How to Maximize Your Earnings from the Stock Market in 2025 | Money Making Hacks ft @AbhishekKar

संक्षिप्त सारांश

यह वीडियो स्टॉक मार्केट, ट्रेडिंग और निवेश के बारे में कई मिथकों को तोड़ता है और सफल निवेशकों के माइंडसेट और रणनीतियों पर प्रकाश डालता है। इसमें जोखिम प्रबंधन, विविधीकरण, निरंतर सीखने का महत्व और त्वरित लाभ की मानसिकता से बचने पर जोर दिया गया है। वीडियो में उन प्रमुख क्षेत्रों पर भी प्रकाश डाला गया है जिनमें निवेश किया जा सकता है और व्यक्तिगत वित्तीय लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए स्टॉक मार्केट का उपयोग करने के बारे में मार्गदर्शन प्रदान किया गया है।

मुख्य बातें:

  • स्टॉक मार्केट में सफलता के लिए टिप्स पर निर्भर रहने के बजाय, माइंडसेट और रणनीतियों को समझना महत्वपूर्ण है।
  • सफल निवेशकों के पास आय के कई स्रोत होते हैं और वे स्टॉक मार्केट पर पूरी तरह निर्भर नहीं होते हैं।
  • निरंतर सीखना, जोखिम का आकलन करना और धैर्य रखना स्टॉक मार्केट में सफलता के लिए आवश्यक है।

मुख्य बातें

यह खंड स्टॉक मार्केट में निवेश और अच्छी कंपनियों को चुनने के बारे में कुछ शुरुआती विचार प्रस्तुत करता है। यह बताता है कि अगर यह इतना आसान होता, तो हर कोई करोड़पति बन जाता। यह टिप्स के जाल में फंसने और इस मिथक पर भी प्रकाश डालता है कि स्टॉक मार्केट में पैसा नहीं बनता। वक्ता उन क्षेत्रों पर अपनी राय साझा करते हैं जिनमें विकास की अच्छी संभावना है और राकेश झुनझुनवाला जैसे सफल निवेशकों के बारे में कुछ तथ्य बताते हैं। यह खंड उन पुस्तकों के बारे में भी बात करता है जो हर निवेशक को स्टॉक मार्केट में आने से पहले पढ़नी चाहिए और इस तथ्य पर प्रकाश डालती है कि राकेश झुनझुनवाला को भी शुरुआती वर्षों में नुकसान हुआ था।

परिचय

दीपक बजाज ट्रांसफॉर्मेशन टॉक्स के एक नए एपिसोड में दर्शकों का स्वागत करते हैं, जो स्टॉक मार्केट ट्रेडिंग और निवेश से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर केंद्रित है। वह अभिषेक खर का परिचय कराते हैं, जो एक स्टॉक मार्केट विशेषज्ञ, ट्रेडर और निवेशक हैं। दीपक बताते हैं कि अभिषेक अपने जीवन के अनुभवों को साझा करेंगे और स्टॉक ट्रेडिंग के बारे में जानकारी देंगे।

स्टॉक मार्केट के बारे में 2 सबसे बड़े मिथक

अभिषेक खर स्टॉक मार्केट के बारे में दो सबसे बड़े मिथकों पर बात करते हैं। पहला मिथक यह है कि स्टॉक मार्केट में कोई पैसा नहीं कमाता है। अभिषेक इस धारणा को चुनौती देते हैं और रेड एलओ, पॉल ट्यूडर जोन्स, जॉर्ज सोरोस, वारेन बफेट और राकेश झुनझुनवाला जैसे सफल निवेशकों के उदाहरण देते हैं। वह बताते हैं कि भारत में कम उदाहरण इसलिए दिखते हैं क्योंकि भारत में ट्रेडिंग देर से शुरू हुई। दूसरा मिथक यह है कि टिप्स से पैसा बनाया जा सकता है। अभिषेक का तर्क है कि टिप्स से केवल होटल के वेटर ही पैसा बनाते हैं।

वॉरेन बफेट के साथ ₹180 करोड़ का लंच

अभिषेक खर बताते हैं कि कैसे मोनीष पाबराय ने वॉरेन बफेट के माइंडसेट और विचारधारा को कॉपी किया, न कि उनके निवेशों को। मोनीष पाबराय ने वॉरेन बफेट के साथ लंच करने के लिए ₹180 करोड़ दिए थे, जिसे बफेट ने चैरिटी के लिए दान कर दिया था। बफेट ने यह रणनीति इसलिए बनाई क्योंकि उनके पास बहुत पैसा था और वे लोगों से कुछ अच्छा काम करवाना चाहते थे।

गतिविधियों की नकल न करें, मानसिकता की नकल करें

अभिषेक खर बताते हैं कि शेयर बाजार में पैसे कमाने के कई तरीके हैं, लेकिन टिप्स उनमें से एक नहीं है। उन्होंने कहा कि उन्होंने आज तक किसी ऐसे मल्टी-मिलियनेयर को नहीं देखा है जिसने टिप्स से पैसा बनाया हो।

क्या टिप्स वास्तव में उपयोगी हैं?

अभिषेक खर बताते हैं कि शेयर बाजार में पैसे कमाने के कई तरीके हैं, लेकिन टिप्स उनमें से एक नहीं है। उन्होंने कहा कि उन्होंने आज तक किसी ऐसे मल्टी-मिलियनेयर को नहीं देखा है जिसने टिप्स से पैसा बनाया हो।

ज्यादातर लोग पैसा क्यों खोते हैं...

अभिषेक खर उन कारणों पर प्रकाश डालते हैं कि क्यों ज्यादातर लोग स्टॉक मार्केट में पैसा नहीं कमा पाते हैं। वे बताते हैं कि जो लोग स्टॉक मार्केट से पैसा कमाते हैं, उनकी जीवनी शुरू से ही स्टॉक मार्केट पर निर्भर नहीं होती है। वे राधाकिशन दमानी, मनु मानिक और राकेश झुनझुनवाला जैसे उदाहरण देते हैं, जिनके पास स्टॉक मार्केट के अलावा भी आय के कई स्रोत थे।

ट्रेडिंग को फुल-टाइम तभी करें जब...

अभिषेक खर बताते हैं कि लोग ट्रेडिंग को फुल-टाइम प्रोफेशन कब लेते हैं। वे कहते हैं कि लोग ट्रेडिंग को फुल-टाइम प्रोफेशन तब लेते हैं जब उनका रिटर्न ऑन इन्वेस्टमेंट का गणित सही बैठता है।

जोखिम की गणना करने का सूत्र

अभिषेक खर जोखिम की गणना करने का एक सरल सूत्र बताते हैं। वे कहते हैं कि लोगों को अपनी पूंजी लिखनी चाहिए और फिर यह देखना चाहिए कि वे उस पूंजी पर कितना रिटर्न कमा सकते हैं। वे वारेन बफेट और जिम साइम्स जैसे सफल निवेशकों के उदाहरण देते हैं और बताते हैं कि लोगों को यह समझना चाहिए कि स्टॉक मार्केट में पैसा कमाने के लिए उनके पास कितना कैपिटल होना चाहिए।

आपको आय के कितने स्रोतों की आवश्यकता है?

अभिषेक खर बताते हैं कि एक औसत करोड़पति के पास सात स्रोत होते हैं, जबकि एक सामान्य व्यक्ति के पास केवल एक स्रोत होता है, जो कि नौकरी है।

राकेश झुनझुनवाला के बारे में मिथक को तोड़ना

अभिषेक खर राकेश झुनझुनवाला के बारे में एक मिथक को तोड़ते हैं। वे कहते हैं कि राकेश झुनझुनवाला ने सारा पैसा इन्वेस्टमेंट से नहीं बनाया। उन्होंने ट्रेडिंग भी की और कई अन्य चीजें भी कीं।

अमीर लोग निवेश करने से पहले क्या करते हैं

अभिषेक खर बताते हैं कि अमीर लोग हमेशा लेवरेज लेते हैं। वे लेवरेज के विभिन्न तरीकों के बारे में बताते हैं और कहते हैं कि बड़े लोगों ने कैलकुलेटिव तरीके से सही समय पर बिगर बेट्स लिए हैं। वे एलन मस्क और जॉर्ज सोरोस के उदाहरण देते हैं जिन्होंने लेवरेज का उपयोग करके सफलता हासिल की। वे यह भी बताते हैं कि सफल लोगों के पास लर्निंग के लिए अमेजिंग पैशन होता है।

जब हर कोई नुकसान में था तो कौन मुनाफे में था?

अभिषेक खर बताते हैं कि 1999 और 2000 में जब डॉट-कॉम का क्रेज चल रहा था, तब वारेन बफेट और चार्ली मंगर किसी भी टेक स्टॉक में निवेश नहीं कर रहे थे। जब डॉट-कॉम बबल आया, तो म्यूचुअल फंड्स और हैज फंड्स बंद हो गए, लेकिन वारेन बफेट और चार्ली मंगर पॉजिटिव थे।

कहाँ निवेश करें

अभिषेक खर बताते हैं कि अगर आपके पास 50,000 रुपये हैं तो आपको पहले 1,000 रुपये से शुरुआत करनी चाहिए। वे कहते हैं कि आपको ट्रेडिंग के साथ शुरुआत नहीं करनी चाहिए, बल्कि इन्वेस्टिंग के साथ शुरुआत करनी चाहिए।

AI का सही तरीके से उपयोग कैसे करें और पैसे कैसे कमाएं

अभिषेक खर बताते हैं कि आज के समय में सबसे महत्वपूर्ण चीज आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल करना है। वे कहते हैं कि लोगों को चैट जीपीटी का इस्तेमाल अपने शेयर मार्केट के सवालों के जवाब ढूंढने के लिए करना चाहिए।

3 पुस्तकें जो आपको स्टॉक मार्केट जीनियस बनाएंगी

अभिषेक खर तीन पुस्तकों के बारे में बताते हैं जो हर निवेशक को स्टॉक मार्केट में आने से पहले पढ़नी चाहिए। पहली पुस्तक है फिल फिशर द्वारा "कॉमन स्टॉक अनकॉमन प्रॉफिट", दूसरी पुस्तक है सौरभ मुखर्जी द्वारा "कॉफी कैन इन्वेस्टिंग" और तीसरी पुस्तक है पीटर लिंच द्वारा "वन अपॉन द वॉल स्ट्रीट"।

इस निवेशक को 8 साल तक नुकसान हुआ

अभिषेक खर बताते हैं कि राकेश झुनझुनवाला को भी आठ साल तक कोई रिटर्न नहीं मिला था। वे कहते हैं कि स्टॉक मार्केट प्रोबेबिलिटी का गेम है और अच्छे-अच्छे स्टॉक्स भी कई साल लगा देते हैं परफॉर्म करने में।

निवेश करने के लिए सर्वश्रेष्ठ कंपनी

अभिषेक खर बताते हैं कि अच्छी कंपनी कैसे चुनें और किसमें निवेश करें। वे कहते हैं कि अगर यह इतना आसान होता तो हर कोई करोड़पति बन जाता। वे बताते हैं कि आपको प्रमोटरों के बारे में स्टडी करनी चाहिए, कॉर्पोरेट गवर्नेंस देखनी चाहिए और टॉप लीडर्स को चुनना चाहिए।

कंपनियों में सबसे बड़ा मुद्दा

अभिषेक खर बताते हैं कि कंपनियों में सबसे बड़ा मुद्दा कॉर्पोरेट गवर्नेंस का है। वे कहते हैं कि इसके लिए आपको एनुअल शीट्स पढ़नी आनी चाहिए।

कंपनी का विश्लेषण करने का सबसे अच्छा तरीका

अभिषेक खर बताते हैं कि स्मॉल कैप और मिड कैप में निवेश करने के लिए आपको उनके फाइनेंसियल रिपोर्ट्स को पढ़ना चाहिए, स्टॉक प्राइसिंग में वोलेटिलिटी देखनी चाहिए और सोशल मीडिया में उस स्टॉक के बारे में बात नहीं हो रही है, यह देखना चाहिए।

विविधीकरण का महत्व

अभिषेक खर बताते हैं कि आपको डाइवर्सिफाई करना चाहिए। वे कहते हैं कि आपको सेक्टरों को डाइवर्सिफाई करना चाहिए क्योंकि कुछ भी परमानेंट नहीं है।

महामारी और शॉर्टकट मानसिकता

अभिषेक खर बताते हैं कि आज के युवा पीढ़ी का सबसे बड़ा प्रॉब्लम इंस्टेंट ग्रेटिफिकेशन है। वे कहते हैं कि लोगों को डिलेड ग्रेटिफिकेशन पर ध्यान देना चाहिए।

यह चीज़ आपकी बुद्धि को अभिभूत कर देती है

अभिषेक खर बताते हैं कि लालच हमारी बुद्धि को अभिभूत कर देता है। वे कहते हैं कि हमें रियलिस्टिक टारगेट्स बनाने चाहिए और पावर ऑफ कंपाउंडिंग पर ध्यान देना चाहिए।

निवेश करने के लिए शीर्ष 5 क्षेत्र

अभिषेक खर भारत में निवेश करने के लिए शीर्ष 5 क्षेत्रों के बारे में बताते हैं। वे कहते हैं कि इंश्योरेंस सेक्टर, डिफेंस सेक्टर, बैंकिंग सेक्टर, एफएमसीजी सेक्टर और हेल्थ टेक सेक्टर में निवेश करना अच्छा है।

आप कल्पना कर सकते हैं कि चीन कितना उन्नत है

अभिषेक खर चीन में हेल्थ टेक और शॉपिंग मार्ट में टेक्नोलॉजिकल अडॉप्टेशन के बारे में बताते हैं। वे कहते हैं कि चीन इन सारी चीजों में हमसे 16 साल आगे चल रहा है।

म्यूचुअल फंड, SIP, FD: कौन सा सबसे अच्छा है?

