Full transcript of “FIRST Life Changing Seminar - By Sandeep Maheshwari in Hindi”. Click a timestamp to open the video at that moment. Need another video? Use the YouTube transcript generator.
0:07 आसान है आसान है आसान है आसान है आसान है [संगीत] लेडीज एंड जेंटलमैन आई एम सो प्लीज टू हैव द चांस टू इंट्रोड्यूस संदीप माहेश्वरी अ रनाउंड इंस्पिरेशन स्पीकर, ऑथर एन एंटरप्रेन्योर हु हैज़ इंस्पायर्ड काउंटलेस पीपल फ्रॉम ऑल वक्स ऑफ़ लाइफ टू डिस्कवर देयर ट्रू पोटेंशियल। ही वाज़ अ जज्ड एज़ वन ऑफ़ द मोस्ट प्रोमिसिंग यंग एंटरप्रेन्यर्स ऑफ़ इंडिया बाय द बिनेस वर्ल्ड मैगज़ीन एंड हैज़ रिसीव्ड न्यूमरस अवार्ड्स इन रिकॉग्निशन ऑफ़ हिज़ वर्क। ओवर द इयर्स ही
0:52 हैज़ बीन फीचर्ड इन सेवरल ग्लोबल एंड रीजनल पब्लिकेशंस सच एस सीएनबीसी एटी नाउ आईबीएन सेवन द टाइम्स ऑफ इंडिया द इकोनॉमिक टाइम्स इंडियन एक्सप्रेस इंडिया टुडे बिज़नेस टुडे एंड मोर बसाइड्स दैट ही इज़ अ वर्ल्ड रिकॉर्ड होल्डर इन फैशन फोटोग्राफी एंड द फाउंडर ऑफ इमेजेस बाज़ार व्हिच इज द वर्ल्ड्स लार्जेस्ट कलेक्शन ऑफ़ इंडियन स्टॉक इमेज एंड वीडियोस प्रिपेयर टू बी इंस्पायर्ड मोटिवेटेड एंड मोरेंटली इक्विप्ड टू लिव द लाइफ यू ऑलवेज वांटेड आई डोंट वांट टू वेस्ट अनदर मोमेंट ऑफ़ हिज टाइम सो प्लीज गिव एन एनर्जेटिक एंड वार्म वेलकम टू द वन एंड ओनली संदीप महेश्वरी
1:50 [प्रशंसा] गुड मॉर्निंग एवरीबॉडी। गुड मॉर्निंग। सो एक बहुत इंपॉर्टेंट चीज जो मैं आपको बताऊंगा इस सेमिनार को शुरू करने से पहले जिसको सुन के आपका एक्साइटमेंट लेवल और बढ़ जाएगा। इट विल इंक्रीस मेनी फोल्ड। वो ये है कि मैं अपने पूरे दिल से आपको इस सेमिनार के शुरू होने से पहले ही यह प्रॉमिस करता हूं। अपने पूरे दिल से प्रॉमिस करता हूं कि आज का यह दिन यहां पर जितने भी लोग बैठे हैं आप पता नहीं कितनी दूर-दूर से आए हैं। कितनी सारी प्रॉब्लम्स थी। फिर भी आप यहां पर आए अपना टाइम निकाल करके तो आई प्रॉमिस यू कि ये आज का दिन आप सबकी जिंदगी का सबसे अच्छे दिनों में से एक दिन होने वाला है।
2:39 अब आप लोगों को लग रहा होगा कि ठीक है ये बोल दिया यहां पर खड़े हो के। बट मैं सिर्फ बोल नहीं रहा। मैं ये कमिट कर रहा हूं यहां पर। आप सबके सामने आई एम कमिटिंग इट। और अगर इतने सारे लोगों में से किसी एक को भी ऐसा लगे इस सेमिनार के खत्म होते टाइम कि जो मैंने कहा वो गलत था और ये दिन इतना अच्छा नहीं था या जो सेमिनार था वो बेकार था तो आप मेरे को बोल सकते हैं। मैं हाथ जोड़ करके वहां पे सबके सामने उस पर्टिकुलर पर्सन से माफी मांगूंगा। यहीं पे आप लोगों के सबके सामने। सो ऐसा क्या होने वाला है? जो भी कुछ मैंने अपनी पूरी लाइफ में सीखा है वो मैं आपके साथ शेयर करने वाला हूं। ऐसे मेरे बहुत सारे एक्सपीरियंसेस हैं। ऐसी मेरी बहुत सारी गलतियां हैं जो मैंने करी। ऐसी बहुत सारी चीजें हैं जो मैंने सही करी और गलत करी। वो सब मैं खोल करके आपके सामने रखने वाला हूं। जिससे आप ये आईडिया लगा पाएंगे कि क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए।
3:28 एक चीज जो मेरे को शुरू से ही फैसनेट करती रही है वो ये है कि सक्सेसफुल हर इंसान होना चाहता है। यहां कोई ऐसा है जो कहेगा कि नहीं मैं सक्सेसफुल नहीं होना चाहता। एनीबडी? एनीबॉडी देखिए सक्सेस की डेफिनेशन सबके लिए अलग हो सकती है। किसी के लिए हेल्थ सक्सेस है, किसी के लिए वेल्थ सक्सेस है, किसी के लिए हैप्पीनेस सक्सेस है। लेकिन कोई भी ऐसा नहीं है जो कहता है कि मैं सक्सेसफुल नहीं होना चाहता। एवरीबडी वांट्स टू बी सक्सेसफुल। बट द प्रॉब्लम इज़ कि बहुत कम लोग सक्सेसफुल हो पाते हैं। यस और नो? यस। तो उसके पीछे बहुत सारी वजह हैं। देयर आर लॉट ऑफ़ रीज़ंस फॉर इट। लेकिन मैं आपको बताने वाला हूं वो सबसे बड़ी वजह जो उसकी जड़ है। देखो हर चीज के कुछ सिम्प्टम्स होते हैं, कुछ प्रॉब्लम्स होती हैं। हम ऊपर ऊपर से देखते हैं कि हां ये इस वजह से है। लेकिन उसकी जड़ क्या है? जब तक जड़ तक
4:14 नहीं जाएंगे कुछ नहीं होने वाला। तो वो जड़ मैं आपको बताऊंगा और उस जड़ को जड़ से कैसे उखाड़ करके बाहर फेंकना है वो भी मैं आपको बताऊंगा। और किस बेस पे बताऊंगा यह मैंने किसी किताब में नहीं पढ़ा या कहीं सुना नहीं है। ये मेरी अपनी लाइफ है। एंड में इस सेमिनार के मैं आपको अपनी खुद की कहानी बताऊंगा कि जो भी मैं आपको बोलने वाला हूं उसको मैंने खुद अपनी लाइफ में अप्लाई किया या नहीं किया या यहां पर खड़े होकर के अपना ज्ञान ज्ञान बांट रहा हूं लोगों के साथ में। तो अब इस सेमिनार को शुरू करने से पहले एक बहुत छोटी सी प्रॉब्लम है। बहुत ही छोटी सी। और उसके लिए मेरे को दो वालंटियर्स चाहिए यहां पर स्टेज पर। एनी टू वालंटियर्स? ध्यान से देखिएगा कि क्या हो रहा है। ये ये वो छोटी सी प्रॉब्लम है इस सेमिनार को शुरू करने से पहले। भरिए भरिए। अभी भरा नहीं है। अभी और आ
5:01 सकता है। भर गया क्या? नहीं नहीं आपके हिसाब से भर गया। मेरे हिसाब से नहीं भरा। अभी और भर गया। नहीं भरा। अभी है इसमें आ सकता है। आ सकता है। कोशिश करके देखते हैं। शायद कुछ आएगा? आ रहा है? कुछ जा रहा है इस ग्लास के अंदर? नहीं। यस और नो? नो? जा रहे हैं। तो यही वो प्रॉब्लम है। जा रहा है लेकिन बाहर निकल रहा है। बाहर भी निकल रहा। एक्साक्टली। लेट्स गिव अ बिग हैंड फॉर हिम। किसने बोला? ओके। तो इसके अंदर जा तो रहा है लेकिन बाहर आ रहा है। यही वो छोटी सी प्रॉब्लम है कि ये सेमिनार में जितने भी लोग बैठे हुए हैं वो कोई तीन या चार साल के बच्चे तो है नहीं। कि जिनको मैं जो भी कुछ बोलने वाला हूं वो सुनेंगे और उसको अप्लाई कर देंगे इमीडिएटली। यस और नो?
5:47 यस। तो क्या करना है? अपने ग्लासेस को खाली करना है। क्यों करना है? है क्योंकि जरूरी नहीं है जो आपके बिलीव्स हैं जो आप आज तक सुनते आए हो सोचते आए हो मानते आए हो वो सही हो सब लोग मानते हैं यह बात कि जरूरी नहीं है जैसे हम सोचते हैं वैसी ही दुनिया होती है सच भी वही है देखो सदियों से लोग ऊपर आसमान की तरफ दिन में देखते थे और देखते थे कि सुबह-सुबह सूरज यहां से निकला और घूमते घूमते घूमते घूमते वहां चला गया राइट सदियों से लोग यही देख रहे थे तो वो क्या सोचते थे कि जो सूरज है वो गोल घूम रहा है धरती वहीं के वहीं है लेकिन रातों रात किसी ने डिस्कवर किया के भाई यह धरती घूम रही है, सूरज वहीं का वही है। तो इतनी बड़ी चीज जो हम सदियों से सुनते आए थे, सोचते आए थे अपने सारे सेंसेस के थ्रू वो गलत हो सकती है तो आपके बिलीव क्या हैं उसके आगे? वो भी गलत हो सकते हैं। तो हो सकता है जो मैं बोलने
6:34 वाला हूं उसका कोई सेंस ना हो और आपको अगर अच्छा नहीं लगे तो बाहर ले जा कर के उसको डस्टबिन में डाल दो। या फिर क्वेश्चन आ- आंसर सेशन के टाइम पे जब ये क्वेश्चन आंसर सेशन होगा 30 मिनट्स का इस सेमिनार के बाद। तो उस टाइम पे सबके सामने मेरी जरा फिंगर पॉइंट करके खुल के बोलो। दिल में जो है वो बोल दो। बोलोगे संदीप मैं तुम्हारी एक भी बात से एग्री नहीं करता और मैं मानता हूं कि ये बिल्कुल बेवकूफों वाली बात थी। बोलो सोचना नहीं है। खुल के बोलो। तो इससे हमें ये चीज़ समझ आ जाती है। अब फाइनली एक कनेक्शन होना जरूरी है इस पूरे सेमिनार में। जैसे एक बच्चे का कनेक्शन होता है ना जब भी कुछ खेल रहे होते हैं इमीडिएट रिस्पांस आना चाहिए। जैसे ही मैं आपसे कुछ भी पूछताछ हूं। मैं आपसे बीच-बीच में पूछूंगा यस और नो तो इमीडिएट। अगर यस तो यस, नो तो नो। ठीक है? तो उसका एक डेमो करते हैं। और फिर उसके बाद इमीडिएटली सेशन को शुरू करते हैं। आर यू ऑल एक्साइटेड? यस
7:20 आज नहीं आएगी दोबारा करेंगे आर यू ऑल एक्साइटेड यस आर यू ऑल एक्साइटेड यस क्या आप तैयार हैं कुछ ऐसा सुनने के लिए कुछ ऐसा देखने के लिए जो हो सकता है कि आपकी जो सोच है उससे परे हो और उससे बहुत अलग हो यस और नो यस तो अब देखते हैं सीड्स दिखाओ उनको सीड्स दिखाओ अच्छा ये कुछ सीड्स हैं मेरे हाथ में कोई बता सकता है देख कर के कि ये किसके सीड्स हैंड्स इतनी इतनी दूर से वैसे दिखेगा नहीं। वहां पे आप लोग देख सकते हैं। आई थिंक एक थोड़ा सा आईडिया लग जाएगा। मैं बताने वाला हूं तो सबको दिखाने की जरूरत नहीं। कुछ लोगों को दिखा सॉरी। कॉटन का नहीं। और कुछ जो पहले सेमिनार में आ चुके हो वो नहीं बोलेंगे।
8:07 बताइए बताइए। देखिए इतनी सिंपल सी चीज है। किसके? प्लांट के। कैक्टस के तो नहीं है ना? शुगर है आपने मैंगो कि नहीं बोला? एनीबॉडी नोबडी वॉटरमेलन कैसा छोटा वॉटरमेलन बड़ा वॉटरमेलन वॉटरमेलन के नहीं है। एनीबडी एल्स प्लांट प्लांट के? नहीं प्लांट के नहीं है। मैं बता देता हूं आपको। सॉरी सक्सेस के सीड्स। सक्सेस के सीड्स फिर तो हर कोई अपने घर में लगा लेगा एक-एक करें। एंड में होगा जो बातें हैं वही है वो
8:52 सक्सेस के सीड्स। तो अब क्या करना है ये जो सीड्स हैं जो आपने देखे और हम देख करके बता तक नहीं पा रहे हैं ये किसके सीड्स हैं। ये एप्पल के सीड्स हैं। एप्पल के पेड़ के। लेकिन क्या देखने में ये जो आपको दिख रहे होंगे ये देखने में कहीं से भी एप्पल जैसे लगते हैं क्या? यस और नो? नो। पेड़ जैसे लगते हैं क्या? नो। नो। दिखे ही नहीं तो कैसे पता लगेगा? बट बीज ऐसे होते हैं। यह देखने में एक चीज़ तो पक्की है जो ब्राउन से अजीब सी शेप वाले हैं ये देखने में एप्पल जैसे तो कहीं से नहीं लगते। ना रेड लगते हैं ना एक बड़े पेड़ जैसे लगते हैं। हम लोग यही गलती करते हैं। बैठ कर के इस बीज को देख करके एनालाइज़ करते रहते हैं कि अरे इसमें तो पेड़ जैसा कुछ है नहीं। अरे इसमें तो एप्पल जैसा कुछ है ही नहीं। ये पेड़ नहीं बनेगा। पेड़ नहीं बनेगा। लेकिन सच यही है कि कितना भी बड़ा पेड़ हो वो बनता तो इसी बीच से है ना।
