Next 24 hrs crucial for Modi, disclosures on Epstein Files mandatory on Dec 19th | LIVE

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简要总结

本视频讨论了社交媒体上关于 2025 年 12 月 19 日可能发生的政治事件的传言,以及与杰弗里·爱泼斯坦档案公开相关的潜在影响。讨论的关键点包括:

  • 爱泼斯坦档案的披露可能对全球政治人物产生影响。
  • 印度政治人物可能与爱泼斯坦有关联。
  • 档案公开后,印度政界可能出现潜在的政治后果和反应。

引言

主持人介绍了社交媒体上关于 2025 年 12 月 19 日的讨论,指出前马哈拉施特拉邦首席部长普里特维拉吉·查万和桑杰·劳特等领导人暗示可能会发生重大政治变革。这些暗示与预计在这一天全面公开的爱泼斯坦档案有关,这是法律要求,否则将面临处罚。爱泼斯坦档案包含有关性交易者和恋童癖者杰弗里·爱泼斯坦的信息,包括他会见的人员、地点和照片。

政治人物的反应

主持人提到了普里特维拉吉·查万和桑杰·劳特对爱泼斯坦档案的反应,以及苏布拉曼尼扬·斯瓦米在之前采访中发表的评论。桑杰·劳特暗示,美国可能会出现一些信息,导致纳伦德拉·莫迪无法继续执政。主持人播放了一段苏布拉曼尼扬·斯瓦米的采访片段,他在采访中表示,这些档案包含政治家和官员与女性关系的细节,可能会在印度引起争议。斯瓦米还表示,文件中不仅有政治家,还有政府官员和记者。他认为这会在印度引起混乱,并补充说,人们会否认这些说法,但印度必须做出回应。

专家讨论:全球视角

主持人与资深记者桑杰·卡普尔、米努·贾恩和独立媒体分析师西达斯·夏尔马进行了讨论。桑杰·卡普尔表示,虽然社交媒体上有很多关于 12 月 19 日的讨论,但他认为不会发生重大事件。他指出,如果唐纳德·特朗普受到影响,他会更加担忧。卡普尔认为,如果印度政治人物的名字出现,他们可能会否认或淡化这些指控。他还提到,马哈拉施特拉邦可能会出现一些动荡,但很难预测会发生什么变化。

专家讨论:道德和潜在影响

米努·贾恩强调了印度文化和政治中道德的重要性,并指出即使在美国,比尔·克林顿也因与莫妮卡·莱温斯基的关系而受到弹劾。她强调,如果高级官员与儿童性交易有关联,就不能轻易忽视。贾恩认为,如果莫迪与杰弗里·爱泼斯坦有任何关联,无论出于何种目的,都应该受到质疑。她还批评了那些经常批评尼赫鲁和甘地的人,并质疑为什么哈迪普·普里的名字出现在爱泼斯坦档案中后没有被要求辞职。

专家讨论:政治后果

西达斯·夏尔马表示,爱泼斯坦档案的披露并非猜测,而是现实。他认为,12 月 19 日之后,印度人民党(BJP)的支持者可能会减少攻击性。夏尔马解释说,杰弗里·爱泼斯坦因性侵未成年少女而被判入狱,并向有影响力的人提供女孩。美国议会通过了一项法律,要求公开他的所有记录。夏尔马表示,这些记录包含 300 GB 的数据,包括印度部长的名字。他认为,这将使印度人民党难以捍卫自己,因为这些信息来自美国法律,并且可以公开获取。

专家讨论:准备和反应

米努·贾恩提到,苏布拉曼尼扬·斯瓦米曾发推文说,印度人民党应该为莫迪之后的情况做准备。她指出,马哈拉施特拉邦的两位领导人公开谈论此事意义重大。贾恩认为,他们可能掌握了一些信息,因为孟买是一个商业中心,而唐纳德·特朗普也是一位商人。她还推测,伊隆·马斯克可能掌握了爱泼斯坦档案的信息。

专家讨论:苏布拉曼尼扬·斯瓦米的推文

主持人展示了苏布拉曼尼扬·斯瓦米的一条旧推文,其中提到莫迪可能受到美国的勒索,并暗示哈迪普·普里参与了性丑闻。这条推文还声称,美国机构掌握了可以勒索的照片。主持人还分享了对这条推文的反应,人们询问如果多位印度部长和议员的名字出现,是否会进行调查。

专家讨论:道德责任

米努·贾恩强调,儿童性行为是一个严重问题,不应被忽视。她指出,唐纳德·特朗普与年轻女性的照片令人担忧。贾恩认为,任何与此类行为有关联的领导人都应该辞职或面临弹劾。

专家讨论:系统性问题

桑杰·卡普尔表示,如果系统不敏感,即使有曝光,也不会有任何改变。他回忆起耆那教哈瓦拉丑闻,当时许多领导人因腐败指控而辞职。卡普尔认为,今天,即使两个政党都有人卷入其中,也不会有人辞职。他强调,议会需要任命一个联合议会委员会(JPC)进行调查,所有政党都需要致力于摆脱这种污秽。

专家讨论:社会敏感性

西达斯·夏尔马表示,过去 10 到 12 年里,印度的平均敏感度有所下降。他指出,2012 年,印度为尼尔巴亚走上街头,但当奥运奖牌获得者声称受到性骚扰时,这个国家并没有为她们挺身而出。夏尔马强调,人类是唯一可以互相帮助的物种,但印度的不幸是,同情心正在减少。

专家讨论:潜在后果

夏尔马认为,法律上会发生什么以及谁会辞职尚不清楚,但如果双方都有名字出现,他们可能会互相指责。他强调,如果一个圣人从酒馆里出来说他只是去喝水,那是不令人信服的。夏尔马认为,那些对自己的道德品质感到自豪的人,如果他们的名字出现在爱泼斯坦档案中,将会受到更多的批评。他表示,如果一位印度部长与爱泼斯坦在纽约一家酒店会面并有照片流出,总理将面临要求他辞职的压力。

专家讨论:即将到来的启示

夏尔马表示,爱泼斯坦档案就像一层层剥开的洋葱,不仅会影响印度人民党,还会影响整个生态系统。他认为,在接下来的几天里,随着 300 GB 数据的公开,将会有更多的照片和信息浮出水面。夏尔马强调,任何与杰弗里·爱泼斯坦有联系的人,无论多么遥远,都将很难为自己辩护,因为爱泼斯坦犯下了性侵儿童的罪行。

结论

主持人感谢嘉宾的参与,并表示将继续关注爱泼斯坦档案的披露。

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文字稿

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0:13 नमस्कार स्वागत है आपका पब्लिक इंडिया पर। मैं हूं नीलू व्यास। आज बात करते हैं एक तारीख की और वो तारीख है 19 दिसंबर 2025। इस तारीख का जिक्र सोशल मीडिया पर पिछले तीन दिन से बहुत ज्यादा हो रहा है। यहां तक कि बड़े-बड़े नेता उसके बारे में बात कर रहे हैं। कांग्रेस के नेता पृथ्वीराज चवन जो कि पूर्व महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री हैं। उन्होंने कहा कि एप्सन फाइल्स का नाम नहीं लिया। उन्होंने यह कहा कि 19 दिसंबर को मोर जो सत्ता परिवर्तन हो सकता है बड़ा और उसका भूकंप एक राजनीतिक भूकंप की ओर उन्होंने इशारा किया। अगर आप फॉरेन पेपर्स अगर आज उठाकर देखें तो उन सारे पेपर्स में यह कहा गया है कि 19 दिसंबर को एप्सन फाइल्स पूरी तरह से

1:00 डिस्क्लोज होना अनिवार्य है क्योंकि यह कानूनी जरूरत है। अगर यह पूरा नहीं किया तो वहां अमेरिका में इसके प्यूनिव एकशंस हो सकते हैं। यानी कि वहां पर लोगों को इसके लिए कोई दंड या कोई सजा मिल सकती है कि उन्होंने क्यों नहीं डिस्क्लोज किया एस्टीन फाइल्स। क्योंकि जो एस्टीन फाइल्स ट्रांसपेरेंसी एक्ट है उसको पास किया गया था जिसमें कि जो सेक्स ट्रैफिकर और पीडोफाइल जेफरी एस्टीन के बारे में ये कहा गया कि उन्होंने कितने-कितने लोगों से मुलाकात की, कैसे मुलाकात की, कहां मुलाकात की ये सारे वो डिटेल्स एस्टीन फाइल्स में है और यहां तक कि तस्वीरें भी हैं। अभी जो पहला ट्र जो आया था पिक्चर्स का या तस्वीरों का वो लगभग 95000

1:47 95000 फोटोग्राफ्स बोला जा रहा था कि उसमें है उसको भी बहुत सारी पिक्चर्स को रीडक्ट किया गया ये भी बताया गया था अब सवाल ये उठता है कि पृथ्वीराज चवन ने पहले बोला फिर संजय राउत ने बोला वो भी इसका इंतजार कर रहे हैं आइए आपको सुना देते हैं संजय राउत ने क्या कहा पहले संजय राउत को सुनते हैं जो कि शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट के राज्यसभा सांसद को कोई एक बड़ा विस्फोट राजनीतिक होने वाला है। ऐसी चर्चा इस देश में चल रही है और उसका केंद्र बिंदु अमेरिका में है। जब भूकंप होता है तो कोई केंद्र बिंदु होता है तो वो केंद्र बिंदु अमेरिका में कुछ ऐसी जानकारी सामने आने वाली है अमेरिका से। वो जानकारी सामने आने के बाद नरेंद्र मोदी सत्ता में नहीं रह सकते। इस प्रकार की

2:33 चर्चा है। पृथ्वीराज चौहान जी ने भी कहा है। तो मुझे लगता है कि हम इंतजार करेंगे। इन्होंने कहा है कि वो इंतजार करेंगे और संजय राउत का यह कहना है और जो डिटेल्स हैं एस्टीन फाइल्स की ये 19th दिसंबर तक आ जानी है। जब आएगी उसके बारे में तो हम चर्चा करेंगे लेकिन जो तीन हफ्ते पहले सुब्रमण्यम स्वामी ने जो मेरे इंटरव्यू में कहा था एक बार आपको फिर से वो टुकड़ा सुना देते हैं। पता नहीं कितने लोगों ने देखा। वैसे तो बहुत सारे लोगों ने लाखों लोगों ने उस इंटरव्यू को देखा है। लेकिन एक बार फिर उस क्लिप को मैं प्ले करना चाहती हूं जिसमें मैंने उनसे एक सवाल किया था एप्सन फाइल्स पर और उन्होंने क्या कहा? आइए वो सुनते हैं मेरा तीन हफ्ते पुराना डॉक्टर सुब्रमण्यम स्वामी के साथ

