ये तूफ़ान नहीं झेल पायेंगे मोदी, बड़ा खुलासा ॥ Modi ॥ Politics

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简要总结

本视频讨论了美国即将公开的涉及多位政要性丑闻的文件,以及可能对印度政坛产生的影响。重点包括:

  • 美国即将公开的文件可能牵涉印度官员,引发政坛震动。
  • 印度人民党内部存在权力斗争,尤其以阿米特·沙和约吉·阿迪蒂亚纳特之间的矛盾为核心。
  • 种姓政治在北方邦的影响,以及约吉·阿迪蒂亚纳特政府对特定种姓的偏袒。

引言:美国文件风波与印度政坛

主持人提到美国即将公开一份包含不雅照片的文件,可能涉及多名政客,其中可能包括印度莫迪政府的部长级人物,引发印度政坛的猜测和不安。主持人回忆了过去因性丑闻而辞职的官员案例,并质疑莫迪是否能保护卷入丑闻的部长。

政坛内斗:阿米特·沙与约吉·阿迪蒂亚纳特

主持人指出,阿米特·沙试图削弱约吉·阿迪蒂亚纳特的影响力,而约吉也在反击。一起止咳糖浆丑闻和一名警察在黑帮头目 धनंजय सिंह 家对面建造豪宅的事件,都对约吉的声誉造成了影响。主持人质疑为何约吉政府的推土机没有拆除这名警察的豪宅,暗示其中可能存在问题。

文件内容:全球政要的性丑闻

嘉宾凯菲·马利克表示,这份文件包含大量照片和视频,涉及全球多位政要,包括特朗普和克林顿。他认为,即使文件公开,美国的法院也能保持公正。马利克还提到,有传言称,如果丑闻曝光,印度总理可能需要辞职。他指出,最近印度人民党内部发生了一系列人事变动,可能与此事有关。

权力洗牌:印度人民党内部的变动

马利克提到,印度人民党内部正在进行权力洗牌,许多资深官员可能被年轻面孔取代。他还暗示,美国公开的文件可能导致两到三名部长被撤职,特别是那些自2014年以来一直担任部长的官员。

北方邦的种姓政治

马利克指出,北方邦的政治与种姓密切相关。约吉·阿迪蒂亚纳特被认为在巩固其作为拉杰普特领导人的地位。他提到,约吉政府对 धनंजय सिंह 等黑帮头目的偏袒,以及对涉及种姓问题的事件的沉默,都表明政府存在偏袒行为。

约吉的策略与阿米特·沙的挑战

马利克认为,针对 धनंजय सिंह 和止咳糖浆丑闻的调查只是一个借口,真正的原因是约吉·阿迪蒂亚纳特已经成为阿米特·沙的竞争对手。他指出,阿米特·沙正在寻找机会削弱约吉的影响力,甚至不惜牺牲印度人民党在北方邦的利益。马利克还提到,约吉正在加强其社会组织和 नाथ 社区的网络,以巩固其在北方邦的地位。

权力斗争的最终结局

马利克强调,这场权力斗争非常激烈,最终将有一方失败。他将这场斗争比作一场政治谋杀,并暗示约吉·阿迪蒂亚纳特可能会像过去的许多领导人一样,最终失去权力。

石油政治与丑闻的影响

主持人提到石油在政治中的重要性,并询问如果美国公开的文件涉及印度部长,莫迪政府是否会保护他们。马利克认为,如果文件中的指控属实,许多人将被撤职,但印度人民党可能会试图掩盖此事,以避免损害其形象。他批评印度缺乏官员因失职而辞职的传统,并质疑为何某些官员能够长期担任部长职务。

总结:等待真相

主持人表示,真相将在24小时内揭晓,届时将进一步讨论此事。马利克感谢主持人的邀请,并表示期待未来的讨论。

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文字稿

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0:03 नमस्कार, मैं हूं संजय शर्मा। आप देख रहे हैं 4 पी.m. न्यूज़ नेटवर्क। अब सोचिए दिल अमेरिका में एक फाइल खुलने वाली है और फाइल में बहुत गंदी गंदी तस्वीरें आने वाली है। महिलाओं की तस्वीरें आने वाली है। कौन सा नेता होगा ये मैं अभी बता नहीं सकता। लेकिन मोदी सरकार के कुछ मंत्री हैं। उसमें ऐसी पूरे देश में चर्चाएं हैं। अब पता नहीं इन चर्चाओं में सच्चाई कितनी है या गलत है। केपी मलिक साहब कह रहे हैं कहां इस्तीफा होता है। दैनिक भास्कर के राजनैतिक संपादक है केपी मलिक वो कह रहे हैं ऐसी बातों पे कहां इस्तीफा होता है। तो मैंने उनको याद दिलाया कि जब बुरा वक्त होता है तो ऊंट पर बैठे आदमी को भी कुत्ता काट लेता है। इस्तीफा हुआ था एक बार। संघ के प्रचारक रहे मिनिस्टर थे राघव जी। वो बाथरूम में ही अपने नौकर के संग कपड़ा उतार के अप्रका सेक्स कर रहे थे। होमोसेक्सुअल थे तो इस्तीफा देना पड़ गया

