क्या हम अपने ही देश में Refugee बन रहे हैं? Are Indian institutions failing us? | Raju Parulekar

简要总结

本视频总结了印度政治和社会面临的挑战,强调了选举舞弊、机构失灵、经济自由受限以及对少数群体的迫害等问题。重点包括:

  • 选举舞弊和反对派的回应
  • 各机构的失能和道德沦丧
  • 经济自由的侵蚀
  • 对少数群体的歧视和暴力
  • 呼吁公民行动和抵制选举

引言:对观众的问候和对 Raju Parulekar 的介绍

Sohit Mishra 欢迎观众观看新一集节目,并介绍了 Raju Parulekar。由于观众的强烈要求,尽管健康状况不佳,Parulekar 还是回到了节目中。Mishra 解释说,Parulekar 的健康问题阻止了他出现在之前的视频中,但观众不断询问他的下落促使他回归。

Raju Parulekar 的健康状况

Raju Parulekar 解释说,他正在康复中,但无法大声或长时间说话,因为他的声带上有一种叫做肉芽肿的病症。他透露,他一直在服用类固醇来治疗这种情况,并被告知不要说话。尽管如此,他还是决定在圣诞节之际与观众交谈,并表达了他对 Mohan Bhagwat 和 RSS 所传播的仇恨的失望。他强调了表达自己的重要性,并表示在这次谈话后他将恢复沉默。

对选举制度和 Rahul Gandhi 的批评

Parulekar 批评 Rahul Gandhi 提出了选举舞弊的问题,但没有采取任何行动。他认为,反对派不能仅仅指出问题而不提供解决方案。他感叹这个国家日益恶化的状况,并指出包括议会、行政部门、媒体、司法部门和选举委员会在内的所有机构都无法正常运作。他进一步批评了对罪犯的释放和对 Sonam Wangchuk 和 Umar Khalid 等公民的监禁。

对经济自由和政府政策的担忧

Parulekar 对经济自由的侵蚀表示担忧,并批评了政府的政策,如废钞、数字化和商品及服务税 (GST)。他认为,这些政策剥夺了公民的经济自由,并允许政府侵入他们的财务事务。他还批评了政府计划没收公民的黄金,并对他们征税。

对社会不公正和少数群体待遇的批评

Parulekar 强调了社会不公正和对少数群体的待遇,指出基督徒、达利特人和穆斯林不安全。他批评了强奸犯逍遥法外,而 Sonam Wangchuk 和 Umar Khalid 等人却被监禁。他还谴责了新兴的假圣人,并批评反对派未能采取行动纠正这些不公正现象。

呼吁抵制选举和采取公民不服从行动

Parulekar 呼吁抵制选举,并采取公民不服从行动,以抗议选举舞弊和政府的不公正政策。他认为,参与被操纵的选举只会使舞弊合法化。他进一步声称,这个国家不是由 Modi 或 Shah 的意愿统治的,而是由 Netanyahu 的意愿统治的,并且摩萨德的干预正在增加。

对 RSS 和政府的批评

Parulekar 批评 RSS 是一个恐怖组织,并谴责政府对少数群体的待遇。他强调,政府正在破坏这个国家的道德基础,如果不加以控制,这个国家将无法生存。他进一步批评了政府对森林砍伐和环境破坏的政策。

对公众沉默和反对派不作为的担忧

Parulekar 对公众对这些问题的沉默表示担忧,并批评反对派未能采取行动。他认为,人们更关心的是吃饭、喝酒和睡觉,而不是解决这个国家面临的问题。他进一步批评了反对派与执政党一起参加婚礼和聚会,这向公众发出了错误的信号。

对 RSS 意识形态和影响的分析

Parulekar 分析了 RSS 的意识形态和影响,声称它是一个婆罗门宗教,而不是印度教。他认为,RSS 正在利用种姓制度来分裂社会,并妖魔化穆斯林和基督徒。他进一步批评了 RSS 对历史的歪曲和对少数群体的迫害。

对当前局势的反思和结论

Parulekar 反思了当前的局势,并得出结论,自 2014 年以来,这个国家一直处于 RSS 的控制之下。他认为,政府正在对自己的公民发动单方面战争,并正在破坏这个国家的民主价值观。他呼吁人们抵制这种压迫,并为子孙后代维护正义和自由而奋斗。

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文字稿

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0:00 जो हम दो-ती साल से निरंतर कह रहे थे कि वोट चोरी हो रहा है। 2019 की इलेक्शन के बाद सारे इलेक्शन चोरी के हैं। वो बात अब राहुल जी कहने लगे। संसद हो, एग्जीक्यूटिव हो, मीडिया हो, जुडिशरी हो, इलेक्शन कमिश्नर हो, कमीशन हो, कमिश्नर भी है उसमें। कमीशन हो। इनमें से एक भी संस्था इस देश को देश को फंक्शन नहीं करा पा रही है। ये सब डिस्फंक्शनल है। भारतीय न्याय संहिता तो अमित शाह ने लिखी हुई है। बाबा साहब आंबेडकर के ताजमहल को इन्होंने अपनी ईंटें लगाई है। हम तो ये सारा जो हो रहा है चरमरा गया है।

0:46 उसके ऊपर विपक्ष का एक अपना स्टेटमेंट और एक्शन दोनों जरूरी है। सोनिया जी राजनीति से अह थोड़ी अलग हो गई। अभी भी है वो राजनीति में लेकिन फिर भी उसके बाद राहुल जी ने जिस पैशन से और जिस कंपैशन से और जिस गरिमा से एक झंडा लहराया है आजादी का उसे उनकी पार्टी साथ नहीं दे रही है कि इस देश की इलेक्शन की चोरी 2019 से हो रही है इसको आपको ठोस रूप से लोगों के सामने रखने का एक ही रास्ता है तो बॉयकॉट द इलेक्शंस लेकिन क्या बॉयकॉट करना किसी चुनाव को क्या बीजेपी को एक केक वक देना जैसा नहीं है? बिना इलेक्शन को बॉयकॉट किए इस देश में

1:34 गांधियन रेवोल्यूशन नहीं आ सकती। और वो गांधियन रेवोल्यूशन गांधियन यानी महात्मा गांधियन वो रेवोल्यूशन लाने के सिवाय अब कोई मार्ग नहीं है हमारे पास इस देश को फिर से पटरी पर लाने का। अगर बॉयकॉट करेंगे तो यह सत्ता में जो पार्टियां हैं वही आपस में लड़ेंगे और सत्ता विपक्ष पूरा ही अपना लेंगे और जो बोलने का थोड़ा बहुत तो प्लेटफार्म बचा है वो भी खत्म हो जाएगा। कि यह देश ना मोदी जी की इच्छा से चल रहा है ना शाह जी की इच्छा से थोड़ा बहुत चल रहा है। मैं यह मानता हूं कि यह देश और साउथ एशिया पूरा नेते की इच्छा से चल रहा है और मोसाद का इंटरफेरेंस कभी नहीं इतना बढ़ गया है। हम मोदी जी या हमारे प्रधानमंत्री जो भी है उनकी स्थिति वैसी है जैसी औपनेशिक भारत

2:21 में सिंधिया की स्थिति थी। हम ड्रेस बदलो, दरबार भरो अपने प्रजा का शोषण करो। इतना ही कर सकते हो आप। तो देश का पूरा नैतिक जो बेस है वो चरमरा गया है हम और ऐसा नैतिक चरमरा हो गया देश है ज्यादा देर तक खड़ा नहीं रह सकता हम टूट जाएंगे हम एक में देखा जाता है कि कैसे प्रधानमंत्री खुद चर्च में जाते हैं। चर्च में जा रहे हैं। वहां पर मास के समय बैठे हुए हैं और एक तरीके से क्रिश्चियन धर्म से उनका कितना पुराना रिश्ता है। पुराना नाता है, वह बताते हैं और जिस आरएसएस से वह आते हैं, जिस आरएसएस से के वह प्रोडक्ट हैं, उसी आरएसएस के जो दूसरी संगठनाएं हैं, वह जाकर दिन रात तोड़फोड़ करती हैं और जनता

3:08 को शायद नरेंद्र मोदी अलग लगते हैं और ये तोड़फोड़ करने वाले अलग लगते हैं। तो इसे आप कैसे देखते सावरकर बुद्ध धर्म के सबसे ज्यादा घृणा अगर सावर बदनामी अगर किसी ने की है तो सावरकर ने की यानी स्त्रियों पे रेप करो रिस्पेक्ट मिलेगा वो सावरकर की थैरी थी आरएसएस को मैं एक टेररिस्ट ऑर्गेनाइजेशन से कुछ अलग नहीं मानता [संगीत] दोस्तों नमस्कार और आप सभी का एक नए एपिसोड में बहुत-बहुत स्वागत है। मैं हूं सोहित मिश्रा। पिछले दिनों से जितने भी वीडियोस मैंने मेरे इस चैनल पर किए, जितने भी मुद्दे मैंने इस चैनल पर उठाए, हर एक वीडियो के नीचे कई कमेंट्स एक ही तरह के आते थे। वो कमेंट था कि इस मुद्दे पर राजू

3:54 परुलेकर सर को बुलाइए। इस मुद्दे पर आपको राजू सर से बात करना चाहिए था। राजू सर कहां पर हैं? राजू सर के वीडियोस क्यों नहीं आ रहे हैं? आप राजू सर से बात क्यों नहीं कर रहे हो? और आप में से कई लोगों को मैंने रिप्लाई करते हुए भी कहा कि राजू परुडेकर सर की तबीयत खराब है। सर जल्द ही वापस आएंगे और आप इंतजार कीजिए। सर को डॉक्टर ने आराम करने के लिए कहा है। लेकिन इसके बावजूद आप लोगों के ना मैसेजेस रुके और ना ही आप लोगों ने मुझे या फिर राजू सर को संदेश भेजना छोड़ा। यहां तक कि मैं आपको बताऊं कि विदेशों से मुझे मेल आए कि राजू परोड़ेकर सर कहां पर हैं? क्यों वह नहीं आ रहे हैं आपके चैनल पर? तो आप लोगों के चलते डॉक्टर की ओर से अनुमति नहीं मिलने के बावजूद 1% रिकवर नहीं होने के बावजूद राजू परुडेकर सर को आज हमने आप

4:39 लोगों के चलते हमारे चैनल पर वापस बुलाया है। सर सबसे पहले आपका बहुत-बहुत स्वागत है। नमस्कार सर। पिछले कुछ हफ्तों से सर की जो तबीयत है वो सही नहीं है। सर को बोलने से रोका गया है। यानी सरकार में तो हिम्मत नहीं है रोकने की। डॉक्टर की ओर से सलाह दी गई है कि सर को आराम करने के लिए कहा गया है। वह भी अब भी कहा गया था कि 15 जनवरी तक सर बात ना करें। सर किसी से मिले नहीं बात ना करें। तबीयत पर उनका असर पड़ रहा है। कई सारे बीमारियों से वो जूझ रहे थे। लेकिन इसके बावजूद पूरी तरीके से रिकवर नहीं होने के बावजूद सर आप आए इसलिए आपका बहुत-बहुत स्वागत है। अभी आपकी तबीयत कैसी है? लोग लगातार पूछते रहते हैं। मैंने छोड़ छोटा सा बताया भी कि डॉक्टर ने आपको बात करने से मना किया था। क्या हुआ?