9:38 [प्रशंसा] तो एक चीज समझ आ जाती है कि बड़े से बड़ा पेड़ हो वो बनता इसी बीज से है। लेकिन हर बीज पेड़ बन सकता है। यस और नो? यस। यस। लेकिन हर बीज पेड़ नहीं बनता। यस। यस और नो? यस। यस। उसके पीछे सबसे बड़ी वजह क्या है? एनीबडी? कि सबसे पहले क्या चाहिए एक बीज को पेड़ बनने से पहले? एनवायरमेंटली एनवायरमेंट गीली मिट्टी लेट्स गिव अ बिग हैंड फॉर हर देखिए एक बीज इससे पहले कि वो पेड़ बने सबसे पहले जरूरी है एक फर्टाइल लैंड अगर एक इनफर्टाइल लैंड होगी बंजर जमीन होगी
10:24 वैसे हजार बीज भी जाकर के बो दिए जाएंगे कुछ होगा क्या यस और नो नो मगर एक फर्टाइल लैंड होगी वहां ऐसे चार बीज भी जाएंगे तो चांसेस है कि वो सारे पेड़ बन सकते हैं यस और नो यस तो हम सब लोग जितने भी लोग इस रूम में बैठे हैं वो उस बीज की तरह हैं। देख के कोई भी समझदार आदमी आ जाए कितना भी पढ़ा लिखा वो देख कर के आपको देख कर के ये नहीं बता सकता कि आप पेड़ बनोगे या नहीं बनोगे। एक और एक बड़ी मजेदार बात आपको बताता हूं कि जब भी लोग आपका मजाक उड़ाने लग जाए और बोलने लग जाए कि ये पागल हो गया जगह है। पागल हो गया है तो समझ जाओगे कि आप सही ट्रैक पे हो। [प्रशंसा] इससे पहले कि आप सक्सेसफुल हो। अभी आप वो
11:10 बीज हो। आप पेड़ बनो तो आपको फर्टाइल लैंड चाहिए उस बीज की तरह। तो फर्टाइल लैंड क्या है? एनीबडी वो फर्टाइल लैंड क्या है? कि जिसके बिना आपका वो सक्सेस का बीज वो पेड़ बन ही नहीं सकता। इन अदर वर्ड्स आप सक्सेसफुल हो ही नहीं सकते। आप फेलियर की तरफ बढ़ रहे हो। क्या है? माइंड एक-एक करके हाथ ऊपर करके बोलेंगे। बिलीफ। लेट्स गिव अ बिग हैंड फॉर हिम। बिग हैंड बिग हैंड [प्रशंसा] तो एक चीज और समझ आती है कि हमको क्या चाहिए एक फर्टाइल लैंड? फर्टाइल लैंड क्या है हमारे बिलीफ्स? बिलीव्स क्या है? देखो इससे फर्क नहीं पड़ता कि आप क्या सोचते हो। एक दिन में 60,000 थॉट्स आते हैं। कोई
11:57 भी बड़े से बड़ा आदमी जो अपने थॉट्स को कंट्रोल नहीं कर सकता। क्या सुनते हो, क्या देखते हो? इतना फर्क नहीं पड़ता। इससे फर्क पड़ता है कि आप क्या मानते हो। [प्रशंसा] जो आप मान लेते हो वो आपके बिलीव्स बन जाते हैं। और जो आपके बिलीव्स बन जाते हैं वही आप बन जाते हो। ऐसा ही होता है। तो ऐसे कुछ गलत बिलीव्स हैं जो हम सबके दिमाग में बैठे हुए हैं। स्पेशली इंडिया में जितने भी लोग हैं और स्पेशली मिडिल क्लास बैकग्राउंड से बिलोंग करते हैं। उनके दिमाग में तो बहुत गहराई तक बैठे हुए हैं। क्योंकि बचपन से उनको ट्रेनिंग मिली है। जैसे टेररिस्ट को ट्रेनिंग मिलती है ना टेररिस्ट बनने की बचपन से ऐसे ही। जिसकी वजह से क्या हुआ कि हमारा जो लैंड है वो इनफर्टाइल हो गया। वहां पर फेलियर के बीज हो रहे हैं। वहां पे कांटे उगते जा रहे हैं। और हम परेशान हो रहे हैं कि ऐसा
12:42 क्यों हो रहा है? मैं इतनी मेहनत कर रही हूं। मैं इतना मेहनत कर रहा हूं। फिर भी कुछ हो क्यों नहीं रहा? तो वही वजह है जो मैं आपको बताने वाला हूं। ऐसे तीन डायलॉग्स जो बचपन से आज तक हमने सुने हैं। डायलॉग नंबर वन कि बेटे ये जो पैसे हैं ना वो पेड़ पे नहीं लगते। पेड़ पे नहीं लगते। गलती से जब मैं छोटा था यहां कितने लोग हैं जो मिडिल क्लास बैकग्राउंड से हैं? ऑलमोस्ट सारे। ग्रेट। मैं भी एक मिडिल क्लास बैकग्राउंड से था। तो अब क्या हुआ? था। कोई हंसा उस बात को लेकर। सोच बदली ना थोड़े से बिलीफ्स बदले ना। अभी जब तक आप यहां से निकलोगे आप भी मिडिल क्लास बैकग्राउंड से शायद हट जाओगे। क्योंकि सिर्फ पैसे से नहीं होता मिडिल क्लास बैकग्राउंड सोच से होता है।
13:34 एक्चुअल में कोई क्लास नहीं है। भगवान ने कोई क्लास नहीं बनाई। लो क्लास, मिडिल क्लास, हाई क्लास कुछ नहीं है। कोई क्लास नहीं है। उन सारी क्लासेस से बाहर निकलना है। एक्सीलेंट पॉइंट। [प्रशंसा] अब क्या हुआ यह डायलॉग सुनाओ। गलती से बचपन में एक बिजली का स्विच ऑन रख गया तो वहां से आवाज आई। अरे बेटे क्या कर रहे हो? थोड़ा संभल के पैसे पेड़ पे नहीं लगते। सोच समझ के खर्च करो तुम्हें नहीं पता। मैंने कहा हां मैं तो बच्चा हूं। मुझे शायद नहीं पता होगा। तो मैं अब आपको एक छोटी सी कहानी सुनाऊंगा। उसके बाद आपसे पूछूंगा कि पैसे पेड़ पे लगते हैं या नहीं? देखो जो बिलीफ्स होते हैं ना और हर कहानी के बाद हम एक सेलिब्रेशन करेंगे। सब लोग मिल करके क्योंकि एक-एक करके आपके बिलीव्स टूटने वाले हैं। कोई भी बिलीफ बनने में सदियां लगती है। सालों लग जाते हैं ऐसे घड़ा है ना बनने में बहुत टाइम लगता है। टूटने में ठा टूट गया खतम। ऐसे ही बिलीफ टूटते हैं। अभी आपके तीन लाइफ के
14:20 सबसे गलत बिलीफ जो आपकी लैंड को इनफर्टाइल करते जा रहे हैं वो टूट जाएंगे। इस सेमिनार के अंदर अगले 20 मिनट के अंदर-अंदर। अब ये जो बिलीफ है पैसे पेड़ पे लगते हैं या नहीं? इसकी एक कहानी है एक गांव की। एक गांव में दो दोस्त होते थे और उनका काम था कि वह कुछ नहीं करते थे पूरा दिन। ऐसे बहुत सारे लोग होते हैं। बैठे रहते थे अपना मजे से। अब बैठे-बैठे उन्होंने देखा कि जो गांव की औरतें हैं वो पानी का जो मटका होता है वो भर करके जाती हैं 1 कि.मी. दूर धीरे धीरे धीरे-धीरे और वहां से पानी भर के लाती हैं। क्यों? क्योंकि उस गांव में सूखा था। उस गांव में पानी नहीं था। तो ये दूर नदी में जाना पड़ता था पानी लेने के लिए 1ढ़ कि.मी. दूर। तो वो जाती है पानी लेकर के आती है। दिन के दो चक्कर लगाती है। फिर भी शाम तक आवाज़ आती है। अरे पानी खत्म हो गया। पानी खत्म हो गया। पानी खत्म हो गया। मतलब पानी
15:07 जितना भी लिया वो कम पड़ जाता है। तो उन्होंने आईडिया लगाया। उन्होंने कहा यार एक काम करते हैं इनके बिहाफ पर। हम जाएंगे मटका लेकर के और 25-25 पैसे लेंगे गांव वालों से। हम कहेंगे ठीक है हम गांव जाएंगे और लेके आएंगे मटका। कहते हैं बढ़िया यार चल करते हैं। खाली बैठे हैं। इससे अच्छा कुछ तो कर लेते हैं। अब वो करना शुरू कर देते हैं। काम चल पड़ता है। क्योंकि लोगों की जरूरत थी। लोगों ने उनको 25-25 पैसे देना शुरू किया और उन्होंने मटके लाने शुरू करे। शुरू में पांच मटके लाए। फिर 10 लाए, फिर 20 लाए। दिन में 40-40 मटके लाने लग गए। ऐसे ही करते करते मटके लाते लाते 10 साल निकल गए। 10 साल बाद उनका जो एक दोस्त था जिसने बोला था कि यार कुछ करते हैं। उसने कहा कि भाई ऐसे कब तक चलेगा? मैं रोज सुबह जाता हूं और रात तक हम मटके धोते रहते हैं, धोते रहते हैं। आज तो हमारे पैरों में दम है, घुटनों में दम है। आज हम कर पा रहे हैं। कल को मैं
15:53 बीमार पड़ गया। कुछ हो गया तो मेरे घर का चूल्हा कहां से जलेगा? दूसरे दोस्त ने कहा, "अरे शांति से बैठना यार। मजे तो आ रहे हैं। क्या जरूरत है तेरे को पंगे लेने की।" जैसा आप लोगों के साथ भी बहुत बार हुआ होगा। आपने कहा होगा कुछ करते हैं यार। यार अपने किसी दोस्त को जाग के चल हट। तो क्या हुआ वो गया और जा करके उसने कहा भाई मुझे तो कुछ करना है। वो दूसरे गांव में चला गया। जा करके देखने लगा लोगों को। उसने कहा कुछ करना है। उसको नहीं पता था क्या करना है। उसने एक बड़ी मजेदार सी चीज देखी एक दूसरे गांव में। वहां पे देखा उसने कि एक सुराही है मटके की। एक कुम्हार ने एक सुराही सी बनाई है। उनके गांव में तो सिर्फ मटके होते थे और उसमें आगे एक नल सी निकली हुई है। जहां पे लोग कपड़ा फंसा के रखते हैं ताकि अंदर हाथ ना डालना पड़े और हाथ गंदा ना हो। उसने कहा यार ये बहुत बढ़िया चीज है। उस टाइम तक मेटल की चीजें नहीं होती थी। वो सब
16:39 नहीं होता था। तो उसने कहा यार ये बहुत बढ़िया चीज है। ये पाइप सी जो चीज है अगर इसको मैं कुमार से बात करूं और थोड़ा और बड़ा कर दें। बड़ा कर दें तो क्या होगा? एक पाइपलाइन बन सकती है। जब इतनी बन सकती है तो इतनी भी बन सकती है ना। यस सर। तो उसने कहा कि यार एक काम करते हैं इसको बड़ा करते हैं। वो बहुत एक्साइटेड हो गया। उसने कहा और किसी तरीके से इतनी बड़ी हो जाए कि अगर नदी से गांव तक आ जाए तो पूरी की पूरी पाइप लाइन आ जाएगी। यहीं बैठे-बैठे पानी आ जाएगा। उसने आ करके अपने दोस्त को बताया। उसने कहा अरे तू पागल हो गया है। तुझे पता है कितनी प्रॉब्लम्स आएंगी। पता भी है मिट्टी की पाइप लाइन टूट जाएगी। उसमें कंकड़ फंस जाएंगे। पानी नहीं आएगा। एंड में उसने कह दिया हो ही नहीं सकता। चल बैठ जा शांति से। उसके पास हजार वजह थी वो पाइप लाइन ना बनाने की। लेकिन उस बंदे के पास सिर्फ एक वजह थी पाइप लाइन बनाने की कि भाई मुझे तो बनानी है। [प्रशंसा]
17:27 उसने पाइप लाइन पे काम शुरू कर दिया। प्रॉब्लम्स आई। ऐसा नहीं है कि प्रॉब्लम्स नहीं आई। सबको आती है। प्रॉब्लम्स आई लेकिन पाइप लाइन बन के तैयार हो गई 3 महीने बाद। और जब पाइप लाइन तैयार हुई तो क्या हुआ? पानी आने लग गया वहां से। ये साइंटिफिक बात किसने बताई? एक्सीलेंट। टेक्निकल। आई एम श्योर आपने इंजीनियरिंग या कुछ कर रखा होगा। तो वहां से पानी आने लगा। पानी आया उस पाइप लाइन से और जैसे ही पानी आया उसका जो दूसरा दोस्त था वो अगले ही दिन 10 दिन नहीं लगे। उसके अगले ही दिन अनइंप्लॉयड हो गया। क्यों? क्योंकि वो 25 पैसे का मटका अब उसने 10 पैसे का देना शुरू कर दिया। क्योंकि अब तो पाइपलाइन लग गई। दिन के 100 मटके भी दे सकते हैं हजार भी दे सकते हैं। 10,000 भी दे सकते हैं। और जैसे ही ये
18:14 पाइप लाइन लगी और गांव के लोग भी आने लग गए उसके पास। कहते हैं यार हमारे भी गांव में एक पाइप लाइन लगा दो। हमारे भी गांव में पाइप लाइन लगा दो। हमारे भी गांव में पाइप लाइन लगा दो। धीरे-धीरे वो आदमी देखते ही देखते सिर्फ उस गांव का नहीं उस कस्बे का नहीं दूर-दूर तक के सारे गांव में का सबसे अमीर लोगों में से एक आदमी बन गया। उसने क्या किया? सिर्फ एक पाइपलाइन लगाई। तो क्या है ये पाइप लाइन? कोई बताएगा? नहीं। फर्टाइल लैंड नहीं है। क्या है ये पाइप लाइन? फर्टाइल लैंड की वजह से तो ये पाइप लाइन लगी है। उससे रिलेट करो जो मैंने डायलॉग बोला था। लेट्स गिव अ बिग हैंड फॉर हिम।
