0:00 को है अच्छा है
1:00 जो हुआ अच्छा गुड मॉर्निंग सभी सब्जियों को बहुत सारा प्यार नमस्कार सभी बच्चों को बहुत-बहुत है सबसे पहले तो आज सोलह अप्रैल है और सभी को बहुत-बहुत बधाई कि आप लोग सुबह 8:00 पढ़ने के लिए ताकि हम लोग शाम को साथ जुलूस कवर कर रहे थे जो थोड़ा सा फाल समस्या आ रही थी सब्सक्राइब कर ली गई है और हमने क्लोज को मारने में करते तो
1:46 में जोश के साथ उत्साह के साथ पढ़ते समय में कोचिंग नहीं कर पा रहे हैं तो आप घर पर आराम से बैठ के साथ को कवर करें तो उम्मीद राहुल सोनी चंद्रेश अभिषेक गहरे रंग नारायण ने एक तांगे इस सभी बच्चों को गुड मॉर्निंग गुड मॉर्निंग बॉक्सर प्यार और आज आपको दिख रहा होगा मौर्य सम्राट के बारे में पढ़ना है लास्ट हैं उन लोगों ने मौर्य सम्राट पड़ा था लेकिन वहां पर सिर्फ मैं चंद्रगुप्त मौर्य और बिंदुसार के बारे में पढ़ा था आज जो बात करेंगे हम लोग बात करेंगे अशोक के बारे में और साथ में मौर्य सम्राट के प्रशासन के बारे में जो आपको प्रशासन कहीं भी पढ़ नहीं मिलता लेकिन पेपर में प्रशासन से पुलिस ने पूछे जाते
2:32 हैं इसीलिए सभी बच्चे धैर्य बनाए रखे काफी पर निकाल लो नोट्स बनाना स्टार्ट कर दो दिसंबर जी अभी शर्मा सभी बच्चों को गुड मॉर्निंग मॉर्निंग झाल चलिए बहुत बढ़िया किरण घोड़े चाहिए बहुत बढ़िया सभी बच्चों को गुड मॉर्निंग वीडियो को लाइक सबस्क्राइब और शेयर करें पूजा मिथलेश सिंह सुनील पवार तबीयत चौक वीडियो को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें तो लाइक कर दो चल भाई सब शुरू करते क्लास को तुम लोग आज अशोक प्रशासन के बारे में लूट का है पढेंगे तो सबसे पहले तो चंद्रगुप्त मौर्य और बिंदुसार के बाद बिंदुसार के बाद जो उत्तराधिकारी के रूप में बैठे का यह वह कौन बैठेगा तो आपको पता होना चाहिए वह बैठेंगे कौन वह महंगे अशोक
3:22 अशोक के बारे में बिलकुल आराम सब लोग पढ़ते हैं जबरदस्त तरीके से एक नया अंदाज से ठीक तो सबसे पहले तो पॉइंट आपका यही बनेगा कि जो बिंदुसार का बेटा हुआ उसका नाम था अशोक और अशोक जो थे अशोक जो थे वह गद्दी पर कब बैठे मदद की तो याद रखिएगा यह गद्दी पर बैठा 269 बी सी डी में 269 बीती मतलब दोस्तों बहुत इंपोर्टेंट इसने अशोक की गद्दी या जो हर पूछा जाता है किस सन में हुआ था तो आपको आसाराम्स बताना है कि अशोक जो गद्दी पर बैठे 269 बीच Twitter मेह और यह याद रखिएगा बहुत ध्यान से अशोक के पिता जी का
4:08 नाम तो बिंदुसार पता है लेकिन अशोक के बारे में बहुत ही प्रचलित घटना है क्या है ध्यान रखिएगा एक थे इतिहासकार जिनका नाम का सिंह दिल्ली की जनता पिंगली कि एक इतिहासकार जिनका नाम का सिंहली और सिंहली के अनुसार दिल्ली के अनुसार अ क्यों क्या हुआ था तो देख लेते हैं इमली के अनुसार अशोक राजगद्दी पर बैठने से पहले अ तु राजगद्दी पर बैठने से पहले ने अपने 99 भाइयों के अध्यक्ष ए के सिंहली के अनुसार अशोक राजगद्दी पर
4:55 बैठने से पहले 99 भाइयों की क्या स्तिथि मीणा में 99 भाइयों की हत्या की थी एक बहुत ही महत्वपूर्ण बात है और एक ही प्रश्न आता है किस इतिहासकार के अनुसार तो आप आराम से बता सकते हो एक बार अशोक देखो अशोक के पिता से अनुसार उनकी दो तीन पत्नियां थी थोड़ा सा कौन सी पत्नी से अशोक का जन्म हुआ था तो अशोक के माता का क्या नाम था तो आपको यह ध्यान रखना है और शो की माता का जो नाम था वह असुर आऊंगी कि सौरभ करेंगी यह शो की माता जी का नाम था सुभद्रांगी क्लियर और सिंहली के अनुसार अशोक ने अपने 99 भाइयों की हत्या की थी और
5:43 एक व्यक्ति पर जो बैठे थे तो 269 बीसी का टाइम पीरियड चल रहा था फिर बहुत ध्यान से समझेगा अशोक का नाम अशोक कहां मिलता है सबसे बड़ी बात तो दो अभिलेख थे दो मिले थे भून अभिलेखों का नाम क्या था तो याद रखेगा हैं उन अभिलेखों के नाम क्या थे तो याद रखिएगा यहां पर पर कि उन दोनों अभिलेख के नाम से मास की गुर्जर गुर्जर आ आ कि एक अभिलेख का नाम है मांस की एवं एक है मगर जरा तो पेपर प्रश्न आता है कौन से अभिलेख थे जिनमें अशोक का नाम अशोक ही
6:31 मिलता था अशोक का नाम अशोक ही मिलता था मतलब नामों का उल्लेख की बात कर रहा है तो नामों का जो उल्लेख है वह अभिलेख में अशोक के नाम का जो उल्लेख है वह अभिलेख में अभिलेख का नाम के मांस के मुजरा उसमें अशोक का नाम अशौक उल्लेखित किया जा रहा है और साथ ओं साथ में इसका पुराणों में क्या नाम लिखा हुआ है अशोक का नाम पुराणों में क्या बताया गया था यह भी याद रखिएगा अशोक का नाम पुराणों में जो बताया गया आप उसका एक नाम रखा गया अशोक वर्द्धन अशोक वर्द्धन एवं पेपर में एक शोर आता है देव नाम फ्री