3:19 इंटरव्यू। आइए सुनते हैं। कैसे यह हो गया? मुझे याद है आपका एक इंटरव्यू जो आपने मेरे साथ पिछले साल किया था। आपने कहा कि मोदी जी की एक बहुत कमजोर नब्ज़ डोनल्ड ट्रंप के पास है। तो क्या वो कमजोर नब्ज़ अब ये एफस्टीन फाइल्स में है क्या? जी जो जो फाइल्स है उसमें इतना ही है कि लोग जो नेता थे लोग थे उनको महिलाओं से रिश्ता रखने में शौक थे। तो उनकी खुलासा हो रही है क्योंकि वहां अमेरिका का जो पार्लियामेंट है जिसको

4:04 स्टेट स्टेट ऑफ यूनाइटेड स्टेट्स बोलते हैं वो उसमें यह मामला एक दस्तावेज में आ गया है। वो दस्तावेज अभी खुलने वाला है। खुलेगा तो सारे नाम बिल्कुल स्पष्ट हो जाएंगे और उसमें सिर्फ राजनेता नहीं परंतु जो सरकार में है जो ऑफिसर्स हैं इन लोगों का भी नाम आने वाला है। कई पत्रकारों का भी नाम है। तो मैं समझता हूं कि इससे हमारे देश में खटाई पैदा होगी और जरूर कई लोग कहेंगे कि यह सब झूठा है। ये अमेरिकन शरारत है। ये सारी बातें कहेंगे तो परंतु

4:52 हमें जवाब तो देना ही पड़ेगा। हमें जवाब देना पड़ेगा और ये डेडलाइन कल है। 19 दिसंबर मैंने आपको पूरा वो लिंक समझा दिया। पृथ्वीराज चवन ने पहले बोला। फिर संजय राउत ने कहा है कि एक ऐसा भूकंप जिसका एपीसेंटर अमेरिका में है तो क्या यह इशारा हो रहा है कि अगर एप्सन फाइल्स में मोदी जी का नाम आता है नाम तो आ चुका है लेकिन अगर कुछ ऐसी तस्वीरें लीक होती हैं अगर या उसको डिस्क्लोज किया जाता है तो क्या मोदी जी को सत्ता से बाहर होना होगा? आज इसी सवाल पर मैं चर्चा करूंगी क्योंकि इस समय सोशल मीडिया पर इसको लेकर बहुत चर्चा है। कल रात तक ये टॉपिक ट्रेंड कर रहा था कि संजय राउत व्हाई इज ही हिंटिंग दैट 19 दिसंबर इज अ डे व्हिच कैन शेक अप प्राइम मिनिस्टर मोदी और इसको लेकर बहुत

5:39 सारे लोग अलग-अलग तरीके की बातें कर रहे थे। आज हमारे साथ तीन खास मेहमान है उनसे मैं आपका परिचय करवाऊंगी। संजय कपूर वरिष्ठ पत्रकार पिटिकल कमेंटेटर और अंतरराष्ट्रीय मामलों के एक्सपर्ट हमारे साथ हैं। संजय जी आपका स्वागत है। मीनू जैन जी वरिष्ठ पत्रकार पिटिकल कमेंटेटर हमारे साथ है। मीनू जी आपका भी स्वागत है और सिद्धार्थ शर्मा इंडिपेंडेंट मीडिया एनालिस्ट भी हमारे साथ हैं। सिद्धार्थ आपका भी स्वागत है और मैं संजय से शुरू करूंगी क्योंकि मैं एब्सेंट फाइल्स की जो डेडलाइन है उसको लेकर आपसे समझना चाह रही हूं कि पूरे विश्व का इंटरेस्ट उस एक डॉक्यूमेंट में है जिसको कि कल अनिवार्य तरीके से मैंडेटरी है कि उसको डिस्क्लोज किया जाना है। अगर यह डिस्क्लोज नहीं होता है तो क्या होता है और क्या हो सकता है और अगर डिस्क्लोज होगा तो कल क्या हो सकता है? इन दोनों पॉसिबिलिटीज पर आपसे बात करूंगी।

6:24 बहुत-बहुत शुक्रिया नीलू जी आपने एक ऐसे डिस्कशन के लिए बुलाया जो कि इसका कि लिंग एस्ट्रोलॉजी से ज्यादा है और यथार्थ से कम है। परंतु चर्चा काफी है इस बात पे पिछले कुछ दिनों से खासकर सोशल मीडिया पे काफी दिखाई पड़ रहा है कि 19 दिसंबर को काफी बवाल होगा और दुनिया में सर के बल खड़ी हो जाएगी। मुझे नहीं लगता कि इस तरीके का होगा। देखिए अगर जरा सा भी हलचल होती तो राष्ट्रपति ट्रंप सबसे पहले जो पूरे शक के घेरे में सबसे पहले तो वही आते उसके बाद कोई और आता है और वो इतने ज्यादा परेशान नहीं है जितनी उम्मीद करी जाती है। उन्होंने कहा कि वो उससे उभर गए। जो भी रिश्ता था उनका कहीं कई साल पहले था। परंतु ये समस्या है यहां पर क्या हो सकता है हिंदुस्तान का? अगर हिंदुस्तान का के

7:12 खिलाड़ियों के नाम आते हैं, प्रधानमंत्री का नाम आता है तो इनमें एक अजीब क्षमता है कि कह सकते हैं कि इससे कोई हमारा लेना देना नहीं है। एआई ने करा है या किसी और माध्यम से हुआ है। किसी चीज को भी रफादफा करने की क्षमता रखते हैं ये। तो मुझे नहीं लगता कि कोई खास बदलाव होगा। ये बात दूसरी कि महाराष्ट्र में काफी हलचल है। पृथ्वीराज चौहान, संजय रावत और तमाम लोग उम्मीद कर रहे हैं कि कुछ बदलाव होगा। पर ये कहना बहुत ही मुश्किल है कि क्या बदलाव हो सकता है। उसके लिए ऐसी चमड़ी चाहिए जिसमें कि थोड़ा थिन स्किन हो। वो थिन स्किन चमड़ी तो सिर्फ इतिहास में दिखाई पड़ती है। वो तो दिखाई नहीं पड़ती आज की तारीख में। जो तमाम नेता है उनको कोई इन सब आरोपों से कोई मतलब नहीं है। वो सोचते हैं कि ब्रजन आउट कर दो। दो चार महीने

7:59 अपने आप मामला ठंडा हो जाएगा। उसके बाद देखेंगे क्या करें। तो मैं आपकी उम्मीदों पर हुआ भारत की बात नहीं है संजय यहां पर अमेरिका में भी सबका इंटरेस्ट उस फाइल में बना हुआ है। इसलिए मैं समझना चाहती हूं कि एक बार ये सारे डिस्क्लोजर्स जब हो जाएंगे तो किस तरीके का बदलाव अमेरिका में या क्योंकि डॉन्ड ट्रंप का तो नाम डोनल्ड ट्रंप की तो बहुत सारी तस्वीरें दिख रही है जिसमें यंग गर्ल्स है उनको उनके फेस को ब्लैक एंड कर दिया गया है। उसमें वो नजर आ रहे हैं और वो रेज इन आउट करके कह रहे हैं कि देयर आर सो मेनी पीपल व्हाट्स अ बिग डील तो वो तो अपनी काफी एक जीत मानते हैं कि इतनी सारी लड़कियां उनके इर्दगिर्द घूम रही है कुछ कुछ ने तो उनकी तारीफ भी करी कि ये इन्होंने हमारी बहुत देखभाल करी और काफी शिष्ट शिष्टता का व्यवहार किया इन पे

8:45 जो इनके ऊपर आरोप लगा रहे थे उनको तो खरीद लिया इन्होंने काफी समय पहले गिनेचुने लोग हैं जो कि इस तरीके से कह रहे हैं कि इन्होंने उनके साथ दुर्व्यवहार किया तो मुझे तो कोई ज्यादा उम्मीद नजर आती नहीं है। अगर सब लोगों का हो गया तो दो चार कैजुअल्टीज होंगी जिनका कि नाम लेना मुझे समझ नहीं अगर आप गौर करें तो अभी तक सिर्फ पेट्रोलियम मिनिस्टर हरदीप सिंह पुरी का नाम आया है पूरी तौर पे परंतु उसमें भी कोई इस आधार पे तो कुछ कहा नहीं जा सकता क्या है वो तो ये क्योंकि फॉरेन पॉलिसी भी काफी करा थे मुल्कों को मिलवाया करते थे एक दूसरे से हिंदुस्तान को इजराइल इजराइल को किसी और के साथ मिलवाया तो पूरी तरीके से काम में लगे हुए थे तो मुझे नहीं लगता है कि कुछ खास होगा। परंतु आपने मुझसे एक और सवाल

9:30 पूछा कि अगर अमेरिका में फाइल्स की को घोषित नहीं कराया जाता या उसको पूरी प्रेजेंट नहीं कराया जाता तो अमेरिका में क्या होगा? तो अमेरिका में तो वहां पर सब सेट रूल्स है बकायदा इनके खिलाफ पेनल्टी इमोज होगी और जो डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस है उनको बाध्य कराया जाएगा उसको करें वहां इंस्टिट्यूशनली थिंग्स आर फ स्टंगर ऐसी बात नहीं है सब दबाव डालने के बाद भी काफी हद तक इंस्टिट्यूशन खड़ी हो पाती है सरकार और जो लोग सत्ता में उनके खिलाफ हिंदुस्तान में वो स्थिति ऐसी नहीं आ रही है जहां पे लोग बाग ना सवाल पूछ सके बड़ी ताकतों से बड़े नेताओं से जो सत्ता में है तो यहां पे तो अलग मामला है तो मुझे तो अभी कोई ज्यादा उम्मीद नजर नहीं आती

10:16 ओके तो आप ये कह रहे हैं कि बहुत ज्यादा उम्मीद नहीं नजर आ रही है लेकिन उस बात से मैं आऊंगी मीनू जी आपके पास कि जो डॉक्टर स्वामी ने कहा था कि इसमें खाली मोदी जी नहीं है। इसमें बहुत सारे अधिकारी हैं। इसमें बहुत सारे पत्रकार क्या बदलाव देख सकते हैं और कल की डेट आपके हिसाब से कितनी इंपॉर्टेंट है? क्योंकि इस डेट को लेकर एस्ट्रोलॉजी के पॉइंट ऑफ व्यू से नहीं जो फक्चुअल चीज है कि भाई अबस्टीन फाइल्स के डिस्क्लोजर्स होने हैं। एक कानूनी परमिशन उसको मिली है उसके मुताबिक वो डिस्क्लोजर्स होने ही होने हैं। और जो नाम पहले से आ चुके हैं इंडियन कॉन्टेक्स्ट में वो नाम है नरेंद्र मोदी का। वो नाम है पेट्रोलियम मिनिस्टर हरदीप पुरी का, अनिल अंबानी का, सचिन तेंदुलकर का। ये सब वो नाम है जो आए हैं। पत्रकारों के नाम अभी हमें नहीं पता है। अधिकारी कौन है उनके नाम नहीं पता है। लेकिन जिस तरीके से एक उठापटक अभी हाल में पीएमओ में दिखी

