IAF Master Move - Dummy Planes Fooled Pak's Chinese HQ-9 & HQ-16 Air Defence Systems! Rafale! Kinjal

Brief Summary

This video discusses Operation Sindoor, an Indian Air Force (IAF) operation where unmanned aerial vehicles (UAVs) were used to deceive Pakistani air defence systems. The operation involved using decoy aircraft to mimic the radar signatures of fighter jets like the Rafale and Sukhoi, triggering Pakistani air defence systems and exposing their locations. This allowed the IAF to neutralise these systems before launching actual strikes using BrahMos and Scalp missiles.

  • The IAF used unmanned aerial vehicles (UAVs) to mimic the radar signatures of fighter jets.
  • Pakistani air defence systems were triggered, revealing their locations.
  • The IAF neutralised these systems before launching actual strikes.

Introduction to Operation Sindoor

The video introduces Operation Sindoor, highlighting the Indian Air Force's (IAF) strategic deception of Pakistani air defence systems. The IAF used unmanned dummy planes that mimicked the radar signatures of Rafale and Sukhoi fighter jets. These planes were intentionally sent near the Pakistani border to activate Chinese-made air defence systems, which were then targeted. The operation exposed vulnerabilities in Pakistan's air defence and caused significant financial loss due to the engagement of expensive missile systems against inexpensive drones.

Details of the Airstrikes

The video details the timeline of the strikes, which occurred on the night of the 9th and the morning of the 10th. During the operation, 11 out of 12 Pakistani airbases were targeted across the country. The strikes caused concern for China, as they exposed vulnerabilities in its air defence systems that it was trying to market globally. BrahMos and Scalp missiles, launched from Rafale aircraft, were used to cause significant damage to Pakistani airfields. The primary goal of the operation was to render the runways unusable, which was successfully achieved.

The Use of Dummy Aircraft

The video explains how the IAF initiated an air campaign using dummy pilotless target aircraft, camouflaged to mimic Indian fighter jets. The DRDO's Lakshya-2, a pilotless target aircraft with a speed of up to Mach 1.2, was likely used. This drone can fly at altitudes from 50 metres to 9 kilometres and can be equipped with electronic signature systems to mimic combat aircraft on radar. These drones are typically used for pilot training, missile testing, and simulating enemy aircraft during exercises.

Electronic Payload and Radar Mimicking

The video describes how the dummy aircraft mimic the radar signatures of larger jets like the Sukhoi and Rafale. The Lakshya-2 carries an electronic payload, specifically a radar augmentation device. This device emits electronic signals that mimic the radar cross-section of other jets, allowing it to appear as a Sukhoi-30, Rafale, or MiG-29 on enemy radar. The video also mentions the potential use of the Banshee, a British-designed target drone, although the Lakshya-2 is more likely due to its indigenous production.

Triggering and Locating Pakistani Radars

The video explains how Pakistani radars detected the incoming dummy planes, triggering their HQ-9 air defence systems. When these systems activated, they emitted radio signals, allowing the IAF to pinpoint their locations. Electronic warfare platforms, such as the DRDO's Netra and electronic warfare systems on Sukhoi-30 MKI and Rafale jets, were used to detect these radar emissions. This information allowed the IAF to deploy loitering munitions, like Israeli-made Harop drones, to target and destroy Pakistani air defence radar and command and control systems.

Jamming and Destroying Air Defence Systems

The video details how the IAF jammed Pakistani HQ-9 systems while simultaneously using dummy aircraft to simulate real IAF jets. This caused the Pakistanis to activate their missile systems, further revealing their positions. Indian electronic warfare assets then targeted and jammed these radars. Loitering drones were deployed to destroy the systems. The Pakistani Air Force, realising the deception, attempted to move their HQ-9 systems, but these were quickly located and engaged again.

