30 Stocks to See Right Now | 50% Trump Tariff on India | Invest like the Top 1%

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संक्षिप्त सारांश

यह वीडियो शेयर बाजार के कुछ ऐसे सेक्टरों पर केंद्रित है जो युद्ध और मंदी से अप्रभावित रहते हैं। इसमें उन क्षेत्रों पर भी प्रकाश डाला गया है जिन पर ट्रंप के टैरिफ का असर पड़ने वाला है, और निवेशकों को अपने पोर्टफोलियो का आकलन करने की सलाह दी गई है। वीडियो में यूएस की रणनीतियों, रे डालियो की चेतावनी और लेखक की निजी रणनीतियों पर भी चर्चा की गई है।

मुख्य बातें:

  • कुछ सेक्टर युद्ध और मंदी से अप्रभावित रहते हैं।
  • ट्रंप के टैरिफ का कुछ क्षेत्रों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
  • निवेशकों को अपने पोर्टफोलियो का आकलन करने और कर्ज कम करने पर ध्यान देना चाहिए।
  • फार्मा, एफएमसीजी, यूटिलिटीज, डिफेंस, इंफ्रास्ट्रक्चर, फाइनेंस और रेलवे जैसे सेक्टरों पर ध्यान दें।

परिचय

इस वीडियो में शेयर बाजार के कुछ ऐसे सेक्टरों के बारे में बताया गया है जो युद्ध और मंदी से अप्रभावित रहते हैं। लेखक ने कहा कि ट्रंप के 50% टैरिफ से कुछ सेक्टरों को झटका लगने वाला है और निवेशकों को अपने पोर्टफोलियो का आकलन करने की जरूरत है। इसके अलावा, वीडियो में यूएस की रणनीतियों, रे डालियो की चेतावनी और लेखक की निजी रणनीतियों पर भी चर्चा की गई है। लेखक ने धैर्य रखने और बाजार को समझने पर जोर दिया है।

ट्रंप के टैरिफ और उनका प्रभाव

ट्रंप ने 7 अगस्त से 50% टैरिफ लगाने की घोषणा की है, जिसका असर कई सेक्टरों पर पड़ेगा। लेखक ने उन सेक्टरों की पहचान करने की बात की है जो ट्रंप के टैरिफ से अप्रभावित रहेंगे और मंदी से सुरक्षित रहेंगे। लेखक ने एक किताब का हवाला देते हुए कहा कि भीड़ भरे दिमाग में शांतिपूर्ण हृदय के लिए कोई जगह नहीं होती। उन्होंने कहा कि वेल्थ कभी भी भावनात्मक नहीं होती, बल्कि गणितीय होती है।

यूएस की रणनीति

यूएस द्वारा उठाए जा रहे कदमों के पीछे की रणनीति पर प्रकाश डाला गया है। रूस से भारत द्वारा तेल आयात करने से यूएस नाखुश है, क्योंकि वह इसे अपनी सुरक्षा के लिए खतरा मानता है। यूएस एक युद्ध-समर्थक अर्थव्यवस्था है, और युद्ध जैसी स्थितियों में उसे अधिक निर्यात करने का अवसर मिलता है। हालांकि, अन्य देशों द्वारा अपनी रक्षा अवसंरचना को मजबूत करने से यूएस के रक्षा क्षेत्र में मंदी आ गई है। फेड्स का लक्ष्य मुद्रास्फीति को 2% से कम रखना है, लेकिन यूएस में मुद्रास्फीति पहले से ही 4% है।

टैरिफ का प्रभाव और संभावित लाभ

ट्रंप द्वारा लगाए गए टैरिफ का उद्देश्य अपनी कंट्री में प्रोडक्शन को बढ़ाना है, लेकिन आज की अर्थव्यवस्था में हर कोई एक-दूसरे पर निर्भर है। टैरिफ लगाने से मुद्रास्फीति बढ़ रही है, और यह कोई वास्तविक समाधान नहीं है। यूएस के इस तरह के कदमों से पूरी दुनिया पर असर पड़ता है, क्योंकि यह एक ग्लोबल सुपर पावर है। कुछ सेक्टर आगे भी प्रॉफिटेबल हो सकते हैं, और उनके कुछ स्टॉक्स हमेशा अच्छे माने जाते हैं।

प्रभावित होने वाले सेक्टर

ट्रंप के 50% टैरिफ से इंजीनियरिंग गुड्स, टेक्सटाइल्स, जिम्स एंड ज्वेलरीज, केमिकल्स, लेदर इंडस्ट्री, फुटवेयर इंडस्ट्री और ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरिंग कंपोनेंट्स पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। इन कंपनियों का एक्सपोर्ट 40 से 55% तक गिर सकता है, जिससे उनका रेवेन्यू और प्रॉफिट कम हो जाएगा।

