Padhai, Shadi, Bachha.. That’s the Trap?

Brief Summary

The video narrates the story of a man named Chintu and his journey through life stages, focusing on love, marriage, and the subsequent challenges he faces. The key points include:

  • Chintu's life changes drastically after marriage, shifting from happiness to routine and responsibilities.
  • The financial challenges arise as he takes on debts for his wedding and family needs, despite a low salary.
  • Physical attraction fades, leading to a mundane daily routine, overshadowing the initial joy.
  • The narrative concludes with advice on escaping the cycle of conforming to societal expectations and pursuing true freedom and individuality.

Chintu's Beginnings

Two years ago, Chintu worked in Gurgaon with a salary of around ₹20,000. His family began discussing marriage, and Chintu felt excited about finally having a partner to share his life. As his wedding was fixed with a girl, he was elated, believing he would escape loneliness and gain a companion for life. For two months, he talked to his fiancée every night until the early hours, feeling ecstatic about this new chapter.

The Honeymoon Phase

The initial months leading to their wedding were filled with joy and excitement, described as a 'honeymoon period', where everything seemed perfect. Chintu was willing to spend beyond his means on his wedding, buying expensive clothes and incurring debts without formal loans. As he brought his wife to live in Delhi, he felt the pressure to provide her with a comfortable living space, resulting in increased monthly rent that strained his budget.

The Shift in Routine

Soon, the initial spark of attraction began to fade. Chintu's everyday life turned monotonous, filled with chores and responsibilities. After a few months, his wife became pregnant, which added to their financial burden. With a still low salary, Chintu found himself borrowing money for daily expenses and the costs related to pregnancy, leading to a cycle of stress and desperation.

The Disillusionment of Marriage

As time passed, physical attraction diminished, and their relationship fell into a mundane routine, characterised by chores and responsibilities. Chintu felt trapped in a frustrating daily pattern where happiness was replaced by routine, and the initial joys of marriage faded. He realised that the expectations built around married life led to disillusionment rather than the happiness he anticipated.

Breaking the Cycle

The narrative urges viewers to reflect on whether they want to live a similar life of routine and monotony. It encourages questioning societal norms and seeking out a life beyond conventional expectations. The discussion highlights the importance of understanding true freedom and individuality, promoting the idea of stepping outside comfort zones and pursuing genuine happiness.

Finding Freedom

The video concludes with a call to action for viewers, especially those currently enjoying a "honeymoon phase," to look beyond short-term gratification. It advocates for investing time and effort into personal growth and experiences that lead to long-term satisfaction. The message is to seek freedom from societal conditioning and live authentically rather than conforming to a predetermined life path.

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Transcript

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0:00 मेरा दोस्त चिंटू आज से 2 साल पहले गुड़गांव में जॉब करता था। अह उसकी सैलरी 20,000 के आसपास थी। और 2 साल पहले ही अह करीब 2 से 3 साल हो चुके हैं इस बात को। उसके घर में उसकी शादी की बातें चल रही थी। तो शादी की बातें चल रही थी। कहीं उसके घर वाले लड़की देख रहे थे उसके लिए। चिंटू भी बहुत खुश था क्योंकि उसको लग रहा था कि अब उसको रातें अकेली नहीं बितानी पड़ेगी। उसको एक पार्टनर मिल जाएगी, सहयोगी मिल जाएगी जिसके साथ वो टाइम पास कर सकेगा, खेल सकेगा, अपना अपनी लोनलीनेस मिटा सकेगा बेसिकली। तो वो बहुत खुश था उस दौरान। अह उसकी सैलरी जैसा कि मैंने बताया 20,000 के आसपास थी आज से 2.5 साल पहले एप्रोक्स। और उसके घर वालों ने उसकी शादी फिक्स कर दी। उसके बाद जिस लड़की से उसकी अरेंज मैरिज फिक्स हुई थी, उस लड़की से उसको नंबर दिया गया बातचीत करने के लिए।

