0:00 तुम तीनों पर इल्जाम है कि तुम तीनों ने एन और दा का दिन दहाड़े गलत इस्तेमाल किया। सच-सच बताओ क्या हुआ था उस दिन? क्या तुम लोग अपना गुनाह कबूल करते हो? या फिर मुझे तुमसे सच उगलवाने के और भी तरीके आते हैं। बोलो सच क्या है? बोलो। मुझे सच जानना है। बोलो सच क्या है? बोलो बोलो। यानी तुम ऐसे नहीं मानोगे। हां। भूलो मत। तुम एक ईमानदार पुलिस ऑफिसर के हत्ते चौड़े हो। [संगीत]
0:56 ही इज ए एमबीबीएस डॉक्टर। इसमें ए आएगा या एन? ए। [संगीत] द मुंबई इज माय फेवरेट सिटी। इसमें द आएगा या नहीं? आएगा। हां भाई हीरो इट वाज़ ए इंप्रेसिव मूवी। इसमें ए आएगा या एन? [संगीत] ये तो बच गया। इसे छोड़ दो। और कौन-कौन है इस शहर में जो एन द का गलत इस्तेमाल कर रहा है। आ रहा हूं मैं उन सभी को खत्म करने। दोस्तों इंट्रो कैसा लगा मुझे कमेंट करके जरूर बताना। और मैं आज आपको बताने जा रहा हूं ए एन और द के ऐसे इस्तेमाल जो आपने पहले कभी नहीं सीखे होंगे। इतना आसान आपको यह कभी नहीं लगेगा। अबे मजा आएगा नाो। आप कभी द लगा देते हो, कभी नहीं लगाते हो। कभी ए नहीं लगाना होता, वहां भी लगा देते हो। जहां लगाना
2:15 होता है वहां नहीं लगाते हो। ये सारी मिस्टेक्स ना आप ठीक होने वाली हैं। किसी भी एग्जाम में बैठ जाना। इससे बाहर कुछ नहीं आने वाला है। आइए शुरू करते हैं फिर। सबसे पहले हम बात करेंगे ए और एन की। दोनों ही हमारे कहलाते हैं इनडेफिनेट आर्टिकल्स। अब इन्हें इनडेफिनेट क्यों कहते हैं? इनडेफिनेट का मतलब जो पक्का नहीं है, निश्चित नहीं है। आइए इसके बारे में पढ़ते हैं। ए और एन लगाना कहां पे है? ए और एन में कोई फर्क नहीं होता। पहली बात तो ये क्लियर कर लो। ए का मतलब क्या होता है? ए की हिंदी क्या होती है? ए की हिंदी होती है कोई भी एक यानी करोड़ों अरबों जितनी भी वो चीजें हैं ना उन चीजों में से कोई भी एक तो ये है। आ जाओ देख लेते हैं कैसे? जैसे ही इज अ बॉय। भाई वो क्या है? वो एक लड़का है। एक लड़का मतलब यहां पे नंबर की बात नहीं हो रही कि 1 2 3 4 5 वो वाला नंबर नहीं है। यहां इसका मीनिंग निकल रहा है कि करोड़ों अरबों जितने भी लड़के मौजूद हैं उनमें से कोई सा भी रैंडमली एक उठाया वो एक लड़का है। बस इतनी बात हो रही है। ऐसे ही वी हैव अ कार। भाई हमारे पास
3:15 गाड़ी है। ए का मतलब यहां क्या निकला? यहां भी वही मतलब निकला कि जितनी भी गाड़ियां है ना उनमें से उन्हीं जैसी एक गाड़ी हमारे पास भी है। ऐसे ही दे हैव अ चांस। उनके पास चांस है, मौका है। यहां भी नहीं निकला कि जितने भी चांस हो सकते हैं ना करोड़ों, अरबों, लाखों चांस उनमें से एक चांस तो अपने पास भी है। कोई भी एक चांस आ जाते हैं। हिज अ डॉक्टर। तुम्हारे शहर में बहुत डॉक्टर होंगे। कोई, कोई बहुत एजिड होंगे, कोई बहुत ही फ्रेशर होंगे। उन सभी डॉक्टरों में से कोई सा भी एक डॉक्टर कौन है? वो है। अब कुछ लोग ही इज डॉक्टर भी बोल देते हैं। बोल देते हैं ना? हां, बोलने में चल जाता है लेकिन उसके साथ ए जरूर आना चाहिए। आइए आगे देखते हैं। इट्स अ ब्यूटीफुल डे। भाई ये बड़ा खूबसूरत दिन है। तो जितने भी दिन है ना जितने भी खूबसूरत दिन हैं उन खूबसूरत दिनों में से एक दिन तो ये भी है। तो यहां ए का जो असल मीनिंग निकला वो पता है क्या निकला? ए को हमेशा ऐसे समझो जैसे आपने एनी लगा दिया हो। क्या लगा दिया हो? एनी। एनी का मतलब क्या होता है? कोई भी एक। बात ही खत्म।