19:01 सोचो क्या हो रहा है? पैसे का पेड़ लग गया ना? लगा या नहीं लगा? यस और नो? यस। अगर यह पाइपलाइन पैसों का पेड़ नहीं है तो क्या है? अगर आप में से कितने लोग हैं जिनको अपने घर में एक पैसों का पेड़ चाहिए? सबको चाहिए। और सबसे ज्यादा कौन हंस रहा है यहां पे आप हंस रहे हैं। अगर आपके घर में एक पैसों का पेड़ लग जाए तो एक अलग ही फीलिंग आएगी। नहीं। कैमरा जरा यहां ले करके आना। एक फीलिंग दिखाओ इनको। तो पैसों का पेड़ सबको चाहिए। लेकिन अगर आप ध्यान से देखो हर बिजनेस हर सक्सेसफुल पर्सन इस पूरी दुनिया में वो क्या है उसने जाने अनजाने में एक पाइप लाइन बना रखी है जाने या अनजाने में उनको खुद को नहीं पता होगा बट
19:47 उन्होंने एक पाइप लाइन बनाई है एव्री सक्सेसफुल पर्सन इज अ पाइपलाइन एव्री सक्सेसफुल बिज़नेस इज़ अ पाइपलाइन सब कुछ एक पाइप लाइन है जिस पाइपलाइन में अगर वो खुद नहीं भी है छ महीने तक तो पानी आता रहता है यस और नो यस यस आपने देखा होगा अब आपका एक बहुत बड़ा बिलीफ टूटा है कि पैसे पेड़ पे लग सकते हैं। अब बात आती है कि अब अगर आपके पास कोई आता है और बोलता है कि भाई पैसे पेड़ पे नहीं लगते तो अब उसको आप क्या बोलेंगे वो मैं आपको बताता हूं अभी क्या बोलना है। एक रियल एग्जांपल ये मटके वाली कहानी नहीं सुनानी बहुत लंबी हो जाएगी। वो चले जाएंगे उठ के। कहेंगे पागल है। तो आपको एक सिंपल सी एक एक लाइन बताऊंगा जो आपने उनसे पूछनी है। उनके पास उसका कोई जवाब नहीं होगा। वो कहेंगे हां पैसे पेड़ पे लगते हैं। चीख- चीख करके बोलेंगे आपके साथ में।
20:33 जब मैं छोटा था जब मैं छोटा था मुझे एग्जैक्ट याद है अभी मेरे माइंड में पूरी पिक्चर चलेगी। हम लोग मेरीडियन होटल जाते थे। मेरीडियन कोई गया है आज से 20 साल पहले अब तो हर जगह हर होटल में लिफ्ट है और हैं। उस टाइम पे वहां पे एक ग्लास की लिफ्ट होती थी ट्रांसपेरेंट। पता है? तो उस ग्लास की लिफ्ट को देखने के लिए लोग पता नहीं कहां-कहां से आते थे। और वो लिफ्ट ऐसे जाकर के पानी के अंदर एक चली जाती थी। ऐसा लगता था फाउंटेन में चले गए हैं। तो मेरे पापा और मेरी मदर और हम सब लोग जाते थे वहां पर और जैसे मैंने आपको बताया कि हम लोग मिडिल क्लास से हैं तो क्या हुआ जब वहां गए तो एक मन में डर भी होता था कि कोई बाहर ना निकाल दे। या आकर के कोई पूछ ना ले कि भाई यहां क्या कर रहे हो? साड़ियां पहनी हुई है सब ने कुल्फी है। किसी के मुंह में पान है। किसी
21:18 के गुटखा है और वहां पहुंच गए अपने सारे रिश्तेदारों को लेकर के। आओ भाई तुम्हें लिफ्ट दिखा के लाते हैं। वहां गए अंदर से डरे हुए हैं। पापा कहते हैं बेटे थोड़ा संभल के यहां पे। तो फिर सबकी चाल ऐसी हो गई। कॉन्फिडेंस है जैसे होटल खरीदने आए हैं। ऐसे-ऐसे चल रहे हैं। कॉन्फिडेंस कॉन्फिडेंस दिया है। किसी तरह से बचते-बचाते वहां तक तो पहुंच गए लिफ्ट तक। अब बटन दबाया। इतनी देर में गार्ड आ गया। सर व्हाट डू यू वांट? नहीं नहीं। कुछ नहीं वो बच्चों को घुमाना था मेरे पापा ने। कुछ नहीं वो बच्चों को घुमाना था यहां पे काम था क्या काम था जी नहीं कोई काम नहीं था बस ऐसे ही आ गए थे ठीक है ना यार अब क्या अरे नहीं सर नॉट अलाउड उसने मना कर दिया पापा ने कहा अरे तुम चिंता मत करो मैं देखता हूं वहां से गए अपनी जेब से ₹20 निकाले ले करके उसको
22:04 पकड़ा दिए गार्ड को वो ऐसे ऊपर से नीचे तक देख रहा पापा ने ₹10 और निकाले ले आ करके पकड़ा दिए ₹30 फिर उसने कहा नहीं सर मैं आपको बता तो रहा हूं नॉट अलाउड फिर पापा ने एंड में कहा चल यार अब तो ब्रह्मास्त्र चलाना ही पड़ेगा पापा ने चला दिया जा कर करके उसके पास गए मेरे को लेकर के कहते देखो ना आपका ही बच्चा है। उसने कहा उसने कहा चलो कोई बात नहीं चले जाओ बच्चा है। और मैं अपने मन में सोच रहा हूं। मैं सोच रहा था कि पापा ₹20 और देते। मेरे को इसका बच्चा नहीं बनना पड़ता। ₹20 के पीछे बच्चा बना दिया। कोई बात नहीं। लिफ्ट में चले गए। अब ऊपर पहुंच गए
22:49 टॉप फ्लोर पे। सॉरी लिफ्ट भारी पड़ गई। हां, लिफ्ट भारी पड़ गई। अब वहां पे गए ऊपर तक पहुंच गए टॉप फ्लोर पे। और मेरे को याद है मैं वहां जा करके ऐसे ग्लास पे बस ऐसे खड़ा रहता था। हिलता नहीं था। कोई मेरे को बोलता था ना ये देख लो वो तो कुछ नहीं। बस देख रहा हूं। पूरी तरीके से खोया हूं। देखता जा रहा हूं क्या हो रहा है। कैसी दुनिया है ये? अलग दुनिया है। वहां पे कमरे दिख रहे हैं, लोग दिख रहे हैं, कुछ फॉरेनर्स दिख रहे हैं। नीचे से पूरी लॉबी दिख रही है। देख रहा हूं और क्या किया? पीछे से जा कर के मेरी सिस्टर क्या करती थी? एक-एक करके सारे बटन दबा देती थी कि टाइम ज्यादा मिल जाए। भाई ₹30 वसूल तो करने है ना? और बेटा भी बना था। तो अब एक-एक करके नीचे आ रहे हो। लेकिन मैं देखे जा रहा हूं, देखे जा रहा हूं। और नीचे नीचे जैसे-जैसे उस पानी के अंदर आए, आ कर के जो फीलिंग थी, वो मैं आपको एक्सप्रेस नहीं कर सकता। लेकिन बाहर निकल कर के मैं ये सोचता जरूर था कि कितने बेवकूफ लोग हैं जो इस होटल में ₹30-30 का
23:36 कमरा लेकर के रुके हुए हैं और मैंने ₹30 में पूरा होटल देख लिया। पागल है? आप में से भी कुछ लोग ऐसे ही सोचते होंगे। कि पागल हैं? सोचो कि अगर आप में से बहुत सारे लोगों को ₹30,000 महीने का रेंट देना पड़ जाए अपने घर का तब भी आप 300 बार सोचोगे। बहुत सारे लोग। यस और नो? यस। यस। और इस टाइम पे जब यह सेमिनार चल रहा है। अब सुनना जो मैं बोलने वाला हूं यह बहुतेंट है इस चीज के लिए। आपकी उस बिलीफ को तोड़ने के लिए मटका फूटने वाला है। देखो अभी इस टाइम पे जो ये सेमिनार चल रहा है। इसी टाइम पे इस पूरी दुनिया में लाखों करोड़ों लोग उन्हीं होटल्स में हैं। और दिन का 30 हजार क्या पता नहीं लाखों रुपए खर्च रहे हैं कुछ दिन के अंदर-अंदर। अगर
24:23 उनके पास पैसे का पेड़ नहीं है तो ये सब कैसे हो रहा है? यस और नो कुछ ऐसा है जो वो लोग जानते हैं जो आप नहीं जानते कुछ तो फर्क है कुछ तो सोच का फर्क है कि जब हम ₹30 भी खर्चते हैं तो 30 बार सोचते हैं और वो लोग ₹00 खर्चने से पहले भी एक बार भी नहीं सोच रहे खेल है उनके लिए इसका मतलब कि उनके पास पैसे का पेड़ है और आपके पास नहीं है यस और नो यस तो मैं दोबारा पूछूंगा और तीन बार इसको बोलेंगे क्योंकि ये आपका बिलीफ है जो टूट रहा है उसके बाद हम सेलिब्रेट करेंगे। क्या पैसे पेड़ पे लग सकते हैं? यस और नो? यस। यस और नो? यस। यस और नो? यस। बस यही फीलिंग चाहिए।
25:13 बिलीव गया। टूट गया। एक बाप है जो सोचता आया था कि मेरा बेटा कभी सिगरेट नहीं पिएगा। सिगरेट नहीं पिएगा। सिगरेट नहीं पिएगा। एक दिन उसने देख लिया सूट मारते हुए। उसने कहा। खत्म। बिलीफ खत्म। मेरा बेटा मेरी पसंद की शादी करेगा करेगा करेगा लड़की ले कर के आ गया वो भी फिरंगी खत्म बिलीफ ऐसे ही आपका एक गंद एक तकिया नूसी बिलीफ जो पता नहीं कहां तक दिमाग में बैठा हुआ था जो हर प्रॉब्लम की जड़ था वो आज टूट चुका है आप चाहे मानो ना मानो टूट गया वो उखड़ गया सेलिब्रेशन बन रहा है ये था वो पहला बिलीफ दूसरा बिलीफ कि बेटे तुम्हें पता नहीं है। तुम्हारे लिए तो बहुत आसान है। सुबह-सुबह 10 10 111
25:59 बजे तक सोते रहते हो। उठा नहीं जाता तुमसे। तुम्हारे लिए तो बहुत आसान है। तुम्हें नहीं पता हमने कैसा-कसा टाइम देखा है। बहुत पापड़ बेलने पड़ते हैं। [प्रशंसा] एक चीज पक्की है कि ये जो सीटी बजाई थी किसी 18 या 19 साल के लड़के ने बजाई होगी। 50 साल के आदमी ने नहीं बजाई होगी। और वहां पीछे कोई सबसे ज्यादा हंस रहे थे उसको देख के या क्योंकि ऐसा होता होगा ना सबके साथ होता है मेरे साथ भी होता है बहुत बार हुआ है सुन के आए हैं तो ये डायलॉग इतनी गहराई तक हमारे दिमाग में बैठा हुआ है और हमने इतनी स्ट्रगल की कहानियां सुनी है अपने फादर की अपने ग्रेट ग्रैंडफादर की ग्रैंड ग्रैंडफादर की
26:45 स्ट्रगल की कहानियां सुनते आए हैं बचपन से आज तक कि कितनी स्ट्रगल करनी पड़ती है इसका मतलब क्या है कि कितने पापड़ बेलने पड़ते हैं। दिन रात काम करना पड़ता है। खून पसीना बहाना पड़ता है। तब जाकर के कुछ होता है। इसका मतलब क्या बनता है? लाइफ इज वेरी टफ। लाइफ इज वेरी टफ एंड बहुत मेहनत करनी पड़ती है। पैसा कमाने के लिए पैसा कमाने के लिए मेहनत करनी पड़ती है। कामयाब होने के लिए बहुत मेहनत करनी पड़ती है। अब जो मैं आपको बोलने वाला हूं, उसके बाद हो सकता है कि किसी के हाथ में कोई ग्लासेस या कोई बोतल तो नहीं है ना? वो उठा करके हो सकता है मेरे को मारेंगे। है क्या? पहले ही बाहर रखवा दिया चलो। इसीलिए रखवाया था इसी डायलॉग की वजह से। वो ये है ये मैं मानता हूं। स्ट्रांग बिलीफ है। आप मानो ना मानो वो आपकी चॉइस है। कि अगर आप मेहनत ज्यादा कर रहे हो तो आप
27:31 फेलियर की तरफ बढ़ रहे हो। [प्रशंसा] क्या है ये? अजीब सी बात है ना? बहुत अजीब है ना? कई बुक्स में पढ़ा है हार्ड वर्क। मेहनत किए जाओ, मेहनत किए जाओ, मेहनत किए जाओ। स्मार्ट वर्क। लेकिन सबसे ज्यादा मेहनत कौन करता है? मेरे भी दिमाग में ये चीज आती जब मैं एक किस्से कहानियां सुनता था कि यार सबसे ज्यादा मेहनत तो एक लेबरर करता है या एक रिक्शे वाला करता है? यस और नो? यस। लेकिन वो तो सक्सेसफुल नहीं हो पाता। तो इसका मतलब कहीं ना कहीं कुछ कुछ डिस्कनेक्शन है कि मेहनत का और सक्सेस का डायरेक्ट कोई कनेक्शन नहीं है। जैसे सुबह उठने का और सक्सेसफुल होने का भी कोई कनेक्शन नहीं है। [प्रशंसा]
28:18 अब ये मेहनत वाली बात जो गहराई तक हमारे सबके दिमाग में बैठी हुई है। दिलों में, दिमाग में। अब मैं आपको बताता हूं कि ऐसा मैंने क्यों कहा? इतनी बड़ी बात मैं बोल रहा हूं कि मेहनत कर रहे हो तो फेलियर की तरफ जा रहे हो। इसके अलावा मेहनत ना करें। बैठ जाएं? नहीं। क्या करना है? आप में से किसी को कोई स्पोर्ट्स खेलना अच्छा लगता है? एनीबडी? कौन सा? फुटबॉल। फुटबॉल। सबसे अच्छा कोई ऐसा जिसको खेलने में बहुत मजा आता हो। कोई उनका फेवरेट स्पोर्ट्स? टेबल टेनिस। तो आप, आप आप जॉब करते हो, बिज़नेस करते हो? जॉब। जॉब करते हो। तो जिस टाइम पे आपको ऑफिस जाना है उस टाइम पे आपको 2 घंटा टेबल टेनिस खेलने के लिए मिल जाए रोज। तो क्या होगा? हूं। तैयार हूं। जन्नत पार्ट थ्री। मतलब हेवन। है ना? सो, इसका मतलब कि टेबल
