ROOT64| HIDDEN FILES | STORY| WHATSAPP FWD

CyberDubey www.youtube.com

Brief Summary

This video discusses the rise of cybercrime in India and shares a real-life story reflecting the impacts of cyber laws. Key points highlight the increase in cybercrime cases, legal implications of forwarding certain content on WhatsApp, and a significant case related to social media harassment.

  • Cybercrime cases in India increased by 300% from 2014 to 2015.
  • The story revolves around a WhatsApp message that leads to legal trouble for an individual due to its derogatory content.

Introduction to Cybercrime in India

The host introduces the topic of cybercrime in India, noting that there has been a staggering 300% increase in cases between 2014 and 2015. A total of 11,500 cases were registered by 2015, raising concerns over reporting and awareness among the public. The show aims to entertain while providing cyber safety tips and expert insights on real-life cyber stories.

Case Study: WhatsApp Message Misunderstanding

The episode begins with the host discussing a specific case involving a WhatsApp forward that could lead to legal consequences. The discussion points out that forwarding derogatory and discriminatory messages can implicate admins of WhatsApp groups in legal issues. The show promises a thrilling tale based on this scenario.

The Mysterious World: A Running Group Incident

The protagonist, Amit, shares a day in his life when his running group peers discuss a controversial video. One of his acquaintances questions the authenticity of the video, prompting Amit to suggest checking with a journalist friend for confirmation. Shortly after, Amit receives a surprising call regarding a legal case involving a forwarded hateful message.

Legal Complications & Social Media Analysis

Amit learns about Section 67 of the Information Technology Act concerning the circulation of obscene material online. A lawyer friend, Khushboo, involves him in a case where a client faces allegations for sharing hateful content in a group chat. As Amit analyzes the accused individual’s social media, he utilizes sentiment analysis tools to understand his emotional state.

Encounters with the Accused: Unraveling the Mystery

Amit meets with the accused, Anubhav, who claims to have not sent the controversial message. They explore the idea of hacking and whether Anubhav's phone may have been compromised. The investigation progresses as Amit and Khushboo gather insights from the authorities regarding data analysis of the phone used in the alleged offense.

Investigating the WhatsApp Group Dynamics

The police remarks highlight that the message indeed came from Anubhav’s phone. Amit learns about the digital forensics that preserve original data without tampering, while he examines communication from the WhatsApp group linked to the incident. The presence of various international numbers in the group raises red flags as they indicate a potential scam or manipulation tactic.

The Truth Behind the WhatsApp Group

The investigation unveils that Anubhav had unknowingly been added to a cross-border influencer group. Amit explains that such groups often operate by sharing harmless content to lure members before engaging them in dangerous or malicious activities. Eventually, the evidence is presented in court, preventing Anubhav from facing undue charges amid rising concerns about the impact of forwarding misleading content.

Conclusion: Cybercrime Consequences

The episode wraps up by emphasizing the severe implications that can arise from seemingly innocent social media interactions. While Anubhav is saved from prosecution, the risks associated with negligent forwarding on platforms like WhatsApp are highlighted, ensuring viewers remain cautious.

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Transcript

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0:00 रेड फेम एडियो बुक और अमिद दूबे जी आप सुनना शुरू कर चुके इंडिया का पहला साइबर क्राइम रेडियो शो जिसका नाम है इडिन फाइल्स और शो शुरू करने से पहले कुछ आंकडे में आपके सामने कुछ फिगर्स में आपके सामने रखना चाहूंग 2014 -2014 तक ये वो तीन साल थे जिसमें इंडिया में साइबर क्राइम केसिस 300 % तक के बढ़ गए थे यह वो तीन साल थे जिसमें इंडिया में साइबर क्राइम और 2015 तक इंडिया में 11 ,500 बयानबे केसिस रेजिस्टर हुए मतलब आज चलना है 2019 खुद कैलकुलेट करिये इस बीच कितने साइबर क्राइम केसिस बढ़ गए होंगे

