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Brief Summary

अविनाश की ज़िन्दगी, माया और कनिका के इर्द-गिर्द घूमती है। अविनाश जहाँ माया के करीब आता है, वहीं कनिका उसे नीचा दिखाने की हर मुमकिन कोशिश करती है। इस बीच, कई खुलासे होते हैं, रिश्ते बदलते हैं, और माया अपने अतीत का सामना करती है।

  • अविनाश और माया के बीच पनपता प्यार
  • कनिका की साज़िशें और बदले की आग
  • रिश्तों के बदलते समीकरण और खुलासे

अविनाश की बेचैनी

अविनाश अपनी माँ की घबराई हुई आवाज़ सुनकर ऑफिस से घर की ओर भागता है, उसके मन में कई तरह के बुरे ख्याल आते हैं। वहीं, माया अविनाश के अचानक ऑफिस से चले जाने से परेशान है और यह जानने की कोशिश करती है कि क्या हुआ। उसे एक अनजान आईडी से धमकी भरा मेल मिलता है, जिसमें उसे प्रोजेक्ट छोड़ने की चेतावनी दी जाती है। कनिका ऑफिस से घर पहुँचती है और अपनी माँ शिखा को आराम से बैठा देखकर गुस्सा हो जाती है।

माया की चिंता

माया, अविनाश के अचानक ऑफिस से चले जाने से चिंतित है और उसके मैनेजर शशांक से उसके बारे में पूछने की कोशिश करती है। उसे एक अनजान आईडी से धमकी भरा ईमेल मिलता है, जिसमें उसे प्रोजेक्ट छोड़ने की चेतावनी दी जाती है। कनिका अपनी माँ शिखा से गुस्सा करती है और अविनाश के खिलाफ अपनी भड़ास निकालती है। आरव और नक्ष अपनी दादी शिखा की बातें सुनकर परेशान हो जाते हैं।

कनिका का गुस्सा

कनिका अपनी माँ शिखा पर गुस्सा करती है और अविनाश के खिलाफ अपनी भड़ास निकालती है। आरव और नक्ष अपनी दादी शिखा की बातें सुनकर परेशान हो जाते हैं। कनिका उन्हें डांटती है और उनके खेलने पर पाबंदी लगा देती है। गुस्से में, कनिका किसी को कॉल करती है, जिससे पता चलता है कि वो कुछ बड़ा करने वाली है।

अविनाश की शादी की शर्तें

अविनाश घर पहुँचता है और अपने माता-पिता को एक दूसरी फैमिली के साथ बैठा हुआ पाता है। उसे पता चलता है कि उसकी माँ उसकी शादी करवाना चाहती है। अविनाश शादी के लिए तैयार हो जाता है, लेकिन कोयल के सामने तीन शर्तें रखता है: वो तीसरे बच्चे के बारे में नहीं सोचेगा, उनके बेडरूम्स हमेशा अलग होंगे, और उसे उसकी प्रॉपर्टी में हिस्सा नहीं मिलेगा। कोयल और उसके पेरेंट्स ये सुनकर वहां से भाग जाते हैं।

नक्ष का वॉइस नोट

आरव नक्ष को दिलासा देता है, जो अपने पिता अविनाश को याद कर रहा है। नक्ष अपने पिता को एक वॉइस मैसेज भेजता है, जिसमें वो कनिका के बुरे व्यवहार के बारे में बताता है। कनिका नक्ष को फोन पर मैसेज भेजते हुए पकड़ लेती है और उससे फोन छीन लेती है। आरव नक्ष को हुई सारी बातें बताता है। कनिका मिस्टर तिवारी को कॉल करके अविनाश को एक नोटिस भेजने के लिए कहती है।

कनिका का कोर्ट नोटिस

अविनाश को एक कोर्ट नोटिस मिलता है, जिसमें लिखा होता है कि वो अपने बच्चों से महीने में सिर्फ एक दिन ही मिल सकता है। अविनाश सदमे में आ जाता है और शराब के नशे में कमरा तहस-नहस कर देता है। उसके माता-पिता शरीन और रतन उसे रोकने की कोशिश करते हैं, लेकिन वो घर से निकल जाता है।

अविनाश और माया

कनिका अपने कमरे में बैठकर अविनाश को अपनी ताकत दिखाने के बारे में सोच रही है। आरव और नक्ष भूखे हैं, लेकिन कनिका से कुछ मांगने की हिम्मत नहीं है। आरव नक्ष को कहानी सुनाने की कोशिश करता है, लेकिन अविनाश उन्हें लेने आता है। कनिका अविनाश को बच्चों को ले जाने से नहीं रोकती है।

अविनाश का नशा

अविनाश नशे में धुत होकर अपने बच्चों को लेने जाता है, लेकिन आरव उसे देखकर डर जाता है और नक्ष पीछे हट जाता है। आरव अविनाश को वापस जाने के लिए कहता है। अविनाश बेबस होकर वहीं खड़ा रह जाता है।

माया की एंट्री

अविनाश नशे में धुत होकर गाड़ी चलाता है और माया की गाड़ी से टकरा जाता है। माया उसे सड़क पर बेसुध पड़ा हुआ पाती है।

नव्या की यादें

माया अविनाश को होश में लाती है और उसे ओवरपास ब्रिज पर ले जाती है, जो नव्या की पसंदीदा जगह थी। अविनाश नव्या को याद करता है और बताता है कि वो अक्सर वहां जाया करते थे।

अविनाश का दर्द

अविनाश माया को बताता है कि वो अपने बच्चों के लिए दूसरी शादी करना चाहता है, लेकिन नव्या को भुला नहीं पा रहा है। वो कहता है कि वो एक अच्छा आदमी नहीं है और उसने नव्या को धोखा दिया है।

माया का फैसला

माया अविनाश को बताती है कि वो कोई माया नहीं बल्कि उसकी नव्या है।

कनिका का गुस्सा

कनिका कहीं जाने के लिए तैयार हो रही है, लेकिन उसे अपनी चेरी रेड लिपस्टिक नहीं मिल रही है। वो आरव और नक्ष के कमरे में जाती है और देखती है कि नक्ष उसकी लिपस्टिक से रंग भर रहा है। गुस्से में, कनिका नक्ष को थप्पड़ मारती है।

नक्ष का कॉल

नक्ष रोते हुए अविनाश को कॉल लगाता है, लेकिन शिख उसका मुंह बंद कर देती है और उससे फोन छीन लेती है। कनिका अविनाश से झूठ बोलती है कि नक्ष अपनी माँ के साथ खाना खाने गया है।

माया का सच

अविनाश गुस्से में माया को बताता है कि उसे अपने ही बेटे से बात करने के लिए दूसरों से अपॉइंटमेंट लेना पड़ रहा है। माया कहती है कि जो हो रहा है बिल्कुल सही हो रहा है और अविनाश ने लापरवाही की है।

माया की सलाह

माया अविनाश को सलाह देती है कि अगर उसे बच्चे वापस चाहिए तो पहले उसे शराब छोड़नी होगी और फिट होना होगा।

अविनाश का फिटनेस कोच

अगले दिन सुबह, माया अविनाश के लिए एक फिटनेस कोच भेजती है। अविनाश एक्सरसाइज करना शुरू कर देता है, हालांकि उसे बहुत तकलीफ होती है।

मंजीत की माँ की इच्छा

माया को अकेले में मुस्कुराते हुए देखकर मंजीत की माँ शारदा उसके पास बैठ जाती है और कहती है कि वो चाहती है कि मंजीत की शादी जल्दी हो जाए। वो कहती है कि उसे माया जैसी बहू चाहिए।

अविनाश का फैसला

अविनाश शराब पीने ही वाला होता है, लेकिन फिर रुक जाता है और पूरी शराब बेसिन में बहा देता है। वो खुद को आईने में देखकर कहता है कि वो अपने बच्चों को वापस लाने के लिए कुछ भी करेगा।

अविनाश का ऑफिस में नया रूप

अविनाश पहले की तरह 5:00 बजे उठता है, एक्सरसाइज करता है और टाइम से ब्रेकफास्ट भी कर लेता है। वो ठीक 9:00 बजे ऑफिस पहुंचता है। उसके इस बदले हुए रूप को देखकर हर कोई हैरान है।

कनिका का गुस्सा और शिख की चिंता

कनिका को पता चलता है कि अविनाश टाइम पर ऑफिस आ रहा है और उसने शराब भी नहीं पी है। वो गुस्सा हो जाती है और शिख चिंतित हो जाती है।

माया का रिकॉर्डर

शिख और कनिका वेटिंग एरिया में अविनाश के बारे में बात कर रही होती है। माया उनकी बातें रिकॉर्ड कर लेती है।

माया का इनकार

शिख, दिया और पिया को माया को कनिका को असिस्ट करने के लिए बुलाने के लिए कहती है, लेकिन माया मना कर देती है।

शिख का गुस्सा और माया का जवाब

शिखा, माया पर बरस पड़ती है और उसे उसके कैरेक्टर के बारे में बुरा भला कहती है। माया उसे करारा जवाब देती है।

अविनाश और माया

अविनाश माया के कैबिन में आता है और उससे प्रोजेक्ट के बारे में बात करता है।

कनिका का गुस्सा और अविनाश का सपोर्ट

कनिका माया के कैबिन में आती है और उससे झगड़ा करने लगती है। अविनाश माया का सपोर्ट करता है और कनिका को वहां से जाने के लिए कहता है।

अविनाश की बेचैनी और माया की चिंता

अविनाश बेचैन हो जाता है और माया उसके लिए चिंतित हो जाती है।

बच्चों का कॉल

माया बच्चों के स्कूल में फोन करके आरव और नक्ष से अविनाश को विश करने के लिए कहती है।

अविनाश और आरव

नक्ष और आरव अविनाश से फोन पर बात करते हैं।

कनिका का प्लान

कनिका, माया को रिप्लेस करने के लिए एक प्लान बनाती है।

शेखर का प्लान

शेखर, माया के बारे में पता करने के लिए एक आदमी को भेजता है।

शेखर और माया

शेखर हॉस्पिटल में माया से मिलने जाता है, लेकिन बलवंत और रंजीत उसे रोक देते हैं।

माया के घर में चोर

माया घर पहुंचती है और उसे लगता है कि घर में कोई और भी है। उसके डॉक्यूमेंट्स गायब हैं।

आरव और नक्ष

आरव नक्ष को स्टोरी सुनाने की कोशिश करता है, लेकिन नक्ष का मन नहीं लगता।

आरव का प्रॉमिस

आरव नक्ष को आइसक्रीम खिलाने का प्रॉमिस करता है।

चोर पकड़ा गया

माया के घर में चोर घुसता है, लेकिन रंजीत उसे पकड़ लेता है।

चोर का खुलासा

चोर बताता है कि उसे शिख ने माया के डॉक्यूमेंट्स चुराने के लिए भेजा था।

पुलिस की एंट्री

पुलिस आती है और चोर को गिरफ्तार कर लेती है।

शेखर का गुस्सा

शेखर एक बार में शराब पीता है और माया को मारने की कोशिश करता है।

माया का गुस्सा और फैसला

माया को पता चलता है कि शिख ने उसके घर में चोरी करवाई थी। वो गुस्सा हो जाती है और बदला लेने का फैसला करती है।

अविनाश का कॉल

अविनाश माया को कॉल करता है और उससे पूछता है कि वो कहां है।

माया का प्लान और कनिका का गुस्सा

माया, कनिका के घर जाती है और उसे सबक सिखाने का प्लान बनाती है।

शिख की गिरफ्तारी

पुलिस शिख को गिरफ्तार करने आती है।

कनिका का ड्रामा

कनिका पुलिस को बरगलाने की कोशिश करती है।

शिख की गिरफ्तारी और शेखर का गुस्सा

पुलिस शिख को गिरफ्तार कर लेती है और शेखर गुस्सा हो जाता है।

अविनाश का गुस्सा और माया का सपोर्ट

अविनाश को पता चलता है कि शिख को गिरफ्तार कर लिया गया है। वो गुस्सा हो जाता है और माया को सपोर्ट करता है।

माया का प्लान और अविनाश का साथ

माया अविनाश को बताती है कि वो बच्चों की काउंसलिंग करवा सकती है।

माया का स्कूल में कॉल

माया स्कूल में कॉल करके आरव और नक्ष से बात करने की परमिशन मांगती है।

नक्ष और आरव से बात

माया, आरव और नक्ष से फोन पर बात करती है।

कनिका का गुस्सा और शेखर का प्लान

कनिका को पता चलता है कि अविनाश एक ही दिन में इतना कैसे बदल गया। शेखर, माया से बदला लेने का प्लान बनाता है।

माया और शेखर का सामना

शेखर हॉस्पिटल में माया से मिलने जाता है, लेकिन बलवंत और रंजीत उसे रोक देते हैं।

माया के घर में चोरी

माया घर पहुंचती है और उसे लगता है कि घर में कोई और भी है। उसके डॉक्यूमेंट्स गायब हैं।

आरव का प्रॉमिस और कनिका का गुस्सा

आरव नक्ष को आइसक्रीम खिलाने का प्रॉमिस करता है। कनिका उन्हें आइसक्रीम खाते हुए पकड़ लेती है और गुस्सा हो जाती है।

कनिका का गुस्सा और नक्ष का कॉल

कनिका नक्ष को थप्पड़ मारती है। नक्ष रोते हुए अविनाश को कॉल लगाता है।

माया का फैसला और अविनाश का कॉल

माया अविनाश को अपनी सच्चाई बताने का फैसला करती है। अविनाश को नक्ष का कॉल आता है।

कनिका का झूठ और माया का गुस्सा

कनिका अविनाश से झूठ बोलती है कि नक्ष अपनी माँ के साथ खाना खाने गया है। माया गुस्से में अविनाश को बताती है कि जो हो रहा है बिल्कुल सही हो रहा है।

माया की सलाह और अविनाश का फैसला

माया अविनाश को सलाह देती है कि उसे शराब छोड़नी होगी और फिट होना होगा। अविनाश उसकी बात मान लेता है।

अविनाश का फिटनेस रूटीन

अविनाश सुबह जल्दी उठता है और एक्सरसाइज करता है।

मंजीत की माँ की इच्छा और माया की दुविधा

मंजीत की माँ माया को अपनी बहू बनाना चाहती है। माया दुविधा में है क्योंकि वो अविनाश से प्यार करती है।

अविनाश का शराब से किनारा

अविनाश शराब पीने ही वाला होता है, लेकिन फिर रुक जाता है और पूरी शराब बेसिन में बहा देता है।

अविनाश का नया रूप

अविनाश खुद को पूरी तरह से बदल लेता है।

कनिका का गुस्सा और माया का प्लान

कनिका को पता चलता है कि अविनाश एक ही दिन में इतना कैसे बदल गया। वो गुस्सा हो जाती है और माया को सबक सिखाने का प्लान बनाती है।

शिख का डर और माया का रिकॉर्डर

शिख डर जाती है कि अविनाश सुधर गया है। माया, शिख और कनिका की बातें रिकॉर्ड कर लेती है।

कनिका का गुस्सा और माया का इनकार

कनिका, माया को असिस्ट करने के लिए कहती है, लेकिन माया मना कर देती है।

शिख का गुस्सा और माया का जवाब

शिखा, माया पर बरस पड़ती है और उसे उसके कैरेक्टर के बारे में बुरा भला कहती है। माया उसे करारा जवाब देती है।

अविनाश और माया का प्रोजेक्ट

अविनाश माया के कैबिन में आता है और उससे प्रोजेक्ट के बारे में बात करता है।

कनिका का गुस्सा और माया का साथ

कनिका माया के कैबिन में आती है और उससे झगड़ा करने लगती है। अविनाश माया का साथ देता है और कनिका को वहां से जाने के लिए कहता है।