लाभदायक सेक्टर

फार्मा और हेल्थ केयर सेक्टर पर टैरिफ का कोई असर नहीं पड़ेगा। युद्ध, मंदी या महामारी के समय में भी मेडिसिन, फार्मा और हेल्थ केयर सर्विसेज की डिमांड हमेशा बनी रहती है। एफएमसीजी और कंज्यूमर सप्लाई सेक्टर भी स्थिर रहेंगे, क्योंकि एसेंशियल्स की डिमांड हमेशा बनी रहती है। यूटिलिटीज और पावर सेक्टर भी महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि बिजली, पानी और गैस के बिना काम नहीं चल सकता। डिफेंस और पीएसयू सेक्टर भी बढ़ रहे हैं, क्योंकि भारत का डिफेंस एक्सपोर्ट पिछले 10 सालों में 174% बढ़ा है।

अन्य लाभदायक सेक्टर

इंफ्रास्ट्रक्चर और कंस्ट्रक्शन सेक्टर में भी विकास की संभावनाएं हैं, क्योंकि भारत अभी भी विकासशील अवस्था में है। फाइनेंस सेक्टर में डोमेस्टिक बैंक्स, नेशनल इंश्योरर्स और एएमसीस का महत्वपूर्ण योगदान है। रेलवे और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर भी महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि रेलवे हमारा होम ग्रोन डिपार्टमेंट है और इसमें हमारी विशेषज्ञता है।

कोर्स और अंतिम सलाह

लेखक अपने आगामी कोर्स के बारे में जानकारी देते हैं और निवेशकों को सलाह देते हैं कि वे अपने कर्ज को जल्दी से जल्दी खत्म करने की कोशिश करें और कैश जमा करके रखें। वे कहते हैं कि धैर्य और प्लानिंग से ही पैसे बनते हैं, पैनिक से नहीं। लेखक निवेशकों को अपनी रिसर्च करने और अपने पोर्टफोलियो को बेहतर दिशा देने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।

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Transcript

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0:04 स्टॉक मार्केट के कुछ ऐसे सेक्टर्स ऐसे क्यों होते हैं? हर सेक्टर की मैं बात करने वाला हूं और थोड़ा डिटेल में बताने वाला हूं कि हर सेक्टर में किस-किस सेक्टर में ऐसा क्यों होता है कि वह वॉर प्रूफ या रिसेशन प्रूफ हो जाते हैं। ट्रंप ताऊ के जो 50% टेरिफ आए हैं उससे किन-किन सेक्टर्स को झटका लगने वाला है और अगर आपके पोर्टफोलियो में ये सारे के सारे स्टॉक्स हैं जो यूएस कर रहा है ट्रंप कर रहे हैं। इसके पीछे एक्चुअल स्ट्रेटजी है क्या? रे डालियो का नाम आपने सुना होगा। उन्होंने दी है एक वार्निंग। तो उसको कहते हैं वो डेड स्पायरल वार्निंग और मेरी एक पर्सनल स्ट्रेटजी है। इन सभी के बारे में बात करेंगे वन बाय वन। इस वीडियो को पूरा देखना जरूरी है क्योंकि स्टॉक मार्केट वेल्थ उन्हीं के लिए बनाता है जो पेशेंस रखते हैं। नमस्कार दोस्तों, मेरा नाम है सागर। आप देख रहे हैं सिविल बीइंग्स यानी

0:49 सिविलाइज्ड ह्यूमन बीइंग्स। [संगीत] मेरे प्यारे दोस्तों ये वीडियो आई थिंक सबसेेंट वीडियो होने वाली है क्योंकि इसमें जो मैंने रिसर्च करी है वो नेक्स्ट लेवल पे है। जैसा कि आप जानते हैं कि कल ट्रंप ताऊ ने 50% टेरिफ अनाउंस कर दिया है सेवंथ ऑफ अगस्त से यानी कि आज से तो 25% और 27 अगस्त से फिर वो 25 और ऐड हो जाएगा। तो ऐसे में वो कौन से स्टक्स हैं? कौन से सेक्टर्स हैं जो ट्रंप प्रूफ हैं और ऐसे में वो जो कांड कर रहे हैं उसका इंपैक्ट हमारे पोर्टफोलियो पे दिखने लग जाता है। तो कुछ ऐसे स्टॉक्स हमारे पास होने चाहिए।