11:03 उससे लोग ये चर्चा करने लगे और उसको जोड़ने लगे एस्टीम फाइल से। अब क्या हम एक्सपेक्ट कर सकते हैं कल और क्या वाकई में ये 19 दिसंबर का दिन या जो आज 18 दिसंबर है अगले 24 घंटे मोदी जी के लिए बिल्कुल जागने वाली रात होने वाली है। उनको भी लग रहा होगा। वैसे तो आई थिंक वो अब्रड है और क्या वाकई में वो नर्वस होंगे आपको लगता है इस समय जब वो कहेंगे ऐसे बड़े देशों में छोटी छोटी बातें होती रहती है इसको करके और दिया जाएगा देखिए नीरू जी ये चारित्रिक नैतिकता एक बहुत भारी भरम शब्द है भारतीय संस्कृति में और भारतीय राजनीति में भी चारित्रिक नैतिकता को लेकर बड़े-बड़े उपदेश दिए जाते हैं और बड़ी-बड़ी बातें की जाती है तो वो चीज जो हमारी देश की संस्कृति उससे हम

11:49 इसको अलग करके नहीं देख सकते। इवन इस चारित्रिक नैतिकता का हवाला तो अमेरिका में भी है। जहां पर कि सेक्स को ले बहुत ओपन सोसाइटी है। नोबडी केयर्स, नोबडी बोदर्स वहां पे भी बिल क्लिंटन को इंपीचमेंट हुआ था। आपको सभी दर्शकों को ध्यान होगा मोनिका लेव्सकी के नाम से। उनकी एक इंटर्न थी उनके वाइट हाउस में और उससे सेक्सुअल रिलेशनशिप थी बेल क्लिंटन की और जबकि वो तो लड़की एडल्ट थी शी वास अबव 18 साल से ज्यादा की थी लेकिन उसके बावजूद भी उसको चारित्रिक पतन माना गया अनैतिक माना गया कि आप वाइट ओवल हाउस में यह सब कर रहे थे तो क्यों ना आपके ऊपर इंपीचमेंट और फिर इंपीचमेंट हुआ भी और आप लोगों ने सब ने हमने तो सुना था सारा लाइव उसका टेलीकास्ट हुआ था वो सब ने

12:37 सारी दुनिया ने देखा था तो वहां पे भी तो जब उच्च पद क्योंकि ये जो एसीन फाइल है जो एस्टीन आइलैंड था वहां जाते ही बड़े रसोखदार लोग थे उसमें चाहे वो हेड ऑफ स्टेट्स हो हेड ऑफ गमेंट्स हो चाहे वो मोनार्क्स हो जो भी कोई रहे हो प्रिंस रहे हो जो भी कुछ रहे हो वो लोग वहां जाते थे तो उन लोगों का वहां जाना और वहां पे एक होता है कि आप सेक्स के लिए गए हैं लेकिन वहां पर बच्चों की चाइल्ड की जो सेक्स टैफिकिंग कर रहा है आदमी उसके घर में आप जा रहे हैं तो देखिए आप अगर शराब खाने से निकले हैं तो आपको यह नहीं माना जाएगा कि आप वहां से पानी पी के निकले हैं। आपसे यही माना जाएगा कि आप शराब पी के आए हैं या आप किसी वहां से पानी भी पी के निकले होंगे तो यही

13:22 कहा जाएगा कि नहीं आप तो शराब पी के आए हैं। जी कोई नहीं मानेगा कि आप वहां से पानी पी के आए हैं। तो इसलिए जिस जिस फाइल से में नाम आ रहा है उसमें ये कह के दरकिनार हम नहीं कर सकते कि ये तो मोदी जी तो सक्षम है इसको उड़ा देने में और इनका प्रचार तंत्र उसको ऐसा बना देगा कि जैसे कुछ हुआ ही ना हो। तो ये ऐसे बिल्कुल नहीं लिया जा सकता और चारित्रिक नैतिकता का हमारे यहां तो यह हवाला है कि मोदी जी को तो कहा जाता है भगवान बुद्ध है वो तो उन्होंने पत्नी छोड़ दी देश के लिए तो जिस आदमी ने पत्नी छोड़ दी वो एप्सट क्या करने गया था। भाई एप्सिन आइलैंड या एप्सन की जो घर है जो भी कुछ है वो तीर्थ यात्रा तो थी नहीं और अगर मोदी जी एक ऐसे व्यक्ति से संपर्क रखते हैं चाहे वो किसी बिजनेस के

14:08 लिए रखते हो विदेश नीति के लिए रखते हो जो आदमी रनाउंड चाहे सेक्स ट्रैफिकर है मतलब बच्चों की सेक्स के लिए ट्रैफिकिंग करना वर्ल्ड वाइड बहुत संगीन अपराध की श्रेणी में माना गया है तो ऐसे व्यक्ति के साथ अगर मोदी जी का संबंध है मैं तो ये कहती हूं कि उनका संबंध ही क्यों है मोदी जी का क्या मोदी जी के पास ऐसे लोग नहीं है उनके ऑफिस में या उनके जो नेटवर्किंग है कि वो बता सके किस तरीके का आदमी है आप किससे मिलने जा रहे हैं क्योंकि नाम जो आया है मोदी ऑन बोर्ड तो अब ऑन बोर्ड वो प्लेन में है ऑन बोर्ड या कहां है नोबडी नोस ये तो बाद में ही इसके बाद में पता चलेगा लेकिन इसमें कहने वाली बात ये है कि जो जो पार्टी जिसके लोग नेहरू और गांधी के ऊपर

14:53 पता नहीं कैसी काल्पनिक या सच जितनी भी बातें हैं। उन सबका इतना मजाक उड़ाते हैं, मखौल उड़ाते हैं कि आपका tिटर और आपके WhatsApp मैसेजेस किसी कोई दिन नहीं जाता होगा जिस दिन नेहरू गांधी के ऊपर कीचड़ नहीं उछाला जाता होगा उनके चरित्र को लेके। तो इस बात की जवाबदेही मिलनी चाहिए। यह वो पार्टी है जिसमें आडवाणी ने जैन हवाला डायरी में नाम आने पे ही अपने पद से इस्तीफा दे दिया था कि जब तक आई विल नॉट कम कम आउट क्लीन मैं पद पे नहीं रहूंगा। तो वो पार्टी में अब हरदीप पुरी का नाम तो आ ही गया है। तो हरदीप पुरी से इस्तीफा क्यों नहीं मांगा जा रहा है? हरदीप पुरी कोई वहां तीर्थ स्थान पे गए थे कि भ इसलिए नहीं मांगा जाएगा इस्तीफा और नीलू जी इसमें ये कोई जरूरी नहीं है कि खाली बीजेपी की पार्टी के ही लोग होंगे। ये तो किस्सा बहुत दिन से चल रहा है। क्लिंटन के

15:39 जमाने से क्लिंटन 1990 में बने थे प्रेसिडेंट और उसके बाद आठ साल वो रहे प्रेसिडेंट 1998 तक तो उस दौरान अपने आप ही देख लीजिए सरकारे कौन-कौन सी आई थी। तो आप यह मत सोचिए कि काजल की कोठरी में कोई एक ही काला होकर निकलेगा। क्या मालूम कौन-कौन है जो सुब्रमण्यम स्वामी कह रहे हैं कि पत्रकार भी है और बहुत सारे नेता भी है। तो यू नेवर नो कि कौन से नेताओं का इसमें नाम आने वाला है। लेकिन जो हमें जो ये जो आज आपने टॉपिक रखा है कि जलजला आ जाएगा या इस्तीफा देना पड़ेगा। तो देखिए ये शायद इस चीज को तो कोई बर्दाश्त नहीं करेगा और मोदी जी तो खुद को बड़ा दिखाते हैं कि मैं तो बड़ा ये हूं बहुत चारित्रिक रूप से बड़ा स्ट्रांग व्यक्ति हूं और इनके यहां अटल बिहारी वाजपेयी भी हुए वो तो साफ

16:25 एडमिट करते थे कि भाई मैं तो कुंवारा हूं पर ब्रह्मचारी नहीं हूं वो एटलीस्ट इतने ईमानदार थे अटल जी लेकिन बाकी के लोग इतने ईमानदार हैं इस पार्टी में दैट आई डाउट क्योंकि किसी यहां पे बृजभूषण शरण सिंह के ऊपर पहलवान लड़कियों का सीधे-सीधे यौन शोषण होता है और वो सड़क के ऊपर चिल्ला रही है। उनको घसीटा जा रहा है पुलिस से और बृजभूषण सिंह का कोई बाल बांका नहीं हो रहा है। एक और सर था उसका कोई बाल बांका नहीं हुआ। कुछ बहुत समय तक वो ऐसे ही घूमता रहा। तो यहां तो यहां तो चीज डिफरेंट है ना। यहां पर तो ऐसा लग रहा है कि कोई जोर जबरदस्ती किसी ने नहीं किया है। इट्स अ कंसेंसुअल एक्ट। जो भी नेता गए होंगे ठीक है भाई उनको अपनी पर्सनल लाइफ है। यू हैव अ प्रेफरेंस फॉर गर्ल्स। यू गो अहेड। दैट्स योर चॉइस। लेकिन अब ये बातें इनका पब्लिक

17:13 डिस्क्लोज़र होना और फिर उस पर हम क्या ये कह सकते हैं कि ये जोर जबरदस्ती थी भाई ठीक है बहुत सारे नेताओं को शौक होता होगा वो जाते होंगे इन सब एक्टिविटीज के लिए बट देन कैन इट बिकम सच अ बिग इशू और लेकिन क्योंकि एस्टीन फाइल्स में ऐसे लोगों का नाम है तो फिर उसको किस नजरिए से देखा जाए आपने कहा कि गर्ल्स का शौक होता होगा गर्ल्स का शौक होता होगा वो उनकी पर्सनल चॉइस है वो जाए जो करें लेकिन यहां पे बच्चों के अंडर एज गर्ल्स की बात आ रही ये देखिए अमेरिका में भी इसको क्राइम क्यों माना जा रहा है नीलू वहां पे लड़कियों की वजह से नहीं माना जा रहा है क्राइम कि भ सेक्स ऑफेंड सेक्स के लिए जाते थे वहां वो नॉर्मल है वो तो क्या हमारे यहां नहीं है सब जगह है ऐसा कुछ नहीं है लेकिन यहां पे वहां पर अमेरिका में भी क्यों माना जा रहा है अपराध कि अंडर एज लड़कियां छोटी-छोटी