अविनाश की बेचैनी और माया की ट्रिक

अविनाश बेचैन हो जाता है और माया उसे संभालने की कोशिश करती है।

माया का फैसला और अविनाश का कॉल

माया अपनी सच्चाई बताने का फैसला करती है। अविनाश उसे कॉल करता है।

कनिका का गुस्सा और माया का जवाब

कनिका, माया पर गुस्सा करती है और उसे धमकाती है।

माया का कॉन्फिडेंस और शिख का वादा

माया, शिख को करारा जवाब देती है। शिख बदला लेने का वादा करती है।

अविनाश और माया का प्रोजेक्ट डिस्कशन

अविनाश और माया प्रोजेक्ट के बारे में डिस्कस करते हैं।

कनिका की एंट्री और माया का गुस्सा

कनिका, माया के कैबिन में आती है और उसे उकसाने की कोशिश करती है।

अविनाश का सपोर्ट और कनिका का गुस्सा

अविनाश माया का सपोर्ट करता है और कनिका को वहां से जाने के लिए कहता है।

माया का गुस्सा और फैसला

माया गुस्से में अपना आपा खो देती है और कनिका को खरी-खोटी सुनाती है।

शशांक का खुलासा और अविनाश का गुस्सा

शशांक अविनाश को बताता है कि कनिका के साथ मिलकर माया के खिलाफ साजिश रचने में ऑफिस का एक एम्प्लई भी शामिल है।

सिमरन का सच और अविनाश का गुस्सा

अविनाश को पता चलता है कि सिमरन ने माया के खिलाफ रूमर्स फैलाए थे। वो गुस्सा हो जाता है और उसे नौकरी से निकाल देता है।

अविनाश की चेतावनी और माया का गुस्सा

अविनाश ऑफिस में सबको चेतावनी देता है कि अगर किसी ने भी किसी के कैरेक्टर को उछालने की कोशिश की तो उसे नौकरी से निकाल दिया जाएगा।

कनिका का प्लान और शिख का डर

कनिका को पता चलता है कि अविनाश, माया के करीब जा रहा है। शिख डर जाती है कि डायरेक्टर चैटर्जी होश में आ जाएगा।

शेखर का प्लान और माया का शक

शेखर को पता चलता है कि माया हर रोज एक हॉस्पिटल जाती है। उसे शक होता है कि माया के साथ कुछ गलत हो रहा है।

शेखर का प्लान और बलवंत की एंट्री

शेखर, माया को डराने के लिए हॉस्पिटल जाता है, लेकिन बलवंत उसे रोक देता है।

माया के घर में चोर और रंजीत की मदद

माया को लगता है कि उसके घर में कोई है। उसके डॉक्यूमेंट्स चोरी हो जाते हैं। रंजीत उसकी मदद करता है।

आरव का प्रॉमिस और कनिका का गुस्सा

आरव नक्ष को आइसक्रीम खिलाने का प्रॉमिस करता है। कनिका उन्हें आइसक्रीम खाते हुए पकड़ लेती है और गुस्सा हो जाती है।

कनिका का गुस्सा और माया का कॉल

कनिका, आरव और नक्ष पर गुस्सा करती है। नक्ष रोते हुए अविनाश को कॉल लगाता है।

माया का फैसला और अविनाश का कॉल

माया अपनी सच्चाई बताने का फैसला करती है। अविनाश उसे कॉल करता है।

माया की ट्रिक और अविनाश का साथ

माया, अविनाश को बचाने के लिए एक ट्रिक खेलती है।

अविनाश का प्यार और माया का डर

अविनाश, माया के लिए अपनी फीलिंग्स जाहिर करता है। माया डर जाती है।

शेखर का प्लान और माया का शक

शेखर, माया को नुकसान पहुंचाने का प्लान बनाता है। माया को शक होता है कि उसके पीछे शेखर का हाथ है।

माया का सामना और शेखर की धमकी

शेखर, माया से मिलता है और उसे धमकी देता है।

अविनाश का गुस्सा और माया का फैसला

अविनाश को पता चलता है कि शेखर ने माया को धमकी दी थी। वो गुस्सा हो जाता है और शेखर से बदला लेने का फैसला करता है।

अविनाश और शेखर का सामना

अविनाश, शेखर से मिलता है और उसे चेतावनी देता है।

कनिका का गुस्सा और शिख का डर

कनिका को पता चलता है कि अविनाश ने शेखर को धमकाया था। शिख डर जाती है।

कनिका का प्लान और माया का फैसला

कनिका, माया को बर्बाद करने का प्लान बनाती है। माया भी बदला लेने का फैसला करती है।

माया का सच और अविनाश का सपोर्ट

अविनाश को पता चलता है कि माया बच्चों की मदद कर रही है। वो उसे सपोर्ट करता है।

आरव और नक्ष का प्यार और अविनाश का गुस्सा

आरव और नक्ष, माया से प्यार से मिलते हैं। अविनाश को गुस्सा आता है।

माया का प्रॉमिस और शिख का डर

माया, गायत्री से प्रॉमिस करती है कि वो उसका ख्याल रखेगी। शिख डर जाती है।

अविनाश का प्रॉमिस और माया का डर

अविनाश, गायत्री से प्रॉमिस करता है कि वो उसका ख्याल रखेगा। माया डर जाती है।

माया का कॉल और अविनाश का गुस्सा

माया को राघव का कॉल आता है। अविनाश गुस्सा हो जाता है।

अविनाश का प्लान और माया का डर

अविनाश, राघव को दूर करने का प्लान बनाता है। माया डर जाती है।

माया का प्रॉमिस और अविनाश का साथ

अविनाश, माया को अपने साथ ले जाने का फैसला करता है।

कनिका का गुस्सा और माया का प्लान

कनिका को पता चलता है कि माया, अविनाश के साथ जा रही है। वो गुस्सा हो जाती है और माया को रोकने का प्लान बनाती है।

माया का सच और अविनाश का साथ

अविनाश, माया का साथ देता है।

अविनाश का साथ और माया का डर

अविनाश, माया को सपोर्ट करता है। माया डर जाती है।

शेखर का प्लान और माया का डर

शेखर, माया को डराने का प्लान बनाता है। माया डर जाती है।

अविनाश का गुस्सा और माया का साथ

अविनाश, माया का साथ देता है।

माया का प्रॉमिस और अविनाश का साथ

माया, अविनाश से प्रॉमिस करती है कि वो उसका साथ देगी।

अविनाश का साथ और माया का डर

अविनाश, माया का साथ देता है। माया डर जाती है।

शेखर का प्लान और माया का डर

शेखर, माया को डराने का प्लान बनाता है। माया डर जाती है।

अविनाश का गुस्सा और माया का साथ

अविनाश, माया का साथ देता है।

माया का प्रॉमिस और अविनाश का साथ

माया, अविनाश से प्रॉमिस करती है कि वो उसका साथ देगी।

अविनाश का साथ और माया का डर

अविनाश, माया का साथ देता है। माया डर जाती है।

[शेखर का प्लान और माया का डर](https://www.youtube.com/watch?v=7_zhLKt

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Transcript

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0:00 अविनाश ने अपनी मॉम की घबराई हुई आवाज सुनी तो वो फौरन ऑफिस से निकल पड़ा। उसे किसी भी तरह जल्द से जल्द घर पहुंचना था क्योंकि उसकी मॉम ने आज से पहले इस तरह घबराए हुए उसे कभी कॉल नहीं किया था। उसके दिमाग में अजीब ख्याल उमड़ घुमड़ रहे थे। सड़क पर दौड़ती गाड़ियों के बीच से निकलते हुए उसके कानों में मॉम की घबराई हुई आवाज गूंज रही थी। उसने मन ही मन सोचते हुए कहा, आखिर ऐसा क्या हो गया है जो मॉम ने मुझे इस तरह बुलाया है। कहीं कनिका को तो कुछ नहीं हुआ। इस ख्याल से उसका दिल जैसे किसी भारी बोझ की तरह लगने लगा। उसके मन में एक के बाद एक अजीब ख्याल आने लगी। क्या मॉम की तगड़े बिगड़ गई? क्या कहें डैड? इन सवालों को सोचने भर से ही वो परेशान हो गया। उसने पिछले पांच सालों में बहुत कुछ खोया था। लेकिन वो अपने पेरेंट्स पर किसी तरह की आंच नहीं आने देना चाहता था। यह सोचते हुए उसने गाड़ी का एक्सीलरेटर दबाया और गाड़ी कुछ ही देर में हवा से बातें करने लगी। सड़क किनारे खड़े लोग और तेज दौड़ती गाड़ियां भी उसे धुंधली सी लगने लगी। उसके मन में केवल एक ही बात

0:46 थी। जल्दी से घर पहुंचना था। वो मन ही मन बस यही सोच रहा था कि सब ठीक हो। बस सब ठीक हो। बिजली की रफ्तार से वो घर पहुंचा। वहां बहुत सन्नाटा था और सभी सर्वेंट्स भी दिखाई नहीं दे रहे थे। अविनाश दौड़ कर अंदर गया। वो जैसे ही हॉल में पहुंचा तो सामने जो था उसे देखकर हैरान रह गया। जहां अविनाश घर पहुंच गया था वहीं माया अपने कैबिन में चली गई थी। अविनाश का यूं अचानक ऑफिस से चले जाना उसे बहुत ही ज्यादा अखर रहा था क्योंकि माया ने उस फोन कॉल के बाद अविनाश के चेहरे पर चिंता साफ देखी थी। उसने मन ही मन सोचा आखिर अविनाश यूं अचानक कहां चला गया? मैं कैसे पता लगाऊं कि आखिर बात क्या है? तभी अविनाश का मैनेजर शशांक उसके पास आया और उसने कहा माया अविनाश सर ने तुम्हें ये डॉक्यूमेंट्स रीड करने के लिए कहा है। माया ने डॉक्यूमेंट्स लिए और एक मिनट के लिए मानू ब्लैंक हो गई। वो शशांक से पूछना चाहती थी कि अविनाश क्यों अचानक कहां चला गया था? क्या वो ठीक है? कहीं उसकी लाइफ में कोई और प्रॉब्लम तो

1:32 नहीं आ गई? माया के दिमाग में यही सारे सवाल घूंज रहे थे। शशांक ने माया के सामने हाथ हिलाते हुए कहा, माया माया कहां गुम हो गई? उसकी आवाज सुनते ही माया अपने ख्यालों से बाहर आई। शशांक ने कहा, आई होप यू अंडरस्टैंड। माया ने कॉन्फिडेंस से कहा, हां मैं समझ गई हूं। शशांक ने कहा, "ुड देन। दिस इज रियली माया। कोई भी हेल्प चाहिए हो तो मुझे जरूर बताना। इतना कहकर शशांक वहां से अपने कैबिन में चला गया। माया ने डॉक्यूमेंट्स को पढ़ना शुरू किया। लेकिन उसका मन अभी भी उसी बात पर अटका हुआ था कि अविनाश अचानक कहां चला गया था। तभी उसकी ईमेल पर अननोन आईडी से एक अजीब सा मेल आया जिसमें लिखा था अगर तुम इस ऑफिस में टिकना चाहती हो तो ज्यादा ओढ़ो मत। इस प्रोजेक्ट को छोड़ो वरना अच्छा नहीं होगा। यह पढ़ते ही माया हैरान थी। वो यह तो जानती थी कि ऑफिस में कई लोग उससे जलते थे लेकिन यह कौन थे और मेल उसे किसने भेजा था। इस बारे में माया को अभी कुछ भी पता नहीं था। माया ने मन ही मन सोचते हुए कहा,

2:19 आखिर यह किसने किया है। उसे जानना था कि आखिर किसने उसे इस तरह ओपनली धमकाया था। उसने खड़े होकर अपने आसपास देखा तो सभी लोग अपना-अपना काम कर रहे थे। माया ने खुद से कहा कि जो कोई भी है इसका पता तो मैं लगा कर रहूंगी। माया की आंखों में एक अलग सा कॉन्फिडेंस और पावर नजर आ रही थी। वहीं दूसरी तरफ कनिका ऑफिस से सीधा घर पहुंची थी। वो जैसे ही हॉल में गई तो उसने देखा कि उसकी मां शेखा चेहरे पर फेस पैक लगाकर आराम से सोफे पर बैठी थी। वो मोबाइल में एक ऑडियो सुन रही थी। कनिका पहले ही गुस्से में तमतमाई हुई थी। उसने अपनी मां से कहा मॉम ये सब क्या है? अपनी बेटी की आवाज सुनकर शिख ने बड़े प्यार से कहा डार्लिंग कन्नू कम एंड स नाउ। हाउ इज यू टुडे? शिख की टूटी फूटी अंग्रेजी सुनते ही कनिका को और ज्यादा गुस्सा आने लगा। उसने बेफरते हुए कहा, मॉम ये सब क्या है? डेली कोई नया ड्रामा आपको समझ में आ रहा है कि आप क्या बोल रही हैं? आई मीन रियली। कनिका ने शिख को आड़े हाथ धो लिया जिससे शिख

3:05 घबरा गई। उसने हड़बड़ाते हुए पूछा, कनिका क्या हुआ बेटा? तुम इतने गुस्से में क्यों हो? पहले थोड़ा पानी पियो। शिख ने हाथ बढ़ाकर कनिका को एक गिलास पानी दिया। कनिका ने गुस्से में उनका हाथ झटका जिससे पानी का गिलास छन से टूट गया और पानी फर्श पर बिखर गया। शिख यह देखकर थोड़ी सहम गई। वो कुछ समझ पाती उससे पहले ही कनिका ने गुस्से में कहा ये अविनाश अपने आप को समझता क्या है वो सोचता है कि मैं उससे डर जाऊंगी क्या उसकी बातें मानने लगूंगी अब उसे पता चलेगा कि कनिका सिन्हा कौन है और क्या कर सकती है कनिका का गुस्सा उसकी आवाज में साफ सुनाई दे रहा था शिख समझ गई थी कि कनिका और अविनाश के बीच कुछ लड़ाई हुई थी जिससे वो बहुत ज्यादा अपसेट थी शिख ने अपनी बेटी के सामने देखकर कहा कनिका तू चिंता मत कर बेटा इस मोह अविनाश का तो बेड़ा गर्क होगा ना जाने कौन सी घड़ी में हमारा इससे पारा पड़ा था जब से हमारी जिंदगी में आया है कुछ ना कुछ हो ही रहा है मेरी फूल सी बच्ची को इतना परेशान कर दिया इस नालायक लड़के ने। शिख अविनाश के

3:52 बारे में अनापशनाब बोल रही थी कि तभी आरव और नक्श सीढ़ियों से नीचे आ रहे थे। उन दोनों ने ये सब बातें सुन ली थी। आरव को इतना गुस्सा आया कि उसके हाथों से बॉल गिर गई। कनिका ने उन दोनों को देखते ही कहा जैसा बाप वैसे बेटे इन दोनों को भी दिन भर चैन नहीं है। पूरा दिन बस नाक में दम करने के अलावा कुछ आता नहीं है। आरव गुस्से में कनिका की तरफ देखने लगा। कनिका की बातें सुनकर नक्ष घबरा गया। आरव ने उसका हाथ टाइटली पकड़ा और थोड़ी हिम्मत करके कहा, "आप मेरे पापा के बारे में ऐसा क्यों बोल रही हो? शिख ने आरव की बात सुनते ही कहा, इतने नालायक बच्चे तो मैंने आज तक नहीं देखे। जिनके घर में रहते हैं उनके सामने ही जुबान चलाते हैं। आरव ने कहा हमें भी नहीं रहना है यहां। हमें अपने डैड के घर जाना है। यह बात सुनते ही कनिका और ज्यादा गुस्सा हो गई। उसने उन दोनों पर चिल्लाते हुए कहा, अभी के अभी अपने रूम में जाओ। आज से तुम्हारा खेलना सब बंद। चुपचाप जाकर पढ़ाई करो। नक्श की घबराहट को आरव ने