29:08 टेनिस खेलना 2 घंटे तक। जिसमें एक्चुअल में पसीने बह रहे हैं या और कोई टफ स्पॉट जैसे किसी ने बोला था फुटबॉल राइट फुटबॉल में तो गिरते भी हैं खून भी बहता है पसीना भी निकलता है जिसे कहते हैं एक्चुअल में खून पसीने का खून पसीने का खेल तो अगर आपको फुटबॉल खेलना पड़ जाए 2 घंटा रोज तो क्या वो आपके लिए मेहनत है नहीं चार खेल लूंगा नहीं है चार खेल लूंगा चार खेल लूंगा वो भी मेहनत नहीं है। तो 4 घंटे फुटबॉल खेलना मेहनत नहीं है। शादियों में सब लोग जाते ही होंगे। अब जब शादियों में जाते हैं यस और नो? यस। डाउट तो नहीं है? हां, ठीक है। शादियों में सब लोग जाते हैं। आप जब किसी शादी में गए वहां जा करके मेरे को बड़ा मज़ा आता है देख कर के स्पेशली अपने घर की शादियों में के जैसे अब डांस हो रहा है बारात में जा रहे हैं। किसी को जा करके बुलाओ। आओ ना,
29:54 आओ ना। अरे यार सूखा-सुखा। कोई बात नहीं। चुपचाप क्योंकि आई बिलोंग टू अ बनिया फैमिली तो थोड़ा कंजर्वेटिव सा एक बैकग्राउंड है। तो उसमें क्या होता है खुल के सबके सामने नहीं होता जो होता है पर्दे में पीछे जाकर के होता है। अरे चलो ना मासा जी आओ ना यार आओ बैठो बैठो बैठो बैठो लगाओ ना अरे लगाओ ना तुम मना कर रहे होते अरे नहीं मैं नहीं पीता मैंने थोड़ी देर में पता नहीं कितने गटक जाते हैं। उसके बाद डांस चल रहा है। ढिंचक ढिंचक ढिंचक ढिंचक ढिंचक ढिंचक ढिंचक ढिंचक ढिंचक ढिंचक तालियां मत बजाओ यार नाचने ही वाला। तो अब क्या हुआ कि डांस चल रहा है और चलते-चलते उनको खुद होश नहीं है वो क्या कर रहे हैं। बड़ी-बड़ी मूछे और थोड़ी
30:40 देर में नागिन डांस कर रहे हैं। अगले दिन अगले दिन लोग उनसे पूछ रहे हैं कि भाई क्या हुआ था तेरे को? कहते हैं पता नहीं यार उस टाइम मेरे को होश नहीं था। अब डांस किया पागलों की तरह। 3 घंटे तक। बारात को भी आगे नहीं बढ़ने दे रहे। रोक रहे हैं। पता नहीं क्या मजा आ रहा है बारात रोकने में। रोक लो बस किसी तरीके से। नाचना है अभी और नाचना है। 3 घंटे तक। एक्चुअल में खून पसीने बह चुके हैं। खून पता नहीं कितना जल गया है और पसीने कितने बह गए हैं। खड़े होने लायक हिम्मत नहीं है। क्या उस टाइम पे हम कुछ ऐसा करते हैं कि जाकर के अपना जो दोस्त होता है जिसकी शादी हो रही होती है उसको जा करके बोलते हैं कहते हैं भाई तूने इस साल तो बहुत मेहनत कराई है अपनी शादी में। अगली बार थोड़ा ध्यान रखियो इतनी मेहनत मत कराइयो। ऐसा होता है यस और नो? नो। नो। हम क्या बोलते हैं जाकर के अपने दोस्त को? मजा आया। बहुत मजा आया। दोबारा शादी कर लो।
31:26 मतलब दोबारा शादी कर लो। [प्रशंसा] आपकी पिटाई पक्की है। जिसने भी ये बोला था। वो नहीं मारेगा उसकी बीवी मारेगी। अब हम बोलते हैं कि बहुत मजा आया। ये नहीं बोलते कि बहुत मेहनत थी। तो भाई मेरे कंप्यूटर पे 8 घंटे बैठना क्या मेहनत है। यस और नो? नो? यस? एक मिनट। मैं अभी उसको भी उस पॉइंट पे भी आता हूं। मेहनत नहीं है। देखो रीज़ सिर्फ मेहनत वो है जिस काम को आप एंजॉय नहीं कर रहे। अगर वो आप दिन में 5 मिनट भी कर रहे हो तो वो मेहनत है। और एक ऐसा काम जिसको आप एंजॉय कर रहे हो तो आप 5 घंटे भी कर रहे हो तो मेहनत नहीं है। यस और नो?
32:12 [प्रशंसा] तो जो मैंने आपको कहा कि अगर आप मेहनत कर रहे हो तो फेलियर की तरफ जा रहे हो। तो अगर आप आज और अभी से सक्सेस की तरफ जाना चाहते हो तो आपको मेहनत करनी बंद करनी पड़ेगी। मतलब क्या करना पड़ेगा? या तो। या तो दो ऑप्शंस हैं। या तो। जो अभी कर रहे हो वो ही करते रहो लेकिन उसको एंजॉय करना शुरू कर दो। उसमें ही आपको मजे आने चाहिए। कुछ भी अलग तरीके से उसको करो जिसमें आपको मजा आए। कितना भी बोरिंग हो उसको इंटरेस्टिंग बना दो। दूसरा ऑप्शन अगर लगता है कि इतना बोरिंग है कि मेरे मतलब का ही नहीं है। तो फिर कुछ और ऐसा करो जिसमें आपको मजा आए। अगर ये दोनों ही चीज आप नहीं कर रहे तो आप फेलियर की तरफ बढ़ रहे हो क्योंकि आप मेहनत कर रहे हो और आप कभी सक्सेसफुल नहीं हो सकते।
33:00 देखो क्या होता है इंडिया में स्पेशली इंडिया में यहां पर ना एक बहुत मजेदार डायलॉग है। जब भी कहीं जाते हैं किसी मैं शादी में जाता हूं, कहीं जाता हूं। पहले तो लोग मेरे को देख कर के दूर से कहते थे, कहते हैं, यह लड़का पूरे खानदान का नाम डुबो देगा। मुझे समझ नहीं आता था पूरे खानदान का कैसे डूबाऊंगा। अपने मां-बाप तक तो समझ आता है। उनका कैसे डूबेगा जो मेरे दूर-दूर के दूर के रिश्तेदार हैं। तो अब उसके बाद में क्या होता है वहां पे अब वही लोग मेरे पास आते हैं और कहते हैं यार ये मेरा बेटा है इसको जरा कोई लाइन बता दो ना। लाइन बता दो। कैसे लाइन बता दें भाई? कौन सी लाइन बता दें? देखो क्या करना है कि एक बच्चा है जो बचपन से जब से बड़ा हुआ है उसका एक ही शौक था। पहले गाड़ियां खोलता था और खोल करके
33:46 जोड़ देता था। जब थोड़ा बड़ा हुआ तो कंप्यूटर खोलता है। खोल करके जोड़ देता है। बड़े से बड़ा टीवी उससे खुलवा लो जोड़ देता है। और जा करके एक दिन उसको कहा गया कि बेटा सीए कर लो। क्यों कर लो? क्योंकि हमारे खानदान में 15 साल पहले किसी ने सीए करा था आज वो बहुत अच्छा पैसा कमा रहे हैं। कोई कनेक्शन है? यस और नो? नो। तो अब अगर वो सीए करेगा तो सीए करना उसके लिए मेहनत है। और वो जाने अनजाने में फेलियर की तरफ बढ़ रहा है। या तो वो सीए कर ही नहीं पाएगा और किसी वजह से कर गया पांच छ साल में 10 साल में तो उसके बाद भी क्या होगा कोई नहीं जानता। दूसरी तरफ दूसरी तरफ अगर वो वो ही करेगा जिसमें उसको इंटरेस्ट है। मतलब कंप्यूटरर्स तो कंप्यूटरर्स के बाद एक दिन ऐसा आएगा जब वो एरोप्लेन भी खोल के छोड़ देगा। अगर उसका इंटरेस्ट होगा तो। यस और नो? यस। अब
34:31 मैं आपसे पूछूंगा तीन बार और उसके बाद में इमीडिएटली इमीडिएटली यू विल मूव ऑन टू द अ नेक्स्ट बिलीफ सक्सेसफुल होने के लिए मेहनत नहीं करनी पड़ती। ये सच है? यस और नो? यस। यस और नो? यस। यस और नो? यस। क्या करना पड़ता है? एंजॉय करना पड़ता है। किसी को भी देख लो। [प्रशंसा] कोई भी ऐसे सक्सेसफुल नहीं हुआ। आप किसी को भी उठा करके किसी की भी स्टोरी उठा करके देख लो जो कहता है कि यार मेरे को ये काम करना पसंद नहीं है। जिसका वहां बैठने का भी मन नहीं है। 5 मिनट और 8 घंटे तक बैठा हुआ है। मंडे ब्लूस जिसको बोलते हैं। मैंने कहीं पढ़ा था कि सबसे ज्यादा हार्ट अटैक मंडे वाले दिन होते हैं। पता नहीं सच है या नहीं है। तो किसी को भी आपने ऐसे
35:19 नहीं देखा होगा। उसने वही किया जिसमें उसको मजा आता है। या जो कर रहा था उसी को मजे ले ले ले कर के करता रहा और आगे बढ़ गया। यही दो तरीके हैं बस। तीसरा बिलीफ बहुत मजेदार। यह तो भाई इतनी गहराई तक हमारे दिमाग में बैठा हुआ है। किसी भी चीज की बात होती है इंडिया में तो यही बात होती है। सीधा अब ये मत समझना कि मैं इंडिया के अगेंस्ट हूं। आई लव इंडिया। ठीक है? तो अब क्या है? ये तीसरा बिलीफ। बट ये सच है। और वो कहने में मेरे को कोई झिझक नहीं है और कोई डर नहीं है किसी तरीके का। चाहे मैं कहीं भी कहूं। तो अब वो तीसरा बिलीफ क्या है? आप लोगों के दिमाग में जो अभी वो बिलीफ चल रहा है वही है वो बिलीफ। आप में से कुछ लोगों के दिमाग में आप सोच रहे होंगे कि ये बंदा यहां पे स्टेज पर खड़े हो के कह रहा है कि मेरे आंगन में एक पैसों का पेड़ लग जाएगा और उसके लिए मेहनत भी नहीं करनी
36:06 पड़ेगी। मतलब कि कहना तो बहुत आसान है लेकिन करना बहुत मुश्किल है। करना बहुत मुश्किल है। बहुत मुश्किल है भाई। क्या होता है? हर एक की फैमिली में ना एक दो ऐसे लोग जरूर होते हैं। जब भी कुछ करना होता है या कोई आईडिया आता है, राय लेनी होती है तो सीधा उनके पास जाते हैं। मैं भी जाता था। अब गया उनके पास राय लेने के लिए अपना पूरा उन्होंने कहा हां बेटा बता क्या करना है तेरे को? टाइम नहीं है। साथ-साथ में अपने चार काम और भी कर रहे हैं। बता बता क्या है? अच्छा ये ये सारा समझ लिया। सब कुछ समझने के बाद में उनको जब कुछ समझ नहीं आया। नहीं नहीं बेकार नहीं है। जब कुछ समझ नहीं आया। उनके सारे सवाल थे। मैंने सारे जवाब दे दिए। कि अगर ये हो गया तो क्या होगा? ये हो गया तो
36:51 क्या होगा? ये कैसे होगा? वो कैसे होगा? तो उन्होंने कहा बेटे अभी तुझे पता नहीं है तू बच्चा है। ये कहना बड़ा आसान है लेकिन करना बहुत मुश्किल है। तो जब हमें कुछ नहीं समझ आ रहा होता। हम ये डायलॉग लेकर के आ जाते हैं। ये बिलीफ बड़े अजीब तरीके से बैठा हुआ है। क्या मुश्किल है भाई? यहां स्विमिंग कितने लोगों को आती है? कितने लोगों को नहीं आती है? नहीं आती है। आपको आती है। राइट? तो आपके लिए स्विमिंग करना आसान है या मुश्किल है? आसान है। आसान है। जिसको नहीं आती है? मुश्किल है। मुश्किल है। स्विमिंग मुश्किल है तो सबके लिए मुश्किल है। जैसे आग है। ये एक सच है कि आग में जाओगे, जलोगे तो हर आदमी मरेगा। कोई भी हो बड़ा हो, छोटा हो, बच्चा हो तो ये एक सच है। बट ये सच नहीं है। कि स्विमिंग मुश्किल है। तो हमने खुद ही एक इमेज अपने दिमाग में बना ली बिठा करके और खुद ही उससे डर रहे हैं। और इसको मुश्किल
37:38 बनाते जा रहे हैं। यही कर रहे हैं। ये सबसे बड़ा रीज़न है फेलियर का। सबसे बड़ा रीज़न। हर चीज मुश्किल है। हर चीज मुश्किल है। क्या-क्या मुश्किल है? इस देश से करप्शन हटना तो मुश्किल है। पॉलिटिशियंस का सुधरना तो मुश्किल है। लोकपाल बिल आना तो मुश्किल है। और कुछ लोग बोलने लग जाते हैं कुछ टाइम बाद। नामुमकिन है। कि देश तो सुधर ही नहीं सकता। पॉलिटिशंस तो सुधर ही नहीं सकते। लोकपाल बिल तो कभी आ ही नहीं सकता। ड्राइविंग स्किल्स तो कभी ठीक हो ही नहीं सकती। क्यों भाई आप ज्योतिष हो क्या? लिख के दे सकते हो कि नहीं हो सकता? पिछले 10 साल में देश इतना बदला है जितना पिछले 100 साल में नहीं बदला होगा। फिर भी हम कहते हैं कुछ हो ही नहीं सकता। हो ही नहीं सकता, हो ही नहीं सकता। क्या कर रहे हैं?
