CUET UG 2026 Physics | विधुत आवेश तथा क्षेत्र Chapter- 1 | Full Concept + MCQs | लक्ष्य🎯 Series

संक्षिप्त सारांश

यह वीडियो वैद्युत आवेश, इसके गुणों, और कूलंब के नियम पर केंद्रित है। इसमें आवेशों के मूल गुण जैसे कि आवेशों का योग, आवेश संरक्षण, और आवेश का क्वांटीकरण शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, समरूप वैद्युत और चुंबकीय क्षेत्र, प्रेरण द्वारा आवेशन, और विभिन्न प्रभावों जैसे प्रकाश वैद्युत प्रभाव और ऊष्मीय प्रभाव पर भी चर्चा की गई है। अंत में, कूलंब के नियम और इसके सदिश रूप को समझाया गया है।

मुख्य बातें:

  • आवेशों के मूल गुण: योग, संरक्षण, क्वांटीकरण
  • आवेशन की विधियाँ: प्रेरण, प्रकाश वैद्युत प्रभाव, ऊष्मीय प्रभाव
  • कूलंब का नियम: दो आवेशों के बीच बल की गणना

परिचय

इस वीडियो में वैद्युत आवेश और उसके गुणों के बारे में बताया गया है। वक्ता ने दर्शकों का अभिवादन किया और कक्षा को इंटरैक्टिव बनाने के लिए टिप्पणियों को प्रोत्साहित किया।

आवेशों के मूल गुण

आवेशों के तीन मूल गुण होते हैं: आवेशों का योग, आवेश संरक्षण, और आवेश का क्वांटीकरण। आवेशों का योग का मतलब है कि किसी वस्तु पर कुल आवेश उसके सभी अलग-अलग आवेशों का योग होता है। आवेश संरक्षण का सिद्धांत कहता है कि आवेश को न तो बनाया जा सकता है और न ही नष्ट किया जा सकता है, केवल एक वस्तु से दूसरी वस्तु में स्थानांतरित किया जा सकता है। आवेश का क्वांटीकरण बताता है कि आवेश हमेशा एक मूल आवेश (इलेक्ट्रॉन का आवेश) का एक पूर्णांक गुणज होता है।

समरूप वैद्युत और चुंबकीय क्षेत्र

समरूप वैद्युत क्षेत्र वह क्षेत्र होता है जिसमें सभी बिंदुओं पर वैद्युत क्षेत्र की तीव्रता समान होती है। इसी प्रकार, समरूप चुंबकीय क्षेत्र वह क्षेत्र होता है जिसमें सभी बिंदुओं पर चुंबकीय क्षेत्र की तीव्रता समान होती है। समरूप चुंबकीय क्षेत्र को समान दूरी वाली समांतर रेखाओं द्वारा दर्शाया जाता है।

प्रेरण द्वारा आवेशन

प्रेरण द्वारा आवेशन एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें एक आवेशित वस्तु को किसी अनावेशित वस्तु के पास लाकर उसे आवेशित किया जाता है, बिना दोनों को आपस में स्पर्श किए। यह दो तरीकों से किया जा सकता है: पहले तरीके में, एक आवेशित वस्तु को एक अनावेशित वस्तु के पास लाया जाता है और फिर अनावेशित वस्तु को पृथ्वी से जोड़ा जाता है। दूसरे तरीके में, दो अनावेशित वस्तुओं को एक साथ स्पर्श कराया जाता है और फिर एक आवेशित वस्तु को उनमें से एक के पास लाया जाता है।

प्रकाश वैद्युत प्रभाव

प्रकाश वैद्युत प्रभाव एक ऐसी घटना है जिसमें धातु की सतह पर प्रकाश डालने पर इलेक्ट्रॉन उत्सर्जित होते हैं। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि प्रकाश में ऊर्जा होती है, और जब यह ऊर्जा इलेक्ट्रॉनों द्वारा अवशोषित की जाती है, तो वे धातु से बाहर निकलने के लिए पर्याप्त ऊर्जा प्राप्त कर लेते हैं।

ऊष्मीय प्रभाव

ऊष्मीय प्रभाव एक ऐसी घटना है जिसमें धातु को गर्म करने पर इलेक्ट्रॉन उत्सर्जित होते हैं। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि गर्मी इलेक्ट्रॉनों को ऊर्जा प्रदान करती है, और जब वे पर्याप्त ऊर्जा प्राप्त कर लेते हैं, तो वे धातु से बाहर निकलने में सक्षम होते हैं।

घर्षण द्वारा आवेशन

घर्षण द्वारा आवेशन एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें दो वस्तुओं को आपस में रगड़कर उन्हें आवेशित किया जाता है। उदाहरण के लिए, जब रेशम के कपड़े को कांच की छड़ से रगड़ा जाता है, तो रेशम का कपड़ा धनावेशित हो जाता है और कांच की छड़ ऋणावेशित हो जाती है।

चालक, कुचालक और अर्धचालक

पदार्थ को तीन प्रकारों में विभाजित किया जा सकता है: चालक, कुचालक और अर्धचालक। चालक वे पदार्थ होते हैं जिनमें बड़ी संख्या में मुक्त इलेक्ट्रॉन होते हैं और वे विद्युत धारा को आसानी से प्रवाहित होने देते हैं। कुचालक वे पदार्थ होते हैं जिनमें मुक्त इलेक्ट्रॉन नहीं होते हैं और वे विद्युत धारा को प्रवाहित होने से रोकते हैं। अर्धचालक वे पदार्थ होते हैं जिनमें चालक और कुचालक दोनों के गुण होते हैं।

कूलंब का नियम

कूलंब का नियम बताता है कि दो बिंदु आवेशों के बीच लगने वाला बल आवेशों के परिमाण के गुणनफल के समानुपाती होता है और उनके बीच की दूरी के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती होता है। बल दोनों आवेशों को मिलाने वाली रेखा के अनुदिश कार्य करता है।

कूलंब के नियम का सदिश रूप

कूलंब के नियम को सदिश रूप में भी व्यक्त किया जा सकता है। सदिश रूप में, बल की दिशा को भी ध्यान में रखा जाता है। दो आवेशों q1 और q2 के बीच लगने वाला बल, जो r दूरी पर स्थित हैं, इस प्रकार दिया जाता है:

F = k * q1 * q2 / r^2 * r̂

जहाँ k कूलंब का स्थिरांक है और r̂ एक इकाई सदिश है जो q1 से q2 की ओर इंगित करता है।

निष्कर्ष

वक्ता ने कक्षा को समाप्त किया और दर्शकों को टिप्पणियों में अपनी प्रतिक्रिया देने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने यह भी कहा कि वे अगले व्याख्यान में अध्यारोपण के सिद्धांत पर चर्चा करेंगे।

