अकबर के महत्वपूर्ण कार्य- By - KAJAL MAM

Udaaniasacademy Rjn www.youtube.com

संक्षिप्त सारांश

यह वीडियो अकबर के महत्वपूर्ण कार्यों पर केंद्रित है, जो CGTET और अन्य परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण हैं। इसमें अकबर के जन्म से लेकर उनकी मृत्यु तक के प्रमुख कार्यों और नीतियों का वर्णन है, जिसमें दास प्रथा का अंत, तीर्थ यात्रा कर की समाप्ति, जजिया कर की समाप्ति, सती प्रथा पर प्रतिबंध, मनसबदारी प्रथा, फतेहपुर सीकरी की स्थापना, इबादतखाना की स्थापना, मजहरनामा की घोषणा और दीन-ए-इलाही की घोषणा शामिल हैं। वीडियो में इन कार्यों को याद रखने के लिए एक आसान ट्रिक भी बताई गई है।

  • अकबर का जन्म, शासन और प्रारंभिक जीवन
  • अकबर द्वारा किए गए महत्वपूर्ण कार्य (1562-1583)
  • कार्यों को याद रखने की ट्रिक

अकबर का प्रारंभिक जीवन और शासन

अकबर का जन्म 15 अक्टूबर 1542 को हुआ था। 1556 में, पानीपत के द्वितीय युद्ध में उन्होंने हेमचंद्र विक्रमादित्य को पराजित किया और 13 वर्ष की आयु में शासक बने। चूंकि वह अभी छोटे थे, इसलिए उन्होंने 1556 से 1560 तक बैरम खान के संरक्षण में शासन किया। 1560 में, 18 वर्ष की आयु होने पर, उन्होंने स्वतंत्र रूप से शासन करना शुरू कर दिया। 1561 में, उन्होंने जनता को समझने में एक वर्ष बिताया, ताकि वे बेहतर तरीके से शासन कर सकें।

अकबर के महत्वपूर्ण कार्य (1562-1583)

1562 में, अकबर ने दास प्रथा पर प्रतिबंध लगाया। 1563 में, उन्होंने हिंदुओं से तीर्थ यात्रा कर समाप्त कर दिया। 1564 में, उन्होंने जजिया कर की समाप्ति की। 1565 में, उन्होंने सती प्रथा पर प्रतिबंध लगा दिया। 1567 में, उन्होंने मनसबदारी प्रथा शुरू की। 1571 में, उन्होंने फतेहपुर सीकरी की स्थापना की और उसे अपनी राजधानी बनाया। 1575 में, उन्होंने इबादतखाना की स्थापना की। 1579 में, उन्होंने मजहरनामा की घोषणा की। 1582 में, उन्होंने दीन-ए-इलाही की घोषणा की और 1583 में, उन्होंने इलाही संवत की शुरुआत की।

कार्यों को याद रखने की ट्रिक

अकबर ने हिंदुओं के लिए सहिष्णुता की नीति अपनाई। उन्होंने सबसे पहले दास प्रथा पर प्रतिबंध लगाया, जिससे हिंदुओं को दास बनने से मुक्ति मिली। फिर उन्होंने तीर्थ यात्रा कर समाप्त कर दिया, जिससे हिंदुओं को तीर्थ यात्रा करने में आसानी हुई। इसके बाद, उन्होंने जजिया कर की समाप्ति की, जिससे हिंदुओं पर लगने वाला धार्मिक कर समाप्त हो गया। उन्होंने सती प्रथा पर प्रतिबंध लगाकर हिंदुओं के लिए एक और अच्छा काम किया। इसके बाद, उन्होंने सैन्य व्यवस्था को मजबूत करने के लिए मनसबदारी प्रथा शुरू की। सेना को रखने के लिए उन्होंने फतेहपुर सीकरी की स्थापना की। अपने जीवन के अंतिम पड़ाव में, उनका झुकाव धर्म की ओर हुआ। उन्होंने धर्म के बारे में जानने के लिए इबादतखाना की स्थापना की। फिर उन्होंने मजहरनामा की घोषणा की और दीन-ए-इलाही की घोषणा की, जिसमें उन्होंने अपनी जनता को 10 सद्गुण अपनाने के लिए कहा। अंत में, उन्होंने इलाही संवत चलाया। 1605 में उनकी मृत्यु हो गई।

Summarize any YouTube video in seconds

Get summaries like this one for any video, in your language, with the free Summ app.