Actual Strikes and Missile Usage

After neutralising the enemy's air defence systems, the IAF launched actual strikes using long-range missiles like BrahMos and Scalp. The BrahMos missiles were air-launched from Sukhoi-30 MKI jets, while Rafales deployed Scalp and Storm Shadow missiles. The Storm Shadow missile, with a 450 kg warhead, caused significant destruction, capable of destroying bunkers. Other missiles like Rampage and Crystal Maze were also used. The goal was to achieve air dominance, ensuring a clear airspace for the IAF's assets.

Pakistan's Response and Aftermath

The video describes Pakistan's response, which included launching ballistic missiles and air-launched cruise missiles. There were also reports of attempts to use unmanned combat aerial vehicles. However, India was prepared with Akash air defence systems, Russian S-400s, and MR-SAMs to counter these threats. Pakistan mistakenly believed they had shot down a Rafale, but in reality, they had only downed a Lakshya-2 drone. The success of Operation Sindoor led to record high share prices for Dassault Aviation, the manufacturer of the Rafale.

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Transcript

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0:00 दोस्तों, ऑपरेशन सिंदूर में इंडियन एयरफोर्स के इस मूव को इतिहास के पन्नों में हमेशा याद रखा जाएगा। जिस प्रकार से पाकिस्तान के चीनी एयर डिफेंस सिस्टम्स को और पाकिस्तानी एयरफोर्स को मूर्ख बनाया है इंडियन एयरफोर्स ने, ये हमेशा याद रखा जाएगा। जी हां दोस्तों, यहां पर हमने अनमैंड डमी प्लेेंस का यूज किया था जिसके द्वारा एग्जैक्टली वही सिग्नेचरिट करवाए गए थे जो कि रफेल से आते हैं या सुखोई से आते हैं। वैसे आप उन्हें प्रोग्राम कर सकते हैं। कैसे होता है मैं आपको समझाऊंगा और इन प्लेेंस को जानबूझ के पाकिस्तान के सरहद के पास भेजा गया था ताकि उनके चीनी एयर डिफेंस सिस्टम एक्टिवेट हो जाए और फिर उनको जो मार गिराया गया था वो दुनिया ने देखा है। दरअसल दोस्तों कभी-कभी पाकिस्तानियों के लिए दुख भी होता है। आसान काम नहीं है पाकिस्तानी होना। एक बिलियन डॉलर का लोन मिला। उससे ज्यादा का

0:46 खर्चा हो चुका है। वैसे ही आप अगर देखें तो खुशी मना रहे थे कि है ना 4वें पीढ़ी का दयारा हमने मार गिराया। पता चल रहा है जी आपने सस्ते ड्रोन गिराए हैं जिनका पर्पस ही था आपके जो एंटी मिसाइल सिस्टम्स हैं उनको एक्सपोज करने के लिए। क्या हुआ है? है। आइए जरा देखते हैं। दरअसल दोस्तों आप यदि देखें तो मीडिया में इसे कवर किया जा रहा है। दरअसल दोस्तों इस ऑपरेशनल डिटेल की खबर तो हमारे पास पहले भी थी लेकिन हमने सोच रखा था ये जब तक मेन स्ट्रीम मीडिया में नहीं आएगा तब तक इस पर हम चर्चा नहीं करेंगे क्योंकि ये एक ऑपरेशनल मूव था जो कि हम नहीं चाह रहे थे पब्लिक में आए। लेकिन अब जब मेन स्ट्रीम मीडिया इसे कवर कर रही है। मतलब बड़ा क्लियर है। इंडियन एयरफोर्स इज ओके विद शेयरिंग इट। तो जरूरी है आपके साथ भी साझा किया जाए। क्योंकि अब हर जगह यह कवर किया जा रहा है कि कैसे अनमैन डमी एयरक्राफ्ट

