0:03 एक कहावत है कि एक इंसान खुद जैसा बनना चाहता है वह वैसा ही बनता है इसका मतलब यह है कि अगर एक इंसान एक बार ठान ले कि उसे अच्छा आदमी बनना है तो वह अच्छा आदमी ही बनेगा चाहे उसके आसपास कितने ही बुरे लोग क्यों ना हो पर अगर उसने अपने बारे में कुछ नहीं सोचा है तो वह जीवन में कुछ नहीं बन सकता उसका जीवन जीने का कोई मतलब नहीं है अगर किसी इंसान को यही ना पता हो कि वह अपने जीवन में क्या बनना चाहता है उसके जीवन का लक्ष्य क्या है तो वह अपने जीवन में कभी आगे नहीं बढ़ सकता इस कहावत से यह पता चलता है कि इंसान अपने आप को जैसा चाहे बना सकता है एक इंसान वैसा ही बनता है जैसा वह सोचता है उसके विचारों से उसकी
0:51 सोच का अच्छी तरह पता लग सकता है अगर उसके विचार अच्छे हैं तो वह एक अच्छा इंसान है और अगर उसके विचार बुरे तो व एक बुरा इंसान है जैसे एक पौधे को उगाने के लिए एक बीज की जरूरत पड़ती है वैसे ही एक इंसान को किसी भी काम को करने के लिए सबसे पहले अपनी सोच की जरूरत पड़ती है इंसान को जो काम करना है वह उस काम के बारे में क्या सोचता है यह बहुत जरूरी है इंसान की सोच उन सभी कामों पर लागू होती है जो उसकी जिंदगी में अचानक ही हो जाते हैं ऐसे कामों को करने के लिए इंसान पहले से कोई तैयारी नहीं करता और इंसान की सोच उन कामों पर भी लागू होती है जिसकी उसने पहले
1:39 से तैयारी करके रखी होती है इंसान अपनी सोच के अनुसार ही काम करता है अगर उसने किसी काम की पहले से तैयारी करके रखी है तो वह उस काम को अपने विचारों के अनुसार ही अच्छी तरह से करेगा किसी काम को करना इंसान की सोच को प्रैक्टिकल रूप देना है और उसके नतीजे के तौर पर इंसान को खुशी या दुख मिलता है अगर इंसान के द्वारा किया गया काम उसके मन मुताबिक नहीं हुआ है तो इंसान को दुख होता है और अगर वह अपने काम को अच्छी तरह से कर पाता है तो उसे खुशी मिलती है क्योंकि उसे पता रहता है कि उसका अंजाम अच्छा ही होगा इसी तरह एक इंसान अपने द्वारा किए गए कर्मों का ही
2:25 मीठा और कड़वा फल पाता है इंसान के चरित्र को उसके विचार ही बनाते हैं अगर उसके मन में बुरे सोच विचार होंगे तो वह लोगों के बारे में भी बुरा ही सोचेगा इसलिए कहा जाता है कि हमें हमेशा अच्छा सोचना चाहिए इंसान को अच्छी बातें सोचने के साथ-साथ धैर्य यानी कि पेशेंस भी रखना चाहिए क्योंकि कभी-कभी इंसान के द्वारा किए गए काम का फल मिलने में देरी हो जाती है ऐसे में इंसान के अंदर का धैर्य ही उसे इंतजार करने के लिए एंकरेज करता है इसी तरह के कई और लाइव से जुड़े लेसंस हम आपको इस ऑडियो बुक में बताने वाले हैं तो आप सुनते रहिए एज अ मैन थिंक
3:10 इट एक इंसान कानून के दायरे में बंधकर ही काम करना पसंद करता है वह डरता है कि उससे कोई ऐसा काम ना हो जाए जिसके लिए उसे सजा भुगतनी पड़ जाए इसीलिए वह किसी भी काम में हेरफेर या चालाकी करने से पहले सोचता है हर किसी का काम को करने का एक कारण होता है जिसका असर एक इंसान के साथ-साथ उसके परिवार पर भी पड़ता है इंसान अच्छा या बुरा भगवान की कृपा की वजह से नहीं बनता है बल्कि यह उसके कर्मों का नतीजा होता है कि दुनिया उसे अच्छे या बुरे इंसान के रूप में पहचानती है वह भगवान की पूजा करता है यह उसका एक अच्छा कर्म हो सकता है पर वह एक अच्छा आदमी अपने
3:56 अच्छे कामों की वजह से ही बनता है और इसके उलट जिस इंसान के विचार बुरे होते हैं वह एक बुरा आदमी बनता है इंसान खुद ही अपने आप को बनाता और बिगाड़ है अगर एक इंसान गलत संगति में पड़ गया है तो वह अपने आप को आने वाले समय में अपने जीवन को नष्ट कर लेता है और अगर उसकी संगति अच्छी है तो वह अपने आने वाले जीवन में शांति और सुख पाता है जिससे उसका जीवन स्वर्ग जैसा बन जाता है सही सिलेक्शन और अच्छे विचारों की वजह से इंसान भगवान से जुड़ जाता है और किसी भी चीज का गलत इस्तेमाल करने से इंसान के अंदर गलत विचार आते हैं जिससे वह जानवर बन
4:41 जाता है इंसान के जानवर और अच्छा इंसान बनने के बीच में ही उसका चरित्र बनता है इसलिए इंसान खुद ही अपने आप को बनाता है और खुद ही अपने आप को बिगाड़ है इंसान अपना मालिक खुद होता है इस आधुनिक युग में आत्मा से संबंधित सभी चीजों के बारे में धर्म गुरुओं द्वारा बताया जाता है और इन सभी चीजों से हमें भगवान से जुड़ने का रास्ता मिलता है जिससे हमें खुशी मिलती है इसीलिए कहा गया है कि एक इंसान ही खुद को अच्छा या बुरा बनाता है अपने चरित्र यानी के कैरेक्टर को बनाता है और अपनी किस्मत को भी खुद ही बनाता है अगर किसी इंसान के अंदर शक्ति बुद्धि और प्यार भरा पड़ा तो
5:30 वह किसी भी सिचुएशन का सामना कर सकता है वह अपनी बुद्धि से हर सिचुएशन को अपनी सोच के अनुसार बदल सकता है जिससे उसके आसपास का माहौल वैसा ही बन जाता है जैसा वह बनाना चाहता है अपनी तेज बुद्धि से इंसान अपने मन मुताबिक काम कर सकता है एक इंसान अपनी सबसे कमजोर सिचुएशन में भी खुद का मालिक होता है अगर वह ठान ले तो अपनी बु बुधि का इस्तेमाल करके हर बुरी सिचुएशन से बाहर निकल सकता है पर अगर उसकी कमजोरी का किसी और इंसान को पता चल जाता है तो वह उसका फायदा उठाने लगता है और इसी के साथ अच्छे इंसान का भी पतन होना शुरू हो जाता
6:16 है ऐसी सिचुएशन में इंसान को चाहिए कि वह खुद पर विचार करें इंसान को पता लगाना चाहिए कि उससे कहां और क्या गलती हुई है ताकि वह उसे ठीक कर सके इंसान अपनी गलती को ठीक करके फिर से अपनी जिंदगी को सही रास्ते पर ला सकता है इससे वह लोगों की नजरों में बुद्धिमान बन जाता है एक बार पतन से गुजर कर इंसान दोबारा अपनी जिंदगी में तभी ऊपर उठ पाता है जब वह अपने अंदर के विचारों पर काम करना शुरू कर देता है वह उसी काम को करता है जिसे उसकी आत्मा सही ठहरा है वह सिर्फ अपने मन की आवाज सुनता है जैसे बहुत ज्यादा खोजबीन और
7:04 खुदाई करने के बाद ही सोना और हीरा मिलता है वैसे ही अगर कोई इंसान अपनी आत्मा की गहराई से खुदाई करेगा तभी वह अपने आप से जुड़े हर सच को जान सकता है वह यह साबित कर सकता है कि वह ही अपने चरित्र को बनाता है अपनी किस्मत को बनाता है और वही अपने जीवन में होने वाली हर छोटी और बड़ी घटनाओं का निर्माता है अगर वह अपने मन के विचारों पर ध्यान देगा और अपनी भावनाओं पर काबू रखेगा तो वह सिचुएशन के अनुसार अपने विचारों को बदल सकता है इससे उसे पता चलेगा कि दूसरों पर उसके विचारों का क्या असर पड़ रहा है अपनी ताकत और बुद्धि का
7:50 इस्तेमाल वह दूसरों पर कर सकता है पर इसका मतलब यह कतई नहीं है कि वह दूसरों पर अपना हुकुम चलाए अगर किसी का काम उसकी ताकत और बुद्धि के इस्तेमाल से बनता है तो उसकी मदद करने से किसी भी इंसान को पीछे नहीं हटना चाहिए यहां तक के इंसान रोजमर्रा में होने वाली चीजों पर भी अपनी बुद्धि का इस्तेमाल करके दूसरों को दिखा सकता है कि वह कितना बुद्धिमान है इस तरह देखा जाए तो इंसान नियमों से भरा हुआ कोई पुतला नहीं है उससे भी गलतियां होती हैं वह जिस चीज की खोज करता है उसे पा लेता है और एक अच्छा इंसान जिस दरवाजे को खटखटा है वह दरवाजा उसके लिए खोल दिया जाता है क्योंकि सिर्फ धैर्य प्रैक्टिस और हमेशा मेहनत
8:38 करने से ही कोई इंसान ज्ञान के मंदिर के अंदर आ सकता है चलिए अब हम इंसान के दिमाग की तुलना एक बगीचे से करते हैं एक बगीचे को अगर सही ढंग से बनाना हो तो अपनी बुद्धि का इस्तेमाल करना पड़ता है रोज उसकी देखभाल करनी पड़ती है नहीं तो वह एक जंगल बन जाएगा ऐसा ही इंसान का दिमाग है अगर उसे बुद्धिमानी से विकसित नहीं किया गया तो उसमें बुरे विचार आने लग जाएंगे अगर हम अपने दिमाग को समय के साथ विकसित कर लेंगे तो हमारे लिए ही सही होगा नए विचारों के दिमाग में आने का मतलब यह नहीं है कि
9:26 पुराने विचारों को भूल जाएं बल्कि इसका मतलब अपनी बुद्धि को बढ़ाना है इंसान का दिमाग इस तरह का होता है कि अगर उसमें अच्छे विचार नहीं डाले गए तो बुरे विचार इसमें अपने आप आ जाएंगे क्योंकि इंसान बुरी चीजों को आसानी से अपना लेता है जिस तरह एक माली अपने खेत को नुकसान पहुंचाने वाले छोटे पौधों को अलग रखते हुए खेती करता है और उन फूलों और फलों को उगाता है जिनकी उसे जरूरत होती है उसी प्रकार एक आदमी अपने मन के बगीचे की देखभाल कर सकता है अपने अंदर से सभी गलत बेकार और बुरे विचारों को हटा सकता है और आगे बढ़ सकता है सही अच्छे और शुद्ध विचार ही इंसान को
