“I know Modi's weaknesses , its a secret says Subramanian Swamy in an explosive interview”的完整文字稿。点击时间戳即可从该位置打开视频。想要其他视频的字幕?试试 YouTube 字幕提取工具。
0:05 नमस्कार स्वागत है आपका पब्लिक इंडिया पर। मैं हूं नीलू व्यास। आज दर्शकों से मैं यह शेयर करना चाहती हूं कि मेरे पास कई लोगों ने मेल किया। कई लोग मैसेजेस लोगों ने लिखे कि डॉक्टर सुब्रमण्यम स्वामी से आप बात क्यों नहीं कर रही हैं। इतने सारे इश्यूज हो गए। बिहार का चुनाव निकल गया। एस्टीन फाइल्स में कितने लोगों का नाम आ गया। लेकिन डॉक्टर स्वामी बोल क्यों नहीं रहे हैं? तो आज मैं दर्शकों से यह शेयर करना चाहूंगी कि डॉक्टर सुब्रमण्यम स्वामी की तबीयत ठीक नहीं थी। ही है अंडरगोन अ बाईपास सर्जरी और अब ही इस फिट एंड फाइन। आज वो हमारे साथ है। डॉक्टर सुब डॉक्टर स्वामी आपका बहुत-बहुत स्वागत है। थैंक यू सो मच फॉर जॉइनिंग। हमारे दर्शकों की तरफ से मैं ये पूछना चाह रही हूं दैट हाउ आर यू फीलिंग नाउ? यू आर फीलिंग ओके? यू आर
0:51 फिट एंड फाइन। पीपल वर वेटिंग टू लिसन टू यू? जी बोलिए। इफ आई वास नॉट फाइन और अच्छी अच्छी तरह से मेरे स्वास्थ्य नहीं होता तो डॉक्टर्स तो आने ही नहीं देते मुझे सब पांच छह डॉक्टर्स ने मेरा भला किया और मुझे पूरा आई थिंक कल मैं पार्लियामेंट में था वहां एक भविष्य के एक एक इंपॉर्टेंट पर्सन का हम याद करने के लिए बैठे थे तो वहां गया तो किसी ने ये नहीं देखा कि इतना ही पूछा इतने दिन क्यों नहीं आए तो
1:39 मैं आज यही कहूंगा कि मैं अच्छे स्वास्थ्य में हूं और मैं डॉक्टर के अनुसार अभी भी जो वो कहते हैं ये मत करो वो करो ये करो उसको भी मैं ख्याल करता हूं। तो आज मुझे मैंने पूछा उन्होंने कहा हां इंटरव्यू तो हो सकता है। तो इसीलिए मैं आ गया। यस। सो फाइनली नीलू व्यास विल डू योर इंटरव्यू। और दर्शकों की तरफ से मैं यही कहना चाहूंगी और अपनी भी फीलिंग्स व्यक्त करना चाहूंगी कि हमेशा डॉक्टर स्वामी को लोग सुनना चाहते हैं और बहुत सारे मुझे मेल्स और मैसेजेस आए थे। तो अब मैं शुरुआत करूंगी आज के इंटरव्यू का और भगवान करे आप इसी तरह से स्वस्थ रहे और इसी तरह से खूब बोलते भी रहे। यही लोग सुनना चाहते हैं। तो मेरा पहला सवाल है डॉक्टर स्वामी कि
2:24 सबसे बड़ा जो इस समय जो चर्चा का एक विषय बना हुआ है वो है एस्टीन फाइल्स। मैं उसी से शुरुआत करूंगी और आपका मैंने देखा था अमेरिका में एप्सन फाइल्स का मतलब है कि जेफरी एस्टीन जो सेक्स ट्रैफिकर है और पीडोफाइल जो बड़े-बड़े लोगों के साथ संपर्क बना रहा था। उसमें प्रधानमंत्री मोदी का नाम आया। उसमें हरदीप पुरी का नाम आया। उसके बाद अब सचिन तेंदुलकर का भी नाम आ रहा है। हालांकि वो क्लाइंट लिस्ट है। मैं यह नहीं कह रही हूं कि सबने कुछ गलत काम किया होगा। लेकिन क्योंकि एस्टीम फाइल्स में हमारे प्रधानमंत्री का नाम है तो एस्टीमन फाइल्स में आपने ट्वीट किया और आपने लिखा कि अब जो समय की जरूरत है वो यह है कि जितने सीनियर बीजेपी के लीडर्स हैं जो चार
3:10 बार से ज्यादा लोकसभा और राज्यसभा के एमपीज हैं उनको बुलाकर इस पर बैठक की जाए क्योंकि हो सकता है कि बहुत सारी इसमें तस्वीरें अभी आए। तो इससे इंडियन पॉलिटिशियंस की छवि खराब होती है जो कि बिल्कुल सही बात है। लेकिन आपका क्या मानना है कि कैसे ये हो गया और मुझे याद है आपका एक इंटरव्यू जो आपने मेरे साथ पिछले साल किया था। आपने कहा कि मोदी जी की एक बहुत कमजोर नब्ज़ डॉनल्ड ट्रंप के पास है। तो क्या वो कमजोर नब्ज़ अब ये एस्टीन फाइल्स में है क्या? जी ये एस्टीन जो जो फाइल्स है उसमें इतना ही है कि लोग जो नेता थे लोग थे उनको महिलाओं से रिश्ता रखने में शौक थे तो
4:00 उनकी खुलासा हो रही है क्योंकि वहां अमेरिका का जो पार्लियामेंट है जिसको स्टेट स्टेट ऑफ यूनाइटेड स्टेट्स बोलते हैं वो उसमें यह मामला एक दस्तावेज में आ गया है। वह दस्तावेज अभी खुलने वाला है। खुलेगा तो सारे नाम बिल्कुल स्पष्ट हो जाएंगे और उसमें सिर्फ राजनेता नहीं परंतु जो सरकार में है जो ऑफिसर्स हैं इन लोगों का भी नाम आने वाला है। कई पत्रकारों का भी नाम है। तो मैं समझता हूं कि इससे हमारे देश में खटाई पैदा होगी और जरूर कई लोग कहेंगे कि ये सब झूठा है। ये अमेरिकन
4:50 शरारत है। ये सारी बातें कहेंगे। तो परंतु हमें जवाब तो देना ही पड़ेगा। और इसीलिए मैं समझता हूं कि इन माों में ये सवाल उठना चाहिए। प्रधानमंत्री मोदी विदेशों में क्या करते थे मैं नहीं जानता पर हिंदुस्तान में तो उनको इस प्रकार के शौकीन शौकीन थे वो कई जगहों में इसका उन्होंने लोगों से रिश्ता रखी ये सारी बातें तो हम सबको पता है पहले से तो ये पर्सनल लाइफ का हिस्सा हो जाता है कि भाई कोई अपने निजी जीवन में कौन क्या कर