0:52 तो लोग case register भी नहीं करते हैं बिलकुल register भी नहीं करते हैं करते तो इस प्रोग्रम तो इस program को सुन रहे हैं जो उनको एक solid reason तो मिले गया होगा show सुनने का मतलब entertainment तो है cyber tips भी है, expert advice भी है और हाँ, इन सब के उपर है आज की वो real life cyber stories जिनको solve करने वाले अमित दुबेजे खुद मेरे सामने बैटे हुए है तो हमित जी, आज की कहानी क्या है और किस चीज़ के बारे में राणक, आज की कहानी एक ऐसी कहानी है जिसमें जुर्म था एक WhatsApp forward एक second, क्या कहा अपने? एक WhatsApp forward, that's it. मतलब WhatsApp पे message forward करना जुर्म है? मतलब WhatsApp पे बिल्कुल, normal message forward करना जुर्म नहीं है, लेकिन अगर आपने कोई ऐसा message forward किया है, जो derogatory है, discriminatory है, और आपने ये message ऐसे group में forward किया है, जिसमें आप admin भी है, तो फिर इस case

1:39 में admin को, यानि कि आपको जेल भी जाना पड़ सकता है, परे मेरे कई दोस्तों इस बात से खुश हैं कि वो at least admin की job कर रहे है, उन्हें नहीं पता है कि अब है तुम लग वाटसैप एड्मिन की जाप कर रहा है। उन्हें नहीं पता है कि अब ये तुम लग WhatsApp admin की job कर रहे है, पहर आमीजी आपको जेल भी जाना पड़ सकता है, फिर आमीजी आप स्टोरी सुनाना शुरू करो तब तक कि मैं अभी वो सारे ग्रूप्स में जिन में मैं एड्मिन हूँ फटबट में एग्जीट करता हूँ और डरा दिया अपने बेकार में तो शुरू करते हैं आज की कहानी जिसका नाम है मिस्टीरियस वर्ड ये कोई संडे का दिन था और सुबह के छे बजने वाले होंगे जब मेरी वाइफ कुमुद मैं मेरी रजाई खीशते हुए मुझे उठाया अरे जाओ तुम्हें दोड़ने जाना है कुमुद की आवाज ने सारी नीं दोड़ा दी थी हमारे एक रनिंग ग्रूप है और उसके मेंबर्स मेरे दोस्त एटी, रॉबिन, कृषिन जी, छाया, आर्केम, सीमा, मनीशा, प्रीती ये सारे लोग हैं और ये सारे के सारे क्रेजी रनर्स हैं इन समय मैं सबसे बड़ा

2:27 आलसी हूँ और आज हमारा प्लान करीब 8 -10 किलोमीटर दोडने का था, मैंने ऐसे ही मुद होया, जूते पहने और कुछ सोच के मैंने अपना मुबाइल भी अपने साथ ले लिया, एटी ने दौड़ते वे कहा, अरे वो वीडियो देखा है कल, कृष्ण जी ने रिस्पॉंस दिया, किर्शिन जी ने रिस्पॉंस दिया इस से पहले कि कोई और राया है इच शॉकिंग, अव कें समबडी दू देख, मैंने उन्हें बताया कि वो वीडियो फेक और मॉफ्ट है पीतिन जानना चाहा कि मुझे कैसे पता चला कि वो वीडियो फेक है मैंने उसे खा आरे सीमा से पूछ लो वो कंफर्म कर देगी वो तो जनलिस्ट है ना और वीडियो की ऑथेंटिसिटी तो थोड़े बहुत गूगल से कोई भी चेक कर सकता है सुबह के करीब पौने साथ बज़ रहे होंगे मैं रोड पर पसीने से लथपत घर की और बापसी कर रहा था बता कि तभी मेरा फोन बजा, खुश्बू जैन, मैंने नंबर देखा, इतनी सुबह सुबह फोन, ये नॉर्मल नहीं था, खुश्बू जैन