10:14 एक अच्छा इंसान बनाते हैं अपने जीवन में आगे बढ़ते हुए इंसान को पता चलता है कि वह अपनी आत्मा का मालिक खुद है वह अपने जीवन को जैसे चाहे वैसे जी सकता है वो अपने तरीके से अपना जीवन जीने के लिए अपने अंदर अलग-अलग नियम बनाता है और अपने जीवन में आगे बढ़ते हुए समझता है कि उसकी सोचने समझने की ताकत और मन में आने वाली अच्छी बातें उसके चरित्र हालात और भाग्य को अच्छा बनाने में कैसे काम करती हैं विचार और चरित्र एक हैं और चूंकि किसी इंसान के चरित्र का पता सिर्फ दूसरे लोगों के द्वारा ही पता लगाया जा सकता ता है इसलिए
11:00 किसी इंसान के जीवन की बाहरी स्थितियां हमेशा उसके मन के अंदर की स्थिति से जुड़ी हुई होती हैं इसका मतलब यह नहीं है कि किसी भी समय किसी इंसान के हालात उसके अच्छे चरित्र की तरफ इशारा करते हैं बल्कि वह हालात उसके अंदर के कुछ जरूरी सोच विचारों से इतनी गहराई से जुड़े होते हैं कि कुछ समय के लिए वह उसके विकास के लिए जरूरी हो जाते हैं ऐसे में इंसान अपने हालात के अनुसार अपना विकास करता है हर इंसान अपने जीवन के नियम के अनुसार ही रहता है जो विचार उसने अपने चरित्र में बनाए हैं वही उसे वहां पर लाए हैं जहां पर वह इस समय है उसके जीवन में अचानक से होने वाली चीजों का कोई मतलब नहीं है वह अपने
11:48 दिमाग से चलता है वह अपने मन के अंदर एक नियम बना लेता है जिसके मुताबिक वह कोई गलत काम नहीं कर सकता यह एक गलत चीज है इंसान भगवान का रूप है पर भगवान नहीं है इसलिए उससे गलतियां होंगी यह बात हर इंसान को समझनी चाहिए कई बार किसी इंसान को ऐसा भी लग सकता है कि जिस परिवार में वह पैदा हुआ है वह परिवार उसके लायक नहीं है वह इस परिवार से ज्यादा अच्छा परिवार डिजर्व करता था ऐसा सोचना गलत है इंसान एक ऐसा जीव है जो हमेशा कुछ ना कुछ नया सीखता है कई बार वह अपने से छोटी उम्र के लोगों से भी कुछ नया सीख जाता है इस तरह इंसान का
12:35 दिमाग हर पल विकास करता है और जैसे ही वह जीवन का सबसे बड़ा सबक सीखता है यानी अपने मन की आवाज सुनना जो हर सिचुएशन में उसके लिए सही होती है वह दूसरे लोगों से अलग हो जाता है और अपनी एक नई दुनिया बनाने लगता है इंसान तब तक ही दूसरों की बातों से प्रभावित होता है जब तक कि वह खुद को दिखावा करने वाला इंसान मानता है लेकिन जब उसे पता चलता है कि वह एक ऐसा इंसान है जो अपने मन के मुताबिक कुछ भी काम कर सकता है और वह अपने मन के अंदर छुपी हुई बातों और भावनाओं पर काबू कर सकता है जिनसे अच्छे या बुरे हालात बनते हैं तब वह सच में खुद का मालिक बन जाता है यह बात हर उस इंसान
13:23 को पता है जिसने लंबे समय तक अपनी आत्मा पर काबू किया है और आत्मा को शुद्ध करने की कोशिश की है आत्मा पर काबू करने वाले इंसान को समझ आ जाता है कि उसके हालात में बदलाव हो रहा है और इस बात से उसे मानसिक शांति मिलती है यह बात इतनी सच है कि जब कोई इंसान ईमानदारी से अपने अंदर की कमियों को दूर करने के लिए खुद को बदलने लगता है तो वह तेजी से तरक्की करता है वह अपने जीवन के उतार चढ़ाव को आसानी से पार कर लेता है इंसान की आत्मा उसे ही अपने पास बुलाती है जो उसे गुणी लगता है यह इंसान कोई भी हो सकता है वह जिससे वह प्रेम करता है और वह
14:09 भी जिससे वह डरता है इंसान अपनी इच्छाओं को पूरी करने के लिए किसी भी हद तक जा सकता है और ऐसा भी हो सकता है कि वह अपनी गलत इच्छाओं को पूरा करने के लिए बहुत नीचे तक गिर जाए इंसान के आसपास की चीजें उसके लिए साधन का काम करती हैं जिनके द्वारा इंसान की आत्मा अपनी इच्छाओं को पूरा करती है इंसान के मन में आने वाला हर विचार उसके आसपास अपना डेरा जमा लेता है और उस इंसान के दिमाग पर इतना हावी हो जाता है कि इंसान का मन उसे सच्चाई का रूप देने का करने लगता है इसका नतीजा यह होता है कि
14:56 देर से ही सही पर इंसान उस काम को कर देता है अब अगर वह काम अच्छी तरह हुआ होगा तो उसका नतीजा भी अच्छा होगा इंसान के मन के अंदर पनप रहे अच्छे विचार अच्छा फल देते हैं बुरे विचार बुरा फल देते हैं इंसान जो भी काम करता है उसका असर उसके परिवार पर भी पड़ता है अगर उसका काम अच्छा होगा तो उसका मन खुश होगा और वह अपने परिवार के साथ अच्छा बर्ताव करेगा पर अगर उसका काम अच्छा हुआ तो उसका मन खराब होगा और वह अपने परिवार के साथ बुरा बर्ताव कर सकता है एक आदमी अगर अपने काम को लेकर परेशान है तो इस चीज के 100 फीसद चांसेस हैं कि
15:42 उसका दिमाग और उसकी आत्मा भी परेशान होगी सुख और दुख दो ऐसी चीजें हैं जो इंसान को खुश और बर्बाद कर देती हैं एक कहावत के अनुसार इंसान जैसी फसल बोता है वैसी ही काटता है बस इसी फसल को काटने में इंसान को परेशानी और खुशी दोनों का अनुभव मिल जाता है इंसान अपने मन की इच्छाओं उम्मीदों और विचारों का पीछा करता है जो कई बार उस पर भारी पड़ जाते हैं वह अपनी सोच की दुनिया में इतना उलझ जाता है कि अपने आसपास की दुनिया का उसे ध्यान ही नहीं रहता उन इच्छाओं का पीछा करने में कोई भलाई नहीं
16:28 है जिन्हें सब बेकार समझते हैं क्योंकि एक सच्चाई यह भी है कि हमें समाज के नियमों के दायरे में ही रहना है इंसान जल्दी से उस जगह पर पहुंचना चाहता है जहां उसके मतलब की चीजें हैं जबकि ऐसा संभव नहीं है वह अपना विकास करके और समझौता करके ही अपनी इच्छाओं को पूरा कर सकता है कोई भी इंसान भिखारी या कैदी अपनी किस्मत की वजह से नहीं बनता या फिर इसलिए नहीं ब के उस पर अत्याचार हुआ है बल्कि यह उसकी गिरी हुई सोच और बेकार की इच्छाओं का नतीजा होता है ऐसा कभी नहीं होता कि कोई अच्छा इंसान अचानक से ही गुंडा बन गया हो बल्कि अपराध करने वाले विचार लंबे समय से
17:15 किसी इंसान के मन में पल रहे होते हैं और मौका मिलते ही वह इंसान अपनी इच्छा के अनुसार गलत काम या अपराध कर बैठता है वह अपने लिए खुद बुरी सिचुएशन पैदा करता है ऐसी कोई भी चीज इस दुनिया में नहीं है जो खुद ही इंसान को मिल जाए हर चीज को पाने के लिए अपने मन की इच्छाओं को पूरा करने के लिए हर इंसान को मेहनत करनी पड़ती है तभी मेहनत का नतीजा और मीठा लगता है अगर हम किसी और की मेहनत का खा रहे हैं तो हमें उसके स्वाद का ही पता ही नहीं होगा पर अपनी मेहनत के स्वाद का पता रहता है यहां तक के जन्म के समय भी आत्मा इंसान के
18:00 पास आती है और इस संसार में अपनी हर यात्रा के हर कदम के द्वारा वह ऐसे हालात बनाती है जो यह दिखाते हैं कि एक इंसान के अंदर अच्छी आत्मा है हर इंसान की आत्मा उसकी अपनी पवित्र होने की और बुरा होने की उसकी ताकत और कमजोरी का आईना होती है पुरुष उस चीज से आकर्षित नहीं होते जो वह चाहते हैं बल्कि उससे आकर्षित होते हैं जो वो असल में है उनकी सनक इच्छाएं और बड़ी-बड़ी उम्मीदें हर कदम पर असफल हो जाती हैं लेकिन उनके मन के अंदर की भूख और इच्छाएं अपने ही भोजन से पूरी होती हैं चाहे वह गंदा हो या साफ हमारी आत्मा जो
18:49 हमारे लक्ष्यों को बनाती है वह हमारे अंदर है यानी हम खुद ही अपना जीवन तय करते हैं इंसान खुद ही अपने आप को काबू कर सकता है विचार करने से और काम करने से ही इंसान की किस्मत बनती है इंसान की सोच उसके दिमाग को कैद कर लेती है और काम पूरा हो जाने पर इंसान के दिमाग को राहत मिल जाती है इंसान को वह कभी नहीं मिलता जो वह चाहता है और जिसके लिए प्रार्थना करता है बल्कि वह मिलता है जो वह सही तरीके से कमाता है उसकी इच्छाएं और प्रार्थनाएं तभी संत तुष्ट होती हैं जब वह इंसान अपने विचारों और कामों के साथ बैलेंस बना लेता है यह सब
19:37 सुनने के बाद अपने हालात से लड़ने का क्या मतलब रह जाता है इसका मतलब यह है कि एक इंसान लगातार बाहर के लोगों के खिलाफ लड़ाई लड़ रहा है जबकि हर समय उसके दिल में डर भी होता है क्योंकि जिनके खिलाफ वह लड़ रहा है उनका वह कुछ नहीं बिगाड़ सकता और अपनी बात को ना पूरा होता देख इंसा गुस्से में आ सकता है लेकिन जो कुछ भी है वह जिद करके अपने मालिक की कोशिशों को कम कर देता है और फिर खुद को कमजोर साबित करने लगता है पुरुष अपनी सिचुएशन को सुधारने के लिए उतावले रहते हैं लेकिन खुद को सुधारने के लिए तैयार नहीं है इसलिए वह बंधे रहते हैं
20:24 जो इंसान हर सिचुएशन से लड़ने के लिए तैयार रहता है वह अपनी जिंदगी के उस लक्ष्य को पूरा करने में कभी असफल नहीं हो सकता जिस पर उसका दिल लगा हुआ है यह सांसारिक चीजों के साथ-साथ भगवान को पाने के बारे में भी उतना ही सच है यहां तक के वह आदमी भी जिसका लक्ष्य सिर्फ हासिल करना है अपने लक्ष्य को पूरा करने के लिए अपने रुपए पैसे की भी चिंता नहीं करता वह हर हाल में बस अपना लक्ष्य पूरा करना चाहता कई बार ऐसा आदमी कामयाब भी हो जाता है पर अपना लक्ष्य पाने में उसका खुद का कितना नुकसान होगा और उसके बाद क्या वह इंसान एक
