0:40 ठीक है। फाइव
1:39 चलो गुड मॉर्निंग। अच्छा आज जन्माष्टमी है। है ना? सारे कृष्ण भगवान लोग को हैप्पी कृष्ण जन्माष्टमी। तुम लोग किशन कन्हैया नहीं हो क्या? कैसे लड़के लोग? अरे अभी तो किशन कन्हैया बनने का समय है। अभी से सुदामा बन गए हो क्या? चलो यहां पर एक मैदान देखते हैं। उसको बोलते हैं असम का मैदान। क्या बोलते हैं उसको? असम का मैदान।
2:28 असम का मैदान। तो इसमें क्या समझेंगे? देखो सबसे पहले तो अपन पहले ही समझ चुके हैं कि मैदान बनाती है नदियां। तो इस असम के मैदान को बनाने वाली नदी का नाम है ब्रह्मपुत्र। कौन सी नदी है? ब्रह्मपुत्र। ठीक है? तो यह जो ब्रह्मपुत्र नदी आई है, ब्रह्मपुत्र तो यह ब्रह्मपुत्र नदी असम के मैदान का निर्माण करती है। पहला चीज है। दूसरा दूसरा यह है कि अगर मेरा सवाल सिंपल यह रहे कि ये पॉइंट नंबर वन, पॉइंट नंबर टू और पॉइंट नंबर थ्री। तीनों में नीचे कौन सा होगा? माने हाइट किसकी कम होगी? या ज़्यादा हाइट कौन सा होगा? 1 2 थ्री और नम लो हाइट किसका होगा? थ्री। तभी तो
3:15 ऐसे पानी आएगा ना। है ना? तो यह जो ब्रह्मपुत्र है, यह जो नदी है, अब यह मान लीजिए कि तीसरा जो पॉइंट है, यह थोड़ा नीचे है। तो ऐसे में असम के मैदान में जो यहां पे आपको निम्न भूमि मिलता है, तो असम के मैदान में जो निम्न भूमि मिलेगा, जो लोलैंड मिलता है। इस निम्न भूमि को हम लोग बोलते हैं बिल। क्या बोलते हैं? निम्न भूमि को हम लोग क्या बोलेंगे? बिल। अब बिल बना है तो इसी बिल में बनता है झील। क्या बनता है? झील। ठीक है? और उसी झील में झील के दो नाम
4:03 हैं। झील के दो नाम हैं। तो वो दो नाम कौन-कौन से हैं? एक का नाम पड़ता है सोनबील। सोनबील। क्या बोलेंगे? सोनबील और दूसरे का नाम पड़ता है दीपोरबील दीपोरबील दीपोरबील एक का नाम सोनबल और एक का नाम है दीपोरबल दीपोरबिल स्पष्ट दिख रहा है एक का नाम सोनबल है और एक का नाम क्या है दीपोरबल दबावात के दा ठीक है तो सोनबल और एक का नाम है दीपोरबील तो सोनबल और दीपोरबल ठीक है ये दोनों दोनों के दोनों क्या पढ़ेंगे? झील। दोनों के दोनों क्या है? झील। वो झील किस में बना है? किस में बना है? भील। भील क्या है
4:50 बताएंगे? निम्न भूमि। कहां मिलता है? असम के मैदान। ठीक है? तो असम के मैदान में जो निम्न भूमि है, असम के मैदान में जो निम्न भूमि है, असम के मैदान में जो निम्न भूमि है, उस निम्न भूमि को हम लोग क्या बोलते हैं? भील। ठीक है? और उसी भील में क्या बनता है? झील। उस झील में दो नाम बताना है। एक का नाम सोनबल और एक दीपोरबल। ठीक है? झील के दो नाम। बस इतना ही जानना है। और सोचने वाली बात है असम के मैदान कहने का मतलब क्या है? क्योंकि जब आप देखते हो नॉर्थ ईस्ट में ये पूरा नॉर्थ ईस्ट है। नॉर्थ ईस्ट अब तक समझ गए होंगे नॉर्थ ईस्ट क्या होता है? लेट्स सपोज अगर ये नॉर्थ ईस्ट का हिस्सा है तो यह असम हमारे पास है और इस असम के अलावा
5:36 यहां पर अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा और क्या है? मेघालय। तो भाई नदी ऐसे आके मैदान हम इसको ही क्यों बोले? क्यों नहीं बोले अरुणाचल का मैदान? क्यों नहीं बोले नागालैंड का मैदान? रीज़न क्योंकि वहां मैदान बनता ही नहीं है। और जहां मैदान नहीं बनेगा, क्यों नहीं बनता है? क्योंकि ये सारा का सारा जो एरिया है ये सारा का सारा ये हिल एरिया है। पहाड़ वाला हिस्सा है। तो ऐसे में नदी यहां पर आके इसकी स्पीड कम हो जाती है और मैदान में स्पीड नदी कम रहती है। तब नदी जब स्पीड कम रहेगी तो उसका फ्लो भी आसपास ज्यादा रहेगा। मतलब फैलेगा ज्यादा और ये फैलता ज्यादा है। इसलिए यहां पे आपको पर्याप्त बड़ा मैदान मिलता है असम में। और इसलिए असम इस पूरे के पूरे एरिया का सबसे ज्यादा पॉपुलेशन वाला भी राज्य है। मतलब कि इस सातों स्टेट में सेवन सिस्टर में सबसे ज्यादा पॉपुलेशन अगर कहीं पर रहती है तो कहां रहती है? असम। क्योंकि मैदान वाला हिस्सा है। ठीक है ना? ये वाला हिस्सा है।
