तान का करा है उसने पैटर्न टैंक भेजा अमेरिका ने पाकिस्तान को कि अनविंसिबल टैंक है इसे कोई नहीं उड़ा सकता है आरसीएल गन से वीर अब्दुल भी उड़ा दिए अमेरिका का टैंक का ऑर्डर खत्म हो गया पाकिस्तान अमेरिका ने कहा कि चोट तुमको हम नहीं देंगे टैंक से ज्यादा चलाने वाला मायने रखना चाहिए अमेरिका ने एक पनडुब्बी दिया पीएनएस गाजी नाम था उसका कहा कि इसको कोई नहीं डूबा सकता उसको हमारा एक जहाज डूबाया जो जहाज खराब हो गया था लंगर में

52:21 था मेंटेनेंस चल रहा था आईएएस राजपूत मार के गिरा दिया गाजी को अमेरिका कहा कि तुमको हम हथियार नहीं देंगे तुम पूरा बेइज्जत करा के रखा है हमको 1970 का जहाज था मिग 21 1970 की मोटरसाइकिल चलाने में डर लगेगा उतनी पुरानी मोटरसाइकिल चलेगा भी कि नहीं चलेगा अजीब लगेगा हम लोग का मिग 21 जहाज 1970 का उसमें ग्रीस मोबाइल सब खत्म है झरझर झरझर झरझर करता है ऐसे दरवाजा बंद हो जाए कि पायलट कहते भाई साहब बंद बंद हुआ कि नहीं ऐसे नहीं भाड़ा पे टेम वो चलती है ऐसे वहां पे वही जहाज से और पाकिस्तान का एफ 16 मार के गिरा दिए एफ 16 मार के गिरा दिए अब दुश्मन के एरिया से यूं टर्न लेके भागना था अब ये पुराना जहाज था टर्न लिए बस वही क्रैश हो गया अब पाकिस्तान पागल हो गया भाई अमेरिका ना

53:06 अमेरिका को कहते हैं भाई अच्छे लोगों को हथियार भेजो तुम्हारी भी इज्जत बची रहेगी एफ 16 मार के गिरा दिया अब पाकिस्तान कह रहा है कि नहीं गिरा एफ 16 उसका जो विंग्स टूटा हुआ था वो इंडिया में गिर गया तो हमारे एयरफोर्स वाले ये देख ये टेमो का दरवाजा है रे इनको ऐसा लगता है ना कि हमको लगता है इन सब को ऐसा लगता है कि इनको फरिश्तों से डायरेक्ट फोन नंबर रखे होंगे सब ये बात करते होंगे उस तरह से हम लोग का चंद्रयान क्रैश कर गया हम होता है हमारे वैज्ञानिकों ने पूरा कोशिश किया था वहां पहुंचा कि जमीन पे लैंडिंग ठीक जगह पे नहीं हुई थी लेकिन उसके बाद तो हम लोग ने अच्छा कर दिया जब क्रैश किया था तो बहुत खुश थे सब अरे गधों जो पहुंच सकता है अगली बार अच्छे से पहुंच जाएगा अब वो

53:52 पूछ रहा है सब कि क्या करेंगे चांद पे जाके मतलब किस किस स्कूल कॉलेज में हमको ना कभी-कभी लगता है कि हमारे यहां स्कूल खराब है कह रहा है कि चांद पे जाके क्या करेंगे अरे कल को अगर वहां यूरेनियम मिल जाता है वहां जाएंगे यूरेनियम निकाल के लाएंगे दुनिया का सबसे महंगा चीज रेनियम है सोना चांदी हीरा को पूछता कौन है ये तो मतलब ये तो नॉर्मल लोगों को लगता है कि सोना बहुत महंगा चीज है अरे सोना मतलब क्या चीज मतलब टांग के घूमो यहां पे यूरेनियम यूरेनियम कल को वहां मिलेगा हम लेके आ जाएंगे और जब जब तक इनकी टेक्नोलॉजी बनते बनते पूरा खदाड़ के लेके आ चुके रहेंगे दो देश एक ही टाइम पे अलग हुए थे हम एक ही हिस्से से अलग हुए थे पाकिस्तान और इंडिया तो दो नहीं डेढ़ बोलिए बोलिए दे आधा ही उसका आधा बांग्लादेश कट गया वो आधा देश प्रगति क्यों नहीं कर पाया जब एक

