Lecture 1 : Flowchart & Pseudocode + Installation | DSA Series by Shradha Khapra Ma'am | C++

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Brief Summary

This video provides a comprehensive introduction to a new series focusing on Data Structures and Algorithms (DSA). The content covers why this series is necessary and outlines the approach for studying, problem-solving, pseudocode creation, and flowcharts. Key takeaways include the importance of understanding data structures for software engineering and passing technical interviews, the role of logical problem-solving, and various practice questions aimed at building proficiency.

  • The series aims to clarify DSA concepts and provide complete content.
  • Understanding algorithms is crucial for successful problem-solving in interviews.

How to Study This Series?

The series on DSA aims to simplify complex concepts and provide a clear understanding through detailed content. It addresses three major issues: incomplete explanations in existing resources, the overemphasis on video quantity without sufficient practice, and the need for high-quality content. The ultimate goal is to ensure that students gain confidence in understanding and solving DSA problems, especially in the context of job interviews.

How to Solve Problems?

Solving problems involves breaking them down into clear steps. The process includes understanding the problem, analyzing given values, and developing a solution. Ultimately, this solution must be converted into code. Practice with simple examples helps develop logic and problem-solving skills, and understanding the flowchart and pseudocode is essential in this process.

Flowchart

A flowchart visually represents the steps in solving a problem. It utilizes specific shapes for different types of actions, such as ovals for start/end, parallelograms for input/output, and rectangles for processes. Connections are indicated with arrows to display the flow of operations. This chapter introduces the basics of flowchart building and emphasizes its importance in logic development and understanding algorithm design.

Pseudocode

Pseudocode acts as a bridge between coding and logic. It allows programmers to express algorithms in a human-readable format similar to English, regardless of the programming language. While solving problems, pseudocode outlines the logic without syntax constraints, making it easier to convert into actual code later on. Understanding its significance helps in preparing for coding interviews.

Practice Qs1

The first practice question involves finding the sum of two numbers. Step-by-step problem-solving is demonstrated, focusing on logical solutions before converting them into code. Emphasis is placed on breaking problems into manageable parts, which builds a foundation for more complex problems in the future.

Practice Qs2

This section increases difficulty by introducing a question on calculating the area of a square. The approach is similar to the previous question, where the area is found using the formula, emphasizing critical steps and the need to draw diagrams at times for better understanding.

Practice Qs3

In this practice, the concept of minimum values is explored. Students learn to implement decision-making using conditional statements, checking which of two numbers is smaller. This introduces basic decision-making structure in programming.

Practice Qs4

The focus is on finding whether a number is odd or even. It teaches the use of the modulo operator to determine the remainder when the number is divided by two, helping solidify understanding of numerical properties.

Practice Qs5

Calculating the sum of numbers from 1 to n is introduced here. Students build on previous knowledge by implementing iterative addition, leading to discussions on loops and their applications within the logic of programming.

Homework Problems

Homework encourages practice and includes four exercises aimed at consolidating learned concepts. These include calculating simple interest, determining maximum values, computing factorials, and assessing eligibility for a driving license based on age. Each problem reinforces logical and coding concepts previously discussed.

How Code Runs?

This chapter covers how code is executed in computers after translating it from a high-level language to machine-readable code. It explains the role of compilers and emphasizes understanding the underlying mechanics of coding for efficient problem-solving.

What to Install?

Essential software installations are outlined for students starting their coding journey. This includes installing Visual Studio Code for writing C++ and setting up a compiler to help execute code. The chapter emphasizes the importance of a suitable development environment for practicing programming effectively.

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Transcript

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0:05 हाय एवरीवन एंड वेलकम टू ना कॉलेज और आज हम फाइनली स्टार्ट करने वाले हैं अपनी नई डीएसए सीरीज के साथ इस सीरीज के अंदर हम बहुत ही इन डेप्थ तरीके से बट सिंपल तरीके से अपने सारे के सारे डाटा स्ट्रक्चर्स एंड एल्गोरिथम्स कॉन्सेप्ट्स को पढ़ने वाले हैं अब इस सीरीज की जरूरत क्यों पड़ी तीन प्रॉब्लम्स को रिजॉल्व करने के लिए हमने इस सीरीज को बनाने का डिसाइड किया सबसे पहली प्रॉब्लम कि कई बार youtube1 पर सूडो को पर चीजों को खत्म कर दिया जाता है और सिर्फ सूडो कोड करना एक स्टूडेंट को एक फॉल्स सेंस ऑफ सिक्योरिटी देता है चीजें इनकंप्लीट रह जाती हैं तो हम वैसी चीज नहीं करेंगे हम बिल्कुल कंप्लीट जाकर चीजों को पढ़ने वाले हैं ताकि दिमाग में सारे के सारे कांसेप्ट की एक कंप्लीट क्लेरिटी बैठे सेकंड रीजन सीरीज को स्टार्ट करने का है रिगार्डिंग द ऑब्जेक्टिव कुछ डीएसी सीरीज में हमने देखा होगा कि उनका एक प्राइमरी ऑब्जेक्टिव होता

0:50 है कि बस हमें वीडियोस बनानी है ताकि किसी ना किसी ब्रांड को प्रमोट कर दिया जाए लेकिन दिस सीरीज इज नॉट स्पंस इज नॉट प्रमोटेड बाय एनी वन यहां पे सिर्फ एक ही ऑब्जेक्टिव है कि क्वालिटी डीएसए कंटेंट स्टूडेंट्स तक पहुंचना चाहिए एंड थर्ड प्रॉब्लम दैट वी आर ट्राइड टू रिजॉल्व इज़ ऑफ़ प्रैक्टिस क्वेश्चंस कई जगह आपको दिखेगा कुछ सीरीज में बहुत लैक ऑफ़ प्रैक्टिस क्वेश्चंस होता है कई जगह आपको दिखेगा कि जरूरत से ज्यादा वीडियोस या जरूरत से ज्यादा क्वेश्चंस हमें करा दिए जिससे सिर्फ स्टूडेंट का टाइम वेस्ट होता है तो बिल्कुल एक्यूरेट तरीके से पूरा प्लेसमेंट को दिमाग में रखते हुए हम सारी की सारी अपनी जो डीएसए की तैयारी है और अपने प्रैक्टिस क्वेश्चंस हैं उसको अपनी सीरीज के अंदर करने वाले हैं तो सीरीज हमारी इन डेप्थ होने वाली है चीजों को आप मेरे साथ बहुत ही सिंपल तरीके से समझने वाले हैं आज हो सकता है चीजें हमें मुश्किल लगे क्योंकि हम फर्स्ट टाइम डीएसए को पढ़ना स्टार्ट कर रहे हैं लेकिन आई कैन

1:35 एश्योर यू कि इस सीरीज के कंप्लीट होने के बाद हमें काफी कॉन्फिडेंट महसूस होगा हमें महसूस होगा कि हां डीएसए के अंदर हमने चीजें सीखी हैं हमसे सवाल सॉल्व हो पा रहे हैं हमें कॉन्सेप्ट्स अच्छे से समझ में आ रहे हैं और इंटरव्यू पॉइंट ऑफ व्यू से कॉन्फिडेंस विल हेल्प यू अचीव योर लॉन्ग टर्म गोल्स तो अब जब हम डीए से पढ़ने ही वाले हैं तो सबसे पहले जान लेते हैं हमें डीए से पढ़ने की जरूरत क्यों पड़ती है जब भी जनरली हमें सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग फील्ड के अंदर जाना है जब भी हमें टेक के अंदर काम करना है किसी अच्छे रोल पर तो मेजॉरिटी टेक कंपनीज हमसे इंटरव्यूज के अंदर या कोडिंग टेस्ट के अंदर डीएसए के सवाल पूछती है और इन सवालों को सॉल्व करने के लिए हमें डेटा स्ट्रक्चर्स एंड एल्गोरिथम्स के कांसेप्ट आने चाहिए तो इसीलिए हम डीएसए को पढ़ते हैं अभी इतनी सारी कंपनीज डीएसए जनरली कैंडिडेट से इसलिए पूछते हैं क्योंकि जितने अच्छे आपके डेटा स्ट्रक्चर्स एंड एल्गोरिथम्स के

2:21 कांसेप्ट होंगे उतने अच्छे आप प्रॉब्लम सॉल्वर होंगे एज अ सॉफ्टवेयर इंजीनियर क्योंकि इंजीनियर्स का टेक कंपनीज में जाने के बाद एक ही प्राइमरी काम हो होता है वो होता है टू सॉल्व प्रॉब्लम्स तो कंपनीज के अंदर जाने के बाद जितने अच्छे लेवल पर हम प्रॉब्लम्स को सॉल्व करेंगे जितने एफिशिएंटली ऑप्टिमल तरीके से उन प्रॉब्लम्स को सॉल्व करेंगे कंपनीज के अंदर जो सॉफ्टवेयर इंजीनियर्स को हाई सैलरी दी जाती है वो उन्हीं प्रॉब्लम्स को सॉल्व करने की दी जाती है तो इंटरव्यू पॉइंट ऑफ व्यू से हमें अपनी प्रॉब्लम्स को सॉल्व करना है तो जनरली टेक इंटरव्यूज के अंदर हमें एक प्रॉब्लम दी जाएगी हमें उसके लिए डिसाइड करना है कि इस प्रॉब्लम के अंदर कौन-कौन से हमें डेटा स्ट्रक्चर्स यूज़ करने हैं कौन-कौन से हमें एल्गोरिथम्स यूज़ करने हैं और ऑप्टिमल तरीके से हमें उस प्रॉब्लम को सॉल्व करना है जब हम एक डेटा स्ट्रक्चर्स के ओवरव्यू की बात करें तो ये मोटा मोटी वो डेटा स्ट्रक्चर्स हैं जिनको हम अपनी सीरीज के

3:06 अंदर कंप्लीट करेंगे पर सिर्फ इतने नहीं है इसके अलावा भी और डिफरेंट डेटा स्ट्रक्चर्स हैं एंड एल्गोरिथम्स तो मैंने लिखी ही नहीं है अब ये जो चार्ट है ये हमें देखने में फर्स्ट टाइम एज अ बिगनर देखने में हो सकता है बहुत कॉम्प्लेक्टेड बहुत अच्छे से समझ में आ जाएगा क्योंकि ये सारे के सारे टॉपिक्स को हम कंप्लीट कर चुके होंगे इसके अलावा और एडिशनल डेटा स्ट्रक्चर्स भी कंप्लीट कर चुके होंगे प्लस कई सारी जो एल्गोरिथम्स होती हैं जैसे डायनेमिक प्रोग्रामिंग हो गई जैसे ग्रीडी एल्गोरिथम होगी जैसे टू पॉइंटर अप्रोच होगी एंड इसके अलावा भी बहुत सारी डिफरेंट डिफरेंट अप्रोचेबल के अंदर पढ़ने वाले हैं पर ये सारी चीजें मैं आपको डे वन पे नहीं बताना चाहती जिससे हम ओवर वेलम हो जाए हमें बहुत

3:52 ही सिंपल बिल्कुल बेबी स्टेप्स के साथ हम स्टार्ट करेंगे और धीरे-धीरे एडवांस्ड प्रॉब्लम्स की तरफ हम बढ़ना शुरू करेंगे तो जितने स्ट्रांग हमारे शुरू के फंडामेंटल्स होंगे उतना इजी हमारे लिए एडवांस टॉपिक्स को पढ़ना हो जाएगा तो अभी आपको किसी चीज के बारे में घबराने की जरूरत नहीं है धीरे-धीरे एक-एक कांसेप्ट को एक-एक करते हुए हम पढ़ते चलेंगे अब एज अ स्टूडेंट डाटा स्ट्रक्चर्स एंड एल्गोरिथम्स को हम डायरेक्टली सीखना शुरू नहीं करते उससे पहले हमारी एक किसी ना किसी प्रोग्रामिंग लैंग्वेज पर अच्छी पकड़ होनी चाहिए उसके बाद हम डीएसए कॉन्सेप्ट्स को जाकर सीखते हैं क्योंकि तभी हम उनका कोड लिख पाएंगे तभी हम उनको इंप्लीमेंट कर पाएंगे तो इसीलिए इस सीरीज के अंदर हम सबसे पहले अपनी c+ प् प्रोग्रामिंग लैंग्वेज के ऊपर पकड़ बनाएंगे शुरुआत के कुछ लेक्चर में एंड उसके बाद वी विल स्टार्ट विद द डेटा स्ट्रक्चर्स एंड एल्गोरिथम्स जर्नी अब जब भी एज अ स्टूडेंट हम कोई नई सीरीज स्टार्ट करते हैं एक सवाल

4:38 हमारे दिमाग में होता है कि हमें नोट्स कब बनाने चाहिए और किस तरीके से बनाने चाहिए तो मैं आपको शुरू में ही वो चीज बता देती हूं कि शुरू के जो चैप्टर्स हैं ये चैप्टर्स इतने इजी हैं इनफैक्ट इन टॉपिक्स के मैं नाम भी बता देती हूं शुरू में आज का चैप्टर यानी फ्लो चार्ट एंड सूडो कोड हो गया इसके बाद हम वेरिएबल डेटा टाइप्स ऑपरेटर्स पढ़ेंगे कंडीशनल स्टेटमेंट्स पढ़ेंगे लूप्स पढ़ेंगे फंक्शंस पढ़ेंगे फंक्शंस तक हमें कोई नोट्स बनाने की जरूरत नहीं है सिर्फ आपको एक रफ नोटबुक लेकर बैठना है और मेरे साथ पेपर पेन पर आप कांसेप्ट को प्रैक्टिस कर सकते हैं लेकिन एज सच हमें फेयर नोट्स बनाने की इसलिए जरूरत नहीं है क्योंकि ये जो इतने कांसेप्ट हैं इनके बाद वाले लेक्चर के अंदर यानी स्टार्टिंग फ्रॉम बाइनरी नंबर सिस्टम स्टार्टिंग फ्रॉम पॉइंटर स्टार्टिंग फ्रॉम अरेज हम इन्हीं सेम टॉपिक्स को शुरुआती टॉपिक्स को इतनी बार लिख लेंगे इतनी बार प्रैक्टिस कर लेंगे कि