38:29 क्या कर रहे हैं ये? ये पागलपन नहीं है तो और क्या है? तो करना क्या है? इस सेमिनार से निकल कर के अगर आपको सिर्फ एक चीज बाहर लेकर के जानी है। तो वो ये है। अब मैं आपको अपनी लाइफ का सबसे बड़ा सीक्रेट बताने वाला हूं। जब मेरी लाइफ में ऐसी प्रॉब्लम्स आती थी जब लगता था कि अब तो दुनिया ही खत्म हो गई कि कल वही सड़क पर पहुंच जाऊंगा अब और कुछ नहीं हो सकता। तब कहीं से ये दो वर्ड्स उठ कर के आते थे दिमाग में। आते थे और लहर की तरह आते थे और चले जाते थे और सारी जो मुश्किलें हैं वो उड़ जाती थी। क्या है वो दो वर्ड्स? आसान है। आसान है। अपने ज़हन में, अपने दिमाग में बिठाना है। जो हमारी लैंड इनफर्टाइल हो गई है, जो जमीन बंजर हो गई है, उसके लिए आपको क्या चाहिए? एक हल चाहिए। जिस हल को आप चला सको उसके ऊपर तो यही वो हल है। अभी मैं आपको दिखाता हूं इसका इसका जो पावर है
39:16 इन दो वर्ड्स की पावर। तीन बार हम बोलेंगे मुश्किल है। मुश्किल है मुश्किल है। उसके बाद कुछ और बोलेंगे। देखते हैं क्या होता है। कोई फर्क है या नहीं है। तीन बार आई विल से वन टू थ्री। फिर बोलेंगे मुश्किल है। मुश्किल है मुश्किल है। 1 2 3 मुश्किल है। मुश्किल है। मुश्किल है। अब हम तीन बार बोलेंगे। अभी आपने बोला था मुश्किल है मुश्किल है मुश्किल है। अब तीन बार बोलेंगे पूरी पावर के साथ खुशी के साथ कि आसान है आसान है। आसान है। आई विल से वन टू थ्री और फिर बोलेंगे फिर देखना क्या होगा। 1 2 3 आसान है। आसान है। आसान है। चार-पांच सेकंड का पॉज दे रहा हूं। एक बार सोचो क्या हो रहा है। कुछ वाइबेशंस हैं? कुछ सेंसेशनंस हैं? इसको बोलते हैं पॉजिटिव वाइब्स।
40:04 पॉजिटिव वाइब्स जिसको साइंस नहीं समझ सकती। कैलकुलेट नहीं कर सकती। बट यह है पॉजिटिव वाइब्स जो जड़ है। [प्रशंसा] यही वो वाइब्रेशन्स हैं जिसकी वजह से एक बीज पेड़ बनता है। यही वो वाइब्रेशंस हैं जिसकी वजह से कोई भी आदमी जिसको देख कर के लोग बोलते हैं कि ये तो गधा है। कुछ कर ही नहीं सकते। गधा आपके सामने खड़ा हुआ है। इतना बड़ा जिसको पूरी दुनिया बोलती थी गधा है और वो भी कर गया। यही वो वाइब्स हैं। तो इन वाइबेशंस को आपको हमेशा अपने साथ रखना है। क्या करना है? सोते जागते उठते बैठते सिर्फ ये दो वर्ड्स हर तरह से हर
40:49 जगह पे लगा दो। आसान है। अब हमारे सेमिनार का अगला एक बहुत इंपॉर्टेंट पार्ट शुरू होता है। अब यहां पे हमारे दो बिलीफ पहले टूट गए थे। अब ये लास्ट बिलीफ है। जिसको मैं बोलूंगा उसके बाद हम सेलिब्रेट करेंगे। फिर इमीडिएटली अगले पार्ट पे मूव कर जाएंगे। जिंदगी में कुछ भी करना कितनी भी बड़ी से बड़ी प्रॉब्लम आ जाए, कुछ भी हो जाए उसका सॉल्यूशन निकालना आसान है। यस और नो? यस। यस और नो? यस। यस और नो? यस। अब कोई यहां करके बोले मुश्किल है तो आप कॉन्फिडेंस से जाकर के बोल सकते हो कि आसान है। बस लेट्स सेलिब्रेट।
41:38 बहुत बड़ा बिलीफ था ये। टूटा है अभी-अभी। अब क्या करना है? 50% तो आपके बिलीव्स टूट गए। लैंड फर्टाइल हो गई। हल चलना शुरू हो गया। अब आपको उसको चलाते रहना है। कैसे वो मैं अगले पार्ट में आपको बताता हूं। दो वॉलंटियर्स चाहिए यहां पे। टू वॉलंटियर्स। प्लीज कम इन। कम कम। जो पहले नहीं आए थे वो लोग दो। कोई भी ये स्टोंस है ना ये आप इसके अंदर भर दीजिए। ध्यान से देखिएगा जो मैंने आपको पाइपलाइन वाली कहानी सुनाई थी उससे मेरी सोच बदल गई। आज मैं जो कुछ भी सोचता हूं उसमें उस कहानी का बहुत बड़ा हाथ है। और ये जो अब आप देखने वाले हो उससे मेरी जिंदगी बदल गई। जो भी कुछ मैं अभी आपके सामने कर रहा हूं वो इसकी वजह से कर रहा हूं। इस इलस्ट्रेशन की वजह से। अगर यह किसी को समझ आ गया और उनके अंदर दिमाग, दिलो दिमाग में बैठ गया, तो दुनिया की कोई ताकत नहीं रोक सकती उनको आगे बढ़ने से। कोई नहीं। यही वो
42:24 सक्सेस सीक्रेट है जिसको मैं लिख करके साइन करके दे सकता हूं। इसको करो और आप सक्सेसफुल होगे। कोई नहीं रोक पाएगा। तो क्या करना है? इसको आप भर दो। पूरा भर दो इनसे बड़े पत्थरों से। आप बेशक इसको पकड़ लो और आप भर दो। ऐसा कुछ कर लो। है ना? देखो और शायद आ जाए। नहीं आएगा। जेब में देखो अब नहीं आएगा इसके अंदर। तो अब ये पूरे तरीके से भर गया। यस और नो? यस। अच्छा पत्थर तो पूरे पत्थरों से तो पूरे तरीके से भर गया ना। ये बड़े वाले पत्थरों से यस और नो? यस। क्या इसमें अब कुछ और आ सकता है? यस वेरी गुड। किसने कहा आ सकता है? क्या आ सकता है? पानी आ सकता है। सैंड आ सकता है। हवा आ सकती है। तो काफी कुछ आ सकता है। अब
43:12 देखते हैं क्या-क्या आ सकता है। अब आप इसको इसमें पोर करिए। थोड़ा इधर आ जाइए। पत्थर आप मेरे को दे दीजिए। आप इधर आ जाइए ताकि ऑडियंस देख सके। आप आगे आ जाओ। आगे आ जाओ। बस अब इसमें आप इसको पोर करो धीरे-धीरे। सबको दिख रहा है? थोड़ा सा आप इधर शिफ्ट हो जाइए ताकि सबको दिख जाए। आप इधर शिफ्ट हो जाइए सर ताकि सबको दिख जाए। बस ऐसे अब दिख रहा है ना? ठीक है? अब ये देखने में लग रहा होगा कि पूरे तरीके से भर गया है। अस्यूम कर लेते हैं कि पूरा भर गया है। तो अब ये भर गया है। अब कुछ और आ सकता है इसके अंदर। यस। यस। क्या आ सकता है?