0:50 था। किसी ने वीडियो बना लिया था। हालांकि मोदी जी ने फिर जैसे ही सरकार बनी तो सम लैंगिकता का कानून ही खत्म कर दिया कि भाई का भाई से हो नाता रिश्ता इसमें हमें पड़ना नहीं है। ये बात भी ठीक है। सेक्सुअल लाइफ है किसकी कोई कैसे जिए इससे फर्क पड़ता नहीं। लेकिन अमेरिका की फाइलों में नाम आ गया मंत्री को का तो क्या मोदी उनको बचा पाएंगे? और अमित शाह जिस तरह योगी को निपटाना चाहते हैं और योगी पलट के जिस तरह अमित शाह को जवाब दे रहे हैं, बीजेपी को जवाब दे रहे हैं, उसका नतीजा क्या होगा? एक कप सिरप कांड योगी के गले की फांस बन गया है। जातियों का आरोप लग रहा है। धनंजय सिंह नाम के एक शख्स ने योगी की पूरी साख को ताक पर लगा दिया है। एक सिपाही करोड़ों की बिल्डिंग बना के रह रहा है। धनंजय सिंह के घर के सामने। उस सिपाही का वोटर लिस्ट में धनंजय सिंह के

1:35 घर का पता होना और योगी का बुलडोजर धनंजय सिंह या उस सिपाही के घर तक ना पहुंचना योगी की सारे सिस्टम पर सवाल खड़ा कर रहा है। केपी मलिक से मैंने बहुत विस्तार से इन तमाम बिंदुओं पर बातचीत की है। बहुत अच्छी बातचीत है। ले चलता हूं आपको उनके पास। चैनल को सब्सक्राइब करिए, ज्वाइन करिए। चलते हैं केपी मलिक के पास। 4 पी.m. न्यूज़ नेटवर्क में बहुत-बहुत स्वागत है। केपी मलिक साहब आपका अभिनंदन स्वागत। धन्यवाद संजय जी। बहुत-बहुत धन्यवाद। एक गाना था कि आज की रात कयामत की रात ये रात फिर बाकी रह ना रहे। अमेरिका की फाइलें खुलने वाली है। जिन जिन लोगों ने जाके अमेरिका में अय्याशी की है नेताओं की उनमें से मुझे लगता है सब ने अपने पर्सनल डॉक्टर से कह रखा होगा कि रात में या कल जरूरत पड़ सकती है। ब्लड प्रेशर हाई हो

2:21 सकता है। ईसीजी गड़बड़ा सकता है। और जो कहानी खुल रही है उसमें बताइए कम उम्र की लड़कियों का यौन शोषण। दुनिया भर के नेताओं का नाम है ट्रंप से लेकर क्लिंटन तक लेकिन भारत के भी कुछ नेताओं के नाम आने की चर्चाएं बहुत है और पहला ही बम फोड़ दिया सवर्णम स्वामी ने बता दिया कि भारत के नेता है मंत्री हैं मोदी सरकार में और मुझे तो लग रहा है कि नाम आए या नहीं आए लेकिन जो गए होंगे जिन्होंने अय्याशी की होगी मंत्री जी ने अगर की होगी तो उन सबकी कितनी जान सूख रही होगी अपनी पत्नी को समझा रहे होंगे देखो गलती हो गई मेरी मां गए थे वहां तो चक्कर में फंस गए। अब कल हमारी तस्वीर आएंगी तो हमें माफ कर देना। घर गृहस्ती बचाए रखना। कुछ कुछ ऐसी बातें मंत्री जी कर रहे होंगे अपने घर पे। मुझे ऐसे लगता है। तो आपको क्या लगता है

3:07 कि इन सब बातों में कुछ सच्चाई है क्या? नहीं संजय जी मैं तो बिल्कुल जहां आपने बात खत्म करी है वहां से शुरू करूंगा। एक तो काफी ऐसे लोग हैं जिनकी पत्नियां ही नहीं है। तो आप उनकी चिंता मत करिए। दूसरे यह है वो वो क्रांतिकारी है जिनकी पत्नियां भी है वो उनकी कारगुजारी से भली-भांति वाकिफ है। ऐसे थोड़ी गए थे वहां पे और वो खाली हाथ थोड़ी आए हैं। बहुत कुछ करके आए हैं। माल लाए बहुत सारी चीजें लाए हैं। और इसमें नेताओं के अलावा कोई क्रिकेटर विद्वान बहुत सारे बिजनेसमैन बहुत सारे लोग हैं। देखिए करीब 300 जीबी की फाइल है। 95 हजार से 1 लाख फोटोग्राफ्स और वीडियो हैं। इतना जखीरा है। आप सोचिए

3:53 पूरे दुनिया का जखीरा है और आपको पता है कि वो लंबी जांच उसमें की है और ट्रंप को मजबूर होना पड़ा है उस कानून को बदलने का कि वो जो फाइल है कॉन्फिडेंशियल फाइल है उसको सार्वजनिक किया जाए और जबकि उसमें दोद राष्ट्रपति और पूर्व राष्ट्रपति हैं अमेरिका के कई सारे बड़े-बड़े लोग हैं। उसके बावजूद ये हाल क्योंकि वहां की अदालतें जो है वो अपने तरीके से काम करती है। इसके लिए तो कम से कम हम सराहना कर सकते हैं अमेरिका जैसे देश की कि जहां पर कम से कम अदाल अदालतें निष्पक्ष तौर पर काम करती है। लेकिन इस चीज से नकारा नहीं जा सकता कि वहां भी यह हुआ कि उस व्यक्ति की जेल में जब कहते हैं कि हत्या हुई या