21:09 मजबूत और अच्छे जीवन का एहसास कर पाएगा यहां एक गरीब है जो बेहद गरीब है वह बहुत चिंता में है कि उसके परिवार और घरेलू सुख सुविधाओं में सुधार किया जाए कायदे से यह काम उसे खुद करना चाहिए पर फिर भी वह हर समय अपने काम से जी चुराता है और कम वेतन मिलने पर अपने मालिक को धोखा देने की कोशिश करना सही समझता है ऐसा इंसान उन नियमों की सबसे सीधी बातों को नहीं समझता है जो सच्ची बातों का आधार होती हैं और वह ना सिर्फ अपनी बुरी सिचुएशन से बाहर निकलने में पूरी तरह से नाकामयाब है बल्कि सच में वह घर के अंदर रहकर और काम ना करके
21:55 अपने लिए और भी ज्यादा बुरी सिचुएशन बना रहा है ऐसा इंसान कभी कोई काम नहीं कर सकता और इसके उलट एक अमीर आदमी जो लालची होने की वजह से एक दर्दनाक बीमारी का शिकार हो गया है वह इससे छुटकारा पाने के लिए बड़ी रकम देने को तैयार है लेकिन वह अपनी गलत और लालची इच्छाओं को किसी भी कीमत पर छोड़ना नहीं चाहता वह हमेशा ही ऐसा बाहरी खाना खाना चाहता है जो टेस्टी हो और साथ ही अपनी सेहत को भी अच्छी रखना चाहता है ऐसा इंसान अच्छी सेहत पाने के काबिल नहीं है क्योंकि उसने अभी तक सेहतमंद जीवन के नियमों का पालन नहीं किया है इसके बाद आता है एक ऐसा आदमी जो
22:42 मजदूरों का मालिक है जो मजदूरों की सही मजदूरी का भुगतान करने से बचने के लिए चालाकी करता है और अधिक लाभ कमाने के लिए अपने यहां काम करने वाले लोगों की मजदूरी कम कर देता है ऐसा इंसान अपने जीवन में कभी तरक्की नहीं कर सकता और जब वह खुद को पैसे के मामले में दीवालिया पाता है तो वह अपने हालात को दोष देना शुरू कर देता है वह इस सच्चाई को कभी नहीं मानता कि उसी के कर्मों की वजह से उसके साथ यह सब हो रहा है इन तीनों मामलों का इस्तेमाल इस सच को सीखने के लिए किया गया है कि इंसान अपनी परिस्थितियों को खुद बनाता है हालांकि उससे हमेशा ही यह काम अनजाने में ही होता
23:28 है और एक अच्छे अंत का लक्ष्य रखते हुए वह विचारों और इच्छाओं को पूरा करके लगातार अपने विकास को रोक रहा है वह अपने विचार और किस्मत के साथ बैलेंस नहीं बना पाता ऐसे मामलों को एक लंबे समय तक बढ़ाया और बदला जा सकता है लेकिन यह जरूरी नहीं है क्योंकि यह सब सुनने वाला अगर चाहे तो अपने मन और जीवन में विचार के नियमों की कार्यवाही का पता लगा सकता है और जब तक ऐसा नहीं किया जाता है तब तक दूसरे लोगों के कहने पर काम करना समझदारी नहीं है हालांकि कई बार इंसान के हालात इतने मुश्किल हो जाते हैं कि उनमें उलझ करर इंसान के विचार दफन हो जाते हैं और खुशी
24:16 की स्थितियां इंसानों के साथ इतनी अलग-अलग होती हैं कि इंसान उसे पाने तक सब कुछ भूल जाता है किसी भी इंसान के अच्छे बुरे कर्मों का हिसाब किताब कोई दूसरा इंसान नहीं कर सकता एक इंसान खुद ही अपने बारे में बेहतर बता सकता है और यह भी सच है कि एक इंसान समाज में कितना अच्छा है सिर्फ इसी बात से उसके अच्छे कर्मों का अंदाजा नहीं लगाया जा सकता बल्कि उसकी सच्चाई का पता करना है तो उसके परिवार से बात करनी चाहिए एक इंसान कुछ चीजों में ईमानदार हो सकता है फिर भी उसे अपने जीवन में सुख सुविधाओं की कमी को सहना पड़ सकता है और वहीं कोई दूसरा इंसान
25:03 कुछ चीजों में बेईमान भी हो सकता है फिर भी वह पैसे कमा लेता है यह उसकी किस्मत होती है लेकिन आमतौर पर यह नतीजा निकाला जाता है कि एक आदमी अपनी अच्छाई और ईमानदारी के कारण असफल होता है और दूसरा अपनी बेईमानी के कारण सुखी होता है यह एक समाज का फैसला है जो मानता है कि बेईमान आदमी लगभग पूरी तरह से भ्रष्ट है और ईमानदार आदमी लगभग पूरी तरह से गुणी है इस बात की गहराई से जांच करने के बाद यह फैसला गलत पाया जाता है बेईमान आदमी में कुछ तारीफ करने लायक गुण हो सकते हैं जो दूसरों में नहीं होते और ईमानदार आदमी में
25:48 कई अवगुण होते हैं जो दूसरे में नहीं [संगीत] होते नद इंसान अपने ईमानदार विचारों और कामों का अच्छा परिणाम पाता है वह अपने ऊपर कष्ट भी लाता है जो उसकी बुराइयां पैदा करती हैं बेईमान आदमी भी इसी तरह अपना दुख और सुख खुद ही सहता है इंसान के अंदर जो घमंड होता है उसे यह विश्वास करना अच्छा लगता है कि कोई इंसान अपने गुणों के कारण कष्ट भोगता है लेकिन जब तक कोई इंसान अपने मन के अंदर से हर बीमार कड़वे और बुरे विचार को बाहर नहीं निकाल देता और अपनी आत्मा से हर पाप को धो नहीं लेता तब
26:34 तक वह यह जानने और घोषित करने की स्थिति में नहीं हो सकता है कि उसके कष्ट उसके अच्छे कामों का परिणाम है ना कि उसके बुरे कामों का इस सच्चाई तक पहुंचने से बहुत पहले ही वह अपने मन और जीवन में काम करते हुए उस महान कानून को पा लेता है जो हर किसी के साथ न्याय करता है और ऐसा कानून बुराई के बदले भी अच्छा परिणाम ही देता है इस तरह एक बुरा इंसान जब अपने बुरे कामों को छोड़कर अच्छा इंसान बन जाता है तो उसे पता चलता है कि उसका जीवन हमेशा से ही सही रास्ते पर चल रहा था बल्कि उसने ही बुरी संगति और बुरे कामों में पड़कर अपने जीवन को बिगाड़ा था तब वह बार-बार भगवान का
27:22 धन्यवाद करता है कि भगवान ने उसे और ज्यादा बुरे कर्म करने से बचा लिया और उसका जीवन सुधार दिया अच्छे विचार और अच्छे काम कभी बुरे परिणाम नहीं दे सकते इसी तरह बुरे विचार और बुरे काम कभी भी अच्छे परिणाम नहीं दे सकते यह कहने का मतलब यह है कि मकई से मकई के अलावा कुछ भी नहीं आ सकता है बिच्छू से जहर के अलावा कुछ भी नहीं आ सकता है इस दुनिया के पुरुष इस नियम को समझते हैं और इसके साथ काम करते हैं लेकिन मानसिक तौर पर इस दुनिया में बहुत कम लोग इस नियम को समझते हैं और इसलिए वह इसके साथ सहयोग नहीं करते हैं जबकि इस नियम के अनुसार
28:08 चलना अपने जीवन को सुधारने का बहुत ही सीधा और सच्चा तरीका है इंसान के जीवन में दुख तभी आता है जब उसके मन में कोई गलत विचार होता है यह एक इशारा है कि इंसान अपने काबू से बाहर हो चुका है वह अपनी जिंदगी की सच्चाई को नहीं समझ रहा उसने अपने जीवन के हर नियम को तोड़ दिया है और यही चीज उसके दुख का मुख्य कारण है ऐसे में इंसान को चाहिए कि वह अपनी जिंदगी में अच्छी चीजों को शामिल करें और बेकार की चीजों को अपने मन और जिंदगी से बाहर फेंक दे ऐसा करने से वह अपने जीवन के कष्टों से मुक्ति पा लेता है जैसे मैल हटा दिए जाने के बाद सोने को जलाने में कोई दिक्कत नहीं
28:56 होती वैसे ही अच्छे मन और अच्छे विचार वाले इंसान को समाज में अच्छी तरह रहने में कोई दिक्कत नहीं होती जिन हालात में इंसान को दुख का सामना करना पड़ता है ऐसी सिचुएशन उसकी बेकार की सोच का ही नतीजा होती है इंसान जिन चीजों का अच्छे से सामना करता है वह उसके मानसिक विकास को बढ़ाती है इंसान को हमेशा अच्छा सोचना चाहिए ऐसा करने से सिर्फ उस का ही नहीं बल्कि उसके आसपास के लोगों का भी भला होता है ऐसा करके वह अपने परिवार की जिंदगी को भी अच्छा बना सकता है एक आदमी को किसी चीज की कमी है पर वह अमीर है वहीं दूसरे इंसान की
29:43 किस्मत अच्छी है पर वह गरीब है इस तरह के लोग भी समाज में होते हैं किस्मत और धन तभी एक साथ जुड़ते हैं जब धन का सही और बुद्धिमानी से इस्तेमाल किया जाता है और गरीब आदमी सिर्फ तभी अपने बुरे हालात से बाहर आ सकता है जब वह अपनी जिंदगी को बेहतर बनाने की कोशिश करें ना कि बिना कुछ किए चुपचाप बैठा रहे गरीबी और भूख इंसान के जीवन के दो सच हैं यह दोनों इंसान के कर्मों की वजह से जीवन में आते हैं और ज्यादातर इंसान की सोच का परिणाम होते हैं एक आदमी तब तक सही ढंग से नहीं रह पाता जब तक कि वह एक खुश सेहतमंद और अच्छा इंसान ना हो और खुशी स्वास्थ्य और धन दौलत इंसान
30:31 के बाहरी जीवन के साथ-साथ उसके मन की शांति के लिए भी जरूरी हैं नहीं तो वह गरीबी और भूख की दलदल में गिर जाता है एक इंसान तभी इंसान बनना शुरू करता है जब वह रोना पीटना और दूसरों की बुराई करना बंद कर देता है और अंदर छुपे हुए गुणों की खोज करना शुरू कर देता है जो उसके जीवन को अच्छा बना सकते हैं और जैसे ही व अपने दिमाग में अच्छे विचारों को लाना शुरू करता है उसका जीवन सुधरने लगता है वह अपनी बेकार स्थिति के लिए दूसरों पर आरोप लगाना बंद कर देता है और खुद को मजबूत बनाता है और अपना विकास करने लगता है वह अपनी सिचुएशन के अनुसार खुद को ढालना शुरू कर
31:19 देता है इससे वह तेज गति से तरक्की करने लगता है और हमेशा पॉजिटिव रहना शुरू कर देता है इससे इंसान का चीजों को देखने का नजरिया बदल जाता है उसके अंदर की कई चीजें उभर कर बाहर आने लगती हैं जिन्हें वह अभी तक जानता ही नहीं था कानून का होना वहम नहीं है बल्कि दुनिया को काबू करने के लिए कानून बहुत जरूरी है न्याय अन्याय कोई चीजें नहीं बल्कि जीवन की आत्मा और सार हैं और इंसान का धार्मिक होना बेईमानी नहीं बल्कि भगवान तक पहुंचने तक का रास्ता है ऐसा होने पर
