Why No Defamation Case Against Subramanian Swamy & Madhu Kishwar on Modi?

简要总结

本视频讨论了印度政坛中与道德、腐败及潜在不端行为相关的争议。视频中提到了对印度总理莫迪的指控,包括与爱泼斯坦案件的关联,以及其他政治人物的类似行为。视频还探讨了这些指控对印度政治格局可能产生的影响,以及公众对此类事件的反应。

  • 讨论了对印度总理莫迪的道德指控,包括与爱泼斯坦案件的关联。
  • 探讨了其他政治人物的腐败和不端行为。
  • 分析了这些指控对印度政治格局可能产生的影响。
  • 强调了公众对政治人物道德行为的期望。

引言

视频一开始强调了印度文化中对道德和价值观的重视,特别是对罗摩的尊敬,罗摩被视为道德的典范。然而,视频提出,当前的政治事件表明,印度可能正在偏离其传统价值观,走向类似罗波那和杜尔约丹等反面人物的道路。

政治人物的指控和争议

视频列举了一系列涉及政治人物的争议事件,包括:前总理德韦高达的孙子因性侵被捕;北方邦的布里杰布山·沙兰·辛格及其儿子涉嫌犯罪;中央邦的奥姆·普拉卡什·达卡德的腐败行为;以及马哈拉施特拉邦一名占星师的欺诈行为。这些事件被认为是印度文明和文化上的污点。

公众舆论和政治转变

视频指出,一些曾经是印度人民党(BJP)坚定支持者的人,如G.D.巴克希将军和贾尼将军,现在开始批评该党的政策和领导。此外,作家马杜·基什瓦尔和前财政部长苏布拉马尼安·斯瓦米也对总理莫迪提出了严重的道德指控,包括与女性的不当关系。

对指控的回应和法律影响

视频对比了针对反对派领导人拉胡尔·甘地的诽谤诉讼与针对莫迪的指控。尽管甘地因批评尼拉夫·莫迪和梅胡尔·乔克西而面临法律后果,但对莫迪的指控却没有引发类似的法律行动。视频还提到,有人猜测爱泼斯坦案件可能会被用来转移人们对其他争议的注意力。

对莫迪的进一步指控和爱泼斯坦的关联

视频讨论了马杜·基什瓦尔的声明,她公开指责莫迪在女性问题上的不当行为,并表示自己也感到害怕。视频还提到了苏布拉马尼安·斯瓦米的指控,他声称一些议员为了获得职位与莫迪发生关系。此外,视频还提到了莫迪与中国大使S.贾伊尚卡尔的关系,以及安尼尔·安巴尼在爱泼斯坦案件中的角色。

历史背景和政治操纵

视频回顾了印度人民党过去对尼赫鲁和索尼娅·甘地的攻击,指责他们道德败坏。现在,该党面临着类似的指控,这引发了人们对政治操纵和双重标准的质疑。视频还提到了拉胡尔·甘地对莫迪在爱泼斯坦案件中“妥协”的指控,以及印度在伊朗战争中的立场,这被认为是受到美国的影响。

媒体反应和政治联盟

视频批评了媒体对反对派的 агрессивный 态度,并质疑为什么没有对针对莫迪的指控采取行动。视频还提到了印度人民党IT部门负责人阿米特·马尔维亚的争议,以及哈迪普·辛格·普里的辞职问题,暗示其中可能存在某种“游戏”。

政治策略和未来展望

视频分析了印度政治人物的动机,认为他们都在等待时机采取行动。视频还提到了马杜·基什瓦尔可能受到反对派支持的猜测,以及G.D.巴克希突然转变立场的原因。视频最后展望了未来,认为即将到来的选举和爱泼斯坦案件的进一步发展可能会带来更多爆炸性新闻。

结论

视频总结说,对莫迪的指控可能预示着他的政治生涯即将结束。视频还批评了印度在国际事务中的立场,认为印度在伊朗、中国和俄罗斯等问题上没有明确的立场。最后,视频呼吁公众保持警惕,并在即将到来的选举中做出明智的选择。

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文字稿

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0:03 जय संविधान देखिए अमिताभ जी से फिर आज दुविधा अपने स्यूशन कराने के लिए मैं अमिताभ दास साहब को मैंने बुलाया है। देखिए मुझे ऐसा लगता है कि हमारे भारतवर्ष लो वाले लोगों को हमारे देशवासियों को इस बात का बड़ा गर्व होता है कि हमारे देश की जो सभ्यता संस्कृति है हमेशा बात बातबात पर वो लोग सभ्यता संस्कृति की बात करते हैं। सभ्यता संस्कृति पर बड़ा नाज है और हमारी सभ्यता संस्कृति हजारों साल पुरानी है। सबसे पुरानी संस्कृति है और हम लोग भगवान श्री राम को मानते हैं जो मर्यादा पुरुषोत्तम है। और मर्यादाओं का ध्यान हम लोग रखते हैं। लेकिन जिस प्रकार से पटाक्षेप हो रहे