4:39 उसकी मौत हुई कहते हो सरकार ने तो यह बताया कि उसने आत्महत्या कर ली। लेकिन चलो आत्महत्या कर ली समझ में आता है तो उस टाइम सीसीटीवी बंद क्यों हुआ? वहां पर तो 24 घंटे की रिकॉर्डिंग होती है। तो बहुत सारे सवाल उठते हैं और बहुत सारे लोगों की नींद उड़ी हुई है। बहुत सारे लोगों का बीपी बढ़ा हुआ है कि कल क्या होगा और उसकी आंच जो है हमारे यहां भी आएगी। कितनी आएगी, क्या होगा यह तो कल ही पता लगेगा। इसीलिए आपने भी कहा मैं भी कहता हूं कि यह कयामत की रात है। आज क्या होगा यह देखा जाएगा। दूसरी बात यह है संजय जी कि यह कोई छोटामोटा मामला नहीं है। और मुझे लगता है कि जिस प्रकार से पहले भी हमने चर्चा की थी कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने अभी हाल फिलहाल में कई

5:26 सारे दावे इस तरह के किए। उससे पहले सुमन स्वामी लगातार कहते रहे हैं और बीच में तो उन्होंने कई सारे इस तरह के ट्वीट खोल दिए थे। बाद में हालांकि उन्होंने डिलीट भी कर दिए। लेकिन ये बातें अब जो है डिस्कशन में आ गई है और दिल्ली की लुटियंस जोन में ये बहुत तरीके से आज चल रही है। बहुत गहराई से आज चल रही है और कई लोगों ने तो यहां तक दावा किया है कि हो सकता है कि पीएम को भी इस तरह की पोल पट्टी खुलने के बाद इस्तीफा देना पड़े और आज हालात जो लग रहे हैं संजय जी बहुत ही मैं कह रहा हूं गंभीर हालात दिल्ली में है जिस तरह लगता है कि तूफान से पहले की एक शांति आज हमने कई सत्ता के गलियारों में कॉरिडोर में देखी है कि जहां

6:11 पे आज सुनसान था हम एक दो मंत्रालय में गए एक आध मंत्री के घर में गए देखा सब जगह सुनसान था और समझ में नहीं आ रहा था गलियां इतनी सुनी क्यों है तो यह देख के लगता है कि मामला क्या है किसी को कुछ समझ में नहीं आ रहा है जिस प्रकार से बड़ी तेजी से कई सारे घटनाक्रम भारतीय जनता पार्टी में हुए चाहे वो उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष को ले हो चाहे वो राष्ट्रीय अध्यक्ष को ले हो चाहे खटखट खटखट जैसे आपने देखा कि पहली बार ऐसा हुआ कि मोदी जी ने अपने घर पर सांसदों को बुलाया पहली बार ऐसा हुआ कि चुपचाप जो सबसे ज्यादा नींद तो उन चारों की उड़ी हुई है जो राष्ट्रीय अध्यक्ष के सपने देख रहे थे। अब वह राष्ट्रीय अध्यक्ष को भूल जाए। उनको तो यह हो गया कहीं मंत्रिमंडल में उनकी

6:57 कुर्सी ना चली जाए। क्योंकि जब 45 साल के राष्ट्रीय अध्यक्ष आए हैं तो जो 50 साल से ऊपर वाले हैं उनकी तो नींद उड़ गई है। कहीं मोदी जी ऐसा तो निर्णय नहीं कर देंगे कि मार्गदर्शक मंडल में 75 से ऊपर वाले नहीं 50 से ऊपर वाले जाएंगे। अगर यह फार्मूला नया आ गया 50 या 55 से ऊपर वाले लोग मार्गदर्शक मंडल में जाएंगे तो वह तो मार्गदर्शक मंडल के लिए तो कहीं बड़ी जगह बनानी पड़ेगी और मार्गदर्शक मंडल की लिस्ट तो बहुत लंबी होने वाली है भारतीय जनता पार्टी में वैसे भी होगी क्योंकि आप देखेंगे कि चंद रोज में जब आपको देखेंगे खरमास के बाद या अभी थोड़ा सा शुभ मुहूर्त निकलेगा हमारा जो वो मकर सक्रांति आती है उसके आसपास जो है आपको शुभ मुहूर्त निकलेगा उसमें आपको दिल्ली की सत्ता में