32:07 इंसान को यह पता लगाने के लिए कि सारी दुनिया सही है उसे सिर्फ खुद को सही करना है और खुद को सही करने के दौरान वह पाएगा कि जैसे जैसे वह चीजों और दूसरे लोगों के लिए अपने विचारों को बदलता है वैसे-वैसे ही चीजें और दूसरे लोग भी उसके लिए बदल जाते हैं यह हर इंसान के लिए सच है और इससे इंसान को खुद को सुधारने का और अपने आप पर काम करने का मौका मिलता है किसी इंसान को अपने विचारों में थोड़ा बहुत बदलाव करने दीजिए और वह यह देखकर चकित हो जाएगा कि इससे उसके जीवन की स्थितियों में तेजी से बदलाव आएगा इंसान सोचता है कि वह अपने विचारों को दूसरों से छुपाकर रखे
32:54 लेकिन ऐसा हो नहीं सकता यह तेजी से आदत में बदल जाता है और आदत मजबूत होकर इंसान के अंदर जम जाती है पुराने और खोखले विचार नशे और वासना की आदतों में बदल जाते हैं जो गरीबी और बीमारी की परिस्थितियों में इंसान के अंदर जम जाते हैं इंसान के हर तरह के बुरे विचार गलत और वहम करने वाली आदतों में बदल जाते हैं जो ध्यान भटकाने वाली और उल्टी सिचुएशन में बदल जाते हैं डर शक करना और बाकी के गलत विचार इंसान को कमजोर बनाते हैं मर्दों वाला घमंड और बेकार की आदतें जो असफलता गरीबी और दूसरों
33:40 की चापलूसी करने की आदत में बदल जाती हैं आलस करने जैसे विचार अपने आप को साफ ना रखना और बेईमानी बुरी आदतों में बदल जाती है जो इंसान के मन में बुरी तरह से जम जाती हैं दूसरों से नफरत करना और दूसरों के बारे में बुरा बोलना या दूसरों पर आरोप लगाने जैसी चीजें हिंसा और मारपीट की आदतों में बदल जाते हैं जो चोट और दुख में बदल जाते हैं सभी तरह के स्वार्थी विचार खुद को छोड़कर दूसरों के कामों में टांग अड़ने की आदतों में बदल जाते हैं जो इंसान के लिए चिंता की बात होती है दूसरी तरफ सभी तरह के सुंदर विचार दयालु और दूसरों से प्यार करने वाली आदतों में बदल जाते
34:27 हैं जो मिलनसार और सुख में बदल जाते हैं अच्छे विचार खुद पर काबू करना सिते हैं जो आराम करने और शांति की चीजों में बदल जाते हैं हिम्मत वाले काम करने के विचार आत्मनिर्भरता और फैसले मर्दाना आदतों में बदल जाते हैं जो सफलता और आजादी में बदल जाते हैं इंसान को एनर्जी से भरने वाले विचार साफ सफाई खने जसी आदतों में बदल जाते हैं जो इंसान को सुख का अनुभव करवाते हैं इंसान का नर्म स्वभाव और माफ करने के विचार अच्छी आदतों में बदल जाते हैं जो दूसरों को सुरक्षा की भावना देते हैं प्रेम से भरा हुआ मन और निस्वार्थ विचार
35:14 दूसरों के लिए अच्छा करने की आदतों में बदल जाते हैं जो इंसान के सच्चे मन को दर्शाते हैं विचार की एक विशेष बात होती है चाहे वह अच्छा हो या बुरा चरित्र और परिस्थितियों पर अपना परिणाम देने में असफल नहीं हो सकता कोई इंसान सीधे तौर पर अपनी परिस्थितियों को नहीं चुन सकता है लेकिन वह अपने विचारों को चुन सकता है और इसलिए सीधे और अच्छे तरीके से अपनी सिचुएशन को अपने अनुसार बना सकता है अच्छे विचार इंसान को संतुष्टि देते हैं और उसके अंदर दूसरों की मदद करने की भावना आ जाती है इंसान हर सिचुएशन में खुद ही अपने आप को
36:00 सबसे ज्यादा प्रोत्साहित करता है और अपने लिए ऐसे मौके ढूंढता है जिन पर काम करके वह खुद को सही साबित कर सके ऐसे में इंसान अपने अच्छे और बुरे दोनों विचारों पर सबसे तेजी से काम कर सकता है इंसान अपने दिमाग में आने वाले बुरे विचारों को सोचना बंद कर दे तो सारी दुनिया उसके लिए नरम हो जाएगी और उसकी सहायता करने को तैयार हो जाएगी अगर इंसान अपने कमजोर और बीमार विचारों को खुद से दूर कर दे तो उसके मजबूत इरादों की सहायता से वह अपने हर काम को करने में सफल हो जाएगा अगर वह अपने अच्छे विचारों पर काम करें तो वह कोई भी मुश्किल काम कर सकता है कोई भी दूसरा
36:45 इंसान उसका कुछ नहीं बिगाड़ पाएगा दुनिया आपका सिर्फ बाहरी रूप देखती है इसका मतलब यह है कि लोग सिर्फ आपकी कामयाबी देखते हैं उसके पीछे का संघर्ष नहीं इसलिए हमेशा मेहनत करते रहना चाहिए सफलता जरूर मिलती है मेहनत करने से इंसान की जिंदगी में अच्छी बातें होने लगती हैं और हर तरह से खुशियां आने लगती हैं उसकी जिंदगी में अलग-अलग रंग बिखरने लगते हैं इंसान वही बनता है जो वह बनना चाहता है उसे अपने जीवन में असफलता जैसे शब्द को आने ही नहीं देना चाहिए लेकिन आत्मा इस बात का तिरस्कार करती है इंसान की आत्मा उसे हर
37:31 काम करने की आजादी देती है और उसे इतनी मेहनत करने के लिए उकसा है कि वह हर काम करने में सफल हो जाता है इंसान समय पर विजय पाना चाहता है वह अंतरिक्ष पर विजय पाना चाहता है वह अपनी बुद्धि का इस्तेमाल करके घमंडी चालबाज और बुरे मौकों को डराता है जो उस पर अत्याचार करते हैं इंसान की आत्मा और उसके मन में आने वाली इा वह अदृश्य ताकत है जो किसी भी लक्ष्य के लिए रास्ता बना सकती हैं दूसरे लोग इसमें अलग-अलग तरह की मुश्किलें पैदा करेंगे पर इंसान को खुद पर विश्वास होना चाहिए किसी काम का नतीजा आने में देरी हो जाने पर इंसान को अपना धैर्य नहीं खोना चाहिए
38:17 बल्कि सिचुएशन को समझने की कोशिश करनी चाहिए जब इंसान की आत्मा उठती है और आदेश देती है तो देवता भी उसका पालन करने के लिए तैयार हो जाते हैं इंसान का शरीर उसके मन की सेवा करता है शरीर मन की हर बात को पूरी करने की कोशिश करता है चाहे उस काम को जबरदस्ती किया जाए या मन से किया जाए पर शरीर वही करता है जो मन उससे कहता है जब इंसान के मन में गैर कानूनी विचार आने लगते हैं तब शरीर तेजी से बीमारी और डर में डूब जाता है जबक इंसान के मन में अच्छे और सुंदर विचार आने पर शरीर और ज्यादा जवान और
39:03 सुंदर दिखने लगता है इंसान का बीमार होना और उसकी सेहत का गिरना इंसान की हर सिचुएशन की तरह विचार के अंदर से ही आती हैं गलत और गंदे विचार वाला इंसान खुद को गंदे शरीर के द्वारा ही दिखाने की कोशिश करेगा ऐसा माना जाता है कि जब इंसान के मन में डर वाले विचार आने लगते हैं तब वह इंसान को गोली की गति से ज्यादा तेज मारते हैं और ऐसे में विचार रोजाना लगातार हजारों लोगों को मार रहे हैं हालांकि इनकी गति धीमी है पर मार तो रहे हैं ना जो लोग बीमारी के डर में रहते हैं वही लोग ज्यादा बड़ी बीमारी की चपेट में आते हैं चिंता
39:49 जल्दी ही पूरे शरीर को अपने काबू में कर लेती है और इस तरह बीमारी के लिए दरवाजे खोल देती है जबकि बुरे विचार भले ही इंसान को शुरुआत में सुख देते हो पर उनसे एक समय के लिए इंसान खुश और चिंता रहित हो जाता है इंसान के मन के मजबूत शुद्ध और अच्छे विचार शरीर को जोश और खुशी से भर देते हैं शरीर एक नाजुक और प्लास्टिक यंत्र है जो उन विचारों पर तुरंत रिएक्ट करता है जिनसे वह प्रभावित होता है और हर बात पर विचार करने की आदतें उस पर अपना अच्छा या बुरा असर डालती हैं जब तक इंसान बुरे विचारों का प्रचार करते रहेंगे तब तक उनका
40:34 खून गंदा और जहरीला बना रहेगा साफ दिल और साफ मन से अच्छा जीवन और साफ सुथरा जीवन बनता है जिस इंसान का मन साफ नहीं होता उसे अपने जीवन में गंदा शरीर ही मिलता है चाहे वह बाहरी रूप से कितना ही साफ क्यों ना हो पर उसमें विचार तो गंदे भरे रहते हैं विचार इंसान के हर काम का आधार है अगर इंसान के विचार साफ हो तो उसे सब कुछ साफ सुथरा ही नजर आता है अगर कोई इंसान अपने विचारों को नहीं बदलेगा तो वह चाहे अपनी दिनचर्या या अपना खानपान क्यों ना बदल ले उसे कोई मदद नहीं मिलने वाली जब इंसान
41:21 अपने विचारों को अच्छा बना लेता है तो उसके जीवन से बेकार दिनचर्या और बेकार जन अपने आप ही गायब हो जाते हैं अच्छे विचार ही इंसान के अंदर अच्छी आदतें लाते हैं एक कहावत के अनुसार जो साधु अपना शरीर नहीं धोता वह साधु नहीं है वह जिसने अपने शरीर को मजबूत बनाया है और अपने विचारों को शुद्ध करने के लिए अपने अंदर की सभी बुराइयों को बाहर फेंक दिया है असल में वही साधु है उसे किसी और चीज पर विचार करने की कोई जरूरत नहीं है यदि आप अपने शरीर की रक्षा करना चाहते हैं तो सबसे पहले अपने मन की रक्षा करनी चाहिए यदि हम अपने शरीर को अच्छा बनाने की कोशिश
42:08 करेंगे तो हमारा मन अपने आप सुंदर और अच्छा बन जाएगा दूसरों के लिए हीन भावना जलन और निराशा के विचार शरीर का स्वास्थ्य और शांति छीन लेते हैं इसीलिए कहते हैं कि किसी इंसान का चेहरा सख्त और भाहीन है तो उसे यह चेहरा यूं ही नहीं मिला उसके विचार भी सख्त भाव वाले ही होंगे इंसान का मानना है कि झुर्रियां उसके चेहरे को खराब कर देती हैं जबकि ऐसा विचार जिस इंसान के दिमाग में आता है वह इंसान मूर्खता जुनून और घमंड के मामले में सबसे ऊपर होता है ऐसे में हमें एक 96 साल की महिला को देखना चाहिए उसका चेहरा एक लड़की के जैसा चमकता
