0:11 सब कुछ क्लियर है? जल्दी से अपना कीमती रिप्लाई कर दीजिएगा। ऑल ओके। कहीं से कोई दिक्कत, कोई समस्या, कोई परेशानी तो नहीं है। उसके बाद आपके सेशन की शुरुआत हो जाएगी। [गला साफ़ करने की आवाज़] चलिए जल्दी से एक बार रिप्लाई कर दीजिएगा। ऑल ओके कहीं से कोई दिक्कत, कोई समस्या, कोई परेशानी तो नहीं है। आपकी क्लास 8:30 से होती है और आप लोग 8:00 बजे से ही हल्ला करने लगते हैं। कहां रह गए, कहां रह गए? कृपया करके अपने समय पर ध्यान देने का काम कीजिए। ऐसे सिर्फ हल्ला करने से कुछ काम नहीं होता है। तो हर एक चीज का समय सीमा चलता रहता है। उस समय पर देखने का काम कीजिए। 8:00 बजे से ही आप लोग लाइव चैट बॉक्स में बात करने के लिए लगे पड़े हैं और वहां पर मैसेज ड्रॉप कर रहे हैं कि कहां रह गए, कहां रह गए। आपकी क्लास 8:30
0:58 से होती है और आपका क्लास क्या हो चुका है? प्रारंभ हो चुका है। तो आइए शुरुआत करते हैं हम लोग अपने सेशन का। आज सुबह-सुबह हम लोगों ने अपने एफ10 विषय को कंप्लीट कर लिया था। प्रीवियस ईयर क्वेश्चन देख लेने का काम किया था। आज हम लोग वहां से आगे बढ़ेंगे। अगला विषय हमारा प्रारंभ होगा जिसका नाम क्या है? एफ 111। एफ 111 को हम लोग कहते हैं कला समेकित शिक्षा। क्या बोलते हैं? कला समेकित शिक्षा बोलते हैं। उसे अभी हम लोग क्या करेंगे? पढ़ने का, समझने का काम करेंगे। तो आइए प्रारंभ करते हैं अपना एफ 111 विषय। आइए शुरुआत करते हैं। सबसे पहले आपकी जहां भी आस्था हो, जहां भी आपकी विश्वास हो, एक बार आप ईश्वर को याद कर लें कि हे ईश्वर आप जहां भी हैं, अपनी असीम कृपा हम सब पर बनाए रखें ताकि आने वाले दिनों में हम सभी का परिणाम बेहतर नहीं बेहतरीन निकल कर आए। यही ऊपर वाले से
1:45 दुआ है। यही ऊपर वाले से प्रार्थना है। इसी दुआ और प्रार्थना के साथ शुरुआत करते हैं हम लोग अपने सेशन का। आपका जो एफ 111 विषय है उस विषय का नाम ही है कला समेकित शिक्षा और आपको इकाई नंबर एक में भी यही पढ़ना है कला समेकित शिक्षा बड़ा ही प्यारा सा विषय है और इस विषय को प्रारंभ करने से पहले कुछ चीजें आपको ध्यान में रखना है। सबसे पहले कला कला अपने आप में क्या है? तो कला अपने आप में एक प्रकार का आनंदमय प्रक्रिया है। किसी भी प्रकार की विषय वस्तु को याद करने की आवश्यकता नहीं। अगर आप ध्यान से देखेंगे तो स्वयं आपके माइंड में सेट हो जाएगा। तो कला अपने आप में एक प्रकार का आनंदमय प्रक्रिया है। अर्थात ऐसा कोई भी कार्य ऐसा ऐसा कोई भी कार्य ऐसा कोई भी कार्य कोई भी कार्य जो
2:34 हमारे जो हमारे कौशल से संबंधित है जो हमारे स्किल से संबंधित है। वो सभी कार्य हमारे लिए क्या है? तो कला है। वो सभी कार्य क्या है? हमारे लिए कला है। अर्थात कला का मतलब सिर्फ गाना गाना और डांस करना नहीं है। कला का अर्थ होता है कि जितने भी प्रकार की क्रियाएं हैं उस तमाम प्रकार के क्रियाओं में आप जिस तरह से कार्यों को करते हैं जो आपका कौशल है जो आपका स्किल है वही हमारा कला कहलाता है। कला का सिंपल सा अर्थ होता है। कला का सिंपल सा शाब्दिक सा अर्थ होता है सुंदर। क्या होता है? सुंदर। अर्थात सुंदर हमारा एक प्रकार का क्या है? तो सुंदर से ही हमारा बनता है सुंदरता और इसका सिंपल सा अर्थ होता है कि कला अपने आप में एक प्रकार की सुंदर
3:21 प्रक्रिया है जिसमें हमें आनंद की प्राप्ति होती है। मौज की प्राप्ति होती है। हम अपने रुचि से इस कार्य को करते हैं। वही हमारा क्या कहलाता है? कला कहलाता है। अब इस विषय वस्तु से आपके एग्जाम में पूछेगा कि कला समेकित शिक्षा से आपका क्या अभिप्राय है? व्याख्या करें। तो शिक्षा का अर्थ तो अब आपको पता होगा परंतु यहां पे जो शब्द है कला समेकित आइए इसे समझने का काम करते हैं। सबसे पहले लिखिएगा कि कला कहने का तात्पर्य कला का सिंपल सा आशय कला कहने का तात्पर्य सुंदरता होता है। अर्थात दुनिया की जितने भी प्रकार की क्रियाएं हैं जिसे हम अपने आनंद से अपने रुचि से अपने जिज्ञासा से अपने मौज मस्ती से करने का कार्य करते हैं वही हमारा क्या कहलाता है? कला कहलाता है।
4:07 कला के अंतर्गत हम लोग रेखा, रंग, विभिन्न प्रकार की प्रक्रियाएं हर एक चीज को समाहित करने का काम करते हैं। और कला मुक्त हमारा कला मुक्त हमारा दो प्रकार का होता है। कला जो है हमारा मुक्तता कितने प्रकार का होता है? तो दो प्रकार का होता है। एक को हम लोग बोलते हैं रूपात्मक कला और एक को हम लोग बोलते हैं गत्यात्मक कला। एक हमारा क्या कहलाएगा? तो एक हमारा कहलाएगा रूपात्मक कला। एक को हम लोग क्या कहेंगे? रूपात्मक कला। और दूसरा हमारा क्या कहलाता है? तो दूसरा हमारा कहलाता है गत्यात्मक कला। कला मुक्तता कितने प्रकार का? तो कला मुक्तता हमारा दो प्रकार का होता है। रूपात्मक कला और गत्यात्मक कला। रूपात्मक कला के अंतर्गत वो सारी प्रकार की क्रियाएं आ जाएंगी। इसी को हम लोग
4:52 कभी-कभी दृश्य कला का भी पाठ कहते हैं। और इसी गत्यात्मक को हम लोग प्रदर्शन कला के नाम से भी जानते हैं। तो रूपात्मक के अंतर्गत हमारा वस्तु कला हो गया, मूर्ति कला हो गया। एक चित्रकार चित्रकारी करने का काम कर रहे ये सारा हमारा क्या हो गया तो रूपात्मक कला हो गया और गत्यात्मक कला को हम लोग संगीत के माध्यम से नृत्य के माध्यम से किसी प्रकार के काव्य प्रस्तुति के माध्यम से क्या करते हैं करने का कार्य करते हैं वही हमारा रूपात्मक कला कहलाता है। अब यहां पर कला समेकित शिक्षा कला से ही एक शब्द का निर्माण हुआ है जिसका नाम है कला समेकित शिक्षा। कला समेकित शिक्षा कहने का तात्पर्य होता है कि जब एक शिक्षक अपने कक्षा कक्ष में किसी भी प्रकार के विषय वस्तु को पढ़ाने के लिए किसी भी
5:37 प्रकार के विषय वस्तु को पढ़ाने के लिए विषय वस्तु का शिक्षण कराने के लिए अपने कक्षा कक्ष में कला का उपयोग करता है। उस प्रकार का शिक्षण ही हमारा क्या कहलाता है? तो कला समेकित शिक्षा कहलाता है। क्या कहलाता है? कला समेकित शिक्षा कहलाता है। उदाहरण स्वरूप आप अपने कक्षा कक्ष में बच्चों को गणित पढ़ाने गए और गणित पढ़ाने में आपने क्या किया? कला समेकित शिक्षा का आपने उपयोग किया। उदाहरण स्वरूप आपने सिंपल एक ना पूछकर आपने क्या पूछा कि बाबू तुमको बोर्ड पर कितना पेड़ दिख रहा है? और यह जो आपने पेड़ बनाने का काम किया यही हमारा दृश्य कला का पाठ कहलाता है। अर्थात आपने चित्र बनाने का काम किया। दैट्स कॉल्ड कला समेकित शिक्षा। तो कला समेकित
6:25 शिक्षा का मतलब क्या हो गया? कि एक प्रकार का ऐसा कला जिसके माध्यम से हम लोग बच्चों के अंदर में विभिन्न प्रकार के संप्रत्यय संबंधित ज्ञान को विकसित करने का कार्य करते हैं। वही हमारा क्या कहलाएगा? कला समेकित शिक्षा कहलाएगा। जहां पे मुख्य रूप से हम लोग अपने विषय वस्तु को पढ़ाने के लिए रूपात्मक और गत्यात्मक दोनों प्रकार के कला का उपयोग करने का काम करते हैं। वही हमारा क्या कहलाता है? तो वही हमारा कला समेकित शिक्षा के नाम से जाना जाता है। कला समेकित शिक्षा का मतलब क्या हो गया? तो कला समेकित शिक्षा का मतलब सिंपल सा अर्थ है कि जब एक शिक्षक अपने कक्षा कक्ष में कला के माध्यम से कला के द्वारा विभिन्न प्रकार के संप्रत्ययों को विभिन्न प्रकार के विषय वस्तु को बच्चों को समझाने