5:35 रहा है? किस महिला से मिल रहा है? यह उनका पर्सनल मामला है। लेकिन अब अभी तक उसमें कोई नहीं जाता था। लेकिन क्योंकि अब एस्टीन फाइल्स में नाम आ गया है। एक सोशल मीडिया पर विषय बन गया है। तो क्या आपको लगता है कि बीजेपी या मोदी जी कभी इसको लेकर कोई स्पष्टीकरण देंगे या फिर एस्टीन फाइल्स भी पूरा दब जाएगा। जैसे हर मामला मोदी जी दबा देते हैं। हमारे संस्कार में जो पद में है उनको इसमें भाग नहीं लेना चाहिए। ये मोरारजी देसाई एक थे जिसके बारे लोग पत्रकार ये सब उनको खींचते थे। पर जनरली पब्लिक में वो समझते हैं कि एक व्यक्ति
6:23 हमारे नेता बनते हैं तो उनका यानी एक स्पष्टता होनी चाहिए। एक साफ साफ होना चाहिए। यह है और यदि यह लगता है कि वो इसके भी साथ थे, उधर भी थे, यहां भी थे तो उससे हमारी देश की जो प्रतिमा है खटती है। लेकिन आपको लगता है कि आप आप जैसे कह रहे हैं कि सारे नेताओं का कुछ अधिकारी हैं, कुछ पत्रकार हैं जिनका नाम है और वो महिलाओं के साथ मिले हुए थे। अ तो क्या हम यह मानकर चले कि विदेशों में जब मोदी जी जाते थे तो फिर कुछ इस तरीके की भी हरकत होती थी जहां वो महिलाओं के साथ तथाकथित
7:09 रूप से मैं एलेजिडली यूज करूंगी ये शब्द कोट कर रही हूं कि तथाकथ प्योरली बाय द बाय गोइंग प्योरली बाय व्हाट इस कमिंग आउट ऑफ एस्टीन फाइल्स और जिस तरीके से उसको कहा जा रहा है कि भाई एस्टीन फाइल्स में जिसका डॉन्ड ट्रंप का खुद का नाम था अब डॉनल्ड ट्रंप को तो इम्युनिटी मिली हुई है लेकिन अब डॉन्ड ट्रंप ऐसा लग रहा है कि एस्टीन फाइल्स का इस्तेमाल सारे देशों को ब्लैकमेल करने के लिए करेंगे और उनको एक मसाला मिल गया है। तो अब प्रधानमंत्री मोदी का नाम आना अपने आप में कितने कितनी बड़ी बात है तो है ही इसीलिए मैं कहता हूं कि हमारे देश के नेता बने तो उनको एक यानी एक शुद्ध जीवन होना चाहिए जिससे
7:55 कोई विदेश में कोई यानी या ट्रंप जैसे खुलेआम बोलता है और कोई और कुछ नहीं कर सकते वहां और उनके भी वैसे अमेरिका के जो संस्कार है उसमें ढील बहुत होता है तो हमारे देश में ये जरूर एक शिष्टाचार का मामला माना जाता है और इससे कुछ आधार होगी अभी तक कोई मैंने आधार देखा नहीं कोई आधार होगी मोदी के बारे में तो फिर मोदी का जो प्रतिमा है वह बहुत बुरी तरह एक गिरावट आएगी उसमें। नहीं लेकिन मोदी जी की जो छवि है और जो
8:41 प्रोजेक्ट की जाती है वो तो एक बहुत संस्कारी नेता के रूप में जो पूजा पाठ करते हैं। अभी देखिए ध्वजारोहण जब राम मंदिर का हुआ तो किस तरह से उन्होंने हाथ जोड़कर ध्वज को प्रणाम किया और कितनी लंबी-लंबी वो कहां से कहां वो ट्रैवल करते हैं दर्शन करने के लिए। तो वो तो एक संस्कारी नेता की उनकी छवि है सर। वो अभी नेचुरली वो सारी चीज प्रचार हो जाता है। उसको प्रचार करने में भी हमारे पार्टी के लोग इच्छुक है। परंतु इन इन बातों में जो है जिससे प्रतिमा कटती है वो छिपाने के लिए हो जाती है और छिपाने के बाद फिर बाहर मामला लिखती है तो फिर लगता
9:28 है कि दिस ने धोखा दिया हमें। तो वो वो वो जो परिस्थिति है उस परिस्थिति से मोदी के लिए यानी ये सब झूठा है तो मामला खत्म परंतु इसमें कुछ आधार आ जाए तो मैं समझता हूं कि उनको फिर रहना प्रधानमंत्री बहुत मुश्किल होगा। आपके क्या किसी बीजेपी नेता से बात हुई? आपने कहा कि इस समय किसी कोई ना कोई एक मीटिंग बुलानी चाहिए क्योंकि सबकी फोटोग्राफ्स आ सकती हैं। तो क्या बीजेपी में इसको लेकर हड़कंप नहीं है उन अधिकारियों में या जो लोग वहां बाहर गए और जिन्होंने कुछ संबंध बनाए और क्योंकि अब वो फाइल्स में नाम आ गया है तो कितनी बड़ी चिंता का विषय है ये और क्या बीजेपी में मैं मैं मैं उन पांच पांच छह लोगों को
10:13 नहीं छोड़ने चाहता हूं जिन्होंने कुछ किया है। गलत मैं चाहता हूं हमारे पार्टी में ऐसे लोग भी हैं जो शुद्ध हैं और उन लोगों को इकट्ठा करनी चाहिए और वरिष्ठ भी हैं और आरएसएस में भी ऐसे लोग हैं। इन इन लोगों को एक बैठक करनी चाहिए कि हमारी इतनी मेहनत करके इतनी बार चुनाव जीतने के बाद ये सारी चीज ऐसे ही गिर जाए। तो मैं समझता हूं कि इतनी ये देश के लिए बड़ा सही नहीं होगा क्योंकि कांग्रेस भी कांग्रेस भी तो ऐसे ही सबसे ज्यादा है जो राहुल गांधी के बारे में मैंने जो खुलासा
10:59 किया था तो लोग मुझे में भी पूछेंगे कि उस समय वहां को आपने खुलासा किया यहां क्यों नहीं करते हो तो एक तरफ मत करिए ये सारी चीजें आएंगी तो वो दिक्कत तो पैदा होगी। मैं आशा करता हूं कि आपने कहा कि कुछ शुद्ध लीडर्स हैं। आपने कहा कि एक शुद्ध लीडर्स हैं। उनको बैठकर विचार करना चाहिए कि नाम आया या नहीं आया। तो आपको क्या आपके सूत्र बता रहे हैं? क्या मोदी जी अशुद्ध है और क्या उनके जिस तरीके से संबंधों में खबर है आपके पास? किसी के नाम कहीं झूठे तरीके से या अनापशनाप तरीके से यह कहीं छप गई है तो फिर उनको हम मीटिंग में नहीं बुला सकते