5:24 ये हमें बिल्कुल ए बी सीडी की तरह याद होने वाली है तो आपको शुरू में बिल्कुल घबराने की जरूरत नहीं है कि जब हम इफल्स शुरू कर रहे हैं ये मैंने क्या लिख लिया जब हम फ्लो चार्ट देख रहे हैं ये तो डायग्राम बहुत मुश्किल सा लग रहा है शुरू में चीजें मुश्किल लगेंगी लेकिन जैसे ही आप अपने नाइंथ 10थ 11थ लेक्चर तक पहुंचेंगे वो चीजें लिटरली आपको ए बी सी डी ई एफ की तरह याद होने वाली है तो बिल्कुल घबराने की जरूरत नहीं है ना शुरू के चैप्टर्स के आपको नोट्स बनाने की जरूरत है सिर्फ ज्यादा से ज्यादा शुरू के जो कांसेप्ट हैं उनको प्रैक्टिस करना है प्रैक्टिस कैसे करेंगे क्लास में जो चीजें कराई जा रही हैं उनको अच्छे से प्रैक्टिस करना है जो होमवर्क प्रॉब्लम्स दिए जा रहे हैं उन्हें अच्छे से से प्रैक्टिस करना है एंड इसके साथ में आगे के जो हम चैप्टर्स करेंगे उसके थ्रू तो हमारी प्रैक्टिस हो ही जाएगी तो ये एक इंपॉर्टेंट पॉइंट है जिसको बता दिया गया है ताकि किसी भी स्टूडेंट का कोई भी एक्स्ट्रा टाइम वेस्ट ना हो अब हमने डीएसए की बात की तो हमें

6:11 पता है कि हमें बहुत सारी प्रॉब्लम्स को सॉल्व करना है तो सबसे पहले एक लॉजिक बिल्ड करते हैं ओवरऑल कि एज अ प्रोग्रामर जब भी हम किसी प्रॉब्लम को देखते हैं तो उसको सॉल्व करने के पीछे हमारा क्या प्रोसेस रहता है उसके लिए एक बहुत सिंपल सा एग्जांपल लेंगे लेट्स सपोज हमें ये प्रॉब्लम दी गई है और इस प्रॉब्लम को मुझे सॉल्व करना है वी हैव टू फाइंड द सम ऑफ टू नंबर्स a एंड b ये हमारी प्रॉब्लम है अब इस प्रॉब्लम को जैसे ही हम देखेंगे हमने लाइफ में बहुत सारी प्रॉब्लम सॉल्व कर रखी है तो ये तो बहुत ही छोटी सी प्रॉब्लम है हमें पता है दो नंबर्स का सम कैसे कैलकुलेट करना है तो इस प्रॉब्लम को हम ओवरऑल समझ पा रहे हैं कि हमसे क्या पूछा जा रहा है उसके बाद हम एनालाइज करते हैं भाई ठीक है दो नंबर्स का सम कैलकुलेट करना है पर वो कौन से दो नंबर्स हैं यानी सबसे पहला जो स्टेप होता है टुवर्ड्स सॉल्विंग अ प्रॉब्लम दैट इज बेसिकली टू अंडरस्टैंड व्हाट द प्रॉब्लम इज सेइंग वो तो हमें समझ

6:56 में आ गया दूसरा स्टेप होता है यह देखना कि ठीक है तो निकालना है पर कौन से नंबर्स का निकालना है बेसिकली हमारे पास क्या गिवन वैल्यू है और इन्हीं गिवन वैल्यूज को हम अपना इनपुट कह देते हैं कि हमें इनपुट की क्लेरिटी होनी चाहिए कि हमें क्या दिया जा रहा है हमें a और b दो नंबर्स दिए जा रहे हैं तो ये दोनों चीजें जब हमें समझ में आती है हमारा थर्ड स्टेप आ जाता है व्हिच इज टू एक्चुअली फाइंड आउट अ सॉल्यूशन अब a और b को अगर हमें कैलकुलेट करना है दोनों का सम उसका सॉल्यूशन हमें पता है बहुत इजी होता है क्या होता है सॉल्यूशन हम सिंपली सम ले सकते हैं और सम में हम लिख देंगे a + b तो हमने क्या किया दो नंबर्स का सम निकाल लिया तो ओवरऑल यह हमारा प्रोसेस होता है किसी भी प्रॉब्लम को सॉल्व करने का रियल लाइफ के अंदर भी और प्रोग्रामिंग के अंदर भी बस प्रोग्रामिंग में इसके बाद एक और स्टेप आ जाता है व्हिच इज टू कन्वर्ट दिस सॉल्यूशन इंटू अ कोड यह

7:45 सॉल्यूशन तो हमने पेपर पेन पे बना लिया यह मैंने पेपर पेन पे लिख दिया लेकिन इसको फाइनली मुझे एक c+ प या एक जावा या एक पाइथन के कोड के अंदर कन्वर्ट करना है अब यह जो कोड के अंदर कन्वर्ट करने वाला पार्ट है इसको हम बाद में सीखेंगे आज इस लेक्चर के अंदर जो हम फोकस करने वाले हैं वो हम इन स्टेप्स के ऊपर फोकस करने वाले हैं यानी प्रोग्रामर का काम होता है पहले पेपर पेन के ऊपर सॉल्यूशन निकालना अगर पेपर पेन के ऊपर आपने किसी प्रॉब्लम को सॉल्व कर लिया तो उसका कोड लिखना बहुत ही आसान होता है तो उस चीज के ऊपर उस लॉजिक बिल्डिंग के ऊपर आज हम फोकस करेंगे एंड ये जो किसी भी प्रॉब्लम का सबसे पहले पेपर पेन के ऊपर सॉल्यूशन निकलता है यह निकलता है इन द फॉर्म ऑफ फ्लो चार्ट्स एंड सूडो कोड तो आज के लेक्चर के अंदर हम इंट्रोडक्शन टू प्रोग्राम रख रहे होंगे लॉजिक बिल्डिंग रख रहे होंगे फ्लो चार्ट्स

8:32 एंड सूडो कोड्स के बारे में बात करेंगे क्यों इनको हम यूज़ करते हैं किस तरीके से फ्लो चार्ट एंड सूडो कोड को बनाया जाता है या लिखा जाता है अब आज का ये जो लेक्चर है ये उन स्टूडेंट्स के लिए ऑप्शनल है जिनको ऑलरेडी किसी ना किसी एक प्रोग्रामिंग लैंग्वेज के अंदर कंडीशनल स्टेटमेंट्स लिखनी आती हैं लूप्स लिखने आते हैं फंक्शंस लिखने आते हैं क्योंकि अगर आपको ये कॉन्सेप्ट्स ऑलरेडी आते हैं तो आपको बेसिक्स ऑफ लॉजिक बिल्डिंग आता है तो तब हम इस लेक्चर को स्किप कर सकते हैं लेकिन अगर हम फर्स्ट टाइम अपनी प्रोग्रामिंग जर्नी की शुरुआत कर रहे हैं तो आज का लेक्चर हमारे लिए लिए इंपोर्टेंट इसलिए हो सकता है क्योंकि ये हमें बेसिक लॉजिक बिल्डिंग के अंदर हेल्प करेगा प्लस एक और डिस्क्लेमर मैं आपको पहले ही दे देती हूं कि फ्लो चार्ट्स जनरली इंटरव्यूज के अंदर नहीं पूछे जाते इनको सिर्फ हम लॉजिक बिल्डिंग के लिए पढ़ रहे हैं सूडो कोड इंपॉर्टेंट होता है प्लस इससे भी ज्यादा इंपॉर्टेंट होता है इंटरव्यूज के अंदर डायरेक्ट कोड को लिख पाना तो उन दोनों के

9:18 ऊपर हमारा सबसे ज्यादा फोकस रहेगा यहां पर लेक्चर के अंदर वो पॉइंट आ गया जब हमें अपनी रफ कॉपी निकाल लेनी है अपने पेपर पेन के साथ तैयार रहना है और अब हमें बनाने हैं बहुत सारे फ्लो चार्ट्स एंड सूडो कोड्स तो सबसे पहले बात करते हैं कि एक फ्लो चार्ट क्या होता है फ्लो चार्ट इस तरीके का एक डायग्राम होता है अब हमने प्रॉब्लम के लिए दिमाग में सोच के कुछ ना कुछ सॉल्यूशन तो बना लिया होगा उसी सॉल्यूशन का जब हम डायग्राम बना लेते हैं तो उस डायग्राम को हम फ्लो चार्ट कह देते हैं इट इज लाइक अ चार्ट इट इज लाइक अ डायग्राम जैसे अपनी पुरानी प्रॉब्लम पर आ जाते हैं यानी सम ऑफ टू नंबर्स सम ऑफ टू नंबर्स के लिए हमें पता है हमने पहले क्या किया होगा हमने पहले प्रॉब्लम का सॉल्यूशन निकालना शुरू किया होगा तो जब भी हम कोई भी सॉल्यूशन निकालते हैं सबसे पहले तो हमें शुरुआत करनी होती है अपने अच्छे काम की तो हमने स्टार्ट किया अपने सॉल्यूशन के

10:04 साथ उसके बाद हमने क्या किया उसके बाद हमने इनपुट किया होगा a और b यानी मेरे जो दो इनपुट हैं कौन से दो नंबर्स थे हमारे इनपुट a और b दो नंबर्स थे उनको मुझे इनपुट करना था फिर इनसे मुझे सम निकालना था तो मेरा सम हो जाता है सम = a + b फिर हम चाहें तो इस सम को प्रिंट करवा सकते हैं या चाहे तो ऐसे ही चीजों को छोड़ सकते हैं तो लेट्स सपोज उसके बाद मेरा नेक्स्ट स्टेप था टू प्रिंट दिस सम और फाइनली आई कैन एंड या फिर प्रोग्रामिंग टर्म्स में इसको कह सकते हैं कि आई कैन एग्जिट तो यह मेरा लॉजिकल सॉल्यूशन था अब वैसे तो जब हम दो नंबर्स का सम निकालते हैं हमारे दिमाग में सिर्फ इतना ही लॉजिक आता है कि स्टार्ट और एंड हम जनरली नहीं लिखते पर क्योंकि हम कंप्यूटर्स के साथ डील करने वाले हैं हम प्रोग्राम के साथ डील करने वाले हैं तो फ्लोचार्ट में कन्वेंशन होता

10:49 है कि भाई शुरू कर रहे हो तो स्टार्ट लिख दो और एंड कर रहे हो तो एग्जिट लिख दो या एंड लिख दो कुछ भी लिख सकते हैं कोई ज्यादा हार्ड एंड फास्ट रूल नहीं होते अब ये तो हमने स्टेप्स लिख दिए और आई डोंट थिंक इसमें किसी भी स्टूडेंट को कोई भी कंफ्यूजन होगा क्योंकि बहुत स्ट्रेट फॉरवर्ड चीज है लेकिन क्योंकि फ्लो चार्ट एक चार्ट होता है तो हमें इन सारे स्टेप्स को ये क्या है स्टेप्स हैं जिन्हें हमें डायग्राम के अंदर कन्वर्ट करना पड़ेगा और उसके लिए हम यूज करेंगे कुछ कॉम्पोनेंट्स का कुछ डब्बो का और वो कॉम्पोनेंट्स कैसे दिखते हैं वो कंपोनेंट्स कुछ ऐसे दिखते हैं सबसे पहला सबसे इजी कॉम्पोनेंट होता है हमारा स्टार्ट या एग्जिट का कॉम्पोनेंट हम बेसिकली एक ओवल बनाते हैं और हमेशा स्टार्ट और एग्जिट को उस ओवल के अंदर लिखा जाता है तो जब हम सॉल्यूशन का स्टार्ट या एंड दिखाना चाहते हैं तो हम एक ओवल बना देते हैं तो इसे एक बार क्रिएट भी कर लेते

11:34 हैं यह हमारे सॉल्यूशन का स्टार्ट था तो मैंने यहां पर एक ओवल बना दिया ये हमारे सॉल्यूशन का एग्जिट था तो मैंने यहां पर भी एक ओवल बना दिया तो ये दो शेप्स हमने बना दी नेक्स्ट हमारा कंपोनेंट होता है इनपुट और आउटपुट का जो भी हम प्रोग्राम्स लिखेंगे चाहे वो डीएसए के प्रोग्राम हो गए या जनरली अगर हम कंपनीज में जाने के बाद भी कोई कोड लिखते हैं तो कोड बेसिकली क्या करता है कोड कुछ इनपुट लेता है और उसके ऊपर कुछ कुछ ऑपरेशंस परफॉर्म करता है और कुछ आउटपुट देता है तो जब भी हमें इनपुट दिखाना होता है या जब भी लॉजिक के अंदर हमें आउटपुट दिखाना होता है उसके लिए हम ये पैरेलल ग्राम वाली शेप यूज़ करते हैं तो जब भी हम इनपुट करना चाहते हैं जब भी हम कुछ आउटपुट यानी प्रिंट करवाना चाहते हैं तो उसे हम ऐसे प्रिंट करवाते हैं तो अब हमें पता है जब हम इनपुट ले रहे हैं ये हमारा इनपुट है तो ये जो इनपुट है इसे हम दिखाएंगे इन द फॉर्म ऑफ अ पैरेललोग्राम ये

