0:00 हेलो एवरीवन आज के इस वीडियो में हम बात करेंगे क्लास 12थ की ज्योग्राफी की जो हमारी सेकंड बुक है इसमें हम चैप्टर नंबर जो नाइंथ है इसको हम देखने वाले हैं ठीक है भौगोलिक परिप्रेक्ष्य में चयनित कुछ मुद्दे इस चैप्टर में क्या है हमको पोल्यूशन के बारे में पढ़ना है ठीक है मेनली यही टॉपिक है और बहुत आसान क्वेश्चन आता है इस चैप्टर में से तो बिल्कुल भी आपको घबराना नहीं है सिंपल चैप्टर है और सिंपल से क्वेश्चन इसमें से आने वाले हैं प्रताप है आप मुझे टा पर फॉलो कर सकते हो एक लव स्टडी पॉइंट ये मेरा यूजर नेम है एक बार आप सिलेबस देख लीजिए इस ये जो आपकी सेकंड बुक है इसमें टोटल नौ चैप्टर हैं आठ चैप्टर हमने करा दिए थे आज नौवां चैप्टर हो जाएगा तो अपना सिलेबस जो है यहां से खत्म हो जाएगा ठीक है चलिए सबसे पहला टॉपिक है प्रदूषण
0:48 प्रदूषण का अर्थ क्या होता है उसका मीनिंग क्या होता है यह वैसे आपको बताने की जरूरत नहीं है आप सभी पॉल्यूशन को अच्छे तरीके से जानते हो कि पोल्यूशन क्या होता है ठीक है आपने छोटी क्लासों से पढ़ा है और देखा भी है आपने तो सलूशन क्या है इसको समझते हैं पर्यावरण में जब हमारे पर्यावरण में अवांछित और हानिकारक तत्व यानी अवांछित जिसकी कोई जरूरत नहीं है जो बेकार है ठीक है वो सारी चीजें गंदगी या हानिकारक तत्व जो होते हैं ये प्रवेश कर जाते हैं तो जिसके कारण हमारा जो प्राकृतिक संतुलन होता है वो बिगड़ जाता है ठीक है हमारे जीव-जंतु पेड़-पौधे मनुष्य इन सबके जीवन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ने लगता है आप देखते हो कि कितना नदियों में देखोगे कितना पोल्यूशन है सारी नदियां गंदी हो गई है ठीक है उसमें पानी जो था कभी अ क्लियर पानी होता था कि आप उसमें एक सिक्का भी
1:33 डाल दोगे तो आपको क्लियर दिखाई देता था आज के समय में नदियां कैसी हो गई है उसमें काला पानी होता जा रहा है खासकर अगर मैं दिल्ली में यमुना की बात करूं तो आप सोच भी नहीं सकते हो क्या हालत हो रही होगी तो यह सब जो अवांछित तत्व चाहे वोह पानी में आ जाए या वायु में आ जाए भूमि में आ जाए तो उसकी वजह से क्या हो जाता है प्रदूषण हो जाता है ठीक है ये हानिकारक होते हैं और यह तत्व हवा को भी दूषित करते हैं पानी मिट्टी कहीं पर भी हो सकते हैं उन सभी चीजों को क्या कर देते हैं दूषित कर देते हैं प्रदूषण से हमारे जो स्वास्थ्य है हमारी जो हेल्थ है उस परे कहीं ना कहीं बुरा प्रभाव पड़ता है ठीक है और जलवायु परिवर्तन आज आज के समय में देखोगे तो पर्यावरणीय संकट है जलवायु परिवर्तन जैसी गंभीर समस्याओं से वैसे ही जो दुनिया है वह प्रभावित हो रही है ठीक है तो पोल्यूशन जो है क्या है ऐसे अवांछित हानिकारक तत्व
2:21 होते हैं जो हमारे पर्यावरण में मिल जाते हैं जो उसको दूषित करते हैं इससे क्या होता है प्रदूषण होता है अब यह प्रदूषण हवा में भी हो सकता है कि आप देखोगे कि अ एकवा लेवल जो है वह कितना गिरता जा रहा है ठीक है कितना 500 के प्लस बताया जा रहा है कि 500 प्लस हो गया था दिल्ली में सोचो क्या हालत हो गई है हम जो सांस ले रहे हैं जो हवा हमारी सांस के जरिए जा रही है उसमें हम 50 ऐसा बताते हैं न्यूज़ में कि 50 से 60 सिगरेट हम डेली की पी रहे हैं ठीक है सोचो कितना ज्यादा पोल्यूशन है पानी में देखोगे वही दिखेगा मिट्टी में देखोगे तो मिट्टी का उपजाऊ पन धीरे-धीरे खत्म होता जा रहा है वो भी दूषित होती जा रही है तो जो प्रदूषण है वो आपको हर जगह देखने को मिलता है अब प्रदूषण के प्रकार की बात करते हैं तो देखिए कई प्रकार के होते हैं जल प्रदूषण हो गया वायु प्रदूषण हो गया ध्वनि
3:07 प्रदूषण हो गया भू प्रदूषण हो गया ठीक है यह सारे क्या हैं टाइप्स ऑफ पोल्यूशन है यानी कि प्रदूषण के प्रकार हैं तो सबसे पहले हम किसको डिस्कस करते हैं जल प्रदूषण को जल प्रदूषण क्या है यह कुछ ऐसे टॉपिक हैं जहां पे आपको ज्यादा सोचना नहीं है आप कुछ भी बना के लिख दोगे तो आपका सही आंसर होगा क्योंकि ये सारे वो टॉपिक है जो बिल्कुल सिंपल होते हैं ठीक है तो जल प्रदूषण आपको पता है कि हमारी नदी हो गई नहर तालाब जो भी है उसमें पानी जो है उसकी जो क्वालिटी है वह बिगड़ गई है ठीक है उसमें हानिकारक तत्व बाहर से आके गिर गए हैं गंदगी बाहर से आके गिर गई है जिसकी वजह से वह पानी जो है गंदा हो गया है वह यूज़ करने लायक नहीं रहा है तो यह इसी को हम जल प्रदूषण कहते हैं आपको पता है जनसंख्या जो है वह बहुत तेजी से बढ़ रही है तेजी से जनसंख्या बढ़