54:40 ही टाइम पे अलग था उनमें दिक्कत क्या है उन सबको ना अजीब दुनिया में जा रहा है सबको उन लोग की दुनिया ही अलग है हम लोग को ना बिल्डिंग चाहिए फैक्ट्री चाहिए हॉस्पिटल चाहिए ये छोटा-मोटा चीज उन सब को थोड़ी चाहिए सीधे ताज होटल में आएंगे बम चलाएंगे और उसका जन्नत में जाएंगे अरे गधा कहीं का ऊपर वाले को सबसे ज्यादा अगर किसी ने बदनाम किया तो ये पाकिस्तान वालों ने बदनाम किया कोई इंसान कोई इंसान मेरा नाम लेके किसी को दो तमाचा मार दे खान सर की जय खान सर की जय दो तमाचा मार दे हम फंस जाएंगे ये अपने खुदा का नाम लेके बम चलाते हैं यार फंसा किसको रहे हो तुम बदतमीज हो तुम बम मार रहे हो किसी मासूम को ले रहे हो तुम अच्छे चीज में नाम लो कहीं तुम परोपकार कर रहे हो कोई हॉस्पिटल खोल रहे

55:25 हो वहां खुदा का नाम लो ये गलत काम में क्यों खुदा का नाम लेते हो फिर क्या है कि कोई इंसान नॉर्मल नमाज़ पढ़ रहा है खुदा का नाम ले रहा है लोग उसको अंतर नहीं समझ कर पाते हैं अजीब हाल है ये कहीं 50 एंबुलेंस डोनेट कर रहे हो तुम नाम लो अपने भगवान का लो अपने खुदा का लो सबको अच्छा काम में लो पूरी कम्युनिटी को नास के रखा है क्या बोलिएगा इसको बट प्रॉब्लम क्या है ना धार्मिक चीजें बहुत ज्यादा आगे नहीं होनी चाहिए धार्मिक चीजों में एक चीज क्या है ना कि वहां पर आपका धार्मिक चीजें में आप आप उसमें ना आप लॉजिक नहीं लगाइए जो बोला जा रहा है चुपचाप एक्सेप्ट कर लीजिए जो है वही मान लीजिए अब जब यह बहुत ज्यादा हो जाएगा ना समाज को इस चीज की आदत लग जाएगी एक्सेप्ट करने की एक पाकिस्तान के कोई बहुत फेमस इंटेलेक्चुअल थे वो हम तो उन्हें

56:11 उतना देखते नहीं है बट उनका एक क्लिप आया था कोरोना के टाइम पे कि वैक्सीन मत लगवाना अमेरिका की वैक्सीन है तो हमको लगा कि भाई सुनना चाहिए भाई पाकिस्तान का स्कॉलर आदमी है क्या बोल रहा है तो हम सुने कि क्यों उस समय कोरोना सपोर्टर लग रहा था जो बोलता था आदमी क्या बोल रहा है भाई सुन सुन सुन कह रहा है कि ये अमेरिका की चाल है वैक्सीन में कोई नैनो चिप रखे हैं हम गौर वो इसके इसके हेल्प से इस वैक्सीन के हेल्प से हमारी दिमाग को कंट्रोल करेंगे हमारी दिमाग चुरा लेंगे हम कह रहे हैं भाई अमेरिका को अगर दिमाग चुराना है तुम गधों का दिमाग चुराएंगे नाड़ा बांधने के अलावा आता क्या है तुम लोग को क्या बेवकूफी चल रही है इन सब की अलग टाइप का मतलब इनको देखते तो हमें भी लगता लगता है हमारा एजुकेशन सिस्टम ठीक है

56:57 चलो भाई कोई शिकायत नहीं है इंडिया से कोई बहुत अच्छा चल रहा है इंडिया एकदम ठीक-ठाक चल रहा है जिसने भी लाया है अलग-अलग प्रधानंत्रियों का योगदान है कम से कम वो इसे तो भसड़ नहीं मचाया ऐसा जैसे उन्होंने कर दिया बट वहां पे लगता है कि आर्मी की वजह से दिक्कत है क्योंकि आर्मी कंट्रोल करती है आर्मी ही बनाती है प्राइम मिनिस्टर आर्मी ही हटा देती है जो प्राइम मिनिस्टर बनता है वो जेल चले जाता है पाकिस्तान के पास आर्मी नहीं है नहीं पाकिस्तान के पाकिस्तान के पास आर्मी नहीं है आर्मी के पास पाकिस्तान है ईद के टाइम पर देख रहे थे ईद में उसका जनरल जो था सेना का जनरल पूरे शहर में पोस्टर लगाया हुआ है ईद मुबारक अब फोटो लगा जैसे अपने यहां नेताओं का कैसे फोटो लगता है शुभकामना नव वर्ष की शुभकामना ईद मुबारक होली की शुभकामना वैसे सेनापति अपना पूरे

