“भाजपा के कई नेताओं को मार्गदर्शक मंडल भेजने की तैयारी ?”的完整文字稿。点击时间戳即可从该位置打开视频。想要其他视频的字幕?试试 YouTube 字幕提取工具。
0:00 क्या भारतीय जनता पार्टी में कोई बहुत बड़ा बदलाव होने जा रहा है? क्या कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नवीन कुछ बड़े फैसले ले सकते हैं? भारतीय जनता पार्टी और उत्तर प्रदेश से लेकर दिल्ली तक के सियासी गलियारों में आखिर यह चर्चा क्यों मची हुई है? बात करेंगे इन तमाम मुद्दों पर। अंदर की खबरों पर भी बात करेंगे। क्या चर्चा चल रही है? क्या चकल्लस है? उस पर भी बात करेंगे। नमस्कार मेरा नाम चंद्रकांत है और आप उल्टा चश्मा यूसी देख रहे हैं। दोस्तों भारतीय जनता पार्टी ने हर किसी को चौंकाते हुए महज 45 साल के नितिन नवीन जो पांचवी बार बिहार में विधायक बने हैं। नीतीश कुमार की सरकार में मंत्री भी थे उनको भारतीय जनता पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष बना दिया। सबसे पहले बात कर लेते हैं कुछ देर नितिन नवीन के अध्यक्ष बनने पर फिर हम
0:46 खबर पर भी बात करेंगे। नितिन नवीन अध्यक्ष बनेंगे इस बारे में जानकारी सिर्फ तीन लोगों को थी। लोग ऐसा बताते हैं कि नरेंद्र मोदी ने एक मीटिंग बुलाई। ये एक ऑनलाइन मीटिंग थी। इसमें तमाम लोग जुड़े। बीएल संतोष, यदुरप्पा इनके अलावा अमित शाह और भी बहुत से लोग इस मीटिंग में जुड़े और कुछ मंथन हुआ। लेकिन तब तक यह किसी को नहीं पता था कि नितिन नबीन के नाम पर मुर लग सकती है। नितिन नबीन को लेकर जो ऐलान हुआ वो आप जानते हैं कि पार्टी के जो राष्ट्रीय महासचिव हैं अरुण सिंह वो लखनऊ में थे। उनके फोन की घंटी बजी और उनसे अमित शाह ने यह कहा कि नितिन नबीन के नाम का लेटर जारी कर दीजिए। वह पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष बनेंगे। अब नितिन नबीन कार्यकारी अध्यक्ष बन चुके हैं। हालांकि अभी वह उस तरह से फैसले नहीं ले सकते हैं
1:34 क्योंकि जेपी नड्डा अध्यक्ष हैं। लेकिन धीरे-धीरे धीरे-धीरे नितिन नबीन भारतीय जनता पार्टी में फैसले लेने लगेंगे और माना यह जा रहा है कि जनवरी में वो राष्ट्रीय अध्यक्ष भी बन सकते हैं। जेपी नड्डा भी इसी तरीके से राष्ट्रीय अध्यक्ष बने थे। पहले उनको कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया था। लेकिन अब चर्चा और बात इससे आगे की है। बात दरअसल यह है कहा यह जा रहा है कि खरमास खत्म होने के बाद यानी 15 जनवरी 2026 के बाद भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व और नरेंद्र मोदी की सरकार में कुछ अहम बदलाव किए जा सकते हैं। मसलन नरेंद्र मोदी की सरकार में कुछ चेहरे ऐसे हैं जो 2014 से लगातार सरकार में मंत्री बने हुए हैं। उन लोगों की छुट्टी