5:24 अब आप कितने रिकवर्ड हैं? कैसी तबीयत है? अब रिकवर यानी इंप्रूव हो रहा हूं। लेकिन मुझसे ऐसा लगेगा लोगों को सुनते वक्त मुझे जिन्होंने पहले सुना है कि उतनी एनर्जी नहीं है। तो एनर्जी की बात नहीं है। मैं तेज आवाज में बात नहीं कर सकता। लंबी-लंबी बात नहीं कर सकता और लाउड बात नहीं कर सकता क्योंकि हमारी वोकल को जो होती है जिसकी वजह से हम बात कर पाते हैं उसके ऊपर एक ग्रेनुलमा नाम की एक स्थिति होती है। वो पैथोलॉजिकल कंडीशन है। वो वो हुआ था। हम तो उसके ऊपर नेज़लस्कोपी करने के बाद वो डायग्नोस हो पाया। हम और पता नहीं मेरे जीवन में मेरा और स्टेरॉइड्स का क्या संबंध है। लेकिन एक

6:11 स्टेरॉइड का किसी अन्य चीज के लिए मैंने खत्म किया। जबकि मुझे कोविड हुआ था बार-बार। लंबी स्टेरॉइड की दवा खत्म होने के बाद वो वजन बढ़ा था। वो वजन कम करने गया मैं नवंबर के बाद। जैसे-जैसे वजन कम हुआ फिर से एक स्टेरॉइड की बड़ी मात्रा में मुझे लेना पड़ा और बहुत ही जबरदस्त कोर्स था वो अभी खत्म हुआ लेकिन अभी भी ये हील होने की एक प्रोसेस होती है ग्रेनलोमा को तो वो अभी जारी है हालांकि डॉक्टर का कहना है कि मुझे बिल्कुल बात नहीं करनी चाहिए लेकिन ऐसा हो नहीं सकता स्थितियां ऐसी है कि हो नहीं सकता और दूसरी बात ये है कि अब क्रिसमस के मौके पर आप लोग जय श्री राम कहने के लिए मेरे पास आए। तो मैंने सोचा कि बजरंग दल की तरफ से मैं भी आपको जय जय

6:58 श्री राम कहूं [हंसी] और ऐसे ही आप ईद के मौके पर और क्रिसमस के मौके पर जय श्री राम कहने के लिए घर पे आया करेंगे तब मैं कितना भी बीमार हूं उठ के बात करूंगा आपसे क्योंकि मैं बड़ी इज्जत करता हूं मोहन भागवत और उन्होंने जो निर्माण किया है इस देश में और उनकी जो सारी बजरंग दल और बारी ऑक्सिलरी स्ट्रक्चर ने जो नफरत फैलाई है देश में उसको उससे आतंकित कम और अ मैं निराश ज्यादा होता हूं। लेकिन इस निराशा का एक ही उपाय है कि आप एक्सप्रेस करो। आप अगर लिख सकते हो तो लिखो। बात कर सकते हो तो बात करो। जी। तो आज मैं अभी आपसे जब बात करूंगा उसके बाद फिर से मैं मौन में जाऊंगा।

7:44 ये नहीं कि मैं लगातार निरंतर बात करना शुरू करूंगा। अलाउड ही नहीं है और करूंगा तो फिर बात ही नहीं कर पाऊंगा। सही डॉक्टर ने यह भी मुझे कहा है। हम तो यह एक मैंने थोड़ा टाइम लिया है। जी नहीं नहीं और हम सभी लोग इसके लिए शुक्रगुजार हैं कि आप आए और आप जल्दी स्वस्थ हो ये बात हो ये बात हम सभी चाहते हैं। लेकिन जैसे कि आपने कहा कि आप एक्सप्रेस करते रहे थे तो आप भले ही हमारे चैनल पर या YouTube पर या वीडियोस में नहीं आ रहे थे। आप सोशल मीडिया पर लगातार लिख रहे थे और उसी से मैं शुरुआत करूंगा। साल भर में कई सारी चीजें हुई हैं। उस पर तो हम बात करेंगे ही। लेकिन अभी हाल ही में आपने एक ट्वीट किया और राहुल गांधी को उस ट्वीट को एड्रेस करते हुए आपने कहा कि क्यों वो चुनाव लड़ते हैं। आपने एक तरीके से पूरे सिस्टम पर भी सवाल उठाया उस ट्वीट

8:30 में और आपने कहा कि पहले बताया जाता है कि कैसे गड़बड़ियां होती है चुनाव से पहले चुनाव जिस दिन होता है उस दिन गड़बड़ियां होती हैं। चुनाव के नतीजों के समय गड़बड़ियां होती है। फिर बीजेपी जीतती है। कांग्रेस की ओर से सवाल उठाया जाता है। कोई इसका कुछ नहीं करता और भारतीय जनता पार्टी फिर से जीत जाती है। ऐसे में क्यों ही चुनाव लड़ा जा रहा है? ये सारी बात आपने उठाई। सिस्टम पर लगातार आप सवाल उठाते रहे हैं। क्यों आपको लगा कि इसके ऊपर बात करनी चाहिए? ये पत्र लिखना चाहिए या फिर इलेक्शंस को लेकर ऐसी बातें आपने क्यों कही? अब राहुल गांधी ने बड़ी जोर शोर से वोट चोरी का मुद्दा उठाया। और उन्होंने पूरी सबूत के साथ उसको लोगों के सामने मंच पर रखा। आपने देखा होगा कि राहुल गांधी ने

9:16 जितनी बार वोट चोरी का मुद्दा उठाया वो किस पैशन से हम और किस उत्साह से उन्होंने रखा तो समस्या तो सामने आ गई हम जो हम दोती साल से निरंतर कह रहे थे कि वोट चोरी हो रहा है। 2019 की इलेक्शन के बाद सारे इलेक्शन चोरी के हैं। वो बात अब राहुल जी कहने लगे। लेकिन नेता विपक्ष को और बाकी विपक्षी दलों को समस्या बताकर चुप रहने का मुझे लगता है कि लोकतंत्र में इतनी लग्जरी नहीं अफोर्ड होती है। हम हम समस्या बताने के लिए है ना हमने बताई थी समस्या आपने उसको ज्यादा एक आयाम दिया

10:01 हम मानते हैं। लेकिन उसका समाधान क्या है? तो मुझे ऐसा लगा कि आज देश की स्थिति यह है। मैं बीमार हूं लेकिन पड़े पड़े मैं देश को दिन-ब दिन और बुरी हालात में जाते हुए और नर्क की तरफ जाते हुए देख रहा हूं। संसद हो, एग्जीक्यूटिव हो, मीडिया हो, जुडिशरी हो, इलेक्शन कमिश्नर हो, कमीशन हो, कमिश्नर भी है उसमें। कमीशन हो। इनमें से एक भी संस्था इस देश को देश को फंक्शन नहीं करा पा रही है। ये सब डिस्फंक्शनल है

10:47 और चोर जो और बलात्कारी जो है वो उनके उनके सेलिब्रेशन हो रहे हैं। उनको छूट रहे हैं जेल से और जो जिन नागरिकों की इस देश को आवश्यकता है जैसे सोनम वचुक है उमर खलित है जिनकी ब्रेवरी जिनकी प्रज्ञा और भी है रूपेश कुमार है गुलशन प्रतििमा है तो ये ये लोगों की प्रज्ञा इनकी कंट्रीब्यूशन ये तो एक बहुत बड़े संशोधक भी है सोनम इनको जेल में में ठूसा जा रहा है। इसमें संविधान नहीं है। इसमें लॉ एंड ऑर्डर नहीं है। भारतीय न्याय संहिता तो अमित शाह ने लिखी हुई है। बाबा

11:34 साहब आंबेडकर के ताजमहल को इन्होंने अपनी ईंटें लगाई हैं। हम तो ये सारा जो हो रहा है चरमरा गया है। उसके ऊपर विपक्ष का एक अपना स्टेटमेंट और एक्शन दोनों जरूरी है। मैंने राहुल जी को लिखा। इसका मतलब यह नहीं कि मैं जानता नहीं कि राहुल जी वह पढ़ेंगे नहीं। कांग्रेस के आला जो नेता हैं उनको WhatsApp भी हम करते हैं तो जवाब नहीं देते। जय राम रामेश का भी जवाब नहीं देंगे। और होते ही कौन है आप? ऐसा एक उनका फील होता है। आप बीजेपी या अन्य किसी पार्टी के बड़े नेता से मैसेज करो तो जवाब फौरन आ जाता है। फोन आ जाता है और ये परंपरा रही है। लेकिन कांग्रेस की ये परंपरा टूट गई है। अब मैं जानता हूं कि