अभिषेक खर म्यूचुअल फंड, एसआईपी और एफडी के बारे में बताते हैं। वे कहते हैं कि म्यूचुअल फंड में तीन चीजें याद रखनी चाहिए: अकाउंट मैनेजमेंट कंपनी, एक्सपेंस रेशियो और डाइवर्सिफिकेशन। वे यह भी बताते हैं कि इक्विटी में कितना निवेश करना चाहिए।

मल्टीबैगर स्टॉक की पहचान कैसे करें

अभिषेक खर बताते हैं कि मल्टीबैगर स्टॉक की पहचान कैसे करें। वे कहते हैं कि अच्छी कंपनी, अच्छे प्रमोटर और गुड कॉर्पोरेट गवर्नेंस पिक कीजिए और उसको होल्ड करके रखिए फॉर अ लॉन्ग पीरियड ऑफ़ टाइम।

दर्शकों के लिए सर्वश्रेष्ठ सलाह

अभिषेक खर दर्शकों को सलाह देते हैं कि फोकस इज द गेम चेंजर इन ऑल द फील्ड। वे कहते हैं कि यह जरूरी नहीं है कि स्टॉक मार्केट से ही पैसा कमाया जाए। आप बिजनेस कीजिए, प्रोफेशन कीजिए और अपने एक्टिव सोर्स ऑफ इनकम को बढ़ाते जाइए।

समाप्ति

दीपक बजाज और अभिषेक खर दर्शकों को धन्यवाद देते हैं और उनसे कमेंट में यह बताने के लिए कहते हैं कि उन्होंने इस एपिसोड से क्या सीखा।

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Transcript

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0:00 [संगीत] अच्छी कंपनी कैसे चुने? इन्वेस्ट किसमें करें? देखिए, अगर ये इतना आसान होता पहले, तो हर बंदा आज के समय में करोड़पति बन जाता। कोई मिथ है जिनको लेके लोग चल रहे हैं स्टॉक मार्केट को लेके। पहला मिथ स्टॉक मार्केट में लोग तो वो टिप वाला एक जो ट्रैप है ना उसमें आ जाता है। देखिए टिप्स से आज तक केवल एक ही मनुष्य ने पैसा बनाया और उसको हम कहते हैं होटल का वेटर। कि स्टॉक मार्केट में पैसे नहीं बनते। बिल्कुल। शेयर मार्केट में वो नहीं बनाता जो घोड़े पे पैसा लगाता है। वो पैसा बनाता है जो चौकी पे पैसा लगाता है जो घोड़े को चला रहा है। आपकी क्या टेक है? वैसे कुछ सेक्टर्स के बारे में इंडिया में जो आपको लगता है जो अच्छे ग्रो कर सकते हैं मे बी फोर फाइव सेक्टर्स। मैं एक कॉमन इंसान के लिए बता देता हूं कि ये चार पांच चीजें तो आप देखो ही। राकेश झुझुनवाला जी की बात करें बहुत लोगों को लगता है वो तो सिर्फ इन्वेस्ट करते हैं। आप अगर जाके आप Google कीजिए आप सर्च कीजिए। वो मूवीस के

0:46 प्रोड्यूसर रह चुके हैं। मैंने पर्सनली बहुत ज्यादा कभी इन्वेस्ट नहीं किया। अब मेरे को शुरू करना है और मेरे पास कुछ 40-50 हैं। व्हाट इज द नेक्स्ट वन टू थ्री थिंग्स लाइक दिस। तीन बुक्स हर इन्वेस्टर को स्टॉक मार्केट में आने से पहले पढ़नी चाहिए। राकेश झुनझुनवाला सर ने आठ साल तक कोई रिटर्न नहीं बनाया था 8 साल तक। मैक्सिमम लोगों का सिर्फ एक ही सोर्स ऑफ़ इनकम है जॉब। इक्विटी म्यूच्यूल फंड्स या गोली मारो सबको सिर्फ। [संगीत] नमस्कार स्वागत है आपका ट्रांसफॉर्मेशन टॉक्स वि दीपक बजाज के अगले एपिसोड में और आज के इस एपिसोड में हम बात करने वाले हैं

1:33 स्टॉक मार्केट ट्रेडिंग इन्वेस्टमेंट इनसे जुड़े बहुत सारे कमाल के पहलुओं से आप ऐसा मानिए आपकी स्टॉक मार्केट की एक फ्री मास्टर क्लास होने वाली है अगले कुछ मिनटों में हमारे इस एपिसोड में और मैं बेहद उत्साहित हूं क्योंकि आज जो हमारे गेस्ट हैं वो बहुत कमाल के इंसान हैं। राइट बोलते हैं ना जिसे मैन विद अ गोल्डन हार्ट। तो मेरे बहुत अच्छे दोस्त हैं। स्टॉक मार्केट के एक्सपर्ट हैं। खुद एक कमाल के ट्रेडर हैं। इन्वेस्टर हैं। और आज जो वो आपको बताने वाले हैं वो उन्होंने लाइफ में बहुत बार अप्लाई किया। इस मार्केट को देखा। स्टॉक ट्रेडिंग को जिया और अपने उस लाइफ के अनुभव को हम सबके साथ आज वो शेयर करने वाले हैं। तो आइए मिलकर स्वागत करते हैं अभिषेक खर का हमारे इस एपिसोड में। थैंक यू सो मच दीपक भाई फॉर दिस वंडरफुल एंड जेनरस इंट्रोडक्शन एंड मैं लोगों को बताऊंगा कि मैं अगर विद अ

2:19 गोल्डन हार्ट हूं तो ये प्लैटिनम हार्ट वाले हैं एंड बहुत अच्छा लगा मिलके हम कोशिश करेंगे कि आज हम दोनों मिलके बहुत सारा वैल्यू दे सके बिल्कुल सही बात है राइट सो स्टॉक मार्केट के बारे में ना लोगों की बहुत सारी अलग-अलग धारणाएं हैं। राइट? कुछ लोगों को डर बहुत लगता है। कुछ लोगों को लगता है इससे अच्छा कुछ नहीं है। कुछ लोग बोलते हैं मैंने हाथ जलाए, पैर जलाए, ये किया, वो किया। सो एक दो कॉमन मिथ जो है जो आपको लोगों के से सुनने में मिलते हैं या जो आपको लगता है यार ये बात सच है मानते क्यों नहीं मतलब कोई मिथ है जिनको लेके लोग चल रहे हैं स्टॉक मार्केट को लेके एनी वन और टू थिंग्स यू वांट टू तो पहला मिथ स्टॉक मार्केट में लोग अपने बिलीफ सिस्टम को बना के चलें कि इधर तो कोई पैसा नहीं बनाता एट द एंड नुकसान करते हैं ये बहुत लोगों का है ये जब आप एग्जांपल दे रहे हैं सो ये बहुत लोग एक इन्हेरेंट बिलीफ लेके चल रहे हैं कि हार्डली कोई पैसा बनाता है और जो बनाता है जुगाड़ से बनाता है बट लेट्स लुक अराउंड द

3:06 लिस्ट इंडिया के भी लेंगे इंटरनेशनल भी ले लेते ठीक है? रेड एलओ करके एक इंसान है जो कि ब्रिज वाटर हाउस के मालिक है जो दुनिया के सबसे बड़े हैेज फंड्स सबसे ज्यादा फंड्स को मैनेज करते हैं। वो सक्सेसफुल है। आई मीन आई वुडंट बी सरप्राइज 7 लाख करोड़ मैनेज कर रहे हैं तो कुछ तो किया होगा शेयर बाजार में। पॉल ट्यूडर जों्स करके एक व्यक्ति हैं जिनके मोटिवेशनल मेंटर है टोनी रॉबिंस। उन्होंने उनसे सीखा हुआ है। उनको वो साल के 12 करोड़ देते थे। लोग सोचते हैं कि भ मोटिवेशनल मेंटर को क्यों दिया जा रहा है? बिकॉज़ ही अंडरस्टैंड्स कि साइकोलॉजी प्लेस अ वेरीेंट रोल। 12 करोड़ फॉर मेंटरिंग। जस्ट मेंटरिंग साइकोलॉजिकल मेंटरिंग साल भर में साइकोलॉजिकल मेंटिंग सो पॉल ट्यूडर जों्स एक ब्लैक मंडे वाला इंसिडेंट हुआ था एक ही दिन में उन्होंने कुछ 200 करोड़ के आसपास कमाए थे वाया ट्रेडिंग थ्रू ह फंड्स ओके सो आजकल हम लोग इंडिया में एक जन को बहुत चर्चा कर लेते

3:52 हैं स्पेसिफिकली विद पॉलिटिकल रेफरेंस उस बंदे को जाना जाता है कि उसने भी एक ब्लैक दिन बना दिया था यूके की बैंक के लिए स्टेलिंग को शॉर्ट कर करके एक दिन में एक बिलियन डॉलर बनाया था ही इज़ फेमस बाय द नेम दैट द मैन हु ब्रोक बैंक ऑफ़ इंग्लैंड एंड आई एम टॉकिंग अबाउट जॉर्ज सोरोस सोरोस के बारे में काफी चर्चा हुई है। अगेन अ करेंसी ट्रेडर पॉल ट्यूटर जो अ कमोडिटी ट्रेडर रेडलियो अ मै ट्रेडर वारेन बफेट सर इन्वेस्टर एवरीबॉडी नोस नीड्स नो इंट्रोडक्शन हमारे देश में लेट राकेश झुंझुनुनवाला 500 करोड़ स्टॉक मार्केट में विजय केड़िया सर 2000 करोड़ तक पहुंच गए हैं बाय स्माल कैप एंड माइक्रोचिप इन्वेस्टिंग पोरंजू करके एक हैं केरला के सबसे बड़े इन्वेस्टर हैं ही क्रिएटेड क्लोज टू 600 700 करोड़ थ्रू द स्टॉक मार्केट बाय इन्वेस्टिंग इंटू स्माल कैप इन्वेस्टिंग

4:37 फिर निमेश शाह जी हैं नीड्स नो इंट्रोडक्शन देन वी हैव मतलब मैंने तो बस कुछ एग्जांपल्स बताएं। सो फर्स्ट ऑफ़ ऑल सेइंग कि अरे सिर्फ इसी तरह का व्यक्ति बना सकता है। उसी तरह का व्यक्ति बना सकता है। मैं बहुत एग्जांपल दे सकता हूं। डैन जैगर हैज़ अ वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ मेकिंग 10,000% रिटर्न इन अ ईयर ड्यूरिंग द डॉट एरा। तो वो भी है। मार्क माइनरवेनी यूएस ट्रेडिंग चैंपियनशिप में जाते हैं। साल साल भर का उनका रिकॉर्ड है 1200% 1100%। ऐसे काफी सारे लोग हैं। सवाल ऑब्वियसली ये होता है कि हमको इंडिया में कम क्यों देखते हैं। बट लेट्स फेस इट। लॉजिकली अगर देखा जाए तो ट्रेडिंग जो सबसे रैंपेंट ट्रेडिंग हुई थी व शिकागो से चालू हुई थी। वी आर ऑलरेडी 30 इयर्स लेट। फिर यूएस में आया। फिर हमारे तक पहुंचा है। तो हम 30 साल लेट हैं। तो हमारे पास अब इसलिए हमको उतने रिजल्ट्स देखने मिल रहे हैं ना। वेट फॉर अनदर 10 इयर्स। यू विल सी मोर एग्जांपल्स। बिकॉज़ टेक्नोलॉजी हमारे इधर

5:24 लेट परकुलेट हुई है। जो टेक्नोलॉजी 1970 में बाहर आ गई थी वो हमारे इधर 90ज तक आई है। लेकिन अब द पेस एट व्हिच वी आर अडप्टिंग टेक्नोलॉजी इस फास्टर अब 20 साल नहीं लगते। अब 20 महीने से भी कम लगता है हमको नई टेक्नोलॉजी को अडॉप्ट करने के लिए। सो ऑल दोज़ थिंग्स रेगुलेटरी चेंजेस अ लॉट ऑफ़ थिंग्स आर हैप्पेनिंग। तो पहला मिथ तो यह है कि ट्रेडिंग में कोई नहीं बनाता। कमाते हैं। कुछ लोग बोलेंगे इतने ही लोग कमाते हैं सिर्फ 2% लोग कमाते हैं। सेविंग तो यही कहती है ना 95 96% आर लूज। एक बात बताइए आईएएस के एग्जाम में इतने लोग बैठते हैं। एट द एंड कितने लोग फाइनल आईएएस ऑफिसर बन पाते हैं या आईपीएस ऑफिसर? 2 टू 4%? राइट? इतने लोग आईआईटी जाते हैं, कितने लोग सीईओ बन पाते हैं? अगेन वन टू 2%। सो दिस इज़ इरेस्पेक्टिव। आप कोई भी फील्ड में जाओगे एक्सेप्शनल परफॉर्मेंस तो हमेशा वो दो चार 5% की रहेंगी। क्या बॉलीवुड में एवरीबॉडी इज़ मेकिंग 100 करोड़

6:10 प्लस इन अ ईयर एक्टर्स नो इट्स ओनली द खान्स एंड अ फ्यू कपूर्स एज़ सिंपल एज दैट। देयर आर सो मेनी पीपल हु आर मेकिंग बिलो 5 करोड़ और 1 करोड़ आल्सो। यस, यस। करेक्ट। अब्सोल्युटली। सो ये तो हर फील्ड का है कि इफ यू वांट टू रियली मेक दैट मच, यू विल हैव टू बी एट द टॉप। एंड वो टॉप पे जाने के लिए आपको अब आप बोलोगे कि मैं फुटबॉल खेल के मैं सबसे ज्यादा कमाऊंगा। बट एट द एंड कमाते वही रोनाल्डो मेसी यही लोग हैं जो टॉप फाइव टाइम है। सो सेम इज़ हियर। तो पहला मिथ है कि कोई नहीं कहता नहीं कमाते हैं बट टू टू 5% कमाते हैं। ओके। दूसरा एक जो बहुत ज्यादा रैंपेंट मिथ है व्हिच आई वांट टू ब्रेक ओवर हियर कि इंडिया में तो कुछ ज्यादा ही चलता है कि भ मैं किसी का सुझाव लेके बहुत ज्यादा पैसा बना सकता हूं। इसको हम कहते हैं टिप्स। दूसरे तरीके से। दिस इज़ अ वेरी बिग मिस्टेक। देखिए टिप्स से आज तक केवल एक ही मनुष्य ने पैसा

6:56 बनाया और उसको हम कहते हैं होटल का वेटर। आज तक आपने किसी मल्टी मिलियनर को नहीं देखा होगा जिसने कहा कि भाई जो है ना किसी के टिप्स से देखिए आप इंस्पायर होइए। आप रेप्लिकेट कीजिए बट अपना स्टाइल जब तक आप नहीं बनाएंगे तब तक पैसा नहीं बना पाएंगे। बिल्कुल सही बात है। लेट मी गिव अ स्मॉल एग्जांपल ऑफ़ समबडी फ्रॉम स्टॉक मार्केट। मोनीष पाबराय सर हैं। उन्होंने एक बहुत बढ़िया किताब लिखी है जो मैं आपके दर्शकों को सजेस्ट करूंगा। धंधो इन्वेस्टर नाम की किताब है। धंधु धंधो धो गुजराती में बोलते हैं ना धंधा धंधो। धंधो इन्वेस्टर अबाउट द बुक। या सो मोनीष पाबराय जी सीधे बोलते हैं कि मैं ब्लेटेंटली वारेन बफेट सर मेरे गुरुदेव को कॉपी करता हूं। बाय द वे ही वास् द ओनली पर्सन जिन्होंने ₹180 करोड़ देके जब उनके पास आ गए थे उतने लंच किया था द लेजेंड्री वारेन बफेट सर के साथ। लंच के पैसे बता रहे हो आप 180 जो चैरिटी के लिए बाद में बफेट सर ने कर दिया था। बफेट

7:43 सर ने एक बहुत बढ़िया स्ट्रेटजी बनाई। उन्होंने बोला वारेन बफेट ने बोला पैसा तो मेरे पास बहुत सारे हैं। बहुत सारे लोग मुझसे मिलना चाहते हैं। एक काम करता हूं लोगों से कुछ अच्छा ही काम करवा लेता हूं। मुझसे अगर मिलना है लंच के लिए तो भैया जो हाईएस्ट बेडर होगा उसको मिलेगा बदले में आप पूरे दिन मेरे साथ हो जो पूछना है मेरा जितना दिमाग खाना है आप खाओ मैं सारे आंसर दूंगा आपका वो सारा पैसा भी मैं नहीं ले रहा मेरे को वो जरूरत नहीं है मैं चैरिटी व्हाट अ वंडरफुल वे फिलथ्रोफी की फिलथ्रोफी करवा दी मिलने का एक्सेस मिल गया इसी हिसाब से मोनीष तो मोनीष पाबराए बोलते हैं कि मैं ब्लटेंटली कॉपी करता हूं लेकिन आप उनके इन्वेस्टमेंट्स देखेंगे पोर्टफोलियो के क्योंकि पब्लिक रहता है एसएससी के रिकार्ड्स में देखेंगे जैसे हमारे इधर सेबी के रिकॉर्ड्स में दिख जाते हैं वहां पर एसएससी 1% से ज्यादा स्टेक लेंगे तो दिखेगा राइट कोई भी स्टॉक वारेन बफर्ड जैसे कॉपी नहीं है तो फिर कैसे कॉपी हुआ क्योंकि उन्होंने उनके माइंडसेट आइडियोलॉजीस उनकी फिलथ्रोफिक माइंडसेट