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Transcript

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0:04 हेलो हेलो हेलो नजरें स्क्रीन पर प्यारे साथियों बहुत-बहुत नमस्कार। कैसे हैं आप सभी? कैसे हैं आप सभी? कैसे हैं आप सभी? फटाफट एक बार कमेंट सेक्शन में कमेंट करके बताएं। कमेंट नहीं दिख रहा है। कैसे हैं आप सभी? फटाफट एक बार जोरदार जिंदाबाद तरीके से कमेंट सेक्शन में कमेंट करके बताएं। क्या विज़िबिलिटी और एडिबिलिटी क्लियर है क्या? फटाफट एक बार फटाफट एक बार सभी साथी कमेंट सेक्शन में कमेंट करके बताएं। सभी साथी एक बार सेशन को जबरदस्त जोरदार जिंदाबाद तरीके से शेयर करेंगे बेहतरीन अंदाज में क्योंकि आज आपकी क्लास होने वाली है बहुत ही खास हेलो सर हेलो हेलो हेलो हेलो चलो बहुत बढ़िया बहुत सारे अच्छे बच्चे राम-राम सर नमस्कार आदाब अग्री सत श्री अकाल राधे-राधे वालेकुम अस्सलाम राम-राम भैया भैया एक बार सेशन को जोरदार जिंदाबाद तरीके से सभी बच्चे शेयर करेंगे बेहतरीन अंदाज में ताकि आज अपन क्लास बहुत

0:52 बेहतरीन अंदाज में ले आगे बढ़ें हम जानते हैं जितने ज्यादा बच्चे रहेंगे समीम भैया की एनर्जी उतने ज्यादा रहेगी। चलिए फटाफट फटाफट फटाफट सेशन को लाइक कर दीजिए। जो भी बच्चे हमारे साथ जुड़े हुए हैं सेशन को शेयर करते रहें ताकि अपने सभी सारे पुराने दोस्त आ जाएं। देर ना करते हुए अपने टॉपिक पे आते हैं। प्यारे साथियों आज का जो लेक्चर लेने वाले हैं आज अपन जो टारगेट होगा हमने हमने बात कर ली थी वैद्युत आवेश की। फिर इसके बाद वैद्युत आवेश की प्रॉपर्टीज की आज हम कुछ और डिस्कस करेंगे। लास्ट लेक्चर में भी प्रॉपर्टीज की बात करी थी। फिर इसके बाद मिलन का तेल बिंदु प्रयोग। स्थिर पेड़ द्वारा आवेशन तथा चालक विद्युत रोधी तथा अर्धचालक कूलंब का नियम तथा बहु आवेशों के मध्य कोशिश रहेगी आज इन सभी टॉपिकों को अपन कवर कर पाएं। सबसे पहले बात करते हैं आवेशों के मूल प्रॉपर्टी क्या होती है? आवेशों के मूल गुण क्या होते हैं? प्यारे साथियों

1:38 अगर हम इसकी बात करें आवेशों की मूल प्रॉपर्टी क्या है? फटाफट आइए समझते हैं कि आवेशों के गुण क्या है? प्रॉपर्टी क्या है आवेशों की? आवेशों का योग। कहने का मतलब अगर किसी बॉडी पर आवेश है किसी पे एक कूलम किसी पे किसी पॉइंट पे तीन कूलम किसी पॉइंट पे 5 कूलॉम नेट आवेश अगर उस बॉडी का अपन निकालेंगे नेट आवेश अगर अपन उस बॉडी का निकालेंगे मेरे भाई तो सारे आवेश को जोड़ना पड़ेगा जोड़ के जो कुल आवेश आएगा उसे साधारण उपयोग चिन्ह जैसे मान लो किसी पे 10 कूलम है किसी पे -2 कूलम है नेट आवेश उस बॉडी का क्या होगा +10 कूलम -2 कूलम प्लस माइनस2 कूलम यानी नेट आवेश आएगा 8 कूलॉम के बराबर आएगा क्या बात समझ आ गई क्या बात आ अगली बात आवेश संरक्षण जैसे आप पढ़ पढ़े होंगे क्लास 11th में क्लास नाइंथ में जो होता है विद्युत सॉरी ऊर्जा

2:25 संरक्षण का सिद्धांत क्या था वहां पे याद कराता हूं ऊर्जा को ना उत्पन्न किया जा सकता है ना नष्ट किया जा सकता है बस इसे एक रूप से दूसरे रूप में कन्वर्ट किया जा सकता है। सेम इसी प्रकार मेरे भाई ध्यान से समझिएगा। विद्युत आवेश संरक्षण में इसे ना तो उत्पन्न किया जा सकता है ना नष्ट किया जा सकता है। इसे एक रूप से एक वस्तु से दूसरे वस्तु में ट्रांसफर किया जा सकता है। स्थानांतरित किया जा सकता है। अर्थात किसी भी भी उपयुक्त निकाय के लिए आवेश हमेशा संरक्षित रहता है। जैसे इस बॉडी पर आवेश q1 है। जीरो है। इस बॉडी पर आवेश q2 0 है। अगर नेट बॉडी दोनों बॉडी को जोड़ने के बाद जो नेट आवेश आएगा इस बॉडी पे q1 + q2 जो कि ज़ीरो के बराबर आएगा। क्योंकि आप सभी जानते हैं। आप सभी जानते हैं अगर q1 q2 दोनों को जोड़ोगे 0 में + 0 जोड़ोगे तो क्या आएगा? 0 के बराबर होगा। इसके अलावा प्यारे साथियों अगर इस पर आवेश q1 +q है।

3:11 इस पर -q है। नेट आवेश अगर किसी बॉडी पर जोड़ोगे तो प्लस माइनस यानी नेट q हो जाएगा। +q फिर + -q यानी नेट q 0 के बराबर होगा। क्या यहां तक आप सभी को चीजें क्लियर हैं? यह सारी प्रॉपर्टी थी भैया। अगली प्रॉपर्टी आवेश का क्वांटाइजेशन। क्वांटाइजेशन ऑफ़ चार्ज। क्वांटाइजेशन ऑफ़ चार्ज क्या होता है? जब कोई भौतिक राशि फिजिकल क्वांटिटी जब कोई राशि फिजिकल क्वांटिटी जब कोई भौतिक राशि भैया क्या करती है? क्या करती है मेरे भाई? क्वांटाइजेशन ऑफ चार्ज मतलब सारे सतत क्वांटीस मान को ना लेकर केवल एक डिस्क्रीट यानी एक स्पेसिफिक वैल्यू लेती है तो वहां पे क्वांटाइजेशन ऑफ़ चार्ज की क्वांटाइजेशन ऑफ़ फिजिकल क्वांटिटी की बात करते हैं। तो भैया आवेश कैसा होता है? ध्यान से समझना। यदि किसी बॉडी पे एक कूलम

3:57 आवेश होगा या मैक्सिमम 2 कूलम या 2 कूलम या 3 कूलम या 10 कूलम या 20 कूलम या n कूलम n इलेक्ट्रॉन होगा। एक इलेक्ट्रॉन दो इलेक्ट्रॉन तीन इलेक्ट्रॉन चार इलेक्ट्रॉन 10 इलेक्ट्रॉन 20 इलेक्ट्रॉन या n इलेक्ट्रॉन के बराबर होगा। इट मींस दैट इसका क्या मतलब है? वैदुत आवेश का जो क्वांटाइजेशन होता है किसी वस्तु पर सदैव उसका मूल आवेश इलेक्ट्रॉन का पूर्ण गुणज होता है। सर क्या एक इलेक्ट्रॉन होगा या दो इलेक्ट्रॉन होगा या n इलेक्ट्रॉन होगा? यानी q नेट चार्ज उस बॉडी पे होगा। प्लस माइनस का n * e के बराबर होगा। जहां पे n क्या है? नंबर ऑफ़ इंटीजर। यानी n की वैल्यू क्या हो सकती है? n वैल्यू हो सकती है 1 2 3 1 2 3 4 5 6 7 सो

