दिल की ब्लॉकेज 7 दिन में गारंटी के साथ समाप्त होगी//HEART AND ARTERIES BLOCKAGE NATURAL TREATMENT

संक्षिप्त सारांश

यह वीडियो अचानक होने वाली मौतों के बढ़ते मामलों और उनके संभावित कारणों पर केंद्रित है। डॉक्टर कुमार बताते हैं कि कैसे कोविड और वैक्सीन से जुड़े दावों को पूरी तरह से खारिज नहीं किया जा सकता, लेकिन मुख्य कारण खून का गाढ़ा होना, कोलेस्ट्रॉल का बढ़ना और जीवनशैली से जुड़ी आदतें हैं। वह डिस्प्रिन के उपयोग और इकोस्प्रिन के फायदे और नुकसान पर भी चर्चा करते हैं। इसके अतिरिक्त, वह कोलेस्ट्रॉल को प्राकृतिक रूप से कम करने के तरीकों, जैसे कि सही आहार, व्यायाम और जीवनशैली में बदलाव के बारे में बताते हैं।

मुख्य बातें:

  • अचानक होने वाली मौतों का मुख्य कारण खून का गाढ़ा होना और कोलेस्ट्रॉल का बढ़ना है।
  • स्वस्थ जीवनशैली, सही आहार और नियमित व्यायाम से कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित किया जा सकता है।
  • इकोस्प्रिन दिल के दौरे को रोकने में मदद कर सकती है, लेकिन इसके कुछ साइड इफेक्ट भी हैं।
  • प्राकृतिक उपायों, जैसे कि प्रोबायोटिक्स, तरल आहार, ओमेगा-3 फैटी एसिड और कुछ जड़ी-बूटियों का सेवन फायदेमंद हो सकता है।

अचानक होने वाली मौतों के कारण

आजकल जिम में एक्सरसाइज करते हुए या दौड़ते समय अचानक दिल का दौरा पड़ने और मृत्यु होने की घटनाएं बढ़ रही हैं। हालांकि कुछ लोग इसे कोविड या वैक्सीन से जोड़ते हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस रिसर्च नहीं है जो इसे साबित करे। फिर भी, अगर प्रीमेच्योर डेथ के मामले बढ़े हैं, तो इसके कारणों पर विचार करना जरूरी है। ज्यादातर मामलों में, खून का गाढ़ा होना, यानी कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स का बढ़ना एक सामान्य कारक पाया गया है।

कोलेस्ट्रॉल बढ़ने के कारण और बचाव

दुनिया भर में दिल के दौरे का सबसे बड़ा कारण कोलेस्ट्रॉल का बढ़ना है। इसके पीछे धूम्रपान, निष्क्रिय जीवनशैली, शराब, व्यायाम की कमी, ज्यादा कैलोरी और जंक फूड का सेवन, फैटी लिवर और मोटापा जैसे कारण हो सकते हैं। यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि आपका कोलेस्ट्रॉल, ब्लड प्रेशर और वजन सामान्य रहे, लिवर स्वस्थ रहे, तनाव कम हो, नींद अच्छी हो और आप नियमित रूप से व्यायाम करें। एक सकारात्मक जीवनशैली अपनाकर आर्टरीज के ब्लॉकेज और दिल की बीमारियों से बचा जा सकता है।

डिस्प्रिन और इकोस्प्रिन

पहले डिस्प्रिन का उपयोग माइग्रेन, दांत दर्द, पीरियड पेन और गठिया में किया जाता था, लेकिन रिसर्च से पता चला कि इससे जीआई ब्लीडिंग और अल्सर का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए, अब इसका उपयोग इन स्थितियों में नहीं किया जाता है। इसके साइड इफेक्ट में जीआई ब्लीडिंग और कुछ लोगों में एलर्जिक रिएक्शन शामिल हैं। अब इकोस्प्रिन का उपयोग दिल के दौरे को रोकने, एंजाइना और कोलेस्ट्रॉल को कम करने के लिए किया जाता है, क्योंकि इसमें एस्पिरिन होता है और इसे एटोरवास्टेटिन या रोसुवास्टेटिन के साथ दिया जाता है। इकोस्प्रिन की खुराक (150mg, 75mg या 325mg) आपके वजन और स्थिति पर निर्भर करती है।