7:12 का कार्य करता है। बच्चों को बताने का कार्य करता है। उसी को हम लोग क्या कहते हैं? तो उसी को हम लोग कला के नाम से जानते हैं और वही हमारा कला समेकित शिक्षा के नाम से जाना जाता है। इसी के अंतर्गत अगर हम लोग तोड़ने की कोशिश करें तो कला कुछ हमारा इस प्रकार से टूटेगा जिसे आप लोग क्या कीजिएगा? ध्यान में रखने का कार्य कीजिएगा। यहां पर जो आप देख रहे हैं कला हमारा मुख्यतः कितने प्रकार का? तो कला हमारा मुख्यत दो प्रकार का होगा। एक को हम लोग बोलेंगे दृश्य कला और दृश्य कला हमारा किसका पाठ कहला गया? तो यही हमारा पाठ कहला गया रूपात्मक कला का। किसका पाठ कहला गया? तो रूपात्मक कला का पाठ कहला गया। और यहां पर जो आप प्रदर्शन कला को देखने का काम कर रहे हैं यही हमारा क्या कहला गया? तो यह हमारा गत्यात्मक कला का
7:58 पाठ हो गया। अर्थात रूपात्मक और गत्यात्मक। कभी-कभी आपके एग्जाम में प्रदर्शन या दृश्य ना लिखकर क्या लिख देगा? रूपात्मक और गत्यात्मक लिख देगा। तो इस चीज को भी माइंड में रखने का काम कीजिएगा। दृश्य कला हमारा मुख्य प्रकार से चित्रकला हो गया, मूर्तिक कला हो गया, स्थाप्य कला हो गया। यह सारा हमारा क्या कहलाएगा? दृश्य कला कहलाएगा। और प्रदर्शन कला में हमारा संगीत है, नाटक है, नृत्य है। यह हमारा क्या हो गया? भाषण हो गया। यह हमारा संवाद हो गया। सारा किस चीज का पाठ होगा हमारा? तो ये सारा हमारा प्रदर्शन पा कला का पाठ होगा। और कला हमारा मुख्यत कितने प्रकार का? तो कला हमारा मुख्यता दो प्रकार का होता है। इसे ध्यान में रखने का कार्य कीजिएगा। तो अभी तक हम लोगों ने समझा कि कला समेकित शिक्षा
8:43 क्या होता है और कला क्या होता है? ये दो प्रकार के शब्दों में कहीं से कोई दिक्कत है, कोई समस्या है तो बताने का काम कीजिएगा। जल्दी से रिप्लाई कर दीजिए। वेरी गुड। मेरा दिमाग खराब हो गया। अब आज पढ़ नहीं पाएंगे। जासमीन नाथ जी आप मैडम पढ़ाई कम करती हैं। क्लास में बातचीत ज्यादा करती हैं। जासमीन हम ऑफलाइन हो रहे हैं। चलिए बहुत अच्छी बात है। आप लोग यहां पर क्या किए हुए हैं? अपने कक्षा कक्ष में बातचीत का माहौल बनाए हुए हैं। इसका अर्थ है कि अगर मैं आपके टॉपिक को अच्छे से पढ़ाना चाहता हूं तो आपके चैट को मुझे इग्नोर करना पड़ेगा। तभी जाकर आपका काम हो पाएगा। चलिए मैंने अपने तरफ से आपके चैट को कर दिया है बंद। अब आप चैट में जितना भी बात
9:29 करना चाहते हैं उतना बात कीजिए। बात करने के लिए आप सभी क्या हैं? स्वतंत्र हैं। अब आपके चैट पर मेरा ध्यान नहीं है। तो आपको जितना बात करना हो उतना बात करने का आप काम कर सकते हैं। तो कला से क्या मतलब है? जल्दी से बताइए।
10:28 चलिए तो यहां तक में सारा पॉइंट हमारा क्लियर हो गया। अब अगर आपके एग्जाम में आपसे पूछेगा कि कला समेकित शिक्षा से आपका क्या अभिप्राय है? इसकी महत्व की व्याख्या करें तो कैसे लिखिएगा? तो शुरुआत कीजिएगा। शुरुआत कीजिएगा कि कला कहने का तात्पर्य होता है कला कहने का कला कहने का तात्पर्य होता है एक प्रकार का ऐसा कार्य जो हमें आनंद की प्राप्ति कराए उसी को हम लोग कला कहते हैं। कला का शाब्दिक अर्थ होता है सुंदर। सुंदर का अर्थ हुआ यहां पर कि हमारी ऐसी किसी भी प्रकार की क्रिया जो हम अपने कौशल के आधार पे अपने बुद्धि विवेक के आधार पे उसमें विभिन्न प्रकार के
11:15 कलाकृति का उपयोग करते हुए जहां पर हमारा स्वयं का रुचि हो स्वयं की हमारी जिज्ञासा हो वही हमारा क्या कहलाता है? तो वही हमारा कला कहलाता है। पैराग्राफ चेंज करके लिखिएगा कि कला समेकित शिक्षा का तात्पर्य होता है कि जब एक शिक्षक अपने कक्षा कक्ष में जब एक शिक्षक अपने कक्षा कक्ष में शिक्षण कराने के दौरान अपने विषय वस्तु को पढ़ाने के लिए या किसी प्रकार के संप्रत्यय को समझाने के लिए कला के विभिन्न स्वरूप का उपयोग करता है। यहां पर कला का विभिन्न स्वरूप कहने का आशय है कि एक शिक्षक अपने क्लास में या तो दृश्य कला का उपयोग करेगा। इसी को हम लोग क्या बोलेंगे? रूपात्मक कला कहेंगे या फिर एक
12:01 शिक्षक अपने क्लास में प्रदर्शन कला का उपयोग करेगा। यही हमारा गत्यात्मक कला कहलाएगा। इन दोनों कला के माध्यम से शिक्षक अपने कक्षा कक्ष में किसी भी प्रकार के विषय वस्तु को समझाना प्रारंभ करता है। जहां पर हम जटिल से जटिल संरचना को भी सरल शब्दों में बताने का काम करते हैं। इस प्रकार की प्रक्रिया ही हमारी कला समेकित शिक्षा के नाम से जाना जाता है। कला समेकित शिक्षा की महत्व इस प्रकार से है। इसके माध्यम से बच्चों के अंदर में हम लोग क्या करते हैं? तो सृजनात्मकता के गुण का विकास करते हैं। सृजनात्मकता कहने का तात्पर्य जब बच्चा नवीन नवीन क्रियाएं करना प्रारंभ करता है तो वही हमारा सृजनात्मकता के नाम से जाना जाता है।
12:46 बच्चों के बौद्धिक स्तर में क्या होता है? तो बौद्धिक बौद्धिक स्तर में बदलाव होता है। बच्चे के अंदर में विभिन्न प्रकार का कलाकृति अर्थात बच्चे अपने विषय वस्तु को बड़े ही रोचक तरीके से पढ़ने का कार्य करते हैं। जिसके माध्यम से उनके अंदर में संप्रेषण तथा संप्रेषण तथा भाषा कौशल का विकास होता है। कला के माध्यम से बच्चे के अंदर में अभिव्यात्मक कौशल का विकास होता है। क्योंकि यहां पर अभिव्यात्मक कौशल कहने का आशय है कि जब कोई बच्चा प्रदर्शन कला का उपयोग करता है तो अपने आप को क्या करता है? रिप्रेजेंट करने का काम करता है। उसी के माध्यम से अभिव्यात्मक कौशल विकास होता है। बच्चों के अंदर में अवलोकन कौशल की विकास होती है और ये सारा हमारा क्या
13:32 कहलाएगा? तो कला समेकित शिक्षा का महत्व कहलाएगा और इसी को आपको क्या करना है? माइंड में रखने का काम करना है। आगे कहता है कि बच्चों के संज्ञात्मक क्षमता के विकास में कला समेकित कला समेकित शिक्षा की भूमिका से आपका क्या तात्पर्य है? व्याख्या कीजिए। तो लिखिएगा कि संज्ञानात्मक क्षमता कहने का आशय होता है। संज्ञानात्मक क्षमता कहने का आशय होता है कि एक प्रकार की ऐसी क्रिया जो पूर्ण रूप से हमारे बौद्धिक क्रियाकलापों से क्या होता है? संलग्न होता है। उसी को हम लोग संज्ञानात्मक क्षमता के नाम से जानते हैं। संज्ञान कहने का तात्पर्य सिंपल सा हमारा क्या है? मस्तिष्क है। हमारा ब्रेन है। अर्थात विभिन्न प्रकार के क्रियाओं को हम
14:17 लोग क्या करते हैं? तो विभिन्न प्रकार के क्रियाओं के माध्यम से जो हमें ज्ञान की प्राप्ति होती है। वही ज्ञान हमारा क्या करता है? तो हमारे संज्ञात्मक क्षमता को सुदृढ़ करने का काम करता है। अपने कक्षा कक्ष में बच्चों के संज्ञानात्मक क्षमता को विकास करने में संज्ञात्मक क्षमता को विकसित करने में कला एक बड़ा ही महत्वपूर्ण क्या करता है? भूमिका निभाने का कार्य करता है। क्योंकि कला एक प्रकार की ऐसी आनंदमय प्रक्रिया है जहां पर बच्चे क्या करते हैं? अपने जिज्ञासा के अनुरूप, अपने रुचि के अनुरूप, अपने कक्षा कक्ष में संलग्न होने का कार्य करते हैं। एक बच्चा अपना कक्षा कक्ष में क्या करता है? तो सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का कार्य करता है। जिसके माध्यम से वह अपने विषय
15:03 वस्तु को अपने संप्रत्यय को बड़े ही सरल तरीके से समझना और प्रारंभ करता है। जिसके द्वारा बच्चे का क्या होता है? तो संज्ञात्मक क्षमता का विकास होता है। उदाहरण स्वरूप कक्षा दो के अंदर में 30 बच्चों में कक्षा दो में 30 बच्चों के अंतर्गत बहुत सारे ऐसे बच्चे हैं जिनको पढ़ाई में व्याख्या पसंद नहीं है। वह विभिन्न प्रकार के गतिविधियों के माध्यम से पढ़ने की चाहत रखते हैं और कला इन तमाम प्रकार के गतिविधियों का आयोजन करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और बच्चे जब गतिविधि में संलग्न होते हैं तो स्वतः उनका क्या होता है? तो संज्ञानात्मक क्षमता का विकास होना प्रारंभ होता है। अतः इस प्रकार से हम लोग कह सकते हैं कि कला अपने आप में एक प्रकार की ऐसी