0:47 उसकी शादी की डेट भी निकल गई अह जो कि 2 महीने आगे की थी। के दौरान वो रोज रात को ऑफिस से आता और अपनी वाइफ से घंटों बात करता रात के 1-2 बजे तक। वो जैसे कि किसी स्वर्ग में था। उससे ज्यादा खुश इंसान इस दुनिया वो बिल्कुल अह उसने दोस्तों का फोन उठाना तक बंद कर दिया था। उसने ये तक बोलना शुरू कर दिया था कि तुम जैसों के साथ कौन रहेगा? तुम तुम तो ना रिस्पांसिबिलिटी है ना कुछ है। आवारा की तरह घूमते रहते हो। अब मैं तो रिस्पांसिबल बनने जा रहा हूं, फैमिली मैन बनने जा रहा हूं। तो वो एक तरह की कहानी गढ़ने लग गया था अपने दिमाग में और बड़ा ही खुश था। 1-1, 2-2 बजे तक अपनी होने वाली वाइफ से बातें करता था। उसको लगता लग रहा था कि स्वर्ग की अप्सरा मेनका या रंभा उसको मिलने वाली है। इस तरह की फीलिंग सबके अंदर आती है शादी से पहले। और दूसरी तरफ उसकी बीवी को ये लग रहा था कि कोई इंद्र

1:33 जैसा राजकुमार और राजा मुझे मिल रहा है। ही बनाई हुई दुनिया में, ख्यालों की दुनिया में, जो कि नकली दुनिया होती है, काल्पनिक दुनिया होती है, खोए हुए थे। थे। तो फिर 2 महीने का ये समय बीता। बड़ा सुंदर समय था ये। हनीमून पीरियड था। खुश, सब कुछ अच्छा-अच्छा, तितलियां उड़ रही थी, पुरवैया चल रही थी, ठंडी हवाएं चल रही थी। बारिश हो रही थी, गाने चल रहे थे ए. आर. रहमान के। सब कुछ बढ़िया था। जिन देश की सारी समस्याएं खत्म हो गई थी। सरकार अच्छा काम करने लग गई थी। [नाक से की जाने वाली आवाज़] सब कुछ तरीके से होने लगा था। कुछ भी नहीं खराब था। महीने बाद उनकी शादी हुई। शादी में चिंटू ने बहुत खर्चा किया। अपनी औकात से बढ़कर खर्चा किया। एक ₹20,000 कमाने वाले बंदे ने 30-40 हजार के कपड़े खरीद मारे। क्योंकि लॉजिकली, इकोनॉमिकली

2:19 फाइनेंशियल अह नॉलेज अगर आपको है थोड़ा बहुत तो आप समझते होंगे। बिल्कुल यह एक डिसीजन है। एकदम घटिया डिसीजन है। उसने किया। खुश था। क्योंकि उसकी लाइफ में रंभा मेनका जैसी कोई लड़की आने वाली थी। फिर वह इतना खर्चा करके फिर घर गया। वहां पर शादी में भी उसने खर्चा किया। इस दौरान उसका कुछ कर्जा भी हो गया जो उसने अपने रिश्तेदारों से और आस-पड़ोस से लिए। थैंकफुली उसने बैंक से कोई लोन नहीं लिया कि दो ढाई साल पहले उसने लोन नहीं लिया कोई। इधर-उधर से ले दे के उसने अपनी शादी कर ली। वह अपनी वाइफ को दिल्ली लेकर आया। दिल्ली में वह जिस कमरे में रहता था उसको फिर अह वह पार्टनरशिप में रहता था किसी लड़के के साथ रूम शेयर करके। सब कुछ कम में उसका पर अब उसे एक नया कमरा लेना था। क्योंकि उसकी वाइफ आ चुकी थी। रंभा। जो उसको रखने के लिए अच्छा कमरा चाहिए। क्योंकि रंभा बेकार जगह पर नहीं रहेगी। मेनका स्वर्ग से आई है। अब एक स्वर्ग से

3:06 आई हुई लड़की एक घटिया कमरे में तो नहीं रहेगी। ने एक कमरा लिया महंगा। वह सिर्फ ₹5-6,000 में मैनेज कर रहा था अपना रेंट का एक्सपेंस अब वह 12 से 13,000 खर्च कर रहा है। सैलरी उतनी ही है। ₹20,000। उसके बाद फैमिली शुरू की जैसे-तैसे घर बसाया दो-तीन महीने चार महीने लगा के। थे दोनों। क्योंकि नए-नए जब एक लड़का-लड़की मिलते हैं। है ना? अट्रैक्शन होता है। केमिकल लोचा होता है। तो बहुत मजा आता है। लगता है कि अब हमसे खुश तो दुनिया में कोई है ही नहीं। जो मिले उसमें बांट लेंगे हम। ऐसे-ऐसे गाने हैं ना? उस तरीके से फीलिंग आती है। कुछ भी हो कोई भी दिक्कत हो दिक्कत दिखती ही नहीं है। दिक्कत दिखना ही बंद हो जाती है। ऐसा लगता है सब कुछ बढ़िया है।