8:28 उनका रहनेसने का ढक्कन मिनिलिस्टिक लिविंग हाई थिंकिंग ये सारी चीजें रखी एनालिसिस आई हर्ड कि वो सुबह से शाम जो दिन के 8आ घंटे अखबारों को पढ़ना और वो सब्सोल्युटली यार 400 500 पेज रोज के पढ़ना कोशिश बहुत लोग करते हैं हार मान जाते हैं एंड देन वी से वी वांट टू बिकम वारंट ऑफ इट यू कैन नॉट बी इन टू 5% अनलेस यू डू देखिए अगर आपको पहले दो 5% में आना है तो आपको वो चीज़ करना पड़ेगा जो 95% नहीं कर रहे हैं। राइट? तब जाके आप आएंगे। सो ये मुनीष पाबराय सर जो ये हैं वो टिप नहीं लिए। उन्होंने कॉपी नहीं किया कि वारेन बफेट सर ने एप्पल में डाला तो मैं भी Apple में डालूंगा। नहीं उन्होंने उनकी थीसिस समझी माइंडसेट समझा कि उन्होंने समझा अच्छा वारेन बफेट सर किताबें बहुत पढ़ाते हैं। मैं भी पढूंगा। वारेन बफेट सर एनुअल रिपोर्ट्स पढ़ रहे हैं। मैं भी पढूंगा। वारेन ब्रफेट सर ये तो वो उन्होंने स्टाइल उनको रेप्लिका किया और उसके बाद अपना तड़का डाल के उन्होंने पैसे कमाए। मस्त। सो वन

9:16 नीड्स टू अंडरस्टैंड कि पैसे कमाने के ना शेयर बाजार में बहुत सारे तरीके हैं। बट टिप्स सैडली सेइंग आज तक मैंने तो नहीं देखा है कोई मल्टी मिलियनियर एंड डॉलर टर्म्स की बात कर रहा हूं। मेरे को आज तक कोई नहीं देखा जिसने ₹ करोड़ या 8 करोड़ या 9 करोड़ करोड़ छोड़ो 50 50 लाख भी कंसिस्टेंटली बनाया होगा। राइट? सो प्लीज अवॉयड दीज़ टू मैथ्स। ये दोनों बहुत बड़े मेथ। सो पहला मिथ हो गया कि स्टॉक मार्केट में पैसे नहीं बनते। ये झूठ है। पैसे बनते हैं। लोग बना रहे हैं। आपको बनाने आने चाहिए। राइट? दूसरा आपने बोला कि टिप्स लेके आप बड़ा कर लोगे वो सिर्फ वेटर होता है जो टिप लेके पैसे बना लेता है। बाकी किसी के बनने वाले नहीं है। राइट? जो जो पहली वाली बात है ना इसी बात को लेकर आप मुझे एक और चीज बता दो फिर। ठीक है? कि कुछ लोग हैं जो पैसे बना रहे हैं।

10:02 मेजोरिटी में बहुत सारे लोग हैं जो पैसे नहीं बना रहे हैं। तो जो लोग पैसे स्टॉक मार्केट से अच्छे अर्न कर पा रहे हैं उनमें और बाकी लोगों में बड़ा डिफरेंस क्या है? फिर तीन चार डिफरेंसेस हैं। ओके। अब कुछ लोग इससे ऑफेंड होंगे लेकिन जो सच्चाई है मैं बता देता हूं। पहली चीज़ है जो भी स्टॉक मार्केट से बड़ा पैसा बना रहा है उसकी जीवनी स्टार्टिंग से स्टॉक मार्केट पे निर्भर नहीं है। आई विल गिव यू लाइव एग्जांपल्स। उनके लिए ये साइड हसल जैसा है। ऐसा बोलूं? एक्साक्ट्ली। एटलीस्ट इन द स्टार्ट लेटर ऑन इट कुड बी डिफरेंट। आई विल गिव यू एग्जांपल। हमारे देश के सबसे बड़े एज ऑफ नाउ इन्वेस्टर जो टॉप 10 फोब्स की लिस्ट में भी आते हैं जिनके अंदर हम शॉपिंग करने भी जाते हैं। डीमार्ट की मैं बात कर रहा हूं। और राधाकिशन दमानी सर वाइट मैन कहते हैं। आई थिंक 1.9 लाख करोड़ के ऊपर उनकी नेटवर्थ है टोटल। ठीक है? उनकी स्टार्टिंग हुई थी बॉल बेयरिंग

10:49 बिज़नेस से। फिर वो गए थे ब्रोकिंग बिज़नेस में जब वो साइड में भी ट्रेड कर रहे थे। तो फिर वो गए थे हार्ड कोर ट्रेडिंग में। फिर उसके बाद वो गए थे इन्वेस्टिंग में। फिर उसके बाद गए थे वो रियलस्टेट पैरेलली चल रहा था। साथ में स्टॉक मार्केट चल रहा था। उसके बाद उन्होंने एविवेन्यू सुपरमार्ट चालू कर दिया जिसको हम DMart के नाम पे कहते हैं। तो कैन यू सी द पैरेलल? उनके पैरेलल काफी चीज़े चल रहे थे। उन्हीं के शिष्य की बात करते हैं। उनके पहले गुरु की बात करते हैं। मनु मानिक जो स्कैम 1992 सीरीज आए उसमें ब्लैक कोबरा जो इंट्रोड्यूस किया गया था उनका काम क्या था? वो प्राइवेट लेंडर थे। वो लोंस देते थे। फिर उसके बाद वो ट्रेडिंग इन्वेस्टिंग ये सारी चीजें करते थे। राकेश झुझुनुवाला जी की बात करें बहुत लोगों को लगता है वो तो सिर्फ इन्वेस्ट करते थे। नो आप अगर जाके आप Google कीजिए। आप सर्च कीजिए। दैट इज द प्रॉब्लम। हमारे देश में ना जजमेंट हम जल्दी पास करते हैं चेक नहीं करते। आप जाके चेक कीजिए। वो मूवीस के प्रोड्यूसर

11:34 रह चुके हैं। की एनका मूवी के प्रोड्यूसर थे। ओ एक्साक्ट्ली। इतनी अच्छी मूवीस हमने देखी बट हमको यही नहीं पता। आप जाके चेक कीजिए। आई थिंक इंग्लिश विंग्लिश के भी वो प्रोड्यूसर रह चुके हैं। अच्छा एक्सैक्टली तो ही हैज़ बीन प्रोड्यूसर। जूहू के पास 800 करोड़ के इन्वेस्टमेंट रेंटल प्रॉपर्टीज उन्होंने लेके रखी हुई है। तो रियल स्टेट में भी थे। आप बोर के हॉर्स रचेस के सर्कल में बात करेंगे। वहां पर भी उनके इन्वेस्टमेंट्स रह चुके हैं। उसके बाद आप बात करेंगे अल्कमी कैपिटल के कंसल्टिंग बोर्ड में रह चुके हैं। सो और स्टार्टिंग में उन्होंने ब्रोकिंग भी कर लिया, ट्रेडिंग भी कर लिया। ऑब्वियसली ही इज़ अ वै रिस्की आउटलाइयर से कंपेयर मत कीजिए। बट ही डट मल्टीपल थिंग्स। सो, वह थोड़ा ज्यादा रिस्क ओरिएंटेड हो गए। बट, ही वास् डूइंग अ लॉट ऑफ़। तो, आप अगर एक कॉमन पैटर्न आज के समय पे भी आप देखेंगे कि यह सारे लोग कितने कितने मार्क माइनर वेनी की सब बात करते हैं जो भी स्विंग ट्रेडिंग करते हैं वो मार्क माइनर वेनी बात करते

12:20 हैं यार 1400%, 1500%। अ लॉट ऑफ़ पीपल डोंट अंडरस्टैंड। वो लास्ट 15 साल से हर बार एक ट्रेनिंग भी चलाते हैं। ₹4.5 लाख की फीस है पर हेड। हमारे तो आंखें खुल जाती है। ₹45 लाख, वो भी देन का। उधर यूएस में नहीं पूछते बिकॉज़ दे नो ही नोज़ दिस स्टफ। ही इज़ टीचिंग पीपल आर रेडी टू पे। नहीं करना मत करो। दे आर नॉट जजिंग। एज समय एज दैट। सो कुछ लोग बोलेंगे जब इतना कमा रहा है तो वो क्यों नहीं कर दे रहा? बिकॉज़ हियर इज़ अ फैक्ट। ये सारे सक्सेसफुल लोग जानते हैं कि अगर हम सिर्फ इधर स्टॉक मार्केट की ही अर्निंग पे एवरीडे डिपेंड करेंगे। स्टॉक मार्केट कभी भी लीनियर फॉर्म में रिटर्न्स नहीं देता। इट कम्स इन इराटिक फॉर्म। डाउन्स भी आएंगे, अप्स भी आएंगे, डाउन्स भी आएंगे, अप्स आएंगे। और मान लीजिए 3 महीने तक अगर डाउन फेस चला तो साइकोलॉजिकली तो आप ब्रेकडाउन हो गए। वहीं तो लोग गलती करते हैं। आप उसी पे निर्भर करते हैं तो आप एक्स्ट्रा रिस्क लोगे। आप जहां पे ₹10 पहले लेने वाले थे उधार के

13:05 ₹100 और डालोगे उस पे। फिर वो ₹100 चले जाएंगे। अब उसको रिकवर करने के हज़ार लोगे। फिर आप कर्जे में आ जाओगे। एंड देन वन फाइंड डे यू विल सी अ सैड नहीं कि किसी ने सुसाइड कमिट है। सो द प्रॉब्लम इज फैंटसी वर्ल्ड समझ के आप इस चीज को मत आइए। इसको दूसरी बहुत इंपॉर्टेंट चीज है। ये लोग कब फुल टाइम प्रोफेशन लेते हैं इसको भी समझिए। ये फुल टाइम प्रोफेशन जब लेते हैं जब इनका रिटर्न ऑन इन्वेस्टमेंट का मैथ्स सही बैठता है। अब इसको बहुत सिंपल तरीके से मैं समझाता हूं। ठीक है? और ये आपके ऑडियंस भी कमेंट्स में अपने हिसाब से करेंगे। पहले जो लोग भी ट्रेड या इन्वेस्ट कर रहे हैं अपना कैपिटल नीचे लिख दें। ठीक है? पहले लिख दें मेरे आगे बोलने वाली बात को उससे पहले आगे लिख दें। ठीक है? कि मेरा एक्स व कोई 10,000 होगा, कोई 1 लाख होगा, कोई 1 करोड़ होगा, 10 करोड़ भी होगा। कैपिटल मतलब मेरे पास कितने पैसे हैं जो मैं इन्वेस्ट कर सकता हूं। ठीक है? या ना किए हैं या कर सकता हूं? किए हैं या कर सकता हूं? ओके? कर दिया। मैक्सिमम लोग लाख

13:51 के आसपास आ रहे हैं। ठीक है? मैं हायर साइड पे लेके चल रहा हूं। लाख के आसपास। कुछ लोग होंगे वी डोंट टॉक अबाउट। अब एक कैलकुलेशन करते हैं जो सबसे बड़े इन्वेस्टर हैं वारेन बफेट सर उनका एनुअलाइज सीएजीआर होता है 18% का 17 से 18% ठीक है बीटिंग इनफ्लेशन एंड एवरीथिंग 18% इज अ वेरी गुड नंबर जो सबसे एक व्यक्ति हैं जिन्होंने वारेन बफेट सर का भी रिकॉर्ड तोड़ा हुआ है कंपाउंडिंग में जो लोग शायद लोगों को नहीं पता क्वांट जीनियस जिम साइम्स अब नहीं रहे हैं 2 साल पहले उनकी मृत्यु हो गई है तो उनका जो रेट ऑफ रिटर्न था वो था 60% कम ईयर ऑन ईयर बोल रहे हैं आप सोचिए ये मैं एकदम बेस्ट केस बता रहा हूं हां। ये है 0.01% वाला केस। ठीक है? फिर राकेश जी 26% के आसपास थे। 26% से कंपाउंड कर रहे थे। व्हिच इज़ अ वेरी गुड नंबर। उनके स्केल पे 26% बहुत

14:37 बड़ा हो जाता है। ठीक है? राइट? सो वो हो गए। ऑन एन एवरेज हम देख रहे हैं कि 10 से 20% का पकड़ लें। अगर आप सही में डेडिकेटेड है 10 से 20% का आप वो निकाल रहे हैं। ठीक है? मैं बोलता हूं कि भाई आपका कोई ऑडियंस हो बोलते हैं नहीं भाई मैं तो जिम साइम्स ही हूं। मैं 60% निकालूंगा। जो बिल्कुल नेक्स्ट इंपॉसिबल बिकॉज़ वो एल्गोरिदम सिस्टम चला रहे हैं। इतना कुछ कर रहे हैं। क्वांट के मैसेज में पेपर्स लिखते थे। वो इस तरह के बंदे थे। वॉर से टाइम पे कोड्स लिख के भेजते थे। वो वो ऐसे बंदे हैं। पर मैं बोलता हूं चलो आपकी ऑडियंस है तो बहुत समझदार है। वो 50% होती है। अब आप इस चीज को कैलकुलेट कीजिए। लाख का कैपिटल है। साल भर का 50% ओके। ₹50,000 बने। बिल्कुल। ठीक है? ₹50,000 वो व्यक्ति रह रहा है गुड़गांव या नोएडा में। साल भर का 50,000 मतलब महीने का लेस देन 5,000। क्या उसका खाना पीना, खाने-पीने के अलावा कुछ रह

15:23 पाएगा? सड़क पे सोना पड़ेगा? रेंटल्स ही मिनिमम 10,000 कहीं पर भी रुक जाए मिनिमम। पीजी-वीजी टाइप। पीजी मैं बता रहा हूं। बैचलर के जोश के लिए मिनिमम। आप मेरा पॉइंट आप समझ रहे हो। मैंने इसलिए पूरा रिवर्स कैलकुलेशन बताया कि हमारा इधर काफी लोग सोचते हैं ₹1 लाख मैं फुल टाइम प्रोफेशन। नौकरी छोड़ी मैं ये बन गया। अब आप समझो। अब आप लोग कैलकुलेट करो कि गुड़गांव में अब लोगों की फैमिली भी है, साथ में एक बच्चा भी है। करेक्ट। सो अब आपको समझ में आएगा कि कोई सेंसिबल ट्रेडर या इन्वेस्टर आके बोलता है ना कि बॉस अगर फुल टाइम ट्रेडिंग उतरना है तो अनुभव तो लो पार्ट टाइम करते रहो बट एटलीस्ट ₹50 लाख रखो। अगर ट्रेडर ही बनना है। तो अब आपको समझ में आ रहा है क्योंकि ये ₹50 लाख पे एटलीस्ट अगर 20% हर साल के बनाते हैं तब जाके 10 लाख बनता है। चलो अब चीजें

16:09 निकल जाएंगी। फिर धीरे-धीरे आप ग्रो बोलेगा अरे नहीं मैं तो धीरे-धीरे करके अगर मैं इस कॉलेज में हूं तो मैं कंपाउंड करूंगा 1 लाख का कंपाउंड करते-करते अगर वो 50% अभी कर रहे हो तो क्या सही बात है? तो यहां पर ही दिस इज वन फंडामेंटल रूल जहां पर लोगों के दिमाग में प्रेशर आ जाता है कि हम कैसे करें? दैट्स व्हाई जो एक सेंसिबल एवरेज मिलियर कहता है कि भैया सात सोर्स ऑफ इनकम बना दो। कितने? सेवन सोर्सेस ऑफ इनकम। एवरेज मिलियर कहता है आप तीन तो बना लो। सात छोड़ो तीन तो बना लो। बट मैक्सिमम लोगों का सिर्फ एक ही सोर्स ऑफ़ इनकम है जॉब। या तो मेरा फ्रीलांस या तो फिर जॉब। करेक्ट। सो, दिस इज़ द सेकंड पॉइंट कि यह जितने भी लोग फुल टाइम कब बना रहे हैं? जब दे हैव अ डिसेंट कॉर्पस इन देयर हैंड। तब जाके ना काफी सारे लोग बोलते हैं कि अरे देखो राकेश जी ने तो सारा इन्वेस्टमेंट से पैसा बनाया। लेट मी ब्रेक दिस स्मिथ आल्सो। बिल्कुल बनाया है। बट उनको ना एक इंटरव्यू में एक जन ने पूछा