6:22 अब चलते हैं हम लोग आगे। तो असम के मैदान में हमको उतना ही याद करना है। तो असम के मैदान में निम्न भूमि को हम लोग बोलते हैं क्या बोलते हैं इसको? व्हील। ठीक है? इस व्हील में क्या बनेगा? झील। उस झील के दो नाम बताने का नाम सोनव्हील और एक दीपोर व्हील। तो इतना सेंस होना चाहिए अब कि दोनों के दोनों झील कौन से स्टेट में पड़े? क्या बताएंगे? असम। तो जब झील पढ़ोगे अलग से तो आपको वहां पे दो झील मिलेंगे। एक का नाम सोनवल और एक का नाम है दीपोरबिल। दीपोरबिल। सोनबल और क्या बोलेंगे? दीपोरबिल। ठीक है? अब आते हैं हम लोग उस दिन हम लोग क्या किए थे? उत्तर भारत के मैदान में गंगा यमुना के मैदान को तीन भाग में डिवाइड किए थे। अपर गंगा, मिडिल गंगा और लोअर गंगा। ऊपरी गंगा, मध्य गंगा और निम्न गंगा। फिर हमने अपर गंगा को दो भाग में डिवाइड किया था। पहले का नाम रोहेलखंड, दूसरा अवध। मध्य गंगा को तीन
7:10 भाग में डिवाइड किए थे। पहला मगध, फिर मिथिला और सारण। और वहां पर निम्न गंगा को हमने क्या नाम दिया था? पश्चिम बंगाल की निम्न भूमि। ठीक है? फिर निम्न भूमि आ गया। तो जो यहां पे आपको मिल रहा है पश्चिम बंगाल की निम्न भूमि। तो यहां पे जो आपको मिल रहा है पश्चिम बंगाल की निम्न भूमि तो पश्चिम बंगाल की निम्न भूमि की अगर बात करें तो इस निम्न भूमि को ठीक है ना? इस निम्न भूमि को हम लोग दो जगह पर एक जगह कहलाता है बिहार और एक जगह कहलाता है क्या कहलाएगा वेस्ट बंगाल ठीक है तो पश्चिम
7:55 बंगाल की निम्न भूमि को या पश्चिम बंगाल नहीं ऐसा नहीं लिखते इसको अपन लिखेंगे निम्न गंगा या निचली गंगा निचली गंगा की निम्न भूमि भूमि को बिहार में और वेस्ट बंगाल में क्या कहते हैं? तो वेस्ट बंगाल में तो अच्छा है। नाम तो सेम ही पड़ेगा। क्या बोलते हैं इसको? भील। सेम नाम है। ठीक है? यहां जो बोले हैं क्या बोले हैं? भील। यहां भी क्या पड़ेगा? भील। लेकिन बिहार में इसको बोलते हैं दो चीज। एक कहलाता है जल्ला। क्या बोलते हैं? जल। इंग्लिश में सेम नाम रहेगा जल्ला। और दूसरा कहलाएगा टाल। क्या रहेगा? टाल। जल्ला और टाल। जल और टाल। जल और टाल। और यहां पे बेल। जल और टाल। ठीक है? ये नाम
8:41 कहां पड़ता है? कहां पड़ेगा? बिहार। भील कहां पड़ेगा? वेस्ट बंगाल। भील कहां पड़ेगा? असम। बट दोनों में थोड़ा डिफरेंस है। वहां झील से आप जोड़ दोगे। बस हो गया। निम्न भूमि में नाम बदल जाता है। पश्चिम बंगाल जैसे ही आते हो। पश्चिम बंगाल में क्या बोलेंगे? भील। और बिहार में क्या बोलेंगे? जल और टाल। उल्टा कर लो क्वेश्चन को। जल और टाल क्या है? क्या बताओगे? निम्न भूमि। कहां बोलते हैं? बिहार। क्या है? क्या बताओगे? निम्न भूमि। कहां पर? वेस्ट बंगाल और असम। बस हो गया। ठीक है? ये जानना था अपने को। अब देखो अब हमारे पास एक मैदान बनता है तो आपको ऐसे लिखना है समझ में आ जाएगा क्लियर है हमने निम्न गंगा के मैदान में या निचली गंगा की निम्न भूमि को में या निचली गंगा की निम्न भूमि को को बिहार में और वेस्ट
9:27 बंगाल में ये ये बोलते हैं बस ऐसे लिखना है आपको ठीक है अब हम चलते हैं अगला मैदान है इंपॉर्टेंट है उसको बोलते हैं राजस्थान का मैदान क्या बोलते हैं उसको राजस्थान का मैदान ठीक है चलो तो राजस्थान का मैदान अपन देखते हैं राजस्थान का मैदान। तो राजस्थान के मैदान को हम लोग क्या करेंगे? सबसे पहले इस मैदान को दो भाग में डिवाइड करेंगे। कितने भागों में? दो भाग। ठीक है? देखो, दो भाग में डिवाइड कर देते हैं इसको। तो इस राजस्थान के मैदान को जब हम दो भाग में डिवाइड करते हैं तो पहले तो यह एक पुराना एक माउंटेन आपको याद होगा उसका नाम है अरावली। क्या नाम है? अरावली। अरावली
10:14 इसको कर दी। दो भाग में डिवाइड। दो भाग में डिवाइड कर दी। ठीक है? तो राइट वाला हिस्सा इसको बोलते हैं क्या बोलते हैं? मेवाड़। यह हिस्सा कहलाता है मेवाड़। क्या बोलेंगे? मेवाड़। ठीक है? मेवाड़। और यह हिस्सा कहलाता है मारवाड़। क्या कहलाएगा? मारवाड़। ठीक है? तो ये ऐसा पार्टीशन करने वाली जो माउंटेन है उस माउंटेन का नाम है क्या नाम है? अरावली। माने राजस्थान के मैदान को दो पार्ट में डिवाइड करने वाले पर्वत का नाम माउंटेन का नाम क्या नाम है? अरावली। राइट वाला हिस्सा कहलाएगा मेवाड़। लेफ्ट वाला कहलाएगा मारवाड़। ठीक है? ये क्लियर हो गया। अब अब इसमें हमको देखना है जब आगे चलके आप जब मानसून पढ़ोगे आप जब क्लाइमेट पढ़ोगे तो आपको मालूम पड़ेगा कि यार जब हम जब देखा जाता है कि राजस्थान हालांकि उतना अच्छा एरिया है नहीं। अह इन टर्म्स ऑफ़ इन