7:16 तुम मोस्ट इंपोर्टेंट प्रश्न ऐड पिंपरी घिसता तक का नाम था तो देव नाम प्रीति जो था वह किस तक का नाम था वह अशोक तथा मौर्य वंश का सबसे प्रतापी शासक अशोक जिसका नाम मास की हम गुर्जरों अभिलेख में अशोक को अशोक कहा गया पुराणों में अशोक वर्द्धन एवं देव नाम प्रभु आज्ञा 22 अब देखो सबसे पहले तो हम सब को बताना चाहते हैं एक बार वीडियो को दास लोगों में शेयर करना है साथ में वीडियो को लाइक करना है वह सब बिल्कुल मजा आ जाएगी एक प्रश्न रखवाने की जिम्मेदारी राघव सकती है अगर आप लाइक शेयर नहीं कर रहे हैं आलू हमारे साथ अब क्या कर रहे हो हेलो क्या कर रहे हो ठीक है चलिए अंकित जी मेरी वाइफ क्लियर हो गई होगी मैंने साउंड को थोड़ा दूर कर दिया
8:03 ठीक है खाओ बढ़िया चल बाय शेयर लाइक मत रोकना क्योंकि बहुत मेहनत से पढ़ाते हैं आपको ठीक है फिर आगे बहुत आसान समझ अशोक की कई सारी पत्नी हुई लेकिन एक पेज शेयर अशोक के विपरीत पत्नी का नाम क्या था अशोक के विपरीत पत्नी कौन बनी तो याद रखिएगा उनका नाम था कारुवाकी है क्या कारू वह की क्लियर है फिर उसके बाद अशोक कि जब पत्ती का नाम पता चल गया करूंगा कि तो ही पता चलेगा कि इनके पुत्र का ज्ञान धन मतलब उनके बच्चों का नाम क्या था और इनकी पुत्री का नाम भी मतलब उनकी
8:49 बिटिया का क्या नाम था तो भी देख लेते हैं कि जो अशोक की पत्नी का नाम था करूंगा कि यह देख लेते हैं पुत्र कौन बना तो पुत्र के नाम था इनका महेंद्र है मैं अशोक के पुत्र का नाम धमेंद्र और जबकि अशोक की पुत्री का नाम बिटिया का का नाम रहा है तो बिटिया का नाम रहा है बिटिया पुत्री पुत्री आप आराम से बता सकते हो उसका नाम था संगमित्रा क्या नाम था घाव मित्रा मैं आराम से बता सकते हो आप बिल्कुल जबरदस्त अंदाज में के शो की माता का नाम सुभद्रांगी पत्नी का नाम करूंगा कि पुत्र
9:35 का नाम महेंद्र पुत्री का नाम संगमित्रा और बप्पा का नाम बिंदुसार 269 बीच में गद्दी पर बैठे थे और सिंहली के अनुसार 99 भाइयों की हत्या गीत और अशोक का नाम अशोक मास की तथा गुर्जर अभिलेख में मिलता है तथा पुराणों में अशोक वर्द्धन तथा देव नाम प्री के नाम से ने जाना जाता है चलिए बहुत बढ़िया गुड मॉर्निंग मैडम सभी बच्चों को था वीडियो को आप लोग ज्यादा से ज्यादा शेयर कर देना मेरे लिए मेरे लिए सेट कर देना कि दो भाई साहब पढ़ लो यार मास्टर बहुत मेहनत से पड़ता है यहां पर चलो बहुत बढ़िया हां चल तेरा समझो 269 में गद्दी पर बैठा हूं
10:21 में 269 ऋषि में कहां पर बैठा गद्दी पर बैठा मदद की तो पेपर पर जाता है गद्दी पर बैठने से पहले वह उस समय क्या था तो उस समय वह अवंतिका राज्यपाल था ना की गद्दी पर बैठने के समय वह प्रजेंट टाइम में क्या था तो प्रजेंट टाइम में अशोक अवंतिका राज्यपाल था और अवंती 16 महाजनपदों में से एक जनपद था जिसकी पुत्री राजधानी उज्जैन थी तब दक्षिणी राजधानी महिष्मति थी जय महिष्मति ठीक है चलो बहुत बढ़िया क्या बात है आप लोग शेयर कर रहा है अब लग रहा दिल सब्सक्राइब और लाइक शेयर रोकना मत भाई साहब दिल से पड़ाव दिल से पकाया पूरी लिए बिल्कुल जबरदस्त अंदाज में खत्म करूंगा ठीक है आज प्रशासन पर आऊंगा
11:08 प्रशासन जो आपको कोई नहीं पड़ता पेपर प्रश्न पूछे थे इस दिन प्रात कि भाई सबको लगता है टॉप फटाफट आज तक को देना कितने आराम से दूर करूंगा आप खुद देखना बस लगे रहो भाई साहब लगे रहो मुन्नभाई ठीक है राधे राधे कृष्णा राधे राधे आप सबका प्यार बहुत सी जय श्री कृष्णा था तो मिक्स करते हैं इतनी बात आपको समझ में आ गई होगी अशोक के बारे में तो अशोक की जो बेसिक जानकारी है इतनी बात आपको बड़े दिमाग में बैठ गई होगी फिर बात समझना बहुत ध्यान से घुम अ यह स्किन सोलो फिर हम लोग थोड़ा सा आगे कल सब देखते हैं तो स्क्रीनशॉट फटाफट ले लो सभी बच्चों से मैं कहना चाहता हूं तो इसका इंसाफ लोग यह जबरदस्त तरीके से तो उम्मीद करते हैं इसके साथ ले लिया होगा इसको थोड़ा साइड में लगाते हैं और चीजों को और अच्छे से देखते हैं
11:55 तो चलिए इसको यहां पर लगा देते हैं अब भई सब बहुत ध्यान समझा आज बड़े जबरदस्त अंदाज में देखो पहले भारत दुआ करता ना कि यह उत्तरी भारत में पूरा यस हुआ करता था प्राचीन भारत प्राचीन भारत ऐसे हुआ करता था अरे यह उड़ीसा जो पड़ता है ना उड़ीसा यहीं पर यह पड़ता था जिसका नाम था कलिंग है कि अ कॉलिंग की कैपिटल हुआ करती थी है जिसका नाम था तो असली में कलिंग की राजधानी हुआ करती थी जिसका नाम था तो असली याद रखिएगा ठीक है कल इन्हीं की राजधानी हुआ करती थी जिसका नाम था तो असली अशोक ने क्या किया जब गद्दी पर
12:43 बैठा था 269 बीच में आ की गद्दी पर बैठे एक प्रकार कह सकते हो राज्यारोहण के बाद मतलब अपने आठ वर्ष तो आठवें वर्ष का मतलब क्या हुआ राज्य के आठ वर इसका मतलब है बच्चा उस स्थान का नाम था 261 बीसी कि 268 बीसी कि हम युद्ध अभियान के बारे में बताने जा रहे हैं कि जब आठवें वर्ष में जब मैं आठवां चला था उसके राज्य का उसके शासनकाल का तो उसने क्या किया कलिंग पर आक्रमण मार दिया मतलब आक्रमण कर दिया और क्लिनिक की