18:01 बच्चियां थी वो तो वो उन बच्चियों से सेक्स करना चाहे वो क्सुअल हो चाहे कुछ भी हो अपराध है कानूनन वहां भी और हमारे यहां भी तो इसको हम इतना ऐसे डिसमिस नहीं कर सकते कि वो तो शौक के लिए गए थे और जो शौक के लिए गए थे तो वो तो बड़े भारी वो बनते हैं चाल चरित्र चेहरा वाले हैं वो तो भाई चलिए आडवाणी जी ने तो एडमिट कर लिया था मैं तो कुंवारा हूं ब्रह्मचारी नहीं हूं यहां तो एडमिट नहीं किया है यहां तो कह रहे हैं बुद्ध है वो पत्नी छोड़ दी देश सेवा के लिए तो पत्नी छोड़ के एब्सस्टीन जाएंगे ये तो नहीं माना जाएगा भाई ये तो नहीं चलेगा जी जी जो बात कही मैं उसी के पॉइंट ऑफ व्यू से एक क्वेश्चन पूछ के फिर मैं सिद्धार्थ के पास जा रही हूं। आपने कहा कि भाई बुद्ध

18:47 है पत्नी छोड़ दी तो फिर एस्टीन तो नहीं चलेगा कि एस्टीन आइलैंड में जा रहे हैं। तो आपको लगता है कि अगर मान लीजिए ये पिक्चर आज आ जाती है कल मोदी जी की तो फिर उसके बाद क्या पॉलिटिकल रिएक्शन होगा अपने देश में? जी अपने देश में तो देखिए शोर मचेगा और हमारे विपक्ष के शोर मचाने से तो इतना ही होगा कि हो हल्ला मच और मोदी जी की अगर उनको थोड़ा शर्म आएगी तो हो सकता है रिजाइन कर दे लेकिन बीजेपी के अंदर क्या होगा और संघ में क्या होगा मुझे ऐसा लगता है कि बवाल उठ जाएगा इफ इफ इफ अगर मोदी जी का नाम वहां होता है तो और जो बीजेपी में भी बहुत सारे लोग असंतुष्ट बैठे हैं जो कि दबाए जा रहे हैं उनको अपने उनकी योग्यता के अनुसार नहीं मिल रहा है और बिल्कुल खौफ में है।

19:33 वो सब लोग खुल के आ जाएंगे कि यार तू क्या हमें बता रहा है? तू तो यह है। तू तो वो है और तेरा नाम वहां पे है। तो वो चीज उसमें जो बीजेपी के अंदर जो रिबेलियन होगा वो शायद दबाना मोदी जी के लिए मुश्किल हो जाएगा और शायद जो संघ अभी तक डरा डरा सहमा बैठा है मोदी जी से कि पता नहीं क्या कर दे और क्या हो जाएगा हमारा उनको भी बहुत बड़ी एक ताकत मिलेगी इससे। ये मेरी एजमशन है। जी ठीक है। अब मैं सिद्धार्थ के पास आती हूं कि सिद्धार्थ इतनी ज्यादा चर्चा 19 दिसंबर को लेकर सोशल मीडिया पर है। पहले पृथ्वीराज चवन ने कहा मुंबई और उन्होंने तो यह भी कहा कि भाई अगला प्रधानमंत्री महाराष्ट्र का होगा। और महाराष्ट्र के नेताओं ने ही ये शुरू किया। पहले पृथ्वीराज चवन फिर उसके बाद संजय राउत। और फैक्ट तो यही है ना कि एस्टीन फाइल्स की

20:19 लास्ट डेट इज 19 दिसंबर। दे हैव टू डिस्क्लोज़ दे हैव टू मेक फुल डिस्क्लोज़र्स। इन केस इफ दे डोंट डू इट देयर कैन बी एन ऑफेंसिव एक्शन। अब आपको क्या लग रहा है जो बात संजय राउत ने कही कि भैया हम इंतजार कर रहे हैं। एक जलजले एक भूकंप की उन्होंने राजनीतिक भूकंप की वो बात कर रहे हैं। आपको लग रहा है क्या वाकई में संकेत अब साफ हो रहे हैं कि मोदी जी को सत्ता से तो बेदखल होना ही पड़ेगा अगर आ गया उनका उनकी तस्वीर या फिर हम लोग कुछ ज्यादा ही कयास लगा रहे हैं क्योंकि लोग ये कहेंगे अरे आप लोग तो फालतू में स्पेकुलेटिव स्टोरीज करते हैं। जी सबसे पहले तो ये स्टोरी कोई स्पेककुलेटिव नहीं है। ये तो यथार्थ है। यहां पर स्पेककुलेशन कुछ नहीं है। असर सवाल यह उठता है कि क्या इस पे मोदी जी पर क्या असर पड़ेगा? तो मोदी जी पर असर पड़े या नहीं पड़े। कल के बाद मतलब 19 दिसंबर के

21:06 बाद यह तो हो जाएगा कि आपको भाजपाई भक्तगण की आक्रामकता थोड़ी कम दिखेगी। ये तो बिल्कुल स्पष्ट हो जाएगा क्योंकि मोदी जी का नाम आए या नहीं आए। काफी सारे हिंदुस्तानियों का नाम आएगा और काफी सारे लोग हिंदुस्तानियों का नाम आएगा। उसमें भाजपाइयों का भी नाम आएगा। एक तो भाजपाई मंत्री का आ चुका है अभी तो लेकिन वो जो आया है वो ऑफिशियली नहीं आया है कल वो ऑफिशियली आ जाएगा क्योंकि अभी तक जिसका भी नाम आया है वो वहां की जो सेनेट कमेट की डेमोक्रेटिक ग्रुप था उसने वो नाम लीक किए थे कल जो कल कल जो नाम निकलेंगे वो लीक नाम नहीं होंगे वो आधिकारिक नाम होंगे वो वेबसाइट पर रहेंगे तो हमको सबसे पहले ये है क्या ये हुआ ये है कि अमेरिकी नागरिक जेफरी एस्टीन को नाबालिक बच्चियों के यौन शोषण में जेल हो गई थी बाद में पता लगा कि वो आदमी दुनिया भर के बड़े-बड़े नामी गिरामी लोगों को अपने टापू पर लड़कियां

21:53 परोसता था और उसको रिकॉर्ड भी रखने लगा था। अब अमेरिकी जनता के दबाव में एक महीना पहले अमेरिकी संसद ने कानून पारित किया कि उसके पूरे रिकॉर्ड को सार्वजनिक किया जाए। तब अब यह जो कानून है यह 19 दिसंबर को मतलब हमारी तारीख से कल की तारीख में लेकिन अमेरिकी तारीख से परसों हो जाएगा। तो यह कानून 19 दिसंबर को अस्तित्व में आ जाएगा। यह वेबसाइट पर सार्वजनिक हो जाएगा। 300 जीबी का डाटा है। 300 जीबी का डाटा मतलब आपके फोन में मान लीजिए 6000 फोटो आ जाए आ नहीं सकते लेकिन सोचने के लिए बता रहे हैं या 3000 पीडीएफ फाइल आ जाए आ नहीं सकता एक फोन में लेकिन सोचिए कितना बड़ा डाटा है तो अब होगा यह कि इन रिकॉर्ड में भारत के एक मंत्री का नाम तो पहले ही आ चुका है बाकी भी निकल सकते हैं कोई आश्चर्य नहीं है अब होगा यह जैसे ये नाम

22:39 निकलेंगे तो संस्कारों की दुहाई देने वाली बीजेपी के लिए यह बहुत दिक्कत होगी कि उसका नाम इन लोगों का नाम जो आ गया इसका बचाव कैसे करें कुछ ना कुछ तो आपको बचाव करना पड़ेगा ना। आपको यह कहना पड़ेगा कि ये झूठा है। यह कहना पड़ेगा कि ये एआई है। कैसे बचाव करोगे? क्योंकि यह कोई क्या कहते हैं? जॉर्ज सोस ने तो किया नहीं। ये किसी ने साजिश तो की नहीं। ये कोई वाशिंगटन पोस्ट ने कोई खोजी पत्रकारिता तो की नहीं। ये एक अमेरिकी कानून के अंतर्गत निकला हुआ चीज वेबसाइट पर दुनिया भर में कोई भी आदमी के लिए उपलब्ध हो जाएगा। ये आप भी जाएंगे। आप भी आप भी उसमें हिंदुस्तानी लोगों का फोटो देख सकते हैं। ईमेल में ईमेल देख सकते हैं। उसका क्लाइंट लिस्ट देख सकते हैं। जेफरी अपस्ट पुरी साहब के साथ कितनी तारीख को किस जगह पर किस होटल में कितने घंटे तक मिला। उसने

23:24 डायरी मेंटेन की थी। पूरी साहब का ईमेल था वो सब निकल जाएगा। तो यही बात मेरे ख्याल से सुब्रमण्यम स्वामी ने सिर्फ आपके चैनल पर बहुत अच्छे से उन्होंने कहा भी और बहुत अच्छी बात है कि ऑन रिकॉर्ड आपने ले लिया उस चीज को। सुब्रमण्यम स्वामी का ट्वीट और Facebook पोस्ट तो अभी तक उसमें जिंदा है। आप जाकर देख सकते हैं कि उन्होंने कहा कि अब फाइल निकलेगा तो भारत के शीर्ष राजनेताओं के भाजपा के शीर्ष राजनेताओं के लिए समस्या आ सकती है। भाजपा के जो पुराने लोग हैं मार्गदर्शक मंडल है उसको अभी बैठना चाहिए और वैसी स्थिति में हमें वैकल्पिक व्यवस्था क्या करनी है उस पर चर्चा करनी चाहिए। ये चीज तो सुब्रमण्यम स्वामी ने सिर्फ कही नहीं है। अभी भी आप जाके देखिए। आपकी टीम अगर ट्वीट खोद सकती है एक महीना पहले का सुब्रमण्यम स्वामी का

24:09 उस ट्वीट में उन्होंने लिखा हुआ है कि भाजपा के मार्गदर्शक मंडल को अब बैठना चाहिए और फाइल में जो भाजपा के शीर्ष नाम आने वाले हैं उसके बाद की स्थिति की तैयारी कर लेनी चाहिए। इसका मतलब है सुब्रमण्यम स्वामी यहां पर कौन इसके कारण रिजाइन करेगा? कौन इसके कारण क्या कहते हैं? त्यागत्र देगा। बात यह नहीं है। बात यह होने वाली है कि जिस तरह से मीनू जी ने कहा कि भाजपा ने अपने आप को जिस तरह से प्रतिष्ठित किया है इस देश में जिस तरह से अपने आप को एस्टब्लिश किया है पिछले 10 साल में कि हम चाल चरित्र चेहरा हमारा अलग है। हमारी क्या कहते हैं? नैतिकता कुछ अलग है। हम उच्च नैतिकता वाले लोग हैं। तो आप अगर उच्च नैतिकता वाले लोग हैं तो नाबालिक बच्चियों के यौन शोषण के आरोपी के साथ आप क्या कर रहे थे? साहब कोई भी रहे भारत का कोई भी नागरिक रहे। मैं ये नहीं कह रहा