11:00 बेसिस ऑफ़ एग्रीकल्चर। कल्टीिवेशन वहां पे उतना अच्छा होता नहीं। कृषि इतनी अच्छी होती नहीं है। कृषि अच्छा नहीं होता। इसका सीधा सा मतलब है कि वहां पर आपको अच्छी भूमि नहीं मिलती होगी। मैदान है। मैं तो कह चुका हूं मैदान तो आपको अलग-अलग प्रकार का मिलेगा। लेकिन सारे मैदान एक टाइप का काम करते नहीं है। जिसकी मिट्टी अच्छी वहां उत्पादन अच्छा और जिसकी मिट्टी खराब वहां उत्पादन होगा ही नहीं। तो ऐसे में इन दोनों हिस्से में मेवाड़ और किस में? मारवाड़ ज्यादा अच्छा भूमि आपको यहां पर मिलता है। कहां मिलता है? मेवाड़। मतलब दोनों में अगर देखा जाए दोनों में अच्छा उत्पादन नहीं होता है बट ज्यादा उत्पादन का ज्यादा प्रोडक्शन का जो स्कोप है वह कहां मिलेगा अपने को मेवाड़ क्योंकि इधर में हमको एक छोटा सा छोटा सा नहीं मतलब बहुत सारा हमको यहां पर मिलता है एक मिट्टी सोइल तो इस हिस्से में जो सोइल है उस सोइल को हम लोग क्या नाम देते हैं? तो
11:45 मेवाड़ के हिस्से में जो उपजाऊ भूमि है जो फर्टाइल सोइल है इस पूरे के पूरे हिस्से में जो उपजाऊ भूमि है फर्टाइल लैंड एरिया है उस उपजाऊ भूमि को हम लोग एक नाम देते हैं वो नाम कहलाता है रोही क्या बोलते हैं इसको रोही रोही तो मेवाड़ में मेवाड़ में मेवाड़ में में पाई जाने वाली उपजाऊ भूमि को उपजाऊ भूमि को ठीक है मतलब इसको बोलते हैं फर्टाइल एरिया तो फर्टाइल एरिया को हम लोग कहते हैं उपजाऊ भूमि को नाम दिया जाता है रोही। क्या नाम देते हैं? रोही। रोही कहते हैं। तो रोही क्या है? क्या है बताएंगे? उपजाऊ
12:31 भूमि। रोही क्या है? उपजाऊ भूमि। कहां मिलता है अपने को? बस हो गया। इधर हमको उतना ही याद करना। बस हो गया। पहला चीज ये ध्यान रखना है कि राजस्थान के मैदान को दो पार्ट में डिवाइड करता है। कौन करता है? अरावली। राइट वाला हिस्सा कहलाएगा मेवाड़। लेफ्ट वाला कहलाएगा मारवाड़। ठीक है? अब जब मैं कह चुका हूं कि उपजाऊ भूमि इधर पड़ रहा है। कहां पड़ रहा है अपने को? मेवाड़। मतलब इधर उपजाऊ भूमि आपको नहीं मिलेगा। क्योंकि इधर पूरा भरा पड़ा है थार का मरुस्थल थार डेजर्ट। और आपको यह मालूम है कि रेगिस्तान में उतना खास खेती नहीं होता है। ठीक है? तो ऐसे में इस पूरे हिस्से को इधर लेफ्ट वाले हिस्से को हम लोग थोड़ा सा हैच कर देते हैं। और ऐसा हैच करने के बाद यह हमारा गुलाबी शहर वाला क्षेत्र वो जयपुर के आसपास सुने होंगे शायद। ठीक है? तो ध्यान रखना है कि इधर पूरे हिस्से को
13:16 में हम लोग यह बोल रहे हैं। यहां मिलता है क्या मिलता है? थार का मरुस्थल। तो थार डेजर्ट थार मरुस्थल। यह मेवाड़ में पड़ता है कि मारवाड़ में? मारवाड़। अब यह सब थोड़ा आपको समझना पड़ेगा कि मेवाड़ वाले हिस्से में थार का मरुस्थल नहीं पड़ रहा है। कहां पड़ रहा है वह? मारवाड़। और जो उपजाऊ भूमि कहां पड़ रही है? मेवाड़। तो एक पॉइंट मैं लिख देता हूं यहां पे। ठीक है? समझने के लिए आपको जस्ट जस्ट नोट करना है इसको। राजस्थान के मैदान को दो भाग में कौन डिवाइड करती है? अरावली। करती पहला पॉइंट दूसरा
14:04 इसका ईस्टर्न पार्ट पूर्वी भाग पूर्वी भाग मतलब इसको बोलते हैं मेवाड़ मेवाड़ वेस्टर्न पार्ट मतलब पश्चिमी भाग मारवाड़ से अधिक उपजाऊ
14:51 मतलब मोर फर्टाइल है। ठीक है? समझ जाएंगे। तीसरा बाकी वहां से उठाना है उसको कि मेवाड़ में उपजाऊ भूमि को हम लोग क्या बोलते हैं? रोही। ठीक है? जबकि मारवाड़ क्षेत्र में पूरा भरा पड़ा है। क्या पड़ेगा? थार का मरुस्थल। इतना समझ में आ गया सबको ना? ठीक। अब इसमें इस थार के मरुस्थल में हमको तीन अलग-अलग स्ट्रक्चर मिलेगा। वह मेन है। देखो ये ऐसा हो गया एक सरफेस
15:38 और इस सरफेस में और इसको डार्क कर देते हैं। ठीक है? दिख रहा है सरफेस? सरफेस दिख रहा है सबको। ठीक है? यह जमीन है और इसी सरफेस एरिया के ऊपर इसी सरफेस एरिया के ऊपर ठीक है। इसी सरफेस एरिया के ऊपर वाले हिस्से में ऐसे रेगिस्तान बनता है। रेगिस्तान में ऐसे रेत करना टीला बनता है। मतलब कि रेत रहता है। रेत तो रेगिस्तान में रहेगा ही। बट उसमें कुछ ऐसा ऐसा
16:24 स्ट्रक्चर बनता है। मतलब रेत के ऐसे ऊपर पर टीले मिलेंगे और कुछ ऐसे बीच में आपको गड्ढा मिलना चालू हो जाएगा। ठीक है? दो चीज है। तो जो आपको रेत का टीला मिल रहा है ये ऊपर वाला हिस्सा ये टीला ऐसा बनता कैसे है? क्योंकि भाई भूलना नहीं है कि आप थार के मरुस्थल में हैं। और थार के मरुस्थल वाले हिस्से में ठीक है ना? गर्मी के मौसम में