1:32 ने पाकिस्तान को फूल किया ड्यूरिंग ऑपरेशन सिंदूर। क्या एग्जैक्टली हुआ है विद डिटेल्स जो हुआ है आपके साथ मैं आज सांझा करने वाला हूं। वीडियो लाइक कर दें। चैनल सब्सक्राइब कर दें। बेल आइकॉन आप अवश्य दबा दें। आइए दोस्तों जरा जानते हैं ऑपरेशन के बारे में। तो आप जैसा जानते हैं इंडियन एयरफोर्स ने पाकिस्तान के इतने सारे एयरबसेस और अन्य रडार साइट्स को मार गिराया था। वहां पे जिस प्रकार का हमला हुआ था वो 9 और 10 तारीख के रात और सुबह के बीच में हुआ है। अब जिसमें अगर आप देखें तो पाकिस्तान के 12 में से 11 एयर बेसेस मार गिराए गए थे थ्रूउ पाकिस्तान के लेंथ एंड ब्रेड्थ। क्या आप देखें यहां से पाकिस्तान ऑक्युपाइड कश्मीर से जो शुरू होता है पंजाब से लेकर आप देख सकते हैं सिंध तक चला जा रहा है। तो इस तरीके से अगर आप देखें तो पाकिस्तान को जब मार गिराया गया इसका दर्द चाइना भी हुआ। वहां पर अगर आप देख तो चाइना का जो एयर डिफेंस

2:18 सिस्टम्स था जो वो दुनिया को बेचना चाह रहा था उसका भी कहीं ना कहीं उसकी भी वलनेरेबिलिटी अब दुनिया के सामने आ चुकी है। वो मिसाइल्स जो कि सबसे ज्यादा डिस्ट्रक्शन कराए पाकिस्तानी एयर फील्ड्स में वो ब्रह्मोस थे और दूसरे स्कैल्प मिसाइल्स थे जो कि रफेल से छोड़े गए थे। करीबन 15 ब्रह्मोस मिसाइल चलाए गए थे जो कि पाकिस्तानी एयरफोर्स बेस में कहीं ना कहीं आप देखिए तो हाहाकार मचाए हैं और इसके साथ जो एयरक्राफ्ट जो ऑपरेशंस थे उन सारे के सारे रनवेज थे वो स्थगित हो गए थे और वही पर्पस भी इन ऑपरेशंस का था। अब दोस्तों आइए जरा देखते हैं ये स्ट्राइक आखिरकार हुआ कैसे? देखिए दोस्तों इन एयर बेससेस में जो स्ट्राइक होना था उसके पहले एक एयर कैंपेन स्टार्ट होता है जिसमें हम क्या करते हैं? सबसे पहले अपने डमी पायलटलेस टारगेट एयरक्राफ्ट को पाकिस्तान के सरहद की ओर भेजा जाता है। अब दोस्तों इनको कैमोप्लाज किया जाता है कि ये हमारे

3:03 फाइटर्स को मिमिक करें। मोस्ट लाइकली कौन से प्लेेंस ये यूज़ हुए हैं। देखिए ये तो एयरफोर्स नहीं बता रही। लेकिन हम जानते हैं कौन से प्लेन की यहां बात हो रही है। दोस्तों यहां पे अगर आप देखें तो इसको यहां आप जो देख रहे हैं यह डीआरडीओ का लक्ष्य टू प्लेन है। यह दोस्तों लक्ष्य पायलटलेस टारगेट एयरक्राफ्ट प्लेन है। बेसिकली एक ड्रोन है। अब अगर आप देखें तो इसकी स्पीड मैक तक हो जाती है। और यह 50 मीटर के एटीट्यूड से लेके 9 कि.मी. के सीलिंग यानी उस एटीट्यूड तक ये उड़ सकता है। और इसमें अगर आप देखें तो इलेक्ट्रॉनिक सिग्नेचर के सिस्टम्स लगा सकते हैं। जो कि इसको इस प्रकार से मिमिक करवाता है कि ये कॉम्बैट एयरक्राफ्ट का रूप ले ले आपके रडार में। दरअसल दोस्तों इसका इस्तेमाल क्या होता है? अब देखिए जब हमारे पायलट प्रैक्टिस करते हैं तो उनको भी किसी प्लेन पे ही प्रैक्टिस करना होगा। मिसाइल्स भी टेस्ट करने हैं। तो इसमें इन