12:21 जो आउटपुट है इसे भी हम दिखाएंगे इन द फॉर्म ऑफ अ पैरेललोग्राम तो ये इनपुट एंड आउटपुट स्टेटमेंट हो गई अब जितने भी प्रोसेस होते हैं प्रोसेस यानी कोई भी आपने कैलकुलेशन करी कोई भी आपने काम किया जो इनपुट आउटपुट की कैटेगरी के अंदर नहीं आता कोई आपने वेरिएबल लिखा तो उस तरीके की चीजें हम दिखाते हैं एक रेक्टेंगल की फॉर्म में जैसे फॉर एग्जांपल मुझे दिखाना है कि नेम के अंदर मुझे टोनी स्टार स्टोर कराना है अब यहां पे कोई इनपुट आउटपुट तो हो नहीं रहा तो ये क्या है ये एक प्रोसेस है इसे हम प्रोसेस ब्लॉक कहते हैं या प्रोसेस कंपोनेंट कहते हैं तो यहां पर जब हम सम कैलकुलेट कर रहे हैं तो कैलकुलेशन के लिए भी हम अपने प्रोसेस ब्लॉक को यूज करेंगे कुछ इस तरीके से तो ये सारे के सारी चीजों को हमने किसी ना किसी कंपोनेंट या किसी ना किसी ब्लॉक के अंदर डाल दिया अब चार्ट के अंदर स्पेशल चीज एक और ये

13:07 होती है कि पूरा चार्ट कनेक्टेड होता है और कनेक्ट करने के लिए यूज करते हैं हम एरोज का बेसिकली हमें फ्लो दिखाना है ये इंपोर्टेंट वर्ड है हमें अपने सॉल्यूशन का फ्लो दिखाना है कि हमारे सॉल्यूशन के अंदर पहला स्टेप क्या है दूसरा स्टेप क्या है तीसरा स्टेप क्या है उसके लिए एरोज यूज करेंगे तो पहला स्टेप स्टार्ट है दूसरा स्टेप ये है तो हमारी एक एरो होगी जो स्टार्ट से यहां तक जाएगी फिर इनपुट के बाद हमें सम कैलकुलेट करना है फिर सम के बाद मुझे प्रिंट करना है फिर प्रिंट के बाद मुझे एग्जिट कर देना है तो ये मैंने एरोज दिखा दिए तो ये पूरा फ्लो चार्ट हमारा कंप्लीट हो चुका है यहां पर अब फ्लो चार्ट के अंदर इन कॉम्पोनेंट्स के साथ में एक और एडिशनल कंपोनेंट होता है जिसको हम डिसीजन कॉम्पोनेंट कहते हैं इसको भी हम अभी यूज करेंगे इसमें बेसिकली हम एक डायमंड की शेप बनाते हैं और डिसीजन कंपोनेंट का काम होता है किसी ना किसी

13:53 कंडीशन को चेक करना कंडीशन कहने का मतलब है अगर हमें चेक करना है कोई नंबर एक दूसरे नंबर से बड़ा है क्या क्या a ग्रेटर दन b है या फिर ऐसी किसी चीज को चेक करना जिसका आंसर सिर्फ यस या नो हो सकता है जैसे फॉर एग्जांपल मेरे पास कोई सम है मुझे चेक करना है क्या सम रो से बड़ा है तो ग्रेटर दन इक्वल टू 0 लिख दिया मैंने अब या तो ये मुझे यस दे सकता है या ये मुझे नो दे सकता है तो डिपेंडिंग अपॉन ये जो कंडीशन है ये मुझे यस देती है उसके बाद क्या काम होना चाहिए या नो देती है उसके बाद क्या काम होना चाहिए तो इस तरीके से हम दो एरोज निकाल सकते हैं फ्रॉम दिस डायमंड शेप और इसको हम अपना डिसीजन ब्लॉक कहते हैं डिसीजन ब्लॉक को अभी और डिटेल में हम कुछ सवालों के अंदर करने वाले हैं तो और क्लेरिटी आ जाएगी पर यह जो सिंपल कंपोनेंट्स थे इनको आई होप हमने

14:39 अंडरस्टैंड कर लिया हो और यह पूरा का पूरा जो हमारा फ्लोचार्ट है इसको हमने बिल्ड कर लिया है तो इस तरीके से अब हमें समझ में आ गया होगा कि हाउ अ फ्लो चार्ट इज़ अ डायग्राम ऑफ अ सॉल्यूशन अब ये तो हमारा फ्लो चार्ट होता है अब नेक्स्ट बात करते हैं कि एक सूडो कोड क्या होता है अब सूडो कोड की अगर बात करें तो सूडो कोड का मतलब होता है जनरल लॉजिक ऑफ अ सॉल्यूशन ये जो सूडो कोड होता है इसको बेसिकली हम इंग्लिश लाइक लैंग्वेज के अंदर लिखते हैं और इस सूडो कोड को कोई भी समझ सकता है जनरली कंपनीज के अंदर अगर हम जाते हैं जरूरी नहीं है सारे के सारे डेवलपर्स एक ही लैंग्वेज पर काम कर रहे हो हो सकता है किसी को c+ प् आती हो हो सकता है किसी को जावा आती है हो सकता है किसी को पाइथन आती है जनरली किसी प्रॉब्लम का सॉल्यूशन अगर हम c+ में लिख देंगे तो वो पाइथन डेवलपर को तो समझ आएगा ही नहीं तो लॉजिक एंड कोड के जो बीच की चीज होती है उसे हम सूडो कोड

15:25 कहते हैं और सूडो कोड सारे डेवलपर्स को समझ में आ सकता है इ रिस्पेक्टिव ऑफ द लैंग्वेज इसीलिए इसको हम सॉल्यूशन का जनरल लॉजिक कहते हैं और इसे हम इंग्लिश लाइक लैंग्वेज के अंदर सीखते हैं तो अब यह हमारा फ्लो चार्ट था इसी फ्लो चार्ट से हम डायरेक्टली सूडो कोड बना सकते हैं तो शुरुआत करते हैं कि कैसे हम अपना सूडो कोड लिख सकते हैं सूडो कोड्स को हम इंग्लिश के अंदर स्टेप्स की फॉर्म में लिखते हैं तो सबसे पहले हम अपना फर्स्ट स्टेप लिखेंगे फर्स्ट स्टेप में जनरली इस स्टार्ट को हम इग्नोर कर देते हैं क्योंकि सूडो कोड हमें पता ही है नंबर वन से स्टार्ट हो रहा है तो हम डायरेक्टली यहां से शुरू करते हैं पहला स्टेप है कि हम a और b को इनपुट ले लें तो हमारा फर्स्ट स्टेप हो जाएगा इनपुट a एंड b उसके बाद नेक्स्ट स्टेप हो जाएगा सम निकाल लो व्हिच इज गोइंग टू बी a + b तो नेक्स्ट स्टेप में हम लिखेंगे सम = a + b थर्ड स्टेप हो जाएगा कि उस सम को प्रिंट

16:12 करवा दो तो यहां पर हम प्रिंट करवा देंगे अपने सम को अच्छा यहां पर ये जो मैंने s लिखा है ये सारे के सारे हमारे स्मल s हैं इन केस एनीबडी हैड कंफ्यूजन क्योंकि जनरली किसी चीज को अगर हम स्मॉल से लिख रहे हैं तो उसको हम वही सेम नाम फॉलो करेंगे एंड फोर्थ स्टेप होता है टू एग्जिट एग्जिट हम रखेंगे थोड़ा सा कन्वेंशन होता है स्टार्ट हम इग्नोर कर देंगे बाकी अगर आप ये एग्जिट भी यहां से हटा देते हैं तो भी हमारे कोड के सूडो कोड के ऊपर कोई फर्क नहीं पड़ेगा क्योंकि सूडो कोड के एज सच कोई फिक्स्ड रूल्स नहीं होते हमें सिर्फ इसी फ्लो चार्ट के लॉजिक को सूडो कोड के अंदर कन्वर्ट करना होता है तो ये हमारा सम ऑफ टू नंबर्स का सूडो कोड है जो कुछ ऐसा दिखाई देगा और बहुत ही सिंपल था इसमें कोई परेशानी की बात नहीं है कुछ बहुत हाईफाई हम नहीं कर रहे बहुत सिंपल तरीके से चीजों को कर रहे हैं अब यहां पे कुछ स्टूडेंट्स के दिमाग में सवाल आ रहा

16:57 होगा कि मैम जब हमारे पास प्रॉब्लम आएगी फिर इंटरव्यूज के अंदर तो क्या हम प्रॉब्लम को समझ के पहले उसका फ्लोचार्ट बनाएंगे फिर उसका सूडो कोड लिखेंगे फिर उसका कोड लिखेंगे तो उसका जवाब है बिल्कुल भी नहीं फ्लो चार्ट को शायद हम इस चैप्टर के बाद कभी यूज़ नहीं करेंगे तो इसको बस हम अंडरस्टैंडिंग के लिए यूज़ कर रहे हैं सूडो कोड को हम कभी-कभी यूज़ करेंगे पर वह बहुत स्ट्रेट फॉरवर्ड होगा और वह हमें बहुत अच्छे से समझ में आएगा पर मेजॉरिटी इंटरव्यूज के अंदर पहले हमें सोचनी होती है प्रॉब्लम उसका हम थोड़ा बहुत सूडो कोड लिखते हैं और फिर हम चीजों को कोड के अंदर कन्वर्ट करते हैं तो सारी चीजें हमें करने की जरूरत नहीं है हम अभी सिर्फ अंडरस्टैंडिंग बनाने की कोशिश कर रहे हैं तो ये तो हमने यहां पर ऐसे सूडो कोड लिख दिया पर क्योंकि सूडो कोड के कोई फिक्स तरीके नहीं होते तो कोई अगर स्टूडेंट है जो पहले मान लो इनपुट a करना चाह रहा है फिर वो इनपुट b करना चाह रहा है और अगर

17:43 कोई और वेरिएबल है मान लो c ब वो इनपुट सी करना चाह रहा है और इन सबको वो अलग-अलग लाइन पर लिख ताहा है तो भी उसमें कोई प्रॉब्लम नहीं है क्योंकि लॉजिक ओवरऑल सेम रहता है तो ये तो हमने एक प्रॉब्लम के लिए उसका फ्लोचार्ट भी बना लिया उसका सूडो कोड भी लिख दिया अब इन दोनों चीजों की प्रैक्टिस कर लिए हम बहुत बहुत सारे प्रैक्टिस क्वेश्चन को सॉल्व करने वाले हैं जिसमें से फर्स्ट क्वेश्चन है हमारा एरिया ऑफ अ स्क्वायर का हमारे पास प्रॉब्लम दी गई है कि हमें एक स्क्वायर का एरिया निकालना है तो सबसे पहले प्रॉब्लम तो क्लियर है अगर हम इसकी एक साइड को a कहे तो इसकी ये वाली साइड भी a होगी इसकी ये वाली साइड भी a होगी और इसकी ये वाली साइड भी a होगी तो अगर स्क्वायर की हमें एक साइड पता चल जाए तो उससे हम उसका एरिया भी निकाल सकते हैं मैथ के अंदर बहुत आसानी से सीखा था कि स्क्वायर का जो एरिया होता है इट इज इक्वल टू a स् यानी a मल्टीप्ला बा a ये फॉर्मूला ऑलरेडी आता होगा तो

18:29 प्रॉब्लम को तो हम समझ गए हैं दूसरा देखेंगे इनपुट में हमें क्या दिया जाएगा तो जब एरिया ऑफ़ अ स्क्वायर के लिए हमें पता है हमें साइड चाहिए तो इनपुट के अंदर हमें साइड लेनी पड़ेगी हमें a को इनपुट कराना पड़ेगा तो हम प्रॉब्लम को कैसे सॉल्व करेंगे सबसे पहले तो हम स्टार्ट कर देंगे तो स्टार्ट के लिए हमें पता है कि हमारा ये वाला कॉम्पोनेंट हम यूज़ करते हैं उसके बाद एरिया निकालने के लिए हमें इनपुट करनी पड़ेगी साइड तो साइड को हम a भी कह सकते हैं साइड को हम साइड भी कह सकते हैं तो सिंपलीसिटी के लिए इसको a बोल देते हैं a के लिए हम अपना पैरेललोग्राम इनपुट वाला कॉम्पोनेंट यूज करेंगे एक बार हमारे पास a आ गया उससे हम एरिया निकाल सकते हैं एरिया क्या होता है एरिया = a स् a स् यानी a * बा a तो इसे हम क्योंकि कैलकुलेशन कर रहे हैं तो रेक्टेंगल के अंदर लिख देंगे एंड फिर फाइनली हम इस

19:15 एरिया को प्रिंट करवा सकते हैं तो प्रिंट करवा देंगे अपने इस एरिया को एंड इसे अपने इस वाले कॉम्पोनेंट के अंदर हम स्टोर कर लेंगे बहुत ही आसान था एंड फाइनली हम कर जाएंगे एग्जिट एग्जिट करने के लिए दोबारा से हमारे पास हमारा ओवल वाला ब्लॉक आ जाएगा तो यह हमारा ओवरऑल फ्लो चार्ट है जो इस प्रॉब्लम के लिए बनेगा अच्छा यह प्रॉब्लम अगर आपको लग रहा था कि आप खुद से सॉल्व कर सकते हैं तो बहुत ही अच्छी बात है क्योंकि अभी आगे जो हम प्रॉब्लम्स करेंगे या इनफैक्ट आगे वाले चैप्टर्स में भी जो हम प्रॉब्लम्स करेंगे वहां पर अगर आपको लग रहा है कि कोई क्वेश्चन है जो क्लास के अंदर डिस्कस हो रहा है इसको मैं खुद सॉल्व कर सकता हूं तो वहां पर लेक्चर को पॉज करना है और खुद से उसका सॉल्यूशन लिख देना है और फिर डायरेक्टली जाकर आप मेरे सॉल्यूशन से ही अपना सॉल्यूशन मैच कर सकते हैं तो उससे हमारा और ज्यादा एक्स्ट्रा टाइम सेव हो सकता है अब इसी सॉल्यूशन को अगर हम कन्वर्ट करें यानी यह