3:54 रही है उद्योग बढ़ रहे हैं औद्योगीकरण हो रहा है जिसके कारण क्या हो रहा है कि मनुष्य देखो दो-तीन कारण है एक तो जनसंख्या का तेजी से बढ़ना अब तेजी से जनसंख्या बढ़ेगी तो उसकी वजह से भी कहीं ना कहीं पोल्यूशन भी बढ़ेगा उद्योग बढ़ रहे हैं औद्योगीकरण हो रहा है एक तो यह कारण हो जाएगा फिर मनुष्य का जल का अविवेक पूर्ण उपयोग यानी जल का बिना सोचे समझे हम इस्तेमाल कर रहे हैं गलत तरीके से आप देखोगे एक तो वैसे ही पीने लायक जो साफ पानी है वो कम होता जा रहा है ऊपर से उस पानी को गलत तरीके से इस्तेमाल किया जा रहा है उसको बहाया जा रहा है उसको बर्बाद किया जा रहा है तो ये सभी क्या है जल की गुणवत्ता को कहीं ना कहीं ये क्या कर देते हैं जल की गुणवत्ता को खराब कर देते हैं यानी कि निम्नीकरण कर देते हैं ठीक है यानी कि खराब कर देते हैं आज के समय में हम देखें तो हमारी जो नदी है हमारी जो नहर है झीले हैं तालाब हैं इन सब में क्या है
4:40 इन सब में आपको शुद्ध जल नहीं देखने को मिलेगा क्यों क्योंकि अब बचा ही नहीं शुद्ध जल सारी नदियां दूषित हो गई तालाब दूषित हो गए ठीक है झीले दूषित हो रही है यह सब क्यों हो रहा है मनुष्य की क्रियाकलापों की वजह से तो ये सब आपको जल प्रदूषण के अंतर्गत पढ़ना होता है इसके अलावा देखो अल्प मात्रा में कुछ कण ऐसे होते हैं कुछ कार्बनिक या अकार्बनिक पदार्थ ऐसे होते हैं जो इसमें समाहित हो जाते हैं यानी कि जल में मिल जाते हैं ठीक है जब जल में इन पदार्थों के बढ़ने पर जल प्रदूषित हो जाता है और इस तरह व उपयोग के योग्य नहीं रह जाता क्योंकि देखो केमिकल्स जो होते हैं ना वो इसमें जो जल होता है नदियों में बहा दिया जाता है उसके जरिए भी क्या होता है नदी का जो पानी होता है वो दूषित हो जाता है मनुष्य के उपयोग के अ लायक नहीं बजता है ठीक है ऐसी स्थिति में जल में खुद से जो
5:28 शुद्धीकरण की जो क्षमता होती है वो भी क्या हो जाती है कम हो जाती है जल वैसे जल में ये क्षमता होती है कि खुद से वो चलते हुए नदी से पानी वो शुद्ध हो जाता है लेकिन अब वो क्षमता भी क्या है कम हो गई है या फिर खत्म हो गई है जिससे कि पानी खुद से साफ नहीं हो पाता है ठीक है फिर है जल जो प्रदूषण होता है व किस तरीके से होता है तो देखो जल प्रदूषण के अगर मैं कारण की बात करूं या स्रोत की बात करूं तो दो तरीके के स्रोत होते हैं एक तो मानव के यानी मानव कैसे जल को प्रदूषित कर रहा है दूसरा आपका कुछ प्राकृतिक कारण भी हो सकते हैं ठीक है वो भी है लेकिन हमें यहां पे सिलेबस के अकॉर्डिंग पढ़ना है तो आप इतना ही पढ़ लो बहुत है यानी जल प्रदूषण के जो प्राकृतिक स्रोत हैं सबसे पहले आप ये पढ़ लो इसमें आ जाता है आपका अपर्दन हो गया ठीक है मृदा अपर्दन वगैरह मिट्टी एक जगह से दूसरी जगह जाके बह जाना नदियों में मिल
6:14 जाना उसकी वजह से भी हो जाता है भूस्खलन के कारण भी हो सकता है पेड़-पौधे और जो मृत पशु होते हैं जब वो सड़ते गलते हैं ठीक है अगर वो जल से मिल जाए तो उसकी वजह से भी जल प्रदूषण हो जाता है तो इन सब कारणों से जल प्रदूषण होता है आप बता सकते हो फिर मानव के क्रियाकलाप भी है क्योंकि भाई हम भी ऐसे काम कर रहे हैं जिसकी वजह से जल प्रदूषित हो रहा है हम क्या कर रहे हैं आपको पता है कि मानव जो है जल को जो जल है ठीक है जल को उद्योगों कृषि और सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से प्रदूषित कर रहा है जो उद्योग होते हैं हमारे उद्योग में से जो भी कचड़ा निकलता है या लिक्विड निकलता है केमिकल निकलता है उसको नदी में बहा देते हैं तो उससे क्या होता है नदी जो है दूषित हो जाती है या खेती के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रम के लिए भी हम नदियों को क्या कर देते हैं दूषित कर देते हैं ठीक है तो ये सारे के सारे क्रियाकलाप जो
7:00 है वो जल को प्रदूषित करते हैं यहां पे आप इसके कुछ तरीके देख सकते हो ठीक है स्रोत देख सकते हो कि वायु प्रदूषण जो है इसके कौन से स्रोत है जल प्रदूषण के क्या स्रोत हैं कहां से होता है भू प्रदूषण ध्वनि प्रदूषण ये सारी चीजें आप यहां से पढ़ सकते हो सिंपल है आपके एनसीआरटी में दिया हुआ है ठीक है एक एग्जांपल से बता देता हूं जैसे ध्वनि प्रदूषण है ध्वनि प्रदूषण का मतलब क्या होता है कि एक ऐसी आवाज जो हमारी सहन क्षमता जो हमारी सहन क्ता से ज्यादा हो जाए ऊपर लेवल प चली जाए ठीक है और और ये किससे हो सकती है वायुयान से हो सकती है जो मोटर गाड़ियां चलती हैं रेल गाड़ियों के चलने से औद्योगिक प्रक्रम मशीनों के चलने से ठीक है विज्ञापन मीडिया वगैरह इन सब से क्या है ये ध्वनि प्रदूषण हो सकता है ठीक है होता है इसी तरीके से वायु प्रदूषण के कारण आप यहां देख सकते हो