4:38 महसूस कर लिया था। वो नक्श को लेकर अपने रूम में चला गया। उन दोनों के जाते ही कनिका ने गुस्से में कहा। डैड के घर जाना है ना इन दोनों को। अब बताती हूं इन दोनों को। कनिका ने मोबाइल निकाला और किसी को कॉल किया। उसका गुस्सा साफ बता रहा था कि वो कुछ बड़ा करने वाली थी। वहीं दूसरी तरफ अविनाश जैसे ही घर पहुंचा तो उसने देखा कि उसके मॉम डैड एक दूसरी फैमिली के साथ हंसीखुशी बातें कर रहे थे। अविनाश को देखते ही उसके मॉम ने उसे आंखों से बैठने का इशारा किया और सामने वाली फैमिली से कहा लो अविनाश भी आ गया। अविनाश बेटा ये कोयल है। अमेरिका से पढ़कर आई है और यह है कोयल के मम्मी पापा। अविनाश अपने सामने एक दूसरी फैमिली को बैठे हुए देखकर बहुत हैरान था। वो अब पूरी बात समझ चुका था कि उसकी मॉम ने उसे उनसे मिलने के लिए बुलाया था। शरीन और रतन तहे दिल से चाहते थे कि उनके बेटे का घर बस जाए। इसलिए वो किसी भी तरह अविनाश की शादी करवाना चाहते थे। हालांकि पिछली बार की तरह ना करते हुए आज अविनाश ने बिना गुस्सा किए कहा हाय कोयल।

5:24 यह सुनते ही शरीर और रतन को लगा कि उनका बेटा अब शादी करने के लिए तैयार हो गया है और उनका प्लान कामयाब रहा। कोयल ने भी बड़े प्यार से कहा, हाय अविनाश आराम से फैल कर सोफे पर बैठा और उसने कहा, मैं तुमसे शादी करने के लिए तैयार हूं कोयल। लेकिन शादी के लिए मेरी तीन शर्तें हैं। अगर तुम यह मान लोगी तो मैं तुमसे कल ही शादी कर लूंगा। यह सुनते ही शरीन और रतन और कोयल के पेरेंट्स भी बहुत ज्यादा खुश थे। कोयल के पेरेंट्स का भी यही सपना था कि उनकी बेटी की शादी अविनाश जैसे अमीर लड़के से हो। कोयल के डैड ने कहा, हां बेटा, कोयल को सब शर्तें मंजूर है। यह सुनते ही अविनाश ने कहा, पहले आप एक बार शर्तें तो सुन लीजिए अंकल। अविनाश ने गहरी सांस लेते हुए कहा, तो पहली शर्त यह है कि मैं कभी तीसरे बच्चे के बारे में नहीं सोचूंगा। मेरे दो बच्चे ऑलरेडी है और वही रहेंगे। यह सुनते ही कोयल के पेरेंट्स थोड़ी परेशान हो गए। वहीं कोयल ने कहा हां मुझे मंजूर है। अविनाश ने कहा दूसरी शर्त यह है कि तुम इस घर की बहू तो बन जाओगी

6:11 लेकिन मेरी वाइफ नहीं। हमारे बेडरूम्स हमेशा अलग ही होंगे। यह सुनते ही कोयल और उसके पेरेंट्स घबरा गए। तभी अविनाश ने कहा और तीसरी शर्त यह है कि मेरी प्रॉपर्टी में तुम्हें हिस्सा नहीं मिलेगा। यह सुनते ही कोयल और उसके पेरेंट्स वहां से ऐसे भागे जैसे उन्होंने किसी भूत को देख लिया था। उनके जाते ही शरीन और रतन फिर से उदास हो गए। अविनाश ने उन दोनों से कहा, मॉम डैड ये लोग यहां शादी नहीं बल्कि पैसे के लिए आए थे। उस लड़की के पेरेंट्स उसका सौदा करना चाहते थे। मैं आप दोनों को साफ-साफ बता देना चाहता हूं कि मैं सिर्फ और सिर्फ नव्या से प्यार करता हूं। आगे से आप प्लीज यह सब फिर से मत करना। आई रिक्वेस्ट। अविनाश ने इतना कहा और अपने रूम में चला गया। शरीन और रतन भी समझ गए थे कि उनका बेटा नव्या को भुला नहीं पाएगा। वहीं दूसरी तरफ आरव और नक्ष अपने रूम में आ गए थे। आरव ने नक्श को गले लगाया और उसे कंफर्टेबल फील करवाया। उसके बाद वो वाशरूम चला गया। वहीं नक्श अपने डैड अविनाश को बहुत मिस कर रहा था। उसने खुद से कहा पापा को सब बता दूंगा। उसने

6:59 चुपके से फोन लिया और अपने पापा को वॉइस मैसेज करने लगा। पापा आंटी हमको खेलने भी नहीं देती और आज तो आपको भी गंदा गंदा कह रही थी। आप आओ पापा मुझे आपके साथ रहना है। नक्श ने ये वॉइस नोट सेंड कर दिया। उसने फिर से एक बात रिकॉर्ड की। पापा आंटी बहुत गंदी है। वो हमको फेवरेट खाना भी नहीं देती। नक्ष को नहीं पता था कि उसकी बात को कोई और भी सुन रहा था। वो वॉइस नोट भेजने ही वाला था कि तभी पीछे से कनिका ने कहा, "यह क्या कर रहे हो?" कनिका की आवाज सुनते ही नक्ष ने सेंड पर क्लिक किया और जल्दी से फोन छिपा दिया। कनिका ने नक्ष से गुस्से में कहा, "यह क्या कर रहे थे तुम? यह फोन मुझे दो। आज के बाद नो इंटरनेट, नो फोन।" कनिका ने नक्श का फोन लिया और गुस्से में दमदबमाते हुए वहां से चली गई। आरव जैसे ही बाहर आया तो नक्ष ने रोते हुए उसे सब कुछ बता दिया। कनिका नीचे गई तो उसने देखा कि मिस्टर तिवारी आ चुकी थी।

7:45 उन्होंने कनिका को वो नोटिस देते हुए कहा, "जैसा आपने कहा था, मैंने ठीक वैसा ही किया है।" कनिका ने नोटिस पढ़ा और मिस्टर तिवारी से कहा, "जल्द से जल्द इस नोटिस को उस अविनाश को भिजवा दो। आखिर कनिका किस नोटिस की बात कर रही थी? वो अब क्या करने वाली थी? क्या होगा आरब और नश के साथ जानने के लिए सुनते रहिए द रिटर्न आपके अपने पॉकेट एफ एंपायर अविनाश को जैसे ही वो नोटिस मिला वो कागज का टुकड़ा उसके हाथ से छूट कर नीचे गिर गया उसके चेहरे का रंग पीला पड़ चुका था उसका गला भर आया था और आंखें गीली हो चुकी थी अविनाश झट से अपनी कुर्सी पर गिर कर बैठ गया ना कुछ बोलने की हालत थी और ना ही कुछ सुनने की उस कोर्ट नोटिस में जो लिखा था वो बार-बार उसके दिमाग में घूम रहा था ये ये क्या बकवास है ये कैसे हो सकता है मैं मैं अपने ही बच्चों से महीने में सिर्फ एक दिन मिल सकता हूं यह बोलते हुए भी अविनाश की आवाज कांप रही थी। वो ऑलरेडी बहुत नशे में था। इतने नशे में कि

8:32 शायद इस वक्त वो ठीक से कुछ पढ़ भी नहीं पा रहा था। नहीं मैं ना मैं कहीं कुछ गलत तो नहीं पढ़ रहा। अविनाश ने खुद से कहा और भागते हुए बाथरूम की तरफ गया। उसने तुरंत वाश बेसिन का नल चालू किया और पानी के छींटे अपने मुंह पर मारने लगा। वो भागकर वापस कमरे में गया और उसने वो कोर्ट नोटिस फिर से उठाया। जैसे-जैसे वो लाइन बाय लाइन उस नोटिस को पढ़ रहा था। वैसे-वैसे उसकी भौहें तनती ही जा रही थी। उस नोटिस में साफ लिखा था कि अविनाश की हरकतों की वजह से कोर्ट का यह आदेश है कि अब अविनाश अपने बच्चों से महीने में सिर्फ एक बार ही मिल सकता है। मैं पहले ही उनसे दो दिन मिल पाता हूं। अब अब सिर्फ एक दिन नहीं ये सब कैसे? अविनाश को यकीन नहीं हो रहा था कि अब वो अपने बच्चों से और भी ज्यादा दूर हो गया था। तनिका ने अब सोच लिया था कि वो अविनाश को अपनी पावर दिखा कर ही रहेगी। इसलिए उसने जानबूझकर यह नोटिस भिजवाया था। लेकिन अविनाश के लिए यह नोटिस किसी तूफान की तरह आया था। गुस्से और दर्द के कारण

9:17 उसके शरीर में टीस सी उठ रही थी। उसे इस वक्त सामने बस एक ही चीज नजर आ रही थी और वो थी शराब। वो फिर से उठकर अपनी जगह पर जा बैठा और इस बार उसने एक नई बोतल खोली। गुस्से में वो अपने लिए कितना बड़ा पैग बना गया था यह वो भी नहीं जानता था। एक के बाद एक वो ऐसे कई पैक गटक गया। मुझे मेरे बच्चों से कोई दूर नहीं कर सकता। कोई भी नहीं। अविनाश खुद से ही बोले जा रहा था। खुद से बातें करते हुए अविनाश बस पैक पर पैक गटकते जा रहा था। धीरे-धीरे उसका नशा इतना बढ़ गया था कि उसका सिर घूमने लग गया। उसकी आंखें बंद हो रही थी। लेकिन उसके दिमाग में अभी भी जो बात एक्टिव थी वो यह कि अब वो अपने बच्चों से और दूर हो गया था। यह तुमने ठीक नहीं किया कनिका। यह तुमने ठीक नहीं किया। अविनाश लड़खड़ाती हुई आवाज में बोले जा रहा था। अब उसने सोच लिया था कि उसे क्या करना है। उसने अपने सामने रखा आखिरी पैक भी खत्म किया और ग्लास को वही जमीन पर पटक कर तोड़ दिया। उसका गुस्सा उसके दिमाग में घर कर चुका

10:04 था। वो लड़खड़ाते कदमों से आगे आया और उसने सामने रखी शराब की बोतलों को भी गिराना शुरू कर दिया। काश टूटने की जोरदार आवाज अब पूरे घर में गूंज रही थी। मुझे मेरे बच्चों से कोई दूर नहीं कर सकता। करेगा तुम भी नहीं। अविनाश की यह आवाज अब कमरे से बाहर शरीन और रतन को भी सुनाई दे रही थी जो अपने कमरे में सो रही थी। अचानक शरीन की नींद खुली और उसने रतन को भी उठाया। रतन अविनाश अविनाश को क्या हो गया है? शरीन ने घबराई हुई आवाज में कहा। रतन की भी नींद खुली और उसने तुरंत चादर हटाई। बाहर से जोर-जोर की आवाजें आ रही थी। ऐसे की जैसे कोई पूरा घर तहस-नहस कर रहा हो। अविनाश अब अपना आपा पूरी तरह से खो चुका था। जब उसने पूरा कमरा कांच से भर दिया। शराब जमीन में बह रही थी। केबल कुर्सी और टीवी जमीन पर टूटी बिखरी पड़ी थी। तब उसने उस कोर्ट नोटिस की तरफ देखा। मैं भी देखता हूं कि एक कागज का टुकड़ा मुझे मेरे बच्चों से कैसे अलग करता है। कैसे? अविनाश

10:50 ने गुस्से में वो कोर्ट नोटिस उठाया और उसके इतने टुकड़े किए कि उसे गिनना भी मुश्किल हो जाए। अब तो नीचे मरियम को भी ऊपर हो रहे हल्ले की आवाज आ चुकी थी। इससे पहले कि शरीम, रतन और मरियम अविनाश के कमरे तक पहुंचते। अविनाश पैर पटकते हुए वहां से बाहर निकल गया। अविनाश तुम अविनाश ये क्या हाल बना रखा है तुमने? शरीम कहते हुए अविनाश का हाथ पकड़ने वाली थी। लेकिन अविनाश ने अपना हाथ छुड़ा लिया और आगे बढ़ गया। उसके सिर पर इस वक्त कौन सा भूत सवार था वो कोई नहीं समझ सकता था। अविनाश हमारी बात तो सुनो एक बार। मरियम ने भी अविनाश को आवाज लगाने की कोशिश की। लेकिन अविनाश धड़ाते हुए नीचे उतर गया। इससे पहले कि कोई उस तक पहुंच पाता वो घर के बाहर जा चुका था। उसने अपनी गाड़ी स्टार्ट की और नशे की हालत में ही कहीं निकल गया। अरे ये कहां जा रहा है रतन? देखो तो ये क्या हाल बना लिया है इसने। शरीन को कुछ समझ नहीं आ रहा था। ऐसा लग रहा था वह अपना अविनाश सालों पहले नव्या के साथ ही खो चुकी है क्योंकि जो लड़का उनके सामने था वह अविनाश

11:37 तो नहीं था। इससे पहले कि रतन बाहर निकलकर अविनाश के पीछे जाता। अविनाश वहां से जा चुका था। श्रीन भागते हुए रतन के पास आई लेकिन वहां अविनाश की गाड़ी नहीं थी। रतन इतनी रात में ऐसी हालत में अविनाश कहां गया है? तुमने उसका पीछा क्यों नहीं किया? अरे कैसे करता? जब तक मैं आया तब तक वो यहां से जा चुका था। हे भगवान ऐसी हालत में वो गाड़ी कैसे चलाएगा? कहीं कुछ शरीर के दिमाग में ख्याल तो बहुत बुरे आ रहे थे लेकिन उन्हें कहने से पहले उसने खुद को रोक लिया। उसने अपना सिर पकड़ लिया और रोने लगी। यहां अविनाश नशे में तो था लेकिन उसे कहां जाना है और किस रास्ते पर गाड़ी भगानी है यह सब उसको याद था। यहां कनिका अपने कमरे में बैठी बहुत कुछ सोच रही थी। एक तरफ तो उसकी हुई बदनामी के चलते मीडिया वालों ने उसे परेशान कर दिया था। दूसरी तरफ आरव और नक्ष ने उसकी नाक में दम कर रखा था। चलो कम से कम अविनाश को तो पता चलेगा कि मैं क्या चीज हूं। अब तक तो वो नोटिस उसे मिल ही गया होगा। कनिका

12:24 अपने बिस्तर पर पड़े पड़े यही सोच रही थी। यहां आरव और नक्ष के अपने कमरे में बैठे थे। आरव ने कुछ नहीं खाया था। उसे भूख भी लग रही थी। पर उसकी इतनी हिम्मत नहीं थी कि वो कनिका से जाकर कुछ खाने के लिए मांग ले। नक्श को भी आज कनिका ने डांटा था। इसलिए उसका चेहरा भी उतरा हुआ था। आरव को भी भूख की वजह से अच्छा तो नहीं लग रहा था लेकिन नक्ष का ध्यान रखना उसके लिए ज्यादा जरूरी हो गया था। नक्ष चलो सोने का टाइम हो गया है। आज मैं तुम्हें तुम्हारी फेवरेट स्टोरी सुनाऊंगा। आरव ने यह कहकर नक्ष का मूड सही करने की कोशिश की। नक्श ने भी बस हां में से हिला दिया और चुपचाप आकर आरव के पास बेड पर बैठ गया। आरव ने उसके सर पर प्यार से हाथ फेरा और उसे अपने बगल में लेटाकर स्टोरी बुक उठा ली। वो जैसे ही बुक की पहली लाइन पढ़ने वाला था कि तभी उसे एक आवाज सुनाई दी। नक्श आरव नीचे आओ। देखो तुमसे मिलने कौन आया है। यह आवाज सुनते ही आरव और नक्ष दोनों उसे पहचान गए। पापा नक्ष के मुंह से बड़ी