20:03 तो हमने फ्लो चार्ट बना लिया इसको अगर हम कन्वर्ट करें टू द सूडो कोड तो वह क्या होगा अच्छा सूडो कोड के बारे में एक और इंटरेस्टिंग चीज़ इसके शब्द भी अगर हम देखें सूडो का मतलब होता है नकली कोड तो सूडो कोड जब हम इंग्लिश लाइक कोड लिख रहे हैं वह बेसिकली नकली कोड हम लिख रहे हैं तो उसको हम उस तरीके से भी सोच सकते हैं सूडो कोड के लिए हमारा फर्स्ट स्टेप हमें पता है स्टार्ट को तो हम इग्नोर कर देंगे सबसे पहले इनपुट करेंगे a को मैंने क्या किया मैंने इनपुट किया a को सेकंड स्टेप हम एरिया निकाल लेंगे तो द एरिया इज गोइंग टू बी a * a थर्ड स्टेप हम प्रिंट कर देंगे अपने एरिया को तो प्रिंट कर दिया मैंने अपने एरिया को फोर्थ स्टेप में हम एग्जिट कर जाएंगे तो यह हमारा सूडो कोड तैयार हो गया और यह ऐसा कोड है जो किसी को

20:49 भी इंग्लिश आती होगी तो उसको यह सॉल्यूशन समझ में आ जाएगा कि ओवरऑल जो सॉल्यूशन होना चाहिए वो ऐसा होना चाहिए और जिसको जब हम c+ + कोड के अंदर भी कन्वर्ट करेंगे तो इसका c+ प कोड भी आसान ही होगा तो उस कोड को भी बाद में हम देख रहे होंगे तो इस तरीके से हम एरिया ऑफ स्क्वायर कैलकुलेट कर सकते हैं यानी उसका फ्लो चार्ट एंड सूडो कोड उस प्रॉब्लम का सॉल्यूशन हम प्रेजेंट कर सकते हैं नेक्स्ट प्रॉब्लम को डिस्कस करते हैं नेक्स्ट प्रॉब्लम है मिनिमम ऑफ टू नंबर्स की प्रॉब्लम ये स्पेशल होने वाली है क्योंकि इसके अंदर हम अपने डिसीजन ब्लॉक को यूज़ करेंगे अब मिनिमम ऑफ टू नंबर्स ये हमारी प्रॉब्लम है हमें दो नंबर्स का मिनिमम नंबर जो है उसको प्रिंट करवाना है और उसके लिए हमें इनपुट में क्या दिए जाएंगे इनपुट में वो दो नंबर दिए जाएंगे a और b तो प्रॉब्लम क्लियर है इनपुट क्लियर है सॉल्यूशन देखते हैं मान लो अगर हमें दो नंबर्स दिए जाते हैं फर और फाइव चार और पांच दे देते हैं तो हमें

21:37 कैसे पता चलता है दोनों में से मिनिमम यानी कम कौन है हम बेसिकली दोनों को कंपेयर कर लेते हैं हम या तो यह चेक कर सकते हैं क्या 4 < 5 है या फिर हम यह भी चेक कर सकते हैं कि 4 क्या ग्रेटर दन 5 है मतलब अगर 4 लेन 5 है इसने मुझे यस दे दिया तो छोटे वाला नंबर कौन हो जाएगा छोटे वाला नंबर फर हो जाएगा और अगर 4 ग्र 5 है इसने मुझे नो दे दिया तो छोटे वाला नंबर कौन हो जाएगा छोटे वाला नंबर फिर से फोर हो जाएगा तो पहले तो मुझे डिसाइड करना है मुझे लेस दन यूज़ करना है या ग्रेटर दन यूज़ करना है दोनों में से मैं कुछ भी यूज़ कर सकती हूं क्योंकि लॉजिक तो सेम ही रहना है हम क्या करते हैं लेस दन वाला लॉजिक यूज़ कर लेते हैं क्योंकि मुझे छोटा निकालना है तो लेस दन यूज़ कर लेते हैं अब फोर और फाइव में लेस दन से यस या नो करके मैं निकाल सकती हूं कि 4 < 5 है क्या या तो यह यस होगा या यह नो होगा अगर 4 लेन 5 है तो उस

22:25 केस में छोटा नंबर कौन होगा फर और अगर 4 लेन 5 नहीं है तो उस केस में छोटा नंबर कौन होगा फ अब बस इस फोर और फ को मैं रिप्लेस कर दूं अगर ए और बी से तो मेरे पास मेरा सॉल्यूशन आ जाएगा कि कोई भी दो नंबर ए और बी हो फोर और फ नहीं टू है 4 10 है 10 और 5 है कुछ भी नंबर्स है किसी नंबर को चेक कर लो क्या वह दूसरे नंबर से छोटा है अगर वह छोटा है यस तो वह छोटा नंबर है य छोटा नंबर है अगर छोटा नहीं है नो तो ब छोटा नंबर है बहुत स्ट्रेट फॉरवर्ड सॉल्यूशन है तो इसका फ्लो चार्ट कैसा दिखेगा सबसे पहले तो हम स्टार्ट ही कर देंगे स्टार्ट करने के बाद मुझे क्या चाहिए होंगे मुझे ये दोनों नंबर्स चाहिए होंगे कंपैरिजन से पहले नंबर चाहिए तो

23:10 नंबर्स के लिए इन दोनों नंबर्स को हम इनपुट कर लेते हैं a एंड बी को तो इसके लिए अपना इनपुट ब्लॉक बना लेते हैं नेक्स्ट स्टेप होता है कि अब इन्हें हम कंपेयर करेंगे अब कंपेयर करने के लिए जो हम ब्लॉक यूज करते हैं कभी भी अगर हमें यस नो वाली चीज पूछनी होती है तो उसके जो हम ब्लॉक यूज करते हैं दिस इज कॉल्ड अ डिसीजन ब्लॉक और अ डायमंड ब्लॉक इसकी हम डायमंड जैसी कोई भी शेप है जिसको बना सकते हैं और जो भी चीज हमें चेक करनी है जो भी कंडीशन इसको हम कहते हैं जो भी कंडीशन हमें चेक करनी है उसको हम डायमंड के अंदर लिखते हैं तो हमें चेक करना है क्या a लेसन बी है यह मुझे चेक करना है तो या तो इसका आंसर यस हो सकता है या फिर इसका आंसर नो हो सकता है दो ही हो सकते हैं और

23:56 इनफैक्ट और सिंपलीसिटी के लिए क्या कर करते हैं ये यस वाली जो एरो है ना ये यहां से निकाल देते हैं या तो इसका आंसर यस हो सकता है या फिर इसका आंसर नो हो सकता है दो ही आंसर्स हो सकते हैं अगर a ले b है यस तो छोटी वैल्यू a की हुई a मिनिमम हो गया तो उस केस में हम प्रिंट करवाएंगे a को इसे हटा देते हैं एंड इस चीज को यहां ले आते हैं तो उस केस में हम प्रिंट करवाएंगे a को नहीं तो हम प्रिंट करवाएंगे b को तो यह हमारा एक आउटपुट ब्लॉक हो गया यह हमारा दूसरा आउटपुट ब्लॉक हो गया तो इस तरीके से हमने यहां पर एक डिसीजन लिया कि आंसर यस में है या नो में है उसके बेसिस पे आउटपुट डिसाइड होगा अब एक बार आउटपुट

24:43 प्रिंट हो गया तो मुझे क्या करना है मुझे करना है एग्जिट तो यहां पर कर सकते हैं हम अपना एग्जिट मतलब सॉल्यूशन जो है वह खत्म हो गया एंड यही सेम एग्जिट हम जाहे तो इसमें भी यूज कर सकते हैं कि ये प्रिंट हो गया फिर एग्जिट कर दो या ये प्रिंट हो गया तो फिर एग्जिट कर दो एक चीज नोटिस करेंगे आप इस सॉल्यूशन में कभी भी दो नंबर्स a और b के लिए दोनों नंबर्स कभी प्रिंट नहीं हो सकते क्यों प्रिंट नहीं हो सकते क्योंकि यहां पर इस ब्लॉक पे डिसाइड हो रहा है कि हमें लेफ्ट डायरेक्शन में जाना है या हमें राइट डायरेक्शन में जाना है तो यहां पे दोनों डायरेक्शंस में जाना पॉसिबल नहीं है मतलब दोनों में से जो भी मिनिमम होगा सिर्फ वही आकर प्रिंट हो रहा होगा और इसको टेस्ट भी कर सकते हैं लेट्स सपोज हमारे पास दो नंबर्स हैं 10 और 5 तो a है 10 और b है 5 तो पहले तो हमने 10 और 5 को इनपुट कर लिया अब हम चेक कर रहे हैं क्या 10 लेस दन 5 है मतलब a लेन b है इसका आंसर आता है

25:31 नो 10 ले 5 नहीं है तो हम नो वाली एरो की तरफ जाएंगे और हम प्रिंट करवा देंगे b को बी को मतलब फाइव को तो हमारा आंसर हो जाएगा फाइव तो दोनों नंबर्स में से मिनिमम कौन है मिनिमम है हमारा फाइ तो बहुत स्ट्रेट फॉरवर्ड सॉल्यूशन था अब इसका हम सूडो कोड लिखते हैं तो सूडो कोड के लिए स्टार्ट को तो हम इग्नोर करते हैं तो उसे इग्नोर कर दिया फर्स्ट स्टेप है इनपुट ए एंड बी तो इनपुट कर लेंगे हम ए एंड बी को सेकंड है डिसीजन ब्लॉक कि हम पूछ रहे हैं कि क्या a < b है तो इसको इंग्लिश में कैसे बोलेंगे इसको इंग्लिश में ऐसे बोलेंगे इज a < b हो गई इंग्लिश हो गया सूडो कोड तो इसका आंसर या तो यस आएगा या नो आएगा तो यस या नो को सूडो कोड में हम जनरली हम कैसे लिखते हैं ये तो हमने

26:17 कंडीशन लिख दी यस आने के बाद जो आंसर है या हम थोड़ी सी स्पेस छोड़ते हैं ये हमने थोड़ी सी स्पेस छोड़ दी और फिर हम अपना यस का आंसर लिखते हैं यस का आंसर है प्रिंट कर दो a को तो मैं यहां कर लिख दूंगी प्रिंट कर दो a को एंड फिर लिखते हैं हम एल्स एल्स का मतलब है अगर यह नहीं हुआ तो क्या करना है अगर यह नहीं हुआ तो मुझे यह करना है प्रिंट करवाना है बी को तो उसको भी हम थोड़ी सी स्पेस छोड़ते हैं एंड फिर प्रिंट करवाते हैं हम b को तो ये स्पेस जस्ट क्लेरिटी के लिए हमने छोड़ी है ताकि चीजें रीडेबल हो जाए और हमें पता चल जाए ये सच हो जाए यस हो जाए तब यह काम करना है नहीं तो यह काम करना है तो यह हमारा डिज ब्लॉक हो गया एंड थर्ड स्टेप है बेसिकली टू एग्जिट तो ये हमारा पूरा का पूरा सूडो कोड

27:04 हो गया फॉर द मिनिमम ऑफ टू नंबर्स तो इस सवाल से जो हमें नई चीज सीखने को मिली वो है कि डिसीजन ब्लॉक को फ्लो चार्ट के अंदर कैसे यूज करते हैं एंड सेकंड सूडो कोड के अंदर जब हमें दिखानी होती है अपनी डिसीजन ब्लॉक तो उसको इज एल्स या चाहे तो उसे इफ एल्स की फॉर्म में भी लिख सकते हैं अब ये इफ एल्स ही क्यों हमने कुछ और क्यों नहीं लिखा उसके पीछे का एक लॉजिक है जो जब हम c+ पढ़ेंगे तो c+ के अंदर एक हमारा चैप्टर आएगा कॉल्ड कंडीशनल स्टेटमेंट्स और कंडीशनल स्टेटमेंट्स वाले चैप्टर के अंदर बेसिकली हम इफ एल्स पढ़ते हैं मतलब डिसीजंस बनाने सीखते हैं यस और नो वाले तो वहां पे क्योंकि इफ एल्स आता है तो शुरुआत से ही हम इफ एल्स लिखने की प्रैक्टिस डाल सकते हैं बस वही लॉजिक है यहां पे चाहे तो यहां पे इज भी लिख सकते हैं उससे कोई फर्क

27:50 नहीं पड़ेगा एंड दिस इज हाउ वी कंप्लीटेड आवर फ्लो चार्ट एंड सूडो कोड अब नेक्स्ट सवाल की तरफ बढ़ते हैं नेक्स्ट क्वेश्चन है जिसमें हमें फाइंड करना है हमें जो नंबर दिया हुआ है हमें एक नंबर दिया जाएगा लेट्स कॉल दिस नंबर n इसको कुछ भी कह सकते हैं n बोल दिया इसको हमें पता करना है ये नंबर ऑड है या इवन नंबर है ये हमारे पास प्रॉब्लम है यहां प्रॉब्लम हमें समझ में आ गई बहुत सिंपल प्रॉब्लम है अब मुझे बस एनालाइज करना है कि मेरे पास इनपुट क्या है इनपुट मेरे पास एक ही चीज है मेरा नंबर n अब कोई भी नंबर n ऑड है या इवन है वो हमें कैसे पता चलता है अब सॉल्यूशन को सोचते हैं कोई भी नंबर ऑड है या इवन है वो कैसे पता चलता है कुछ ऑड नंबर्स लिख के देख लिख लेते हैं 1 3 5 7 9 11 कुछ इवन नंबर्स लिख के देख लेते हैं 2 4 6 8 10 12