0:49 हैं। मुझे ऐसा लग रहा है कि हम लोग शायद जो हमारी सनातनी परंपरा जिनके जिक्र किया जाता है जिन पे हम गर्व करते हैं उनसे पूरी तरह से हम पद भ्रमित हो चुके हैं। रास्ता भूल चुके हैं और उस रास्ते में चल चुके हैं जो कि रावण भी शायद या दुर्योधन और दुशासन भी उस रास्ते पर चलने के लिए चार बार सोचते रहे होंगे। अभी अमिताभ साहब पहले अभी एक एसडी दुबे गढ़ साहब हैं। देश के प्रधानमंत्री थे। खानदानी परिवार है कर्नाटका का। उनके पौत्र बहुत सारी महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार और गंदे वीडियो बनाने के लिए उन्हें अरेस्ट किया गया। उनके पिताजी को भी अरेस्ट किया गया।

1:35 फिर वहां के हाई कोर्ट ने उन्हें आजीवन कर आवाज दे दिया। बड़े नेता और आज भी मोदी जी के बड़े खासम खास हैं एसडी देवेग साहब और जेडीएस का भारतीय जनता पार्टी से कर्नाटका के अंदर समझौता है। फिर उसके बाद हमारे उत्तर प्रदेश के अंदर बृजभूषण शरण सिंह जिनके बेटे आज भारतीय जनता पार्टी के मेंबर ऑफ पार्लियामेंट हैं। हमारे उन्नावों के सिंगर साहब जिन्होंने पूरे परिवार को खत्म करा दिया। केवल अपने एक दुश्चरित्र होने के प्रमाण को छिपाने के लिए। और इस प्रकार की घटनाएं अभी आपने मध्य प्रदेश के अंदर ओम प्रकाश धाकड़ को देखा उनके कुकृत्यों को देखा फिर आपने महाराष्ट्र के अंदर

2:20 जो एक ज्योतिषी हैं उनको देखा किस प्रकार से अच्छे-अच्छे परिवारों की महिलाओं से और उनको एक रहस्यमई पानी वो दिया करते थे जिसकी कीमत ₹50 लाख थी और उसमें क्या मिलाते थे क्या करते थे जो भी उनके दफ्तर में आता था उसको अपने को ईश्वर का अवतार बना के और उस महिला को राधा बनाकर क्या करते थे वह हमारी सभ्यता संस्कृति में बहुत बड़ा कलंक है। लेकिन हमने अपनी सभ्यता संस्कृति की बातें हम लोग बहुत करते हैं और सबसे ज्यादा भारतीय जनता पार्टी करती है और यह सारे दृश्य देखकर ऐसा लगता है कि हम लोगों की क्या अंतरात्मा मर गई है। क्या हम लोग प्रश्न पूछना बंद कर चुके हैं? आप देखिए धीरे-धीरे हम तो 11 साल से इस बात को

3:07 बार-बार रिपीट करते आ रहे हैं। कि जो लोग बहुत ज्यादा सभ्यता संस्कृति की बात करते हैं, सचरित्र होने की बात करते हैं, उनके चरित्र कितने गिरे हुए हैं। लेकिन अब उन लोगों को भी होश आने लगा है। वह भी अपनी राय बदलने लगे हैं। जैसे आपने देखा होगा जनरल जी डी बक्शी हैं। मेजर जनरल भारतीय जनता पार्टी के बहुत बड़े समर्थक थे और मोदी जी के लिए हमेशा बैटिंग करते थे। धुआंधार बैटिंग करते थे और जब से ईरान इजराइल का युद्ध हुआ है उनको आप बिल्कुल देखेंगे किस प्रकार से हमारी विदेश नीति की और मोदी जी की अधूरदर्शिता के कितने बड़े वो आलोचक बन गए और इसी प्रकार से आप देखिए एक जनरल जैनी है वो भी भारतीय जनता पार्टी के सफलदार थे