4:42 ऑन 9 और सर इलेक्ट्रॉन चार्ज ऑफ़ इलेक्ट्रॉन आपने बता चुका है। आप कितना बताया है सर? चार्ज ऑफ़ इलेक्ट्रॉन जो होता है - का 1.6 * 10 पावर -19 कूलम चार्ज के बराबर होता है। वैल्यू पुट करो क्वेश्चन आंसर। चलिए अगली बात कुछ इंपॉर्टेंट बात की बात करते हैं। क्वांटाइजेशन ऑफ़ चार्ज की खोज रॉबर्ट ए मिलिकन ने तेल बिंदु एक्सपेरिमेंट से किया जिसे आवेशों का क्वांटा इन्होंने बोला। जो आवेश होते हैं इस पे एक इलेक्ट्रॉन मिनिमम एक इलेक्ट्रॉन चार्ज के बराबर होते हैं। इन्होंने यह पाया। फिर इसके बाद इसका मात्रक एसआई पद्धति में कूलम होता है और इलेक्ट्रॉन का द्रव्यमान 9.1 कितना होता है? 9.1 * 10 की पावर -31 कि.ग्र. चार्ज के बराबर होता है। अगर प्रोटॉन का द्रव्यमान 1.67 * 10 की पावर माइनस का 27 कि.ग्र. चार्ज के बराबर

5:29 होता है। प्यारे साथियों। अब बात करते हैं कुछ स्पेसिफिक वैद्युत क्षेत्र। समरूप वैदुत क्षेत्र क्या होता है? और समरूप चुंबकीय क्षेत्र क्या होता है? ध्यान से समझना मेरे भाई ध्यान से समझना सुरभ संस्कृति गुड इवनिंग सर गुड इवनिंग सुरभ संस्कृति ध्यान से समझना ध्यान से समझना ध्यान से समझना मेरे भाई समरूप चुंबकीय क्षेत्र यदि किसी क्षेत्र पर समान बिंदुओं पर वैदुत क्षेत्र क्या होगा किसी छ किसी सरफेस के सम बिंदु पर किसी सरफेस के सभी बिंदु पर क्या हो वैद्युत क्षेत्र की संख्या समान हो तो वहां पे समान वैदुत क्षेत्र होगा समरूप यानी समान रूप से वैदुत क्षेत्र अब समरूप चुंबकीय क्षेत्र किसी भी सब किसी क्षेत्र के सभी बिंदुओं पर चुंबकीय क्षेत्र समान सामर्थ्य रखता है। समान बल लगता है तो उसे

6:15 समान रूप से चुंबकीय क्षेत्र कहते हैं। समरूप चुंबकीय क्षेत्र में चुंबकीय क्षेत्र का परिमाण तथा संपूर्ण दिशा में वही बने रहते हैं। समरूप चुंबकीय क्षेत्र को समान दूरी वाली समांतर रेखाओं द्वारा प्रदर्शित किया जा सकता है। जैसा कि आप डायग्राम में देख पा रहे हो। प्यारे साथियों यह चुंबकीय क्षेत्र का थोड़ा सा अभी अगला चैप्टर आएगा। वहां अपन डिस्कस करेंगे। फिलहाल प्रेरण द्वारा आवेशन की बात करते हैं। किसी बॉडी को आवेशित हम कैसे कर सकते हैं? चार्ज देकर कर सकते हैं। यह बात आपने बता दी है। मोहम्मद हसन गुड इवनिंग। गुड इवनिंग सभी को। सभी को गुड इवनिंग। सेशन को शेयर करते रहें। सेशन को लाइक करते रहें। दो बार लाइक नहीं करना है। एक ही बार लाइक करना है भाई। एक ही बार लाइक करना है। एग्जैक्टली। चलो। वह प्रक्रिया जिसके अंतर्गत आवेशित वस्तु अनावेशित बिना स्पर्श किए बिना छुए किसी द्वारा प्रेरित हो जाए। जैसे आपको मैं

7:02 बताऊं आपको जैसे मैं बोलूं कि आपने समीम सर का लेक्चर देखा। अब आप प्रेरित हो गए। फिजिक्स आपको आती नहीं थी। आप पढ़ने चले आए। प्रेरित हो के हां समीम सर बढ़िया पढ़ा रहे हैं। पढ़ाओ। केमिस्ट्री की क्लास आपकी पूनम मैम ले रही हैं। पूनम मैम के लेक्चर में आप पहुंच गए। केमिस्ट्री आपको बिल्कुल नहीं आती थी। आप प्रेरित हो के टीचर से प्रेरित हो के पढ़ रहे हैं। तो भैया ये क्या है कि जब एक बॉडी चार्ज हो। जब एक बॉडी पर कोई आवेश हो चार्ज हो लेकिन दूसरी बॉडी पर हमें चार्ज तो आ जाए। चार्ज दूसरी बॉडी पर आ जाए लेकिन बिना बिना बिना स्पर्श के बिना स्पर्श के बिना स्पर्श के इन द सेंस कहने का मतलब इस वाली बॉडी से प्रेरित हो के प्रेरित हो के आ जाए अब कैसे होगी ध्यान से समझना मेरे भाई ध्यान से समझना ध्यान से समझना मान लो यहां पे

7:47 कोई बॉडी था ये न्यूट्रल चार्ज था न्यूट्रल चार्ज इसका मतलब क्या था जितना पॉजिटिव आवेश उतना नेगेटिव आवेश मिलके एक दूसरे को कैंसिल आउट कर रहे थे नेट आवेश ज़ीरो था ठीक इसके बगल में हम एक छड़ ले गए जिस पर कौन सा पॉजिटिव चार्ज था? कैसा चार्ज था? पॉजिटिव। भैया। इसके बाद इसको हमने अर्थिंग यानी पृथ्वी से जोड़ दिया। अब यह आवेश ग्राउंड में चला गया। अब पॉजिटिव वाला इस साइड वाला ये नेगेटिव आवेश इसके साथ अट्रैक्शन में था। क्योंकि पॉजिटिव और नेगेटिव क्योंकि पॉजिटिव और नेगेटिव क्योंकि पॉजिटिव और नेगेटिव एक दूसरे को अट्रैक्ट कर रहे होंगे। फिर इसके बाद प्यारे साथियों क्या हुआ? इस छड़ को जिस पे पॉजिटिव चार्ज था हमने हटा लिया। अब देखो इस बॉडी पे नेगेटिव चार्ज हो गया। सब जगह बराबर-बराबर फल गया। कह फैल गया। कहने का मतलब बॉडी पहले उदासीन थी, लेकिन बाद में कौन सा चार्ज हो गया? नेगेटिव

8:34 चार्ज हो गया। क्यों हो गया? क्योंकि भैया प्रेरण द्वारा आवेशन की प्रक्रिया में हम कर रहे हैं। इज दैट क्लियर? प्रणाम सर। प्रणाम भैया। सर आप मल्टीटलेंटेड हैं। धन्यवाद सुरभ संस्कृति। मैं बढ़िया शानदार। अब अगला है। दूसरा मेथड कर रहे हैं। पेड़ द्वारा आवेशन में अपन दूसरे मेथड की बात करते हैं। पेड़ द्वारा आवेशन में मान लो ये दो ए एक तो ये ए गोला है। ये बी है। दोनों उदासीन है। एक दूसरे के टच में है। दूसरा एक बॉडी ले आया। उस पे पॉजिटिव चार्ज था। अब पॉजिटिव जो है नेगेटिव को अट्रैक्ट करेगा। भैया नेगेटिव इधर आ गया। तो भैया ऑब्वियस सी बात है पॉजिटिव दूसरे छोर पे चला जाएगा। अब इसको अलग-अलग कर दिया तो इस पे नेगेटिव आवेश आ गया। इस पे पॉजिटिव चार्ज। अब इसको हटा दिया। अगले स्टेप में हटा दिया तो इस पे नेगेटिव आवेश पूरे बॉडी में फैल गया।