1:36 कुछ ऐसे सेक्टर्स का हमें एनालिसिस करना आना चाहिए जो रिसेशन प्रूफ हो। ट्रंप प्रूफ हो। मैं एक किताब पढ़ रहा था तो मैंने इसके शुरुआत के कुछ नहीं ज्यादा नहीं 70 60 60 पेजेस पढ़े हैं। ये अ क्राउडेड माइंड लीव्स नो स्पेस फॉर अ पीसफुल हार्ट। यहां तक पढ़ा है तो डोंट बिलीव एवरीथिंग यू थिंक। मतलब इसमें कुछ ऐसी बातें हैं। बाकी स्टॉक मार्केट से रिलेटेड नहीं है किताब। बट आई थिंक कि इसमें जो प्रिंसिपल्स हैं वो कहीं ना कहीं जब मैं मेरा दिमाग जब चल रहा था पढ़ते-पढ़ते तो स्टॉक मार्केट की तरफ ही चल रहा था। बाय डिफॉल्ट वो फाइनेंस की तरफ घूम जाता है। तो मेरे को बस शौक है तो दो चीजों का। आप जानते ही हैं। एक है पढ़ाई। पढ़ना मुझे बहुत पसंद है। तो मुझे पढ़ाना बहुत पसंद है। मैं अभी भी पढ़ता हूं और साथ ही साथ मुझे पसंद है फाइनेंस। और अभी

2:24 मेरा फुल टाइम जो जॉब है वो है पढ़ाना और पढ़ाना। और अभी जो स्टॉक मार्केट में मैं इन्वेस्टिंग कर रहा हूं तो आज जैसे 7 अगस्त की सुबह है। अभी-अभी मैं रिकॉर्ड कर रहा था। आई वास जब मैंने एक वीडियो रिकॉर्ड कर दी थी एंड आई वास वेटिंग। तो ऐसे में जो मैं टेस्ट कर रहा था अपनी ही वीडियो को कि जब ट्रंप ने 25% टेरिफ और लगा दिया है तो क्या मेरे बताए हुए सेक्टर्स और स्टॉक्स उस ट्रंप के टेरिफ को भी बीट कर पा रहे हैं कि नहीं? एंड यस तो इवन दो द मार्केट इज डाउन बाय4% निफ्टी का इंडेक्स बट हमारे जो सेक्टर्स हैं उसमें इतनी गिरावट नहीं देखी गई है। सो आप खुद भी चेक कर सकते हो। बट आपको थोड़ा पेशेंस के साथ इस वीडियो को देखना पड़ेगा। मैं हर थर्सडे को सिर्फ एक वीडियो बनाता हूं। दोस्तों, मैं अपने स्टूडेंट्स को हमेशा एक बात बोलता हूं कि वेल्थ इज नेवर इमोशनल।

3:09 वेल्थ इज ऑलवेज मैथमेटिकल। पूरा गणित समझते हैं इस पूरे खेल का। इस वीडियो को हमने बहुत सारे सेक्टर्स में डिवाइड किया है। वी आर नॉट जस्ट टॉकिंग अबाउट द न्यूज़। वी आर टॉकिंग अबाउट दी एनालिसिस। तो मैं चाहता हूं कि उस मेहनत को आप भी देखें और आप भी सोचें। जो यूएस कर रहा है, ट्रंप कर रहे हैं, इसके पीछे एक्चुअल स्ट्रेटजी है क्या? देखिए रीजन तो हम सबको मालूम चल चुका है कि रशिया का जो ऑयल आता है इंडिया के पास तो यूएस इससे नाख है। यू नो दिस जिओपॉलिटिकल टेंशन गोइंग ऑन। यूक्रेन को सपोर्ट करता है यूएस। इंडिया का जो कंटीन्यूअस इंपोर्ट है ऑइल का स्पेशली रशिया से वो यूएस कहता है उनके कंट्री के लिए एक सिक्योरिटी थ्रेट है। आपको पता होगा कि यूएसए की इकॉनमी एक वॉर थ्राइविंग इकॉनमी है। यूएस का जो मैक्सिमम

3:56 बजट होता है वो हमेशा सबसे ज्यादा डिफेंस पे मिलिट्री इन खर्चों पे जाता है। और हमेशा से क्योंकि यूएस में क्या हुआ? लड़ाईयां बहुत लड़ी है बहुत पहले से। वो वियतनाम वॉर आप यूएस के जो सीरीज देखते हैं वेब सीरीज वगैरह उसमें भी वियतनाम वॉर अफगानिस्तान वॉर सोल्जर्स ये सब बहुत ज्यादा उनके अंदर उनके ब्लड में मिला हुआ है। दे आर अ वॉर थ्राइविंग इकोनमी। तो वॉर लाइक सिचुएशन में नेचुरली यूएस को ज्यादा एक्सपोर्ट्स मिल जाते हैं करने को और ऐसे में उसको उसके जो आर्म्स एंड एमुनेशंस के जितने डिपार्टमेंट्स हैं जितने डीलर्स हैं उनके सारे के सारे ऑर्डर बुक्स जो हैं फिल हो जाते हैं। तो जो इस तरह के ग्लोबल कॉन्फ्लिक्ट्स होते हैं जो एस्केलेटेड टेंशनंस होते हैं वॉर लाइक सिचुएशन होती है वो यूएस के लिए होती है कैश काउस। अच्छा उसके बाद काफी टाइम से वॉर नहीं हुआ