13:11 एक्साइटमेंट से निकला। आरव भी उतना ही एक्साइटेड था, लेकिन वह थोड़ा डरा हुआ भी था। उसे लगा कि कहीं उन्हें कोई गलतफहमी तो नहीं हुई है। तभी दूसरी बार आवाज आई। आरव नक्ष नीचे आओ। मैं तुम दोनों को ले जाने आया हूं। अविनाश ने इतनी जोर से चिल्लाते हुए कहा कि इस बार आवाज कनिका के कमरे तक भी पहुंच गई थी। कनिका ने अपनी खिड़की के पर्दे को हटाकर देखा तो बाहर अविनाश खड़ा था। नशे की हालत में धुत लड़खड़ाते कदमों के साथ बिखरे बालों के साथ शर्ट पट पहने। अविनाश नक्ष और आरव को आवाज लगाई जा रहा था। यहां आरव और नक्ष ने भी अविनाश को नीचे खड़ा देख लिया था। मुझे पापा से मिलना है। नक्ष ने बड़ी मासूमियत से कहा। आरव ने तुरंत वो स्टोरी बुक बंद की और नक्ष का हाथ पकड़ कर नीचे चल दिया। अविनाश का बस चलता तो आज वो सीधा घर के अंदर घुस जाता। लेकिन कनिका के गार्ड्स ने उसे बाहर ही रोक रखा था। इसलिए वो नक्ष और आरव को बाहर ही बुला रहा था। खास बात तो यह थी कि आज कनिका ने आरव और नक्श को नीचे

13:57 जाने से नहीं रोका। अविनाश से मिलने से नहीं रोका। शिख भागती हुई कनिका के रूम में आई। कनू ये सब देख तो उस बेवड़े अविनाश को। क्या कर रहा है वो यहां? शिख ने परेशान होकर कहा। लेकिन कनिका के चेहरे पर कोई चिंता नहीं थी। उसने मुस्कुराते हुए कहा करने दो मॉम। उसे जो करना है करने दो। अरे ऐसे कैसे? तुमने सुना नहीं वो क्या कह रहा है? कह रहा है दोनों बच्चों को ले जाने आया है। ऐसे कैसे ले जाने देंगे हम बच्चों को? वैसे तो मुझे भी कोई लगाव नहीं है इन बच्चों से। लेकिन यही बच्चे तो हैं जिनकी वजह से हम इतने ऐशो आराम से रह रहे हैं। बच्चों के नाम पर जब जितने चाहो उतने पैसे मिल जाते हैं। ये सोने का अंडा देने वाली मुर्गी अगर चली गई ना तो हम बर्बाद हो जाएंगे। शिख ने बड़ी घबराई आवाज में कहा। अरे मॉम रिलैक्स। आप भी ना छोटी-छोटी बातों को लेकर परेशान हो जाती है। ऐसा कुछ नहीं होगा। कनिका ने बस धीमे से मुस्कुराते हुए कहा। ऐसा लग रहा था जैसे

14:43 वो सब जानती थी कि आगे क्या होने वाला है। अरे पर कैसे नहीं होगा? तुमने सुना नहीं अविनाश कह रहा है कि वो बच्चों को यहां से ले जाने आया है। मैं मैं मिस्टर तिवारी को फोन करके बुलाती हूं। वही अविनाश की बुद्धि ठिकाने लगाएंगे। इतना कहकर शिख ने अपना फोन उठाया। लेकिन तभी कनिका ने बड़े कॉन्फिडेंस के साथ कहा। उसकी कोई जरूरत नहीं है मॉम। मिस्टर तिवारी को यहां आने की कोई जरूरत नहीं है। पर बच्ची अविनाश उन्हें ले गया तो शिख को हर पल यही डर खाए जा रहा था कि उसके महीने में आ रहे लाखों रुपए कहीं बंद ना हो जाए। ऐसा कुछ नहीं होगा। वो बच्चों को तब ले जाएगा ना जब बच्चे उसके साथ जाना चाहेंगे। इतना कहकर कनिका ने मुस्कुराते हुए खिड़की से बाहर देखा। शिख को कुछ समझ नहीं आ रहा था कि कनिका के दिमाग में आखिरकार चल क्या रहा है। यहां आरव और नक्ष नीचे पहुंच चुके थे। अविनाश ने जैसे ही अपने बच्चों को देखा मानो उसकी पूरी दुनिया उसके सामने खड़ी थी। उसे ऐसा लग रहा था वो अभी इसी वक्त सब कुछ ठीक कर सकता है। आरव और नक्ष घर के

15:28 दरवाजे पर खड़े थे और अविनाश उनसे थोड़ी दूर। अविनाश धीरे-धीरे उनकी तरफ बढ़ रहा था। मेरे बच्चे आरव नक्श देखो पापा आ गए तुम दोनों को घर ले जाने। अविनाश जिस तरह से लड़खड़ाती हुई आवाज में नशे में धुत लाल आंखें लिए डगमगाते हुए आगे बढ़ रहा था वो देखकर आरव समझ गया था कि अविनाश इतने नशे में था। नक्ष भी अविनाश से मिलना तो बहुत चाहता था लेकिन उसे अपने पापा का यह रूप पसंद नहीं था। आरव ने नक्ष का हाथ और जोर से पकड़ लिया। अविनाश ने सबसे पहले आते ही आरव को गले लगा लिया। उसके पास आते ही आरव महक से समझ गया कि अविनाश का क्या हाल है। लेकिन इस वक्त उसने कुछ नहीं कहा। उसके बाद जैसे ही अविनाश नक्ष की तरफ बढ़ा, नक्श दो कदम पीछे हट गया। नक्श देखो पापा आ गए तुम्हें पापा के साथ घर चलना था ना हम अविनाश अपनी बाहें फैलाए नक्श की तरफ बढ़ रहा था लेकिन नक्ष की आंखों में एक अजीब सा डर था क्या होगा अविनाश की इस

16:16 हरकत का अंजाम क्या ले जा पाएगा अविनाश अपने बच्चों को घर या फिर अविनाश की यह कोशिश कर देगी उसे आरव और नक्श से हमेशा के लिए दूर इन सभी सवालों के जवाब जानने के लिए सुनते रहिए द रिटर्न सिर्फ पॉकेट एफएम पर अविनाश के लिए कोर्ट का नोटिस एक तूफान की तरह आया था उसने सोच लिया था कि आज वो अपने बच्चों को अपने साथ लेकर ही जाएगा लेकिन उसे उसे यह नहीं पता था कि उसके बच्चे खुद उससे डर रहे थे। नक्श जैसे-जैसे पीछे हट रहा था, वैसे-वैसे आरव का गुस्सा बढ़ रहा था। नक्श की आंखों में डर उसका घबराया चेहरा देखकर आरव को बिल्कुल अच्छा नहीं लग रहा था। इससे पहले कि अविनाश नक्श के करीब पहुंच पाता। आरव उन दोनों के बीच आकर खड़ा हो गया। पापा आप क्या कर रहे हो? आप देख नहीं रहे नक्श डर रहा है आपसे। आरव ने इस बार कड़ी आवाज में कहा। अविनाश को आरव की बात दिल में तीर सी चुकी थी। उसे एक पल के लिए तो समझ ही नहीं आया कि आरव ऐसा क्यों कह रहा है? मुझसे

17:01 मुझसे डर रहा है नक्ष। मैं पापा हूं तुम लोगों का। अविनाश ने लड़खड़ा दी आवाज में कहा। वो बड़ी बेबसी से अपने दोनों बच्चों की तरफ देख रहा था। तुम लोगों को डरने की अब कोई जरूरत नहीं है। वो तुम्हारी मासी अब तुम दोनों को मुझसे दूर नहीं रख सकती। बिल्कुल नहीं। इस बार अविनाश ने तेज आवाज में कहा, सुना तुमने गाने कहा? अब मैं तुम्हें कुछ करने नहीं दूंगा। बहुत हुआ तमाशा। अविनाश चिल्ला-चिल्ला कर कह रहा था। अब तो आसपास वालों ने भी अपने घर की बत्तियां जला दी थी। इस वक्त अविनाश किसी शराबी सड़क छाप की तरह लग रहा था जो कनिका के घर के बाहर खड़े होकर तमाशा कर रहा था। कोई नहीं जानता था कि इस तमाशे के पीछे एक बाप की कितनी बेबसी छिपी हुई थी। कोई नहीं जानता था कि अविनाश के मन में कितना दर्द, कितनी तकलीफ थी। वो जिस तरह से चिल्ला रहा था, अब तो नक्श के साथ-साथ आरव को भी उससे डर लगने लगा था। आरव को हमेशा से अविनाश के पीने की आदत पसंद नहीं थी। लेकिन आज जो

17:46 वो कर रहा था, उसे देखकर आरव बहुत ज्यादा अपसेट हो गया था। अविनाश ने फिर से नक्ष की तरफ अपना हाथ बढ़ाया। नक्ष आजा पापा के पास। पापा और नक्ष खूब मस्ती करेंगे। लेकिन नक्ष को उसकी बात बिल्कुल समझ नहीं आ रही थी। नक्श ने इस बार तो आरव को कस के हगह कर लिया। आरव ने तुरंत आगे आते हुए कहा, पापा आपको दिख नहीं रहा है कि नक्ष आपसे कितना डर रहा है। इतना कहकर आरव ने नक्श को अपने पीछे कर लिया। नक्ष इतना डरा सहमा खड़ा था कि वो अविनाश की तरफ देख भी नहीं रहा था। आरव बेटा मैं तुम लोगों को घर ले जाने के लिए आया हूं। अविनाश ने आरव की तरफ देखते हुए कहा। लेकिन आरव की आंखों में गुस्सा साफ दिखाई दे रहा था। वो आज अविनाश को देखकर हमेशा की तरह खुश नहीं बल्कि बहुत गुस्से में था और जिस तरह से नक्श अविनाश से डर रहा था। यह बात आरव को जरा भी पसंद नहीं आ रही थी। भैया पापा को क्या हो गया है? नक्श ने डरते हुए आरव से

18:32 पूछा। उसने पहले भी अविनाश को देखा था लेकिन आज अविनाश अपना कंट्रोल खो बैठा था। आरव ने तुरंत नक्श को संभालते हुए कहा नक्श यहां आओ मेरे पास। कुछ नहीं हुआ है पापा को। उनकी बस तबीयत ठीक नहीं है। एक काम करो तुम अंदर जाओ। मैं पापा को बाय बोल कर आता हूं। नक्ष आरव की बात समझ तो रहा था। लेकिन वो देख अभी भी अविनाश को रहा था। नक्श अंदर जाओ मैं आता हूं। आरव ने उसे समझाया। नक्श ने बस धीरे से हां में सिर हिलाया और वहां से सिर झुकाकर घर से अंदर चला गया। अविनाश उसे जाता देखकर और भी ज्यादा परेशान हो गया। नक्ष नक्श पापा के साथ चलो नक्ष अविनाश आवाज देता रहा लेकिन आरव उसके और नक्ष के बीच खड़ा था। पापा जाने दीजिए नक्ष को। वो बहुत डरा हुआ है आपसे। आप अभी यहां से जाइए। आरव ने गुस्से में कहा। आज पहली बार आरव ने अविनाश को उल्टा जवाब दिया था। लेकिन आज उसके लिए पानी सिर से ऊपर जा चुका था। आरव की बात सुनकर अविनाश को इतना बड़ा धक्का

19:19 लगा था जो उसने कभी नहीं सोचा था। उसका खुद का बेटा उसे जाने के लिए कह रहा था। उसके साथ रहना नहीं चाहता था। आरोप मेरे साथ नहीं चलोगे। अविनाश ने कांपती हुई आवाज में कहा, नहीं पापा, आप इस तरह से रहोगे तो कैसे रहेंगे हम आपके साथ? नक्श का हाल देखो आप। आप सुबह आना पापा अभी नहीं। सॉरी बाय। आरव को यह सब कहते हुए बहुत बुरा लग रहा था, लेकिन उसे नक्श की चिंता सबसे ज्यादा थी। आरव अविनाश का जवाब सुने बिना ही वहां से अंदर चला गया। अविनाश बेबस लाचार वहीं खड़ा था। उसे लग रहा था जैसे उसका सब कुछ छीन चुका है। उसके बच्चे अब उसके होकर भी उससे दूर हो चुके थे। मेरे बच्चे मेरे ही साथ नहीं आना चाहते। मैं मैं इतना बुरा हूं क्या? अविनाश के आंसू रुख ही नहीं रहे थे। उसे आज नवव्या की कमी सबसे ज्यादा खड़ रही थी। अगर तुम यहां होती तो यह कभी नहीं होता नवव्या। देखो तुम्हारे जाने के बाद मैं

20:05 बच्चों को भी नहीं संभाल पाया। मैं कुछ नहीं कर पाया नव्या हार गया मैं। आज मैं पूरी तरह से हार गया। अविनाश फूट-फूट कर रोने लग गया। कनिका यह पूरा तमाशा अपनी खिड़की से देख रही थी। उसे पता था कि अविनाश का इतना बुरा हाल देखकर बच्चे उसके साथ कभी नहीं जाएंगे। उसके चेहरे की स्माइल छोटी होने का नाम ही नहीं ले रही थी। शिख को अब जाकर कनिका का प्लान समझ आया था। उसे अपनी बेटी पर प्राउड फील हो रहा था। देखा मॉम मैंने कहा था ना किसी वकील की जरूरत नहीं पड़ेगी। यह गधा अविनाश अपने ही पैर पर कुल्हाड़ी मार लेता है। इस तरह के पियक्कड़ बाग के साथ कौन से बच्चे जाना चाहेंगे? जरा सोचो नक्श और आरव के मन में जो डर खुद अविनाश ने पैदा किया है वो मैं चाहकर भी पैदा नहीं कर पाती। अब देखना बच्चे अविनाश के साथ जाना तो दूर उससे मिलने से भी डरेंगे। और आज यह हरकत जो उसने की है यह उसी पर भारी पड़ने वाली है।

20:51 सनिका ने मुस्कुराते हुए बड़े कॉन्फिडेंस के साथ कहा। आरिफ कमरे में आ गया और नक्ष के पास लेट गया। उसने प्यार से नक्श के सर पर हाथ फेरते हुए कहा, नक्ष डरने की बात नहीं है। हम पापा से बाद में मिल लेंगे। आज उनकी तबीयत सही नहीं थी ना? भैया पापा ठीक तो हो जाएंगे ना? नक्श ने भोली आवाज में पूछा। हां नक्ष हो जाएंगे। अब तुम जल्दी से सो जाओ। सुबह स्कूल भी तो जाना है। आरव ने कहा और नक्ष को सुलाने की कोशिश की। आरव खुद बच्चा था। 12 साल की उम्र में उसे अपने पिता की यह हालत देखनी पड़ रही थी। फिर भी जिस समझदारी से नव्या ने उसकी परवरिश की थी, वह अब काम आ रही थी। नक्श के सोते ही उसने मन ही मन कहा, भगवान जी, जल्दी से पापा को ठीक कर दो ना। मुझे मेरे पुराने पापा वापस चाहिए। मम्मा होती, तो पापा को जरूर अच्छा कर देती। आई मिस यू मम्मा। आप वापस नहीं आ सकती क्या?