3:50 डमी प्लेेंस का यूज किया जाता है। एयर डिफेंस क्रूस के द्वारा ट्रेनिंग में यूज करते हैं। एनिमी एयरक्राफ्ट को सिमुलेट किया जाता है ड्यूरिंग एक्सरसाइज। और इस पे कहीं ना कहीं आप देखें तो मिसाइल टारगेटिंग वगैरह बाकी सारी चीजें भी होती हैं। अब दोस्तों इसमें क्या होता है ना यह मिमिक कैसे कर सकते हैं? अगर आप देखें तो यह काफी छोटे हैं। तो सुखो ही इतना बड़ा है उसको ये कैसे मिमिक कर सकता है? कहीं ना कहीं आप कहेंगे रडार क्रॉस सेक्शन बिल्कुल अलग है। वैसे ही रफेल है उसका रडार क्रॉस सेक्शन अलग है। कैसे ये मिमिक करता है? तो यहां पे अगर आप देखें तो ये एक इलेक्ट्रॉनिक पेलोड भी कैरी करता है। अब ये जो इलेक्ट्रॉनिक पेलोड आप यहां पे देख रहे हैं ये रडार ऑगमेंटेशन डिवाइस है जिसके द्वारा आप अगर देखें तो इसका खुद का रडार क्रॉस सेक्शन तो बहुत कम है। लेकिन ये इस प्रकार से उससे इलेक्ट्रॉनिक सिग्नल एमिट करता है कि आप इसको जैसा प्रोग्राम करें ये एग्जैक्टली वैसे जेट का रडार

4:36 क्रॉस सेक्शन मिमिक करके रिफ्लेक्ट कहीं ना कहीं एमिट करने लगेगा। आप चाहें तो इसको कोई 30 बना दें। आप चाहे इसको रेफेल बना दें। आप चाहे तो इसको मेक-29 बना दें। ये आपके ऊपर है। आप इसको क्या प्रोग्राम कर रहे हैं। और यह दुश्मन के रडार को एग्जैक्टली वही सिग्नल देगा कि मानो जैसे Sukhoi 30 उड़ रही है यहां पे या रफेल उड़ रहा है यहां पे। तो दुश्मन के रडार में यही सिग्नल आएगा। अब दोस्तों इन प्लेेंस को हमने क्या किया। वैसे आपको बता देता हूं यहां पे लक्ष्य टू के सिवा कुछ लोग कह रहे हैं कि शायद ये बंशी जो कि यूके का बनाया गया प्लेन है वो भी हो सकता है। अब अगर आप देख तो ये ब्रिटिश डिज़ाइन टारगेट ड्रोन है। ये भी यूज़ हो सकता है। लेकिन यहां पे कहा जा रहा है कि मोस्ट लाइकली इट वास डीआरडीओ लक्ष्य टू इंडीजीनसली डिज़ इंडीजीनसली प्रोड्यूस्ड है। अब यहां पे दोस्तों इन प्लेन से क्या किया गया? आइए जरा इसको समझते हैं। बड़ा इंटरेस्टिंग है। पाकिस्तानी रडार्स ने सबसे पहले देखा कि

