0:00 वोलेटिलिटी का उतार-चढ़ाव का फायदा उठाएं। वी टेक एडवांटेज ऑफ द वोलेटिलिटी ऑफ द मार्केट। जैसे वारेन बफेट बोलते हैं बी ग्रीडी व्हेन अदर्स आर फियरफुल एंड बी फियरफुल व्हेन अदर्स आर ग्रीडी। तो हमने बोला देखो मार्केट को जाना तो ऊपर ही है बट बीच-बीच में वो बहुत ग्रीडी हो जाती है और कभी-कभी बहुत फियर में आ जाती है। और वारेन बफेट बोलते हैं बी ग्रीडी व्हेन अदर्स आर फियरफुल। जब लोग घबरा जाए तो बाय कर लो। और बी फियरफुल व्हेन अदर्स आर ग्रीडी। जब सब लोग बोले इससे बढ़िया कुछ है ही नहीं तो यहां पे मतलब मार्केट महंगी हो गई है। यहां से ज्यादा रिटर्न मिलने की उम्मीद नहीं है। तो हमने बोला लेकिन ये पता कैसे लगे कि ये आज मार्केट ग्रीडी है या फियरफुल है ये समझाने के लिए कि आज मार्केट ग्रीडी है या फेयरफुल उसके लिए मैंने आपको दो-तीन तरीके समझाए थे। पहला
0:47 तरीका मैंने आपको समझाया था एक रेश्यो था जिसको मैंने आपको समझाया काफी टाइम लगा के। मार्केट कैप बाय जीडीपी रेशियो। मार्केट कैप बाय जीडीपी रेशियो हमने क्या बोला था कि जितनी हमारी जीडीपी है अगर जीडीपी 4 ट्रिलियन डॉलर है तो नॉर्मल सरकमस्ट्ससेस में मार्केट वैल्यू को भी स्टॉक मार्केट की वैल्यू को भी 4 ट्रिलियन डॉलर के आसपास होना चाहिए बट कभी-कभी क्या होता है जीडीपी 4 ट्रिलियन डॉलर और लोग फ्यूचर को लेके इतने एक्साइटेड हो जाते हैं कि वो पहले से ही ज्यादा पे करना स्टार्ट कर देते हैं स्टॉक मार्केट की वैल्यू समझिए हो गई 6 ट्रिलियनर जीडीपी अभी भी कितनी चल रही है 4 ट्रिलियन तो ये रेश्यो कितना हो जाएगा 1.5 जब ये रेश्यो 1.5 हो जाता है। जब ये रेशियो 1.5 हो जाता है तो हम बोलना स्टार्ट कर देते हैं कि मार्केट जो है वो क्या हो गई है? बहुत ही
1:32 एक्सपेंसिव हो गई है। और कभी-कभी उल्टा भी हो जाता है। जीडीपी 4 ट्रिलियन डॉलर और जीडीपी 4 ट्रिलियन डॉलर और स्टॉक मार्केट फ्यूचर को लेके बहुत घबरा जाती है। तो स्टॉक मार्केट की वैल्यू आ जाती है 2 ट्रिलियन डॉलर। ये रेश्यो कितना हो जाता है? 0.5 जब ऐसा हो जाए तो इसका मतलब मार्केट क्या हो गई है? बहुत सस्ती हो गई है। तो आई कुड सी टू क्वेश्चंस। मैं अस्यूम कर रहा था ये तो बहुत लोगों को पता होगा इसलिए मैंने इसके बारे में बात नहीं करी। एक रियलस्टेट और एक बिटकॉइन। बट क्या करेंगे? हम आज की क्लास में कोशिश करेंगे जो हमको टॉपिक खत्म करना है वो हम बेसिकली खत्म कर लें। फिर हम लास्ट में एक बहुत लंबा क्यूएनए सेशन रखेंगे। जो बहुत लंबा हमारा क्यूएनए सेशन होगा। कमलेश सर मैंने यह सेशन अभी ये क्वेश्चन
2:17 जो आपने मुझे प्राइवेट में लिख के भेजा है कि आज क्या करना चाहिए? ये मैंने आज सेशन के स्टार्टिंग में पांच मिनट इसके बारे में दो मिनट मैंने बात की है कि आज क्या करना चाहिए? बट अगर आपके मन में भी क्वेश्चन है तो याद रखिए इन द एंड वी आर गोइंग टू हैव अ क्यूएनए सेशन। तो अगर आप मेरे से पूछे कि तो बिटकॉइन का क्या होना चाहिए? भाई स्टॉक मार्केट और बिटकॉइन को कंपेयर करो। कोई बोलेगा रियलस्टेट का क्या होना चाहिए? क्योंकि आपने बैंक को तो कंपेयर कर लिया, गोल्ड को कर लिया लेकिन इनको तो कंपेयर नहीं किया। तो हम मैं अस्यूम कर रहा हूं कि सब एग्री करते हैं कि पहले हम क्या करेंगे? जब हम मिले हैं तो आज कुछ नया सीखना चाहते हैं। तो वो जो नया सीखना चाहते हैं वो पहले कंप्लीट कर लेते हैं। जैसे ही हमारा ये कंप्लीट हो जाएगा जैसे ही ये हमारा कंप्लीट हो जाएगा तो वे हम बोलेंगे कि अपना लास्ट में क्यूएनए सेशन करेंगे और आपके मन में जो
3:03 क्वेश्चंस आ रहे हैं अपने क्वेश्चंस को नोट करिए और पेपर पेन पे नोट करते जाइए। लास्ट में मैं चैट बॉक्स स्पेसिफिकली इसी के लिए खोलूंगा कि पूछिए अपने क्वेश्चंस। अभी मैंने चैट बॉक्स इसलिए ओपन किया है कि आप इंट इंटरेक्शन करते रह। मतलब मैं आपको यसेस और नोस लिखने के लिए बोलूंगा जिससे मुझे समझ पड़ेगा। आपको क्या पता लग रहा है, क्या पता नहीं लग रहा इसलिए मैंने चैट बॉक्स ओपन किया है। तो इस बात के लिए अगर सब एग्री करते हैं तो एक बार चैट बॉक्स में यस कर दीजिए कि क्यूएनए सेशन हम लास्ट में करेंगे। अगर हम बीच में क्वेश्चंस को आंसर करने लग गए कि इसका क्या, उसका क्या? तो हो सकता है हम अपना जो टॉपिक कवर करना चाहते हैं वो हम कवर ना कर पाए। तो इसके लिए एक बार सब लोग चैट बॉक्स में यस कर दीजिए। आज की मार्केट कैप बाय जीडीपी रेशियो जो है आज की जो मार्केट कैप बाय जीडीपी रेशियो है वो 1.2 1.3 के आसपास चल
3:50 रही है। तो अभी भी मार्केट बिल्कुल भी सस्ती नहीं है। लेकिन निफ्टी इतना हॉरबली महंगा नहीं है। निफ्टी भी महंगा है। इतना हॉरिबली महंगा नहीं है जितना मिड कैप और स्माल कैप महंगे हैं। इसीलिए हमको लगता है कि मिड कैप स्माल कैप में इन्वेस्ट करने वालों को अगले कुछ साल ज्यादा अच्छा रिटर्न नहीं मिल पाएगा। निफ्टी फेयर फेयर रिटर्न ठीक-ठाक रिटर्न दे देगा। अ लेकिन निफ्टी भी हॉररबली हाई रिटर्न दे दे उसकी उम्मीद कम है क्योंकि मार्केट कैप थोड़ी सी हायर साइड पे चल रही है। बट ये जो हायर चल रही है वो निफ्टी की कंपनीज़ के वजह से कम असर पड़ रहा है। ज्यादा असर मिड कैप और स्माल कैप कंपनीज़ से फर्क पड़ रहा है। परफेक्ट। ऑलराइट। तो अब मैं बता रहा था कि वारेन बफेट बोलते हैं बी ग्रीडी व्हेन अदर्स आर फेयरफुल। बी फेयरफुल व्हेन अदर्स आर ग्रीडी। तो एक तरीका देखने के लिए कि
4:36 मार्केट आज ग्रीडी है या फेयरफुल है वो है मार्केट कैप बाय जीडीपी। अगर 1.5 चल रहा है तो मार्केट क्या है? बेसिकली महंगी चल रही है। 1.3 चल रही है इसका 0.5 चल रही है इसका मतलब मार्केट क्या है? बहुत रिलेटिवली सस्ती चल रही है। यहां पे आपको जान लगा देनी चाहिए। यहां पे आपको सेल कर देना चाहिए। और इसके हिसाब से मैंने लास्ट क्लास में अवेयरनेस प्रोग्राम में डेट भी दिखाया। मैंने आपको बताया कि लास्ट जब 0.5 आई थी वो आई थी 24th मार्च 2020 में। और जब 24th मार्च 2020 में आई तो हमने ऐसा नहीं है कि आज बता रहे हैं। उस टाइम पर हमने प्रॉपर वीडियो रिलीज करी। आप YouTube पे अगर जाकर सर्च करेंगे वरुण मल्होत्रा कोरोना वायरस अपडेट तो आपको वीडियो मिल जाएगी जहां पर हम ये बता रहे हैं कि मार्केट में जान लगाने का टाइम आ गया है।
5:23 ये कब बता रहे थे? 24 मार्च 2020 वीडियो रिलीज भी कर दी थी हमने। उसके बाद हमने फिर रिलीज करी अक्टूबर 2024 में। अक्टूबर 2024 में हमने फिर से वीडियो रिलीज करी। आप YouTube पर जाकर सर्च कर सकते हैं वरुण मल्होत्रा अक्टूबर 2024 अपडेट। अगर आप 2024 अपडेट डाल के सर्च करेंगे आपको वीडियो मिलेगी जहां पर हम बताएंगे कि अक्टूबर 2024 में मार्केट कैप बाय जीडीपी भी 1.5 है। सबसे बड़ा आईपीओ भी आ गया है जिसके बारे में बात करूंगा और मार्केट जो है रिलेटिवली महंगी हो गई है। तो हमने एक्चुअली यहां पर भी बोला है कि मार्केट सस्ती है और यहां पर भी बोला है और बीच में हम कुछ नहीं बोलते। हमारा बेसिकली काम यही होता है एक्सट्रीम सस्ता होने पे या एक्सट्रीम महंगा होने पे
6:08 ही हम कमेंट करते हैं। वरना हमारा कोई लेना देना मार्केट से नहीं होता। हम अधिकतर मार्केट में बने रहते हैं। लंबी पोजीशन होल्ड करते हैं। बहुत पैसा बनता है लंबे समय में होल्ड करके। लेकिन हॉररेबली महंगा या हॉरेबली सस्ता होता है तो उसका हम फायदा उठाने की कोशिश करते हैं। एक तरीका मैंने आपको बताया मार्केट को सस्ता और महंगा पता करने का मार्केट कैप बाय जीडीपी रेशियो का हमने आपको तरीका बताया। दूसरा तरीका हमने बताया था आईपीओ वे। आईपीओ वे हमने बोला था कि इंडिया के जभी भी सबसे बड़े आईपीओ आ जाए। इंडियास बिगेस्ट आईपीओ एवर जभी भी आपको पेपर में पढ़ने को मिल जाए कि हिंदुस्तान का सबसे बड़ा आईपीओ आ गया है। सबसे बड़ा आईपीओ का मतलब क्या होता है? जो बहुत ज्यादा पैसा रेज करने वाला है मार्केट से इकट्ठा करने वाला है। बहुत ज्यादा पैसा कब मिलता है?