15:50 प्रक्रिया है जो बच्चों के अंदर में उनके संज्ञात्मक क्षमता को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का कार्य करता है। कहता है कि प्रारंभिक स्तर की पाठचर्या से कला समेकित शिक्षा का जुड़ाव कहने का तात्पर्य हुआ इस लाइन का कि प्रारंभिक स्तर पे शुरुआती दौर का जो हमारा विषय वस्तु है। शुरुआती स्तर का जो हमारा पाठ्यचर्या है उस पाठ्यचर्या में कला समेकित शिक्षा को रखने की क्या आवश्यकता है? तो लिखिएगा कि शुरुआत में सबसे पहले बच्चे अपने विद्यालय प्रांगण में आना चाहते नहीं है। उन बच्चों को विद्यालय से प्रेम और विद्यालय के साथ स्नेह बनाने के लिए हमें अपने विद्यालय प्रांगण को एक वाटिका का स्वरूप प्रदान करना है। और ऐसा कौन कहता है? तो ऐसा कहता
16:35 है हमारा नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2020 एनईपी 2020 के अनुसार हमें अपने शुरुआती दौर में बच्चों को विद्यालय का स्वरूप ऐसा बनाना है ताकि बच्चे को क्या लगे बाल वाटिका लगे और वहां पर वह जाकर विभिन्न प्रकार के गतिविधियों के माध्यम से क्या करें विभिन्न प्रकार के संप्रदों को सीखना प्रारंभ करें और इसी कला का उपयोग करके एक शिक्षक क्या करता है अपने विद्यालय प्रांगण में टीएलएम का उपयोग करता है और आप लोग भी क्या बनाए होइएगा? टीएलएम बनाए होइएगा। जिसे हम लोग क्या बोलते हैं? टीचिंग लर्निंग मटेरियल के नाम से जानते हैं। और टीचिंग लर्निंग मटेरियल बनाने के लिए हम लोग विभिन्न प्रकार के कला का उपयोग करते हैं। तब जाकर हमारा क्या बनता है? टीएलएम बनता है, टीचिंग लर्निंग
17:22 मटेरियल बनता है। जिसके माध्यम से हम लोग बच्चों को बड़े ही रुचि के साथ जटिल जटिल संरचनाओं को सरल शब्दों में पढ़ाने का काम करते हैं। और वही हमारा कहलाता है टीएलएम अर्थात शिक्षण सहायक सामग्री। और ये सारे शिक्षण सहायक सामग्री क्या करते हैं? कहीं ना कहीं बच्चों के अंदर में डेवलपमेंट को कहीं ना कहीं बच्चे के अंदर में संज्ञानात्मक क्षमता को विकसित करने का कार्य करते हैं। अतः हमारे प्रारंभिक स्तर पे हमारे पाठचर्या के अंतर्गत कला समेकित शिक्षा को संलग्न करने का सिंपल सा तात्पर्य यह है ताकि बच्चा अपने विषय वस्तु को सरलतम रूप में क्या कर सके? समझने का कार्य कर सके। पढ़ने का कार्य कर सके। इसलिए हम लोग अपने प्रारंभिक स्तर पे कला को क्या करते हैं? समाहित करते हुए
18:08 बच्चों को पढ़ाने का कार्य करते हैं। आइए अगला पॉइंट है हमारा इसके अंदर में अर्थात इकाई नंबर एक के अंदर में जितना भी हमारा पॉइंट था कला का वो सारा पॉइंट क्लियर हो गया। अब मैं आपके चैट को ओपन करता हूं। अब आपका कोई डाउट है तो आप मुझसे पूछ सकते हैं। चलिए इसे रिप्लाई कीजिए। वेरी गुड। बहुत बढ़िया। टीचिंग लर्निंग मटेरियल। अब आपको अभी तक के जितने भी पॉइंट मैंने आपको पढ़ाया है उस पॉइंट में अगर आपको किसी प्रकार का डाउट हो, संदेह हो तो बताइए। वेरी गुड वेरी गुड। बहुत अच्छे से पढ़ा दिए हैं। चलिए कोई बात नहीं है कन्हैया कुमार जी मुझे पता है कि आप पढ़ाई पर अभी ध्यान नहीं दिए हैं।
18:54 चलिए बहुत बढ़िया। अब हम लोग यहां से क्या करते हैं? आगे की तरफ बढ़ने का काम करते हैं। अब यहां से आपका जो प्रश्न बनेगा इकाई नंबर एक का जो आपका प्रश्न बनेगा वह प्रश्न कुछ आपका इस प्रकार से बन सकता है। देखिए इकाई नंबर एक का जो आपका प्रश्न बनेगा वह प्रश्न कैसे बनेगा? प्रश्न बनेगा कला समेकित शिक्षा से शिक्षा से आपका आपका क्या अभिप्राय है? आपका क्या अभिप्राय है? बच्चों के बच्चों के संज्ञानात्मक क्षमता को बच्चों के संज्ञानात्मक क्षमता को क्षमता को
19:43 विकसित करने में विकसित करने में करने में यह कैसे यह कैसे महत्वपूर्ण है? महत्वपूर्ण है तथा तथा इसका तथा इसका महत्व बताएं तथा इसका महत्व बताएं। अब यह एक प्रश्न को अगर आप लोग बना लीजिएगा तो फिर आपके मन में किसी प्रकार का संदेह नहीं रहेगा। किसी प्रकार का डाउट नहीं रहेगा। जो आपका इकाई नंबर एक था। इकाई नंबर एक में बस यही प्रश्न जो मैंने आपके बोर्ड पर अभी लिखने का काम किया है। यह प्रश्न अगर आपने बना लिया तो आपके मन का सारा डाउट सारा संदेह क्या होगा? स्वतः
20:28 समाप्त हो जाएगा और इस डाउट को क्या कर लेना है आपको? समाप्त कर लेना। जल्दी से रिप्लाई की जो मैंने आपको प्रश्न अभी लिखने का काम किया है। इसमें कोई समस्या, कोई परेशानी है तो बताने का काम कीजिए। इसमें कोई समस्या, कोई परेशानी, कोई दिक्कत है तो बताने का काम कीजिए। यस सर वेरी गुड यार दो बार हम अस्थाप्य स्थाप्य कला का मतलब पूछ बता चुके हैं। पूनम कुमारी कह रही हैं यार दो बार हम अस्थाप्य कला का मतलब बता चुके हैं। पूनम
21:14 झा पूछ रही हैं स्थाप्य कला का मतलब क्या होगा? मैडम इतना भी आप लोगों को ना अंदर इन करने की आवश्यकता बिल्कुल भी नहीं है। अब जरा सोचिए कि हमने यहां से आगे यहां तक बढ़ गए। ठीक है? और आप अभी भी कहां फंसी हुई हैं? तो आप अभी भी यहां पर फंसी हुई हैं। आस्थाप्य कला पे आप फंसी हुई हैं। यहीं पर ना फंसी हुई हैं। अब बताइए पूनम झा जी कि आप अभी तक आपका दिमाग में वही चल रहा है। बार-बार मैसेज कर रहे होगा कब देखे? कब देखे बताइए? स्थाप्य कला को बोलते हैं आर्किटेक्चर। आर्किटेक्चर का मतलब क्या हुआ? जब आप किसी प्रकार के भवन का निर्माण करते हैं तो उस भवन के निर्माण के लिए जो आप संरचना बनाते हैं, उसी को बोलते हैं आस्थाप्य कला। क्या बोलते हैं?
21:59 कला कहते हैं। जैसे कि कोई इंजीनियर है। उससे आपने अपने घर का क्या किया? डिजाइन बनवाने का काम किया। कोई भवन का निर्माण कर रहा है, कोई पुल का निर्माण कर रहा है, कोई बिल्डिंग का निर्माण कर रहा है। तो आर्किटेक्चर लोग क्या करता है? उसका डिजाइन बनाने का काम करता है। उसी को बोलते हैं अस्थाप्य कला। ये तो आपके एग्जाम में कहीं-कहीं दूर-दूर तक देखने को मिलेगा भी नहीं। और आपका दिमाग यहीं पर फंसा हुआ है। चित्रकला का मतलब चित्रकारी वाला। मूर्तिक कला का मतलब मूर्तिक कला में हमारा वास्तुला भी चला आएगा। और इसी अस्थाप्य कला को हम लोग क्या बोलते हैं? जो मिस्त्री वगैरह क्या करते हैं? घर का डिजाइन। अंग्रेजी में हम लोग आर्किटेक्चर के नाम से जानते हैं। संगीत पता होगा, नाटक पता होगा, नृत्य पता होगा। धन्य है प्रभु। आइए इकाई नंबर एक में जो आपका
22:46 प्रश्न बनेगा, वह प्रश्न आपका कुछ इस प्रकार से बनता है और यह प्रश्न अगर आपको ऐसा लगता है, इस प्रश्न को आप लिख सकते हैं तो फिर आपका इकाई नंबर एक क्या हो गया? कंप्लीट हो गया। यहां से आपका यही प्रश्न बन सकता है कि कला समेकित शिक्षा से आपका क्या अभिप्राय है? बच्चों के संज्ञानात्मक क्षमता को विकसित करने में यह कैसे महत्वपूर्ण है? या फिर आपसे पूछ सकता है कि कला कला क्या है? कला क्या है? कॉमा इसकी इसकी इसकी प्रकारों की व्याख्या करें। इसकी प्रकारों की व्याख्या करें। तो एकदम ध्यान से सुनिएगा। रट्टा मारने की आवश्यकता बिल्कुल भी नहीं है। क्या कहिएगा कि कला एक प्रकार की ऐसी प्रक्रिया है
