0:00 हेलो एवरीवन आज के इस वीडियो में हम बात करेंगे क्लास 12थ की जियोग्राफी यानी कि भूगोल से मोस्ट इंपोर्टेंट क्वेश्चन इसमें आपके बुक वन और बुक टू दोनों बुकों में से जो इंपोर्टेंट क्वेश्चन बनते हैं इस सिंगल वीडियो में करा देंगे यह वन शॉर्ट वीडियो होने वाला है और इस वीडियो से आपको बहुत हेल्प मिलने वाली है तो इस वीडियो को पेपर से पहले कम से कम दो से तीन बार अच्छे तरीके से देख जाओ जितने भी इंपोर्टेंट क्वेश्चन बनेंगे वह इस वीडियो के अंदर से ही बनेंगे क्योंकि इसमें सारे इंपोर्टेंट क्वेश्चन प्रीवियस ईयर के क्वेश्चन और क्वेश्चन पेपर के क्वेश्चन हर तरह के क्वेश्चन मैंने डाल दिए हैं तो वीडियो बहुत हेल्पफुल होने वाली है तो वीडियो को बहुत ध्यान से देखिए तो देखिए ये आपकी बुक है इसके इंपोर्टेंट क्वेश्चन करेंगे इसके बाद दूसरी बुक जो है अ इंडिया वाली उसके भी करेंगे ठीक है तो स्टार्ट करते हैं वीडियो को सबसे पहला जो आपका चैप्टर है उस
0:47 चैप्टर में से देख लेते हैं कि कौन-कौन से क्वेश्चन आपके इंपोर्टेंट क्वेश्चन बनते हैं ठीक है तो एक बार आप थोड़ा सा ना ये देख लीजिए कि आपका सेक्शन कैसे आएगा तो आपका एक सेक्शन ऐसा है जिसमें आपके अ तीन नंबर वाले क्वेश्चन होते हैं ठीक है पांच नंबर वाले क्वेश्चन होते हैं तो इनकी तैयारी यहां पे हो जाएगी हमारी एमसीक्यू के लिए अलग से वीडियो बना दूंगा और वेबसाइट पे आपको नोट्स मिल जाएंगे एकल study.com पे आप जाकर देख सकते हो इसके अलावा चैप्टर वाइज वीडियो बना रखी है बहुत सारे बच्चे गलती क्या करते हैं वह चैप्टर वाइज़ वीडियो नहीं देखते हैं वह बस लास्ट में इंपॉर्टेंट क्वेश्चन के चक्कर में रहते हैं पूरे साल वह पढ़ते नहीं है तो ऐसी गलती कर रहे हो तो मत करो चैप्टर को अच्छे से देखो डिटेल में कराया हुआ है वहां पे समझो फिर इंपॉर्टेंट क्वेश्चन की वीडियो देखो ठीक है तब आपको अच्छा फायदा मिल सकता है इन सब चीजों का तो चलिए स्टार्ट करते हैं वीडियो को सबसे पहला क्वेश्चन है जो पेपर में पूछा जाता है कि मानव भूगोल क्या है मानव भूगोल की परिभाषा
1:34 आपको बतानी है या इसके अध्ययन क्षेत्र में क्या आता है ठीक है तो ज्योग्राफी जो होती है ज्योग्राफी को हम दो हिस्सों में बांट कर पढ़ते हैं एक मानव भूगोल हो जाता है और एक भौतिक भूगोल हो जाता है ठीक है तो मानव भूगोल जो है इसको समझते हैं थोड़ा सा तो देखिए भौगोलिक वातावरण तथा मानवीय क्रियाओं के अंतः संबंध तथा विभिन्नता हों का जो अध्ययन होता है वो मानव भूगोल होता है यानी कि मानव भूगोल जो है ना इसमें हम भौतिक वातावरण जो भी हमारा फिजिक ली हमारे आसपास अवेलेबल है ऐसे वातावरण और मानवीय क्रियाओं यानी कि हमारा हमारी जो क्रियाएं होती हैं हमारे जो कार्य होते हैं वो हमारे पर्यावरण से कहीं ना कहीं जुड़े होते हैं ठीक है नदियां हमारे लिए एक संसाधन है हम उसके पानी का यूज करते हैं तो मानव का भौतिक संसाधनों के साथ जो अंतः संबंध होता है उसका अध्ययन जो है हम मानव
2:20 भूगोल के अंतर्गत करते हैं ठीक है तो ये तो हो गया इसका अर्थ अब इसकी परिभाषा भी पेपर में पूछा जाता है तो कोई भी एक परिभाषा याद कर लो रेट जल की परिभाषा ज्यादा अच्छी है आप इसको याद कर सकते हो रेट जल जो है वह कहते हैं कि मानव भूगोल जो है वह मानव समाजों और धरातल के बीच संबंधों का संश्लेषित अध्ययन है यानी कि मानव समाज और धरातल इसके बीच में जो संबंध होते हैं उसके अध्ययन को इन्होंने क्या कहा है मानव भूगोल का है तो ये आपको याद रखना है ठीक है आगे चलते हैं अब इसी में आपको याद रखना है मानव भूगोल का अध्ययन क्षेत्र यानी मानव भूगोल जो होता है उसमें हम क्या-क्या पढ़ते हैं उसका स्कोप क्या है तो मानव भूगोल जब भी हम पढ़ेंगे ठीक है तो हम क्या पढ़ेंगे मानव के बारे में पढ़ेंगे मानव की जनसंख्या और उसकी क्षमताओं को पढ़ेंगे ठीक
3:07 है फिर किसी प्रदेश में जो संसाधन उपयोग में लाए जा रहे हैं उसके कैसा उसका म मैनेजमेंट किया जा रहा है कैसा उसका नियोजन किया जा रहा है क्या प्लानिंग अब देखो संसाधन तो हमारे भौतिक में आता है क्योंकि हमें प्रकृति से मिला हुआ है लेकिन उन संसाधनों का इस्तेमाल तो मानव करता है ना तो मानव कैसे उसका इस्तेमाल कर रहा है कैसे उसका नियोजन कर रहा है ये चीज अध्ययन किया जाता है फिर किसी क्षेत्र की जो सांस्कृतिक वा वाण होता है उसको यहां पर डीप डिस्कस करा जाता है और किसी क्षेत्र की जो वातावरण का समायोजन है उसके बारे में पढ़ा जाता है तो यह सब मानव भूगोल के अंतर्गत आ जाता है ठीक है अब अगला क्वेश्चन है कि एलन सी सैंपल के अनुसार मानव भूगोल की परिभाषा बताएं अब रेट जल वाली तो हमने पढ़ लिया और सैंपल वाली जरूर आती है पेपर में तो इन दोनों में से कोई आए तो आप आराम से कर पाओगे और यह ज्यादा सिंपल भी है यह काफी आसान
3:53 परिभाषा है ठीक है तो देखिए एलन क्या कहते हैं एलन ने बोला कि मानव भूगोल जो है वह अस्थिर पृथ्वी और क्रियाशील मानव इसके बीच में जो परिवर्तनशील संबंध होते हैं उसका अध्ययन है अब एक चीज और याद रखना है कि जो डेफिनेशन होती है जो परिभाषा होती है वह किसी विद्वान के द्वारा दी गई होती है उसकी लैंग्वेज को नहीं छेड़ना है अब आप सोचोगे कि भाई जो लिखा हुआ है मैं पेपर में इसको आसान कर दूं इजी लैंग्वेज में कर दूं तो गलती मत करना इन्हीं शब्दों में आपको लिखना होता है कि मानव भूगोल अस्थिर पृथ्वी और क्रियाशील मानव जो होता है उसके बीच में परिवर्तनशील संबंधों का अध्ययन होता है ठीक है आगे चलते हैं नेक्स्ट है कि मानव भूगोल के पांच क्षेत्र बताइए पांच क्षेत्र और पांच उप क्षेत्र इस तरीके से क्वेश्चन आता है तो मानव भूगोल के पांच स्कोप बता दो या क्षेत्र बता दो तो उसमें हम क्या-क्या पढ़ते हैं तो देखो सारी
4:39 चीजें आप यहां बता सकते हो मानव भूगोल में हम सामाजिक भूगोल पढ़ते हैं समाज के बारे में समझते हैं नगरीय भूगोल पढ़ते हैं नगरों के बारे में जानते हैं नगरों में रहने वाले जो लोग हैं उनके कार्य हैं उन सारी चीजों को हम देखते हैं है ना फिर इसके बाद राजनीतिक भूगोल को देखते हैं जनसंख्या भूगोल को देखते हैं जनसंख्या भूगोल में जनसंख्या लिंग अनुपात ठीक है प्रवास देखा जाता है कहां से कितने लोग आ रहे हैं कितने लोग जा रहे हैं ठीक है कहां पे लोग ज्यादा बस रहे हैं वो सारी चीजें इसके अंतर्गत आ जाती है आवास भूगोल आर्थिक भूगोल ये सारा का सारा जो है मानव भूगोल के अंतर्गत होता है तो मानव भूगोल के पांच क्षेत्र पूछे तो आपको यह याद रखना है इंपॉर्टेंट है पेपर में आता है अब मैं आपको जो बता रहा हूं ना क्वेश्चन यही आएंगे थोड़ी सी लैंग्वेज हो सकता है घुमा द क्वेश्चन यही रहेंगे कि मानव भूगोल के क्षेत्र उप क्षेत्र बताइए अब ये देखो उप
5:24 क्षेत्र अब क्षेत्र अलग है उप क्षेत्र अलग है उप क्षेत्र और ज्यादा डीप हो जाता है ठीक है तो उप क्षेत्र में इतने आ ार हैं अब पेपर में ये नहीं आएगा कि 10 लिखो 20 लिखो चार या पांच पूछे जाएंगे तो आपको इनमें से कोई भी पांच याद रख लेना है जैसे कि उप क्षेत्र की अगर मैं बात करूं तो सैन्य भूगोल हो जाता है चिकित्सा भूगोल हो जाता है व्यवहारवादी भूगोल हो जाएगा निर्वाचन भूगोल अ अवकाश का भूगोल लिंग भूगोल ऐतिहासिक भूगोल कृषि भूगोल उद्योग भूगोल पर्यटन भूगोल यह सारा का सारा क्या है मानव भूगोल का उप क्षेत्र है तो याद रखना आपको अपनी कॉपी में जाकर लिखना है मानव भूगोल के क्षेत्र एक तरफ और उप क्षेत्र आपको लिखने हैं एक अलग तरफ ठीक है तो आप इस तरीके से लिखकर याद करोगे तो यह आपको याद भी हो जाएगा और आपको इनके बीच में डिफरेंस भी पता रहेगा कहीं ऐसा ना हो पेपर में क्षेत्र पूछ रहे हैं आप उसमें उप क्षेत्र लगा दो या उप क्षेत्र पूछा है आप
6:09 उसमें क्षेत्र लिख दो तो थोड़ा सा गड़बड़ हो जाती है ठीक है ऐसा मत करना फिर अगला क्वेश्चन है कि भौतिक भूगोल और मानव भूगोल के तत्त्वों के मध्य परस्पर अन्योन क्रिया होती है इसके बारे में आपको कुछ उदाहरण से बताना है भौतिक भूगोल क्या होता है हमारे चारों तरफ जो पहले से अवेलेबल है जैसे आप किसी पहाड़ी क्षेत्र में जाओगे तो आपको पहाड़ दिखेंगे पेड़ पौधे दिखेंगे नदी दिखेंगे ठीक है उबड़ खाबड़ रास्ता वो सब हमारा भौतिक भूगोल है प्लेन में रहते हो तो आपको सड़कें दिखाई दे रही है घर मकान जो भी दिख रहा है आपको वो सब आपका भौतिक भूगोल है ठीक है तो हमारे चारों ओर जो भी है वो भौतिक भूगोल है और मानव जो है उन अपने आसपास के भौतिक भूगोल के बीच में कुछ ना कुछ अन्योन क्रिया कई प्रकार की क्रियाएं करता है ठीक है वो सारी चीजों के संबंध को हमें देखना है तो देखते हैं भौतिक भूगोल और मानव भूगोल के तत्त्वों के मध्य परस्पर अन्योन क्रिया होती है यानी
6:56 कि इंटरेक्शन होता रहता है भौतिक भूगोल के वि लक्षण जैसे कि भूमि हो गया भूमि की बनावट जलवायु मिट्टी पदार्थ जल वनस्पति पेड़-पौधे यह मनुष्य के रहन-सहन और आर्थिक जो सामाजिक क्रियाएं हैं उस पर प्रभाव डालते हैं बिल्कुल देखो अब जैसे कि आप मान लीजिए आप एक ऐसी जगह पर जाओगे जहां पे नदी हो नदी के आसपास कोई गांव हो तो आप वहां पे देखोगे कि वहां पे नदी है तो नदी से पानी मिल जाता है आसपास के गांवों के जो लोग होंगे वो खेती करेंगे और नदी के पानी से सिंचाई करेंगे तो जो हमारे आसपास जैसा भौतिक भूगोल होता है ना वैसा ही हमारा रहन सहन हो जाता है वैसे ही हमारी आर्थिक स्थिति हो जाती है पहाड़ी एरिया में जाओगे वहां पर हो सकता है लोगों को खेती करने में बहुत दिक्कत हो तो वहां पर अलग तरीके की चीजें आपको देखने को मिलेगी ठीक है तो यही बातें यहां पर हमें समझनी है फिर प्रकृति जो है वह