3:54 उनका झंडा ले चला करते थे वो भी बिल्कुल आज के तारीख में तो हम लोग जल्दी समझ गए थे शायद जनरल साहब लोगों को देर में समझ में आया। लेकिन अभी जिस चीज का मैं जिक्र करना चाहता हूं अमिताभ साहब वो मधुकेश्वर भी एक बहुत बड़ी लेखिका है और बहुत महान महिला हैं और मोदी जी की बहुत बड़ी प्रशंसक रही हैं। उन्होंने मोदी जी के एक आत्मकथा भी लिखी है। तो इसका माने उन्होंने काफी उनके जीवन को देखा है। और एक भारतीय जनता पार्टी के ही राज्यसभा के सांसद सुब्रमण्य स्वामी जो एक जमाने में फाइनेंस मिनिस्टर हुआ करते थे। उनके भी बहुत सारे साक्षात्कार हमने देखे। स्वामी जी ने बार-बार कहा, बार-बार कहा कि हमारे देश के

4:42 माननीय प्रधानमंत्री जिनके चरित्र के बारे में हम ऐसे प्रश्न नहीं उठाना चाहते। लेकिन स्वामी जी जो भारतीय जनता पार्टी के राज्यसभा सांसद रहे हैं। उनके उन्होंने उनके चरित्र के बारे में बहुत सारी बातें उठाई और यह कहा कि उनके चरित्र के बारे में अभी स्क्रीन फाइल में आपको बहुत सारी चीजें देखने को मिलेंग और बहुत सारी ये बात वो तीन चार महीने से कह रहे हैं लगातार। मधु किश्वर जैसी महिला जो कि आत्मकथा लिखती है मोदी जी की उनकी बहुत बड़ी प्रशंसक थी। अब वह भी यह कह रही हैं और स्वर्ण स्वामी भी यह कह रहे हैं कि बहुत सारी तीन चार मेंबर ऑफ पार्लियामेंट भारतीय जनता पार्टी की आज ऐसी हैं। अब मैं उसके आगे कहने में भी मुझे शर्म आती है कि वह मेंबर ऑफ पार्लियामेंट या मंत्री इसलिए रही हैं क्योंकि उनके कैसे

5:27 संबंध रहे हैं हमारे महामानव से। मैं यह आरोप नहीं लगा रहा हूं। मैं आरोप लगाना चाहता हूं क्योंकि मैं अपने देश के प्रधानमंत्री पर किसी प्रकार का कोई आरोप नहीं लगाना चाहता। लेकिन यह बातें कह रहे हैं सुब्रमण स्वामी जो भारतीय जनता पार्टी के सांसद रहे हैं और मोदी किश्वर जो आत्मकथा लिख चुकी हैं माननीय मोदी जी की। अच्छा इन लोगों पे कोई मानहानि भी नहीं होती। राहुल गांधी भी तो जरा सा अगर वो नीरव मोदी और मेहुल चौकसी पर बात कर देते हैं तो उन पर मानहानि हो जाती है। दो साल का सजा हो जाती है। मकान छीन लिया जाता है और कांग्रेस का उनसे मकान छीनवा लिया जाता है। तो उनके 24 अकबर रोड के दफ्तर को भी छीनने का नोटिस दे दिया गया है। लेकिन सोन स्वामी पे बुध किशोर पे किसी प्रकार की कोई महानि नहीं। ये क्या साइकोलॉजी है या

6:13 तो यह बात सच है और यह भी अब लोग कह रहे हैं अमिताभ जी कि ये जो एस्टीन फाइल के मसले उछे और उसी समय जानकार लोग ये समझ गए थे विशेषज्ञ ये समझ गए थे अब बहुत बड़ा विश्व के अंदर एक ऐसा कांड होने वाला है जो यहूदी और अमेरिका के डोनाल्ड ट्रंप मिलके रचने वाले हैं और कोविड टाइप की कोई एक ऐसी भयंकर विभीषिका विश्व के सामने डालने वाले हैं जिससे हम लोग एस्टीन फाइल को भूल जाएंगे इधर आ जाएंगे। अब ये जैसे मधु किशोर के और सुरेन स्वामी के वक्तव्य सामने आए हैं तो हमें लगता है क्या देश के अंदर भी कोई ऐसा डायवर्जन टेक्निक अपनाया जाएगा। लेकिन मुझे बहुत चिंता इस बात की है कि कोई मानहानि का केस नहीं हो रहा है। उनप कोई दंड नहीं मिल रहा। लेकिन अब तो