12:20 सोनिया जी राजनीति से थोड़ी अलग हो गई। अभी भी है वो राजनीति में लेकिन फिर भी उसके बाद राहुल जी ने जिस पैशन से और जिस कंपैशन से और जिस गरिमा से एक झंडा लहराया है आजादी का उसे उनकी पार्टी साथ नहीं दे रही है। इसलिए मैंने वो एड्रेस किया था राहुल जी को। वरना मैं चाहता था कि हर कोई पढ़े उसको वो क्लर ऑन कॉल था। यानी यह नौका या टाइटेनिक डूबने से पहले वो जो गोले उड़ाए थे ना वो थे फायरवर्क तो वो इसलिए मैंने किया क्योंकि मेरी एक बाकी क्षमता तो बचती नहीं थी बात नहीं कर

13:05 पाता हूं Twitter पे मुझे सप्रेस किया गया और Facebook पे भी हम क्योंकि वो हिरेन जी देखते हैं तो उनके हाथ में है वो तो 100 155000 के ऊपर मेरे सब्सक्राइबर किसी भी हालत में जाने नहीं देते 156000 से ज्यादा इस दिन यह देश इन इन इन असंवैधानिक रूप से सत्ता में बैठे हुए लोगों से मुक्त होगा तब पता चलेगा कि मेरे एक्चुअल फॉलोअर क्या है। ऑर्गेनिक फॉलोअर्स। तो जितने लोग पढ़ते हैं उनके लिए मैं वो खत लिखा। आप देखिए इस देश में स्थिति यह है कि एक गुंडा रफियन एक लिंपेंट ठग एलिमेंट

13:51 है जो ईसाइयों को मार रही है। हम जो मुसलमानों को मार रही है। हिंदुस्तान के बाजू में सारे देश हैं। देखिए श्रीलंका है, रशिया है, थोड़ा दूर है, अफगानिस्तान है, पाकिस्तान है। चीन है, भूटान है, नेपाल है। वहां पर आपने कभी देखा है क्रिसमस को पे क्रिश्चियंस को मार रहे हैं। हम ये हमारे देश में भी पहली बार हो रहा है। हम ऐसा मैंने मंजर देखा नहीं। हमारे देश में भी सिर्फ बंगाल में और केरल में, बंगाल में सबसे ज्यादा कोलकाता में जिस तरह का क्रिसमस हुआ, वैसा पूरे देश में ना हो

14:36 सका। मोदी जी के नेतृत्व में पूरा देश डबल इंजन चल रहा था। हम तो यह बंगाल को सुधारने चले हैं। पहले दिल्ली और उत्तर प्रदेश को सुधारे हम तो यह एक बात है। फिर रुपया और डॉलर की तुलना में एसटीडी कोड की तरह हो गया है। जो प्लस वन एसटीडी कोड यूएस का है और हमारा प्लस 91 तो रुपया भी प्लस91 हो गया है और एसटीडी कोड वन है डॉलर वन टू 91 और भी गिरेगा हमारी। जो आजादी है वह गांधी नेहरू अंबेडकर साहब ने मॉडर्न रिपब्लिक बनाया। उसके बाद हमारी आर्थिक आजादी को प्रावधान दिया गया था। आज की स्थिति में मोदी जी ने और निर्मला

15:22 सीतारमण जी ने इस तरह से हमको अ एक आजादी हमसे छीन ली है। आर्थिक आजादी। आपको बताता हूं। कई लोगों को मालूम नहीं है। पहले नोटबंदी से मोदी जी ने कैश को काला धन बताने की कोशिश की। हम फिर डिजिटलाइजेशन का भूत हमारे ऊपर सवार किया। फिर जीएसटी लगाकर पूरा मरोड़ दिया। पूरा ब्रीड की हड्डी तोड़ दी मिडिल क्लास की। अब यह है कि आपके बैंक अकाउंट में जो पैसा होता है वो आपकी काली कमाई नहीं है। वाइट अमाउंट है। आप अगर अपने बैंक अकाउंट से पैसा कैश निकालते हो बड़ी कैश 10 लाख 20 लाख। आप दुबई में जाइए निकालिए। कोई पूछेगा नहीं। यूएस में जाइए निकालिए कोई पूछो कि आपके पैसे हैं। हिंदुस्तान में नया नियम निर्मला जी ने लाया है जो आचार

16:09 वाली दीदी है ना वो तो कि आप अगर पैसे निकालते हैं और उसका उसके सवाल पूछे जाएंगे और वो सवालों से संतुष्ट नहीं हुआ डिपार्टमेंट तो आपको 85 84% उस पे फाइन तो आप ही के पैसे पे आप फाइन देंगे। हम्। दूसरी चीज़ आप अब विदेश में ढाई लाख अह डॉलर्स लेजिटिमेटली ट्रांसफर कर सकते हो। अब आप विदेश में जो भी रकम भेजेंगे उसकी इंक्वायरी होगी। क्या मतलब है? आपकी वाइट अमाउंट है। आप कुछ भी कर सकते हैं। आपकी आजादी छीन रहे हैं। अब तीसरी बात जो संचार आपके माध्यम से आपके घर में आपके मोबाइल में झांकने की कोशिश सरकार कर रही थी। संचार साथी हम वह ना हो सका तो आप इनकम टैक्स बिल ला

16:58 रहे हैं। उसके हिसाब से इनकम टैक्स डिपार्टमेंट जब चाहे जिसको शक आए उसके अंदर डाटा में घुस सकती है। हम ये तीसरा हुआ। चौथा आपका सोना है। उसके ऊपर अब सरकार कुछ दिनों बाद क्योंकि सरकार के पास 885 टन सोना है कुल मिलाकर और पूरे देश में हमारी दादी नानी हमारी परदादी पर नानी उन्होंने कमा कमा कर हमारा सोना जो है हिंदुस्तानी औरत बहुत सोना प्यार करती है। हम कुछ ट्रिलियन टन सोना है हमारे पास घर में उसे सरकार गबन करना चाहती है। तो उसके ऊपर टैक्स लगाना चाहते हैं। आपको डिक्लेअ करना पड़ेगा टैक्स लगेगा हम और वह टैक्स आप दे नहीं पाएंगे क्योंकि आपका सोना इतने पैसे नहीं है। आपकी

17:45 नेटवर्थ नहीं है। सोना तो आपके दादी ने रखा था। नानी ने रखा था। ये तो सरकार उसके ऊपर कर्जा देगी। हम समझे? आपको टैक्स भरने के लिए और फिर उसके ऊपर टैक्स लगे। हम तो आपको आर्थिक रूप से खत्म कर। बहुत पिछड़े गरीब बनाने की और आपके घर में आपके अंडरवेयर तक झांकने की यह जो कोशिश है वो एक संवैधानिक या एक सरकार नहीं करती। ये सरकार का काम नहीं है। सत्ता पक्ष का काम नहीं है। ये एक ठगी है। हम और ऐसी ठगी इस देश में आर्थिक रूप से सामाजिक रूप से आपने देखा। ईसाई दलित मुसलमान सुरक्षित नहीं है। औरतें राम रहीम आसाराम सेंगर ये फूलमालाओं को

18:33 गले में लेकर घूम रहे हैं और सोनम मांगचुप उमर खलीद और अन्य लोग जेल में सड़ रहे हैं। जो हमारी बेस्ट ब्र्स हैं। हम नईनई बाबाओं का उदय हो रहा है जो झूठे हैं। यानी जादू टोना कानून जो पारित हुआ था दाबोलकर साहब की वजह से महाराष्ट्र में उसके अंदर अगर देखा जाए तो ये सारे बाबा सद्गुरु श्री श्री रविशंकर शास्त्री बागेश्वर सारे जेल के अंदर होने चाहिए तो ये सारी बातें उल्टी हो रही है हम तो उसे ठीक करने का काम सबसे अहम काम जो है वो विपक्ष का है वो विपक्ष नहीं कर रहा है विपक्ष क्ष यह मालूम हो गया है कि

19:19 इलेक्शन से वह चुन के नहीं आने वाले क्योंकि इलेक्शन सीधे-सीधे चोरी हो रहा है। इलेक्शन कमीशन आपको सीसीटीवी फुटेज नहीं देता। इलेक्शन कमीशन आपको कंप्यूटर कोड नहीं देता। इलेक्शन कमीशन आपको किसी भी तरह से पारदर्शिता नहीं दिखाता। ज्ञानेश कुमार अपने स्टाफ को बीएलओ को नचाते हैं। उसकी वीडियो डालते हैं और कहते हैं कि सीसीटीवी में हमारी बहनें, माताएं औरतें दिखेगी वो चलेगा क्या? हम ये सारी बकवास बातें चल रही है। तो नेता विपक्ष को इसका इसके खिलाफ सत्याग्रह गांधी जी ने जो दिखाया था रास्ता हम वो आंदोलन करना चाहिए और मेरा यह मानना है और परकला प्रभाकर जी का मानना है जिसको मैंने सेकंड किया था एक्चुअली मेरे लेटर

20:05 में कि इस देश की इलेक्शन की चोरी 2019 से हो रही है। इसको आपको ठोस रूप से लोगों के सामने रखने का एक ही रास्ता है। तो बॉयकॉट इलेक्शंस अगर आप यह चोरी हो रहा है बोलकर उसमें हिस्सा लेते हो तो आप उस चोरी के हिस्से हो हम उस प्रक्रिया के हिस्सा बन जाते हो। तो ये एक पैराडॉक्स आप नहीं कर सकते। तो मेरी समझ में नहीं आता राहुल जी की समझ में यह क्यों नहीं आ रहा है। हम तो इस इलेक्शन को बंगाल के इलेक्शन को यह महापालिका इलेक्शन को बॉयकॉट कर देना चाहिए। बिना इलेक्शन को बॉयकॉट किए इस देश में गांधियन रेवोल्यूशन नहीं आ सकती।