5:22 कुछ इनकमिंग प्लेेंस हैं। और उसके साथ जैसे ही ये हमारे प्लेेंस उस तरफ गए उनके एसq9 एयर डिफेंस एक्टिवेट हो गए। जैसे ही वो एक्टिवेट हो गए उनके लोकेशन हमें पता चल गया। अब आप सोचेंगे ये कैसे पता चल जाएगा? देखिए दोस्तों दरअसल क्या होता है। हमारे जो डमी एयरक्राफ्ट थे मोस्ट लाइकली लक्ष्य जो यहां पे आपको मैंने बताया उन्होंने पाकिस्तान के रडार को ट्रिगर किया। पाकिस्तान के रडार में दिखने लगा कि देखिए भाई यहां तो शायद राफेल आ रहा है क्योंकि वही एग्जैक्ट सिग्नल आ रहा है और पाकिस्तान को कहीं ना कहीं राफेल उनके लिए आप जानते ही हैं किस प्रकार से वो ट्रॉफी हमेशा की तरह वैसे डील कर रहे हैं कि ये तो ट्रॉफी है हमारे लिए विक्ट्री ट्रॉफी है। ये मार गिराया तो दुनिया को दिखाएंगे। तो एग्जैक्टली यहां पे आप देखें तो इन्होंने एग्जैक्टली रडार में कहीं ना कहीं जो सिग्नेचर आया मानो जैसे रफाल उनकी तरफ उड़ के आ रहा है और इसके साथ उसी को मिमिक करने लगे। जैसे ही अब देखिए हुआ

6:09 क्या चाइना चाइना के द्वारा जो HQ सिस्टम्स हैं वो भी एक्टिवेट हो जाते हैं। अब देखिए होता क्या है रडार कैसे काम करता है आपको जानना होगा। अब देखिए होता क्या है रडार जैसे ही एक्टिवेट होता है तो उसके साथ क्या होता है वो अपने रेडियो सिग्नल्स एमिट करने लगते हैं। अब वो रेडियो सिग्नल्स कहां से एमिट हो रहे हैं उनसे हम उनके लोकेशन को पता कर सकते हैं। तो एग्जैक्टली क्या हुआ यहां पे कि जैसे ही ये एचq9 सिस्टम और बाकी रडार एक्टिवेट हो गए उनके सिग्नल्स को हमने पकड़ लिया कि वो कहां से आ रहे हैं। आईएफ के जो इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर प्लेटफॉर्म्स हैं जैसे कि आप देखिए डीआरडीओ के नेत्राक्स हो गए। वैसे ही Sukhoi 30 एमकेआई जेट्स के भी इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर प्लेटफॉर्म्स होते हैं। वैसे ही आप देखिए राफेल्स में भी होते हैं। तो उन सब ने क्या किया कि कहां से ये रडार एमिशन हो रहा है पाकिस्तान का उसको इन्होंने एग्जैक्टली डिटेक्ट कर लिया और उससे उनका लोकेशन पिन पॉइंट हो गया और उसके साथ क्या हुआ कि वहां पे उनको हमने

6:56 अपने लॉयटरिंग म्यूिशंस भेजे उस इलाके में जैसे इजरयली मेड हेक्ब्स वगैरह और पाकिस्तान के एयर डिफेंस रडार्स कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम को हमने उड़ा दिया। कुछ नहीं उड़े तो उनके साथ क्या हुआ? आपको याद होगा मैंने बताया था हमारे पीआईबी के प्रेस इनफेशन ब्यूरो में बड़े क्लियर तरीके से कहा था कि हमने 23 मिनट में पूरे ऑपरेशन को अंजाम दिया जिसमें कि हमने दुश्मन के एच9 सिस्टम को जैम कर दिया था तो वो भी हुआ पैरेलली यहां पे क्या हुआ पाकिस्तान के एचक्यू सिस्टम्स को हमने पैरेलली जैम किया है पाकिस्तान के जो एयर डिफेंसेस थे वो सोच रहे थे कि रियल आईएएफ के जेट्स आ रहे हैं लेकिन ये तो डमी थे और उसके साथ उन्होंने अपने मिसाइल सिस्टम्स एक्टिवेट कर दिए टारगेट को इंगेज करने के लिए जिससे उनका पोजीशन हमें पता चला और फिर इंडिया के जो इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर एसेट्स थे जिसमें जैम हैर्स भी होते हैं। उन्होंने उन रडार्स को टारगेट करके उसका पूरा का पूरा सिस्टम वहीं का वहीं पे जैम कर दिया। और जैसे ही उनके कोऑर्डिनेट्स