6:54 जब बहुत ज्यादा इन्वेस्टर्स होते हैं। बहुत ज्यादा इन्वेस्टर्स कब होते हैं? जब मार्केट बहुत अच्छा कर रही होती है, मार्केट ग्रीडी होती है। तो जिस दिन भी आपको पेपर में पढ़ने को मिल जाए कि इंडिया का सबसे बड़ा आईपीओ आ गया है, तो आपको समझ जाना चाहिए और वो आईपीओ भी क्या हो जाए? ओवर सब्सक्राइब। मतलब शेयर है 100। लोगों ने 600 शेयर के लिए अप्लाई कर दिया है। तो आपको समझ जाना चाहिए कि इतना बड़ा आईपीओ अगर ओवर सब्सक्राइब हो रहा है तो यूफोरिया का काफी काफी बड़ा साइन है। ग्रीडीनेस का बहुत मार्केट ग्रीडी हो गई है। उसका एक बहुत बड़ा साइन है। और ऐसा ही अक्टूबर 2024 में हमने इसीलिए बोला था क्योंकि Hyundai कार का एक आईपीओ आया था जो बेसिकली 27,000 करोड़ का आईपीओ था व्हिच वाज़ इंडियास बिगेस्ट एवर। परफेक्ट। तो ये
7:40 सब बातें मैंने आपको अवेयरनेस प्रोग्राम में बताई कि कुछ नहीं आता तो ससेक्स निफ्टी को लंबा समय होल्ड करिए। फिर अगर फायदा उठा सकते हैं तो बाय लो सेल हाई करिए। बाय लो सेल हाई करने के लिए मार्केट कैप बाय जीडीपी, इंडियास बिगेस्ट आईपीओ ये सब देखिए। और एक और इंडेक्स के बारे में बात की थी जिसका नाम होता है नेक्स्ट 50। नेक्स्ट 50 इंडेक्स क्या था? जैसे एक होता है निफ्ट्टी 50 वैसे एक इंडेक्स होता है जिसका नाम है नेक्स्ट 50 इंडेक्स। नेक्स्ट 50 का मतलब क्या है? ये वो कंपनीज़ हैं जो 51 से 100 है। साइज वाइज साइज वाइज मार्केट वैल्यू वाइज उनकी वैल्यू मार्केट में 51 से 100 है। मतलब बेसिकली हम ये बोल रहे हैं कि पहली 50 कंपनीज़ बहुत बड़ी हो गई। फिर नेक्स्ट 50 फिर और छोटी कंपनीज़ भी है। मिड कैप है, स्माल कैप है जिनकी कैपिटल। वैल्यू कैपिटल मतलब वैल्यू
8:26 रिलेटिवली क्या है? छोटी। अब ये 51 से 100 कंपनीज़ की जो साइज होती है जब इकॉनमी अच्छा करती है तो ये बहुत अच्छा करता है। जब इकॉनमी कोलैप्स करती है तो ये बहुत नीचे भी गिरता है। तो हम क्या करते हैं? हम बेसिकली इसका फायदा उठाते हैं। जैसे हम निफ्टी को बाय लो सेल हाई करते हैं। बाय लो सेल हाई बेस्ड ऑन मार्केट कैप बाय जीडीपी। आईपीओ के डाटा से हम सोचने की कोशिश करते हैं। वैसे ही नेक्स्ट 50 के डेटा में भी हम ऐसा ही करते हैं। तो नेक्स्ट 50 को हम नीचे अगर बाय कर लें और ऊपर सेल कर लें तो इसका बूम एंड बस्ट क्या होता है? बहुत ज्यादा। इसकी वोलेटिलिटी क्या होती है? बहुत ज्यादा होती है। अगर इसकी वोलेटिलिटी बहुत ज्यादा होती है तो इसमें बाय लो सेल हाई करने की पॉसिबिलिटी और पैसा बनाने की पॉसिबिलिटी भी क्या होती है? बहुत ज्यादा। तो मैंने
9:12 बताया था एक है निफ्ट्टी 50, एक है 50। दोनों में हम एक ही कांसेप्ट यूज करते हैं बाय लो सेल हाई वो कांसेप्ट यूज करते हैं बी ग्रीडी व्हेन अदर्स आर फेयरफुल बी फेयरफुल व्हेन अदर्स आर ग्रीडी जो वारेन बफेट का कांसेप्ट है उसके हिसाब से और उसके लिए हम मार्केट कैप बाय जीडीपी ये सब चीजें बात करते हैं। फिर हमने ये भी बताया था लास्ट में कि जो हम बोलते हैं ससेक्स निफ्टी में इन्वेस्ट कर दो तो ससेक्स निफ्टी खरीदा जा सकता है। अगर किसी को नहीं पता तो ससेक्स और निफ्टी को खरीदने के तरीके होते हैं जिनको बोला जाता है निफ्टी 50 इंडेक्स फंड्स। ऐसे फंड्स आते हैं जो आपसे पैसा लेके निफ्ट्टी 50 के स्टॉक्स में पैसा डिस्ट्रीब्यूट कर देते हैं। सेम कंपनीज में सेम रेशियो में अगर कंपनीज बदलती है तो वही चेंज करते हैं। आपको कुछ नहीं करना। कंपनीज का वेटेज बदलता है। कोई नंबर वन कभी नंबर टू चेंज
9:59 होता रहता है रैंक तो वही बदलते रहते हैं। आपको कुछ नहीं करना। निफ्टी 50 इंडेक्स फंड डायरेक्ट डायरेक्ट मतलब बीच में कोई एजेंट नहीं ग्रोथ प्लान। ग्रोथ मतलब जो डिविडेंड आएगा वो भी आप क्या कर देंगे? रीइ्वेस्ट कर देंगे। तो निफ्ट्टी 50 इंडेक्स फंड खरीदने का तरीका होता है। अगर आप में से किसी को नहीं पता तो क्यू एएनए सेशन में हम लास्ट में फिर से बात करेंगे क्योंकि आज के सेशन में जब मैं आपको इन्वेस्टमेंट करना बताऊंगा तो हमने अवेयरनेस प्रोग्राम से एक कदम आगे बढ़ना है और अवेयरनेस प्रोग्राम में हमने क्या सीखा था? निफ्ट्टी 50 को खरीदना है। लेकिन हमने कब खरीदना है और कब बेचना है उसका हमने कोई परफेक्ट टाइम करने का तरीका नहीं बताया। हमने बेसिकली बोला भाई सरिता विमरा देख लो आईपीओ देख लो। सबसे बड़ा आईपीओ मार्केट कैप बाय जीडीपी बट मैथमेटिकली
10:45 हमने ये कैलकुलेट नहीं किया कि ये वाले एरिया पे मैं समझ सकता हूं मार्केट क्यों सस्ती हो गई है ये वाले एरिया पे क्यों महंगी हो गई है जो आज मैं आपको सिखाने वाला हूं तो आज मैं मैथमेटिकली आपको बताऊंगा कि कैसे पता करते हैं कि मार्केट हॉरिबली चीप है या हॉरीबली एक्सपेंसिव है लेकिन जब आप इंटेंसिव प्रोग्राम में आएंगे फाइनशियल लिटरेसी इंटेंसिव प्रोग्राम में उसकी कुछ पहली क्लासेस जो है उसमें हमारा फोकस जो होता है वो किस पे होता है निफ्टी और सेंसेस ससेक्स को खरीदने पे ही होता है। तो पूरा फोकस निफ्टी ससेक्स ही होगा। सेकंड पार्ट में जब आप कोर्स के इंटेंसिव प्रोग्राम के सेकंड पार्ट में जाते हैं तो वहां पे हमारा फोकस कहां हो जाता है? सेक्टर्स में इन्वेस्ट करना। मतलब इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में जैसे आज हम बोलते हैं कि हमको लार्ज प्राइवेट बैंक्स। लार्ज प्राइवेट बैंक्स अच्छे लगते हैं।
11:31 हमने HDFC बैंक का बहुत बार नाम लिया। इवन दो इट हैज़ गॉन अप बाय 30% इन लास्ट वन ईयर जब निफ्टी नियरली सेम वैल्यू पे घूम रहा है। HDFC हैज़ गॉन अप बाय 30% बट हमने ये बताया कि हमको लार्ज प्राइवेट बैंक्स अच्छे लगते हैं। क्यों अच्छे लगते हैं लार्ज प्राइवेट बैंक्स? वो सब हमने उसको बहुत डिटेल में समझाया हुआ है। लास्ट दो-ती सालों से एटलीस्ट फी 2024 से हम अपने कोर्स पार्टिसिपेंट्स को HDFC बैंक के बारे में बता रहे हैं कि हमको क्यों लगता है फरवरी 2024 से कि HDFC बैंक सस्ता भी है और अच्छा भी है। अगेन हम गलत हो सकते हैं बट हमारा बस काम है बताना कि हमको ऐसा क्यों लगता है। तो हम सेक्टर्स के बारे में भी बात करते हैं। और थर्ड मॉड्यूल जब हम कोर्स इंटेंसिव प्रोग्राम का थर्ड पार्ट लास्ट पार्ट में जाएंगे वहां पे हम इंडिविजुअल स्टॉक्स को कैसे वैल्यू करें और अ इंडिविजुअल स्टॉक्स को
12:18 कैसे वैल्यू करें उनको कैसे समझें उनके बारे में भी बात करते हैं। कैसे आइडेंटिफाई करें कि ग्रेट कंपनीज़ कौन सी है उनके बारे में भी बात करते हैं। तो हमारे इंटेंसिव प्रोग्राम में हम एक-एक करके आगे आगे बढ़ते हैं। पहले निफ्टी फिर सेक्टर फिर स्टक्स। लेकिन आज क्योंकि इंटेंसिव प्रोग्राम जो हमारा फाइनशियल लिटरेसी इंटेंसिव प्रोग्राम फ्लिप है जो एक एडवांस प्रोग्राम है 40 आवर लाइव ऑनलाइन प्रोग्राम इसकी पहली क्लास चल रही है तो आज हम सारा फोकस कहां करने वाले हैं ससेक्स निफ्टी तो मैं जितना भी आज आपको पढ़ाने वाला हूं ये सारे कांसेप्ट आप किसके लिए यूज़ करेंगे ससेक्स निफ्टी के लिए करेंगे सेक्टर के लिए कांसेप्ट इस्तेमाल नहीं करेंगे इंडिविजुअल स्टॉक्स के लिए ये कांसेप्ट जो आज मैं आपको सिखाने वाला हूं वो आप इस्तेमाल नहीं करेंगे एक बार दो चीजों के लिए यस करिए एक तो ये
13:04 कांसेप्ट जो सीख रहे हैं वो इंडिविजुअल स्टॉक्स और सेक्टर्स में नहीं इंप्लीमेंट करेंगे। और दूसरा आज हम निफ्टी और ससेक्स की ही बात कर रहे हैं। अभी हमने इंडिविजुअल स्टॉक्स और सेक्टर्स के बारे में बात करना स्टार्ट आज की क्लास में हम नहीं कर रहे हैं। वरना ऐसा कंफ्यूजन ना हो जाए कि मेरा ये स्टॉक है तो अब मैं क्या कर दूं? आज हम उसकी बात नहीं कर रहे। आज हम ससेक्स निफ्टी की बात कर रहे हैं। तो सब लोग चैट बॉक्स पे एक बार उसके लिए यस कर दीजिए। परफेक्ट। नाउ व्हाट आर वी गोइंग टू लर्न टुडे? तो आज हम क्या करने वाले हैं? मैं आज आपको सिखाऊंगा इंटरेस्ट रेट्स और स्टॉक मार्केट्स का आपस में क्या रिलेशनशिप होता है। वारेन बफेट जनरली क्या बोलते हैं? वारेन बफेट बोलते हैं इंटरेस्ट रेट्स आर टू स्टॉक मार्केट्स व्हाट ग्रेविटी इज टू ऑब्जेक्ट्स। ध्यान से सुनिए मैंने क्या बोला? इंटरेस्ट रेट्स आर टू स्टॉक मार्केट्स। व्हाट ग्रेविटी इज टू
13:51 ऑब्जेक्ट्स। यानी कि अगर ग्रेविटी और ऑब्जेक्ट्स का क्या रिलेशनशिप है? अगर ग्रेविटी कम होती है तो चीजें कहां चली जाएंगी? ऊपर। और ग्रेविटी अगर ज्यादा होती है तो चीजें कहां चली जाएंगी? नीचे। उसी तरीके से इंटरेस्ट रेट और स्टॉक मार्केट का भी एक ऐसा रिलेशनशिप होता है। अगर इंटरेस्ट रेट्स लंबे समय के लिए नीचे रहते हैं एक बार नीचे आने से नहीं। लंबे समय के लिए नीचे रहते हैं तो उसका स्टॉक मार्केट में इफेक्ट क्या होता है? पॉजिटिव। और लंबे समय के लिए अगर इंटरसेट ऊपर रहते हैं तो उसका स्टॉक मार्केट में इफ़ेक्ट क्या होता है? नेगेटिव। लंबे समय की बात कर रहा हूं। एकद दिन मतलब एकद बार मार्केट ऊपर कर इंटरसेट ऊपर कर दिया, नीचे कर दिया, उसकी बात नहीं कर रहा। लंबे समय के लिए ऊपर रहे तो मार्केट नीचे। लंबे समय के लिए नीचे रहे तो मार्केट ऊपर। ऐसा क्यों होता है?