13:28 राजधानी थी तो असली कलिंग के राजा जो थे उनका नाम था वेल ई में कलिंग के राजा जो थे उनका तनाव खारवेल है को पिक अप द कॉलिंग पर जब आक्रमण कर दिया तो कलिंग का युद्ध हुआ था कलिंग का युद्ध हुआ इस युद्ध में डेढ़ लाख 1.5 लाख सैनिक तैनात किए गए डेढ़ लाख सैनिक है में मारे गए घायल हुए यह प्रकाश सिंह को क्षति पहुंची डेढ़ लाख सैनिक जिसे अशोक अजहरवे हुआ बहुत ज्यादा दुखी हो गया और
14:17 प्रकार आप कह सकते हो कि उसका हो गया तो उसने निर्णय लिया अब हम बात करेंगे तो प्रसन्नता दो-तीन बहुत प्यारे प्यारे कि कलिंग का युद्ध कब हुआ था तो आराम से बता सकता है 261 में अशोक अपने इस वर्ष पर मतलब राज संगठन के कौन से वर्ष में था तो रास्ते पर बैठे हुए अपने वर्ष के दौरान कलिंग पर आक्रमण किया था ठीक है उम्मीद करते हैं आपको समझ में आ गई होगी तो रख लेंगे फिर से 261 में क्या हुआ था कि 261 बीच में कलिंग का युद्ध होता है राजा खारवेल के साथ जिसमें कर लें अशोक के
15:06 तो विजय होती है लेकिन डेढ़ लाख सैनिक मारे जाते हैं अजय स्पेयरिंग मारे जाते हैं तो अशोक का धर्म के प्रधान परिवर्तन होता है और यह परिवर्तन होता है वह निर्णय लेता है कि अब हम लोग कभी जीव अब हम कभी जीवन में युद्ध नहीं लड़ेंगे तो आप कभी भी हम युद्ध नहीं लड़ेंगे तो उससे जाहिर यह बात होती है बहुत अच्छे से कि भाई साहब इसका उल्लेख कहां मिलता है तभी उन लोगों के बारे में बताएंगे अशोक के बाद समझे बहुत ध्यान से अशोक ने सबसे पहले मैं अशोक के समय में सबसे पहले अभिलेखों का पता चला कि इसका पता चला अभिलेखों का अभिलेखों का सबसे पहले पता चला दो
15:53 के अभिलेखों का प्रचलन किसने कराया अशोक ने अगले तीन माह के एक बच्चे अ जिसको कहते शिलालेख है को एक उग्र थे स्तंभ लेख है और एक उनका तत्वों के थे दुग्गी हाल एक अ याद दिला लेख-स्तंभ लेग को आलेख तीन भागों में इन अभिलेखों को क्या कर दिया गया बांट दिया गया क्लियर जिनमें पेपर आता है कि अशोक के शिलालेखों की संख्या कितनी थी 14 चिला लेकर बाद इस्तम लेकर संख्या के 307 अगुवा लेकर संख्या निर्धारित नहीं हो पाई
16:39 ठीक है याद रखिएगा यह ब्लैक बांट दिए गए और अभिलेखों के बारे में यह प्रश्न आता है कि अभिलेख अशोक के अभिलेख की खोज किसने की तो खोज याद रखिएगा 1700 250 हिस्ट्री में किसने कि वह की पार्ट एग्री ए पेनफुल अन्य एक पाठ इदरीश पैंथर लर्निंग कि यह भी याद रखिएगा अशोक के अभिलेख को कि अभिलेखों को सबसे पहले पढ़ा किसने अभिलेखों को पढ़ा किसने 1837 में वह पड़ा जेम्स प्रिंसेप ने जेम्स प्रिंसेप तो जेम्स प्रिंसेप जून था वह सबसे पहले पढ़ा
17:26 था आंसुओं के बल्ले को और पार्ट इद्री प्रिंस चढ़ता जितने सबसे पहले खोज की थी फिर प्रश्न याद रखिएगा बहुत जबरदस्त अंदाज में क्या याद रखोगे तो याद रखना 1750 में खोज की है पाठ दीपेंद्र ने 1835 में जैन प्रिंस ने इन अभिलेखों को पढ़ा और इन अभिलेखों की लिपि क्या रखी गई मतलब किस भाषा में लिखे गए तो अशोक के अभिलेख जोन-4 भाषा में लिखे गए कौन-कौन याद रखेगा एक तनाव राम भी अच्छा ठीक है मुंबई के अलावा जो दूसरा दूसरी जो बाद रखी गई उसका नाम रखा गया खरोश t&c है और खरोष्ठी के बाद जो दो अन्य भाषाएं
18:12 हैं जिसका नाम रखा गया ग्रीक और इसके अलावा एक और लिपि रखी गई जिसका नाम रखा गया और माइक माइक यह चार लिपिक अशोक की भी जो अभिलेखों में दर्ज थी स्पाइडर जितने लोग वीडियो को देख रहे हैं एक बार वीडियो को ज्यादा से ज्यादा लाइक कर देना उस शेयर कर देना बिल्कुल अंकित चंद्रोल जी आप बहुत अच्छे से फेंट बता रहे हैं अरे पूरे एक बिल्कुल काम से पॉज हो जाएगा लेकिन अगर सपोर्ट करोगे तो अगर सपोर्ट नहीं करोगे कुछ दिन की बात होगी बस ज्यादा दिन के बाद क्योंकि हम हिम्मत हार जाएंगे अपना दूसरा काम देख लेंगे पढ़ाना छोड़ देंगे ठीक है क्योंकि देखो मैं च आदमी काम ही करता है जब उसकी रोजी-रोटी निकल जाएगी और जब
18:57 रोजी-रोटी नहीं निकलेगी फायदा के पढ़ाने का ठीक है तो वह यह फिर अपना हम दूसरा काम देख लेंगे तो हुआ है कि सुधीर जी आदेश जी बहुत बढ़िया कि अगर आप लोग प्यार करोगे सपोर्ट करोगे तभी आगे बढ़ पाऊंगा वरना देखो आदमी कोशिश करता है प्रयास करता है 11 वाले चेहरे प्रयास जारी है मारा बटर मिनट तक आप लोग थोड़ा सा प्रयास कर रहा हूं मैं ऊपर ले जाने के लिए उस तो बस यह कि एक लिमिट होगा तो है लिमिट जा पाएंगे उससे तो जानिए भाई साहब सिंपल सी बात है मैं इतनी बाद स्मिथ करके समझ में आ गई होगी फिर आगे बात समझना बहुत ध्यान से कि कि जिस चार प्रकार के लिए अधीन के अभिलेख