9:20 इस पे पॉजिटिव आवेश फैल गया। दोनों आवेशित हो गया। और भी कई सारे इफेक्ट हैं। ध्यान से समझिएगा। और भी कई सारे इफेक्ट हैं जिसे आप कहते हैं प्रकाश वैद्युत प्रभाव। अगला चैप्टर भी है। अगला नहीं चैप्टर नंबर बुक नंबर टू में है चैप्टर नंबर 11। प्रकाश प्रकाश वैद्युत प्रभाव। प्रकाश वैद्युत प्रभाव। सर यह क्या होता है? यह भी है एक इफेक्ट भैया। यह भी इसे फोटोइलेक्टिक इफेक्ट कहते हैं। क्या कहते हैं? फोटोइलेक्टिक इफेक्ट सर, यह क्या है? ध्यान से समझना मेरे भाई। ध्यान से समझना। मान लो यह आपका कोई मेटल था। कोई मेटल मतलब धातु। क्या है मेरे लाला? धातु बोले तो मेटल।

10:06 कोई मेटल था। मेटल क्यों सर? क्योंकि इसमें लार्ज नंबर ऑफ इलेक्ट्रॉन पाए जाते हैं। सर इलेक्ट्रॉन लार्ज नंबर ऑफ मतलब मुक्त इलेक्ट्रॉन पाए जाते हैं। मेरे लाला यह बातें मैंने आपको बता रखी है। अब बताओ भैया इसको हमने उठाकर अपने छत पर रख दिया। छत पर रख दिया। गर्मी का मौसम है। सूर्य भगवान यहां से अपनी सूर्य भगवान जी अपनी यहां से किरणें चारों तरफ फैला रहे हैं। यहां से प्रकाश की किरणें इस धातु के मेटल पे पड़ी। यहां से प्रकाश की किरणें कहां पड़ी? इस धातु के मेटल पे पड़ी। सर यहां से प्रकाश की किरणें धातु के मेटल पे पड़ी। E = h न्यू या hc / लैमλ एनर्जी के साथ। अरे बोलो हां या ना? बोलो हां या ना? इतनी एनर्जी के साथ यहां पर

10:52 पड़ी सर यहां पर जैसे एनर्जी पड़ी अब इलेक्ट्रॉन अच्छा यह बताओ आप कब घर से बाहर निकलते हो जब एकदम स्वस्थ होते हो या बीमार रहते हो तब निकलते हो सर आपका आंसर यह होना चाहिए कि जब सर एकदम स्वस्थ होता हूं तब घर से बाहर मैं निकलता हूं एकदम स्वस्थ होने के बाद मैं घर से बाहर निकलता हूं एकदम स्वस्थ होने के बाद मैं कैसे निकलता हूं घर से बाहर निकलता हूं इन द सेंस मतलब अब इलेक्ट्रॉन को मिल गई मुक्त एनर्जी यहां से एनर्जी मिली जैसे जैसे इलेक्ट्रॉन को एनर्जी मिली इलेक्ट्रॉन यहां से निकल के बाहर जाएगा। इलेक्ट्रॉन यहां से निकल के बाहर जाने लगेगा। अब इलेक्ट्रॉन का निकलना मैंने बोला था किसी बॉडी पर से इलेक्ट्रॉन का निकलना। इलेक्ट्रॉन का बाहर निकलना। इलेक्ट्रॉन का बाहर निकलना। क्या हो जाएगा

11:39 इस बॉडी पर? पॉजिटिव चार्ज आना। यानी यह मेटल जो होगा, मेटल मतलब धातु जो होगा, धातु जो होगा, कैसे हो जाएगा? पॉजिटिव चार्ज हो जाएगा। मतलब धनावेशित हो जाएगा। क्योंकि आप जानते हो प्यारे साथियों क्योंकि आप जानते हो इलेक्ट्रॉन निकलना मतलब नेगेटिव चार्ज चला गया। पॉजिटिव चार्ज जनरेट हो गया। क्या क्लियर है? बात समझ आई? यह था फोटोइिक इफेक्ट। इसके बारे में पूरा एक चैप्टर है। डिटेल में पढ़ेंगे। मॉडर्न फिजिक्स के अंदर सेकंड बुक में है। बहुत मजे से पढ़ेंगे। फिलहाल इतना जानना जरूरी था। अगला एक दूसरे इफ़ेक्ट की बात करते हैं। दैट इज़ थर्मोनिक इफ़ेक्ट। वन ऑफ द मोस्टेंट इफेक्ट है दैट इज थर्मियोनिक इफेक्ट।

12:24 थर्मोनिक इफेक्ट क्या होता है? ऊष्मीय प्रभाव। थर्मियोनिक इफेक्ट यानी तो बोले क्या? ऊष्मीय प्रभाव। सर, यह थर्मियोनिक इफ़ेक्ट यानी ऊष्मीय प्रभाव क्या होता है? लाला समझेंगे परेशान ना हो। मान लो यह कोई मेटल का टुकड़ा है। सर मेटल ही हर बार क्यों? यह कोई मेटल का टुकड़ा है। क्या है मेरे लाला? धातु का टुकड़ा। धातु बोले तो मेटल। सर मेटल इसलिए क्योंकि इसमें लार्ज नंबर ऑफ फ्री इलेक्ट्रॉन्स पाए जाते हैं। लार्ज

13:11 नंबर ऑफ फ्री इलेक्ट्रॉन्स पाए जाते हैं। ध्यान से समझना। ध्यान से समझना मेरे भाई। लार्ज नंबर ऑफ इसके अंदर फ्री इलेक्ट्रॉन्स हैं। ओके सर इलेक्ट्रॉन्स हैं। रहने दो। आराम फरमा रहे हैं। बिल्कुल फरमाने दो। बिल्कुल फरमाने दो। अब क्या किया सर? हमने ध्यान से समझिएगा मेरे भाई। अब अपन ने क्या किया? हां अपन ने अब क्या किया? ध्यान से समझना आप। इस मेटल के नीचे आग लगा दी। क्या लगा दी?