7:44 कई सारे नए मंत्री कई सारे युवा चेहरे दिखाई देंगे। कई पुरानों को मार्गदर्शक मंडल में भेजा जाएगा। कई की छुट्टी होगी। तो क्या यह जो फाइल अमेरिका में खुलेगी इसके बहाने से भी दो तीन मंत्री की छुट्टी होगी क्या? यह भी हो सकता है जो लगातार 2014 से मंत्री है। तो बहुत सारे सवाल हैं जो हमारे सामने आने बाकी है। जी इस बीच में इस पूरी राजनीति में उत्तर प्रदेश और केंद्र बिंदु में आ गया है। अमित शाह का और योगी आदित्यनाथ का सास बहू का रिश्ता है। ये सबको पता है। और जहां तक मैं समझ पा रहा हूं कि योगी आदित्यनाथ को लग रहा है कि दिल्ली घेराबंदी करे उससे पहले हम लोग खेलते थे तो एक कहावत की जाती थी खेलेंगे नहीं तो खेल बिगाड़ देंगे। तो योगी आदित्यनाथ ने भारतीय जनता पार्टी का पूरा खेल बिगाड़ने का ठेका ले लिया है। वो

8:31 अपने आप को एक बड़े राजपूत नेता के रूप में स्थापित कर रहे हैं। क्योंकि राजनाथ सिंह के बाद कोई बड़ा राजपूत नेता बचेगा नहीं भाजपा में। और मेरे ख्याल से योगी आदित्यनाथ कामयाब भी हो गए हैं एक क्षत्रिय नेता के रूप में स्थापित करने के लिए। अपनी कुर्सी दाव पर लगा दी है। कफ नशीरी कफ दवाओं का जब जखीरा खुला पता चला एक सिपाही की करोड़ों रुपए की कोठी बनी हुई है। वो भी माफिया धनंजय सिंह के घर के सामने है। उस सिपाही का घर का पता माफिया धनंजय सिंह के घर के पते पर है। यानी वोटर लिस्ट में दोनों एक ही घर में रहते हैं। धनंजय सिंह योगी आदित्यनाथ के कितने दुलारे हैं सबको पता है। और वो जो करोड़ों की सिपाही की कोठी है। सिपाही की कोठी करोड़ों की ईडी वहां छापे मार रही है। लेकिन योगी का बुलडोजर वहां नहीं जा रहा। गोरखपुर में इनकम टैक्स के रेट चल रही है।

9:17 यानी अब दिल्ली के इशारे पे उत्तर प्रदेश में दनादन दनादन ईडी इनकम टैक्स की रेड चल रही है। और लोग कह रहे हैं कि धनंजय सिंह जो योगी के करीबी है उनको अमित शाह निपटा देंगे। क्योंकि एक बार बताया जाता है अमित शाह की रैली होनी थी। शायद 2014 के आसपास की बात है। तो धनंजय सिंह आसपास के नल तक खुलवा दिए थे। पानी भी ना मिले लोगों मना कर रहे थे जाने की बात कि अमित शाह की रैली में नहीं जाना। तो भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ एक लंबे समय तक वो साजिश करते रहे हैं। अपने आप को धनंजय सिंह जौनपुर का बाहुबली बताने की कोशिश करते रहते हैं। ये अलग बात है कि वो कोई एक चुनाव के बाद लगातार चुनाव हारे हैं। बीजेपी के खिलाफ लड़े हैं। तो उनको हैसियत तो जौनपुर में पता चल गई है। लेकिन तब भी अमित शाह से पंगा लेने की गलती कर बैठे और उनको लगा कि योगी आदित्यनाथ का करीबी होना

10:03 बचा देगा। लेकिन उनके सिपाही के घर पे जो उनका दुलारा सिपाही है सैकड़ों करोड़ की गाड़ी अभय संपत्ति करोड़ों की गाड़ियां गिफ्ट हुई है। एक दिल्ली के मंत्री का नाम आ रहा है कि उससे कहा गया ₹1 करोड़ देंगे शुभम जायसवाल को एनएलसी बनवा दो। इतना बड़ा रैकेट मैं समझ नहीं पा रहा योगी आदित्यनाथ अपनी छवि को ताक पर रखकर अपने राजनीतिक करियर को ताक पर रखकर एक बाहुबली का एक माफिया धनंजय सिंह का साथ क्यों दे रहे हैं और धनंजय सिंह को निपटाने के लिए अमित शाह जुट गए हैं और बाकी भी गरीबों के यहां इनकम टैक्स और ईडी के छापे पड़ रहे हैं। गोरखपुर में छापे पड़ रहे हैं। ये जो आपस की लड़ाई है और जो राजपूत नेता के रूप में स्थापित होंगे तो पिछड़े और दलितों की दूरी बीजेपी से लगातार बढ़ती चली जा रही है। यह पूरा जो यह घटनाक्रम इकट्ठा हो रहा

10:48 है यह क्या संकेत दे रहा है मलिक साहब? संजय जी मैं समझता हूं कि चाहे वो धनंजय सिंह हो चाहे दूसरे लोग हो चाहे कप सिरप हो ये सिर्फ एक बहाना है। इस तरह की चीजें बहुत सारे भारतीय जनता पार्टी के जो शासित राज्य हैं उसमें चल रहा है काम। खेला खूब हो रहा है। राजस्थान में खाद में मिलावट हो रही है। पथरी पथरी का खाद बनाकर किसानों को बेचा जा रहा है। बहुत सारे घोटाले घपले मध्य प्रदेश में चल रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी की सत्ता उत्तर प्रदेश में है। वहां ईडी और जो है इनकम टैक्स के छापे पड़ रहे हैं। यह कोई छोटी बात नहीं है। इसको आप टकराहट ये देखिए कि ये योगी की और अमित शाह की टकराहट है जो बढ़ गई है। आपको यह देखना होगा कि योगी सबसे बड़े