3:52 फिर ऐसे सिलसिला आगे बढ़ा। अगले चार से पांच महीने में उसकी वाइफ प्रेग्नेंट हो गई। अब वह एक प्लांट प्रेगनेंसी नहीं थी। एक्सीडेंटल था। ओबवियसली जो कि इंडिया में होता है। सारे अनप्लांड पैदा हो जाते हैं यहां। तो अब उसके मन में दो सवाल आए कि हम इसे रखें, कंटिन्यू करें या नहीं करें। तो उसने घर पर डिस्कस किया तो ऑफ कोर्स घर पर डिस्कस करने के बाद तो रखना ही पड़ेगा तुम्हें। घर वाले तो ऐसा कभी बोल ही नहीं सकते ना कि नहीं रखना। वह तो खुश हो जाएंगे। अरे वाह खुशियां आ रही है घर में। जैसे चार महीने पहले शादी की खुशी आई थी। वैसे अब एक और खुशी आ रही है। सैलरी उतनी ही है। शायद 25 से 26 हजार हो गई होगी। इंक्रीमेंट हो के आया ऐसा कुछ हो के। बट इतनी ही थी। बिलो 30 थी उसकी सैलरी। बच्चा होता है और जब बच्चा होता है तो फिर अपने दोस्तों से कर्जा मांगता है क्योंकि

4:38 होता है। बच्चे प्रेगनेंसी का पूरा पीरियड और जब डिलीवरी का टाइम होता है वह टाइम में पूरा पैसा लगता है, खर्चा लगता है। है ना? अगर आप एक अच्छी अच्छी भी छोड़ दो बेसिक लेवल का भी मेडिकल मेडिकल केयर ले रहे हो तो खर्चा होता है। तो अगेन फिर से उसने कर्जे वर्जे लिया दोस्तों से। अब वह क्या कर रहा है? कमा रहा है, खर्चा कर रहा है, कमा रहा है, खर्चा कर रहा है। टिप पे जी रहा है। मतलब उसके पास कुछ ना बैकअप है, ना कोई इमरजेंसी फंड है। कुछ हो जा रहा है तो कर्जा ले ले रहा है इधर-उधर से। एक टाइम आने के बाद लोग कर्जा भी देना बंद कर देते हैं। स्टार्टिंग में चलो आप ले लोगे लेकिन फिर चुका नहीं पाओगे या नहीं नहीं देंगे लोग आपको कर्जा। [नाक से की जाने वाली आवाज़] अब उसकी जिंदगी से जब बच्चा हो गया था जो शादी के वक्त और शादी से दो महीने पहले तक चल रहा था वह एकदम खत्म हो गया।

5:24 क्योंकि फिजिकल अट्रैक्शन एक उम्र के साथ आती है आता है और चला भी जाता है। है ना? यह एक बायोलॉजिकल प्रोसेस है। यह कुछ प्रेम व्रेम ऐसा कुछ होता नहीं है। तो वह जाना ही है एक दिन। है ना? हालांकि हम इसे प्रेम का नाम दे देते हैं। यह प्यार व्यार है नहीं। प्यार अलग चीज होती है। बहुत गहरी चीज होती है। यह सारे लोग समझ नहीं सकते। तो यह मूर्ख लोग इसको यह केमिकल रिएक्शंस को प्यार का का दे देते हैं। फिर फिजिकल अट्रैक्शन चिंटू और वो मेनका के बीच में कम हो गया, जो उसकी वाइफ थी। है अभी भी। [नाक से की जाने वाली आवाज़] फिर वही डे टू डे लाइफ सुबह उठना है, ऑफिस जाना है, उसको लंच बनाना है, बर्तन मांजना है, बच्चा काय काय करता है, वो इरिटेट होती है दिन भर। एक दो थप्पड़ भी मार देती है, अपना इरिटेशन उस छोटे बच्चे पे निकाल देती है कि पता नहीं क्यों पैदा हो गया। ये क्वेश्चन उसे खुद से पूछना चाहिए, पर वो बच्चे से पूछती है। क्यों पैदा तू तूने किया ना पैदा तू तू बता क्यों पैदा हो