28:37 इस तरीके से कि जितने भी इवन नंबर्स होते हैं मतलब पॉजिटिव इवन नंबर्स की हम बात कर रहे हैं सारे के सारे इवन नंबर्स टू की टेबल में आते हैं और यहीं से हमें हमारे सॉल्यूशन का हिंट मिलेगा अगर सारे के सारे नंबर्स टू की टेबल में आते हैं तो कोई भी जो नंबर n है वो एक इवन नंबर कब होगा वो एक इवन नंबर तब होगा जब यह n 2 से डिवाइड कर दे और कंप्लीट डिवाइड कर जाए मतलब रिमाइंडर में ज़ीरो दे दे उसका मैं लॉजिक बताती हूं लेट्स सपोज मेरा n है 10 तो 10 को जब हम टू से डिवाइड करेंगे यह पूरा का पूरा डिवाइड हो जाएगा और रिमांडर में क्या वैल्यू आएगी रिमाइंडर में वैल्यू आएगी ज़ीरो लेकिन अगर मेरा n ऑड होता लेट्स सपोज नाइन होता तो नाइन को जब हम टू से डिवाइड करते बहुत बच्चों वाली फर्स्ट

29:23 सेकंड क्लास वाली मैथ में कर रही हूं तो टू से डिवाइड करते तो यहां 8 माइनस होता रिमांडर में वैल्यू क्या आती रिमाइंडर में वैल्यू आती वन अगर कोई नंबर टू से डिवाइड करके रिमाइंडर में ज़ीरो दे रहा है मतलब वो एक इवन नंबर है अगर कोई डिवाइड करके रिमाइंडर में वन दे रहा है मतलब वो एक ऑड नंबर है तो हमें अब किसी भी नंबर को बस टू से डिवाइड करके उसका रिमाइंडर चेक करना है कि वो ज़ीरो है या वो वन है अब मैथ के अंदर तो डिवाइड करने के लिए हम इस तरीके से ऑपरेशंस देखते हैं और फिर अपना रिमाइंडर निकालते हैं लेकिन प्रोग्रामिंग के अंदर एक शॉर्टकट होता है रिमाइंडर निकालने का और वो शॉर्टकट क्या होता है वो एक ऑपरेटर होता है बेसिकली ऑपरेटर क्या होते हैं हम बाद में पढ़ेंगे डिटेल में जैसे मान लो मुझे दो नंबर्स को ऐड करना है तो मैं यह प्लस वाला साइन यूज कर देती हूं मुझे दो नंबर्स को मल्टीप्लाई करना है तो मैं यह साइन यूज कर देती हूं मुझे दो नंबर्स को डिवाइड करना है तो मैं यह वाला

30:08 साइन यूज कर देती हूं तो वैसे ही प्रोग्रामिंग में एक और सिंबल होता है जिसको हम अपना परसेंटेज सिंबल कहते हैं तो अगर मुझे पता करना होता है कि a को बी से डिवाइड करके रिमाइंडर क्या आएगा तो यह वाले सिंबल को हम अपना रिमाइंडर सिंबल या अपना मॉड्यूल सिंबल कहते हैं मॉड्यूल का मतलब यहां पे हम रिमाइंडर समझ सकते हैं कि a को जब b से डिवाइड करेंगे तो रिमाइंडर क्या आएगा तो अगर कहीं भी लिखा हुआ है a मॉड्यूल b तो उसका मतलब है कि हम रिमाइंडर की बात कर रहे हैं तो जैसे मैंने लिख दिया 10 मॉड्यूल टू तो मैं किसकी बात कर रही हूं मैं रिमाइंडर ज़ीरो की बात कर रही हूं कि 10 को जब टू से डिवाइड करेंगे तो रिमाइंडर ज़ीरो आएगा तो इसकी वैल्यू ज़ीरो होनी चाहिए अगर मैंने लिख दिया 9 मड 2 तो मैं वन की बात कर रही हूं क्योंकि रिमाइंडर वन आएगा तो जब भी मॉड्यूल लिखते

30:53 हैं हम बेसिकली रिमाइंडर की बात करते हैं तो यहां से हमें एक चीज सीखने को मिल गई तो सॉल्यूशन के लिए हमें क्या बात की थी सॉल्यूशन के लिए हमने बात की थी कि अगर हमें ऑड इवन निकालना है तो सिंपली क्या करो किसी भी नंबर को टू से डिवाइड करके उसका रिमाइंडर चेक कर लो कि वो रिमाइंडर ज़ीरो है या नहीं है तो हम क्या करेंगे टू से डिवाइड करके रिमाइंडर निकालना तो मुझे आ गया टू से डिवाइड करके रिमाइंडर निकालने का मतलब है a मड b अब चेक कर लेंगे क्या ये वैल्यू ज़ीरो है इज दिस वैल्यू इक्वल टू ़ अब मैथ के अंदर हम सिंगल इक्वल टू यूज़ करते हैं लेकिन प्रोग्रामिंग के अंदर हम दो इक्वल टू यूज़ करते हैं उसके पीछे का लॉजिक भी आपको अभी समझ में आएगा धीरे-धीरे प्रोग्रामिंग करते हुए पर ये चीज याद रखनी है यह मॉड्यूल का सिंबल होता है और जब भी हमें ये लिखना होता है कि क्या ये वैल्यू इस वैल्यू के इक्वल है तो

31:39 हम सिंगल इक्वल टू नहीं लगाते हम दो इक्वल टू लगाते हैं और इन दो इक्वल टू के बीच में हम कोई स्पेस नहीं देते तो जब लिख रहे हैं तो इनको पासपास लिख सकते तो ये लिखने का मतलब है कि क्या यह वैल्यू इस वैल्यू के इक्वल है तो या तो इसका आंसर यस हो सकता है या फिर इसका आंसर नो हो सकता है या बी क्या होगा यहां पर ब बेसिकली होगा हमारे पास टू तो कोई भी नंबर n है उसको अगर हम टू से डिवाइड करें और उसका रिमाइंडर निकालें तो वो रिमाइंडर अगर रो के इक्वल आ जाता है तो नंबर क्या होता है नंबर होता है एक इवन नंबर और वो रो के इक्वल नहीं आता तो नंबर होता है हमारा ऑड नंबर तो ये क्या किया हमने एक ओवरऑल अप्रोच अपने दिमाग में सोच ली कि इस तरीके की अप्रोच हमारी बनेगी अगर मुझे निकालना है n ऑड है या इवन तो अब इसका फ्लो चार्ट कैसा दिखेगा फ्लो चार्ट को ड्रॉ कर लेते

32:25 हैं बहुत सिंपल होने वाला है ऑलमोस्ट पूरी प्रॉब्लम को मैंने सॉल्व ही कर दिया आप चाहे तो पॉज करके खुद भी ड्रॉ कर सकते हैं सबसे पहला स्टेप होगा कि हम स्टार्ट करेंगे अपना सॉल्यूशन उसके बाद हमें n चाहिए होगा वो नंबर चाहिए होगा तो हम n को इनपुट करेंगे तो यहां पर हम इनपुट कर लेंगे अपने n को अब नेक्स्ट स्टेप होगा कि हम n मॉड्यूल 2 निकाले और चेक करें क्या ये वैल्यू इक्वल टू 0 है तो हमें चेक करना है कि क्या n मॉडलो 2 इज दिस इक्वल टू 0 तो यस या नो वो वाली चीजों के लिए हम क्या करते हैं हम अपने डायमंड ब्लॉक को यूज करते हैं तो डायमंड ब्लॉक के अंदर ये जो हमारी पूरी की पूरी कंडीशन है इसको हम लिख सकते हैं या तो इसका आंसर यस आएगा या इसका आंसर नो आएगा लेट्स सपोज इसका आंसर

33:10 या तो यस आता है या इसका आंसर नो आता है अब यस वाला केस में हम क्या प्रिंट करवाएंगे यस वाले केस में हम इवन प्रिंट करवाएंगे तो यहां पे हम प्रिंट करवा सकते हैं इवन और दूसरी तरफ हम प्रिंट करवा देंगे ऑड क्योंकि ये ऑड नंबर है तो इस तरीके से हमने क्या किया हमने अपने फ्लो चार्ट को ड्रॉ कर लिया है एंड इसको थोड़ा सा और कंप्लीट कर देते हैं प्रिंट करवाने के लिए दोबारा से हम अपना पैरेललोग्राम यूज करेंगे एंड फाइनली दोनों में से कुछ भी प्रिंट हो हमें तो फाइनली करना है एग्जिट तो दोनों ही फ्लोज को एरोज को हम जोड़ देंगे अपने एग्जिट के साथ तो यह हमारा फ्लो चार्ट होता है फॉर द सॉल्यूशन टू फाइंड इफ अ नंबर इज ऑर्डर इवन इसको एक बार

33:57 रन भी कर ले सॉल्यूशन काम कर रहा है या नहीं कर रहा लेट्स सपोज मेरे पास नंबर है n = 150 दिस इज माय नंबर तो सबसे पहले तो मैंने n इनपुट ले लिया 150 आ गया अब मुझे चेक करना है कि 150 को जब टू से डिवाइड करते हैं तो आंसर क्या आता है 152 से कंप्लीट डिवाइड हो जाएगा लास्ट में रो आ रहा है कंप्लीट डिवाइड हो जाएगा आंसर रो ही आएगा यस में जाएंगे प्रिंट करवा देंगे इवन तो मेरे पास 150 के लिए इवन प्रिंट हो जाएगा बिकॉज़ 150 इज एन इवन नंबर तो ये तो इसका फ्लो चार्ट हो गया सॉल्यूशन बिल्कुल ठीक काम कर रहा है अब इसके लिए इसका हम सूडो कोड लिख लेते हैं सूडो कोड के लिए फर्स्ट जो स्टेप होगा वो होगा टू इनपुट n तो यहां पर हम इनपुट

34:42 कर देंगे अपने n को सेकंड स्टेप जो होगा वो यह वाली कंडीशन है हमें ऑलरेडी पता है इफ कंडीशन कैसे लिखते हैं यहां हम लिखेंगे इफ या इज भी लिख सकते हैं इज इफ दोनों सेम है इफ n मॉडलो टू बिल्कुल मैथ की तर ऑपरेशन लिख सकते हैं इज दिस इक्वल टू 0 अगर यस आता है तो मुझे इवन प्रिंट करवाना है तो थोड़ी सी स्पेस दे देंगे और प्रिंट करवाएंगे इवन और नो आता है तो मतलब एल्स एल्स वाले केस में मुझे प्रिंट करवानी है ऑड वैल्यू और फाइनली मुझे करवाना है एग्जिट यहां से तो ये मेरा पूरा का पूरा सूडो कोड हो गया फॉर दिस पर्टिकुलर प्रॉब्लम तो ये जो सुडो कोड है ये बिल्कुल इस जैसा हमें लिख रहा होगा एक सिंगल एफएल स्टेटमेंट है जो पूरा लॉजिक कंट्रोल कर रही है यहां पे भी एक

35:28 सिंगल एफएल स्टेटमेंट है जो पूरा लॉजिक कंट्रोल कर रही है तो इस तरीके से एंड ये स्टैंडर्ड तरीका होता है आगे जाके जब हम कोड लिखने शुरू करेंगे डीएसए के तो कई सारी एल्गोरिथम होंगी जहां पे हमें ऑड इवन फाइंड आउट करना होगा किसी नंबर का तो वहां पे हम बिल्कुल यही सेम लॉजिक यूज़ करने वाले हैं चाहे कितनी भी बड़ी से बड़ी प्रॉब्लम हो अगर कभी ऑड इवन फाइंड करना होगा कि कोई नंबर है या नहीं है तो हम हमेशा उसका टू के साथ मॉड्यूल लेकर उसे रो के साथ ही कंपेयर करते हैं ऐसे ही फाइंड आउट किया जाता है ऑड इवन तो ये काफी स्टैंडर्ड चीज है जिसको हमने सीख लिया है और इसको आगे के लिए इस लॉजिक को हमें याद रख लेना है तो ये तो हो गया ऑड इवन नेक्स्ट प्रॉब्लम जो हमें बहुत अच्छे लेवल की चीजें और सिखाने वाली है वो है टू फाइंड द सम ऑफ नंबर्स फ्रॉम 1 टू n जहां पर n कुछ भी हो सकता है 1 n अगर फ हुआ तो

36:14 वन से फाइव का सम निकालना है n अगर 100 हुआ तो वन से 100 का सम निकालना है n अगर 1000 हुआ तो वन से 1000 का सम निकालना है एक चीज वैसे अभी तक आपने नोटिस की होगी कि यह जो हम सॉल्यूशंस लिख रहे हैं यह किसी एक वैल्यू के लिए डिपेंडेंट नहीं है कि ऐसा नहीं है कि n अगर ऑड इवन है तो मुझे पता ही है कि n 150 ही होना चाहिए नहीं n की वैल्यू कुछ भी हो सकती है हमारा सॉल्यूशन हमेशा काम करेगा तो हम वैसे ही सॉल्यूशंस बिल्ड कर रहे हैं जो इर रिस्पेक्टिव ऑफ वैल्यू वर्क करते हैं तो n की वैल्यू चाहे कुछ भी हो हमारा सम काम करना चाहिए हमारा सम अच्छे से सही तरीके से कैलकुलेट होना चाहिए ऑप्टिमल तरीके से अब वैसे तो सम ऑफ n नंबर्स कैलकुलेट करने का मैथ के अंदर एक डायरेक्ट फॉर्म फर्मूला होता है n * n + 1 / 2 लेकिन हम इस

37:01 डायरेक्ट फार्मूला को यूज नहीं करेंगे क्यों यूज नहीं करेंगे क्योंकि हम लॉजिक बनाना सीख रहे हैं हम मैथ थोड़ी सीख रहे हैं एक कंफ्यूजन होता है स्टूडेंट्स को स्टूडेंट्स को लगता है डीएसए के अंदर मैथ होती है डीएसए के अंदर मैथ नहीं होती डीएसए के अंदर लॉजिक होता है तो हम मैथ नहीं सीख रहे हमें फॉर्मूले यूज़ नहीं करने हमें तो भाई लॉजिक देखना है कि कैसे उसी काम को एक प्रोग्राम एक कंप्यूटर से करवाया जा सकता है अब कंप्यूटर से करवाने से पहले हमें खुद अपना दिमाग यूज़ करके उस उसको सॉल्व करना पड़ेगा तो हम वो दिमाग यूज़ करना वो लॉजिक बनाना सीख रहे हैं अभी तो लॉजिक क्या कहता है कि वन से लेकर n तक अगर हमें नंबर्स का सम कैलकुलेट करना है तो हम कैसे करेंगे इसे एक एग्जांपल से समझ लेते हैं लेट्स सपोज हमें n की वैल्यू फाइव गिवन है और मुझे वन से लेकर n तक का सम निकालना है तो उसके प लिए पहले वन को