7:42 मनुष्य के कार्य और जीवन को निश्चित करती है और मानव जीवन को भी निश्चित करती है क्योंकि प्रकृति के अनुसार ही हम रह सकते हैं प्रकृति कहीं ना कहीं हमारे जीवन को प्रभावित करती है संसाधन हमारे जीवन को प्रभावित करते हैं ठीक है मानव जीवन प्राकृतिक साधनों पर ही आधारित होता है उन्हीं प्राकृति प्राकृतिक साधनों के द्वारा मानव का रोजगार फसल चक्र परिवहन के साधन आदि सभी प्रभावित होते हैं तो जैसे आप प्लेन में जाते हो किसी शहर में जाते हो नगर में जाते हो तो वहां की जो फिजिकल जो वातावरण है वो अलग होता है तो वहां के रोजगार भी अलग हो जाते हैं पहाड़ी क्षेत्रों में अलग प्रकार का रोजगार हो जाएगा वहां पे टूरिज्म होता है ज्यादातर क्योंकि वहां पे उतने रोजगार के अवसर नहीं होते तो जैसा हमारा भौतिक भूगोल है उसी के अकॉर्डिंग हमारे यहां पे हमारी सारी अन्य क्रियाएं हो जाती है ठीक है कहीं ना कहीं हम पूरी तरीके से प्रभावित होते हैं तो हम
8:28 ये कह सकते हैं अंत में सिंपल भाषा में कि प्रकृति मानव विकास के भरपूर अवसर दे प्रदान करती है और मानव क्या करता है इन अवसरों का उपयोग करता है और अपना विकास करता है ठीक है प्रकृति से हमें संसाधन मिलते हैं और उन संसाधनों का हम इस्तेमाल करके अपना विकास करते हैं सिंपल है बिल्कुल आगे चलते हैं नेक्स्ट क्वेश्चन है कि प्रकृति और मनुष्य आपस में इतनी जटिलता से जुड़े हुए हैं और उन्हें एक दूसरे से अलग नहीं किया जा सकता इसके इस कथन के बारे में आपको बताना है यानी नेचर जो है प्रकृति जो है उससे मनुष्य कहीं ना कहीं इतनी जटिलता से जुड़ा हुआ है कि इन दोनों को आपस में नहीं अलग किया जा सकता तो देखते हैं प्रकृति और मानव को एक दूसरे से अलग नहीं किया जा सकता क्योंकि इनके बीच में अन्योन क्रिया यानी कि कई प्रकार की क्रिया कई प्रकार के इंटरेक्शन होता है मनुष्य ने प्राकृतिक पर्यावरण में सामाजिक
9:15 और सांस्कृतिक पर्यावरण की रचना करी है क्योंकि हम प्राकृतिक पर्यावरण में रहकर ही हमने अपना घर बनाया हमने समाज बनाया हमने पूरा एक सांस्कृतिक एक कल्चरल पर्यावरण हमने बनाया है ठीक है यानी प्रकृति के बीच में रहकर ही हमने सारी चीजें बनाई है पहले के समय में क्या होता था आदि मानव के टाइम पे जब लोग इधर-उधर रहते थे भटकते थे खेती भी नहीं होती थी फिर उन्होंने उस प्रकृति के बीच में रह गई तो खेती करना सीखा ठीक है आगे देखते हैं अगला क्वेश्चन है कि पर्यावरणीय निश्चयवाद से क्या अभिप्राय है और देखो पेपर में ना सेम क्वेश्चन अलग-अलग लैंग्वेज में आता है पर्यावरणीय निश्चयवाद से क्या अभिप्राय है ये तो सीधा-सीधा पूछ लिया थोड़ा सा घुमाएंगे तो आपसे पूछेंगे मानव का प्रकृतिक के बारे में बताइए और घुमाएंगे तो प्रारंभिक अवस्था में मानव प्रकृति से डरता था इसके बारे में आपको बताना है यानी
10:01 कि इसमें क्या है मानव का प्रकृतिक हो रहा है यही आपको बताना है तीनों क्वेश्चन का आंसर एक ही होगा तो चलिए देखते हैं प्राकृतिक पर्यावरण से अन्योन क्रिया यानी कई तरह की क्रियाएं हम करते हैं और आरंभिक अवस्थाओं में मानव इसे अत्याधिक प्रभावित हुआ था और उन्होंने प्रकृति के आदेशों के अनुसार अपने आप को ढाल लिया शुरू में क्या था जब आदि मानव वाला जमाना था तो जो मनुष्य था उसको प्रकृति के बारे में बहुत ज्यादा नॉलेज नहीं थी ज्ञान नहीं था ठीक है व क्या करता था व प्रकृति से डरता भी था ठीक है तो मानव जो था कहीं ना कहीं प्रकृति से बहुत ज्यादा प्रभावित होता था और प्रकृति के आदेशों के अनुसार अपने आप को ढाल लिया यानी उसने अपने आप को प्रकृति के अनुसार ढाल लिया इसका कारण यह था कि प्रौद्योगिकी का स्तर जो था बहुत निम्न था यानी टेक्नोलॉजी का विकास नहीं हुआ था क्योंकि लोगों को इतनी नॉलेज ही नहीं थी
10:46 और मानव जो था वह सामाजिक विकास की अवस्था में भी देखें तो आदिम था यानी शुरुआती स्टेज में था और आदिम मानव समाज और प्रकृति की प्रबल शक्तियों के बीच में इस प्रकार की अनन क्रिया को पर्यावरणीय निश्चयवाद कहा गया है इसी को ये जो मानव और प्रकृति के बीच में जो क्रियाएं हो रही है इसी को पर्यावरणीय निश्चयवाद के नाम से हम जानते हैं ठीक है यानी कि देखो क्या होता था अब मान लो उस समय में अगर बारिश भी आ जाए ना बिजलियां कड़क जाए तो मानव डर जाता था उसको लगता था कि प्रकृति हमसे नाराज हो गई है ईश्वर हमसे नाराज हो गए हैं ठीक है तो इसको कहा जाता है इसी को हम मानव का प्रकृतिक कह ले क्योंकि मानव ने अपने आप को प्रकृति के अनुसार ढर लिया उसको टेक्नोलॉजी का ज्ञान नहीं है उसको ज्यादा नॉलेज नहीं है ठीक है अब इसके बाद दूसरी जो कंडीशन है वो है संभववाद अब पेपर में इनमें से एक क्वेश्चन आएगा ठीक है तो संभववाद क्या है यह पूछा जा सकता है या
11:32 फिर प्रकृति का मानवीकरण अभी हमने क्या देखा था मानव का प्रकृतिक यानी मानव ने अपने आप को प्रकृति के अनुसार ढाल लिया अब यहां पे क्या करा मानव को जानकारी हुई तो उसने प्रकृति को अपने अकॉर्डिंग ढालना शुरू कर दिया ठीक है फिर तीसरा इसी के क्वेश्चन में दे रखा है कि प्रकृति अवसर देती है और मानव उनका उपयोग करता है धीरे-धीरे प्रकृति का मानवीकरण हो जाता है ठीक है तीनों क्वेश्चन एक ही है लेकिन अलग-अलग तरीके से पूछे जा रहे हैं तो इसका मतलब समझते हैं देखो मानव भूगोल की ये जो विचारधारा है इसको संभववाद का नाम दिया गया है ठीक है इसको संभववाद कहा जाता है समय के साथ-साथ क्या होता है मानव ने प्रकृति को समझकर बेहतर तकनीक विकसित करी यानी कि मानव जब आदिम अवस्था में था तब उसको टेक्नोलॉजी का ज्ञान नहीं था ठीक है लेकिन धीरे-धीरे जब समय बढ़ा उसको टेक्नोलॉजी का ज्ञान हो गया उसको पता लगने
12:17 लगा अगर बिजली कड़कती है तो क्यों कड़कती है बारिश होती है तो क्यों होती है क्योंकि उसने प्रकृति को सीख लिया समझ लिया फिर उसने धीरे-धीरे क्या करा नई-नई तकनीक विकसित करी पर्यावरण से जो संसाधन उसको मिले उसने उस संसाधनों से संभावनाओं को जन्म दिया ठीक है उस संसाधनों का इस्तेमाल करा लकड़ी के जैसे लट्ठे होते थे उससे उसने नाव बनाई नाव से व इधर-उधर जाने लगा फिर उसने गोल पहिया बनाया पहिए पहिया गाड़ी बनाई फिर उसने आग जलाना सीखा उसका इस्तेमाल करना शुरू करा खेती करनी सीखी धीरे-धीरे धीरे धीरे जैसे-जैसे उसको ज्ञान हुआ उसने सारी चीजों को बेहतर करना शुरू करा तो मानवीय क्रियाओं की छाप जो है वह चारों तरफ हमको कहीं ना कहीं नजर आती है इसके बाद एक क्वेश्चन है कि नव निश्चयवाद दो तरह की विचारधारा को हम पहले ही पढ़ चुके हैं अब तीसरी विचारधारा है नव
13:04 निश्चयवाद की जो संकल्पना मेंक ढंग से एक संतुलन बनाने का प्रयास करता है इसको आपको बताना है या फिर ऑप्शन में एक और क्वेश्चन है कि नव निश्चयवाद ग्रिफिथ टेलर ये जो विद्वान थे इनकी देन है जो दो विचारधाराओं के मध्य में संतुलन बनाने का प्रयास करती है यानी कि जो दो विचारधारा हम पढ़ चुके हैं उसके बीच में ये बैलेंस बनाने की कोशिश कर रही है और तीसरा इसके अथवा में दे रखा है कि नव निश्चयवाद की कोई पांच विशेषता आपको बतानी है तो अगर आपको नव निश्चयवाद पता होगा तो आप आराम से इसको बता पाओगे पेपर में आता है क्वेश्चन तो देखिए यह जो विचारधारा है ना यह ग्रिफिथ टेलर इसके द्वारा दी गई है यानी कि इसके जनक माने जाते हैं यह विचारधाराएं जो पर्यावरणीय निश्चयवाद और संभववाद इसके बीच में एक बीच का मार्ग प्रस्तुत करती है यह पर्यावरण को नुकसान किए बगैर समस्याओं को
13:52 सुलझाने पर बल देती है इसमें यह कहा गया है कि हम क्या है पर्यावरण को नुकसान पहुंचाते हैं और आज हमें नहीं पता लग रहा है लेकिन फ्यूचर में हमें इन सब चीजों से दिक्कत हो सकती है तो इन्होंने यह कहा कि हमको क्या करना है अपना विकास तो करते रहना है लेकिन हमें ऐसे तरीके ढूंढने हैं जिससे कि हम पर्यावरण को ज्यादा नुकसान ना पहुंचाए ठीक है फिर पर्यावरणीय निश्चयवाद के अनुसार मनुष्य ना तो प्रकृति से पूरी तरीके से निर्भर होकर रह सकता है और ना ही प्रकृति से पूरी तरीके से स्वतंत्र होक रह सकता है ठीक है इसने यह बताया कि ना तो मनुष्य बिल्कुल प्रकृति पर निर्भर होकर रह पाएगा ना ही उससे बिल्कुल अलग होक रह पाएगा ठीक है फिर आगे देखो क्या कहते हैं ये कहते हैं कि प्रकृति पर विजय पाने के लिए प्रकृति के नियमों का पालन करना जरूरी है ठीक है प्रकृति के नियमों को समझना पड़ेगा उसको विनाश से बचाना पड़ेगा
14:37 प्रकृतिक जो संसाधन होते हैं उसका प्रयोग करते हुए प्रकृति की सीमाओं का भी हमको ख्याल रखना है यानी कि हमें संसाधनों का इस्तेमाल भी करना है और उसकी लिमिटेशन को भी समझना है ठीक है जैसे आज के समय में एग्जांपल है औद्योगीकरण बहुत हो रहा है बहुत उद्योग लगाए जा रहे हैं उद्योग लगाने के चर में जल जो है उस नष्ट किया जा रहा है ठीक है खनन करते समय इतना खनन कर लिया जा रहा है कि भाई बहुत ज्यादा पर्यावरण को नुकसान पहुंचाया जा रहा है तो इस चीज को इन्होंने कंट्रोल करने की बात की थी ठीक है आगे चलते हैं चैप्टर वन था अब चैप्टर टू देखते हैं जनसंख्या वृद्धि क्या है जनसंख्या वृद्धि का मतलब है जनसंख्या में परिवर्तन ठीक है जनसंख्या वृद्धि का मतलब आप यह मत सोचना कि जनसंख्या बढ़ रही है अगर जनसंख्या घट रही है तो भी जनसंख्या वृद्धि है जनसंख्या बढ़ रही है तो भी जनसंख्या वृद्धि है तो