7:45 तो ये आपको टेबल पढ़ लेनी है ठीक है आगे चलते हैं हम जल प्रदूषण की बात कर रहे थे आगे देखते हैं उद्योग में क्या होता है बहुत सारा अवांछित उत्पाद पैदा होता है ठीक है जो कचड़ा होता है जो औद्योगिक कचड़ा कहलाता है और यह प्रदूषित अपशिष्ट जो होता है जल में या मिला दिया जाता है जहरीली गैसों के रूप में भी उसमें से निकलता है रासायनिक अवशेष भी होते हैं जो उद्योगों से निकलते हैं ठीक है तो ये सब क्या है कहीं ना कहीं पर्यावरण में मिल जाते हैं ठीक है अब जैसे उद्योग है उद्योग में कोई काम कर रहे हैं ठीक है वहां से धुआं भी निकलता है तो वो धुआं जो निकलता है वो क्या करता है वायु को प्रदूषित कर देता है वहां से जो कचड़ा निकल रहा है अगर मान लो उसको लिक्विड निकल रहा है उसको जल में डाल रहे हैं तो वह जल को प्रदूषित कर देता है या और कचड़ा है अगर उसको खाली जमीन पे फेंका जा रहा है तो व उस जमीन को भू प्रदूषित कर देता है यानी कि जो
8:32 उद्योगों से निकलने वाली चीजें हैं जो फालतू की ठीक है अवांछित चीजें हैं वह कहीं ना कहीं हमारे प्रदूषण को हमारे अ प्रदूषण को बढ़ाने में अपना कहीं ना कहीं जो योगदान है वोह दे रही है ठीक है अधिकतर औद्योगिक कचरे को बहते जल में या फिर झीलों में क्या कर दिया जाता है विसर्जित कर दिया जाता है जिसकी वजह से पानी जो होता है वह दूषित हो जाता है इसका परिणाम क्या होता है कि जो जो अ जहरीले जो केमिकल्स होते हैं ठीक है जो रासायनिक तत्व होते हैं जब वो जलाशय में जाते हैं या फिर नदी में जाते हैं या फिर अन्य जगह पर पहुंच जाते हैं तो जल पूरी तरीके से दूषित हो जाता है तो जो जल में रहने वाली जैव प्रणाली है ठीक है जलों में रहने वाले जो आप ये लगा लो जल में जो भी रहते हो चाहे वो मछलियां हो या अन्य जीव जंतुओ उनको भी वो कहीं ना कहीं नुकसान पहुंचाते
9:17 हैं मछलियां भी मर जाती है अगर ज्यादा दू से जल हुआ तो फिर सर्वाधिक जल प्रदूषक जो उद्योग है ये आपके पेपर में आया हुआ क्वेश्चन है और पूछा जा सकता है कि सबसे ज्यादा जो जल प्रदूषण होता है सबसे ज्यादा वो कहां से होता है तो आपको आंसर में क्या लिखना है जो चमड़ा उद्योग होता है ना वहां से होता है लुगदी उद्योग जो होता है जहां पे कागज वगैरह बनता है वहां से होता है वस्त्र और जो रसायन उद्योग होते हैं जो केमिकल्स वाले उद्योग होते हैं इन जगहों से होता है ठीक है तो ये तीन चार जगह जो है आपको याद रखना है यहां पे क्या होता है सबसे ज्यादा जल प्रदूषित इन्हीं के कारण होता है फिर जल प्रदूषण जो है वो विभिन्न प्रकार की जल जनित बीमारियों का भी स्रोत बन जाता है अगर मान लो जल जो है वह प्रदूषित हो गया है तो प्रदूषित जल को अगर आप पियोगे तो क्या होगा आपको आपको बहुत सारी बीमारी हो जाएगी ठीक है जैसे हो सकता
10:04 है दस्त लग जाए डायरिया हो जाए ठीक है आंतों में कीड़े वगैरह हो जाए हेपेटाइटिस हो सकता है तो ये सारी बीमारियां हो सकती हैं जो कि दूषित जल के कारण हो जाती है ठीक है तो ये जल प्रदूषण आप यहां बता सकते हो इसके आगे देखो नदी प्रदूषण सभी नदियों से रिलेटेड है और खासकर अगर मैं बात करूं गंगा नदी की जो भारत की घनी आबादी वाले क्षेत्रों से होकर बहती है इसका प्रदूषण भी सभी के लिए चिंता का विषय है क्योंकि आज से 20 साल पहले गंगा का जो पानी होता था जितना साफ होता था आज के समय में वह उतना साफ नहीं बचा है ठीक है तो गंगा नदी की स्थिति में सुधार करने के लिए उसको स्वच्छ बनाने के लिए नेशनल लेवल पे गंगा की सफाई के लिए एक अभियान चलाया गया है ठीक है और वर्तमान में नमामी गंगे कार्यक्रम जो है वो इसी से रिलेटेड है
10:51 नमामी गंगे कार्यक्रम शुरू किया गया था इस कार्यक्रम के तहत क्या किया गया था कि गंगा को साफ करने की बात की गई थी ठीक है गंगा को साफ किया जाए तो यह जो प्रोजेक्ट है नमामी गंगे प्रोजेक्ट इसमें क्या-क्या मुख्य बातें हैं यह आपको समझना है देखिए इसमें यह था कि जो शहरों में जो सीवर का पानी है उसको ट्रीटमेंट कर करने की व्यवस्था बनाई जाएगी उसको साफ करने की व्यवस्था बनाई जाएगी ठीक है यानी कुछ जगह पे पानी सीधा उसमें नदी में डाल दिया जाता है ऐसा नहीं उसको ट्रीटमेंट करके आगे पहुंचाना है फिर क्या है कि औद्योगिक प्रवाह की निगरानी यानी जहां पे उद्योग में से निकलने वाला कचड़ा सीधा नदियों में डाला जा रहा होता है उस जगह पर नजर रखनी है और उसको रोकना है ठीक है यह था इसका इसके तहत फिर नदियों का विकास करना है नदी के किनारे पर पेड़-पौधे लगाने हैं ठीक है जिससे कि जैव विविधता में वृद्धि होगी