6:10 गया। वो कैसे बताएगा बेचारा मासूम बच्चा भोला भाला। उसको तो इस दुनिया का इल्म भी नहीं है, कोई ज्ञान भी नहीं है। वो तो आ गया है। वो तो वो तो बेचारा उसको ये भी नहीं पता कि अभी उसे क्या क्या झेलना है बड़े हो के। क्या क्या मुसीबतों से गुजरना है। उसी से उल्टा पूछते हैं कि क्यों पैदा हो गया। तरह से सिलसिला चला। अब उसकी लाइफ बिल्कुल नीरस बन गई। एकदम नीरस। ऑफिस जाता है, मुंह लटका के आता है, रात को रील देखता है, सो जाता है। सेम सेम चीज रोज रोज रोज रोज रोज कंटिन्यू। और अगर उसका फ्यूचर देखें ये दिखता है कि आने वाला 30-40 साल जो कि उसका जो लाइफ स्पैन जितना बचा हुआ है, इस पूरे टाइम में वो यही करने वाला है। सेम रूटीन। डेली डेली डेली। अब आप मुझे एक क्वेश्चन का जवाब दीजिएगा,

6:56 कमेंट करिएगा। क्या आपको ऐसी लाइफ चाहिए? या आप ऐसी लाइफ जी रहे हैं तो क्या आप ऐसी लाइफ से निकलना चाहते हैं? या आप घुसने जा रहे हैं ऐसी लाइफ में या आप आप उसी हनीमून पीरियड में हैं जिसमें बड़ा मजा आता है। ऐसा लगता है कि मेनका से बात हो रही है, रंभा से बात हो रही है। है ना? सब अट्रैक्शन सात से आठ महीने का खेल होता है, खत्म हो जाता है। है ना? फिर आपने जो सपने सजाए होते हैं, वो क्रैश हो जाते हैं। एकदम से यहां से यहां से शेयर मार्केट गिरता है ना ऐसे ही गिरते हैं। गिरते हैं वो सारे सपने। आप जमीन पे धरातल पे आ जाते हो, बिखर जाते हो, कुछ नहीं बचता आपके पास। आपकी पूरी दुनिया लुट जाती है। आपने जो सपनों की दुनिया सजाई थी, आपने जो खयाली स्वर्ग बनाया था अपने दिमाग में, वो धराशाई ही है, धूल धूल हो जाता

7:41 है, खंडर हो जाता है। में आपका मन नहीं लगता। इसी तरह की ऐसे आपको पूरी जिंदगी बितानी पड़ती है। नहीं जीनी चाहिए क्योंकि एक लाइफ मिली है आपको। यू ओनली लिव वंस। जिस दिन आपकी मृत्यु होगी, सब खत्म हो जाएगा आपके लिए। कुछ नहीं, कोई पुनर्जन्म नहीं होगा। कोई हिसाब-किताब नहीं होगा। कोई ऊपर वाला नहीं आएगा। समझ में आ रही है मेरी बात? कुछ नहीं होगा, सब खत्म हो जाएगा। तो क्या आप चाहते हैं कि जिस रूटीन की मैंने बात की, इसी रूटीन को आप कंटिन्यू इसमें हालांकि बोलने को बहुत कुछ था। क्या ही एक्सप्लेन करूं? आप लोगों को भी पता है सारी चीजें। मैंने मोटा-मोटा आपको बताया। तो अब बहुत सारे लोग यह बोलते हैं जो स्पेशली वह लोग जो इस चक्कर में पड़ चुके हैं लोग जो पढ़ने वाले हैं। जो पढ़ चुके हैं वह तो जस्टिफाई करते हैं। वह