42:56 हुआ और मासूम है और फिर हमें 40 साल के ऐसे इंसान को देखना चाहिए जिसका चेहरा उसके गलत कामों की वजह से बिगड़ गया है ऐसा इसलिए क्योंकि वो बूढ़ी महिला अच्छी संगत और अच्छे विचारों से घिरी रहती है और दूसरी तरफ वो दूसरा इंसान बुरे विचारों में लीन रहता है इंसान का अच्छा या बुरा स्वभाव उसके मन के अंदर भरी हुई अच्छी बातों का या फिर उसके मन के अंदर भरे हुए जुनून और अशांति की वजहों से होता है जैसे कि जब तक आप अपने कमरे में हवा और धूप को आने नहीं देते तब तक आपको रहने के लिए एक अच्छा और सेहतमंद घर नहीं मिल सकता उसी तरह एक मजबूत शरीर और एक चमकता हुआ खुश या
43:44 शांत चेहरा सिर्फ खुशी और अच्छे विचारों के मन में आने से ही मिल सकता है इसके अलावा बूढ़े लोगों के चेहरों पर जो झुरियां होती हैं वह उनके खुद के तजुर्बे से कमाई हुई हो होती हैं बूढ़े लोगों के चेहरे पर मजबूत और अच्छे विचार होते हैं और इसके उलट दूसरों के चेहरे पर जुनून से बनी हुई झुर्रियां होती हैं जो कोई भी उनसे अलग नहीं कर सकता जो लोग धार्मिकता से जीवन जीते हैं उनके लिए उम्र ढलते सूरज की तरह शांत और अच्छी होती है उदाहरण के लिए आप अच्छे इंसान को मरते हुए देख सकते हैं अपनी जिंदगी के कुछ सालों को छोड़कर वह बूढ़ा नहीं था उसकी मौत भी उतनी ही
44:30 अच्छी और शांति से हुई जितनी शांति से वह खुद रहते थे शरीर की बीमारियों को दूर करने के लिए अच्छे विचार से ज्यादा अच्छी कोई दवाई नहीं है दुख और दुख की छाया को दूर करने के लिए जरूरी है कि इंसान अपनी सारी बुरी आदतें छोड़ दे इसके अलावा और कोई रास्ता उसके पास नहीं है किसी भी इंसान का लगातार बुरी भावनाओं से घिरा रहना हमेशा दूसरों पर हावी रहने की कोशिश करना और जलन जैसे विचारों में रहना जेल में कैद होने जैसा है लेकिन सभी के बारे में अच्छा सोचना सभी के साथ खुश रहना धैर्य रखना सभी में अच्छाई खोजना नई चीजें सीखना ऐसे निस्वार्थ विचार ही इंसान के
45:17 लिए स्वर्ग के दरवाजे खोल सकते हैं अगर इंसान का मन हर जीव के लिए शांति के विचार सोचेगा तब उसके शरीर को भी शांति मिलेगी जब तक इंसान के सोचने का कोई लक्ष्य नहीं होता तब तक उसे समाज में कोई जगह हासिल नहीं होती अगर इंसान का विचार उसके मन में ही रह जाएगा तो लोगों को उसकी सोच और उसके लक्ष्य का पता कैसे चलेगा इसलिए जरूरी है कि उसे लोगों की नजरों में लाया जाए और सच्चाई का रूप दिया जाए किसी इंसान के जीवन में लक्ष्य का ना होना एक बुराई है जो इंसान मुसीबत और विनाश से दूर
46:05 रहना चाहता है उसके लिए किसी काम में अपने आप को बिजी रखना बहुत जरूरी है इसलिए उसके जीवन में लक्ष्य का होना बहुत जरूरी है जिनके जीवन में कोई मेन लक्ष्य नहीं होता वह छोटी-छोटी चिंताओं भय परेशानियों और अपने परिवार और लोगों की दया का आसान शिकार बन जाते हैं यह सभी कमजोरी के संकेत हैं जो निश्चित रूप से जानबूझकर इंसान को पाप करने की ओर ले जाते हैं हालांकि इनका रास्ता अलग होता है फिर भी पाप तो पाप होता है ऐसे लोगों को हर रास्ते पर असफलता दुख और नुकसान ही मिलता है जबकि अच्छे सोच विचार और मजबूत इरादे वाले लोगों को हर
46:50 रास्ते में सफलता ही मिलती है इंसान को अपने दिल में एक अच्छे लक्ष्य की कल्पना करनी चाहिए और उसे पूरा करने के लिए निकल पड़ना चाहिए उसे इस लक्ष्य को अपने विचारों का मेन पॉइंट बनाना चाहिए यह इंसान के उस समय के स्वभाव के अनुसार कोई आदर्श वस्तु हो सकती है जो इंसान को किसी काम को करने के लिए प्रेरणा देती हो या यह एक सांसारिक वस्तु भी हो सकती है लेकिन जो भी हो इंसान को लगातार अपनी वैचारिक ताकत के साथ उस वस्तु पर फोकस करना चाहिए जिसे उसने अपने सामने रखा है उसे इस लक्ष्य को अपना सबसे बड़ा कर्तव्य बनाना चाहिए और इसे पाने के लिए खुद को झोंक देना चाहिए
47:38 उस इंसान को अपने विचारों को अपने बेकार की सोच लालच बुरी संगति और बुरे विचारों में भटकने नहीं देना चाहिए उसे खुद पर काबू रखना चाहिए और अपने विचारों के लिए अच्छी बातों का चुनाव करना चाहिए इंसान के पास अपने लक्ष्य को पाने का यही तरीका होता है भले ही वह अपने लक्ष्य को पूरा करने में बार-बार असफल रहता है पर लक्ष्य को पाने के लिए उसकी मेहनत ही उसकी सच्ची सफलता तय करेगी और यह उसकी भविष्य की ताकत और जीतने के लिए एक नया जज्बा देगी उसे अपनी कमजोरी को दूर करने के लिए बार-बार असफलता का सामना करना ही पड़ेगा तभी वह
48:23 सफल होगा जो लोग महान लक्ष्य को पाने के लिए तैयार नहीं है उन्हें अपने कर्तव्य को पूरा करने पर ध्यान लगाना चाहिए चाहे उनका काम दूसरे लोगों की नजरों में जितना भी बेकार क्यों ना हो सिर्फ इसी तरह से विचारों को इकट्ठा करके उन पर फोकस किया जा सकता है और परेशानियों का समाधान किया जा सकता है इससे इंसान अपने अंदर एनर्जी पैदा कर सकता है ऐसा कोई काम नहीं है जो पूरा ना किया जा सके सबसे कमजोर आत्मा अपनी कमजोरी को जानते हुए और इस सच पर विश्वास करते हुए के इंसान के अंदर की ताकत सिर्फ कोशिश
49:09 करने से और लगातार प्रैक्टिस करने से ही विकसित की जा सकती है इस तरह विश्वास करते हुए तुरंत खुद कोशिश करना शुरू कर देगी और कोशिश करना धैर्य में और ज्यादा धैर्य और ताकत जोड़ देगा ताकतवर बनने के लिए इंसान अपना विकास करना कभी बंद नहीं करेगा और फिर वह बहुत ज्यादा मजबूत हो जाएगा जिस प्रकार शारीरिक रूप से कमजोर इंसान सावधानी से और धैर्य से सब कुछ सीखकर खुद को मजबूत बना सकता है उसी प्रकार कमजोर विचार वाले इंसान भी सही सोच का इस्तेमाल करके खुद को मजबूत बना सकते हैं अपनी जिंदगी में किसी लक्ष्य का ना होना और कमजोरी को दूर करने और ल के साथ सोचना
49:57 शुरू करने का मतलब उन मजबूत लोगों की कैटेगरी में जाना है जो असफलता को अच्छी चीज मानते हैं ऐसे लोग सभी चीजों को अपने मुताबिक बनाते हैं और जो अच्छे से उनके बारे में सोचते हैं बिना डरे कोशिश करते हैं और अच्छी तरह से पूरा काम करते हैं अपने लक्ष्य को सोचने के बाद एक इंसान को मानसिक रूप से इसे पाने के लिए एक साफ रास्ता चुनना चाहिए ना उल्टा और ना सीधा शक करने को और तर्क वितर्क करने को सख्ती से बाहर रखा जाना चाहिए यह चीजें इंसान का मन भटका देती हैं जो इंसान के कोशिश करने की सीधी रेखा को तोड़ देते हैं उसे टेढ़ा
50:45 मेढ़ा बेअसर और बेकार बना देते हैं और शक और डर के विचारों से कभी कुछ हासिल नहीं हुआ और ना ही कभी हो सकता है यह चीज हमेशा ही असफलता की ओर ले जाती हैं जब शक और डर आ जाते हैं तो लक्ष्य एनर्जी काम करने की ताकत और सभी मजबूत विचार खत्म हो जाते हैं इंसान के अंदर किसी काम को करने की इच्छा उस ज्ञान से पैदा होती है कि यह काम हम कर सकते हैं शक और डर ज्ञान के सबसे बड़े दुश्मन हैं और जो इन दोनों चीजों को बढ़ावा देता है और इन दोनों चीज को नहीं मारता वह हर कदम पर खुद को असफल कर लेता
51:31 है जिस इंसान ने शक और डर पर जीत पा ली ऐसा समझो कि उसने अपनी असफलता पर जीत पा ली इंसान का हर विचार उसके मन के अंदर की ताकत से जुड़ा हुआ है और सभी मुश्किलों का बहादुरी से सामना किया जाता है और बुद्धिमानी से उन पर काबू पाया जाता है उनका लक्ष्य मौसम के अनुसार पालना पोषणा है तब वह खिलते हैं और फल लाते हैं जो समय से पहले जमीन पर नहीं गिरते हैं निडर होकर लक्ष्य से जुड़ा हुआ विचार इंसान की ताकत बन जाता है जो यह जानता है कि वह सिर्फ अपने बे ढंगे विचारों और उतार चढ़ाव वाली भावनाओं से कुछ ऊंचा और मजबूत बनने के लिए
52:19 तैयार है जो ऐसा करता है वह अपनी मानसिक शक्तियों को बुद्धिमानी से पा लेता है [संगीत] एक आदमी जो कुछ भी हासिल करता है और जो कुछ भी हासिल नहीं कर पाता है वह सब उसके अपने विचारों का परिणाम होता है एक ऐसी दुनिया में जहां हर चीज बहुत अच्छे तरीके से रखी गई है जहां संतुलन के नुकसान का मतलब सारी दुनिया का विनाश होगा ऐसी दुनिया में इंसान को चाहिए कि वह अपनी निजी जिम्मेदारियों को पूरा करें इंसान की कमजोरी और ताकत उसके चरित्र की पवित्रता उसकी अपनी होती है किसी दूसरे की नहीं यह
53:05 उसके द्वारा ही बनाई गई चीज होती है यानी कि उसकी निजी चीजें इन्हें बनाने वाला उसके अलावा कोई दूसरा नहीं होता और इन चीजों को सिर्फ उसके द्वारा ही बदला जा सकता है वर्तमान समय में उसने जो अपनी हालत बना रखी है वह भी उसकी अपनी बनाई हुई है किसी और ने उसकी हालत तैसी नहीं बनाई है किसी इंसान का दुख और उसकी खुशी उसके अंदर ही पनपती है वह जैसा सोचता है वैसा ही होता है वह जैसा सोचता रहता है वैसा ही बना रहता है एक मजबूत आदमी किसी कमजोर इंसान की मदद नहीं कर सकता जब तक कि वह कमजोर मदद पाने को तैयार ना हो और फिर भी