11:37 पेड़-पौधे लगा देंगे तो फिर नदियों के तल की सफाई करवाते रहना है और उत्तराखंड यूपी बिहार झारखंड में गंगा ग्राम का विकास करना है और लोगों को जागरूक करना इसका एक एक एक इस प्रोजेक्ट का एक और महत्त्वपूर्ण उद्देश्य यह भी था कि लोगों को जागरूक करना है ताकि वह नदियों को सफाई ठीक है साफ रहने दे यानी नदियों को को गंदा होने से बचाएं तो ये भी बातें आप यहां पे बता सकते हो तो ये तो था जल प्रदूषण जल प्रदूषण पूछा जा सकता है पेपर में सिंपल है अब अगला है वायु प्रदूषण आप देख रहे हो यहां पे आपको कुछ बिल्डिंग दिखाई दे रही है लेकिन वो धुंधली दिखाई दे रही है अब ये धुंधली क्यों दिखाई दे रही है क्योंकि यहां पे पोल्यूशन की पूरी एक लेयर जम जाती है ठीक है खासकर दिल्ली में जो रहने वाले होंगे वो अच्छे से जानते होंगे कि आप सुबह उठ के देखोगे तो आपको दूर-दूर तक कुछ
12:23 दिखाई भी नहीं देता क्योंकि इतना ज्यादा जो कोहरा सा हमें लगता है कि वो कोहरा है पर वो कोहरा नहीं है वो आपको एक प्रदूषण की लेयर है जो आपको क्लियर दिखाई देती है ठीक है जिसकी वजह से आप देख पाते हैं कि आपको बहुत सारी बिल्डिंग जो है इस तरीके से धुंधली धुंधली दिखाई देती है तो वायु प्रदूषण को समझ लेते हैं देखिए जब वायु में धूल धुआ गैस कुहासा या दुर्गंध जैसे जो बेकार की चीजें हैं जब उसमें मिल जाती हैं तो वायु प्रदूषण हो जाता है और वायु हमारे सांस के जरिए हमारे शरीर में जाती है ठीक है तो जो मनुष्य ठीक है जो कि मनुष्य पशुओं के लिए हानि काक होती हैं पशुओं के लिए भी हानिकारक है मनुष्यों के लिए भी हानिकारक है और पर्यावरण में जो ईंधन जलता है धुआं जो उत्पन्न होता है इससे भी कहीं ना कहीं यह प्रदूषण काफी तेजी से फैल रहा है ठीक है तो वायु
13:10 प्रदूषण जो है बहुत सिंपल है आप समझ गए अब आप देखो जो जीवाश्म इंधन होता है जिसको दहन करा जाता है जलाया जाता है कोयला वगैरह मान लो जलाया जाता है ठीक है तो उसकी वजह से क्या होता है वायु प्रदूषण होता है खनन उद्योग हो गए वो भी कहीं ना कहीं वायु प्रदूषण को बढ़ाते हैं क्योंकि खनन में धूल मिट्टी के कण उड़ते हैं और वो वायु में मिल जाते हैं तो उसकी वजह से से क्या होता है पोल्यूशन होता है यह प्रक्रिया जो है वायु में सल्फर और नाइट्रोजन के ऑक्साइड हाइड्रोकार्बन कार्बन डाइऑक्साइड कार्बन मोनोऑक्साइड शीसा और ठीक है एस्बेस्टोसिस फर नाइट्रोजन ऑक्साइड और ये जो कार्बन क्लोरो फ्लोरो हो गई कार्बन डाइऑक्साइड हो गई कार्बन मोनोऑक्साइड हो गई ये कुछ ऐसी गैसे हैं जो कहीं ना कहीं वायु को क्या करती हैं प्रदूषित करती हैं जिसकी वजह से
13:56 हमें कई प्रकार की सांस से रिलेटेड बीमारी हो सकती है ठीक है सांस से संबंधित श्वसन संबंधित हमको बीमारियां हो सकती हैं वायु प्रदूषण के कारण क्या होता है श्वसन तंत्र जो होता है हमारा प्रभावित हो जाता है जिसकी वजह से हमें श्वसन से रिलेटेड कई सारी बीमारियां हो जाती हैं फिर एक है ध्वनि प्रदूषण ध्वनि प्रदूषण में क्या होता है जरूरत से ज्यादा शोर शराबा ठीक है हम एक लिमिट तक ही सुन सकते हैं उससे ज्यादा अगर तेज आवाज में कोई चीज बजती है हमारे सामने तो उससे कहीं ना कहीं ध्वनि प्रदूषण होने लग जाता है जो कि आज के समय में एक बड़ी समस्या बनके उभर रहा खासकर अगर आप शहरों में रहते हैं तो वहां पर आपको यह चीजें ज्यादा देखने को मिलेंगी विभिन्न स्रोतों से उत्पन्न ध्वनि का मानव की सहनी सीमा से अधिक असहज होना ही ध्वनि प्रदूषण यानी कि हमने हमारी किसी
14:43 चीज को सुनने की एक सहन क्षमता होती है अगर उस क्षमता से ऊपर चली जाए ठीक है कोई ध्वनि तो वह ध्वनि प्रदूषण कहती है कहलाती है तो आज के समय में यह काफी ज्यादा देखने को मिल रहा है और यह एक गंभीर समस्या भी बनती जा रही है ठीक है सिंपल है बिल्कुल ध्वनि प्रदूषण अब इसके अगर स्रोत की बात करें तो ध्वनि प्रदूषण कहां से होता है तो अगर आप कभी किसी इंडस्ट्रियल एरिया में जाना किसी ऐसे औद्योगिक स्थान पर जाना जहां पर लगातार आपको खूब सारे उद्योग दिखाई देंगे तो आपको वहां पे इतना शोर मचाई शोर मचाते हुए सुनाई देगा कि आप परेशान हो जाओगे बिल्कुल वहां पे मशीनें होती हैं लोहे की मशीनें टन टन की आवाज आती रहती है तो यहां उद्योग जो है यह कहीं ना कहीं ध्वनि प्रदूषण करते हैं फिर मशीनी कृत निर्माण और तोड़फोड़ का काम जहां पर मशीनों से काम चल रहा हो या कहीं पे