4:41 और उसके अलावा बाकी कंट्रीज ने भी यूएस पे डिपेंडेंसी कम कर दी। खुद के डिफेंस इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत कर लिया। तो वहां के डिफेंस सेक्टर में अब रिसेशन आ गया है। जो फेड्स हैं जो जैसे यहां पे आरबीआई को बोलते हैं अपन लोग वहां पे फेड्स बोलते हैं। तो उन्हें उनका टारगेट था कि इनफ्लेशन को 2% से ज्यादा ना करें। ऑलरेडी उनका इनफ्लेशन 4% हो चुका है यूएस की इकॉनमी में। उन्होंने रेट ह किए हैं 25-25 बेसिस पॉइंट 10-10 बेसिस पॉइंट करके। कितनी बार पता है? इस साल में 11 बार। जस्ट एक साइड नोट अगर आपको ये मालूम है तो बहुत अच्छी बात है। आप एक मिनट आगे स्किप कर सकते हैं। थोड़ा फॉरवर्ड कर सकते हैं वीडियो को। मैं जस्ट क्योंकि ये एक डीप ड्राइव वीडियो है तो मैं आपको पूरा नॉलेज देना चाहता हूं। जब भी कभी इनफ्लेशन ज्यादा होता है तो लोगों का जो खरीदना है

5:26 वह कम हो जाता है। कैश फ्लो इकॉनमी में कम हो जाती है यानी कि डिमांड घट जाती है और ऐसे करके अगर सप्लाई ज्यादा है डिमांड से तो आपकी जो प्राइसेस हैं वो नीचे जाती हैं। तो फिर इनफ्लेशन कंट्रोल में आता है। अब यह जो बात करते हैं वापस ट्रंप ताऊ की यह जो है हरकतें कर रहे हैं। तो इंडिया पे जो टेरिफ लगाना इंडिया पे ही नहीं इंडिया और ब्राजील दोनों पे 50% का टेरिफ है। स्विट्जरलैंड पे 39% है। और भी बहुत सारी कंट्रीज हैं जो कि 20% 25% चाइना पे 30% का टेरिफ है। ये जो टेरिफ पे टेरिफ लगा रहे हैं इससे वो क्या करना चाह रहे हैं? वो अपनी कंट्री में प्रोडक्शन को बढ़ाना चाह रहे हैं। अब अपनी कंट्री में प्रोडक्शन बढ़ाने के लिए उनके पास पूरा सेटअप होना चाहिए। लेकिन आजकल की जो इकॉनमी है पूरी दुनिया भर की इकॉनमी

6:12 वर्ल्ड इकॉनमी इस पूरी इकोनमी में हर कोई एक दूसरे पर निर्भर है। तो हो क्या रहा है? इनफ्लेशन बढ़ इसलिए रहा है फिर भी क्योंकि वो टेरिफ लगाना इज नॉट द एक्चुअल स्यूशन। कोई कंट्री ऐसा नहीं कर रहा। इनफ्लेशन बहुत कंट्रीज में है। अकेला यूएस है जो इस तरह की हरकत कर रहा है। और यूएस की ऐसी हरकत करने से पूरी दुनिया में फर्क पड़ता है। बिकॉज़ इट इज अ ग्लोबल सुपर पावर। अब बात करते हैं हमारे सेक्टर्स और वह प्रॉफिटेबल क्यों हो सकते हैं आगे और साथ ही साथ उनके कौन से स्टॉक्स अच्छे स्टॉक्स में गिने जाते हैं हमेशा। देखिए पीपल डोंट लर्न फ्रॉम देयर मिस्टेक्स। व्हाट हैपेंस जब एक्चुअल पैसे लगे होते हैं तो दे पैनिकिक एंड देन दे सेल एंड देन दे रिग्रेट। और फिर आती है वारेन बफे साहब की कही हुई एक बहुत ही शानदार लाइन जो

7:00 कोटेड है फ्रॉम दिस बुक द इंटेलिजेंट इन्वेस्टर। आपने पढ़ी है किताब? उनका यह कहना था कि व्हेन द टाइड रंस आउट देन वी गेट टू एक्चुअली सी हूस स्विंग। मतलब जब यह मार्केट न्यूज़ और यह सब खत्म हो जाती है। उसके बाद दिखाई देता है कि मार्केट न्यूज़ से कितने लोग धुल गए और कितने अभी भी समंदर में तैर रहे हैं। एकदम कॉपी पेन लेकर बैठ जाइए। नोट डाउन करिए। अच्छे से चीजों को सीखिए। एक ही दो वीडियो आपको देखनी है। इस वीडियो के साथ आपको अपना समय बिताना है। इसी बात पे इस वीडियो को भी एक लाइक करिए। ट्रंप ताऊ के जो 50% टेरिफ आए हैं उससे किन-किन सेक्टर्स को झटका लगने वाला है और अगर आपके पोर्टफोलियो में ये सारे के सारे स्टॉक्स हैं तो उन सारे स्टॉक्स को अभी के अभी आपको चेक करने की