3:14 एक रिनाउंड सुप्रीम कोट लॉयर है, मैंने फोन उठाया और अवाज आई, कि तभी मेरा फोन बजा फुश्बू जैन मैंने नमबर देखा मुझे लगा, कुछ सीरे सी रहा होगा, तो मैंने पूछा क्या हुआ? खुश्बू ने बताया कि एक सेक्शन 67 का केस है, यहां मैं आपको बता दू कि सेक्शन 67 के केस का मतलब कि किसी ने कोई अल्लॉफल या उपसीन मटेरियल सोशल मीडिया पर सर्कुलेट कि यह अल्लॉफुल या उपसीन माटेरियल सोशल मीडिया पर सर्कुलेट किया है एस पर इन्फरमेशन टिकनलोजी एक्ट किसी वाटसेप ग्रूप में एक ओफेंसिब कंटेंट भेजा गया है जिसके खिलाफ एक ग्रूप मेंबर ने कंप्लेंड की है मैंने खा मैं कैसे मदद कर सकता हूँ मैंने खुश्बू से पूछा कि हेट कंटेंट है,

4:01 अगेंस्ट ए कमिनिटी मैंने खुश्बू से पूछा कि उनको क्यों ऐसा लगता है कि उनका क्लाइंट निर्दोश है खुश्बू ने बताया कि वो तरह तरह के लोगों से डील करती है और बहुत चालाक लोग भी देखें वो सेंस कर लेती है कि सामने वाला जूट बोल रहा है या सच मुझे खुश्बू के भरोसे पर भरोसा था मैंने उससे कहा कि मुझे अपने क्लाइंट्स के सोशल मीडिया हैंडल्स बेजो और जिस ग्रूप में ये भीजे गए हैं उस ग्रूप के किसी और मेंबर का मुबाइल फोन नमबर भी चाहिए थोड़ी देर बाद अनभव प्रकास नाम के आदमी के सारे सोशल मीडिया हैंडल्स मेरे पास केरबाद अनभव प्रकास नाम के आदमी के सारे social media handles मेरे पास थे मैंने एक social media analytic tool के थूल के तूल के थूज सिर्फ उसका sentiment analysis किया इस तरह के tool से analysis करने पर काफी हद तक हमें किसी के mental state का analysis πता पड़ जाता है जैसे कि अगर कोई बहुत depressed है या गुसे में रहता है या if he writes too often to hurt someone और

4:51 if he is a balanced guy उसकी political inclination भी पता पड़ जाती है कुछ हद तक दिन भी पता पड़ जाती है कुछ हद तक सोशल मीडिया अनलिसिस के बाद सोशल मीडिया आनेलिसेस के बाद ये तो साफ था कि अनभो के रियेक्शन किसी भी समय बहुत हार्श या अग्रेसिव नहीं रहे वो काफी वैलेंस्ट ओपिनियन का इंसान लग रहा था मैंने खुश्बू को फोन लगाया और कहा शायद तुम्हारे कहना ठीक है उसका सोशल मीडिया सेंटिमेंट अनलिसिस तो यही कह रहा है मैं उससे एक बार मिलना चाहूंगा अगले दिन मैं और खुश्बू अनभो से मिलने के लिए जेल गए मैंने अनभो से पूछा कि क्या ये गलती से मेसिज गया है तुम्हारे अकाउंट से یا یہ گلتی سے میسج گیا ہے تمہارے ایکاؤنٹ سے انبھاو نے جواب دیا अनभो ने जवाब दिया یہ میسج میں نے نہیں بھیجا ہے میں نے کہا مطلب جس وقت یہ میسج بھیجا گیا تو تمہارا فون کسی اور کے پاس تھا نہیں میرے ہی پاس تھا میں حیران تھا میں نے کہا تو پھر یہ میسج گیا کیسے مجھے بالکل آئیڈیا