37:47 ऐड करेंगे फिर टू को ऐड करेंगे बेसिकली ये मेरा सम है जिसके अंदर मैं पहले वन ऐड कर रही हूं टू ऐड कर रही हूं थ्री ऐड कर रही हूं फोर ऐड कर रही हूं फाइव ऐड कर रही हूं मैं कुछ-कुछ नंबर्स को ऐड करते चले जाऊंगी जब तक मेरा n नहीं आ जाता लास्ट में मुझे हमेशा वन से शुरू करना है और मुझे n तक नंबर्स को ऐड करना है तो ये सारे के सारे नंबर्स को मैंने ऐड कर दिया मुझे पता है मेरा आंसर 15 होना चाहिए और 15 को फाइनली हम जाके प्रिंट करवा देंगे ये ओवरऑल लॉजिक होता है मैथ में पेपर पेन पे करना होता तो ऐसे ही करते अब इसमें इनपुट क्या होगा इनपुट भी मुझे पता है कि मेरा वेरिएबल वैल्यू क्या है वेरिएबल मतलब जो चीज चेंज हो सकती है चेंज क्या हो सकता है सिर्फ ये एन चेंज हो सकता है शुरुआत तो हमेशा वन से ही करनी है वो तो फिक्स्ड है तो इनपुट मुझे करवाना है अपना ए इसको कैपिटल n लिख लेते हैं जहां तक मुझे अपने सम को कैलकुलेट करना है अब सम कैलकुलेट करने का

38:34 लॉजिकल तरीका है कि एक नंबर लो पहले वन लो उसको सम में ऐड करो फिर टू लो उसको सम में ऐड करो फिर थ्री लो उसको सम में ऐड करो फिर फोर लो उसको सम में ऐड करो तो क्यों ना हम कोई वेरिएबल ले ले या कोई ऐसा प्लेस होल्डर ले ले प्लेस होल्डर कह सकते हैं कंटेनर टाइप कि मैंने कोई नंबर ले लिया लेट्स सपोज इस नंबर को मैंने काउंट कह दिया मेरा काउंट है जिसको मैं वन से श शुरू कर रही हूं मेरा काउंट है जिसको मैं वन से शुरू कर रही हूं और मैंने एक सम वेरिएबल ले लिया सम को मैं जीरो से शुरू कर सकती हूं क्योंकि शुरुआत में कोई भी नंबर नहीं है तो सम जीरो होता है अब एक-एक करके इस काउंट को मतलब इस वन को मैं सम में स्टोर करना शुरू कर दूं तो पहले मैंने क्या किया सम के अंदर वन स्टोर कर दिया फिर इस काउंट को बढ़ा के मैं दो कर दूं फिर मैंने टू को सम में ऐड कर दिया फिर इस

39:21 काउंट को बढ़ा के मैं तीन कर दूं फिर मैंने इसको सम के अंदर ऐड कर दिया फिर इस काउंट को बढ़ाकर मैं चार कर दूं चार को सम के अंदर ऐड कर दिया फिर इस काउंट को बढ़ा के मैं पांच कर दूं तो पांच को मैंने सम के अंदर ऐड कर दिया और इस काउंट को मुझे तब तक तब तक तब तक तब तक बढ़ाते जाना है जब तक लास्ट में मेरे पास n नहीं आ जाता क्योंकि मुझे तो n नंबर्स का सम चाहिए उसके आगे मुझे कोई मतलब नहीं है कि आगे कौन से नंबर्स आने वाले हैं मुझे तो रो से लेके n तक का सम चाहिए और ये सम में जब मैं इनको बार-बार ऐड करते जा रही हूं इनका फाइनल सम कैलकुलेट हो गया होगा व्हिच इज 15 जिसको मुझे प्रिंट करवा देना है तो लॉजिक क्या हुआ यहां पे लॉजिक ये हुआ कि कोई दूसरा वेरिएबल एक काउंट ले लो जिसको वन से शुरू कर लो और बार-बार इस काउंट को ऐड कर दो अपने सम में यह मेरा लॉजिक है और

40:06 यह लॉजिक अगर आपको थोड़ा सा यहां पे कंफ्यूज फील अगर हो रहा हो किसी स्टूडेंट को और उन्हें लग रहा हो कि मैम ये तो मैं शुरू से कैसे सॉल्व कर पाऊंगा यह तो मैं कैसे शुरू से सोच पाऊंगा तो मैं आपको बता दूं यह शुरू से कोई नहीं सोच पाता अगर आप फर्स्ट टाइम कोडिंग कर रहे हैं तो यह प्रोसेस होगा सॉल्यूशन निकालने का ये शायद ही कोई स्टूडेंट शुरुआत में सोच पाता होगा क्योंकि ये ये जो पूरा प्रोसेस है यह आपको लेक्चर देखकर ही समझ में आएगा यहीं से लॉजिक थोड़ा-थोड़ा थोड़ा-थोड़ा बिल्ड होना स्टार्ट होगा तो यहां पे कोई घबराने की जरूरत नहीं है कि ये मैं खुद से कैसे सोचूंगा ऑड इवन का लॉजिक मुझे खुद से कैसे हिट करेगा नहीं करेगा इसीलिए पहले लेक्चर के अंदर वो कांसेप्ट जो खुद से हिट नहीं करते उनको हम लेक्चर के अंदर पढ़ते हैं और फिर वो कांसेप्ट जो हमें हिट कर सकते थे उनको हम एज अ होमवर्क प्रॉब्लम प्रैक्टिस करते हैं तो बिल्कुल परेशानी की बात नहीं

40:52 है अगर आप ये खुद से नहीं सोच पाए क्योंकि कोडिंग के अंदर डीएसए के अंदर काफी सारी चीजें हो हो जो हम खुद से नहीं सोच पाएंगे और चाहे कोई प्रोग्रामर आज की डेट में कितनी भी बड़ी कंपनी के अंदर बैठा हो चाहे वह सीटीओ लेवल पे क्यों ना चला गया हो कितना भी कोई जीनियस हो कितना भी किसी के अंदर आईक्यू हो मेजॉरिटी प्रोग्रामर्स जब शुरुआत करते हैं जब वो स्टार्ट करते हैं कोडिंग को सीखना तो मेजॉरिटी प्रॉब्लम्स उनसे खुद से सॉल्व नहीं होती मेजॉरिटी प्रॉब्लम्स के उन्हें सॉल्यूशन समझने पड़ते हैं फिर उस सॉल्यूशन से रिलेटेड प्रॉब्लम्स को खुद से सॉल्व करने की कोशिश करनी होती है और हो सकता है जब आप रिलेटेड प्रॉब्लम्स होमवर्क प्रॉब्लम करो तब भी कुछ चीजें खुद से सॉल्व ना हो उसके बाद हम धीरे-धीरे धीरे-धीरे बार-बार उन प्रॉब्लम्स को सॉल्व करते हैं फिर कुछ नई प्रॉब्लम्स ट्राई करते हैं तब जाके लॉजिक बिल्ड होना शुरू होता है लॉजिक एक क्लास में एकदम से बिल्ड नहीं होता और कोई भी

41:39 नर्सरी क्लास से कोडिंग सीख के नहीं आया होता सारी कोडिंग जो सीखते हैं वो एज अ बिगनर माइंडसेट ही हर कोई सीखना शुरू करता है तो ये ओवरऑल लॉजिक है जिसमें हम क्या करेंगे एक काउंट वेरिएबल ले लेंगे वन से शुरू करेंगे बार-बार इसकी वैल्यू बढ़ाएंगे और इसको सम के अंदर ऐड करना शुरू करेंगे और सम में फाइनली हमारा सलूशन आ जाएगा अब यह जो लॉजिक है इसका फ्लो चार्ट भी आपको थोड़ा सा इंटरेस्टिंग और थोड़ा सा कॉम्प्लेक्शन का फ्लोचार्ट कैसे दिखेगा बेसिकली पहले तो मुझे स्टार्ट ही करना है यह काम मेरा फेवरेट है क्योंकि इसमें कुछ सोचना नहीं है दूसरा हमें यह ए चाहिए हमें इनपुट चाहिए तो मुझे सबसे पहले तो अपना इनपुट लेना पड़ेगा n तोय नंबर इनपुट n

42:24 लेना पड़ेगा इसको पैरेललोग्राम में ले लिया उसके बाद अब क्योंकि मुझे सम कैलकुलेट करना है शुरुआत में सम की वैल्यू जीरो होगी तो मुझे एक वेरिएबल डिफाइन करना है बेसिकली सम नाम का मैथ के अंदर वेरिएबल होते हैं जो कोई भी वैल्यू होल्ड कर सकते हैं तो सम नाम की एक चीज डिफाइन करनी है जिसके अंदर वैल्यू है जीरो ये मेरा सम हो गया और एक काउंट डिफाइन करना है जिसको हम शुरू करेंगे कहां से इसको हम वन से शुरू करेंगे तो यह हो गया मेरा काउंट इ इक्वल टूव और सम इ इक्वल टू 0 अब यहां पर क्योंकि इनपुट आउटपुट तो है नहीं तो यह मेरा प्रोसेस ब्लॉक बन जाएगा तो इस तरीके का पास ब्लॉक आ जाएगा जिसमें सारी की सारी वैल्यूज आ जाएंगी एंड इतना जो लॉजिक है यह मेरे लिए स्ट्रेट फॉरवर्ड लॉजिक है अब ये जो प्रोसेस ब्लॉक में हमने चीजें लिखी है ना प्रोग्रामिंग के अंदर इस स्टेप को इनिशियल इजेशन कहते हैं इनिश इजेशन का

43:12 मतलब होता है कुछ स्टार्टिंग वैल्यूज दे देना जैसे सम को स्टार्टिंग वैल्यू मैंने ज़ीरो दे दी अगर मैं कुछ और कैलकुलेट कर रही होती तो जरूरी नहीं है वैल्यू ज़ीरो होती कई बार हो सकता है इनिश इजेशन में वैल्यू वन जा रही हो जैसे काउंट को तो मैं ज़ीरो से स्टार्ट नहीं कर रही इसको तो मैं वन से स्टार्ट कर रही हूं तो इनिशियलिज्म के पीछे लॉजिक होता है पर इतना डिटेल में हमें जाने की जरूरत नहीं है बाद में सीख लेंगे इनिश इजेशन क्या होता है अब मुझे क्या करना है बार-बार मुझे पता है मुझे मेरे सम के अंदर अपने काउंट को ऐड करना है क्या मैं कह सकती हूं मुझे ऐसा कुछ काम करना है कि सम की नई वैल्यू क्या बने सम की वैल्यू में सम तो हो ही प्लस उसके अंदर काउंट भी ऐड हो जाए मतलब पुरानी जो सम की वैल्यू है ना उसके अंदर मैं काउंट को ऐड कर दूं इस तरीके का मुझे कुछ करना है जैसे सम के अंदर अगर इतना सम ऑलरेडी कैलकुलेट हो चुका था तो अब इसमें बस मुझे चार को और ऐड करना है पुराने वाले को डिलीट नहीं कर

43:57 देना उसमें चीजें ऐड करनी है तो मेरे लिए काम क्या है काम मुझे बेसिकली यह करना है कि मुझे सम के अंदर सम प्लस काउंट कर देनी है इसकी वैल्यू और ये स्टेटमेंट मैंने थोड़ा सा साइड में क्यों लिखी उसका लॉजिक अभी समझ में आएगा मुझे यह काम तो करना है पर यह काम मुझे कब तक करना है वो पहले बताना पड़ेगा सम इ इक्वल टू सम प्लस काउंट काम में करना जाती हूं यह मेरा प्रोसेस ब्लॉक हो गया पर कब तक करना है ये काम यह काम सिर्फ तभी करना है जब काउंट की वैल्यू ले = n हो जैसे ही काउंट ग्रेटर द n हो गया मुझे काम नहीं करना जैसे पांच को मैंने ऐड कर दिया अब काउंट की वैल्यू तो बढ़ के छह भी होगी काउंट की वैल्यू तो बढ़ के सात भी होगी तो क्या मुझे छह और सात को भी सम के

44:43 अंदर ऐड करना है नहीं क्योंकि वह n से बड़े हो गए तो मुझे तब तक ही काउंट को सम के अंदर ऐड करना है जब तक काउंट की वैल्यू ले = n है तो सबसे पहले तो हमें चेक करना पड़ेगा कि क्या मेरे काउंट की जो वैल्यू है इज़ इट ले इक्ट n पहले तो हमें कंडीशन ही चेक करनी पड़ेगी तो इसको तो पहले कंडीशन ब्लॉक के अंदर हमें लिखना होता है तो ये मेरी कंडीशन है कि क्या काउंट की वैल्यू लेसन इक्वल टू n है इसके दो ही जवाब हो सकते हैं या तो यस या नो अगर यस है तब तो काम करना है तो यह मेरी यस वाली लाइन हो गई अगर नो है तब मुझे काम नहीं करना तो यहां पर जैसे ही हमने इनिला कर दिया वैल्यूज को सबसे पहले हमें चेक करना है कि काउंट लेसन इक्वल टू n है ना एंड इसे एक बार थोड़ा सा हम रि साइज करके छोटा कर लेते हैं इस तरीके