17:11 बहुत ज्यादा तेज हवाएं चलती है। और तेज हवा क्यों चलती है? क्योंकि गर्मी के मौसम में यह पूरा जमीन गर्म हो जाता है। और जैसे जमीन गर्म होता है जमीन गर्म होने से वहां पे पूरा जमीन गर्म हो गया। तो फिर ऐसे में उसके जमीन से लगा हुआ जो क्या कहते हैं? आपका जो हवा है वो हवा भी हवा भी क्या हो जाएगा? गर्म हो जाएगा। और जब हवा ज्यादा गर्म हो जाती है, हवा हो जाती है हल्की हो जाती है। क्या हो जाती है? हल्की। ठीक है? गर्मी में समझ गर्मी में ही लू चलता है। इतना तो मालूम होगा। और लू है क्या? बहुत गर्म तेज हवाएं। सूखी हवाएं भी होती हैं। गर्म भी होती है और बहुत तेज चलती है। तो जो हीट स्ट्रोक है वो आपको ठंडी में नहीं बहता नजर आता है। यह बहता नजर आता है। कब आता है? गर्मी में। तो सोचो जब जमीन में इतना चल रहा है। तो
17:57 देखना उस लू के मौसम में हमारे जमीन के आसपास जो धूल होता है उड़ना चालू हो जाता है। क्योंकि जब तूफान चलता है, हवाएं तब तेज चलती है। पवन जब तेज चलता है तो क्या होता है? सरफेस की धूल उठती है। बस सिंपल वही बता रहा हूं। तो यहां भी क्या होता है? गर्मी के मौसम में हवाएं बहुत तेज चलती हैं। ठीक है? तो जब हवा बहुत तेज चलती है तो क्या होता है कि जैसे मान लो ये ऐसा टीला बन गया है। ये हवाएं उस टीले के उस रेत से बने हुए जो टॉम है जो टिमबर है ये जो टीला बना है आपको ऐसे स्तूप दिख रहा है। इसके ऊपर के रेत को उठाएगा धकेलेगा और यहां कहीं शिफ्ट कर देगा। ये ये हवा आगे जाएगा। इसको उठाएगा कहीं आगे शिफ्ट कर देगा टीला बन जाएगा तो जहां से उठा रहा है उस धागा को यह गड्ढा कर दे रहा है और जहां जाकर फेंक दे रहा है वहां पे क्या बना दे
18:42 रहा है टीला बना दे रहा है यही प्रोसेस चलता रहेगा कहीं पे गड्ढा कहीं पे टीला तो टीला वहीं बनेगा जहां पे रात को रेत को ले रेत को ले जाकर फेंकेगा और गड्ढा वहीं बनेगा जहां से रेत को ले जा करके फेंकेगा जहां पे और जहां से तो जहां से उठाएगा रेत वहां पे क्या हो जाएगा गड्ढा और जहां पे ले जाएगा रेत वहां पे क्या बनेगा टीला तो जो टीला टीला बना है ये टीला। ठीक है? इस टीले को हम लोग क्या नाम देते हैं? इसको हम बोलते हैं बरखान। क्या बोलते हैं इसको? बरखान। ठीक है ना? बरखान। क्या बोलते हैं इसको? बरखान। ये दोनों के दोनों स्ट्रक्चर को हम लोग बोलते हैं बरखान बोलते हैं। क्या बोलते हैं? बरखान। टिपिकल ज्योग्राफिकल टर्म। बरखान। तो बरखान क्या है? बरखान बताओगे। रेत का
19:28 टीला। अभी मैं लिखूंगा उसको। ये समझ में आ गया। बरखान क्या है? रेत का टीला। ठीक है ना? पहले इसको अपन डिफाइन कर देते हैं। नहीं आगे पेज में डिफाइन करते हैं। चलो अब हम देखते हैं दूसरा चीज। उस दूसरे वाले हिस्से को हम लोग बोलते हैं ये देखो यहां नीचे गड्ढा हो गया। अब कभी-कभी नदी किनारे अभी जब अरपा सूखेगी तो आप जब देखना नदी के किनारे कभी मान लो मौका मिलता है या आपके घर के आसपास नदी कोई बहती होगी। ठीक है? तो जब भले ही नदी सूख जाए पर नदी के कुछ दिन सूखने के बाद आप जब उसके आसपास के रेत वाले हिस्से में जाके जब खनोगे तो नीचे से क्या निकलेगा? पानी। दूसरा जब रेत को टैंकर में भर के जब उसको हाईवा वगैरह में हाईवा नहीं वो जो गाड़ियां होती हैं ट्रक उसमें जब भर के ले जाते हैं तो देखना क्या मौसम चाहे ठंडी का हो चाहे मौसम चाहे गर्मी का हो उस डब्बे के किनारे से पानी
20:15 क्या होते रहता है टपकते रहता है ठीक है ऐसा नहीं कि वो हमेशा हमेशा मतलब सूखता है भाई वो रेत का प्रॉपर्टी ही ऐसा है कि अगर उसको हीट मिल गया कहीं से तो वो रेत के जो पार्टिकल्स हैं वो हीट को एब्जॉर्ब कर लेंगे और अंदर-अंदर हीट जनरेट करके वहां वहां से पानी बनना चालू हो जाता है। ये रेत की प्रॉपर्टी है। कभी भी किसी भी मौसम में आप जब रेत लाते हो ना तो समझ जाना कि उस ट्रॉली से नीचे से रेत उस ट्रॉली के अंदर रेत तो बनेगा। रेत पानी तो बनेगा ही। तो जब ये मैं कह रहा हूं कि रेत के अंदर पानी बन रहा है तो ये सीधी सी बात है यहां तो पानी बन ही रहा होगा क्योंकि सरफेस से जुड़ा हुआ है। तो ऐसे में पानी जितना खनाया है वहां से पानी निकलना क्या होगा? चालू होगा और ये पानी ऊपर जाकर जमा हो जाएगा। ठीक है? कुछ पानी ऊपर बारिश हल्की-फुल्की होती है तो हल्की-फुल्की बारिश से पानी गिरेगा और गिर करके यहां जमा हो जाता है। तो देखो यहां पर जहां पर