प्राकृतिक तरीके से कोलेस्ट्रॉल कम करना

आप प्राकृतिक तरीके से भी अपने कोलेस्ट्रॉल को कम कर सकते हैं। इसके लिए आपको अपने भोजन में प्री-प्रोबायोटिक्स शामिल करने चाहिए और 60-65% तरल आहार लेना चाहिए। फाइबर, दाल, रोटी और चावल का सही अनुपात में सेवन करें और रोजाना एक मौसमी फल खाएं। धूम्रपान, तंबाकू और शराब को पूरी तरह से बंद कर दें, क्योंकि शराब से फैटी लिवर होता है, जिससे कोलेस्ट्रॉल, यूरिक एसिड और मोटापा बढ़ता है।

आहार में शामिल करने योग्य चीजें

अपने आहार में ओमेगा-3 फैटी एसिड (मछली या कॉड लिवर ऑयल कैप्सूल), विटामिन डी, विटामिन बी12 और विटामिन ई शामिल करें। प्राकृतिक वसा लें जिसमें विटामिन ए, डी, ई और के हों। अमरूद और सेब खाएं जिससे विटामिन बी12 मिलेगा। सोडियम और सफेद चीनी का सेवन कम करें और इनकी जगह खजूर, शहद, नारियल चीनी या गुड़ का उपयोग करें। नमक की जगह काला नमक या सेंधा नमक का प्रयोग करें।

जीवनशैली में बदलाव और सावधानियां

अपने ब्लड प्रेशर, तनाव और डायबिटीज को नियंत्रित रखें। कोलेस्ट्रॉल, मोटापा और फैटी लिवर को प्रबंधित करें। नींद की गुणवत्ता को बढ़ाएं और अपने भोजन में एप्पल साइडर विनेगर, सेब, अदरक और लहसुन शामिल करें। अर्जुन की छाल, दालचीनी और तुलसी का सेवन करें। ग्रीन टी जैसे हर्ब्स लेने से आर्टरीज का ब्लॉकेज और सूजन कम हो सकती है, जिससे दिल के दौरे और अन्य जटिलताओं का खतरा 90% तक कम हो सकता है। यदि आपको बीपी, शुगर, कोलेस्ट्रॉल, सीने में दर्द, एंजाइना, सांस फूलना या दिल और दिमाग की बीमारियों का पारिवारिक इतिहास है, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।

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Transcript

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0:06 [संगीत] आज आप देखते हैं कि कोई इंसान जिम में एक्सरसाइज करते हुए सडन क्लैप्स हो गया। उसको दिल का दौरा पड़ गया या दिमाग का दौरा पड़ गया और उसकी डेथ हो गई। कोई इंसान दौड़ रहा था। कोई इंसान कुछ काम कर रहा था। प्रीमेच्योर डेथ की जो घटनाएं हैं वह दुनिया भर में बहुत ज्यादा बढ़ रही हैं। और उसके साथ एक बात है जो जनरली लोग डिस्कस करते हैं कि यह सब कोविड के बाद हुआ है। यह सब वैक्सीन लगने के बाद हुआ है। देखो मैं आपको एक सीधी सी बात बताना चाहता हूं। अभी तक दुनिया में कोई भी ऐसी रिसर्च नहीं आई है कि जो यह प्रूव कर दे

0:51 कि भाई कोविड के वैक्सीन के बाद कुछ इस तरह की घटनाएं हो सकती हैं या उसका कुछ साइड इफेक्ट हो सकता है। लेकिन मैं लोगों का जो डाउट है और जो लोग शिकायत करते हैं उसको भी मैं 100% रूल आउट नहीं करता। क्योंकि यदि कुछ परसेंटेज बढ़ा है, प्रीमेच्योर डेथ बढ़े हैं, तो हमें यह सोचने की जरूरत है कि उसके पीछे आखिर ऐसा कारण क्या है? देखो यदि किसी इंसान की प्रीमेच्योर डेथ हो रही है तो उन सब में जितने भी हमारे पास कंक्लूड डाटा है उसमें एक बात कॉमन है जो सामने निकल के आती है कि लोगों का जो सबसे बड़ा फैक्टर है वो है ब्लड का गाढ़ा होना यानी कोलेस्ट्रॉल का बढ़ना ट्राइग्लिसराइड्स का और कोलेस्ट्रॉल का बढ़े रहना। दुनिया भर में जो प्रीमेच्योर डेथ है, जो