15:23 यहां पे वृद्धि का मतलब बढ़ना नहीं वृद्धि का मतलब परिवर्तन से है समझ गए आगे देखो किसी क्षेत्र में निश्चय समय अवधि में जनसंख्या में जो होने वाले चेंजेज हैं उसको हम जनसंख्या वृद्धि कहते हैं जब जनसंख्या परिवर्तन को प्रतिशत में अगर हम व्यक्त करते हैं तो उसको वृद्धि दर कहते हैं कहते हैं ना कि 2 पर जनसंख्या बढ़ गई या 2 पर जनसंख्या घट गई जब हम परसेंटेज में उसको बात करते हैं तो यह दर कहलाता है ठीक है उसका दर कहलाता है और जनसंख्या वृद्धि जो होती है वो दो प्रकार की होती है यानी कि जनसंख्या चाहे बढ़े चाहे जनसंख्या घटे वो कहलाएगा जनसंख्या वृद्धि अब वो दो प्रकार की है उसको समझना है ठीक है धनात्मक ऋणात्मक अब कहीं पर यह कहा जाता है कि जनसंख्या बढ़ गई यानी पहले 1 लाख लोग रहते थे अब 2 लाख हो गए तो वो बढ़ गई तो वो धनात्मक होगा या ऋणात्मक होगा यह
16:10 समझना है अगर मान लो कहीं पे 1 लाख लोग थे अब वो घट के 50000 हो गए तो वो धनात्मक होगा या ऋणात्मक होगा अपने को यही समझना है इसीलिए जनसंख्या जो होता है जनसंख्या की जो वृद्धि है उसमें धनात्मक और ऋणात्मक में इसको बांट दिया जाता है तो अब समझते हैं देखो जनसंख्या की धनात्मक यानी पॉजिटिव वृद्धि को देखते हैं तो किन्हीं दो समय अंतराल के बीच जब जन्म दर मृत्यु दर से अधिक हो जाती है यानी कि दो समय अंतराल का मतलब है जैसे मान लो 2010 से लेके 2020 यानी इन 10 साल की बात कर रहे हैं यानी 2010 से लेके 2020 तक में के अंतराल में अगर मान लो जन्म दर मृत्यु दर से अधिक हो गई यानी जन्म जो है वह ज्यादा हो रहे हैं किससे मृत्यु से ठीक है मृत्यु कम हो रही है जन्म ज्यादा हो रहे हैं तो ऐसे में क्या होगा जनसंख्या बढ़ जाएगी
16:56 यानी कि लोगों की संख्या बढ़ जाएगी तो इसको धनात्मक कहा जाएगा यानी अगर जनसंख्या बढ़ गई है तो वह धनात्मक है जनसंख्या घट गई है तो वह ऋणात्मक है ठीक है यानी जनसंख्या में दोनों में परिवर्तन हो रहा है ना चाहे बढ़े चाहे घटे परिवर्तन तो दोनों जगह हो रहा है तो ये एक को ऋणात्मक कहा जा रहा है एक को धनात्मक कहा जा रहा है ठीक है ये समझना था इसके बाद ऋणात्मक को समझते हैं किन्हीं दो समय अंतराल के बीच मान लो 2010 से लेकर 2020 तक की बात चल रही है जब जन्म दर मृत्यु दर से कम हो जाए यानी कि जन्म दर कम हो गई है मृत्यु दर ज्यादा हो गई है ठीक है तो इसको ऋणात्मक कहेंगे क्योंकि जन्म दर कम हो जाए और मृत्यु दर ज्यादा हो जाए तो आपको जो दिखेगा वह ऋणात्मक दिखेगा तो यह चीजें आपको समझनी थी इसके बाद एक और घटक है महत्त्वपूर्ण घटक है कि जनसंख्या परिवर्तन जो होता है ना वो किन कारणों से होता है क्या उसके महत्त्वपूर्ण घटक घटक होते हैं
17:43 तो जनसंख्या में चेंजेज आएंगे तो उसके तीन ही कारण होंगे या तो जन्म की वजह से या मृत्यु की वजह से या प्रवास की वजह से मान लो बहुत ज्यादा जन्म हो रहे हैं मृत्यु कम हो रही है तो जनसंख्या क्या होगी परिवर्तन हो जाएगा बढ़ जाएगी मान लो बहुत ज्यादा मृत्यु हो रही है बहुत कम जन्म हो रहे हैं तो भी जनसंख्या में आपको परिवर्तन दिखेगा जनसंख्या घटती हुई दिखेगी या मान लो कोई ए नाम की कोई जगह है और बी नाम की कोई जगह है a नाम की जगह से लोग बी नाम की तरफ शिफ्ट हो रहे हैं यानी इस शहर को छोड़कर लोग इस शहर की तरफ शिफ्ट हो रहे हैं तो यहां की जनसंख्या कम हो जाएगी यहां की जनसंख्या ज्यादा हो जाएगी तो यह तीनों क्या है जनसंख्या का जो परिवर्तन है उसके महत्त्वपूर्ण घटक होते हैं ठीक है आगे चलते हैं अगला क्वेश्चन है कि प्रवास का क्या मतलब होता है प्रवास सिंपल है जब लोग एक स्थान से दूसरे स्थान पर चले जाते हैं
18:29 तो वह प्रवास कहलाता है ठीक है अब यहां पे आपको यह याद रखना है कि वह स्थान जहां से लोग गमन करते हैं यानी जहां से लोग चल रहे होते हैं वो उद्गम स्थान कहलाता है और जिस स्थान पर वह आगमन करते हैं वो गंतव्य स्थान कहलाता है ठीक है यानी कि मान लो मैं रहता हूं यूपी में मेरा गांव यूपी में है ठीक है मैं यूपी से चल दिया और मैं आके दिल्ली में शिफ्ट हो गया ठीक है अब मैं यूपी से चल रहा हूं तो यूपी मेरे लिए क्या है उद्गम स्थान कहलाएगा ठीक है और जहां पे मैं पहुंच गया हूं ये क्या कहलाएगा गंतव्य यानी य मेरा डेस्टिनेशन कहलाएगा तो यह होता है ठीक है इसी को हम क्या कहते हैं प्रवास कहते हैं तो इतना ही बहुत है जनसंख्या अब इसमें पता कैसे लगता है उद्गम स्थान क्या दिखाएगा कि जनसंख्या में कमी हो रही है क्योंकि भाई यहां से तो हम चल दिए हैं ना यहां से तो अगर मान लो यहां से 10 लोग चले आए दिल्ली में आ गए तो यहां से
19:15 तो 10 लोग कम हो गए ना माइनस हो गए यहां पर प्लस हो जाएंगे 10 लोग तो यह जो उद्गम स्थान है वह जनसंख्या में कमी को दिखाता है लेकिन जो गंतव्य स्थान है वह जनसंख्या में वृद्धि को दिखाता है यानी जनसंख्या बढ़ रही है अब देखो आगे कि संसार में जनसंख्या प्रवास के प्रमुख अपकर्ष कारक का वर्णन करो अब दो कारक है एक अपकर्ष है एक प्रतिकर्षण क्या होता है अच्छा यानी कि मान लो लोग काम के बेहतर अवसर की तलाश में एक जगह से दूसरी जगह पर जा रहे हैं या वहां पर अच्छे
20:02 रहन-सहन की स्थिति है वहां पर शांति है शांति पूर्व जीवन जी सकते हैं वहां की जलवायु अच्छी है वहां पर जीवन और संपत्ति को सुरक्षा है तो इसको अपकर्ष कारक कहा जाता है ठीक है बिल्कुल सिंपल है यानी जब अच्छी चीज हो तो उसकी तरफ अगर हम अट्रैक्ट होके जाए तो वह अपकर्ष कारक है लेकिन अगर बुरी दशाओं की वजह से जा रहे है तो प्रतिकर्षण लीजिए कोई ऐसी जगह जहां पर रहन सेहन की कंडीशन बहुत बुरी हो राजन परिस्थितियां बहुत खराब हो जलवायु प्रतिकूल हो यानी कि बहुत बेकार जलवायु हो प्राकृतिक विपदा आती रहती हो कभी भूकंप आ जाए कभी सुनामी आ जाए कभी कुछ आ जाए महामारिचयादी
20:52 क्षेत्र की जनसंख्या बढ़ना या फिर जनसंख्या घटना इसका प्रमुख परिणामों को आपको स्पष्ट करना है तो देखो किसी देश की जनसंख्या वृद्धि वहां का जो आर्थिक विकास है उस पर धनात्मक या ऋणात्मक दोनों प्रकार का प्रभाव डाल सकता है मान लो जनसंख्या वृद्धि होगी तो उससे क्या होगा अब सीधा-सीधा आपसे ये पूछ रहे हैं मान लो कहीं पर जनसंख्या खूब बढ़ जाए तो उसके क्या परिणाम हो सकते हैं या मान लो कहीं पर जनसंख्या घट जाए तो उससे क्या समस्या हो सकती है क्या परिणाम हो सकते हैं ये आपसे पूछा जा रहा है तो देखो जनसंख्या वृद्धि से उत्पन्न समस्याएं मान लो कहीं पर बहुत सारे लोग आके बस जाएंगे तो क्या होगा वहां के संसद कम हो जाएंगे ठीक है मान लो किसी दिल्ली शहर है छोटा सा शहर है दिल्ली में अगर करोड़ों अरबों लोग आके बस जाए तो क्या होगा यहां पर संसाधन की कमी हो जाएगी संसाधन बहुत तेजी से खत्म
21:39 होने लग जाएंगे जनसंख्या का भरण पोषण नहीं हो पाएगा विकास नहीं हो पाएगा गति रुद्ध हो जाएगा ठीक है तो अगर जनसंख्या तेजी से बढ़ रही है कहीं पे तो यह नुकसान हो सकते हैं अगर कहीं पे जनसंख्या घट रही हो तो क्या हो सकता है संसाधन तो है पर उसका इस्तेमाल ही नहीं हो पाएगा अब रहने वाले लोग 10 हैं संसाधन हजारों लोगों का बढ़ा हुआ है तो संसाधन यूज में कहां पे आ पाएंगे ठीक है यह होगा फिर समाज की जो आधारभूत संरचना है वह अस्थिर हो जाएगी यानी जनसंख्या बहुत तेजी से घट रही है ना तो वह भी बहुत मतलब नेगेटिव है दुनिया में बहुत सारे देश है जहां पर जनसंख्या बहुत कम हो गई है वहां पर भी समस्या देखने को मिलती है देश का भविष्य जो है वो चिंता में डूब जाएगा निराशा में डूब जाएगा तो अब इसका मतलब यह मत सोचना कि जनसंख्या बढ़ाना अच्छा है ना तो जनसंख्या बहुत ज्यादा बढ़नी चाहिए ना ही जनसंख्या बहुत ज्यादा घटनी चाहिए ठीक
22:24 है अगला क्वेश्चन देखो जनांकिकीय संक्रमण विभिन्न जनांकिकीय संक्रमण जो है उसकी विभिन्न अवस्थाओं का वर्णन आपको करना है तो जनांकिकीय संक्रमण जो होता है इसमें क्या यह एक सिद्धांत है इसमें किसी क्षेत्र की जो जनसंख्या होती है ना उसका वर्तमान का और भविष्य का अनुमान लगा लिया जाता है यानी पहले से अंदाजा लगा लिया जाता है कि क्या-क्या यहां पर हो सकता है तो यह जो सिद्धांत है इसके अनुसार जैसे-जैसे कोई देश या समाज ग्रामीण और खेती हर अवस्था से तरक्की करके ठीक है ग्रामीण अवस्था में होता है अशिक्षित होता है पढ़े लिखे लोग नहीं होते तरक्की करके जब वो नगरीय अवस्था में पहुंच जाते हैं और साक्षर हो जाते हैं यानी पढ़े लिखे हो जाते हैं तो वहां पे काफी परिवर्तन आ जाते ठीक है इसी को जनांकिकीय संक्रमण के रूप
23:10 में कहा जाता है तो उस समाज में क्या होगा उच्च जन्म दर उच्च मृत्यु दर से निम्न जन्म दर और निम्न मृत्यु दर की स्थिति आने लगेगी और ये परिवर्तन जो होता है ना एकदम से नहीं होता कि रातों रात हो जाएगा तीन चरण में होता है यानी कि अलग-अलग चरण में होता है अवस्था एक अवस्था दो अवस्था तीन ठीक है इस तरीके से अब प्रथम अवस्था को समझते हैं कि पहली अवस्था में क्या होता है तो प्रथम अवस्था में उच्च जन्म दर और उच्च मृत्यु दर होती है यानी कि जन्म भी ज्यादा हो रहे हैं और मृत्यु भी ज्यादा हो रही है तो देखो जब जन्म और मृत्यु दोनों ही ज्यादा होंगे तो जनसंख्या बढ़ेगी या घटेगी सोचो तो ऐसे में ना तो जनसंख्या बढ़ेगी ना घटेगी क्योंकि मान लो 100 लोग मर गए तो 100 ही लोग पैदा हो गए तो जनसंख्या तो स्थिर हो गई ना एक तरह से तो जनसंख्या वृद्धि जो होती है