13:57 इस मेटल के नीचे आग। अच्छा एक बात यह बताओ मैं आपको बुलाऊं अपने घर आप आए या स्टूडियो के अंदर गुड इवनिंग दिव्या यादव हेलो दिव्या हेलो हेलो सर काव्या यश सर ओके सर आप जवाब नहीं दे रहे हैं लगता है रिकॉर्डेड है नहीं काव्या कैसी बातें कर रही हो रिकॉर्डेड नहीं है परेशान ना हो मैं पढ़ा रहा हूं ना ध्यान से समझना ध्यान से समझना मैंने आपको अपने घर बुलाया स्टूडियो के अंदर बैठाया चेयर के ऊपर बैठा दिया और नीचे आग लगा दिया। आप हमारे घर आए। आपको मैंने कुर्सी पे बैठा दिया। नीचे आग लगा दिया। बताओ आप कुर्सी पे बैठोगे क्या? आप कुर्सी पे बैठोगे क्या? कमेंट में बताओ क्या आप कुर्सी पे

14:43 बैठोगे? आपको मैंने बुलाया स्टूडियो के अंदर। कुर्सी दी। बैठने के लिए आप उस पे बैठ गए। नीचे से मैंने आग लगा दी। यह क्या है भैया? आग लगा दी। यह क्या है आपका? बर्नर है। बर्नर। बर्नर यानी आग लगा दिया। आग लगा दिया। सर जब आग लगाया आपने आग लगाए तो सर मैं तो उठ के भाग जाऊंगा क्योंकि जलने लगेगा। बोलो हां या ना? क्योंकि क्या होने लगेगा? जलने लगेगा। मैं उठ के भाग जाऊंगा। सेम यही कहानी इलेक्ट्रॉनों के साथ है मेरे लाला। इलेक्ट्रॉन था। शांति से बैठा था। फिर बाद में मैंने दिया लाया। आग लगा दिया। जैसे ही आग लगाया इलेक्ट्रॉन कहेगा हाय दैया यह तो जल रहा है। अब यह इलेक्ट्रॉन निकल के बाहर भागना चाहेगा या इनमें से बहुत सारे

15:31 इलेक्ट्रॉनों के पास एनर्जी ज्यादा आ जाएगी। इलेक्ट्रॉन निकल के बाहर जाने लगेंगे। इलेक्ट्रॉन जैसे ही बाहर गए इस बॉडी से इलेक्ट्रॉन का जाना यानी इस मेटल पर इस मेटल पर धनावेश का आना हो जाएगा। यह मेटल कैसा हो जाएगा? पॉजिटिव चार्ज हो जाएगा। क्या क्लियर है? क्या क्लियर है? यह है भैया चार्जिंग का एक और प्रभाव। एक और प्रभाव है। चलो पेड़ द्वारा मैंने आप सभी को बता दिया। फ्रिक्शन है। फ्रिक्शन है सर। फ्रिक्शन कैसे है किसी चीज को? जैसे सिल्क का कपड़ा। सिल्क का कपड़ा है। मान लो यह कोई सिल्क का कपड़ा है। कपड़ा और यह कोई कांच की बॉडी है। किसी कांच की बॉडी है। दोनों को आपस में रब करा दिया।

16:17 दोनों को आपस में रब करा दिया। यह सिल्क है। यह कांच की कोई बॉडी है। दोनों को आपस में जब सिल्क मतलब दोनों को आपस में फ्रिक्शन करा दिया, घर्षण कर दिया। दोनों को घर्षण करा दिया। तो यह जो सिल्क का कपड़ा था और इसके साथ जो कांच का ये बॉडी था सिल्क का कपड़ा जो है आपका सिल्क का कपड़ा जो है पॉजिटिव चार्ज हो गया और ये नेगेटिव चार्ज हो गया। तो भैया इस पर भी आवेश आ गया। आवेश जनरेट करने के अलग-अलग विधि हैं। जिसमें सबसे इंपॉर्टेंट बात यह है कि आवेश तभी आएगा जब उस पर इलेक्ट्रॉन का आदानप्रदान होगा। सर इलेक्ट्रॉन का आदानप्रदान ही क्यों? क्योंकि मेरे भाई मैंने आपको बता रखा है इलेक्ट्रॉन को

17:04 निकालना आसान है। जिस दिन आपने परमाणु के अंदर एटम के अंदर न्यूक्लियर के अंदर प्रोटॉन को तोड़ने की कोशिश करी। यानी उस दिन आपने प्रोटॉन को तोड़ दिया। नाभिक नहीं बचा। नाभिक नहीं बचेगा तो प्रोटॉन नहीं सॉरी परमाणु नहीं बचेगा। जब परमाणु नहीं बचेगा तो ना हम बचेंगे ना आप बचेंगे ना आप फिजिक्स सीखेंगे ना मैं आपको फिजिक्स सिखाऊंगा या इस सृष्टि भी नहीं रहेगी किसी और तरीके से होगी व्हाटएवर जो भी होगी हमें नहीं पता ना आपको पता क्या यहां तक चीजें क्लियर हैं बोलो हां या ना बोलो हां या ना क्या यहां तक चीजें क्लियर हैं अब आपसे एक छोटा सा सवाल पूछता हूं सर केमिस्ट्री में पढ़ते हैं किसी भी पदार्थ को किसी भी मैटर को हम तीन प्रकार से बांट सकते हैं ठोस द्रव तथा गैस सर फिजिक्स में भी ऐसा कुछ बातें हैं क्या? हां भाई फिजिक्स में ऐसा बात है। फिजिक्स में भी

17:50 हम किसी भी मैटर को तीन प्रकार से बांट सकते हैं। कैसे? कंडक्टिंग, नॉन कंडक्टिंग तथा सेमीकंडक्टिंग। चालक बॉडी, कुचालक या विद्युत रोधी बॉडी या अर्धचा तीसरा अर्धचालक यानी सेमीकंडक्टर बॉडी। चालक बॉडी क्या होगी मेरे भाई? ध्यान से समझना। चालक बॉडी उस बॉडी को कहते हैं जिसमें लार्ज नंबर ऑफ फ्री इलेक्ट्रॉन्स होते हैं जो विद्युत धारा तथा आवेश को एक जगह से दूसरी जगह ले जाने के लिए रिस्पांसिबल होते हैं। जैसे मेटल्स हो गई इसके एग्जांपल आपकी बॉडी हो गई, अर्थ हो गई। ये सब चालक बॉडी में आती है। सर कुचालक बॉडी क्या होती है भैया? आवेश का और आवेश का और धारा का एक जगह से दूसरी जगह ना जाने दें। विरोध करें। जैसे प्लास्टिक हो गया। सर इसमें क्या इलेक्ट्रॉन, प्रोटॉन, न्यूट्रॉन नहीं होते? नहीं भैया होते हैं। हर एक पार्टिकल एटम से मिलकर बना है।

18:36 छोटे-छोटे कण इलेक्ट्रॉन, प्रोटॉन, न्यूट्रॉन से मिलकर बना है। लेकिन इसमें इलेक्ट्रॉन, प्रोटॉन, न्यूट्रॉन आपस में कैसे हैं? न्यूक्लियर के इलेक्ट्रॉन जो है न्यूक्लियर के साथ टाइटली बॉन्डेड है। लार्ज नंबर ऑफ थ्री इलेक्ट्रॉन्स नहीं होता। तो भैया इस वजह से ये कुचालक बॉडी होती है। विद्युत रोधी बॉडी होती है। जैसे लकड़ी, प्लास्टिक ये सब आपके एग्जांपल है। अर्धचालक बॉडी क्या है? मैंने आपको बताया था कंडक्टिंग इज कंडक्टिंग बट नॉन कंडक्टिंग इज नॉन कंडक्टिंग बट इंसुल अह कंडक्टर इज कंडक्टर इंसुलेटर इज़ इंसुलेटर यानी नॉन कंडक्टिंग इज नॉन कंडक्टिंग बट सेमीकंडक्टर हैज़ डुअल नेचर मतलब चालक चालक होता है। कुचालक कुचालक होता है। लेकिन लेकिन अर्धचालक जो है नेचर के अंदर दोनों प्रकृति में पाया जाता है। नेचर के अंदर दोनों प्रकृति में पाया जाता है। सिलिकॉन और जर्मेनियम जो है सबसे