7:47 जरूरत है कि इनमें से किसी को हटाना तो नहीं है। तो जो सबसे पहला है वो हैवी इंपैक्ट ऑन द इंजीनियरिंग गुड्स। जितने भी इंजीनियरिंग गुड्स हैं उस पर टेरिफ लगाया गया है 50% तक का। उसके अलावा टेक्सटाइल्स टेक्सटाइल्स में भी टेरिफ लगाया गया है। उसके बाद है जिम्स एंड ज्वेलरीज केमिकल्स। अच्छा फार्मा इंडस्ट्री नहीं केमिकल्स मतलब स्पेशलिटी केमिकल्स। फार्मा इंडस्ट्रीज को अभी इससे दूर रखा गया है। 0% है टेरिफ क्योंकि यूएस में जो उनकी इकॉनमी है उसमें खर्चा हॉस्पिटलाइजेशन का बहुत ज्यादा होता है। जिस वजह से क्या है कि उन्होंने फार्मा को उनका सेल्फ इंटरेस्ट वो नहीं देख रहे। फार्मा पे नहीं लगाया है वो लोगों ने। उस पे 0% है टेरिफ। बाकी चीजों पे लगाया गया है। और फिर कहते हैं कि इंडिया अपना सेल्फ इंटरेस्ट ना देखे। अच्छा लेदर इंडस्ट्री इंपैक्ट होगी।

8:34 फुटवेयर इंडस्ट्री इंपैक्ट होगी। ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरिंग कॉमोनेंट्स होते हैं वो भी इंपैक्ट होंगे। तो आपको यह देखने को मिल सकता है कि इन कंपनीज का 40 से 55% तक एक्सपोर्ट डाउन चला गया। जिसकी वजह से इनका रेवेन्यू डाउन हुआ। रेवेन्यू डाउन तो सेल्स और फिर उसका इंपैक्ट ओवरऑल प्रॉफिट पे भी पड़ेगा। यह आपको अगला क्वार्टर आते-आते तक के दिखाई पड़ने भी लग जाएगा। लेकिन हमें पहले से तैयार रहना है। आइए वो सेक्टर्स की बात करते हैं जो बढ़िया है। पहला फार्मा एंड हेल्थ केयर जैसा कि अभी हमने डिस्कस किया। यूएस ने जो फिनिश्ड ड्रग फॉर्मुलेशंस होते हैं उनको अप्रैल 2025 की एक डील के तहत अभी फिलहाल टेरिफ से एक्सेंप्ट करके रखा है। और अगर लॉन्ग टर्म में आप सोचेंगे तो वॉर हो या रिसेशन हो या कोविड जैसी महामारी हो आप देखिए कोविड के टाइम पे सबसे जबरदस्त पैसा

9:21 फार्मा कंपनीज़ ने बनाया था। तो मेडिसिंस की फार्मा की हेल्थ केयर सर्विसेस की डिमांड हमेशा रहती है। डॉ. लाल पैथ लैब्स लिखिए spl aरोबिंदो farma और sun farmautics इसको आप srener.in नाम की वेबसाइट है। उसमें आप डालिए इन कंपनीज़ के चारों के नाम और साइड में लिखा रहता है इन कंपनीज़ के बारे में डिस्क्रिप्शन। देखिए पढ़िए इसको अच्छे से। दूसरा है एफएमसीजी और यू कैन से कंज्यूमर सप्लाई। देखिए एक थंब रूल है एसेंशियल्स ऑलवेज सेल नो मैटर व्हाट। रिसेशन हो या ट्रेड वॉर हो, खाना है, टॉयलेट्रीज है, बेसिक गुड्स की जो डिमांड है ना वो हमेशा बनी रहती है। तो ऐसे स्टॉक्स को अगर हम देखें जिनका इंडियन डिमांड बहुत स्ट्रांग है और यूएस में इनका कोई कुछ खास डिमांड जाता नहीं है। इंडिया पे ही इनका ऑपरेशन होता है। तो इस तरह के स्टॉक्स हैं Hindstan Unilever LED, ITC,

10:09 Britannia, DAB, Marico, Tata कंस्यूमर्स एंड वरुण बेरेजेस। यह स्टॉक्स को नोट डाउन करिए और यह सेक्टर स्टेबल क्यों है? दिस इज इन नो वे अ बाय और अ सेल कॉल। दिस इज अ कॉल फॉर अंडरस्टैंडिंग फॉर नॉलेज। आप पहचानिए कि क्या अभी अपने लोएस्ट पॉइंट पे है। क्या इनका सपोर्ट और जो इनका एसएमए है, इनका डायवर्जेंस है, इनका आरएसआई है, इनकी स्टडी करिए और पता लगाइए कि क्या यह अभी बाय करने की पोजीशंस पे आ गए हैं कि नहीं। तीसरा बहुत इंपॉर्टेंट सेक्टर वो है यूटिलिटीज एंड पावर। बिजली, पानी, गैस भाई चाहिए तो चाहिए। इसके बिना काम नहीं चलेगा। जिन बिजनेसेस का स्टेट गवर्नमेंट बेस्ड रेवेन्यू जनरेट होता है जो ठेके