14:36 इसको हम डिटेल में समझेंगे और इसके हिसाब से कैसे डिसाइड करें कि हमको मार्केट में एंटर कब करना चाहिए, एग्जिट कब करना चाहिए ये भी करेंगे और टाइम मिलेगा तो फाइनशियल प्लानिंग जो हमारा इंटेंसिव प्रोग्राम का मॉड्यूल नंबर टू है। आज आप मॉड्यूल नंबर वन में है सेशन नंबर वन। सेशन नंबर टू जो है इंटेंसिव प्रोग्राम का वो आपको फाइनशियल प्लानिंग सिखाता है। तो फाइनशियल प्लानिंग का टाइम वैल्यू ऑफ मनी के कांसेप्ट्स वगैरह के बारे में बात करना स्टार्ट करेंगे अगर हमको इनफ टाइम मिला तो और लास्ट में जैसे मैंने कहा था बहुत लंबा क्यूएनए सेशन करने की कोशिश करेंगे। तो अपने क्वेश्चंस को नोट करते जाइए। तो सबसे पहले इन्वेस्टिंग की दुनिया में क्या करते हैं? इन्वेस्टिंग की दुनिया का
15:24 इन्वेस्टिंग की दुनिया की सबसे बड़ी प्रॉब्लम के बारे में बात करते हैं। मेरे हिसाब से इन्वेस्टिंग की दुनिया की सबसे बड़ी प्रॉब्लम है सैक्रिफाइस। क्वेश्चनंस नोट करते जाइए और क्यूएनए सेशन में हम आंसर करेंगे। वी वुड हैव मोर देन 30- 40 मिनट्स फॉर क्यूएनए सेशंस एट द एंड। इन्वेस्टिंग की दुनिया की सबसे बड़ी प्रॉब्लम है कि इन्वेस्ट करने के लिए आपको करना पड़ता है सैक्रिफाइस। जैसे कि आप ₹1 लाख की कार खरीदने वाले थे तो मैंने आपको बोला नहीं नहीं नहीं सर 10 लाख की कार मत खरीदो। आप ₹9 लाख की कार खरीदो। जो ₹1 लाख की सेविंग होगी उसको हम इन्वेस्ट कर देंगे ताकि हमारा पैसा ग्रो करे स्टॉक मार्केट में। तो आपने बोला उसके लिए तो वरुण सस्ती कार खरीदनी पड़ेगी। तो गाड़ी के कुछ फीचर्स को सैक्रिफाइस करना पड़ेगा। तो
16:10 मैंने बोला हां सर सैक्रिफाइस तो करना ही पड़ेगा क्योंकि पैसा बचेगा तभी तो हम इन्वेस्ट करेंगे। वरना इन्वेस्ट कैसे करेंगे? समझिए आपने बोला गाड़ी का सैक्रिफाइस करना तो आसान है। ज्यादा मुश्किल सैक्रिफाइस करना आपके लिए क्या है? समझिए आप सब लोग गोवा घूमने जा रहे हैं। और एक आदमी का गोवा घूमने का खर्चा कितना है? ₹1 लाख। अगर एक आदमी का गोवा घूमने का खर्चा ₹1 लाख है तो मैंने बोला सर ऐसा करो गोवा ही कैंसिल कर दो। गोवा कैंसिल करके जो 1 लाख बचेगा इसको इन्वेस्ट कर दो। तो आप सुन के क्या बोलेंगे? इस आदमी को ही कैंसिल कर दो। क्योंकि आप बोलेंगे यार ये तो मेरे मेरे एंजॉयमेंट पर मेरे एंटरटेनमेंट पर अटैक कर रहा है। ये बोल रहा है गोवा ही कैंसिल कर दो। तो मैंने बोला सर इन्वेस्टिंग की यही तो प्रॉब्लम है। जब तक आप सेव करके इन्वेस्ट करेंगे नहीं। सैक्रिफाइस करके इन्वेस्ट
16:57 करेंगे नहीं। बैंक में भी पैसा पड़ा है तो बैंक की स्टेबिलिटी को, बैंक के इंटरेस्ट रेट को सैक्रिफाइस करके इन्वेस्ट करेंगे नहीं। तब तक पैसा बनेगा ही नहीं। अब कोई भी आदमी सैक्रिफाइस करना नहीं चाहता। हर एक आदमी बोलता है अगर मैं सैक्रिफाइस कर दूंगा तो बताओ मेरे को मिलेगा क्या? क्योंकि अगर ज्यादा मिलेगा तो मैं सोचूंगा सैक्रिफाइस करना है कि नहीं करना वरना मैं करूंगा ही नहीं। तो मैं आपसे जानना चाहता हूं अगर आप गोवा घूमने जाने वाले थे और गोवा घूमने का ₹1 लाख का खर्चा हो रहा है और मैंने आपको बोला इस ₹1 लाख को कैंसिल करके गोवा के ट्रिप को इन्वेस्ट कर दो। तो आपको क्या लगता है? मिनिमम 10 इयर्स में 10 इयर्स में 10 साल बाद मैंने 10 साल लिया है एक साल दो साल नहीं 10 साल क्योंकि वारेन बफेट बोलते हैं स्किल एंड नॉलेज रिक्वायर्ड टू मेक मनी इन स्टॉक
17:42 मार्केट्स इन द लॉन्ग रन इज नियरली जीरो 10 साल बाद ये ₹1 लाख कितने गुना हो जाए कितने टाइम्स हो जाए कि आपको ये सुन के लगेगा कि वरुण इतने गुना हो गया तो चलो अच्छा ही हुआ बुआ नहीं गए मतलब अगर ₹1 लाख ₹ लाख बन गए तो आप में से कई लोग 5 लाख को क्या बोलेंगे ₹ लाख बन गए 10 साल में अच्छा हुआ 10 साल पहले गोवा नहीं गया और कई लोग 5 लाख को देख के क्या बोलेंगे बस 5 लाख ही बने इससे अच्छा तो हम यार 10 साल पहले गोवा तो घूम के आ जाते गोवा की खुशी जो है वो 10 5 लाख 10 साल बाद मिलने के बजाय गोवा की आज की खुशी ज्यादा बड़ी है तो मैं आपसे जानना चाहता हूं आप लोग अपने अपने नंबर दीजिए कि 10 साल बाद आपको क्या लगता है इतने गुना
18:30 अगर हो हो जाए। वरुण मुझे अगर कोई इन्वेस्टमेंट का तरीका बताए और अगर ये इतने गुना पैसा हो जाए तो मैं बोलूंगा चलो अच्छा ही हुआ गोवा नहीं गए थे। मतलब गोवा ना जाने में आपको मजा आ जाए। इन्वेस्ट करने में ज्यादा मजा आने लग जाए तो अपनेप नंबर दीजिए। कितने टाइम्स? मिनिमम मैक्सिमम की तो कोई लिमिट नहीं है। मिनिमम का नंबर बताइए कि इतने गुना भी हो जाए ना इतना भी हो जाए तो मैं बोलूंगा चलो अच्छा ही हुआ गोवा नहीं गए तो इतना भी चल जाएगा मेरे को। तो अशोक सर ने लिखा है फाइव टाइम्स। विनय सर ने लिखा है फोर टाइम्स। अ गर्ग सर ने लिखा है 10 टाइम्स तो गर्ग सर ने लिखा है 10 टाइम्स तो 10 गुना हर्ष सर ने बोला है 10 टाइम्स बस सब 10 गुना वाले ही है बस देवेंद्र सर ने लिखा है तो देवेंद्र सर ने लिखा है एक करोड़ बनना चाहिए तो
19:17 देवेंद्र सर ने बोला है पूरा एक करोड़ बनना चाहिए तो देवेंद्र सर ने इनडायरेक्टली मेरे को बोला है कि वरुण कुछ भी कर ले कुछ भी बातें कर ले इस क्लास में गोवा तो मैं जाके ही रहूंगा मैं कैंसिल वेंसिल नहीं कर रहा हूं। तो सब ने अपने-अपने नंबर दे दिए हैं। कोई 20 टाइम्स भी है। लक्षित सर लिख लेते हैं। लक्षित सर ने लिखा है। लक्षित सर ने लिखा है 20 टाइम्स। उनका भी नाम नोट कर लेते हैं। लक्षित सर ने लिखा है 20 टाइम्स। तो 20 टाइम्स 100 टाइम्स और गर सर ने लिखा है 10 टाइम्स। परफेक्ट। अभी ये नंबर मैं आपसे पूछ क्यों रहा था? मैं नंबर ये इसलिए पूछ रहा था क्योंकि मैं ये जानना चाहता था कि आपका जो इन्वेस्टमेंट का सोचने का तरीका है वो कैसे है। क्योंकि आप में से कई लोगों का रूल नंबर वन क्या होता है? आपका
20:02 रूल नंबर वन होता है कि ज्यादा पैसा कमाना है। यह रूल नंबर वन है कि भाई रिस्क उठाओ, ज्यादा पैसा कमाओ। गड़बड़ भी हो गई तो कोई बात नहीं लेकिन ज्यादा कमाने की कोशिश करनी है। हमारा इन्वेस्टिंग की दुनिया में रूल नंबर वन क्या है? हमारा रूल नंबर वन है प्रोटेक्ट योर कैपिटल। मतलब ऐसा कोई इन्वेस्टमेंट नहीं करेंगे जिसका रिटर्न कितना ही ज्यादा क्यों ना हो। लेकिन उसमें जीरो होने का चांस हो। क्योंकि अगर मैंने कोई ऐसा इन्वेस्टमेंट किया जिसमें ज्यादा बन सकता है लेकिन बनने के बजाय जीरो हो गया तो कहानी खत्म हो जाएगी तो मुझे फिर से जीरो से स्टार्ट करना पड़ेगा। तो वारेन बफेट के जो फॉलोअर्स होते हैं उनका पहला रूल होता है प्रोटेक्ट योर कैपिटल। ज्यादा बने ना बने हमने जो पैसा डाला वो बचना चाहिए। जबकि मैं आप में से कई लोगों का रूल क्या देख रहा हूं? आप में से कई लोगों का रूल है पैसा बचे ना बचे। लेकिन ऐसा कुछ
20:48 करो कि 100 टाइम्स बने वरना मजा ही क्या आया। तो आपका रूल नंबर वन हमारे रूल नंबर वन से बहुत अलग। अभी ये मैं एक्सरसाइज इसलिए भी कर रहा था क्योंकि मेरे को ऐसा लगता है कि बहुत सारे लोगों को ये जो मनी कंपाउंड करता है ये जो मनी कैसे कंपाउंड करता है, कितने गुना बन जाता है वो ठीक से क्लियर नहीं है। तो मैं आपको एक बार दिखा देता हूं। तो समझिए कोई 20 साल का बच्चा है जो इस टाइम पर सेशन में है। अगर आप में से कोई अपने 20 में है अर्ली 20 लेस 18 19 20 21 22 कोई इस ऐज ब्रैकेट में है इसके आसपास की ऐज ब्रैकेट में तो लिखिए यस क्योंकि मुझे एक एग्जांपल के लिए एक नाम लेना है ताकि नाम लेते हैं तो उस चीजें रिलेट करना इजी हो जाता है। तो अगर आप में से कोई 20 के आसपास की ऐज का है और इस टाइम पे सेशन में है तो एक बार चैट में
21:35 लिख दीजिए। यस सूर सर परफेक्ट। तो सूर सर का एग्जांपल ले लेते हैं और सूर सर ने बोला है कि उनकी एज है मान लेते हैं करीब 20 एक्सजेक्टली 20 मान लेते हैं। 20 की ऐज में मेरे पास आया कि वरुण हम सब जा रहे हैं गोवा घूमने ₹1 लाख का खर्चा हो रहा है। तो मैंने वही बोला कि नहीं कैंसिल करो इन्वेस्ट करो। तो उन्होंने बोला कितना बन जाएगा? मैंने बोला कितना चाहिए? तो उन्होंने बोला जब मैं 30 का हऊंगा अगर मैं 20 की एज में ₹1 लाख डाल रहा हूं तो मैं चाहता हूं मिनिमम 10 गुना तो होना ही चाहिए। अगर 10 गुना भी 10 साल में नहीं हुआ जैसे गर्क सर ने बोला था वैसे ही 10 गुना भी नहीं हुआ तो मैं बोलूंगा क्या फायदा गोवा सैक्रिफाइस करने का। अगर 10 गुना हो गया तो सूर सर बोलेंगे चलो अच्छा ही हुआ गोवा नहीं गए थे। तो सूर सर ने
22:21 मेरे बोलने पर कैंसिल किया और ₹1 लाख इन्वेस्ट किया और मान लेते हैं वो ₹1 लाख बन गए। जैसे ही ₹1 लाख बने तो सूर सर इतने खुश हुए वो मेरे पास आए। उन्होंने बोला वरुण मजा ही आ गया यार। अच्छा हुआ तेरे बोलने की वजह से मैं 10 साल पहले मैंने गोवा का ट्रिप कैंसिल कर दिया। आज मेरे पास ₹1 लाख के बजाय ₹1 लाख हैं। तो मैं इतना खुश हूं। ऑस्ट्रेलिया घूम के आ जाऊं क्या? तो मैंने बोला सर क्या बात कर रहे हो? सूर सर आपको ज्यादा मजा तो कंपाउंडिंग में आ रहा है। 10 गुना की फीलिंग ट्रेवल से ज्यादा अच्छी फीलिंग है। तो आप ऑस्ट्रेलिया मत जाओ। इसको भी इन्वेस्ट कर दो। तो सूर सर ने बोला फिर से हो जाएगा 10 गुना। तो मैंने बोला हां लेकिन ये 10 गुना देख के देवेंद्र सर और लक्षित सर क्या बोल रहे हैं? पहले बता दीजिए एक बार चैट बॉक्स पे जाइए और बताइए। सूर सर ने तो 1 लाख को
23:08 10 लाख देख के बोला बहुत अच्छा मजा आ गया। अच्छा हुआ यार गोवा नहीं गए। लेकिन देवेंद्र सर और लक्षित सर जिनको 20 टाइम्स और 100 टाइम्स चाहिए वो क्या बोल रहे हैं? वो बोल रहे हैं कि यार क्या बात कर रहे हो? एक लाख 10 लाख ही हुआ। इससे अच्छा तो हम गोवा ही घूम के आ जाते। तो लक्षित सर देवेंद्र सर बड़े नाराज है लेकिन सूर सर क्योंकि बहुत खुश है। उन्होंने अपने 10 लाख फिर से इन्वेस्ट किए और 40 की ऐज में वो कितने बन गए? एक करोड़। 50 की ऐज में फिर से उन्होंने इन्वेस्ट किए क्योंकि उनको इन्वेस्टिंग में बहुत मजा आ रहा है। ये बन गए 10 करोड़। 60 की ऐज में बन गए 100 करोड़। 100 करोड़ देख के 40 साल बाद सूर सर मेरे पास आए। उन्होंने बोला वरुण अच्छा हुआ तेरे से 40 साल पहले मैं मिला था। मैंने ₹1 लाख का गोवा का ट्रिप कैंसिल किया। आज मेरे पास 100 करोड़ रुपए हैं।