24:55 हूं कि वाजपेयी होगा तो क्या होगा? भारत का कोई भी नागरिक रहे सवाल उसके साथ उठेगा कि आप अमेरिका से सात भारत से सात समुंदर पार एक नाबालिक बच्ची के साथ वो यौन शोषण जो कर रहा था उसके साथ आपके क्या संबंध थे? उसके साथ आप काहे ईमेल लिख रहे थे? उसके साथ आप काहे होटलों में मिल रहे थे? उसके टापू पर आप काहे के लिए जा रहे थे? तो ये जब सवाल उठेगा तो व्यक्ति के नाते जो जिसका भी नाम आएगा उसको भी बचाव करना मुश्किल है और अगर उसमें नाम दो चार नाम भाजपाई आ गए तो मुझे बताइए भाजपा किस तरह से उसको बचाव करेगी कोई भी नाम आ जाए एक पूरी जी का नाम आया वो तो बेचारी वो बचा नहीं बचा नहीं पाए एक ट्वीट बता दीजिए जिसमें कि पूरी साहब के बचाव में भाजपा खड़ी हो तो होने वाला ये है कि कल के बाद ना ये भाजपाई भक्त मंडल

25:41 जो बार-बार बार-बार सुबह से शाम तक स्वोषित आप लोगों को ट्विटर पर आके हमारे घरों में WhatsApp ग्रुप पर हर जगह आके जो सुबह सुबह प्रातः स्मरणीय प्रवचन देना शुरू कर देता है नैतिकता का तो ये जो भक्त मंडली है इनकी आक्रामकता थोड़ी घटेगी क्योंकि ये जो वाइल है ये दुनिया भर में रहेगी ये कोई ऐसी चीज नहीं है कि कोई एक आर्टिकल होगा जिसका कि क्या कहते हैं वेबसाइट का लिंक ले ले लोग भेज रहे होंगे 60 हजार फोटो है वेबसाइट खुल के खुल जाएगा अगले 24 से 48 घंटों में ये वेबसाइट खुल जाएगा आप और हम हर आदमी वेबसाइट देखने लगेगा आप कोई दूसरा फोटो खोज के डालेंगी मीनू जी कोई तीसरा फोटो डालेंग सिद्धार्थ कोई चौथा फोटो डालेगा संजय कपूर साहब कोई पांचवा फोटो खोज के डालेंगे मतलब मुझे समझ में नहीं आ रहा ये तो इंटरनेट विंटरनेट कल

26:26 अगले 48 घंटे तक कहीं पूरे दुनिया में क्रैश वाइस ना कर जाए मुझे उसका डर ज्यादा है कि कहीं पूरा दुनिया का इंटरनेट क्रैश ना कर जाए बिल्कुल बिल्कुल क्योंकि जो लोगों का इंटरेस्ट है अब आप ये देखिए कि हमारा ये डिस्कशन 4000 से ज्यादा लोग इस समय देख रहे है जो मैं अभी लाइव कर रही हूं ये 4000 से ज्यादा लोग इस समय ये लाइव डिस्कशन देख रहे है जो हम चार लोग बात कर रहे हैं आज। अबू मीनू जी एक सवाल जो है कि अब जैसे कि इन्होंने बोला संजय राउत ने कहा कि देखिए हम इंतजार करेंगे इस जलजले का। हम इंतजार कर रहे हैं। उस हिसाब से हमारी प्रतिक्रिया होगी। क्या बीजेपी के अंदर इस चीज को लेकर तैयारी नहीं हो रही होगी? क्या या बीजेपी के लोग ये मान कर बैठ गए हैं कि भाई मोदी जी का नाम तो नहीं आने वाला है। दुनिया को चिल्लाने दो। ये मीडिया को बात करने दो जो हम आज डिस्कशन कर रहे हैं। इससे कोई फर्क तो नहीं पड़ता। हमने तो अपनी जगह महफूज़ कर ली है या फिर

27:12 वाकई में यह एक फालतू का शोर है सोशल मीडिया पर और बीजेपी भी तो तैयारी कर रही होगी कि अरे क्या हो जाएगा अगर मान लीजिए प्रधानमंत्री मोदी का नाम आ गया कहीं से तो हम क्या करेंगे आज ये सवाल बीजेपी के अंदर भी तो हो रहा होगा नीलू जी देखिए यही तैयारी की बात सुब्रमण्यम स्वामी ने अपने ट्वीट में कही थी कि बैठे वो इन और इस बात के बारे में तैयारी करें कि मोदी के बाद कौन इफ अगर मोदी जी का एलेजिडली उसमें नाम आ जाता है तो कौन होगा? तो इनफ मेरे हिसाब से सुब्रमण्यम स्वामी ज्यादा दूर की सोच रहे थे जो होता है ना दूरदर्शिता दिखा रहे थे कि भाई ऐसा जरूरी ऐसा ना हो कि जिस वक्त अर्थक्वेक आए और तब आप उसकी तैयारी करें। अब आपको पता है कि अर्थक्वेक आने वाला है तो बिफोर हैंड उसमें क्या होता है ना कि

27:57 आप फोर वर्न फोर आर्म्ड ये वाली बात कि भई आपको पहले से अगर तैयारी है तो आप अच्छे से लड़ सकते हैं परिस्थिति के साथ। तो उसमें वही ट्वीट उनको डिलीट करना पड़ गया। अब क्योंकि ट्वीट उन्होंने डिलीट किया है तो इससे यह तो पता चलता है कि भाजपा के अंदर तो मुझे नहीं पता क्योंकि भाजपा तो मोदी भाजपा भाजपाई इक्वल टू मोदी तो वो तो मोदी जी ने सोचा होगा मुझे क्या करना है लेकिन आरएसएस के यहां जरूर कुछ ना कुछ तैयारी हुई होगी कुछ ना कुछ बात हुई होगी और आप इस चीज का स्पीक नोटिसेबल बात जो मुझे लगती है कि ये महाराष्ट्र के दो नेताओं के मुंह से ये बात आई है जो उन्होंने इतना ओपनली बोल्डली बोला है कि पृथ्वीराज चौहान ने बोला उसके बाद आपके ये जो संजय राउत है उन्होंने बोला चलिए मैं एक बार के लिए मान सकती हूं कि संजय राउत

28:43 जो है लूज कैनन है या यू कैन से थोड़ा सा कि मोटर माउथ है कुछ भी बोल देते हैं लेकिन पृथ्वीराज चौहान ऐसे कोई नेता नहीं है कि जो जो मुंह में आए वो बोल दे वो एक सिंसियर टाइप के नेता माने जाते हैं और है भी पढ़े लिखे नेता है हाईली एजुकेटेड जब से उन्होंने बोला उन्होंने कहा कि अरे पृथ्वीराज चवन को लाइमलाइट चाहिए थी वो चुपचाप बैठे हुए थे बहुत साइलेंट कॉर्नर में चले गए थे इसलिए उन्होंने सोचा कि एक ऐसी बात छेड़ दो जिसकी वजह से हम लाइमलाइट में आ जाए। उनके बारे में लोग ऐसी भी चर्चा कर रहे हैं। ये देखिए ये जो मोदी जी छवि एक गंभीर पॉलिटिशियन में आती है। मैंने तो उनको कई बार इंटरव्यू किया है और उनकी छवि गंभीर पॉलिटिशंस में है। ये बात आपकी सही है। जी बिल्कुल देखिए नहीं जो जो पृथ्वीराज चौहान जो बात कर रहे हैं वो बहुत संगीन

29:30 बात है नीलू जी बहुत संगीन बात है कि जिसके लिए आप ये देखिए ना कि पूरी दुनिया में एक जलजला आया हुआ है। जिस जो अभी सिद्धार्थ कह रहे थे कि इंटरनेट क्रैश ना हो जाए वर्ल्ड में वर्ल्ड वाइड तो वो बात उसके बारे में वह एक अपने देश के प्रधानमंत्री को कह रहे हैं कि उनका नाम मतलब उनके कहने का मतलब यही तो है कि मोदी जी का नाम आएगा और मोदी जी को रिजाइन करना पड़ेगा इसलिए नया प्रधानमंत्री आएगा और नया प्रधानमंत्री महाराष्ट्र से होगा और महाराष्ट्र में प्रोबेब्ली वो देवेंद्र फडनवीस का नाम ले रहे हैं। तो वो चीज और उसमें फिर उसी बात की ताकीद संजय राउत कर रहे हैं। देखिए मैं यह मानती हूं कि उनके पास कोई ना कोई तो इंफॉर्मेशन है। अब यह किस तरीके की इंफॉर्मेशन है मुझे वह डिटेल्स मालूम नहीं है। क्योंकि देखिए बॉम्बे एक बिजनेस कैपिटल रही है।

30:15 जी क्या कह रहे हैं स्वामी साहब? पढ़ के ही नहीं आप बोलते रहिए। आप बोलते रहिए। आप बोलते रहिए कोई बात नहीं। दर्शक देख लेंगे इसको। आप बोलते रहिए मीनू जी। लेकिन वो हल्के में दिख रहा है ना इसलिए आप पढ़ दे तो ज्यादा बेटर होगा। तो ज्यादा अच्छा रहेगा। उसको ट्रांसलेट भी कर दीजिएगा। इज दिस अ लेटेस्ट ट्वीट बाय सुब्रमण्यम स्वामी आई एम आल्सो ट्राइंग टू ओपन माय tिटर नहीं नहीं ये ये सुब्रमण्यम स्वामी का ट्वीट है मेरे ख्याल से मैं आपको भेज देता हूं आपका आपकी टीम चला लेगी तब तक मीनू जी को अपनी बात खत्म करने दीजिए हां हां आप मुझे भेज दीजिए जी क्या बोला तो हां मैं मैं महाराष्ट्र की बात कर रही थी तो देखिए महाराष्ट्र इस अ बिजनेस कैपिटल ऑफ इंडिया और ये जिस जमाने की बात है उस वक्त तो ऐसा नहीं हुआ था कि महाराष्ट्र के हाथों से बिजनेस कैपिटल