23:31 जहां पर बच्चों को आनंद, जिज्ञासा, रुचि की प्राप्ति होती है। यह एक ऐसा कला एक प्रकार की ऐसी क्रिया है जिसमें हर एक प्रकार के बच्चे को मन लगता है। सभी बच्चे अपने रुचि के अनुरूप विभिन्न प्रकार के क्रियाकलाप में संलग्न होते हैं। इसीलिए कला का शाब्दिक अर्थ होता है सुंदर। अर्थात यह हमारे कौशल से संबंधित होता है। जहां पर हम लोग विभिन्न प्रकार के विचारों को रंग के माध्यम से, नृत्य के माध्यम से, भाषण के माध्यम से प्रस्तुत करने का कार्य करते हैं। वही हमारा कला कहलाता है। कला मुख्यत हमारा दो प्रकार का होता है। पहला होगा हमारा रूपात्मक कला। इसी रूपात्मक को हम लोग क्या कहेंगे? तो दृश्य कला के नाम
24:16 से जानेंगे। और दूसरा हमारा होता है गत्यात्मक कला। इसी को हम लोग क्या कहेंगे? प्रदर्शन कला के नाम से जानेंगे। दृश्य कला एक प्रकार की ऐसी कलाकृति है जहां पर हम चीजों को देखते हैं और सब व्यक्ति अपने-अपने बौद्धिक क्षमता के अनुसार उसे देखने का कार्य करते हैं और हर व्यक्ति का विचार क्या होता है? अपना-अपना होता है। अर्थात किसी चित्र को देखने के पश्चात आपके मन में क्या विचार आया आवश्यक नहीं है कि वही सेम विचार आपके मित्र के अंदर में आएगा और इसी गुण को कहते हैं हम लोग दृश्यात्मकता। क्या कहते हैं? दृश्यात्मकता। आप याद कीजिए। मैंने आपको सीटेट में पढ़ाया होगा। जिस दिन एनसीएफ, एनईपी और निपुण का जब आपका मैंने टॉपिक प्रारंभ किया होगा तो मैंने आपको एक चित्र
25:03 दिखाया होगा। उस चित्र में बच्चे लोग क्या कोदाल ले ऐसे खड़े होंगे कोई बच्चा टोकरी ले खड़ा हुआ था और मैंने आपसे पूछा था कि आप लोगों ने जिस चित्र को देखा है बताइए आपके मन में क्या चल रहा है दैट्स कॉल्ड दृश्यात्मकता तो जो हमारा रूपात्मक कला है जो हमारा दृश्य कला है वह स्वयं से चीजों को व्यक्त करने का कार्य नहीं करता है इससे हम लोग अपने बौद्धिक क्षमता के आधार पे क्या करते हैं समझने का कार्य करते हैं क्या आप लोग क्लास में थे क्या आपके माइंड में वो वाला शब्द है जो मैंने आपको कहा था कि चित्र को देखकर आप बताने का कार्य करें और दूसरा है हमारा गत्यात्मक जिसे हम लोग प्रदर्शन कला कहेंगे यहां पे आप संगीत की बात कर लें नृत्य की बात कर लें भाषण की बात कर लें और यहां पर लोगों का होना
25:49 आवश्यक है। ये एक प्रकार का प्रदर्शनी का पाठ होता है जिसे हम लोग शिक्षा में रंगमंच के भी नाम से जानने का कार्य करते हैं जो कि अभी हम लोग आगे चलकर पढ़ने का समझने का कार्य करेंगे। तो यही दो पॉइंट था आपके इकाई नंबर एक में। आइए अगला इकाई नंबर दो है हमारा जिसका नाम क्या है? दृश्य कला। दृश्य कला क्या होता है? सबसे पहले आपसे पूछेगा कि दृश्य कला से आपका क्या अभिप्राय है? दृश्य कला से आप क्या समझते हैं? दृश्य कला की व्याख्या करें। क्या पूछेगा आपसे? दृश्य कला से आपका क्या अभिप्राय है? दृश्य कला की क्या करें? व्याख्या करें। और एक काम और कीजिएगा। मैंने आपके नोट्स के अंदर में कुछ क्षेत्रीय कला के बारे में बताया होगा। आप जब पढ़िएगा अपने नोट्स को जो आप टीच
26:36 एक्स्ट्रा एप्लीकेशन पर ले रखे हैं उस नोट्स को आप पढ़िएगा। तो वहां पर मैंने कुछ क्षेत्रीय कला के बारे में भी लिखने का काम किया है। तो एक नजर अपने नोट्स को भी आज क्लास के बाद क्या कीजिएगा? पढ़ने का काम कीजिएगा। तो और ज्यादा आपका टॉपिक पे क्या होगा? पकड़ बन जाएगा। तो उसके अंदर में सारा चीज क्या है? समाहित है। अब आइए दृश्य कला कहने का तात्पर्य क्या होता है? दृश्य कला से आप क्या समझते हैं? इसे अब हम लोग समझने का काम करते हैं। क्या बोलेंगे कि दृश्य कला अपने आप में एक प्रकार का ऐसा कला है। दृश्य कला अपने आप में एक प्रकार का ऐसा कला है जिसमें हम लोग बस देखने का कार्य करते हैं। क्या करते हैं? जिसे हम देख पाते हैं। वह हमारा
27:22 क्या है? देख पाते हैं। वही हमारा दृश्य कला है। जो चीज हम देखते हैं उसे हम अपने स्वयं के बौद्धिक क्षमता के आधार पे स्वयं के बौद्धिक क्षमता के आधार पे उसका अर्थ निकाल पाते हैं। उसके बारे में विचार कर पाते हैं। और यही हमारा क्या कहलाता है? तो दृश्य कला के नाम से जाना जाता है। जैसे कि हमारा पेंटिंग हो गया, कोलाज बनाना हो गया, मूर्ति बनाना हो गया। ये सारा हमारा किसका पार्ट होगा? तो दृश्य कला का पाठ होगा। इसी में एक आपके कौन थे? तो एक शिक्षाविद थे। कौन थे? तो एक शिक्षाविद थे जिनका नाम है होम्स। क्या नाम है? एक व्यक्ति है जिनका नाम है होम्स। और होम्स साहब कहते हैं किसके बारे में? तो होम्स साहब कहते हैं दृश्य कला के
28:09 बारे में। क्या कहते हैं कि मनुष्य ही एकमात्र ऐसा प्राणी है जिसको शरीर की जिसको शरीर की मांग ही नहीं है बल्कि क्या है? मस्तिष्क की मांग को भी पूरा करना पड़ता है। अर्थात होम्स कहते हैं कि मनुष्य होम्स क्या कहते हैं? तो होम्स कहते हैं कि मनुष्य एक प्रकार का एकमात्र ऐसा प्राणी है जिसको सिर्फ अपने शरीर की मांग की पूर्ति नहीं करनी है। शरीर के अलावा जो उसके मन में चल रहा है जो उसके मस्तिष्क में चल रहा है जो उसके संज्ञान में चल रहा है उसकी भी मांग की पूर्ति करना पड़ता है। अर्थात दृश्य कला जो भी व्यक्ति इसमें चित्र बनाने का कार्य करते हैं, मूर्ति बनाने का कार्य करते हैं, भवन का संरचना बनाने का काम करते हैं। वो सभी अपने मन मस्तिष्क में सोचकर अर्थात अपने
28:57 अमूर्त चिंतन को अपने अमूर्त चिंतन को क्या करते हैं? एक स्वरूप प्रदान करने का कार्य करते हैं। यही हमारा क्या कहलाएगा? दृश्य कला कहलाएगा। अब मैंने आपको अमूर्त चिंतन के बारे में पढ़ा रखा है। एक प्रकार का ऐसा चिंतन जिसे हम लोग मन ही मन करने का काम करते हैं। वही हमारा क्या कहलाएगा? तो वही हमारा अमूर्त चिंतन कहलाएगा। चलिए अब इसमें कोई डाउट है? मैं आपके चैट को ओपन कर रहा हूं। पूछना है तो पूछ सकते हैं आप। चलिए देखने का काम करते हैं। बहुत बढ़िया मोहम्मद अभी जी। आई एम न्यू स्टूडेंट। स्टडी गर्ल कुशवाहा। गुड इवनिंग। गुड इवनिंग। चलिए स्टडी गर्ल कुशवाहा कह रही हैं क्या पढ़ा रहे हैं सर? मैडम जब आप नए स्टूडेंट हैं तो आपको पता नहीं चलेगा। अभी हम लोग कौन सा विषय पढ़ रहे हैं? तो अभी हम लोग F1 पढ़ रहे हैं और
29:44 आपके एग्जाम में एक से सवा महीना का अब समय बचा है और जब आप टॉपिक देखकर समझ नहीं पा रहे हैं कि अभी कौन सा विषय चल रहा है जिसका अर्थ है कि आपने अभी तक कुछ भी पढ़ने का काम नहीं किया है। चलिए अब कोई डाउट नहीं है। आप सब लोग नो नो कह रहे हैं तो हम लोग अब आगे बढ़ने का काम करते हैं। अगला इसमें है हमारा मैंने आपको यहां पे दृश्य कला के बारे में दृश्य कला के प्रकार के बारे में एवं दृश्य कला के महत्व के बारे में एक ही जगह मैंने समाहित कर दिया है ताकि आपको कहीं से भी कोई समस्या का सामना ना करना पड़े। कहता है कि दृश्य कला वे कला है जो आंख से देखी जा सकती है और जिनका स्वरूप अस्थाई होता है। इसमें चित्रकला, मूर्ति कला, कोलाज बनाना, कागज, शिल्प, मुखौटा, निर्माण आदि आते
30:31 हैं। दृश्य कला के विभिन्न प्रकार क्या हो गया? चित्र बनाना हो गया, मुखौटा बनाना हो गया, ड्राइंग बनाना हो गया, कागज के सामग्री का निर्माण करना हो गया, कवार से जुगाड़ करना हो गया। ये सारा हमारा क्या कहलाएगा? तो ये सारा हमारा दृश्य कला के नाम से जाना जाता है। अर्थात दृश्य कला कहने का आपका सिंपल सा अर्थ है एक प्रकार की एक प्रकार की ऐसी कला एक प्रकार की ऐसी कला जहां पर हम लोग क्या करते हैं? विभिन्न प्रकार के चीजों को बनाते हैं और बनाने के बाद क्या करते हैं हम लोग? क्या करते हैं हम लोग? जहां पर हम लोग विभिन्न प्रकार की चीजों को बस रिप्रेजेंट करने का काम करते हैं और उसका विचार अपने आप से निकलता है। वही क्या कहलाएगा हमारा?