4:18 जैसे मैंने क्या कहा? इट इज़ अ पेन। भाई ये क्या है? दिस इज़ अ पेन या इट इज़ अ पेन। तो ये क्या भाई ये एक पेन है। एक पेन यहां मैं ये नहीं कहना चाहता कि दो तीन चार पेन है। नहीं नहीं नहीं मैं कहना चाह रहा हूं भाई ये एक पेन है। पेन की जितनी भी नस्लें हैं, जितनी भी किस्में हैं उनमें से कोई एक पेन ये भी है। इस तरह से कहना चाह रहा हूं। आई एम अ टीचर। मैं एक टीचर हूं। यहां पे मैं गिनती नहीं गिनवा रहा आपको कि मैं एक हूं कि मैं दो हूं। आई एम टू टीचर। ऐसे नहीं बोल रहा। मैं कहना चाह रहा हूं आई एम एनी टीचर। जैसे जितने भी टीचर्स हैं उन्हीं टीचर्स में से एक टीचर मैं भी हूं। यू आर अ स्टूडेंट। आप क्या हो? आप एक स्टूडेंट हो। एनी स्टूडेंट जितने भी स्टूडेंट हैं उनमें से कोई एक स्टूडेंट आप भी हो। तो इसका मीनिंग ये निकलता है। इतना क्लियर हो गया। आओ इतना क्लियर हुआ ना? बस जिसको इतनी बात समझ में आ गई उसको ए में अब कभी डाउट नहीं होगा। आइए समझते हैं आगे की कहानी। भाई एक सेंटेंस है ही इज हैप्पी। क्या हैप्पी से पहले क्या हैप्पी से पहले मैं ए लगा सकता हूं? क्या हैप्पी से पहले मैं ए लगा दूं? जवाब क्या है
5:19 आपका? नहीं सर ये तो अलग सा लग रहा है। ही इज अ हैप्पी। ये तो कुछ समझ नहीं आ रहा। क्या हैप्पी के साथ ये आ सकता है? कमेंट करके जरा बताना मुझे। नहीं आएगा। क्यों? क्यों? क्यों? क्यों नहीं आएगा? क्या आपने नोट किया कि हमने पीछे जितने भी एग्जांपल अभी देखे थे डॉक्टर, ब्यूटीफुल डे, बॉय, कार, चांस, स्टूडेंट, टीचर, पेंटर ये जितनी भी चीजें थी उनको हम काउंट कर सकते थे। कर सकते थे कि नहीं? हां। बॉय कितने हो सकते हैं? लाखों करोड़ों हो सकते हैं। टीचर भी लाखों करोड़ों हो सकते हैं। तो उनको हम काउंट कर सकते थे। यानी हम एक बात क्लियर हो गई कि जो ए हमारा आएगा वो किन चीजों के साथ आएगा? काउंटेबल चीजों के साथ आएगा। जिन्हें काउंट किया जा सकता है। हैप्पीनेस को कोई काउंट थोड़ी किया जा सकता है। या हैप्पी को कोई काउंट थोड़ी किया जा सकता है। ये क्या है? ये है हमारा एक एडजेक्टिव। क्या है? एक एडजेक्टिव है। हमें एक बात और क्लियर हुई कि ए का इस्तेमाल किसके साथ किया जा सकता है? सिर्फ नाउन के साथ। मेरे दोस्तों याद रखना ए किसके साथ आएगा? नाउन के साथ। नाउन मतलब
6:28 क्या होता है? किसी भी चीज के नाम के साथ हम ए लगा सकते हैं। बस किसी एडजेक्टिव यानी खासियत के साथ नहीं लगा सकते। किसी प्रोनाउन के साथ भी हम ए का इस्तेमाल नहीं करते हैं। हम किसके साथ करते हैं? नाउन के साथ करते हैं। अब नाउन भी कैसा होना चाहिए जिसे काउंट कर सकते हो। काउंटेबल हो। जैसे मैंने आपसे कहा हैप्पीनेस हेल्थ ये भी तो नाउन ही है। हेल्थ आपकी हेल्थ एक किसी चीज का नाम है। क्या हेल्थ के साथ ए आ सकता है? ही इज अ हेल्थ। ऐसे आ सकता है क्या? या ही हैज़ अ हेल्थ। ऐसे आ सकता है क्या? नहीं आएगा। ए इसके साथ नहीं आएगा। क्योंकि ये काउंट नहीं हो सकती। क्लियर हो गया। अब ए कहां आएगा? छट से पकड़ लेना। पहली बेसिक चीज नाउन होनी जरूरी है। किसी चीज का नाम होना चाहिए। दूसरी चीज काउंटेबल होनी चाहिए। बस इतना ही क्राइटेरिया। इसके अलावा ए कहीं पर भी मत लगाना। जरा देखना इसको। शी इज़ वर्किंग। क्या इससे पहले ए आ जाएगा? नहीं आने वाला। क्यों? क्योंकि वर्किंग एक वर्ब है या यहां पे इसका मतलब कुछ और ही निकल रहा था कि वो कर रही है, काम कर रही है। और ये एक वर्ब थी तो यहां
7:35 पे भी नहीं आना था। अच्छा इसमें आ जाएगा दे आर एंग्रीली। नहीं नहीं नहीं इसके साथ भी ए नहीं आएगा क्योंकि हमें बड़ा क्लियर हो चुका है कि ए नाउन के साथ आएगा और दूसरा काउंटेबल होना चाहिए। क्या यही हमारा सबक था? हां यही तो था कि ए का इस्तेमाल कैसे होना है ए और एन का कि कोई भी एक चीज होनी चाहिए। कोई भी करोड़ों चीजों में से एक चीज यानी काउंटेबल होनी चाहिए और ए का इस्तेमाल हमेशा नाउन के साथ होगा। इज इट क्लियर ऑ नॉट। अब आप अपनी किताबों में पढ़ोगे कि लिखा होता है कि ए का इस्तेमाल सिंगुलर नाउंस के साथ किया जाता है। ऐसा लिखा हुआ आप खूब पढ़ोगे। अब ये क्या कोई रटने वाली बात है? नहीं। ये तो बड़ा सिंपल है। भाई एक किसको दिखाता है? किसी भी एक चीज को दिखाता है। कोई भी एक है ना? कोई भी। एक है ना? इसी को तो शो कर रहा होता है। अब इसका मतलब हमें क्लियर हो चुका कि एक से ज्यादा जब हो जाएगा तो एक थोड़ी रहेगा। फॉर एग्जांपल मैंने आपसे कहा आई हैव अ पेन। मेरे पास कोई भी एक पेन है। एक पेन मेरे पास भी है। ऐसा ही तो कहना चाहता हूं मैं। अगर मैंने कहा कि मेरे पास एक से ज्यादा पेन है तो मैं ए
8:36 थोड़ी लगाऊंगा। मैं बोलूंगा आई हैव गोट सम पेनस। अब मैं क्या बोलूंगा? सम लगा दूंगा कि मेरे पास कुछ पेन है। तो ये तो बड़ा लॉजिकल था। इसमें तो कुछ रटने की जरुरत नहीं थी। एक बात और भई ए और एन को हम इनडेफिनेट आर्टिकल कहते हैं। जो डेफिनेट नहीं है। जो डेफिनेट नहीं है यानी पक्का नहीं है। तो यह इनडेफिनेट क्यों कहलाते हैं? समझ में आया? हां, हमें इसमें पक्का पता थोड़ी होता है कि वो कौन सा लड़का है। कौन सी लड़की है। हमने तो इतना बोल दिया ही इज अ बॉय। कोई भी लड़का है। हमें नहीं पता कौन है। शी इज़ अ गर्ल। हमें नहीं पता कौन लड़की है। ही इज़ अ टीचर। हमें नहीं पता कौन सा टीचर है। तो ये स्पेसिफिक नहीं होता। किसी भी एक के बारे में बात हो रही होती है। इसलिए इसको इंडेफिनेट इंडेफिनेट आर्टिकल कह देते हैं। तो इसमें कुछ लंबा चौड़ा नहीं था। आइए अब एन का इस्तेमाल देख लेते हैं। कुछ भी नहीं है मैंने पहले भी बताया कि ए और एन में कोई डिफरेंस नहीं है। तो फिर एन कहां लगेगा सर? वो सुन लो। इसमें भी बहुत मिस्टेक करते हैं लोग। आ जाओ। ए इ आई ओ यू की आवाज़ के साथ। इसमें