20:51 और वो गांधियन रेवोल्यूशन गांधियन यानी महात्मा गांधियन वो रेवोल्यूशन लाने के सिवाय अब कोई मार्ग नहीं है हमारे पास इस देश को फिर से पटरी पर लाने का और आपको मैं यह बता देता हूं कि यह देश ना मोदी जी की इच्छा से चल रहा है ना शाह जी की इच्छा से थोड़ा बहुत चल रहा है। मैं यह मानता हूं कि यह देश और साउथ एशिया पूरा नेतेन्याओं की इच्छा से चल रहा है और मोसाद का इंटरफेरेंस कभी नहीं इतना बढ़ गया है। हम उत्तराखंड से लेके मेरा गांव है कोकणक इजराइल के जो गाजा के वॉर क्रिमिनल्स सैनिक हैं उनको एंटरटेन करने के लिए हम ला रहे हैं। सही बात है। हमने अपने द्वार खोल दिए हैं। ये एक बहुत बड़ा क्राइम है। ये ऑफेंस है। क्राइम

21:38 अगेंस्ट ह्यूमैनिटी और यह हमारा देश जो है मोसाद ने इनस्लेव कर दिया है। मोदी जी या हमारे प्रधानमंत्री जो भी है उनकी स्थिति वैसी है जैसी औपनेशिक भारत में सिंधिया की स्थिति थी। ड्रेस बदलो, दरबार भरो अपने प्रजा का शोषण करो। इतना ही कर सकते हो आप। बाकी सब वही डिसीजन देते हैं। दो क्रोनीस है जो हमारे वो भी इसराइल के पनाह में ही आगे बढ़ रहे हैं। जहां अमेरिका इजराइल के आगे अपना सर नहीं उठा पा रहा है। वहां भारत एक बार एनस्लेव होने के बाद अभी तक के प्रधानमंत्रीियों ने भारत को इजराइल की गिरवी होने नहीं दिया जिओनिज्म के लेकिन अब स्थिति बदल चुकी है और इसलिए हम

22:25 लोग कि बैंकिंग से लेके सारी सिस्टम जो है हम धीरे धीरे धीरे धीरे कर्जे में जा रहे हैं और एक दिन ऐसा आएगा कि हम अपनी आय और अपना व्यय और अपना देश का कर्जा इसका संतुलन पूरी तरह से खो देंगे और ज़्यादा नहीं 6 महीने में। हम उसके बाद यह देश एक अनारकी बन जा के रह जाएगा। हम और इसीलिए मैं क्लेरिन कॉल राहुल गांधी जी को दिया था। वो विदेश में हैं। मुझे मालूम है। और वो विदेश में मजे करने के लिए नहीं गए। काम के लिए गए हैं। लेकिन वहां भी वह पढ़ सकते हैं। तो मुझे लगता है कि इलेक्शन को अगर बॉयकॉट नहीं किया गया तो आने वाला

23:15 हर इलेक्शन हमारे लिए एक अत्यंत बुरे भयंकर बुरे सपने के सिवाय कुछ भी नहीं होगा। मैं किसी भी इलेक्शन में इसके बाद वोटिंग नहीं करूंगा। मैंने उस दिन एक ट्वीट डाला था कि इस देश में अब मैं सिर्फ एक रेफ्यूजी की तरह हूं हम क्योंकि मेरे ओपिनियन का सम्मान नहीं है। मेरे ओपिनियन को दुश्मन का ओपिनियन की तरह देखा जाता है। आरएसएस के कई ऑिलरी स्ट्रक्चर और साथी मेरे ऊपर केसेस करके मुझे अंदर डालने की कोशिशें कर रहे हैं। और निरंतर प्रयास यह रहा है कि राजूपुर लेकर और लाइक माइंडेड लोगों की आवाज बंद की जाए। चाहे पुलिस के माध्यम से, चाहे प्रशासन के माध्यम से, चाहे गुंडागर्दी के माध्यम से

24:00 और कुछ हद तक वो कामयाब भी हुए हैं। इसलिए वो क्लेरिन कॉल मैंने दिया। जी जब हम ये पूरी मुद्दे को आपने जितने देश की जनता कितनी बोली है मैं आपको एक उदाहरण बताता हूं। जब मुझे वोकल कॉट का प्रॉब्लम हुआ हम और मैं बात नहीं कर सकता हूं तो लोग कहते हैं लोग मुझे खत भेजते हैं कि सर ये लोग बहुत बुरे लोग हैं। ये लोग काला जादू करते हैं। आपके ऊपर काला जादू करके आपकी आवाज बंद की है इन्होंने। [हंसी] उनके उनको भी पता होना चाहिए कि जिस महाराष्ट्र में हम बैठकर कर रहे हैं वहां पर ये इललीगल है और अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति की ओर से बार-बार अंधश्रद्धा को मिटाने की बात की जा रही है। बहरहाल जो आपने सर मुद्दे उठाए अभी ये इतने सारे

24:45 मुद्दे जो उठाए ये गंभीर मुद्दे हैं और इस पर चिंता की बहुत ज्यादा जरूरत है। लेकिन ठीक उसी समय जब एक आम नागरिक की आप बात करते हैं तो एक नागरिक क्या कर सकता है? अगर उसे एक सरकार पसंद नहीं आती है तो सरकार बदल सकता है। बदलने के लिए वोट कर सकता है। दूसरे नेताओं को सुनता है। और इसके लेखा हाल में हुआ भी था। वोट का कुछ मतलब नहीं है। वोट चोरी हो रहा है। मैं वही कह रहा हूं। मैं वही कह रहा हूं कि लोगों को तो यह लगता है कि हम तो सही आदमी को चुनना चाहते हैं। हम वोट कर रहे हैं। अब वोट भी नहीं दिखाया जा रहा है। तो क्या करें? तो इसका स्यूशन तो गवर्नमेंट में चेंजेस से आ सकता है या फिर या तो सरकार पर उतना दबाव रहे कि सरकार जिस तरह से क्रिसमस में ये गुंडागर्दी की गई देश विदेश में भारत का नाम बर्बाद किया है इन लोगों ने तो उसे कंट्रोल में लाया जा सके लेकिन जब इसका

25:30 रास्ता ही इलेक्शन के थ्रू जाता है और इलेक्शन को ही कंप्रोमाइज किया गया है तो ऐसे में किया क्या जा सकता है लोग क्या कर सकते हैं जनता क्या कर सकती है नेता क्या कर सकते हैं विपक्ष के लोग तो उठा रहे हैं सवाल उसके आगे क्या करें विपक्ष के लोग जिंदाल के शादियों में नाच भी रहे हैं। हम मोवा मैत्रा जी जिनके प्रति हमें आदर है, सम्मान करते हैं। वो कंगना रणावत और सुप्रिया सुले साथ में नाच रही थी जिंदाल की शादी में। उसकी तस्वीरें और वीडियोस आए थे। मुझे नाच गाने से कोई परहेज नहीं है। मैं खुद संगीत का बहुत प्रेमी हूं और नाच का। समस्या यह है कि यह सामान्य स्थिति नहीं है हम

26:16 और हमारे जो विरोधी है वह हमें दुश्मन की तरह देख रहे हैं ना विरोधी की तरह। इस स्थिति में ऐसे मैसेज अगर लोगों तक जाते हैं तो लोगों की लड़ने की क्षमता खत्म हो जाती है। लोगों का विश्वास और भरोसा उठ जाता है कि हम जिन पे भरोसा करके लड़ना चाहते हैं वो भी इनसे मिले हुए हैं। ऐसा लोगों में संदेश जाता है जो शरद पवार साहब के बारे में गया और वो सच भी था। सही बात है। तो अह बात यह है कि ये सारी चीजें हो रही है तो मुझे नहीं लगता विपक्ष आवाज उठा रहा है। अगर मैं सांसद होता या मेरी अपनी पार्टी होती तो मैं क्या कर सकता तो मैं क्या करता वो

27:03 मैं लिखता। मैं इलेक्शन का बहिष्कार 100% करता और मैं गांधी जी के रास्ते सत्याग्रह करता और उनको जो सिविल डिसओबिडियंस जो है सविनीय कायदे भंग हम यानी जो आप फालतू के कानून ला रहे हो जैसे इनकम टैक्स बिल लाकर आप घुस रहे हो लोगों के घर में फिर आप कैश निकालने की ये सारे कानून को मैं सन विनय विनय के साथ तोड़ता हम और कहता हां कहां मैंने कानून तोड़े मुझे जेल लेकिन उसके लिए संगठन और उसके लिए एक आपके पास प्लेटफार्म होना चाहिए जिनके पास है जैसे कि राहुल जी उनको ये करना बहुत जरूरी है। ये मैं बताना चाहता हूं बार-बार

27:49 अब मुझे नहीं पता वो क्यों नहीं कर रहे हैं। मैं ममता दीदी को भी यह आवाहन करता हूं कि वो इस बात पे लड़े। हम लेकिन क्या बॉयकॉट करना किसी चुनाव को अह क्या बीजेपी को एक केक वॉक देना जैसा नहीं है? मैं आपको महाराष्ट्र का उदाहरण देता हूं। यहां पर इन्होंने बहुत चतुराई से अभी क्योंकि मुनिसिपल कॉर्पोरेशंस के इलेक्शंस होने वाले हैं और कई लोकल लेवल के जो इलेक्शंस हुए भी सत्ता में यह अपोजिशन में इनके खिलाफ बीजेपी वर्सेस एकनाथ शिंद कहीं पर बीजेपी वर्सेस अजीत पवार। तो अगर सोचिए कि जो विपक्ष की पार्टियां नहीं लड़ेंगी, तो ये जो सत्ताधारी है यही आपस में लड़ेंगे और सत्ता में भी यही होंगे। विपक्ष में भी यही होंगे। तब तो जो थोड़ा बहुत वॉइस बचा हुआ है वह भी खत्म हो जाएगा। क्या आप मानते हैं कि ये एक मुद्दा हो सकता है जिसकी वजह से बॉयकॉट नहीं किया जा रहा है? सवाल उठाया जाता है। आंदोलन किया जाता है।