21:02 पानी जमा हो रहा है ये हिस्सा ठीक है ना? एकदम बारीक सा डिफरेंस है। ये जो पूरा हिस्सा आपको दिख रहा है जहां पर रेत आकर जमा हो जा रहा है। ठीक है ना? यह पूरा हिस्सा। लेकिन इसमें भी एक छोटा सा कोर वाला हिस्सा है। ये नीचे मतलब कि दो आपको यहां पर कलर दिख रहा होगा। एक कलर जो ब्लू कलर का है और एक जो मैं यह कलर बना रहा हूं ये वाला कलर आपको दिख रहा है। दो कलर आपको यहां पर ध्यान से देखना है। मतलब कि इस पूरे स्ट्रक्चर के बीच में यहां पर और एक ऊपर वाले हिस्से में दोनों जगह पर पानी जमा होगा और एक समय में यह पानी इवापोरेट हो जाएगा। क्योंकि भाई गर्मी में पानी क्या हो जाएगा? इवापोरेट। पानी बनेगा भी और पानी क्या होगा? इवापोरेट। इवापोरेट मतलब होता है
21:48 वाष्पीकृत। तो जब पानी सब ऊपर चला जाएगा तो नीचे बचेगा नमक। क्या बचेगा? नमक। तो ये दोनों स्ट्रक्चर में क्या समझ में आ रहा है? अगर मैं बोलूं ये छोटा वाला स्ट्रक्चर जो है ये एकदम एकदम छोटा है। एकदम बीच में है। एकदम छोटा है। जबकि ये स्ट्रक्चर इसके कंपैरिजन में क्या है? थोड़ा सा बड़ा है। दोनों में झील बनना है। बट दोनों झील है कायदे से। इसको बोलते हैं हम लोग बालसन। क्या बोलते हैं? बाल्सन। और यह कहलाता है प्लाया। एक का नाम बाल्सन और एक का नाम क्या होगा? प्लाया। ठीक है? प्लाया। एक का नाम बाल्सन है और एक का नाम क्या नाम पड़ता है? प्लाया। ठीक है ना? और
22:34 प्लाया को ही कभी-कभी प्लाया का एक और नाम पड़ता है। इसको बोलते हैं सलीना। क्या बोलते हैं इसको? सलीना। ठीक है? सलीना। सलाइन से बनता है सलीना। सलाइन जब बोल दिया हूं खारापन है। तो मतलब बाल्सन हो चाहे प्लाया हो। दोनों एक प्रकार से झील है। प्लाया और बाल्सन दोनों दोनों क्या पड़ते हैं? झील। बाल्सन और प्लाया दोनों क्या है? झील। ठीक है? फर्क इतना है कि बालसन का साइज थोड़ा बड़ा होता है और उसी के बीच में एकदम जहां पे एकदम कोर एरिया है उसको बोलते हैं क्या बोलते हैं प्लाया। नमक दोनों में बनना है बट देखो भाई ऐसा है कि जो भी नमक सूखता है ना बेसिकली हम यहीं से कलेक्ट करते हैं कहां से? प्लाया से। ठीक है? पहले पानी जमा होगा फिर बीच में आएगा। तो पानी जिस पूरे एरिया में जमा हो
23:20 रहा है। मतलब समझ जाओ ये पहाड़ है रेत के। और इन रेत के पहाड़ों को हमने क्या नाम दिया है? बरखान। उस रेत के पहाड़ को हमने क्या नाम दिया है? बरखान। ठीक है ना? तो भाई ऐसे में कभी नेट पर सर्च करना बरखान करके आपको बहुत मतलब कि मेरे से तीन-चार गुना हाइटेड आपको ऐसा टीला दिखता है। माने वो पहाड़ ही तो हुआ कहीं ना कहीं बट वो पहाड़ पत्थरों से नहीं बना है। किससे बना है? रेत से बना है। बस इतना ही अंतर रहता है। तो रेत के पहाड़ कहलाते हैं। क्या कहलाते हैं? बरखान। और उन पहाड़ों के बीच में जो हिस्सा है चौड़ा वाला उसको हम लोग क्या बोलते हैं? बालसन। और बालसन के बीच में जो पानी जहां पर नमक जम के इवापोरेट हो के नमक बनेगा उसको क्या बोलते हैं? प्राया। दो झील है। एक का नाम क्या है? बालसन। और एक का नाम प्राया। और रेत का टीला उसका नाम क्या पड़ता है? बरखान। तीन टर्म है। पहला क्या बोले? बरखान। एक क्या बोले? बासन। और क्या बोले? प्लाया। बासन
24:06 और प्लाया क्या है? झील। और बरखान क्या है? रेत का टीला। ठीक है ना? क्लियर हो गया डायग्राम? अब देखो इसको मैं लिख देता हूं। जैसे सबसे पहले अपन जो लिखते हैं बरखान को लिख देते हैं। उसको उतारना है। ठीक है? मारवाड़ क्षेत्र में रेत के टीले इसी को बोलते हैं बालूका स्तूप।
24:53 या सैंड टॉम या फिर सैंड टिमबर या फिर ड्यून डी यू एन ई को क्या बोलते हैं इसको? बरखान। ठीक। दूसरा दूसरा हमको मिलता है बाल्सन बाल्सन तो बालसन बेसिकली है क्या
25:38 थार के रेगिस्तान में स्थान में रेत के पहाड़ियों से से मतलब कि सैंड टॉम से घिरा क्षेत्र जहां पानी अंतः प्रभावित मतलब हिंदी में होता है इंग्लिश में होता है इनफ्लो सेंटर की ओर
26:32 इनफ्लो टुवर्ड्स सेंटर प्रवाहित केंद्र की ओर इसको जहां पानी केंद्र की ओर अंतः प्रवाहित होता है होता है और खारा पानी का झील बनता है।
27:21 ठीक है? इस झील को क्या बोलते हैं इसको? बालसन। ठीक है? ये हुआ पहला चीज। दूसरा दूसरा होता है प्लाया। क्या होगा? प्लाया। प्लाया प्याला नहीं प्लाया तो यह है क्या बेसिकली देखते हैं हम बाल्सन के केंद्र में बाल्सन के सेंटर में केंद्र में छोटे स्तर पर
28:08 पानी जमा होता है। और इसके वाष्पीकरण से वाष्पीकरण मतलब इवापोरेशन से यहां सूखा अर्ध सूखा मतलब एरिड एंड एंड सेमी एरिड सपाट प्लेन स्थलाकृति