9:38 इंपॉर्टेंट क्या है? आवाज़। इंपॉर्टेंट क्या है? साउंड। कोई ऐसा वर्ड है जिसकी साउंड। जिसकी आवाज़ ऐसी निकल रही हो। अ, इ, ओ, ऊ। इस तरह की आवाज निकल रही हो उनके साथ तो एन का इस्तेमाल कर देना। उसके अलावा जो भी होगा उसके साथ ए आ जाएगा। देख लेते हैं ना पूजा इज एन इंटेलिजेंट गर्ल। अब इसमें इंटेलिजेंट वर्ड है। है कि नहीं? इसमें आवाज किसकी निकली? ई की आवाज निकली। इंटेलिजेंट। तो यानी इसके साथ ए की जगह क्या आना चाहिए था? इंटेलिजेंट से पहले एन आना चाहिए था। वही हमने यहां लगा दिया। जितनी भी इंटेलिजेंट गर्ल है उनमें से एक इंटेलिजेंट गर्ल कोई भी एक कोई भी एक इंटेलिजेंट गर्ल पूजा भी है। ऐसे ही विराट कोहली इज एन आउटस्टैंडिंग क्रिकेटर कि विराट कोहली क्या है? एक आउटस्टैंडिंग क्रिकेटर है। यानी जितने भी आउटस्टैंडिंग क्रिकेटर हैं उनमें से एक विराट कोहली भी है कि एक है तो वो है। ठीक है? ये हम कहना चाहते हैं। तो यहां पे भी हमने क्या करा? एन लगा दिया क्योंकि ओ की आवाज आई आउटस्टैंडिंग। तो यहां भी ए की जगह एन आ गया। दिस वाज़ एन इंप्रेसिव मूवी। अब मूवी
10:44 कैसी थी? इंप्रेसिव थी। आवाज किसकी आई? ई। ई की आवाज आई। तो इसलिए ए की जगह एन लग गया कि ये कोई एक इंप्रेसिव मूवी थी। मतलब जितनी भी इंप्रेसिव मूवी है उनमें से उन्हीं जैसी एक और इंप्रेसिव मूवी थी। इसका मतलब ये था। ही इज़ ए एमबीबीएस डॉक्टर। तो ऐसे यहां पे एमबीबीएस से पहले ए आ गया। है ना? है ना? है ना? अरे ना ना। यहां गलती हो गई है। क्या गलत है यहां? ध्यान से देखो। एमबीबीएस। एमबीबीएस में ए का साउंड आ रहा है। एम को बोलते हैं हम इस तरह से एम एम। तो यहां साउंड कैसा है? वोवेल है। इसलिए एम से पहले यहां क्या आएगा? एन आएगा। मेरे प्यारे दोस्तों आगे बढ़ते हैं। ही इज ए वन आइड मैन। अब यहां पे देखा जाए तो ओ से शुरुआत हो रही है। लेकिन हमें तो साउंड देखना है। यहां साउंड किसका निकला? व का साउंड निकला। इसलिए यहां ए आया। एन नहीं आया। आगे बढ़ते हैं। अंजलि इज ए ऑनेस्ट गर्ल। अब यहां पे अंजलि इज ए ऑनेस्ट। यहां पे एच क्या होता है? साइलेंट होता है। आवाज किसकी आई? वोवेल के साउंड की। हमें वोवेल का साउंड आया। वोवेल की आवाज आई। इसलिए यहां ए नहीं आएगा। क्या आएगा यहां पे? एन आएगा। अंजलि इज एन
11:54 ऑनेस्ट गर्ल। इज इट क्लियर ऑ नॉट। अभी एक्सरसाइज कराऊंगा, प्रैक्टिस कराऊंगा। उससे पहले देखते हैं द के इस्तेमाल। मेरे प्यारे दोस्तों, मैंने आपसे पहले भी कहा है कि ए आंख बंद करके हर चीज़ के साथ नहीं लग जाता कि कोई भी नाउन है, हम लगा देंगे। हमें क्या देखना होता है? भाई काउंटेबल होना चाहिए। अब कुछ ऐसे नाउन होते हैं कि वो काउंट नाउन तो होते हैं पर काउंटेबल नहीं होते। जैसे कि ब्रेड हो गया, बटर हो गया, आइसक्रीम हो गई, राइस हो गई। राइस क्या नाउन नहीं है? हेयर हाउस। राइस नाउन है लेकिन ये काउंटेबल नहीं है। ऐसे नहीं बोल सकते। आई हैव ए राइस। आप तो लड़ने लग जाओगे। सर नाउन है। उससे पहले ए लगाया हुआ है। बताओ गलती क्या है? और रा का साउंड भी आ रहा है। नहीं। नहीं नहीं मेरे मेरे दोस्त। मेरा बच्चा आप इसके साथ ए नहीं लगाओगे। या ए क्या ना एन आएगा ना ए आएगा ना द आएगा। कुछ भी नहीं आएगा। ए ये इस तरह के नाउन होंगे। फॉर एग्जांपल एब्स्ट्रैक्ट नाउन के साथ भी नहीं आएगा। हेल्थ हो गया, हैप्पीनेस हो गया, नॉलेज हो गया, ऑनेस्टी हो गया। अब ऑनेस्टी काउंट नहीं हो सकती