19:44 होगी जो ब्राह्मी लिपि थी वह कहां पर प्रचलित थी वह भारत में खरोष्ठी लिपि कहां प्रचलित थी मीणा पाकिस्तान में और ग्रीक तथा माइक लिपियां कहां पर प्रचलित हैं तो यह अफगानिस्तान में तो यह अभिलेखों के बारे में आपको पता चल गया अच्छा से और कौन से लिपिक कहां पर प्रचलित थी यह आपको पता चल गया ठीक है चलिए बहुत बढ़िया आदि आप हमारे साथ थैंक यू सो मच बट बेटा सभी बच्चे साथ नहीं और मैंने लगता कि इस तरह पढ़ाई हो पाएगी क्योंकि तुम को हम भी यार कुछ उम्मीद लेकर आते हैं कितना अच्छा कंटेंट एक लोगों को कि थोड़ा समझ सपोर्ट करें कम समय कुछ नहीं क्यों 560 लोग तो कंटिन्यूअम से पढ़ाई करें यह बराबर अगर पड़ा है और लोगों को अगर लगता है कि अगर
20:31 थोड़ा सा यहां पर कंट्री मतलब है हां सितंबर जी आप यह बताइए सर हिम्मत क्यों हारते भाई सब 11 वीडियो हो चुकी है और बताइए कब तक मतलब है मतलब हमने बनाए रखें ठीक है है तब तक हम मीडियम मत बनाए रखेंगे आप हमें खुद बता दीजिएगा तो तो चलिए इतनी बात सुनाई गयी फिर उसके बाद सिलेक्ट 14 स्तंभ लेख साथ वाले की संख्या निश्चित नहीं है लिपियां बता दी गई और लिपियां सबसे पहले खोजा किसने अभिलेख पड़ा किसने सारे स्तन एक चीज मिनट्स बिल्कुल ड्यूकस कर दिया उसके बाद शिलालेख 14 स्तंभ के साथ वाले की संख्या निश्चित नहीं बताएगी जिसमें शिलालेख जो इंपोर्टेंट है वह कौन-कौन है तो याद रखिए का या एक तो पहला लेकर इंपोर्टेंट है तो पहले शिलालेख
21:19 में क्या बात कही गई है तो आप सबको बड़े अच्छे से पता होना चाहिए इसमें पशुबलि की निंदा की गई है तो पेपर में प्रश्न आता है अशोक के कौन से शिलालेख में पशुबलि की निंदा की गई है तो याद रखिएगा पहले इस लार इसमें बताया गया है कि पशुओं को मारना एक पशुओं को बलिदान करना एक प्रकार से क्या है नंदनी है यात्रिक नंदनी काम है अच्छा ठीक है चलो बहुत बढ़िया संजय जी अजीत जी पीडीएफ कैसे मिलेगा पीड़ित बेटा स्टडी पाई है पर मिलेगा ठीक है स्टडी पर यह डाउनलोड कर लो वहां से आपको मिल जाएगा चल तो पहले जो शिलालेख सकता उसमें पशुबल की निंदा की गई थी और याद रखिएगा बहुत अच्छे से दूसरे शिलालेख में क्या किया गया
22:07 दूसरे शिलालेख में अशोक ने क्या वर्णित करवाया मनुष्य एवं कि पशुओं की कि चिकित्सा जो मनुष्य तथा पशुओं की चिकित्सा का वर्णन किया एक प्रकार से यह पता चलता है अशोक पशु प्रेमी बहुत था जितना मंत्रों के वैल्यूएशन दी जाती थी उतना ही पशुओं को भी वैल्यू देता था क्लियर है तो इतनी बात आपको समझ में आ गई होगी और इसी में एक शिलालेख और बताएंगे हम वह बताएंगे क्या चार नंबर शिलालेख इंपोर्टेंट है चार नंबर सिला लेकिन याद रखिए का यह भारी घोष की जगह
22:53 ए वेरी घोषित अब ए रिगोरोस किससे संबंधित है युद्ध से अ ए वेरी बिग बॉस की जगह एक दम घोष की शुरुआत युद्ध में घोष की पल धम्म घोष की पार्टी को किसने इस प्रकार से आगे प्रसारित प्रचारित किया तू क्या किसने अशोक ने क्लियर है ए क्लियर है चल तो चार होंगे फिर कट एक से अलग और याद रखिएगा तेरवा शीलालेख तो 13 शिलालेख में ही पेपर पर जाता है कल अशोक कलिंग का युद्ध तहत कलिंग का युद्ध को किस शिलालेख में वर्णित है तय हुए धैर्य ही पेपर पर जाता है अशोक का ह्रदय परिवर्तन
23:39 अशोक का हृदय परिवर्तन जो होता है उसका उल्लेख कहां पर रहते थे मिथिला ले में तभी तो ह्रदय पतन होने के बाद यह तुरंत बहुत धर्म को अपना लेता है और बौद्ध धर्म की तीसरी बौद्ध संगीत भी इसी के शासनकाल में हो जाती है इसलिए अरे तो मिक्स करते आपको समझ में आ गया होगा चलिए यह पिक्चर बहुत बढ़िया गुड मॉर्निंग सुबोध दीपांशु शिवम अजीत किंजल जी चाहिए बहुत बड़ा बेटा था नई दिल्ली पीढ़ियां भी मिलेगी स्टडी पाई है पर आप हमें यह तो आप शेयर कब मारोगे
24:25 शेयर कब मारोगे वीडियो को ज्यादा से ज्यादा ज्यादा ज्यादा लोगों को कब लेकर आओगे कौन सा दिन होगा जिस दिन हमें खुशी मिलेगी कि चलो बहुत बढ़िया था तभी तो यह शिलालेख में मात्र चार शिलालेख आपको याद करके रख हैं पहला जिसमें पॉसिबल की निंदा की गई है दूसरा मनुष्य पशुओं की चिकित्सा का वर्णन किया गया है चौथा था वेरी घोष की जगह धर्मघोष की पॉलिसी को अपनाया गया 13 व कलिंग का युद्ध जिसमें हृदय परिवर्तन की बात कही गई है क्लियर है चलो तो उम्मीद करते आपको इतने बात समझ में आ गए होंगे ना यह पिक तो सारे के सारे शिलालेखों बारे में पता चल गया इस हमले की संख्या 7 ठीक
25:10 है इस तरह लेकर संख्या कितनी ताकत तो यह याद रखिएगा बड़े जबरदस्त तरीके से कौन सा इस्तमाल एक है जो सबसे इंपोर्टेंट है तो एक हम लेकर जिसका नाम है प्रयाग स्तंभ लेख जिसको अकबर ने बनवाया था और अकबर ने इलाहाबाद में बनाया था जिसको जहांगीर लेकर चला गया था कहां पर दिल्ली लेकर चलाया था ठीक है चलो बहुत बढ़िया है हां हां और अशोक का सबसे छोटा उत्तम लेख जो है और रूम में दही काफी लेख ठीक है अशोक का जो सबसे छोटा स्तंभ लेख है तो याद रखिए गई फिर पिपरमेंट फस जायेगा त मैं अशोक का को सबसे कि शो टा
