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0:00 लेकिन सबसे पहले आज की एक बहुत ही खास और एक्सक्लूसिव खबर आपको दिखाते हैं। बिहार के युवा नेता नितिन नबीन को बीजेपी का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किए जाने के बाद अब 4 दिन बीत [संगीत] चुके हैं। लेकिन देश के धुरंधर राजनीतिक एक्सपर्ट्स और बड़े-बड़े पत्रकार अब भी इस सदमे से बाहर नहीं निकल पाए हैं कि उन्हें इस फैसले की भनक कैसे नहीं पड़ी और उनकी सारी भविष्यवाणियां गलत कैसे हो गई। क्योंकि नाम तो बहुत सारे चल रहे थे। बड़े-बड़े नेताओं के नाम चल रहे थे और इन बड़े-बड़े पत्रकारों ने और राजनीतिक एक्सपर्ट्स ने पहले ही ऐलान कर दिया था कि वह कौन-कौन से नाम हैं जिनमें से अगला बीजेपी का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना जाएगा।
0:47 असल में प्रधानमंत्री मोदी अपने भाषणों में हमेशा भविष्य का संकेत जरूर देते हैं। अगर आप उनकी बातों को ध्यान से सुनेंगे तो उनमें भविष्य की नीतियां और भविष्य का रोड मैप आपको जरूर [संगीत] दिखाई देगा। आज हम नितिन नवीन की नियुक्ति को आपके लिए डिकोड करेंगे। सबसे पहले आप प्रधानमंत्री मोदी का जून 2024 का यह बयान सुनिए। हम नए-नए सांसद आए हैं। कुछ पुराने सांसद हैं। कुछ ज्यादा अनुभवी सांसद भी हैं। आप देखते हैं कि इन दिनों पिछले दो दिन से आप टीवी पर देखते होंगे। एक भी सच्चाई मुझे उसमें नजर नहीं आई। कोई यह कह रहा है, कोई वो कह रहा था। सब
1:33 मैंने कहा जरा पूछो तो जानकारी लाते कहां से गब गोले चला रहे हैं। किसी के खाते में कुछ भी डाल करके चल रहा है। आजकल कई लोग सरकार बनाने में लगे हुए हैं। मंत्री पद बांट रहे हैं, पद बांट रहे हैं, व्यवस्था बांट रहे हैं। मैं आपसे आग्रह पूर्वक कहता हूं और जो मोदी को जानते हैं। यह सारे प्रयास निरर्थक है भाई। आप भी किसी का फोन आ जाए तो 10 बार वेरीफाई कीजिए कि जिसने फोन किया है वो सचमुच में अथॉरिटी है। अदर वाइज कोई भी कहे भाई आपका नाम हो गया है। सुबह परिवार को बुला लीजिए। शपथ समारोह में आना है। हो
2:20 गया। तो ऐसी गप बाजी करने वाली एक बहुत बड़ी फौज रहती है। कुछ लोग आदतन करते रहते हैं। कुछ लोगों को मजाक आती है लेकर और कुछ लोग बद इरादे से करते हैं। मेरा सभी सांसदों से आग्रह है कि हम इन सारे षड्यंत्रों का शिकार ना बने। प्रधानमंत्री मोदी के इस बयान से आप यह समझ सकते हैं कि जिन बड़े-बड़े नेताओं के नाम चल रहे थे मीडिया में और बड़े-बड़े पत्रकार उनके बारे में अपना पूरा ज्ञान बघार रहे थे। [संगीत] ऐसे बड़े नेताओं का बीजेपी अध्यक्ष ना बनना यह बताता है कि जहां राजनीतिक विश्लेषणों की सोच खत्म होती है। प्रधानमंत्री मोदी की सोच वहां से शुरू होती है और अब प्रधानमंत्री मोदी