11:44 क्योंकि फिर उनकी सफाई की सवाल हो जाती है तो उन लोगों को होनी चाहिए जो बिल्कुल शुद्ध रहे हैं और हमारे पार्टी में बहुत ऐसे लोग हैं जो बहुत शुद्ध रहे हैं। परिवार में रहते हैं। अच्छा परिवार है। तो ऐसे लोगों को इकट्ठा करके पांच चार पांच चार पांच लोगों को बैठाना चाहिए और इस मामले को विश्लेषण करना चाहिए कि कहां गलत हुआ क्या नहीं हुआ आपकी बात सुनकर लग रहा है कि आपको शायद कुछ चीजें पता है लेकिन आप बहुत ज्यादा इस समय बोलना शायद नहीं जानते डॉक्टर स्वामी देखिए ये ऐसा मामला है कि मैं जानूंगा भी मैं बोलूंगा नहीं
12:30 क्योंकि आखिर में किसी की जो करियर खत्म हो जाएगी उसको मैं बोलूंगा। हां किसी कोई व्यक्ति है जो मेरे पार्टी में नहीं है। दूसरे पार्टी में है उनका तो मैं धजी उड़ा सकता हूं। पर हमारे कार्यकर्ता इतने मेहनत करते हैं। इतने देश भर में आज हम उभर के आए हैं। और कई ऐसे हैं जैसे आरएसएस में लोगों ने सारा जीवन जो विवाह का है वो इन्होंने बिल्कुल छोड़ दिया है। तो ऐसे ऐसे हो ये सारी खत्म हो जाए या उसमें कुछ मिट्टी लग जाए तो मैं समझता हूं कि हमारे सारे लोगों के लिए बहुत बड़ा यानी एक
13:16 दुख की बात होगी। तो इसीलिए करना तो बहुत केयरफुली करना चाहिए। अच्छे लोगों को इकट्ठा करके एनालिसिस करनी चाहिए। कितना हुआ है और उन लोगों को निकालने के लिए कोई हेजिटेट नहीं करना चाहिए कि भाई तुमने ये कर दिया। अब ये बाहर निकल गया और ये हमारी पार्टी के लिए समस्या होगी और इसीलिए आपको त्यागत्र देकर चले जाना चाहिए। नहीं लेकिन आपको लगता है कि अगर ऐसी कोई बात अगर मैं अगर वर्ड यूज कर रही हूं अगर ऐसी कोई बात मोदी जी या किसी और के बीजेपी के नेता के जैसे हरदीप पुरी का भी इसमें नाम आ रहा है तो अगर क्या अब लोग तो ये कह रहे हैं कि भाई उनको रिजाइन कर देना चाहिए था उनका नाम आया है वो क्यों क्यों कहे कोई हमेशा जरूरी नहीं है ना कि कोई और प्रोजेक्ट की वजह से मिल सकते हैं क्योंकि ये तो अनिल
14:03 अंबानी का जैसे नाम आया कि अनिल अंबानी किसी डील की बात कर रहे थे जेफ्री एस्टीन से तो हमेशा हम उस गलत एंगल पे ही क्यों सोचे? हो सकता है कि जैसे स्टीव बैनन का नाम आ रहा है कि जो स्टीव बैनन है जो चीफ स्ट्रेटजिस्ट थे उन्होंने मुलाकात की मोदी से और उन्होंने जेफरी एपस्टीन का इस्तेमाल किया तो यह भी तो हो सकता है कि लोग मोदी जी से मिलने के लिए क्योंकि 2019 की बात बताई जा रही है कि मोदी बिल्कुल अपने पॉपुलैरिटी की चरम सीमा पर थे। उस समय बड़ा उनको मैंडेट मिला था और उसके बाद स्टीव बैनन उनसे मिलना चाह रहे थे। तो जेफ्री अपस्टीन की उन्होंने मदद ली। तो हम इस निष्कर्ष में कैसे पहुंचे कि नहीं मोदी जी ने कुछ गलत काम किया होगा? नहीं हमने कहा निष्कर्ष में नहीं पहुंचे। मैं तो कह रहा हूं ना पांच लोगों को इकट्ठा करो और वो बैठकर के देखेंगे कि
14:51 मटेरियल क्या है। और फिर एक शिष्टाचार के साथ जिनको उतारना है उतार देना चाहिए। बिल्कुल। ठीक है। अब मैं अपना टॉपिक चेंज कर रही हूं। एस्टीन फाइल से अब आगे बढ़ती हूं। और आज ही की जो खबर है अभी कुछ ही देर पहले की यह खबर आई है कि आईएमएफ गिव्स इंडिया अ सी ऑन इट्स जीडीपी एंड द नेशनल अकाउंट्स डेटा द सेकंड लोएस्ट ग्रेड। अब ये बताइए सर कि इंडिया की रेपुटेशन क्या बिल्कुल स्टेक पर नहीं आ गई है? क्योंकि सी सेकंड लोएस्ट ग्रेड आईएमएफ की रेटिंग में माना जाता है और नेशनल अकाउंट्स जो इंडिया का है और इनफ्लेशन डेटा है उसके जो उसकी असलियत कभी हमें पता ही नहीं चल पाती। अब आईएमएफ ने अगर उसको सी दिया है
15:38 ऑन इट्स जीडीपी। बेसिकली द स्टोरी इज दैट आईएफ हैज़ नोटेड दैट इंडियास नेशनल अकाउंट्स एंड इनफ्लेशन डेटा डू नॉट एडिक्वेटली कैप्चर द की एस्पेक्ट्स सच एस द इनफॉर्मल सेक्टर एंड द पीपल्स स्पेंडिंग पैटर्न्स। तो हमारे ऊपर ये कितना बड़ा प्रश्न चिन्ह है। आप तो एक इकोनॉमिस्ट खुद रहे हैं सर। आपके नजर नजरिए से ये खबर कितनी बड़ी है और कितना बड़ा सवाल और निशान खड़ा करती है मोदी सरकार के ऊपर। मुझे तो कोई आश्चर्य नहीं है और मेरी आर्टिकल्स है अखबारों में देखोगे हिंदू न्यूज़ पेपर ऐसे और जो उत्तर भारत में जो पेपर्स है उसमें हमारे आर्टिकल्स बहुत पहले से आए हैं कि
16:23 ये सारे जो आखिर में इसे देखिए जीडीपी कहते हैं। उस जीडीपी में कौन सा किस किस लेवल पर उसको आलू और और और कोई और को जोड़ना है तो फिर हम उसकी दाम को देखकर हम उसको जोड़ते हैं। तो वो वो एक बहुत अहम बात है। उसकी तैयारी में झूठ भी आ सकती है और उसको हम बाहर निकाल सकते हैं। मैंने निकाला है। शुरू में मैंने बहुत किया। 2016 17 आप देखोगे तो मैंने प्राइम