8:26 चिंटू ही जैसे चिंटू से कभी-कभी मेरी बात होती है तो वह कहता है कि यार लाइफ यही तो होती है ना? यही तो करना होता है, और क्या करना होता है? तो चिंटू की भी इसमें गलती नहीं है। अब एक कुएं के मेंढक से आप पूछोगे कि लाइफ क्या होती है तो वह यही बोलेगा यह जो डायमीटर है ना मेरे चारों तरफ यह ही तो दुनिया है। यही दुनिया है। इससे उछल के यहां जाओ, यहां से उछल के यहां जाओ। बस हो गया, दुनिया खत्म। अब उस मेंढक की गलती नहीं है। मेंढक ने देखा ही नहीं है कि कुएं के बाहर तो बहुत बड़ा विशाल यूनिवर्स है। क्या-क्या है बाहर तो। इनफाइनाइट चीजें हैं। की गलती नहीं है, वह कुएं में है। लेकिन चिंटू की गलती है और चिंटू जैसे तमाम लड़कों की गलती है क्योंकि जा रहा है। मैं बता रहा हूं। मेरे जैसे कुछ और लोग बताते हैं। ओशो आए, बता के गए। है ना? आचार्य प्रशांत भी छुपी-छुपी,

9:12 दबी-दबी भाषा में यह बताते रहते हैं। पर बता बताया जा रहा है तुम्हें। के बाद भी होश नहीं आ रहा तो यह तुम्हारी गलती है। कंपलीटली योर फॉल्ट। है ना? उस कुएं के मेंढक से ज्यादा अपराधी आप हो। वह तो बेचारा है। उसको तो कोई बताने वाला नहीं है। उसको कोई समझाने वाला नहीं है। आपको तो इस प्रकृति ने चेतना दी है। आपके अंदर को स्किल्स आप सोच रहे हैं समझने की शक्ति है, पावर है। सोचने समझने की पावर भी है और एक इंसान भी है जो आपको बता रहा है। उसके बाद भी आप नहीं समझ रहे हैं। उसके बाद भी आप यह कह रहे हैं कि यार लाइफ यही तो होती है। यह कुआं ही तो दुनिया है। उछल के यहां और वहां से यहां, यहां से वहां, यहां से यहां। और टीवी देख लिया, टीवी पर एक अपनी पॉलीटिकल पार्टी बना ली फेवरेट। ऑफिस से

9:58 आके अपने किसी दूसरे चिंटू दोस्त के साथ डिबेट कर ली। भाई यह नेता अच्छा है, यह पार्टी अच्छी है। और यह कीड़े-मकोड़ों को और आप ध्यान से देखोगे ना तो आप पाओगे विराट कोहली, कोई भी पॉलीटिकल लीडर जैसा कि नरेंद्र मोदी, राहुल गांधी, केजरीवाल, इन लोगों के लिए लड़ते हैं, लड़ पड़ते हैं यह। अरे नहीं यह अच्छा है। अरे तुझे कैसे पता मैंने पूरी रिसर्च की हुई है। तेरे पर पांच-सात लाख रुपए नहीं पड़े अकाउंट में, तेरे इमरजेंसी फंड है, तेरे बच्चा बीमार पड़ जाएगा तो अच्छे हॉस्पिटल में दिखा नहीं सकता। कल को कोई त्रासदी हो गई, इमरजेंसी आ गई, तेरे पास फंड तू कुछ नहीं सोच रहा, तू सोच रहा है केजरीवाल के बारे में। तू सोच रहा है नरेंद्र मोदी और राहुल गांधी के बारे में। क्या कर रहा है तू भाई? क्या कर रहे हो? और तुम जब आके तुमसे कोई सच्चाई बोलता है तो उसकी बातें इग्नोर करके तुम बोलते हो कि भाई ऐसी ही होती है

10:43 दुनिया। यही तो करना होता है। रहे हो क्योंकि तुम कुएं के बाहर नहीं निकले। बाहर बहुत बड़ी दुनिया है। मैक्लोडगंज है। गोवा है। वायनाड है। रांची है, पटना है। कितने शहर गिनवाऊं? जयपुर है, कश्मीर है। जाओ जाके देखो क्या हो रहा है। पैदल यात्रा करो, साइकिल से यात्रा करो, बाइक से यात्रा करो। ट्रेन से कर लो पैसे नहीं है तो। है ना? पैसे हैं तो फ्लाइट से कर लो। करके देखो, ऐसा बिजनेस जो करके तुम्हें मजा भी आए। इट्स नॉट अबाउट मनी। इट्स नॉट अबाउट मनी। पैसा कमाने के लिए काम करते हैं वह बहुत ज्यादा पैसा कमा भी नहीं पाते। यह सब चीजें तुम्हें कौन बताएगा? कोई नहीं बताएगा। करने की जरूरत है। इसलिए तुम्हें अपने कुएं से बाहर निकलने की जरूरत है। है ना?