28:57 मतलब टोपोग्राफी टोपोग्राफी में झील बनता है जहां से इसके वाष्पीकरण करण से नमक बनता है। ठीक है? लिखना तो है नहीं इसमें समझने के लिए है कि जो छोटा हिस्सा बीच वाला है उसको क्या बोलेंगे प्लाया और जो बाहर का चौड़ा वाला
29:44 हिस्सा उसको क्या बोलेंगे बालसा बस ठीक है तो ये हमारे पास तीन स्टे हुए और इनके साथ मैदान समाप्त तो एक है बरखान दूसरे का नाम बालसन और फिर एक क्या है प्लाया बरखान है रेत का टीला दोनों झील है एक का नाम बालसन और एक क्या है प्लाया चौड़ा झील कौन सा है बालसन और छोटा झील कौन सा है प्लाया क्लियर है अब हम चलते हैं मैदान का दूसरा क्लासिफिकेशन उसके पहले थोड़ा और देख लो शॉर्ट में ध्यान से सबसे पहले हमने क्या देखा असम का मैदान असम के मैदान में निम्न भूमि को हमने क्या बोला भील भील में क्या बने दो झील एक का नाम सोनबल और एक का नाम दीपोर भील सोनबल और दीपोरबील दोनों कहां पड़ेंगे असम ठीक है अब झील है तो झील का भाई देखो पानी खारा नहीं मीठा हुआ यहां पे ठीक है भील का पानी
30:35 कैसा है मीठा जबकि बाल्सन और प्लाया का झील का जो स्वाद है इसका जो टेस्ट है कैसा होगा खारा जैसे कि सांभर वगैरह आप सुनते हो सांभर झील है डिडवाना करके जब झील में पढ़ेंगे तो ये सोनबील है दीपोर बिल है सोनबल और एक क्या रहेगा दीपोर दीपोर है निपोर नहीं है क्या जैसे आप लोग बोलते हो छत्तीसगढ़ में एक शब्द है निपोर करके नहीं बोलते ठीक है ये ऐसी गाली है जिसमें अभद्रता नहीं है हम किसी को मजाक तरीके उपहास तरीके से बोल सकते हैं जैसे जैसे कि छत्तीसगढ़ में गालियां होती है ना कुछ अच्छी गालियां भी होती हैं। गालियां हमेशा खराब हो जरूरी नहीं है। बसशर्ते आप देना कौन सा चाहते हो? तो शायद पहले बताया भी था गालियां पूछी
31:21 जाती है इंटरव्यू वगैरह में। जो तुम्हारे सीजीपीएससी के पहले चेयरमैन थे उन्होंने गालियां पूछी थी इंटरव्यू के लोगों से कि चलो टेल मी समथिंग। माने यह छत्तीसगढ़ की गाली के बारे में बताना है। तो कह गाली देनी आती है? तो उसने बोला कि नहीं आती है। तो उसने बोला जो पैनल में हेड थे वो हालांकि अभी सस्पेंड हो सस्पेंड नहीं उनका कार्यकाल समाप्त हो गया। उनके ऊपर बहुत सारे चार्जेस चल रहे हैं। अभी पीएससी के चेयरमैन थे पहले उनका नाम आते रहता है पेपर में। काफी चर्चित आदमी हैं। ठीक है? समझ गए? जो लोग जानते होंगे वो नाम समझ गए होंगे। तो उन्हीं के बोर्ड का कहानी है। तो सीजीपीएससी का अध्यक्ष जब वो बने थे तो उस समय वो नए-नए बच्चों से उनका ऐसा था इंटरव्यू लेने का तरीका थोड़ा अलग था।
32:08 2018 में जब मैंने इंटरव्यू दिया था उस समय केआर पिजदा साहब थे। ठीक है? वो सीजीपीएससी बोर्ड के अध्यक्ष थे। तो वो एसटी और क्षेत्रज एसटी मैं पढ़ा हूं वो एरिया भी एसटी। कल जो मैं बताया ना आर डोंगरी उसी के पास उनका पोस्टिंग था पहले तो ठीक-ठाक नंबर मिला उसमें काफी अच्छा इंपैक्ट था लेकिन जब दूसरा हां देखो कभी ऐसा मत सोचना कि जैसे कैटेगरी वाला अगर आदमी बैठा है वहां पर आप जिस कैटेगरी से बिलोंग करते हो सकता है सामने वाला भी उसी कैटेगरी का हो तो आपको नंबर ज्यादा देगा ऐसा बिल्कुल नहीं है। ठीक है? मेरे को हमेशा मेरे दूसरे कैटेगरी वालों ने भी ज्यादा नंबर दिया है। और जब मेरे ही समकक्ष आए जो मेरे ही कास्ट से बिलोंग करते हैं उन्होंने मेरा नंबर सबसे कम दिखा। ठीक है? तो मुझे लगा यार सेम सेम नाम लग रहा है। ठीक है? अपना जाति भी सेम
32:53 है। मैं भी सोच रहा था बुद्धि लगा रहा था। वही वाले ने मेरे को काट दिया अच्छे से। ठीक है? तो जब उनका बोर्ड आया हालांकि उनके बोर्ड में जाने का मौका मिला तो नहीं और अच्छा हुआ। उनका बोर्ड बहुत खतरनाक रहता है। मतलब अब तो नहीं है। बहुत खतरनाक। मतलब ऐसा है कि वो कैसा भी हरकत कर देते हैं। हरकत मतलब वो चुपचाप उठेंगे। ठीक है? तीन लोग इधर बैठते हैं और एक बैठता है बाजू में। बाजू में जो बैठता है। जैसे मान लो आप इंटरव्यूअर हो या मैं इंटरव्यूअर हूं। यह सामने पैर पे बैठा है। एक बैठेगा बाजू में इस साइड में इस साइड में हो सकता है लड़की हो या लड़का डिपेंड करता है। वो साइकोलॉजिस्ट होता है। वो आपका ना हरकत देखता है। ठीक है? वो साइड में बैठा है। आप उसको देखोगे नहीं बाजू करके सामने देखना पड़ेगा। ठीक है? तो फिर वो आपकी पूरी एक्टिविटी देखता है। आप कितना नर्वस हो रहे हो। कितना कॉन्फिडेंट हो। सारा खेल उसी का होता है। उसको बोलते हैं हम साइकोलॉजिस्ट। ठीक है? वो चुपचाप