19:23 अच्छे अर्धचालक के रूप में पाए जाते हैं। यहां तक चीज़ें क्लियर है? आइए कूलम का नियम वन ऑफ द मोस्ट इंपोर्टेंट नियम है। कूलम का नियम वन ऑफ द मोस्ट इंपॉर्टेंट नियम है। भैया कूलम का नियम क्या है? कूलम का नियम कुछ नहीं है। इसको बताने से पहले मैं थोड़ा सा और एक बात डिस्कस करूंगा। क्लास 11th में जब आप थे मेरे भाई तो आपने सबसे पहले न्यूटन का नियम बोला होगा। पढ़ा होगा, जाना होगा, सीखा होगा। आपको नहीं याद आ रहा है। मैं आपको याद करा दे रहा हूं। इन्होंने बोला अगर दो पॉइंट मासेस कहीं पे रखे गए हैं। न्यूटन साहब ने। क्या बोला? न्यूटन साहब का नहीं। थोड़ा सा एक बार रिकॉल करते हैं। इन्होंने क्या बोला? इन्होंने क्या बोला? अगर दो पॉइंट मासेस रखे गए हैं। एक का मास

20:08 m1 है। दूसरे का मास m2 बीच की दूरी r है। इनके बीच में एक फोर्स लगेगा। वो फोर्स आकर्षक प्रकृति का होगा और डायरेक्टली प्रोपोर्शनल होगा इनके मास के गुणनफल के। इसको इक्वेशन नंबर वन तथा इनके बीच की दूरी के वर्ग के उल्टानुपाती इसको समीकरण नंबर दो बताया। समीकरण एक व दो से समीकरण एक एंड दो को मिलाया जिससे f प्रपोशनल टू आ गया m1 * m2 बटे में r² जैसे ही मेरे भाई इस f को इक्वल किया प्रपोर्शनल हटाया तो कैपिटल gm1m2 / r² यह कैसा एक फार्मूला निकल के आया जहां पे g क्या है गुरुत्वाकर्षण नियतांक है इसका वैल्यू 6.67 * 10 की पावर -1 न्यूटन मीटर² ब कूलम स्क्वायर के बराबर

20:56 होती सॉरी किलोग्राम स्क्वायर के बराबर होती है ना और मास आपका ये है और ये बीच की दूरी r है। अब इसी का साहब कूलम साहब ने देखा कि दो पॉइंट मास के बीच में अगर न्यूटन साहब बल लगा रहे हैं तो दो पॉइंट चार्ज के बीच में भी बल लगना चाहिए। दिस इज़ एक्सपेरिमेंटल लॉ। इसको एक्सपेरिमेंट करके निकाला गया है। प्रयोग करके निकाला गया। तो इन्होंने क्या किया? इन्होंने बोला तुरंत इन्होंने बोला अगर मैं उस टाइम होता तो मैं भी एक नियम देता मेरे लाला कूलम का नियम इन्होंने क्या बोला कूलम साहब का नियम कूलम का नियम कूलम का नियम क्या है मेरे भाई ध्यान से समझेंगे ध्यान से सीखेंगे

21:43 कूलम का नियम क्या है ध्यान से समझेंगे ध्यान से सीखेंगे अपन कूलम का नियम क्या है मेरे भाई ध्यान से समझेंगे ध्यान से सीखेंगे आ जाओ फटाफट कूलम साहब ने बोला कि अगर दो कहीं पे पॉइंट मासेस दिए हैं सॉरी पॉइंट चार्जेस दिए हुए हैं। एक का चार्ज q1 है। दूसरे का चार्ज q2 है। बीच का सेपरेशन r है। इनके बीच में एक बल लगेगा। वो बल आकर्षण भी प्रकृति का हो सकता है। प्रतिकर्षण भी प्रकृति का हो सकता है। डिपेंड करेगा चार्ज का नेचर कैसा है? आवेश की प्रकृति कैसी है? पॉजिटिव पॉजिटिव है तो भी प्रतिकर्षित करेंगे। एक बिरादरी के हुए तो प्रतिकर्षित करेंगे। अलग-अलग बिरादरी के हुए तो आकर्षित करेंगे। इज दैट क्लियर? लेकिन वहां उन्होंने क्या बोला था? उन्होंने मास बोला मास जो है आकर्षित ही

22:32 करेंगे। क्लियर? क्लियर माय पॉइंट? बोलो हां या ना? क्या यहां तक चीजें क्लियर है? चलो। अब इन्होंने बोला कि इनके बीच में जो बल लगेगा आकर्षित प्रतिकर्षित कुछ भी कर सकता है। वह प्रपोशनल होगा इनके आवेश के गुणनफल के। इक्वेशन नंबर वन बन गया। तथा इनके बीच के दूरी के वर्ग के उल्टानुपाती हो गया। इक्वेशन नंबर टू समीकरण समीकरण समीकरण समीकरण एक एंड दो से दोनों को मिलाया तो निकला f डायरेक्टली प्रपोर्शनल टू q1 * q2 / में r² यहां प्रपोर्शनल हटाया एक कांस्टेंट k ले आया kq1 q2 / r² आ गया मेरे लाला जहां पे k की वैल्यू क्या है 1 / 40

23:19 के बराबर है k की वैल्यू वैल्यू 1/40 के बराबर है। K की वैल्यू क्या है मेरे लाला? 1/4 0 के बराबर है। सर इसकी वैल्यू क्या होती है? 9 * 10 की पावर 9 न्यूटन मीटर स्क्वायर बटे कूलम स्क्वायर के बराबर होती है। न्यूटन मीटर स्क्वायर / कूलम स्क्वायर के बराबर होती है। बोलो हां या ना? बोलो हां या ना? अच्छा ये बताओ ये बताओ ये जो फार्मूला निकल के आया मेरे लाला ये जो फार्मूला निकल के आया ये वाला जो फार्मूला निकल के आया क्या ये कॉपी पेस्ट नहीं लग रहा है क्या ये इस फॉर्मूले के कॉपी पेस्ट के बराबर नहीं लग रहा है वहां पे g की जगह k था m1 m2 की जगह यहां पे q1 q2 है बोलो हां या ना क्या तुम्हें रटना है क्या

24:06 तुम्हें रटना है क्या बोलो क्या तुम्हें रटना है इसको तुम्हें रटना है क्या एक बार बताओ फटाफ फट क्या तुम्हें रटना है? इसको रटोगे? नहीं। आपको फार्मूला पहले याद है। बस m1 m2 की तरह q1 q2 करना है। g की तरह k करना है। क्लियर? दैट्स इट। बस इतनी बात है। अगली बात कूलम के नियम में किन्ही दो बिंदु आवेशों के मध्य लगने वाला आकर्षण या प्रतिकर्षण बल आवेशों के परिमाणों के गुणनफल के समानुपाती तथा उनके बीच की दूरी के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती के बराबर होता है। बल दोनों आवेशों को मिलाने वाली रेखा के अनुदिश कार्य करता है। इसे कूलम का व्युत्क्रम वर्ग का नियम भी कहते हैं। इसे कूलम का व्युत्क्रम वर्ग का नियम भी कहते हैं। बोलो क्लियर है क्या? अरे हां