43:59 ओके। अब देखते हैं और क्या आ सकता है? सैंड आ सकता है, नमक आ सकता है। तो अब नमक डालते हैं इसके अंदर। देखते हैं कितना आ जाता है। हिला दो इसको थोड़ा सा। पूरा भर दो। अब तो भर गया पूरा। अब कुछ नहीं आ सकता। आ सकता है। क्या आ सकता है? अभी भी पूरा भर चुका है। बिल्कुल आ जाएगा। देखते हैं। हां? डिश। डिश बन जाएगी। टेस्ट करके देखो।
44:45 आप ही ने आईडिया दिया था। खिलाओ इसको थोड़ा सा। ठीक है? तब ये धीरे धीरे धीरे-धीरे ये अब्सॉर्ब करता चला जाएगा। नीचे जा रहा है पानी इसके अंदर। ये देखो इट जस्ट गोइंग डाउन एंड डाउन एंड डाउन। ठीक है? तो अभी अगर इसको हम देखेंगे अभी और आ सकता है इसके अंदर पानी। सो, अब इसको देख कर के क्या समझ आता है? ये अस्यूम करो कि ये ये ये जो कंटेनर है ये कंटेनर नहीं है। ये हमारी लाइफ है। तो ये जो मैंने किया इसके पीछे क्या लॉजिक था? एनीबडी ओपन आर डिफरेंट योर ब्रेन टू गेट न्यू इन ओके सो दैट इज वन ओपन योर माइंड और ओपन योर ब्रेन टू गेट सम मोर इनफार्मेशन यस।
45:32 ओके प्रायोरिटीज। सॉरी ओपन टू अदर पर्सपेक्टिव। लाइफ इसको और भर दो अभी और आ जाएगा इसमें। हां। नेवर नेवर नेवर से नेवर थॉट्स आसान है। आसान है। द बिग रॉक्स फर्स्ट फर्स्ट थिंग फर्स्ट। एक्साक्ट्ली। लेट्स गिव अ बिग हैंड फॉर इम। हां। स्कोप फॉर एडिशन इज़ ऑलवेज देयर। सॉरी। स्कोप फॉर एडिशन इज़ ऑलवेज देयर। हां स्कोप और और ज्यादा आ सकता है। स्कोप से मेरे को एक बात याद आती है पहले वाले सेमिनार में किसी ने बोला था कहते इसका मतलब ये है कि लाइफ में पहले बड़ी-बड़ी प्रॉब्लम्स आती है। फिर छोटी आती है फिर और छोटी आती है
46:18 फिर और छोटी आती है। मतलब हमारी लाइफ में हमेशा प्रॉब्लम के लिए जगह रहती है। इसको आप पानी को और डाल दो। काफी प्रॉब्लमैटिक लाइफ चल रही है। तो अब इसमें पक्का कुछ और नहीं आ सकता। आ सकता है आ सकता है क्या आ सकता है हवा आ सकती है हवा आ सकती है नहीं पूरा जब भर गया तो हवा के लिए भी चांसेस एक पहले वाले सेमिनार में किसी ने बोला था कि दूध आ सकता है मैं इसको देखा होगा दूध कहां से आ सकता है मैंने कुछ सोच के बोला होगा एनी हाउ इसको रख देते हैं गो या शोर श्योर थैंक यू सो मच थैंक्स थैंक्स लेट्स गिव अ बिग फॉर देम
47:09 देखो इसको देख के बहुत सिंपल सी जो एक चीज है जो समझनी है वो ये है कि अगर इस पूरे कंटेनर को अगर पहले स्टेप में पूरा बीजों से भर दिया जाता तो क्या इसमें बड़े पत्थर आने की जगह रहती? यस और नो? नो। नो। अगर इसको पूरा नमक से भर दिया जाता तो क्या इसमें बड़े पत्थर और बीज आ सकते थे? यस और नो? नो। नो। इसका मतलब क्या है कि हमारी जो लाइफ है वो छोटी-छोटी छोटी-छोटी चीजों से भर जाती है। जिसमें बड़ी चीज आने के लिए कोई जगह ही नहीं रहती। जब तक एक बार ये भर गई तो ये दोबारा खाली नहीं हो सकती। ये हमारी लाइफ है। ये कोई कंटेनर नहीं है। एक बार भर गई छोटी-छोटी छोटी-छोटी चीजों से। तो बड़ी चीज उसमें
47:54 कभी आ ही नहीं सकती। तो सक्सेस के लिए सबसे बड़ी चीज मतलब कि वो बड़े पत्थर वो बड़े रक्स क्या है? व्हाट आर दी बिग रक्स? मैं आपको बता चुका हूं ऑलरेडी। बिलीव्स किसने बोला बिलीव्स? बिलीव्स लेट्स गिव अ बिग हैंड फॉर हिम। मतलब ये जो बड़े पत्थर हैं ये कुछ नहीं है। देखिए अभी भी आता जा रहा है पानी। ये अंदर अंदर सेटल होता जा रहा है और और और आता जा रहा है। तो क्या हो रहा है? ये चारों चीज जब तक उस लाइफ में नहीं आएगी तो आप सक्सेसफुल नहीं हो सकते। तो पहला स्टेप क्या है? बिलीफ। तो जो हमारे गलत बिलीफ्स हैं जो हमारी इनफर्टाइल लैंड है उसको फर्टाइल करना
48:40 होगा। जब तक एक बंजर जमीन होगी उसप बीज अगर हम बोते जाएंगे तो कुछ नहीं होने वाला। तो अब वो फर्टाइल कैसे होगी? कोई बताएगा कैसे होगी? वो भी मैं बता चुका हूं पहले वाले पार्ट में। आसान है। आसान है। आसान है। आसान है। बस और कुछ नहीं है। कोई रॉकेट साइंस नहीं है। मैं अभी आपको एक प्रूफ दिखाता हूं। गांधी जी ने कहा था बुरा मत बोलो, बुरा मत देखो, बुरा मत सुनो। वी डू रिस्पेक्ट टू गांधी जी। मैं मानता हूं कि ये गलत बात है। मैं नहीं मानता। क्यों? अभी मैं आपको बोलता हूं। डोंट थिंक ऑफ अ ग्रीन एप्पल। क्या माइंड में आ रहा है? ग्रीन एप्पल। ग्रीन एप्पल। मैंने कहा था मत सोचना। फिर भी दिमाग में क्या आया? एक हरा एप्पल।
49:25 इसका मतलब हम क्या कर रहे हैं? जिस चीज से भागने की कोशिश कर रहे हैं वही चीज़ हमारे पास आ रही है। तो जितना आप बोलोगे बुरा मत देखो। बुरा मत बोलो। बुरा मत सुनो। उतना ही मजा आएगा वो करने में। वही हो रहा है। अखबार पढ़ोगे तो देख कर के मजा आएगा। मतलब दिखने दिखाने के लिए आदमी दिखाता है कि नहीं यार देखो कितने दुख की बात है। अंदर ही अंदर सोच रहे होते हैं कि चलो यार हम इससे अच्छे हैं। हमारे साथ तो ऐसा कुछ नहीं हुआ ना। यही हो रहा होता है। मजा आने लग जाता है सीरियल्स में हम अपनी लाइफ को ढूंढने लग जाते हैं। कि अरे देखो उसके साथ तो क्या-क्या हो रहा है। उसके पति का तो एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर चल रहा है। मेरे पति का तो सिर्फ वो देखता ही है। कोई बात नहीं। देखिए मैं कहता हूं बुरा मत देखो। बुरा मत बोलो। तो क्या करना चाहिए? उसके बदले में?
50:10 बोलो अच्छा देखो। अच्छा बोलो। अच्छा सुनो। क्योंकि तब सब कुछ अच्छा अच्छा अच्छा अच्छा होगा आपके साथ। तो क्या करना है इन दो वर्ड्स को? अपनी लाइफ के हर एस्पेक्ट में जैसे भी आप जोड़ सकते हो जोड़ दो। क्योंकि ये बिलीफ्स बने हैं। इसकी पावर को अंडरएस्टीमेट मत करो। ये बिलीव्स सदियों से बने हैं। काफी साल लगे हैं इसको बनने में। तो कुछ टाइम तो लगेगा ना इसको जाने में। कितना टाइम लगेगा? हफ्ता भी लग सकता है। 10 दिन भी महीना भी लग सकता है। लेकिन करना क्या है उस अगले हफ्ते तक 10 दिन तक? कि अपनी हर चीज में लाइफ में आपको बोलना है आसान है। उसके लिए क्या होगा? यहां पर आपको बाहर स्टीकर्स मिलेंगे। जब आप बाहर जाओगे उसके लिए कुछ पे नहीं करना तो ऐसी ऐसी शक्ल बनाने की जरूरत नहीं है। आप ले सकते हो स्टीकर्स।
50:58 कुछ लोग ना एकदम से खुश हो गए थे। जैसे कि मैंने बोला ना स्टीकर्स हैं। हां। कह रहा था कि पैसे-वैसे नहीं है। अब आई ना बात। अब समझ आया। 50-50 के स्टीकर्स बिकेंगे यहां पे बाहर कुछ नहीं है। स्टीकर्स आप ले सकते हो फ्री है। उसके अलावा जो सॉन्ग यहां पे चल रहा था वो फ्री है। आप जाओ मेरी जो साइट है sदीp mah.com उसमें एक नया सेक्शन बन गया है फ्री डाउनलोड्स के नाम से। उसमें जा कर के आप वो सॉन्ग डाउनलोड कर सकते हो। उसको अपना रिंगटोन बना सकते हो। उसको ये वीडियो को आप देख सकते हो। उसके साथ-साथ में आप गा सकते हो फॉर योर इनफार्मेशन। ये सॉन्ग मैंने ही लिखा है। मैंने ही गाया है। तो ये जो भी सॉन्ग है ये सॉन्ग नहीं है। ये पूरे दिल से मेरे जो इमोशंस है वो बाहर आए हैं। बस इसको अब आप अब आप जब देखोगे इस सेमिनार के एंड में हम इस सॉन्ग को प्ले
51:44 करेंगे। एक बार सब मिलके गाएंगे तब आप थोड़ा सा फील करना। फील करने की कोशिश करना कि मैंने क्या फील किया होगा जब इस सॉन्ग को लिखा था। इसमें हर चीज का सशन है। तो क्या करना है? हर तरफ से हर जगह लगा दो। अपने मोबाइल में रिमाइंडर्स लगा दो। रात को सोने से पहले। जैसे बहुत सारे लोगों की यहां पे सबसे बड़ी प्रॉब्लम क्या होगी कि सुबह जल्दी नहीं उठा जाता पार्क जाने के लिए। सबको पता है पार्क जाना चाहिए। फिर भी कितने लोग हैं जो रेगुलरली पार्क जाते हैं? मैं वो नहीं पूछ रहा जो तीन दिन से रेगुलर हैं। रेगुलरली? इतने सारे हाथ एकदम से ऊपर आ गए। अरे मैं हफ्ते से रेगुलर हूं। रेगुलर मतलब कुछ सालों से रेगुलर, बहुत कम लोग, बहुत कम। 5-10% लोग भी ऐसे नहीं होंगे जबकि जाना सब चाहते हैं। जा क्यों नहीं पाते? जड़ क्या है? मैं बताऊं क्या है जड़? रात को सोने से पहले हम बोल रहे होते हैं कि यार रात को इतना लेट हो गया। सुबह उठना कितना मुश्किल
52:30 है। [प्रशंसा] अब रात को सोने से पहले इस बड़ी प्रॉब्लम के साथ क्योंकि हेल्थ तो सबको चाहिए ही ना। पैसे का क्या करोगे जब तक हेल्थ ही नहीं है तो। तो इस बड़ी प्रॉब्लम के सॉल्यूशन का एक छोटा सा सलूशन है कि क्या बोलना है? रात को सोने से पहले 10 बार सुबह उठना आसान है। सुबह उठना आसान है। कुछ नहीं है। फेल है। ऐसे नींद खुलेगी ऐसे ऐसे अपने आप नींद खुलेगी और जैसे ही सुबह नींद खुलती है बोलो हां कितना आसान है कितनी आसानी से आंखें मसल उठ जाओ लेकिन आसान है चारप दिन के लिए बेवकूफी करो छठे दिन से अपने आप
53:16 आदत बन जाएगी और आई एम श्योर जो लोग रेगुलर होंगे वो लोग यही करते होंगे उनके लिए आसान है उनके लिए लेट उठना मुश्किल है यस और नो यस तो हर जगह हर चीज के साथ में जोड़ना है। तो एक मेरे को किसी ने बड़ा सही आईडिया दिया था एक पहले वाले सेमिनार में। उन्होंने कहा मैं अपनी वाइफ के सामने लिख दूंगा वाइफ के नाम के सामने मोबाइल में कि आसान है। [प्रशंसा] थैंक यू सो मच। आपने मेरी भी एक बहुत बड़ी मुश्किल आसान कर दी। ये बता करके। तो ऐसे आप कुछ भी कर सकते हो। कुछ भी जहां भी लगाना हो कोई भी पागलपन लगे कुछ भी लगे कर दो जो भी आपकी प्रॉब्लम्स है उसमें साथ
54:01 में आसान है जोड़ दो देखो हर चीज आसान हो जाएगी अभी अजीब लग रहा होगा सुनने में बट रियलिटी यही है रियलिटी यही है जब मैं अपनी लाइफ में पीछे जा कर के देखता हूं तो मेरे को समझ आता है उस टाइम नहीं समझ आता था कि मैं इस वजह से सक्सेसफुल हो रहा हूं सक्सेस की तरफ आगे बढ़ रहा हूं बट वजह यही थी आज समझ आता है आज क्योंकि मैं पीछे मुड़ के देख सकता हूं कि मेरी लाइफ में कोई भी बड़ी से बड़ी प्रॉब्लम आती थी तो जहां दूसरी तरफ लोग बोलते थे कि इंपॉसिबल है नहीं हो सकता मैं जाकर आसान है हो जाएगा मुझे नहीं पता होता था कैसे करूंगा। पता नहीं होता था। लेकिन दिमाग में बैठा था आसान है कर लूंगा। कर लूंगा। कैसे हुआ? जबकि मेरी लैंड तो बहुत इनफर्टाइल थी। मेरे बिलीव्स तो बहुत गलत थे। वो मैं आपको अपनी कहानी में अभी आगे बताऊंगा। तो पहला स्टेप इसका कि उन बड़े पत्थरों को अंदर अंदर डालना है। मतलब क्या करना है? अपनी लैंड को फर्टाइल करना है। उसपे हल चलाना है। हल क्या है? आसान है। आसान है। आसान है। आसान
54:48 है। आसान है। हर चीज में आसान है। आसान है। आसान है। या आप बोल सकते हो जो होता है अच्छे के लिए होता है। जो होता है अच्छे के लिए होता है। बुक्स पढ़ सकते हो। कुछ भी कर सकते हो जिससे आपकी जो लैंड है वो फर्टाइल हो। दूसरा स्टेप इसके बाद इसमें क्या गया अंदर? बीज। जब लैंड हो गई तभी तो बीज जाएंगे ना। अब ये बीज क्या है? व्हाट आर दी सीड्स? अगर हम अपनी बात करें। मैंने कहा पहली चीज तो समझ आती है कि अपने बिलीव्स को ठीक करो। दूसरा स्टेप क्या है? आइडियाज थॉट्स। एक्शन। एफर्ट। किसी ने डिजायर बोला। डिजायर। लेट्स गिव अ बिग हैंड फॉर इट। मतलब डिजायर अब आई डिजायर की बारी। क्या करना है अब?