12:42 भाई। खामखा द भी मत घुसा देना। इनमें कुछ भी नहीं लगेगा। सिंपली बोलो आई हैव ऑनेस्टी। आई हैव गुड हेल्थ। सिंपल ना द ना ए ना एन। कुछ नहीं होगा। कुछ भी नहीं आएगा इस तरह के नाउंस के साथ। इज इट क्लियर? दोस्तों, अगर मैं आपसे कहूं कि द की कोई हिंदी होती ही नहीं है। इसका कोई मीनिंग निकलता ही नहीं है। तो आपको कैसा लगे? जी हां, मैं बिल्कुल सही कह रहा हूं आपसे। द की कोई ट्रांसलेशन हिंदी में होती ही नहीं है। तो फिर ये सेंटेंस में लगाते क्यों हैं? आइए बता देता हूं। भाई किसी डेफिनेट पर्टिकुलर या खास या स्पेसिफिक नाउन के साथ हम द लगा देते हैं। इसका मतलब क्या हुआ वो समझते हैं। अभी तक हमने बोला था कि ही इज अ स्टूडेंट। मैंने क्या बोला था? तो मैंने बोला ही इज अ स्टूडेंट। कि वह एक स्टूडेंट है। जितने भी स्टूडेंट है ना उनमें से कोई एक स्टूडेंट ये है। इतना मैंने बोला था। कोई एक स्टूडेंट है सिंगुलर है। एक से ज्यादा नहीं है। मतलब कोई भी एक ही है। ठीक है? ये मेरा मीनिंग था। यही मेरी फीलिंग थी। लेकिन मैंने अब ए हटा के क्या लगाया? द लगाया। मैंने कहा ही इज द स्टूडेंट। अब जैसे मैंने द लगा दिया
13:47 ना। इसका मतलब है कि स्टूडेंट जो था ये अब क्या हो गया? कोई आम स्टूडेंट नहीं रहा। अब ये कोई जनरल स्टूडेंट नहीं रहा। ये कोई खास स्पेसिफिक स्टूडेंट हो गया। स्पेसिफिक का मतलब कोई स्पेशल स्टूडेंट नहीं है कि ये दुनिया से अलग है। नहीं नहीं ये वो स्टूडेंट है जिसके बारे में मैं पहले बात कर रहा था। जिसके बारे में तुम बात कर रहे थे। जिसने कोई हरकत की थी। जिसने जो फेल हुआ था, जिसने टॉप किया था। यानी हम इस स्टूडेंट को जानते हैं, पहचानते हैं। इसको हम क्या कर सकते हैं? हम इसको आइडेंटिफाई करते हैं। यानी इसको हम पहचानते हैं। ये वो स्टूडेंट है। तो द क्या कर देता है? किसी भी नाउन से पहले जब द लगता है ना तो इसका सीधा सा मतलब है कि वो जो नाउन है यानी वो जिस चीज का नाम है उसको हम जानते हैं। उसके बारे में हमने पहले बात की होती है। आइए एग्जांपल की मदद से समझाऊंगा ना। इतने एग्जांपल दे दूंगा कि तुम ना कभी-कभी इसमें कंफ्यूज नहीं होंगे। देखो जब लिसनर को ऑलरेडी पता हो। किसको? लिसनर को जो सुनने वाला है, पढ़ने वाला है, उसे जब ऑलरेडी पता हो क्या पता हो उसको? कि जो
14:53 नाउन है जिसके बारे में बात हो रही है वो कौन है ऑलरेडी पता हो उस चीज के बारे में तब हम द लगा देते हैं ये शो करने के लिए आइए देखते हैं ना देयर आर मेनी बॉयज हियर यहां बहुत सारे लड़के हैं बहुत सारे लड़के हैं ठीक है इतना क्लियर है सबको आगे देखो बट द बॉय द बॉय विद रेड शर्ट इज माय नेफ्यू लेकिन वो जो लड़का है ना द बॉय अब यहां द बॉय जो बोला अब इसको खास बना दिया कि वो जो वो लड़का वो वो लड़का जो है जिसने रेड शर्ट पहनी हुई है वो मेरा नेफ्यू है। मेरा भांजा या भतीजा है। लेकिन यहां द क्यों लगाया मैंने? क्योंकि अब मैंने कोई एक लड़का नहीं कहा। किसी खास लड़के के बारे में बात की है। आ जाओ ऐसे ही। ही इज द मैन। आई वास टॉकिंग अबाउट। अब इसमें भी मैन से पहले मैन एक नाउन था। द लगाया। क्यों लगाया? मैंने कहा ही इज़ अ मैन। हम बोल सकते थे ही इज़ अ मैन। भाई वो एक आदमी है। लेकिन हम यहां किसी एक किसी एक के बारे में बात नहीं कर रहे। किसी खास के बारे में बात कर रहे हैं। ही इज़ द मैन। ये वो आदमी है जिसके बारे में मैं आपसे बात कर रहा था। ठीक है? यानी पर्टिकुलर