24:51 या ना? चलो बढ़िया शानदार। अब अगली बातें करते हैं। अगली बातें करते हैं। k क्या है? k आपका स्थिर विद्युत नियतांक है। इसकी वैल्यू k = 1/4 नॉट 9 * 10 की पावर 9 न्यूटन मीटर स्क्वायर बट कूलम स्क्वायर के बराबर होती है। यह बात मैंने लिखा। जहां पे 0 क्या है? निर्वात की वैद्युतशीलता है। जहां पे जहां पे जहां पे जहां पे जहां पे क्या है मेरे भाई? जहां पे क्या है? जहां पे निर्वात की वैद्युतशीलता है। 0 की वैल्यू 8.85 * 10 की पावर -12 कूलम स्क्वायर / न्यूटन मीटर स्क्वायर के बराबर होती है। न्यूटन मीटर स्क्वायर के बराबर होती है

25:36 प्यारे साथियों। अच्छा K का मान आवेशों के माध्यम पर निर्भर करता है। कल कल को माध्यम एयर हुआ तो K की वैल्यू कुछ और होगी। माध्यम यानी आवेश पानी में रख दिए जाए तो माध्यम मीडियम चेंज हो गया। वहां पे k की वैल्यू कुछ और हो जाएगी और दूसरे गोले पे ले जा के रख दो वहां पे k की वैल्यू कुछ और होगी। बात समझ आई? चलो बहुत बढ़िया शानदार। अच्छा अब परावैद्युतांक की बात करते हैं। r मतलब माध्यम क्या है? दो आवेशों के मध्य किसी माध्यम में रखा गया हो तो वहां पे k की वैल्यू क्या होगी? दो आवेशों को 1 / 4π 0 नहीं होगा। निर्वात या एर के लिए है। सर एप्स की वैल्यू क्या होती है? बराबर होता

26:22 है मेरे भाई बराबर हो जाएगा * सर ये क्या है? रिलेटिव परमिटिविटी है। रिलेटिव परमिटिविटी है। r बराबर क्या हो जाएगा? / 0 किसी माध्यम की किसी माध्यम की विद्युतशीलता बटे निर्वात की विद्युतशीलता जो होगा उसका जो रेश्यो होगा उसे हम कहेंगे मीडियम ऑफ रिलेटिव परमिटिविटी रिलेटिव परमिटिविटी कहेंगे माध्यम की यहां पे एप्स क्या है माध्यम की वैदुतशीलता है = 0 * r यानी r बराबर हो जाएगा इसको इधर से लात मारो इधर जाएगा तो 0 यानी ये क्या है माध्यम की आपेक्षिक वैद्युत शीलता सर यह कैसी राशि होगी सर? यह मात्रकहीन होगी। यानी इसका मात्रक नहीं

27:10 होगा। क्योंकि जो इसका मात्रक होगा वही इसका कैंसिल होगा। सर अगर मात्रक नहीं होगा तो इसका बीमा भी नहीं होगा। बिल्कुल नहीं होगा मेरे भाई। यानी अतः माध्यम के आवेशों के मध्य लगने वाला जो स्थिर विद्युत बल होगा भैया उसे fm से डिनोट करेंगे। fm बराबर क्या हो जाएगा? 1 / 4 * q1q2 / r² अब ध्यान से समझना मेरे भाई ध्यान से समझना f मीडियम की बात कर रहा हूं। f मीडियम बराबर क्या आया? 1 / 4π * q1q2 / r² आप जानते हैं एप्स जो होता है एप्स किसके बराबर है? * r के बराबर है। यानी ये वैल्यू उठा के ये वैल्यू उठा के अगर यहां पुट कर दें तो

27:57 ये हो जाएगा 1 / 40 * 0 * 0 q1q2 / r² के बराबर आ गया। q1 q2 / r² के बराबर आ गया। q1 q2 / r² के बराबर आ गया। अब ध्यान से समझना मेरे भाई। ध्यान से समझना। अब इस टर्म को अगर इस इस पूरे टर्म को देखा जाए, इस पूरे टर्म को देखा जाए तो क्या यह क्या यह यह वाला फार्मूला नहीं नजर आ रहा है? क्या आपको यह वाला फार्मूला नहीं नजर आ रहा है? f = kq1 q2 / r² यानी ये f की सर वॉइस स्लो क्यों है? संदीप पाल सर आप में रिकॉर्डिंग कराते

28:44 हैं। संदीप पाल था पहले वहां अब नहीं हूं। अभी यहां हूं। हां। तो भैया इसकी वैल्यू हो गई फोर्स के बराबर f यानी ये क्या आ गया? fm इज इक्वल टू क्या आ गया? f /r r यानी अगर r की वैल्यू निकालना हो तो f मीडियम / f निर्वात ये वैल्यू आ गई। यह वैल्यू आ गई। यह वैल्यू आ गई। यह वैल्यू आ गई। बोलो हां या ना? बोलो हां या ना? एक सवाल इस पे करते हैं। सवाल है किसी परावैद्युत माध्यम का परावैद्युतांक छ है तो निरपेक्ष की वैद्युतशीलता क्या हो जाएगी? निरपेक्ष की वैदुतशीलता क्या हो जाएगी? फार्मूला क्या है? R जो होता है

29:29 किसके बराबर होता है? / 0 के बराबर होता है। किसी माध्यम का r दे रखा है छप की r 0 की वैल्यू पता है आपको 8.85 * 10 की पावर -12 होता है दोनों मात्रक विहीन होंगे क्योंकि दोनों का मात्रक सेम होगा कैंसिल हो जाएगा। भैया सीयूटी का आंसर के आ गई है अभी जस्ट जा रहा हूं चेक करने। ओके शिवम कुशवाहा जी ओके तो भैया ये जो होगा ये आपका आंसर होगा। अगला एक सवाल है इसी में दो बिंदु आवेशों को वायु में तथा एक वायु में एक निश्चित दूरी पर रखने के लिए उनके बीच 80 न्यूटन का बल लग रहा है। यानी फोर्स की वैल्यू दे रखा है। फोर्स

30:15 बराबर 80 न्यूटन का बल लग रहा है। तथा इन पर आवेशों पर एक परावैद्युत माध्यम जितनी दूरी पर रखा जाता है आवेश का बल यानी किसी माध्यम में रखने के बाद 8 न्यूटन का हो जाता है। तो माध्यम का परावैद्युतांक ज्ञात कीजिए। माध्यम का परावैद्युतांक क्या हो जाएगा मेरे भाई? माध्यम का परावैद्युतांक क्या हो जाएगा? यह बताओ। माध्यम का परावैद्युतांक क्या हो जाएगा? ये वन ऑफ द मोस्टेंट और आसान क्वेश्चन है प्यारे साथियों। क्या हो जाएगा? ध्यान से समझिएगा। मैंने अभी आपको एक छोटा सा फार्मूला बताया। एक लाइन का आंसर है। भले क्वेश्चन इतना बड़ा है। आप जानते हैं बराबर होता है क्या? फोर्स बटे फोर्स बटे फोर्स बटे क्या हो जाता है? फोर्स बटे

31:02 क्या हो जाता है? बताओ भैया? मीडियम ऑफ फोर्स। अरे हां या ना? मीडियम ऑफ फोर्स आपको दे रखा है। आपको दे रखा है नेट बल कितना लग रहा है? 80 न्यूटन। किसी माध्यम में द्वारा बल कितना लग रहा है? 8 न्यूटन। 8 द्वा 80 10 r की वैल्यू 10 आ गया। 10 क्या मेरे लाला? 10 और ये मात्रक विहीन होता है। तो आंसर 10 आ गया। अरे बोलो हां या ना बोलो हां या ना क्या यहां तक चीजें क्लियर हैं क्या यहां तक चीजें क्लियर हैं बोलो हां या ना क्या ऐसे सवाल आपसे आ जाएंगे तो बन जाएगा क्या ऐसे सवाल आ जाएंगे तो आपसे बन जाएगा ऐसे सवाल आते हैं सवाल देखो आप तो सवाल देखो सवाल कितना बड़ा था क्वेश्चन देखो और