16:55 कि अरे सर क्या बार-बार ट्रेडिंग ट्रेडिंग ट्रेडिंग बोलते हो? सीधे इन्वेस्टिंग की बात करो। राकेश जी ने सीधे पलट के। ₹5,000 लेके आया था। इन्वेस्टिंग के लिए पैसा क्या तुम्हारा बाप देगा? हम देयर इज़ अ वेरी फेमस इंटरव्यू। सो ही हैड टू टेक अ लॉट ऑफ़ रिस्क बाय 2001 आप एक बात बताओ ना Titan जैसी कंपनी की हम बात करते हैं उन्होंने इतना ₹3 में लिया इतने रुपए में तक होल्ड कर लिया सबने बात करा है यार 16 से 26 करोड़ टाइटन में लगाने के लिए उतना पैसा भी तो आना चाहिए वो कहां से आया ही हैड टू स्पेकुलेट ही है हेड टू डू मल्टीपल थिंग्स जस्ट बिकॉज़ मीडिया शोज जस्ट वन थिंग डजंट मीन दे हैव जस्ट डन वन थिंग दे हैव डन प्ल्टी ऑफ़ थिंग्स एथिकल एंड एथिकल वी आर नॉट क्वेश्चनिंग दैट दे हैव डन प्लंटी तो द थर्ड इम्पोर्टेन्ट ट्रेड तो हमने ये चीज समझ ली कि भाई इनके पास एक तो डिसेंट कैपिटल बनाया फिर फुल टाइम पे चले

17:41 गए करेक्ट दूसरा एक और हमने ये समझा है कि इनके पास ऑलरेडी और कोई बिनेस भी या और कोई इनकम के सोर्स थे ट्रेडिंग वाज़ नॉट द देयर लाइवलीहुड मतलब उनका जीवन लेटर ऑन हां लेटर ऑन लेटर ऑन व्हेन दे हैड कॉर्पस अब वो समझ गए भैया हमारा एक सिस्टम बन गया है साल का 20% भी बने और बॉस अगर आप 20% भी नहीं कर रहे हो तो फिर ट्रेडिंग क्यों रिस्क ले रहे हो आप अपने स्किल्स में पैसा लगाओ उससे ज्यादा कमा लोगे एज सिंपल एज दैट राइट। सो दैट इज़ अनदर। अनदर थिंग नाउ दिस इज़ आल्सो थर्ड वन। थर्ड वन दे हैव ऑलवेज टेकन लेवरेज। ये क्या होता है? लेवरेज मतलब इसको देखिए लेवरेज को अलग-अलग तरीके से यूज़ होता है। जैसे आप भी लेवरेज लेते हो। लेवरेज ऑफ द स्किल सेट्स एंड मैन पावर। आपको पता है कि मैं अपनी कंपनी अकेले रन नहीं कर सकता हूं। तो आपने 30-50 लोग रखे। क्यों? क्योंकि इसकी स्पेशलिटी सोशल मीडिया है। इसकी स्पेशलिटी

18:26 मार्केटिंग है। जो भी है। आपने वो करा है। लेवरेजिंग मैन पावर। यस। तो ट्रेडिंग और इन्वेस्टिंग में होता है कि आपके अकाउंट में ₹10 है। आपका ब्रोकर बोलेगा एक काम करो ना तुम को मैं अपनी तरफ से ₹20 एक्स्ट्रा देता हूं। तुम इस पे ट्रेड करो। और ये इंटरेस्ट फ्री दे रहा हूं मैं तुमको। क्योंकि ब्रोकर चाहता है कि आपको इंड्यूस करे क्योंकि आप ट्रेड करोगे तभी ब्रोकरेज बनेगा। हां। आप लोग खुशी-खुशी क्या करोगे? 10 का अगर आपको ₹100 मिलेगा। ठीक है? आपके अकाउंट में ₹10 आपको ₹100 मिल गया। हां। 10% का गेन अगर ₹10 पे होता तो आपका ₹1 बनता। अब 100 पे अगर 10% का गेन होगा, तो आपका ₹10? तो आपका इनिशियल कैपिटल तो 10 था। डबल हो गया। हां। लोग सिर्फ यही देख रहे हैं। हम्। अगर ₹10 का 10% डाउन भी हो गया और आपने ₹100 तक का लिवरेज लिया है, तो आपका कैपिटल तो ज़ीरो भी हो गया ना? आप समझ रहे हैं? यह वाली चीज़। लोग सिर्फ ग्लोरिफाइड साइड देख रहे

19:12 हैं। हम रियलिस्टिक देख रहे हैं। इट गुड टू बी ऑप्टिमिस्टिक बट रियलिस्टिक भी होना है। बट बड़े लोगों ने कैलकुलेटिव वे में सही समय पे बिगर बेड्स लिए हैं रिस्क के टाइम पे। सो, लेवरेजिंग अदर पीपल्स मनी। हम्। उनका स्किल और एक्सपर्टीज है। एंड व्हेन दे हैड दिस फेथ एंड कन्विक्शन कि यहां बात बनेगी। अब्सोल्युटली। तो फिर वहां पे दे वेंट ऑल आउट। अब्सोलुटली। एंड दिस इज़ दिस इज़ कॉमन इन एवरीथिंग। यस, यस। बिज़नेस में देखिए 2008 में ईलॉन मस्क बैठे हुए हैं। तीनों कंपनियां डूब रही है। 200 मिलियन डॉलर बैंक में इन्वेस्टर बोला कहीं पैसे नहीं डाल सकते। इन्हने बोला मैं तीनों कंपनी को बचाऊंगा। 24 घंटे के अंदर इन्वेस्टर आ गए। क्यों? ही लेवरेज्ड ह मनी एंड ही सेड कि मैं अपने मैं तो तीनों को बचा रहा हूं। एंड कॉन्फिडेंस को एवरेज लेके सब आ गए। लाइक वाइज़ अब ट्रेडिंग में लेते हैं। जब मैंने बात करी जॉर्ज सोज़ जॉर्ज सोरोज़ द पर्सन हु ब्रोक द बैंक ऑफ़ इंग्लैंड जब उन्होंने एक बिलियन डॉलर

19:58 लगाया था तब उनका कन्विक्शन इतना ज्यादा था उन्होंने अपने क्लाइंट्स के 55% पैसा लगा दिया था उस बेट। नोबडी इस टॉकिंग अबाउट दैट। राकेश झुझुनवाला जी ने अपना सबसे बड़ा पैसा जो बनाया था वो लेट 80ज में बनाया था। एक बजट पे उन्होंने अपना पैसा लगा दिया था। उन्होंने ₹1 करोड़ लगाया और रातों रात वो 24 करोड़ में तब्दील हो गए। हैविंग दैट कन्विक्शन इन द लेट 80ज एंड 90 टू टेक दैट वन ग्रो बिकॉज़ हिम हेड डन हिज़ मैथ्स। सबने उनको अगेंस्ट बोला था। ही हैड डन हिज़ मैथ। सो आपको समझना है कि ये सारे लोग लेवरेज इन्होंने लिए बट हम गलती कर हम रोज लेवरेज ले रहे हैं। नो दे वेट फॉर द राइट मोमेंट। राइट। राइट मोमेंट सारे आंकड़े लगा दिए। हाईएस्ट प्रोबेबिलिटी। ट्रेडिंग इज़ नॉट अ गेम ऑफ़ गारंटी। गारंटी किसी चीज़ की नहीं है ट्रेडिंग में। इट इज़ अ गेम ऑफ़ प्रोबेबिलिटी। आपकी प्रोबेबिलिटी ऑड्स आपके फेवर में है तब आप वो चीज़ ले रहे हो। क्योंकि आपके अगर अगेंस्ट हो तो

20:44 आप पैसा तो ये हो गया। एंड फाइनल चीज तीन चीज मैं बता चुका हूं लेवरेज के साथ। फाइनल चीज जो इनके पास है ना अमेजिंग पैशन फॉर लर्निंग अबाउट द मार्क। ये चीज मिस हो जा रही है लोगों में ये किसी भी इसीलिए टिप्स पकड़ लेते हैं लोग क्योंकि अपने हिस्से की लर्निंग नहीं करते हैं। उन्हें ऐसा लगता है कि किसी और की लर्निंग बेटर होगी तो वो टिप वाला एक जो ट्रैप है ना उसमें आ जाता है। ये आप फिर से बोलो। अमेजिंग पैशन फॉर लर्निंग और इसका सबसे बढ़िया उदाहरण है राकेश जी के ऑफिस में आप कभी भी जाके बैठते वो मार्केट्स के बारे में बात कर रहे हैं मार्केट्स पढ़ रहे हैं ग्लोबल मार्केट्स में क्या हो रहा है ये सारी चीजें दैट वाज़ द थिंग ठीक है उन वो मार्केट उठते थे बैठते थे खाते थे पीते थे विजय केड़िया सर के साथ जब भी बात करेंगे या तो योगा या तो मेडिटेशन या तो मार्केट इन तीनों के अलावा वो किसी चीज में वो गाना भी गाते हैं तो मार्केट से रिलेटेड बना के गाते हैं। सो दैट इज द ब्यूटी। तो

21:29 आप ये देखो कि इनके अंदर ना जरूरी नहीं है वो हर बार ट्रेड कर रहे हैं हर बार इन्वेस्ट कर रहे हैं। बट दे आर सो मच इंटू लर्निंग। अभी भी अपग्रेड करे जा रहे हैं। अपग्रेड करें। क्या जरूरत है भैया? इतने करोड़ों पे बैठे हो। आपको क्या जरूरत है? क्योंकि उनको पता है कि अगर हमने आपको अपने आपको अपग्रेड नहीं किया तो हम ऑब्सोल्यूट हो जाएंगे। राइट? हम मार्केट से खत्म हो जाएंगे। क्योंकि मार्केट एक अमीबा की तरह है जिसका शेप हर दिन बदल रहा है। और अगर हमने उसके साथ अडैप्ट नहीं किया तो हम खत्म हो जाएंगे। एज सिंपल एज दैट। सो, ये लोगों को ना लर्निंग पे इतना ज्यादा फोकस है। दे नो दैट फर्स्ट दे हैव टू लर्न एंड तभी एल हटा के अर्न कर पाएंगे। यस। तो वो लोग इस चीज पे इतना एम्फेसिस देते हैं। किताबें इसलिए तो पढ़ते रहते हैं। रिपोर्ट्स इसलिए तो पढ़ते रहते हैं। क्या नया आया मार्केट में इसलिए अब आप जस्ट इमेजिन कीजिए वारेन बफेट सर ने एप्पल जैसे स्टॉक में इन्वेस्ट कब किया? इतने ना डॉट में क्या ना कुछ उस टाइम पे

22:14 किया। लेट 2000 में आने के बाद इन्वेस्ट किया। जब उन्होंने पूरा पढ़ के ये सारी चीजें उन्होंने उससे पहले मेरे को टेक्नोलॉजी नहीं आती समझ में। जब उन्होंने सारा पढ़ लिख के सारी चीजें समझ ली। तब जाके उन्होंने Apple पे लगाया और स्मार्टनेस देखिए। ये रीसेंट टेक्निकल फॉल टेक्नोलॉजिकल फॉल के 6 महीने पहले से उन्होंने Apple से अपने स्टेक्स बेच दिए। दिस इज व्हाट हैपेंस। लोग सोचते हैं कि नहीं कुछ तो जादू की छड़ी है उनको टाइमिंग पता है। नहीं उन्होंने इतना स्टडी कर लिया कि उनको पता ये साइकिल कहां खत्म होती है, कहां चालू होती है, कब घुसना है, कब बैठना है। आप खुद सोचिए। अभी ट्रंप भाई साहब जो टेरिफ लेके आ रहे हैं जब हम बात कर रहे हैं। कभी वो चाइना के साथ तो अलग ही चल रहा है। 200%, 100%, 150% कुछ भी चल रहा है। तो मार्केट्स कितने वोलेटाइल हो रहे हैं? ऊपर नीचे रहे। लोग रो रहे हैं। हमारा स्माल कैप 40% गिर गया 50%। वारेन बफेट सर लास्ट एक साल से इतने बड़े कैश रिजर्व पे बैठे हैं। लोग हंस रहे थे। अरे लगता है

23:00 बुड्ढे हो गए भूल गए। ही टर्नड आउट टू बी द स्मार्टेस्ट पर्सन। अभी हाल फिलहाल में लिस्ट आई थी जब ये सारा टर्मोइल चल रहा था कि रिचेस्ट इंसान कौन सबसे कम किसका नेटवर्थ अफेक्टेड है। द ओनली पर्सन इन पॉजिटिव फ्रॉम द टॉप 20 बिलियर्स ऑफ़ द वर्ल्ड वाज़ वॉरेन बफेट। सो ये चीज़ थी। इसी का एक छोटा सा किस्सा बिफोर आई एंड कि लर्निंग का क्या पावर है? तो 99 और 2000 में चल रहा था डॉ.com का बहुत बड़ा क्रेज़। ठीक है? एवरीबडी वास क्रेजी। म्यूचुअल फंड्स आप जान के हैरान हो जाओगे। फोर फोर टाइम्स के रिटर्न दे रहे थे। फोर टाइम्स फोर फोर टाइम्स इन ईयर इन अ ईयर म्यूच्यूल फंड अनइमेजिनेबल आजकल तो कुछ भी नहीं देखा है हमने। फोर टाइम्स। सो एवरीबडी वाज़ लाइक वारेन बफेट सर एंड चार्ली मंग लेट चार्ली मंग उनके पार्टनर वो किसी भी टेक स्टॉक में इन्वेस्ट नहीं कर रहे। उनको आता नहीं है। सर्कल ऑफ़ कॉम्पिटेंस उनका कांसेप्ट है कि भैया जो समझ में आता है उसमें निवेश करूंगा। नहीं आता नहीं करूंगा। बैठे हैं

23:45 बैठे-बैठे लोग हंस रहे हैं। मीडिया वाले तो रिपोर्ट छापने लग गए। यह बहुत बड़ा एक वैसे ट्रिक है। जब भी मीडिया छापने लग जाए कि वारेन बफेट पगला गए हैं इसका मतलब समझ लो कि कुछ ना कुछ गड़बड़ होने वाला और वही सबसे समझदार इंसान है। मीडिया वाले छाप गए। अब क्या हो गया कि सब हंस रहे थे। फिर डॉट बबल आया। म्यूच्यूल फंड जो चार-चार टाइप्स थे जिन्होंने निकाल लिया। निकालता कोई है नहीं। बच्चे बैठे रहते हैं। वो -30 -40 पे आ गए परसेंट पे। बहुत सारे बंद हो गए। बहुत सारे बड़े-बड़े हैज फंड्स क्लोज हो गए। बहुत सारे इन्वेस्टर्स बैंककरप्ट हो गए। फिर हुआ बशर हैवे की एनुअल जनरल मीटिंग जिसको बहुत सेलिब्रेट किया जाता है। ओमाहा में लोग जाते हैं न्यूयॉर्क इंडिया हर जगह से जस्ट टू अटेंड दैट 2000 30000 लोग आते हैं। उधर गए वारेन बफेट सर और चारली मंगर अंडर एंटर हो रहे हैं और उन्हें मिलता है स्टैंडिंग ओवेशन बिकॉज़ दीज़ टू जेंटलमैन द ओनली वन ऑन द वॉल स्ट्रीट हु आर पॉजिटिव। बिकॉज़ उन्होंने

