0:00 [संगीत] सर जिस ललक और आंख की आपने बात की है इस वक्त वो कभी-कभी उठती है और मन करता है कि भाग जाओ कहीं ऐसे दूर ऐसी जगह जहां पे कोई ना हो सिर्फ हम हो लेकिन ये समाज ऐसा है कि इसमें सब कुछ निभाना सारी चीजें फिर कहीं वो जो आपकी इंडिवि इंडिविजुअलिटी होती है वो खो जाती है। उस चीज को कैसे अपने अंदर कैसे रखें ताकि हम ना करें। देखो आंख खोल करके परिणाम देखते चलो और अपनी आंख खोल करके जो आसपास के लोग हैं उनको देखते
0:45 चलो। मेरे साथ का एक था। उसको उसके मां-बाप लगातार बोलते रहते थे कि शादी कर ले, शादी कर ले। एक दिन उसने कहा कि तुम दोनों को देखता हूं उसके बाद भी तुम्हें लगता है मैं शादी कर सकता हूं। और यह मजाक में नहीं कही थी उसने बात। उसने कहा कि तुम दोनों को देखता हूं। उसके बाद भी तुम्हें लगता है मैं शादी कर सकता हूं। परिणाम सामने हैं। अगर शादी का अर्थ यह है जो तुम दोनों मुझे दिन रात दिखाते हो और जैसा जीवन तुम दोनों ने जिया है। भले होगे मेरे मां-बाप पर मुझे दिख तो रहा ही है ना कि कैसे हो? कहां प्रेम है? निभा
1:31 रहे हो अलग बात है। पर प्रेम कहां है? निभाना प्रेम नहीं है। एडजस्टमेंट प्रेम नहीं है। कर्तव्य पूरा करना प्रेम नहीं है। प्रेम कहां है? तो अगर यह शादी है तो मुझे नहीं करनी। परिणाम दिख रहा है साफ-साफ। तो वैसे ही तुम भी परिणाम देख लो कि अगर उस आवाज को दबाती चली तो होगा क्या? आंख खोलो और देखो चारों तरफ कि दुनिया कैसी है। और यही तुम्हारा भी भविष्य है। अगर बचती रही। ये जो सड़क पे आदमी चलता है ना जिसको तुम कॉमन मैन बोलते हो। उसकी शक्ल ध्यान से देखो। वो तुम हो। और अगर वैसा ही हो जाना है तो फिर कोई बात नहीं। उनके जो अपार्टमेंट्स में एक के बगल
2:19 में एक परिवार बैठे हुए हैं। उसमें मदर्स हैं, फादर्स हैं, उनके बच्चे हैं। और दिन रात की चिकचिक और कला है और रोज के संघर्ष हैं। जाओ और उनकी जिंदगी को ध्यान से देख लो। वह तुम्हारी जिंदगी है और अगर वही चाहिए स्वीकार्य है तो बढ़ो आगे किसने रोका क्योंकि जा तो उसी दिशा में रहे हो जीवन बढ़ तो उधर ही रहा और बहुत तेजी से बढ़ रहा है बहुत समय बचा नहीं है तुम्हारे पास तुम्हारी भी कहानी अब वही सब मोड़ लेने वाली है इच्छुक हो तो बढ़ो
3:04 आगे बिल्कुल तयशुदा कहानी है उसमें कोई बड़े उतार चढ़ाव नहीं है। उस कहानी में क्या-क्या आता है बता देता हूं। उस कहानी में आता है थोड़ी बहुत पढ़ाई कुछ एक साल की आज के बाद से सात फेरे मेटरनिटी वार्ड दूध की बोतलें घर पर बैठना पैसे रुपए के पीछे चिकचिक चिकचिक दुनिया की देखादेखी घर को फर्नीचर से भरना, कर्ज लेकर के मकान खरीदना, रोज आईने में देखना कि उम्र बढ़