33:38 बैठे रहे एकदम से। ठीक है? यहां का बटन खोल करके आस्तीन मोड़ करके और एकदम से हो सकता है पान भी दबाया रहे भरोसा नहीं। और तुम गलत जवाब दो तुम्हारे पास थूक देगा ऐसे भाई रूम के अंदर क्या हो रहा है कौन जानता है थोड़ी ना बाहर जाकर बेइज्जती कराओगे अरे मेरे मुंह भी थूक दिया यार बोल के ठीक है तो फिर वो जब उठते थे खड़े हो जाते खड़े हो जाते थे और खड़े हो के इंटरव्यूअर के चारों तरफ घूमते थे सोचो इंटरव्यू क्या हाल होगा इंटरव्यूअर का उसका तो पूरा पोटा कांप जाएगा ठीक है भाई अगर जो वो भी सी यूपी सीजीपीएससी का चेयरमैन है वो खुद उठ के आप तक आ रहा है। आपके आसपास घूम रहा है तो आपका तो नजर इधर हो जाएगा ना। वो पूरा खेल है वहां पे कॉन्फिडेंस का। वही जज करता है। तो वो कुछ भी जैसे कुछ
34:26 आंसर दिए तुम सही में दिए। अरे यार कुछ भी पढ़ के नहीं आते हो। ऐसे ही मुंह उठा के आ जाते हो। बस कोचिंग कर लेते हो। कोचिंग करने विद्वान कोचिंग वालों से पीएससी को बहुत नाराजगी रहती है। रीजन क्योंकि हम अक्सर करके वो सब मुद्दे उठा देते हैं जो पीएससी को पसंद नहीं आता है। जैसे व्यापम का मुद्दा आया है 10 क्वेश्चन एडीए वाला जो लफड़ा चला है ना बहुत बहुत बड़ा एक ब्लंडर है। ये होना नहीं चाहिए गधे से तो 12 क्वेश्चन तो विलोपित हुए हैं। बाकी क्वेश्चन को मिलाओगे लगभग 17 18 क्वेश्चन चला जा रहा है और 17 18 क्वेश्चन में पूरी रैंकिंग बन जाती है। 17 18 बहुत दूर की बात है। दो नंबर में एक बच्चे का रैंक आ रहा है 600 और दो नंबर के डिफरेंस में एक आ रहा है 1300 डिफरेंस ऑफ मार्क्स ओनली टू मार्क्स बट रैंक कितने अंतर है 600 का अंतर
35:11 तो 157 नंबर को लेकर के आप करियर सीधा खेल दे रहे हो ये अच्छी बात तो नहीं है कायदे से चाहे किसी एग्जाम की बात करो चाहे रेलवे की बात करो चाहे एसएससी की बात करो चाहे व्यापम की बात करो हां थोड़ा सा सिंसियरिटी इनको एग्जाम की तरफ बढ़ाना चाहिए जितना टाइटली एग्जाम लेते हैं कि बाल खुलवा दे रहे हैं ठीक है? शर्ट का कलर भी अब देखा जा रहा है। टाइम बाउंडेशन देखा जा रहा है। ठीक है? कपड़ों का कलर ध्यान दिया जा रहा है। तो जब इतना आप अगर बाउंडेशन कर रहे हो, कढ़ाई के साथ एग्जाम कर रहे हो तो कढ़ाई के साथ क्या होना चाहिए? पेपर भी होना चाहिए। मतलब ठीक है? चलो मानवीय त्रुटियां हैं। बट आप एग्जाम ले रहे हो तो आपके पास एक्सपर्ट्स वगैरह भी रहते हैं। होते हैं ना एक्सपर्ट तो होते होंगे। कहीं ना कहीं। कोई ना कोई बनाता ही होगा। उससे महज 100 क्वेश्चन को मिलके दो-तीन बार बनवा लीजिए। क्या गलत? इतना तो अपन इतना बड़ा हम
35:57 सिस्टम चला रहे हैं। लेकिन यह हमारे स्टेट की समस्या नहीं है। हर स्टेट की समस्या है। हर स्टेट को रोना है। हर स्टेट में उसके एग्जाम का 2 4 5 9 10 11 क्वेश्चन हटेगा ही। तो क्या करें? दो सिचुएशन है। या तो पढ़ाई छोड़ दें या तो इसी सिस्टम के साथ हमको लड़-लड़ के पास होना है। और तीसरा ऑप्शन है जिसके लिए हमारा छत्तीसगढ़ तैयार नहीं रहता। उसको बोलते हैं हम लोग प्रोटेस्ट। है ना? जैसे अभी देखो हर कैटेगरी में हर एग्जाम के अगेंस्ट में यूपीएससी छोड़ के हर एग्जाम में क्या चल रहा है? प्रोटेस्ट चल रहा है और बड़े लेवल पर चल रहा है। ठीक है? यहां भी हुआ था एक समय पर शिक्षक भर्ती जब हुआ था उस समय हुआ था और बहुत मार खाए थे यहां के लोग। और एक लड़के को तो ऐसा है। अभी वो सोशल
36:44 मीडिया इन्फ्लुएंसरर है। उसे कपड़े तक उतरवा दिए थे थाने के अंदर। वो बोलते हैं ना जब तुम किसी युवा से भिड़ो चाहे प्रशासन कितना ही मजबूत क्यों ना हो तो जब तुम उसको नंगा करोगे तो जब वह तुमको नंगा करने पे आएगा ना तो तुमको भी बुरा लगना चालू हो जाएगा लड़का हो चाहे लड़की हो लड़कियां हालांकि इसमें ज्यादा पार्टिसिपेट होती है लड़के ही ज्यादा आगे आते हैं क्योंकि लड़कियों को लोक लाज समाज देखना पड़ता है उनके पिताजी खुद बोलेंगे मेरा नाक मत कटवा ये सब करवा के लेकिन लड़कों में यही एक अंतर होता है कहते हैं कि लड़कों लड़कों में डिफरेंस क्या है अगर लड़के बेकार है तो लड़के काम के भी क्योंकि वह यह ऐसा इनिशिएटिव ले सकते हैं। यह हिम्मत यह मादा लड़कियों में होता ही नहीं है। आप खुद भी आगे पैर नहीं बढ़ाओगे। आपके घर वाले आपको पैर बढ़ाने देंगे नहीं। ऐसे मामलों जहां