23:55 क्योंकि एक लाख 10 गुना 10 गुना से बढ़ता है। तो 40 साल में ₹1 लाख 100 करोड़ बन जाते हैं। लेकिन लक्षित सर और देवेंद्र सर ने क्या बोला? सिर्फ 100 करोड़ ही बने। क्या बात कर रहे हो? 40 साल में इससे अच्छा तो हम 40 साल पहले गोवा ही घूम के आ जाते। तो उन्होंने ये बोला। अब जिन लोगों ने 20 टाइम्स बोला जैसे लक्षित सर ने एक बार वो समझ लेते हैं वो बोलने की क्या कोशिश कर रहे हैं। जो लक्षित सर है वो ये बोल रहे हैं कि अगर मैंने ₹1 लाख इन्वेस्ट किया तो मेरे को 30 की ऐज में ₹ लै चाहिए। 20 लाख दे के बोलूंगा चलो अच्छा हुआ मजा ही आ गया। लेकिन देवेंद्र सर क्या बोलेंगे? बस 20 लाख ही हुआ। इससे अच्छा तो इन्वेस्ट कर देता। लेकिन क्योंकि लक्ष्य सर को 20 टाइम्स में मजा आ रहा है तो 20 * 20 40 की ऐज में बन जाएंगे ये 4 करोड़ इन
24:43 20 ये बन जाएंगे 80 करोड़ इन 20 ये बन जाएंगे 1600 करोड़ आपने नोटिस किया ये 10 टाइम्स पे है ये 10 गुना पे है और ये ये सॉरी इधर लिख लेते हैं ये 10 टाइम्स पे है और ये 20 टाइम्स पे है। डबल करने पे 100 करोड़ जो है वो 1600 करोड़ बन गया। कंपाउंडिंग का बेसिकली जादू चल रहा है। लेकिन देवेंद्र सर ने क्या बोला? 1600 करोड़ ही बने। बस 1600 करोड़। इससे अच्छा तो बेसिकली हम क्या करते हैं? इससे अच्छा तो हम क्या करते हैं? गोवाई घूम के आ जाते 40 साल पहले। तो देवेंद्र सर 100 टाइम्स का मतलब बोल क्या रहे हैं? एक बार समझ लेते हैं। वो बोल रहे हैं ₹1 लाख 30 के ऐज में बन जाना चाहिए 1 करोड़। 40 के ऐज में बन जाना चाहिए 100 करोड़। 50 के एज में बन
25:29 जाना चाहिए 10,000 करोड़, 60 की एज में बन जाना चाहिए 10 लाख करोड़। मतलब वो बोल रहे हैं एक तरीके से अगला वारेन बफेट मेरे को बनाओ तो ही मैं गोवा कैंसिल करूंगा। वरना मैं कैंसिल करूंगा ही नहीं। ये मैंने कैलकुलेशनंस आपको क्यों दिखाई? क्योंकि आगे बढ़ने से पहले हम सबको क्लियर होना चाहिए कि आज अगर हम कुछ सैक्रिफाइस करके इन्वेस्ट करते हैं तो कितने गुना मिल जाए तो मुझे खुशी-खुशी सैक्रिफाइस कर देना चाहिए। सबकी खुशी अलग-अलग नंबर पर है। तो मैं बस आपको यह दिखा रहा हूं कि कंपाउंडिंग कैसे काम करती है ताकि आप यह कंक्लूड कर सकें कि मुझे कितने गुना मिल जाए तो मैं खुशी-खुशी सैक्रिफाइस कर दूंगा। अब मैं आपको जो इन्वेस्टमेंट का स्टाइल बताऊंगा जिसमें हम क्या करेंगे? पैसा बढ़ाने की कोशिश करेंगे। लेकिन हमारा
26:16 रूल नंबर वन क्या होगा? बढ़ गया तो ठीक लेकिन पैसा डूबना नहीं चाहिए। क्योंकि वो हमारा रूल नंबर वन क्या है? प्रोटेक्ट योर कैपिटल। जैसे वारेन बफेट बोलते हैं और रूल नंबर टू नेवर फॉरगेट रूल नंबर वन। अब मैंने ये जो फिलॉसफी मैं आज आपको सिखाने वाला हूं पैसा कमाने की जिसमें पैसा बढ़ेगा भी लेकिन साथ में पैसा लंबे समय में सेफ भी रहेगा। ऐसा नहीं होगा कि हम लॉन्ग रन होल्ड करेंगे तो पैसा डूब ही जाएगा। ये जो मैं तरीका आपको सिखा रहा हूं ये मैंने फाइनललाइज किया था अपने एमबीए के। जब मैं एमबीए करने गया एमबीए के फर्स्ट डे ऑफ एमबीए में मैंने फाइनललाइज किया था। फाइनललाइज मतलब मैं इन्वेस्टिंग तो 1999 से कर रहा। 1999 से इन्वेस्टिंग नहीं कर रहा था। मतलब 13 14 साल में मेरे को ट्रेडिंग वेडिंग किसी ने बोला ऐसे करते हैं बाय करो। ऐसे मैं ये सब करने लग गया
27:02 था। तो मुझे बहुत साल लग गए। 13 14 से 17-1 तक तो मैं प्रॉपर जुआई खेलता था। मतलब कुछ आता वाता कुछ नहीं था। कभी ऐसे डाल दिए फिर जीरो हो जाते थे। फिर चलते रहता था। कुछ ज्यादा कुछ मेरे को आता नहीं था। फादर के साथ करता था। मेरे फादर भी करते थे। तो मैं भी उनके साथ बोलता था आप आज ये खरीदते हैं, आज ये बेचते हैं। कोई लॉजिक नहीं जैसे आम आदमी करता है वैसे मैं भी करता था। 17 18 की ऐज में मेरे को वारेन रफेट थोड़ा बहुत समझ पड़ना स्टार्ट हुआ। तभी भी मुझे ये समझ नहीं पड़ा कि मुझे पूरी जिंदगी इस पे लगा देनी चाहिए। उसमें भी मेरे को तीन-चार साल लग गए। लेकिन 18 की ऐज में मैंने काफी हद तक सीरियसली इन्वेस्ट करने के बारे में और इन्वेस्ट करना चालू कर दिया था। अमाउंट नेगिजिबल था लेकिन चालू कर दिया था। अब पैसा ही नहीं था तो अलग बात थी भाई। और जो पैसा भी इकट्ठा आता था वो एजुकेशन में खर्च हो जाता था। तो कुछ पैसा ज्यादा बचता
27:48 नहीं था। तो सीरियस इन्वेस्टिंग तो लेट ही चालू हुई लाइफ में। बट जैसे मैंने बोला एमबीए के पहले दिन मैंने ये फाइनलाइज किया क्योंकि मैं एमबीए करने गया था 2007 में जब मैं एमबीए करने गया तो मेरी ऐज जो है वो 27 इयर्स के आसपास थी। 27 साल के मैं आसपास था। 26 27 साल के मैं आसपास था। और 2007 से 2009 मैंने अपनी एमबीए करी। एमबीए के पहले दिन मैंने ये अपनी फिलॉसफी फाइनललाइज करी। और वो क्या फिलॉसफी फाइनलाइज करी? पहले दिन में बहुत डिप्रेस था। डिप्रेस इसलिए था मैं हिसाब लगा रहा था यार बहुत जबरदस्त गड़बड़ हो गई है। इतना खर्चा हो गया है। ₹24 लाख का मेरा एमबीए था। एमबीए में ₹24 लाख खर्च हो गए थे। प्लस मेरी सैलरी ₹00 महीना थी। उस
28:35 टाइम पर जब मैं एमबीए करने गया क्योंकि मैं कुछ साल के तीन चार साल के वर्क एक्स के बाद वर्क एक्सपीरियंस के बाद मैं एमबीए करने गया। दो साल मैं पढ़ने वाला था तो 12 लाख तो मेरी सैलरी का ही नुकसान होने वाला था। 24 लाख का एमबीए था। टोटल मेरे ₹6 लाख लग गए थे। ₹2 लाख फीस में 12 लाख मेरी सैलरी में। तो मैं बहुत डिसपॉइंटंटेड था और मैंने सोचा यार क्या कर दिया यार? इससे अच्छा तो ₹36 लाख इन्वेस्ट ही कर दिए होते। बट पेरेंट्स का प्रेशर इतना था कि पढ़ना है, पढ़ना है, एमबीए करना है और मैं ऐसा नहीं बोल रहा करना चाहिए कि नहीं करना चाहिए ये अलग-अलग बातें हैं। उसके ऊपर हमारा कोई डिस्कशन आज नहीं हो रहा। बट मैं काफी डिप्रेस फील कर रहा था। तो मैं अपने प्रोफेसर के पास गया। मैंने सर को बोला सर बहुत जबरदस्त गड़बड़ हो गई है। ₹6 लाख चले गए। इससे अच्छा तो इन्वेस्ट कर देते। तो मेरे सर ने बोला तू चिंता मत कर। हम तेरे
29:21 को सब बता देंगे। व्हाट टू बाय, व्हेन टू बाय, व्हेन टू सेल। तो मैंने बोला फिर तो ठीक है सर ज्यादा भी ले लो फिर तो क्योंकि अगर पता लग जाएगा तो मैं इसको इस्तेमाल करके पैसा कमा लूंगा। तो सर ने बोला हां तू चिंता मत कर तेरे को सब पता चल जाएगा। तो मैंने सर को बोला सर बताओ क्या सिखाने वाले हो? तो सर ने बोला हम तेरे को बहुत कुछ सिखाएंगे। मैंने बोला कोई एक चीज तो बताओ। तो सर ने बोला पीई रेशियो प्राइस अर्निंग रेशियो पीई रेशियो प्राइस बाय अर्निंग रेश्यो। तो जब सर ने मेरे को प्राइस अर्निंग रेशियो सिखाई बताई कि हम सिखाएंगे तो मुझे बहुत गुस्सा आया क्योंकि मैं एमबीए करने गया था 2007 में 1999 से मैं इन्वेस्टमेंट के बारे में पढ़ना चालू कर चुका था। अब पढ़ते-पढ़ते मेरे को 7 आठ साल हो गए थे। तो जब उन्होंने बोला तेरे को पीई रेशो सिखाएंगे तो मुझे गुस्सा ही आ गया क्योंकि मैं तो पीई रेशो लाइफ में हर
30:07 जगह इस्तेमाल करता हूं। लेकिन सर ने हमको बताया कि हम तेरे को स्टॉक मार्केट में बताएंगे। तो मैं कैसे इस्तेमाल करता हूं? आज की क्लास के लिए वो स्किप कर देते हैं टाइम सेव करने के लिए। मैं बहुत चीजों के लिए इस्तेमाल करता हूं कि प्रिंटर भी खरीदना है तो भी देखता हूं। प्रिंटर इतने का है, उसकी अर्निंग कितनी होगी। अब अगर प्रिंटर खरीदने से मेरी सेविंग और अर्निंग बैंक के रेट से ज्यादा है। मतलब अगर मैंने 5000 का प्रिंटर खरीदा और उसको खरीदने से मेरी साल के एंड की सेविंग या अर्निंग मतलब मुझे बाहर जाना नहीं पड़ता। मेरा टाइम बचता है, पेट्रोल बचता है। तो मेरे जो पैसे बच रहे हैं वो बैंक के रेट से ज्यादा बच रहे हैं कि नहीं? क्योंकि ₹5,000 मेरे बैंक में पड़े हैं। प्राइस अगर मैं बैंक में 5000 भरता हूं तो 7% के हिसाब से ₹350 का क्या कमाता हूं? इंटरेस्ट। तो मैं अस्यूम करता हूं कि अगर मैंने ₹5000 का प्रिंटर खरीदा तो मेरी जो
30:54 अर्निंग है वो उसके लाइफ टाइम में ₹350 पर ईयर से ज्यादा होनी चाहिए। मेरी सेविंग या अर्निंग। तो ही मैं मानता हूं कि अगर इसकी अर्निंग बैंक के रेट से ज्यादा है तो मैं मानता हूं ये इन्वेस्टमेंट है। वरना ये लायबिलिटी है। बट इसको आप भूल जाइए। ये तो मैंने ऐसे ही बता दिया क्योंकि मैं बहुत ज्यादा डिटेल में प्राइस अर्निंग रेशियो को इस्तेमाल करता हूं। तो मैंने सर को बोला सर पी रेशियो में क्या सिखाओगे? तो सर ने बोला तो हम इतना डिटेल में इस्तेमाल नहीं करते कि भ प्रिंटर कैसे खरीदना है? कैसे नहीं खरीदना। हम तो सिंपल तरीके से इस्तेमाल करते हैं कि कोई स्टॉक खरीदना है कि नहीं। तो मैंने बोला सर कैसे? तो मैंने बोला बता तू कौन सा स्टॉक खरीदना चाहता है? तो मैंने उनको बोला सर एक Reliance Industries जैसी कंपनी है। सोच रहा हूं इसमें पैसा डाल दूं। तो सर ने बोला बड़ा
31:39 सिंपल है। Reliance Industries की क्या निकाल ले? P / E रेशियो प्राइस बाय अर्निंग रेश्यो। प्राइस बाय अर्निंग रेश्यो। वैसे तो ये डाटा अवेलेबल है बट मैं आज आपको सिखा रहा हूं कि निकालते कैसे हैं ताकि आपको समझ पड़े कि इसके पीछे की कैलकुलेशन बेसिकली क्या है? इसके पीछे की बेसिकली कैलकुलेशन क्या है? अंकित सर आपने लेट जाइन किया है। हम बात कर चुके हैं स्टार्टिंग में क्यूएनए सेशन में वापस क्वेश्चन पूछेगा ये वाला। तो Reliance की पीई रेशियो निकालने के लिए पहले क्या पता करना पड़ेगा? पहले पता करना पड़ेगा प्राइस। तो प्राइस कहां से आएगा? द करंट मार्केट प्राइस। तो आपने समझिए चेक किया कि आज मार्केट में Reliance का प्राइस कितना चल रहा है। तो लेट अस्यूम आज Reliance का एक शेयर का प्राइस कितना चल
32:26 रहा है? ₹800 अस्यूम कर लेते हैं। मुझे पता है चल नहीं रहा है। अलग प्राइस है बट कैलकुलेशनंस को इजी करने के लिए अस्यूम करिए। Reliance के एक शेयर का प्राइस कितना चल रहा है? ₹800। अब अगर ₹800 का आपने एक शेयर खरीदा Reliance का तो साल के एंड में आपकी अर्निंग कितनी होगी? कोई आप में से बताना चाहेगा? कैसे कैलकुलेट करेंगे कि अर्निंग कैसे होगी? कितनी होगी? अर्निंग कैसे होगी? Reliance का अगर मैंने एक शेयर खरीदा ₹800 का तो साल के एंड में मेरी अर्निंग कितनी होगी? कोई आप में से बताना चाहेगा कितनी होगी? आपने Reliance का एक शेयर खरीदा खरीदने के लिए ₹800 भरे। साल के एंड में कितनी अर्निंग होगी? तो आप में से हो सकता है कई लोग बोलेंगे अर्निंग कितनी होगी? डिविडेंड वाली अर्निंग होगी। तो डिविडेंड अर्निंग गलत है। क्यों? कंपनी जभी भी आप कंपनी