11:36 दुश्मन बनके बैठे हैं। अमित शाह के सबसे बड़े कंपटीिट बनके बैठे हैं। आज पार्टी का हिंदुत्व का सबसे बड़ा चेहरा है और पीएम बनने के रास्ते में सबसे बड़ा रोड़ा योगी है। योगी को निपटाने के लिए प्रदेश अध्यक्ष को भेजा गया है। दुश्मन का दोस्त हमारा दुश्मन और दुश्मन का दुश्मन हमारा दोस्त। तो दुश्मनी जो थी बाबा की वो जिन जिन से थी पंकज चौधरी कोई बहुत राज दुलारे तो थे नहीं बाबा के और एक डॉक्टर साहब है आप जानते होंगे राधा मोहन दास जो डॉक्टर है कभी होते थे दोस्त बाबा के लेकिन आज वो दुश्मन थे तो वो बहुत करीब आ गए शाह साहब के उनको चुनाव लड़ाया नहीं जीत पाए तो उनको राज्यसभा भेज दिया तो ये कैसे हो गया

12:23 तो अमित शाह भी ढूंढढूंढ के लाते हैं कि बाबा के खिलाफ कौन है उनको उनके चारों तरफ लगाया जाए तो ये अमित शाह की योजना है कि बाबा को घेरा जाए और देखिए मेरी इंफॉर्मेशन यह है संजय जी कि बाबा को निपटाने के लिए अगर अमित शाह को भारतीय जनता पार्टी की कुर्बानी भी उत्तर प्रदेश में देनी पड़े तो वह कुर्बानी देने को तैयार है। उनको किसी भी कीमत पर भारतीय जनता पार्टी में दिल्ली नहीं आने देना है। उनको नंबर टू नहीं होने देना है। आप यह देखिए पिछले दिनों एक एजेंसी है। न्यूज़ की एजेंसी है। रर्स विदेशी एजेंसी है। उसने अपनी एक खबर में दावेदार बाबा को बता दिया था कि पीएम के अगले दावेदार योगी आदित्यनाथ हैं। तो यह बात क्या गले

13:09 उतरेगी अमित शाह जी को? क्योंकि वह तो खुद दावेदार समझ रहे हैं। तो यह एक वॉर है और अमित शाह के निशाने पर जो जो आए हैं अमित शाह ने उनको निपटा दिया है। चाहे वो गडकरी हो, चाहे वो फडनवीस हो, चाहे वो शिवराज हो, चाहे वो जो आपकी राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वो है अपनी वसुंधरा जी उनको निपटाना हो। अब बाबा बचे हुए हैं। बाबा का सोटा घूम रहा है। अब कितने दिन घूमेगा? कितने दिन मठ का मामला चलेगा? यह तो बाबा बता सकते हैं। लेकिन अमित शाह के सामने बाबा कितना लड़ पाएंगे यह देखने वाली बात है। और ये इस इन सारी चीजों की पुष्टि इस बात से होती है कि सर का जो मामला पूरे देश में चल रहा है और भारतीय जनता पार्टी वकील बनी हुई है और चुनाव आयोग तत्काल

13:56 जवाब देता है। बाबा ने कहा चार करोड़ वोट कट गए हैं। 85% वोट हमारे कट रहे हैं। तो बाबा क्या कह रहे हैं? कौन से मौके पर कह रहे हैं? अभी क्यों कह रहे हैं? इसके बहुत मायने हैं। तो इसको समझने के वह किस पर वार कर रहे हैं? वो किस पर इशारा कर रहे हैं? चुनाव आयोग क्यों नहीं बोल रहा है? भारतीय जनता पार्टी का कोई नेता क्यों नहीं बोल रहा है? तो यह बताता है कि कहीं ना कहीं मामला बहुत बड़ा चल रहा है और वार जो है बड़ी लंबी छिड़ गई है। अब इस वार में एक व्यक्ति को शहीद होना है तो वो दिल्ली वाला शहीद होगा कि लखनऊ वाला शहीद होगा ये हमें और आपको देखना है। अब जी मलिक साहब पूरा पूरी राजनीति अब जातीय संतुलन पर टिकी है। जाति के आधार पर टिकी है। उत्तर प्रदेश जैसा राज्य खासतौर से

14:44 जाति के आधार पर टिका है। ऐसे में अगर योगी आदित्यनाथ खुल के राजपूत कार्ड खेल रहे हैं। एक बार आज योगी जी ने कहा भी था कि मुझे राजपूत कुल में पैदा होने का गर्व है। भगवान राम भी इस कुल में पैदा हुए और जिस तरह से वो करणी सेना के एक आयोजन में सरकार की एक खुली एक तरह के छूट रही। लोग हथियार लहराते रहे। एक दलित सांसद रामजी लाल सुमन को गाली देते रहे। लेकिन सरकार खामोश रही। और उसके बाद धनंजय सिंह के कार्ड ने ये बात साबित कर दी कि सरकार अगर कोई माफिया एक जाति विशेष का है तो उस पर बड़ी मेहरबान रहती है। उस पर बुलडोजर चलता नहीं है। एक कड़ी खुदती चली गई और फिर ये एक बड़ी लड़ाई बनती चली गई और बाबा अपना सर्वश मतलब एक तरफ वो कानून व्यवस्था की दुहाई देते हैं कि हमने इतने इतने बड़े माफिया