15:55 कोई स्पेसिफिक आदमी के बारे में बात। मेरे प्यारे दोस्तों मोटा-मोटा तुम्हें ट्रिक बताऊं द कहां आएगा? जहां भी कोई स्पेसिफिक कोई खास चीज हो, कोई भी खास नाउन हो उससे पहले द आ जाता है। इतना सिंपल सा है। अब वो खास चीजें क्या हैं? जरा कुछ चीजें मैं बता देता हूं। खास क्या होती हैं? किसी रिवर का नाम हो जैसे द गंगा जमुना, सरस्वती नील नदी या नायल जिसे बोलते हैं वो हो कोई कॉन्टिनेंट हो जैसे अटलांटिक एशिया हो गया बड़ी चीजें हैं भाई खास चीजें हैं। ये कोई छोटी-मोटी चीजें नहीं है। है ना? तो खास दिखाने के लिए हम द लगाते हैं। ऐसे ही किसी ग्रुप ऑफ कंट्रीज है। कंट्रीियों का ग्रुप है। कंट्रीियां बोल रहा हूं मैं। देशों का ग्रुप है। कंट्रीज का ग्रुप है। तो क्या बोल देते हैं? क्या बोलते हैं? उनको उसके साथ भी हम द लगाते हैं। जैसे द यूएसए, द यूएई। इस तरह से ऐसे रिलीजियस बुक्स हैं भाई धार्मिक किताबें भाई बाइबल गीता कुरान उनके साथ भी हम द लगाते हैं क्योंकि खास चीज है ना खास है ऐसे ही न्यूज़पेपर के साथ न्यूज़पेपर का नाम कोई कोई आम नाम है क्या द टाइम्स ऑफ इंडिया द नव भारत टाइम्स
16:57 तो इनके साथ भी हम द लगाते हैं इनको खास बनाने के लिए ठीक है स्पेसिफिक बनाने के लिए मैगजीन के नाम के साथ भी आ जाता है जैसे द ब्रंच ऐसे ही किसी क्लास किसी चीज की ना पूरी क्लास पूरी उसकी क्लास को दिखा रहा हो किसी जानवर की क्लास हो या किसी फूल की किस्म जिसे कहते हैं ना किस्म या बिरादरी या किसी नस्ल को दिखाने के लिए भी हम द लगा देते हैं। फॉर एग्जांपल द काऊ हमने जब द काऊ बोला ना यानी जितनी भी गाय हैं उनको ये क्या कर रही है? रिप्रेजेंट कर रही है। तो उसके साथ भी हम द लगा देते हैं। अभी रुक जाओ और भी बताता हूं कहां-कहां द लगाना ही है आपको। सुपरलेटिव एडजेक्टिव जहां पे हम कहते हैं इससे अच्छा कोई नहीं है। वहां पे भी हम द लगा देते हैं। जैसे सबसे लंबा, सबसे मोटा, सबसे बड़ा, सबसे अच्छा। तो वहां भी द टालेस्ट बॉय इस तरह से लग गया। दी ग्रेटेस्ट बुक दी बेस्ट। आई एम द बेस्ट होता है। आई एम बेस्ट नहीं होता। तो यहां पे जो सुपरलेटिव डिग्री है उसके साथ भी द आ गया। ऐसे ही कंट्रीज विद प्लूरल नेम्स। कंट्री के नाम के साथ द नहीं लगता। हां जी याद रखना।
17:53 कंट्री को आम माना जाता है। कोई बड़ी बात नहीं है। अगर तुम अगर तुम रशिया से हो, इंडिया से हो, बांग्लादेश से हो, हम नहीं लगाएंगे तुम्हारे नाम के आगे द। लेकिन अगर कोई कंट्री जिसका नाम है नेदरलैंड्स क्योंकि ये प्लूरल नेम है। लास्ट में एस आ रहा है तो इसके साथ द आ जाएगा। ये याद रखना एग्जाम में शायद आ जाए फंसाने के लिए। नेक्स्ट है हमारा सी के साथ ओशियन के साथ माउंटेन के साथ भाई समुंदर महासागर