28:37 चुनाव आयोग से लेकर चुनाव अधिकारियों पर सवाल उठाया जाता है। हाल ही में राहुल गांधी ने फिर से एक बार संसद के अंदर उन्होंने लोकसभा में कहा जर्मनी में जर्मनी में उन्होंने कहा। जर्मनी में भी उन्होंने कहा और संसद के अंदर भी उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री और अमित शाह मिलकर क्यों यह तय करते हैं कि चुनाव आयोग का जो कमिश्नर होगा वह कौन होगा। आप इतना क्यों डरते हैं कि जो तीसरा आदमी आपने अमित शाह को रखा है जबकि पहले चुनाव जो हमारे जज होते थे वो उसका हिस्सा होते थे। ऐसे में ये आप मानते हैं कि एक कारण ये हो सकता है कि अगर बॉयकॉट करेंगे तो ये सत्ता में जो पार्टियां हैं वही आपस में लड़ेंगे और सत्ता विपक्ष पूरा ही अपना लेंगे और जो बोलने का थोड़ा बहुत तो प्लेटफार्म बचा है वो भी खत्म हो जाएगा। बोलने का प्लेटफार्म सत्ता से नहीं आता या विपक्ष से नहीं आता। हम बोल रहे हैं हम कौन से सत्ता में हैं विपक्ष में? हम

29:24 मैं यह मानता हूं सोहित कि बॉयकॉट से सत्ता की जो लेजिटिमेसी प्रॉपर चैनल से जानी चाहिए वो जाएगी। हम चाहे वो अपने लोग खड़ा करके खड़े करके चुन के आए वो कह अपने मायावती जी की पार्टी है। उनको कहें कि आप खड़े रहो ये खड़े रहो। इसी से डरते हो ना आप? हम मुझे लगता है ये बातें होंगी। लेकिन ये बातें होने से ये स्पष्ट होगा कि इनकी लेजिटिमेसी नहीं है। हम और आप विश्वास रखिए कि मोदी शाह का जो रिजीम है उसकी इस तरह से लेजिटसी जाने लगी तो उनकी नींव हिल जाएगी। हम लेकिन विपक्ष वो कदम नहीं उठा रहा है। उसकी कोई खास वजह होगी और मुझे लगता है कि

30:09 क्रोनस के पैसे सभी को मिले हैं। इसलिए शायद कोई कदम नहीं उठा रहा है। वरना ये कदम ना उठाने का कोई वजह मुझे नहीं दिखती। जो आप बता रहे हैं वो वजह नहीं है। क्योंकि वो वजह होती तब भी लेजिटसी निकल जाती है तो इंटरनेशनल लेवल पर इसके बहुत गहरे परिणाम होंगे क्योंकि भारत कोई छोटा लोकतंत्र नहीं है। भारत नेपाल भूटान नहीं है। भारत का सबसे बड़ा लोकतंत्र जो है वो लोकतंत्र अगर एक बहुत बड़ी तबका नहीं ये क्रांति ऊपर से नीचे आएगी। राहुल जी, ममता जी, स्टिन जी मिलकर अगर कहते हैं कि हम बहिष्कार करते हैं तो वो एक सामान्य घटना नहीं होगी। हम पूरे विश्व के इतिहास में वह 180° में

30:55 राजनीति को बदल देगी और मोदी वही धरे के धरे रह जाएंगे। हम इतना आसान नहीं होगा। लेकिन ये अगर ये कर नहीं रहे हैं तो इसकी कोई वजह है और वो मैं नहीं जानता। वो मैं जानना चाहता हूं। लेकिनकि मैं बीमार भी हूं और सारी बातें मैं सारे वोकल कॉर्ट की बात मैंने आपको बताई और भी कई सारी और वही सारी दिक्कतें अचानक बहुत सारा टूर किए बहुत भाषण किए बहुत घूमे बहुत अब्यूज किया अपनी बॉडी को उसकी ये सारे परिणाम है लेकिन मैं जान नहीं पा रहा हूं हम जब ठीक हो जाऊंगा स्वस्थ हो जाऊंगा तो ये जानने की फिर से लगातार और निरंतर प्रयास करूंगा मैं हम हालांकि मेरे आवाज को दबाने की सरकार आरएसएस आरएसएस की जो ब्राह्मणिकल

31:40 ऑर्गेनाइजेशंस हैं, पुरोहित्स हैं, वह सारी कोशिश कर रहे हैं। हर जगह केसेस लगाना, हर जगह पे मेरे खिलाफ बात करना और ट्रोलिंग करना ये सारी चीजें चल रही है। लेकिन ऐसी बातों से हटने वाला मैं नहीं हूं। हम ना पंसारी हटे थे और ना कहते थे हम उनको ना दबोलकर हटे थे ना गांधी जी हटे थे। फिर उनको मारा गया। हम तो मारने से तो बात ही खत्म हो जाती है। तो उनके पास एक ही शस्त्र है जो अह दूसरा शस्त्र जो है गोगोई जैसे लोगों पे काम आता है या चंद्रचोड़ लोया जैसे लोगों पे काम नहीं आएगा। मेरे पर भी वो काम नहीं आएगा। हम तो लोया पर जो शस्त्र इस इस्तेमाल किया गया वो शस्त्र तो बात ही फुल स्टॉप फिर इस

32:27 दुनिया से मेरा कोई लेना देना ही नहीं रहेगा। हम सही बात है। नहीं यह बात तो सही है जो आप कह रहे हैं और जब अभी आप यह कह भी रहे थे तो एक सवाल आया मेरे मन में जितनी बातें आपने कही आपकी तबीयत पूरी तरीके से सही नहीं है। फिर भी आप बात कर रहे हैं क्योंकि आपको इसका प्रभाव दिखता है। आपको इसका परिणाम समझ में आ रहा है। आपने कहा कि लोगों के घर में फोन तक घुसने की कोशिश की जा रही है। संचा पैसे कहां पर खर्च करें? कितने निकालें? पैसे निकालने के लिए आपको लगती है। यह कितनी गर्मी यानी रशिया में भी ऐसा नहीं है। नहीं तो आप अपने पैसे नहीं निकाल सकते। आप फोन में क्या कर रहे हैं उस पर सरकार की नजर है। अगर ईसाई धर्म का आदमी 25 दिसंबर को अपना त्यौहार मना रहा है तब वहां पर जाके तोड़फोड़ होती है। कोई कुछ नहीं कहता

33:12 है। हम इसके अलावा देखते हैं महंगाई कितनी बड़ी है। पिछले 10 साल में अगर लड़कियों और औरतों पे रेप करने वाले लोगों के सत्कार किए जा रहे हैं। सत्कार किए जा रहे हैं। जेल से छोड़ा जा रहा है। और और तो और अभी हाल ही में राजस्थान में एक कुछ गांवों ने उनके यहां पर एक तरीके से यह फरमान किया है कि वहां की औरतों को फस नहीं दिया जाए, कैमरा वाला फोन नहीं दिया जाए। ये ये इससे भी ज्यादा गंभीर चीजें हैं। नासिक के तपोवन से लेके अरावली के जंगलों तक सारे जंगल साफ करने की नीति ये मोदी शासन ने चालू की है। हालांकि अरावली पे एक स्टेटमेंट अभी वो आज गया है। लेकिन इतने जंगल तोड़े गए। आप समझिए कि गए 5 सालों में 1 करोड़ वृक्ष को काटा गया। जी।

33:57 और तपोवन के लिए दौड़कर सयाजी सिंधिया आंदोलन करने आए। तो बीड़ में उन्होंने जो बहुत मेहनत से और बहुत लगन से जंगल बनाया था उसमें आग लग गई और सारे वृक्ष जलकर खाक हो गए। ये संजोग है या प्रयोग है? सही बात है। तो आपको तो मालूम है ये क्या है? क्योंकि आज ये भी ब्राह्मण तो ये भी चाहते हैं कि गांधी जी की मृत्यु हार्ट अटैक से हुई है। ऐसा मैं बोलूं। हम् हम्। तो, मेरा सवाल इसमें यह है कि आपको इतना समझ में आ रहा है, हमें इतना समझ में आ रहा है। हम इतना वीडियोस करते हैं इसके ऊपर। क्या लोगों को यह बात समझ में नहीं आ रही? विपक्ष का चीखें छोड़ दीजिए। हमने सवाल उठाया कि विपक्ष क्यों नहीं कर रहा है? यह सवाल है। लोग क्यों यह इस चीज को चुपचाप तरीके से देख रहे हैं कि अगर भले ही मैं हिंदू हूं।

34:42 मेरे सोसाइटी में अगर कोई ईसाई रहता है तो उसका भी अधिकार है कि वो अपने धर्म का त्यौहार मनाए। जितनी तरीके से वो तो ढोल ताशा नहीं इस्तेमाल कर रहा। वह तो रात को 12:00 बजे लाउडस्कर का इस्तेमाल नहीं कर रहा है। शांतिपूर्ण तरीके से अगर कोई दूसरा अपना त्यौहार मना रहा है और वहां पर आकर बीड़ी जैसे पतले लोग भी आते हैं। तोड़फोड़ करके चले जाते हैं क्योंकि उनको पता है कि इनके जो बाप हैं वो राजनीति में बसे हुए हैं। इन पर कुछ होने नहीं देंगे। जनता की जो चुप्पी है इस पूरे मामले में लगातार चाहे 1800 पेड़ नासिक के काटे जाएं। चाहे दिल्ली की एयर क्वालिटी खराब हो चाहे रेपिस्ट को छोड़ा जाए। अरावली को अरावली को हटा दिया जाए। पेड़ों को हसदेव को खत्म किया जाए। यहां पर सी लैंड जो है साल्ट पैन लैंड है वह दे दिया जाए। देखिए मुझे बताइए उस जंगल के लिए लड़ रहा

35:30 था। उससे नक्सली था वो हड़िमा स्वाभाविक रूप से उसकी हिंसा का मैं निंदा करता हूं। उसका मार्ग गलत था। लेकिन जंगल की रक्षा के लिए वो नक्सली बना। और जिसने जंगल काटे वो हमारा सबसे प्रतिष्ठित नागरिक बना। सही बात है। तो मुझे कभी-कभी लगता है कि क्रिमिनल कौन है? हम यह भी एक गंभीरता से सोचने वाली बात है। हम सही बात है। लेकिन कोई सोच रहा है क्या? ये सवाल था मेरा। कोई सोच रहा है? सोच रहा होगा। ऐसा नहीं है कि सोचता नहीं है। लोग सोचते हैं फिर खाते हैं फिर पीते हैं और सो जाते हैं। सोचने के बाद एक स्थिति आती है। हम सोचते हैं। हम समस्याओं को लोगों के सामने रखते हैं। अब मैंने उस दिन प्रियंका जी को टैग