10:57 लेते हैं, कॉन्ट्रैक्ट्स लेते हैं स्टेट गवर्नमेंट से उनका यूएस से कोई लेना देना ही नहीं है। उसके अलावा वो स्टॉक्स जो ग्रीन एनर्जी को पुश कर रहे हैं हमारे भारत में। जैसे कि NTPC, NTPC grains जिसका लास्ट ईयर ही आईपीओ आया था। Tata पावर कोल इंडिया पावर ग्रिड कॉरपोरेशन इन सभी चीजों में कोल इंडिया में तो मेरे बहुत सारे स्टूडेंट्स मेरे कई सारे दोस्त हैं जो वहां काम भी करते हैं। एनटीपीसी में भी जो गेट के थ्रू सब सिलेक्शंस होते हैं ना और मुझे मालूम है कि ये जो कंपनीज़ हैं एक्चुअली में काम कैसे करती है। जब आपको यह पता होता है कि चीजें काम करती कैसे हैं तो आपका कॉन्फिडेंस बढ़ जाता है। अगला चौथा सेक्टर वो है डिफेंस एंड पीएसयूस। देखिए मेक इन इंडिया आप उसके बारे में क्या सोचते हैं वो आपकी राय है। लेकिन जो डाटा है वो यह है डिफेंस से रिलेटेड कि हमारे एक्सपोर्ट्स पिछले 10

11:42 सालों में डिफेंस वाले 174% बढ़े हैं। मतलब इंडिया ने बेचना ज्यादा और खरीदना कम किया है। 1.27 लाख करोड़ पर ईयर प्रोडक्शन है डिफेंस के गुड्स का। तो ऐसे में कौन से स्टॉक्स हैं जो डिफेंस रिलेटेड स्टॉक्स हैं और जो पीएसयूस भी हैं जिसका मतलब गवर्नमेंट की छत्रछाया में काम होता है। तो ऐसे पीएसयूस हैं जिसमें मैंने भी एक काम किया है। वन ऑफ माय फेवरेट जिसको मैंने बहुत पहले से परचेस किया वो है हिंदुस्तान एयररोनॉटिक्स लिमिटेड एचएल मैं मारथली बोर में कुछ महीनों तक के एचएल में जॉब किया हूं। उसके बाद मेरा यूपीएससी आईएस में सिलेक्शन हो गया था। उसके बाद है भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड भारत डायनामिक्स लिमिटेड भारत फर्ज कोचीन शिपयार्ड मैज़गॉन डॉक्स ये डॉग्स वाले कैसे आ गए सेक्टर क्योंकि जो एक्सपोर्ट होता है वो डॉग्स के थ्रू होता है और एक और है वो है डेटा पैटर्न्स यह भले ही पीएसयू नहीं

12:29 है बट इसको देखिएगा स्टॉक को जरूर चेक करिएगा अगला माय डियर्स जो सेक्शन है वो है इंफ्रास्ट्रक्चर और कंस्ट्रक्शन इंडिया अभी भी डेवलपिंग स्टेज में है। बहुत सारे करोड़, लाखों करोड़ हाईवेज में या फिर इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट में लगाए जा रहे हैं। तो गवर्नमेंट स्पेंडिंग की इसमें कमिटमेंट होती है कि इतना इंफ्रास्ट्रक्चर में लगाना ही है पैसा। यहां पर जो रोड्स और बाकी कंस्ट्रक्शन वर्क हो रहा है उसकी डिपेंडेंसी यूएस पे बहुत ही मिनिमल है ना के बराबर है। अनलेस एंड अंटिल हम कोई स्पेशलाइज्ड चीज बनाना चाहे जो सिर्फ यूएस के पास है। लेकिन आज की डेट में जो कंस्ट्रक्शन टेक्नोलॉजीस हैं भारत के पास भी भरपूर हैं। मशीनरीज भरपूर हैं। हां, लेकिन इंपैक्ट इंजीनियरिंग गुड्स में आ सकता है जो कि कंस्ट्रक्शन में यूज़ हो सकते हैं। तो ऐसी कंपनीज़ से दूर रहना ही सेफ रहेगा। अब इसका क्लासिकल एग्जांपल