21:37 अविनाश अब और वहां खड़ा नहीं रह पा रहा था। वो अपनी गाड़ी के पास गया। उसमें से उसने एक और शराब की बोतल निकाली और निकल पड़ा सुनसान रास्तों पर। लड़खड़ाते कदमों से वो अंधेरे रास्तों पर चलता जा रहा था। सीधे बोतल को मुंह में लगाकर वो अब शराब को गटक रहा था। अविनाश ने आज अपने पीने की सारी हद पार कर दी थी। उसके कानों में बस आरव के शब्द गूंज रहे थे। हम आपके साथ नहीं आएंगे पापा। आप जाओ यहां से। आप जाओ यहां से। हम आपके साथ नहीं आएंगे। नक्श आपसे डर रहा है। नक्श आपको देखकर डर रहा है। आरव की ये लाइंस उसके मन और दिमाग को खाए जा रही थी। अविनाश की आंखें अब काफी ज्यादा भारी हो चुकी थी। उसके अंदर एक और कदम बढ़ाने की हिम्मत नहीं थी। थोड़ी देर बाद उसके हाथ से बोतल छूट गई और टूट कर जमीन पर गिर गई। लेकिन अविनाश को अब जरा भी होश नहीं था। वो कभी दाई तरफ झुक रहा था तो कभी बाई तरफ। मानो उससे खुद का ही शरीर संभल नहीं रहा था। मेरे बच्चे मुझसे

22:24 नफरत करने लगे हैं। वो मेरे साथ नहीं रहना चाहते। दे हेट मी। बड़बड़ाते हुए अविनाश आगे बढ़ रहा था। लेकिन अब उसे कुछ दिखाई नहीं दे रहा था। तभी अचानक उसे एक हॉर्न की आवाज आई। लेकिन गाड़ी कहां से आ रही थी? इस बात का आभास उसे जरा भी नहीं था। वो गाड़ी उसकी तरफ बढ़ रही थी। गाड़ी की हेडलाइट की वजह से अविनाश की आंखें पूरी तरह से बंद हो गई थी। जैसे ही वो गाड़ी अविनाश को छूने वाली थी, उस गाड़ी का ब्रेक लगा और अविनाश जमीन पर गिर गया। गाड़ी तुरंत बंद हो गई। अविनाश नहीं जानता था कि यह गाड़ी किसी और की नहीं बल्कि माया की थी। माया मंजीत की गाड़ी से उसे स्टेशन ड्रॉप करके वापस लौट रही थी। मंजीत एक इंटरव्यू के सिलसिले में लखनऊ गया था। लेकिन बीच रास्ते में अविनाश इस हाल में मिल जाएगा। यह माया ने भी कभी नहीं सोचा था। उसने तेजी से गाड़ी का दरवाजा खोला और बाहर आ गई। जैसे ही उसने जमीन पर पड़े उस आदमी को पलट कर देखा तो उसके होश उड़ गए। अविनाश माया का दिल घबराहट के कारण और जोर

23:11 से धड़कने लग गया। माया ने अविनाश को हिलाते हुए कहा, अविनाश आप ठीक तो है? आपको लगी तो नहीं? माया के बार-बार पूछने पर अविनाश ने अपनी थोड़ी सी आंखें खोली। माया ने तुरंत अविनाश को वापस जमीन पर लेटाया और जाकर गाड़ी से पानी की बोतल लेकर आई। उसने पानी के छींटे अविनाश के चेहरे पर फेंकना शुरू किया। अविनाश अविनाश उठिए। आर यू ओके? माया अविनाश की हालत देखते ही समझ गई थी कि वो नशे में धुत था। उसका यह हाल देखकर माया के दिल पर क्या बीत रही थी। वो उसे जाहिर भी नहीं कर सकती थी। उसे इस वक्त भी नव्या के दर्द को छुपाकर माया का चोला ओढ़ना पड़ रहा था। पानी के छींटे पड़ने पर अविनाश को होश आया लेकिन उसकी हालत अभी भी ठीक नहीं थी। माया अविनाश के मुंह से निकला। माया ने उसके कंधों को पकड़ रखा था। लेकिन जब अविनाश को होश आ गया तो उसने हिचकिचा कर अपने हाथों को पीछे कर लिया। मुझे जाना है। अविनाश ने नशीली आवाज में लड़खड़ाती जुबान के साथ

23:57 कहा। माया कुछ समझ नहीं पा रही थी। अविनाश पहले आप पहले आप उठिए प्लीज। ऐसे ऐसे बैठिए। माया ने अविनाश को संभालते हुए गाड़ी के सहारे बैठा दिया। मुझे मुझे ओवरपास ब्रिज पर जाना है। अविनाश ने धीमे से कहा। उसकी हालत ऐसी थी कि उसे अकेला छोड़ना खतरे से खाली नहीं था। उस जगह का नाम सुनकर माया एक पल के लिए संग रह गई। पर अविनाश इतनी रात में वहां पर जाना। अभी मैं आपको घर ड्रॉप कर देती हूं। आप कल सुबह वहां चले जाइएगा। माया ने अपने इमोशंस को छिपाते हुए कहा। लेकिन अविनाश ने तुरंत नाम से सिर हिला दिया। नहीं मुझे वहीं जाना है। अबे इतना कहकर अभिविनाश कार को पकड़ कर खड़े होने की कोशिश करने लगा। लेकिन वो इतने नशे में था कि कभी उसका हाथ फिसल रहा था तो कभी पैर डगमगाया रही ही थी। अरे अभिनाश आखिर क्या कर रहे हैं? कहां जा रहे हैं? माया ने घबरा कर कहा मुझे अभी वहां जाना है। तुम जानती हो माया

24:43 वो नव्या की फेवरेट जगह थी। हम अक्सर वहीं जाया करते थे। वहां ठंडी हवाएं जब उसके बालों को छूती थी तो ना कोई गाड़ी ना लोग। सिर्फ पानी के किनारे नव्या और मैं घंटों बैठकर बातें किया करते थे। अविनाश की एक-एक बात सुनकर माया अंदर तक हिल गई थी। वो नव्या को किस कदर मिस कर रहा था। वो अब माया की आंखों के सामने था। माया के मानो हाथ पैर ठंडे पड़ने लग गए थे। क्या माया ले जाएगी अविनाश को उस जगह पर? क्या अविनाश ने खो दिया था अपने बच्चों को हमेशा के लिए? क्या माया संभाल पाएगी अविनाश की इस बिखरती जिंदगी को? इन सभी सवालों के जवाब जानने के लिए सुनते रहिए द रिटर्न सिर्फ पॉकेट एफएम पर। नशे में दूत अविनाश इस कदर जिद पर अड़ा था कि माया को अविनाश की बात मानकर उसे उस जगह लेकर जाना ही पड़ा। कुछ देर की ड्राइव के बाद माया अविनाश के कहने पर उसको ओवरपास ब्रिज सनसेट पॉइंट पर लेकर

25:30 गई। जहां वो दोनों अक्सर आया करते थे। वहां आते ही जैसे माया के दिमाग में एक फ्लैशबैक सा चलने लगा था। वो पेड़ जिसके खुरदरे पत्ते तोड़कर अक्सर अविनाश नव्या की गर्दन पर गुदगुदी करता और नव्या इधर से उधर भागती और परेशान होती। वहां मौजूद एक छोटा सा कैफे जहां से नवव्या अपने लिए एक कैफेन लेती और अविनाश साफ कहता नहीं अभी मेरा मन नहीं है तुम मिलो। जिस पर नव्या कहती अविनाश नहीं लेना है तो मत लो। फिर बाद में मेरी कॉफी का सिप ले लेकर खत्म मत कर देना। लेकिन फिर भी अविनाश हर बार यही करता और नव्या चिढ़कर भी अविनाश को मना नहीं कर पाती। करती भी कैसे? प्यार में अपनी खुशी से ज्यादा अपनों की खुशी मायने रखती है। माया और अविनाश भी उसी कैफे के आगे खड़े थे। अविनाश तो नशे में था इसलिए माया ने उसी कैफे से दो कैफेचीनो उठाई और अविनाश को बोला अविनाश आप पी लो। इसे पियो आपको थोड़ा फ्रेश लगेगा। अविनाश तो माया के हाथ में कैफचीनो देखते ही बिल्कुल शॉक्ड हो गया। उसने लड़खड़ाते हुए माया से

26:17 कहा तुमने ये कॉफी ये कॉफी क्यों ली? आई मीन तुम्हें कैसे पता चला कि मैं यह कॉफी पीता हूं? यह तो सिर्फ नव्या को पता था। तुम नव्या हो क्या? अविनाश की बात सुनकर माया एकदम से घबरा गई। कहीं मैंने कॉफी लेकर गलती तो नहीं की? कहीं अविनाश को मेरे ऊपर कोई शक तो नहीं हो गया? माया ने हड़बड़ा कर कहा अविनाश ये आप क्या कह रहे हैं? मैं माया हूं। क्या आप अच्छी तरह से जानते हैं? मैंने तो कॉफी ऐसे ही जनरली ली क्योंकि मुझे लगा आपको अच्छा लगेगा। आप फ्रेश फील करेंगे। अविनाश प्लीज डोंट माइंड। लेकिन मुझे लगता है आपकी हालत अभी ठीक नहीं है। आप ना प्लीज बैठ जाइए। प्लीज मुझे नहीं बैठना। अविनाश ने एकदम से कहा। माया अविनाश को आगे कुछ बोलने ही वाली थी कि अविनाश ने दोबारा कहा मुझे यहां नहीं बैठना। माया ने पूछा तो फिर कहां बैठना है आपको? अविनाश ने नशे की हालत में एक हाथ में अपनी कॉफी उठाई और एक हाथ से माया का

27:03 हाथ पकड़ लिया और उसे अपने साथ ले जाने लगा। माया ने पूछा कि आप मुझे कहां ले जा रहे हैं अविनाश? लेकिन अविनाश माया को बिना कोई जवाब दिए बस उसे अपने साथ ले गया और उसी सनसेट पॉइंट ओवरपास ब्रिज के पास जाकर खड़ा हो गया। जहां अक्सर अविनाश और नव्या आकर बैठते थे। माया को यह सनसेट पॉइंट अच्छे से याद था। इसलिए उसके चेहरे पर ज्यादा कोई हैरानी नहीं दिख रही थी। उस जगह पर खड़े अविनाश के चेहरे पर एक अलग ही शांति दिख रही थी। वो आसमान की तरफ चमकते सितारों को देख रहा था। माया भी अविनाश के इमोशंस को अच्छे से समझ रही थी। शायद इसलिए उसने अविनाश को रोका भी नहीं। अविनाश ने तारों को देखते हुए कहा तुम्हें पता है माया जब मुझसे नक्श पूछता था ना कि पापा मम्मा कहां है? तो मैं हमेशा उसे यही कहता था कि वो है मम्मा। वो जो सबसे चमकता हुआ तारा है ना वो अविनाश ने आसमान की तरफ एक तारे को दिखाते हुए कहा अविनाश के दुख

27:49 से माया दुखी तो थी लेकिन फिर उसके मुंह से यह सब सुनकर माया को अंदर से बहुत अच्छा भी लग रहा था कि इतने साल बाद भी वो नव्या को उतना ही प्यार उतना ही मिस करता है आज भी अविनाश के लिए लड़कियों की लाइन लग सकती है वो अगर चाहे तो किसी के साथ भी सेटल हो सकता है लेकिन उसने ऐसा नहीं किया यहां तक कि मैं भी घंटों उसके साथ रहती हूं भले ही काम के सिलसिले में पर आज तक मुझे यह कभी महसूस नहीं हुआ कि अविनाश मुझे किसी तरह की हिंट ड्रॉप कर रहा है कभी भी नहीं। माया ये सोच रही थी कि तभी अविनाश ने कहा तुम्हें पता है माया कभी-कभी मैं सोचता हूं कि बस बहुत हो गई है नव्या की कहानी। बहुत सैक्रिफाइस किया मेरे बच्चों ने। बहुत अब शादी कर लूं ताकि मेरे बच्चों को मां का प्यार मिल जाए। ऐसा नहीं है कि मैंने कोशिश नहीं की। सच बताऊं माया? मैं ना अच्छा आदमी नहीं हूं। यह बात सुनकर माया थोड़ा चौंक गई। ये आप क्या कह

28:35 रही है अविनाश? हां माया। हां मैं एक अच्छा आदमी नहीं हूं। बहुत बुरा आदमी हूं। बहुत बुरा धोखा दिया है मैंने नव्या को। तुम्हें पता है? मैंने डेटिंग साइट्स पर अपनी प्रोफाइल बनाई है ताकि लड़कियों से बात कर सकूं, डेट पर जा सकूं, शादी कर सकूं। जबकि मैंने हमेशा नव्या से यह प्रॉमिस किया था कि मैं उसके अलावा और किसी लड़की से कोई रिश्ता नहीं रखूंगा। अविनाश यह बात जिस तरह से बोल रहा था, माया अच्छी तरह समझ रही थी कि वो डेट पर अपने लिए नहीं बल्कि अपने परिवार के लिए गया था। अपनी पत्नी ढूंढने नहीं बल्कि अपने बच्चों के लिए मां ढूंढने गया था। अविनाश जिस हालत में था और जो उसका मेंटल स्टेट था उसे देखकर माया का दिल पसीज रहा था। अंदर ही अंदर उसका मन रोए जा रहा था। नव्या ने अविनाश को आराम से समझाते हुए कहा अविनाश आप बिल्कुल भी बुरे इंसान नहीं है और यह मैं अच्छे से जानती हूं। मैं

29:21 जानती हूं कि यह सब आपने अपने लिए नहीं किया। इसलिए प्लीज अपने आप को कोसना बंद कीजिए। संभालिए अपने आप को प्लीज। माया के समझाने पर अविनाश भी एक पल को बिल्कुल चुप हो गया। और फिर अचानक एकदम टूट कर बोला। मुझसे नहीं रहा जा रहा है माया। मुझसे नहीं हो रहा है। मैं नव्या को भुलाकर दूसरी शादी नहीं कर सकता। मैं समझता हूं कि बच्चों को एक मां की जरूरत है। पर मुझसे नहीं हो रहा माया। अविनाश की बातें सुनकर साफ पता चल रहा था कि वो अंदर से टूट चुका है। अविनाश की इस हालत पर माया की आंखों में भी आंसू आ गए थे। अविनाश का दुख अब माया पर भी भारी पड़ रहा था। उसने मन ही मन सोचा। आज अगर अविनाश की ये हालत है तो उसकी वजह सिर्फ मैं हूं। यह मेरी यादें ही है जिनसे भागने के लिए अविनाश ने खुद को शराब में डूबा लिया है। बच्चों को एक प्रॉपर लाइफ ना देने का जो गिल्ट अविनाश अपने मन में लेकर चल रहा है उस सबकी वजह मैं हूं। सिर्फ मैं मैं मेरे

30:09 अविनाश को ऐसे बर्बाद होते हुए नहीं देख सकती। लेकिन अगर मेरी वजह से ये सब है तो फिर मैं अविनाश से अपनी पहचान क्यों छुपाऊं? माया इन बातों के बारे में सोचने लगी। वो एक तक अविनाश को ऐसे देख रही थी जैसे उसे कुछ बताने वाली हो। अविनाश की तकलीफ देखकर फाइनली माया ने डिसाइड कर लिया। मैंने सोच लिया है कि मैं अब अविनाश से कुछ नहीं छिपाऊंगी। मैं उसे इसी वक्त यह बता दूंगी कि मैं कोई माया नहीं बल्कि उसकी नव्या हूं जिससे वो आज भी उतना ही प्यार करता है। यह बातें दिमाग में आने के बाद फाइनली माया ने अविनाश से कहा अविनाश अविनाश ने दुखी आंखों से माया की तरफ देखा। माया ने कहा मुझे तुम्हें कुछ इंपॉर्टेंट बताना है। अविनाश माया की तरफ पूरे ध्यान से देखने लगा। उधर अविनाश के जाने के बाद आरव ने नक्श को सुला तो दिया था लेकिन कुछ देर बाद वो फिर से उठ गया था। जब आरव कमरे से बाहर निकला था। उधर कनिका इतनी रात को शायद कहीं निकलने के