53:50 कमजोर आदमी को खुद ही मजबूत बनना होगा एक कमजोर आदमी को पता होना चाहिए कि अपनी कोशिशों से वह अपने अंदर एक ऐसी ताकत पैदा कर सकता है जिससे दूसरे लोग उसकी और उसके काम की तारीफ करने लगेंगे हर इंसान को यह बात ध्यान रखनी चाहिए कि उसकी स्थिति को उसके अलावा कोई नहीं बदल सकता पुरुषों के लिए यह सोचना और कहना आम बात है कि बहुत से लोग ऐसे लोगों के गुलाम हैं जो दूसरों पर हुक्म चलाते हैं किसी भी इंसान को दूसरों पर हुक्म चलाने का को कोई हक नहीं है इसलिए हमें ऐसे लोगों से नफरत करनी चाहिए हालांकि अब कुछ लोगों में इस फैसले को पलटने और यह कहने का साहस आ गया
54:37 है कि एक आदमी तभी दूसरों पर अत्याचार कर सकता है जब कोई इंसान उसका गुलाम बनकर रह रहा हो इसीलिए इंसानों को ऐसे गुलाम का साथ नहीं देना चाहिए सच तो यह है कि अत्याचार करने वाला और अत्याचार सहने वाला दोनों को ही किसी भी चीज का ज्ञान नहीं होता इसलिए वह एक दूसरे के सहयोगी होते हैं और एक दूसरे को कष्ट देते हैं पर देखा जाए तो वह इस चीज से खुद को ही कष्ट पहुंचाते हैं अगर किसी अत्याचारी को ज्ञान मिल जाएगा तो वह अपनी ताकतों का इस्तेमाल अपने से कमजोर लोगों पर नहीं करेगा ज्ञान मिलने से उसे यह पता चल जाता है कि ऐसा करना गलत है और इसके लिए उसे इस देश के
55:23 कानून द्वारा सजा भी मिल सकती है एक अच्छा इंसान किसी भी दूसरे इंसान के दुख को देखकर कभी भी उसकी बुराई नहीं करता बल्कि उसके दुख को कम करने की कोशिश करता है एक ऐसा इंसान जिसके अंदर दूसरों के लिए दया की भावना होती है वह अत्याचारी और अत्याचार करने वाले दोनों को ही गले लगाता है और उन्हें अच्छा जीवन जीने का रास्ता दिखाता है जिस इंसान ने अपनी कमजोरी पर जीत हासिल कर ली है और सभी स्वार्थी विचारों को खुद से दूर कर दिया है वह ना तो अत्याचार करने वाला हो सकता है और ना ही अत्याचार सहने वाला वह हर चीज से आजाद होता है इंसान
56:11 सिर्फ अपने विचारों को ऊपर उठाकर ही उठ सकता है जीत सकता है और किसी चीज को हासिल कर सकता है जो इंसान अपने विचारों को ऊपर उठाने से मना करता है वह सिर्फ कमजोर और दुखी ही रह सकता है ऐसा इंसान अपने जीवन में कोई भी लक्ष्य हासिल नहीं कर सकता इससे पहले कि कोई इंसान कुछ भी हासिल कर सके यहां तक के अपने जीवन की छोटी मोटी चीजों में भी उसे अपने विचारों को किसी की भी गुलामी करने से बचाना होगा इसका मतलब है कि उसे वही काम करना चाहिए जिसके लिए उसकी आत्मा उसे आदेश देती हो हर इंसान के अंदर कहीं ना कहीं एक ऐसा जानवर छुपा होता
56:57 है जो अपनी जिंदगी के किसी भी पल में चालाकी दिखा सकता है किसी भी इंसान का अपनी जिंदगी में सफल होने के लिए थोड़ा बहुत चालाक होना बहुत ही जरूरी है मगर इसका मतलब यह नहीं है कि वो अपनी चालाकी से किसी दूसरे का नुकसान करें अगर कोई इंसान अपने स्वास्थ्य को छोड़ नहीं सकता तो कम से कम वो किसी भी दूसरे इंसान को नुकसान पहुंचाए बिना अपने स्वार्थ का एक हिस्सा तो छोड़ ही सकता है ताकि उसकी वजह से किसी दूसरे काम का कोई नुकसान ना हो एक इंसान जिसका पहला विचार ही दूसरों को नुकसान पहुंचाकर जीना है वह ना तो कुछ अच्छा सोच सकता है और ना ही कोई अच्छी योजना बना सकता है ऐसा इंसान तो खुद का ही
57:44 भला नहीं सोच सकता तो वह दूसरों का भला क्या सोचेगा ऐसा इंसान अपने हर काम में असफल होता है और इसी के साथ में यह भी चाहता है कि उसके साथ वाला इ भी किसी काम में सफल ना हो ऐसा इंसान अपने अंदर कई चीजें छुपा कर रख सकता है जो दूसरों के लिए घातक हो सकती हैं ऐसे इंसान को चाहिए कि वह अपने विचारों को मर्दाना तरीके से काबू करना शुरू कर दे जबकि वह ऐसा ना करके दूसरों के मामलों में टंगा रहता है उसे समझना चाहिए कि वह किसी के भी मामले को काबू करने और गंभीर जिम्मेदारियां अपनाने की स्थिति में नहीं है व वो आजादी से काम करने और अकेले खड़े रहने के काबिल नहीं
58:30 होता ऐसा इंसान सिर्फ उन विचारों तक ही सीमित होता है जिन्हें वह अपने लिए चुनता है उसे ऐसे ही विचार अपने लिए सही लगते हैं चाहे वह गलत ही क्यों ना हो जब तक इंसान कोई बलिदान नहीं कर सकता तब तक उसकी कोई तरक्की नहीं हो सकती तब तक ना तो वह कुछ हासिल कर सकता है और ना ही समाज में उसका कोई नाम हो सकता है उस न की सफलता तभी होगी जब वह अपने गंदे विचारों का त्याग कर दे जो उसे समय-समय पर भटकाने का काम करते हैं ऐसे लोग अपने मन का विकास नहीं कर पाते अगर उन्हें अपना विकास करना है तो उन्हें अपना ध्यान अपने लक्ष्य पर देना चाहिए और अपने आत्मविश्वास को बढ़ाना
59:17 चाहिए और वह अपने विचारों को जितना ऊंचा उठाएगा वह उतना ही अधिक मर्दाना ईमानदार और र्म बनेगा उसकी सफलता उतनी ही ज्यादा होगी उसकी उपलब्धियां उतनी ही ज्यादा और लगातार होंगी इस दुनिया में रहने वाले लोग लालची बेईमान दुष्टों का पक्ष नहीं लेते हालांकि लोगों को कभी-कभी ऐसा लग सकता है कि दुनिया में रहने वाले लोग सिर्फ ईमानदार और गुणी लोगों की मदद करते हैं जबकि ऐसा होना नहीं चाहिए बेईमान लोग की भी कुछ परिस्थितियां हो सकती हैं अच्छे लोगों को उन लोगों की स्थितियों को भी समझना चाहिए
1:00:03 अलग अलग समय के सभी महान शिक्षकों ने अलग-अलग रूपों में इसकी घोषणा की है और इसे साबित करने और जानने के लिए इंसान को सिर्फ अपने विचारों को ऊपर उठाकर खुद को ज्यादा से ज्यादा गुणी बनाने में लगे रहना चाहिए किसी इंसान की बुद्धि का बढ़ना उस इंसान के विकास का परिणाम होता है यह इस बात को साबित करता है कि उस इंसान ने खुद पर कितनी मेहनत की है ऐसा इंसान कई लोगों से बातों में जीत जाता है क्योंकि वह हाजिर जवाब होता है उस इंसान की ऐसी उपलब्धियां कभी-कभी उसके अंदर घमंड पैदा कर देती हैं लेकिन इंसान के अंदर घमंड का आना उसकी विशेषताओं का परिणाम नहीं है यह
1:00:49 इंसान की लंबी और मुश्किल कोशिशों शुद्ध और निस्वार्थ विचारों का परिणाम होता है इंसान की ऐसी सोच जो उसके मन को कोमल बनाती हैं और उसके मन में भगवान के लिए विश्वास को बढ़ाती हैं उसके मन के अंदर छुपे हुए पवित्र विचारों का परिणाम होती हैं ऐसा इंसान जो लगातार अच्छे और ऊंचे विचारों को अपने मन में रखता है जो शुद्ध और निस्वार्थ भाव से सभी चीजों पर ध्यान देता है वह बुद्धिमान होता है और लोगों की नजरों में उसका चरित्र भी महान होता है जिस तरह सूर्य अपने चरम पर और चंद्रमा खुद को पूरा करने की स्थिति में पहुंचता है वैसे ही एक महान इंसान का समाज के बाकी लोगों पर अलग ही असर पड़ता है लोग उस
1:01:37 इंसान का आशीर्वाद भी लेना चाहते हैं ऐसे इंसान ने अपने जीवन में चाहे जो भी हासिल किया हो उसकी कोशिश उसके मन के अच्छे विचारों को दिखाती है इंसान का खुद पर काबू रखना बहुत जरूरी है अपने विचार को पाने के लिए उसकी पवित्रता धार्मिकता और अच्छे विचार की सहायता से इंसान ऊपर उठता है आलस अशुद्ध भ्रष्टाचार और विचारों की उलझन की सहायता से इंसान नीचे गिरता है एक इंसान दुनिया में और यहां तक कि अगर वह धार्मिक भी बन जाता है तो भी वह ऊंची ऊंचाइयों तक पहुंच सकता है इसके उलट अगर वह अहंकारी स्वार्थी और भ्रष्ट विचारों को अपने ऊपर
1:02:24 हावी होने देता है तो वह फिर से कमजोरी के गड्ढे में गिर सकता है सही विचारों से पाई हुई जीत को सिर्फ सावधानी से ही बनाए रखा जा सकता है कई लोगों को काफी कोशिश करने के बाद भी जब सफलता नहीं मिलती तो वह हार मान लेते हैं और तेजी से असफलता की ओर लौट जाते हैं इंसान की सारी सफलता चाहे वह व्यापार की हो इंसान की बुद्धि की हो या धर्म की हो यह निश्चित रूप से इंसान के अच्छे और कायदे से बनाए गए विचारों का परिणाम होते हैं इस दुनिया का हर इंसान एक ही कानून मानता है और उसके दायरे में रहकर ही काम करता है इंसानों में अंतर सिर्फ
1:03:09 पानी की स्थिति में होता है किसी को कम मिलता है और किसी को ज्यादा जो इंसान अपनी जिंदगी में थोड़ा पाना चाहता है उसे थोड़ा बलिदान देना पड़ता है और जो इंसान बहुत कुछ हासिल करना चाहता है उसे बहुत सारी चीजों का बलिदान देना पड़ता है जो लोग सपने देखते हैं वह दुनिया की रक्षा करते हैं जिस तरह यह सारी दुनिया दिखने वाली चीजों और ना दिखने वाली चीजों के द्वारा कायम है उसी तरह इंसान भी अपने सभी अच्छे बुरे कामों अपने पाप और पुण्य और बुरे व्यवसायों के द्वारा लोगों का बुरा या अच्छा करने के बाद भी इस दुनिया