5:39 نہیں ہے میں نے کہا تمہیں لگتا ہے کہ تمہارا فون ہیک ہوا ہوگا انبھاو نے کہا اس کا فون کوئی کیوں ہیک کرے گا وہ تو ایک بہت ہی عام آدمی ہے کسی پر کوئی شک ہو جو تم سے بدلہ لینا چاہ رہا ہو یا تمہیں پریشان کرنا چاہ رہا ہو یا تمہیں پریشان انبھاو نے اس کا جواب بھی نیگیٹیو ہی دیا انبھاو سے بات کر کے یہ تو لگ رہا تھا کہ اس کو خود بھی کچھ زیادہ پتہ نہیں ہے اس کا مطلب یا تو اس کو ٹرائپ کیا گیا ہے یا اس سے کچھ گلتی سے ہوا ہے پر ہمارے سامنے سب سے بڑا چیلنج یہ تھا کہ ہمیں یہ چیز ثابت کرنی تھی میں نے خوشبو سے پوچھا کیا انبھاو کا فون پولس کے پاس ہے ہاں انہوں نے ضبط کیا ہے اور وہ ہی اس پہ انالیسس کر رہے ہیں उन्होंने जब्द किया है और वो ही इस पे अनालिसिस कर रहे हैं میں نے मैंने का इस केस में इन्विस्टिकेशन ओफीसर कौन है? खुश्वू न जवाब दिया इस्पेक्टर वीर सिंग मैंने

6:24 का हमें एक बार वीर सिंग जी से बात करनी होगी उनकी फाइंडिंग से शायद कुछ क्लो मिले जब हम लोग पुलिस स्टेशन पहुचे मैंने इंस्पेक्टर वीर सिंग जी से पूचा कि आपको क्या लगता है सर? मैसेज तो इनके फोन से ही बेजा गया है हमारे पास किलियर एविडेंस है इसकी रिपोर्ट भी है हमारे पास मैंने उनसे रिक्वेस्ट किया कि क्या हमें वो फोन की अनलिसिस रिपोर्ट मिल सकती है या डेटा की कोई क्लोन कॉपी निकलवा दीजिए? डेटा तो आपको निकलवा दीजिए डेटा तो आपको नहीं दे सकते सर, पर क्लोन डेटा पर हमारी टीम काम कर रही है, आप चाहें तो यहीं देख सकते हैं Digital forensics के थुरू, original phone को as it is preserve कर उसकी clone copy तियार की जाती है। और सारा investigation clone copy पर ही होता है। Original data को preserve किया जाता है और उसकी एक hash की value create की जाती है। Hash की किसी भी memory का unique signature होती है। उससे

7:09 ये ensure हो जाता है कि original data के साथ कोई 6 उससे ये ensure हो जाता है कि original data के साथ कोई छेड़ छाड़ नहीं की गई और court कभी भी on demand इस चीज को verify करा सकता है investigation सारा clone memory पर होता है और अगर उसकी memory पर कोई छेड़ छाड़ हुई तो hash की बदल जाती है मैं उस data को analyze कर रहा था और एक एक करके सारे whatsapp group का communication देख रहा था कि तभी मेरा ध्यान उस whatsapp group जिसका नाम funny world था उसके दूसरे members पर गया I'm funny world था उसके दूसरे मेंबर्स पर गया इसमें से काफी नंबर्स विदेशी नंबर्स थे कि Mostly UK से बंगलादेशी यान पाकिस्तानी नंबर्स Fortunately उस एक hate video message के अलावा अन्वह के mobile पर किसी भी WhatsApp ग्रूप में कोई भी activity गड़बर्ड नहीं थी मैंने वो WhatsApp ग्रूप Funny World के सारे नंबर्स नोट कर लिए कुछ और