45:31 का हमारा अभी तक लॉजिक रहा है जिसमें हमने काउंट को शुरू किया वन से सम को शुरू किया जीरो से क्या काउंट लेसन इक्वल टू n है यस यस है तो भाई काम कर लो हमने अपना काम कर दिया और नहीं है तो कुछ नहीं करना मतलब सम अभी तक कैलकुलेट हो गया होगा जैसे य छ बनेगा जैसे ही काउंट छ बनेगा सम कैलकुलेट हो चुका होगा सम कैलकुलेट हो चुका होगा तो हमें प्रिंट करवा देना है अपने सम को एंड इसके लिए अपना पैरेललोग्राम यानी आउटपुट ब्लॉक ले आते हैं और लास्ट में हम कर सकते हैं एंड क्योंकि कभी ना कभी ऐसा पॉइंट तो आएगा ही जब हमारा काउंट n से बड़ा हो जाएगा अब यह तो मैंने सम कैलकुलेट कर लिया और काउंट को ऐड कर दिया पर काउंट की शुरुआत कहां से हुई थी काउंट पहले था वन तो मैंने वन को सम के अंदर ऐड कर दिया अब

46:18 मुझे इस काउंट को टू बनाना पड़ेगा मतलब इस काउंट को मुझे वन से बढ़ाना पड़ेगा और किसी भी वेरिएबल को वन से कैसे बढ़ा सकते हैं हम हम बेसिकली काउंट को भी लिख सकते हैं काउंट इ इक्वल टू काउंट ् 1 कि काउंट की जो भी पुरानी वैल्यू थी उसमें प्लव ऐड कर दो तो बढ़ गया मैं क्या करूंगी जैसे ही मैंने ये काम कर लिया उसके बाद नेक्स्ट स्टेप हमेशा होता है कि काउंट को अब वन से बढ़ा दो फिर दोबारा यही स्टेप करो फिर दोबारा काउंट को वन से बढ़ा दो फिर दोबारा यही स्टेप करो फिर दोबारा काउंट को वन से बढ़ा दो और ये बहुत इंपॉर्टेंट कांसेप्ट है जिसको हम यहां पे पढ़ रहे हैं ये कांसेप्ट हमें लूप्स वाले चैप्टर के अंदर हेल्प करेगा हम c+ के अंदर बहुत इंपोर्टेंट कांसेप्ट है जिसको पढ़ते हैं विच इज लूप्स व यहां पे ये लॉजिक बिल्डिंग हमें हेल्प करेगी तो जैसे ही मैंने सम के अंदर काउंट को ऐड कर दिया अब काउंट की वैल्यू को बढ़ा देंगे काउंट की वैल्यू को

47:04 बढ़ाने के लिए हम यहां से एक एरो निकाल सकते हैं और हम लिख सकते हैं काउंट इज इक्वल टू काउंट + 1 ये भी हमारा प्रोसेस ब्लॉक हो जाएगा क्योंकि कुछ इनपुट आउटपुट नहीं है और एक बार हमने दोबारा काउंट को + व कर दिया अब काउंट की वैल्यू मान लो टू हो गई तो दोबारा क्या काम करना है यही वाला काम करना है दोबारा से काउंट को सम के अंदर ऐड करना है तो उस स्टेप पर कैसे जाएंगे सम के अंदर ऐड करने से पहले बेसिकली मेरी ये एरो यहां पर आकर जुड़े गी ठीक है सम के अंदर तो ऐड करना है पर उससे पहले दोबारा कंडीशन को चेक करना पड़ेगा कंडीशन ठीक है तभी काउंट ऐड होगा फिर काउंट अपडेट होगा फिर कंडीशन चेक होगी तो आई होप ये ओवरऑल लॉजिक हमें समझ में आ रहा है इस लॉजिक को एक बार थोड़ा सा हम क्या करते हैं ड्राय रन कर लेते हैं यह शब्द भी आपको बार-बार सुनने को मिलेगा ड्राय रन

47:50 करने का मतलब होता है एग्जांपल लेके अपने सॉल्यूशन को एनालाइज करना मान लो n मिला है 3 n3 मिला है छोटी वैल्यू ले ली छोटा सॉल्यूशन ले लिया इनपुट कर लिया n को काउंट क्या हो गया काउंट हो गया वन तो मेरा एक काउंट है काउंट इ इक्वल टूव सम है शुरुआत में जीरो अब सबसे पहले तो हम चेक कर रहे हैं सॉल्यूशन में क्या काउंट लेस दन इक्व n है क्या 1 लेन इक्व 3 है यस 1 इ लेन इक्व 3 तो भाई सम के अंदर वन को ऐड कर दो तो सम के अंदर काउंट ऐड हो गया उसके बाद काउंट को बढ़ा दो बाय वन तो काउंट बढ़ के टू हो गया अब दोबारा से चेक करना पड़ेगा कि क्या ये जो टू है क्या ये 2 < n है 2 < 3 है यस 2 इज लेस दन 3 तो दोबारा से हम क्या कर गए लूप में आ गए लूप का

48:36 मतलब होता है गोल चक्कर में आ गए एक तरीके से तो हम क्या कर गए इधर से गए थे और इसी रास्ते अब वापस आ गए दोबारा क्योंकि सेम काम कर रहे हैं ना जब हमें बार-बार बार-बार सेम काम करना है क्या सेम काम करना है सम के अंदर काउंट को ऐड करो काउंट को इंक्रीज करो सम के अंदर काउंट को ऐड करो काउंट को इंक्रीज करो सम के अंदर काउंट को ऐड करो काउंट को इंक्रीज करो जब बार-बार सेम काम करना होता है तो उसको हम लूप कहते हैं और वो लूप फ्लो चार्ट के अंदर कुछ ऐसा दिखाई देता है तो दोबारा चेक करेंगे 2 < 3 है यस तो टू को सम के अंदर ऐड कर देंगे तो 2 यहां आ गया फिर टू को दोबारा इंक्रीज कर देंगे काउंट इंक्रीज हुआ काउंट की वैल्यू अब थ्री हो गई फिर चेक करेंगे क्या 3 < = 3 है यस लेस दन नहीं है पर इक्वल टू तो है तो थ्री को ऐड कर देंगे सम के अंदर अब काउंट को बढ़ा देंगे अब काउंट इस बार जब बढ़ के यहां पर

49:21 आएगा अब चेक हो गया क्या काउंट की वैल्यू लेन इक्वल n है लेन = 3 है इसका जवाब आएगा नो नो का मतलब है अब हमें य लूप नहीं चलाना अब हम इस लूप से बाहर निकल गए अब हम यहां आ जाएंगे अपने सम को प्रिंट करवा देंगे सम की क्या वैल्यू प्रिंट होगी 1 + 2 + 3 दिस इज इक्वल टू 6 फाइनल आंसर सिक्स प्रिंट हो जाएगा और हम कर जाएंगे एग्जिट और अगर हमें वन से 3 तक नंबर्स का सम निकालना है तो व वो सम भी क्या होता है 1+ 2 + 3 दैट इज इक्वल टू 6 वही सेम आंसर हमारे पास लॉजिकली प्रिंट हो गया है लॉजिकली निकल गया है तो इस तरीके से हमारी जो प्रॉब्लम है उसका हम सॉल्यूशन निकाल सकते हैं अब इस पूरे सॉल्यूशन के लिए सूडो कोड लिखते हैं सूडो कोड भी आसान होने वाला है मैंने आपको पहले ही बताया था ये जो प्रॉब्लम है शुरुआत में थोड़ी सी डिफिकल्ट

50:07 लगती है सम ऑफ n नंबर्स क्योंकि हम फर्स्ट टाइम देख रहे होते हैं ऐसी प्रॉब्लम लूप को बेसिकली हम फर्स्ट टाइम लिखना सीख रहे हैं पर बहुत आसान है कुछ ज्यादा डिफिकल्ट है नहीं इसमें तो इसके लिए सूडो कोड लिखते हैं इनफैक्ट एक इंटरेस्टिंग चीज बताऊं ये जो हमने सम वन से n तक निकाला इसका c+ प् का कोड लिखना ज्यादा आसान है फ्लो चार्ट से मतलब ये फ्लो चार्ट थोड़ा सा भारी भरकम हो जाता है कभी-कभी तो इसीलिए इंटरव्यूज के अंदर या डीएसए के सवाल सॉल्व करते टाइम हम फ्लो चार्ट नहीं बनाते पर क्योंकि हम शुरुआत कर रहे हैं तो मैंने आपको ये फ्लो चार्ट बनाकर दिखाया सुडो कोड के लिए क्या करेंगे सूडो कोड के लिए सबसे पहला स्टेप तो यही है इनपुट कर लो n को तो हमने यहां इनपुट कर लिया अपने n को सेकंड स्टेप है कुछ वेरिएबल को इनिशियलिज्म

50:56 जी फिर थर्ड स्टेप क्या है थर्ड स्टेप में बेसिकली हम ये कंडीशन चेक कर रहे हैं पर क्या हम सिर्फ कंडीशन चेक कर रहे हैं हम सिर्फ कंडीशन चेक नहीं कर रहे हम क्या कर रहे हैं एक लूप में कंडीशन को चेक कर रहे हैं एरोज अगर आप नोटिस करोगे यह एरो यहां जा रही है यह एरो यहां जा रही है यह एरो दोबारा इधर आ रही है तोय गोल चक्कर में चीजें घूम रही है जब भी इस तरीके का लूप होता है फ्लो चार्ट के अंदर तो उस लूप को दिखाने के लिए हम लिखते हैं यहां पर वाइल हम सिर्फ इफ नहीं लिखते इफ का मतलब होता है इफ एल्स का मतलब होता है कंडीशन एक बार चेक हो रही है लेकिन वाइल का मतलब होता है वह कंडीशन बार-बार चेक हो रही है कौन सी कंडीशन है वो वो कंडीशन यह वाली कंडीशन है क्योंकि यह कंडीशन बार-बार बार बार बार-बार चेक हो रही है और इसी के ऊपर पूरा

51:43 लूप टिका हुआ है ये कंडीशन जब यस देती है तो लूप चलता है ये कंडीशन जब नो देती है तो लूप नहीं चलता तो ये बहुत इंपॉर्टेंट कंडीशन है तो इस कंडीशन को हम लिखेंगे विद द हेल्प ऑफ दिस वर्ड कॉल्ड वाइल वाइल का मतलब इंग्लिश के अंदर होता है जब तक जब तक यह कंडीशन सच है तब तक मेरा लूप चलेगा जैसे ही कंडीशन फॉल्स होगी हम लूप से बाहर आ जाएंगे बहुत सिंपल चीज है तो वाइल कंडीशन क्या है जब तक काउंट की वैल्यू लेसन इक्व ट n है अगर इसने यस दे दिया तो यस दे दिया तो क्या-क्या होगा यस दे दिया तो यह वाला काम भी होगा और यह वाला काम भी होगा तो उनको हम थोड़ा सा स्पेस लिख करर दिख देते हैं लूप के अंदर पहला काम होगा कि सम के अंदर हम काउंट को

52:32 ऐड कर देंगे और दूसरा काम होगा कि काउंट के अंदर हम वैल्यू को कर देंगे काउंट + 1 अब यह वह सारे काम है जो लूप जब तक चलता रहेगा तब तक यह काम बार-बार बार-बार रिपीट होकर होते रहेंगे पर जैसे ही लूप खत्म हो गया वैसे ही हमें यह वाला काम तो करवाना ही पड़ेगा तो फोर्थ स्टेप आ जाता है कि जैसे ही लूप खत्म हो गया हम हमारा जो भी सम होगा हम उसको प्रिंट करवा देंगे और फिफ्थ स्टेप होगा कि हम यहां से एग्जिट कर जाएंगे तो ये ओवरऑल हमारा सूडो कोड होने वाला है फॉर दिस पर्टिकुलर प्रॉब्लम अच्छा यहां पे एक और चीज मैं आपको सिखाती हूं जो थोड़ी सी एडिशनल है जो जनरली हम c+ प्स करते टाइम सीखते हैं जब भी हमारे पास इस तरीके की कुछ सिचुएशन होती है ना कि मैंने लिख दिया a = a + 5 इस तरीके का मैंने कुछ लिख दिया तो इसी को शॉर्ट फॉर्म में लिखने

53:18 का तरीका होता है a + = 5 और यह तरीका कोड में हम लिखते हैं तो कोड में इसी चीज को लिखने का एक छोटा तरीका यह होता है प्लस इक्वल टू ऑपरेटर इसे हम एक तरीके का असाइनमेंट ऑपरेटर कहते हैं पर ऑपरेटर क्या होते हैं वोह बाद में सीखेंगे पर इसी चीज को अगर आप शॉर्ट में लिखना चाहते हैं तो आप प्लस इक्वल टू लिख सकते हैं शॉर्ट में मतलब जब लेफ्ट में भी वही वैल्यू हो राइट में भी वही वैल्यू हो तो उसको एक ही बार लिखो और प्लस इक्वल टू कर दो कि उसी वैल्यू में प्लस हो रही है यह वाली वैल्यू तो इस चीज को हम यहां पर कैसे यूज कर सकते हैं तो बेसिकली अपने फ्लो चार्ट के अंदर हम ये दो स्टेटमेंट लिख रहे हैं और सूडो कोड में भी ये दो स्टेटमेंट लिख रहे हैं अब इसी सम इज इक्वल सम प्लस काउंट को लिखने का दूसरा तरीका है सम प्लस इक्वल टू काउंट इसे दूसरी तरीके से लिखने का तरीका

54:04 है काउंट प् = 1 सेम वे में यहां पर इस लाइन को हम लिख सकते हैं सम प्लस इक्वल टू काउंट और इस लाइन को हम लिख सकते हैं काउंट प्लस इक्व टू 1 ये क्या हो जाएगा थोड़ी सी चीज शॉर्ट हो जाएगी ये अभी आप उतना अप्रिशिएट नहीं करेंगे क्योंकि अभी तो हम पेपर पेन पे चीजें लिख रहे हैं पर कोड में अगर हम ऐसे चीजें लिखते हैं तो वो देखने में और ज्यादा बेटर लगती हैं कोड को ज्यादा रीडेबल बनाती है तो आई होप कि यहां से हमें समझ में आया होगा कि सम ऑफ n नंबर्स को कैसे हमने सॉल्व किया इन द फॉर्म ऑफ अ फ्लो चार्ट एंड अ सूडो कोड अब नेक्स्ट एक और काफी मिलती-जुलती सी एक प्रॉब्लम सॉल्व करेंगे जिसमें हम फाइंड कर रहे हैं इफ अ नंबर इज अ प्राइम नंबर ऑर नॉट मैथ के अंदर प्राइम नंबर्स वैसे तो