24:31 इतना ज्यादा चारली मंगर भी खुद कहते थे कि आज के समय पे ना आपको एक स्विस नाइफ जैसा होना है। सिर्फ एक चीज से नहीं होगा। आपको मल्टीडमेंशनल सब्जेक्ट्स पता होने चाहिए। यू नीड टू अंडरस्टैंड स्टॉक मार्केट में भी साइकोलॉजी पता होनी चाहिए। थोड़ी बायोलॉजी पता होनी चाहिए, थोड़ी इन्वेस्टमेंट पता होनी चाहिए। क्योंकि अगर आपको हल्की सी बायोलॉजी नहीं पता और आप फार्मा स्टॉक में इन्वेस्ट कर रहे हो कहां से पैसे कमा पाओगे भाई? यू हैव नो आईडिया वो किस तरह से। तो आप टिप्स लेके कर लोगे वो बंदा कब घुस के कब निकल जाएगा आपको पता ही नहीं चलेगा। सो इट्स वेरीेंट कि आप अपने नॉलेज पे एंड हमारे देश में सॉरी टू से सबसे लोग सबसे ज्यादा कतराते हैं नॉलेज में इन्वेस्ट करने से। मैं ये नहीं कह रहा हूं कि आप सिर्फ ट्रेनिंग्स लीजिए। आई वुड से इन्वेस्ट इन योर बुक्स, इन्वेस्ट इनटू पॉडकास्ट लाइक दिस। राइट, राइट? जस्ट वॉच दिस एनकरेज दोज़ पीपल बिकॉज़ प्रॉब्लम है कि जब तक हम अपनी लर्निंग पे इन्वेस्ट नहीं करेंगे ना हम इवॉल्व। मैंने ना जब आज की

25:16 बातचीत शुरू की थी तो बोला था कि आज ये एक मास्टर क्लास जैसा होने वाला है। तो आपने बड़ा सुंदर ब्रेकडाउन कर दिया इनाइड दी माइंडसेट ऑफ टॉप 1% ट्रेडर्स एंड इन्वेस्टर्स। चार चीजें आपने कही। अगर मैं कुछ मिस करना चाहूं तो आप बोलिएगा। सी नंबर वन इज जितने भी लोग टॉप पे गए हैं जिन्होंने ट्रेडिंग में बहुत सारा पैसा कमाया है ये वो लोग थे जिनके लिए ट्रेडिंग उनकी जिंदगी में सिर्फ इकलौता इनकम सोर्स नहीं था उस समय में राइट सो इट वाज़ वन ऑफ द इनकम सोर्सेस नॉट द ओनली सोर्स करेक्ट सेकंड उनका फंड उन्होंने धीरे-धीरे इतना बड़ा कर लिया जो उनका कॉरपस है या इनिशियल कैपिटल है दैट आल्सो वाज़ ह्यूज करेक्ट थर्ड वन इज़ लेवरेज पार्ट राइट सो सही समय पे कैलकुलेटिव कैलकुलेटेड रिस्क उन्होंने लिया एंड दे लेवरेज्ड राइट वि अदर पीपल्स

26:01 मनी और यू नो दे फाउंड पीपल हु कुड ट्रस्ट ऑन देम आल्सो राइट एंड द फोर्थ वन जो अभी आपने बोला दैट इजेंस ऑफ लर्न इनफैक्ट यू सेड पैशन फॉर ऑल द टाइम लर्निंग यू नो कांस्टेंट लर्निंग तो ये चार चीजें अगर किसी के पास हैं तो आपके हिसाब से वो लोग हैं जो इस इंडस्ट्री में टॉप पे जाते एंड विथ दिस पर्सपेक्टिव अब ये चार जैसे मैंने पर्सनली बहुत ज्यादा कभी इन्वेस्ट नहीं किया तो आई गॉट दिस पर्सपेक्टिव नाउ कि ये चार चीजें चाहिए। अब मेरे को शुरू करना है और मेरे पास कुछ 40-50 हैं। तो व्हाट इज द नेक्स्ट वन टू थ्री थिंग्स लाइक गुड। तीन चीजें करनी है। अगर आपके पास 50,000 कैपिटल है तो आपको पहले समझना पड़ेगा कि इस गेम को समझने के लिए आपको उस गेम में होना पड़ेगा। 50,000 है तो आप सिर्फ ₹1,000 के साथ आइए। 5,000 ₹49,000 अपने बैंक में रखिए। हजार के साथ आइए। ओके? रीज़न ये है कि 50,000 आप लेके आए एक

26:48 स्माल मिस्टेक कर दी पूरा 50,000 उड़ गया तो आपका सिर्फ कैपिटल नहीं उड़ेगा। आपका कॉन्फिडेंस उड़ जाएगा। आपका सिर्फ कैपिटल नहीं जाएगा। कॉन्फिडेंस भी उड़ जाएगा। एक्साक्ट्ली। और फिर आप उसी कैटेगरी में आ जाओगे। अरे स्टॉक मार्केट तो बेकार है जो आए। 1000 आओगे सो यू हैव ऑलमोस्ट 49 चांसेस टू प्रूव योरसेल्फ। अब्सोलुटली। सो आप 1000 डालिए बट डालिए। आप बोलोगे मैं पेपर में नहीं पेपर में इमोशंस नहीं आते ना। किसी भी000 भी होगा तो दिलक होगा तो आप बोलेगा 1000 में क्या ही आएगा एक Infosys का शेयर अरे Infosys का नहीं आएगा बट देयर आर सो मेनी शेयर्स अंडर 500 देयर आर सो मेनी शेयर्स अंडर 100 देयर आर इंडेक्स फंड्स देयर आर म्यूचुअल फंड्स स्टार्ट ना ट्राई टू गेट द फील सिंपल सा है टीवी के इस पार बैठ के कहना बहुत आसान था अरे शॉट ऐसा

27:34 लेना था उस टाइम जब आप क्रीज पे रहते हैं उधर लेदर की बॉल जब स्पीड में आती है ना तब आपके हक्के बक्के उड़ जाते हैं तो पहली चीज है कि आप एज सिंपल एज दैट ₹00 आप सिर्फ ₹1000 से करो धीरे-धीरे जब आपका कॉन्फिडेंस आपको खुद को आएगा हां मेरा कॉन्फिडेंस बिल्ड हो रहा है थ्री फोर मंथ्स हो गए सिक्स मंथ्स हो गए नाउ यू कैन इंक्रीज टू 10 अभी भी 50 नहीं जाना है राइट स्लोली स्लोली गेट यूज्ड टू डू दिस थिंग क्योंकि आप जैसे कोई जिम जाता है तो दीपक भाई आपको पता है कि वो ऐसे ही जाके 50 किलो थोड़ी उठाएगा 5 किलो प्रोग्रेशन स्लो प्रोग्रेशन होगा तो वही चीज़ यहां पर हो गई दैट इज़ नंबर वन सेकंड इज़ आप जब जा रहे हो यू डोंट हैव टू स्टार्ट विद ट्रेडिंग यू हैव टू ऑलवेज स्टार्ट विथ इन्वेस्टिंग व्हाई आई विल गिव यू आर आंसर ट्रेडिंग इज़ अ वेरी फास्ट बेस्ड गेम ब्रोकर्स एंड इन्फ्लुएंसर्स इसको इसलिए प्रमोट करेंगे बिकॉज़ उससे क्विक ब्रोकरेज

28:20 बनेगा तो ब्रोकर्स का फायदा है। अ ट्रेडर्स की सबसे ज्यादा ट्रेनिंग्स चलती है तो उनको सबसे ज्यादा फायदा है। एज सिंपल एज दैट रियलिटी। ओके? बट आप जब इन्वेस्ट करते हो तो आपके पास टाइम होता है। एक इन्वेस्टर के पास सिर्फ एक दिन नहीं है। उसके पास पूरे 10 20 30 साल हैं। आज नहीं चला, कल नहीं चला। तो ही हैज़ टाइम टू थिंक, एनालाइज एंड टेक एक्शन अकॉर्डिंगली। साथ में आप अपनी स्टडी तो चालू ही रख रहे हो। आप किताब पढ़ रहे हो, आप ब्लॉग्स पढ़ रहे हो, ब्लॉग्स पढ़ रहे हो, YouTube देख रहे हो, पॉडकास्ट देख रहे हो। आप अपनी लर्निंग एंड नोट्स तो बना ही रहे हो। बट एट द सेम टाइम यू गेटिंग टाइम। ट्रेडिंग में क्या हो गया? आज सुबह 9:15 बजे चालू हुआ, सवा5 बजे तक गेम खत्म है। हम्म। तो, आपने कुछ गलत रिस्क ले लिया। आपके हजार करके 30 दिन में उड़ जाएंगे। दिस इज़ नॉट अ स्मार्ट वर्क। राइट? तो, ऑलवेज स्टार्ट विद इन्वेस्टिंग। सो दैट यू अंडरस्टैंड व्हाट काइंड ऑफ़ कंपनीज़ आर देयर, व्हाट काइंड ऑफ़ थिंग्स आर देयर। दैट इज़ अ सेकंड। थर्ड, आज के टाइम के हिसाब से सबसे इम्पोर्टेन्ट चीज जो आपको करनी है

29:05 आपको आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की इस्तेमाल करनी है। ओके। जो स्टूडेंट्स देखते हैं वो चैट जीपीटी केवल असाइनमेंट्स कॉपी करने के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं। जो लड़के देखते हैं वो सिर्फ लड़की को कौन सा लाइन बोलूं उसके लिए चैट इस्तेमाल कर रहे हैं। आप उससे अपने शेयर मार्केट क्वेश्चन पूछो ना। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को सही तरीके से यूज करो। आप ये पूछो कि हे टुडे आई हैड एक्चुअली बोट अ शेयर एट ₹100 इट फेल डाउन टू 80 बिकॉज़ ऑफ दिस न्यूज़। आई एम नॉट अंडरस्टैंडिंग व्हाट इज द व्हाट इज द मीनिंग ऑफ दिस न्यूज़। मान लीजिए कुछ टैरे प्लीज एक्सप्लेन मीन्स कॉन्सीक्वेंसेस आप समझ रहे हैं? आई मीन आई एम नॉट गोइंग टू द थ्योरिटिकल पार्ट। आई एम गोइंग द मोस्ट प्रैक्टिकल जो आज के समय के लिए सबसे हेल्पफुल होगा। आप ये को सही तरीके से इस्तेमाल कीजिए ना। बताएगा वो आपको इजी तरीके से। आप उसको बोल दो मेरे को इंग्लिश में समझा भाई। इंग्लिश में समझाएगा। हिंदी में समझा दो। हिंदी में

29:50 समझा देगा। सिंपल? ये तीसरी चीज हो गई। चौथी चीज जो आपको बिकॉज़ यू हैव दिस थिंग नाउ दैट यू हैव कम इंटू सर्टेन कमांडमेंट्स। तीन बुक्स हर इन्वेस्टर को स्टॉक मार्केट में आने से पहले पढ़नी चाहिए। ओके? पहला कॉमन स्टॉक अनकॉमन प्रॉफिट बाय फिलफिशर। बहुत इजी है। दूसरा है कॉफी कैन इन्वेस्टिंग बाय मुखर्जी साहब। सौरभ मुखर्जी। एंड तीसरी किताब बहुत लोग उल्टे पढ़ते हैं बट तीसरी किताब जो आपको पढ़नी है वो है वन अपॉन द वॉल स्ट्रीट बाय पीटर लिंच। या लोग शुरुआत करते हैं सीधे इंटेलिजेंट इन्वेस्टर और उसके बाद वो पढ़ के ही दो दिन में सो जाते हैं। बोले क्या है ये? और उसके बाद वो कहीं एक कोने में पड़ी रहती है। कभी नहीं। द रीज़न इज़ कि भाई आपने ए बी सी डी नहीं पढ़ी और सीधे पीएचडी करने निकल गए हो। कहां से कर पाओगे? दोज़ आर वैल्यू्यूएशन वाले अश्वत्थ दामोदरन की

30:37 किताब आप पढ़ोगे वो वैल्यू्यूएशन वाली है। वो आईएम्स में पढ़ी जाती है। जब आपको वैल्यू्यूएशंस आ जाती है। जब आप हार्ड कोर फाइनेंस में इन्वेस्टमेंट बैंकिंग के लिए रेडी हो। आप पहले बेसिक तो अपना बेस तो क्लियर कर लो। तो इन तीन बुक्स से बेसिक्स क्लियर हो जाएंगे। यू डोंट नीड एनीथिंग। यू डोंट नीड टू सर्च फ्रॉम द इंटरनेट। यू डोंट ये तीन बुक को डोंट रीड फॉर द सेक ऑफ रीडिंग। रीड फॉर द सेक ऑफ़ अंडरस्टैंडिंग। ये इसलिए मत डालो हे गाइस। इंस्टा स्टोरी मैंने आज तीन किताबें पढ़ी। तीन किताबों से सीखा, नोट्स बनाए। क्या उसका एसेंस को आपने एक्चुअल में समझा और क्या उसको एग्जीक्यूट किया, इंप्लीमेंट किया। अब ये तीन चीज़ इन्वेस्टमेंट के हिसाब से अगर आपने पढ़ी स्टॉक मार्केट के बिगिनिंग के लिए ये। तो अब ये सारा प्रोसेस होने के बाद ये जो 50,000 है अब आपके 50,000 आएंगे मार्केट में। दिस इज द टाइम। सो, नाउ व्हाट हैपेंप इज़ यू टूक योर स्वीट टाइम। आपकी लर्निंग हुई, आपने आपको अपग्रेड किया। उसके बाद हां। और एक चीज़ हमेशा

31:24 दिमाग में याद रखो। स्टॉक मार्केट प्रोबेबिलिटीज़ का गेम है। बहुत सारे लोग होते हैं जो 12, 15, 18-18 साल बाद भी। हां। दे लूज़ अ डिसेंट अमाउंट ऑफ़ कैपिटल। फॉर एग्जांपल, राकेश झुंझुनवाला सर ने आठ साल तक कोई रिटर्न नहीं बनाया था 8 साल तक ऑन रिकॉर्ड्स उन्होंने नहीं। पहले आठ साल। पहले आठ साल। दे ही हैड अ पीरियड। ही हैड अ पीरियड। आई थिंक 2000 के बाद का एक पीरियड था। 8 साल तक कोई पैसा नहीं बनाया था। बट डस दैट मीन ही वाज़ नॉट अ गुड इन्वेस्टर? नो ही वाज़ अ डैम गुड इन्वेस्टर। बिकॉज़ ही न्यू क्योंकि जैसे आपको एक आपके ऑडियंस के लिए एक फैक्ट बता देता हूं जो बहुत इंटरेस्टिंग है। स्टॉक मार्केट का एक फैक्ट है कि जितने भी मल्टीबैगर स्टॉक्स रहे हैं जो सबसे हाई क्वालिटी जैसे HL हो गया, ITC हो गया इस तरह के जितने भी स्टॉक Reliance हो गया फॉर दैट मैटर। आपको पता होना चाहिए कि 10

32:10 साल में से छ साल ये लोग परफॉर्म ही नहीं करते। अच्छा? आप जाके चेक करिए। HL 6 8 साल नहीं परफॉर्म किया था। द Reliance बिफोर Jio वाज़ नॉट परफॉर्मिंग। इट स्टार्टेड ब्लास्टिंग आफ्टर दैट अह द इंट्रोडक्शन ऑफ़ Jio। सेम विथ आईटीसी आईटी से बीच में 5 साल नहीं चला। जैसे ही लोगों ने उसकी बुराई करी उसको छोड़ दिया। उसके बाद चलना शुरू हो गया। सो गॉट टू अंडरस्टैंड दैट दिस इज़ अ रूल। रूल बेस्ड कि जब जहां पर बहुत ज्यादा फ्लॉक क्लटर हो जाता है वो वाला चीज नहीं काम करता है। वो रुक जाता है उस समय के लिए। जब तक वहां से क्लटर खाली नहीं हो जाता तब तक वो मूव नहीं करेगा। तो अगर सिर्फ ये चीज दीपक भाई फॉलो करती है ना ये पांच चीज तो आप लोगों का जो लर्निंग कर्व है ना क्योंकि हमने बहुत गलतियां करी हुई है। हम अपनी गलतियों से बता रहे हैं। सिंपल है वो लर्निंग कर्व श्रिंक हो जाता है। सो इंस्टेड ऑफ राइडिंग फॉर टिप्स क्योंकि घूम फिर के अगर आपको स्टॉक मार्केट में सक्सेसफुल होना है। अगर आप 4 साल तक भी टिप्स टिप्स टिप्स भागोगे