31:17 तो दृश्य कला के नाम से जाना जाएगा। कबाड़ से जुगाड़। वेरी गुड। अब यहां पर आप सभी ने पढ़ा कि इसमें क्या-क्या आएगा? चित्रकला आएगा, मूर्ति कला आएगा, कोलाज आएगा, कागज आएगा, शिल्प कला आएगा, मुखौटा बनाना आएगा। और ये सभी हमारे क्या हो गए? तो दृश्य कला के विभिन्न प्रकार हो गए। अर्थात एक बार फिर से बता दीजिए। तो हम लोग लिखेंगे कि दृश्य कला कहने का तात्पर्य होता है कला के विभिन्न प्रकार के स्वरूप में जो हमारा रूपात्मक कला होता है उस रूपात्मक कला को ही हम दृश्य कला के नाम से जानते हैं। दृश्य कला अपने आप में एक प्रकार की ऐसी कला होती है जिसे हम लोग देखने के माध्यम से अपने अपने स्वयं के बौद्धिक क्षमता के आधार पे समझने का कार्य
32:03 करते हैं। अपने विचार को प्रस्तुत करने का कार्य करते हैं। उस प्रकार के कला को ही हम दृश्य कला के नाम से जानते हैं। दृश्य कला के विभिन्न स्वरूप होते हैं। जैसे कि हमारा चित्रकला हो गया, मूर्ति कला हो गया, कोलाज बनाना हो गया, मुखौटा बनाना हो गया और इसके माध्यम से हम लोग अपने कक्षा कक्ष में विभिन्न प्रकार के शैक्षिक क्रियाकलाप जैसे कि बच्चों के अंदर में क्या करते हैं? तो रचनात्मकता और सौंदर्य बोर्ड को बढ़ाने का कार्य करते हैं। मोटर स्किल। मोटर स्किल कहने का मतलब क्या हो गया? तो मैंने आपको सीटेट में पढ़ाया होगा सूक्ष्मगामक। मैंने क्या पढ़ाया होगा? सूक्ष्मगामक विकास आपको पढ़ाया होगा। और आपने कहां पर पढ़ा होगा? तो जब मैंने आपको मनोगत्यात्मक विकास के बारे में पढ़ाया होगा तो वहां पर आप लोगों ने पढ़ने का
32:50 कार्य किया होगा। सूक्ष्म गामक एक प्रकार की ऐसी कला जहां पे हम लोग दो उंगली का उपयोग करते हैं। वही हमारा सूक्ष्म कला जाना जाता है। बच्चों की रुचि और भागीदारी बढ़ती है। आत्म अभिव्यक्ति का और आत्मविश्वास का विकास होता है। सहयोग और समूह में काम करने की भावना का भी क्या होता है? विकास होता है। इस कला के माध्यम का हम लोग उपयोग अपने शैक्षिक स्तर में गणित पढ़ाने के लिए करते हैं। अपने संस्कृति और सभ्यता का विकास करने के लिए करते हैं। बच्चा में कला संबंधित संप्रय को विकसित करने के लिए करते हैं। और यही हमारा क्या कहलाता है? तो यही हमारा दृश्य कला के नाम से जाना जाता है। क्लियर है गुरु जी? हम बहुत टेंशन में हैं। पढ़ रहे हैं। बुक तो लगा रहा है। बुक तो लग रहा है। सब आ जाएगा लेकिन के लिखते जा रहे
33:37 हैं। लिखना ही नहीं आ पा रहा है। मूर्ति कला चित्रकला मैडम अगर आप लिखना नहीं चाहते हैं तो आप लिख नहीं पाइएगा। इस चीज को ध्यान में रखिए। अब आपके एग्जाम में मान लीजिए फॉर एग्जांपल यही टॉपिक आपके एग्जाम में आएगा और आपसे पूछेगा कि दृश्य कला से आपका क्या अभिप्राय है? इसकी शैक्षिक उपयोगिताओं की व्याख्या करें। आपके एग्जाम में क्या पूछेगा कि दृश्य कला अवधारणा का मतलब होता है उसे समझना। तो आपके एग्जाम में मान लीजिए आपसे पूछेगा कि दृश्य कला से आपका क्या अभिप्राय है? इसके शैक्षिक निरर्थ या शैक्षिक उपयोगिताओं की व्याख्या करें। तो कैसे लिखिएगा? तो आइए मेरे साथ आप भी क्या कीजिए? बोलने का काम कीजिए। सर आप अभिव्यक्ति का अर्थ क्या होता है? आत्म अभिव्यक्ति का मतलब होता है
34:24 आत्म का मतलब हुआ स्वयं स्वयं से अपने आप को रिप्रेजेंट करना अभिव्यक्ति को कहते हैं रिप्रेजेंट और आत्म अभिव्यक्ति का अर्थ होगा सेल्फ रिप्रेजेंट अर्थात स्वयं से स्वयं के बारे में बताना स्वयं से किसी चीज को व्यक्त करना वही हमारा क्या कहलाएगा आत्म अभिव्यक्ति के नाम से जाना जाएगा अब आइए जिनको भी लगता है कि वह नहीं लिख पाएंगे तो चिंता मत कीजिए जैसे ही आपका ये सारा कोर्स कंप्लीट होगा तो उसके बाद हम हम लोग क्या करेंगे? तो उसके बाद हम लोग आईक्यू एस प्रारंभ करेंगे। इंपॉर्टेंट क्वेश्चन सीरीज प्रारंभ करेंगे। मगर आप लोगों का साथ मिलेगा तब वरना आईक्यू एस सिर्फ आपके क्या हो जाएंगे? एप्लीकेशन पे प्रारंभ हो जाएगा। क्योंकि जब तक आप लोग अपने दोस्तों में अपने मित्रों में शेयर नहीं कीजिएगा तो
35:10 फिर क्या ही फायदा है सीखने का और चिल्लाने का। उससे अच्छा है ना कि जो नोट्स के साथ में जुड़े हैं वह कहे कि हां हम स्पेशल हैं क्योंकि आप लोग तो शेयर वगैरह करते नहीं है। अपने मित्रों को बताते नहीं है तो फिर मैं आपके साथ कैसे संलग्न रहूंगा और मेरे दोस्त मेरे मित्र मैं आपको कहना चाहूंगा कि कोई भी कार्य तभी सफल हो पाता है जब तक उसमें ₹2 का प्राप्ति होता है और बिना ₹2 के कार्य से कोई भी कार्य कर पाना संभव नहीं है। हर एक प्रकार के क्रियाओं में हर एक प्रकार के कार्यों में आज के इस समकालीन परिवेश में कहीं ना कहीं खर्च अवश्य संलग्न है। इस बात की जानकारी आपको भी होगी। मैं तो बस आपको इतना कहता हूं कि आप विभिन्न प्रकार के जगह पर टॉपिक को देखने का काम करें और फिर आप एईपीएस पर पढ़ने का काम करें। अगर
35:58 आपको समझ में आता है तो अपने 10 मित्रों को शेयर कीजिए और समझ में नहीं आता है तो अपने 10 मित्रों के साथ चैनल को अनसस्क सब्सक्राइब करने का काम कीजिए। यही मैं आपको कहता हूं तो आपका प्यार और सपोर्ट के बिना कैसे काम चलेगा? तो जिनकोजिनको लिखने में समस्या है बहुत जल्द आपका क्या प्रारंभ हो जाएगा? आई क्यू एएस प्रारंभ होगा और उम्मीद है कि मैं सोमवार से प्रारंभ कर दूंगा। रविवार तक मैं आपके सिलेबस को कंप्लीट कर दूंगा और फिर आपका इंपॉर्टेंट क्वेश्चन सीरीज F1 से F12 प्रारंभ हो जाएगा। मगर उसके लिए आपके साथ की आवश्यकता है आपके प्यार की आवश्यकता है और जब तक आप अपने मित्रों में शेयर नहीं करेंगे कैसे कोई भी व्यक्ति को मोटिवेशन मिलेगा। हम लोगों का मोटिवेशन क्या है? तो
36:44 जब आपकी संख्या बढ़ती है वही हमें मोटिवेट करने का काम करता है। मेरे लिए हमारा आत्म अभिप्रेरणा क्या है? तो आपकी संख्या बढ़ती है तो हमें क्या प्राप्त होता है? तो हमें अभिप्रेरणा प्राप्त होता है कि नहीं हमारे इतने सारे मित्र हैं। हमें अवश्य क्या करना है? इस टॉपिक को और सरल करना है। आइए चलते हैं टॉपिक पे। कहता है कि दृश्य कला से आपका क्या अभिप्राय है? तो कैसे लिखिएगा? लिखिएगा कि दृश्य कला कहने का तात्पर्य होता है कि यह एक प्रकार से क्या है? तो इसी को हम लोग रूपात्मक कला के नाम से जानते हैं। दृश्य कला को ही हम लोग रूपात्मक कला के नाम से जानते हैं। इस कला के माध्यम से हम लोग विभिन्न प्रकार की चीजों को बस देखने का कार्य करते हैं और देखने के उपरांत हर व्यक्ति अपने-अपने
37:31 बौद्धिक क्षमता या अपने-अपने निष्पादन स्तर के आधार पे निष्पादन को ही बोलते हैं बौद्धिक क्षमता। अपने-अपने निष्पादन स्तर के आधार पे उस कला से संबंधित विचारों को उस कला से संबंधित अर्थ को जानने का कार्य कर पाता है। समझने का कार्य कर पाता है और इस प्रकार के कला को ही हम लोग दृश्य कला या रूपात्मक कला के नाम से जानते हैं। दृश्य कला विभिन्न प्रकार का होता है। जिसे कि हमारा चित्र कला हो गया, मूर्ति कला हो गया, वास्तु कला हो गया, अस्थाप्य कला हो गया, कला हो गया, मुखौटा हो गया। ये सभी दृश्य कला के विविध स्वरूप हैं। इस कला के माध्यम से बच्चों के अंदर में सौंदर्य का विकास होता है। सृजनशील गुण का विकास होता है। बच्चे अपने अभिव्यक्ति को
38:17 व्यक्त कर पाते हैं। इसके माध्यम से बच्चे में व्यात्मक कौशल का विकास होता है। और यही हमारा क्या कहलाता है? तो यही हमारा दृश्य कला के नाम से जाना जाता है। इसी को हम लोग क्या बोलते हैं? तो इसी को हम लोग दृश्य कला के नाम से जानने का कार्य करते हैं। इसी को हम लोग क्या कहते हैं? तो दृश्य कला के नाम से जानने का कार्य करते हैं। चलिए यहां तक हमारा सारा पॉइंट क्लियर हो गया। कोई दिक्कत, कोई समस्या, कोई परेशानी है तो बताने का कार्य कीजिएगा। अन्यथा हम लोग क्या करेंगे? यहां से आगे की तरफ बढ़ने का काम करेंगे। चलिए बहुत बढ़िया। बेहतरीन, गजब, बेमिसाल। तो आइए चलते हैं अब हम लोग यहां से अगले टॉपिक की तरफ। अगला क्या है हमारा? दृश्य कला संबंधित कला अनुभव। कहने का आपका तात्पर्य क्या हुआ? कि जब कोई व्यक्ति के पास में दृश्य कला का संबंध अर्थात दृश्य