15:30 निपटा दिए। लेकिन धनंजय सिंह और उनके गैंग गैंग ही कहूंगा मैं एक सिपाही अगर करोड़ों रुपए की कोठी बना रहा है उस पर बुलडोजर नहीं चला रहा है क्या एक जाति का नेता होने की इतनी बड़ी कीमत चुकानी पड़ती है योगी आदित्यनाथ को पड़ेगी कीमत की वो अपनी पूरी साख जो कानून व्यवस्था पे खड़ी हो रही थी उसको ध्वस्त कर देंगे अगर वो कोठी नहीं गिरती है उस कोठी पर बुलडोजर नहीं चलता है धनंजय सिंह पे कारवाई नहीं होती है इसका मतलब साफ है कि अगर आप एक जाति विशेष के राजनेता हैं तो आपके लिए सात खून माफ है। क्या यह बात सही है? नहीं संजय जी देखिए इस चीज पे अगर कोठी पर बुलडोजर नहीं चलता है, धनंजय सिंह पे कोई कारवाई नहीं होती है। इसका प्रदेश में कोई बहुत फर्क पड़ने वाला नहीं है। बाबा के खिलाफ इससे कोई फर्क उत्तर प्रदेश में

16:17 नहीं पड़ेगा। जो फर्क पड़ेगा वो दिल्ली से पड़ रहा है और दिल्ली उस पर कार्यवाही कर रहा है। दिल्ली इतना प्रभावित संजय जी उत्तर प्रदेश में नहीं होगा। आपने लोकसभा के चुनाव में देखा। आज आप देखिए बाबा की जो बॉडी लैंग्वेज थी जब वह कह रहे थे कि कार्यकर्ताओं को घरघर जाना होगा और जो हमारे अध्यक्ष जी आए हैं यह उत्तर प्रदेश के हर जिले में 75 जिले में तीन-तीन जगह जाएंगे देख लीजिए भैया अगर आप हार गए तो फिर आप जाने तो वो बाबा किसको धमका रहे हैं किसको समझा रहे हैं क्या कर रहे हैं वो बाबा कल्याण सिंह नहीं है कि चुपचाप हारे और निकल ले बाबा लड़ाई लड़ेंगे मैं आपको उत्तर प्रदेश की जो मेरी क्षेत्र में गांव में बात होती है। बाबा द्वस्तरीय अपनी तैयारी उत्तर प्रदेश में कर रहे हैं।

17:03 एक तो उनका जो सामाजिक संगठन है उसको वो लगातार बढ़ा रहे हैं। मजबूत कर रहे हैं। दूसरा जो नाथ संप्रदाय का जो एक नेटवर्क उनका चलता है वो पूरे यूपी में तैयार कर रहे हैं। कई सारे ऐसे छोटेोटे मठ हैं। कई सारे ऐसे छोटे-मोटे मंदिर हैं। मेरे खुद गांव का मंदिर है। संजय जी मैं आपको बताऊं वहां पर श्मशान घाट है और वहां पे कई एकड़ जमीन पड़ी हुई थी जिस पर कुछ लोगों ने इललीगल कब्जा कोई खेती वेती दबाई हुई थी कुछ नाथ संप्रदाय आकर बैठ गया वहां पे हमने सुना भैया नाथ संप्रदाय यहां पर कहां से आकर बैठ गया यहां तो एक छोटा सा मंदिर था शिव जी का और मंदिर भी नहीं था खाली एक वो पिंडी रखी हुई थी और लोग जो है उस पर अपना शिवरात्रि पे या दूसरे टाइम पर वहां पर जो है पानी वानी जल चढ़ाते थे और पूजा

17:50 पाठ जो है महिलाएं रो करके आ जाते थे वहां नाथ संप्रदाय प्रकट हो गया है और उन्होंने कहा है कि हम सारी जमीन खाली कराएंगे जो लोगों ने कब्जा किया हुआ है ये किसके इशारे पर हो रहा है इसका मतलब क्या है तो इस तरह का संगठन बाबा पूरे उत्तर प्रदेश में तैयार कर रहे हैं तो उत्तर प्रदेश में बहुत ज्यादा नुकसान अमित शाह योगी जी को पहुंचा पाएंगे इसमें मुझे थोड़ा संशय है क्योंकि योगी जी आज भी देखिए योगी को काटने के लिए आज भी कोई सीधासीधा आरोप योगी पर नहीं आ रहा है। आप धनंजय सिंह पर आरोप लगा सकते हैं। आप कप सिरप की नकली फैक्ट्री चला सकते हैं। आप बहुत सारी चीजें चला सकते हैं। बाबा के ऊपर किसी प्रकार का आरोप टिक नहीं पा रहा है। उनका