23:56 यहां पे धीमी हो जाती है और अधिकतम लोग प्राथमिक व्यवसाय में लगे होते हैं क्योंकि यह उस जिस कंडीशन में यह स्थिति होती है तो इस समय में ज्यादातर लोग प्राथमिक व्यवसाय में होते हैं ज खेती करते हैं या फिर मान लो पशुपालन करते हैं इस तरीके से बड़े परिवार यहां पर संपत्ति माने जाते हैं लोग देखते हैं कि बड़ा परिवार है तो उसको अच्छा मानते हैं इस अवस्था में फिर आती है दूसरी अवस्था इस अवस्था में क्या होता है जन्म दर जो है शुरू शुरू में तो उच्च बनी रहती है यानी जन्म तो शुरू में ज्यादा बने रहते हैं लेकिन समय के साथ जन्म दर होती है वह कम कम होने लग जाती है लग जाती है इस अवस्था में मृत्यु दर जो होती है वो भी घट जाती है यानी कि जन्म दर ज्यादा है शुरू में मृत्यु दर थोड़ी सी कम है हालांकि बाद में यह भी कम होने लग जाएगी लेकिन बाद में तो यहां पर जन्म ज्यादा है मृत्यु कम है तो
24:41 यहां पर जनसंख्या आपको फिर भी बढ़ते हुए ही दिखाई देगी जैसे पहले स्थिर दिख रही थी अब आपको बढ़ती हुई दिखेगी थोड़ी सी और इसके बाद जो तीसरी स्थिति आ जाएगी ना यहां पर जन्म दर और मृत्यु दर दोनों ही क्या हो जाएगी बहुत कम हो जाएगी और लगभग लगभग संतुलन की स्थिति हो जाती है जनसंख्या फिर से स्थिर होने लग जाती है या फिर जनसंख्या में वृद्धि जो होती है बहुत कम होती है बहुत धीमी वृद्धि होती है तो इस समय में क्या होता है जनसंख्या शिक्षित हो जाती है उसको टेक्नोलॉजी का ज्ञान हो जाता है वह विचार पूर्वक परिवार नियोजन करते हैं अब यहां पे परिवार को संपत्ति नहीं मानते ये 10-10 बच्चे पैदा नहीं करेंगे ये दो तीन बच्चे पैदा करेंगे बस तो तृतीय अवस्था में साक्षरता आ जाती है ठीक है अगला क्वेश्चन है कि जनसंख्या नियंत्रण के उपाय बताइए कि जनसंख्या को कैसे
25:26 कंट्रोल किया जा सकता है कैसे नियंत्रित किया जा सकता है तो इसके लिए परिवार नियोजन कार्यक्रम यानी कि फैमिली प्लानिंग की जा सकती है कि जब नए पति-पत्नी आते हैं तो उनको फैमिली प्लानिंग कराई जाए उनको समझाया जाए कि भाई तुम्हें ज्यादा बच्चे पैदा नहीं करने हैं कहीं तुम लाइन लगा दो और बच्चे ही बच्चे पैदा करते रहो तो जनसंख्या इससे बढ़ती है ठीक है यह हो जाएगा और दूसरा है गर्भ निरोधक गर्भ निरोधक जैसे कि मेडिसिन वगैरह आती है कंडोम्स वगैरह आता है तो उसका इस्तेमाल किया जा सकता है ठीक है फिर तीसरा है शिक्षा का प्रसार यानी कि लोगों को जागरूक करना है ठीक है लोगों को अगर एजुकेट कर दिया जाएगा तो वो उसको कंट्रोल में रख सकते हैं जनसंख्या को क्योंकि जनसंख्या बढ़ना किसी भी नजरिए से सही नहीं होता क्योंकि वो संसाधनों को नुकसान पहुंचाता
26:11 है ठीक है आगे देखते हैं अगला प्रश्न है कि जनसंख्या वितरण को प्रभावित करने वाले कारक बताइए अब जनसंख्या वितरण को कौन से कारक प्रभावित करेंगे ठीक है और दूसरा इसी में क्वेश्चन दे रखा है कि प्रश् अ संसार में जनसंख्या का वितरण और घनत्व असमान है इसका वर्णन करो अब पेपर में ये दोनों लैंग्वेज में क्वेश्चन आ सकते हैं तो दोनों का अर्थ एक जैसा ही निकलेगा इसको समझते हैं सबसे पहले देखो जनसंख्या वितरण को प्रभावित करने वाला जो कारक होते हैं वो कौन से होते हैं यानी कौन से कारक हैं जो कि जनसंख्या के वितरण को प्रभावित करते हैं और ये बहुत इंपोर्टेंट क्वेश्चन है याद रखना पेपर में बहुत ज्यादा आता है ठीक है तो इसमें तीन कैटेगरी में बांटेंगे भौगोलिक कारक आर्थिक कारक और सामाजिक सांस्कृतिक कारक ठीक है सामाजिक सांस्कृतिक कारक अब सबसे पहले देखते हैं भौगोलिक कारक भौगोलिक कारक मतलब जो हमारे चारों और फिजिकली अवेलेबल होता है जैसे कि
26:59 जल अब जहां पर जल होगा तो लोग हमेशा ऐसी जगह पर रहना बसना पसंद करते हैं जहां पर आसानी से आपको पानी मिल जाए क्योंकि पानी के बिना तो जीवन चलता नहीं तो इसीलिए आप देखोगे जितनी भी सभ्यताएं बसी है वो नदी के किनारे बसी है ठीक है दूसरा है भू आकृति अब भू आकृति में दो तरीके की आकृति सोचो एक है प्लेन समतल और एक है उबड़ खाबड़ पहाड़ी तो लोग कहां पे बसना पसंद करेंगे तो समतल में बसना पसंद करेंगे तो जहां पर समतल होता है वहां पर लोग ज्यादा रहते हैं पहाड़ी एरिया में लोग कम रहते हैं क्योंकि वो पथरीले उबड़ खाबड़ होते हैं वहां पर बहुत दिक्कत होती है तीसरा पॉइंट है जलवायु जलवायु में क्या होता है अधिक उष्ण या फिर बहुत ज्यादा गर्म या बहुत ज्यादा ठंडी जलवायु में लोग रहना पसंद नहीं करते हैं ठीक है चौथा है मृदा मृदा में क्या है मिट्टी मिट्टी का मतलब
27:44 है जहां की मिट्टी ज्यादा उपजाऊ होगी लोग वहां पर ज्यादा रहना पसंद करेंगे जहां की मिट्टी कम उपजाऊ होगी लोग वहां पे कम रहना पसंद करेंगे ठीक है तो ये प्रभावित करते हैं दूसरा है आर्थिक कारक खनिज जिन क्षेत्रों में खनिज होगा वहां पे खनन होगा वहां पे उद्योग लगेंगे वहां पे रोजगार होगा तो लोग वहां पे रहना पसंद करेंगे ठीक है यहां पे कुशल और अर्ध कुशल दोनों तरह के श्रमिक की खूब डिमांड होती है फिर है नगरीकरण आपको पता है लोग गांव को छोड़कर नगरों में जाते हैं क्यों जाते हैं गांव में उनको वो सुविधाएं नहीं मिलती जो नगरों में मिलती है नगरों में अच्छे स्कूल अच्छी सड़कें और अच्छी आप ये लगा लो कि शिक्षा मिल सकती है चिकित्सा मिल सकती है बाजार मिल सकते हैं ठीक है सब कुछ अच्छा सुविधाएं मिलती है इसीलिए लोग गांवों को छोड़कर नगरों की तरफ आकर्षित होते हैं फिर औद्योगीकरण जहां पे उ उद्योग होंगे वहां
28:29 पर रोजगार के अवसर होंगे तो लोग इन जगहों पर जाकर बसते हैं तो यह सब क्या है जनसंख्या को अपनी तरफ अट्रैक्ट करते हैं यानी कि जनसंख्या के वितरण को प्रभावित करते हैं ठीक है इसके बाद चलते हैं अगले पॉइंट पे सामाजिक और सांस्कृतिक कारक को देखते हैं सामाजिक और सांस्कृतिक कारक की अगर मैं बात करूं तो कुछ स्थान धार्मिक अथवा सांस्कृतिक महत्व के कारण भी लोगों को अपनी तरफ आकर्षित करते हैं ठीक है तो ठीक इसी प्रकार लोग उन क्षेत्रों को छोड़कर चले जाते हैं जहां पर सामाजिक और राजनीतिक अशांति होती है जहां पर लड़ाई झगड़ा दंगा होता है ठीक है और कई बार सरकारें भी होती हैं जो लोगों को विरल जनसंख्या वाले क्षेत्रों में बसने और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों से चले जाने के लिए प्रोत्साहित करती है क्योंकि जब सरकार को लगता है ना
29:15 कि यह शहर बिल्कुल जनसंख्या विस्फोट होने वाला है तो वह खुद ही चाहती है कि यार तुम इसे छोड़ जाओ कहीं ऐसी जगह में बस जाओ जहां पे कम जनसंख्या हो ठीक है तो यह भी होता है तो ये सारे कारक है जो जनसंख्या को के वितरण को प्रभावित करते हैं अगला क्वेश्चन है कि विश्व में उच्च जनसंख्या घनत्व वाले अनेक क्षेत्र हैं ऐसा क्यों यानी विश्व में अगर दुनिया के मैप में देखोगे कुछ ऐसे-ऐसे क्षेत्र मिलेंगे जहां पे आपको उच्च जनसंख्या घनत्व मिलेगा कुछ ऐसे क्षेत्र मिलेंगे जहां पे बहुत कम लोग रहते होंगे दो 4-4 किलोमीटर में एक या दो घर होंगे ऐसी भी जगह होती है तो उच्च जनसंख्या वाले क्षेत्र के बारे में आपसे पूछा हुआ है तो देखो भूमि की प्रत्येक इकाई पर उस परे रह रहे लोगों के जो पोषण की जो क्षमता होती है ना वह सीमित होती है ठीक है अतः लोग लोगों की संख्या और भूमि के आकार के बीच में अनुपात को समझना जरूरी
30:01 होता है यही अनुपात जो होता है जनसंख्या घनत्व कहलाता है यानी इसको इस तरीके से देखा जाता है कि प्रति वर्ग किलोमीटर में रहने वाले लोगों की संख्या कितनी है उसके आधार पर इसको मापा जाता है दुनिया के कुछ स्थान ऐसे हैं जहां पर जनसंख्या घनत्व बहुत ज्यादा है इसके पीछे बहुत सारे कारक हैं जैसे भौगोलिक कारक हो गए सामाजिक कारक हो गए आर्थिक कारक हो गए अब बात यही है ना कि कुछ जगह पर लोग ज्यादा क्यों रहते हैं तो इसीलिए क्योंकि अभी यही तो जस्ट हमने पढ़ा था इससे पहले में भौगोलिक कारक वहां पे मृदा अच्छी होगी वहां पर जलवायु अच्छी होगी वहां पर जल उपलब्ध होगा ठीक है बहुत सारे रीजन हो सकते हैं तो आप यह बता सकते हो पेपर में तो यह हमारा यहां पे दूसरा चैप्टर हो जाता है ठीक है तीसरे चैप्टर के इंपोर्टेंट क्वेश्चन देखते हैं चलिए पहला क्वेश्चन है कि वृद्धि और विकास में क्या अंतर है बहुत सारे लोग जो होते हैं ग्रोथ और डेवलपमेंट इंग्लिश में इसको बोलते हैं
30:46 उनको लगता है कि वृद्धि और विकास एक ही चीज होती है ठीक है वो ज्यादा उसमें डिफरेंस मानते नहीं है तो चलिए समझते हैं कि इन दोनों में फर्क होता है ठीक है वृद्धि जो होती है वो आपको क्वांटिटी दिखाती है और विकास जो है वो आपको क्वालिटी दिखाता है अब यहां पे क्वांटिटी और क्वालिटी में क्या फर्क होता है मैं आपको एग्जांपल से समझाता हूं मान लीजिए आप कहीं पे मार्केट में जाते हो आपको एप्पल खरीदने हैं 1 केजी आपने एक एप्पल खरीदा एक दुकान पे वो ₹1 का एक किलो मिल रहा है दूसरी दुकान पे वो 50 का एक किलो मिल रहा है तो आपको लगा यार 50 में एक किलो दे रहा है इससे अच्छा तो मैं वो ₹1 वाले ले लेता हूं ठीक है आप एक तो दो बंदे थे दोनों गए एक ने 100 वाला ले लिया एकने 150 वाला ले लिया घर लेकर आया काट पीट के उसको देखा तो पता लगा ₹1 वाले यार क्वालिटी में जो थे वो खराब थे ठीक है यानी क्वांटिटी तो उसको ज्यादा मिली मतलब उसको कम पैसे में मतलब