2:21 हो सकती है और उनकी जगह कुछ नए सांसदों को मौका दिया जा सकता है। इसी के साथ-साथ भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व में चाहे वह महामंत्री हों या वो अध्यक्ष हो उन तमाम लोगों में से एक आध को छोड़कर लगभग सभी बदले जाने हैं। और ऐसे चेहरों की एंट्री होनी है जिनके बारे में ना ज्यादा किसी ने सुना है ना ज्यादा कहीं चर्चा होती है। राष्ट्रीय अध्यक्ष के ऐलान के साथ-साथ उससे ठीक पहले भारतीय जनता पार्टी ने उत्तर प्रदेश में प्रदेश अध्यक्ष का ऐलान किया। तमाम नाम जो चर्चाओं में थे, जो रेस में थे, उन नामों को दरकिनार करके सात बार के सांसद पंकज चौधरी को प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया। पंकज चौधरी कुर्मी समाज से आते हैं। सात बार के सांसद हैं।
3:08 उनको कमान सौंपी गई है। बीते दिनों इन यूपी के तमाम सांसदों के साथ पंकज चौधरी ने एक डिनर पार्टी भी रखी थी। उसमें भी तमाम पहलुओं पर चर्चा की गई। पंकज चौधरी को भी उत्तर प्रदेश में अपनी नई टीम बनानी है और यह कहा जा रहा है कि जनवरी के लास्ट या फरवरी के शुरुआती हफ्तों में उत्तर प्रदेश में भी संगठन और सरकार दोनों जगह कई अहम बदलाव किए जा सकते हैं। राजनाथ सिंह के दोनों बेटों को लेकर भी चर्चा है कि पंकज सिंह उत्तर प्रदेश की सरकार में मंत्री बनाए जा सकते हैं या फिर नीरज सिंह का प्रमोशन किया जा सकता है। इसके अलावा भी तमाम मंत्रियों के नामों की फहरिस्त है और एक चर्चा जो लगातार उत्तर प्रदेश के गलियारों में चल रही है वो ये कि उत्तर प्रदेश में अब कोई तीसरा डिप्टी सीएम भी
3:56 हो सकता है यानी यूपी में तीन डिप्टी सीएम वाली पॉलिसी शुरू हो सकती है। इन तमाम चर्चाओं इन तमाम खबरों के बीच में एक चर्चा जो सबसे ज्यादा तेज है वो ये कि भारतीय जनता पार्टी बहुत से नेताओं को मार्गदर्शक मंडल में भेजने की तैयारी कर रही है। यानी उनको अब सक्रिय राजनीति से थोड़ा अलग रखा जाएगा वह मार्गदर्शक मंडल में रहकर भारतीय जनता पार्टी के लिए काम करेंगे। इनमें किन नेताओं का नाम है इसका तो अभी खुलासा नहीं हो सका है। लेकिन दो इशारे जो मिल रहे हैं कि नरेंद्र मोदी की सरकार में 2014 से जो लोग मंत्री बनकर बैठे हैं वो लोग और जो लोग भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व में बहुत दिनों से अहम पदों पर हैं वह लोग। उन सब की छुट्टी हो सकती है। उन सब की छुट्टी
4:42 करके कुछ को मार्गदर्शक मंडल में भेजा जाएगा और बाकी लोगों की अलग-अलग जिम्मेदारियां तय की जाएंगी। यानी खरमास खत्म होने के बाद भारतीय जनता पार्टी में लखनऊ से लेकर दिल्ली तक बहुत से अहम बदलाव देखे जाएंगे। संगठन और सरकार दोनों ही स्तर पर देखे जाएंगे। अब कौन मार्गदर्शक मंडल में जाएगा और किसकी लॉटरी खुल जाएगी यह भारतीय जनता पार्टी जाने क्योंकि बहुत से पत्रकार बहुत से राजनीतिक विश्लेषकों का अनुमान कम से कम प्रदेश अध्यक्ष यूपी और राष्ट्रीय अध्यक्ष को लेकर सटीक नहीं बैठ पाया वो गलत निकला। अब आने वाला वक़्त यह बताएगा कि भारतीय जनता पार्टी क्या कुछ बदलाव करने जा रही है क्योंकि उसकी नजर बंगाल चुनाव के साथ-साथ
5:28 उत्तर प्रदेश के चुनाव पर भी है। 2026 और 2027 नितिन नवीन के लिए एक बड़ी परीक्षा की तरह होंगे क्योंकि इन दोनों सालों में देश के कई अहम राज्यों में चुनाव भी होना है। फिलहाल इस खबर में मेरे साथ इतना ही। आप उल्टा चश्मा यूसी के साथ बने रहिए, जुड़े रहिए। नमस्कार।