31:01 होने की ताकत छीन चुकी थी उस टाइम तो बिल्कुल एक छत्र राज्य था बिजनेस वर्ल्ड के ऊपर। तो बिजनेस और यह बिजनेस वर्ल्ड से जुड़ी हुई ही बात है क्योंकि उस टाइम जो आपके डोनल्ड ट्रंप थे वो भी एक बिजनेसमैन हुआ करते थे और जो बताया जा रहा है कि एसीन जो है वो कुछ बिजनेस डील्स भी कराया करता था। फॉरेन पॉलिसी में भी कुछ दखल अंदाजी रखता था। तो हो सकता है कि कोई बॉम्बे कनेक्शन उसमें हो और उसकी वजह से उनके पास कुछ जो होते है ना लीक्स आई हो। भाई विककी लीक्स भी तो हुआ करती थी। हो सकता है इसी तरह की कोई और लीक्स भी इस बारे में काम कर रही हो। मूवी की लीक्स जैसी कोई लीक्स जो है एब्सिन फाइल्स को ले भी काम कर रही हूं कि जो लोग प्रीव थे जो इस क्योंकि देखिए आप ये मान के चलिए ईलॉन मस्क प्रीव्यू था इस पूरी एप्स फाइल्स का और उसके पास सारी होगी जितना भी ये होगा

31:48 क्योंकि वो 60 दिन तक वहां पर रहा है सारा जो इंडिया वहां का जो डिजिटल जितना भी पैराफ्रेंडल लिया है वो उसके कब्जे में था उस दौरान में तो उसने सारा वो कॉपी करवा लिया होगा इन माय ओपिनियन तो जो पृथ्वीराज चौहान कह रहे हैं वो ऐसा नहीं है कि वो ऐसी हवा में तीर चला रहे हैं। ऐसा ऐसी बात नहीं है। उसमें कुछ तो तथ्य है। ये नहीं मैं कह रही हूं उसमें मोदी जी का नाम है। हो सकता है मोदी के साथ साथ और भी बहुत सारे नेताओं का नाम हो और विपक्षी दलों के नेताओं का भी नाम हो सकता है। हाउ कैन यू से सो कि नहीं हो सकता। अब्सोलुटली इसमें विपक्ष के लोग भी हो सकते हैं। इसमें सत्ता पक्ष के लोग लोगों का हिंट तो आ ही रहा है। अब मैं वो ट्वीट दिखाती हूं जो अभी डॉक्टर सुब्रमण्यम स्वामी का पुराना ट्वीट है जिसका जिक्र सिद्धार्थ कर रहे उन्होंने यह लिखा था कि इट विल बी डिफिकल्ट फॉर मोदी टू अवॉयड द

32:34 ब्लैकमेल ऑफ़ यूएस एंड मोदी यूजिंग द अगली सेक्स रेवुलेशंस ऑफ़ हरदीप पुरी मोदी इस फॉर्म अ कैबिनेट मिनिस्टर। मोदी क्लेम्स टू बी अ ब्रह्मचारी बट इन ट्रुथ ही इज़ अ बैचलर हु हैज़ हैड फ्लिंग्स विमेन विलिंग और अनविलिंग। द यूएस एजेंसीज हैव द फोटोस टू ब्लैकमेल। दिस हर्ट्स इंडियास नेशनल इंटरेस्ट। इस ट्वीट को रखिएगा स्क्रीन पर। यह देखिए ये 301 2025 का उनका ट्वीट है। 66000 लोगों ने देखा है। 7:58 पर डॉक्टर सुब्रमण्यम स्वामी ने ट्वीट किया था और यह वही ट्वीट है जब मैंने देखा उसके बाद मैंने उनको कॉल किया था और मैंने कहा कि डॉक्टर स्वामी विल यू टॉक ऑन दिस? ही सेड यस आई एम रेडी टू स्पीक। एंड दैट्स व्हेन आई डीड एन इंग्लिश एंड इन हिंदी इंटरव्यू विथ डॉक्टर

33:19 स्वामी। अ जी मीनू जी और इसके अलावा जो इसी ट्वीट पर एक रिएक्शन भी आया है। अगर आप उसको भी प्ले कर दें उस पर लोगों ने क्या लिखा है इसको भी थोड़ा सा पढ़ना जरूरी है क्योंकि बहुत ज्यादा इस पर रिएक्शन आ रहे हैं। एप्सन स्कैंड विल इंप्लिकेट सर्टन इंडियन मिनिस्टर्स, एक्सिस्टर्स एंड सम करंट एमपीस विल मोदी गवर्नमेंट ऑर्डर अ कॉम्प्रहेंसिव इंक्वायरी। लोग इसको लेकर भी पूछ रहे हैं कि अगर ऐसा होता है इसमें कई मंत्री, एक्स मिनिस्टर्स और कुछ करंट एमपीस के अगर नाम आते हैं तो क्या इसमें इंक्वायरी ऑर्डर होगी? यहां तो बड़ी-बड़ी चीजों पर इंक्वायरी नहीं होती। कोई भी एक अपराध करके निकल जाता है। इंक्वायरी के क्या मतलब है हमारे देश में? अब जी मीनू जी देखिए इसमें सबसे पहले तो इन केस वहां पे

34:05 नाम होता है मोदी जी का होता है या उनके पढ़ देते हैं। गुरुजी डॉ स्वामी इस हिंटिंग दैट इंडियन इंटरेस्ट्स माइट बी हर्ट ड्यू टू द डैमिंग नेचर ऑफ़ एपस्टीन फाइल्स। ह व्यूज आर मेंट टू अलर्ट द कंट्री मैन एंड होल्ड द लीडरशिप अकाउंटेबल फॉर कॉम्प्रोमाइजिंग इंडियास स्टच तो ठीक है अब जिसको जिसको जैसा समझ में आ रहा है इस समय लिख रहा है बाढ़ आ गई है इस समय ओपिनियंस की सोशल मीडिया पर जीू जी आई एम सॉरी आई इंटरप्टेड यू गोहे अहेड प्लीज बिल्कुल देखिए स्वाभाविक है बाढ़ आना आप मैंने अभी आपको बताया ना कि नेहरू और गांधी को लेके जो भी किस्से हैं वो सच्चे हैं या झूठे हैं वो नेहरू जानते होंगे गांधी जानते होंगे लेकिन आरएसएस सबसे ज्यादा जानती है पूरा WhatsApp पटा पड़ा उनके उनसे और एवरीडे ये किस्सा रिपीट होता

34:51 रहता है। लोगों को रट गए हैं अभी ये किस्से और बड़ी गंदी भाषा में बातें होती है। तो इसमें अगर नाम आता है उसमें मोदी का आता है या उनके मंत्रियों का आता है किसी का भी आता है तो डेफिनेटली हल्लागुल्ला होगा और आवाज उठाई जानी चाहिए वहां पे बच्चों के साथ सेक्स का मामला है नीलू जी ये कोई छोटी मोटी बात नहीं है जो एडल्ट ग्रोन अप जो लड़कियां है उनके साथ तो दैट इज कॉमन इवेंट वो तो होता रहता है चलता रहता है लेकिन ये जो ये जो बच्चों के साथ हो रहा है जो लड़कियां जो छोटी छोटी लड़कियां आप उसमें देखेंगे जो डोनाल्ड ट्रंप के साथ जो दिखाए हैं चार पांच पिक्चर्स उसमें देखिए दो बीच में लड़कियां जो खड़ी है वो तो बिल्कुल ही यंग यंग बॉडीज है वेरी वेरी यंग मेरे ख्याल से 13 या 14 साल की भी नहीं है वो लड़कियां 12 साल की ही होंगी शायद तो वो जो चीज अगर चल

35:38 रही है तो इसमें ऐसी जगहों पे ये देखिए ये जो बीच में दो लड़कियां है वो तो टू यंग वेरी यंग तो मतलब जिसको कहते हैं 12 या 10 12 ही साल की है 12 भी नहीं हो गई चेहरा देखिए उसका बिल्कुल यंग लड़कियां है तो ऐसे बच्चों के साथ अगर किसी देश के नेता इनवॉल्व पाए जाते हैं वो कोई भी हो नेता चाहे पक्ष के हो या विपक्ष के हो तो उसका चर्चा होना होगा और इस्तीफा तो दिया जाना चाहिए और दुनिया में हुए इस तरीके के इस्तीफे नहीं तो महाभियोग लगाया जाए अगर नहीं माने तो तो कुछ ना कुछ तो किया जाएगा और धरदीप पुरी को तो नैतिकता के आधार पे दे ही देना चाहिए था इस्तीफा और ये अमेरिका में डॉनल्ड ट्रंप की रही बात कि उनको तो कोई चिंता नहीं है देखिए उनको इसलिए चिंता नहीं है क्योंकि ये उनके राष्ट्रपति बनने

36:23 से पहले का उनके इन्वॉल्वमेंट्स और उसके बाद पब्लिक ने उनको राष्ट्रपति चुन लिया है। तो उनको तो इस चीज का गर्व है। इस चीज का घमंड है। एोगेंस कह दीजिए है कि मेरी तो डिस्पाइट ऑल दिस लोगों ने मुझे चुना है थंपिंग मेजॉरिटी से तो मुझे क्या चिंता करने की जरूरत है? मतलब पब्लिक ने स्टैंप लगा दिया अप्रूवल का उनके इस डिमिनर्स के ऊपर तो उनको इसलिए चिंता नहीं है और जो कहते हैं कि बेशर्म तो है ही वो लेकिन वहां भी शोर बहुत बहुत जबरदस्त शोर उठेगा। ऐसा नहीं है कि बहुत इजीली जाने देंगे। अगर इतना ही छोटी मोटी बात होती तो वहां की जो संसद है वो इस तरीके से इन फाइल्स को पास करने के लिए उनको पब्लिक करने के लिए कोई ऐसा कानून पास ना करती। जी बिल्कुल संजय मैं अब आपके पास आती हूं कि

37:08 ये जो ये कोई अननेसेसरी कंट्रोवर्सी तो है नहीं। एस्टीन फाइल्स एक ऐसा मैटर हो गया है जिस पर कि पूरा विश्व इस समय बिल्कुल जिसे कहते हैं कि इंतजार कर रहा है कि वो डिस्क्लोजर्स हो और लोग उसको देखें और अपने ओपिनियंस बनाएं। लेकिन पॉलिटिकल क्लास चाहे वो अमेरिका का हो चाहे भारत का हो वो कैसे अपने आप को तैयार कर रहा होगा और जो सवाल मैंने मीनू जी से कहा कि हिंट आ रहा है कि भाई सत्ता से बेदखल होंगे मोदी जी और सत्ता परिवर्तन होगा तो महाराष्ट्र में महाराष्ट्र का प्रधानमंत्री बन सकता है। अच्छा ये भी हम नहीं इंकार कर सकते इस बात को लेकर कि आरएसएस चाह ही रहा था कि मोदी जी का कुछ ऐसा हो कि भाई मोदी जी अपने आप ही कुछ ऐसी सिचुएशन बन जाए कि मोदी जी को हटाना ही ठीक होगा। अब मान लीजिए कल नाम आ जाता है