7:59 डेटा लिया और खुश्बू को कहा कि मुझे लगता है कि हमें अब अन्वह से एक बार और मिलना होगा अगले दिन जब मैं अन्भव के सामने था अगले दिन जब मैं अन्वह के सामने दूआ तो मैंने पूछा तुम्हारे इस फ़नी वर्ल्ड ग्रूप में इतने सारे UK के पाकिस्तानी और बंगला देशी नंबर्स क्यों है क्या तुम इन सब को जानते हो अन्भव ने कहा कि वो उन विदेशी लोगों को नहीं जानता मैंने कहा उस पूरे ग्रूप में सिर्फ तुम ग्रूप एड्मिन हो तो नंबर्स तुम ही ने एड्ड कियोंगे क्या बात कर रहे है सर मैं अकेला ग्रूप एड्मिन कैसे हो सकता हूँ मैंने कभी कोई नंबर आड्ड नहीं किया मैंने थोड़ा इरिटेट होते ही उससे पूछा कि तुम इस ग्रूप में सब को जानते नहीं, तुमने कोई नमबर एड भी नहीं किया, तो तुम खुद इस ग्रूप में पहुचे कैसे? कि तुम इस ग्रूप में सब को जानते नहीं तुमने कोई नंबर आड्ड भी नहीं सर ऐसा तो कई बार होता है, और जब मुझे इस ग्रूप में आड किया गया, तब इसका नाम Funny World नहीं था, तब इसका नाम Mysterious World था, मैंने तो कई बार नोटिस

8:46 किया कि मेरा नमबर अलग अलग तरह के WhatsApp ग्रूप में आड किया जा रहा है, नॉर्मली मैं उससे तुरंट कुट भ नाम काफी कैची सा था, मैंने जब ग्रुप के सारे विदेसी नंबर्स एनलिसिस करने शुरू किये, तो बात खुल कर सामने आ गई, कि अनभव क्रॉस बॉर्डर सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर ग्रुप का स्षिकार हुआ था। वो पहले एक group create करते हैं, जिसमें mostly विदेशी numbers ही रहते हैं, फिर लोगों की numbers source करके उनको अपने group में add कर लेते हैं, अगर

9:34 आप उस group में tick गए तो आप उनका target हो जाते हैं, आपके through वो आपके और दोस्तों को group में add करने की कोशिश करते हैं, या आपके दूसरे whatsapp group में enter करने जिसमें mostly विदे की कोशिश करते हैं, कई बार वो group invite link को message में embed करके अलग -अलग groups में भेजते हैं, आप ये सोचते हैं कि आप तो interesting image या video forward कर रहे हैं, और वो message दूसरे दोस्तों को forward कर देते हैं पर जो भी उस content को access करता है वो भी इस group का member बन जाता है हालां कि कई लोग group छोड़ देते होंगे पर कई लोग इतना जयान नहीं देते हैं और इस group के through वो लोगों के mobile भी असानी से hack कर लेता है इस तरह के group में पहले तो normal content ही share होता है फिर time to time ऐसे group को कोई भी content viral करने के लिए use किया जाता

10:20 है कंटेंड वायल करने के लिए यूज किया जाता है हमने कोट में इन पॉइंट को सक्सेस्पुली प्रूफ किया और अनुभव को बचा लिया गया पर कई बार ऐसे केसिस में इस्तिती हाथ से निकल जाती है अगर आपकी वज़े से कोई दंगा हो जाए या कोई धुरुगटन हो जाती है तो आप अपने जमेवारी से बच नहीं पाएंगे रेड एफेम फाइल्स अन ओडियो बुक ऑन साइबर क्राइम अमित तूबे के साथ सो रेड एफेम पर ये रेल लाइफ कहानी

11:12 यानि सोचल मीडिया हॉक्स लेयर का एक बहुत ही पॉपलर ट्विटर अकाउंट है जो फेक न्यूज बर्स्ट करता है अमित दूबे के साथ अगर अकाउंट है जो फेक नुट उसके पंकर जैन जी हमारे साथ होने वाले हैं आप कही में जाएगेगा सुनते रेड एफेम हिडन फाइल्स बजाते रहो

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