33:13 पैसा कमाती है तो कंपनी तो बहुत पैसा कमाती है। नेट प्रॉफिट जितना भी नेट प्रॉफिट कमाती है किसका होता है? ये शेयरहोल्डर का ही होता है। जो भी पैसा कमाती है वो शेयर होल्डर का है। इस नेट प्रॉफिट में से कुछ पैसा डिविडेंड के फॉर्म में क्या कर दिया जाता है? डिस्ट्रीब्यूट कर दिया जाता है। डिस्ट्रीब्यूट कर दिया जाता है। मतलब उनको दे दिया जाता है। और कुछ पैसा कंपनी में क्या कर दिया जाता है? री इन्वेस्ट कर दिया जाता है। कंपनी के अंदर आ जाता है। जो कंपनी के अंदर आता है उससे हम और एसेट खरीदते हैं। और लैंड खरीदते हैं। और मशीनरी खरीदते हैं। लेकिन जो कंपनी में रीइ्वेस्ट हुआ है वो किसका है? जो टोटल नेट प्रॉफिट है वो शेयर होल्डर की है। डिविडेंड किसको मिल जाता है? शेयर होल्डर को मिल जाता है। लेकिन ये जो पैसा है जो रीइन्वेस्ट हुआ है वो किसका है? वो भी तो शेयर होल्डर का ही है। यह भी शेयर होल्डर
34:00 का ही है। तो एक्चुअली शेयर होल्डर को डिविडेंड मिलता है। वो डिस्ट्रीब्यूटेड फॉर्म में मिलता है। जो रीइ्वेस्ट होता है वो भी शेयर होल्डर का ही होता है। तो एक्चुअली शेयर होल्डर को क्या मिलता है? पूरे कंपनी का नेट प्रॉफिट जो होता है वो किसका होता है? शेयर होल्डर का ही होता है। उसमें से कुछ डिस्ट्रीब्यूट कर दिया जाता है। उसमें से कुछ क्या कर दिया जाता है? रीइन्वेस्ट कर दिया जाता है। तो अगर आप जानना चाहते हैं पूरी कंपनी को कितना प्रॉफिट हुआ तो आप क्या देखते हैं? नेट प्रॉफिट। अब मान लेते हैं Reliance का प्रॉफिट है 800 करोड़ लेकिन 800 करोड़ तो पूरी कंपनी का प्रॉफिट है। मैंने तो क्या खरीदा है? एक शेयर। तो एक शेयर का प्रॉफिट कितना होगा? 800 करोड़ यानी टोटल प्रॉफिट डिवाइडेड बाय नंबर ऑफ शेयर्स। जितने भी शेयर्स मार्केट में उसके शेयर्स अवेलेबल
34:45 हैं। तो हमने क्या किया? हमने निकाला बेसिकली एक Reliance का शेयर होल्डर कितने पैसे कमाता है साल के एंड में? कैसे निकालेंगे? 800 करोड़े बाय नंबर ऑफ शेयर्स। इजी करने के लिए मान लेते हैं नंबर ऑफ शेयर्स कितने हैं? 10 करोड़। ऐसी एजमशन है कि नंबर ऑफ शेयर्स कितने हैं? 10 करोड़। अगर नंबर ऑफ शेयर्स 10 करोड़ हैं तो सीआरसीआर गया जीरो ज़ीरो गया। कितना रह गया? 80। ये 80 क्या है? अर्निंग पर शेयर। इसको हम बोल देते हैं ईपीएस। अर्निंग पर शेयर। मतलब अगर मैं Reliance का एक शेयर खरीदता हूं ₹800 पे तो साल के एंड में एटलीस्ट लास्ट ईयर के डाटा के हिसाब से मैं साल के एंड में ₹80 कमाता हूं। तो P / E रेशियो क्या हुई? 800
35:32 बाय अर्निंग एक शेयर का प्राइस एक शेयर की अर्निंग 800 / 80 व्हिच इज़ 10 लेकिन P रेशियो को जनरली हम लिखते हैं 10 / 1 10 / 1 बोलने का क्या मतलब है? कि ₹1 का प्रॉफिट कमाने के लिए आपको कितने रुपए भरने पड़ते हैं? ₹10 भरने पड़ते हैं। तो पी रेशियो से क्या पता लग गया? आपको यह पता लग गया कि ई ई मतलब ₹1 की अर्निंग कमाने के लिए मेरे को साल के एंड में कितने रुपए भरने पड़ते हैं? ₹10 भरने पड़ते हैं। तो मैंने बोला सर ठीक है। Reliance की पीई रेशियो जो है वो 10 चल रही है। तो खरीद लूं क्या फिर पी Reliance को 10 की पीई रेशियो पे? तो सर ने बोला नहीं नहीं नहीं। ये पीई रेशियो कोई ऐसा नंबर नहीं है कि पी 10 मतलब बाय 20 मतलब सेल। ये कोई एब्सोल्यूट नंबर नहीं है। ये
36:17 कंपैरेटिव नंबर है। यू कंपेयर पी रेशियो ऑफ़ Reliance टू P रेशियो ऑफ़ समथिंग एल्स। किसी और चीज से कंपेयर करना चाहिए। तो मैंने बोला सर किससे कंपेयर करें? तो सर ने बोला तू कौन सा स्टॉक खरीदना चाहता है दूसरा? तो मैंने बोला सर या तो Reliance जैसी बड़ी कंपनी या एक बहुत ही छोटी कंपनी है Ra Agro। मैं सोच रहा हूं इसमें पैसा डाल दूं। तो सर ने बोला अरे बड़ी सिंपल है। अगर आर्य एग्रो खरीदना चाहता है तो आरिया एग्रो की भी क्या कैलकुलेट कर ले? P रेशियो और उसको Reliance से क्या कर लेना? कंपेयर कर लेना। तो मैंने बोला ठीक है सर कैसे करेंगे Reliance? RE एग्रो की पीई रेशियो प्राइस डिवाइडेड बाय अर्निंग। कैसे निकलेगी प्राइस बाय अर्निंग? सबसे पहले तो आर एग्रो का शेयर प्राइस पता करना पड़ेगा। कहां से मिलेगा शेयर प्राइस? प्राइस करंट मार्केट प्राइस जो स्टॉक मार्केट में चल रहा है। मान लेते हैं। मान लेते हैं एक
37:04 शेयर का प्राइस कितना चल रहा है? मान लेते हैं ₹80। तो हमने ₹80 का एक शेयर खरीदा। अब मैं क्या जानना चाहता हूं? साल के एंड में अर्निंग कितनी होगी? अर्निंग तो कैसे पता लगेगी? टोटल नेट प्रॉफिट। मान लेते हैं आर्य एग्रो छोटी कंपनी है तो उस कंपनी का पूरे साल के एंड में प्रॉफिट कितना है? 80 करोड़। 80 करोड़ पूरी कंपनी का प्रॉफिट है। ये सारा शेयर होल्डर का है। लेकिन मैंने तो एक शेयर खरीदा है। अब मेरे को एक शेयर की अर्निंग पता करने के लिए डिवाइडेड बाय नंबर ऑफ शेयर्स से डिवाइड करना पड़ेगा। मैंने अस्यूम किया कि एक नंबर ऑफ शेयर्स कितने हैं? 1 करोड़। ऐसे ही अस्यूम कर लिया। नंबर ऑफ़ शेयर्स 1 करोड़ है। तो सीआर सीआर गया। अर्निंग पर शेयर कितनी हो गई? ₹80 तो प्राइस इज़ 80। अर्निंग पर शेयर इज़ आल्सो 80। तो पी रेशियो कितनी हो
37:49 जाएगी? एक बार चैट बॉक्स पे जाके बताइए। पी रेशियो कितनी हो जाएगी? बताइए एक बार चैट बॉक्स पे जाके। ये कोई वीडियो अपलोड नहीं होगी। ये इंटेंसिव प्रोग्राम का पार्ट है। तो कोई वीडियो YouTube पे अपलोड नहीं होगी। कोई रिकॉर्ड नहीं होगी। ये इसी लाइव सेशन में करेंगे हम आज। तो बताइए P रेशियो कितनी हो जाएगी? 80 / 80 आप में से कई लोग बोलेंगे वन। लेकिन मैंने बोला था वन मत बोलिए। हमेशा क्या बोलिए? 1 / 1 / 1 बोलने का फायदा क्या है? ₹1 की अर्निंग कमाने के लिए मुझे साल के स्टार्टिंग में लगभग ₹1 का इन्वेस्टमेंट मतलब प्राइस पे करना पड़ता है। मुझे ₹1 का प्राइस लेके या ₹1 का इन्वेस्टमेंट करके ₹1 मिलता है। जबकि Reliance में ₹10 का इन्वेस्टमेंट करके मेरे को साल के एंड में ₹1 की क्या
38:37 मिलती है? अर्निंग मिलती है। तो मैंने सर ने जब मेरे को दिखाया तो मैंने सर को बोला तो इसका क्या मतलब? तो सर ने बोला तुम बताओ तो इतना तो पढ़े लिखे तुम हो ही। तुम ये बता ही दोगे कि अब क्या करना चाहिए। अब मुझे बताइए अगर दो कंपनीज का डाटा आपके सामने है कि आरिया एग्रो में ₹1 लगा के ₹1 मिलते हैं साल के एंड में और Reliance में ₹10 लगा के ₹1 मिलते हैं और दोनों कंपनीज़ का फ्यूचर एकदम सेम मैनेजमेंट एकदम सेम प्रोडक्ट सेम ज्योग्राफिकल लोकेशन सेम सब कुछ सेम क्रेडिबिलिटी सेम ट्रस्ट सेम एवरीथिंग सेम अगर दोनों कंपनीज़ का सारा डेटा सेम है। सिर्फ पीई रेशियो के बेसिस पे हमको इवैल्यूएट करना है कि पैसा Reliance में डालें या आर एग्रो में तो आप
39:22 सब अपना पैसा कहां डालेंगे? मैं अस्यूम कर रहा हूं सबको ये बात एकदम से क्लियर है कि अगर सब कुछ सेम है और इसमें 10 लगा के एक मिल रहे हैं। इसमें एक लगा के एक मिल रहे हैं। फ्यूचर सेम, क्रेडिबिलिटी सेम, मैनेजमेंट सेम, सब कुछ सेम। तो मैं अस्यूम कर रहा हूं सभी को क्लियर है कि पैसा हम कहां डालेंगे? आर एग्रो में कि भाई मैं अगर ₹1 ही कमाना है तो मैं ₹10 क्यों दूं उसके लिए जब यहां पे मैं ₹1 लगा के ₹1 कमा सकता हूं। तो सब ने बोल दिया आर एग्रो तो मैंने सर को बोला सर क्या बात कर रहे हो आर एग्रो खरीद लेंगे ऐसा तो हम बिना कोई एनालिसिस किए तो सर ने बोला पीई रेशियो तो यही बता रहा है तो मैंने बोला तो बहुत जबरदस्त गड़बड़ हो जाएगी तो ध्यान से देखिए मार्केट डम तो है नहीं कि मार्केट को समझ नहीं पड़ रहा कि इसमें ₹1 कमाने के लिए एक भरने पड़ रहे हैं। इसमें एक कमाने
40:08 के लिए 10 भरने पड़ रहे हैं। अगर मार्केट समझदार है और मार्केट को ये डाटा दिख गया तो मार्केट में सब लोग अपने Reliance के शेयर बेचते जाएंगे और क्या खरीदते जाएंगे? आरिया एग्रो तब तक Reliance के शेयर बेचते जाएंगे और आरिया एग्रो के शेयर तब तक बढ़ खरीदते जाएंगे और Reliance के तब तक बेचते जाएंगे जब तक Reliance की पीई रेशियो गिर के फाइव नहीं आ जाती 5 बाय वन और आर एग्रो की बढ़ के फाइव नहीं हो जाती 5 बाय वन भाई क्योंकि अगर दोनों का फ्यूचर सेम मैनेजमेंट सेम प्रोडक्ट सेम प्रॉफिट सेम सब कुछ सेम अगर सब कुछ ही सेम है तो फिर दोनों की पीई रेशियो भी क्या होनी चाहिए सेम तो मैंने सर को बोला सर यही तो प्रॉब्लम है कि मार्केट जो है वो ये नहीं मान रही कि सेम है। मार्केट ऐसा सोच रही है कि इसका जो ₹1 है ना Reliance का ₹1 यह आज तो ₹1 कमा रहा है। प्लस इसका जो फ्यूचर
40:56 है वो भी बहुत ब्राइट फ्यूचर है। लोगों को लग रहा है इसका फ्यूचर जो है वो क्या है? बहुत ब्राइट है। मतलब आज जो ₹1 कमा रहा है कल भी ₹1 कमाएगा। इनफैक्ट इसका ₹1 हो सकता है फ्यूचर में इनक्रीस हो। क्रेडिबिलिटी इसमें बहुत ज्यादा है। लोगों को भरोसा है, ट्रस्ट है एक्स वाई जेड। इसीलिए इस ₹1 के लिए लोग क्या भर रहे हैं? कुछ एक्स्ट्रा। ₹1 के लिए एक्स्ट्रा भर रहे हैं। मतलब कुछ भर रहे हैं। प्रीमियम पे कर रहे हैं। प्रीमियम मतलब कुछ ज्यादा पे कर रहे हैं। क्यों ज्यादा पे कर रहे हैं? क्योंकि उनको लगता है ये ₹1 जो आज कमा रहा है फ्यूचर में ये बढ़ने वाला है। जबकि आर्या एग्रो के ₹1 के लिए वो इसलिए ₹1 दे रहे हैं क्योंकि उनको इसका जो फ्यूचर है वो बहुत डार्क लगता है। उनको लगता है आज तो कमा रहा है ₹1 कल पता नहीं कमाएगा कि नहीं कमाएगा। हमको भरोसा नहीं है। हो सकता है
41:43 ये पूरा एक खत्म होने वाला है। कैसे? एग्जांपल दे रहा हूं। जैसे एक कंपनी थी mज़र बेयर सीडी। मोज़रबेर सीडी में मान लेते हैं ₹80 लेकिन मार्केट को ये पहले से पता था कि mzerbय सीडी बिज़नेस जो है वो खतरे में है। क्योंकि अब पेनड्राइव आ रही है। सीडी बिनेस क्या होने वाला है? खत्म। और क्या हुआ? यही हुआ। आपने मोजर बेयर सस्ता समझ के खरीदा और जैसे ही आपने खरीदा पेन ड्राइव आ गई सीडी बिजनेस खत्म इनका पूरा प्रॉफिट गया सीडी पेन ड्राइव पे ये शिफ्ट नहीं कर पाए और पूरा ₹80 का प्रॉफिट क्या हो गया जीरो प्रॉफिट भी जीरो कंपनी भी बंद बंद हुई आपका पैसा भी क्या हो गया जीरो मतलब आपने जो मोजरबेयर कंपनी खरीदी
42:31 थी वो खरीदी तो सस्ती ही थी चीपी खरीदी थी आपने गलती नहीं की थी आपने सस्ती कंपनी ही खरीदी लेकिन पी रेशियो सिर्फ यही बता पाता है कि सस्ता कौन सा है और एक्सपेंसिव कौन सा है। वो ये बता नहीं पाता कि अच्छा कौन सा है और बुरा कौन सा है। कई बार क्या होता है जिन कंपनीज की पीई रेशो बहुत लो होती है वो वही कंपनीज होती है जो बैड है। सबको पता है ये बंद होने वाली है। तो अगर आप सिर्फ पीई रेशियो पे एनालिसिस करेंगे या फोकस करेंगे या पीई को ज्यादाेंस देंगे जैसे बी स्कूल वाले देने की कोशिश करते हैं तो कई बार आप बैड कंपनीज की एक आर्मी बना लेंगे मतलब सारे बैड स्टॉक्स खरीद के अपने पास रख लेंगे फिर एक-एक करके सारी कंपनीज़ बंद होगी सब में पैसा जीरो होगा