Download on the Apple Store
Get it on Google Play

Transcript

YouTube Transcript Generator

0:06 हेलो फ्रेंड्स, मैं काजल राजपूत उड़ान आईएस राजनंद गांव के ईलर्निंग प्लेटफार्म में पे मैं आपका हार्दिक स्वागत करती हूं। जैसा कि आप जानते हैं कि हर टॉपिक्स के लिए अभी हमारे यहां पे छोटी-छोटी क्लिप्स लाया जा रहे हैं। जिसमें आज मैं बहुत महत्वपूर्ण टॉपिक खास करके सीजीटेट के लिए अकबर के महत्वपूर्ण कार्य जो है उस पर हम डिस्कस करेंगे। अकबर के महत्वपूर्ण कार्य जो है उनसे बहुत सारे क्वेश्चंस एग्जाम में जो है पूछे जाते हैं। आप जानते हैं कि अशोक अशोक है, अकबर है ये लोग भारत के क्या है? बहुत महानतम शासकों में से गिने जाते हैं। तो क्वेश्चंस यहां से बहुत ज्यादा मात्रा में क्या है? बनते हैं। इसमें से हम अभी इनके कार्यों पर क्या करेंगे? चर्चा करेंगे अकबर के। आपको पता है कि अकबर का जो जन्म हुआ था वह 15 अक्टूबर 1500 कब हुआ था आपका? 42 को हुआ

0:54 था। 15 अक्टूबर 15 42 को अकबर के क्या हुई थी? जन्म जन्म हुए थे। ठीक है? और 1556 ईस्वी में इनको क्या क्या है? ये पानीपत का क्या होता है? द्वितीय युद्ध होता है। पानीपत के द्वितीय युद्ध में ये हेमचंद्र विक्रमादित्य को अकबर क्या करते हैं? आपका पराजित करते हैं। ठीक है? और इनको सत्ता शासन क्या होता है? प्राप्त होता है। जब अकबर को सत्ता शासन प्राप्त होता है तो अकबर की आयु मात्र कितने वर्ष की रहती है? 13 वर्ष की रहती है। तो यह क्वेश्चन भी एग्जाम में आता हुआ आता है कि कौन से शासक है मुगल कालीन शासक हैं या कौन से शासक इतिहास में जिनको 13 वर्ष में मात्र 13 वर्ष की आयु में शासन सत्ता मिल गया था। तो वो कौन है? अकबर है। लेकिन 13 वर्ष की आयु में ये कार्य करना प्रारंभ कर देंगे। क्या नहीं ये जो है संरक्षण में क्या है?

1:40 आपके काम करेंगे जब तक कि कितने वर्ष के नहीं हो जाते? 18 वर्ष के नहीं हो जाते। हमारे यहां भी एग्जाम का पेपर देने की आयु हो। ठीक है? या फिर बोर्ड करने की आयु हो। कितना है आपका? 18 वर्ष प्लस है। आप ऐसा याद कर सकते हो। तो भाई इनको अभी थोड़ा सा क्या होना पड़ेगा? वयस्क होना पड़ेगा। तब तक अकबर जो है वो बैरम खान के संरक्षण में क्या करते हैं? काम करते हैं। मतलब 1556 से लेकर 1560 तक 1556 से लेकर 1560 तक जब तक वो 18 वर्ष के ना हो जाए तब तक वो बैरम खान के संरक्षण में क्या करते हैं? काम करते हैं। फिर 1560 से वो क्या होते हैं? स्वतंत्र रूप से कार्य करना क्या करते हैं? चालू करते हैं। ठीक है? तो 15 अक्टूबर 1542 में क्या हुआ? उनका जन्म हुआ। 1556 में पानीपत के द्वितीय युद्ध में क्या हेमचंद्र विक्रांतमादित्य को