31:33 चीज ज्यादा मिल गई यानी कि जिसको 00 में एक किलो मिल गए दूसरी तरफ उसको 150 में किलो मिल रहे हैं यानी कि उसको कम पैसे में अच्छा मिल गया लेकिन पता लगा कि भाई उसकी क्वालिटी अच्छी नहीं थी तो यहां पर क्वालिटी और क्वांटिटी दोनों का फर्क होता है वृद्धि जो है वह क्वांटिटी को दिखाती है जबकि विकास क्वालिटी को दिखाता है ठीक है दूसरी चीज देखो धनात्मक और धनात्मक ठीक है अब समझिए कि वृद्धि जो होती हैना वो धनात्मक भी हो सकती है पॉजिटिव भी हो सकती है और नेगेटिव भी हो सकती है जैसे हमने जनसंख्या में वृद्धि की बात करी थी जनसंख्या में वृद्धि दो प्रकार की थी है एक धन एक धनात्मक एक ऋणात्मक यानी जनसंख्या बढ़ रही है धनात्मक घट रही है ऋणात्मक यानी वृद्धि धनात्मक ऋणात्मक दोनों हो सकते हैं लेकिन विकास कभी भी ऋणात्मक नहीं हो सकता यानी कि नेगेटिव में विकास नहीं हो सकता आपने कभी सुना है आज
32:18 तक कि विकास वहां पे नकारात्मक विकास हो गया नेगेटिव में विकास हो गया नेगेटिव में विकास होता ही नहीं है ठीक है फिर क्या है कि गुणवत्ता में सकारात्मक परिवर्तन यानी हमेशा से क्वालिटी में कुछ पॉजिटिव ही परिवर्तन आता है विकास में तो ये इन दोनों में क्या होता है डिफरेंस होता है अगला क्वेश्चन है कि मानव विकास से क्या अभिप्राय है आप मानव विकास से क्या समझते हैं तो मानव विकास का मतलब होता है कि लोगों के विकल्पों में वृद्धि करना यानी लोगों के सामने चॉइस बढ़ा देना ऑप्शंस बढ़ा देना उनके जीवन स्तर में सुधार कर देना यानी उनका लाइफ स्टाइल सुधर जाए और यह व्यक्ति के जीवन में गुणात्मक परिवर्तन को प्रदर्शित करता है कि जो लोग हैं उनकी लाइफ में एक मतलब गुणात्मक परिवर्तन को यह दिखाएगा ठीक है अगले क्वेश्चन पे चलते हैं डॉकर महबूब उल हक के द्वारा मानव विकास का
33:05 वर्णन किस प्रकार किया गया है तो देखिए विकास जो है वह मानव के विकल्पों में वृद्धि करता है यह हम पहले ही जान चुके हैं मानव का जो विकास है उसमें जीवन में सार्थक सुधार लाता है यानी कि मानव के जो जीवन में पॉजिटिव सुधार लेकर आएगा विकास जो है वह परिवर्तनशील है और इसका उद्देश्य जो होता है वह ऐसी दशा उत्पन्न करना होता है जिसमें लोग एक अच्छी लाइफ जी सकें ठीक है अब मान लो आप किसी ऐसे शहर में रहते हो जहां पे साफ सफाई नहीं है जहां पे बीमारियां फैल रही है वहां पे हेल्थ की सर्विसेस नहीं है वहां पे एजुकेशन के लिए अच्छे इंस्टिट्यूशन नहीं है तो वो विकास नहीं कहलाएगा लेकिन आप किसी ऐसे शहर में चले जाते हो जहां पे आपकी लाइफ एकदम से परिवर्तित हो जाए आपको अच्छी सड़कें मिलने लगे अच्छे स्कूल मिले अच्छे हॉस्पिटल मिले तो वो हम कह सकते हैं ना कि इससे हमारे जीवन में सार्थक सुधार आया है तो इसी को
33:52 विकास के रूप में देखा जाता है अगला क्वेश्चन है ये बहुत ज्यादा पेपर में पूछा जाता है मैं इसको पहले ही बता रहा हूं इंपॉर्टेंट और पर आपको बिल्कुल क्लियर शब्दों में कह रहा हूं जो वीडियो में करा रहा हूं क्वेश्चन यही होंगे हो सकता है थोड़ा बहुत लैंग्वेज घुमा दें या सेम लैंग्वेज में आ जाए ठीक है लेकिन आएंगे यहीं से तो इनको अच्छे से देख के जाना मानव विकास के चार प्रमुख स्तंभ यानी मानव विकास इन चार प्रमुख स्तंभों पर टिका होता है एक होता है समता यानी कि समानता दूसरा है सतत पोषणीय तीसरा है उत्पादकता और चौथा है सशक्तिकरण ठीक है ये चार स्तंभ आपको याद करके जाने है अब हम एक-एक करके इन स्तंभों को समझते हैं समता का मतलब क्या होता है समानता बताया था ना आपको यानी कि जो उपलब्ध अवसर है यानी कि जो लोगों को अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं उसमें हर व्यक्ति को समान भागीदारी मिलनी चाहिए ठीक है सभी को समान भागीदारी मिले समान मौका मिले किसी भी व्यक्ति के साथ उसके जो अवसर
34:39 होते हैं उसमें जाति के आधार पे धर्म के आधार पे लिंग के आधार पे या कहां पे वह रहता है उसके निवास के स्थान आधार पे उसके साथ किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं होना चाहिए ठीक है तो यह समता कहलाएगा ठीक है विकास तभी होगा जब समानता होगी फिर है सतत पोषण यता इसमें क्या होता है कि अवसरों की उपलब्धि निरंतरता यानी कि अवसर जो आज उपलब्ध है वह कल भी उपलब्ध रहे ठीक है सभी को उपलब्ध रहे जैसे कि आज आज जो हमारी पीढ़ी को जो अवसर उपलब्ध है वह हमारी आने वाली पीढ़ी को भी मिले तो इसको बोलते हैं सतत पोषणीय ठीक है आगे देखो उत्पादकता यहां उत्पादकता शब्द का मतलब क्या होता है कि मानव श्रम की उत्पादकता से संदर्भ में किया जाता है यानी मानव श्रम के रूप में इसको दिखाया जा रहा है
35:25 यानी लोगों को ना उत्पा उक बनाओ यानी लोगों को आप कै आसान भाषा में कहे अगर इसको उत्पादक बनाने का मतलब है कि लोगों को मतलब योग्य बनाओ इतना योग्य बनाओ कि वह समर्थ हो सके किसी कार्य को करने में सक्षम बनाओ उनको ठीक है अगर मानव समर्थ होगा सक्षम होगा तो वह उत्पादक बनेगा और बेहतर काम कर पाएगा ठीक है समाज के लिए अपने लिए तो यह बातें जो आती है ये उत्पादकता में आ जाती है लोगों के ज्ञान को बढ़ाने के प्रयास और उन्हें बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने से अगर यह सारी चीजें उनको उपलब्ध कराई जाए तो क्या होगा कहीं ना कहीं उसकी जो कार्यक्षमता होगी उसकी जो योग्यता होगी वह बढ़ेगी ठीक है तीसरा है सशक्तिकरण सशक्तिकरण का मतलब होता है मजबूत बनाना यानी सशक्तिकरण का मतलब है आर्थिक और सामाजिक रूप से जो
36:11 पिछड़े हुए लोग हैं उनको मजबूत बनाना या फिर समर्थ बनाना ठीक है आगे चलते हैं चौथा है अ इसके बाद अगला क्वेश्चन है हमारा कि मानव विकास सूचकांक से क्या अभिप्राय है अब देखो मानव विकास हमने इतना पढ़ लिया मानव विकास का पता कैसे लगेगा अपने को कि मानव विकास हो रहा है या नहीं हो रहा तो इसके लिए बनाया गया है ह्यूमन डेवलपमेंट इंडेक्स जिसको एचडीआई कहा जाता है मानव विकास सूचकांक एक तरह से यह मापने का काम करता है यानी कि यह मापने का तरीका है जिससे हमें पता लग जाएगा भाई कि विभिन्न देशों में किस प्रकार की किस प्रकार की वहां पे मानव विकास हुआ है या नहीं हुआ है ठीक है तो देखिए कैसे इसमें देखा जाता है यानी इसके द्वारा स्वास्थ्य शिक्षा संसाधन तक पहुंच के आधार पर विभिन
36:57 देशों का एक क्रम तैयार कर लिया जाता है यानी कि मान लो दुनिया में 200 देश है ठीक है मान लीजिए दुनिया में 200 देश है तो 200 देशों में देखा जाएगा कि वहां पे हेल्थ की सुविधा कैसी है वहां पे एजुकेशन की सुविधा कैसी है संसाधनों तक लोगों की पहुंच कैसी है उसके आधार पर इन्होंने क्या करा एक इंडेक्स बना दी इसमें जीरो से एक के बीच में लोगों को स्कोर दे दिया जाता है ठीक है देशों को सॉरी लोगों को नहीं देशों को जीरो से एक के बीच में स्कोर दे दिया जाता है तो उसके आधार पर देखा जाता है कि किसका एचडीआई जो है वो कैसा है ठीक है तो इसको समझते हैं तो देखो मानव विकास सूचकांक के आधार पर देशों का वर्गीकरण कर दिया जाता है यानी कि देखा जाता है कि किन कहां पे बहुत ज्यादा है मानव विकास सूचकांक किसका बहुत ज्यादा है और कहां पे मीडियम है कहां पे बिल्कुल कम है कहां पे हाई है ठीक है इस तरीके से किस आधार पे
37:42 देखा जाता है जहां पे हाई होगा वहां पे शिक्षा और स्वास्थ्य की सुविधाएं देना सरकार का मेन काम होगा जहां पे मीडियम होगा वहां पे ज्यादातर देश जो होंगे वह या तो उपनिवेश रहे होंगे या फिर मतलब कहीं ना कहीं वहां पे विकास उस तरीके से नहीं हो पाया होगा लो वाले में क्या होगा राजनीत उपद्रव होगा गृह युद्ध होगा अकाल बीमारी यह सारी चीजें होंगी तो इनसे पता लग जाता है कि किस जगह पर लो है किस जगह पर हाई है ठीक है अगला क्वेश्चन है कि मानव विकास के जो विभिन्न उपागम है इसको स्पष्ट कीजिए यह भी आपके पेपर में आता है मोस्ट इंपोर्टेंट क्वेश्चन तो मानव विकास के चार उपागम है पहला है आय उपागम दूसरा है कल्याण उपागम तीसरा है आपका न्यूनतम आवश्यकता उपागम और चौथा है समता उपागम ये तो सबसे पुराना है आय उपागम हम कहते हैं ना कि यार वो तो बहुत डेवलप हो गया वो तो बहुत आगे निकल
38:28 गया तो हम सीधा-सीधा किसी की आए से यानी किसी की इनकम से जोड़ के देखते हैं ये बहुत पुराना और प्राचीन तरीका है ठीक है आए उपागम को समझते हैं तो ये सबसे पुराना तरीका है इसमें मानव विकास को उसकी आय यानी उसकी कमाई से जोड़कर देखा जाता है हम देखते हैं कि भाई वो आदमी महीने के ₹1 लाख कमाता है अरे भाई वो तो ₹ लाख कमाता है इस तरीके से बात करते हैं तो वो महीने के ₹1 लाख अगर कमाता है तो हम उसकी विकास को कहीं ना कहीं उसकी इनकम से जोड़कर देख रहे हैं तो ये जो तरीका है इसी को क्या कहा जाता है आय उपागम कहा जाता है ठीक है तो जाहिर सी बात है जिसकी इनकम ज्यादा होगी तो वो लग्जरी जीवन जी पाएगा अच्छी जिंदगी जी पाएगा अच्छी चीजें खरीद पाएगा ठीक है एक अच्छी लाइफ जी पाएगा जाहिर सी बात है पैसे से कहीं ना कहीं फर्क तो पड़ता ही है दूसरा फिर क्या था कल्याण उपागम कल्याण उपागम में क्या देखा जाता है इसमें यह देखा जाता है कि जो लाभार्थी है यानी