32:56 तो होना तो आपको नुकसान है। चार साल बाद भी यही प्रोसेस चालू करना तो अभी से ये प्रोसेस क्यों नहीं चालू? बिल्कुल सही बात है। सो दैट इज द पॉइंट। करेक्ट। सो अगर 50,000 है तो सारा 50 मत डालो। हजार से शुरू करो। क्योंकि अगर000 में नुकसान हुआ तो आपकी एक बड़ी प्यारी लाइन है। कैपिटल तो जाएगी जाएगी। कैपिटल के साथ आपका कॉन्फिडेंस भी चला जाएगा। सो दिस इज़ वन थिंग। सेकंड इज़ ट्रेडिंग के साथ मत शुरू करिए। इन्वेस्टिंग के साथ आप शुरू करिए। फिर आपने लर्निंग की बात बताई। आपने तीन किताबें हैं जो आपको जरूर पढ़नी चाहिए। उसके बाद प्रोबेबिलिटीज़ की गेम है। सो यू नीड टू अंडरस्टैंड दिस। अच्छे-अच्छे स्टॉक्स भी जो है वो कई बार कई साल लगा देते हैं परफॉर्म। परफेक्ट। नहीं करते हैं। और एक बात मैं पुरानी वाली जो आपकी है वो लेके आ जाता हूं जो आपने टॉप इन्वेस्टर्स के बारे में बोला था कि बहुत

33:42 बार जितने भी टॉप इन्वेस्टर्स रहे हैं जब उन्होंने शुरू किया था तो ये उनके लिए प्राइमरी सोर्स ऑफ इनकम नहीं था। दे हैड समथिंग एल्स। तो आप जो काम करते हो अपना स्किल बिल्ड करो। अच्छे पैसे कमाओ और उस पैसे का एक पोर्शन आप स्टॉक मार्केट में ले आओ। और स्टॉक मार्केट को अपनी प्राइमरी इनकम तब बनाइएगा। प्राइमरी सोर्स ऑफ़ इनकम जिस दिन उसका कॉरपस बढ़ा है और आपने आरओआई की कैलकुलेशन प्रेडिक्टेबिलिटी उन सबको मैनेज कर लिया। है ना? फैंटास्टिक वंडरफुल जी। और कई बार हमसे लोग पूछते हैं पता नहीं आप आप बताइए इसका जवाब कि जैसे अच्छी कंपनी कैसे चुनें? इन्वेस्ट किसमें करें? जैसे आपने बोला कि ट्रेडिंग से पहले इन्वेस्ट करो। इन्वेस्ट के लिए कंपनी चुननी है तो एक फंडामेंटली स्ट्रांग कंपनीज़ मैं चुनूं कैसे? देखिए अगर ये इतना आसान होता पहले तो हर बंदा आज के समय में

34:29 करोड़पति बन जाता। तो फर्स्ट ऑफ ऑल यू नीड टू अंडरस्टैंड टू सेलेक्ट अ लॉट ऑफ़ कंपनीज़ एंड यू हैव टू डू अ लॉट ऑफ़ रिसर्च बहुत रिसर्च। बट मैं एक कॉमन इंसान के लिए बता देता हूं कि ये चार पांच चीजें तो आप देखो ही देखो। इसके अलावा आप जितना अच्छा करोगे, रिफाइन करोगे उतना बेटर आपके लिए हो जाएगा। परफेक्ट है। सो पहली चीज जो आपको हमेशा आज के समय पे इंडिया के लिए सबसे ज्यादा इंपॉर्टेंट है वो आप प्रमोटर्स के बारे में स्टडी करो कि जो उनको कंपनी को चला रहे हैं वो क्या है? उनका क्या रिकॉर्ड है? क्या कुछ घपलेबाजी तो नहीं हो रही? बिकॉज़ प्रमोटर अगर गलत निकले तो सब गलत हो जाता है। फॉर एग्जांपल आज मुझे आपके स्टूडियो में आने के लिए बार-बार कैब्स ढूंढनी पड़ रही है। क्योंकि कल ही आपके इधर परसों ही एक बहुत बड़ी कैब की कंपनी थी। वो काइंड ऑफ़ शट डाउन होने पे आ गया। अभी नया एक इन्वेस्टर आया हुआ है। क्यों? क्योंकि जसोल नाम की एक कंपनी है। जसोल नाम की कंपनी के दोनों प्रमोटर्स ने की स्क्रूटनी जब हुई रेगुलेटर द्वारा तो

35:15 पता लगा ₹900 करोड़ के ऊपर का धंधा है। 250 करोड़ उन्होंने कहां निकाल दिया। पता नहीं चल रहा है। लोग परेशान है वहां पे। दैट इज़ नंबर वन। ठीक है? सो प्रमोटर्स का एथिक्स बहुतेंट है। अब कुछ लोग पूछेंगे ये कैसे पता करें? भैया आज के टाइम पे सबसे बड़े दो जीनियस है ना Google बाबा और AI आई बाबा इस्तेमाल कीजिए आप टाइम्स पेंडिंग केसेस ये वो केसेस सब पे रहेंगे। दैट इज़ बड़ा इंसान पे चलता रहता है। बट व्हाट इज द ग्रेविटी हाउ दे हैव फेस्ड टर्बुलेंट टाइम्स कितना उनका हिस्ट्री रहा है? क्या रहा है? एटलीस्ट 15 साल का हिस्ट्री है कि नहीं है। सारी चीजें आप चेक करो। दैट इज़ नंबर वन। सो फर्स्ट इज़ आप प्रमोटर्स देखेंगे कि कौन चला रहा है। क्योंकि मैं हमेशा कहता हूं कि शेयर मार्केट में पैसा वही बनाता है। वो नहीं बनाता जो घोड़े पे पैसा लगाता है। वो पैसा बनाता है जो चौकी पे पैसा लगाता है जो घोड़े को चला रहा है। अरे सो आप हमेशा वो देखिए जॉकी इज द प्रमोटर जो चला रहा है। प्रमोटर एंड मैच। दूसरा इसी से रिलेटेड है। इट इज़ अराउंड

36:02 कॉर्पोरेट गवर्नेंस। गवर्नेंस का बड़ा इशू हो रहा है आजकल दीपक भाई इन अ लॉट ऑफ़ कंपनीज़। इस कंपनी में भी गवर्नेंस का बहुत बड़ा इशू हुआ। पैसे का साइफ़निंग ऑफ हो गया। राइट। तो, आपको आप बोलोगे, यह कैसा है? इसके लिए आपको एनुअल शीट्स पढ़ने आनी चाहिए। तभी मैंने बोला कि रिसर्च इज़। आप बोलोगे हमारा तो फाइनेंस का बैकग्राउंड ही नहीं है। अकाउंट्स क्या है? नहीं। हम तो इंजीनियरिंग कर रहे हैं। सबसे अच्छा परफॉर्म मार्केट में वही लोग कर रहे हैं जो अकाउंट्स की फील्ड के नहीं है। ये भी मैं आपको बता दूं। हां। एक्साक्ट्ली। जिम साइमंस, बिगेस्ट ट्रेडर, डीमार्ट के मालिक, बीकॉम ड्रॉप आउट। मतलब टेक्निकली कम पढ़े-लिखे वाले ज्यादा कर दे रहे हैं। ठीक है? तो ये अपने ब्लॉक हटा दीजिए। क्यों? क्योंकि इनके अंदर ना लर्निंग का और ऐपटीट्यूड होता है। इनको हमेशा फोमो रहता है कि हम तो पीछे रह गए पढ़ने। ये बात ठीक है आपकी। यस। सो वो और क्यूरोसिटी। सो बाय टू थ्री बुक्स ना लर्न बेसिक अकाउंटिंग एंड आज तो इंटरनेट पे जस्ट स्पेंड ₹600 ₹800 गेट अ कोर्स लर्न एट योर

36:50 ईस अपने मोबाइल पे मेट्रो में जाते-जाते लोकल्स में जाते-जाते आप पढ़ो। अगर आपके अंदर सही में इच्छा है ना पैसे कमाने के आप तरीके ढूंढ लोगे। एब्सोलुटली। है ना? सो दूसरी चीज़ आप क्या करेंगे? आपको बेसिक अकाउंट सीखना है। अदरवाइज आप कॉर्पोरेट गवर्नेंस नहीं पकड़ पाओगे। दैट इज़ द सेकंड। तीसरी चीज है हमेशा हमारे देश के हिसाब से प्रोस्पेक्टिव से अगर मैं बात करूं तो टू बिगिन विद आप हमेशा याद रखिए हमारे देश का एक सिंपल सा सिद्धांत है केवल 25 से 30 ऐसी कंपनीज़ हैं जो कंसिस्टेंटली ओवर द लास्ट 20 इयर्स कंपाउंडिंग रिटर्न दी है द हाईएस्ट क्वालिटी स्टैंडर्ड्स क्योंकि हमारे देश में थोड़ा क्वालिटी का हैवॉक रह चुका है। ठीक है? तभी आप देखोगे इसका एक सिंपल सा है। कोई भी सेक्टर को आपको पॉजिटिव लग रहा है तो उस सेक्टर के जो टॉप थ्री लीडर्स हैं उनमें से एनालिसिस करके आप कुछ पिक कर दो। मैंने सिंपल सा हैक दिया है। इतना तो आप Google कर ही सकते हो कि पेंट में कौन सी है? दो घर पे देख लो

37:36 मुंह किसका पेंट लगा के दो तीन ही पेंट्स होती है ज्यादा। वैसे तो होती है एक है लेकिन चलिए दो तीन हमने समझ ली। ठीक है? फ्लाइट्स अब किसके लिए? तो दो तीन ही बची हैं। बाकी सारी तो इंडिया में बंद ही है। ठीक है? तो आप उनमें से देख लो। अगर आपको लगता है एिएशन अच्छा करेगा। अगर आपका कॉमन सेंस कहता है कि भैया रिटेल बहुत अच्छा करेगा मार्केट रिटेल शॉपिंग तो एक दो ही है उसमें लिस्टेड। बाकी तो बंद हो चुकी हैं। तो आप उसमें से देख लो। अगर आपको लगता है रियल स्टेट तो रियलस्टेट में थोड़ा सा ग्रे एरिया रहता है। लेकिन आप देखो कि ये ये एथिकल हो सकती है। डॉप थ्री लीडर्स कौन से? से तो ये है अगर आपको लगता है आने वाले 10 साल में टेक आईटी करेगा तो आईटी की आप हमेशा से देखो 2000 2001 में ऑलमोस्ट 1920 अच्छी मतलब बोलते थे अच्छी कंपनी अच्छी कंपनी नहीं थी फर्ज थी कॉर्पोरेट गवर्नेंस का इशू था बची तब भी वही तीन चार कंपनियां थी अच्छी वाली आज भी वही तीन चार कंपनियां चाहिए एवरीवेयर एवरीवेयर एक्सैक्टली सो टॉप लीडर्स आप ले लो सिंपल तीसरा चीज़ चौथी चीज़ है कि अब आप

38:22 बोलोगे कि अब टॉप लीडर्स के साथ तो पैसा बनाया है लेकिन टॉप लीडर्स कैसे होता है देखिए एक सिंपल सा होता है कि हाथी एक मैच्योर्ड स्टेज तक पहुंच गया आप जितना भी खिलाओगे वो और ज्यादा लंबा नहीं हो सकता लेकिन एक छोटे से बछड़े को आप खिलाओगे तो बहुत पॉसिबिलिटी बहुत बड़ा हो सकता है। दिस इज़ कॉल्ड स्माल कैप एंड मिड कैप। जब आप इस लेयर को क्रॉस कर लोगे तब आपको थोड़ा मार्केट का समझ आ गया। सारी चीजें समझ में आ गई। दिस इज़ नाउ द एनालिसिस कि नाउ वी कैन गो इंटू स्माल कैप एंड मिड कैप। इसके लिए आपको तीन चीजें करनी पड़ेगी। उनके फाइनेंसियल रिपोर्ट्स को पढ़िए जिसमें कि आपको कॉर्पोरेट गवर्नेंस, प्रमोटर्स ये सारी चीजें कहां पर पैसा लग रहा है ये सारी चीजें पता लग जाएंगी। आप इसका देखिए स्टॉक प्राइसिंग में बहुत ज्यादा वोलेटिलिटी तो नहीं है। अपपर सर्किट, लोअर सर्किट्स तो नहीं लग रहे हैं। बंद तो नहीं हो जा रही है ट्रेडिंग। बार-बार रेगुलेटर इसको वार्निंग तो नहीं दे रहे हैं। ये आपको सारे न्यूज़ में दिख जाएगा। दूसरी चीज आप ये देख लीजिए। तीसरा अगर सोशल मीडिया में सबसे ज्यादा उस स्टॉक के बारे

39:07 में तो बात नहीं हो रही। अगर हो रही है तो उससे दूर उससे दूर हो जाओ। एक्सैक्टली ऐसा क्यों? सोशल मीडिया में सबसे ज्यादा जिस भी स्टॉक की बात होती है उसी को पंप एंड डंप किया जाता है। उसको उठा के बेचा जाता है। आप याद रखिए सबसे ज्यादा हमारे देश का लोगों को गेस करने दीजिए। आप समझ जाएंगे कमेंट्स में। सबसे ज्यादा हमारे देश के एक प्राइवेट सेक्टर बैंक के शेयर के बारे में बात हो रही लास्ट 5 साल में पर वो 5 साल से रिटर्न ही नहीं दे रहा। वो तो बहुत अच्छा है। क्यों? पहला वो जो मैंने कांसेप्ट बताया था टॉप लीडर्स का वो सैचुरेट अगर बहुत लोग घुस गए तो वो नहीं करेगा। दूसरा रूल आपको समझना है। प्रीवियस बुल रैली के लीडर्स कभी भी नेक्स्ट बुल रैली के लीडर्स नहीं बनते हैं। दिस इज़ अ फैक्ट। तो आप सोशल मीडिया में तो सब वही बता रहे हैं। अरे इसने 2 साल में इतना बनाया 2 साल में। अगले 2 साल नहीं देगा। करेक्ट। तीसरा सेक्टर्स चेंज होता है ना।

39:53 लास्ट 5 साल में हमारे इसमें दो तरीके के सेक्टर ने बहुत अच्छा परफॉर्म किया था। ने एक ईवी किया था बिकॉज़ ई इज़ द नेक्स्ट बिग थिंग और दूसरा डिफेंस। बट वो इतना ज्यादा परफॉर्म कर गया कि वो अनरियलिस्टिक वैल्यू्यूएशन पे निकल गया। यूएस में भी सेम चीज हुई थी। टेस्ला का वैल्यू्यूएशन इतना बढ़ गया था एक टाइम पे इट वाज़ इक्विवेलेंट टू ऑल द ऑटोमोबाइल कंपनीज़ टुगेदर। यस। सो यू नीड टू अंडरस्टैंड। जब भी सब लोग बात कर रहे हैं तो वो चीज नहीं करेगी। हर कोई 2020 से लेके 23 तक सिर्फ आईपीओस की बात कर रहा था। कितने लोग आईपीओस की बात कर रहे हैं? हार्डली गिनती के। आ भी नहीं रहे उतने। जब भी हर कोई बात कर रहा है सोशल मीडिया पे तो उस पर्टिकुलर स्टॉक से दूर हो जाओ। अगर हर कोई कर रहा है। यस यस। दैट इज द थिंग। द फाइनल एनालिटिकल पार्ट ये मैं बहुत बेसिक ब्रीफ में बता दे रहा हूं जो इनको चीजें करनी है। द फाइनल थिंग यू नीड टू डू इज़ यू नीड