2:26 उन्होंने क्या किया? पराजित किया और 13 वर्ष की आयु में वो क्या बन गए? शासक बन गए। लेकिन अभी वो क्या कर रहे हैं? संरक्षण में शासन कर रहे हैं। 1556 से लेकर कब तक? 1500 60 तक। फिर 1560 से वो स्वतंत्र रूप से शासन करना क्या कर देते हैं? प्रारंभ कर देते हैं 1560 के बाद। अब उन्होंने 1560 है। यहां से उन्होंने क्या कर लिया हुआ है? शासन सत्ता जो है अब स्वतंत्र होकर संचालित करना क्या कर रहे हैं चालू कर रहे हैं 1560 से ठीक है लेकिन अभी एक साल उनको क्या लगेगा जनता को समझने में लगेगा महात्मा गांधी भी जब यहां पे आए थे 1915 में साउथ अफ्रीका से तो उनको भी तो दो साल जो है राजनीति को समझने में लगा हुआ था ठीक है तो इनको भी तो एक साल थोड़ा लगेगा कि मैं इधर-उधर जो है जनता को समझूं देखूं कि क्या हो रहा है कैसे हो रहा है

3:12 तब तो उसके बाद में शासन करना प्रारंभ करेंगे कार्य करना क्या करेंगे प्रारंभ आरंभ करेंगे। तो 1560 में क्या बन गए हैं? स्वतंत्र रूप से शासन करना क्या कर दिए हुए हैं? स्टार्ट कर दिए। स्वतंत्र रूप से शासक बन गए हैं। और 1561 में ये क्या करेंगे? अभी जनता को अभी समझेंगे क्या है? कैसा है? किस प्रकार से है? उसके बाद फिर कार्य करना क्या करेंगे? चालू करेंगे। बहुत इजीली तरीके से याद किया जा सकता है कि 1542 में जन्म हुआ। 1556 में पानीपत का द्वितीय युद्ध जीत गए। 1560 तक जब तक 18 वर्ष का वयस्क नहीं हो जाता तब तक अधीनस्थ हैं। मतलब अधीन होकर काम कर रहे हैं। संरक्षण में काम कर रहे हैं। एक तरीके से आप बोलोगे। फिर उसके बाद 1560 में स्वतंत्र शासक बन गए। एक साल अभी उनको क्या कर रहे हैं? समझने में लग रहे हैं। एक साल जैसे ही वो समझ लेंगे कि क्या है?

3:58 किस तरीके की परिस्थितियां है। तब फिर वो 1562 से क्या करेंगे? जो है कार्य करना क्या कर देंगे? प्रारंभ कर देंगे। फिर कंटिन्यू हर साल वो क्या करेंगे? आपके कार्य देखने को मिलेगा। 1562 63 64 65 67 71 75 79 ठीक है 82 एंड देन क्या है आपका 83 कंटिन्यू हर साल उनके क्या देखने को मिलेंगे महत्वपूर्ण कार्य हमको देखने को मिलेंगे जिसमें सबसे पहले अगर हम आए तो सबसे पहले हम आते हैं 1562 में तो 1562 में सर्वप्रथम जो है अकबर क्या करते हैं कि दास प्रथा पर क्या लगा देते हैं प्रतिबंध लगा देते दास प्रथा पर प्रतिबंध लगा देते हैं। जो युद्ध है युद्ध में

4:44 जिनको भी क्या है आपका युद्ध बंदी के रूप में जिनको भी दास बनाया गया है उस दास प्रथा को वो क्या कर देते हैं? समाप्त कर देते हैं। ठीक है? 1563 में हिंदुओं से क्या कर देते हैं? तीर्थ यात्रा करके क्या कर देते हैं? तीर्थ यात्रा कर की क्या कर देते हैं? समाप्ति कर देते हैं। तीर्थ यात्रा करके समाप्ति कर देते हैं। ठीक है? पहले दास प्रथा को पर प्रतिबंध लगाया। उसके बाद में तीर्थ यात्रा करके क्या करते हैं? समाप्ति कर देते हैं। 1564 में क्या करते हैं? जजिया कर की समाप्ति कर देते हैं। जजिया कर की क्या कर देते हैं? समाप्ति कर देते हैं। जजिया कर की समाप्ति कर दी उन्होंने। 1565 में क्या करते हैं? सती प्रथा पर प्रतिबंध लगा दिया। सती प्रथा पर प्रतिबंध लगा दिया। इसको हम पूरा ट्रिक से पढ़ेंगे कि ये सब कैसे हुआ है और आपको बहुत इजीली वे पे ये क्या हो जाएगा? याद भी हो जाएगा। उसके बाद 1567 में क्या