25:57 कि स्तंभलेख उसका नाम क्या है उसका नाम है रूम विधि के रूम विधि सबसे छोटा इस मामले के लेखक में चल इधर ही वास्तु मिक्स करते हैं आपको समझ में आ गई होगी ठीक है में चल कि चिंटू जी आज पढ़ा तरफ पढ़ाते हैं बहुत बढ़िया अरे बेटा क्या फायदा अ तो क्या फायदा पढ़ाने अच्छे का यहां पर बच्चे में प्यार ही नहीं करते ठीक है मैं तो यहां पर पड़ा रहा है बहुत ज्यादा बच्चों को बड़े यहां पर बहुत ही थोड़े बच्चे पढ़ते हैं तो मजा नहीं आता था
26:43 अच्छा ठीक है कि अजाण उस जगह हैं आप त्रिशूल भेज देते चलिए बहुत बड़े अपने त्रिशूल बहस को जॉइन कर लिया वहां पर आप गैस का पूरा कलेक्शन पढेंगे अच्छे से त्रिशूल बीच में बिल्कुल चेंज तो मिक्स करते हैं बात आपको सुन नाथ योगी आप एक बार स्किल्स और इसका लिख सकते हैं फिर बात करेंगे हम लोग आगे की तरफ वो अच्छा ठीक है चलिए अब बात करते हैं आगे की तरफ वो आगे की तरफ जो बात करते तो देखो जबरदस्त अंदाज में है कि क्या देखोगे तो आप देखते हो फटाफट मजे से बिल्कुल कि अब अशोक के बारे में सारी कहानी हो गई खत्म अब अशोक के कहानी के बाद हम लोग
27:30 पढेंगे अशोक के प्रशासन के बारे में यह प्रकार से मौर्यकाल के प्रशासन के बारे में अब मौर्यकाल के प्रशासन के बारे में जब हम लोग पढेंगे तो व होगा क्या कई भागों में बंटा है जैसे सबसे पहले प्रशासनिक व्यवस्था है कि मौर्यकाल के प्रशासन के बारे में सबसे पहले अगर देखें तो प्रशासनिक व्यवस्था है है अरे वह कितने आराम से आपको तैयार होगा जो मौर्य काल का प्रशासनिक व्यवस्था है कैसा प्रशासनिक व्यवस्था लोग प्यार करते
28:15 हैं तो देख लो फटाफट आ यह बिलकुल अ हुआ है तो चलिए बहुत बढ़िया था प्रशासनिक व्यवस्था के बारे में देखना बहुत ध्यान से अच्छे से जबरदस्त तरीके सुझाएगा हुआ है अच्छा ठीक है कि यह तीन स्थित बनाएंगे आपको तीन स्टेप बनाएंगे यह नीचे लाइनर बिगाड़ तो कोई दिक्कत नहीं है पहले वाला जो है तो सबसे पहले अगर कोई होता था सबसे पहले प्रशासन में कोई पद है प्रशासनिक वहीं किंग मतलब राजाओं और राजा को सहायता देने के लिए एक
29:03 प्रकाश बिट्टू असिस्ट इसको सहायता देने के लिए यह हेल्प करने के लिए एक होती थी जिसका नाम है मंत्रि-परिषद ने कि एक होती थी जिसका नाम है मंत्री परिषद और मंत्रिपरिषद् को क्या कहा जाता था मंत्री परिषद को कहा जाता था तीर्थ इसमें जो है तो उनको कहा जाता तब तीर्थ और तीर्थ मतलब हर विभाग के कोई न कोई अध्यक्ष होते थे और तीर्थ पंख है कि अतिथि 18 जो कि तक जबरदस्त तरीके से आपको समझ में आ गया होगा कि इतने जबरदस्त तरीके समझ में आ गया होगा वाइफ कठिन चीजें समझाना है तुम्हारा मेन पैसा है सरल चीज है तो बच्चे बच्चे भी पता चले आते हैं कि मास्टर ने लगा लिया स्किन पर लाइनें
29:50 वाश कर चले गए बट सरल चीजें मेन पढ़ाना हमारा मेन पेशेंट बच्चों को जो कठिन चीज है डिस्टर्ब करती हैं और उनको किस प्रकार से जीवन भर कैसे याद रखा जाए वह मेरा जो बताने का तरीका होगा वह सबसे बढ़िया होगा ठीक है और बाकी तो सरल सरल चीजें तो सब प्राप्त हुआ आप सबसे पढ़ते हो बट है जो कठिन जी जैन आप समझ ना तो सबसे ऊपर पंजी होता था एक प्रकार से मौर्यकाल में हों तथा राजा उसको सहायता देने के लिए मंत्रिपरिषद मंत्रिपरिषद को कहते तीर्थ और तीर्थ की संख्या होती है 18 जिसमें चार विभाग हम आपको बताएंगे कौन किसका विवाह हुआ करता था क्या किसको कहा जाता था तो
30:39 याद रखिएगा एक तो होता था अब समाहर्ता मो कि एक हुआ करता था जिसको कहते हैं समाहर्ता कि समाहर्ता जिसे प्रेजेंट डे में वित्तमंत्री बोलते हो आप लोग निर्मला सीतारमण उसी प्रकार उस समय समाहर्ता को क्या कहते थे फाइनेंस मिनिस्टर एक प्रकार से वित्त मंत्री तो वित्तमंत्रियों समय किसको कहा जाता था समाहर्ता को कहा जाता था फिक्र याद रखिएगा पर निभाता किसे कहा जाता था पर विधाता तो सनी राशता कहा जाता था कोषाध्यक्ष को जहां पर पैसा जमा हुआ करता था कोषाध्यक्ष को है तो यह सारी वह चीजें हैं जो आप जबरदस्त
31:27 तरीके सीखोगे ठीक है जी हां गुरुजी आप डेली आधा गए हम डेली हैं हम दिल्ली आएंगे फिर फैक्टर पर जब अब बच्चों की संख्या मिनिमम अगर दिल्ली क्वेश्चन तो 300 40 पढ़नी चाहिए तो मजा आएगा ठीक है चल तेरी पर याद रखिएगा एक और विभाग है गुरु करते सीताध्यक्ष क्या झाल अध्यक्ष ए का अस्तित्व यश के विवाह को कहा जाता था किसके विभाग को कहते थे सीताध्यक्ष तो कृषि विभाग के अध्यक्ष को सीताध्यक्ष कहते थे फाइनेंस मिनिस्टर कहते थे समाहर्ता को को सदस्य विधाता को कृषि वाले को कहते थे
32:14 जीता व ठीक है क्लियर है इतनी बात उम्मीद करते हैं आपको समझ में आ गई होगी यह 18 तीर्थों में तीन है जो आपको बिल्कुल याद करके चलने यह बिल्कुल भी आप मैसेज मत करना फिर आगे बात समझो राजा हुआ एक प्रकार से पूरा-पूरा सम्राट संभाला था उसके बाद जो नीचे आए वह क्यों ना आए तो याद रखिएगा वह आए प्रकार से अ ए प्रोविंस आफ एडमिनिस्ट्रेशन ए प्रोविंशियल एडमिनिस्ट्रेशन इसका मतलब क्या हुआ तो बात समझने बच्चा तो इसका मतलब हुआ प्राणपति