37:55 तब तो फिर मोहन भागवत कॉल करेंगे ही ना मोदी जी को कि भाई अब तो यह अनटनेबल सी सिचुएशन हो रही है। अब अच्छा होगा कि अब आप इस कुर्सी को त्याग दें। क्या ये एक संभावना बन सकती है? म्यूट कर लीजिए। संजय अनम्यूट कर लीजिएगा। अनम्यूट कर लीजिए। हां जी जैसे हम बार-बार कह रहे हैं नीलू जी ये सब सब चीजें संभव होती है अगर सिस्टम सेंसिटिव हो। अगर सिस्टम में कोई सेंसिटिविटी नहीं है कि अगर आप कुछ भी आरोप लगा दे और कोई परवाह ना करें तो मैं नहीं सोचता कि कुछ होगा। मेरा कुछ योगदान था जैन हवाला स्कैंडल के साथ। मैंने मेरे मुझे क्रेडिट दिया था कि मैंने एक्सपोजर किया उसका। तो उस समय आप देख दोनों पक्ष के लोग चाहे कांग्रेस हो चाहे बीजेपी हो चाहे जनता दल के सब तीनों चारों पार्टियां

38:40 इन्वॉल्व थी। उन सबके नेताओं के नाम आए और उन्हें कई लोगों ने त्यागपत्र दिए। पर आज की तारीख में अगर दोनों पार्टियों के नाम आते हैं तो कोई त्यागपत्र देने के लिए तैयार होगा। बीजेपी के आते हैं या कांग्रेस के लोग क्योंकि नास्ट सिर्फ बीजेपी की सरकार से नहीं जुड़े। हो सकता है कि पिछली वाली व्यवस्था में भी कुछ ना कुछ लोग को उन्होंने अपने मोह जाल में फंसा लिया हो। किसी के जिनके शौक होते हैं उनका पता नहीं चलता कि शौक कहां रुकते हैं। तो इस चक्कर में संभव है कि कुछ और पुराने लोग भी आ जाए। पर सेंसिटिविटी अगर नहीं होगी तब ना कुछ फर्क नहीं पड़ता। उसके लिए बहुत आवश्यक है कि पार्लियामेंट ना जेपीसी अपॉइंट करे। पूरी जांच पड़ताल हो और सब पार्टियां कहे कि हम है ना इस ग से छुटकारा पाना चाहते हैं और निकलना चाहते हैं। तब तो ये हम उम्मीद कर सकते

39:27 हैं कि मोदी जी और क्या नाम है? भागवत जी और तमाम लोग है ना बैठ के कुछ ना कुछ एक दूसरे के जी हजूरी करेंगे और कुछ निकलेगा उसमें से। परंतु अगर नहीं होता है तो आपसे मैं 100% कह सकता हूं कि आज की तारीख में कुछ नहीं होगा क्योंकि इनके ऊपर बहुत सारे आरोप पहले भी लगे हैं। इनका भी इनके सहारा फाइल्स में नाम था पूरी तरीके से वो गायब कर दी गई। और भी चीजों में नाम था वो गायब हो गया। तो इस सुरते हाल के अंदर है ना क्या होगा पता नहीं। बिहार की की जीत के बाद बीजेपी और ये तमाम नेता अपने आप को बहुत मजबूत महसूस कर रहे हैं। उनकी हिम्मत काफी बढ़ गई है। वो तो है ना पक्ष के खिलाफ तरह तरह के आरोप लगा रहे हैं। तो उसमें क्या होने का गुंजाइश है? आप कूद कर सोचिए इसके बारे में और मीनू जी अगर इस

40:14 बारे में ज्यादा जानती है तो देखें ये कोई व्यवस्था तो नहीं है। यहां पर कुछ होता है। अगर आपने गौर करा इंग्लैंड में उसको अब दस्त कर दिया आपने प्रिंस एंड्रूस को उससे प्रिंस का खिताब हटा लिया गया। तो ऐसी चीजें संभव है ओनली व्हेन अ डेमोक्रेसी इस सेंसिटिव। नहीं तो यहां पे तो नक्शेबाजी एक दूसरे को परवाह भी नहीं कर रहे हैं कि क्या आरोप लग रहे हैं, क्या नहीं लग रहे। सोचिए कि नीतीश जी ने एक लड़की का हिजाब घसीट लिया। किस किस औकात से करा कोई और व्यवस्था होती तो उनको है ना मुकदमा करके उनको भी त्यागपत्र देना चाहिए था। परंतु उन्होंने कर दिया। आप ये सोच कि जब उस लड़की ने जब जिसका हिजाब खींचा गया उस लड़की ने जब ये नौकरी नहीं तब हां नुसरत परवी जब उस लड़की ने यह

40:59 कहा कि भाई मैं नियुक्ति पत्र नहीं लूंगी तब जाकर एफआईआर दर्ज की गई है। आई थिंक कर्नाटका में इनके खिलाफ एफआईआर दर्ज हो रही है। उसी तरीके से यूपी में भी एफआईआर दर्ज हो रही है। जी जी हां जी संजय तो मैं कह रहा हूं कि जब ऐसा माहौल हो तो आप क्या कर सकते हैं? मुझे तो लगता है कि बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति होगी कि अगर एक्सपोज़र हो जाए और कुछ भी ना निकले। ओके ओके ओके ठीक है मैं अंतिम कमेंट के लिए सिद्धार्थ के पास आऊंगी कि सिद्धार्थ जो बात संजय कह रहे हैं उसको भी हम टाल नहीं सकते क्योंकि हमारा जब सिस्टम ही इतना इनसेंसिटिव हो चुका है और बहुत अच्छा एग्जांपल संजय ने दिया कि नीतीश कुमार ने जिस लड़की का हिजाब खींचा चाहे वो सेंस में किया हो और बिना सेंस के किया हो बट किया उस लड़की के ऊपर एक प्रताड़ित किया उसको एक प्रताड़ना कहेंगे और जिस तरीके से

41:45 समाज हंस रहा था उनके चारों तरफ लोग हंस रहे थे उसके बाद संजय निषाद का इंटरव्यू जिस रिपोर्टर ने लिया आई एम सॉरी सॉरी टू से ही इज अ रिपोर्टर ही इस अ जर्नलिस्ट ही वास आल्सो स्माइलिंग व्हाइल आस्किंग दैट क्वेश्चन टू संजय निषाद आई फेल्ट अबोमिनेबल इट वास लाइक यू जस्ट कैन नॉट सी अ सिचुएशन लाइक दिस कि वो हंसकर सवाल पूछ रहा है कि आप हिजाब ही तो खींचा था आप कहीं और नहीं छू रहे थे आप सोचिए कि किस तरीके से वो सवाल किया गया तो एक ऐसे देश में क्या अगर मोदी जी की यह तस्वीरें आती हैं तो क्या मोदी जी को होना चाहिए वो तो ठीक है लेकिन यह भी तो हो सकता है ना कि बेशर्मों की तरह मोदी जी कहेंगे नहीं अरे और लोगों का भी तो नाम है। इसमें कौन सी बड़ी बात है? मैं तो सत्ता में बना रहूंगा। मैं क्यों छोड़ू प्रधानमंत्री की कुर्सी? देखिए यह बिल्कुल सच है कि पिछले 10 12 साल में भारत की औसत संवेदनशीलता जिसे कहा

42:33 जाता है या लोगों के एक दूसरे के प्रति सहानुभूति जो है वो घटी है। इसमें कोई दो राय नहीं। 2012 में जो भारत निर्भया के लिए पूरी सड़कों पर आया था उस भारत को जिस समय भारत की ओलंपिक पदक विजेता महिलाओं ने कहा कि कोई नेता मेरा मेरे साथ यौन शोषण कर रहा है तो इस भारत की देश की जनता वो महिलाएं बेचारी खुद सड़क पर उतरी ये देश उनके लिए नहीं आकर खड़ा हुआ। तो इसका मतलब यह तो बिल्कुल स्पष्ट है कि भारत में औसत रूप से आप देखिए तो संवेदनशीलता एक दूसरे के प्रति सहानुभूति जो है वो घट रही है। संजय भाई ने जो कहा कि मुख्यमंत्री है। वह अगर किसी के कपड़े चेहरे से कपड़ा हटाने तक की जरूरत अगर कर रहा है। इसका मतलब यह है कि कहीं ना कहीं संवेदनशीलता घट रही है। और आश्चर्य ये है कि दुनिया में जितने

43:19 भी प्राणी है उसमें केवल आदमी मनुष्य एकमात्र ऐसा प्राणी है जो कि किसी अपने दूसरे मनुष्य की सेवा कर सकता है। कहीं आपने नहीं सुना कि बंदर की मां बीमार बंदर के बच्चे को बंदरों के अस्पताल में ले गई हो। हाथी का एक बड़ा हाथी किसी छोटे हाथी को किसी डॉक्टर के पास ले गया हो तो केवल आदमी ही एक ऐसा जानवर है जो कि एक दूसरे की सेवा कर सकता है। वो सेवा इसलिए करता है क्योंकि उसके अंदर एक सहानुभूति होती है। आज मनुष्य के अलावा किसी दूसरे प्राणी में इस तरह की सहानुभूति नहीं है जो सहानुभूति सेवा में ट्रांसलेट करे और भारत का ये दुर्भाग्य है कि पिछले 10 साल से भारत में औसत रूप से आप देखिए तो सहानुभूति बहुत काफी हद तक लोगों के अंदर सहानुभूति संवेदनशीलता घटी है लेकिन इस केस में संभव यह है कि कानूनी रूप से क्या

44:05 होगा कौन इस्तीफा देगा यह तो पता नहीं हो सकता है कि दोनों पक्षों के नाम आ जाए तो दोनों एक दूसरे पर कीचड़ उछाड़ के शांत हो जाए कि भैया मैं बुरा उससे ज्यादा तो तुम बुरे मैं नाली में फसा हूं तुम भी तो नाली में फंसे हो। तो वो वो होने की संभावना तो है लेकिन इसमें एक दूसरी चीज होगी। होगा ये कि लोग पऊ पर भी जाते हैं पानी पीने के लिए और लोग मैखाने में भी जाते हैं जाम पीने के लिए। पर कोई साधु महखाने से निकल कर कहे कि मैं अंदर पानी पीने गया था तब तो बात नहीं पचती है तो माथे पर कलंक उसके साधु के लग जाता है चरित्र पर बट्टा लग जाता है और जिसको अपने चाल चरित्र चेहरे पर जितना ज्यादा नाज होगा उसकी एस्टीन फाइल में नाम आने के बाद उसकी क्या मतलब उस इको सिस्टम के किसी का भी नाम आएगा तो उसकी उतनी ज्यादा फजीहत होगी इसमें ये बात