11:30 और वह लोग यह वीडियो मैं स्पेशली उन लोगों के लिए बना रहा हूं जो हनीमून पीरियड पे हैं अभी। मतलब अभी अब बात शादी की बात चल रही है और बढ़िया एकदम मस्त चल रहा है। बहुत सोच समझ के डिसीजन लेना। बहुत सोच समझ के। तुम जो ये करने जा रहे हो, तुम शॉर्ट टर्म सोचते हो। लॉन्ग टर्म सोचा करो। जो तुम ये अभी जैसे नशा होता है ना? सपोज हम बियर पीते हैं और भी बहुत सारे नशीली पदार्थों का सेवन करते हैं। तो हम क्या सोचते हैं? ये हम करेंगे मजा आ जाएगा। मजा आ जाएगा है ना? ये नहीं सोचते कि करके इसका लॉन्ग टर्म इफेक्ट क्या होगा? ऑर्गन्स डैमेज होंगे, हेल्थ खराब डिक्लाइन होगी। है ना? हमारी हमें बीमारियां लग सकती हैं। ये सब लॉन्ग टर्म इफेक्ट हैं। पर शॉर्ट टर्म इफेक्ट क्या है? मजा आएगा। आनंद की अनुभूति होगी। ये शादी, पढ़ाई करना, ये

12:16 मैंने लूप समझाया है तुम्हें जो सोसाइटी जिस जिस में तुम्हें डालती है। [नाक से की जाने वाली आवाज़] पढ़ाई करवाती है। तुम्हें जॉब के लिए रेडी करती है। तुच्छी मुच्छी जॉब है ना? सीए बन जाता है कोई, कोई इंजीनियर बन जाता है। दो कौड़ी के होते हैं ये। है ना? मेहनत करते गधे होते हैं ये गधे। गधे की तरह काम करते रहते हैं। और इनको एक प्राइड दे दिया जाता है। अब मजदूरों से काम कराना है तो कुछ प्राइड भी देना पड़ेगा। अरे बहुत मेहनती है। बहुत एक दो सर्टिफिकेट दे देते हैं। कभी भी को ऑफिस में जॉब कर रहे हो ना कोई तुम्हें सर्टिफिकेट दे बेस्ट एम्प्लॉय का मना कर देना। समझ लेना तुम गधा बनने के एकदम अह गधा बनने की रेस में एकदम नंबर वन पे हो। सबसे उच्च क्वालिटी के गधे हो तुम। मना कर देना, फाड़ देना और कोशिश करना कि तुम्हें सर्टिफिकेट ना मिले। सर्टिफिकेट लेने लग गए तो समझ जाओ, समझ जाओ। बनाया है बहुत सारे वीडियो इसके ऊपर देखना जाके। के ऊपर बनाई

13:03 है स्पेसिफिकली एक वीडियो। अह 9 टू 5 की जॉब से निकलने के प्रैक्टिकल तरीके। मैं आई बटन पे डाल दूंगा ये वीडियो देखना जाके। बहुत इंटरेस्टिंग वीडियो है मजा आएगा तुम्हें। प्रैक्टिकल तरीके मतलब हवा हवाई नहीं कि जॉब छोड़ के घर बैठ जाओ। क्या उसका तरीका क्या होता है जॉब छोड़ने का? खुद को मेंटली कैसे प्रिपेयर करें? फाइनेंशियली कैसे प्रिपेयर करें? है ना? किस तरह से अपना थॉट प्रोसेस बदलें कि हम उस जॉब से निकल पाएं। ये स्टेप बाय स्टेप तरीका उसमें हमने डिस्कस किया है तो आप देखिएगा। तो इस कहानी के चिंटू और मेनका की कहानी के थ्रू मैंने आपको समझाने की कोशिश की कि आपका परिवार और ये समाज आपको एक गुलाम बनाने की कोशिश करता है और बना भी देता है। इससे बचना थोड़ा मुश्किल है क्योंकि आपके चारों तरफ गुलाम और ज़ॉम्बी मेंटली डेड पीपल घूम रहे हैं। उनसे बचना थोड़ा कठिन है बट नामुमकिन नहीं है। बच सकते