32:59 कि प्रांतीय प्रशासन प्रांतीय प्रशासन इसको कौन संभालता था तो याद रखिएगा जो केंद्र का एक प्रकार से जो होता था वह राजा केंद्र में उसको सहायता देने के लिए मोर में एक मंत्रिपरिषद होती थी जिसको तीर्थ कहते थे और तीर्थों की संख्या 18 बताई गई थी यहां पर प्रोविजनल एडमिशन जिसको कहते थे क्रांति प्रशासन व प्रांतीय प्रशासन जिसके द्वारा संभाला जाता था ना उनको कहा जाता था उनको क्या कहा जाता था अब देख लो वह कहते कुमार भी कहलाते थे कि राष्ट्रीय भी कहलाते थे राष्ट्रीय और उन्हीं लोगों का जाता था आर्यपुत्र है कि चेयर आदि पुत्र कहलों चेयर राष्ट्रीय
33:47 गहनों चाहे कुमार कह दो बात एक ही है प्रांतों को संभालने वाले को क्लियर फिर प्रांतों के नीचे उतरते थे तो यहां पर कहलाते थे जिला में आ जाओ भैया जैसे देश होता प्राजक्ता तो देश में उस समय राजा थे राज्यों में प्रेजेंट हैं मुख्यमंत्री तो यहां पर कुमार राष्ट्रीय आर्य पुत्र थे उसके नीचे उतरो तो जिला को जिला नहीं गए थे उस समय उस समय कहते जिला को विषय क्या कहा जाता था मिलता है अ है इसके नीचे अगर आप पुत्रों तो क्या कहलाता था प्रांतों के इंच अगर आप उतरो तो क्या जाता तब है अब इसे प्रकार से प्रजेंट टाइम में क्या कहा जाता है डिस्टिक वाला एडमिनिस्ट्रेशन है कि डिस्टिक एडमिनिस्ट्रेशन है और सबसे
34:34 बड़ी बात सबसे बड़ी बात इस का हेड कौन होता था तो इसका है वो तथा विशेष पत्ती जिसे प्रेजेंट रेडियम होते हैं है जिसे प्रेजेंट रेडियम होते हैं इसका ऐड कौन हुआ करता था जिसे पति और जब जिला उत्तर जिला के अंदर आ गए यहां पे तहसील तहसील तो वहां पर की सबसे छोटी इकाई जो थी मीणा को सबसे पहले केंद्र केंद्र केवल प्रांती प्रांती के बाद विषय अभिषेक बाद जो सबसे छोटी का यह उसका नाम था ग्राम है कि प्रशासन की जो सबसे छोटी गई थी मौर्य साम्राज्य में वह 30 ग्राम और ग्राम के मुखिया को क्या कहते थे ग्राम को मुख्य कहते थे ग्रामिक अ कि ग्राम मिक्स कितना सुंदर सा आपको समझ
35:22 में आ गया होगा कि प्रशासनिक व्यवस्था कर देखें तो मौर्यकाल में एक केंद्र होता था मतलब राजा जो पिस्ता सन करता था और उसको सहायता देने के लिए एक मंत्रिपरिषद जिसको तीर्थ कहते थे और तिल की संख्या 1823 और तीन पेपर पूछे जाते थे फाइनेंस मिनिस्टर को तब क्या कहते थे वित्त मंत्री को समाहर्ता को सा देश को क्या कहते थे संजय झाला और कृषि वाले अब इसको कहते थे स्थित आर्थिक स्थिति तुम प्रक्रिया सारे प्रति पृष्ठ के उसके नीचे उतरे तो प्रांतों के प्रशासन में जिनको कुमार राष्ट्रीय आर्य पुत्र के नाम से जानते थे उसके नीचे जो जिला के प्रशासनिक प्रकार से विषय का प्रशासन देखते तो उसको विषय पति कहते थे
36:07 और उसके नीचे ग्राम के प्रशासन को देते थे तो ग्रामीण कहते तो जो सबसे छोटी इकाई होती थी ठीक है डिजिट प्यार संभव ना आगे होगा ऑनलाइन सेट जीवन भर नहीं सो सकते हैं अच्छा ठीक है आप लुसेंट से जीवन भर नहीं समझ सकते ऐसे चीज मैं आपको यहां पर बता दूंगा हां अब बच्चे बहुत पूछ रहे सर प्रांत में कितना हुआ करते थे प्रेजेंट एज से 28 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश है उसमें जो प्रांतीय प्रशासन था वह पांच प्रांतों में डिवाइड था कि प्रताप सिंह दोस्तों यहां पर थोड़ा सा हटाऊंगा का या इसको और ऊपर कर दूं जिससे आराम से जी हां देखो है जो प्रांत की व्यवस्था थी वो कितने
36:54 भागों में बंटी हुई थी पांच प्रांत में माने गए थे कौन-कौन तो देख लेते हैं उसी अंदाज में एक तो सबसे पहले ऊपर की ओर जो था उसका नाम था उत्तरापथ है कि उत्तर आप रक्त नीचे की ओर जो था उसका नाम था दक्षिणापथ है हुआ है का बछड़ा पत्ता यह मालिक एक जबरदस्त अंदाज में बिल्कुल अ में चल बहुत बढ़िया समझ में आ रहा बस भाई साहब समझना चाहिए और क्या चाहिए है और क्या चाहिए यह बिलकुल अ
37:42 तो बिल्कुल बहुत प्रेम था तेरे को प्रकाशित पूर्वी प्रांत पूर्व प्राण प्राण सी ई ओ कि पूर्वी प्रांत हो गया है और एक प्रांत कौन था मात्र याद रखिएगा एक प्राण जो और था जिसका नाम था वन टी तो अवंती तो पढ़ता था वह एक प्रकार से मध्प्रदेश तरफ तो इधर देख लेते अवंती तो याद रहेगा आपको और अवंती के अलावा जो एक और प्रेम बसता है उसका नाम तक कर लेंगे है में कलिंग तुम और सम्राट में पांच प्रांतों में प्रशासन की प्रशासनिक व्यवस्था के अंतर्गत प्रांत जो बैठे होते पांच भागों में बैठे हुए थे कितने भागों