40:40 टू डायवर्सिफाई। सारी चीज कर ली उसके बाद भी आप सारे पैसे एक जगह पे नहीं डालें। सो व्हेन यू से डायवर्सिफाई, इट्स अबाउट सेक्टर्स डायवर्सिफाई कर दें या एक ही सेक्टर की कंपनीज़ में डाइवर्सिफाई करें? से सेक्टर्स डाइवर्सिफाई कर दीजिए। व्हाई? सिंपल सा एग्जांपल लेते हैं। आज से हम अगर 15 20 साल पहले चलते हैं दीपक भाई तो हम सबको लगता था कि भाई फ़स तो सबसे बढ़िया चीज है। करेक्ट? हां कनेक्ट करेंगे। तो बहुत सारे लोगों ने क्या करा था? एक पीले रंग का डब्बा आता था। उसमें सब लोगों ने निवेश कर दिया था। हर लोग अपने दुकान के साइड में लगा देते थे। क्योंकि बोला भैया फोन ₹2 का कॉइन डाल के लगाते हैं। आज वो डब्बा कहीं दिखता है? एचटीटी पीसीओ। राइट राइट? गायब हो गया। अगर किसी ने सारा अपना बिज़नेस का पैसा उसी में लगाया है। पेरिश हो गया। फिर कुछ लोगों ने बोला यार मोबाइल मोबाइल तो सबसे ज्यादा चलेगा और मान लीजिए किसी ने सारे के सारे दुनिया के ब्लैक

41:25 बेरी ही खरीद लिए होते हम तो आज क्या होता बिकॉज़ फिर टच स्क्रीन आ गया फिर टच स्क्रीन एंडroid Android ने फिर बहुत सारी कितनी सारी चीजें आईओएस एंडroid सो द थिंग इज़ द ओनली थिंग व्हिच इज़ सर्टेन ये थोड़ा फिलॉसोफिकल होगा बट द रियलिटी इज़ द ओनली थिंग व्हिच इज़ सर्टेन इन टुडेज़ टाइम इज़ डेथ बाकी सब अनसर्टेन है। अब्सोलुटली आई एग्री। मृत्यु के अलावा सब कुछ अनसर्टेन है। तो आप खुद सोचिए 6 साल पहले किसी ने सोचा 5 साल पहले कोई एआई की बात कर रहा था। अचानक से आया जॉब्स गायब हो जा रही है मार्केट से। एंड हर कोई एआईएआई की बात कर रहा है। राइट? यस, यस। दूसरी चीज़ है 15 साल पहले किसी ने सोचा था डिजिटल मार्केटिंग के बारे में। 6 साल पहले इंडिया में कोई इन्फ्लुएंसरर की बात कर रहा था। राइट? एवरीथिंग इज़ अबाउट इन्फ्लुएंसरर। राइट। किसी ने सोचा था बॉलीवुड का मार्केट गिरेगा और ओटीटी का प्लेटफॉर्म बढ़ जाएगा। आज ओटीटी कितना बढ़

42:11 रहा है? बॉलीवुड मूवीस के प्रोड्यूसर्स नहीं कमा पा रहे जितने ओटीटी वाले कमा रहे हैं। अब्सोलुटली बिल्कुल सही बात है। सो नोबडी हैड थॉट कि बड़े-बड़े ब्रांड्स वुड लव टू वर्क विद इन इन्फ्लुएंसर्स। सबको लगता था कि ये खान्स के नीचे तो जाएंगे ही नहीं। हां। बट ये चीज हो गई। सो कुछ भी चीज परमानेंट नहीं है। तो आप अगर पूरा दिमाग लगा के भी अगर आप सोचते हो कि यही सेक्टर काम करेगा मैं इसपे पूरा पैसा लगा देता हूं। चल गया। तो सोने पे सो गया। लेकिन ये गैंबल है। दिस इज वेयर ट्रेडिंग और इन्वेस्टिंग टर्न्स इनटू गैंबलिंग। हम्म कि आपने सब कुछ लगा के बिकॉज़ अनसर्टेन है कल को अचानक से कोई नई टेक्नोलॉजी आ गई और आपने जिस चीज को सोचा टेक्नोलॉजी तो सबसे जल्दी चेंज हो जाती है। कुछ आया और उसने चेंज कर दिया तो बहुत अगर बहुतों ने सोचा होगा कि पेट्रोल और डीजल के ही व्हीकल चलेंगे। आ गया ना ईवी का कांसेप्ट। धीरे-धीरे करके वो चीज़ चेंज हो जाएगी। सो उसको डवर्सिफाई इन द सेक्टर

42:57 कीजिए। आप चार पांच सेक्टर देखिए कि हां एटलीस्ट यहां पर ये चीज़ सही होंगी। स्टार्टर्स को छह से ज्यादा स्टॉक्स पे छह सात से ज्यादा स्टॉक्स पे इन्वेस्ट नहीं करना चाहिए सेक्टर्स। एक बार आपका एक्सपीरियंस हो गया तो आपकी स्ट्रेटजीस अलग हो जाती है। मैं ऐसे लोगों को भी जानता हूं जिनके पोर्टफोलियो में 30 35 स्टॉक्स भी हैं। दे आर परफॉर्मिंग वेल और ऐसे लोग भी जानता हूं जो सिर्फ छह सात स्टॉक्स के साथ भी अच्छा परफॉर्म करते हैं। यूजुअली देखा गया है कि बड़ा पैसा तो कंसंट्रेशन से ही बनता है। वारेन बफेट सर के भी पोर्टफोलियो में आपको 100 से ज्यादा स्टॉक्स दिखेंगे। लेकिन 60% ऑफ़ हिज़ इन्वेस्टमेंट इज़ स्टैग्ड इनू फाइव टू सिक्स स्टॉक्स। सिंपल सा है। वही कोका कोला वही उनके गीको जो गैको जो उनका इंश्योरेंस इन्हीं में है। सो द पॉइंट इज़ एट दैट बड़ा पैसा तो वही बनेगा। बट इसी में एक और चीज है कि जब आप चीजें गेम को समझ जाओ ना तो हैव द ओडासिटी टू टेक दोज़ बिग बैग्स। हम क्योंकि बहुत सारे लोग सोशल

43:43 मीडिया पे और मेरे तो 800 गुना बन गया पैसा। कितना डाला था भाई? ₹100 डाला था या डर लग रहा था। व्हाट इज द सेंस? आपसे बेटर वो बंदा है जिसने हाई कन्विक्शन के साथ ₹1 लाख डाला और भले उसने थ्री टाइम्स बनाया। ही हैज़ मेड। नो मनी। राइट? सो ये कुछ चीज़ अगर ध्यान दिया जाए तो आप एक परफेक्ट। तो प्लीज बट मेक श्योर कि आपकी लर्निंग जो हमारा एफसिस है वो लर्निंग है। आप लर्निंग नहीं रोक सकते हो। और आज के समय पे दीपक भाई अगर कोई मेरे को आके ये एक्सक्यूज देता है भाई मेरे पास पैसे नहीं है बॉस आप पूरी दुनिया को मूर्ख बना सकते हो। अपने आप को तो मूर्ख मत बनाओ। द वेरी फैक्ट अगर कोई व्यक्ति इस वीडियो को देख रहा है अपनी छोटी सी स्क्रीन पे भी इसका मतलब आपके पास लर्निंग की इतनी बड़ी अपॉर्चुनिटी है जिसको वारेन बफ सर कहते हैं ओवरियन लॉटरी। वो कहते थे कि अगर कोई उस समय पे उनके समय

44:30 पे वो कहते थे मैं लकी हूं। बोले क्यों? क्योंकि उस समय पे अगर कोई ऐसे घर पे पैदा हुआ है जिसको दो वक्त की रोटी और एक छत मिल रहा है वो ओवेरियन लॉटरी है। आज के समय पे मैं कहूंगा भारत में अगर कोई पैदा है जिसके पास मोबाइल का एक्सेस है जिसमे डेटा है। आप लॉटरी के भाग हो। उसके बाद भी अगर आप कुछ नहीं कर रहे हो क्योंकि आप उस चीज का यूज कर रहे हो सिर्फ पोर्न देखने के लिए तो ये आप आपका टाइम वेस्ट कर रहे हो। दैट इज योर फौ्ट। नॉट ऑफ टेक्नोलॉजी। राइट। बट व्हाई दिस हैप्पेंस हियर। आई मीन व्हाई इज इट? जैसे आप भी बोल रहे हो। मैं भी बोलता हूं। हम सब बोलते हैं यार कि लॉन्ग टर्म होता है और लर्निंग पे इन्वेस्ट करिए सीख के करिए चीजों को। व्हाई दिस और जितनी इसकी ज्यादा बात हो रही है ना हम लोग समझाने की कोशिश कर उतना ये ना एक पेंडेमिक के जैसे ये शॉर्टकट मेंटालिटी अभी हो जाए। कल मैं आईआईटी दिल्ली में था एक इवेंट में। तो एक लड़का था मृणाल करके उसका नाम है। उसने सवाल

45:17 पूछा कि सर मैं ना करोड़ों रुपए कमाना चाहता हूं। क्या करूं? मैंने उससे जैसे तुरंत अभिषेक भिड़ते ही जो बोलते हैं ना मैंने पूछा तुझे जल्दी तो नहीं है ना कमाने की? बिल्कुल। राइट? कह रहा है नहीं सर जल्दी तो नहीं है फिर भी साल डेढ़ साल में आ जाए तो। तो आप समझिए मैं एक कॉलेज के कैंपस में हूं और वहां मैं बात कर रहा हूं। वहां पे एक बच्चा मुझसे पूछता है एक करोड़ दो करोड़ आ जाए और अगर साल डेढ़ साल में आ जाए तो वो बोल रहे हैं कि ये जल्दी नहीं है। ये तो लाइक आई डोंट नो हाउ व्हाई एंड सो यू नो यू आर अ पर्सन विद ऑल दैट पर्सेक्टिव। सो मैं कहूंगा कि आज के युवा पीढ़ी का या यूथ का जो सबसे ज्यादा बर्बाद कर रहा है, हां। वो ये सब टूल्स तो अलग-अलग हैं। सोशल मीडिया ये सारे तो टूल्स हैं। बट सबसे बड़ा रीज़न क्यों भारत का यूथ बर्बाद हो रहा है? बिकॉज़ वो एक कांसेप्ट को लेना चाहता है जिसको कहते हैं

46:03 इंस्टेंट ग्रेटिफिकेशन। हम और वो ये भूल जाते हैं कि हर व्यक्ति रेस्पेक्टिव वो किसी भी फील्ड में सक्सेसफुल हुआ है। वो बिकॉज़ ऑफ़ डिलेड ग्रेटिफिकेशन। राइट? और इसके लिए अब बहुत सारे टूल्स हैं। सोशल मीडिया पे आके कोई 16 साल का लड़का दिखाएगा देखो मैंने करोड़ों पैसे कमाए। हां हां बिल्कुल सही बात है। स्वाभाविक सी बात है लोग अट्रैक्ट होंगे। लेकिन लोगों को वहीं पे सोचना चाहिए कि जो हमारे देश के सबसे बड़े रिटेल चला रहे हैं 1.8 लाख करोड़ वाले डीमार्ट के मालिक वाइट मैन वो सिंपल वाइट कपड़ा वाइट पट पहन रहे हैं। वो तो कहीं आके सोशल मीडिया पे नहीं दिखा रहे मैं कितना पैसा कमा रहा हूं। तो आपके ऊपर है। आपको डिसाइड करना आपको उस व्यक्ति से इंस्पिरेशन लेना है जिसकी एक्चुअल क्रेडिबिलिटी कहीं पे प्रूव्ड नहीं है। ना वो फोब्स लिस्ट में है। ना वो कहीं पर भी लिस्ट में है। आप बोलोगे अरे लेकिन आप देखो ना बड़े-बड़े लोगों को। तो मैं देख रहा हूं। स्टीव जॉब्स की हम बात करते हैं। वो टर्टल नेक वाली एक टी-शर्ट पहन के पूरा

46:49 निकाल देते हैं। ऐसा नहीं है उन्होंने मस्ती नहीं करी। सब करा हुआ है। बट ही वास नॉट फ्लेम बॉयंड ही वाज़ नॉट नॉट ट्राइंग टू शो ऑफ अप। जवानी में थोड़ा दिखाया लेकिन ठीक है। उसके बाद ही वाज़ तो प्रॉब्लम क्या हो रहा है कि हम लोगों ने ना अपने टाइमलाइंस को बहुत श्रिंक कर दिया है। दैट इज़ आल्सो वन ऑफ़ द रीज़ंस। हमने जो चीज हम 5 साल में अचीव कर सकते हैं। ये बिल गेट्स की एक बहुत बढ़िया कहावत है कि वी ऑफन अंडरएस्टीमेट व्हाट वी कैन अचीव इन द नेक्स्ट 20 इयर्स एंड वी ओवरएस्टिमेट व्हाट वी कैन अचीव इन 2 इयर्स। हम्म हम लोग अपने आप को ओवरएस्टिमेट करते हैं कि हम 2 साल में क्या अचीव कर लेंगे? 30 साल भर। यार आप सोचो हमें हर जगह ना पावर ऑफ कंपाउंडिंग लगा दो। सिंपल सा है। पावर ऑफ कंपाउंडिंग वारेन बफेट भी कहते हैं। आठवां अजूबा है। एक आपने एक ग्राफिक भी देखा होगा उसमें बताते हैं कि अगर एक-एस की लर्निंग भी आप हर महीने करते हो तो कितना ज्यादा। आई थिंक एटॉमिक हैबिट्स में भी इस

47:36 चीज के बारे में बहुत बढ़िया चर्चा की गई। सो द पॉइंट आई एम ट्राइंग टू मेक ओवर हियर इज़ कि आज के यूथ का सबसे बड़ा प्रॉब्लम इज़ इंस्टेंट ग्रेटिफिकेशन। मेरे को सब कुछ जल्दी चाहिए। ये जल्दी चाहिए वो जल्दी चाहिए। एंड दैट इज आल्सो बिकॉज़ आप अपने आपको प्रोन बना रहे हो टू ऑल द डिस्ट्रक्शंस। सोशल मीडिया फीड। लेकिन Instagram आप खोलेंगे। कोई दुखी नहीं है उधर। हर कोई सुखी है। हर किसी का इंटरनेशनल ट्रैवल हो रहा है। हर कोई को सिर्फ अवार्ड्स ही मिल रहे हैं। हर दिन मिल रहे हैं अवार्ड्स मिल रहे हैं। बड़े-बड़े लोगों के साथ उठना बैठा है। अब एआई जब से आया था तो पता भी नहीं चल रहा सही में बैठ रहा है कि अभी नहीं बैठ रहा है। बट सबकी लाइफ बहुत सेट है। एंड पीछे जाके पता करोगे तो पता चल रहा है वो इंसान कर्जे में है। उसके घर पे रिश्ते अच्छे नहीं है। डिवोर्स होने वाला है। राइट? एंड पीपल आर लेटर ऑन शॉक कि भैया इसके साथ ऐसे कैसे हो गया। तो सब कुछ Instagram में एक चीज होती है कॉल्ड फिल्टर। सब अपनी फिल्टर्ड लाइफ दिखा रहे हैं। सो यूथ को

48:22 समझना जरूरी है कि आज के समय पे और ज्यादा जरूरी है। पहले तो सिर्फ हम बात करते थे कि दिन में 500 थॉट्स आते हैं जिसमें से मोस्टली नेगेटिव रहते हैं तो अपने आप को उससे बचाओ। अब 500 नोटिफिकेशन भी आते हैं यहां पे। एंड इट्स वेरीेंट और आपको ये चीज समझनी पड़ेगी कि जल्दी का काम शैतान का होता है। ये हमने बचपन से सुना है। और ये बिल्कुल सही है। राइट? अब कुछ लोग बोलेंगे ये दोनों तो मिलकर डीमोटिवेट कर रहे हैं। क्योंकि आप ये देखो जल्दी से जिसने भी पैसा कमाया है। पैसे की बात कर रहा है ना। उसने तो गवा ही दिया है। हर्षद मेहता ने जल्दी-जल्दी पैसा कमाया। एक टाइम में तो बहुत कमाया। बट क्या फायदा हुआ? गवा दिया। सेम उनके चेले ने भी बहुत ज्यादा कमाया। बट क्या हुआ? गवा दिया। रामलिंगम राजू आए। सत्यम बहुत ज्यादा कमाया। डूबा दिया। किंगफिशर एयरलाइंस के मालिक विजय मालिया बहुत सारा कमाया। अब वो केवल संडे को ट्वीट करते हैं। मैं तो बैंक को पैसा देने को तैयार हूं। बैंक नहीं ले रही है। गवा