39:05 कला का ज्ञान होता है। उस ज्ञान का वह उपयोग अपने शैक्षिक प्रणाली में कैसे करेगा? तो आप याद करें जब मैंने आपको पढ़ाया होगा गणित का शिक्षण शास्त्र। मैंने क्या पढ़ाया था आपको? गणित का शिक्षण शास्त्र और उस विषय वस्तु में मैंने आपको पढ़ाया था कि गणित पढ़ाने का एक संभावित क्रम होता है। गणित पढ़ाने का एक संभावित क्रम होता है। क्या आपको याद है? जल्दी से रिप्लाई कीजिए। मैंने आपको पढ़ाया था गणित पढ़ाने का एक संभावित क्रम होता है जिसे हम लोग कहते हैं अभाची प्र। क्या कहते हैं? अभाची प्र। अब यहां पे जो ये ची से क्या होता है? चित्र होता है अ से अनुभव, भ से भाषा, प से प्रतीक। तो जो
39:51 चित्र का उपयोग करते हुए हम विभिन्न प्रकार के संप्रत्ययों को सरल तरीके से बताने का कार्य करते हैं। दैट्स कॉल्ड वही क्या कहलाया? दृश्य कला संबंधित हमारा कला अनुभव कहलाया। जिसका उपयोग हम लोग कहां करते हैं? तो अपने विभिन्न प्रकार के विषय वस्तु को पढ़ाने में करते हैं। अपने विभिन्न प्रकार के टॉपिक को समझाने में करते हैं। और यही हमारा कहलाता है दृश्य कला संबंधित अनुभव। राइट? चलिए बहुत बढ़िया। तो आइए अब यहां से हम लोग आगे की तरफ बढ़ने का काम करते हैं। अब आपके चैट में पहले कौन सा पेपर होता है? F1, F2, F3 मैडम अनामिका जी अभी से पहले आपने मैसेज किया था कि हम बहुत पढ़ते हैं पर हम लिख नहीं पाते हैं और दोबारा आपने मैसेज किया
40:36 है कि पहले कौन सा एग्जाम होता है। मैडम पता है आपकी प्रॉब्लम क्या है? आपके पास सिर्फ डाउट है। आपके पास सिर्फ क्वेश्चन है। परंतु अभी जो आपका क्लास चल रहा है, इस क्लास को आप समझने की इच्छा नहीं रखती हैं। आपके पास में सिर्फ डाउट है। तो कैसे आप लिख पाइएगा? अभी आपको समझना है तो पहले समझने का काम कीजिए। पहले क्या होगा बाद में क्या होगा वह तो एडमिट कार्ड से पता चल ही जाएगा ना जी हां चलिए [गला साफ़ करने की आवाज़] [नाक से की जाने वाली आवाज़] खैर कोई बात नहीं है अगर मेरी बात बुरी लगी हो खराब लगी हो तो माफी चाहेंगे क्योंकि अक्सर आप लोग कहते हैं कि लो लपटा गई तो ऐसा मत सोच रखिएगा मेरा एक ही उद्देश्य है कि आप लोग क्लास में उपस्थित हैं तो पढ़िए चीजों को समझने का काम कीजिए और मेरा कोई उद्देश्य नहीं है ऑब्जेक्टिव एग्जाम होता है तो
41:22 आपके प्रीवियस ईयर क्वेश्चन में ऑब्जेक्टिव दिखता है ना जी एक भी ऑब्जेक्टिव आपको दिखा दृश्य कला के विविध प्रकार संबंधित सामग्री से परिचय एवं विकास जैसे कि चित्र बनाने के लिए आपसे पूछेगा दृश्य कला संबंधित विभिन्न प्रकार के संसाधनों की सूची बनाएं तो क्या लिखिएगा तो आप लिख सकते हैं इसके अंदर में मान लीजिए कॉपी हो गया पेंसिल पेंसिल में अलग-अलग प्रकार का पेंसिल आता है एचबी1 एचबी2 एचबी3 इस तरह का आप लोग नाम सुने हैं इरेजर बोल सकते हैं शार्पनर बोल सकते हैं पेंटिंग िंग बोल सकते हैं, स्केच बोल सकते हैं। ये सारा चीज हमारा क्या हो गया? तो दृश्य कला का विभिन्न प्रकार का सामग्री। मन है तो फेविकॉल लिख सकते हैं, गम लिख सकते हैं। अर्थात आप अपने मन में सोचिएगा कि आप कोई
42:10 पेंटिंग या कुछ बनाने का काम कर रहे हैं। अब उसे बनाने के लिए आपको किस-किस प्रकार का सामग्री चाहिए। या फिर आप अपने मन में सोचिएगा कि आप कोई मूर्ति बनाने का काम कर रहे हैं और मूर्ति बनाने के लिए आपको क्या-क्या सामग्री चाहिए। वही सारा सूची को क्या कर देना है? लिखने का काम कर देना है कि तमाम प्रकार के सूचियों का उपयोग करते हुए कैसे कोई चीज बना सकते हैं। तो इस तरह से हमारा इकाई नंबर दो दृश्य कला इति श्री रेबा खंडे। अगला है हमारा प्रदर्शन कला। आइए चलते हैं हम लोग अपने अगले शब्द की तरफ। प्रदर्शन कला की तरफ। इकाई नंबर दो दो में कोई दिक्कत? नहीं सर बुरा नहीं लगा। डाउट भी है तो पढ़ाई को लेकर ही है ना? नहीं इसको डाउट नहीं बोलते हैं मैडम। इसे बोलते हैं अपने
42:57 पढ़ाई करने के क्रम में अपने ध्यान का बेध्यान होना। अभी मैं आपको पढ़ाऊंगा जब आप जाइएगा सेकंड ईयर में तो वहां पर आप एक टॉपिक पढ़िएगा जिसका नाम क्या है? अवधान। क्या नाम है? अवधान। अवधान को अंग्रेजी में कहते हैं अटेंशन। कि अगर आप इस क्लास में अभी उपस्थित हुए हैं। अभी आपका एफ1 आज क्या हुआ है? प्रारंभ हुआ है। तो आपको सबसे पहला ध्यान कहां होना चाहिए? तो अपने विषय वस्तु पर होना चाहिए। अपने टॉपिक पर होना चाहिए। बाद बाकी आपके संदेह के लिए WhatsApp है। सुबह में 9:00 से 11 में कॉल करने का ऑप्शन है। ढेर सारा चीज है। क्यों चिंता करते हैं? सर ऑब्जेक्टिव आता है या नहीं आता है? बता दीजिए। बताइए आप सभी लोग। अभी लगता है नए-नए आए हैं। सारा लोग के लिए प्रीवियस ईयर क्वेश्चन उपस्थित है
43:44 मेरे दोस्त। ऑब्जेक्टिव आपके एग्जाम में नहीं होता है। ओनली सब्जेक्टिव आपका एग्जाम होता है और सारा मैंने एफ 10 तक का प्रीवियस ईयर क्वेश्चन पढ़ाया है। आपका पांच नंबर का सवाल रहेगा और 10 नंबर का सवाल रहेगा। और ये दोनों क्या रहेगा? तो सब्जेक्टिव रहेगा। अर्थात आपको पन्ना भर-भर के लिखना पड़ेगा। ठीक? और कोई डाउट है? अब हम लोग अपने प्रदर्शन कला को प्रारंभ करें और कोई डाउट तो नहीं ना है? क्योंकि आपके चैट को जब ओपन करते हैं तो सिर्फ आपका डाउट रहता है और कोई डाउट है तो पूछ लीजिए। फिर हम लोग चलेंगे अपने प्रदर्शन कला की तरफ वरना आप पढ़ नहीं पाइएगा। जल्दी से रिप्लाई कीजिए। सही बात है अनामिका जी मेरा पेपर हो रहा है। वेरी गुड। सर मैं जॉब करती हूं इसलिए आपका क्लास रेगुलर नहीं कर पाती हूं। ओके
44:30 जी वेरी गुड। गुड इवनिंग एवरीवन। गुड इवनिंग। जी गुरु जी। और कोई डाउट है? और कोई डाउट है कि चले अब अपने प्रदर्शन कला की तरफ। यूपी डीएलएड वाला आज का क्लास में ज्यादा है सर। अच्छा जी हमको नहीं पता है यूपी डीएलएड का सिलेबस अगर आपका टॉपिक मिलता है तो आप पढ़ सकते हैं और कोई दिक्कत 23 में था कोनो 23 22 24 कहीं भी आपका ऑब्जेक्टिव नहीं था। अपने मन से कुछो बोल दीजिएगा। जब से आपका डीएलएड का एग्जाम प्रारंभ हुआ है अर्थात फेस टू फेस प्रारंभ हुआ है 2018 में तब से हम पढ़ाने का काम कर रहे हैं। तो विशेष बुद्धि विवेक नहीं लगाना है और आपका इसका अर्थ हुआ कि आपने नोट्स नहीं ले रखा है। अगर आप नोट्स ले ले रखे होते तो वहां पे 2022 से लेके अभी तक का आपका क्या है? प्रीवियस ईयर क्वेश्चन रखा हुआ है। और सारे क्वेश्चन को देख
45:16 लीजिएगा। जब बोल दिए कि ऑब्जेक्टिव नहीं है तो नहीं है बस और कोई दिक्कत डायग्राम भी बनाना पड़ता है क्या वह आपके ऊपर डिपेंड करता है और कोई दिक्कत आपको आएगा तो डायग्राम बनाइएगा तो अच्छा नंबर मिलेगा नहीं आएगा तो नहीं मिलेगा यूपी डीएलएड में ऑब्जेक्टिव रहता है हम भाई बिहार डीएलएड पढ़ा रहे हैं। यह बिहार डीएलएड का सिलेबस है। यह बिहार डीएलएड का मैं पूरा पैटर्न पढ़ाता हूं। अब आप यूपी वाले पढ़े तब, एमपी वाले पढ़े तब, राजस्थान वाले पढ़े तब मेरे आपके प्रश्न पत्र को मैंने कभी देखा नहीं है। ये बिहार डीएलएड का क्लास है। अगर आपका टॉपिक आपके बोर्ड से मैच करता है तो आप पढ़ लीजिए वरना आपके उपयोगी काम का नहीं है। आइए अब आपका सारा डाउट खत्म। अब आते हैं प्रदर्शन कला पे। कहता है