38:28 में पांच-पांच भागो में बट थे तो याद रखिएगा बहुत जबरदस्त अंदाज में क्या याद रखोगे कि इन प्रांतों की राजधानी क्या थी उत्तर प्रदेश की राजधानी थी उसका नाम था [संगीत] हुआ है है और अवंति की राजधानी तो बच्चा बच्चा पता होगा अवंति की राजधानी उज्जैन मीणा कि उज्जैनी तो फिर कर लेंगे की राजधानी क्या थी कलिंग की राजधानी तो असली थी है तो असली क्लियर और यह भी याद रखिए का युद्ध छिड़ा पथ की राजधानी क्या थी और पूर्वी प्रांत की क्या थी पूरी प्रांत के
39:14 थी पाटलिपुत्र है अब जरा पक्की ज्योति उसका नंबर स्वर्णगिरि अ मैं तो मर समाज में जो प्रांतीय प्रशासन बटे हुआ था वह पांच प्रांतों में चीजें हुई थी पांच प्रांतों में आ कि अजीत जी नोट्स बनाते बनाते यादव जाता है चलो बहुत-बहुत बधाई आप सबको कि आप लोग प्यार करते हो और याद कर रहे हो लेकिन बस एक ही है भाई साहब जैसा तुम ही हो मेहनत कर बराबर मेहनत कर रहे हो फिर एक थोड़ी सी मन में निराशा तो वह लगता है कि कंटेंट जब देने में कोई कोताही न बरतें तो पेन लगता है कि ज्यादा ज्यादा बच्चे पढ़ें तो थोड़ा सा अपना भी मनोबल आगे बढ़ता है और वह सब पॉसिबल आपसे हो सकता है लेकिन वह में नहीं
39:59 लगता कि हफ्ते लोग हमारे सपोर्ट करोगे हमको अपनी है दूसरी की रोजी-रोटी देखनी पड़ेगी पहला ना छोड़ना पड़ेगा क्योंकि भाई साहब हमको नहीं लगता कि पढ़ाने में मेरा कुछ पैदा होगा ठीक है मैं समझता हूं परिवार को अपना खर्चा भी चला पाएंगे इस चलो तो मिक्स करते हैं आपको इतना समझ में आ गया होगा चलिए बहुत बढ़िया है तुम ही हो तो चलिए एक प्रश्न बड़े अच्छे से समझ में आ गया तो योग एक प्रशासनिक व्यवस्था अब एक तरफ व्यवस्था तो इसका स्क्रीनशॉट ले लो फिर हम लोग बात करेंगे आगे की तरफ आ
40:49 का प्यार पानी लगानी है कि शब्द इजली बात क्लियर हो गई भाई साहब अब देखिए फ्रेंड्स व्यवस्था है हुआ है कि मौर्य सम्राट की सैन्य व्यवस्था के बारे में हुआ है को सेंड व्यवस्था की थी तो देख लेते हैं फट बहुत बड़े अंदाज में कर दो
41:35 अजय को कर दो अपने मित्र हैं कि अ कि एक अनीश गौतम गए उस अधिक प्रिय भाई साहब बुक से मिला लो और हमारा देख लो तब बात करना ठीक है इल्जाम लगाने से पहले सोच लिया करो क्या पढ़ाया जा रहा है कि नहीं आ जाना ठीक है लेवल लिपिस्टिक अगर आपको बुक में इस तरह मिल जाए तो आप बताइए हमको कि अगर बुक की सब चीज होती भूख का जुलूस रन चला रहा हूं पॉइंट्स टीम ने नोट्स बनाएं
42:23 और इससे बढ़िया आपके लिए बनाएं ठीक है बट आप लोगों को क्या लगता है कि यहां फिर मौज और है मौजूद हो रहे हैं ठीक है तो चलिए हां यह जो सेना बैठी थी वह कौन से भागती थी पैदल थी घुड़सवार थी हंसती से ना थी कि नौसेना से धनुर्धर थे जूस ऐड व्यवस्था बनी हुई थी वह कैसे कौन-कौन से भागो में है मैं पैदल सेना थी तो फिर सवार भी थे कि हाथी वाला हाथी वाले मेह कि नौसेना पी
43:09 है और इधर-उधर ता धनुर्धर थे कि यह भी याद रखिएगा बहुत अच्छे से पेपर पर ने बताया जाता है कि कौन सा एक इतिहासकार था जिसका नाम था प्लानिंग जिन्हें पुस्तक लिखी थी नेचुरल हिस्ट्री और प्लानिंग के अनुसार अ कि मौर्यकाल में पैनल सैनिकों की संख्या कितनी तिलक भक्त पैदल सैनिकों की संख्या लगभग 39 लाख से लिखते थे मैं पैदल सेना में लगभग नौ लाख सैनिक फैलने के अनुसार क्लियर तेरी बे नो की जगह बच्चे को चलाओ 16 लाख फैंस के बाद अपने घर सवार कितने थे तो घुड़सवार के संख्या ज्योति ओवर 30,000
43:54 [संगीत] अच्छा ठीक है अब हंसती सेना थे वह कितने थे वह 9000 थे वह चार थे क्लियर शब्द मैं कितनी बार आपको समझ में आ गई उम्मीद करते समझ में आ गई होगी ना है हनी सिंह दोनों टाइम पावसर तभी कंपलीट हो पाएगी रोशन राधे क्या बात है तो चलिए इतनी बात सुन मैं आ गई उम्मीद करते सोनमार्ग योगी हां फिर आगे देखो सेंड व्यवस्था पता चल गई फिर आप बहुत अच्छे से याद रखिएगा गुप्तचर व्यवस्था कैसे आपको याद रखनी है गुप्तचर व्यवस्था कि मौर्य काल की गुप्तचर व्यवस्था देख लो
44:43 है तो गुप्तचर व्यवस्था में दो लोग एक नाम रन था1 नाम संचार है कि जम्मू खबरी और उत्तरी होती थी वीण वह संस्था जो थी वह एक स्थान पर में एक स्थान पर रहकर में एक स्थान पर रहा है कर जो गुप्त चर का काम करते थे उनको क्या कहते थे संस्था और जो एक स्थान से दूसरे स्थान तक भ्रमण करके गुप्तचरी करते थे एक स्थान से कि दूसरे स्थान तक
45:31 को एक स्थान से दूसरे स्थान तक भ्रमण करके जो गुप्तचरी होती थी उसको कहते तो क्या उसको कहते थे संचार तो संस्था व संचार में सिर्फ इतना फर्क था और कुछ ठीक है इन संस्थाओं और संचार में बस इतना ही फरकता संस्था जो थे वह एक स्थान पर रहकर गुप्तचरी करते थे और संचार के स्थान से दूसरे स्थान पर तिल का प्रभाव रखेगा बहुत अच्छे से गुजर समझ में आ गया फ्रेंड व्यवस्था सोना गया फिर न्यायिक व्यवस्था याद रखिएगा वह छोटी सी नई व्यवस्था है ओम ने Bigg Boss जिला ने जिला स्तर पर स्थिति कि उस समय जज हुआ करते थे तो याद रखिएगा