18:37 जो सिर है वो इतना फिसलनेदार है। आप पता नहीं कोई क्रीम वगैरह लगा रहे हैं। क्या कर रहे हैं। बहुत चमकदार है। जैसे आप कई बार किसी चीज पर पानी डालते हैं वो बह के नीचे आ जाता है। टिक ही नहीं पा रहा। तो बाबा के ऊपर कुछ टिक ही नहीं पा रहा है। तो अमित शाह जी उनके ऊपर ऐसी कौन सी चीज डालेंगे जो टिक जाए और किस में उनको फसाए ये वो अमित शाह भी इस तलाश में है लेकिन बाबा उनके चंगुल में फंस नहीं पा रहे हैं। लेकिन यह मैं निश्चित तौर पर कह सकता हूं कि वॉर भयंकर है और निर्णायक स्थिति में है। अब कौन शहीद होगा, कौन जीतेगा, कौन हारेगा यह देखना होगा क्योंकि इसमें एक को मरना होगा और एक को जीना होगा। मतलब मरने जीने का मतलब मैं राजनीतिक हत्या की बात कर रहा हूं कि आपकी राजनीतिक हत्या होगी या राजनीतिक जीत होगी या आप भी विनय

19:25 कटिहार की तरह जो है राजनीतिक रूप से मर जाएंगे विनय कटिहार उमा भारती और बाकी जो आपके इस श्रेणी के नेता थे वो कहां है आज पंकज चौधरी इतने अग्रेसिव तो है नहीं जितने विनय कटिहार जी और उमा भारती थे तो क्या पंकज चौधरी उस रेस के घोड़े हैं जो बाबा के सामने टिक जाएंगे मुझे थोड़ा संशय संजय जी बाकी आप बता सकते हैं आपके पड़ोसी हैं। आप जो है उनहीं के तेल में तले हुए समोसे भी खाते हैं लखनऊ में। ये बात ये बात तो बिल्कुल ठीक है। बस योगी जी के समोसे का इंतजार है मुझे। योगी जी बाकी ईओब्ल्यू इनकम टैक्स और पुलिस वुलिस तो बेचते रहते थे पहले। समोसे खिलाने के लिए कभी नहीं बुलाया उन्होंने मुझे। तो आपने कहा है तो शायद योगी जी किसी दिन समोसे खिलाने। नहीं पंकज चौधरी पंकज चौधरी का जो फेमस ब्रांड तेल है उस तेल के समोसे

20:11 उस तेल में ही समोसे तले जाते हैं। बाजार से भी खरीद के खाएंगे तो वही तेल यूज़ होता है। राहत रू तेल हां मुझे तो याद आया वो एक पडकास्टर है शुभांकर। वो तेल बेचने का विज्ञापन करता है। फिर वो अडानी के चैनल पे जाके करने लगा। मैंने शो भी किया भैया कि तेल बेचने वाले अडानी का चैनल चलाने लगे। तो मुझे आजकल तेल बेचने वालों की लॉटरी लगी हुई है। एक अड़ानी का चेहरा चला रहा है। एक बीजेपी चला रहा है। तो तेल बेच तेल बेचने का धंधा अच्छा है। और वो जो अपने इलाहाबाद वाले नंदी हैं उन्होंने भी उन्होंने भी करोड़ों रुपए के खेल किए हैं। वो भी कुछ तेलवेल के धंधे में लगे रहते हैं। तेल का तेल लगाना देखिए तेल तो तेल लगाना भी तो होता है ना। तेल जो लगाते हैं नेता जी को नेता जी को तेल लगाना तेल मालिश करना तेल के समोसे खिलाना यही तो आजकल तरक्की का

20:57 रास्ता है से अच्छा उधर देखिए ना अंबानी ने भी तो रूह से तेल मंगा के बाहर बेच दिया निपट गए मोदी जी नहीं अड़ानी अडानी और बाबा रामदेव भी जो है उसका पाम का तेल मंगवाते हैं जी जी जी तो तेल का ही खेल है भाई साहब तेल का खेल है और और तेल में आगे बढ़ जाइए आप कि अभी जो रशिया के राष्ट्रपति व्लादमीर पुतिन आए थे वो भी तेल के लिए आए थे। वो कह रहे थे भाई मेरा तेल खरीदो। अमेरिका भी कह रहा है मेरा तेल। खेल ही तेल का है। तेल का खेल तेल का खेल शीर्षक बहुत साहब के और मोदी जी के हाथ में आते हुए फोटो लगे हैं। मुझे बताइए कि अगर वो अमेरिका में कुछ मंत्रियों जी के फोटो आ गए तो क्या उन मंत्रियों का इस्तीफा हो जाएगा मोदी सरकार के या फिर मोदी जी बचाएंगे उन मंत्रियों को? कहेंगे एआई के