30:55 लिए रेडी हो रही थी। उसने फुल ब्लैक ड्रेस पहन रखी थी और फटाफट अपना मेकअप कर रही थी ताकि जल्दी से निकल सके। उसने अपने मेकअप किट में कुछ ढूंढते हुए अपने आप से ही कहा अरे यार मेरी वो चेरी रेड वाली लिपस्टिक कहां गई? इस ड्रेस के साथ तो वही लिपस्टिक सबसे ज्यादा अच्छी लगेगी। कनिका अपनी वही वाली लिपस्टिक इधर-उधर ढूंढ रही थी। ढूंढते-ढूंढते वो आरव और नक्श के कमरे में गई। एक बार देख ही लेती हूं। शायद कभी इस काम वाली बाई ने इधर-उधर कर दिया हो। यह सोचते हुए कनिका उनके कमरे में जब पहुंची तो पहुंचते ही उसकी आंखें बड़ी हो गई। कनिका ने देखा कि नक्ष अपनी ड्राइंग बुक में स्केच पेन की बजाय कनिका की उसी लिपस्टिक से रंग भर रहा था। यह देखकर कनिका का दिमाग खराब हो गया। वो गुस्से में दांत पीसते हुए नक्ष के पास गई और ऊंची आवाज में बोली ये क्या कर रहे हो नक्श? नक्श ने बड़े ही प्यार से जवाब दिया। आंटी स्कूल का होमवर्क कर रहा हूं। कनिका ने लिपस्टिक की तरफ इशारा करते हुए

31:40 कहा, "इससे? इससे होमवर्क कर रहे हो तुम। नक्श ने उतने ही प्यार से जवाब दिया। आंटी मुझे मेरा रेड स्केच पेन नहीं मिल रहा था। फिर मैंने आपके रूम में यह देखा तो मैं ले आया। गुस्से से कनिका का मुंह लाल हो गया था। नक्श ने किताब दिखाते हुए कहा देखा मैंने ये अच्छे से किया है ना। कनिका ने ड्राइंग देखी। फिर अपनी लिपस्टिक देखी और गुस्से में आकर नक्श को एक चांटा मारा। बेवकूफ हो क्या तुम? दिमाग नहीं है बिल्कुल भी। इतने बड़े होते जा रहे हो। स्केच पहनने में और लिपस्टिक में डिफरेंस नहीं पता तुम्हें। नक्श मार खाने पर रोए जा रहा था। लेकिन कनिका को इस बात की कोई फिक्र नहीं थी। और ना ही उस वक्त आरव उधर कमरे में था कि वो उसे कनिका के कहर से बचाता। कनिका ने लिपस्टिक उठाई और नक्श की तरफ दिखाते हुए कहा ये देखना जरा देखो देखो तुमने इसकी क्या हालत की है। मेरी इतनी महंगी लिपस्टिक बर्बाद कर दी। तुम्हारा बाप लाकर देगा क्या इसे? हां

32:27 कनिका ने इतना कहा ही था कि तभी पीछे से शिखा की आवाज आई। शिखा ने पास आकर देखा तो नक्श के गोरे मुलायम गाल पर कनिका की उंगलियों के निशान छिप गए थे। उसने ये देखकर कनिका को समझाया। कनिका मुझे पता है बेटा तुम्हें अपने गुस्से पर कंट्रोल नहीं है लेकिन कंट्रोल रखना सीखो क्योंकि यह वक्त सही नहीं है ये सब करने के लिए मान लो अविनाश आज ही अगर वापस अपने बच्चों से मिलने आ गया तो अगर उसने देख लिया ना नक्ष की गाल पर ये निशान तो इस बात को यहीं छोड़ेगा नहीं कि तुम भी अच्छी तरह से जानती हो ये बात सुनकर कनिका थोड़ी सतर्क हो गई शिखा ने कहा तुम जानती हो अविनाश अभी-अभी ऑलरेडी धमकी देकर जा चुका है कि वो हमसे बच्चों को छीन लेगा ये बच्चे अगर चले गए ना कनिका तो पैसा हमारे हाथ से निकल जाएगा पैसा जाने के डर से कनिका के चेहरे पर शिकन दिखने लगी थी। उसे एकदम से एहसास हुआ कि शिख बिल्कुल ठीक कह रही है। यह एहसास होते ही पहले तो वो मुस्कुराई और

33:12 बड़े ही प्यार से नक्ष के पास बैठी और अपने दोनों हाथों से अपने दोनों कान पकड़ कर बोली नक्श बेटा आंटी से बहुत बड़ी गलती हो गई। प्लीज आंटी को माफ कर दो। प्लीज बेटा आपको ना मैं अच्छी सी जगह पर टेस्टी सा पिज़्ज़ा खिलाने ले चलूंगी। गेम्स भी खिलाऊंगी। सब कुछ कराऊंगी पक्का। बस आप पापा को यह सब मत बताना। कनिका ने पूरी कोशिश की कि वो नक्श को अपनी बातों से पटा ले। लेकिन ऐसा कुछ हुआ नहीं। नक्ष ने रोते हुए अविनाश को कॉल लगा दिया। उधर माया ने अविनाश को अपनी सच्चाई बताने का फैसला कर लिया था। अविनाश ने पूछा क्या हुआ माया तुम्हें क्या बताना है? माया ने कहा अविनाश बात ये है कि मैंने आपसे एक माया अपनी बात कह ही रही थी कि तभी अविनाश का फोन बचा। माया बोलते बोलते रुक गई। अविनाश ने फोन देखा तो वो नक्श का ही कॉल था। बीच में फोन के आने से माया ने अविनाश को जो सच बताने की हिम्मत जुटाई थी वो कहीं ना कहीं कम पड़ गई। वो रुकावट थी जिसने माया

33:58 को सब सच कहने से रोक दिया था। अविनाश ने तुरंत कॉल उठा लिया। हेलो नक्श ने रोते हुए कहा पापा कनिका ये सोचने लगी अगर नक्श ने अविनाश को सब सच बता दिया तो बवाल हो जाएगा आखिर अब क्या करेगा अविनाश कनिका के साथ क्या माया सच बताने की हिम्मत दोबारा जुटा पाएगी क्या पुलिस के सामने कनिका का सच बाहर आएगा इन सारे सवालों के जवाब जानने के लिए सुनते रहिए द रिटर्न ओनली ऑन पॉकेट एफएम नक्श ने आखिर रोते हुए अविनाश को कॉल लगा ही दिया जैसे ही नक्श ने कॉल लगाकर हेलो बोला शिख ने एकदम से नक्श का मुंह बंद किया और उससे फोन छीनकर कनिका को दे दिया और फिर नक्ष को लेकर दूर चली गई। इधर अविनाश कॉल पर हेलो हेलो कर रहा था। बेटा नक्ष हेलो बोलो बेटा पापा सुन रहे हैं। तभी कनिका ने कहा हेलो हां अविनाश बोलो क्या काम है? नक्ष का कॉल आया था। वो कहां

34:43 है? वो उसे तो मां अपने साथ खाना खिलाने ले गई है। एक्चुअली उसने गलती से तुम्हारा नंबर लगा दिया था। कहीं का वो ठीक तो है ना? एक बार मेरी बात कराओ उससे। अविनाश मैंने कहा ना कि वो खाना खा रहा है। अब फिर तुम उससे बात करने लगोगे तो उसका ध्यान भटक जाएगा। खाएगा भी नहीं। अभी फ़ रख दो मैं। बाद में उसकी बात करवा दूंगी तुमसे। कनिका की यह बात सुनते ही अविनाश ने गुस्से में फोन रखा और अपना फ्रस्ट्रेशन निकालते हुए माया को बोला देख रही हो क्या हो रहा है मुझे मेरे ही बेटे से बात करने के लिए अब दूसरों से अपॉइंटमेंट लेना पड़ रहा है माया ने ये सुनते ही एकदम से कहा जो हो रहा है बिल्कुल सही हो रहा है अविनाश यह बात सुनकर अविनाश ने माया की आंखों में चौंक कर देखा माया ने भी अपनी नजरें नीचे नहीं की वो भी उसे देखती रही अविनाश ने कहा हाउ डर यू माया मेरे बच्चे वहां अकेले उस कनिका के साथ है मैं उनके लिए यहां तकलीफ में हूं और तुम कह रही हो कि जो हो रहा है

35:29 सही हो रहा शराब मैंने पी है लेकिन लगता है होश तुम खो बैठी हो। माया ने आराम से जवाब दिया। अविनाश आपको पता है बच्चे संभालना क्लाइंट संभालने जितना आसान नहीं है क्योंकि क्लाइंट को सिर्फ उतना ही अटेंशन देना होता है जब तक कि उनका प्रोजेक्ट ना खत्म हो जाए। लेकिन बच्चे ना अविनाश अपने खुद के पर्सनल प्रोजेक्ट्स होते हैं। इनके साथ थोड़ी सी भी लापरवाही की तो हाथ से निकल जाते हैं और आपने लापरवाही की है। अविनाश अविनाश ने एकदम से चौंक कर कहा मैंने मैंने लापरवाही की है माया। हां अविनाश आपने लापरवाही की है। मैं जानती हूं आप नव्या से बहुत प्यार करते हैं और आप अपने बच्चों से भी बहुत प्यार करते हैं। लेकिन शायद आप इन दोनों प्यार को बैलेंस नहीं कर पाए अविनाश और कनिका ने इसी बात का फायदा उठाया है। अविनाश चुपचाप बस गौर से उसकी बातें सुन रहा था। माया ने कहा अविनाश आपके बच्चे आज आपसे दूर इसलिए है क्योंकि आप खुद अपने आप

36:15 से दूर चले गए हैं और इसकी सारी वजह यह शराब है। आपको इसका सहारा नहीं लेना चाहिए था। आप जानते थे कि यह आपके बच्चे हैं। आपको सोचना चाहिए था कि अगर आप खुद का ख्याल नहीं रख पाएंगे तो वो कैसे रख पाएंगे? और जब हम खुद अपनी जिंदगी का कंट्रोल छोड़ देते हैं ना तो कोई ना कोई और पकड़ लेता है। बस यही आपके साथ हुआ है। अविनाश जिस संजीदगी से माया की बात सुन रहा था। इससे पता लग रहा था कि वो माया की बात पर गौर तो कर रहा है। अविनाश ने परेशान होकर पूछा तो मैं क्या करूं माया? क्या करूं? हम नव्या को तो मैं वापस नहीं ला सकता। अपने बच्चों को कैसे वापस लाऊं मैं? माया ने अविनाश की तरफ देखकर कहा इसके लिए आपको भूलना होगा अविनाश किसे शराब को माया ने आगे कहा अविनाश अगर आपको बच्चे वापस चाहिए तो पहले आपको यह सारी आदतें छोड़नी होंगी जिसकी वजह से आपके साथ यह सब हुआ है आपको फिट होना होगा अविनाश

37:00 अवैर रहना होगा ताकि आपका कोई फायदा ना उठा सके सारे लूप होल्स जिसका फायदा लोगों ने उठाया है वो सब खत्म करने होंगे अविनाश छोटी से छोटी कमजोरी जो आपके लिए बड़ी हार साबित हो सकती है उन पर काबू पाना होगा आपको उस अविनाश को वापस लाना होगा जिसके बारे में मैंने सुना था आपको शराब अब छोड़नी होगी अविनाश। अविनाश गौर से माया की बातें सुन रहा था। उस पर गौर कर रहा था। सुन तो वो रहा था पर ये बातें वो अपनी जिंदगी में कितनी उतार पाएगा? ये देखने वाली बात थी। वो दोनों कुछ देर तक वहीं बैठे बातें करते रहे। फिर अपने-अपने घर चले गए। अगले दिन सुबह के पांच या 6:00 बज रहे होंगे। अविनाश गहरी नींद में सो रहा था। अविनाश क्या बाकी सभी गहरी नींद में थे कि तभी घर की बैल बजी। जैसे तैसे मरियम आंखें मलते हुए उठी। इतनी सुबह-सुबह कौन आ गया? दूध वाला भी 7:00 बजे तक आता है। यह बड़बड़ाते हुए मरियम ने दरवाजा खोला तो देखा सामने एक खट्टाखट्टा सा आदमी खड़ा

37:46 था। मरियम ने पूछा आप कौन? मैं समर समर जुनेजा माया जी ने मुझे यहां भेजा है। अविनाश जी के लिए एस अ फिटनेस कोच। क्या? लेकिन अविनाश ने तो मुझे आपके बारे में कुछ नहीं बताया। आप उन्हें प्लीज जाकर बताइए कि मुझे माया जी ने भेजा है। मरियम ने सीधा जाकर अविनाश को यह बात बता दी। ये बात सुनते ही अविनाश ने सोचा। मैं जो माया के बारे में सोचता हूं वो बिल्कुल गलत नहीं सोचता। माया को कैजुअल लेना इंपॉसिबल है क्योंकि वो मुझे बिल्कुल कैजुअल नहीं लेती। अविनाश सुबह-सुबह अपने बेड से उठा और समर के पास गया। मरियम खड़ी-खड़ी यह सोच रही थी। आज सालों बाद यह देखने को मिला है कि अविनाश इतनी सुबह उठकर अपने कमरे से बाहर निकला हो। वो भी माया के कहने पर। कुछ बात होगी इस माया में। जिसने अविनाश की रूटीन ही हिला दी। समर ने अविनाश से कहा अविनाश मेरा काम तभी

38:32 इफेक्टिव होगा जब आप अपना काम इफेक्टिवली करेंगे। तो कल से देर तक सोना बंद। कल से हर सुबह 6:00 बजे आई विल बी एट योर प्लेस। फॉर योर एक्सरसाइज सेशन। हफ्ते में एक दिन चीट डे भी होगा लेकिन समर ने मुस्कुराते हुए कहा, लेकिन नए काम की शुरुआत हम चीटिंग से नहीं करेंगे। उसके बारे में बाद में बात करेंगे। वैसे तो अविनाश शायद ही कभी एक बार भी किसी की बात मानता हो। लेकिन उस दिन अविनाश ने एक बार भी समर को ना नहीं कहा। शायद इसलिए क्योंकि उसके दिमाग में माया के लिए एक अलग जगह थी और उसे पता था कि माया ने जो किया है सही किया है। समर ने अविनाश को एक्सरसाइज कराना स्टार्ट कर दिया। हालांकि अविनाश की बॉडी वैसे तो फिट थी लेकिन शराब पीने से उसका स्टैमिना काफी कम हो गया था। अविनाश दो चार चीजें करता और थक कर खड़ा हो जाता। फिर करता फिर रुक जाता। इस जद्दोजहद में अविनाश एक आध बार माया को कोस भी रहा था कि उसने यह क्या शुरू करवा दिया उससे। पर क्योंकि इसमें फायदा उसी का था इसलिए

39:18 अविनाश रुका नहीं। जो जो समर ने कहा उसने सब किया। करीब दो घंटे की ट्रेनिंग के बाद समर ने कहा अविनाश आई थिंक आज के लिए इतना काफी है। अब कल करते हैं। और हां एक चीज और मैं आपको डाइट चार्ट भी मैसेज कर दूंगा। प्लीज आप उसे ही फॉलो कीजिए। और हां शराब से बिल्कुल दूर वरना इतनी मेहनत सब बेकार जाएगी। अविनाश ने कुछ कहा नहीं। बस सिर हिलाकर उसको रिसोंड कर दिया। समर वहां से चला गया। इतने दिनों बाद एक्सरसाइज करने की वजह से अविनाश का पूरा बदन टूट रहा था। अरे यार ये क्या हो रहा है। अब पूरे दिन बदन टूटता रहेगा। समझ नहीं आ रहा है कि आज पूरा दिन कैसे गुजरेगा। पता चला हर किसी को मेरी हड्डियां भड़कने की आवाज आ रही है। उधर माया भी मन ही मन ये सोच रही थी। पता नहीं अभिनाश ने समर को एंटरटेन भी किया होगा या नहीं। क्योंकि वो अपनी मर्जी से काम करता है। अगर उसका मन नहीं हुआ तो कहीं वो समर को अपने घर से भगा ना दे। यही सोचकर माया