7:00 मधु किशोर ये भी कह रही है मुझे जान का खतरा है। हो सकता है मुझे भी निपटा दिया जाए। लेकिन चलिए देर आए दुरुस्त आए। जनरल बक्शी साहब लेट आए। जैनी साहब लेट आए स्वयं स्वामी लेट आए मधु कीश्वर लेट आए और भगवान से प्रार्थना है बाकी लोग भी सही रास्ते में चले और उनकी बुद्धि उनका भी जो बल्ब है जल्दी रोशन हो जाए तो ये जो पूरी पृष्ठभूमि है अमिताभ दास साहब इसके बारे में आपकी क्या राय है ये क्या है क्यों हो रहा है और क्या भारत की अंतरात्मा हमारे निवासियों की इतनी ज्यादा मर चुकी है कि हम दु अब दुशासन और दुर्योधन और रावण की भी निंदा करने में डरने लगे हैं? नहीं बिल्कुल सही कहा आपने। देखिए मधु किशोर ने जो भी कहा है उसमें मुझे कुछ नई बात नहीं लगी। अब तक जो बात लोग दबी जबान

7:47 में कहते थे है ना एक तरह से उसको मधु किशोर ने खुले तौर पर बोल दिया है। इसमें कोई नई बात नहीं है। देखिए मैं बता दूं दर्शकों को इसी साल 9 फरवरी को यानी पिछले महीने मैंने खुद अपने लेटर पैड पर मेरा एक संगठन है बिहार विप्लवी परिषद। उसके लेटर पैड पर मैंने राष्ट्रपति महोदया को एक पत्र लिखा था जो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ था श्रीमती द्रोपदी मुर्मू को और मैंने लिखा था कि भाई मोदी जी ने एस्टीन के टापू पर जाकर छोटी-छोटी लड़कियों के साथ अय्याशी की है और ऐसे प्रधानमंत्री को आपको बर्खास्त करना चाहिए। वो मेरा जो लेटर था सोशल मीडिया पर बहुत वायरल हुआ। उसमें मुझे भी बहुत ट्रोल किया गया जो अंधभक्तों की आर्मी है जो

8:34 बाकी लोग हैं जो होता है कि भाई मतलब ऐसा कैसे हो गया आपने निराधार बात कह दी ये बहुत लेकिन आप देखिए सारे बिंदु है ना जुड़ते हुए जाते हैं जो इंग्लिश में कहते हैं कि कनेक्टिंग डॉट्स और यदि अलग-अलग बिंदु को आप जोड़े तो एक तस्वीर उभर के सामने आती है। अब धीरे-धीरे वह बिंदु जुड़ने लगे हैं और पता चल रहा है कि जो मोदी जी हैं प्रधानमंत्री जी हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री जिनको कहते हैं उनके भक्त वो यशस्वी प्रधानमंत्री का एक पूरा एक चाल चरित्र और चेहरा रहा है जो जो मानसी सोनी से शुरू होकर एस्टीन के टापू तक चला। अब मैं मधु किशोर के बारे में दर्शकों को बताऊं। ये जो मधु किशोर है ये दिल्ली

9:20 यूनिवर्सिटी में पढ़ाया करती थी। आप इनको विदुषी की श्रेणी में रख सकते हैं और यह एक पत्रिका निकालती थी मानुषी मानुषी नाम की पत्रिका जो महिलाओं पर केंद्रित थी और इनको प्रगतिशील लोग मानते थे लेकिन बाद में अचानक इनमें एक बहुत बड़ा क्या कहे परिवर्तन हुआ और ये बहुत ही मतलब एक दक्षिणपंथी विचारधारा की हो गई बहुत जिसको कह सकते हैं प्रतिक्रियावादी महिला हो गई हिंदुत्व की झंडा बरदार हो गई अंबेडकरवादियों की दुश्मन हो और बहुत ही ज्यादा अब आप समझ सकते हैं कि अचानक इनके दिमाग में गोबर और गोमूत्र की प्रचुर मात्रा देखी गई। उसके बाद इन्होंने मोदी की जीवनी लिखी जिसका नाम है मोदीनामा। है ना? जैसे बाबर ने मुगल

10:06 बादशाह बाबर ने आत्मकथा लिखी थी बाबरनामा तो मधु किशोर ने मोदीनामा की रचना की और मोदीनामा में उन्होंने मतलब मोदी का जमकर महिमा मंडन किया और युग पुरुष की तरह अवतारी पुरुष की तरह उनको पेश किया और महात्मा गांधी से उनकी तुलना कर दी मतलब कोई कोर कसर नहीं छोड़ी उनके चरण वंदना में या उनके महिमा मंडलन में अब वही वही मधु किशोर अब कह रही है एक दो रोज पहले जो उनका ट्वीट हुआ अब तो खुलकर बोलने लगी है कि भाई महिलाओं के मामले में तो मोदी जी बहुत गलत आदमी है और अपने बारे में कहती है कि मुझे भी मोदी जी से मिलने में डर लगता था। मैंने जब मैंने जब मोदीनामा किताब लिखी तो मैंने मोदी के एक करीबी