3:49 रही है। एक दिन पाना कि चेहरे पर झुर्रियां भी आ गई हैं। बीतते हुए जीवन की व्यर्थता देखना और अपने आप को भुलावा देना। और जब सच साफ-साफ दिखाई देने लगे तो जाकर के टेलीविजन में मुंह डाल देना ताकि एक बहाना मिल जाए समय काटने का और जब मन बिल्कुल उदास हो जाए तो जाकर किसी शॉपिंग मॉल में बैठ जाना ताकि लगे कि जीवन में कुछ है। ताकि लगे कि ये जो कमाई-वामाई कर रहे हैं बिल्कुल व्यर्थ ही नहीं है। अरे भाई हम इससे शर्ट खरीद सकते हैं। प्रेशर कुकर खरीद सकते हैं। बिल्कुल नए मॉडल का फ्रिज खरीद सकते हैं। एक नई कार आ सकती है। ताकि जीवन को कुछ बहाने मिलते रहे आगे
4:35 बढ़ने के। 30 त्यहारों पर जाकर के रिश्तेदारों के सामने झूठा चेहरा बना करके बधाइयां दे देना और पीठ पीछे गिनती करना कि कितने पैसे का सामान दे दिया और कितना हमें मिलने वाला है। दूसरों की जिंदगी से अपनी तुलना करना। पति को देख के ख्याल यही उठना कि फंस कहां गई हूं। लेकिन फिर भी अपने आप को ऐसा बंधन में पाना कि अब भाग भी नहीं सकती। ये दो छोटे-छोटे बच्चे बैठे हुए हैं। जाऊं तो जाऊं कहां? कल्पना से कहानी नहीं बता रहा हूं।
5:21 लोग आते हैं मेरे पास और रोते हैं और यह पूरी दुनिया की कहानी है और यही तुमको अपनी कहानी बनानी है तो देख लो कि कब की चली गई होती कब का आग लगा दिया होता इसको पर अब इन दो का क्या करूं जो पैदा हो गए फिर एक दिन पाना कि मैं तो मिडिल एजेड हो गई और फिर पाना की अब बीमारियां आने लग गई हैं शरीर में। कैल्शियम की कमी हो रही है। जाकर के चेक करा रहे हो कैंसर के। क्योंकि रहना तो इसी शहर में है ना। तुम्हारी कहानी में शामिल है। इसी शहर में
6:07 पड़े रहना जहां की हवा गंदी, जहां का पानी गंदा, जहां का खाना गंदा, जहां की मिट्टी गंदी। और यही तुम्हारा सपना है कि किसी बड़े शहर में रहे। और बड़े शहर का अर्थ भी नहीं समझते तुम। बड़े शहर का अर्थ है कैंसर। पर तुम कैंसर के लिए तैयार रहोगे क्योंकि तुमने मेडिकल इंश्योरेंस कराया होगा। तुम इतने समझदार हो ना? तुम मेडिकल इंश्योरेंस कराते ही इसीलिए हो क्योंकि कैंसर होना पक्का है। जिस दिन कैंसर होगा उस [संगीत] दिन बीच-बीच में पैसे जमा करके कहीं वेकेशन लेने चले जाना। और बड़ा खुश महसूस करना कि दार्जिलिंग घूम आए, ऊटी घूम आए और अगर पैसा थोड़ा ज्यादा है तो मॉरीशस घूम आए और वो सारी फोटोज आकर के Twitter पे
6:54 Facebook पे चिपका देना ताकि दुनिया को ये भ्रम हो जाए कि तुम खुश हो। जानते सिर्फ तुम हो कि तुम क्या हो। पर वो अपनी हंसती हुई फोटो लगा दी। अपनी लगा दी साथ में पति की लगा दी। बच्चे की लगा दी ताकि दुनिया को यह लगे कि बड़ी खुश है। यह है काका खींच दिया। चाहिए तो बोलो। और सिर्फ उससे नहीं कह रहा हूं। जितने यहां सब बैठे हो सबका यही है। इसी की ओर बढ़ रहे हो। तेजी से बढ़ रहे हो। जैसे पहाड़ी ढलान हो और तुम्हारी गाड़ी न्यूट्रल में है और ब्रेक फेल