57:43 शहर में लगवाया हुआ है क्या इंडिया में लगा सकते हैं क्या हाल है वहां पे पाकिस्तान वाले उसका सबसे बड़ा कारण क्या था कि जिन्ना ने देश लिया उससे ज्यादा खतरनाक था कि जिस तरीके से उसने देश लिया हम और जब देश आजाद हो गया मतलब विभाजन हो गया तो मुस्लिम लीग ने कहा कि हम हमें अपना मुल्क मिल गया तो उसने डांटा था मुस्लिम लीग को और कहा था कि इतिहास याद रखिएगा मुस्लिम लीग ने देश अलग नहीं किया जिन्ना के ताकत से देश अलग हुआ ये उसकी ताकत और गुजरातियों को अंडर एस्टीमेट नहीं करना चाहिए जिन्ना भी गुजरात गुजरात के थे भाई बहुत तेज दिमाग के होते जीना भाई ठक्कर मतलब वो ठक्कर जाति से मुस्लिम नहीं था जिन्ना उसके दादाजी मुस्लिम नहीं थे जेना भाई ठक्कर थे

58:28 ठक्कर जाति से तो उन्होंने ना मछली का व्यापार करते थे तो शाकाहारी लोगों ने उन्हें बाहर कर दिया भागो यहां से तुम ये मछली कराची में सिख तो मुंजा भाई ठक्कर मुंजा भाई ठक्कर का बेटा हुआ जेना भाई ठक्कर और जेना भाई ठक्कर का बेटा हुआ मोहम्मद अली जिन्ना और यह इस्लाम धर्म अपनाया था और उसके बाद से ये कांड कर दिया तो अगर जिन्ना को हम लोग एलिमिनेट कर देते ना तो पाकिस्तान बनता ही नहीं नाथूराम गोट से हमको लगता है इसने किसी ने गलत सुपारी दे दी थी फोटो दिखाने में गलत कर दिया मारना है इसको मार दिए उसको जाके भाई मारना था तो जिन्ना को मार देते यार हम लोग तो बदनसीब थे भैया हम लोग तो अभी जन्म लिए हैं आजादी के समय हम लोग नहीं थे बट इनफैक्ट एक कॉमन सेंस भी रहता अगर हमें ही मारना रहता तो भाई हम गांधी को क्यों मारे 80 साल का बूढा तेज धकेल देंगे तो मर जाएगा इंसान उसको मार दिया कितना बेशर्मी

59:16 का बात है यहां पे जिन्ना को मार भाई सारा बवाल खत्म हो जाएगा यार वही ना मचा रहा है यहां पे आप उस आईडियोलॉजी के नहीं हो जहां पे लोग डिबेट करते हैं ना कि गांधी जी ने ऐसा किया गांधी जी ने ऐसा किया क्या कहां कौन से प्रस्ताव में गांधी ने लाया देश का विभाजन हुआ सीआर फार्मूला चक्रवर्ती राजगोपालाचारी लास्ट में थे सरदार पटेल ने भी सहमति उस समय थी जवाहरलाल नेहरू की भी सहमति थी सब की थी कारण क्या था जिन्ना था सिंपल सा कारण उसका जिन्ना था जब जिन्ना को लग गया और 1945 में शिमला सम्मेलन उसमें जिन्ना की बात ही नहीं मानी गई 1945 में और वहां कांग्रेस में बोला गया तो इसने मोहम्मद अबुल कलाम आजाद गए वहां पे तो 1945 में शिमला सम्मेलन में जिन्ना को लग गया कि ये लोग ना आजादी देने वाले हैं ना देश का विभाजन करने वाले हैं ये लोग बस

1:00:02 आजादी देके चले जाएंगे तो जिन्ना ने उसके एक साल बाद 16 अगस्त 1946 को ओपन बोला था डायरेक्ट एक्शन प्लान दंगा फैला दिया हर घर में दंगा हर शहर में होने लगा हर शहर में होने लगा जिन्ना को मारो खत्म कहानी ये सिंपल सी बात बताते हैं जिन्ना को मार देते तो कौन इंसान आता आजादी की मांग करने के लिए कौन था कोई नहीं जिन्ना को पूछता कौन है विप्रो कंपनी के मालिक है ना अजीम प्रेम जी हम विप्रो उन्हीं की है हम अजीम प्रेम जी के पिताजी थे मोहम्मद प्रेम जी उनको जिन्ना ने ऑफर दिया कि आप क्या करें वो हिंदुस्तान में ये आपका मुल्क है पाकिस्तान यहां आइए हम आपको वित्त मंत्री बना देते हैं हम फोन काट दिया रख देश बनाया यहां पर