39:14 बेनिफिसरी है या सभी विकासात्मक गतिविधियों के लक्ष्य के रूप में देखता है ठीक है इस उपागम में मानव को लाभार्थी के रूप में देखा जाता है और यह उपागम शिक्षा स्वास्थ्य सामाजिक सुर रक्षा सुख साधन के उच्चतर सरकारी व्यव का तर्क देता है इसमें कहने का मतलब यह है इसमें मानव को देखा जाता है लाभार्थी मानव जो है वो लाभ लेने वाला है किस चीज का लाभ उसको देना है उसको अच्छी शिक्षा अच्छे स्वास्थ्य अच्छी सुरक्षा ये सारी चीजें और जहां पे सरकार इन चीजों प ज्यादा पैसा खर्च कर रही है अगर एजुकेशन प सरकार खूब पैसा खर्च कर रही है हेल्थ पे सरकार खूब पैसा खर्च कर रही है सुरक्षा पे सरकार खूब पैसा खर्च कर रही है तो हम देखते हैं कि वहां पे उसे कल्याण उपागम के नजरी से देखते हैं ठीक है तो यानी सरकार जो है वहां पे वो कल्याण पे काम कर रही है ठीक है यानी जनता के कल्याण पे ज्यादा पैसा खर्च करके मानव विकास का
39:59 जो स्तर है उसमें वृद्धि करने के लिए जिम्मेदार होती है ठीक है अगर एजुकेशन पर सरकार बहुत अच्छा पैसा खर्च कर रही है तो लोग एजुकेट हो जाएंगे और वह अच्छे-अच्छे काम में जाएंगे ठीक है तो यह कहीं ना कहीं कल्याण उपागम का उदाहरण हो सकता है फिर आपका है न्यूनतम आवश्यकता उपागम अब न्यूनतम आवश्यकता का मतलब क्या होता है बेसिक नीड यानी एक व्यक्ति को बेसिक नीड क्या होती है भाई रोटी चाहिए कपड़ा चाहिए मकान चाहिए स्वास्थ्य सुविधा चाहिए उसको एजुकेशन चाहिए य कुछ बेसिक नीड होती है जो हर व्यक्ति को चाहिए ही चाहिए ठीक है तो इसमें बेसिक बेसिकली छह चीजों को न्यूनतम अ आवश्यकता में रखा गया है हेल्थ एजुकेशन फूड यानी भोजन पानी को भी रखा गया है इसमें स्वच्छता को भी रखा गया है और मकान को भी रखा गया है ठीक है तो यह सारी चीजों की पहचान की गई है और जहां पर यह चीजें
40:45 उपलब्ध कराने पे सरकार ध्यान देती है तो वहां पे न्यूनतम आवश्यकता उपागम का महत्त्वपूर्ण स्थान हो जाता है ठीक है इसके बाद है क्षमता उपागम इस उपागम को अमृत सेन ने जारी किया है यह कहते हैं कि जब मानव की संसाधन तक पहुंच होगी यानी मानव संसाधनों तक पहुंच सकता होगा तब उसकी क्षमताओं का निर्माण होगा ठीक है जिससे मानव विकास संभव हो पाएगा यानी मानव को मानव को मतलब उसकी क्षमता इतनी बनानी है कि वह संसाधन तक पहुंच सके ठीक है यह चौथा उपागम है तो ये पेपर में आता है बहुत ज्यादा मैं पहले ही बता रहा हूं इस क्वेश्चन को याद करके जाना है ठीक है अब बात करते हैं नेक्स्ट चैप्टर की चैप्टर नंबर फ चैप्टर फोर के इंपोर्टेंट क्वेश्चन देखते हैं सबसे पहला क्वेश्चन आपके सामने है कि बताइए आर्थिक क्रिया किसे कहते हैं और आर्थिक क्रिया कितने प्रकार की होती है तो देखिए ऐसी कोई भी क्रिया जिससे हमको
41:32 इनकम प्राप्त होती है वह आर्थिक क्रिया कहलाती है ठीक है यानी कि मानव के ऐसे क्रियाकलाप जिनके द्वारा उसको इनकम मिलती है वह आर्थिक क्रिया कहलाती है आर्थिक क्रिया को चार कैटेगरी में मुख्यत हम बांटते हैं प्राथमिक द्वितीयक तृतीयक और चतुर्थक ठीक है वैसे तो पंचम क्रियाकलाप भी होता है पर हमें एनसीआरटी के अकॉर्डिंग ही करना है क्योंकि आपके सिलेबस में इतना ही मेन मेन दिया हुआ है आगे बात कर लेते हैं कि प्राथमिक क्रियाकलाप क्या होता है तो प्राथमिक क्रियाकलाप बहुत सिंपल है कि कि प्राथमिक क्रियाकलाप प्रत्यक्ष रूप से यानी डायरेक्ट पर्यावरण पर निर्भर होते हैं जैसे कि खेती करना अब खेती करना डायरेक्ट पर्यावरण पर निर्भर है उसको पानी चाहिए पानी कहां से मिलेगा पर्यावरण से मृदा चाहिए उपजाऊ मृदा कहां पे मिलेगी पर्यावरण में बीज वगैरह मतलब सब कुछ ये क्या हो गया डायरेक्ट ही वो कहीं ना कहीं पर्यावरण पर निर्भर हो जाता है तो इसको
42:17 कृषि आ जाएगा इसमें शिकार भी आ जाता है ठीक है भोजन संग्रह हो गया पशु चारण हो गया मछली पकड़ना मछली पालन वगैरह या वनों से लकड़ी काटना खनन करना ये सारे क्या है प्राथमिक क्रियाकलाप है तो पेपर में पूछा जाता है आपसे अगला क्वेश्चन है आपके सामने कि बताइए चलवा स पशु चारण किसे कहते हैं और ये ना सीबीएससी में तो बहुत ज्यादा पूछा जाने वाला क्वेश्चन है इसको याद करके जाना बहुत ज्यादा पूछा जाने वाला क्वेश्चन है चलवा स पशु चारण जो है एक प्राचीन जीवन निर्वाह का व्यवसाय रहा है ठीक है आज के समय में ये चीजें कम हो गई है प्राचीन समय से यह बहुत महत्त्वपूर्ण रहा है इसमें क्या होता था जो पशु चारक होता है यानी कि एक ऐसा व्यक्ति होता है जिसके पास बहुत सारे पशु होते हैं व अपने भोजन अपने वस् स्त्र अपनी शरण और अपने औजार और यातायात के जो लिए हर काम के लिए किस पर निर्भर
43:03 रहेगा पशुओं पर निर्भर रहता है ठीक है और इसमें मनुष्य अपने पालतू पशु जो होते हैं उसके साथ पानी और चरागाह की उपलब्धता के अनुसार एक स्थान से दूसरे स्थान पर एक जगह से दूसरी जगह पर वो जाते रहते हैं इन पशु चारक वर्गों के अपने-अपने निश्चित चरागाह होते हैं इनके खुद के देखिए दुनिया भर में क्या था अलग-अलग निश्चित चरागाह होते थे इन्होंने आपस में बांटे हुए होते थे वहीं पर ये जाया करते थे ठीक है एक समय प ऐसा होता था अभी भी होता होगा तो बहुत कम ही ऐसा बचा होगा चलवा स पशु चारक जो होते हैं उनके तीन प्रमुख क्षेत्र दुनिया भर में है वो कौन से वो क्षेत्र है जहां पर ज्यादातर ये लोग जाते थे तो एक आ जाएगा आपका उत्तर अफ्रीका का अरब प्रायद्वीप आ जाएगा मंगोलिया आ जाएगा मध्य चीन हो जाएगा एक क्षेत्र तो ये हो जाएगा दूसरा यूरोप में देखेंगे यूरोप का और एशिया का जो टुंडा
43:48 प्रदेश है वो आ जाएगा फिर दक्षिण गोलार्ध में अगर हम जाएं तो दक्षिण पश्चिम एशिया और मेडागास्कर द्वीप जो है वो आ जाएगा इन तीन क्षेत्रों में ज्यादातर यह पशु चारक वगैरह जाया करते थे ठीक है अगला क्वेश्चन है कि विश्व के कौन से क्षेत्र ऐसे हैं जहां पे भोजन संग्रह किया जाता था तो दो भाग विश्व में ऐसे हैं जहां पे यह होता था एक है आपका उच्च अक्षांश में एक है निम्न अक्षांश में उच्च अक्षांश में आपका कैनेडा आ जाता है ठीक है आपका यूरोप और एशिया का यानी यूरोप और एशिया का हिस्सा जिसको यूरेशिया कहा जाता है फिर दक्षिण चिली आ जाता है फिर एमेजन बेसिन वाला क्षेत्र उष्ण कटिबंध अफ्रीका का क्षेत्र आ जाएगा ऑस्ट्रेलिया आ जाएगा आपका ठीक है उसके आंतरिक द्वीप वगैरह यह सारे क्षेत्र इसमें आ जाते हैं मैप में भी अगर आप देखना चाहो तो इस तरीके से आप इसको मैप में भी देख सकते हो ठीक है अब बात करते हैं अगला क्वेश्चन यह भी आपके पेपर में कभी का बार
44:35 पूछ लिया जाता है कि स्थानांतरण कृषि किसे कहा जाता है कर्तन या दहन कृषि किसे कहा जाता है या झूम खेती के नाम से भी इसको जानते हैं तो इसमें क्या होता है देखो इसका प्राचीन समय में होने वाली खेती थी भारत में नॉर्थ ईस्ट साइड में भी ये अभी भी होती है झूम खेती में क्या होता है जो इसमें आप ऐसे समझ लीजिए मान लीजिए एक खेत है यह दूसरा खेत है यह तीसरा खेत है यह चौथा खेत है ठीक है खूब सारे खेत हैं तो व्यक्ति क्या करेगा मान लो इस खेत में खेती कर रहा है तीन चार साल उसने खेती करी फिर उसके बाद तीन चार साल के बाद वो इस खेत को छोड़ देगा यहां पे जंगल वगैरह उग जाएगा घास झाड़ियां वगैरह उग जाएगी फिर वो इस खेत में खेती करने लगेगा फिर तीन-चार साल इसमें खेती करेगा तब तक यहां जंगल उग जाएगा फिर वो क्या करेगा इसको जला देगा जंगल को उसकी राख से ये जमीन उर्वरक हो जाएगी ठीक है उपजाऊ हो जाएगी फिर इस खेत
45:21 को छोड़ देगा तीन चार साल के लिए परती फिर वापस से इसमें आ जाएगा या दूसरे खेत में चला जाएगा तो एक जगह से दूसरी जगह पर जाते रहते हैं ये इसी को स्थानांतरण कृषि या झूम खेती भी कहा जाता है तो झूम खेती में जो उस क्षेत्र की वनस्पति होती है उसको काट दिया जाता है जला दिया जाता है जली हुई राख जो होती है एक तरह से उर्वरक का काम करती है और बोए गए खेत्र में छोटे-छोटे जो हिस्से होते हैं ठीक है वो पुराने जो खेती के औजार वगैरह होते हैं उसका इस्तेमाल करते हैं जब मिट्टी का इनको लगता है कि उपजाऊ पन खत्म होता जा रहा है तो वो उसको जलाकर छोड़-छाड़ के चले जाते हैं दूसरे क्षेत्र में ठीक है उसको कुछ साल के लिए परती छोड़ देते हैं अगला क्वेश्चन है के वाणिज्य पशु धन पालन से क्या अभिप्राय है यानी इसमें एक तरह से क्या होता है इसमें पशुओं को पाला जाता है कमर्शियल यानी कि आप लाभ के उद्देश्य से
46:07 पाला जाता है ठीक है बड़े लेवल पे तो देखो वाणिज्य पशुधन पालन एक निश्चित स्थान पर विशाल क्षेत्र वाले फाम पर करा जाता है इसमें ज्यादा पैसा लगता है ज्यादा पैसे की आवश्यकता होती है इसमें पशुओं की देखभाल जो होती है वह वैज्ञानिक तरीके से की जाती है ठीक है इसमें इसी विशेष पशु को पाला जाता है जिसके लिए वो क्षेत्र अधिक अनुकूल होता है ठीक है और न्यूजीलैंड ऑस्ट्रेलिया अर्जेंटीना अमेरिका यहां पे ये सारी चीजें की जाती है अब इसमें वैज्ञानिक तरीके से करा जाता है तो उसमें खर्चा भी ज्यादा आता है बड़े लेवल पे इसमें ये काम होता है ठीक है अगला क्वेश्चन है भूमध्य सागरीय कृषि ये बहुत इंपॉर्टेंट है ये पेपर में बहुत आता है तो भूमध्य सागरीय कृषि जो होती है ये एक विशेष प्रकार की कृषि है खासकर इसमें जो खट्टे फल होते हैं ना उसकी खेती की जाती है ठीक है इसमें अंगूर वगैरह की