49:08 दिया। फिर उसके बाद अब कितने सारे एग्जांपल्स आप देख लीजिए। जल्दी जिसने भी पैसे कमाने की कोशिश सेम हमारे इधर के एक लेजेंड ने भी ये गलती करी थी। अमिताभ बच्चन अमिताभ बच्चन ने देखा कि भैया एक्टिंग से तो मेरे को पैसा आ रहा है। मेरे को और जल्दी पैसा कमाना है। तो मैं बनूंगा प्रोड्यूसर एबीसी कॉरपोरेशन चालू कर दिया उन्होंने अमिताभ बच्चन कॉरपोरेशन। मूवीस बनाई धना धन और लोंस लिया और डेप्ट लिया। उनके क्रेडिबिलिटी इतना ज्यादा थी सब दी। उन्होंने ये नहीं समझा कि मेरा स्किल सेट ही नहीं है प्रोडक्शन। मेरा स्किल सेट ही नहीं है डायरेक्शन। इतनी मूवीज, इतनी मूवीस बेकार चले गई कि 90 करोड़ के डेप्ट कर्जे पे आ गए। सब कुछ बंद करना पड़ा। हालत ऐसी हो गई कि घर से निकलना पड़ता उनको। आज जहां पर वो वेव कर रहे हैं वहां निकलना पड़ता। राइट? उसी समय पे अनिल अंबानी जी लेके गए क्योंकि वो उनके बहुत अच्छे फ्रेंड थे। वो उनके फादर के पास लेके गए धीरू भाई क्योंकि बहुत अच्छा चाहते थे। धीरू भाई सर चाहते एक चेक काटते उनका काम निपट जाता। उन्होंने तो

49:54 बोला भी था कि बेटा अमिताभ आप बताओ बाद में देख लेंगे अपन क्योंकि उनके पास पैसा तो दोस्ती यारी में चलता है। अमिताभ जी ने स्वाभिमान रखा। बोले नहीं एंड ही अंडरस्टुड द पावर ऑफ़ गोइंग स्लो। फिर उसके बाद एक शो आना शुरू हुआ जिसमें उन्होंने भागीदार बने। कौन बनेगा करोड़पति? टीवी के सामने हम सब बैठे। वहां से वो इतने पॉपुलर वापस शुरू हुए। फिर मूवीस के धीरे-धीरे एसेट्स बनाए। एंड टुडे वी ऑल टॉक अबाउट हिम। किस तरह से उस ऐज में भी ही इज़ सो एक्टिव। बिकॉज़ उन्होंने स्लो प्रोग्रेशन पे ध्यान दिया। आज जो हम देख रहे हैं अक्षय कुमार ने एक इंटरव्यू में ये चीज कही है। एक इंटरव्यू ने बोला यार 5000 करोड़ 4000 करोड़ हो गए तो बहुत बढ़िया है। तो बोले भाई हम जब मूवी चालू किए थे ना तो मुझे याद है मैंने ₹2000 में चालू करी थी। 50 ये सारा पैसा तो जो हमको मिलना शुरू हुआ लेट 2 के बाद शुरू हुआ है। जो करोड़ों

50:39 की बात कर रहे हो। पिछले 8-10 सालों में 7- 8 सालों में। बिलकुल यह हुआ है। तो, दे हैड टू बिल्ड दैट ब्रांड इक्विटी फॉर दैट लॉ। करेक्ट। यह ऐसे नहीं हुए बट हम लोग क्या एग्जांपल? ले मार्क जुकरबर्ग तो द प्रॉब्लम विथ द टुडेज सोसाइटीज़ वी आर ऑलवेज कंपेयरिंग विद आउटलाइयर्स। हमारे देश में भी 146 करोड़ की जनता है। लेकिन हम कंपेयर करेंगे वो एक दो लोगों के साथ। जो बहुत एक्सेप्शनल है। मैं नहीं कह रहा हूं आप नहीं हो सकते। एफर्ट्स डालने हैं आपको। करेक्ट। बट जो भगवत गीता में भी लिखा है कर्म करते जा। फल की चिंता मत कर। अपने आप को उतने रश लाइन में मत लगा दो। रियलिस्टिक टारगेट्स बनाओ। यस। पहले जो चीज़ 15 साल में अचीव होती थी वो होंगी 5 साल में। लेकिन 5 साल तो दो। आप साल भर की बात कर रहे हो। और 5 साल में अगर उसको अचीव करना है तो आपको स्किल सेट्स भी तो उतने बनाने पड़ेंगे। आपको पढ़ाई भी डबल करनी पड़ेगी, स्किल्स भी डबल करना पड़ेगा, काम भी

51:25 डबल करना पड़ेगा। अब्सोलुटली। तो ये चीज़ अगर आप कर रहे हो, सेम विद ट्रेडिंग, इन्वेस्टिंग। हां, हमको जो चीज़ 12 साल लगती थी सीखने में, आज आप ट्रेडिंग 3 साल में सीख सकते हो। बट 3 साल तो दो बट लोगों को चाहिए 21 दिन में पैसा डबल। वो जो अक्षय कुमार का जो मीम चलता है एवरीबडी वांट्स और वही वो 21 दिन के चक्कर में क्या होता है वो 21 साल तक पैसा नहीं बना पाते हैं एट एट द एंड ट्रबल करते हैं। सबको समझना पड़ेगा कंपाउंडिंग सारी चीजों पे अगर छोटी-छोटी चीजों को हम फोकस करेंगे ना पैसा बिल्कुल बनेगा। कई बार ना मुझे ऐसा लगता है कि शायद हमारी बुद्धि पे लालच हावी हो जाता है। बिल्कुल हो जाता है। जैसे ग्रीड जो है ना वो ओवरपावर कर जाती है हमारी इंटेलेक्ट को हमारी विज़डम को एंड देन वी मेक दिस रोंग डिसीजंस। अब्सोलुटली। जैसे मुझे भी अगर कहीं जाना है ना मैं गुड़गांव रहता हूं। मुझे दिल्ली जाना है मुझे मालूम है यह रास्ता 1/2 घंटे का है और मैं लेके चलता हूं 1 1/2 घंटा तो मैं 1

52:11 1/2 घंटे में आसाम से शांति से बिना एंजायटी के पहुंच जाऊंगा। लेकिन क्योंकि अब वो रास्ता डेढ़ का है और मैंने 45 मिनट अपने आपको दिए हैं ना फिर मैं रेड लाइट्स भी जंप करूंगा। गलत टर्न लूंगा और चांसेस एक्सीडेंट होने तो एक्सीडेंट्स हो रहे हैं। दिस इज द प्रॉब्लम। एक्जेक्टली। सो ये वही है कि इंस्टेंट इंस्टेंट उसमें और देखिए कमर्शियल और बिलियनर्स तो चाहते ही है इंस्टेंट नोटिफिकेशन इंस्टेंट एप्स इंस्टेंट खाना हम लोग बोल रहे हैं कि हेल्थ का पेंडेमिक चल रहा है हमारे देश में क्यों चल रहा है क्योंकि सब कुछ इंस्टेंट हो गया ना पहले तो हम घर पे बैठ के बनाते थे मुश्किल से बाहर खाने जाते थे अब तो एक क्लिक करा और हमारा खाना आर्डर आ गया सिंपल सा सो एवरीबडी इस लाइक पहले जो मुझे याद है जब नए-नए पिज़्ज़ास भी आए थे तो हमारा शायद साल में तीन बार होता होगा दो तीन बारI हां हां दैट वाज़ अ फेस्टिवल लाइक क्या बोलूं? सेलिब्रेशन

52:59 सेलिब्रेशन नाउ इट इज़ लाइक अरे भाई आए लो भाई पिज़्ज़ा मंगाया। सो द थिंग इज़ ठीक है इट्स फाइन। इफ यू एबल टू बैलेंस थिंग्स इफ यू कैन अफोर्ड दोज़ थिंग्स इफ यू कैन बैलेंस एवरीथिंग दैट्स फाइन। बट हर कोई कर रहा है एंड दे हैव गॉट इंटू देम। तो इंस्टेंट ग्रेटिफिकेशन से दूर जाइए। डिलेड ग्रेटिफिकेशन पे जाइए। एंड दैट इज़ डेफिनेटली गोइंग टू हेल्प यू। अगर हम थोड़ा आपका आउटलुक देखें और आपकी क्या टेक वैसे कुछ सेक्टर्स के बारे में इंडिया में जो आपको लगता है जो अच्छे ग्रो कर सकते हैं मे बी फोर फाइव सेक्टर्स द फॉरवर्ड ठीक है तो पांच सेक्टर पांच तो ज्यादा हो गए तीन सेक्टर की बात करते हैं एक है इंश्योरेंस सेक्टर जो मुझे लगता है काफी अच्छा ग्रो करेगा बिकॉज़ इंश्योरेंस का पेनिट्रेशन अभी भी लो है अब जाके लोगों में अवेयरनेस फैली हुई है इससे पहले लोग इतना ज्यादा इंश्योरेंस नहीं लेते थे उनको लगता था क्या ही जरूरत है बट पेंडेमिक के बाद स्पेसिफिकली लोगों को रियलाइज हुआ है द

53:44 वैल्यू ऑफ़ लाइफ व्हाट हैपेंस कि अगर फाइनेंसियली डिपेंडेंट हर कोई पूरी फैमिली में एक दो जन पे ही है तो क्या करना पड़ेगा तो इंश्योरेंस सेक्टर की एंड इसमें प्राइवेट सेक्टर प्लेयर्स आर स्लोली टेकिंग अ लॉट ऑफ़ पाई। पहले सिर्फ एक ही बड़े सेक्टर प्लेयर थे जिनके पूरे हमारे घरवाले वहीं से करवाते थे। अब देयर आर प्राइवेट सेक्टर प्लेयर्स जो कॉर्पोरेट इंश्योरेंसेस भी दे रहे हैं और ये भी कर रहे हैं। तो इंश्योरेंस इज़ वन अंडर रेटेड इट इंक्लूड्स बोथ हेल्थ, लाइफ सारे व्हीकल व्हीकल इंश्योरेंस आल्सो। इतने लोग व्हीकल ले रहे हैं तो उसका भी तो इंश्योरेंस ज्यादा है। सो दैट इज़ अ हाउस इंश्योरेंस ले। बट लोग अब कम एलियाज में अगर 30 करोड़, 40 करोड़ का घर लेगा तो इंश्योरेंस तो लेगा ही भाई। तो पहली चीज़ ये चीज़ हो गई कि आपका इंश्योरेंस सेक्टर हो गया। दूसरा इज़ डिफेंस। जिस तरह के जिओपॉलिटिकल टेंशनंस पूरे देश विदेश में चल रहे हैं लास्ट पांच छ साल में उधर रशिया यूक्रेन का एक वॉर चल रहा है। कभी टैरे वॉर चल रहा है। चाइना

54:31 फिफ्थ जनरेशन जेट जेट प्लेेंस अपने पास रख रहा है। हाईएस्ट नेवी फील्ड बनाते जा रहा है। तो ये अनसर्टेन टाइम्स में एव्री बिग पॉलिटिशियन नोज़ पॉलिसी मेकर नोज़ कि कभी भी हमको हम पे अटैक हो सकता है। कभी हमको रिब्यूट करना पड़ेगा, रिब्यूट करना पड़ेगा। ये सारी चीज़ें। सो डिफेंस सेक्टर पे इसलिए देखिए 5 साल पहले हमारे पास हार्डली कोई लिस्टेड डिफेंस कंपनीज़ थी। हमारे पास अब कितनी सारी हो गई है बिकॉज़ कहीं ना कहीं गवर्नमेंट का भी बजट उस पे जा रहा है। तो डिफेंस सेक्टर इज द सेकंड थिंग व्हिच इज़ और उसमें एडवांस चीजें हैं। ड्रोनस बना रहे हैं टू मॉनिटर या सिमुलेशंस हैं काफी सारी चीजें। सो डिफेंस सेक्टर इज़ सेकंड एंड थर्ड इज़ द बैंकिंग सेक्टर। अगेन अभी भी मैं बताता हूं क्योंकि लंबे बहुत सिंपल सा है। बहुत सारी चीजें कॉमन सेंस है। ठीक है? अब इस चीज को आप समझिए कि अभी एट प्रेजेंट हमारे देश में करीब-करीब 4 ट्रिलियन डॉलर सेविंग्स अकाउंट्स में पड़े

55:17 हुए हैं एप्रोक्समेटली व्हिच इज़ येट टू बी फाइनेंसियलाइज्ड। अभी तक फाइनेंसियलाइज्ड नहीं हुए हैं इंटू फाइनेंसियल इंस्ट्रूमेंट्स। अब ये $4 ट्रिलियन ऑर्गेनाइज़्ड अनऑर्गेनाइज़्ड। किसी के घर पे भी पड़े हैं, किसी के बाहर भी पड़े हैं, कैश पे पड़े हैं। फायदा किसको होगा सबसे पहले बैंकिंग सेक्टर को। बिकॉज़ धीरे-धीरे आप देखिए लास्ट 4 साल में ट्रेंड चेंज हुआ है। पहले कोई एसआईपी की बात नहीं करता था। लास्ट चारप साल में सब एसआईपी की बात कर रहे हैं। नहीं पता किधर पैसा जा रहा है। लेकिन वो कहीं ना कहीं डाल रहे हैं। ठीक है? दैट इज़ नंबर वन। सेकंड चीज़ है बैंकिंग इज़ अ फ्यूल फॉर एनी इकॉनमी। अभी हम 3 ट्रिलियन डॉलर की अगर अपने आप को इकॉनमी बताते हैं। चाइना पीक आउट हुई थी 1920 ट्रिलियन डॉलर पे। तो हमारे पास अभी भी स्पेस है छ सिक्स से टाइम्स की। ऑलदो हम बोलते हैं हम 10 ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमिस्ट बोल रहे हैं। अगले 5 6 साल में हो जाएंगे। बट स्टिल हमारे पास स्कोप है। तो इतना ज्यादा जब पैसा आएगा तो उसमें वन ऑफ़ द की

56:02 प्लेयर्स अदर दैन ब्रोकर्स एंड इंश्योरेंस प्लेयर्स होगा बैंक बैंक्स। थर्ड बिकॉज़ बैंक्स हैव आल्सो रियलाइज़्ड कि अब सिर्फ हम कासा अकाउंट्स में नहीं चलेंगे। हम एडिशनल सर्विज भी लाएंगे। इसलिए बैंक्स डीममेट भी ऑफर कर रहे हैं। बैंक्स आपको इंश्योरेंस भी ऑफर कर रहे हैं। बैंक्स आपको गोल्ड लोसन भी ऑफर कर रहे हैं। हर चीज में घुस गए हैं बैंक्स। करेक्ट। सो एंड फोर्थ मोस्ट इंपोर्टेंट व्हाई इन आवर कंट्री बिकॉज़ बैरियर टू एंट्री बहुत बड़ा है। बैरियर टू एंट्री इन द सेंस आपने लास्ट 10 लास्ट 10 साल में कितने नए बैंक्स को आते हुए देखा है? आप वही वही चार पांच के नाम पे देखा। क्योंकि आरबीआई ये अच्छी चीज भी है। हमारे दर की रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया लाइसेंस ही नहीं देती है। वो एक कंपनी को देने वाले थे आपके इधर के शर्मा जी उनको भी नहीं दी। करेक्ट करेक्ट। तो बोल दिया कि भैया आपके इसमें ग्लिचेस दिख रहे हैं। ये सब दिख रहे हैं नहीं देंगे। तो दे आर वै इज गुड। व्हिच इज गुड। व्हिच इज गुड। सो जब आप सोचिए गिनती के जब

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