15:29 तुड़ाई का काम चल रहा हो ठीक है तो वहां पे आपको यह देखने को मिलेगा ध्वनि प्रदूषण या मोटर वाहन वायु यान ठीक है सड़कों पे अगर आप जाते हो तो जो गाड़ियां होती है मोटर वाहन जो होते हैं उससे आप देखोगे कितना शोर होता है हरन बजाते रहते हैं उससे कितना शोर होता है ठीक है तो यह एक अ सोर्स हो जाता है फिर सायरन हो गए विभिन्न प्रकार के लाउड स्पीकर हो गए तो यह भी क्या करते हैं ध्वनि प्रदूषण को कहीं ना कहीं बढ़ाते हैं तो यह सारे क्या हैं इसके स्रोत हैं यानी कि यहां से आपका ध्वनि प्रदूषण होता है ठीक है इसके बाद है एक समस्या जो यहां से आपके पेपर में क्वेश्चन आएगा मैं आपको बता दूं क्वेश्चन कैसे आते हैं सीधा-सीधा पूछ लेते हैं कि वायु प्रदूषण क्या है उसके क्या हमारे स्वास्थ्य पर नुकसान होते हैं जल प्रदूषण के बारे में पूछ लेते हैं या फिर ये टॉपिक बहुत ज्यादा पूछा जाता है कि नगरीय
16:15 अपशिष्ट निपटान अब देखो ज्यादातर नगर बढ़ते जा रहे हैं नगरों में लोगों की जनसंख्या बढ़ती जा रही है लोग गांव को छोड़कर नगरों की तरफ आ रहे हैं यह सब हमने देख लिया है अब नगरों में क्या हो रहा है जब इतने सारे लोग हो रहे इतनी जनसंख्या हो रही है तो भाई जहां रहेंगे तो वहां कूड़ा करकट भी होगा अब ये कूड़ा करकट हो तो जाता है बहुत सारा इसको निपटाया कैसे जाता है सोचो बहुत बड़ी समस्या है आज के समय में कूड़े का निपटान करने का ठीक है तो ये इधर जो नॉर्मल जगह है लोग खाली प्लॉट वगैरह देखते हैं खाली जमीन देखते हैं वहीं कूड़ा फेंकना शुरू कर देते हैं तो वहां पर क्या होता है कूड़ा सड़ता रहता है पड़ा रहेगा सड़ा रहेगा उसम मक्खी आएंगी स्मेल आएगी जिसकी वजह से प्रदूषण होता है ठीक है तो यह जो है नगरीय अपशिष्ट निपटान यह भी एक बहुत बड़ी समस्या है जोकि हमको देखनी है देखिए नगरीय क्षेत्रों
17:02 में जनसंख्या जो है तेजी से बढ़ रही है जिस कारण नगरों में क्या होता है भीड़ काफी देखने को मिलती है ठीक है और इस बढ़ी हुई जनसंख्या के कारण सुविधाएं भी लोगों को नहीं मिल पाती हैं और कहीं ना कहीं साफ सफाई की भी स्थिति आप देखोगे तो आपको खराब ही मिलेगी ठीक है जो ठोस कचड़ा होता है इसके द्वारा होने वाला जो पर्यावरण प्रदूषण है यह बहुत महत्त्वपूर्ण आज के समय में हो चुका है क्योंकि आपको यह पोल्यूशन काफी देखने को मिलता है क्योंकि विभिन्न स्रोतों के द्वारा जो अपशिष्ट है जो कूड़ा है उसकी मात्रा जो है वह बहुत अधिक होती जा रही है ठीक है बहुत कूड़ा होता जा रहा है तो ये एक बहुत बड़ी समस्या है इसको समझिए जो ठोस अ जो कूड़ा होता है उसके अंतर्गत विभिन्न प्रकार के पुराने ठीक है
17:49 और प्रयुक्त सामग्रियां शामिल की जाती है ठोस कूड़ा किसको माना जा सकता है जैसे मान लो कोई आपके पास जंग लगी हुई पिन है ठीक है कोई टूटा फूटा कांच का सामान है है प्लास्टिक के डिब्बे वगैरह हैं आपके पास पॉलिथीन की थैलियां पड़ी हुई है रद्दी कागज राख ठीक है फ्लॉपी सीडी डिस्क यह सब क्या है आपका ठोस कचड़े में आ जाता है ठीक है तो यह क्या है इसका निपटान एक बहुत बड़ी समस्या है और यह जो त्यागा गया सामान है कूड़ा ककट है रद्दी गंदगी इसको हम क्या बोलते हैं हम सिंपल भाषा में इसको कबाड़ बोलते हैं ठीक है तो इसके दो स्रोतों से निपटान होता है यानी इस कूड़े का निपटान का तरीका क्या है तो इसके दो स्रोत है एक तो है घरेलू प्रतिष्ठान से और दूसरा है व्यवसायिक प्रतिष्ठान से घरेलू में क्या
18:34 मतलब होता है घरेलू में मतलब है कि जो घरेलू कचरा होता है ठीक है इसको या तो सार्वजनिक भूमि पर या निजी ठेकेदारों के स्थलों पर डाल दिया जाता है या तो इसको किसी सार्वजनिक भूमि पर फेंक के आ जाते हैं कोई कूड़ा दन बना दिया जाता है वहां पर फेंक के आया जाता है ठीक है यही होता है जबकि औद्योगिक जो व्यवसायिक इकाई होती है जो यूनिट होती है वहां पर जो कचड़ा होता है उसका संग्रहण और निपटान जन वहां पे जो जन सुविधाएं होती है जैसे नगरपालिका है नगर निगम है वो कर देती हैं उसका लेकिन जो जो आपका घरेलू कचड़ा होता है इसका सही तरीके से निपटान नहीं हो पाता है ठीक है ये एक समस्या बन जाती है कारखानों में बिजली जो घर होते हैं या फिर जो भवन निर्माण होता है या तुड़ाई का काम हो रहा होता है कहीं पे तो यहां से राख निकलती है मलवा निकलता है धूल मिट्टी निकलती है उससे