46:52 कृषि होती है और यहां पे क्या होता है अच्छे किस्म के जो अंगूर होते हैं उससे शराब बना दी जाती है अच्छी क्वालिटी की दारू शराब जो भी कहते हैं उसे वो बनाई जाती है निम्न श्रेणी के जो अंगूर होते हैं उसको सुखाकर ये लोग मुनक्का बना देते हैं या फिर किशमिश बना देते हैं अच्छी किस्म से तो शराब बना देते हैं ठीक है अंजीर और जैतून भी यहां पे उगाए जाते हैं शीत ऋतु में जब यूरोप और अमेरिका में फल और सब्जी की मांग होती है तो यह वहां उनके लिए फल और सब्जियां भी उगाता है तो मेनली ये खट्टे फलों के लिए जाना जाता है भूम भूमध्य सागरीय कृषि डेरी कृषि से क्या अभिप्राय है डेरी कृषि में क्या होता है इसमें जो दुधारू पशु होते हैं जो दूध देते हैं ठीक है ऐसे पशुओं का पालन पोषण किया जाता है उन्नत और दक्ष प्रकार से यानी बहुत ही साइंटिफिक तरीके से इनको पाला जाता है इसमें पूंजी भी ज्यादा आवश्यकता
47:39 होती है क्योंकि भाई बड़े लेवल पर किया जाता है पशुओं के लिए छप्पर चाहिए घास चाहिए ठीक है उनके लिए दूध उत्पादन वाले जो यंत्र होते हैं क्योंकि दूध निकालने के लिए यंत्रों का इस्तेमाल किया जाता है उसमें भी बंची चाहिए होती है बहुत पैसा चाहिए होता है पशुओं के स्वास्थ्य और प्रजनन और पशु चिकित्सा पर अधिक ध्यान दिया जा जाता है यहां पे ठीक है तो इसमें काफी पैसा लगता है और पशुओं को चराने उनके दूध निकालने का यह जो काम होता है यह साल भर के लिए इसमें मतलब मेहनत चाहिए होती है तो साल भर के मजदूरों की आवश्यकता होती है डेरी कृषि का काम जो होता है वो ज्यादातर नगरी और औद्योगिक केंद्रों के आसपास होता है क्योंकि वहां पे ताजा दूध या डेरी से बने हुए जो प्रोडक्ट होते हैं वो उनको प्रोवाइड कराए जाते हैं ठीक है आज के समय में देखें तो यातायात अच्छा हो गया है दूध को लंबे समय तक सुरक्षित भी रखा जा सकता है तो इसलिए यह बहुत महत्त्वपूर्ण हो जाता है ठीक है तो ये सारी चीजें आप बता सकते
48:25 थे ये ये आप पश्चिमी यूरोप के क्षेत्र में बहुत ज्यादा देखोगे कनाडा में आप देखोगे ठीक है न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया वगैरह में आपको ये चीजें ज्यादा देखने को मिलती है सहकारी कृषि और सामूहिक कृषि में क्या अंतर है सहकारी कृषि में क्या होता है इसमें किसान अपनी मर्जी से अधिक लाभ कमाने के लिए क्या करते हैं एक संस्था बना लेते हैं और फिर कृषि करते हैं यानी किसान खुद से संस्था बना लेते हैं सहकारी संस्था जो होती है किसानों की हर तरह से सहायता करती है ठीक है और यह सबसे ज्यादा जो कामयाब है ये डेनमार्क में हुआ है तो यह बता सकते थे सामूहिक कृषि की बात करें तो इसमें उत्पादन के साधन का जो स्वामित्व होता है वह पूरी तरीके से समाज और सामूहिक श्रम पर आधारित होता है सोवियत संघ वगैरह में इस प्रकार की खेती होती थी ठीक है तो इंपॉर्टेंट है यह भी आपको याद रखना है अगला क्वेश्चन है बाजार के लिए सब्जी एवं अ उद्यान कृषि की विशेषता बतानी है बाजार
49:12 के लिए सब्जी उगाना तो देखिए इस प्रकार की कृषि में ज्यादा अधिक मुद्रा मिलने वाली फसल लगाई जाती है यानी जिससे ज्यादा कमाई हो सके ठीक है जैसे कि ऐसे फल या सब्जियां या फूल वगैरह इसमें लगाए जाते हैं जिन की मांग जो होती है वो नगरों में ज्यादा होती है शहरों में क्योंकि शहरों के लोग ज्यादा पैसा पे कर सकते हैं और इस कृषि में खेतों का आकार जो होता है छोटा होता है खेत में अच्छे यातायात के साधनों के द्वारा वो नगर से जुड़े होते हैं क्योंकि यहां से जब फसल को सीधा नगरों तक पहुंचा दिया जाए इसमें ज्यादा श्रम लगेगा ज्यादा पैसा लगेगा ज्यादा पूंजी लगेगी इसके अलावा सिंचाई का खर्चा उर्वरक का खर्चा अच्छे किस्म के बीज कीटनाशक वगैरह इसकी भी अच्छी आवश्यकता होती है काफी खर्चा हो जाता है इसमें अगला है रोपण कृषि रोपण कृषि मतलब रोप देना कहीं से पौधा लेके आना उसको किसी दूसरी जगह प रोप देना ना अब ये जो रोपण कृषि है
49:58 ये यूरोप के लोगों ने शुरू करवाई थी क्योंकि यूरोप के लोगों ने अंग्रेजों ने बहुत सारे दुनिया के देशों को गुलाम बना रखा था तो उनको पता था जैसे उनको पता था यार भारत में कपास हो सकती है तो कपास उगवा दो कहीं पे अफीम हो सकती है तो अफीम उगवा दो तो वो इस तरीके से अपना लाभ कमाने के लिए करते थे तो यूरोपीय लोगों ने दुनिया के अनेक भागों में उपनिवेश करण किया यानी उनको गुलाम बनाया कृषि के कुछ अन्य रूपों की शुरुआत करवाई जिसमें रोपन कृषि आती है इसका मुख्य उद्देश्य केवल लाभ कमाना होता था और लाभ किसका अंग्रेजों का यूरोपीय उपनिवेश ने अपने अधीन उष्ण कटिबंधीय जो क्षेत्र थे वहां पर चाय कॉफी कोको रबड़ कपास गन्ना केला अनानास यह सारे के पौध लगवाए थे ठीक है पौधे लगवाए थे यानी पौध कहीं से लाया जाता था वहां पे रोपण कर दिया जाता था फिर वहां पे उसको शुरुआत हो जाती है इसकी विशेषता क्या होती है इसमें कृषि क्षेत्र का आकार जो होता है
50:45 बड़ा होता है क्योंकि भाई ज्यादा मुनाफा कमाना है तो बड़े लेवल पर खेती करनी होती है ज्यादा पैसा लगेगा पूंजी लगेगी अच्छा मैनेजमेंट चाहिए टेक्निकल नॉलेज चाहिए वैज्ञानिक विधियों से खेती होती है एक एक फसली कृषि है यानी एक खेत है तो उसमें एक ही फसल उगाई जाएगी ठीक है और यातायात विकसित होता है जिसके द्वारा बागान और बाजार से आपस में जुड़े होते हैं तो वहां से फसलों को आसानी से बाजार में पहुंचा दिया जाता है ठीक है अगला क्वेश्चन है खनन खनन के बारे में बताना है तो देखो जो पृथ्वी होती है धरती होती है उसके अंदर कुछ महत्त्वपूर्ण धातु अयस्क यह सारी चीजें होती है उनको बाहर निकालने को खनन कहा जाता है दो प्रकार का होता है धरातलीय खनन भूमिगत खनन धरातलीय खनन धरती ठीक है ऊपर ऊपर से कुछ फुट तक गहराई तक करा जाता है ठीक है लेकिन
51:30 जो भूमिगत खनन होता है वह बहुत गहराई तक जमीन के अंदर खनन किया जाता है खनन को प्रभावित करने वाले कारक क्या है तो सबसे पहले खनिज निक्षेप का आकार यानी जहां पे खनिज है वो किस प्रकार का आकार है उसका उसकी कैटेगरी क्या है उसकी उपस्थिति क्या है खनिज कहां पर उपलब्ध है आर्थिक कारक इनकी डिमांड के ऊपर कि कौन से खनिज की डिमांड ज्यादा है तकनीकी ज्ञान खनिज का उपयोग संरचना पूंजी यातायात ये सारी चीजें कहीं ना कहीं इसको प्रभावित करती है ठीक है तो यहां पे अपना चैप्टर और भी कवर हो जाता है अब बात करते हैं चैप्टर फाइव की चैप्टर नंबर फाइव के इंपोर्टेंट क्वेश्चन देखते हैं चलिए सबसे पहला क्वेश्चन है कि द्वितीय क्रियाएं क्या है क्योंकि यह जो हमारा चैप्टर है ना पांचवा यह आपका द्वितीय क्रिया पे यानी सेकेंडरी एक्टिविटी पे है तो द्वितीय क्रिया क्या होती है यानी द्वितीय क्रियाओं के द्वारा प्राकृतिक संसाधनों का मूल्य बढ़ जाता है
52:16 यानी मनुष्य अपने स्किल के द्वारा अपनी तकनीक के द्वारा अपनी पूंजी लगाकर अपनी मेहनत लगाकर कच्चे माल को एक ऐसे प्रोडक्ट में बदल देता है कि उसकी कीमत बढ़ जाती है ठीक है तो इसको हम द्वितीय क्रियाकलाप कहते हैं अब इसके एग्जांपल देखो ये एग्जांपल बहुत अच्छे ले रखे है मैंने यहां पे आपको अच्छे से समझ में आएगा चलिए देखिए एग्जांपल है कपास अब कपास की खेती करते हैं रुई निकलती है कॉटन निकलता है कपास मिलता है जब कपास से धागा बना दिया जाता है ठीक है तो उससे कपड़ा बनता है तो उसकी कीमत क्या हो जाती है बढ़ जाती है यानी कपास की कीमत सस्ती होती है कच्चा माल होता है लेकिन जब उससे कपड़ा बन जाता है तो उसकी कीमत बढ़ जाती है अब गन्ना अगर आप मार्केट में खरीदने जाओ तो आपको गन्ना सस्ता मिल जाएगा लेकिन गन्ने से जब चीनी बना दी जाएगी और आप चीनी लेने जाओगे तो
53:01 चीनी आपको बहुत महंगी मिलेगी आलू खरीदने जाओगे तो हो सकता है आपको ₹10 किलो भी आलू मिल जाए एक टाइम ऐसा भी आ जाता है जब आलू 10₹ किलो आराम से बिकते हैं लेकिन अगर आप चिप्स लेने जाओगे तो कभी आप देखना आलू से ही चिप्स बनाया है और कहां आप ₹10 में एक किलो आलू ले रहे हो कल को आपको एक छोटा सा पैकेट भी ₹ का देंगे जिसमें पता नहीं कितने ग्राम होता होगा देखना कभी उसको तो इतना कम समझे हो ना कि मतलब कच्चे माल की कीमत शुरू में कितनी कम होती है लेकिन जब उसको एक प्रोडक्ट में बना देते हैं तो उसकी कीमत बढ़ जाती है यह द्वितीय क्रियाकलाप कहलाते हैं अब इसके बाद बात करते हैं विनिर्माण तो द्वितीय क्रियाकलाप जो होता है इसमें मेनली विनिर्माण होता है यानी मैन्युफैक्चरिंग होती है विनिर्माण का मतलब क्या होता है किसी भी वस्तु का निर्माण करना किसी चीज को बनाना एग्जांपल आपके सामने है जैसे आप कई किसी लोहे के द्वारा कुछ बनता हुआ