17:10 मिनिस्टर से मिलकर बताया कि ये जो हो रहा है जो जेटली कर रहे हैं ये सारा उल्टा सुल्टा है और ये सब बाहर आ जाएगी बट पब्लिक में तो सब जय जयकार हो रही थी हमारे कार्यकर्ता सब खुश थे और कह रहे थे कि स्वामी को फाइनेंस मिनिस्टर ने नहीं दिया तो इसीलिए वो ये सारी बातें कह तो मैं चुप हो गया मुझे क्यों करना है तो मैं आज कहता हूं आज हमारी जो डाटा सिस्टम है उसमें बिल्कुल महा यानी उसमें बहुत बड़ी प्रयास करनी चाहिए उसको शुद्ध करने के लिए उसके लिए एक दूसरा एक एक्सपर्ट कमेट को बिठाना चाहिए। नहीं लेकिन यह डाटा क्यों
17:57 नहीं मोदी जी कैप्चर कर पा रहे या निर्मला सीतारमण फाइनेंस मिनिस्टर है क्या उनको ज्ञान नहीं है या फिर क्योंकि ये कहा जा रहा है कि आप अपने इनफॉर्मल सेक्टर को और लोगों के स्पेंडिंग पैटर्न को आप नहीं कैप्चर कर पा रहे। ये कितनी बड़ी बात है। ये तो बहुत मुश्किल काम नहीं है जो कराया जा सकता था। लेकिन ऐसा लग रहा है कि ये जानबूझकर नहीं कराया गया। मैं मैं तो कहता हूं कि निर्मला सीतारमण के काल में तो जानबूझकर हुआ। अभी तो जो जो भी आए हैं वो है कि नहीं है मैं नहीं जानता बट मैं तो उस समय एक बोल रहा था और मेरे ऊपर टूट पड़े ये कि हमारी पार्टी का ही बुराई कर रहे हैं तो मैंने कहा ठीक है तुम्हें सुनना नहीं है तुम पब्लिक को सुनाने के लिए कोई मेरा कोई
18:44 औचित्य नहीं है या मेरा कोई इसमें आधार नहीं है तो इसीलिए मैं नहीं मैं बोलूंगा और इसीलिए मैंने छोड़ दिया वैसे ही चाइना का जो जमीन उन्होंने हड़प कर ली। आज तक मोदी ने उसको पब्लिकली बताया नहीं कि कितना उन्होंने हमारे देश में जो जो जिस पर कोई सवाल ही नहीं था कि वो ये चाइना का है ये हमारे वहां उन्होंने घुस के किया। मैंने बहुत कहा था 2020 में 2020 में तो कोई नहीं मैं सुना तो मैंने छोड़ दिया। कोई आपके अखबार वाले भी बहुत जय जयकार कर रहे थे उस समय और कहा कि मेरा फ्रस्ट्रेशन है ये तो मैंने कहा ठीक है तुम जो अपने
19:30 अपना नाश करने चाहते हो करते रहो नहीं लेकिन मुझे सवाल ये एक चीज जो समझ में नहीं आती मोदी सरकार की कि उनको कमियां पता है कमियां कहां पर है चाहे वो इकॉनमी हो चाहे और भी फ्रंट्स हो लेकिन करेक्टिव मेजर्स अगर बताने वाले लोग हैं जैसे आप थे। आप खुद बीजेपी में हैं। एक वरिष्ठ नेता हैं। बीजेपी के अंदर रह के आप बीजेपी को कितनी अच्छी चीजें बता सकते हैं। लेकिन ना निर्मला सीतारमण आपकी बात सुनती है। ना मोदी जी आपकी बात सुनते हैं। और फिर इसी तरीके का डाटा और हमारी ग्रेडिंग होती है जो सेकंड लोएस्ट ग्रेड आईएमएफ ने दे दिया। आज क्या कहेंगे? आज तो भारत की ही इससे भारत का ही नाम खराब हो रहा है ना। और मोदी जी अपने हर रैली में और ये कहते रहेंगे। देखिए हम कितनी बड़ी अर्थव्यवस्था दे दुनिया में बन गए। जीडीपी के हिसाब से देखिए कितनी बड़ी
20:16 अर्थव्यवस्था है। क्या कहेंगे सर उस पर? अभी तो सुनने के लिए तैयार है तो मैं क्या करूं? वो तो चाहते ही नहीं थे पहले शुरू में। जब तक सरकार नहीं बनी तब तक तो हमारी बहुत मांग थी क्योंकि मैं उस समय कांग्रेस की धजी उड़ा रहा था। इतने बड़े सारा केस डालकर पार्लियामेंट में गए कोर्ट में जाकर के इनको सजा देने के लिए मैंने कहा और उनको जमानत देना पड़ा। ये सारी चीजें हुई। परंतु जब मैं अपनी बारी आई तो वहां बोलना ही गलत हो गया था। कुछ नहीं कहना। तो मिनिस्टर नहीं बनाए इसीलिए गुस्सा में
21:03 मुझे क्या मैं तो कई बार मिनिस्टर बन चुका हूं और मैं छह बार पार्लियामेंट का मेंबर रहा हूं यानी मुझे तो आज देश भर में मैं घूमता हूं तो कोई पूछता ही नहीं है कि तुम एमो नहीं हो सब सुनते हैं और उससे और चिढ़ते हैं तो मैं मैं कहता हूं कि ये दुर्दशा है मैं क्या करूं उसके बारे जो जिनकी जिम्मेदारी है उनसे पूछना चाहिए मुझसे क्या पूछा गया निर्मला सीतामण को खड़ा करिए और 10 प्रेस वाले उनको सवाल पूछे वो होता नहीं है और वो अच्छे लोग आएंगे पत्रकारों में तो वो
21:48 आएगी नहीं और वो चमचे को लाएंगे तो तो कोई फायदा ही नहीं है। बिल्कुल नहीं इन इन ऐसे सब्जेक्ट्स पे तो खैर में मीडिया जो है डिस्कशन भी नहीं करता और करेगा भी नहीं हमें उम्मीद भी नहीं करनी चाहिए कि करेगा जो कि जो मीडिया का हाल मोदी जी ने कर दिया है 11 सालों में कि अब मीडिया की हिम्मत ही नहीं है कि वो ऐसे सब्जेक्ट्स को उठा पाए। लेकिन सवाल ये उठता है कि सर मुझे ये बताइए कि जिस तरीके से अभी एक स्क्रोल ने स्टोरी की है। आपको याद होगा जब इलेक्टोरल बों्स वाला इशू हुआ तब भी मैंने आपके साथ बातचीत की थी। अब तो स्क्रोल ने एक इन्वेस्टिगेशन किया है कि टाटा ग्रुप ने 758 करोड़ बीजेपी को दिए थे सिर्फ सेमीकंडक्टर प्लांट लगाने के लिए। उसी तरीके से एक मुरुगप्पा ग्रुप है जिन्होंने 125 करोड़ दिया। काइनेस टेक्नोलॉजी उनके