5:31 लेकर आते हैं? मनसबदारी प्रथा लेकर आते हैं। मनसबदारी प्रथा लेकर आते हैं। 1571 में क्या करते हैं? फतेहपुर सीकरी की स्थापना करते हैं। फतेहपुर सीकरी की स्थापना करते हैं और फतेहपुर सीकरी को क्या करते हैं? अपनी राजधानी बना देते हैं। मतलब आगरा से स्थानांतरित करके फतेहपुर सीकरी को अपनी राजधानी बना ली उन्होंने। ठीक है? उसके बाद 1575 में इबादतखाना की स्थापना करते हैं। इबादतखाना की स्थापना करते हैं 1575 में और मतलब 15 1579 में क्या करते हैं? मजहरनामा की घोषणा करते हैं। मजहरनामा की घोषणा करते हैं। मजहरनामा की घोषणा करते हैं। और 1582 में ठीक है? दीन ए इलाही दीन ए इलाही दीन

6:19 ए इलाही की घोषणा करते हैं और उसके बाद में 1583 में क्या करते हैं इलाही संवत क्या करते हैं प्रारंभ करते हैं इलाही संवत प्रारंभ करते हैं इलाही संवत ठीक है इन्होंने क्या किया हुआ है प्रारंभ किया हुआ है ये अकबर के द्वारा किए गए क्या है महत्वपूर्ण कार्य है इनमें से हर कार्य चाहे वो सन के साथ में एक वन लाइनर में भी आ जाता है क्वेश्चन और सबसे ज्यादा यहां से जो क्वेश्चन अभी पूछे जा रहे है वो पूछे जा रहे हैं कि इनको कालानुक्रम में क्या करना है? आपको जमाना है कि अकबर द्वारा किए गए कार्य इनको काल के अनुसार आप क्या करें? जमाएं। तो देखो इसको याद कैसे करना है हमें? याद किस तरीके से करना है? देखो सबसे पहले 1562 में इन्होंने क्या किया? दास प्रथा पर प्रतिबंध लगाया। तो हम ये हम ये जानते हैं कि अकबर ने हिंदुओं के लिए सहिष्णुता की नीति अपनाई

7:05 हुई थी। 16 एक कुल की नीति अपनाई हुई थी। ठीक है? भाईचारे की नीति अपनाई थी हिंदुओं के लिए। तो उन्होंने सबसे सॉरी उन्होंने सबसे पहले क्या किया कि दास प्रथा पर उन्होंने क्या किया प्रतिबंध लगा दिया हिंदू है हिंदू लोगों को जो दास बनाया जा रहा था तो दास प्रथा को उन्होंने क्या कर दिया हटा दिया अब हिंदू जो है ठीक है दास प्रथा क्या हो गई है समाप्त हो गई है तो अब वो क्या करेंगे तीर्थ घूमने के लिए जाएंगे इधर-उधर घूमने के लिए जाएंगे तो चा तो जोकि वो तीर्थ घूमने के लिए जाए और उनको किसी भी प्रकार से प्रॉब्लम ना आए तीर्थ घूमने में इसलिए उन्होंने क्या कर दी तीर्थ यात्रा करके ही क्या कर दी उन्होंने समाप्ति कर दी। तीर्थ यात्रा करके ही समाप्ति कर दी। ठीक है? अब तीर्थ घूम रहे हैं तो ऑब्वियस सी बात है उनको और पैसा चाहिए क्योंकि बहुत ज्यादा पैसे की जरूरत पड़ती है तीर्थ घूमने के लिए। तो उन्होंने क्या कर दिया? जजिया कर की ही

7:51 समाप्ति कर दी। जजिया कर जो है वो गैर हिंदुओं से लिया जाने वाला क्या था? कर था। मतलब सॉरी गैर मुसलमान मतलब हिंदुओं से लिया मतलब मुसलमानों से लिया जाने वाला कर था। मतलब एक तरीके से आप बोलो तो हिंदुओं से लिया जाने वाला कर था। जो गैर मुसलमान थे मतलब जो हिंदू थे उनसे लिया जाने वाला क्या था? कर था। ठीक है? तो अब उनसे क्या नहीं करेंगे? टैक्स नहीं लेंगे। और यह एक प्रकार का कैसा कर है? धार्मिक कर था ना। यह एक प्रकार का धार्मिक कर था जो हिंदुओं से लिया जाता था। जो गैर मुसलमान होते थे उनसे लिया जाता था। ठीक है? तो उन्होंने धार्मिक कर भी क्या कर दिया? समाप्त कर दिया। जजिया कर को भी समाप्त कर दिया। अब उनके पास में और बहुत ज्यादा पैसा आ गया। तो अब वो इजीली क्या कर सकते हैं? तीर्थ घूम सकते हैं। ठीक है? उसके बाद उन्होंने हिंदुओं के लिए और अच्छा काम करने के लिए क्या कर दिया? सती प्रथा पर ही क्या कर दिया? प्रतिबंध लगा