10:52 नौकरशाह थे। कोई भरतलाल नाम था। उनके जरिए मैंने मोदी जी को कॉपी भिजवाई और वो मानसी सोनी कांड का भी जिक्र करती है कि मानसी सोनी का पीछा किया मोदी जी ने। जब मुख्यमंत्री वो गुजरात के थे। इतना ही नहीं वो कहती है मतलब स्मृति ईरानी पर मतलब एक तरह से उन्होंने खुले तौर पर कहा है कि भाई स्मृति ईरानी को यदि मंत्री पद से नवाजा गया तो उसके भी कुछ गलत कारण ही थे। अब दर्शक समझ जाए क्या गलत कारण थे। तो ये सब मधु किशोर ने बात कही और अब वो आ गई है ये कहने पर कि भाई मुझे भी मतलब डराया जा रहा है कि भाई तुम भी हरन पांड्या से जा मिलोगी। जैसे हरन पांड्या गुजरात में मिनिस्टर हुआ करते थे। बाद में मोदी जी से उनका मतलब अलगाव हो गया। एक

11:39 दिन उनकी हत्या हो गई। तो यह बात कह रही हैं मधु किशोर और लगभग यही बातें जो आपने सुब्रमण्यम स्वामी के बारे में कहा जो एक जमाने में हार्व यूनिवर्सिटी में अध्यापन किया करते थे। लोग कहते हैं और केंद्रीय मंत्री भी रहे। मुझे लगता है चंद्रशेखर की सरकार में कानून मंत्री भी थे। यही बातें सुब्रमण्यम स्वामी ने भी कही है पिछले कई महीनों से। उन्होंने तो कहा कि मैं चार पांच सांसदों के नाम बता सकता हूं जिनको सांसदी के लिए मोदी के साथ सोना पड़ा था। अब ये ये मेरी भाष नहीं है। ये स्वामी जी कह रहे हैं और आपने कहा कि भाई मानहानि का केस भी नहीं हो रहा है। अब ये केस कैसे होगा और क्यों होगा? मानहानि का केस यदि होगा तब तो जो एक कहावत है ना कि बात

12:24 निकलेगी तो दूर तलक जाएगी। [नाक से की जाने वाली आवाज़] सुब्रमण्यम स्वामी खुद मतलब कानून के जानकार हैं। कानून मंत्री ही रह चुके हैं। उनकी जो पत्नी है रसना स्वामी ऐसे ही कुछ नाम है। वो खुद सुप्रीम कोर्ट की लॉर है। तो आप क्या केस कीजिएगा तो वो लोग क्या आपको छोड़ देंगे? आप यदि एफिडेविट दीजिएगा तो उनका काउंटर एफिडेविट भी आएगा और फिर जो आपकी बची खुची इज्जत है उसका भी एक मतलब न्यायालय में फलूदा निकलेगा। तो इस डर से यह लोग मतलब मानहानि के इसमें नहीं जा रहे हैं। और देखिए मानहानि में नहीं जा रहे बदला लिया जाएगा। वो मैं नहीं कह रहा कि बदला नहीं लिया जाएगा। वो हो सकता है किसी दिन विमान का इंजन फेल कर जाए। किसी दिन कोहरा में विमान दुर्घटना हो जाए। जैसे कि अब अजीत पवार का हो गया। जस्टिस

13:11 लोया का हार्ट अटैक हो जाए वो अलग बात है। लेकिन मानहानि का केस नहीं किया जाएगा। और देखिए यह [गला साफ़ करने की आवाज़] सारी चीजें देखिए जुड़ रही है। सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा यह जो एस जयशंकर है अभी विदेश मंत्री हमारे हैं। ये 77 बैच के भारतीय विदेश सेवा के अधिकारी हैं। इनके जो पूज्य पिता थे एस सुब्रमण्यम वो बहुत बड़े रक्षा विशेषज्ञ हुआ करते थे। उन्हीं के पुत्र हैं एस जयशंकर। अब सुब्रमण्यम स्वामी का कहना है कि जब मोदी जी मुख्यमंत्री थे गुजरात के तो वह अक्सर चीन के दौरे पड़ जाते थे और चीन में उस समय भारत के राजदूत थे एंबेसडर थे एस जयशंकर और स्वामी जी का कहना है कि एस जयशंकर मोदी जी के लिए सारी सुविधाओं का