43:17 फिर आप बोलेंगे खरीदा तो सस्ता ही था तो इसका मतलब क्या है पीई रेशियो सिर्फ ये बताता है कि सस्ता कौन सा है और महंगा कौन सा है वो ये नहीं बता पाता कि महंगा कौन अच्छा कौन सा है और बुरा कौन सा है। तो अगर हम पीई रेशियो देख के सारी लोग पीई रेशियो की स्टॉक खरीद लें। मतलब जिसमें मार्केट को ऐसा लग रहा है कि गड़बड़ होने वाली है और मार्केट अगर सही निकले और एक-एक करके सारी कंपनीज बंद हो जाए तो हमारा तो सारा पैसा ही डूब जाएगा। तो मैंने सर को बोला सर ये क्या सिखा रहे हो आप? पीई रेशियो ऐसे तो सारे लड़के बच्चे जो है ये सीख के बर्बाद ही हो जाएंगे। तो सर ने बोला नहीं नहीं नहीं यू आर डूइंग अ रोंग कंपैरिजन। तो मैंने बोला सर क्या रोंग कंपैरिजन कर रहे हैं हम? तो सर ने बोला यू आर कंपेयरिंग अ पेट्रोकेमिकल जॉइंट टू अ स्मॉल एग्रीकल्चर बेस्ड फर्म।
44:04 Reliance को आप आर एग्रो से कंपेयर ही नहीं कर सकते। कंपैरिजन शुड बी बिटवीन सिमिलर कंपनीज़। सेम टाइप की कंपनीज़ में ही ये कंपैरिजन हो सकता है। तो मैंने बोला ठीक है सर सिमिलर करके देख लेते हैं। तो मैंने जानबूझ के क्या किया? सिमिलर करने के लिए Reliance का नाम हटा के लिख दिया ICICI बैंक और आर एग्रो का निकाल के लिख दिया बैंक। जैसे ही मैंने देना बैंक लिखा सर ने बोला नहीं नहीं नहीं ये भी कंपेरेबल नहीं है। मैंने बोला सर क्यों कंपेरेबल नहीं है? दोनों बैंक है सर सेम इंडस्ट्री सर ने बोला नहीं एक रूलर इंडिया पे फोकस करता है एक अर्बन इंडिया पे फोकस करता है एक प्राइवेट है एक पब्लिक बैंक है एक एग्रेसिव है और दूसरा कंजर्वेटिव है ये
44:50 अग्रेसिव नहीं है तो ये भी कंपेरेबल नहीं है मैं आपको क्या दिखाने की कोशिश कर रहा हूं बी स्कूल वाले जितना सिमिलर डेटा देखने के लिए बोलते हैं कि सिमिलर देखो सिमिलर देखो सिमिलर देखो उतनी सिमिलर कंपनीज़ मिलने वाली ही नहीं और अगर सिमिलर होंगी तो दोनों क्योंकि पीई रेशो भी क्या होंगी? सेम। मार्केट डम थोड़ी ना है आपके लिए कि दोनों सेम चीजों के लिए अलग-अलग पी रेशियो रखेगी और आपको बोलेगी सर देखो मैथ्स तो आपने सीखा हुआ है फिफ्थ स्टैंडर्ड का। आपको थर्ड स्टैंडर्ड का मैथ्स तो आता ही है। पी बाय ई देख लो कौन सा सस्ता कौन सा महंगा दोनों सेम कंपनीज़ है। ये सस्ती है। मार्केट इतनी डम नहीं है कि आपको सेम चीजें अलग-अलग वैल्यू्यूएशन पे दे देगी। मार्केट भी बहुत समझदार है। जब मार्केट किसी चीज की पीई बढ़ाती है इसलिए बढ़ाती है कि उनको लगता है कि फ्यूचर अच्छा है। और अगर किसी की नहीं बढ़ाती या गिराती है तो इसलिए उनको लगता
45:37 है कि इसका फ्यूचर ब्राइट नहीं है। तो मैंने सर को बोला सर इतना सिमिलर तो कुछ मिलेगा ही नहीं ऐसे तो। तो तो मैंने फिर जानबूझ के चेंज करके लिख दिया बैंक के बदले HDFC बैंक। जैसे ही मैंने HDFC बैंक लिखा सर ने बोला हां ये ठीक है। यह कंपैरिजन किया जा सकता है। तो मैंने बोला ठीक है सर कंपैरिजन करके देख लेते हैं। अब मैं आपको दिखा रहा हूं। ICIC, HDFC जैसी सिमिलर कंपनी में भी अगर आप पी रेशियो का डाटा लगाएंगे तो आप क्यों गड़बड़ कर सकते हैं? कैसे गड़बड़ कर सकते हैं? आपको ऐसा लग रहा है कि ICICI बैंक में ₹800 लगा के ₹80 मिल रहे हैं। ऐसा आपको लग रहा है। ऐसा है नहीं। क्योंकि हो सकता है ICICI में 800 लगा के ₹800 ही मिलते हैं। लेकिन
46:25 ₹720 कंपनी कोई एक्सपेंशन पे हर साल खर्च कर देती है। मतलब बड़ा खर्चा किया है तो हर साल 720 720 720 का क्या करते हैं? डेप्रिसिएशन या मान लेते हैं हर साल खर्चा करते हैं 720 का। क्योंकि 720 एक्सपेंशन पर खर्च हो रहा है। इसलिए आप 800 लगा के जो ₹800 कमाते हैं। आप ₹800 लगा के जो ₹800 कमाते हैं उस 800 में से 720 चले जाते हैं। तो आपको ऐसा लग रहा है कि 800 लगा के कितने मिल रहे हैं? 80 लेकिन मिल कितने रहे थे? 800 ही मिल रहे थे। 5 साल बाद जब ये एक्सपेंशन बंद होगा। जब ये एक्सपेंशन बंद होगा तो आपको पता लगेगा 800 लगा के 800 ही आ रहे हैं। प्लस जो हमने
47:11 एक्सपेंशन किया है उसके वजह से भी कुछ फ्यूचर में प्रॉफिट क्या हो गया है 5 साल बाद बढ़ गया है। तो आपको जो कंपनी लग रहा था ये महंगी है वो महंगी थी नहीं महंगी दिख रही थी। क्यों दिख रही थी? क्योंकि आपको लगा 800 लगा के 80 आ रहे हैं। लेकिन 800 लगा के 800 आ रहे थे और 720 ही खर्च हो रहे थे। जो 720 टेंपरेरी खर्चा है जो 5 साल बाद बंद हो जाएगा। सिमिलरली HDFC बैंक आपको लग रहा है कि महंगा है। क्यों लग रहा है महंगा है? क्योंकि आप सॉरी सस्ता है क्योंकि आपको लग रहा है 80 लगा के ₹80 मिल रहे हैं तो आपको बहुत सस्ता लग रहा है लेकिन हो सकता है 80 लगा के सिर्फ ₹ ही मिल रहे हैं लेकिन बाकी जो ₹72 है कोई वन टाइम इनकम है। वन टाइम इनकम मतलब भाई
47:58 कभी-कभी आती है। जैसे कभी मैंने दिल्ली में लैंड बेच दी। बड़ी बड़ा बहुत बड़ा लैंड का मेरे पास टुकड़ा पड़ा था। मैंने लैंड बेच दी तो वहां से ₹72 आ गए। इसलिए वो वन टाइम इनकम है। बार-बार नहीं होगी। कभी-कभी होती है। तो मैंने दिखाया 72 ऐड हो गए तो ₹80 दिख रहे हैं। लेकिन उसमें ₹80 ही ₹8 ही मिल रहे हैं। ₹72 तो वन टाइम है। टेंपरेरी है। अगले साल मैंने मुंबई की लैंड बेच दी। वहां से आ गए ₹72। किसी साल समझिए मैंने कोई कोर्ट केस जीत गया। वहां से आ गए। तो आपको एक दो साल देख के ऐसा लगता है कंपनी कमाती इतना है। कमाती नहीं है। कमाती तो 80 लगा के आठ ही है। आपको ऐसा लग रहा था कि आ रहे हैं ₹72 जो आने वाले हैं। लेकिन जैसे ही आपने खरीदा तो यह ₹72 बंद हुआ और 80 लगा के कितने आए? आठ। तो आपको जो कंपनी सस्ती लग रही थी वो
48:44 जरूरी नहीं कि सस्ती है। तो मैंने सर को बोला सर पीई रेशियो बहुत ही इनकंप्लीट इंफॉर्मेशन है। अगर पीई रेशियो के बेसिस पे हम डिसीजन लेने लग गए फिर तो हम इतनी गलतियां करेंगे कि पूछो ही मत। तो पीई रेशियो का कोई संबंध नहीं है। इनफैक्ट जब मैं आपको इंडिविजुअल स्टॉक्स लेना सिखाऊंगा कि ग्रेट कंपनीज को कैसे आइडेंटिफाई करते हैं? ग्रेट कंपनीज को कैसे वैल्यू करते हैं? उसमें सबसे कम इंपॉर्टेंट पैरामीटर पीई है। पी बाय ई को तो हम कोई इतनाेंस देते ही नहीं है। तो सर ने मेरे को बोला यार क्या बता रहा है? ये सब बातें तो हमको भी पता है। तो मैंने बोला फिर सर क्या प्रॉब्लम क्या है? सर ने बोला ये प्रॉब्लम्स तो हमको पता है बट इसका सॉल्यूशन क्या है? ये तो पता है हमको ऐसी प्रॉब्लम्स होती है। बट स्यूशन क्या है? तो अब मैं आपको सॉल्यूशन दे रहा हूं
49:29 कि पी रेशियो को क्योंकि पी रेशियो की इतनी सारी प्रॉब्लम्स हैं तो इसको इस्तेमाल करना कैसे? तो उसका मैं एक तरीका आपको बता रहा हूं। कभी भी आप कोई चीज खरीदने वाले हैं जैसे Reliance का आप स्टॉक खरीदने वाले हैं। तो Reliance की आपने निकाल ली P / E / 80 व्हिच इज़ सेट 10। अब अगर आपको Reliance खरीदना है तो इसको कंपेयर दूसरे स्टॉक से मत करिए। इसको रिस्क फ्री इन्वेस्टमेंट से कंपेयर करिए। रिस्क फ्री इन्वेस्टमेंट से कंपेयर करिए। बताइए एक आम आदमी के लिए रिस्क फ्री इन्वेस्टमेंट क्या है? आम आदमी अगर Reliance का स्टॉक खरीदना चाहता है ₹800 में। फिर उसने बोला नहीं यार स्टॉक मार्केट में
50:14 इन्वेस्ट नहीं करता तो ये जो है वो रिलेटिवली रिस्क फ्री है। अब अगर आपने बैंक में एफडी कर दी। अगर आपने बैंक में एफडी कर दी तो बैंक एफडी करने की मुझे बताइए P / E रेशो कितनी होगी? बैंक एफडी करने की P रेशियो कितनी होगी? तो बताइए पीई रेशियो कितनी होगी? गवर्नमेंट बोंड्स भी हो सकता है। एकदम सही। एफडी गवर्नमेंट बंड्स मान लेते हैं। सब सेम है। अब मुझे बताइए बैंक एफडी में पैसा पार
51:00 करने की पीई रेशियो कितनी होगी? तो इसके लिए दो इनेशन चाहिए। कितना आपने प्राइस भरा? कितनी आपकी अर्निंग हुई? समझिए अगर मैंने ₹800 बैंक में जमा कर दिए तो साल के एंड में मुझे कितने मिलेंगे? आजकल मिल रहे हैं 6% 7% 8% ऐसा कुछ मिल रहा है। लेकिन कैलकुलेशन को इजी करने के लिए अभी 2 मिनट के लिए अस्यूम करिए बैंक एफडी का रेट है 10% जस्ट टू मेक कैलकुलेशंस इजी बाद में मैं इसको चेंज कर दूंगा और एग्जैक्ट नंबर लूंगा। बट अभी के लिए अस्यूम करिए बैंक में अगर आप एफडी करते हैं तो आपको कितने मिलते हैं? 10% तो ₹800 अगर बैंक में रखेंगे तो कितने मिलेंगे? 80 तो बैंक एफडी की पीई रेशियो कितनी हो गई? 10/1 तो क्या आपको यह दिख गया कि अगर आपने ₹10 बैंक में जमा किए तो साल के एंड में आपको ₹1 क्या
51:48 मिल जाएगा? इंटरेस्ट मिल जाएगा। ₹1 क्या मिल जाएगा? इंटरेस्ट। और अगर आपने ₹10 Reliance में इन्वेस्ट किए तो आपको ₹1 का क्या मिल जाएगा? नेट प्रॉफिट। याद रखिए एक जगह नेट प्रॉफिट मिल रहा है। एक जगह इंटरेस्ट। दोनों में 10 लगा के साल के एंड में कितना मिल रहा है? ₹1। बैंक में अगर ₹10 लगाएंगे तो साल के एंड में ₹1 का इंटरेस्ट मिलेगा और Reliance में अगर ₹10 लगाएंगे ₹10 लगाएंगे तो साल के एंड में क्या मिलेगा मेरे को साल के एंड में मेरे को क्या मिलेगा ₹1 का नेट प्रॉफिट अब बताइए अगर आप मेरी जगह होते और आपको ये डाटा दिख रहा होता कि Reliance में ₹800 लगाएंगे तो साल के एंड में ₹80 मिलेंगे। बैंक में ₹800 लगाएंगे तो साल के एंड में ₹80 मिलेंगे। तो आप अपना पैसा कहां डालते? सब लोग जाइए। बताइए मेरे को आप अपना पैसा
52:35 कहां डालते और क्यों सब लोग पहले तो बताइए कहां डालते क्यों तो बाद में आएंगे पहले सब लोग जाइए अपने अपनेप हिसाब से बताइए आपको क्या लगता है वेयर वेयर वुड यू पार्क योर मनी Reliance खरीदते ₹800 से या बैंक फिर अगला क्वेश्चन होगा व्हाई व्हाई क्यों हमने ऐसा क्यों बोला हमने ऐसा क्यों बोला कि भाई कहां हमने बैंक में रखेंगे या Reliance में रखेंगे ऐसा हमने क्यों बोला राइट तो ये दो चीजें तो अब मैं देख रहा हूं अलग-अलग आंसर आ रहे हैं। कई लोग बोल रहे हैं हम अपना पैसा Reliance में रखेंगे। कई लोग बोल रहे हैं अपना पैसा बैंक एफडी में रखेंगे। सब अपने-अपना लॉजिक दे रहे हैं। तो मैं इसका आंसर चार पार्ट में दूंगा इसका आंसर। पहला मैं आंसर दूंगा कि मैं अपना पैसा होता तो मैं कहां रखता? फिर मैं आंसर दूंगा क्यों?