8:36 दिया। सती प्रथा को ही बैन कर दिया। मतलब ये पूरी नीति अगर आप देखेंगे यहां से यहां तक तो ये पूरी इनकी हिंदूवादी नीति क्या होती है? यहां से दिखती है कि सबसे पहले उनको दास बनाने पर प्रतिबंध लगाया। फिर वो इधर-उधर घूमने के लिए जा सके तो तीर्थ यात्रा कर प्रतिबंध लगा दिया। तीर्थ यात्रा और घूमने के लिए पैसा हो इसलिए उन्होंने जजिया करके भी क्या कर दी? समाप्ति कर दी। ठीक है? और हिंदुओं के लिए और बहुत बड़ा कदम उठाते हुए उन्होंने सती प्रथा पर ही क्या कर दिया? प्रतिबंध लगा दिया। ठीक है? उसके बाद हम आते हैं। देखो अब हिंदुओं के लिए तो काम कर लिया। अब भाई युद्ध है युद्ध भी तो जीना है तो मतलब जीतना है तो वो क्या करेंगे मतलब सेना का भी क्या करेंगे मतलब संगठन करने की क्या करेंगे कोशिश करेंगे ठीक है सेना बनाने की कोशिश करेंगे तो इस पर वो के क्या लेकर आते हैं मनसबदारी प्रथा लेकर आते हैं मनसबदारी प्रथा अकबर के सैन्य व्यवस्था से

9:23 जुड़ा हुआ है पूरे तरीके से कि सेना को कैसे व्यवस्थित किया जाना है उससे जुड़ा हुआ है कौन आपका मनसबदारी प्रथा ठीक है तो अब उनका ध्यान क्या है आपका सेना बनाने पर है ठीक है तो उन्होंने सेना का क्या किया? गठन किया। अब इतनी बड़ी सेना है। सैन्य व्यवस्था उसको रखने के लिए तो कोई एक जगह चाहिए ना। तो जगह चाहिए तो वो क्या करते हैं? फतेहपुर सीकरी की क्या करते हैं? स्थापना करते हैं। ऐसा याद करना है आपको कि इतनी बड़ी सेना है तो रखने के लिए उसके बाद उन्होंने क्या कर दिया? फतेहपुर सीकरी की स्थापना कर दी। अब उन्होंने सैन्य व्यवस्था को भी मजबूत कर दिया। ठीक है? अब वो अपने जीवन के क्या आ रहे हैं? अंतिम पड़ाव में आ रहे हैं। तो इंसान जब अंतिम पड़ाव में आता है तो उसका झुकाव किधर होता है? धर्म की ओर होता है। तो अकबर का भी झुकाव किधर हुआ है? आपके धर्म की ओर हुआ है। जिसके लिए देखो उन्होंने सबसे पहले अब धर्म की ओर हुआ है।

10:10 तो वो सबसे पहले धर्म के बारे में जानना चाहेंगे। तो जानना चाहेंगे तो विभिन्न धर्मों के लोगों को क्या करेंगे? बुलाएंगे। तो धर्म को जानने के लिए उन्होंने क्या किया? इबादतखाना की क्या की? उन्होंने स्थापना की। ठीक है? अब वो धर्म के बारे में जान चुके हैं। ठीक है? तो अब वो क्या करेंगे? मजहरनामा मज सॉरी ये मजहरनामा है। ठीक है? मजहरनामा की क्या करेंगे? घोषणा करेंगे। मजहरनामा की घोषणा करेंगे। पहले उन्होंने जाना फिर उन्होंने ईश्वर के बारे में बताया। मज़हरनामा की घोषणा की। उसके बाद दीन ए इलाही की घोषणा की। अब वो स्वयं धर्म के बारे में जान गए। अब वो दूसरे लोगों को क्या करना चाह रहे हैं? धर्म के बारे में बताना चाह रहे हैं। अपनी जनता को धर्म से अवगत कराना चाह रहे हैं। ठीक है? इसलिए वो क्या करेंगे? दीन ए इलाही की क्या कर देंगे? की घोषणा कर देंगे जिसमें वो 10