14:00 सारी सुविधाओं का वहां इंतजाम करते थे अब ये सुविधाओं में तो बहुत सारी चीजें शामिल हो सकती है महिलाएं भी शामिल हो सकती और सुब्रमण्यम स्वामी का कहना है कि इसलिए एस जयशंकर की के 100 खून मोदी जी माफ करके रखते हैं। उनको तुरंत विदेश मंत्री ही बना दिया और ऐसे भारत की विदेश नीति का क्या हाल है सब देख ही रहे हैं। इसके बावजूद एस जयशंकर पर कोई गाज नहीं गिरती है। अब देखिए ये सारे तार जुड़ रहे हैं। एफन फाइल में एफन फाइल में देखिए अनिल अंबानी का ईमेल आया है जो अनिल अंबानी के बारे में बार-बार एफिन उनका परिचय देता है कि मतलब मोदीज मैन मोदीज मैन करके कि मतलब मोदी के

14:46 वो दूत हैं और अनिल अंबानी एक लड़की का की फरमाइश करते हैं बड़े ही मतलब स्पेसिफिकेशन के साथ कि वो स्वीडन की लड़की होनी चाहिए लंबी होनी चाहिए ब्लड होनी चाहिए यानी सुनहले बालों वाली होनी चाहिए। तो उस समय भी यह बात उठी थी। मैंने आपके पिछले कार्यक्रम में भी कहा था कि मेरा अपना संदेह है कि वो जिस लड़की की फरमाइश थी वो कोई अंबानी ने अपने लिए नहीं की। वो फरमाइश भी हमारे महामानव के लिए ही की गई थी। तो अब ये सारे बिंदु जो है ये जुड़ते जा रहे हैं। और अगर इस तरह से बिंदु जुड़ते रहे देखिए क्या होता है। इसी को देखिए कर्मा कहते हैं। है ना?

15:31 इतने दिनों तक यह पूरा भाजपा का जो आईटी सेल है पूरा जो इको सिस्टम है संघ परिवार का यह नेहरू जी पर हमलावर रहता था नेहरू एडविना नेहरू के संबंध एडविना माउंटबेटन के साथ क्या थे तो एडविना ने क्या किया नेहरू के साथ तो नेहरू ने एडविना को क्या पत्र लिखा सोनिया गांधी पर बहुत ही गिरी हुई बातें करते थे कि बार डांसर थी इटली में बार डांसर थी ये थी वो थी मतलब सबका ये लोग आप जो कहते हैं चरित्र हनन जिसको कहते हैं कैरेक्टर असेसनेशन किया करते थे राहुल गांधी के बारे में अनशंट बातें और इस तरह की बातें करते थे और इसको पूरा WhatsApp यूनिवर्सिटी पर एक सुनियोजित तरीके से प्रचारित किया जाता था और अब देखिए क्या हो गया है अब तो मतलब अगर आप

16:19 ये बात कर रहे हैं नेहरू जी को आप इसके लिए चरित्रहीन बता रहे हैं कि उनके साथ एडमिरा के क्या संबंध थे तो इस पर आप क्या कहिएगा मधु किशोर के आरोपों पर सुब्रमण्यम स्वामी के आरोपों पर एस्टीन फाइल के आरोपों पर एस्टीन फाइल में तो राहुल गांधी ने कहा है कि पीएम इस कंप्रोमाइज्ड और पूरी दुनिया देख रही है कि पीएम इस कंप्रोमाइज्ड अभी ईरान युद्ध पर ही जिस तरह भारत का स्टैंड है वो तो कोई कंप्रोमाइज प्राइम मिनिस्टर का ही स्टैंड हो सकता है। वो कोई स्वाधीन देश के प्रधानमंत्री का तो स्टैंड हो नहीं सकता। अमेरिका ने आदेश दिया कि ऑपरेशन सिंदूर में आप युद्ध विराम कर दीजिए तो युद्ध विराम हो गया। अमेरिका ने कहा कि आप रूस से कच्चा तेल खरीदना बंद कर दीजिए। तो कच्चा तेल खरीदना बंद हो गया। जो भारत

17:05 अमेरिका का व्यापार समझौता हुआ उसमें सिर्फ अमेरिकी हितों का ध्यान लिया गया। है ना? ईरान के सर्वोच्च नेता शहीद हो गए। अली खमनाई भारत को शोक प्रकट करने में 10 रोज लग गए। है ना? ईरान का एक युद्ध पोत लौट रहा था। भारत से अमेरिका ने उसको डूबा दिया। आप उसकी निंदा नहीं कर सके। ईरान के चाबहार बंदरगाह पर बमबारी कर दी अमेरिका ने। आप उस पर चुप रह गए। तो ये जो नरेंद्र मोदी सरेंडर मोदी बन गए हैं। ये किस वजह से बने हैं? ये साफ बात है कि एफी फाइल्स में आप फंसे हैं और बुरी तरह फंसे हैं। ट्रंप तो एक चीज ये बताइए एक हमारी पत्रकार जगत की एक बहुत बड़ी पत्रकार हैं।