1:00:47 इस इंसान ने ठुकरा दिया ₹2 करोड़ दान देते हैं विप्रो से हमारे रतन टाटा साहब ये लोग देश के लिए हीरा हैं ये लोग तो अलग टाइप का था जिन्ना नहीं रहता तो विभाजन कभी नहीं होता अच्छा उसके बाद भी वो लोग क्या कर रहे थे जो विभाजन को स्वीकार कर लिए बाकी लोग इसका मतलब आप यह मानते हैं कि वह 80 साल का बुड्ढा जो चल नहीं सकता था जिसको दो इंसान उठा के ले जाते थे उसमें इतनी ताकत थी और आपके नौजवानों में कोई ताकत नहीं थी दोनों बात आप एक साथ नहीं बोल सकते तो आप इसको एक्सेप्ट कीजिए एक और आप कहते हैं कि सारे नेता का योगदान है एक और कहते हैं यही अकेले सब कुछ कर दिया आजादी की श्रेय में यहां एक कोई किसी को दान देता है 2 किलो अनाज केला फल देता है ना

1:01:34 तो चार ठो फोटो खिंचवाता है एक कोई घर बनवाता है तो 10 फोटो खिंचवाता है इंडिया मैच जीत जाती है तो लोग फोटो खिंचवाने के लिए लाइन लग जाती है देश जब आजाद हुआ ना तो सारे लोग जश्न मनाने दिल्ली में थे गांधी उस समय नवाखली में एक दंगे को कंट्रोल करने वाले थे और उस तब लॉर्ड माउंटबेटन ने देखा ना कहा कि दंगा कंट्रोल नहीं हो सकता है तब गांधी जी पहुंचे दंगा कंट्रोल कर दिया तो लॉर्ड माउंटबेटन ने कहा एक अकेला आर्मी है वो वन मैन आर्मी क्या बात कर सकते हैं उसको गांधी को और ये गांधी को गाली दे सकते हैं लोग ना इसीलिए कि देश गांधी का है यह देश गांधी का है वरना पाकिस्तान में रह के जिन्ना को गाली देंगे मार देता सब वो बोल भी पा रहे हैं और हमको एक चीज बड़ा

1:02:20 अब सत्य लगता है उस समय नहीं लगता था आइंस्टीन ने कहा था कि आने वाले 100 200 सालों में कोई बिलीव भी नहीं करेगा कि ऐसे हाड़ मांस का शरीर वाला इंसान भी भारत में था उसको पहले से आभास था आइंस्टीन को कि लोगों की मेंटालिटी अभी तो 100 साल भी नहीं बीता है लोग गालियां देना चालू कर दिए गांधी जी का फोटो नोट पे क्यों है व्हाई डू यू थिंक मतलब हर देश में जो फोटो होती है वह एक ऐसे इंसान की होती है जो एक लंबे समय तक देश को नेतृत्व संभाला हो एक मुश्किल दौर में लंबे समय तक कई बार आप देखिएगा ना मैच में कोई ऐसा इंसान मैच जीताता है ना ज्यादा रन नहीं मारा है लेकिन मुश्किल दौर पर विकेट को बचा के रखा था तो गांधी वही खिलाड़ी था मुश्किल दौर में बचा के रखा था वर्ल्ड वॉर वन के बाद उन्होंने जो संभाला यहां पे और गांधी

1:03:07 गांधी रहता तो मुस्लिम लीग बना कहीं नहीं रहता 1906 में ये क्या कर रहे थे 1916 में जब कांग्रेस और मुस्लिम लीग के बीच लखनऊ में समझौता हुआ तो सरदार ये बाल गंगाधर तिलक जी थे वहां पे उनके उपस्थिति में समझौता हुआ वहां पे एनी बेसेंट थी लखनऊ समझौता में होने ही नहीं देना चाहिए था उसी समय अब जड़ मसल के खत्म कर देते मुस्लिम लीग बनता ही नहीं तो मांगता कौन जिन्ना अपने पैरेलल एक संगठन बना दिया 1909 में मुसलमानों के लिए अलग निर्वाचन क्षेत्र घोषित कर दिए कौन पागल था उस समय उसको नहीं पता था कि आप एक एरिया अलग दे रहे हैं कल को वो देश बना लेगा यही चीज जब 1932 में इंग्लैंड में रमजे मैकडोनल करना चाहता था महात्मा गांधी वहां गए और टेबल पर मीटिंग चल रही थी राजा बैठा था