1:37 दिल का दौरा है, उसके पीछे जो सबसे बड़ा कारण है, वह है आपका कोलेस्ट्रॉल बढ़ना। कोलेस्ट्रॉल बढ़ने के पीछे स्मोकिंग रीजन हो सकता है। आपकी सेडेटरी लाइफस्ट से पोश्चर स्मोकिंग रीजन के साथ-साथ अल्कोहल रीजन हो सकता है। आप व्यायाम नहीं कर सक करते वो एक कारण हो सकता है। आप बहुत ज्यादा कैलोरी लेते हैं। बहुत ज्यादा जंक फूड खाते हैं। वह कारण हो सकता है। फैटी लिवर हो सकता है। ओबेसिटी हो सकती है। बट मेक श्योर यह करना होगा हमें कि आपका कोलेस्ट्रॉल नॉर्मल रहे। आपका ब्लड प्रेशर नॉर्मल रहे। आपका वेट नॉर्मल रहे। आपका लिवर फैटी ना हो और आप स्ट्रेस को मैनेज करें और आपकी स्लीप अच्छी हो और रेगुलर आप

2:23 एक्सरसाइज करें। पॉजिटिव लाइफस्टाइल ऑप्ट करें। तो यह सब हमें करना होगा। यदि हमें आर्टरीज के ब्लॉकेज से बचना है, हार्ट ब्लॉकेज से बचना है, सडन प्रीमेच्योर जो स्ट्रोक आते हैं, जो कोर्नरी आर्टरी डिसीज के कारण दिक्कतें होती है, यदि उनसे हमें बचना है तो अब मैं जनरली दूसरी बात पे आता हूं कि दुनिया भर में डिस्प्रिन के नाम से पहले एक दवाई इस्तेमाल होती थी जो कि माइग्रेन के दर्द में दी जाती थी। डेंटल पेन में दी जाती थी। पीरियड पेन में दी जाती थी। रेमेटॉइड अर्थराइटिस में दी जाती थी। लेकिन यह जो दवाई है टाइम से जो रिसर्च हमारे सामने आई कि इससे जीआई ब्लीडिंग का जो रिस्क था खतरा वो बढ़ जाता था। अल्सर का खतरा बढ़ जाता था और पेट संबंधित कुछ तकलीफें सामने आती थी। तो इस

3:11 डिस्प्रिन को अब माइग्रेन में या इन दूसरी कंडीशंस में अब रिकमेंड नहीं किया जाता। अब नहीं दिया जाता। इसका जो साइड इफेक्ट है वह जीआई ब्लीडिंग के साथ-साथ कुछ लोगों में एलर्जिक रिएक्शन भी देखा जाता था। इसके बाद अब जो एक दवाई इंट्रोड्यूस हुई जो इकोस्परिन है जो जिसके अंदर की एस्प्रिन होती है वो दुनिया भर में आपको दिल के दौरे को रोकने के लिए एंजाइना के लिए कोलेस्ट्रॉल को कम करने के लिए क्योंकि इसके साथ एटर्वस्टिन या रोसोबस्टिन दिया जाता है कॉम्बिनेशन में यह दवाई यूज़ होती है। यह एक हिस्सा है कि यदि आपने टेस्ट करा लिया है और क्लीनिकली आपको ट्राइग्लिसराइड्स है या कोलेस्ट्रॉल है या क्लॉटिंग ब्लीडिंग टाइम आपका बदल

3:56 रहा है और आपका बहुत ज्यादा हाई ब्लड प्रेशर है या आपको डायबिटीज है तो इकोस्परिन जो है वो एक ट्रीटमेंटल डोज़ दी जा सकती है 150 ग्राम या 75 मिलीग्राम या फिर 325 मिलीग्राम यह डिपेंड करेगा आपके वेट पे और आपकी जो कंडीशन है उस पे लेकिन इसके साथ-साथ आप अपने नेचुरली ही आप अपने जो कोलेस्ट्रॉल है या बैड क्वालिटी जो फैट है जो ब्लड का गाढ़ापन है, जो आपकी आर्टरीज में ब्लॉकेज है, जो आपकी आर्टरीज में स्वेलिंग है, उसको आप खुद से भी कम कर सकते हैं और उसको खुद से कम करने के लिए कुछ बेसिक बातें हैं जिनको आप समझ लें और बदल लें तो आप फिर इससे बच