36:17 किया था। एक मैंने ट्वीट डाला था। उन्होंने जब संचार साथी वह आप आया तो उन्होंने उस उसका उसकी भयानकता का वर्णन संसद के बाहर आने के बाद किया। मैंने नीचे लिखा था कि यह तो हम सुबह से कर रहे हैं। यह समस्या जो है वह बताना हमारा काम है। वो तो हम बता ही रहे हैं। आपका काम उसका समाधान ढूंढना है। हम हम आपकी तरफ ये देख रहे हैं कि आप समाधान ढूंढो। और इसमें आप हमारी हमारी रिप्रेजेंटेशन कर रही है। वो इस बात का रिप्रेजेंटेशन कर रही है कि आप हमारी जो समस्या है वो आप हमको मत बताइए। वो जी रहे हैं हम। हमें कैश निकालने के बाद 84% फाइन हमें

37:05 होता है। हम विदेश में पैसे जो लेजिटमेट हम ले जाने के बाद इंक्वायरी आजकल तो इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने नोटिस भेजना शुरू किया। आपने इतनी मेथी की सब्जी लाई फिर एसी इतने हैं। उसका इसका तालमेल हो रहे हैं। इतने कैश निकाली नहीं उतना क्या? ये सारा क्या चल रहा है? जबकि आपके एक-एक क्रोनी के ऊपर आपने लाखों करोड़ों रुपए लाख करोड़ हम राइट ऑफ कर दिए मोदी जी ने। हम और 10 लाख का हिसाब लोगों से मांग रहे हैं आप। आपको नैतिक हक नहीं है। अरुंधति भट्टाचार्य जो थी स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की हेड चेयर पर्सन वो Reliance में काम करती है। कोई एक आईपीएस ऑफिसर था वो एडी में

37:53 बहुत नाम था उसका वो भी Reliance में जॉइ कर दिए। बाकी दूसरे कॉलोनी के पास ज्वाइन किए। अब यह बात है कि यह अगर ऐसे हो रहा है कोई जजेस रिटायर जजेस राज्यपाल हो रहे हैं फिर मानवाधिकार संगठन के अध्यक्ष हो रहे हैं। काम तो कुछ नहीं कर रहे हैं। उल्टा ही करेंगे काम क्योंकि उन्होंने जब जज थे तो क्या किया वो तो हम देख ही रहे हैं। तो देश का पूरा नैतिक जो बेस है वो चरमरा गया है। हम और ऐसा नैतिक चरमरा हो गया देश है ज्यादा देर तक खड़ा नहीं रह सकता हम टूट जाएंगे हम एक तो भारत देश नहीं था

38:39 वो तो ब्रिटिशों की वजह से हुआ आपको मालूम है ब्रिटिशों की जो अंडर जो हिंदुस्तान आ रहा था उसमें म्यांमार भी था ब्रह्मदेश बर्मा उस वक्त बर्मा था हम वो बर्मा में अभी मुझे ये अपने वो इतिहासकार इस्लाम साहब कौन वो अ उन्होंने कहा उनका इंटरव्यू मैंने देखा कह रहे थे हिंदू महासभा का वहां का बर्मा का अध्यक्ष था सावरकर अध्यक्ष हिंदू महासभा के पूरे बने उससे पहले वो भी हिंदुस्तान के साथ ही बर्मा को लाना चाहता था म्यांमार में यानी अखंड भारत के हिसाब से लेकिन सावरकर जैसे ही हिंदू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने उन्होंने पहले उसको

39:25 उसको हटा दिया हम क्योंकि सावरकर नहीं चाहते थे ब्रह्मदेश हिंदुस्तान में आए हम क्योंकि फिर बुद्धिस्टों की संख्या बढ़ जाती है हम सावरकर बुद्ध धर्म के सबसे ज्यादा घृणा अगर सावर बदनामी अगर किसी ने की है तो सावरकर ने किया सावरकर का सन्यस्त खड़क नाम का एक नाटक है वो बुद्ध के खिलाफ जो लिखा है उन्होंने बिना जाने बिना समझे लिखा है तो अहिंसा के बारे में फिर स्त्रियां अपने दुश्मन की स्त्रियों का आदर करने के बारे में और यह सारा निचोड़ जो है वो आज हम भोग रहे हैं यानी स्त्रियों पे रेप करो रिस्पेक्ट मिलेगा वो सावरकर की थरी थी कि शत्रु की

40:12 स्त्रियों पे बलात्कार करो अब ये मैं अपने मन का कह नहीं रहा हूं लोग कहेंगे कि राजू अपने मन का कहता है हम उनके उन्होंने लिखा उनके और वो तो उनके वेबसाइट पे है सावरकर पे जाके पढ़िए आप हिंदू पथ पाशाही सिख एपॉक सारी किताबें उनकी है तो यह है गोलवलकर चाहते थे कि ईसाई और मुसलमान इस्लाम और कम्युनिस्ट तीनों को शत्रु माना जाए। तो उन वो ईसाइयों के चर्च तोड़े जा रहे हैं। मस्जिद तोड़ी जा रही है। मस्जिद आप खुद देखो एक दो क्रोनी हैं। वो जंगल के नीचे खनिज जो हैं उसके लिए जंगल को खोद रहा है।

40:57 ये बाकी लंपेंट ठग्स जो हैं बजरंग दल के वो मंदिर के नीचे मस्जिद के नीचे मंदिर खोद रहे हैं। यानी पूरे देश को ही खोद रहे हो आप। ये अपनी कब्र खोद रहे हैं। हम ये आपकी हमारी आने वाली जनरेशन की कब्र खोद रहे हैं। ऐसे वक्त विपक्ष चुप रहा है और पार्टियां करता है साथ में कैंटीन में साथ में खाना खाता है और शादियों में नाचता है और बाहर आके वो समस्या हमको बताता है जो हम जी रहे हैं। हम अब मुझे नहीं मालूम सर के बाद नाम कटे हैं। उसमें मेरा नाम भी कटा होगा। हम आपका अभी तो आप नागरिक हो ही नहीं। हम आप रेफ्यूजी हो। हम तो मोदी जी ने हमारे देश में भाजपा के नेतृत्व में भाजपा नहीं मोदी जी

41:44 के नेतृत्व में आरएसएस ने और भाजपा ने इस देश के संविधान पसंद अमन पसंद और प्यारे लोगों के खिलाफ एक तरफा जंग छेड़िए और ऐसे वक्त आप बस समस्याओं की कहानी बताते रहो। कितने दिन चलेगा? सही बात है। आपको यह लगता है क्योंकि आपने एक बार फिर से जिक्र किया कि कैसे आरएसएस के लोग कहते थे कि भारत के तीन दुश्मन है या हिंदुओं के तीन दुश्मन हैं। मुसलमान, कम्युनिस्ट और ईसाई। और बुद्धिस्टों को भी वो दुश्मन मानते हैं। बुद्धिस्ट को भी वो दुश्मन मानते थे। तो आरएसएस का कोर जो है वो एंटी देखिए हिंदू कोई धर्म नहीं है। ब्राह्मण धर्म है। मैं पैदाइशी ब्राह्मण धर्म में हूं। पैदा

42:29 ब्राह्मण धर्म तुम धर्म में हिंदू धर्म में पैदा नहीं हुए तुम ब्राह्मण धर्म में पैदा हुए हो हम तुम बाकी जातियां जो है उनको ये बताते नहीं हो कि इस देश के मेन धर्म दो ही थे हम ब्राह्मण धर्म और बुद्ध धर्म हम बाद में जैनिज्म आया सिखिज्म आया बराबर इस्लाम बाहर से आया क्रिश्चियनिटी बाहर से आई तो ब्राह्मण धर्म को इतनी संख्या नहीं थी बल संख्या बल कि वो लड़ सके हम इसलिए बाकी जातियों को उन्होंने हिंदुत्व या सनातन का नाम दिया। सनातन असल असल में एस धम्मो सनातनम यानी पाली में उसको बुद्ध धर्म को सनातन धर्म कहा और हिंदू तो पारसी नाम है।

43:16 तो हिंदू या सनातन नाम का कोई धर्म नहीं। सुप्रीम कोर्ट ने भी कहा है। तो धर्म एक ही है। ब्राह्मण और ये मैं नहीं कह रहा हूं। ब्राह्मणों ने खुद अकबर को औरंगजेब को जिजिया कर से हमें मुक्त रखो। यह कहने के लिए जो खत लिखा है उसमें ये लिखा है हम ब्राह्मण धर्म है। हम हिंदू धर्म नहीं है। हम हमें जिजिया कर मत लगाओ। और फिर तिलक ने भी कहा है कि मेरा हिंदू धर्म नहीं है। मेरा धर्म ब्राह्मण धर्म है। वैसे राजू परेकर का धर्म भी ब्राह्मण धर्म है। सोहित मिश्रा का भी ब्राह्मण धर्म है। हम बाकी जातियों को यह बताते नहीं है कि हम ब्राह्मण धर्म मानते हैं। और बाकी सारी जातियां हैं क्योंकि संख्या बल उनका हमें इस्तेमाल करना है और झूठा दुश्मन झूठे दुश्मन मुस्लिम ईसाई दिखाने हैं और