54:50 हमें पता होगा पर मैथ के अंदर प्राइम नंबर्स वो नंबर्स होते हैं जो सिर्फ अपनी अगर कोई नंबर n है तो या तो वो अपनी टेबल में आएगा या वो वन की टेबल में आएगा उसके अलावा वह किसी और नंबर की टेबल में नहीं आता ये सबसे सिंपल डेफिनेशन है इसकी या फिर कह सकते हैं कि उसके सिर्फ दो ही फैक्टर्स होते हैं या तो वो नंबर खुद या फिर वन जैसे फॉर एग्जांपल थ्री इज अ प्राइम नंबर थ्री किस-किस की टेबल में आता है थ्री एक तो एक की टेबल में आता है एक तीन की टेबल में आता है इसके अलावा थ्री किसी की टेबल में नहीं आता तो हम कह सकते हैं कि थ्री इज अ प्राइम नंबर या अगर हम यहां पर सेवन का एग्जांपल लें तो सेवन हम सबको पता है कि एक तो वन की टेबल में आता है एक खुद की टेबल में आता है उसके अलावा किसी और की टेबल में नहीं आता या फिर हम सेन को लिख सकते हैं एज 1 * 7 और 7 * 1 इन

55:39 द फॉर्म ऑफ इट्स फैक्टर्स फैक्टर्स होते हैं वो नंबर्स जिसे किसी बड़े नंबर को डिवाइड किया जाता है तो सेवन को सिर्फ वन और सेवन से ही डिवाइड किया जा सकता है और किसी से वो डिवाइड करके रिमाइंडर ज़ीरो नहीं देता तो 7 हो गया 3 हो गया 13 हो गया यह सारे के सारे क्या हैं ये सारे के सारे प्राइम नंबर्स हैं टू भी एक स्पेशल प्राइम नंबर होता है जो अकेला इवन प्राइम होता है इवन प्राइम कहने का मतलब है कि टू से अगर कोई बड़ा इवन नंबर होगा तो वो तो हमेशा टू की टेबल में एक्स्ट्रा आ ही जाएगा तो टू से कोई बड़ा इवन नंबर नहीं होता जो एक प्राइम नंबर होता है टू अकेला इवन प्राइम नंबर होता है व्हिच इज स्पेशल अबाउट टू एंड प्राइम नंबर्स ऑब् वियस हम टू या टू से बड़े नंबर्स के लिए ही हमेशा चेक करते हैं तो ये तो हो गए हमारे प्राइम नंबर्स तो प्राइम के एग्जांपल में जैसे हमारा टू हो गया जैसे हमारा थ्री हो गया जैसे फाइव एक प्राइम नंबर है सेवन एक प्राइम नंबर है

56:26 11 एक प्राइम नंबर है 13 एक प्राइम नंबर है अब बात करते हैं जो नॉन प्राइम्स होते हैं इनको हम नॉन प्राइम या कंपोजिट नंबर्स कहते हैं पर व इंपॉर्टेंट नहीं है जैसे मान लो फर हो गया 4 वन और फर की टेबल में तो आता ही है पर टू की टेबल में भी आता है जैसे सिक्स हो गया 6 वन की टेबल में और सिक्स की टेबल में आता ही है पर साथ के साथ यह टू की टेबल में भी आता है यह थ्री की टेबल में भी आता है तो इसको बहुत सारे फैक्टर्स हैं तो इस तरीके के जो नंबर्स हैं जो अपनी और वन की टेबल में तो आती है पर दूसरे और नंबर्स की टेबल में आते हैं तो इन्हें हम कहते हैं अपने नॉन प्राइम नंबर्स अब किसी भी नंबर के लिए कैसे फाइंड आउट करेंगे कि कोई भी नंबर एक प्राइम नंबर है या नहीं है बेसिक कंडीशन की हमने बात की मान लो कोई भी नंबर n मुझे गिवन है लेट्स सपोज आई एम गिवन अ नंबर सेवन सेवन

57:11 मुझे गिवन है अब सेवन के लिए अगर मुझे लॉजिकली देखना है कि सेवन प्राइम है या नहीं है तो मुझे यह देखना है कि सेवन सिर्फ वन और सेन की टेबल में आ रहा है या नहीं आ रहा इनके अलावा किसी और टेबल में तो नहीं आ रहा तो हमें इस सेवन को बार-बार कुछ-कुछ नंबर से डिवाइड करके चेक करना पड़ेगा कि उनकी टेबल में आ रहा है या नहीं आ रहा अब सबसे पहले इसे वन से डिवाइड करके चेक कर सकते हैं 7 व की टेबल में तो आएगा ही फिर टू से चेक करेंगे फिर थ्री से चेक करेंगे फिर 4 5 6 क्या सेवन सेन की टेबल में आएगा सेवन की टेबल में तो हमेशा आएगा ही क्या एट की टेबल में आ सकता है सेवन नो बिकॉज सेवन इज स्मॉलर देन एट जैसे सेवन एट की टेबल में नहीं आ सकता वैसे नाइन की में भी नहीं आ सकता 10 की में भी नहीं आ सकता तो बेसिकली उसके आगे मुझे चेक करने की जरूरत नहीं है इसको मैं रिपीट

57:56 करके कह देती हूं कि क्योंकि मुझे सेवन के लिए चेक करना है और मुझे पता है सेवन अपने से बड़े नंबर्स की टेबल में तो नहीं आएगा उसको कहने का मैथमेटिकल टर्म ये है कि सेवन के कोई भी फैक्टर सेवन से बड़ा नहीं हो सकता तो बड़े नंबर से तो मुझे मल्टीप्लाई करना है ही नहीं और सेवन से भी मुझे नहीं मल्टीप्लाई करना क्योंकि सेवन तो हमेशा सेवन की टेबल में आएगा ही और वन से भी मुझे मल्टीप्लाई नहीं करना क्योंकि सेवन तो वन की टेबल में आएगा ही क्यों क्योंकि वन की टेबल में हर नंबर आता है अगर सेवन तो चलो प्राइम नंबर है अगर यहां यहां पे सिक्स होता तो उसको भी वन से मुझे मल्टीप्लाई करके चेक करने की जरूरत नहीं है ना सिक्स से चेक करने की जरूरत है और सिक्स से बड़े नंबर से भी चेक करने की जरूरत नहीं है मुझे इस नंबर को सिर्फ टू से लेकर n -1 तक चेक करने की जरूरत है यहां पर भी 2 से लेकर n - 1 मतलब 6 तक चेक

58:45 करने की जरूरत है तो जब मैं 7 को टू से डिवाइड करूंगी मुझे पता चलेगा यह कंप्लीट डिवाइड नहीं होता फिर मैं थ्री से डिवाइड करूंगी पता चलेगा कंपलीटली डिवाइड नहीं होता कैसे कंपलीटली ड नहीं होता क्योंकि 7 मॉड्यूल 3 रो नहीं होता 7 मॉड्यूल 3 0 ना होने का मतलब है कि 7 थ्र से कंप्लीट डिवाइड नहीं होता रिमाइंडर जीरो नहीं देता रिमाइंडर की कहानी हम सबने पढ़ ली है 74 से भी कंपलीटली डिवाइड नहीं होता फाइव से भी कंप्लीट डिवाइड नहीं होता सिक्स से भी कंपलीटली डिवाइड नहीं होता क्या हम कह सकते हैं कि सेवन सिर्फ वन और सेवन से कंप्लीट डिवाइड होता है एंड दैट इज वई सेन इज अ प्राइम नंबर अब सिक्स के लिए देखते हैं सिक्स के लिए या किसी भी नंबर के लिए मुझे कहां से कहां तक देखना होता है 2 से लेकर n-1 तक तो 6 के लिए मुझे 2 3 4 और 5

59:33 के लिए चेक करना पड़ेगा क्या सटू से डिवाइड हो जाता है यस 62 से डिवाइड हो जाता है 6 मॉडलो ू जीरो होता है तो 62 से डिवाइड हो गया इसका मतलब है सिक्स एक नॉन प्राइम नंबर है सिक्स प्राइम नंबर नहीं है तो बेसिकली यहां पर लॉजिकली इसको समझे तो लॉजिकली मुझे क्या करना है लॉजिकली मुझे एक नंबर दिया जाएगा n मुझे मुझे इस नंबर को ू से लेकर n - 1 तक सारे नंबर से इसका मॉडलो निकालना है अगर इन सारे नंबर्स को हम किसी वेरिएबल लेट्स सपोज आ के अंदर ले ले जैसे हमने काउंट लिया था सम के लिए वैसे ही हमने आ ले लिया छोटा है तो आ को पहले हम टू रखेंगे फिर इसको हम थ्री रखेंगे फिर इसको हम फोर रखेंगे और ऐसे ऐसे इसको n - 1 तक लेकर जाएंगे तो बार-बार मुझे क्या करना है अपने n को मॉड्यूल लेना

1:00:21 है i के साथ और चेक करना है कि क्या यह मॉड्यूल जीरो आता है या यह मॉड्यूल जीरो नहीं आता या तो यह यस होगा या ये नो होगा अगर मॉड्यूल जीरो आ गया मतलब यस हो गया तो उसका मतलब नंबर क्या है उसका मतलब नंबर एक नॉन प्राइम नंबर है और मुझे आगे चेक करने की जरूरत नहीं है क्योंकि सिक्स अगर टू से ही डिवाइड हो गया तो नॉन प्राइम हो गया उसके बाद मुझे उसको थ्री से भी डिवाइड करने की जरूरत नहीं होती सिर्फ एक से ही डिवीजन काफी होता है लेकिन अगर नो आता है मतलब डिवाइड नहीं हो रहा तो हम बार-बार बार बार बार बार बारबार चेक करके डिवाइड करेंगे तो क्या करेंगे बार-बार रिपीट करेंगे अपने इस प्रोसेस को यह हमारा ओवरऑल लॉजिक होने वाला है इस लॉजिक को एक बार सूडो कोड में कन्वर्ट करने की कोशिश करते हैं आल्सो वन मोर एडिशनल थिंग ये जो

1:01:07 प्राइम नंबर का लॉजिक हमने डिस्कस किया है दिस इज़ नॉट द मोस्ट ऑप्टिमल सॉल्यूशन टू फाइंड प्राइम नंबर्स इससे भी बेटर ज्यादा ऑप्टिमाइज सॉल्यूशंस हैं जो एजिस्ट करते हैं पर क्योंकि अभी हम बिगनर स्टेज पे हैं उन सॉल्यूशंस को बाद में डिस्कस करेंगे अभी के लिए ऐसा सॉल्यूशन डिस्कस कर रहे हैं हम जो वर्क करता है जो हमें सही आंसर दे देगा तो प्राइम नंबर के लिए कैसे चेक करेंगे सबसे पहले तो स्टार्ट कर देंगे वेरी सिंपल उसके बाद मुझे क्या करना है उसके बाद मुझे इनपुट ले लेना है अपना कोई भी नंबर n जिसके लिए मुझे चेक करना है प्राइम या नॉन प्राइम तो इसके लिए पैरेललोग्राम बना लेते हैं फिर नेक्स्ट स्टेप क्या होगा नेक्स्ट स्टेप होगा अपने कुछ वेरिएबल डिफाइन करना मुझे बार-बार इसका आ के साथ मॉड्यूल लेना है तो पहले तो ये आ ही डिफाइन करना चाहिए क्या है आ का मतलब तो आ बेसिकली हम शुरू

1:01:53 करेंगे इस आ को टू के साथ क्योंकि मुझे टू से लेकर n - 1 तक नंबर्स को डिवाइड करना है तो ये हमारा प्रोसेस ब्लॉक हो गया अब नेक्स्ट स्टेप हमारे लिए बेसिकली चेक करना होगा कि ठीक है मुझे n को i से मॉडलो लेकर डिवाइड करना है पर मुझे ये भी तो चेक करना पड़ेगा मेरा i तो ठीक है ना i तो ठीक है मतलब i की वैल्यू अगर n - 1 के लेस दन इक्वल टू है i अगर लेसन इक्वल टू n - 1 है मतलब n अगर 6 है तो i मैक्सिमम फाइव तक जा सकता है सिक्स नहीं हो सकता तो वो कंडीशन मुझे चेक करनी पड़ेगी कंडीशन है कि अगर आ लेसन इक्वल टू n माइव है तभी मुझे ए मॉड्यूल आ लेना है नहीं तो नहीं लेना तो n मॉड्यूल आ के लिए हमें क्या करना है यहां पर यह मेरा एक डायमंड ब्लॉक आ गया जिसमें

1:02:38 या तो यस की कंडीशन आएगी या इसमें जिसमें या तो यस की कंडीशन आएगी या फिर इसमें नो की कंडीशन आएगी इनफैक्ट इस पूरे फ्लो चार्ट को हम यहां पर थोड़ा सा रिसाइट कर लेते हैं कुछ इतना तो सबसे पहले तो मुझे चेक करना है मेरा आई वैलिड है है क्या i < इ n - 1 है क्या या तो इसका आंसर नो आएगा या इसका आंसर यस आएगा नो कहने का मतलब है कि i बड़ा हो गया i की वैल्यू n पहुंच गई अब कोई मॉडलो नहीं लेना अब सबसे पहले अपना यस वाला काम खत्म करते हैं अगर आ वैलिड है वैलिड कहने का मतलब आ लिमिट में है 2 से n-1 की तो हमें क्या करना है तो हमें n मॉड्यूल आ को चेक करना है अगर आ वैलिड है मतलब यहां पर य है तो

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