53:21 मैंने ऐसा क्यों बोला? फिर मैंने जो वाई बोला उसमें फ्लॉ क्या है? मेरे वाई में बहुत बड़ा फ्लॉ है। फिर मैं फ्लॉ समझाऊंगा। फिर बताऊंगा इस फ्लॉ का सॉल्यूशन क्या है? तो मैं आंसर चार पार्ट में दे रहा हूं। तो बने रहिएगा। ऐसा नहीं है कि बस एक आंसर सुन के आपने बोला अरे नहीं नहीं नहीं वरुण ने ये गलत बोला ये गलत बोला। ऐसा नहीं है। इस क्वेश्चन के आंसर के चार पार्ट हैं। पहले मैं बताऊंगा कहां? क्यों? मेरे क्यों बोलने के पीछे का फ्लॉ क्या है और उसका सॉल्यूशन क्या है? तो देखिए अगर मैं होता तो बिय्ड डाउट बिय्ड डाउट अपना पैसा Reliance में इन्वेस्ट करता। क्यों करता? पहले एक बार यह समझ लेते हैं। अगर यह बात मुकेश अंबानी को पता चल जाए कि भाई अगर मैं ₹800 कंपनी में रखता हूं मतलब शेयर नहीं बेचता और
54:08 ₹800 कंपनी में रहने देता हूं तो साल के एंड में कितना कमाऊंगा? ₹80 और अगर मैं अपनी कंपनी बंद करता हूं सारी मशीनरी मशीनरी सब बेचता हूं। सब सब कुछ बेच बाच के लैंड बेच के मशीन बेच के ₹800 मेरे पास आए। वो ₹800 मैंने कहां डाल दिए? वो ₹800 मैंने डाल दिए बैंक में। तो भी कितने आएंगे? 80। अगर यह बात मुकेश अंबानी को पता चल जाए कि काम करते रहेंगे तो भी 80 आएंगे और काम बंद करके सब कुछ तोड़ता के बेच के बैंक में रख देंगे तो भी 80। तो मुकेश अंबानी क्या बोलेंगे? फिर काम करने का फायदा ही क्यों है? हम काम कर क्यों रहे हैं? लेकिन फिर भी मुकेश अंबानी काम बंद नहीं करते। क्यों? क्योंकि मुकेश अंबानी बोलते हैं कि बैंक में 800 लगा के जो ₹80 आएंगे वो इंटरेस्ट के फॉर्म में आएंगे। और ये इंटरेस्ट फ्यूचर में भी क्या
54:55 रहेगा? ₹80 ही रहेगा। कांस्टेंट ही रहेगा। इस पे सब लोग यस कर दीजिए। बैंक में ₹80 लगा के जो मेरे पास ₹80 आएंगे वो मेरे पास 80 तो आएंगे लेकिन ये 80 अभी भी आएंगे। फ्यूचर में भी 80 आएंगे या कांस्टेंट रहेगा। जबकि मेरे को ऐसा लगता है उनको गलत फीलिंग हो सकती है। ये फीलिंग गलत हो सकती है। ध्यान से सुनिए। लेकिन वो यह बोल रहे हैं कि मेरे को ऐसा लगता है कि 800 मेरी कंपनी में जो मैं छोड़ता हूं उससे साल के एंड में मैं ₹80 कमाऊंगा। लेकिन मेरे को पूरा विश्वास है। ये विश्वास गलत हो सकता है कि मेरे को पूरा विश्वास है कि ये फ्यूचर में क्या होने वाला है? इनक्रीस होने वाला है। क्योंकि ये फ्यूचर में इनक्रीस होने वाला है। इसलिए वो कंपनी बंद नहीं कर रहे। वो बोल रहे हैं देखो मैं कंपनी में पैसे रख रहा हूं 80 तो 80 आएंगे
55:41 बट ये फ्यूचर में एटलीस्ट इनक्रीस तो होगा। बैंक में 800 डालूंगा तो 80 आएंगे और फ्यूचर में भी कितने रहेंगे? 80 ही रहेंगे तो ग्रोथ नहीं होगी। इसलिए मैं अपनी कंपनी बंद नहीं कर रहा। लेकिन अगर मुकेश अंबानी को यह बात पता चल जाए कि भाई बैंक में लगाएंगे 800 तो 80 आएंगे और मैं अपनी कंपनी में 80 लगाऊं 800 लगाऊंगा तो भी 80 आएंगे और फ्यूचर में या तो ये कांस्टेंट रहेगा या ये नीचे लोअर ही हो जाएगा मतलब गिर जाएगा। अगर मुकेश अंबानी को पता चल जाए कि बैंक में 800 लगाएंगे तो 80 आएंगे जो हमेशा 80 रहेंगे कास्टेंट रहेंगे गिरेंगे नहीं स्टेडी रहेंगे हमेशा 80 के 80 रहेंगे लेकिन अगर मेरी कंपनी में जो 800 लगा रहा हूं वो 80 आएंगे फ्यूचर में या तो कांस्टेंट रहेंगे या गिर ही
56:28 जाएंगे नीचे ही हो जाएंगे तो फिर मुकेश अंबानी क्या बोलेंगे फिर मुकेश अंबानी बोलेंगे यार फिर तो काम करने का फायदा ही क्या है तो बोलेंगे यार कंपनी बंद ही कर दो क्योंकि 800 लगा के 80 आ रहे हैं मेरे 80 का पक्का भी नहीं आएंगे कि नहीं आएंगे बैंक में तो पक्का पक्का आईटी आएंगे मेरे फ्यूचर में ग्रोथ भी नहीं होने वाली तो कंपनी क्या करो बंद करो और अगर मुकेश अंबानी नहीं कमा पा रहे मतलब इंडिया की सबसे बड़ी कंपनी नहीं कमा पा रही वन ऑफ द बिगेस्ट कंपनीज नहीं कमा पा रही तो इसका मतलब बाकी कंपनीज भी नहीं कमा पा रही होंगी अगर बाकी कंपनीज भी नहीं कमा पा रही होंगी तो सभी बोलेंगे यार अब फ्यूचर में ग्रोथ होने वाली नहीं है। सब सारे बिजनेस ओनर्स को समझ पड़ गया है कि फ्यूचर में ग्रोथ नहीं है। इससे अच्छा कंपनी बंद करो पैसा बैंक में रखो क्योंकि ग्रोथ हो ही नहीं रही है। और अगर सबको यह बात पता चल जाए और सब अपनी कंपनी बंद करें तो बताइए
57:14 कंट्री में क्या प्रॉब्लम आएगी? सब लोग चैट बॉक्स पर जाकर बताइए मेरे को कि भाई अगर मुकेश अंबानी जैसी वन ऑफ द बिगेस्ट कंपनी इन द चेक चेक चेक चेक चेक चेक आई थिंक आई लॉस्ट द कनेक्शन इन बिटवीन या अब ठीक है तो मुझे बताइए अगर मुकेश अंबानी जैसी वन ऑफ़ द बिगेस्ट कंपनीज़ वन ऑफ़ द बिगेस्ट कंपनीज़ जो है वो बेसिकली पैसा नहीं कमा पा रही हैं। वन ऑफ द बिगेस्ट कंपनीज जो पैसा नहीं कमा पा रही तो बाकी कंपनीज भी नहीं कमा पा रही तो क्या प्रॉब्लम आएगी? तो कंपनी सारी कंपनीज लोग बंद करेंगे। सारी कंपनीज बंद करेंगी तो किसकी प्रॉब्लम आ जाएगी? अनइंप्लॉयमेंट की बहुत बड़ी प्रॉब्लम आ जाएगी। तो क्या गवर्नमेंट चाहेगी कि कंट्री में अनइंप्लॉयमेंट बढ़े? नहीं। गवर्नमेंट तो
58:00 नहीं चाहेगी कि कंपनी में अनइंप्लॉयमेंट बढ़े। तो गवर्नमेंट पूरी कोशिश करेगी अनइंप्लॉयमेंट की प्रॉब्लम ना बढ़े तो कंपनीज बंद ना हो। और अगर गवर्नमेंट चाहती है कंपनीज बंद ना हो। तो क्या आप यह समझते हैं? बहुत ध्यान से सुनिए। अगर गवर्नमेंट चाहती है कि कंपनीज बंद ना हो तो क्या आप यह समझते हैं कि हर गवर्नमेंट का यह परम धर्म है। प्राइमरी गोल है। प्राइमरी गोल परम धर्म है कि इंडस्ट्री का जो ₹80 का प्रॉफिट है वो फ्यूचर में इनक्रीस होना चाहिए। यस नो मैं वापस रिपीट कर रहा हूं। अगर गवर्नमेंट चाहती है कि अनइंप्लॉयमेंट की प्रॉब्लम ना हो। लोगों को जॉब मिलते रहे इसका
58:45 मतलब इंक्रीस होना चाहिए। क्योंकि अगर ये इनक्रीस नहीं होगा तो खत्म ही हो जाएगी। सारी कहानी खत्म हो जाएगी। और ये ₹80 को फ्यूचर में इनक्रीस करने के लिए सबसे पहली फोर्स जो ये पक्का ध्यान रखेगी कि ये ₹80 फ्यूचर में इनक्रीस होना ही चाहिए। मतलब बैंक का जो ₹80 है वो कांस्टेंट रहेगा लेकिन बिजनेस वालों का ₹80 फ्यूचर में इनक्रीस होना ही चाहिए। यह पहली फोर्स जो सर्टेन करती है वो होता है एंटरप्रेन्योर हिमसेल्फ। एंटरप्रेन्योर हिमसेल्फ मतलब भाई मुकेश अंबानी जो है वो जान लगा देंगे। मुकेश अंबानी जान लगा देंगे कि फ्यूचर में हमारा प्रॉफिट क्या होना चाहिए? बढ़ना चाहिए। अगर एंटरप्रेन्योर के जान लगाने पर भी बात ना बने तो फिर दूसरी ताकत आ जाती
59:30 है। दूसरी ताकत कौन सी है? रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया। आरबीआई। आरबीआई क्या बोलेगी? आरबीआई बोलेगी भ कुछ भी करो कंपनी का प्रॉफिट बढ़ाओ। तो बताइए आरबीआई क्या एक्शन ले सकती है जिससे कंपनीज़ के फ्यूचर में प्रॉफिट बढ़ेंगे? सोच के बताइए। सबसे पहले तो ताकत कौन लगाएगा? मुकेश अंबानी एंटरप्रेन्योर लगाएंगे। एंटरप्रेन्योर की ताकत लगाने पे अगर बात नहीं बनी तो आरबीआई क्या एक्शन ले सकती है जिससे कंपनी का प्रॉफिट बढ़े? पहला स्टेप क्या लेगी? वो बोलेगी इंटरेस्ट रेट्स को क्या करो? डाउन करो। इंटरेस्ट रेट्स को डाउन करो। अगर इंटरेस्ट रेट्स को डाउन कर दिया तो क्या फायदा होगा? समझिए Reliance के पास 100 करोड़ का लोन था। 8% का इंटरेस्ट चल रहा था। 8 करोड़ का वो क्या
1:00:16 पे कर रहे थे? इंटरेस्ट पे कर रहे थे हर साल। अगर वही 100 करोड़ लोन पे 7% का इंटरेस्ट कर दिया मैंने तो आप 7 करोड़ का इंटरेस्ट पे करेंगे। कितने लोगों को समझ पड़ा कि इंटरेस्ट रेट जब आरबीआई नीचे करेगी तो जिन कंपनीज ने लोन लिया हुआ है उनकी इंटरेस्ट पेमेंट कम हो जाएगी। इंटरेस्ट पेमेंट कम हो गई तो कंपनी का प्रॉफिट बढ़ जाएगा। नंबर वन पहले यस कर दीजिए। सब लोग यस कर दीजिए। इंटरेस्ट रेट नीचे की है। कंपनीज़ की इंटरेस्ट पेमेंट कम प्रॉफिट बढ़ गया। दूसरा क्योंकि इंटरेस्ट रेट नीचे किए तो इन जनरल पब्लिक की बाइंग पावर बढ़ रही है। लोग ज्यादा लोन ले पा रहे हैं। लोन ले ज्यादा घर खरीद रहे हैं, ज्यादा गाड़ी खरीद रहे हैं। सब कुछ ज्यादा कर पा रहे हैं। क्योंकि लोग लोन लेके ज्यादा खर्चा कर पा रहे हैं। तो लोअर इंटरेस्ट रेट्स के वजह से डिमांड क्या हो