7:40 है। अब देख लो रोकना कैसे है। और चाहते हो झांकियां बच्चों का होमवर्क तो आप क्या सजेस्ट करते हो? सेक्स को लेकर के पति से तकरार क्योंकि पहले तीन चार
8:27 महीने तो बहुत अच्छा लगता है। उसके बाद सारा आकर्षण जाता रहता है। पर शरीर है उसमें बीच-बीच में खुजली उठेगी। और तुम पाओगे मन साथ नहीं दे रहा। तुम कहोगे फिर वही व्यर्थ का रूटीन जैसे कोई रिचुअल हो कि होना ही चाहिए और जो चीजें अभी तुम्हें आकर्षक लगती हैं फिर उन पर थूकने का मन भी नहीं करेगा। 30 दिन काम करोगे किस लिए कि एक दिन तनख्वाह मिल जाए। यह सब तैयारी करके रखी गई है
9:13 तुम्हारे लिए। देख लो तुम्हें चाहिए तो। तनख्वाह मिलेगी एक दिन और 30 दिन क्या करोगे इंतजार और खड़े रहोगे अपने बॉस के सामने जैसे वो अपने बॉस के सामने खड़ा रहता है और जैसे उसका बॉस उसके बॉस के सामने खड़ा रहता है कितना एक्साइटिंग है। हम इसी के लिए तो सब कुछ कर रहे हैं। हमारा सुनहरा भविष्य पूरी तैयारी कर ली गई है तुम्हें इसी में धकेलने की। देख लो शादी डॉट भी तैयार है। एंप्लयर भी तैयार
10:01 है। दुनिया भर में बहुत सारे लड़के होंगे जो उत्सुक होंगे। और कई लोग तो कह रहे होंगे सर ये तो बड़ी आप अच्छी बातें बता रहे हो। ये सुन के हमें पता नहीं कैसा-कसा हो रहा है। ये तो आपने बिल्कुल हमारी फेयरी टेल बता दी। यही तो चाहिए। फिर से एक चुनौती दे रहा हूं। क्या जिंदगी इसके अलावा भी कुछ हो सकती
10:46 है? और इस चुनौती के साथ एक आश्वासन भी दे रहा हूं। हां, हो सकती है। अगर तुम्हें अपने आप से प्यार है तो अगर खुद से नफरत ही करते हो तो छोड़ो। जिंदगी निश्चित रूप से इसके अलावा भी कुछ हो सकती है। पर जिम्मेदारी तुम्हारी है। तुम्हें जगना पड़ेगा, तुम्हें चेतना पड़ेगा। तुम्हें इस कहानी को बदलना पड़ेगा। और उसमें डर है और उसमें तुम्हें विरोध बहुत मिलेगा। और उसमें 10 लोग खड़े हो जाएंगे जो कहेंगे ना तू चुपचाप वो कर
11:32 मैं तो तुझसे कह रहा हूं। बड़ी होशियार हो गई है। बहुत बोलना आ गया है। इन विरोधों को झेलने को तैयार हो तो फिर कोई दूसरी संभावना है। नहीं तो बस यही है। है दम? सवाल जिंदगी का है। उससे जरा भी छोटा नहीं। जिंदगी का ही
12:20 सवाल है। जीवन मरण का है। है दम? इससे हटके जो कहानी होगी उसके बारे में मैं कुछ नहीं कह सकता क्योंकि वो नई कहानी होगी। जो नया है वो मैं कैसे बता दूं? वो तुम लिखोगी वो बिल्कुल नया होगा। अभी से उसकी कोई कल्पना नहीं की जा सकती। अभी से उसको निर्धारित नहीं किया जा सकता। और इसीलिए वो इतनी प्यारी होगी। क्योंकि बिल्कुल ताजी एकदम नई होगी। पर चुनौती तुम्हारे सामने है। तुम
13:06 देख लो तुम्हें नई कहानी लिखनी है या इसी पे चलते रहना है। hm [संगीत] हम [संगीत] हम्म [संगीत]