22:35 तरफ से उन्होंने पैसे दिए हैं। तो ये जो चंदा दो और धंधा लो का जो मॉडल है ये क्या कर दिया है मोदी जी ने? और मोदी जी तो कह रहे थे अपोजिशन से अपोजिशन से केस क्यों नहीं फाइल करते हैं कोर्ट में मैं क्यों करूं हर चीज में नहीं जानना चाह रही हूं आप कहिए नहीं मैं आपका व्यू जानना चाह रही हूं चंदा दो और धंधा लो का जो मोदी जी का मॉडल है हो सकता है मैं मैं तो मैं किसी पोजीशन में नहीं हूं इसका सवाल उठाने के लिए कुछ बोलेंगे तो कह देंगे उनको मिनिस्टरशिप नहीं दिया तो इसीलिए इसलिए बोल रहे हैं। कहां अखबारों में मेरा विश्लेषण मैं जो बोलता हूं उसका विश्लेषण होता है। तो
23:21 इसीलिए मैं मैं क्यों इसमें मैं कहा अच्छा पार्टी को रहने दो लेकिन चलने दो कांग्रेस को आने नहीं देना चाहिए। इसके लिए भी अच्छा है। सर मोदी जी जिस प्लैंक पर जीत कर आए थे कि ना खाऊंगा ना खाने दूंगा। आपको लगता है कि मोदी जी बड़े ईमानदार नेता है और यह जो उन्होंने इंस्टट्यूशनलाइज कर दिया नॉर्मलाइज कर दिया भ्रष्टाचार को उसको क्या कहेंगे? मैं कुछ कहने की जरूरत ही नहीं है। आप लोग कहिए पत्रकार कहे पब्लिक पूछे मैं ही पूछूं। आप डर गए जी से मैं हां वो कह सकते हैं मैं डर गया हूं। परंतु मैं बोलूंगा तो कहते हैं इसको ईर्ष्या हो गई। आप पहले तो बोल मिनिस्टरशिप इसीलिए कर रहे
24:07 हैं। अपनी पार्टी का ही बुराई कर रहे हैं। ये ये सब मुझे सुनना पड़ेगा। नहीं नहीं तो मुझे ये बताइए पार्टी के लिए मुझे ये सब कहना पड़ेगा। इसका मतलब डॉक्टर स्वामी को पार्टी में किसी ने कहा है कि थोड़ा कम बोलिए क्योंकि आप तो बोल किसी ने नहीं बोला किसी को हिम्मत नहीं है। बोलेगा तो मैं उसको मुंह तोड़ जवाब दूंगा। किसी ने आज तक मुझे नहीं बोला है। और बोल भी नहीं सकते। हम इतना पुराने हैं हम जनता पार्टी के टाइम से हैं तो इसीलिए उसमें मत जाइए। सवाल ये है कि मैं उठाऊंगा तो आपके अखबारों में से ही यह बात निकलेगी। स्वामी का फ्रस्ट्रेशन हो गया। उसको कुछ नहीं
24:53 मिला। उसको एक कमेट नहीं मिला, ये नहीं मिला, वो मिला। जैसे मुझे पहले कभी नहीं कुछ मिला। ऐसा तो नहीं है। तो इसीलिए मैंने कहा होने दो आज एक जमाना आएगा जब ये सब बदलेगा और मुझे तक मुझे लगता है कि नहीं लेकिन आप ये तो मानेंगे डॉक्टर स्वामी आप ये तो मानेंगे कि ये चंदा दो और धंधा लोग का बिल्कुल एक नया मॉडल मोदी जी लेकर आए हैं भ्रष्टाचार का। ये तो आप मानेंगे ना। तो क्या मैं क्या करूं? वो लेकर आए थे। मैं तो सिर्फ इस बात पर आया था कि हिंदुत्व के लिए हम क्या कर सकते हैं और हमारी पार्टी क्यों आनी चाहिए क्योंकि हम जो राम मंदिर का था या कृष्ण मंदिर का था या और कुछ थी इतने इतने
25:43 शताब्दियों शताब्दियों के शताब्दियों में हिंदू हिंदू दबे रहे उनका जो मान है उसको जो आवश्यकता है उसको पूरी करने के लिए करनी चाहिए और वो किया ही नहीं। राम मंदिर के लिए भी मेरा पिटीशन था सुप्रीम कोर्ट में। इसका विरोध मिस्टर मोदी ने किया था उसके चमचे के साथ। इन्होंने एक पिटीशन फाइल किया था कि इसको इसको टाल जाना चाहिए। पर सुप्रीम कोर्ट ने मेरी बात को मानी थी और आपने बात आपने यह बात मेरे पहले के इंटरव्यूज में भी कही है कि मोदी जी ने विरोध किया था। लेकिन आज तो मोदी जी से बड़ा कोई राम भक्त है नहीं। अभी ध्वजारोहण जिस दिन हुआ उस दिन उन्होंने क्या कहा कि
26:30 रोम रोम में हमारे राम बसते हैं और राम भक्त ऐसा लग रहा था कि उनसे बड़ा कोई है ही नहीं। तो मोदी इस समय तो मोदी जी से बड़ा राम भक्त कोई है नहीं। आपको लगता है कि मोदी जी इतने बड़े राम भक्त हैं। पब्लिक इसको विश्वास करेगी तो पब्लिक की नाश होगी। मैं मुझे क्या है? मैंने जो करना था मैंने कर दिया और वो भी जब अशोक सिंघल मेरे घर में आकर रोए कि मेरा जीवन का था कि राम मंदिर बनना चाहिए और किसी कोई मुझे साथ नहीं दे रहा आप करिए तब मैं सुप्रीम कोर्ट में गया था और सुप्रीम कोर्ट में हम जीते और उसको रोकने के लिए पिटीशन भी मोदी जी की जो राम भक्ति है वो नकली है
27:15 क्योंकि देखिए वो जिस तरीके से बड़ा सा एक सेरेमनी किया उन्होंने ध्वजारोहण की इनकंप्लीट मंदिर था उसकी प्राण प्रतिष्ठा हो गई 2024 में उसको लेकर भी आलोचना हुई थी उस समय भी मैंने सवाल ये था जब सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दे दिया है तब उसमें कूद के अब ये सब करेंगे इसका कोई मतलब नहीं है हम हम इसमें नहीं इसको महत्व नहीं देते जब हम लड़ रहे थे तब क्या सपोर्ट आपने दिया हमें मैं पूछना चाहता हूं आपने कोई पिटीशन फाइल किया कि ये होना चाहिए? नहीं किया। आपने कुछ सरकार से जब आप सरकार में आ गए थे। अब एक एक नोटिस इशू कर देते और कोर्ट की जरूरत ही