1:03:52 प्रधानमंत्री बैठे थे गांधी उठ के चले आए और जब यहां आए तो लोगों ने पूछा कि क्या आए हैं तो उन्होंने कहा कि मैं खाली हाथ आया हूं लेकिन देश के इज्जत पर बट्टा लगने नहीं दिया हूं और 1909 में जब पृथक निर्वाचन दिया जा रहा था तो उस समय कौन गुनहगार था खैर जो ना गांधी को जान रहा है ना नेशनल फ्रीडम स्ट्रगल पढ़ा नहीं वो भाषण देगा तो उसको क्या सुन सकते हैं और सवाल उठाने वाले बहुत लोग हैं बिना पढ़े लिखे सवाल तो लोग सीता मैया पे उठा दिए थे तो गांधी जी क्या है तो गांधी और हम और आप क्या चीज है इस समाज का उसूल है जो इस समाज को उठाएगा समाज उसको मार देगा चाहे महात्मा बुद्ध को जहर देना हुआ हो चाहे अब्राहम लिंकन को मारना हुआ हो चाहे

1:04:38 सुकरात को हो चाहे ईसा मसीह को सूली पर चढ़ाना हो या फिर इमाम हुसैन को का कत्ल करना हो या फिर गांधी को गोली मारना हो या सीता मैया को अग्नि परीक्षा पर बैठाना हो ये समाज उसी को उंगली उठाता है जो इसे सहता है ये सब मामले में कृष्ण जी ठीक थे ये सब मामले में सबसे ठीकठाक है दुर्योधन ज्यादा नहीं क्यों ठीक थे सबसे ऐसे ये सब एक उनके लिए एक फिक्स था कि भाई एक लिमिट से ज्यादा कूदोगे तो काम खत्म कर देंगे इतना नहीं यहां पे कि कर्ण रथ से नीचे उतर गया था मारिए इसको तो काहे भाई इंसानियत जब द्रोपदी का चर चरहड़ हो रहा था तो इनका इंसानियत मर गया था टिट फॉर टाइट ये सब चीजों में ठीक थे

1:05:23 आप कौन से किसको फॉलो करते हैं हम सबको सबको सब यहां एक इंसान जिस मोहल्ले में रहता है सबसे संपर्क बना के रखता है वो पुलिस वाला है पोस्ट ऑफिस में टीचर है ये आईएएस है एक जज है और संपर्क बना के रखता है बड़ा खुश होता है तो फिर इतने बड़े-बड़े भगवान से क्यों बैर लेना भाई सबसे मिलजुल के रहो कोई दिक्कत कभी आएगी तो खुल के बोल सकते हो और क्या ये बताइए अगर कोई क्रिश्चियन है वो वाहेगुरु से कहे कि हमारी मुसीबत में आप मेरी मुसीबत है हमें इस मुसीबत से निकालिए तो क्या कहेंगे तुम क्रिश्चियन है इंसानियत सबसे बड़ा होना चाहिए सर्वोपरि अभी देखा जो जो बिल के ऊपर बात हो रही है व बोर्ड बिल वो क्या है क्या है ना कि रिलीजियस चीजें जो होती है ना अब जैसे सीए एनआरसी आया था ना हम ऐसा लग रहा था कि दुनिया पलट जाएगा तो ये

1:06:10 हो जाएगा तो वो हो जाएगा देश के लिए ये वो पता नहीं क्या हुआ पता ही नहीं चलता कुछ आपको मतलब कुछ जीएसटी आने वाला था तो इससे देश का विकास हो जाएगा ये हो जाएगा वो मीडिया में जो हवाबाजी चलती है उसको रियलिटी से बहुत अंतर होता है नोट बदल देंगे तो आतंकवादी का कमर टूट जाएगा सुसरा उसके बाद पुलवामा हुआ था बताइए इतना भयानक चलती सड़क पे बम से उड़ा दिया पठानकोट हमला हो गया यहां पर तो जो मीडिया मीडिया बाजी एक अलग चीज है ऑन ग्राउंड रियलिटी अलग चीज है यूसीसी है समान सिविल संहिता ऐसा लग रहा है कि भारत सिंगापुर हो जाएगा क्या हो जाएगा उसमें एक तो शादी ब्याह का रूल होगा कि भाई आप डिवोर्स देने का तरीका बदलेगा डिवोर्स नहीं खत्म होने तरीका बदलने वाला है कि आप कोर्ट से जाके डिवोर्स लीजिए सारे धर्मों के लिए एक जैसा हो जाएगा वसीयत का होगा कि

1:06:57 भाई बेटा का अधिकार है तो बेटी का भी अधिकार है लेकिन ऐसा देखिएगा यूसीसी में ऐसा लगेगा कि नहीं अब इंडिया में सबको सब

…

Share

YouTube Video Summaries