46:02 प्रदर्शन कला कहने का तात्पर्य होता है कि यह अपने आप में एक प्रकार का क्या होता है? तो इसी को हम लोग गत्यात्मक कला के भी नाम से जानते हैं। ये क्या कहलाता है हमारा? तो यही हमारा गत्यात्मक कला के नाम से जाना जाता है। इस कला के अंतर्गत सबसे ज्यादा आवश्यक कोई चीज है तो वह है हमारे दर्शक। क्योंकि प्रदर्शन कला में हम लोग किसी भी चीज को प्रदर्शित करने का काम करते हैं। और यह एक प्रकार से कला का क्या है? प्रस्तुतीकरण करने की प्रक्रिया है। जहां पर हम लोग विभिन्न प्रकार के सांस्कृतिक चीजों को चाहे नृत्य को, संगीत को, भाषण को क्या करते हैं? अपने दर्शक के सामने अभिव्यक्त करने का कार्य करते हैं। वही हमारा क्या होता है? तो वही हमारा प्रदर्शन कला के नाम से जाना जाता है।
46:49 क्या कहलाता है? तो प्रदर्शन कला के नाम से जाना जाता है। कोई व्यक्ति प्रदर्शन के माध्यम से वेरी गुड। बहुत बढ़िया। तो उसी को हम लोग क्या बोलते हैं? प्रदर्शन कला के नाम से जानते हैं। प्रदर्शन कला के अंतर्गत हम लोग विभिन्न प्रकार का गायन का, संगीत का, नृत्य का, ड्रामा का, भाषण का हर एक प्रकार को क्या करते हैं? बताने का, रिप्रेजेंट करने का काम करते हैं। अतः इस प्रकार से हम लोग कह सकते हैं कि प्रदर्शन कला वे कला होती हैं जिन्हें समय के साथ जिन्हें समय के साथ मंच या सार्वजनिक स्थान पे प्रस्तुत किया जाता है। जैसे कि नाटक, संगीत, नृत्य यह सभी क्या हो गया हमारा? तो ये सारा हमारा प्रदर्शन कला हो गया। कठपुतली आदि यह कला
47:35 शारीरिक भावनात्मक और श्रव्य अभिव्यक्ति का क्या होता है? मेल होता है। कभी-कभी प्रदर्शन कला में मौन कला भी होता है। जहां पे चुपचाप हम लोग क्या करते हैं? अपने भावनाओं को प्रदर्शित करने का कार्य करते हैं। प्रदर्शन कला में आवाज होना अनिवार्य है। ऐसा सोच क्या है? हमारा गलत है। क्योंकि बहुत सारा ऐसा नाटक होता है जिसे क्या बोलते हैं? मुख्य नाटक के नाम से जानते हैं जो कि आपने सीटेट में भी सुना होगा। मुख नाटक। इसमें किसी प्रकार का साउंड नहीं होता है और हम सामने वाले के किसको तो भावनाओं को समझने का कार्य करते हैं। उसी को हम लोग प्रदर्शन कला कहते हैं। प्रदर्शन कला विभिन्न प्रकार के होते हैं। नाटक, नृत्य, संगीत, कठपुतली, माइन या कविता, पाठ या कहानी का वाचन
48:21 करना। प्रदर्शन कला के भी माध्यम से बच्चों के अंदर में विभिन्न प्रकार के गुणों का अर्थात सृजनात्मकता का उसके अलावा क्या हो जाएगा? नवीन नवीन कार्यों का बौद्धिक क्षमता का मैत्रीपूर्ण का अभिव्यात्मक कौशल का उसके अलावा बच्चे क्या कर पाते हैं तो अपने मन में बैठे हुए हेजिटेशन को दूर पार कर पाते हैं अभिप्रेरित हो पाते हैं आत्मविश्वास का विकास होता है इस कला का शिक्षा में महत्व इस प्रकार से है बच्चों की रचनात्मकता और आत्म अभिव्यक्ति को बढ़ावा मिलता है टीम वर्क और अनुशासन सीखता है बच्चों में सांस्कृतिक टीम वर्क को ही हम लोग क्या बोलेंगे तो सामूहिक क्रियाकलाप क्या बोलेंगे सामूहिक की क्रिया कहेंगे। बच्चों में सांस्कृतिक समझ और लोक परंपराओं से जुड़ाव होता है। शारीरिक, मानसिक और सामाजिक विकास में सहायक है। पढ़ाई को
49:08 आनंददायक और अनमनात्मक बनाने का कार्य करता है। कौन? तो हमारा प्रदर्शन कला अर्थात प्रदर्शन कला अपने आप में एक प्रकार की ऐसी कला होती है जिसके माध्यम से हम लोग अपने विचारों को अपने अभिव्यक्ति को क्या करते हैं? एक मंच के माध्यम से दर्शक के सामने व्यक्त करने का कार्य करते हैं। वही हमारा प्रदर्शन कला के नाम से जाना जाता है। प्रदर्शन कला को ही हम लोग गत्यात्मक कला के भी नाम से जानते हैं। क्योंकि यहां पे गत्यात्मक कहने का आशय होता है जो हमारे शारीरिक गतिविधियों से क्या हो? संलग्न हो। गत्यात्मक शब्द का शाब्दिक अर्थ होता है गामक जो कि हमारा शरीर कहलाता है और इसे भी हम लोगों ने अपने सीटेट के अंदर में पढ़ने का काम किया है। इशारों से भी प्रदर्शन करते हैं। उसी को मॉक नाटक कहते हैं बुसरा प्रवीण जी। राइट? आइए अब इसी
49:56 में हमारा अगला टॉपिक है प्रदर्शन कला का धवधारणा। इसी को अभी हम लोगों ने समझने का काम किया और प्रदर्शन कला संबंधित कला अनुभव। अनुभव में क्या हो जाएगा? तो अनुभव में हमारा हो जाएगा जैसे कि हम लोग अपने कक्षा कक्ष में बच्चों को हिंदी पढ़ाने गए। अब हिंदी पढ़ाने में हमारा कोई कहानी हो या कोई कविता हो उसे हम क्या कर रहे हैं? एक प्रकार से इस तरह से रिप्रेजेंट कर रहे हैं। जैसे कि लग रहा है कोई लोकगीत चल रहा है या फिर कोई नाट्य प्रस्तुतीकरण हो रहा है। इसी के माध्यम से हम लोग अपने कक्षा कक्ष में शुरुआती दौर में बच्चों को सरलतम रूप में क्या करते हैं? गद और पद संबंधित चीजों को समझाने का कार्य करते हैं। और यह जो हमारा समझाने का शैली है, समझाने का तरीका है, यही हमारा क्या है?
50:42 तो प्रदर्शन कला का अनुभव है। जिसे हम लोग अपने कक्षा कक्ष में क्या करते हैं? उपयोग करने का कार्य करते हैं। जिसे हम लोग अपने कक्षा कक्ष में बच्चों को बताने का कार्य करते हैं। समझाने का कार्य करते हैं। यही हमारा क्या कहलाएगा? तो प्रदर्शन कला के नाम से जाना जाएगा। कहता है कि शिक्षा में रंगमंच। अब देखिए रंगमंच का मतलब क्या होता है? तो रंगमंच कहने का आशय होता है एक प्रकार का ऐसा मंच जहां से हम लोग विभिन्न प्रकार के क्या करते हैं? प्रदर्शन कला का प्रस्तुतीकरण करने का कार्य करते हैं। जहां पे सामने में दर्शक की उपस्थिति होना क्या है? अनिवार्य है। उस प्रकार के कला को ही हम लोग रंगमंच के नाम से जानते हैं। परंतु वही कला अगर हमारे शिक्षा से संबंधित हो अर्थात एक
51:31 प्रकार का ऐसा इवेंट एक प्रकार का ऐसा कार्य जो हमारे शिक्षा संबंधित क्रियाकलापों से क्या हो? संलग्न हो उसी को हम लोग क्या कहेंगे? तो प्रदर्शन कला के नाम से जानेंगे। अर्थात शिक्षा में रंगमंच कहने का आशय होता है। रंगमंच एक प्रकार का क्या है? तो रंगमंच शिक्षा का एक ऐसा रचनात्मक माध्यम है जिसमें नाटक, अभिनय, संवाद और प्रस्तुति करें जरिए बच्चों को हम लोग क्या करते हैं? विभिन्न प्रकार की चीजों को सिखाने का कार्य करते हैं। अर्थात शिक्षा में रंगमंच कहने का सिंपल सा आपका तात्पर्य होता है कि एक प्रकार का हमारा ऐसा कला जहां पर हम लोग क्या करते हैं? जहां पर हम लोग विभिन्न प्रकार के संप्रत्ययों को बताने के लिए विभिन्न प्रकार के संप्रत्ययों को समझाने
52:17 के लिए जटिल से जटिल संरचना को बताने के लिए क्या करते हैं? जटिल जटिल संरचना को बताने के लिए हम लोग पूर्ण रूप से [गला साफ़ करने की आवाज़] चलिए 21 से 30 तक फर्स्ट ईयर का एग्जाम होगा। वाह बहुत आप लोगों के गुप्त सूत्र आपके इस क्लास में उपस्थित हैं। चलिए महादेव करें। आइए तो हम लोग कहां पे थे? शिक्षा में रंगमंच कहता है कि एक ऐसा रचनात्मक माध्यम है जिसमें नाटक, अभिनय, संवाद और प्रस्तुति के जरिए बच्चों को सीखने का अनुभव प्राप्त होता है। शिक्षा में रंगमंच के माध्यम से सृजनात्मकता का विकास, भाषा विकास में सहायक, आत्मविश्वास और मंच पर बोलने में सहायक, सामूहिक
53:02 क्रियाकलाप और सहयोग की भावना का विकास, समस्या समाधान और सोचने के शक्ति का विकास, अनुशासन और समय प्रबंधन का विकास और समावेशी शिक्षा के लिए क्या है? एक महत्वपूर्ण प्रकार का साधन का कार्य करता है। उसी को हम लोग क्या बोलते हैं? तो शिक्षा में रंगमंच के नाम से जानते हैं। अब आपके क्लास में कोई भी ऐसा डाउट है जो भी आपका संदेह है अगर आप पूछना चाह तो पूछ सकते हैं। जल्दी से बताइए। अभी कोई डेट नहीं आया है। चलिए कोई बात नहीं। जब आएगा तो आप लोगों को स्वतः पता चल जाएगा। उसके लिए परेशान होने की जरूरत नहीं है। जल्दी से बताइए। कोई भी डाउट है क्या? कोई भी डाउट है क्या? जल्दी से रिप्लाई करें। जल्दी से रिप्लाई कीजिए। अभी तक के कक्षा