बड़ी चीजें हैं भाई बड़ी गहरी बड़ी स्पेसिफिक चीजें हैं इन जैसा कोई दूसरा नहीं है उनके साथ भी हम लगा देते हैं द ब्लैक सी द अटलांटिक द हिमालयज उस तरह से ऑर्गेनाइजेशन है जैसे डब्ल्यूho हो गया यूनाइटेड नेशंस हो गया इनके साथ भी द यूनाइटेड नेशंस ये अपना द यूनिसेफ इनके साथ भी हम दा लगा देते हैं। किसी रेस्टोरेंट या फिर होटल का नाम हो तो आप देखते हो इनके आगे दा लग जाता है उन्हें स्पेसिफिक बनाने के लिए। ऐसे ही कोई कोई कम्युनिटी है, कोई समाज है, कोई बिरादरी है, उसके साथ भी हम द लगाते हैं। भाई मुस्लिम, राजपूत, दी हिंदूस, द सिख ऐसे करके द क्रिश्चियंस उनके साथ भी हम द लगा देते हैं। मोटा-मोटा वही मैं कहूंगा कि
18:51 जहां कोई खास चीज होती है ना, उसके साथ हम द लगा देते हैं। दोस्तों, द किसके साथ लगाना है? इससे ज्यादा इंपॉर्टेंट है कि द किसके साथ नहीं लगाना है। क्योंकि हमने एक चीज पढ़ी है द के इस्तेमाल में कि जब हम किसी ऐसी बात के बारे में बात करते हैं जो पहले हमने मेंशन किया होता है। कोई ऐसी चीज कोई ऐसा नाउन होता है जो हमने पहले वो मेंशन किया होता है और दोबारा हम बोल रहे होते हैं तो तब हम द लगा देते हैं। द बॉय, द मैन, द रेस्ट्रॉन हम लगा देते हैं। लगा देते हैं ना। तो उससे कोई हर्ज नहीं होता है। लेकिन कुछ ऐसी चीजें हैं जिनके साथ सख्ती से मना किया गया कि द मत लगाना वो ज्यादा जरूरी है जानना। तो एक बार को गलती से मैंने कहीं किसी चीज के साथ द लगा भी दिया वो चल जाता है। लेकिन अगर नहीं लगाना चाहिए था बिल्कुल स्पेसिफिकली मना था। वहां आपने लगाया तो वहां आप फंसोगे। जैसे कि सब्जेक्ट्स के नाम के साथ द कभी नहीं लगाना है। मैथ, साइंस, इंग्लिश, एसएसटी या फिर कोई म्यूजिक है, कोई आर्ट है उनसे पहले भी द नहीं आएगा। किसी लैंग्वेज के साथ भाषाओं के साथ भी द कभी नहीं आता। द
19:46 हिंदी, द मराठी, द गुजराती, द इंग्लिश उनके साथ भी नहीं आएगा। ये याद रखने की बात है। किसी इंसान के नाम के साथ भी द नहीं आएगा। अब कभी-कभी हम लेकिन देखते हैं कि द डॉन ब्रडमैन द सचिन तेंदुलकर द विराट कोहली लग जाता है। हां लग जाता है। क्यों? मैंने आपको एक ट्रिक बताई है कि किसी चीज को पर्टिकुलर बनाने के लिए खास बनाने के लिए स्पेशल दिखाने के लिए थोड़ा सा हम द लगा देते हैं। तो वो चल जाता है। सचिन तेंदुलकर द सचिन तेंदुलकर लोग चला देते हैं। कोई दिक्कत नहीं होती। ऐसे ही कोई चीज सिटी के शहर के नाम के साथ द कानपुर गोली पड़ी थी ना द जयपुर द मुंबई नहीं होगा वाशिंगटन कितना ही बड़ा शहर है तुम्हारा कितनी बड़ी कंट्री है तुम्हारी हम द नहीं लगाने देंगे तुम्हें ये रूल है भाई मैं यहां थोड़ा सा ना इत्तेफाक रखता हूं इस चीज से मेरे हिसाब से कंट्री के साथ तो द लग जाना चाहिए था बट नहीं लगता है नहीं लगता है द जर्मनी द अमेरिका नहीं द यूएस हो जाता है लेकिन द चाइना वगैरह नहीं होता द इंडिया नहीं होता तो इतना याद रख लेना है ये वो चीजें हैं जिनके के साथ