1:01:03 जाती है? हाई। और अगर डिमांड हाई हो जाएगी तो पब्लिक ज्यादा सामान खरीदेगी कंपनी से। तो अपने आप कंपनी का प्रॉफिट क्या हो जाएगा? बढ़ जाएगा। मतलब अपने आप कंपनी का प्रॉफिट क्या हो जाएगा? बढ़ जाएगा। तो मैंने बताया पहले एंटरप्रेन्योर जोर लगाएंगे कि प्रॉफिट बढ़ना चाहिए। दूसरा मैंने आपको बताया एंटरप्रेन्योर के बाद आरबीआई जोर लगाएगी कि प्रॉफिट बढ़ना चाहिए। आरबीआई के जोर लगाने पे भी अगर बात नहीं बनी तो तीसरी ताकत आ जाती है। तीसरी ताकत कौन सी है? गवर्नमेंट देमसेल्व्स। गवर्नमेंट ही आ जाती है। और गवर्नमेंट आके क्या बोलती है? भाई कुछ भी करो लोगों का प्रॉफिट बढ़ाओ। या तो लोगों को लैंड फ्री में दो या टैक्स रेट कम कर दो। क्योंकि इस गवर्नमेंट ने क्या किया था? टैक्स रेट कम कर दिया था तो सब कंपनी का प्रॉफिट बढ़ गया। भाई पहले आप 30% टैक्स पे करते थे।
1:01:49 अब 25% टैक्स पे करो। तो 5% से सबका टैक्स कम हो गया तो सब कंपनीज का प्रॉफिट बढ़ गया। या पहले वाली गवर्नमेंट क्या करती थी? 2G स्पेक्ट्रम जो बहुत वैलुएबल चीज है वो इंडस्ट्री को फ्री में दे दो। क्योंकि फ्री में देंगे तो ज्यादा पैसा कमाएंगे। कोल माइन फ्री में दे दो। उसको एलोकेट करने में क्या स्कैम हुआ वो एक अलग क्वेश्चन है। वो कोर्ट का काम है। वो हमारा काम नहीं है। बट मैंने सिर्फ ये बोला कि एलोकेट इसलिए करते हैं ताकि इंडस्ट्री ज्यादा पैसा कमाए। जैसे ये गवर्नमेंट भी हो सकता है बोले कि Reliance को लैंड सस्ती दे दो इधर दे दो। करते हैं ऐसा। क्यों करते हैं? जरूरी है। जरूरी इसलिए है चाहे पहले की गवर्नमेंट 2G सस्ते में देती थी, कोलबाइन सस्ते में देती थी या ये गवर्नमेंट लैंड सस्ते में देती है। इसीलिए देती है कि भाई इंडस्ट्री का प्रॉफिट बढ़ना चाहिए। अब मुझे यह बताइए आपको क्या लगता है अगर ये तीनों फर्सेस लग
1:02:36 जाए तो क्या पॉसिबिलिटी है कि फ्यूचर में इन कंपनीज का एक कंपनी का नहीं सारी कंपनीज का बोल रहा हूं एक कंपनी का नहीं कि क्या लगता है आपको अगर ये तीनों फर्सेस लग जाए एंटरप्रेन्योर आरबीआई और गवर्नमेंट और तीनों एक ही इंसेंटिव से काम करें कि कंपनी का प्रॉफिट क्या करना है बढ़ाना है तो आपको क्या लगता है क्या चांसेस है कि कंपनी का प्रॉफिट बढ़ जाएगा क्या लगता है ज्यादा ये लगता है कि हां बढ़ जाएगा जाएगा मतलब 99% तो चांस मेरे को लगता है कि बढ़ जाएगा या आपको लगता है नहीं प्रॉफिट तभी भी नहीं बढ़ पाएगा सब लोग जाइए मेरे को बताइए टीच समथिंग न्यू एटलीस्ट तो हो सकता है सर आपने ये सेशन पहले अटेंड किया हुआ है तो इसलिए आपको ये लग रहा है न्यू नहीं है बट जनरली जिन लोगों ने अवेयरनेस प्रोग्राम किया है उनके लिए नया प्रोग्राम ही चल रहा
1:03:23 है वेरी वेरीरी सॉरी इफ यू हैव डन दिस सेशन तो यह प्रोग्राम हम इसीलिए करते हैं सो दैट एवरीबडी अंडरस्टैंड्स कि इंटेंसिव प्रोग्राम में क्या सीखने को मिलेगा। एंड इफ यू हैव डन दिस प्रोग्राम वी वुड ऑलवेज आस्क यू टू एनरोल इन द इंटेंसिव प्रोग्राम। परफेक्ट। तो मैंने ये बोला कि अगर इंटरेस्ट रेट्स विल गो डाउन, इफ आरबीआई विल टेक अ लॉट ऑफ़ पेन, इफ एंटरप्रेन्यर्स विल बेसिकली पुट इन अ लॉट ऑफ़ एफर्ट, द चांसेस दैट द प्रॉफिट्स विल इंक्रीस आर वेरी-वेरी हाई। तो प्रॉफिट तो इंक्रीस हो ही जाएंगे। और अगर प्रॉफिट इनक्रीस हो गए तो बताइए क्या होगा? बैंक में 80 लगा के ₹800 लगा के ₹80 मिल रहे थे बैंक में। और ये ₹80 फ्यूचर में क्या रहने
1:04:09 वाले हैं? कांस्टेंट। जबकि Reliance में ₹800 लगा के ₹80 मिल रहे हैं। बट ये ₹80 फ्यूचर में क्या होने वाले हैं? इनक्रीस। और क्योंकि ये इनक्रीस होंगे तो अपने आप कंपनी का शेयर का प्राइस भी क्या हो जाएगा? इनक्रीस। कितने लोग समझ गए? जितने लोग समझ गए? यस लिखिए। नहीं समझे तो लिखिए। नो। मैं रिपीट कर रहा हूं। अगर ये तीन फर्सेस सारी ताकत लगाएंगे तो किसी ना किसी तरीके से बैंक में जो 800 लगे हैं वो तो ₹80 मिलते ही रहेंगे लेकिन जो Reliance में 800 लगा रहे हैं उसमें 80 भी मिलेंगे और ये ₹80 फ्यूचर में इनक्रीस भी हो जाएगा और अगर प्रॉफिट इनक्रीस हो जाएगा तो शेयर का प्राइस भी इनक्रीस हो जाएगा। इसका मतलब अगर इसका मतलब अगर बैंक में 800 लगा के ₹80 मिल रहे थे और Reliance में भी 800 लगा के ₹80 मिल रहे थे तो मेरे को अपना
1:04:56 पैसा ये अगर बैंक एफडी है और ये अपना Reliance है तो मेरे को अपना पैसा किस में डालना चाहिए? Reliance विद अ सिंपल एजमशन विद अ सिंपल एजमशन कि ये ₹80 फ्यूचर में क्या होने वाला है? इनक्रीस। तो मैंने आपको बता दिया कि मैं अपना पैसा कहां लगाऊंगा? Reliance में लगाऊंगा वेयर। फिर मैं बताऊंगा मैंने ऐसा क्यों सोचा यह भी मैंने आपको बता दिया कि भाई फ्यूचर में ₹80 क्या होना चाहिए इंक्रीस। अब मेरे लॉजिक में
1:05:55 आते हैं तो टाइप राइटर वाली कंपनीज़ खत्म हो जाती हैं। लेकिन कंप्यूटर आके लोगों को एमावर कर देते हैं। जो लोग अपना काम ज्यादा कर सकते हैं। मतलब एक आदमी जो पहले ₹100 का काम प्रोड्यूस करता था। अब वो ₹500 का काम कर सकता है। क्यों? क्योंकि कंप्यूटर ने उसको एमावर कर दिया। उससे ज्यादा काम करवा रहा है। तो कई बार टेक्नोलॉजी आके कई इंडस्ट्रीज को क्या कर देती है? किल कर देती है। जैसे अगर कल कोई ऐसा सिस्टम आ जाए कि घर बैठे एजुकेशन ले लो। टॉप क्लास एजुकेशन टॉप क्लास एजुकेशन फ्री अबब्सोलुटली फ्री। बच्चों का इंटरेक्शन भी है, सब कुछ है। सब कुछ चल रहा है। सब कुछ ठीक चल रहा है। तो मेरे को ये बताओ अगर एजुकेशन आ जाए सब कुछ फ्री। सब कुछ सबको मिल रहा है तो डीएवी डीपीएस तो गए। तो सरकार को डीएवी डीपीएस को बचाना चाहिए या पूरे हिंदुस्तान को फ्री एजुकेशन
1:06:42 दे देनी चाहिए? चैट बॉक्स पर जाकर बताइए। आयुषी मैम मैंने आज के सेशन के आपने शायद लेट ज्वाइन किया है। सेशन के स्टार्टिंग के पांच मिनट में मैंने पूरा बताया कि रीसेंट टॉप क्रॉस होने पे क्या हुआ है। और मैं क्यूएनए सेशन में फिर से इसके ऊपर बात करूंगा। बट ये क्लास जो है वो इंटेंसिव प्रोग्राम की पहली क्लास है। तो मैंने स्टार्टिंग में भी बताया और क्यूएनए सेशन तक बने रहिए। क्यूएनए सेशन पे आ जाइए। लास्ट में अगर आप पहले से ही हमारे कोर्स पार्टिसिपेंट है तो लास्ट में आइएगा। क्यूएनए सेशन लास्ट के 30-4 मिनट्स 15 से बेसिकली हम क्यूएनए चालू कर देंगे। 1:00 बजे से या 15:15 से समवेयर अराउंड दैट डायरेक्टली आप क्यूएनए में आ सकते हैं। ऑलराइट। तो क्या हमको डीपीएस और डीएवी को बचाना चाहिए या सबको फ्री एजुकेशन देनी
1:07:28 चाहिए? बहुत डिफिकल्ट क्वेश्चन है। तो मेरा तो ये मानना है कि भाई कोई बात नहीं सबको हिंदुस्तान को फ्री एजुकेशन दो। क्योंकि फ्री एजुकेशन मिलेगी तो सारे लोग प्रोडक्टिव बन जाएंगे। सब लोग प्रोड्यूस करेंगे। डीपीएस डीवी खत्म हो जाएगा। चिंता छोड़िए डीपीएस डीवी की। फिर तो आपके साथ में टाइप राइटर को हो जाना चाहिए था। कंप्यूटर को नहीं आने देना चाहिए था। जब मोबाइल आ रहा था लोगों को बोला नहीं मोबाइल नहीं आएगा। पेजेस चलते रहेंगे। तो जब कोई नई टेक्नोलॉजी आती है तो पहले की चीजों को क्या करती है? वो डिस्ट्रॉय करती है। और डिस्ट्रॉय करके नई इंडस्ट्री बनाती है। और जो वो नई इंडस्ट्री बनाती है वो इंडस्ट्री बहुत कुछ प्रोड्यूस कर देती है। क्योंकि लोगों को क्या कर देती है? एमावर कर देती है। तो जैसे मैंने बोला कंप्यूटर आए तो टाइप राइटर नहीं बचे। एजुकेशन नया तरीका आया तो डीपीएस डीएवी नहीं बचेगा।
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