7:42 पता चले पैरेलली जहांजहां पे पॉसिबल था वहां वहां पे लॉइंग ड्रोंस गए एरोप ड्रोंस और जाके उसको नष्टनाबूत कर दिए। पैरेलली पाकिस्तानियों ने क्या कहा? ये तो हम फंस गए। पता चल गया दुश्मन तो हमारे साथ मजाक कर रहा था। है ना? हमारा तो लेने के देने पड़ गए। तो पाकिस्तानी एयरफोर्स ने अपने पूरे के पूरे एचq9 एयर डिफेंस सिस्टम्स को कहीं और मूव कर दिया। जैसे ही उन्होंने मूव किया अलग-अलग लोकेशनेशंस में और दूर में जाकर फिर एक्टिवेट हो गए वो। फिर रडार से उनका सिग्नल एमिट होना शुरू हो गया। वो जैसे ही एमिट होने लगा एक्टिवेट होते ही फिर उनको पकड़ लिया गया और फिर उनके साथ एग्जैक्टली वही कहानी यहां पर होती रही है। दोस्तों यहां पे हेरोप ड्रोन है। आपको पहले भी बताया है मैंने यूएवीस हैं। 6 से 9 घंटा का एंडोरेंस होता है। 400 कि.मी. प्रति घंटा होता है। काफी एक्सप्लोसिव्स लेके जा सकते हैं। जिसके द्वारा दुश्मन के रडार से लेके बाकी सिस्टम्स को आसानी से यहां उड़ा दिया जाता है। उसके बाद क्या हुआ? जब दोस्तों दुश्मन के इलेक्ट्रॉनिक

8:29 वारफेयर सिस्टम्स के द्वारा दुश्मन के रडार्स को और एंटी एयरक्राफ्ट सिस्टम्स को हमने जब जैम कर दिया था उसके बाद इंडियन एयरफोर्स का एक्चुअल स्ट्राइक आया जिसमें लॉन्ग रेंज मिसाइल अटैक्स हुए ब्रह्मोस और स्कैल्प के द्वारा मत भूलिए दोस्तों ब्रह्मोस जो ल्च किया था हमने एयर टू एयर लॉन्च्ड था यानी कि Sukhoi 30 एमकेआई में ही फिटेड था ब्रह्मोस और वो ब्रह्मोस एयर वर्जन से हमने उनको मारा है। वैसे ही अगर आप देख तो हमारे रफेल से स्कैल्प मिसाइल या फिर ये जो स्टम शैडो मिसाइल आप देख रहे हैं इसका इस्तेमाल हुआ है। अब देखिए दोस्तों ये बड़ा खतरनाक है। स्टम शैडो या स्कैल्प मिसाइल को हल्के में ना लें। दोस्तों ये जो स्कैल्प मिसाइल है इसका वॉर हेड 450 किलो का होता है। यानी ब्रह्मोस का 200 किलो होता है। उससे दो गुना से करीबन करीब आप देखें तो कुछ ब्रह्मोस में ज्यादा भी होता है। तो उसके हिसाब से आप देखें तो डेढ़ से दो गुना का इसका स्टम