19:20 भी पोल्यूशन होता है तो ये भी एक बहुत गंभीर समस्या आज के समय में बन रही है ठीक है जो ठोस कचड़ा है इससे बहुत गंदी बदबू आती है आप कहीं पे भी जाओगे जहां कोई एक ऐसा स्थान होगा जहां पर खूब सारा कूड़ा पड़ा होगा ठीक है तो वहां पर आप देखोगे मक्खियां होंगी ठीक है वहां पे चूहे जैसे चूहे वगैरह कीड़े वगैरह वहां पर बहुत देखने को मिलते हैं तो यह कहीं ना कहीं खतरा पैदा करते हैं ठीक है हमारे हेल्थ को हमारे स्वास्थ्य के लिए जोखिम बन जाते हैं इस गंदगी की वजह से बहुत सारी बीमारी हो जाती है टाइफाइड हो गया डिफ सेरिया हो गया ठीक है दस्त हैजा बहुत तरह की बीमारियां यहां से हो सकती है तो यह भी एक बहुत बड़ी समस्या है फिर उद्योगों का जो कचड़ा होता है उसको नदी वगैरह में डाल दिया जाता है जिससे जल प्रदूषण होता है यह तो हम पहले भी पढ़ चुके हैं नगर आधारित उद्योग जो है वहां पर क्या होता है अनुप चारिक वहित मल
20:05 जो कचड़ा होता है उसको नदियों में डाल दिया जाता है जिससे कि हमारी हेल्थ पर कहीं ना कहीं गलत असर पड़ रहा है ठीक है फिर भारत में जो नगरीय अपशिष्ट निपटान है ये एक बहुत बड़ी समस्या बन रही है नगरों की बात करें खासकर मुंबई जैसे नगर कोलकाता चेन्नई बेंगलर यहां पे देखें तो यहां पर ऐसा माना जाता है कि जो ठोस कचड़ा है उसका 90 पर तक तो क्या होता है निपटान हो जाता है कर दिया जाता है लेकिन जो बाकी शहर है ना वहां पे पूरी तरीके से कचड़े का निपटान नहीं हो पाता वहां पे बहुत ज्यादा दिक्कत देखने को मिलती है ठीक है देश के अधिकांश शहरों में देखें तो जो यह जो अपशिष्ट है यह 30 पर से 50 पर का कचड़ा जो है वह बिना इकट्ठा करे ही छोड़ दिया जाता है जो गलियों में घरों के पीछे खुली जगह में फेंक देते हैं या मान लो कोई परती जमीन पड़ी कोई खाली जमीन पड़ी है लोग वहीं पे
20:51 कूड़ा फेंकना शुरू कर देते हैं तो इस तरीके से होता है ठीक है जहां पे यह कूड़ा होता है वहां पे बदबू आती है और उससे कहीं ना कहीं गंभीर जोखिम पैदा हो सकता है बीमारियां पैदा हो सकती हैं ठीक है तो ये इंपॉर्टेंट है और इससे क्या होता है जहां पे बहुत सारा कचड़ा होता है ना धीरे-धीरे पड़ा रहता है वहां से कुछ ऐसी गैस निकलती है जैसे मीथेन गैस वगैरह हो गई जो क्या करती है हमारे लिए बहुत हानिकारक साबित हो जाती है नेक्स्ट टॉपिक है हमारा ग्रामीण शहरी प्रवास गांव से लोग शहर की तरफ जा रहे हैं ठीक है गांव से लोग आते हैं शहर की तरफ और यह जो गांव से लोग शहर की तरफ आ रहे हैं तो इसको कहा जाता है ग्रामीण शहरी प्रवास इसमें कौन आते हैं पुरुष ज्यादा आते हैं या महिला ज्यादा आती है तो इसमें पुरुष ज्यादा आते हैं ठीक है पुरुष ज्यादा क्यों आते हैं भाई पुरुष आते हैं रोजगार के लिए क्योंकि उनको वहां पे रोजी रोटी
21:37 कमानी होती है यानी रोजगार के लिए आ जाते हैं तो ठीक है तो उससे क्या होता है कहीं ना कहीं ग्रामीण शहरी प्रवास होता है और वहां पे भी कुछ समस्या आ जाती है इसका ना एक एग्जांपल आपकी बुक में दे रखा है मैं आपको वो पढ़ के बता दूंगा स्टोरी एक है उससे आपको अच्छे से समझ में आ जाएगा तो देखिए ग्रामीण क्षेत्रों से शहरों की तरफ जनसंख्या का प्रवाह जो है वो हो रहा है और यह बहुत सारे कारकों से भावित होता है जैसे कि देखो शहरों में क्या होता है मजदूरों की मांग जो होती है बहुत ज्यादा होती है इसलिए लोग गांवों से शहरों की तरफ आते हैं फिर ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के निम्न अवसर होते हैं ठीक है गांव में उतने रोजगार उपलब्ध होते नहीं है जितने शहरों में होते हैं इसीलिए लोग शहरों की तरफ भागते हैं नगरी और ग्रामीण क्षेत्रों के बीच में विकास का भी अगर प्रारूप देखें तो असंतुलित है जहां शहर एक और एक तरफ विकसित हो रहे होते हैं तो गांव में उतना
22:22 विकास नहीं हो पाता है भारत में नगरों की जनसंख्या जो है वह तेजी से बढ़ रही है छोटे और मध्यम नगर में रोजगार के जो कम अवसर उपलब्ध होते हैं ठीक है छोटे और मध्यम नगरों में रोजगार के अवसर कम उपलब्ध होते हैं तो लोग ज्यादातर ब शहरों की तरफ महानगरों की तरफ भागते हैं क्योंकि वहां पर ज्यादा रोजगार मिलता है गरीब लोग जो होते हैं वो सामान्य अपनी जो आजीविका होती है रोजी रोटी होती है इसके अपने शहर को छोड़कर ठीक है जो छोटा शहर है उसको छोड़ते हैं और सीधा महानगरों की तरफ भागते हैं क्योंकि वहां पर उनको रोजगार के अवसर ज्यादा मिलते हैं तो यह हो गया अब यहां पर एक स्टोरी है केस अध्ययन यह आपको दिख नहीं रहा होगा ठीक है ज्यादा ही छोटा है लेकिन आपकी एनसीआरटी में दे रखा है आप वहां से देख सकते हो यहां पे एक रमेश नाम का आदमी है उसकी कहानी है कि पहले वह गांव में रहता था तो गांव में बहुत कर्जा हो