31:47 स्यूशन देखो यह एक लाइन में आया और यह भी एक लाइन में आया यह तो फार्मूला है एक लाइन में 10 आया बोलो है कि नहीं सर आप थोड़ा मेरा हेल्प कर दीजिए प्लीज निधि कुमारी बताएं आपका कौन सा हेल्प चाहिए tlegram पे आप मुझसे बात कर सकते हैं निधि कुमारी जी बताएं tlegram पे आप मुझसे कनेक्ट कर सकते हैं किसी भी प्रकार की कोई दिक्कत होती है बिल्कुल हेल्प करेंगे काहे नहीं करेंगे ध्यान से समझना निर्वात तथा माध्यम में उपस्थित बिंदु आवेशों पर लगने वाला विद्युत स्थैतिक बलों का अनुपात क्या कहलाता है परावैद्युतांक कहलाता है भैया यही तो बताया मैंने। यही तो बताया ये कहां लिखा मैंने? 1 मिनट। आगे लिखा है। ये परावैद्युतांक क्या कहलाता है? R /

32:35 निर्वात में बटे मीडियम में। मीडियम में। क्या क्लियर है? चलो अगली बात क्या लिखवाई? अगली बात। निर्वात अथवा हवा के लिए परावैद्युतांक एक तथा धातुओं के लिए परावैद्युतांक का मान अनंत होता है। हवा और निर्वात के लिए एक होता है तथा किसी किसी दूसरे मीडियम की बात करें तो वहां पे अनंत होता है। यह वैल्यू आ गई आपकी प्यारे साथियों डोमेन में संस्कृत देना है तो उसका तैयारी कहां से करें? ओके टेलीग्राम पे मैसेज करो। बात करते हैं। अगला इस स्थिर वैद्युत बल तथा गुरुत्वी स्थिर वैद्युत बल गुरुत्वीय बल की तुलना में बहुत अधिक प्रबल होता है। भैया ये इंपॉर्टेंट बात है। यह सवाल पूछा जा सकता है। ध्यान में रखना। ध्यान में रखना मेरे भाई। स्थिर वैदुत जो बल होता है वो

33:21 गुरुत्वीय बल की तुलना में अधिक प्रबल होता है। अधिक प्रबल होता है। बात समझ आई प्यारे साथियों? क्या क्लियर है? क्या क्लियर है प्यारे साथियों? tlegam चैनल नेम tlegam का भैया यह स्क्रीनशॉट है स्क्रीनशॉट ऑफ रख लो स्क्रीनशॉट ले लो या टी tmme एमhडी डॉट अंडर अंडरs डॉट समर सर अंडर अंडर 247 यह है क्या क्लियर है प्यारे साथियों

34:06 सर सीयूटी है। सीयूटी है। संदीप परेशान ना होइए। 12th के लिए यूपी बोर्ड साइंस वाले चैनल पर क्लाें चलती हैं। तो भैया इसका स्क्रीनशॉट आप सभी ले लीजिए। यहां पे आप हमें अपनी कोई भी प्रॉब्लम का मैसेज कर सकते हैं। वहां पे हम तुरंत रिप्लाई देंगे आप सभी को। कोई दिक्कत कोई परेशानी की बात नहीं है। तो प्यारे साथियों यह था आपका। अब बात करते हैं आगे। अगली जो होंगडिंग हेडिंग है कूलम के नियम का सदिश रूप। कूलम के नियम का सदिश रूप। सर कूलम का नियम का सदिश रूप क्या है? बल किस दिशा में लग रहा है? इसको देखने के लिए भैया बल में दिशा होती है। किस डायरेक्शन में होगा? अब दो बिंदुओं के बीच में सर जो बल लग रहा होगा उसकी डायरेक्शन का इंफॉर्मेशन हमें निकालना है। उसके लिए हम सदिश रूप में पढ़ते हैं। क्योंकि सदिश

34:52 क्या होता है सर? परिमाण के साथ-साथ यानी मैग्नीट्यूड के साथ-साथ आपका क्या होता है? डायरेक्शन का इंफॉर्मेशन देता है। क्या यहां तक चीजें क्लियर हैं? पढ़ते क्यों हो? अब ध्यान से समझना। ये आपका बिंदु आवेश है। इस पर q1 चार्ज है। इस पर q2 चार्ज है। बीच का सेपरेशन r है। r r कैप वेक्टर के फॉर्म में है। अब आपको f वेक्टर निकालना है। f वेक्टर क्या हो जाएगा? k q1 q2 / r² क्योंकि इसका मैग्नीट्यूड r है * r कैप हो जाएगा। सर ये r कैप कैसे निकालोगे? सर ये r कैप याद करो

35:38 वेक्टर में पढ़ा होगा a कैप बराबर एक a वेक्टर / a वेक्टर का मैग्नीट्यूड होता है। और मैग्नीट्यूड ऑफ़ a वेक्टर जो होता है a के बराबर होता है। इसी प्रकार r r कैप का मतलब क्या हो जाएगा? r वेक्टर / मैग्नीट्यूड ऑफ़ r वेक्टर यानी इसको हम लिखेंगे r वेक्टर / मैग्नीट्यूड को आप डायरेक्ट r लिख सकते हो है ना है कि नहीं ध्यान से समझना ध्यान से समझना मेरे भाई अब यहां पे यहां पे कि q1 q2 / r² * r वेक्टर / मैग्नीट्यूड ऑफ़ r वेक्टर लिख देंगे इंटू k q1 Q1 Q2 बटे R

36:25 वेक्टर का मैग्नीट्यूड जो होगा R के बराबर होगा R का मल्टीप्लिकेशन करेंगे R हो जाएगा * R वेक्टर हो जाएगा। ये है आपका कूलम का नियम इन वेक्टर फॉर्म में। कूलम का नियम इन वेक्टर फॉर्म में। कूलम का नियम ये वेक्टर फॉर्म में है। तो साथियों ये था कूलम का नियम वेक्टर फॉर्म में। अब इस पे सवाल कुछ है जिसको अपन नेक्स्ट क्लास में प्रैक्टिस कर रहे होंगे। इसके आगे हम बात करेंगे अध्यारोपण के सिद्धांत का और उस पर क्वेश्चन करेंगे। फिर आगे वैदुत क्षेत्र पर बढ़ेंगे। तो कैसी लगी आप सभी को क्लास कमेंट सेक्शन में नीचे जरूर बताना है और मुझसे कॉन्ट्रैक्ट बातचीत करने के लिए किसी भी प्रकार की आपकी समस्या है तो इस tlegram पे हमसे कनेक्ट

37:11 कर सकते हैं। तो साथियों आज के लिए इतना ही मिलेंगे अपन नेक्स्ट लेक्चर में। मिलेंगे अपन नेक्स्ट लेक्चर में। आज की क्लास कैसी लगी कमेंट सेक्शन में जरूर बताइएगा। मिलेंगे अपन नेक्स्ट लेक्चर में। तब तक के लिए ओके बाय। जय हिंद दोस्तों।

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