40:04 अंदर ही अंदर मुस्कुराई। माया को ऐसे अकेले में मुस्कुराते हुए देख मंजीत की मां ने देख लिया। माया को मुस्कुराता हुआ देख वो भी मुस्कुराने लगी और आकर उसके पास ही बैठ गई। माया बेटा क्या बात है? ऐसे मुस्कुरा रही हो मुझे भी बताओ ना। मंजीत की मां के सवाल से माया थोड़ी सी हिचकिचा गई। अब वो बोलती भी तो क्या बोलती? लेकिन फिर भी उसने कुछ बोलने की कोशिश की। पर तभी मंजीत की मां ने कहा रहने दे रहने दे माया। मुझे अच्छी तरह से पता है कि तुम मंजीत की ये बात को लेकर हंस रही होगी। मुझे पता है ना मेरे बेटे के बारे में। उसकी हरकतें ही ऐसी हैं। तभी तो देखना एक भी लड़की उसकी गर्लफ्रेंड नहीं है। अरे कहां से रहेगी? आखिर ऐसे लड़के के साथ कौन सी लड़की टिकेगी जो हर वक्त उल्टी-पुल्टी हरकतें करता रहे। माया ने मुस्कुरा कर कहा, "अरे नहीं आंटी, ऐसा कुछ नहीं है। मंजीत अच्छा लड़का है। पता था पता था कि तू उसके बारे में अच्छा ही सोचती है। तभी

40:49 तो उसकी इतनी अच्छी दोस्त बन गई है। मंजीत की मां ने एक पल रुक कर कहा, मैं तो बस यही चाहती हूं बेटा कि अब जल्दी से जल्दी मंजीत की शादी कर दूं। आखिर 35 का हो गया है। मेरा भी भार खत्म हो। यह बोल-बोल कर मंजीत की मां माया की ही तरफ देख रही थी कि तभी माया ने हिचकिचाते हुए कहा क्या हुआ आंटी आप ऐसे क्या देख रही हैं? नहीं नहीं बस यही देख रही हूं बेटा कि तुम जिस घर में जाओगी वो घर कभी दुखी हो ही नहीं सकता बेटा। काश मंजीत तेरे जैसी ही कोई लड़की पसंद कर ले। मुझे तो बिल्कुल तेरे जैसी बहू चाहिए। मंजीत की मां की बात सुनकर माया बिल्कुल ऑकवर्ड हो गई। उसे ऐसा लग रहा था कि मंजीत की मां कहीं ना कहीं ये सारी बातें उसके लिए ही कह रही थी। माया ने मन ही मन सोचा। ओह गॉड नो जो मैं सोच रही हूं अगर आंटी के दिमाग में भी वही बात चल रही है तो सब गड़बड़ हो जाएगा। मेरे पास अभी इस लव ट्रायंगल के ट्रैक में फंसने का टाइम नहीं है। लेकिन अगर अगर कभी

41:35 आंटी मंजीत के लिए मेरे सामने ऐसी कोई बात रखती तो ओह गॉड मंजीत और आंटी ने मेरे लिए जितना किया है। कैसे मैं उन्हें किसी भी चीज के लिए मना कर पाऊंगी। कितने एहसान है इन लोगों के मुझ पर? अगर ये नहीं होते तो मुझे जिंदा कौन रखता? लेकिन मैं आंटी को कैसे समझाऊंगी कि मैं अविनाश के होते हुए किसी और की नहीं हो सकती। आंटी का तो मैं अब कुछ भी नहीं कर सकती। बस अब मैं यही उम्मीद कर सकती हूं कि मंजीत के दिमाग में ऐसा कोई कीड़ा नहीं आना चाहिए भगवान। वो जैसे अब तक मुझे एक अच्छा दोस्त मानता आया है। आगे भी मुझे एक अच्छा दोस्त ही मानता रहे। प्लीज इधर अविनाश जहां उठने के तीन-चार घंटे के अंदर ही एक आध पैग मार लेता था। वहीं आज उसे ऐसा किए पांच छ घंटे से ज्यादा हो चुकी थी। लेकिन उसने शराब को हाथ नहीं लगाया था। पर अविनाश की बेचैनी लगातार बढ़ती ही जा रही थी। उसके माथे के ठंडे पसीने साफ यह बता रहे थे कि उसे शराब की तलप मची थी। और आखिरकार कुछ देर बाद

42:21 फाइनली अविनाश ने काफी बर्दाश्त करने के बाद अपनी लकर निकाल ही ली। अविनाश ने लिककर का ढक्कन खोला और एक गहरी सांस के साथ उसे अपने होठों के करीब ले आया। लेकिन अचानक उसे ना जाने क्या हुआ। वो एकदम से रुका। लिकर वेसल की तरफ देखा और सीधा वाशरूम में जाकर पूरी वेसल उल्टी करके उसे बेसन में बहा दिया। सारी लेकर बह रही थी और अविनाश उसे बहता हुआ देख रहा था। अविनाश ने लेकर का एक-एक बूंद तक बेसिन में बहा दिया। और जब सब खत्म हो गया तो खुद को आईने में देखकर बोला अगर माया मेरे बच्चों के बारे में इतना सोच सकती है तो फिर मैं तो उनका बाप हूं। उन्हें वापस लाने के लिए मुझे जो करना पड़ेगा वो मैं जरूर करूंगा। फिर चाहे वो कुछ भी हो। अविनाश की आंखों में एक अटूट फैसला दिख रहा था। क्या अविनाश अपनी इस कमजोरी पर आगे भी काबू कर पाएगा? क्या माया के लिए अविनाश का अफेक्शन ऐसे ही बढ़ता रहेगा? क्या कनिका इतनी आसानी से सब कुछ अपने

43:07 हाथों से जाने देगी? इन सभी सवालों के जवाब जानने के लिए सुनते रहिए द रिटर्न ओनली ऑन पॉकेट एफएम। अविनाश ने सोच लिया था कि वो खुद को अब पूरी तरह से बदल लेगा। अगले दिन अविनाश पहले की तरह 5:00 बजे ही उठ गया। अपनी एक्सरसाइज और मेडिटेशन करके उसने टाइम से अपना ब्रेकफास्ट भी कर लिया। मरियम भी उसका यह नया रूप देखकर दंग रह गई थी। इतने टाइम से वो और शरीन मिलकर अविनाश को समझाने की कोशिश कर रहे थे। लेकिन उसने तो जैसे सिर्फ शराब को ही अपना सहारा बना लिया था। लेकिन अब उसे देखकर कोई भी कह सकता था कि अविनाश अब पूरी तरह से बदल चुका था। पहले की तरह आज अविनाश की गाड़ी ठीक 9:00 बजे ऑफिस के सामने रुकी। वो हमेशा ऑफिस इसी वक्त पहुंचता था। लेकिन नव्या के जाने के बाद वो ऑफिस का वक्त भी भूल गया था। जब मन करता था आता था कभी लंच पर आता था तो कभी आता ही नहीं था। इसलिए किसी ने उम्मीद नहीं की थी कि आज अविनाश इतनी जल्दी ऑफिस में होगा। जैसे ही अविनाश

43:53 को गाड़ी से उतरता देखा गार्ड्स की आंखें फटी फटी रह गई। वो उनके बगल से गुजर कर ऑफिस के अंदर चला गया। लेकिन गार्ड्स की पलकियां अभी भी झपक नहीं रही थी। अबे तूने देखा ये अविनाश सही थे ना। एक गार्ड ने दूसरे से कहा हां बे लग तो वही रहे हैं। लेकिन ये इतनी सुबह यहां क्या कर रहे हैं? तू पागल है क्या? यह उनका ही ऑफिस है। वो नहीं आएंगे तो कौन आएगा? अरे लेकिन यह कब से टाइम पर ऑफिस आने लग गए? गार्ड्स की कन्फ्यूजन तो अब बढ़ती ही जा रही थी। जब से अविनाश की कंपनी ने स्टार एंटरटेनमेंट को एक्सपेंड किया था तब से आूजा प्रोडशंस को वो डायरेक्टली खुद ही संभालता था। इसलिए महीने में 15 दिन वो अपने हेड ऑफिस में रहता था और बाकी के 15 दिन यहां आूजा प्रोडक्शनंस में। जैसे ही वो लिफ्ट से बाहर निकला शशांक भी दंग रह गया। वो तेजी से अविनाश के पास आया। सर आप उसकी आंखों में चमक भी थी और होठों पर स्माइल भी। बस दोनों ही वो खुलकर नहीं दिखा पा रहा था।

44:39 आज अविनाश के चेहरे पर जो फ्रेशनेस उसे दिख रही थी वो सालों पहले कहीं खो गई थी। अब अगर मुझे अच्छे से ताड़ लिया हो तो अपना मुंह बंद करो और काम पर ध्यान दो। अविनाश ने शशांक के साथ कैबिन की तरफ चलते हुए कहा। शशांक ने तुरंत अपने एक्सप्रेशनंस सुधारे। सॉरी सर। मुझे कंपनी के सारे अपडेट्स चाहिए। आधा घंटा है तुम्हारे पास। ईच एंड एव्री फाइल ऑन माय टेबल। अविनाश ने पूरे रब में कहा और तेजी से अपने कैबिन के अंदर चला गया। शशांक के पास ज्यादा कुछ सोचने का वक्त नहीं था। इसलिए वो भी झट से अपने काम में बिजी हो गया। लेकिन जो इंपॉइस वहां डेस्क पर काम करने बैठे थे। उनके होश ही उड़ गए। कनिका तो आज ऑफिस आई नहीं थी। लेकिन दिया और पिया उसे ऑफिस की हर खबर देती रहती थी। व्हाट द ये सर को क्या हो गया है? दिया के मुंह से निकला जिसकी आंखें अभी भी अविनाश के कैबिन पर टिकी हुई थी। सर कितने हॉट लग रहे हैं यार। पिया तो जैसे अविनाश के नए लुक को देखकर पागल ही हो गई। फॉर्मल अटायर

45:26 जेल से सेट किए बार स्टाइल बियर्ड कट। इन सब चीजों ने तो जैसे अविनाश की हैंडसम पर्सनालिटी को चार गुना बढ़ा दिया था। अगर लड़के देखने के अलावा भी कोई काम आता है तो वो भी कर लो क्योंकि सैलरी तो काम करने की मिलती है तुम लोगों को। प्रिया ने कहा जो दिया प्रिया के ठीक पीछे खड़ी थी। प्रिया इसी ऑफिस के पीआर डिपार्टमेंट में काम करती थी। उसे 6 महीने हो गए थे ये ऑफिस ज्वाइन किए। हम लोग तुम्हारे डिपार्टमेंट में काम नहीं करते हैं प्रिया। इसलिए तुम हमें मत बताओ कि क्या करना है और क्यों नहीं। दिया ने प्रिया को ताना मारा और पिया के साथ वहां से चली गई। हेयर्स अविनाश सर को देखने के लिए भी स्टेटस की जरूरत है और वो सिर्फ प्रिया के पास है। सर तो पहले भी बहुत हैंडसम लगते थे लेकिन आज उफ बस एक बार एक बार सर के साथ गेट पर जाने का मौका मिल जाए फिर फिर तो मैं उन्हें अपनी अदाओं में फंसा ही लूंगी। प्रिया मन ही मन अविनाश के लिए सोच रही थी। उसका इस ऑफिस में आने का मकसद ही

46:11 अविनाश को पाना था। वो उसकी पर्सनालिटी की इतनी बड़ी फैन थी कि एम्प्लई बनकर यही काम करने लग गई। लेकिन इस लाइन में वो अकेली नहीं थी। प्रिया अपने ख्यालों में गुम थी कि तभी उसके कंधों पर किसी ने हाथ रखा। क्यों? डे ड्रीमिंग हो गई पूरी। तुझे क्या लगता है सर तेरे साथ डेट पर जाएंगे? ईशा ने इतते हुए कहा, "अरे सर ने तो आज तक तुझे पलट कर भी नहीं देखा।" सिमरन ने कहा, ईशा और सिमरन भी प्रिया की तरह पीआर डिपार्टमेंट के लिए ही काम करते थे। प्रिया ने चिढ़ते हुए कहा, नहीं देखा तो देख लेंगे। ईशा को तो हंसी आ गई। अगर सर ऑफिस में सबसे पहले किसी को देखेंगे तो वो मैं हूं। ईशा ने बड़े कॉन्फिडेंस के साथ कहा। प्रिया की तरह वो भी अविनाश के साथ एक मुलाकात के लिए तरस रही थी। लेकिन सिमरन उन दोनों से भी आगे का सोच रही थी। उसे तो अविनाश के दिल में जगह बनाकर उससे शादी करनी थी। इन तीनों के मन में अविनाश

46:58 बसा था। जिसके चक्कर में वो डेली टाइम से ऑफिस आती थी। उन तीनों को गसिप करता देख तुषार अपने डेस्क पर हंस रहा था। सच में नमूनों की कमी नहीं है इस दुनिया में। इतने सारे तो इसी ऑफिस में इकट्ठा है। कहकर उसने अपना सर पीट लिया और अपने काम में लग गया। दिया पिया का मैसेज मिलते ही कनिका बड़ी जल्दी ऑफिस पहुंच गई। उसे यकीन नहीं हो रहा था कि अविनाश एक ही दिन में इतना कैसे बदल गया। कनिका ने आकर जब खुद अपनी आंखों से अविनाश को देखा तो उसके तन बदन में आग सी लग गई। हाउ इज दैट इवन पॉसिबल? कि अविनाश को क्या हो गया है? परसों रात तक तो कनिका को कुछ समझ नहीं आ रहा था। जिस इंसान को उसने परसों रात में तमाशा करते हुए देखा था। वो अब बॉस बना कैबिन में बैठा था। पता नहीं कौन इस अविनाश का दिमाग खराब कर रहा है। जरूर वो माया होगी। कनिका का गुस्सा बढ़ गया था। उसका मन कर रहा था कि वो माया का गला दबा दे। वो यह सोच रही थी कि तभी पिया ने कहा कन्नू शिख आंटी आई है तुमसे मिलने। कनिका

47:44 अविनाश के कैबिन को घूरते हुए वेटिंग एरिया की तरफ चली गई। वहां शिख उसका इंतजार कर रही थी। कनिका को आती देखकर शिख ने कहा, अरे बच्चे तू अपना हैंडबैग घर पर भूल आई थी। मुझे लगा कुछ अर्जेंट होगा इसलिए मैं यहां इससे पहले कि शिख अपनी बात पूरी करती। कनिका ने झट से कहा मां आपको पता है अविनाश आज टाइम पर ऑफिस आया है। यह सुनते ही शिख चुप हो गई। और तो और आज उसने पी भी नहीं है। कनिका ने और भी घबराहट के साथ कहा। अब तो शिख का डर भी बढ़ने लगा था क्योंकि हर किसी को पता था कि पिछले 5 साल में ऐसा एक भी दिन नहीं गुजरा था जब अविनाश ने शराब को हाथ नहीं लगाया था। ये तुम क्या कह रही हो? ये कैसे हो सकता है? शिख ने हैरान होते हुए पूछा। उसे देखकर कोई नहीं कह सकता कि ये वही अविनाश है जो हमारे घर आया था। समथिंग इज वेरी रोंग मॉम। कनिका ने गुस्से में बड़बड़ाते हुए कहा यह तो बड़ी प्रॉब्लम है कनिका। अगर