23:07 गया था ठीक है बहुत तरह की दिक्कतें थी पैसे की बहुत तंगी रहती थी लेकिन फिर उसने देखा था कि गांव के कुछ लोग शहरों में जाके कमा रहे थे ठीक है तो वो उनसे प्रभावित हुआ तो वो भी गांव छोड़कर चला गया शहर में पैसा कमाने के लिए आ गया तो रमेश जो है अपने गांव से आया और उड़ीसा का जो कोयला क्षेत्र है यहां पे 2 साल से वो वेल्डिंग वगैरह का काम कर रहा है अपने ठेके के साथ काम करता है कभी वोह सूरत जाता है कभी मुंबई जाता है कभी गांधीनगर कभी जामनगर मतलब अलग-अलग जगह पे जाता रहता है ठीक है और हर साल एनुअली वो ₹2000000 अपने घर पे भेजता है जब वो 0000 अपने घर पे भेजता है तो उस 0000 से उसका जो परिवार है वो अपना खाने पीने का जो खर्चा है ठीक है अ हेल्थ वगैरह दवाई जो भी है बच्चों की पढ़ाई वगैरह जो भी खर्चा है वह सारा उस पैसे से खर्च कर
23:53 पाते हैं तो उसकी वजह से जो पहले उनकी जो स्थिति थी जब वो गांव में रहता था और जब वो शहर में चला गया है अब जो स्थिति है वो सुधर गई है क्योंकि अब पैसा भेजने लगा है तो जाहिर सी बात है पहले से उसकी कंडीशन जो है वो सुधर गई होगी ठीक है तो यहां पे यह दिखाया गया कि एक व्यक्ति किस प्रकार से अपने गांव को छोड़ के नगर की तरफ जाता है यानी कैसे गांव से प्रवास हो रहा है उसका नगर की तरफ पहले क्या था उसको उसका परिवार पूरी तरीके से कर्जे में डूबा हुआ था लेकिन जब से उसने अपनी पढ़ाई छोड़ी और आगे शादी के बाद वो व जाके काम करने लगा तो कुछ पैसे कमाने लगा ठीक है अब यहां पे एक चीज ये भी बता रखी है ये इंपॉर्टेंट है कि रमेश जो है वो कहां से कहां गया है वो गांव से गया है कहां पे गया है नगर की तरफ किस लिए गया है यह भी आपको पता लग गया रोजगार के लिए गया है ठीक है और यहां पे आपने एक चीज देखी
24:39 होगी इस पूरी स्टोरी में तो आपको पता लगा होगा रमेश जो है वह अकेले गया है अपनी बीवी और अपने बच्चों को यानी अपने परिवार को लेकर नहीं गया वो वहां से पैसा भेज देता है वहां पे ठीक है अब यहां पे एक चीज क्या समझ में आई कि पुरुषों का जो प्रवास होता है नगरों की तरफ वो अधिक होता है क्योंकि पुरुष जो होता है अपने गांव को छोड़ के नगर में चला जाता है वहां पर पैसे कमाता है और उस पैसे को अपने गांव को भेजता है जहां से उसके गांव के लोगों का खर्चा हो जाता है ठीक है खर्चा चल जाता है मतलब तो इस तरीके से पुरुषों का प्रवास जो होता है वो ज्यादा होता है वो बीवी बच्चों को लेके क्यों नहीं जाता ये भी आपके दिमाग में आएगा इसलिए क्योंकि उसका कोई फिक्स नहीं है बताया ना कि कभी 2 साल यहां काम करा 2 साल दूसरे शहर में फिर 2 साल दूसरे शहर में अलग-अलग जगह प जाता रहता है तो इसलिए उसे यह करना पड़ता है तो इस केस अध्ययन से आपको समझ में आ गया होगा तो विकासशील देशों में रमेश जैसे गरीब और
25:25 अशिक्षित और अकुशल श्रमिक जो होते हैं वह गांव के जो क्षेत्र होते हैं उससे शहर के क्षेत्रों की तरफ वह ज्यादातर चले जाते हैं वहां पर जाकर क्या करते हैं छोटे-मोटे धंधे अपना लेते हैं कोई काम धंधा शुरू कर देते हैं ठीक है जिससे वह अपने परिवार का पोषण करते हैं इसीलिए वोह क्या करते हैं प्रवास करते हैं यानी अपने परिवार को पालने के लिए गांव से नगरों की ओर वो प्रवास करते हैं ठीक है तो ये सारी चीजें आपको यहां पे बतानी थी सिंपल है बिल्कुल समझ जाना है बस आपको नेक्स्ट है गंदी बस्ती इस चैप्टर में से दूसरा जो सबसे ज्यादा पूछे जाने वाला क्वेश्चन है वो यह है कि गंदी बस्तियों की समस्याएं क्या हैं ठीक है सीधा-सीधा क्वेश्चन आएगा पेपर में कि गंदी बस्तियों की क्या समस्या अगर आपने झुग्गी झोपड़ी गंदी बस्तियां देखी होंगी तो आपको पता होगा वहां पे क्या समस्या है अब एनसीआरटी में तो आपको ये सब पढ़ना पड़ेगा कि झुग्गी बस्ती होती है गंदी
26:11 बस्ती होती है रेल की पटरी के किनारे बस जाती है यहां पे क्या रहते हैं गरीब लोग रहते हैं यहां पे ठीक है ये लोग क्या गांव वगैरह से आते हैं शहरों में कमाने के लिए ठीक है लेकिन वहां पर क्या होता है उनके पास इतना पैसा नहीं होता कि वो अच्छी जगह प जा सके तो मजबूरी में उनको ऐसी जगह पर ना पड़ता है क्योंकि अच्छी जगह पर जाएंगे तो जमीन की कीमत बहुत ज्यादा होती है खुद की जमीन खरीद के वहां पर रह पाना मुश्किल होता है तो यह लोग इन स्लम्स में रहने लग जाते हैं ठीक है तो ये सारी बातें आपको बता रखी है तो अब समस्या क्या है क्या है सीधा-सीधा ये पूछा हुआ है कि जो गंदी बस्तियां होती है उनकी समस्या क्या है हमको समस्या पढ़नी है ना तो हमें पूरी स्टोरी पढ़नी नहीं है कहां से आते हैं कैसे आते हैं क्यों आते हैं ये सब नहीं हमें सीधा टॉपिक पे आना है तो देखिए यहां पे क्या है यहां पे सबसे ज्यादा आवासीय क्षेत्र होते हैं यहां पे सबसे बड़ी जो