28:02 नहीं होती। तो ये कुछ नहीं किया। बनने के बाद मैंने किया। ये समस्या है मोदी का और उसमें हम क्यों पड़े? क्योंकि हम अकेला खड़े हो जाए तो कहते हैं कि इसकी फ्रस्ट्रेशन है तो मेरा तो फ्रस्ट्रेशन है ही नहीं। मुझे तो हजार चीज करने के लिए है और मैं कर रहा हूं। अभी कोर्ट में कितनी बार मैं जा रहा हूं। कितने अच्छे-अच्छे कामों के लिए हम जीत रहे हैं। तो मैं मैं समझता हूं कि मोदी की इतनी आप झुक कर सुनने के लिए तैयार हैं। तो फिर तो आप आप करिए। आप ये हिंदुस्तान की इससे बड़ा कर देंगे। हिंदुस्तान की कर देंगे। अब हमारे लड़ाई हुई थी पाकिस्तान से। अमेरिकन
28:49 आ चुप हम चुप बैठ गए। पाकिस्तान में जाकर के उनके जो चार प्रांत है उसमें से तीन को तोड़ सकते थे। सब तैयार थे। हमने नहीं किया क्योंकि कहीं और का चाबी से आप डर गए। ऑपरेशन सिंदूर के बाद तो बिल्कुल ऐसा लग रहा है कि मोदी जी डर ही चुके हैं। अब तो वो चू भी नहीं करते। पाकिस्तान का नाम भी नहीं लेते। देखिए बिल्कुल और सब पाकिस्तान के जो अखबार है सब मेरे पीछे पड़े हैं। जैसे मैं देश का प्राइम मिनिस्टर हूं और कुछ बड़ी चीज करने वाला पाकिस्तान का तो चार टुकड़ा एक दिन होना ही है। हम एक पांच था एक तो टूट गया बांग्लादेश। अब
29:35 ये चार में से चार टुकड़े होने हैं और वो एक कमी हम कर सकते हैं। उसमें तीन प्रांत तो हमारे पक्ष में है। एक पंजाब जो है वो वो कटर मुसलमान की है। तो मैं समझता हूं कि हमारे ये हित में है कि पाकिस्तान का चार टुकड़ा करना चाहिए। पर ये कोई प्लानिंग ही नहीं है इसमें। हां। अब मैं वापस चाहती हूं सर कि बिहार का चुनाव हो गया। बिहार चुनाव के बाद मैं आपसे बात जरूर करती थी लेकिन आपके बीच में तबीयत ठीक नहीं थी। तो बिहार का चुनाव बीता और उसके बाद सब ने ये कहा कि अगर वहां पर अपोजिशन की सरकार बनती तो मोदी जी कमजोर हो जाते। लेकिन अब जिस भारी मैंडेट से एनडीए की सरकार बनी है। किसी की हिम्मत
30:21 नहीं है कि मोदी जी को अब प्रधानमंत्री की कुर्सी से हटा दें। आपने ही कहा था कि वह 5 साल का कार्यकाल पूरा नहीं करके आ पाएंगे। पूरा नहीं कर पाएंगे। लेकिन अब तो लग रहा है कि 5 साल का वो कार्यकाल भी पूरा करेंगे और 2029 में भी वो प्रधानमंत्री बनेंगे। क्या कहेंगे डॉक्टर स्वामी? नहीं बनाने वाले तो पब्लिक है। बनाने वाले तो एमपीज, एमएलए हैं। बनाने वाला पार्टी का मेंबर्स हैं। और मैं आशा व्यक्त कर सकता हूं और हिम्मत कर सकता हूं। मुझे कोई डरा नहीं सकता। मुझे कोई दबा नहीं सकता। मुझे कुछ चाहिए नहीं। तो इसीलिए मैं लगा हूं और एक दिन सही निकलूूंगा। ये तो हमारे इतिहास में हुआ है। कई बार जो जो लोग उस समय बोले थे
31:10 हमारे आजादी के आंदोलन में उसको सब लोग हंसते थे। अब बाद में धीरे-धीरे उनहीं की बात हो गई। तो मैं यह कहता हूं कि आप राजनीति में आए तो फिर आपका निष्ठा अच्छा है तो फिर आप राज देश के लिए क्या अच्छा है उसके लिए बोलना चाहिए आपका नुकसान हो ना हो आपकी आलोचना हो ना हो आपको ये हिम्मत होनी चाहिए कि पब्लिक को बताएं ये एक पॉइंट ऑफ व्यू है इनका पॉइंट ऑफ व्यू दूसरा है आप डिसाइड कर लीजिए लोग नहीं अब अब तो यही मानना है कि मोदी जी तो बहुत ज्यादा पावरफुल हो गए हैं। अभी जो बिहार की चुनाव के बाद जो विक्ट्री की जो विक्ट्री स्पीच थी उसमें भी उन्होंने बोला कि देखिए अब तो एनडीए का कोई बाल
31:56 बांका नहीं कर सकता। बीजेपी और पावरफुल हो गई है। यानी कि उन्होंने एक तरीके से अपनी सुप्रीमसी पार्टी में इस्टैब्लिश कर दी है। और जो लोग ये कह रहे थे कि नहीं आरएसएस उनको हटा देगा। वो सारी अब बेईमानी हो गई बातें। मोदी जी इस मोर पावरफुल देन व्हाट ही वास। इट सीम्स। ये आपका एनालिसिस है। हमारा एनालिसिस है। हमारा एनालिसिस है। बीजेपी गिरना नहीं चाहिए। तो जैसे पहले हुआ था टुकड़ा होकर के हमारे जो विरोधी हैं वो आ जाए पावर पे। हमें हमारे एक बहुत बड़ा एक लक्ष्य है वो है इस देश की जो संस्कृति है वो जो संस्कृति को दबाया अब मुसलमानों ने
32:41 और अंग्रेजों ने उस संस्कृति को वापस लाना है संस्कृति को आप आपको यह स्वीकार होगा अगर मोदी जी 2029 में भी कंटिन्यू करेंगे तो मुझे मुझे कोई आपत्ति नहीं है कि ये पब्लिक चाहती है तो करो और आप उसकी परिणाम आपको आएगा तब सोचो जहां तक मैं हूं किस परिणाम से मैं मैं चाहता हूं कि एक हिंदुत्व मानने वाली पार्टी होनी चाहिए। स्वामी आपने कहा कि परिणाम पब्लिक भुगतेगी। आप किस परिणाम की बात कर रहे हैं? क्या परिणाम होगा अगर मोदी जी कुछ आपकी आप अपने इकॉनमी अह इस तरीके से चलेगा