10:57 सद्गुण है जिसको वो अपनी जनता को अपनाने के लिए कहेंगे फिर उसके बाद ठीक है वो क्या करेंगे इलाही क्या करेंगे संवत चलाएंगे इलाही संवत चलाएंगे और उसके बाद 1605 में उनकी क्या हो जाएगी मृत्यु हो जाएगी मतलब ये पूरा जो इनका 75 से लेकर 83 तक हम जो देख रहे हैं ये इनके धार्मिक किसको दिखाता है झुकाव को दिखाता है धर्म की ओर झुकाव की दिखाता है ईश्वर की क्या है आपके झुकाव को दिखाता इस प्रकार से आप इसको एकदम डिटेल में क्या कर सकते हैं? याद कर सकते हैं और स्टेप बाय याद कर सकते हैं कि पहले इनकी नीति हिंदूवादी नीति थी जिसमें इन्होंने दास प्रथा पर प्रतिबंध लगाया। फिर वो घूम सके करके तीर्थ यात्रा करके समाप्ति कर दी कि इधर-उधर वो जा सके। जा सके इसलिए हाथ में पैसा हो इसलिए उन्होंने जजिया करके भी क्या कर दी? उन्होंने समाप्ति कर दी।

11:44 हिंदुओं के लिए और बहुत बड़ी नीति लाते हुए उन्होंने क्या कर दिया? सती प्रथा पर भी प्रतिबंध लगा दिया। अब उनका धान सैन्य व्यवस्था की ओर गया। तो वो क्या लेकर आए? मनसबदारी प्रथा लेकर आए। और उस इतनी बड़ी सेना को रखने के लिए उन्होंने क्या कर दिया? क्या कर दिया? आपके फतेहपुर सीकरी की क्या कर दी? स्थापना कर दी। उसके बाद उनका जो झुका है वो ईश्वर की ओर हुआ। तो ईश्वर और धर्म के लिए जाने के लिए उन्होंने इबादतखाने की क्या की? उन्होंने स्थापना की। ईश्वर के बाद जा ईश्वर के बारे में जाने के बाद उन्होंने क्या कर दी? मजहरनामा की क्या कर दी? घोषणा कर दी। अब वो खुद ईश्वर के बारे में जान चुके हैं। धर्म का ज्ञान हो चुका है। तो अपने जनता को धर्म का ज्ञान कराने के लिए उन्होंने दीन एइही की क्या करी? घोषणा कर दी। और लास्ट में उन्होंने उसी को लेते हुए क्या चलाया आपका इलाही संवत चलाया। फिर 1605 में उनकी क्या हो गई? मृत्यु हो गई। तो पहले की नीति हिंदूवादी नीति, फिर

12:31 सैन्य नीति और उसके बाद में धर्म की ओर क्या है? उनका झुकाव है। कोई भी एक व्यक्ति इतने ही पड़ावों से क्या हो सकता है? गुजर सकता है। जो हमको अकबर में क्या है? हमको दिखाई दे रहा है। इस प्रकार इनके काल को आप क्या कर सकते हो? कार्य को बिल्कुल याद कर सकते हो। कि कब-कब इन्होंने क्या-क्या कार्य किया है और यहां से हर एक क्वेश्चन जो है ना एग्जाम में वन लाइन में भी पूछा गया है और जमाने के लिए भी क्या है आपका आया हुआ है। खास करके अभी सीजीटेट, सीटेट और जो पीएससी प्रीलिम्स है उनके एग्जाम के लिए और बहुत ज्यादा इंपॉर्टेंट हो जाता है। ठीक है? तो आपको आप इस ट्रिक से बिल्कुल इसको क्या कर सकते हैं? याद कर सकते हैं। बाकी आप हमारे साथ में जुड़े रहें। मैराथन के क्लास में आप जुड़े रह। जैसे कि आपको पता है कि अभी मैराथन की क्लासेस हो रही हैं। उसमें इनको और बहुत ज्यादा डिटेल में क्या किया जाएगा? डिस्कस किया जाएगा। ठीक है? थैंक यू। जय हिंद, जय भारत, जय छत्तीसगढ़।

Share

YouTube Video Summaries