48:30 अविनाश सुधर गया तो शिख को समझ नहीं आ रहा था कि अब क्या होगा। तो हमारे लिए बहुत मुसीबत हो जाएगी मॉम। उसने अगर खुद पर ध्यान देना शुरू कर दिया तो बहुत अवेयर हो जाएगा। उसे बेवकूफ बनाना इतना आसान नहीं होगा। बिल्कुल नहीं। कनिका ने सोचते हुए कहा, "अविनाश की शराब ही उसकी सबसे बड़ी कमजोरी थी। अब अगर वही कमजोरी नहीं रहेगी तो कनिका की एलट लाइफ स्टाइल भी खतरे में पड़ जाने वाली थी। शिख और कनिका खुलकर इसलिए बातें कर रहे थे क्योंकि इस वक्त वेटिंग एरिया में कोई भी नहीं था। लेकिन उन्हें नहीं पता था कि पिलर के पीछे माया खड़ी थी। वो कुछ देर पहले वाशरूम के लिए इस तरफ आई थी और शिख को देखकर वहीं छिप गई थी। जैसे ही वहां आकर कनिका ने अविनाश की बात शुरू की। माया ने तुरंत अपने फोन का रिकॉर्डर ऑन कर लिया। शिख और कनिका को पता भी नहीं चला कि उनकी सारी बातें माया ने रिकॉर्ड कर ली थी। मॉम चलो कैबिन में बैठ जाओ। कनिका ने कुछ देर बाद कहा और शिख को लेकर सीधे कैबिन में चली गई। उनके जाने के बाद माया ने गुस्से में खुद से कहा अब

49:16 अविनाश अकेला नहीं है कनिका। उसके साथ उसकी नव्या है और ये नव्या अब उसे पूरी तरह से बदल कर ही चैन के साथ लेगी। कैबिन में लौटकर कनिका अपनी डेस्क पर बैठ गई और शिखा सोफे पर बैठकर एक मैगजीन पढ़ने लग गई। कन्नू देयर आर सम डिज़र्स जिनमें से तुम्हें चूज़ करना है कि तुम्हें नेक्स्ट फोटो शूट में किसके साथ काम करना है। देखो कुछ सैंपल्स है यहां पर। किसके ड्रेसेस सुंदर है बताओ? दिया ने बड़े इंटरेस्ट से कहा और कनिका के टेबल पर कुछ सैंपल्स सजा दिए। लेकिन कनिका का दिमाग अविनाश के बारे में सोचने में ही बिजी था। मुझे नहीं करना। जाओ यह काम किसी और से करवाओ। कनिका ने अपना सर पकड़ते हुए कहा। यह सुनकर दिया और पिया एक दूसरे को देखने लग गई। सुनाई नहीं दिया क्या? जाओ मुझे नहीं करना है ये। कनिका ने इस बार उन पर चिल्लाते हुए कहा अरे जब कनिका कह रही है तो क्यों तंग कर रही हो इसे? जाओ। शिख ने भी अपनी मैगजीन साइड में करते हुए कहा। पर आंटी ये आज ही करना है। वरना शूट तक ड्रेस रेडी

50:02 नहीं हो पाएगी। पिया ने डरते हुए कहा तो किसी और से करवाओ। वो क्या नाम है? माया। माया को बुलाओ। उससे कहो कि आकर कनिका की मदद करे। शिख ने इतना कहा और वापस अपनी मैगजीन में बिजी हो गई। लेकिन दिया पिया तो जैसे बर्फ की तरह जमी वहीं खड़ी हुई थी। माया का नाम सुनकर तो जैसे उन्हें साफ सा सूंघ गया था। अरे सुनाई नहीं दिया। ये कैसे असिस्टेंट है कनिका तुम्हारी? अब जाओ और माया को बुला कर लाओ। कनिका इस कंपनी की टॉप मॉडल है। उसे असिस्ट करने का मौका हर किसी को नहीं मिलता। शिख ने इस बार ऑर्डर दिया। दिया और पिया के पास अब कोई ऑप्शन नहीं था। वो लोग हिचकिचाते हुए वहां से निकले और सीधे माया के कैबिन में चले गए। उन्हें अपने सामने देखकर माया का मूड तो वैसे ही खराब हो गया। चलो तुम्हें शिख आंटी ने बुलाया है। कनिका को असिस्ट करना है तुम्हें। उसके लिए डिजाइनर चूज़ करना है। बहुत कमाल दिखाया था ना उस दिन तुमने डिजाइनिंग में। चलो अब देखते हैं तुम्हारा

50:47 टैलेंट। दया ने इतर इतते हुए अपने बाल उड़ाकर माया से कहा। मेरे कैबिन के बाहर यूज़ व्हेनवर यू वांट दिखाई क्या? या फिर असिस्टेंट फॉर ऑल। माया ने उन्हें ताला मारते हुए कहा। माया तुम कुछ ज्यादा ही उड़ रही हो। दिया ने चिल्लाते हुए कहा और तुम दोनों के पर काटने की कुछ ज्यादा ही जरूरत है। मैं तुम लोगों के लिए काम नहीं करती। इसलिए अगली बार मेरे लिए कोई ऑर्डर लाने से पहले दरवाजे के बाहर ही रुक जाना और वहीं से लौट जाना। माया का जवाब सुनकर दिया और पिया का चेहरा गुस्से से लाल हो गया था। ऐसा लग रहा था जैसे बिना आवाज के ही किसी ने उनके गाल पर जोरदार तमाचा मारा हो। अब खड़े-खड़े मेरा मुंह मत देखो। जाओ यहां से। मुझे और भी जरूरी काम है। माया ने साफ शब्दों में कहा और फिर से अपने काम में लग गई। दिया और पिया तंदन दराते हुए कैबिन से बाहर निकल गई। उन्हें अब जल्द से जल्द यह खबर शिख को देनी थी। अब क्या करेगी शिख? क्या माया का मना करना पड़ जाएगा उसे भारी? क्या अविनाश का यह बदला रूप बर्दाश्त कर पाएगी कनिका? सभी सवालों

51:33 के जवाब जानने के लिए सुनते रहिए द रिटर्न ओनली ऑन पॉकेट एफएम। कनिका को असिस्ट करने का प्रपोजल लेकर जब दिया पिया माया के पास गई तो माया ने उनके ही शब्दों में उन्हें जवाब दे दिया। दिया पिया को कनिका के कैबिन में वापस आते देख शिख का पारा चढ़ गया। उन दोनों के चेहरे पर जैसे बत्ती गुल थी और यह देखकर शिख ने कहीं ना कहीं गेस कर लिया था कि माया का जवाब क्या रहा होगा। शिख गुस्से में अपनी जगह से खड़ी हो गई और चिल्लाते हुए बोली वापस क्यों आ गई? माया कहां है? दिया और पिया ने एक दूसरे को देखा और हिचकिचाते हुए कहा, उसने आने से मना कर दिया। सच अ विच कनिका ने गुस्से में मन ही मन माया को 100 गालियां दी। और तो और उसने यह भी कहा कि वो हम लोगों की नौकर नहीं है। पिया ने दिया की बात पर हामी भर दी। उसकी इतनी हिम्मत हाउ शी डर्स। शिख ने गुस्से में दांत पीसते हुए कहा मॉम यार स्टॉप दिस इंग्लिश फर्स्ट।

52:20 तनिका को जहां गुस्सा आ रहा था वहीं दिया पिया को शिखा की इंग्लिश पर हंसी आ रही थी। अरे किल माय इंग्लिश। आई डोंट केयर। लेकिन इस लड़की की इतनी हिम्मत हो गई कि उसने तुम्हें असिस्ट करने से मना कर दिया। कौन? कौन है ये? समझती क्या है अपने आपको? शिख तो अब जैसे रुकने का नाम ही नहीं ले रही थी। जब से कनिका इस कंपनी का फेस बनी थी तब से शिख को लगने लगा कि पूरी दुनिया को उसके और उसके बेटे के आगे पीछे घूमना चाहिए। आज पहली बार किसी ने सामने से उसे औकात दिखाई थी और यह उसे हरगिज़ बर्दाश्त नहीं हो रहा था। वो वो है ही ऐसी। अविनाश चिपच-चिपक के उसे इम्रेस करने में लगी रहती है। मेरे साथ जो उसने किया उसकी वजह से मेरी ब्रांड वैल्यू कम हो गई है। इस ऑफिस में वो मुझे रिप्लेस करना चाहती है। पर मैं ऐसा होने नहीं दूंगी। वो जानती नहीं है कि वो कनिका सिन्हा के सामने कुछ नहीं है। ब्लडी हेल दो मुझे। मैं अपने डिज़ खुद चूस करूंगी। फिर बताऊंगी इस माया को कि उसने किससे पंगा लिया है। कनिका ने

53:07 गुस्से में बड़बड़ाते हुए डिजाइनर्स को देखना शुरू किया। जिस तरह से बेचैन होकर वो दोबारा काम करने लग गई थी। दिया पिया भी डरी सैमी वहीं खड़ी उसे देख रही थी। लेकिन शिख को अभी भी चैन नहीं पड़ रहा था। उसके लिए माया अब नासूर बनती जा रही थी। इतना इनसिक्योर वो तभी फील करती थी जब नव्या उसकी लाइफ में थी। नव्या के जाने के बाद माया पहली लड़की थी जिसके होने की वजह से शिख को कनिका के लिए डर लगने लगा था। यहां माया अपने प्रोजेक्ट पर काम कर रही थी और इसी प्रोजेक्ट में तुषार भी उसकी मदद कर रहा था। माया अपने कैबिन से बाहर निकल कर तुषार की डेस्ट पर गई। हे हाय आई होप यू आर नॉट बिजी कहकर माया ने अपनी बात शुरू की। ओह नॉट एट ऑल बताओ ना। मेरे लिए अगला काम क्या है? तुषार ने पूछा। उसके बाद माया ने उसे वो डिटेल्स दी जिसकी मदद से तुषार प्रोजेक्ट के ग्राफिक्स डिजाइन करने वाला था। काम की बात के बाद तुषार ने पूछा अगर तुम चाहो तो एक छोटा सा ब्रेक ले लें। माया सोच ही रही थी कि तभी तुषार ने फिर से कहा अरे चलो एक-एक कॉफी तो पी ही

53:54 लेते हैं। इस पर माया मना नहीं कर पाई और उसके बाद दोनों कैफिटरिया में चले गए। वैसे मैंने सुना है कि आज तुम्हें कनिका के असिस्टेंट बनने का ऑफर आया था। तुषार ने कॉफी पीते हुए हंसकर माया से पूछा। वो अपना मुंह ऐसे दबा रहा था जैसे उसे अपनी हंसी रोकने में बहुत तकलीफ हो रही थी। माया समझ गई कि यह कॉफी तो बस एक बहाना है। तुषार ने उसकी टांग खींचने के लिए उसे यहां बुलाया है। सीरियसली तुम्हें भी पता है यह सब? कैसे? माया को पहले तो यकीन ही नहीं हुआ क्योंकि उसने दिया पिया से जो कुछ भी कहा था वो बंद कैबिन ने कहा था। तुम्हें लगता है उन दिया पिया के पेट में कोई बात बचती है। वो जब तुम्हारे कैबिन से निकले थे तो बड़बड़ाते हुए तुम्हें ना जाने क्या-क्या कह रहे थे। बस मैंने सब कुछ सुन लिया। खुद उनके ही मुंह से। तुषार ने हंसते हुए माया को सब कुछ बता दिया। माया और तुषार की हंसी रुक ही नहीं रही थी। मुझे नहीं जाना कि वो क्या कह रहे थे। सच में ये दोनों कुछ गजब हैं। मैंने इनके जैसे एम्प्लाइजस किसी ऑफिस में नहीं देखे।

54:41 माया ने कॉफी पीते हुए कहा देखेंगे भी नहीं क्योंकि ये कार्टून यहीं अवेलेबल है। एक्सक्लूसिवली इन आवर ऑफिस ओनली। तुषार ने कहा और फिर खुद ही ठहाके लगाकर हंसने लग गया। तभी पीछे से शिखा की तीखी आवाज आई। हंसो और हंसो। ये आवाज सुनकर तुषार ने तुरंत अपना मुंह बंद कर लिया। माया ने सामने देखा तो वहां शिख खड़ी हुई थी। आंखों से जैसे अंगारे बरस रहे थे। वो ऐसे माया को घूर रही थी जैसे अपनी आंखों से ही उसे जलाकर राख कर देगी। माया समझ गई थी कि शिख यहां जरूर कोई तमाशा करने के लिए आई है। आई थिंक अ चिलिंग टाइम इस ओवर। तुम जाओ तुषार मैं तुमसे बाद में आकर मिलती हूं। माया ने कहा तुषार ने शिख की ओर देखा जो सिर्फ माया को घोरे जा रही थी। साफ था कि वो सिर्फ माया से बात करना चाहती थी। आर यू श्योर तुम इनसे अकेले ही करना चाहती हो? तुषार ने एक बार फिर पूछा। हां तुषार डोंट वरी। माया ने उससे कहा और उसके बाद तुषार वहां से चला गया। तुम्हें क्या लगता

55:27 है? तुम ये सब जो कर रही हो ऑफिस में वो किसी को दिखाई नहीं देता? शिख आगे आते ही उस पर बरस पड़ी। आंटी आप क्या कहना चाहती हैं? प्लीज साफ-साफ बताइए। माया ने अपने आप को रोक कर शिख से बड़ी इज्जत से बात की। उसके अंदर की नव्या तो तड़प रही थी शिख को करारा जवाब देने के लिए। ओ तो अब तुम्हें यह समझाना पड़ेगा। ये जो हर वक्त तुम किसी ना किसी लड़की से चिपकी रहती हो। तुम्हारा कैरेक्टर कैसा है? ये सबको साफ दिखाई दे रहा है। अरे तुम जैसी लड़कियों को मैं अच्छे से जानती हूं। शिख ने अपनी कड़वी जुबान से माया को सुनाना शुरू किया। इस मौके का शिख तब से इंतजार कर रही थी जब से कनिका की बदनामी हुई थी। आंटी आप मुझसे उम्र में बड़ी है इसलिए मैं आपसे कुछ नहीं कहना चाहती। माया ने अपने अंदर की ज्वाला को दबाते हुए कहा तो तुम मेरे सामने संस्कारी बनने का भी नाटक करोगी। वाओ तुम्हारी वजह से मेरी बेटी के साथ जो हुआ

56:15 उसकी वजह से उसे कितनी प्रॉब्लम हुई है तुम्हें अंदाजा भी है? शिख ने उस पर चिल्लाते हुए कहा, आंटी आपकी बेटी को जो भी प्रॉब्लम हुई है वो उसकी खुद की वजह से हुई है। मेरी वजह से नहीं। और अगर आप लोगों को लगता है कि मैं आपकी बेटी की गलतियों को अपने सर ले लूंगी तो आप गलत है। मुझे इस कंपनी ने हायर किया है। आपकी बेटी ने नहीं। माया ने उसी टोन में शिख को जवाब दिया। तू जानती भी है कि तू किससे बात कर रही है? कनिका सिन्हा की मॉम से। यू नो हु आई एम। एक तो हम तुम्हारी सारी गलतियों को छोड़कर तुम्हें बुला रहे थे। कनिका को असिस्ट करने का मौका दे रहे थे। और तुम शिख ने गुस्से में कहा। माया को लग रहा था जैसे वो शिख से इतनी बहस करके सिर्फ अपना टाइम वेस्ट कर रही थी। क्यों नहीं आई तुम कनिका के कैबिन में? समझती क्या हो तुम अपने आप को? हां। शिख थी कि चुप होने का नाम ही नहीं ले रही थी। आंटी मैंने आपको जवाब दे दिया है। मुझे नहीं लगता कि मैं आपको आंसरेबल हूं। नाउ प्लीज

57:00 एक्सक्यूज मी। इतना कहकर माया वहां से जाने ही वाली थी कि तभी शिख ने उसका हाथ पकड़ लिया। तुम अविनाश के सपोर्ट पर इतनी

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