20:44 द नहीं आएगा। आप अपने स्कूल के नाम के साथ द नहीं लगा सकते हो। अपने कॉलेज के नाम के साथ ऐसे नहीं हो सकता। द हंसराज कॉलेज है। ऐसे नहीं हो सकता। ये नहीं हो सकता। ये याद रख लेना जिनके साथ नहीं आएगा। क्योंकि बाकियों के साथ तो आ जाता है। उसका रीज़न है ना कि द की कोई हिंदी नहीं निकल रही होती। सबसे इंपॉर्टेंट बात ये है। ठीक है? तो उम्मीद करता हूं आपको द समझ में आ चुका होगा। ए एन बी समझ में आया होगा। आओ ना जरा देखता हूं कितने पानी में प्रैक्टिस कराता हूं। आओ मेरे दोस्तों कांसेप्ट को माइंड में रखते हुए हम जरा इन प्रैक्टिस क्वेश्चंस को अटेम्प्ट करते हैं। भाई शी सॉ उसने देखा है एक स्नेक। कोई भी एक स्नेक देखा होगा ना उसने। तो यहां पे क्या लग जाएगा? ए लग जाएगा। क्या एन लगा दूं? नहीं नहीं। यहां जो साउंड है वो सा का निकल रहा है। कॉन्सोनेंट साउंड है। वोवेल साउंड होता तो एन आ जाता। और कहां देखा? इन द ग्रास। ग्रास में उसने एक सांप देखा। अफ्रीका। अफ्रीका क्या कॉन्टिनेंट का नाम है? हां है। तो क्या इसके साथ द लगना चाहिए? बिल्कुल लगना चाहिए। द अफ्रीका इज
21:35 अ बिग कॉन्टिनेंट। एक बड़ा शहर है अ बिग अ बिग बहुत सारे जो बिग है उनमें से एक बिग ये भी है तो इसलिए यहां पे ए आ गया था नेक्स्ट है डू यू रीड अब यहां अखबार का नाम है क्या द लगना चाहिए था बिल्कुल लगना चाहिए था डू यू रीड द टाइम्स ऑफ इंडिया ऐसे आई लव ए चाइनीस लैंग्वेज मुझे एक चाइनीस लैंग्वेज पसंद है क्या ये सही है या गलत बताओ सही है कि गलत कमेंट करके बताओ आप मुझे बताओ भाई लैंग्वेजिस के साथ द नहीं आता ए नहीं आता कोई भी एक चाइनीस लैंग्वेज चाइनीज़ लैंग्वेज बहुत सारी है क्या नहीं तो इसके साथ कुछ भी नहीं आया ना आता सिंपली लिए बोलना था। आई लव चाइनीस लैंग्वेज। यहां पे कोई आर्टिकल लगाने की जरूरत थी ही नहीं। ऐसे ही माय फ्रेंड लिव्स इन द न्यूयॉर्क। अब न्यूयॉर्क सोते ही आपको लगा अमीर देश है द लगा दो। क्या दिक्कत है? अमीर शहर है। सिटी अमीर है। नहीं नहीं भाई साहब ये भी गलत है। यहां भी हमें हमें द लगाने की कोई जरूरत नहीं थी। बाकी के ये एग्जांपल आप करोगे क्या मेरे लिए? कमेंट में इन सबके आंसर बचे हुए होंगे। मुझे आपसे चाहिए और भी प्रैक्टिस
22:30 की एक्सरसाइज आपको हमारे टेलीग्राम ग्रुप पे मिल जाएगी। अगर मुझसे कोई सवाल पूछना है तो Instagram पे डियर सर काशिफि की आईडी पे आप मुझसे जो भी क्वेश्चन हो पूछ सकते हैं। आई विल ट्राई टू आंसर ईच एंड एवरीवन ऑफ यू। वीडियो कैसी लगी? मुझे लाइक करके कमेंट करके जरूर एक-एक बच्चा कमेंट करके बताएं कैसी लगी। अपने दोस्तों के साथ सबके साथ शेयर करना। अपने टीचर्स के साथ शेयर करना। चैनल को सब्सक्राइब नहीं किया सब्सक्राइब करना। नेक्स्ट कौन सा टॉपिक चाहिए मुझे जरूर बताना। ग्रामर का कोर्स आपके लिए मैंने बनाया हुआ है। वो कंटिन्यू हो रहा है। आप उसको देख सकते हो। स्पोकन के लिए एक प्लेलिस्ट है। स्पोकन की प्लेलिस्ट है। वो पूरी देख सकते हो। अपनी स्पोकन इंप्रूव कर सकते हो। लिटरेचर की वीडियोस भी मैं आपको देता ही रहता हूं। नाइन 10थ 11 12th सबके लिटरेचर को मैं ही कवर कराऊंगा। चिंता ना करो। मिलते हैं नेक्स्ट वीडियो में नेक्स्ट टॉपिक के साथ। तब तक के लिए बने रह टियर सर के साथ।