4:44 सकते हैं। सबसे पहला है कि आपके फूड में प्री प्रोबायोटिक्स होने चाहिए। लिक्विड डाइट होनी चाहिए। यानी आपके खाने में 60 से 65% लिक्विड होना चाहिए। एक पोर्शन फाइबर का होना चाहिए और एक पोर्शन होना चाहिए दाल का और रोटी का और चावल का। यदि इस तरीके से आप अपनी डाइट को डिजाइन करेंगे और डेली सीजनल एक फ्रूट्स आपको खाना चाहिए। उसके बाद स्मोकिंग 100% स्टॉप करनी होगी। आपको तंबाकू चबाना 100% स्टॉप करना होगा। अल्कोहल 100% स्टॉप करनी होगी। अल्कोहल से आपका फैटी लिवर होता है और फैटी लिवर से आपको कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है। यूरिक एसिड बढ़ता है। मोटापा आता है। आप ओबीज होते हो। आपको टिगर बढ़ता है। तो

5:31 अल्कोहल आपको बंद करनी होगी। अब इसके बाद है आपके खाने के अंदर ओमेगा थ्री फैटी एसिड्स होना चाहिए। फिश से आप ले सकते हैं और कॉड लिवर ऑयल कैप्सूल के रूप में भी आप ले सकते हैं। विटामिन डी होना चाहिए, विटामिन बी12 होना चाहिए और विटामिन ई होना चाहिए। नेचुरल फैट आप लीजिए जिसमें कि विटामिन ए मिलेगा, डी मिलेगा, ई मिलेगा और के मिलेगा। अमरूद खाइए, सेब खाइए जिससे कि आपको विटामिन बी12 मिलेगा। सोडियम का लेवल ज्यादा नहीं होना चाहिए। वाइट साल्ट और वाइट मतलब आपको शुगर यह अवॉइड करना है। इसके जगह आप नेचुरल शुगर लीजिए लाइक खजूर, हनी, कोकोनट शुगर यह ले सकते हैं या सर्दियों में गुड़ खा सकते हैं। और साल्ट

6:19 को आप रिप्लेस करिए काला नमक और सैदा नमक से। आप अपने बीपी को कंट्रोल रखिए, स्ट्रेस को कंट्रोल करिए। डायबिटीज को कंट्रोल रखिए और आप जो आपका ब्लड शुगर है पीपी फास्टिंग उस दोनों को कंट्रोल करिए। कोलेस्ट्रॉल, ओबेसिटी और फैटी लिवर इनको आपको मैनेज करना होगा। स्लीप की क्वालिटी को एनहांस करना होगा। और आप अपने फूड के अंदर एप्पल, साइडर, विनेगर शामिल कर सकते हैं। एप्पल शामिल कर सकते हैं। और आप जिंजर शामिल कर सकते हैं। आप गार्लिक शामिल कर सकते हैं। और आप जितना भी आपका नेचुरल अर्जुन रिस्ट जिसे कहते हैं अर्जुन की छाल वो आप नॉर्मली ले सकते हैं। दालचीनी आप ले सकते हैं और तुलसी आप ले

7:04 सकते हैं। यानी ग्रीन टी के रूप में यदि इस तरह के हर्ब्स आप ले लें तो आपका नेचुरली जो आर्टरीज का ब्लॉकेज है वह कम हो जाएगा और आपका जो स्वेलिंग है वो कम हो जाएगा और दिल के दौरे का रिस्क प्रीमेच्योर डेथ दिल दिमाग के दौरे का रिस्क और यह कॉम्प्लिकेशंस लगभग 90% कम हो जाएंगी। लेकिन फिर भी आपको कोई इशू बना रहता है कि यदि आपको बीपी है, शुगर है, कोलेस्ट्रॉल है, चेस्ट पेन है, एंजाइना है, सांस फूलता है या कोई फैमिली हिस्ट्री है दिल, दिमाग की बीमारियों की, थायराइड की या बीपी की, शुगर की तो इमीडिएटली यू हैव टू कंसल्ट विद द फिजिशियन। और फिर आप अपने फिजिशियन को फॉलो करिए। एक मेडिकल मैनेजमेंट लीजिए। थैंक यू वेरी मच एंड टेक केयर योरसेल्फ।

7:50 [संगीत]

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