55:34 जब लैंड फर्टाइल हो गई तो क्या करना है? अगर मैं लैंड की बात करूं अभी अपनी बात ना करें। तो लैंड फर्टाइल हो गई तो क्या करना है? उसके बाद अगला बीज डालना नहीं है। वही मैं मेरे को सुनना था। ज्यादातर लोग बोलते हैं कि बीज बोना है। नहीं। वो तीसरा स्टेप है। सब बीज बोने में लगे हुए हैं। समझो क्या करना है? ये दूसरा जो स्टेप है हर कोई बीज बोने में लगा हुआ है। बीज बोने का मतलब है एक्शन लेना। राइट? पहले बीज को डिस्कवर करना है कि हमको अपने अंदर दिल के अंदर झांक करके देखना है कि भाई मुझे क्या पसंद है। मुझे क्या अच्छा लगता है और क्या अच्छा नहीं लगता। उस बीज को चूज़ करना है। अब गलती हम लोग क्या कर बैठते हैं कि कोई और है। आजकल बड़े-बड़े पागल घूम रहे हैं हेल्थ कॉन्शियस उसके नाम
56:20 पे। वो ऐसे-ऐसे लोग हैं जो नीम के पत्ते भी तोड़-त के खाते हैं। मैंने देखा है लोगों को ब्रेकफास्ट में चार-चार नीम के पत्ते पड़े होते हैं कि फायदा करते हैं। तो वो आदमी है उसको नीम अच्छा लगता है खाना। आपको नहीं लगता? अब आप एक नीम का बीज बो दो। तो क्या होगा? नीम का। जिंदगी भर रोते रहोगे? रोते रहोगे। ये क्या हो गया? नीम का पेड़ आ गया। नीम का पेड़ आ गया। नीम का पेड़ आ गया। ऑन दी अदर हैंड आपको मैंगो अच्छे लगते हैं। अब आप एक मैंगो का बीज अगर बोगे तो मैंगो का पेड़ आएगा। बट उसके पहले चूज़ तो करना पड़ेगा ना। डिस्कवर तो करना पड़ेगा। यस और नो? यस। यस। मतलब हमको डिस्कवर करना होगा कि वो क्या बीज है जिसको हमको बोना है अगले स्टेप में। अब वो डिस्कवर करना। यहां पे बहुत सारे स्पेशली जो यंग लोग हैं वो सोचते हैं कि यार डिस्कवर कैसे करें? तो
57:05 वो कहना तो बहुत आसान है लेकिन करना बहुत मुश्किल है। आसान है। यही सुनना था। घूम फिर के फिर वहीं आ जाते हैं। ट्रिगर है ना? अब उस ट्रिगर के साथ कुछ और जोड़ना है। कहना तो बहुत आसान है लेकिन करना भी मुझे आसान है। मेरा भी फर्टाइल नहीं है। मेरा भी नहीं है। सोचो इतने टाइम से सेमिनार्स कर रहा हूं। ये सब कर रहा हूं। अभी भी नहीं है मेरा। तो अब क्या हो रहा है कि हर चीज में बोलना है कि आसान है। अब क्या हुआ? अब आता है क्वेश्चन बहुत बड़ा। इसको डिस्कवर कैसे करना है? कोई बताएगा कैसे डिस्कवर करना है? के बीज को या हमारे डिजायर को हम डिस्कवर कैसे करें? वो भी मैं आपको बता चुका हूं पहले पार्ट में या
57:51 एंजॉय। किसी ने बोला एंजॉय। किसने बोला? एंजॉय। लेट्स गिव अ बिग हैंड फॉर इम। क्योंकि सिंपल है। ये जो सेमिनार है ना इसमें बाहर आसान है। लिखा हुआ है। तो ये एक्चुअल में आसान है। कोई कॉम्प्लिकेशन नहीं है। जैसे ही मैंने बोला कि कोई डिस्कवर करना है। आप कुछ बड़ी-बड़ी चीजें सोचने लग गए होगे कि गोल्स होना चाहिए, ये होना चाहिए, वो होना चाहिए। एक आपको बात बता देता हूं वैसे फॉर योर इनफार्मेशन। मैं गोल सेटिंग में बिलीव नहीं करता। आज तक मैंने अपनी लाइफ में कभी गोल सेटिंग नहीं करी। क्वेश्चन एंड आंसर में आप लोग पूछ सकते हो कि ऐसा क्यों? तो अब क्या था? बहुत सिंपल है। डिजायर हमने डिस्कवर कैसे करना है? कैसे पता लगेगा कि क्या है हमारा डिजायर? सिंपल है। जिस चीज को आप एंजॉय करते हो वो आपका डिजायर है। क्योंकि वो आपके अंदर से आ रहा है। चाहे वो छोटी से छोटी कोई भी चीज है।
58:37 और जो आपके अंदर से नहीं आ रहा कहीं बाहर से आ रहा है वो नकली डिजायर है। और जब आप एक नकली डिजायर के थ्रू आगे बढ़ोगे तो आप परेशान ही रहोगे जिंदगी में। तो अब ये तो समझ आ जाता है कि भाई डिजायर है उसको डिस्कवर करना है। बट डिजायर ही क्यों? कुछ और क्यों नहीं? क्योंकि डिजायर में इतनी पावर है। इतनी पावर है कि इस रूम में बैठे हुए कोई भी इंसान सपने में भी नहीं सोच सकता कि कितनी पावर है। लेकिन मैं आपको अभी दिखा सकता हूं यहीं के यहीं इसी रूम में कि डिजायर में कितनी पावर है। इस रूम में कुछ ऑब्जेक्ट्स दिख रहे हैं आपको अपने पास में। प्लीज संदीप माहेश्वरी मत बोलना। ये बहुत पुराना जोक हो गया है। कोई ऑब्जेक्ट एनी ऑब्जेक्ट्स बोलते जाइए जल्दी-जल्दी। एक लिस्ट बनाते हैं फटाफट।
59:23 एक-एक करके हाथ ऊपर करके एक-एक करके। कैमरा स्पीकर्स लाइट्स चेयर्स फैन कर्टेंस पेंटिंग। पेंटिंग चेयर। जूते चश्मा। ठीक है? एनीथिंग। सो अब हम बात करते हैं डिजायर की जो हमने बात करी इतने सारे ऑब्जेक्ट्स की। तो एक चीज आप सोच करके देखना कि एक बच्चा है। चाहे एक बूढ़ा है। कोई भी बूढ़ा आदमी है। ठीक है? वो क्या है? उसकी शुरुआत कहां से हुई थी? बचपन से ही हुई थी। कोई भी तो एक्चुअल में अगर आप ध्यान से
1:00:08 देखो तो वो एक बूढ़ा नहीं है। वो बच्चा है जो बड़ा हो गया है। बचपन से। यस और नो? यस। यस। ऐसे ही एक पेड़ को हम देखते हैं और देख करके सोचने लग जाते हैं अरे यार यह इतना बड़ा पेड़ है, इतना बड़ा पेड़ है। वह पेड़ क्या है? वो एक बीज है जो बड़ा हो गया है। वो एक बड़ा बीज है और कुछ नहीं है। ऐसे ही ये जितने भी ऑब्जेक्ट्स की अभी हमने बात करी चाहे वो चेयर हो, चाहे वो मोबाइल हो, चाहे वो एसी हो, चाहे वो कुछ भी हो। वो क्या है? वो किसी का डिजायर था जो बड़ा हो गया है। इस दुनिया में कुछ भी अगर अभी हम यहीं बैठे-बैठे बाहर निकल जाए तो 1 लाख चीजों की 1 करोड़ चीजों की लिस्ट बन सकती है। वो सब क्या है? किसी न किसी का डिजायर था जो बड़ा हो गया है। इन अदर वर्ड्स वो एक बड़ा डिजायर है। डिजायर सब में होता है लेकिन उसको बड़ा
1:00:54 होने नहीं देते हम। और जिसका डिजायर जितना बड़ा होता जाएगा, बड़ा होता जाएगा, बड़ा होता जाएगा, उसकी सक्सेस भी उतनी ही बड़ी बड़ी बड़ी बड़ी बड़ी बड़ी बड़ी बड़ी होती जाएगी। यही सच है। किसी को डाउट तो नहीं है कि बीच कैसे डिस्कवर करना है? कोई रॉकेट साइंस नहीं है। कोई बहुत बड़ी-बड़ी बातें नहीं है। जो चीज आपको करने में मजा आता है वो आपका सच्चा डिजायर है। जो नहीं आता वो झूठा डिजायर है। जो भी आपके अंदर से आ रहा है। आपके दिल में से आ रहा है। रॉकेट साइंस भी आसान है। रॉकेट साइंस भी आसान है। एक्जेक्टली। यह पावर है सेमिनार की। सो क्या हुआ? प्रॉब्लम कब है? जब कोई एक
1:01:42 पर्सन है। अब आप कहोगे कि यार इसका मतलब तुम कुछ भी करने लग जाएं। मैं कहूंगा हां कुछ भी करने लग जाओ। जब तक कि वो आपके अंदर से डिजायर आ रहा है। सपोज आप गिटार बजा रहे हो। अगर आप इसलिए बजा रहे हो कि वो लड़कियां देख रही हैं और उनको इम्प्रेस करने के लिए बजा रहे हो तो वो एक नकली डिजायर है। वो नकली डिजायर है। बाहर से आ रहा है। अंदर से नहीं आ रहा। लेकिन अगर आप गिटार इसलिए बजा रहे हो क्योंकि जब आप गिटार बजाते हो आप खो जाते हो। आपको दीन दुनिया की कोई परवाह नहीं होती तो वो आपका असली डिजायर है। लेकिन अब आप कहोगे यार गिटार बजाने से सक्सेस का क्या कनेक्शन है? बहुत बड़ा कनेक्शन है। इस दुनिया का कोई भी बड़े से बड़ा म्यूजिक कंपोजर वो किससे बना है? कैसे शुरुआत हुई थी उसकी? से डिजायर से और गिटार बजाने से या किसी न किसी म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट को बजाने से वहीं से तो शुरुआत हुई थी। ऐसे तो नहीं ना रातोंरात वो एकदम से उठा और कहता है कि आज
1:02:27 मैं म्यूजिक कंपोजर बन गया। अब एक गाना बनाऊंगा एक दिन का ₹1 करोड़ रुपए लूंगा कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए। तो हर चीज की शुरुआत एक डिजायर से होती है। उस डिजायर में इतनी पावर है कि कोई इमेजिन नहीं कर सकता। आज आप गिटार बजा रहे हो। आपको नहीं पता कि अगर वो आपका असली डिजायर है तो आप क्या-क्या कर सकते हो। एक नहीं दो नहीं लाखों चीजें कर सकते हो। ये हमारी गलतफहमी होती है कि हम उसको बैठ करके सोचने लग जाते हैं। प्रॉब्लम ये नहीं है कि बाहर वाले क्या सोच रहे हैं। घर वाले तो कहेंगे वो अपनी जगह पे बिल्कुल ठीक है। वो कहेंगे कि नहीं बेटा गिटार मत बजाओ। इससे इससे पेट नहीं भरने वाला। इससे इससे घर नहीं चलने वाला। प्रॉब्लम क्या है? वो बच्चा खुद भी ऐसे ही सोचने लग जाता है। दैट इज द बिगेस्ट प्रॉब्लम। वो सोचता है हां गिटार बजाने से कुछ होने वाला नहीं है। नहीं। मैं आपको अपनी लाइफ की कहानी बताऊंगा कि ऐसी-ऐसी बेवकूफी वाली चीजें
1:03:13 करी जिसका इस इमेजेस बाजार से या जो मैं अभी कर रहा हूं उससे कोई कनेक्शन नहीं है। बट आज मैं जो कुछ भी हूं उसी बेवकूफी की वजह से हूं। अगर वो डिजायर को मैं पनपने नहीं देता आगे नहीं बढ़ाता तो कुछ नहीं होता। [प्रशंसा] अब आते हैं तीसरे स्टेप पे। अब डिजायर भी हमने डिस्कवर कर लिया। अब क्या करना है? एक्शन। सॉरी। एक्शन। तो अब एक्शन लेना है। देखो एक बीज है आपने डिस्कवर कर लिया कि मेरे को आम का बीज तो खाना अच्छा लगता है बट उसको ले के जेब में रख लो इसको मैं 2 साल बाद बोऊंगा 4 साल बाद बोऊंगा 5 साल बाद बोऊंगा क्या होगा सड़ जाएगा पड़ा पड़ा वो बीज ही सड़ जाएगा यस और नो यस यस तो अब क्या करना है एक्शन का टाइम आ गया अब एक्शन के लिए मैं आपको एक बहुत
1:04:00 छोटी सी एक कहानी सुनाता हूं मेरी रियल लाइफ स्टोरी किसी ने यहां पे बंजी जंपिंग करी है यस यस करी है तो कैसा एक्सपीरियंस था आपका जब आपने बंजी जंप डर लगा वो धक्का देता है धक्का दिया था आपको किसी ने किसी को पीछे से अच्छा उसने पुश किया था ओके ओके रस्सी बंधी हुई थी ना धक्का दिया तो अब मेरे साथ क्या हुआ था मैं अपना एक्सपीरियंस बताता हूं मैंने भी एक दो बार बंजी जंपिंग करी है जब पहली बार करी थी बड़ा मजा आता है चार दोस्त गए बंजी जंपिंग करने के लिए चार में से दो तो पहले ही खत्म हो गए क्योंकि पहला स्टेप ही वहीं पे नहीं था लैंड फर्टाइल नहीं थी उन्होंने कहा नहीं बहुत मुश्किल है हम नहीं कर सकते दो गए वहीं पे। बाकी दो बचे मैं और मेरा एक और दोस्त। हमने कहा नहीं करना है यार। दूसरे ने कहा हां मेरे मन में आया कि नहीं आसान है जब सब कर रहे हैं तो मैं भी कर