1:03:55 में अभी तक बसे हुए हैं ऐसे इंसान अपने अच्छे होने का सिर्फ सपना ही देख सकते हैं किसी भी इंसान की इंसानियत अपना अच्छा सोचने वालों को नहीं भूल सकती यह उनके आदर्शों को मिट्टी में नहीं मिला सकती और ना ही उन्हें खत्म होने दे सकती है यह उस इंसान के अंदर रहता है और एक दिन उसे जीवन की हर सच्चाई से अवगत कराता है संगीतकार मूर्तिकार चित्रकार कवि पैगंबर ऋषि यह लोग इस दुनिया में दूसरे लोगों को स्वर्ग का अनुभव कराते हैं इनकी बातों में लोग खो जाते हैं ऐसे साधु संत दूसरे लोगों को बताते हैं कि दुनिया खूबसूरत है क्योंकि
1:04:41 वह लोग इस दुनिया की हर अच्छी बुरी स्थिति को जी चुके हैं उन्हें लगता है कि उनकी बातों के बिना इस दुनिया में इंसानियत नष्ट हो जाएगी जो इंसान अपने दिल में एक अच्छा नजर एक ऊंचे आदर्श को संजोता है उसे एक दिन इसका एहसास जरूर होता है कोलंबस के मन में दूसरी दुनिया का सपना था और उसने इसकी खोज की कॉपरनिकस ने अनेक संसार और एक बड़े ब्रह्मांड बनाने को बढ़ावा दिया और उसने इसे दूसरे लोगों को भी दिखाया बुद्ध ने दुनिया के सीधे और सुंदर रूप के दर्शन करवाए और पूरी शांति के साथ भगवान को पाने का रास्ता दिखाया उनकी बातों का लोगों ने
1:05:27 बहुत सम्मान किया इंसान को अपने सपनों को संजोना चाहिए उस संगीत को संजोए जो आपके दिल में हलचल मचाता है वह सुंदरता जो आपके दिमाग में बनती है वह सुंदरता जो आपके अच्छे विचारों को लपेट है क्योंकि उनमें से सभी मजेदार स्थितियां होंगी सब कुछ स्वर्ग जैसा होगा और उन चीजों का वातावरण सबसे अलग और और अच्छा होगा और यह सब करके अगर कोई इंसान इन सब चीजों के लिए सच्चा बना रहता है तो फिर उसकी दुनिया भी साफ सुथरी और सच्ची बन जाती है जब इंसान को किसी चीज की इच्छा होती है तभी वह उस चीज को पाने की कोशिश
1:06:12 करता है किसी चीज की उम्मीद करना उसे हासिल करने पर खत्म होता है क्या किसी इंसान की सबसे बुनियादी इच्छाओं को कभी पूरी तरह से संतुष्टि मिलती है क्या उसकी अच्छी उम्मीदें तब तक भूख रह सकती हैं जब तक के वह पूरी नहीं हो जाती इस दुनिया में ऐसा कोई कानून नहीं है ऐसा कभी नहीं होता कि हम किसी से कोई चीज मांगे और वह हमें मिल जाए यह सिर्फ सपनों में हो सकता है सच में नहीं सच्चाई में हर चीज को पाने के लिए मेहनत करनी पड़ती है इसलिए हमेशा ऊंचे ऊंचे सपने देखो और जैसे कोई इंसान अपने देखता है वह वैसा ही बन जाता है इंसान की
1:06:59 अच्छी सोच इस बात को दिखाती है कि वह क्या बनेगा इंसान जिसे अपना आदर्श मानता है वह उसके ही दिखाए गए रास्तों पर चलता है और आखिर में जाकर उसी के जैसा बन जाता है किसी भी इंसान के जीवन में उसकी पहली और सबसे बड़ी कामयाबी इंसान के शुरुआती जीवन में होती है जो उसके लिए एक सपने के सच होने के जैसा होता है इसलिए कई बार इंसान की समझ में नहीं आता कि उसका सपना सच हो चुका है जिस तरह से एक पक्षी अपने अंडे के अंदर अपने आने वाले जीवन की प्रतीक्षा करता है उसी तरह इंसान की आत्मा के किसी कोने में उसका सपना हलचल मचा रहा होता है और इंसान को राहत तभी
1:07:46 मिलती है जब वह अपने सपने को पूरा कर लेता है इसका मतलब है इंसान को अपने सपनों को हकीकत में बदलने का पूरा हक है इंसान की सिचुएशन उल्टी सीधी हो सकती हैं लेकिन अगर आप किसी को आदर्श मानते हैं और उस तक पहुंचने की कोशिश करते हैं तो वह ज्यादा समय तक ऐसी नहीं रहेंगी आप किसी इंसान के मन के अंदर नहीं झांक सकते और ना ही उसकी बाहरी परिस्थितियों से उसके मन की हलचल का अंदाजा लगा सकते हैं हम एक गरीब का उदाहरण लेते हैं यहां एक युवा है जो गरीबी और मजदूरी से बुरी तरह से दबा हुआ है एक गरीब परिवार में लंबे समय तक रहना कोई पढ़ाई लिखाई ना करना और एक ऐसा जीवन
1:08:33 जीना जिसमें हर तरह की चीज का अभाव हो इंसान की ऐसी स्थिति उसके अंदर से उसे मार डालती है लेकिन फिर भी एक मजबूत और सच्चा इंसान वही है जो इस सिचुएशन में भी अपने आप को बेहतर बनाने के सपने देखता है वह इंसान चाहे तो अपनी बुद्धि का इस्तेमाल करके खुद को और अपने परिवार को गरीबी से बाहर निकाल सकता है और एक सुंदर जगह पर जाकर रह सकता है ऐसा जीवन जीने के लिए उसे सबसे पहले ऐसे जीवन का सपना देखना होगा अपने आप को मानसिक रूप से इस सपने को सच करने के लिए तैयार करना होगा खुद के जीने के लिए और अपने परिवार के सपनों को पूरा करने के लिए उसकी सोच का आजाद होना बहुत
1:09:20 जरूरी है उसे अपने दिमाग से अपनी छोटी सोच को बाहर निकाल होगा और बड़े-बड़े सपनों के लिए जगह बनानी होगी अगर वह अपने परिवार को अच्छा जीवन देना चाहता है तो एक समय ऐसा आएगा जब उसके सपने उसे सोने तक नहीं देंगे सपने जब तक पूरे नहीं होते तब तक इंसान के अंदर हलचल पैदा करते रहते हैं ऐसे में इंसान को चाहिए कि वह अपने खाली समय और साधनों का इस्तेमाल करें भले ही वह छोटे और कम हो पर इंसान के अंदर की ताकत को बाहर निकालने के लिए और उसके दिमाग का विकास करने के लिए छोटी-छोटी चीजें ही बहुत होती
1:10:08 हैं किसी भी इंसान को यह भूलना नहीं चाहिए कि शुरुआत छोटी चीजों से ही होती है ऐसा करने से उस इंसान को खुद के अंदर बहुत तेजी से बदलाव देखने को मिलेंगे और कुछ ही समय में वह हर चीज को करने में इतना काबिल बन जाता है कि कोई भी ताक उसे कुछ भी करने से रोक नहीं सकती यह सब होने से उस इंसान की गरीबी उसके दिमाग से ऐसे निकल जाएगी जैसे कोई गंदा कपड़ा एक तरफ फेंक दिया जाता है जब कोई इंसान अपने आप को इतना काबिल बना लेता है कि वह अपने सपनों को पूरा कर सके तब उसके जीवन में अलग-अलग मौके आने लगते हैं जिनका फायदा उठाकर वह खुद को और बेहतर बना सकता है ऐसे
1:10:55 इंसान को अगर हम सालों बाद देखेंगे तो हमें कोई गरीब लड़का नहीं दिखाई पड़ेगा बल्कि ऐसा इंसान दिखाई देगा जो पूरी तरह से विकसित है जिसने अपनी मेहनत से अपना रंग रूप और अपने परिवार का रहन सहन भी बदल दिया है वह जो चाहता है वही करता है वह अपने मन का मालिक होता है उसके हाथों में बहुत सारी जिम्मेदारियों की डोर है उसका जीवन काफी हद तक बदल जाता है कई लोग उसे फॉलो करने लगते हैं पुरुष और महिलाएं उसके शब्दों पर ध्यान देते रहते हैं और अपने चरित्र को नया रूप देते हैं वह सूरज की तरह स्थिर और चमकदार केंद्र बन जाता है जिसके चारों ओर कई सारे लोग घूमते हैं लोग
1:11:45 उसे अपना आदर्श मानने लगते हैं और उसके जैसा ही बनने की कोशिश करते हैं यह सब सुनने के बाद आप लोग भी अपने दिल के अंदर की बातों को महसूस करने लगेंगे आपको एहसास होगा कि आपका मन क्या चाहता है और आप क्या चाहते हैं कोई भी चीज चाहे वह गंदी हो या अच्छी या दोनों हो क्योंकि आप हमेशा उस चीज की ओर आकर्षित होंगे जिसे आप गुप्त रूप से सबसे अधिक प्यार करते हैं आपके अपने विचारों के सटीक परिणाम आपके हाथों में रखे जाएंगे इसका मतलब यह है कि इंसान को जो कुछ काम आता है उसे वही मिल है ना ज्यादा ना कम इंसान की आज की हालत चाहे जैसी भी हो पर वह अपने
1:12:32 विचारों अपनी दृष्टि अपने आदर्श के साथ गिरेगा उठेगा या उसके साथ बना रहेगा तो ही तरक्की कर सकेगा यह उसकी इच्छा पर निर्भर है कि उसे अपने खुद के जीवन में अच्छा इंसान बनना है या फिर बुरा इंसान यदि इंसान का खुद पर काबू है तो उसकी इच्छा छोटी हो या बड़ी वो उसे पूरा करने के लिए अपनी जी जान लगा देगा स्टैटम किरकम डेविस ने बड़ी सुंदरता से इसका बखान किया है उन्होंने कहा है हर इंसान को अपने हिसाब किताब अपने पास रखने चाहिए ताकि उसे पता चल सके कि उसने कैसे-कैसे काम किए हैं इंसान को अपनी सोच को आजाद छोड़ देना चाहिए पर ऐसा करने से होगा क्या ऐसा करने
1:13:18 से वह दरवाजा खुल सकता है जो अभी तक उस इंसान की कई कोशिशों के बाद भी नहीं खुला था ऐसा होने पर वह इंसान आजाद हो जाता है और खुद को दुनिया के सामने पाता है एक लेखक के तौर पर जब तक आपकी कलम आपके कान के पीछे लगी हुई है और आपकी उंगलियों पर स्याही के दाग हैं तब तक आपकी प्रेरणा कभी भी लोगों को प्रभावित कर सकती है हो सकता है कि अब तक आप भेड़ बकरियां हाक रहे हो और जब तक आपको आपका आदर्श नहीं मिल जाता जो आपको सही रास्ता दिखाए आप तकते ही रहेंगे ऐसे में आपके पास एक अच्छी आत्मा का होना जरूरी है जो आपका गुरु हो और जो आपके हर कदम पर आपका साथ दे ऐसे में इंसान
1:14:06 को चाहिए कि जितना हो सके वह अपने गुरु से सीख ले क्योंकि कुछ समय के बाद उसका गुरु ही उससे कह देगा कि मेरे पास तुम्हें सिखाने के लिए और कुछ नहीं है पर तब तक तो वह इंसान जिसने हाल ही में भेड़े हांक हुए बड़े-बड़े सपने देखे थे काबिल बन चुका होगा अब वो खुद को ऊपर उठाने के लिए कुछ भी करने को तैयार है जो इंसान विचार हीन होते हैं वह कुछ भी नहीं सोच पाते उनके पास किसी भी चीज का ज्ञान नहीं होता ऐसे लोग चीजों के सिर्फ जल्दी होने वाले फैसलों को देखते हैं उसके फायदों को नहीं ऐसे लोग भाग्य सौभाग्य और संयोग की बात करते हैं वह हकीकत में विश्वास नहीं करते