33:28 तो एक जरूर आज तो दबा के है पब्लिक को बोल नहीं जो जो लूट कर रहे थे वो और भी लूट कर रहे हैं। ये सब मैं तो बोलने की ये समय नहीं आया इसके लिए। मैं यह कहूंगा कि हमारे देश में बीजेपी को रहना चाहिए क्योंकि वह हिंदुत्व के लिए प्रचार कर रही है। हिंदुत्व के लिए क्यों? क्योंकि हजार साल के लिए हिंदुत्व को दबाया गया। सर संस्कृत को लाना है। संस्कृत को सब जगह हमें सिखाना है। सर मुझे ये बताइए हिंदुत्व की बात तो हम कर लेंगे बाद में लेकिन जो अभी बेरोजगारी है नहीं सर लोकतंत्र लूट रहा है। लोग ये
34:16 कह रहे हैं कि बीजेपी जो एनडीए की सरकार है मोदी और शाह साहब ने चुनाव आयोग को अपने जेब में रखकर और पूरा चुनाव लूट लिया। तो बाकी लोग क्यों चुप हैं? यह कांग्रेस के वाले क्यों चुप है? कम्युनिस्ट क्यों चुप है? जो इतने पार्टीज है वो चुप क्यों है? क्योंकि सबका एक दस्तावेज है कि तुमने ये किया वो किया। आपको मोदी को यानी हटाना है या कुछ उसको एक कुछ दिक्कत में डालनी है तो आपकी जो आपकी पोजीशन एक ग्रुप में अच्छे लोगों की होनी
35:01 चाहिए तो वो नहीं था। इंदिरा गांधी को भी उस समय मोरारजी देसाई जयप्रकाश नारायण ऐसे लोग बहुत थे। सब आए उन्होंने विश्वास दिलाया परंतु उन्हीं को दे दिया और पार्टी को तोड़कर वाजपेय चले गए। एक अलग पार्टी बना ली। तो मैं यह कहता हूं कि आज यह सवाल जरूर है परंतु इस सवाल का यह नहीं है कि मोदी के पास इतनी पकड़ हो गई कि इसको तुम भी सलाम करो। मैं नहीं सलाम करूंगा। कोई नहीं सलाम जो भी इस भारत की की प्रभु सत्ता के लिए है तो वो कभी नहीं हाथ इन सर आप मोदी जी को सलाम नहीं करते लेकिन
35:48 मीडिया सलाम करता है उनको जुडिशरी उनको सलाम करती है सलाम करता है सिवाय डॉक्टर स्वामी के ऐसा क्यों यही है ये कोई नई बात नहीं है इतिहास में आपको बहुत ऐसे मिलेंगे जो एक समय एक ही थे धीरे-धीरे फिर बादल पकड़ते गया। मैं उस दिन का वेट कर रही हूं। मैं उस दिन का वेट कर रही हूं। मैं उस दिन का इंतजार कर रही हूं जब डॉक्टर स्वामी अपना मन बदलेंगे और कहेंगे प्राइम मिनिस्टर मोदी इज अ ग्रेट मैन। [हंसी] देखो इंतजार करते रहो। [हंसी] लेकिन सर मुझे ये बताइए कि बिहार आपको नहीं लगता कि मोदी जी अब और ताकतवर हो गए हैं और अब तो उन्होंने बीजेपी को तो बचा ही लिया डूबने से। उन्होंने एनडीए के
36:35 कोिलेशन को भी ज्यादा ताकतवर बना दिया है। देखिए हिम्मत नहीं है आज नीतीश कुमार और चंद्रबाबू नायडू की कुछ भी बोलने के लिए। लोग देखिए बीजेपी सिर्फ जातिवादी के बातें नहीं करती। वो इकॉनमी के नाम की भी बात करती है। भले सही या झूठ हम अपने प्रभु सत्ता के लिए भी बोलते हैं। कई चीजें करते हैं। तो हमारे पास और ये पार्टी है। ये एक व्यक्ति का नहीं है। तो हम लोग उससे ही प्रभावित होते हैं कि अभी तो सर अभी तो बीजेपी मोदी जी के ही इर्दगिर्द है और तो कोई मुझे दिख नहीं रहा है। नाशा ना मोदी का को उतारने के लिए तैयार नहीं है।
37:23 ये कह सकते हैं वो उतारने के लिए क्यों कौन किसको लाना है और कौन फायदा उठाएगा? टूट जाएगा तो क्या होगा? ये चीजें है। नहीं तो आप ये कह रहे हैं कि अगर इस समय मोदी जी को हटा दिया जाएगा तो बीजेपी टूट जाएगी। नहीं मैं ये नहीं कहता हूं जोखिम तो है ही तो आप वो छोड़ेगा ऐसा इतने दिन रहने के बाद यानी तीन बार जो चुनकर आए हैं और मैं समझता हूं कि इससे निपटने के लिए बहुत सोच करना चाहिए। आरएसएस की जो चीफ है उसने एक मीटिंग की थी और मीटिंग में कुछ
38:09 नहीं आया। लोग प्रचार किया परंतु वो क्या समझते हैं एक मीटिंग करके उनका गिराउ मैं बीजेपी का बीजेपी बीजेपी नहीं मानता हूं। मैं आरएसएस का संचालक हूं तुम आउट तुम भी पहले एक प्रचारक थे। ऐसा वो कर नहीं सकते और लोग भी उससे खिन हो जाएंगे। तो ये एक चीज सोची जा रही है, बन रही जा रही है और आप थोड़ा और थोड़ा रुकिए। इसमें मोदी इस तरीके से चलेगा। कल कोई स्कैंडल अमेरिका में आ जाए तो मोदी के लिए और भी एक मुसीबत आएगा। नहीं तो आपको लग रहा है कि अगर मोदी जी का स्कैंडल अमेरिका में प्रूव हो जाता है। नहीं नहीं नहीं मैंने कहा मैं कहूं ये भी
38:55 एक बात जुड़ जाएगी क्योंकि कई लोग फर्सेस लगे हुए हैं जो विदेश में हैं जो अमेरिका में भी बहुत लोग हैं जो इनको किसी तरीके से गिराना चाहते हैं और पाकिस्तान तो बहुत लगी हुई है। तो इसीलिए मैं कह रहे कि अमेरिका के ऐसे बहुत सारे लोग हैं जो मोदी जी को गिराना अमेरिका बहुत लोग हैं इसको गिराने के लिए ये मूर्ख है समझने के कि अमेरिका में बड़ा स्वागत है कुछ नहीं है अमेरिका ने जब जब हमारे फौज पाकिस्तान की क्या कर रहे चार टुकड़ा बनाने की स्थिति में आ गए थे और चले गए थे इन्होंने रोक