26:57 समस्या है इन क्षेत्रों में जो मकान होते हैं वो बहुत बुरी स्थिति में होते हैं ठीक है बहुत बुरी कंडीशन में होते हैं स्वास्थ्य की सुविधाएं यहां पे नहीं होती है लोगों को फिर क्या है खुली हवा का अभाव होता है जिन जगह पे जिन गलियों में रहते हैं पतली पतली गलियां है ऊंचे ऊंचे मकान होते हैं इनकी जो झोपड़ी वगैरह होती है ठीक है दो-दो तीन-तीन मंजिल के 12-12 गज में 20-20 गज में इन्होंने पांच-पांच मंजिल के मकान बना रखे होते तो वहां पे ना तो खुली हवा होती है ना प्रकाश आ पाता है ना वहां पर पीने का साफ पानी उपलब्ध होता है ठीक है ना टॉयलेट की सुविधा उपलब्ध होती है जो बेसिक जरूरतें होती है उसका भी यहां पे क्या होता है अभाव होता है खुले में शौच के लिए जाना पड़ता है अनियमित जल निकासी की व्यवस्था होती है यहां पे भीड़भाड़ वाली गलियां होती है ठीक है तो ये सारी समस्या क्राइम बहुत होता है यहां
27:42 पे आप क्राइम भी लिख सकते हो कि अपराध में और नशे में लोग ज्यादा लिप्त होते हैं तो यह सारी बातें आप बता सकते हो ये गंदी बस्तियों की क्या है समस्याएं हैं नेक्स्ट है हमारा भू निम्नीकरण ठीक है प्रदूषण हमने पढ़ा था जिसमें हमने जल प्रदूषण पढ़ा वायु प्रदूषण पढ़ा और ध्वनि प्रदूषण पड़ा लास्ट था हमारा भू निम्नीकरण भू निम्नीकरण का मतलब क्या होता है कि एक भूमि है जो उपजाऊ है लेकिन धीरे-धीरे धीरे-धीरे उसका उपजाऊ पन जो है वो कम होता जा रहा है यानी कि उपजाऊ पन कम होगा तो एक समय ऐसा भी हो सकता है कि वो भूमि बंजर हो जाए ठीक है वो भूमि दूषित हो जाए खराब हो जाए तो इसको समझते हैं कि आखिर ऐसा क्यों होता है तो कृषि योग्य भूमि पर दबाव का कारण जो है वह केवल सीमित उपलब्धता नहीं है ये मत सोचिए कि उपलब्धता कम है इसलिए ज्यादा दबाव है बल्कि यह भी है कि इसकी
28:28 गुणवत्ता में कमी है ठीक है गुणवत्ता में काफी कमी आ रही है उसके कारण बहुत सारे मृदा परदन लवणता यानी जल का ज्यादा भरा हो जाता है ठीक है भू शार आता हो जाता है भू निम्नीकरण के ये सारे कारण होते हैं तो भू निम्नीकरण का मतलब क्या होता है मतलब होता है कि स्थाई या फिर अस्थाई तौर पर भूमि की उत्पादकता में कमी सिंपल शब्दों में समझो कि कोई भूमि है उसकी एक उत्पादन क्षमता होती है देखो हर भूमि की अपने एक उत्पादन क्षमता होती है कुछ भूमि बहुत ज्यादा उपजाऊ होती है उसकी उत्पादन क्षमता ज्यादा होती है कुछ कम होती है उपज तो उसकी उत्पादन क्षमता कम होती है यही है ना लेकिन जब भूमि का उपजाऊ पन या उत्पादक क्षमता कम होने लगे कम होने लग जाए तो उसको हम बोलते हैं भू निम्नीकरण यानी कि भूमि का जो स्टैंडर्ड है वह गिरने लगा है भू निम्नीकरण दो प्रक्रियाओं के द्वारा
29:13 होता है तेजी से एक प्राकृतिक कारण है दूसरा मानव जनित कारण है प्राकृतिक कारण में क्या होता है प्राकृतिक गड्ढे वगैरह बन जाना ठीक है मरुस्थलीय भूमि होना जहां पर रेत वगैरह है ज्यादा उपजाऊ भूमि नहीं है या फिर रेतीली भूमि है बंजर भूमि है यह तो नेचुरल है चट्टानी क्षेत्र है या तीव्र ढाल वाला क्षेत्र है ठीक है तो यह तो प्राकृतिक है इसमें तो चलो कुछ कर नहीं सकते लेकिन जो दूसरा है वो है मानव वाला कारक ठीक है मानव जनित कारक क्या होता है जिसमें मानव के द्वारा भूमि की जो उपजाऊ क्षमता है वो कम हो जाती है कैसे मानव जो है कुछ तरीके ऐसे अपनाता है जिसकी वजह से ऐसा हो जाता है वो तरीके क्या-क्या हो सकते हैं मानव क्या करता है अधिक से अधिक केमिकल का यूज कर रहा है खेती के दौरान ठीक है तो उसको आप क्या बोलोगे उर्वरक जो कीटनाशक वगैरह यूज करता उससे भी भूमि की
29:58 जो उपजाऊ पन है वो कम हो जाता है ठीक है फिर मानव क्या करता है कई बार भूमि को प्रति छोड़ देता है कई बार स्थानांतरण कृषि करता है एक जगह से दूसरी जगह प जाता है उसकी वजह से भी कहीं कई जगह पे ये हो जाता है फिर एक ही फसल को ज्यादा उगाना बार-बार उगाना यह भी भू निम्नीकरण के कारण हो सकते हैं तो मानव के द्वारा भी कुछ ऐसे क्रियाकलाप होते हैं जिसकी वजह से भू निम्नीकरण होता है ठीक है तो यहां पे हमारा ये जो टॉपिक है ये खत्म हो जाता है आई होप आपको समझ में आया होगा वीडियो को लाइक करते कमेंट करते शेयर करते अगर आपको डाउट हो कुछ नहीं समझ में आ कोई दिक्कत आए तो आप वीडियो को दो बार तीन बार देख लो समझ आ जाएगा सिंपल क्वेश्चन आता है मैं इस चैप्टर के इंपोर्टेंट क्वेश्चन कराऊंगा सीधा-सीधा तीन या चार ही क्वेश्चन बनते हैं वो सारे करा दूंगा सीधा-सीधा उसको याद कर लेना आपका काम चल जाएगा बाकी चैप्टर को देख के समझ जरूर लेना ठीक है मिलते हैं नेक्स्ट वीडियो में थैंक्स फॉर वाचिंग जय हिंद जय भारत