44:03 देश को बर्बाद करना है। हम जी इसी पर मैं आ रहा था। यह जो महत्व वाली बात आपने कही है कि कैसे एक धर्म को या फिर एक जात को आगे बढ़ाने की ये कोशिश है तो उसमें तो हमने खुले तौर पर देखा है आप और मैं कितनी बार इस पर बात कर चुके हैं कि मुसलमानों को तो अब ये दिन रात सताने लगे हैं। मुसलमानों के मस्जिदों के बाहर जाने को सबसे ज्यादा अब मेरा सवाल वही था क्रिश्चियंस पे ही आ रहा था मैं कि जैसे क्रिसमस के समय दो तस्वीरें आती हैं। एक में देखा जाता है कि कैसे प्रधानमंत्री खुद चर्च में जाते हैं। चर्च में जा रहे हैं। वहां पर मार्स के समय बैठे हुए हैं और एक तरीके से क्रिश्चियन धर्म से उनका कितना पुराना रिश्ता है, पुराना नाता है, वह बताते हैं और जिस आरएसएस से वो आते हैं, जिस आरएसएस से के वो प्रोडक्ट हैं, उसी आरएसएस के जो दूसरी संगठनाएं हैं, वो जाकर दिन रात तोड़फोड़ करती हैं और जनता को शायद

44:51 नरेंद्र मोदी अलग लगते हैं और ये तोड़फोड़ करने वाले अलग लगते हैं। तो, इसे आप कैसे देखते हैं? यह पूरा जो कंफ्यूज करने का तरीका है। आपको मैं कंफ्यूजन निकालने के लिए आसान बात बताऊं। ओसा में जिस ईसाई मिशनरी को उसके छोटे बच्चे और बीवी सहज जलाया था उसमें आरोपी था सारंगी उसको मोदी ने अपने कैबिनेट में लिया था। पांच साल वो कैबिनेट मिनिस्टर रहे तो मोदी अलग नहीं है। यही उनका धोरण है। हम आपको एक वो एक जोक है ना नर्क में एक आदमी जाता है। तो अप्सराएं नाचती है। यक्ष किन्नर होती है तो सोचता है यार मस्त है यह तो

45:37 अंदर जाना चाहिए। अंदर जैसे ही पैर रखता है तो बस वहां शैतान होते हैं हम तवे पे लोगों को वो कर रहे हैं। पानी तेल में उबाल रहे हैं। तो वो पूछता है वहां के वो उसके जो पैरादार है उसको यार 5 मिनट पहले वहां से मुझे तो अप्सराएं दिखी थी। बोले वो शोरूम था हमारा। [हंसी] तो मोदी शोरूम के लिए जाते हैं। एक बार घुसो अंदर तो पता चलेगा आपको कि सारंगी बना बैठा है। अब तो नहीं है वो लेकिन उसका पूरा ख्याल रखा जाता है। जिन्होंने ऑस्ट्रेलियन मिशनरी ईसाई को जला के मारा था जीप में। उनको कैबिनेट मिनिस्टर बनाना अपने आप में सेल्फ एक्सप्लनेटरी है और उनको अलग मानने की

46:25 जरूरत नहीं। ये सब लोग क्राइम अगेंस्ट ह्यूमैनिटी कर रहे हैं। आरएसएस को मैं एक टेररिस्ट ऑर्गेनाइजेशन से कुछ अलग नहीं मानता। हम्म। अगर इसको आप काटना चाहे काट सकते हैं। हम नहीं हमने तो कभी किसी नहीं ऐसा नहीं इसलिए नहीं कि वो ऑर्गेनाइजेशन है। उसका कोई अता पता ही नहीं है। अनरजिस्टर्ड अनरजिस्टर्ड इसलिए है क्योंकि वो टेररिस्ट है। रजिस्ट्रेशन के बाद आप पे बहुत सारे निर्बंध आ जाते हैं। आपकी पता चलता है। फिर भी दुनिया ने उसका मैपिंग कर चुके हैं और वक्त आने पर उसका उनको सटीक और स्पष्ट जवाब दिया जाएगा। हम अभी तो मजे कर रहे हैं। कर लेने दो। लेकिन अभी तो अगर आप देखें सर तो इस लेकिन देश को वो बर्बाद करेंगे। मैं वही बात कर रहा था कि अभी तो आप देखें

47:11 तो उनको जो चाहिए वो सारी चीजें हो रही हैं इस देश में। उन्होंने कहा था कि उससे क्या आनंद? मैं मैं आपको पूछता हूं सोहित आप कविता पढ़ते हो। विनोद कुमार शुक्ला अभी गुजर गए। उनकी कविता पढ़ते हो या फिर जॉन एलिया के शेर पढ़ते हो हम या फिर साहिर लुधियानवी पढ़ते हो या फिर निराला पढ़ते हो हम फिराक गोरखपुरी पढ़ते हो या प्रेमचंद पढ़ते हो या विदेशी जो है अलेक्जेंडर सोल नसिन पढ़ते हो टोरिस पैसना पढ़ते हो पीजी उडाउस पढ़ते हो यह सारी चीजें करते हो या फिर आप राजा रवि वर्मा से लेके सुजा आरा हुसैन पिकासो तक

48:01 किसी की पेंटिंग देखते हो डाइजम वगैरह की जानकारी लेते हो सूफी गीत सुनते हो हम किसी महिला से लड़की से मोहब्बत करते हो हम और क्रिस क्रिसमस में आप सेलिब्रेट करते हो ईद में भी आप सेलिब्रेट करते हो आपका अपने त्यौहार होंगे उसमें भी सेलिब्रेट करते हो उसमें जीवन की खुशी है या यह सारी किताबें ये सारे लेखक उनको जेल में डालना किताबें फाड़ देना उनकी बुराई करना नेहरू को गाली देना गांधी को गाली देना मस्जिद के बाहर जाके तोड़ना मस्जिद को खोदना जंगल को तोड़ना इधर आग लगाना उधर लोगों के

48:47 पैसे चुराना अपने दो दोस्तों को बड़ा करना करना इसमें मजा है जिंदगी का फलसफा है या उसमें है हम आपके पर्पस ऑफ लाइफ क्या है हम इसका मतलब ये मुझे लगता है गहरे अंधकार का नाम है आरएसएस हम जिसे मालूम नहीं वो उनके जीवन का उद्देश्य क्या है और ना ही वो किसी व्यक्ति को अपने जीवन का उद्देश्य दे सकते हो आरएसएस या उसकी किसी भी ऑिलरी स्ट्रक्चर बजरंग दल हो विश्व हिंदू परिषद या अन्य हो उसके साथ जाने वाले लोग जो हैं वो अंदर से खाली और अंधेरे अंधा अंधे हैं। हम पूरी तरह से गहरे अंधकार में डूबे हुए हैं। हम

49:32 तो उनको अंदर अपने झांकने से डर लगता है। इसलिए वो बाहर दौड़ते हैं और पागल जैसा बिहेव करते हैं। लेकिन क्या आपको नहीं लगता कि ये जो भीड़ है ये जो आरएसएस में जाने वाले लोग हैं उनकी संख्या बढ़ती जा रही है। इसका असर इस पूरे साल की अगर हम बात करें तो उस पर नजर है। इसी साल इनको 100 साल पूरा होता है। और मैं देखता हूं ऐसेसे लोग जो शायद Instagram पर मैंने ऐसे लोगों को देखा है अचानक से जब इनके 100 साल पूरे होते हैं हाथ में छड़ी सर पे काला टोपी, सफेद शर्ट खा के पैंट पहनकर तस्वीर डाल रहे हैं और अपने आप को इस संगठन से बता रहे हैं। और ये पढ़े लिखे लोगों की मैं बात कर रहा हूं। उच्च वर्ण उच्च जाति के लोग हैं। मुंबई, दिल्ली, पुणे में रहने वाले लोग हैं। बहुजन भी है। बहुजन तो बड़े पैमाने पर हैं। तो इन्हें

50:18 क्या समझ में नहीं आ रहा है कि ये जो चीजें हैं वो गलत है। इन्हें क्या आनंद मिल रहा है? क्योंकि इस साल जो लद्दाख को बचाने की बातें करता है वो जेल में जाता है। हम देखते हैं पहलगाम में हमला होता है उस पर कोई बातचीत नहीं होती है। दिल्ली में ब्लास्ट होता है उस पर कोई बातचीत नहीं होती है। इन लोगों की याददाश्त ऐसे समय में चला जाता है। ऑपरेशन असफल हो जाता है। उस पर कोई बातचीत नहीं होती। डॉनल्ड ट्रंप मेरे को लगता है 60 70 बार बोल चुके हैं कि उन्होंने कैसे मोदी को ट्रेड की धमकी दी और वॉर खत्म करवाया कोई बात नहीं एंबेसडर अपने आप को ऐसे सिकुड़ते हुए ट्रंप की निवास जो है मार्लागो उसके सामने उधर उनके यहां के जो एंबेसडर है उनके साथ खड़े हो वो तस्वीर अपने आप में बहुत कुछ बयां करती है कल ही आई है

51:04 हम देख लेना एक बार हम तो ये लोगों को क्यों नहीं दिख रहा या लोग उस भीड़ तंत्र का हिस्सा क्यों बनते हैं आपने आपने बहुजनों की भी बात की। बहुजनों को क्या पता नहीं है कि आरएसएस का मेन ऐ क्या है? इसका मैं जवाब दूंगा। ये एक अ हर्ड मेंटालिटी होती है। एक एक अ गैंग बनाकर लोग खुदकुशी भी करते हैं। कल्ट बनाकर। जापान में भी ऐसा हुआ है। सेकंड वर्ल्ड वॉर से पहले जापान में ऐसा हुआ है। जर्मनी में हुआ है। यूएस में हो रहा है। मागा क्या है? हम तो यह एक फैशन हो जाता है जिससे लोग मर भी सकते हैं लेकिन फैशन है इसलिए मरते हैं।

51:51 हम आपके जीवन के भौतिक या आध्यात्मिक उन्नति के लिए यह घातक है। यह आपको मालूम होने के बावजूद आप इसलिए करते हो कि क्यों वो करता है। हम वो क्यों करता है? क्योंकि उसके आगे वाला वो करता है। तो यह एक अ बकरे बकरों का वो जो होता है ना झुंड हम उसकी साइकोलॉजी ह्यूमन बकरे भेड़ बकरे वाली साइकोलॉजी ह्यूमन में आ जाती है फिर वो ऐसा करने लगते हैं लेकिन हम और आप जैसे लोगों का तभी काम है कि अपने आप को इससे अलग रखें हम क्योंकि इतिहास जब लिखा जाएगा तो आप सही