39:41 दिया था क्यों क्योंकि अमेरिका ने रोकाओ रोक दिया और फिर उसमें डंडोरा पीटा क्यों आप रुके जो आजाद का आजाद कश्मीर कहा जाता है उसको तो कम से कम ले लेते आप तो घर चले गए थे पाकिस्तान तो डरी हुई थी इधरउधर तितरपुतर चल रहे थे तो उस समय क्यों आप आगे नहीं बढ़े बिल्कुल नहीं तो हम क्या माने मोदी डरपोक है कायर है या फिर उनके ऊपर दबाव है किसी चीज का क्योंकि उनकी कोई ऐसी मोदी मोदी जरूर डरपोक है क्योंकि एक बार मुझे उन्होंने खुद बुलाकर कहा कि अमेरिका में मुझे समाप्त करने के
40:29 लिए लगे हुए हैं। उस समय वो जो प्राइम प्रेसिडेंट था जो लंबा उसको मैं जानता था हार्व में जब वो स्टूडेंट थे और मैं प्रोफेसर था तो उनसे बात करिए और मुझे बचाइए यहां लंदन लंदन इकोनॉमिस्ट में ये ये बात आ गई है मुझे वो उस समय चीफ मिनिस्टर थे और कुछ नहीं थे। इतने डरे हुए थे। तो मैं जानता हूं कि ये खड़े नहीं हो सकते। नहीं खड़े होते तो वो दिखाना चाहिए था कि पाकिस्तान ने जब हमारे देश में ये
41:14 जो किया जब गंद बात की उन्होंने एक 26 मर्द को उन्होंने गोली से मारी जब उनकी बीवी उनकी जो पत्नी देखते रह गए और हम कुछ कर नहीं सके। अंदर गए और वापस आ गए। नहीं तो आपसे मेरा एक आखरी सवाल है डॉक्टर स्वामी कि मोदी जी ट्रंप के आगे इतने नतमस्तक क्यों है? उसका कारण क्या है? हो गया अभी तक जवाब नहीं मिला। गुड क्वेश्चन कुछ आपको याद है कि जब क्लिंटन आया था या और उसके पहले कोई था मोरारजी देसाई प्राइम मिनिस्टर थे। तो उसने कहा कि आपका यह पॉलिसी ठीक नहीं है वो पॉलिसी तो उन्होंने कहा नथिंग डूइंग आई वांट डू तो
42:02 उसने उस प्रेसिडेंट ने इंडिया में रहते हुए हमारे यहां आके उसने कहा कि अपने ऑफिसर्स को कहा जो माइक्रोफोन में आ गया कि इस बुड्ढा को सबक सिखाना होगा तो वो सारा प्रचार हो गया उसका तो वो फिर जाकर माफी मांग मांगा जो उस समय का जो प्रेसिडेंट था अमेरिका के उसने मोरारजी को माफी मांगी। तो ये हमारी एक स्थिति थी। हम हमें ये विदेशियों से अमेरिका हो, रशिया हो, चाइना हो हम अपनी बल दिखाना चाहिए। और मैं कहता हूं कि यह
42:48 हमारे पास वो बल है कि हमारे देश में रहते हुए हम कई नुकसान पहुंचा सके। पाकिस्तान लेकिन डॉक्टर स्वामी आप बल तब नहीं दिखा सकते जब आपकी कोई कमजोरी हो। मैं वही जानना चाह रही हूं कि मोदी जी की ऐसी कौन सी कमजोरी है जो मोदी जी ट्रंप के आगे बिल्कुल चुप है। बिल्कुल कोई कमी होगी। कोई कोई बात होगी? मैं मैं बताऊंगा। मैं क्यों बताऊं? आप पत्रकार है आप जाके पता करिए आपको पता है डॉक्टर साहब मैं मुझे तो बहुत चीजें पता है बट मैं बोलूंगा तो कहेंगे प्रूफ क्या है तो मैं प्रूफ दूं कि इसने दिस ये आदमी ने मुझे बताया तो फिर कल कल से कोई नहीं मेरे पास आएगा
43:34 लेकिन आपको मोदी जी के बहुत सारे राज पता है आप कह रहे हैं पता है और आप मोदी जी की और भी पोल खोल सकते हैं अगर चाहे तो नहीं मैं पोल खोल ही नहीं रहा हूं। मैं इसे यही कह रहा हूं कि ऐसा पॉलिसी होना चाहिए, वैसा पॉलिसी होना चाहिए। इतना ही कह रहा हूं। मैं कहां हूं? मोदी की खुलासा कर रहा हूं। मैं कौन सी ऐसी बात निकाली है जिससे मोदी जी तौर पर इंडिविजुअली स्पीकिंग क्या आप चाहते हैं कि मोदी जी कंटिन्यू करें बतौर प्रधानमंत्री ये सवाल नहीं है। मैं तो राष्ट्र के हित में बोलूंगा। मैं इंडिविजुअली मुझे कुछ नहीं है। तो राष्ट्र के हित में है मोदी जी। जाकर मुरी के सामने हाथ जोड़ के खड़ा हो जाऊंगा तो मुझे जो चाहिए तो दे देंगे। डॉक्टर स्वामी क्या राष्ट्र के हित में
44:21 मोदी जी का कंटिन्यू करना होगा? राष्ट्र हित की परिभाषा जो है वो मेरा दूसरा है आपसे। मैं अपने पार्टी की तो तोड़ने के लिए कभी तैयार नहीं हऊंगा। तो आप मोदी गए तो पार्टी टूट जाएगी। पार्टी टूटेगी नेचुरली। मैं आरएसएस की बात नहीं कर रहा हूं। वो नहीं टूटेगी पर पार्टी तो टूटेगी जरूर क्योंकि अब उसने जो इन लोगों को रखा है वहां तो फिर तो इसका मतलब ये हो गया कि मोदी जी अजर अमर प्रधानमंत्री रहेंगे। जब तक बीजेपी रहेगी मोदी जी प्रधानमंत्री होंगे। अब देखिए वो सब भविष्य में क्या होता है? कौन सी घटनाएं घटती है? जवाहरलाल नेहरू की ही धज्जी उड़ गई। एक
45:07 चाइना ने आकर खत्म कर दिया उसको। तो ये पंडित जी कोई पंडित जी के बुराई नहीं के स्थिति में ही नहीं थे तो परंतु एक दिन तो चाइनीस ने कर दिया तो ये ऐसे कभी सोचना चाहिए कि कोई कुछ नहीं कर सकता मैं क्यों करूं कांग्रेस क्यों नहीं करती और जो पार्टीज है ये क्यों नहीं करती ये क्यों डर जाते हैं तो ये ये मैं पार्टी में के अंदर बैठकर के मैं करूं आपके लिए। अब सब हिजड़े लोगों को मैं कंधे में बिठा के ले जाऊंगा। चलिए आपका बहुत-बहुत शुक्रिया। आई लव टू
45:52 एडिट हियर। थैंक यू सो मच डॉक्टर स्वामी फॉर जोइनिंग ऑन पब्लिक इंडिया। थैंक यू। थैंक यू वेरी मच।