53:50 कक्ष में किसी प्रकार का डाउट है, किसी प्रकार का संदेह है क्योंकि आज हम लोगों ने अपने इकाई नंबर एक से लेके इकाई नंबर तीन तक पढ़ने का काम किया है। और कल सुबह कल सुबह 9:00 बजे या 9:30 तक देखिए थोड़ा सा क्या होता है। सुबह में हम लोगों का कार्य क्या है? फिजिकल एक्टिविटी का कार्य रहता है। तो सुबह-सुबह हम लोगों का क्लास का टाइमिंग ऐसे रहता है। 8:30 बजे मैंने आपको कहा था। परंतु कभी-कभी विलंब हो जाता है। अगर मान लीजिए कि घर से गए वहां पर एक्सरसाइज करने गए और वहां पर जो सर हैं जो ट्रेनर हैं और उन्होंने कोई कार्य बोल दिया, कुछ कह दिया कि यह भी लगा लीजिए, वह भी लगा लीजिए। तो उसमें थोड़ा सा विलंब होता है और वहां से आने के बाद आदमी ओट्स वगैरह खाकर नहा धोहाकर इसी में प्रक्रिया
54:36 में 30 मिनट समय लग जाता है। तो भाई आप ध्यान में रखिएगा कि 9:30 तक आपका क्लास अवश्य प्रारंभ हो जाएगा। तो कल सुबह हम लोग क्या-क्या पढ़ेंगे? इकाई नंबर चार और पांच पढ़ लेंगे और कल रात में हमारा एफ 111 का प्रीवियस ईयर क्वेश्चन हो जाएगा और सारा पढ़ाई कंप्लीट। सर मुझे आकलन और मूल्यांकन में डाउट रहता है। कोई बात नहीं पढ़ा देंगे, क्लियर करवा देंगे। परछाई से रोचक स्वरूप को गढ़ना किसके बारे में बता रहे हैं? सर इसका क्वेश्चन आंसर कराइए। सब कुछ करा देंगे। क्वेश्चन आंसर आपका कल रात में होगा। पहले आपका यूनिट पढ़ाएंगे तब ना। क्या नाम है आपका? जो भी प्रवीन करके आपका नाम है मैडम। हमारे क्लास का एक पैटर्न होता है। पहले यूनिट वाइज पढ़ने का काम करते हैं और फिर प्रीवियस ईयर क्वेश्चन। चलिए तो कोई भी डाउट कोई भी
55:23 संदेह है तो आप पूछ सकते हैं। आपका चैट अभी ओपन है। बाद बाकी आप लोग बात थोड़ा बाद में कर लीजिएगा। कोई डाउट है तो पूछिए। अगर डाउट नहीं है तो ये सारा कंटेंट आपके इस नोट्स के भी अंदर में क्या है? अवेलेबल है जहां से आप लेकर पढ़ सकते हैं और अगर आप चाहते हैं कि प्रथम वर्ष के साथ सीटेट का सर माइम क्या वाह रे बलैया इतना आप लोग दिन रात यूज़ करते हैं और आपको माइम पता नहीं है मीम्स मीम्स नहीं पता है जैसे कि कोई व्यक्ति है जो कुछ एक शब्द भी बोल नहीं रहा है बस अपना शारीरिक एक्टिविटी के माध्यम से कोई भी कार्य कर रहा उसी को मुख्य नाटक भी कहेंगे जहां पर एक शब्द भी वह बोलने का कार्य नहीं कर रहा है वही हमारा हमारा माइम कहलाता है। ठीक है? अगर आप लोग साथ में सीटेट की तैयारी
56:09 कर रहे हैं तो अभी आपका जो स्पेशल ऑफर चल रहा है उसमें आप लोग जुड़ सकते हैं। जहां पे आपको डीएलएड प्रथम वर्ष के नोट्स के साथ-साथ क्या-क्या मिलेगा? तो सीटेट क्रैकर का भी बैच मिलेगा। बेसिक मैथ जो कि पूर्ण रूप से आपका शून्य होगा। उसमें बहुत जल्द आपका फिर से पढ़ाई क्या होगा? रिवीजन होगा। तभी आपके पास में समय है। क्योंकि जून महीना के बाद मैं फिर से क्या करवाऊंगा? रिवीजन कराना प्रारंभ करा दूंगा। तो अब तक आप नहीं जुड़े हैं तो आप अभी भी जुड़ सकते हैं और मेरा मेरा अगर मेरा बात मानिएगा तो मैं आपको यही कहूंगा कि अगर आपका 25 27 सेशन है तो ओनली पेपर वन को भरिएगा और इसके साथ में जुड़िए। आपका डीएलएड और सीटेट दोनों इस तरह से क्लियर हो जाएगा कि आपको पता भी नहीं चलेगा कि कब आपने मेहनत किया और कब आपका
56:55 पढ़ाई क्या हो गया? पूर्ण रूप से क्लियर हो गया। कोई भी संदेह हो, कोई भी डाउट हो तो आप बेहिचक कॉल कर सकते हैं। परंतु सुबह 9:00 से 11 के बीच में नंबर है मेरा 87896040 मेरा नंबर है। कॉलिंग नंबर है और इसी नंबर पर मेरा WhatsApp है। बस नम्र निवेदन है कि सुबह 9:00 से सुबह 11 2 घंटे का आपका समय होता है। इसी बीच में आप कॉल करिएगा। फिर भी कोई डाउट कोई संदेह रह जाए तो आप मुझे WhatsApp पर भी मैसेज करने का कार्य कर सकते हैं। पढ़ाई से रोचक स्वरूप को गढ़ना क्या होता है सर? पढ़ाई से रोचक परछाई से परछाई से रोचक स्वरूप को गढ़ना नहीं देखे हैं कभी-कभी वीडियो आप देखे होइएगा किस प्रकार से लोग अपने हाथों से
57:42 क्या करता है? जो परछाई बनता है उसका वीडियो बनाता है। हाथों को इस प्रकार से मूवमेंट करेगा कि उसके परछाई में आपको लगेगा चिड़िया है। कभी-कभी आप देखिएगा तो आसमान में लगेगा अरे ये बादल नहीं है। कोई व्यक्ति का चेहरा लग रहा है। तो सब जो परछाई से हमारा बनता है कला उसी को बोलते हैं परछाई से रोचक तत्वों को गढ़ना। क्लियर सर आप कितना मेहनत कर रहे हैं हमारे लिए। नहीं देखिए यह आपका इसी प्रकार से मेरा बस यही मानना है कि आप लोग अपने दोस्त में अपने मित्र में शेयर कीजिए। तभी जाकर आपका प्रारंभ होगा आईक्यूएसेंट क्वेश्चन सीरीज। इसके लिए आपको थोड़ा सा मेरा सपोर्ट करना पड़ेगा और आपके प्यार और सपोर्ट से ही काम हो पाएगा। बहुत ऐसे मित्र हैं जो बाद में रिकॉर्डिंग देखते हैं। आपसे नम्र निवेदन है कि लाइव क्लास
58:28 में भी उपस्थित रहा कीजिए। चलिए, यह आपका पीडीएफ मैं अभी ही आपके नोट्स में अपलोड कर देता हूं। जितना मैंने अभी आपको पढ़ाया है, यह सारा पीडीएफ अभी आपका अपलोड हो जाएगा। बगल में वीडियो और वीडियो के बगल में क्या रहता है आपका? तो पीडीएफ रहता है और कल सुबह हम लोग इसी का इकाई नंबर क्या करेंगे? चार और पांच पढ़ के इसे समाप्त कर देंगे। और कल रात में हमारा प्रीवियस ईयर क्वेश्चन हो जाएगा। तो एफ 111 समाप्त हो गया। शुक्रवार को। शनिवार को हम लोग एफ12 प्रारंभ करेंगे। सुबह में रात तक में या रविवार के तक में हमारा सिलेबस क्या हो जाएगा? कंप्लीट हो जाएगा। तो जो भी आपके क्लास में ऐसे मित्र थे जिनके मन में डर था कि सर सिलेबस कब खत्म होगा? सिलेबस कब
59:13 खत्म होगा? सिलेबस कब खत्म होगा? तो आपका डर समाप्त हुआ कि नहीं हुआ? जल्दी से रिप्लाई करने का काम कीजिए। आपका डर समाप्त हुआ कि नहीं हुआ? जल्दी से रिप्लाई करने का काम कीजिएगा। सर प्लीज YouTube पर ही लीजिएगा। अब इसके लिए आपको शेयर करना पड़ेगा। अपने दोस्त में WhatsApp पे अपना स्टेटस लगाइए क्योंकि जब तक आप हमारे साथ जुड़ेंगे नहीं तो मैं आपके साथ कैसे जुड़ूंगा? सिंपल सा लॉजिक है। सिंपल सा बात है। आपको भी प्यार सपोर्ट करना पड़ेगा। जिस तरह से मैं आपके साथ खड़ा हूं। आपको भी साथ खड़ा होना पड़ेगा। सर सीनियर बोलते हैं सीटेट पेपर टू भी दो। अनुभव होगा। इससे आपको होगा अनुभव। क्यों नहीं होगा? सीनियर जो बोले हैं तो फेल होने का अनुभव होगा। चिंता क्यों करते हैं? सीनियर को अर्थात 100 में से मात्र 2
1:00:01 से 4% लोग पास कर पाते हैं और मुझे लगता है कि अपने विद्यार्थी जीवन में काफी कम लोग ऐसे हैं जो दो 4% लकी लोगों के बीच में आएंगे तो अनुभव तो प्राप्त होगा परंतु आप यही अनुभव अपने जूनियर में कहिएगा कि नहीं सिर्फ पेपर वन भरना दोनों भरोगे तो पेपर पास नहीं होगा ऐसा अनुभव भी तो प्राप्त हो सकता है तो जो कहते हैं उस बात को मानिएगा तो सही रहेगा और नहीं मानिएगा तो और सही सही रहेगा क्योंकि आप लोग कीजिएगा वही जो आपका दिल करेगा। ठीक है? चलिए मिलते हैं फिर हम लोग बाद में अपने नेक्स्ट क्लास में कल सुबह। चलिए बहुत बढ़िया। बाय-ब शुभ रात्रि। गुड नाइट। 40 नंबर का एग्जाम होता है F1 का।
1:00:50 चलिए कोई बात नहीं है। हम पागल हैं। हम बहुत पैसा लेते हैं। क्या कर सकते हैं? परंतु आपके कॉलेज वाले जितना फीस लेते हैं उसका 5% भी हम ना लेकर आपके पूरे सिलेबस को लाइन बाय लाइन पढ़ाते हैं। तो सोच का अंतर है जितना आपने अपने कॉलेज में फीस भरा होगा जितने शिद्दत से आपने अपने कॉलेज में नहीं पढ़ा होगा विषय वस्तु को उससे ज्यादा तरीके से और ज्यादा बार मैं आपके सिलेबस को कंप्लीट कराने का कार्य करता हूं। पर क्या कीजिएगा? हर व्यक्ति की अपनी-अपनी सोच है। ठीक है? चलिए बाय-ब मिलते हैं हम लोग अपने नेक्स्ट क्लास में।