3:06 का आप [संगीत] यह दूसरा बयान सुनिए। इसमें भी आपके लिए एक इशारा छिपा हुआ है। आज दिल्ली से मैं देश के नौजवानों से भी अपना एक आग्रह दोहराना चाहता हूं। मैंने 1 लाख नौजवानों को राजनीति में आगे आने के लिए कहा है। यह मैं इसलिए कहता हूं कि देश को सही मायने में एक गंभीर पॉलिटिकल ट्रांसफॉर्मेशन की जरूरत है। विकसित भारत को नई प्राण शक्ति की जरूरत
3:54 है। 21वीं सदी की राजनीति को नए आइडिया नई ऊर्जा की जरूरत है। नए चिंतन की जरूरत है। यह मैं इसलिए भी कह रहा हूं क्योंकि अगर अच्छे नौजवान बेटे बेटियां राजनीति में नहीं आएंगे तो ऐसे लोग राजनीति पर कब्जा कर लेंगे जो राजनीति में नहीं आने चाहिए। अब आप देखिए यहां पर भी प्रधानमंत्री मोदी ने साफ संकेत दिया था [संगीत] कि वह बीजेपी के नेतृत्व में एक जनरेशनल शिफ्ट चाहते हैं यानी नई पीढ़ी के नेताओं को वह
4:40 मौका देना चाहते हैं। इस बार बीजेपी ने जब अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष की खोज शुरू की तो कुछ पैमाने बनाए गए थे। पहला नेता 50 साल से कम उम्र का होना चाहिए यानी [संगीत] युवा नेता होना चाहिए। दूसरा उसे संगठन में काम करने का, चुनाव लड़ने का और सरकार में प्रशासनिक अनुभव होना चाहिए। यहां अगर आप देखें तो नितिन नवीन इन सारे मापदंडों पर बिल्कुल फिट बैठते हैं। उनकी उम्र 45 साल है। वो लंबे समय से संगठन में काम करते आ रहे हैं। वह बीजेपी के युवा मोर्चा में पदाधिकारी रह चुके हैं। वह पांच बार विधानसभा के सदस्य रहे हैं। विधानसभा में काम करने का विधायक के तौर पर काम करने का उन्हें अनुभव है। यानी लेजिसलेटिव
5:25 एक्सपीरियंस उन्हें है और 2021 से ही वह बिहार सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं। पथ निर्माण, नगर विकास और आवास मंत्री के रूप में वह काम कर रहे हैं। और बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व ने देश भर से लगभग 150 युवा नेताओं की एक ऐसी लिस्ट बनाई थी। इन नामों पर गहन चर्चा हुई और हर राउंड में कुछ नाम कटते चले गए और आखिर में जब फाइनल राउंड हुआ उसमें पांच से छह नाम बचे थे। जिनमें से नितिन नबीन को बीजेपी का कार्यकारी अध्यक्ष चुन लिया गया और बीजेपी की यही सोच आपको राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की नियुक्ति
6:12 में भी नजर आएगी। बीजेपी इस समय दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी है [संगीत] जिसमें लगभग 15 करोड़ सदस्य हैं। जिसमें से 11 लाख सक्रिय सदस्य हैं। सक्रिय सदस्य बीजेपी में उन्हें बनाया जाता है जिन्हें देश भर में जमीनी स्तर पर पार्टी के लिए काम करने का एक लंबा अनुभव होता है। देश में 10.5 लाख बूथ हैं। और बीजेपी देश की अकेली ऐसी पार्टी है जिसका देश के 90% बूथों पर अपना बूथ लेवल एजेंट मौजूद है। यानी आप नेटवर्क देखिए बीजेपी का कितना जबरदस्त है। एक-एक जो बूथ है बीजेपी ने उसे कवर किया हुआ है। हर बूथ पर बीजेपी का कोई ना कोई नेता और