1:04:45 सकता हूं ना। इसमें क्या है? कोई बड़ी बात थोड़ी है। तो दूसरे दोस्त ने कहा एक काम कर यार पहले तू चला जा तेरे को देखता हूं। फिर मैं डिसाइड करूंगा कि करूंगा या नहीं करूंगा। मैंने कहा। बहुत बढ़िया है। मतलब तू रस्सी चेक करेगा की रस्सी टूटती है या नहीं टूटती। फिर तू डिसाइड करेगा। नीचे वहां पे ना एक गद्दा लगा होता है। नाम के लिए और उस गद्दे का वो सिर्फ शोपीस होता है की अगर आप गिरे तो आप गए। हां। वो कुछ नहीं करता। ठीक है? उसका कोई रोल नहीं है आपकी जान बचाने में। तो अब मैं ऊपर चला गया। अब लैंड भी फर्टाइल थी। मैंने कहा आसान है। डिजायर भी था करना है। एक्शन की बारी आ गई। ऊपर तक भी चढ़ गया। वहां जब गया अब मुझे याद है अभी भी सोचता हूं तो एकदम रोंगटे से खड़े हो जाते हैं वहां पे जा कर के। जब मैं ऐसे खड़ा हुआ चारों तरफ से मतलब एक छोटा सा रैंप होता है। और नीचे देखा, तो मैं पीछे आ गया डर
1:05:31 करके। कोई आसान है, काम नहीं आया। कोई एहसान है काम नहीं आया। ठीक है? उस टाइम क्या हुआ? तोते उड़ गए। बुरी हालत हो गई कि क्या करूं? क्या करूं? करूं नहीं करूं करूं नहीं करूं करूं नहीं करूं। फिर धीरे धीरे धीरे-धीरे आगे बढ़ा और नीचे देखा फिर डर के आ गया। एक बार को मन में सोचा मैंने कहा छोड़ना यार नहीं करता। चढ़ तो गया ऊपर। लेकिन हालत खराब। इतने में पीछे से वो एक आदमी आया। उसने एक बात बोली मेरे को। उस ट्रेनर ने जो एक ट्रेनर होता है। उसने मुझे धक्का नहीं दिया फॉर अ चेंज। तो उसने क्या किया? उसने आकर के मेरे को बस एक बात बोली और उसने मेरी लाइफ में मेरे को बहुत बड़ी चीज सिखा दी। बड़ी-बड़ी बुक्स ने, बड़े-बड़े सेमिनार ने मुझे वो चीज नहीं सिखाई। उसने बस इतना सा बोला। कहता संदीप नीचे मत देखना। कूद पड़ो। चलो करके देखते हैं। मैं गया और मन में एक
1:06:16 बार को सोचा बस आसान है। आगे देखा और ये दौड़ और नीचे सीधा। वहां पे। तो उसके बाद में तीन-चार सेकंड के लिए दिल की धड़कनें रुक जाती हैं। पता नहीं होता क्या हो रहा है। होश नहीं होता। कुछ नहीं थॉट्स होता। माइंड पूरा का पूरा ब्लैंक हो जाता है। और नीचे जा रहे हैं, ऊपर आ रहे हैं, नीचे जा रहे हैं, ऊपर आ रहे हैं। और जब वो करके मैं नीचे आया अपने दोस्तों के सामने तो ऐसे करके खड़ा हो गया। हां बोल। [प्रशंसा] उन बेचारों को नहीं पता कि ऊपर मेरी क्या हालत थी। तो मेरे भाई सबका यही हाल होता है। जब
1:07:03 डिसीजन लेने का टाइम आता है ना, जब एक्शन लेने का टाइम आता है सब की हालत खराब होती है। ये मत समझो कि वो लोग जो सक्सेसफुल हो जाते हैं वो किसी दूसरे प्लनेट से आते हैं। उनकी भी वही हालत होती है जो आपकी होगी। वहां पे ऊपर जाने के बाद में। चाहे कुछ भी हो जाए। लेकिन करना क्या है जब आप उस रैंप पे खड़े हुए हो वहां पर आप खड़े हुए हो अब अगर मैं वहां खड़े होकर के नीचे देखने लग जाऊं नीचे देखने का मतलब क्या है कि मैं ये सोचने लग जाऊं कि मैं अगर गिर गया तो क्या होगा गिर गया तो क्या होगा गिर गया तो क्या होगा तो मैं नहीं कूद सकता कोई भी नहीं कूद सकता क्या होगा मैं वही सोचता रहूंगा और यही तो हम लोग करते हैं हम ये नहीं सोचते कि अगर हो गया तो क्या होगा? हम यही सोचते रहते हैं कि अगर यह नहीं हुआ तो क्या होगा? नहीं हुआ तो क्या होगा? मर जाऊंगा छोड़ना या नहीं करता। चल नीचे चलता हूं। करना क्या है? वहां खड़े हो करके वहां पे
1:07:49 खड़े हो करके जो सोचने लग जाते हैं ना उस स्टेट को बोलते हैं पैरालिसिस ऑफ एनालिसिस। लकवा मार जाता है वहां पे जाकर के। क्योंकि मैं गया हूं ना वहां ऊपर बंजी जंपिंग बैठे। आप भी करके देखना एकदम लकवा मारेगा। मतलब बॉडी हिलने का भी मन नहीं करेगा। हवा आएगी। आपको लगेगा अगर हवा आई तो इधर गिर जाऊंगा। लकवा सीधा वहीं के वहीं खड़े हो जाओगे ऐसे स्टिल हो करके और हल्का-हल्का बस पीछे जा सकते हो आगे जाने की हिम्मत नहीं है। लकवा मार जाएगा। पैरालिसिस ऑफ एनालिसिस इसी स्टेट में बहुत सारे लोग हैं। 90% लोग जो सक्सेसफुल नहीं हो पाते उसके पीछे सबसे बड़ा रीज़न यही है। कि लकवा मार जाता है। वहां पर जा कर के। जब करने का मौका आता है तो नहीं करते। उसके 20 साल बाद बोलते हैं कि अगर मैंने
1:08:35 यह घर ना लेके वो कोने वाला घर ले लिया होता तो पता नहीं क्या हो जाता। उस टाइम पे मौका मिला था। जब टाइम था तब नहीं किया। ₹00 के पीछे छोड़ दिया। और एक और टाइम आया कि जब मेरे को आज मैं ये ना करके अगर मैं वहां फॉरेन चला गया होता तो आज पता नहीं क्या होता। क्या होता भाई? क्या होता? एक्शन नहीं लिया। इसलिए आप नहीं गए। कोई दुनिया के पहले इंसान थोड़ी थे जो ये अपना यहां से छोड़ करके वहां पे फॉरेन जा रहे थे। बहुत लोग चले गए और आ गए। सो द पॉइंट इज एक्शन लेना है। डिजायर हो तो और वो सच्चा डिजायर होना चाहिए अंदर का। है तो एक्शन लो। डरने की जरूरत नहीं है। कूद पड़ो। इस सेमिनार से निकल कर के जो आपका मन है उसको करो। और बिना डरे करो। लेकिन अगर आप दिल से
1:09:20 करोगे तो आप कामयाब होगे। होगे। बस छोटे-छोटे स्टेप उठाने हैं। ज्यादा बड़े भी नहीं। अगर मैं वहां से ना कूद करके टीवी टावर से कूदता तो पता नहीं मैं कहां होता। शायद हार्ट अटैक से मर जाता। क्योंकि 3 सेकंड के लिए नहीं 30 सेकंड के लिए दिल की धड़कनें बंद हो जाती। तो करना क्या है? छोटे-छोटे स्टेप उठाने हैं। जो भी आपके डिजायर्स हैं उनको पूरा करो। जो मारते आए हो अपने डिजायर्स को उसको थोड़ा-थोड़ा थोड़ा-थोड़ा करके करना शुरू कर दो। ये था वो तीसरा स्टेप। एक्शन लेना है। तो क्या सब लोग जो भी यहां पर हैं वो एक्शन लेने के लिए तैयार हैं? यस और नो? यस और नो? यस। यस और नो? यस। देखो नहीं तो सब कुछ बेकार है। अगर सब कुछ हो गया ये सेमिनार भी खत्म हो गया और आप चले गए घर पे जा कर के 2 दिन तक तो बहुत अच्छा रहेगा। वो पॉजिटिव वाइब्रेशन वगैरह वो सब याद रहेंगी। तीसरे दिन। सब भूल
1:10:07 जाओगे। ए छोड़ो ना बेकार की बातें हैं। क्या आसान है ये। किताबी बातें। राइट? किताबी बातें हैं। ऐसी-ऐसी चीजें दिमाग में आएंगी। तो करना क्या है? एक्शन लेना है। एक्शन क्या लेना है? अब आवाज आती है। डिजायर। डिजायर है आपका दिल से अंदर से आवाज़ आ रही है कि आइसक्रीम खानी है। तो जाओ खाओ। मैं बीमार हो जाऊंगा, ये हो जाऊंगा, वो हो जाऊंगा। इसलिए हम आइसक्रीम खाना छोड़ दिया बहुत सारे लोगों ने। गला ख़राब हो जाएगा। खाओ ना। कोई नहीं मरेगा। कहते हैं व्हाटएवर डजन किल्स यू मेक यू स्ट्रोंगर। मतलब क्या होगा? अब आप कहोगे यार आइसक्रीम खाने का और सक्सेसफुल होने का क्या कनेक्शन है? बहुत बड़ा कनेक्शन है। आज आप अपना एक छोटा सा डिजायर मारते हो। कल आप अपना एक बड़ा डिजायर मारोगे फिर और बड़ा फिर और बड़ा।
1:10:56 करना क्या है? हम लोग मेरे को देख कर के ना कई बार बड़ा अजीब सा भी लगता है। मैं बहुत कोशिश करता हूं। और मेरे कुछ फ्रेंड्स हैं जो डेस्परेटली कुछ करना चाहते हैं। डेस्परेटली मतलब एक तो होता है वो कहते हैं कि हां ठीक है करूं नहीं करूं कोई फर्क नहीं पड़ता। लेकिन कुछ लोग होते हैं जो कहते हैं कि नहीं मुझे करना है फिर भी कुछ नहीं कर रहे होते। तो उनकी सिचुएशन कैसी है? एक बर्ड की तरह है जो एक पिंजरे में बैठा हुआ है। उसके लिए सक्सेस क्या है? पिंजरे में सेफ रहना नहीं गिरना या उड़ना? फ्रीडम उड़ना। फ्रीडम उड़ना। सॉरी। फ्रीडम उड़ना। फ्रीडम। उड़ना। सिंपल वे में देखो कि एक एक पंछी है उसके लिए मां-बाप अपनी तरफ से क्या करते हैं? अच्छे के लिए एक बच्चे के लिए एक पिंजरा बनाते हैं ताकि वह सेफ रहे। लेकिन अब यह उस बच्चे की रिस्पांसिबिलिटी है कि किसी भी तरीके से या उस इंसान की हर
1:11:42 इंसान की उस पंछी में और हमें क्या फर्क है कि एक पंछी को हमने कैद कर रखा है। यहां पे हमने अपने आप को कैद कर रखा है। अपने लिए एक पिंजरा बना लिया। उड़ना चाहते हैं लेकिन उड़ नहीं रहे। क्या करना है? इस पिंजरे को तोड़ो। गिरोगे, पढ़ोगे लेकिन एक दिन उड़ जाओगे। एक ना एक दिन उड़ जाओगे। अगर एक्शन लोगे तो। नहीं लोगे तो वहीं पे एक सेफ लाइफ में बस और कुछ नहीं। अब आ जाते हैं एक फाइनल पार्ट पे जो इसका चौथा स्टेप था वो चौथा स्टेप क्या है? जो मैंने एंड में पानी डाला जिसके बिना सक्सेस अधूरी है। अब वो बहुत अजीब बात आपको लगने वाली है यहां पे बहुत सारे लोगों को। क्योंकि आप लोग भी मेरी तरह ही एक मिडिल क्लास बैकग्राउंड से हैं। तो क्या होगा? शेयरिंग। शेयर करना है औरों के साथ। यहां शेयर किया। अब आप कहोगे यार मैं तो रेड लाइट पे
1:12:27 ₹2 भी नहीं देता किसी को। मैं किसी के साथ क्या शेयर करूंगा? है ना? शेयर कैसे कर सकते हैं? ये तो हमारे उसूलों के खिलाफ है। अब शेयरिंग क्या है? देखो बहुत सिंपल वे में आपको बताता हूं। लोगों की लाइफ में बहुत सारे लोग मानते हैं कि पैसा ही सब कुछ है। पैसा ही सब कुछ है। पैसा ही सब कुछ है। इसलिए वो आगे नहीं बढ़ पाते। जब आप ये तीन स्टेप्स कर लोगे ना एक्शन ले लोगे। आप कुछ हद तक तो सक्सेसफुल हो जाओगे। सक्सेसफुल नहीं कहेंगे। ये कहेंगे कि अपनी दाल रोटी निकाल लोगे। लेकिन अगर आप बहुत बड़े लेवल पे जाने जाते हो तो आपको ये सबसे जो बड़ा सीक्रेट है वो समझना होगा इस पूरे यूनिवर्स का वो है शेयरिंग। कैसे है वो? कैसे है मैं एक सिंपल एग्जांपल में बताता हूं जो मैंने पैसे की बात करी थी। क्या होता है गाड़ी सब लोग चलाते हैं गाड़ी, बाइक, स्कूटर। गाड़ी में
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