1:14:55 उनका यही विचार होता है कि किस्मत में अगर होगा तो मिल जाएगा किसी आदमी को अमीर होते देखकर वह कहते हैं वह कितना भाग्यशाली है दूसरे इंसान की बुद्धिमानी देखकर वह चिल्लाते हैं इस इंसान को लोग कितना पसंद करते हैं और दूसरे के संत चरित्र और लोगों पर उसके असर को देखते हुए वह टिप्पणी करते हैं लोग कैसे हर मोड़ पर उसकी सहायता करते हैं वह उस मेहनत अस फलता और संघर्ष को नहीं देखते जिनका इन लोगों ने अपनी जिंदगी में सामना किया है और तब जाकर उन्हें इतना सम्मान वाला पद मिला है उन्हें उनके द्वारा किए गए बलिदान के बारे में उनके द्वारा की गई कोशिशों के बारे में उनके
1:15:41 द्वारा किए गए विश्वास के बारे में कोई ज्ञान नहीं है अगर उन्हें इन चीजों का भी ज्ञान हो जाए तो वह भी उन्हीं की तरह हर चीज पर जीत हासिल कर सकते हैं और अपनी जिंदगी के हर सपने को सच कर सकते हैं वो उन लोगों के जीवन में फैले हुए अंधेरे और दिल के दर्द को नहीं जानते वह सिर्फ रोशनी और खुशी देखते हैं और इसे भाग्य कहते हैं वह उनकी लंबी और मुश्किल यात्राओं को नहीं देखते हैं बल्कि सिर्फ सुखद लक्ष्य को देखते हैं और इसे सौभाग्य कहते हैं यह नहीं समझते कि इन लोगों ने इसे पाने के लिए दिन रात मेहनत की है लेकिन वह सिर्फ परिणाम को देखते हैं और इसे उनकी किस्मत
1:16:28 का नाम दे देते हैं यह सभी इंसानियत के मामलों में की गई कोशिशें और उनका परिणाम होते हैं और यह तो सारी दुनिया जानती है कि कोशिश करने से ही सफलता मिलती है बिना कोशिश किए कोई भी काम नहीं होता किसी इंसान को मिले उपहार ताकत बुद्धि उसकी मेहनत का ही नतीजा होते हैं ऐसे इंसानों के सारे विचार पूरे हो जाते हैं और सारे सपने भी का हो जाते हैं हर इंसान को यह बात समझनी चाहिए कि जिस चीज को वह अपने मन में सोच कर बैठे हैं जिस आदर्श को वह अपने दिल में बसा रहे हैं उसी से वह अपना जीवन बनाते हैं और उसी के जैसा बनते
1:17:17 हैं किसी भी इंसान को मन की शांति तभी मिल सकती है जब उसकी बुद्धि अच्छी हो उसके विचार अच्छे हो और उसके काम अच्छे हो वह कहते हैं ना कि इंसान के पास पैसा हो या ना हो पर मानसिक शांति जरूर होनी चाहिए अगर किसी इंसान को मानसिक तनाव है तो उसके मन में कभी शांति नहीं हो सकती दिमागी शांति खुद पर काबू करने के लंबे और धैर्य के साथ की गई कोशिश का परिणाम होती है मन की शांति किसी अनुभवी और विचार के नियमों का पालन करने वाले इंसान को ही मिल सकती है और वही उसे बना भी रख सकता है जो इंसान मानसिक रूप से कमजोर होता है उसे मन की शांति कभी नहीं मिल सकती एक इंसान के जीवन
1:18:03 में कभी-कभी ऐसा समय भी आ जाता है जब वह इंसान इस हद तक शांत हो जाता है कि वह खुद को दूसरे लोगों के बीच में देखना बंद कर देता है वह अपने आप को इस दुनिया का नहीं समझता ऐसा इसलिए होता है क्योंकि उसे हर कदम पर दूसरे लोगों के द्वारा धोखा दिया गया है उसका विश्वास तोड़ा गया है इसलिए अब वह किसी पर भी विश्वास नहीं करता और ना ही किसी से बात करता है वह खामोश हो जाता है और कहते हैं कि गुस्सा करने वाला इंसान तो फिर भी तेज बोलकर जोर से बोलकर अपना गुस्सा निकाल लेता है और उसके अंदर की भड़ास निकल जाती है मगर खामोश इंसान बहुत खतरनाक होता है वह अपने मन के अंदर न जाने
1:18:51 कितने लोगों के लिए दुश्मनी पाले बैठा रहता है ऐसा इंसान देखता सब कुछ है समझता सब कुछ है पर वो लोगों को ऐसा दिखाता है कि उसे कुछ समझ में नहीं आ रहा दूसरे लोगों को ऐसे इंसान से बचकर रहना चाहिए क्योंकि वह किसी का भी फायदा उठाने के लिए तैयार रहते हैं कई बार ऐसा भी हो सकता है कि अगर उसे इंसान के मन मुताबिक कोई काम नहीं होता तो ऐसे में वह मारपीट भी कर सकता है और ऐसा भी हो सकता है कि उसने हर चीज का दुख मनाना बंद बंद कर दिया हो और वह अब बिल्कुल शांत रहता है एक शांत इंसान जिसने खुद पर काबू करना सीख लिया है वह जानता है कि खुद को दूसरों के मुताबिक
1:19:36 कैसे बनाया जा सकता है और बदले में लोग उसके अंदर की ताकत का सम्मान करते हैं यहां ताकत का मतलब इंसान के शांत रहने से है दूसरे इंसान ऐसा समझते हैं कि अगर कोई इंसान शांत है तो वह भगवान की भक्ति में लीन है जबक ऐसा कई बार नहीं होता वह इंसान अपनों से मिले धोखो और कुछ ना पाने की स्थिति में शांत हो चुका है दूसरे लोग उससे मिलने पर महसूस करते हैं कि वह उससे सीख सकते हैं और उस पर भरोसा कर सकते हैं कोई इंसान जितना अधिक शांत होता है उसकी सफलता उसका प्रभाव भलाई के लिए उसके अंदर की ताकत उतनी ही ज्यादा होती है यहां तक
1:20:21 के शांत होने पर सामान्य व्यापारी भी अपने काम को बढ़ा हुआ पाएगा क्योंकि अब उसमें खुद पर काबू करने की क्षमता विकसित हो चुकी है क्योंकि लोग हमेशा ऐसे इंसान के साथ व्यवहार करना पसंद करते हैं जो दूसरों के साथ शांति और सभ्यता से बात करता हो मजबूत और शांत इंसान को हमेशा प्यार और सम्मान दिया जाता है वह प्यासे देश में छाया देने वाले पेड़ या तूफान में लोगों को जगह देने वाली चट्टान के समान है शांत दिल मीठा स्वभाव संतुलित जीवन किसे पसंद नहीं है इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि बारिश हो या धूप जिनके पास शांत रहने की ताकत है उनके लिए उनके पास वातावरण के
1:21:08 बदलने से उन पर कोई असर नहीं पड़ता क्योंकि वह हमेशा मीठा शांत और ज्यादा शांत रहते हैं ऐसे लोगों में शिष्टाचार भी बहुत होता है और शिष्टाचार से ही शांति आती है यह भारतीय संस्कृति की सीख है कि इंसान शांत रहना कैसे सीख सकता है यह इंसान की आत्मा का सबसे मीठा फल है यह बुद्धि के समान कीमती है सोने से भी ज्यादा यहां तक के शुद्ध सोने से भी ज्यादा अच्छी चीज है जिसे हर इंसान पाना चाहता है इसकी तुलना में धन की तलाश बहुत ही बेकार लगती है ऐसा लगता है कि शांत इंसान के जीवन में पैसे का कोई मतलब नहीं है हर इंसान को एक त जीवन के साथ एक ऐसा
1:21:56 जीवन जीना चाहिए जो सच के सागर में लहरों के नीचे तूफानों की पहुंच से परे एकदम शांति में रहता है हम ऐसे कितने लोगों को जानते हैं जो अपने जीवन में खटास लाते हैं जो मुंहफट स्वभाव के कारण मीठी और सुंदर सभी चीजों को बर्बाद कर देते हैं जो अपने चरित्र के संतुलन को नष्ट कर देते हैं और बुरा व्यवहार करते हैं यह एक सवाल है कि क्या ज्यादातर लोग अपने जीवन को बर्बाद नहीं करते और अपने अंदर खुद पर काबू पाने की कमी के कारण अपनी खुशियों को बर्बाद कर देते हैं हम जीवन में कितने कम लोगों से मिलते हैं जो अच्छी तरह से संतुलित हैं जिन्होंने अपने मन के साथ बाहरी चीजों को अच्छे से संतुलित किया हुआ है यही तो उनके
1:22:44 चरित्र की विशेषता होती है हां किसी इंसान के अंदर इंसानियत तभी आती है जब उसके अंदर कुछ कर गुजरने का जुनून हो ऐसे इंसान के अंदर जब दुख हलचल मचाता है तो वह अपनी बुद्धि से उसे शांत करने की कोशिश करता है सिर्फ बुद्धिमान इंसान ही चिंता और शक से घबराता है सिर्फ वही जो अपने विचारों पर काबू कर सकता है और जिनके विचार अच्छे होते हैं वही इंसान आत्मा की हवाओं और तूफानों में भी अपने मन की इच्छा का काम कर सकते हैं तूफान से परेशान आत्माएं इस दुनिया में बहुत जगह होती हैं उन्हें जान लेना चाहिए कि वह किसी भी सिचुएशन में रहे जीवन के महासागर में हमेशा आशीर्वाद के
1:23:32 दिए मुस्कुराते रहते हैं इंसान का तय किया हुआ लक्ष्य उसके लिए धूप वाला किनारा होता है जो उसके आने का इंतजार कर रहा है इंसान को अपने विचार लोगों के सामने मजबूती से रखने चाहिए हर इंसान को यह ध्यान रखना चाहिए कि उसकी आत्मा के रूप में उसके अंदर आदेश देने वाला स्वामी बैठा है अगर किसी काम में सफलता पानी है तो उसे उठाओ मतलब अपने विचारों और अपनी इच्छा शक्ति को जगाओ जो सोई पड़ी है खुद पर काबू करना ही इंसानियत की ताकत है सही और अच्छे विचारों में ही इंसान की भलाई है और शांति ही ताकत है हर इंसान को अपने दिल से कहना चाहिए
1:24:17 शांति खुद भी शांत रहो और दूसरों को भी शांत रहने दो तो आपने सुनी यह शानदार किताब एज अ मैन थिंक इट उम्मीद है आपको इससे कई सारी नई सीख और सोलूशंस मिले होंगे ऐसी ही ढेर सारी अच्छी किताबें सुनने के लिए सुनते रहिए ऑडियो बुक बाय मुन्ना अगर आपको मेरा यह वीडियो पसंद आया तो चैनल को अभी जरूर सब्सक्राइब करें ऐसे ही ऑडियो बुक सुनने के लिए थैंक्स फॉर वाचिंग