17:51 जी जी जो उन्होंने अभी थोड़े दिन पहले ही विवाह विच्छेद किया है। उन्होंने मदश्वर के लिए बहुत गंदे शब्दों का उपयोग किया है। देखिए मैं यह कहता हूं किसी को गाली देने की क्या आवश्यकता है? मान लीजिए ये आरोप मुझ पे और आप पे लगा होता कि हम लोग आइलैंड में गए थे और वहां जाके हमने किया मान लीजिए भाई लगाने को तो कोई भी लगा सकता है। तो हम अपना पासपोर्ट दिखा सकते थे। हमने कहा यार पासपोर्ट हम तो भैया नहीं गए। हम अमेरिका ही नहीं गए तो आइलैंड और वहां कहां जाएंगे और देख लो हमारा पासपोर्ट देख लो अपने पूरे जांच करा लो सीबीसी आईडी की जांच करा लो लेकिन किसी महिला को गाली देना केवल इस आरोप पे भाई होना ये चाहिए था उस महिला पत्रकार को यह कहना चाहिए था महानिानी का केस किया जाए और वधुश्वर को

18:38 अरेस्ट किया जाए और उनका इंटेरोगेशन किया जाए सोम स्वामी का अरेस्ट किया जाए लेकिन यह जो एक गोदी मीडिया एक गंदा गेम खेल रहा है कि विपक्षी दलों पे तो बहुत ज्यादा अग्रेसिव हो जाता है और सत्ता पक्ष को अच्छा अमित मालविया साहब के बारे में पता चल रहा है जो आईटीसीएल के हेड है उनके बारे में खबर मिली है पोर्न सेलर थे और इसी प्रकार के काम किया करते थे तो ये कॉम्बिनेशन ये जो समूह बना है ये बड़ा अच्छा बना है। अब वो फ किसका बनाया करते थे कैसे बनाते थे और अब क्या है वो तो सारी चीजें खुलेंग अशोक खराद मोहन लाल धाकड़ बृजभूषण शरण सिंह और [गला साफ़ करने की आवाज़] ये बड़े-बड़े नेता अनिल अंबानी अच्छा ये हरदीप सिंह पुरी साहब से रेिग्नेशन अमिताभ साहब क्यों नहीं ले रहे हैं

19:24 उसमें भी कोई गेम है क्या सब कुछ देखिए गेम ही है हरदीप सिंह पुरी से क्या रेिग्नेशन लेंगे हरदीप पुरी को मोदी के इतने मतलब मालूम है कच्चा चिट्ठा मालूम है कि उनको हटाएंगे तो तो पूरा जो मोदी का जो की जो है हुकूमत वही चली जाएगी। हरदीप लोग तो यहां तक कहते हैं कि हरदीप पुरी को मिनिस्टर भी बनाया गया था। एस्टीन के ही आदेश पर है ना एस्टीन के आदेश पर ही मोदी ने हरदीप पुरी को मंत्री बनाया था। तो ये ज्यादा के रिटायरमेंट के बाद ये किस में एक शामिल हो गए थे? कौन पीस इनिशिएटिव था हरदीप पुरी जी? उसमें थे। उसमें जाकर एफस्टीन से मिलते थे और उसके तुरंत बाद वो मिनिस्टर बन गए और कहते

20:09 हैं कि उन्होंने डिजिटल इंडिया की चर्चा एफस्टीन से तब कर दी थी जब ये औपचारिक रूप से यह काम शुरू भी नहीं हुआ था। देख रहे हैं आप तो एक तरह से एक रहस्य का और वो कीजिए। भाई ये जैसे नितिन गडकरी हैं, राजनाथ सिंह हैं। ये जो बड़े-बड़े नेता हैं लेकिन अभी तक राजनीति में मैंने इतना ज्यादा डिसिप्लिन नहीं देखा कि जब इस प्रकार के आरोप लग रहे हैं जिनकी पुष्टि हो रही है। माने कोबेटिव एविडेंस ना हो लेकिन एक सरकमस्टेंशियल एविडेंस तो बन ही रहा है कि भाई अनिल अंबानी पे कोई एक्शन नहीं हो रहा है। हरदीप सिंह पुरी लेकिन रिवोल्ट नहीं हो रहा है भारतीय जनता पार्टी के। तो इन लोगों की क्या मजबूरी है? नहीं नहीं मजबूरी कुछ नहीं रहती है। देखिए सब लोग मौके की ताक में रहते हैं। है ना?