6:57 कार्यकर्ता मौजूद है। एक जमाना था जब कांग्रेस भी एक ऐसी ही पार्टी हुआ करती थी जिसके पास एक राष्ट्रीय नेटवर्क था। देश के गांव-गांव शहर-शहर हर कोने में कांग्रेस के कार्यकर्ता थे। लेकिन अब कांग्रेस लगातार सिकुड़ रही है। एक-एक करके कांग्रेस का जो नेटवर्क है कार्यकर्ताओं का वो राज्यों से या तो कम हो रहा है या खत्म हो रहा है। बीजेपी के कार्यकर्ताओं और नेताओं में बड़ी संख्या में ऐसे लोग हैं जो लगातार दो पीढ़ियों से बीजेपी [संगीत] के साथ जुड़े हुए हैं। एक और खास बात देखिए। यानी देश में ऐसे लाखों परिवार हैं जो पीढ़ी दर पीढ़ी बीजेपी की विचारधारा से [संगीत] जुड़े हुए हैं। नितिन नवीन भी अपने परिवार
7:45 में बीजेपी की [संगीत] दूसरी पीढ़ी के नेता हैं। इससे पहले उनके पिता नवीन किशोर सिन्हा बीजेपी के बड़े नेता रह चुके हैं और बिहार में बीजेपी को मजबूत करने में उनकी एक बहुत बड़ी भूमिका रही है। और पीढ़ी दर पीढ़ी नेताओं और कार्यकर्ताओं को जो चीज जोड़ती है वो है विचारधारा। यानी ऐसा क्या है बीजेपी में कि बहुत बड़ी संख्या में ऐसे परिवार हैं आज हमारे देश में जो कि पीढ़ी दर पीढ़ी उनके परिवार में लोग बीजेपी के कार्यकर्ता रहे हैं। बीजेपी के लिए काम करते रहे हैं। पहले पिता काम करते थे अब उनके बेटे जो हैं वो काम कर रहे हैं और कई बार तो तीसरी जनरेशन भी आ जाती है। तो ऐसी कौन सी चीज है जो हजारों लाखों परिवार के लोगों को लगातार जोड़कर चल रही है और एक पीढ़ी के [संगीत] बाद
8:30 दूसरी पीढ़ी में यह बात चलती चली आ रही है। तो इसका कारण है विचारधारा। बीजेपी में एक खास प्रकार की जो विचारधारा है उसे अपने कार्यकर्ताओं तक नेताओं तक पहुंचाया जाता है और यह विचारधारा हर पीढ़ी को जोड़कर रखती है और इसका श्रेय जाता है राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को यानी आरएसएस को [संगीत] जिसकी ट्रेनिंग ने देश भर में करोड़ों लोगों का एक मजबूत और विशाल काडर तैयार किया है जो इस विचारधारा से जुड़ा हुआ है। यह पूरा की पूरा एक ऐसा इकोसिस्टम है। यह करोड़ों लोग ऐसे हैं जिनके सोचने समझने का तरीका उनकी विचारधारा एक जैसी है। और इस सोच का सूत्र वाक्य है राष्ट्र
9:17 प्रथम। तो आप देखिए जब राष्ट्र प्रथम की विचारधारा जोड़ी जाती है। एक लोगों के दिमाग में बचपन से यह बात डाली जाती है कि उन्हें देश के लिए काम करना है। राष्ट्र के लिए काम करना है और राष्ट्र सबसे ऊपर है। उसके बाद यह एक इकोसिस्टम बनता है और फिर वह इकोसिस्टम इस प्रकार के नेताओं को तैयार करता है और फिर वह नेता आगे चलकर अपनी जिम्मेदारियां निभाते हैं। तो नितिन नबीन को जो इस बार बीजेपी का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है। उसके पीछे बीजेपी की यह सारी सोच काम कर रही थी। प्रधानमंत्री मोदी ने कई बार इसका इशारा किया है। लेकिन लोग उन इशारों को अक्सर समझ नहीं पाते।