44:52 नहीं है कि किस कौन इसमें इस्तीफा देगा या नहीं देगा मान लीजिए जैसे भारत के एक मंत्री का नाम एस्टीन फाइल के ईमेल में आ चुका है। लेकिन अभी वो अनऑफिशियल है। कल सुबह वो स्पष्ट हो जाए पूरा का पूरा ईमेल चैन निकल जाए। एक आध फोटो भी निकल जाए कि वो एफसीन से इतने तारीख को न्यूयॉर्क इस होटल में मिले थे। क्या आपको लगता है कि भारत के प्रधानमंत्री के ऊपर दबाव नहीं आएगा उनका इस्तीफा लेने के लिए। भारत के प्रधानमंत्री का नाम नहीं भी आया। लेकिन अगर कैबिनेट मंत्री का नाम आ गया फोटो आ गया। किसी में ये तो छोड़ दीजिए कि किसी नाबालिक लड़की के साथ फोटो आया या नहीं आया। के साथ होटल में बैठ के खाना खाते हुए अगर फोटो आ गया तो उनके ऊपर दबाव तो आएगा ना कि उनका इस्तीफा लीजिए इस्तीफा लीजिए मतलब हो जाएगा कि आप अपनी टीम में ऐसे लोगों को रख रहे हैं तो मेरे ख्याल से

45:38 आने वाले मैंने जिस दिन एफसीन फाइल की पहली मेरे ख्याल से कार्यक्रम किया था अभी के चैनल पर मैंने कहा था कि ये एक प्याज की परतें खुलने वाली है भाजपा के पूरे इकोसिस्टम सिर्फ भाजपा की नहीं भाजपा का इकोसिस्टम का मतलब जो भाजपा का एक सामान्य समर्थक रहता है वो भी भाजपा भाजपा के गलत कामों पर कभी-कभी चुप्पी साध लेता है कि चलो हम पावर में थोड़ा बहुत तो 1920 होता है तो होने दो। उसके लिए भी यह एक बहुत बड़ा क्या कहते हैं प्याज की परत खुलने वाला समय आने वाला है। मेरे ख्याल से और ये सिर्फ ये नहीं होगा कि 19 तारीख को अचानक कुछ आने वाला है। क्योंकि 30 30 300 जीबी डाटा अगर खुलेगा वो वेबसाइट पर 3000 4000 फोटो रहेंगे तो मेरे ख्याल से उसके बाद अगले एक हफ्ते 10 दिन तक इस तरह के फोटो आते रहेंगे। अलग-अलग किस्तों में

46:25 आएंगे। कोई खोज लेगा, कोई सर्च करेगा, कोई इंटरनेट सर्च करेगा। आपको कोई दूसरा फोटो मिल जाएगा। मैं खोजते खोजते मुझे कोई तीसरा फोटो मिल जाएगा। तो आने वाले समय में मेरे ख्याल से भाजपा के लिए काफी जिसे इंग्लिश में ए्बरेसिंग कहा जाता है। ए्बरेसिंग का मतलब बहुत ही अटपटी स्थिति भाजपा के लिए आने वाली है। क्योंकि स्वाभाविक है कि कुछ हिंदुस्तानियों का तो नाम उसमें आ चुका है। भाजपा के ही मंत्री का नाम उसमें आ चुका है। अब तो उससे बच नहीं सकते ना। वो तो अब जो 19 तारीख को आएगा जितना आया है उससे ज्यादा आने वाला है उतना तो आ ही गया है उससे ज्यादा आएगा हो सकता है वो किस होटल में मिले कितने तारीख को मिले कितने डॉलर का बिल बना ये सब भी ये सब भी आ जाए क्योंकि हर चीज का रिकॉर्ड रखता था तो मेरे ख्याल से इसमें कोई फोटो वगैरह की बात नहीं है भारत के किसी भी नागरिक का अगर जेफरीन या जेफरीन

47:13 के इको सिस्टम से उन्होंने गलती से कोई ईमेल उनको लिख दिया है उनके साथ वो कहीं पर बैठ गए हैं उनके साथ वो कहीं अगर उनके टापू पर चले गए हैं। उन्होंने कोई पार्टी उनके साथ अटेंड कर ली है। उनके हवाई जहाज में बैठ गए। मतलब जेफरी के साथ दूरदूर से भी अगर किसी का भी कोई संबंध है और उसका रिकॉर्ड हो गया है कि वो कहीं बैठा था साथ में उसका इसका ईमेल था वो निकल जाएगा और निकलने पर उसका बचाव करना किसी के लिए भी बहुत मुश्किल होगा क्योंकि जेफरी एक्सट्रीम के ऊपर ध्यान में रखिए। यह बच्चियों का यौन शोषण हुआ है। जिस तरह से मीनू जी ने कहा अमेरिका में या पूरी दुनिया में आप एक एक बालग महिलाओं के साथ संबंध होना और नाबालिक बच्चियों के साथ यौन संबंध होना दोनों में बहुत बड़ा अंतर पड़ जाता है। वो अपराध की श्रेणी में आ

47:59 जाता है। तो वैसे अपराधी के साथ भाई आप क्या कर रहे थे? कोई भी हिंदुस्तान का नागरिक किसी अगर दूसरे हिंदुस्तान के नागरिक को उसके साथ बैठा पाएगा तो उसके मन में तो सवाल आएगा कि भैया आप सात समुंदर पार यहां से अमेरिका गए थे किस लिए गए थे ऐसे लोगों से मिलने के लिए गए थे क्या इससे अच्छा आप चले जाते ग्रैंड कैनियन देख के आ जाते इससे अच्छा आप नयाग्रा फॉल्स देख के आ जाते इससे अच्छा आप एंपायर स्टेट बिल्डिंग देख के आ जाते अरे इससे अच्छा आप लॉस एंजेलिस में जाके लास्ट वेगस में जाके कैसीिनो खेल के आ जाते भैया ये क्या काम आप ये कर्म काहे कर रहे थे भैया सब कर्म तो ठीक है। यह कर्म समझ में नहीं आएगा। मेरे ख्याल से बीजेपी इको सिस्टम को इसको डिफेंड करना, इसका बचाव करना काफी मुश्किल आने वाली है। और आने वाले समय में मुझे इतना तो पक्का है कि बीजेपी का नेताग का

48:44 तो नाम जिसका आएगा सो आएगा। बीजेपी के जो हमारे आपके दोस्त, मित्र यार, समर्थक जो WhatsApp ग्रुप में रहते हैं। हमारे फ्रेंड्स होते हैं जो सुबह सुबह सुप्रभात भेजते हैं। हम लोगों को नैतिकता का चरित्र का पाठ सुबह सुबह पढ़ाते हैं। वो एकदम शांत रहेंगे। अगले 15 20 दिन तक उनका कोई डिस्टरबेंस नहीं रहेगा। वो अपने घर में बैठ के मंत्र जपते रहेंगे। वो बस यही जपेंगे कि भैया किसी तरह हमारे पार्टी के किसी का नाम ना आए इसमें। वो तो शांत होके पूरी तरह से वो मौन में चले जाएंगे। ऐसा मुझे लगता है। बिल्कुल चलिए मीनू जी शायद कुछ कहना चाह रही थी। मीनू जी कुछ कहना चाह रही थी। बोलिए मैम बोलिए। अनम्यूट कर लीजिए। अनम्यूट कर लीजिए मैम। मैं तो आपकी बात से सहमति ही जता रही हूं। देखिए इसमें जो लगातार चीजें आ रही है अब

49:31 सुब्रमण्यम स्वामी है। अब आप हम लोग क्या है कि सुविधा अनुसार ना करें। अगर सुब्रमण्यम स्वामी नेशनल हेरल्ट केस में गांधी परिवार के खिलाफ बोल रहे थे तो हम सब ने सच मान लिया था। पूरे देश ने माना था कि कुछ तो है बगैर आग के बगैर आग के धुआ नहीं उठता है। ये माना गया था। तो हम सुब्रमण्यम स्वामी की इस बात पर क्यों नहीं यकीन? कर रहे हैं। सुब्रमण्य स्वामी वेल कनेक्टेड पर्सन है। इंटरनेशनल कम्युनिटी में उनके कनेक्शंस हैं। बहुत सारे कनेक्शंस हैं। कुछ ड्यूबियस भी है उसमें। यहां नाम लेना ठीक नहीं होगा। लेकिन है कनेक्शंस उनके तो हो सकता है उनको कुछ तो इंक्लिंग है। इतनी बड़ी बात कहने से पहले देखिए किसी का भी कैरेक्टर अससिनेशन करना वो भी प्रधानमंत्री का। मतलब अगर आप माने कि उन्होंने कैरेक्टर असेसिनेशन किया है प्रधानमंत्री का इसलिए हटाना पड़ा उन्हें ट्वीट। तो उसके लिए ऐसा

50:19 नहीं है कि बेसलेस की इधर से कुछ भी लूज कैनन किधर भी चला दी किधर भी मूड मोड़ दिया अपना ऐसा नहीं हो सकता उसमें कुछ ना कुछ तो है क्या है कोई कोई वहां गए हैं आइलैंड पे या कोई डील की है बिजनेस डील हुई है या कौन लोग उसमें इन्व कुछ तो है वाया जैसे होता है ना कि सरकटियस रूट से मोदी जी तक पहुंचती तो जरूर है वो रास्ता तो इतना सीधा मामला नहीं है और बाकी का तो अभी आ जाएगा और सिद्धार्थ जी आप कह रहे थे कि 36,000 फाइल और ये वो तो आज तो बड़ा एडवांस हो गया है टेक्नोलॉजी आप तो बड़े ज्ञाता है। आप बताइए क्या उसमें नहीं लगेगा वो फेस रिकग्निशन का सॉफ्टवेयर डाल के अलग-अलग कर लो फोटो लाइव अभी शुरू होना है पब्लिक इंडिया में

51:04 थोड़ा थोड़ा ये ट्रेलर है इंतजार करते हैं एंडिंग इतना आसान नहीं होगा थोड़ा ट्रेलर का इंतजार करते हैं आज का शो ये जो 12:00 बजे का शो है ये भी एक ट्रेलर है अभी आने दीजिए फाइल्स हम उसप और चर्चा करेंगे छोड़ेंगे नहीं इस मुद्दे को चलिए आप करेंगे कल रात को रात दिन सुबह शाम जब आएगी रियली डिस्क्लोज हो जाए पूरे फिर देखते क्या होगा आप लोगों का बहुत-बहुत शुक्रिया मीनू जी संजय जी सिद्धार्थ थैंक यू सो मच फॉर जॉइनिंग थैंक यू वेरी मच

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