53:48 देखोगे ठीक है लोहे से बहुत सारी चीजें बना दी जाती हैं प्लास्टिक की किसी किसी फैक्ट्री में जाओ जहां पे प्लास्टिक के खिलौने बनाए जाते हैं तो आप देखोगे कि प्लास्टिक के दानों से कैसे खिलौने बनाए जाते हैं कंप्यूटर या फिर छोटे-छोटे जो घटक होते हैं उसको जोड़ना अंतरिक्ष यान का निर्माण या फिर कोई भी चीज बनाना आप उद्योग में जाकर देखो कोई भी चीज अगर बनाई जा रही है तो व मैन्युफैक्चरिंग के अंतर्गत ही आ जाती है ठीक है इसके बाद अपने अगले क्वेश्चन पे चलते हैं कि वि निर्माण की सभी प्रक्रियाओं में कुछ सामान्य विशेषता होती है बिल्कुल सभी जहां पे भी विनिर्माण होगा मैन्युफैक्चरिंग होगी वहां पे आपको शक्ति का प्रयोग दिखेगा एक ही प्रकार की वस्तुओं का विशाल अ उत्पादन होगा यानी एक ही प्रकार की वस्तुएं हैं जिसका उत्पादन बहुत बड़े लेवल पर हो रहा है फिर विनिर्माण जो है मशीनरी के द्वारा या पुराने साधनों के द्वारा
54:34 किया जाता है ठीक है पुराने जो साधन होते हैं उसके द्वारा किया जाता है कुटीर उद्योग से क्या अभिप्राय है देखो ऐसे उद्योग जिनको कुटीर उद्योग कहा जाता है इसमें क्या होता है लोग जो घर के सदस्य होते हैं आपस में मिलकर काम करते हैं बहुत छोटे लेवल पर काम शुरू हो जाता है स्थानीय कच्चा माल की आवश्यकता होती है डेली जो उपयोग में आने वाली वस्तु होती है उसका निर्माण होता है है तो इसको कुटीर उद्योग कहते हैं अब कुटीर उद्योग के अगर हम आगे समझे इसके कुछ विशेषताओं को समझे तो इसमें आप देखोगे कि इसमें क्या होता है घरों से इसकी शुरुआत हो जाती है पैसा भी इसमें कम लगता है कच्चा माल भी आपको आसानी से स्थानीय बाजार में मिल जाता है चीजें बिक भी जाती है ज्यादा भारी मशीनरी की जरूरत आपको पड़ती नहीं है वो चीजें आप आपस आसानी से अपने आसपास जो लोकल मार्केट है वहां पे आप चीजों को बेच भी सकते हो कच्चा माल भी
55:19 वहां से खरीद सकते हो ठीक है फिर कुटीर उद्योग के उदाहरण देखें तो घर से बन जाते हैं घर पे आपने देखा होगा कुछ लोग मोमबत्ती बनाते हैं अच्छा चार बनाते हैं कागज के लिफाफे वगैरह बनाते हैं कुछ लोग कुछ लोग बांस की टोकरी वगैरह बनाया करते हैं ठीक है ये सब कुटीर उद्योग में आ जाता है फिर एक अ उद्योग है छोटे पैमाने के उद्योग के बारे में जानकारी दीजिए कुटीर उद्योग और छोटे पैमाने के उद्योग के बारे बारे में आपको समझना है कि दोनों के बीच में एक डिफरेंस होता है छोटे पैमाने के उद्योग की विशेषता बतानी है अब यहां पे एक चीज आपको समझनी है कि कुटीर उद्योग और छोटे पैमाने के उद्योग सुनने में एक जैसा लगता है लेकिन दोनों में अंतर है ठीक है कुटीर उद्योग तो घर से शुरू हो जाता है लोकल औजारों के साथ लेकिन छोटे पैमाने के उद्योग उससे अलग होते हैं अब इसको समझते हैं देखो यह कुटीर उद्योग से तो बिल्कुल डिफरेंट होते हैं इन उद्योगों में क्या होता है उत्पादन की जो तकनीक होती है या निर्माण के स्थल होते हैं दोनों ही कुटीर
56:06 उद्योग से अलग होते हैं क्योंकि इन उद्योगों में निर्माण का स्थल घर नहीं होता बल्कि घर से बाहर कारखाना होता है अगर कोई छोटे लेवल प कारखाने में काम हो रहा हो तो वो छोटे पैमाने का उद्योग है और मान लो कोई छोटे से घर में रहता है उसी घर में काम कर रहा है तो वो उसका कुटीर उद्योग कहलाएगा इसमें स्थानीय कच्चे माल का उपयोग किया जाता है बिल्कुल ठीक है और इसमें अर्ध कुशल श्रमिक यानी कि जो ज्यादा एक्सपर्ट नहीं है वह भी चल जाते हैं शक्ति के साधनों से चलने वाले यंत्र यानी बिजली से चलने वाली मशीनें होती हैं और इसमें इन उद्योगों में रोजगार के अवसर भी कुटीर उद्योग से तो ज्यादा ही होते हैं भाई आगे चलते हैं बड़े पैमाने के उद्योग की विशेषता बतानी है आपको ठीक है और यह छोटे पैमाने के उद्योगों से कैसे अलग होते हैं यह भी आपको पता होना चाहिए तो बड़े पैमाने के उद्योग जो है वो छोटे पैमाने के उद्योग से बिल्कुल डिफरेंट है क्योंकि इसमें बड़ा बाजार विभिन्न प्रकार का कच्चा
56:54 माल शक्ति के साधन कुशल श्रमिक चाहिए यहां पर एक्सपर्ट होने चाहिए विकसित टेक्नोलॉजी होनी चाहिए अधिक उत्पादन और अधिक पूंजी की आवश्यकता होती है पिछले 200 सालों में देखें तो ऐसे उद्योग बहुत ज्यादा विकसित हुए ब्रिटेन में अमेरिका में यूरोप में बहुत लगाए जाते हैं तो छोटे पैमाने के उद्योग से बढ़कर जो आता है वह बड़े पैमाने के उद्योग होते हैं ठीक है फिर है स्वामित्व के आधार पर उद्योगों का वर्गीकरण करना स्वामित्व के आधार पर सार्वजनिक क्षेत्र के उद्योग निजी क्षेत्र के उद्योग संयुक्त क्षेत्र के उद्योग इस तरीके से इसको देखा जाता है ठीक है तो चलिए इसको समझते हैं देखिए सार्वजनिक क्षेत्र के उद्योग की अगर मैं यहां पर बात करूं तो सार्वजनिक क्षेत्र के उद्योग वो होते हैं जो सरकार के अंडर में आते हैं ठीक है और इन उद्योगों का जो प्रबंधन यानी मैनेजमेंट होता है वह हमारी सरकार करती है समाजवादी
57:41 देशों में ज्यादातर ऐसे उद्योग होते हैं क्योंकि वहां पे सब कुछ राज्य के हाथों में होता है सब कुछ सरकार के हाथ में होता है फिर इसके बाद है निजी क्षेत्र के उद्योग ये प्राइवेट उद्योग होते हैं ठीक है ऐसे उद्योग जो होते हैं जिसका मालिक कोई एक व्यक्ति या कोई कंपनी होती है और इसका संचालन प्राइवेट हाथों में होता है पूंजीवादी देशों में ऐसा होता है भारत में अगर हम देखें तो जैसे टाटा हो गया बिरला रिलायस यह सारे क्या है यह सारे उदाहरण है ये निजी क्षेत्र के उद्योग हैं यानी कि जैसे अंबानी का या अडानी के जो उद्योग हैं वो उनके निजी हो जाते हैं इसके बाद है आपका संयुक्त क्षेत्र के उद्योग अब संयुक्त से आपको समझ में आ रहा होगा यानी ऐसे उद्योग जिसका संचालन सरकार और निजी कंपनी मिलकर करें यानी सरकार भी उसमें शामिल है और प्राइवेट कंपनी भी शामिल है मिलकर काम कर रहे हैं तो उसे संयुक्त क्षेत्र के उद्योग कहेंगे इसमें एचपीसीएल हो जाएगा ठीक है और इसका
58:26 एग्जांपल और भी आप बता सकते हो नेक्स्ट है स्वछंद उद्योगों की किन्हीं तीन विशेषताओं के बारे में बताना है स्वछंद उद्योग जो है बहुत विविधता वाले स्थानों में स्थित होते हैं यह विशिष्ट कच्चे माल पर निर्भर नहीं होते हैं ठीक है इस इसका मेनली क्या काम होता है कि पुर्जों पर निर्भर रहते हैं जो कहीं से भी प्राप्त किए जा सकते हैं इसके उत्पादन में कम मात्रा में उत्पादन भी कम मात्रा में होता है श्रमिक की आवश्यकता भी कम होती है और प्रदूषण भी नहीं होता इसमें क्या होता है बनी बनाई चीज होती है जैसे असेंबल करना कोई पार्ट आ रहा है जैसे मोबाइल है मोबाइल कोई बनाता थोड़ी है मोबाइल की जो स्क्रीन होती है वो अलग जगह से बन के आ रही है उसका मदर बोर्ड चिपसेट अलग जगह से बन के आ रहा है उसके पार्ट्स अलग जगह से बन के आ रहे हैं उसको असेंबल कर दिया जाता है फिट कर दिया जाता है तो इस तरीके के टाइप के आप उद्योग इन को मान सकते हो ठीक है इसके बाद है उद्योग की स्थापना को प्रभावित
59:12 करने वाले कारक कि जो उद्योग हम लगाते हैं उसको उसकी स्थापना को कौन से कारण प्रभावित करते हैं या फिर आप इसे भूल जाओ आप यह मानो कि आप कोई उद्योग स्थापित कर रहे हो आपको कोई कारखाना लगाना है तो आप किन-किन चीजों का ध्यान रखोगे तो आपको अच्छे से समझ में आएगा तो क्या ध्यान रखोगे आप भौतिक कारक का ध्यान रखोगे और मानवीय कारक का ध्यान रखोगे भौतिक कारक में क्या आप मान लो किसी चीज का उद्योग लगा रहे हो किसी जगह पे तो आपको उस उद्योग में जो कच्चा माल चाहिए होगा जैसे मान लो आप प्लास्टिक के खिलौने बनाने का उद्योग लगा रहे हो तो आपको कच्चा माल क्या चाहिए प्लास्टिक चाहिए वहां पे प्लास्टिक उपलब्ध है या नहीं सबसे पहले आप ये देखोगे कच्चा माल मिलेगा या नहीं मिलेगा वहां की जलवायु उसके हिसाब से ठीक है या नहीं पानी वगैरह चाहिए होता है पानी मिल रहा है या नहीं बिजली वहां पे है या नहीं ये सारी चीजें देखोगे फिर फिर उद्योग में काम करने वाले वाले श्रमिक यानी मजदूर वगैरह मिलते हैं
59:58 या नहीं मिलते वहां पे आसानी से पूंजी आपके पास है या नहीं परिवहन के साधन बाजार सरकारी नीति यानी सरकार की पॉलिसी इन सारी चीजों का ध्यान रखोगे तो यह सब क्या है उद्योग की स्थिति को प्रभावित करने वाले कारक हो जाते हैं ठीक है अब अगला क्वेश्चन है कि जर्मनी के रूहर कोयला क्षेत्र के बारे में बताइए तो जर्मनी का रूहर कोयला क्षेत्र जो है लंबे समय से यूरोप की जो औद्योगिक अ प्रदेश रहा है वहां की जो इस्पात की आवश्यकता होती है ठीक है उसको पूरा कर देता है और आप यह लगा लो कि 80 पर जो अ जो जर्मनी का इस्पात है वो यहीं से मिलता है अगला क्वेश्चन है लोह इस्पात उद्योग से क्या अभिप्राय है आधारभूत उद्योग भी इसको कहा जाता है भारी उद्योग भी इसको कहा जाता है ठीक है एक ही चीज है ये तो इसका क्या मतलब है तो लौह इस्पात उद्योग जो है सभी उद्योगों का आधार है क्योंकि जो भी उद्योग में मशीनें बनती हैं
1:00:43 वो सब लोह से ही बनती है लोहे से ही बनती है ठीक है तो ये इसीलिए इसको आधारभूत भी कहा जाता है क्योंकि अन्य उद्योग जैसे कि मशीन और औजार वगैरह उन सब में इसका प्रयोग किया जाता है इनको कच्चा माल प्रदान भी यही करता है लौह इस्पात उद्योग जो होता है इसको भारी उद्योग भी कहा जाता है क्योंकि बड़ी मात्रा में भारी भरकम कच्चा माल वगैरह इसमें उपयोग में लाया जाता है अगला है हत कगा उद्योग की विशेषता बताओ तो हत करग उद्योग जो है इसमें ज्यादा श्रमिक जो मजदूर होते हैं उसकी जरूरत होती है अर्ध कुशल श्रमिक भी जो होते हैं उनको रोजगार मिल जाता है पूंजी की आवश्यकता इसमें कम पड़ती है सूद की कताई बुनाई वगैरा का काम किया जाता है लेकिन अब धीरे-धीरे हथ कगा जो हाथ से काम होता था वो बंद हो चुका है अब बिजली कर्ग आ गया
…