46:17 न्यायिक व्यवस्था में जो डिस्ट्रिक्ट जज हुआ करते थे जिला न्यायाधीश ए है जो जिला न्यायाधीश हुआ करते थे उनको कहा जाता अराजक हूं की व्याख्या न्यायिक व्यवस्था में जो जिला न्यायाधीश हुआ करते थे उनको कहा जाए करता था राजूक तकलीफ ए प्लेयर भाई साहब इतनी बात समझ में आ गई तो अमित करते हैं आपको समझ में इतनी बात आ गई होगी कि न्यायिक व्यवस्था जो व करती थी उसमें जिला जज को कहते थे राजकपूर यह सारे प्रण आपको बड़े अच्छे से समझ में आ गए होंगे ठीक है चलिए जय प्रकाश कुमार तो चलिए आप यू थैंक यू सो मच यू इतना
47:04 प्यार देते हैं बट बहुत अच्छा लगता है आपका प्यार ही है के पंजे जी दोनों टाइम पर औषधि तभी भूषण जल्दी कंप्लीट उपाय का बड़ा कोई टेंशन नहीं हमें आप यह मत सोचो कि कंप्लीट करनी है भाई साहब तुम हमारा सपोर्ट करते नहीं हो तो हमें क्या करना है तुम भी पढ़ो भी पढ़ा रहे तब तक पारस आदमी पढ़ा पा रहे हैं तपड़ते भाई सब क्या करें ठीक है कि तुम जानते हो सर जी पूरी मेहनत कर लें और हम लोग केवल है को पंख ले ठीक है अरे भाई साहब कम से कम बढ़ाने मजा भी तो है तुम लोग ईमानदार इस पढ़ो तो
47:52 84 दिलीप जी आठ हमसे शाम को जा बिल्कुल रश्मि जी चलिए हम बिलकुल समझ में आ गया उम्मीद करते हैं आप सबको बहुत बढ़िया MP3 को चालू कि Bigg Boss चलिए अब बात कर लेते हैं लोग थोड़ा सा कृषि व्यवस्था पर है हैं अब बात कर लेते थोड़ा सा करती व्यवस्था पर हुआ है की कृषि व्यवस्था ज्योति मौर्यकाल में बहुत ही अच्छी स्थिति में थी उसकी स्थिति ज्योति बहुत ही अच्छी थी ठीक है और यह
48:40 बहुत ही अच्छी थी अब तो मान लीजिए कि कि वहां पर क्या चीज है वह करती थी यह विवेक जी के थे फर्स्ट क्लास है भाई सब फास्ट तो चल रहा है प्रशासन से बात कितनी व्यवस्था बहुत अच्छी थी जिसमें कि एक उल्लेख मिलता है लैंड के बारे में लैंड के बारे में भूमि के बारे में है तो मौर्यकाल में 2 धूम 2 प्रकार की भूमि बांटी गई थी एक पुस्तक पृष्ठ 169 8 एप कि यह होती थी उपजाऊ भूमि पेपर प्रश्न पूछा गया है पर यह तिथि अनूप बजाओ
49:26 का योगदान नहीं होती थी यह अनुपजाऊ यह होती थी यह नहीं होती थी तो वह इसको दो प्रकार घुमाता गया और यही थे एक व्यक्ति जिनका नाम था कौटिल्य का अर्थशास्त्र टिक पाटिल का आस्था तो कौटिल्लय के अर्थ शास्त्र के अनुसार भूमि को कितने भागों में बांटा गया था दो भागों में है 2011 कि देव मात्रिक अ 2012 मात्रिक अ 2012 मात्रिक एक आदमी एवं आंतरिक तो यह भूमि ज्योति वह किस के अनुसार फटी हुई थी दो भागो में तो कौटिल्य के
50:13 का अर्थ शास्त्र के अनुसार हुआ है कि कौटिल्य के अर्थशास्त्र के अनुसार में दो भागों में बंटी हुई थी ए प्लेयर अब जो देव मातृभूमि थी मीणा मानसून पर भी निर्भर करती थी और जो आदमी जो मात्रिक कि मानसून पर निर्भर नहीं करती थी कि अभी अदरक आया को बिल्कुल समझ में आ गया ना है तो मिक्स कर दें भी आपको स्वप्न दोष नहीं होगा अच्छे से ठीक है एक चीज पूरी में क्लियर कर दी थी
51:00 है तो साथियों कि इस प्रकार पूरा का पूरा मौर्य सम्राट के प्रशासन के बारे में कंप्लीट हो गया और आपको पता ही होगा यह पोर्शन और याद रखिएगा जो या फिर मैं बस अपनी स्थिति हां मैं जस्ट नीड्स कि इन्होंने अपनी पुस्तक इंडिका हुए दो में मेगास्थनीज ने पुस्तक इंडिका में हुआ है कि भारतीय समाज को कि भारतीय इस समाज को को कितने भागों में बांटा है तो याद रखिएगा का या सात वर्गों में बांटा है
51:49 17 वर्गों में बांटा है मगर स्थानीय भारतीय समाज को प्लेयर हुआ है यह बिलकुल अ में चल आ है याद रखेगा और मौर्य सम्राट में दास प्रथा का वर्णन नहीं मिलता है अब याद रखिएगा एक और मैं अपने योनि बटर ब्राह्मण क्षत्रिय वैश्य शूद्र इन्होंने अलग आधार तथा दार्शनिक लिखित योद्धा मंत्री निरीक्षक पद चीन के बारे में बताया था ठीक है चलो ए कि कौटिल्य का त्याग बीच में आता है और मैं इस तरह से यहां पर छह समितियां बनाई
52:35 थी एक समिति में पांच सदस्य रखे थे टोटल सदस्यों की संख्या 30 थी अब याद रखिएगा चल तो इस प्रकार उर्मिला करते आपको समझ में आ गया का या पुरे की पूरी क्लास आज की समस्याओं की मौर्य सम्राट अशोक तथा अशोक के जो प्रशासन ने पूरे के बारे में आप चिपके अब आपको मिलेंगे शाम को फिर एक बार 7:00 तो तैयार है चल ज्यादा जगह वीडियो को शेयर कर दीजिए लाइक कर दीजिए का यह जबरदस्त अंदाज में में अच्छा ठीक है चल तो उम्मीद करते हुए ज्यादा से ज्यादा लोगों को लेकर आओगे ठीक है बहुत बढ़िया हां थोड़ा बड़े-बड़े कमेंट करके बता दो एक बार कमेंट करके बता दो कि
53:21 आपको कैसी लगी फटाफट जल्दी बताओ जल्दी बताओ फटाफट कमेंट करके ही कर दो तो चलिए बेस्ट समझ में आ गया बहुत बढ़िया सा तो चलिए बहुत लिया तो समिति मिलते आपको एक नई वीडियो के साथ तब तक के लिए जय हिंद जय भारत वंदे मातरम है