13:15 बताते हैं आपको। LNT, RVNL, PNC Infra, irrfc KNR कंस्ट्रक्शन और आईआरबी इंफ्रा इन स्टॉक्स को जरा चेक तो करिए। अगला जो सेक्टर है वो है फाइनशियल्स का। उनमें भी उनका जो डोमेस्टिक बैंक्स हैं जो हमारे नेशनल इंश्योरर्स हैं, तरह-तरह की इंश्योरेंसेस करते हैं और एएमसीस हैं। इन सभी का रोल है बहुत बड़ा हमारी खुद की इकॉनमी में जो यूएस से बहुत ही मिनिमल इंपैक्ट है। अब इसके क्लासिकल एग्जांपल्स देखिए जरा स्टॉक्स को देखिए। ICICI Bank, SBI ट्रेंड निफ्टी का देखिए कैसे हो रहा है और ट्रेंड इन बैंक्स का देखिए। LIC, SBI L, HDFC, AMC और मनपुरम इन सभी को देखिए। लुक एट देयर ग्राफ्स। और जो सातवां

14:01 सेक्टर है मेरे दोस्त वो है रेलवेेज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर। और अगर आपको वाकई में सीखना है ढंग से अच्छे से 10 चीजें अलग-अलग जगहों से नहीं एक जगह से एक बार में वन शॉट बहुत बढ़िया तरीके से नथिंग एल्स रिक्वायर्ड बिय्ड देन दैट आई एम गारंटिंग दैट तो आप हमें मैसेज कर सकते हैं। हमारा WhatsApp नंबर है 876876876 इसके अलावा आप हमारे tlegram ग्रुप में भी जुड़ सकते हैं। आप हमें डायरेक्ट WhatsApp करिए। हमारी वेबसाइट है, हमारा ऐप है, सब कुछ वेल बिल्ट है। और हमने अभी तक के 20,000 से ज्यादा स्टूडेंट्स को मैंने पर्सनली पढ़ाया है। कोई और नहीं पढ़ाता है। मैं ही पढ़ाता हूं डायरेक्ट वन टू वन। और अभी जो स्टार्ट हो रही है 1 सितंबर से वो है बैच 14। बैच 14 इज गोइंग टू बी

14:48 रेवोल्यूशनरी। क्योंकि हम उसमें बहुत सारी और भी नई चीजें लाने वाले हैं। और यह जो 20,000 स्टूडेंट्स हैं, अब मैं इतनी लंबी वीडियो में और चीज नहीं बताना चाहता कि इनके फीडबैक क्या रहे, क्या नहीं। आप सीधा बस अटेंड करके आप खुद ही जज कर सकते हैं कि कैसा रहा इन सभी का फीडबैक। यार मैं बिलीव करता हूं दिल से पढ़ाने में और मैं आप लोग को जब पढ़ाता हूं तो मैं अपना 100% और फुल ट्रांसपेरेंसी के साथ बात करता हूं ताकि किसी भी एक भी पर्सन का एक भी रुपया मेरी वजह से नुकसान नहीं होना चाहिए। यही मेरा एम रहता है और हमें सेबी की गाइडलाइंस को भी फॉलो करना होता है। तो उनकी गाइडलाइंस के तहत ही हम सारे काम करते हैं। और जो सातवां सेक्टर है मेरे दोस्त वो है रेलवेेज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर। सातवां सेक्टर जो है यह बहुत इंपॉर्टेंट इसलिए है क्योंकि रेलवेेज हमारा होम ग्रोन

15:34 डिपार्टमेंट है। वी हैव एन एक्सपर्टीज ऑन द रेल्वेज। हमारी विज़िबल मोनोपोली है इसमें। गवर्नमेंट स्पेंडिंग बहुत तगड़ी है। गवर्नमेंट का जो रेल इंफ्रा का जो पुश है वो बहुत ह्यूज अमाउंट में है। और आज जो इनफ्लेशन बढ़ रहा है उससे अब देखिए आप फ्लाइट्स फ्लाइट्स में इंडिया में हो गई मोनोपोली। मोनोपोली इन द सेंस डओपोली बोल सकते हैं। Spice Jet और Air ACASA जो है ACASA एयर है उसको आप छोड़ दीजिए। बचे दो वो एक इंडिगो और एक एयर इंडिया। बाकी सब तो खत्म हो गए। तो वो प्राइसेस अपने हिसाब से लेते हैं। तो ऐसे में आप भी तो सोचते होंगे ना कभी ना कभी कि भाई अगर मुझे मान लो दिल्ली से भोपाल जाना है तो मैं फ्लाइट लेने से अच्छा है ओवरनाइट ट्रेन में सफर कर लूं। अगर फ्लाइट होती ₹2000 की जैसे एक टाइम पे मिलती थी ₹1700 ₹100 में मिलती थी तब हम बोलते थे ₹1100 का सेकंड एसी ₹1200 का है। ₹1700 का लेके चलो फ्लाइट में चले