21:44 फोटो है, फोटो नकली है। इस तरह की बातें आएंगी। नहीं संजय जी देखिए वो एक्चुअली बहुत बड़ा मामला है वो और मुझे लगता है कि अगर उसमें इस तरह की चीजें होती है नाम आते हैं तो बहुत सारे लोगों को हटाना पड़ेगा क्योंकि मामला बहुत पका हुआ है हालांकि कोशिश करेगी भारतीय जनता पार्टी और उनका शीर्ष नेतृत्व के लोगों को ना हटाया जाए क्योंकि वो चाहेंगे कि भाई हमारी इमेज खराब ना हो और एक परंपरा ना पड़ जाए पार्टी में कि छोटा सा कुछ होते ही लोग घेर ले इस्तीफा देना पड़े क्योंकि यहां पर बहुत सारी घटना इंडिया में होती है। इस्तीफा तो किसी ने दिया नहीं है। बहुत सारी ट्रेन दुर्घटनाएं हुई, बहुत सारी दूसरी दुर्घटनाएं हुई। कई सारे पुल टूटे, कई सारी बैंकों में गड़बड़ियां हुई, कई सारी फाइनेंस की

22:31 गड़बड़ियां हुई। दवाइयों की गड़बड़ियां लगातार होती है। तो किसी स्वास्थ्य मंत्री ने तो इस्तीफा दिया नहीं है। कप सिरप अगर नकली बन रहा है तो सबसे पहले उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री और फिर दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री को इस्तीफा देना चाहिए। तो इस्तीफे की परंपरा तो भारतीय जनता पार्टी में है नहीं और नहीं दिया इस्तीफा तो हम और आप क्या उखाड़ लेंगे तो इसलिए लेकिन एक दबाव आपके ऊपर बनेगा और जनता में एक तरह का विद्रोह दिखेगा इस चीज को देख के कि इतना बड़ा मामला होने के बावजूद ये लोग मंत्री पद पर किस किस क्यों रहे क्यों बने हुए हैं क्यों रह रहे हैं और मैं तो आपको बताता था ना कि जब तक हम जैसे लोगों को जानकारी नहीं थी हम तो आश्चर्य करते थे कि भारतीय जनता पार्टी जैसी सिद्धांतवादी नैतिकतावाद वाली पार्टी जो अपने आप को बताती है वो हरदीप पुरी जैसे व्यक्ति को

23:17 लगातार तीसरी बार क्यों मंत्री बना रहे हैं? इनकी उपयोगिता क्या है? आपने एक नौकरशाह को रिटायर करके या वीआरएस दिला के आपने उसको विदेश मंत्री बना दिया। उनकी ऐसी क्या उपयोगिता है? तो हमें तो अब समझ में आ रहा है ना कि इनकी उपयोगिता ये है। तो इसलिए इनको हटाना अब मोदी जी कितना इनको हटाएंगे, कितना क्या करेंगे ये तो उन्हीं पर डिपेंड करता है या ऐसा तो नहीं कि वो खुद भी हट जाए। वक्त होता है इस्तीफा कभी-कभी जब बुरा वक्त होता है तो इस्तीफा देना पड़ जाता है। जैसे आपको याद होगा संघ के एक बहुत बड़े स्वयंसेवक थे। मंत्री जी थे राघव जी। वो बाथरूम में अपने नौकर के संग कपड़े उतार के अप्राकृतिक क्रिया कर रहे थे। तो विचारों का किसी ने वीडियो बना लिया तो उन प्रसंग के प्रचारक रहे। मंत्री जी को इस्तीफा देना पड़ गया। राघव जी को। हालांकि मोदी जी बढ़िया है। उन्होंने फिर

24:03 समलैंगिकता का कानून ही खत्म कर दिया। सरकार बनने के बाद में मतलब ही खत्म है कि अगर कोई समलैंगिक है तो उसका कानून ही खत्म कर दिया जाए। तो कोई दुर्भाग्यशाली होते हैं जो इस मामलों में फस के इस्तीफा देते हैं। आप कह रहे हैं कि मोदी जी बचा लेंगे मंत्री को। वो हरदीप पुरी का बेचारे का नाम पता नहीं क्यों बार-बार आ जा रहा है। जो भी आ रहा है ना हरदीप पुरी का नाम ले रहा है। बेचारे उनका ये है उनका इसलिए है संजय जी कि वो लंबे समय तक अमेरिका में रहे हैं। वहां के राजदूत रहे हैं और काफी उनका मामला है और कुछ इस तरह के तथ्य भी सामने आए हैं। बीच में सुब्रमण्य स्वामी ने भी कई जगह जिक्र किया है। इसलिए गाय बगाए उनका नाम आ जाता है। अभी तथ्य तो किसी के पास नहीं है। एक अंदाजा ही है और हम भी एक कल्पना ही कर सकते हैं। सच्चाई तो असली फाइल खुलने के बाद ही पता चलेगी। चलिए और 24 घंटे की बात है। फिर जब नाम

24:49 खुलेंगे और नामों पर चर्चा करेंगे मलिक साहब क्योंकि दिल्ली के जितने मंत्री हैं ये आपके भी बड़े करीबी रहते हैं। आप भी दिल्ली में डिनर पार्टी में शामिल रहते हैं। गडकरी साहब ने तो प्लेट उठा के आपको अपने हाथ से खाना खिलाया था। मैंने गडकरी साहब की दावत में भी आप शामिल रहते हैं। लेकिन करेंगे। बहुत-बत शुक्रिया मलिक साहब। बहुत मजा आया आपसे बात करके। थैंक यू। ये कैफी मलिक पूरी बातचीत आपने सुनी। कैसी लगी बातचीत? बताइएगा जरूर। शुक्रिया। थैंक यू। जय

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