9:14 शैडो का आप अगर देखें तो वॉरहेड होता है ब्रह्मोस से। तो ये काफी डिस्ट्रक्शन कराता है। बंकर वगैरह फोड़ के अंदर सब कुछ उड़ा सकता है। तो कुछ जगहों पर स्टम शैडो से भी हमने तबाही मचाई है। बाकी ब्रह्मोस ने क्या किया है वो तो आप जान ही रहे हैं। तो दोस्तों स्कैल्प या फिर स्टॉर्म शैडो इसने भी बहुत तबाही मचाई। फिर रैंपेज, क्रिस्टल वेज़ इन सब का भी इस्तेमाल हुआ है और उसके बाद पाकिस्तान को तबाह किया गया। लेकिन बहुत जरूरी था। उसके पहले दुश्मन के एयर डिफेंस सिस्टम्स हम साफ कर दें क्योंकि ये रफेल उड़ा रहे हैं। बाकी सुखी एमकेआई उड़ा रहे हैं। यानी कि हमारे एयर एसेट्स को क्लियर एयर स्पेस चाहिए। कि प्योर एयर डोमिनेंस उस वक्त तक हो जाना चाहिए था और एग्जैक्टली वो अचीव किया। फिर इन्होंने 23 मिनट में जो हाहाकार मचाया पाकिस्तान में वो तो आप सब ने वीडियोस के थ्रू देखा ही है। अब दोस्तों ये जो एल अटैक्स हुए ना पाकिस्तानी एयरफोर्स पे उसके बाद क्या हुआ? पाकिस्तान ने भी अपना एरियल अटैक स्टार्ट किया जिसमें उन्होंने

10:00 बैलस्टिक मिसाइल्स ल्च किए। कुछ एयर लॉन्च क्रूज मिसाइल्स भी उन्होंने ल्च की। ऐसे भी रिपोर्ट्स हैं। अनमैंड कॉम्बैट एयरक्राफ्ट का इस्तेमाल करने का प्रयास किया। इन सबका तो इंतजाम हम पहले से ही करके बैठे थे। उनके लिए आकाश एयर डिफेंस सिस्टम था। रशियन S400 था। एमआर सैम्स थे कुछ पुराने लेगसी सिस्टम्स थे। उनसे भी उनको हमने ठंडा करके रखा। नतीजा क्या हुआ? पाकिस्तान को तो लग रहा था कि उन्होंने रफाल गिरा दिया। वास्तविकता में उन्होंने क्या गिराया था? उन्होंने ये लक्ष्य टू ड्रोन गिराया था और ये एक स्ट्रेटजी के अंतर्गत हुआ था। दोस्तों अब यहां पे अगर आप देखें तो ये स्ट्रेटजी हम जानबूझ के डिस्क्लोज़ नहीं करना चाह रहे थे। इसलिए अब जब ऑपरेशन कहीं ना कहीं शांत हो रहा है तब जाके ये पब्लिक में आया है। इतना ही नहीं यहां पे अगर आप देखें तो राफेल के जो डसो एिएशन है जो बनाती है राफेल को उसके शेयर प्राइसेस आप देखें रिकॉर्ड हाई पे हैं। इस वक्त चल रहे हैं। दोस्तों यहां से हमें

10:46 पता चल रहा है कि ये सब कुछ एक प्लान के तहत हुआ था जो आप देख रहे हैं और पाकिस्तानियों को एक बार फिर इस पूरी कहानी में मूर्ख बनाया गया था। उम्मीद करता हूं दोस्तों आपको ये वीडियो पसंद आई होगी। लाइक ज़रूर कीजिएगा, शेयर करना ना भूलें। इसके सिवा दोस्तों आपको याद दिलाना चाहूंगा प्रीलिम्स मॉक ड्रिल चल रहा है तो आप जरूर जुड़े दोस्तों यहां पे आप देख सकते हैं सीसट टेस्ट था और फिर 18 मई को कल फुल लेंथ टेस्ट है आपके लिए 9:30 बजे और 2:30 बजे जरूर जुड़िएगा मल्टीलिंग बाइलिंगुअल टेस्ट है ऑल इंडिया रैंकिंग डेली फुल लेंथ टेस्ट तो आपको दे ही रहे हैं तो इसका फायदा अवश्य उठाएं इसके सिवा अनअकडमी सिविल सर्विज चैंपियनशिप टेस्ट है 18 मई को सुबह 11:00 बजे शाम को 5:00 बजे अप टू 100% स्कॉलरशिप है बहुत सारे प्राइिस हैं इसको अपने हाथ से बिल्कुल भी जाने ना दें पिंड कमेंट में लिंक मिल जाएगा जल्दी से जाएं जाके एनरोल अवश्य कर लें

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