16:21 जाते हैं मजे के मजे। बट अभी हम वो नहीं सोचते। अभी हम सोचते हैं कि फ्लाइट है भले ही भोपाल जाना है 45000 की फ्लाइट है तो बेटर होगा यार कि चलो भोपाल एक्सप्रेस पकड़ लो तो ये हम सभी के साथ हैं और इस वजह से इनका रेवेन्यू राइज हो भी रहा है वो है आईआरसीटीc आरवीएनएल रेल विकास निगम लिमिटेड ये ये है टॉप स्टॉक्स उसके अलावा कंटेनर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया है कॉनकोर है वो भी आप देख सकते हैं अगर आपके अगर आप Telegram यूजर हैं तो आपके लिए बहुत बढ़िया होगा आप सिर्फ सर्च करिए स्टडी टू विन एक्सक्लूसिव विदाउट एनी स्पेससेस टू न्यूममेरिक टू होता है। तो स्टडी टू विन एक्सक्लूसिव विदाउट एनी स्पेस सर्च करिए और उसमें जो लिस्ट है पूरी वि रैशनल कि क्यों हम उसको रिकमेंड कर रहे हैं और वो रिकमेंडेड स्टॉक्स क्या है जिन पे आपको स्टडी करनी है। इन सभी की हमने पूरी

17:07 बढ़िया से एक पीडीएफ बना के दे दी है। आप इसका क्विक ग्लांस वहां से भी ले सकते हैं और एक बार खुद से स्टडी कर सकते हैं और अपने पोर्टफोलियो को एक बेहतर दिशा दे सकते हैं। लास्ट में मैं यही कहना चाहूंगा कि आप जितने लोगों के पास भी क्रेडिट कार्ड के डेप्ट्स हैं, ईएमआई के डेप्ट्स हैं यानी कि आप या कहीं ना कहीं कोई कर्ज है। वो टाइम आने वाला है जब कैश विल बी द किंग। तो अपने डेप्ट्स को जल्दी से जल्दी खत्म करने की कोशिश करिए ताकि जब यह मौका पड़े तब मैं बताऊंगा आपको कि मौका कब है। तब आपके पास कैश होना चाहिए इन्वेस्ट करने के लिए। क्योंकि अगर हम हमारा डे में ही फंसे रहे तो उस समय भी जब मौका आएगा तब भी हम अपना डेप्ट ही चुका रहे होंगे। तो अभी और डेप्ट बिल्ड मत करना। बिल्कुल ध्यान रखना और अभी सिर्फ कैश पे ही एक्यूमुलेट करके रखना। और ऐसी एफडीयां करा सकते हैं

17:52 आप भले ही कम इंटरेस्ट रेट पे जो जब चाहे तुड़वा सके विद सम मिनिमल पेनाल्टी। बट कैश को जमा करके रखना बहुत जरूरी है आज की डेट में। जिस तरह का मार्केट स्थिति चल रहा है उस हिसाब को देख के। देखिए पेशेंस और प्लानिंग इन दोनों से ही पैसे बनते हैं। पैनिकिक से नहीं। इसीलिए इतना डीप ड्राइविंग आपके साथ मैंने किया है। और मैं आपको बहुत-बहुत बधाई देता हूं। अगर आपने इस वीडियो को पूरा एंड तक देखा है, मेरे साथ बने रहे हो तो ऐसे में आप नीचे कमेंट करिए। बताइए मैंने पूरी वीडियो देखी। जितने लोगों ने भी देखी है, बताइए जरूर। आपके अंदर पेशेंस है और स्टॉक मार्केट जो वेल्थ बनाता है वो आप लोगों के लिए ही बनाता है। उन लोगों के लिए नहीं जो जल्दबाजी में रहते हैं। जाते-जाते मैं एक ही बात बोलूंगा इस किताब से। यह किताब मेरी बहुत ही फेवरेट किताब है। बहुत बार इसको पढ़ चुका हूं। द साइकोलॉजी ऑफ़ मनी। गेटिंग वेल्थी इज अबाउट नॉलेज। स्टेइंग

18:40 वेल्दी इज अबाउट विज़डम। तो इसी के साथ आज की वीडियो मैं समाप्त करता हूं। अगले थर्सडे फिर से इस तरह का डीप ड्राइव एनालिसिस लेकर के आऊंगा। आपको आराम से इसको चालू करके छोड़ देना है। सुनते रहना है, समझते रहना है चीजों को। और उसके बाद फिर आपको करनी है खुद की अपनी रिसर्च। और अगर आपको कोर्स ज्वाइन करना है, एक ही कोर्स है। बहुत सारे 10 कोर्सेस का प्लैटर नहीं है। जस्ट वन कोर्स फॉर एवरीथिंग एंड वेरी अफोर्डेबल 8768 876 876 यह नंबर याद कर लीजिए। इस पे जरूर WhatsApp मैसेज करिए। हम आपको सारी डिटेल्स भेजेंगे। थैंक यू सो मच। गुड डे। जय हिंद। जय नॉलेज। [संगीत]

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