52:38 स्थिति में और सही सही जगह पे खड़े थे इतिहास के। यह लिखा जाना ज्यादा इंपॉर्टेंट है ना कि आपने बहुत पैसा लेके या राज्यपाल पद या सांसद बनके अय्याशी की और बाद में देश को भेज दिया। देश के जल जंगल जमीन को किसी को भेज दिया। यह आपके बारे में लिखा जाना निराशाजनक नहीं है। आपके मनुष्य होने के प्रति यह सबसे बड़ी बदनामी मानी जानी चाहिए। हम मैं उस उस बदनाम कल्ट का हिस्सा नहीं बनना चाहता। मुझे नहीं लगता है आप भी बनना चाहते हो। भले ही आज क्रिसमस के दिन आप मेरा जय श्री राम बोले कोई बात नहीं मैंने आपको माफ कर दिया है।

53:24 क्योंकि खुद जीसस ने ही बोला था। हे खुदा उनको माफ कर दे क्योंकि उन्हें पता नहीं वो क्या कर रहे हैं। हम बिल्कुल। तो इसका मतलब उस वक्त भी ऐसी झुंटी जो अकेले को सूली चढ़ाते थे जो सही बोल रहा है और उसे उन्हें माफ करने के लिए वो वही लोग वही था जो प्रार्थना करता था। सही बात है। तो ये नया पैटर्न नहीं है और आगे भी ऐसा पैटर्न आता रहेगा। हम उसको लड़ने के लिए हमारे बच्चों को हमें तैयार रखना चाहिए। हम ये बहुत महत्वपूर्ण बात आपने कही है और मैं उम्मीद करता हूं कि लोगों को इसकी गंभीरता समझ में आए। साल खत्म होने आया है सर जब इस वीडियो को हम कर रहे हैं। मैंने दो-तीन उदाहरण आपको दिए। पहलगांव के बात हमने की। ऑपरेशन सिंदूर की बात की। हमने लद्दाख में देखा क्या हुआ। मणिपुर में ढाई

54:11 साल के बाद प्रधानमंत्री हमारे जाते हैं। इस बीच कई चुनाव आए गए लेकिन जिस तरह से हिंसा कई जगहों पर देखी गई। इस पूरे साल को आप किस तरह से देखते हैं? 2025 ये साल भारत के लिए, भारत के लोकतंत्र के लिए, भारत की राजनीति के लिए और हम जो नागरिक हैं उसके लिए कैसा रहा? 2014 मई से लेके आज तक हम और जब तक मोदी शासन और इस आरएसएस की यंत्रणा इस देश पे शासन करेगी मैं एक साल जैसा ही मानता हूं 2014 से अब तक हां क्योंकि तारीख और तारीख नहीं बदलेगी तब तक हम ये सब बदल जाएगा उस दिन मैं कैलेंडर को बदललूूंगा हम ये बहुत ही महत्वपूर्ण बात आपकी ओर से की गई है। तो दर्शकों आपने देखा कि राजू सर

54:57 की तबीयत भले ही थोड़ी सी नरम हुई होगी लेकिन उनकी धार में कहीं पर भी कोई कमी नजर नहीं आई। इस साल में जो चीजें हुई या जिस तरह से यह देश जिस दिशा में जा रहा है, उस पर वह लगातार बोलते आए हैं। जब बोलने नहीं मिला तब लिखते आए हैं। लेकिन इसके बावजूद तबीयत खराब रहने के बावजूद आप लोगों के संदेश पर जब आपने कहा कि राजू सर को बुलाइए। उनसे डिस्कशन कीजिए और उनसे पूछिए कि क्या हो रहा है? इस पर कुछ सेंस बनता है या नहीं बनता है राजू सर आए डॉक्टर की अनुमति नहीं होने के बावजूद आए यह बहुत महत्वपूर्ण बात है और जैसे कि उन्होंने कहा कि सही बोलने वाले को पहले भी सूली पर चढ़ा दिया जाता था और बाद में उसकी पूजा की जाती थी वैसे ही अभी भी हो सकता है आगे भी होता रहेगा क्योंकि जो सही बोलता है वह लोगों को बर्दाश्त नहीं होता है। लोग भीड़ तंत्र का हिस्सा बनते हैं।

55:43 भेड़ बकरी बनना पसंद करते हैं। लेकिन रैशन थॉट और साइंटिफिक माइंड का इस्तेमाल वो नहीं करना चाहते हैं। और यह सब आपसे किसी एक संगठन की स्ट्रेटजी के तहत कराया जा रहा है। वह स्ट्रेटजी जो कुछ लोगों ने 100 साल पहले लिखा और आप उस स्ट्रेटजी को दिन रात आंख बंद करके भरोसा कर रहे हैं और विपक्ष को लग रहा है कि चुनाव लड़कर ही वो इसका समाधान निकाल पाएंगे। तो इसका क्या कोई समाधान चुनाव से निकल सकता है? इस पर भी हमने चर्चा की। नहीं। बिल्कुल। इसका कोई चुनाव का इसका समाधान नहीं निकल सकता है। राजू सर ने पहले ही कह दिया। इसके साथ ही साथ राजू सर जो अकाउंटेबिलिटी है इस सरकार की वो भी ना के बराबर है। मुझे लगता है लोग भूल भी गए होंगे कि इस देश में इसी साल ब्लास्ट हुआ वो भी दिल्ली में रेडफोर्ट के पास।

56:28 यह जनता की सरकार है ही नहीं। एक तो चुन के भी नहीं आई है। पहली बात और जो सरकार अपने ही नागरिकों के खिलाफ एक तरफ़ा जंग छेड़ दे। चाहे सर का उदाहरण ले लीजिए एसआईआर का या फिर यह जो बैंक में पैसे डालना वालना सब अपने लोगों के खिलाफ उनकी पीड़ा बढ़ाने की रोज निरंतर कोशिश अर्थ मंत्रालय इनकम टैक्स डिपार्टमेंट हम पीएमओ सब कर रहे हैं। तो ये जनता की सरकार कैसे मानेंगे आप? हम बिल्कुल। यह मेरी सरकार नहीं है। यह आपकी सरकार नहीं है। यह जनता की सरकार नहीं है। यह एक वेलफेयर स्टेट ही नहीं है। हम हम रेफ्यूजी हैं। हम जब चाहे हमें जेल में डाला जा सकता है।

57:14 जब चाहे जहां फेंका जा सकता है, जहां फेंका जा सकता है। हम ट्र्स तो कहते हैं पाकिस्तान चले जाओ। लेकिन हम अपनी मर्जी से पाकिस्तान भी नहीं जा सकते। हमारी मर्जी से कुछ नहीं होता। हम अपनी मर्जी से इस देश में सिर्फ मोदी जी पाकिस्तान जा सकते हैं। बिरयानी खा के आ सकते हैं। बाकी कोई नहीं जा सकता। बिल्कुल। तो आपको आपके ही देश में रिफ्यूज बनाने का काम शुरू है। आपके फोन के जरिए, आपके बैंक अकाउंट के जरिए, आपके इनकम टैक्स के जरिए, कभी आपको कह दिया जाता है ताली बजाओ, कभी आपको कह दिया जाता है थाली बजाओ और चुपचाप आप वो सारी चीजें करने लगते हैं। जिस ऑर्गेनाइजेशन ने खुद के हेड क्वार्टर्स के बाहर कई सालों तक झंडे नहीं लगाए थे, वह हर घर तिरंगा की बात करते हैं और आप खुशी-खुशी उसे मनाते हैं। तो आप या

58:01 तो रेफ्यूजी हैं या तो फिर ज़ॉम्बी हैं भारत जैसे देश में और राजू परोड़ेकर सर शायद यही बात कहना चाहते हैं आप लोगों के साथ। बहुत-बहुत शुक्रिया सर आपकी तबीयत का मैं उम्मीद करता हूं दुआ करता हूं कि जल्द से जल्द आपकी तबीयत ठीक हो और लेकिन जो मैंने बात पहले भी कही कि तबीयत भले ही ठीक नहीं हो धार में कोई कमी नहीं है ना पहले थी और ना ही मुझे कोई शंका थी कि आपकी धार कभी खत्म होगी या कम होगी और वो बात एक बार फिर से सामने आई। दर्शकों आपके कहने पर राजू परोड़ेकर सर बिना डॉक्टर की अनुमति के आए उसके लिए उनका तहे दिल से शुक्रिया। आप मुझे बताइएगा कि यह वीडियो आपको कैसा लगा। राजू परेकर सर की ओर से जो बातें रखी गई उसे आप किस तरह से देखते हैं वो बात इस पूरे साल इस देश में जो कुछ हुआ चाहे सत्ता पक्ष की ओर से विपक्ष की ओर से

58:47 गुंडों की ओर से जिस तरह से तोड़फोड़ की गई या फिर जिस तरह से जो लोग आपको बता रहे थे क्या सही है क्या गलत किसी को जेल में डाला गया किसी के खिलाफ केसेस की गई और यह हो रहा है 2025 में भारत जैसे देश में जो अपने आप को लोकतंत्र का रखवाला कहता है बहरहाल इसी के साथ मैं इस वीडियो को खत्म करता हूं। मैं उम्मीद करता हूं आपको यह वीडियो पसंद आएगा। वीडियो अगर पसंद आता है तो इसे लाइक करें। दूसरों के साथ ज्यादा से ज्यादा लोगों के साथ शेयर करें। खासतौर पर वो लोग जो लगातार कमेंट कर मुझे कह रहे थे कि सर के साथ मुझे वीडियो करना चाहिए। और अगर आपने अभी मेरे इस चैनल सुहित मिश्रा ऑफिशियल को सब्सक्राइब नहीं किया है तो वो भी कर लें। आगे भी हम बात करते ही आए हैं और जब तक कर सकेंगे लगातार बात करते रहेंगे। फिलहाल दीजिए इजाजत। नमस्कार सर। थैंक यू।

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