13:49 हैं। मैं भी तो बचा हूं ना मुझे देखिए। हूं। अगेन ये चीज कोई मैं शादी के खिलाफ नहीं बोल रहा हूं। बच्चे पैदा करने खैर बच्चे पैदा करना को मैं पाप मानता हूं तो उसके खिलाफ तो मैं बोलूंगा ही भाई बच्चे मत पैदा करना। दैट वो एक डिफरेंट हो गया। वो किसी अलग टॉपिक हो गया। उसके लिए कुछ और बात करेंगे कभी और। अभी फिलहाल मैं बात कर रहा हूं आपकी आजादी के बारे में है ना? आपकी इंडिविजुअलिटी के बारे में। आप वो खो देते हो। आप बंध जाते हो कंपलीटली। किसमें? क्षणिक सुख में फंस के। सुख है। जैसे नशा करने से क्षणिक सुख आते हैं ना बट लॉन्ग टर्म में दुख आता है। ऐसे ही ये शादी, बच्चे ये क्षणिक सुख देते हैं आपको उस टाइम के। जैसे गाड़ी खरीद लिया क्षणिक सुख मिलेगा। लॉन्ग टर्म सोचो ऐसा क्या करूं कि लंबा चलूं। दूर तक फायदा हो। बहुत मजा आए। ऐसा

14:36 क्या करूं? इन्वेस्टमेंट करना पड़ेगा। सेविंग करना पड़ेगा। पैसे कमाने पड़ेंगे। अपनी हेल्थ पे ध्यान देना पड़ेगा मोस्ट इम्पोर्टेंटली। वो सारी चीजें करनी पड़ेगी जिसे करके मजा आता है। समझे? जो तुम्हारे इंटरेस्ट का है। जो तुमने बचपन से सोचा था कि मैं ये करूंगा। ये काम मैं करना चाहता हूं। वो सब चीज तुम्हें करनी पड़ेगी। ये सब चीज तुम्हारा मन है स्विमिंग करने का। स्विमिंग से खुद पे खर्चा करो। पैसे कमाओ खुद पे खर्चा करो। खुद को इंप्रूव करो। जिम जाओ। जिम की फीस दो। रिच प्रोटीन डाइट खाओ। है ना? क्रिकेट खेलने का मन है क्रिकेट क्लब जॉइन करो। वहां खेलने जाओ। हफ्ते में दो दिन तीन दिन जाओ खेलने। बढ़िया खेल के आओ तरीके से ग्राउंड में और तुम्हारी स्किल बढ़ेगी क्रिकेट की। है ना? स्विमिंग पसंद है स्विमिंग जॉइन करो। रोज शाम को एक घंटा जाओ। रोज नहीं जा सकते तो सैटरडे संडे जाओ। गिटार पसंद है, गिटार

15:24 बजाओ। तबला पसंद है, तबला बजाओ। पसंद है एक्स वाई जेड। कुछ डिजाइनिंग पसंद है। जैसे मेरी एक फ्रेंड है, वो अ डिजाइनर है। मुझे एक्जेक्टली नहीं पता, बट वो कपड़े डिजाइन करती है। कपड़े के ऊपर कुछ वो प्रिंट विंट बनाते हैं ना, फूल पत्तियां बनाते हैं। वो डिजाइन करती है वो। अ पहले वो उसका शौक था। अब शौक शौक में वो लाखों कमा रही है। महीने के 25-30 लाख रुपए कमाती है यही करके। पहले ऐसे शौक शौक में करती थी। जरूरी है ये सब काम करना। तो हम मैंने बोला ना है। पैसे की पीछे मत भागो। अपनी आजादी के पीछे भागो। अपनी पसंद की चीजें करो। खुल के जिंदगी जियो। अकेले रहोगे, अपने टर्म्स पे जिओगे, किसी बंधन में नहीं फसोगे, तो ज्यादा क्रिएटिवली काम कर पाओगे। ज्यादा आजादी के साथ काम कर पाओगे। इन फालतू की चीजों में फस जाओगे ना कि लाइफ यही तो होती है, यही तो करना होता