20:56 मौके की ताक में रहते हैं। अभी उनको लगता है कि भाई अभी हम विद्रोह करेंगे तो हो सकता है हमारा विद्रोह कुचल दिया जाए। हम राजनाथ सिंह भी मार्गदर्शक मंडल में चले जाए। वो भी तो लगता है 75 के आसपास हो ही गए होंगे। फिर मोदी जी एक दिन बोले कि भाई अब आप हमारा मार्गदर्शन कीजिए तो फिर वो चले जाएंगे या आपने गडकरी साहब के बारे में कहा। लेकिन [नाक से की जाने वाली आवाज़] देखिए यहां राजनीति में कोई नहीं है कुछ। है ना? अभी देखिए पलटूराम की की नैया डूबने लगी तो केसी त्यागी जो 50 साल से पलटूराम के साथ थे वो चले गए राष्ट्रीय लोकदल में जयंत चौधरी के साथ चले गए राजनीति में देखिए ना दोस्त अस्थाई है ना दुश्मन अस्थाई है आपके स्वार्थ अस्थाई है जिस दिन ऐसा लगेगा कि मोदी की स्थिति सच में कमजोर हो गई उस दिन

21:43 सबकी अंतरात्मा जग जाएगी राजनाथ जी की अंतरात्मा जग जाएगी आपको गडकरी की अंतरात्मा जग जाएगी मोहन भागवत की जग जाएगी सब लोग कह रहे हैं और यह भी चर्चा शुरू है कि हो सकता है मधु किशोर मोदी विरोधी खेमे का ही मोहरा हो। ऐसी [नाक से की जाने वाली आवाज़] भी चर्चा है कि मधु ये भी ये भी सुना है जी कि ये कहीं से उन्हें इशारा मिला है। उन्हें सपोर्ट मिला है कि अब इस सरकार को गिराना है। ये हमारे लिए इनक्वीनिएंट हो रहा है। इस आदमी को बहुत दिन हम कैरी नहीं कर पाएंगे। विषय हटाओ और तुम मुहिम को आगे बढ़ाओ। क्योंकि जिस तरीके से अचानक मधु किशोर ने पलटी मारी है और बड़ा यह सब चौंकाने वाला बात है। जिस तरह से अचानक जी डी बक्शी

22:29 साहब ने पलटी मारी है तो सबको क्या एक साथ ज्ञान प्राप्त होने लगा है। ये तो ये है ये भी थोड़ा मतलब असमंजस करने वाली बात है कि अचानक जो बिल्कुल डाई हार्ड लोग थे जो अंधभक्तों के भी अंधभक्त थे अचानक उनके ज्ञान चक्षु खुलने लगे हैं। है ना? तो ये सब बातें हैं। आप देखिए आने वाले दिनों में क्या होता है। अभी बहुत सारी घेराबंदी होगी। पांच राज्यों के चुनाव में क्या होगा? ईरान के युद्ध में क्या होगा? एफिन फाइलें की देखिए और किस्त आने वाली है। कहते हैं कि एफिन फाइल्स के कुल 50 खंड है। सिर्फ एक खंड अभी आया है। अभी 49 खंड बाकी है। मतलब अभी तो हाथी की पूछ नजर आई है। पूरा हाथी तो अभी अंदर ही है। तो

23:14 उसमें क्या-क्या बातें आएंगी? तो अभी तो देखिए बहुत मतलब धमाकेदार खबरें मिलने वाली है हमको। जी चलिए अमिताभ जी काफी चीजों का लेकिन ये लोग शक जाहिर कर रहे हैं। इसका मतलब यह है कि मोदी जी के जाने के दिन आ गए हैं। अच्छे दिन आने वाले हैं और लोगों ने संभल लिया है। वर्ल्ड पावर्स ने भी संभल लिया है। क्योंकि आज की तारीख में देखिए अमिताभ साहब इतनी बड़ी मुश्किल हो गई है। ईरान, चीन और रूस [गला साफ़ करने की आवाज़] के साथ खड़ा हो गया है। पाकिस्तान अमेरिका के साथ खड़ा हो गया है। हमें ये नहीं पता कि हमारे साथ कौन खड़ा है। हम किसके साथ खड़े हैं। सब हमें इग्नोर कर रहा है। और हमारे माननीय मोदी जी जो विश्व भ्रमण करते थे अब चुपचाप चुनाव प्रचार में लगे हुए हैं। उनकी आखिरी लड़ाई है। किसी प्रकार से चुनाव जीत जिया

24:00 जाए। पांचों राज्यों के जनता से मैं निवेदन करता हूं कृपा करके भारत माता के प्रति अपनी संवेदनशीलता को बनाए रखें और हम लोगों पे कृपा रखें। चलिए अमिताभ साहब बहुत-बहुत धन्यवाद। बहुत-बहुत आभार। जी आपका भी

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