16:10 है। तो वही आटा, दाल, सब्जी लाते जाते, दूध लाते जाते हैं ना। इस गिलास को यहां क्यों रखा है, वहां रख दो। घर की सफाई कर लो, जाले निकाल लो, पंखा साफ कर दो। यही करते एक लाइफ मिली है। यू ओनली लिव वंस, बताया था मैंने। और अब तुम डिसाइड कर लो तुम्हें जाले साफ करते हुए मरना है एक्सप्लोर देख लो ना जिंदगी में क्या है सब। देख लो, मचा दो एकदम भाई। फिर तो मर ही जाना है एक दिन। फिर थोड़ी कुछ होगा। सब करके तब चले जाओ। दो ऑप्शन है तुम्हारे पास। तो इस वीडियो से आपको क्या समझ आया आप एक बार कमेंट करिएगा। और आप कौन से वाले पीरियड में हैं ये भी कमेंट करिएगा। आप हनीमून पीरियड में हैं या शादी कर चुके हैं या आप अभी तो आप बाहर हैं। अभी शादी-वादी कोई मतलब नहीं है। तो आप बता दो बेस्ट पोजीशन पे हैं एकदम। आप एकदम बढ़िया लाइफ बना

16:55 सकते हैं अपनी। लेकिन जिन लोगों ने शादी कर भी ली है, तुम भी ऐसा नहीं है कि तुम फस गए हो, निकल नहीं सकते। तुम भी निकल सकते हो। तुम स्टार्ट करो। इसके ऊपर मैं एक अलग से वीडियो अ लाऊंगा। अगर तुम लोग चाहते हो कि शादीशुदा अ लोगों के लिए मैं एक अलग से वीडियो बनाऊं कि वो कैसे आजादी प्राप्त करें। हैं। मेरे ऐसे बहुत सारे नॉन फ्रेंड हैं। कपल हैं वो। शादीशुदा हैं। और वो वो लाइफ में इतने मजे कर रहे हैं और तुम्हें बता नहीं सकता। इसके ऊपर मैं दूसरी वीडियो बनाऊंगा। अगर इस टॉपिक पर वीडियो चाहिए तो कमेंट कर देना। अगर ज्यादा कमेंट आएंगे तो ही बनाऊंगा नहीं तो अगर एक नहीं कोई देखना चाहता तो कोई मतलब नहीं है इस पर बना के। बट वो भी किया जा सकता है। कोई ऐसा नहीं। कभी भी निराश नहीं होना है। जहां हो वहीं से शुरू करना है। हमेशा याद रखना। जहां हो, जितने इक्विपमेंट्स हैं, जैसी सिचुएशन है, उसी से उसी रिसोर्स से कभी वेट मत करो। परफेक्ट टाइम कभी नहीं आता। को जहां हो वहीं से इंप्रूव करना शुरू कर दो। सिंपल।

17:43 और यह वीडियो अच्छी लगी हो तो लाइक करना, हाइप करना और इस चैनल पर नए हो, मुझे पहली बार देख रहे हो तो सब्सक्राइब करके बेल आइकन दबा देना क्योंकि इस तरह की वीडियो हम लाते रहते हैं जिससे आपकी आंखें खुले। जो यह समाज ने आपके दिमाग के अंदर कचरा भरा है, इसको इसकी मैं सफाई करने की काम करता हूं। आपके दिमाग को साफ करता हूं। अनलर्न करवाता हूं मेरे YouTube के बायो पर भी जाकर लिखा हुआ है। इस चैनल पर अनलर्न करवाया जाता है। आप जो भी लर्न करके आ रहे हो ना, उन सबको दोबारा अनडू करता हूं मैं यहां से अनलर्न। दिमाग साफ करता हूं आपका ताकि आप आंखें खोल के खुल के देख सको। गलत कहानियां पढ़ाई गई हैं, बकवास चीजों में फंसाया गया है। तो मैं मिलता हूं आप लोगों से किसी अगली वीडियो में। तब तक के लिए लाइक, शेयर, सब्सक्राइब। बाय-बाय।

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