37:30 पे नाम उछल जाए क्योंकि बहुत कुछ झेलना पड़ता है इसमें आगे। आपके कमेंट्स में गालियां मिलती हैं। ठीक? तो उस लड़के को पूरा मतलब पूरा कपड़े उसकी तरफ शर्ट पट पूरा उतरवा दिए थे। सोचो उसको कितना एम्बरेस फील हुआ होगा। थाने के अंदर उसकी एक छोटी सी रनिंग क्लिप वायरल हो गई थी। जब वह शूट कर रहा था कोई बच्चा जो भी है उसका पिक्चर आ गया था। वो भी सीजीपीएससी एस्पिरेंट था पहले। इतना झेलने के बाद ना उसका नौकरी करने का मन ही खत्म हो गया। और उसके बाद फिर उसने चालू किया अपना सोशल मीडिया और जो सरकार आती है चाहे कांग्रेस की चाहे बीजेपी चाहे आम कोई भी पार्टी क्यों ना हो सारी पार्टी के हर मिनिस्टर को धोता है वो अच्छे से वो एकदम बिना किसी डर के और उससे पैसे बन रहे हैं
38:15 सोशल मीडिया से YouTube से पैसे बन रहे हैं उसको कारोबार खरीद ले रहा है ऐसा नहीं लेकिन ठीक है वो तो आर्थिक मामले लेकिन बता रहा हूं ना कि और दूसरा है पीएससी से डरना भी चाहिए क्योंकि पीएससी अगर एक बार आपको ब्लैक लिस्ट कर कि भैया फलाना आदमी का नाम देख लो तो आप किसी ना किसी स्टेज से पढ़ाओगे पीएससी के साथ। हां व्यापम निकल जाएगा आपका क्योंकि उसमें कोई इंटरव्यू होता नहीं है। लेकिन अगर पीएससी में ब्लैक लिस्टेड हुए तो फिर आगे आपके पास होने की संभावनाएं ऑलमोस्ट खत्म हो जाती है। क्योंकि आगे इंटरव्यू जाओगे। इंटरव्यू जीरो नंबर देंगे तो आप पास ही नहीं हो पाओगे। कितना भी आप स्कोर कर चुके हैं इसमें। यही केस हुआ था यूपीएससी में एक नीलोतल मृणाल करके हैं। जो बुक पढ़ते हैं उनको पता होगा। एक बुक है डार्क हॉर्स करके। ठीक है? तो उन्होंने लिखी है तो वो बहुत जो आदमी लेखक है उसकी
39:03 हम राइटिंग स्किल पर कैसा भरोसा कैसा हम क्वेश्चन मार्क कर दें उसका तो राइटिंग से शानदार होगा शब्दों का चयन बहुत खतरनाक हो जो यूपीएससी में चाहिए होता है फिर भी वो एक बार प्रोटेस्ट में चले गए उन्होंने आंदोलन कर दिया और ही ब्लैक लिस्टेड फ्रॉम यूपीएससी एंड आफ्टर दैट ही नेवर क्वालिफाइड फॉर फॉर फदर स्टेजेस इसलिए लोग यूपीएससी सीजीपीएससी किसी स्टेट पीएससी लड़ने से डरते हैं इसलिए नहीं आते आगे तो यह सब सीन अभी चल रहा है। थोड़ा सा नेगेटिव माहौल है जरूर। गवर्नमेंट से उम्मीद तो रहता ही है क्योंकि गवर्नमेंट से हम क्या रिक्वेस्ट कर सकते हैं बस हो गया। ठीक है ना? कि बच्चों के साथ एटलीस्ट ना करें जो चारप साल से मान लो किसी एग्जाम की तैयारी कर रहा हो। पीएससी से स्टार्ट करता है और खत्म उसका एग्जाम किसी ना किसी असिस्टेंट ग्रेड थ्री टाइपिस्ट स्टैनो पटवारी हॉस्टल
39:51 वार्डन एडीओ। ठीक है? प्रयोगशाला परिचालक पता नहीं कौन-कौन से एग्जाम में उसको जाकर टिकना पड़ता है। वो नहीं सोचे रहता उतना लेकिन समय के साथ-साथ जैसे शिक्षक भर्ती भी एक संजीवनी है उन बच्चों के लिए जो 5 साल से तैयारी कर रहे हैं और आज इधर शिक्षक बनने के के लायक नहीं थे वो वो बनने डिप्टी कलेक्टर आए थे बट उनको बनना पड़ रहा है शिक्षक उनकी इच्छा नहीं है उनकी क्या है मजबूरी है क्योंकि जॉब तो चाहिए जॉब तो जॉब है चाहे वह प्यून भी बोलते शायद प्यून भी बन जाते वो सरकारी नौकरी चाहे प्यून की हो चाहे किसी की हो मिले तो सही पहले माने वह फुट पैडल है जहां से वह चलना चालू करेगा। 5 साल यार 5 साल 6 साल आप बर्बाद करने के बाद अगर नौकरी लिए बिना वापस जाओगे तो फिर वो ज्यादा बेहतर है आप कुछ भी बन जाओ उसे तो वो जो ये ऐसा सीन चल रहा
40:40 है तो देख के रहना थोड़ा सा मानसिक रूप से तैयार रहना क्योंकि आप स्टार्ट कर रहे हो आपको मालूम होना चाहिए कि पीएससी आपको केवल केवल एग्जाम की वजह से नहीं आपको बहुत सारी तरीकों से डैमेज करती है। वैकेंसीज की फ्रीक्वेंसी कम होना। हां, एक चीज अच्छी बात है कि हमारे एग्जाम में सीजीपीएससी का वैकेंसी हर साल आएगा। यह बात तय है। 200% तय है कि सीजीपीएससी की परीक्षा हर साल आएगी नवंबर में। उसका प्री होगा फरवरी में और जून में होगा मेंस। ये साइकिल फिक्स है। बाकी बाकी एग्जाम को मैं नहीं जानता। बट इसलिए कहता हूं कि ऑलवेज ट्राई टू हिट द पीएससी। बट वही बात है ना सर सब तो पीएससी कर रहे हैं तो सबका थोड़ी निकल जाएगा। तो मैं तो कह रहा हूं ना कंपटीशन यहीं पर तो है। तो इतने सारे गलत प्रोसेस में कुछ बाहर हो जाते हैं। बट इसी गलत प्रोसेस में कुछ
41:25 क्या हो जाते हैं? अंदर हो जाते हैं। हमको वैसा बनना है। अगर आप लड़ना भी चाहते हो तो लड़ते-लड़ते पढ़िए। ठीक है? लड़ने के चक्कर पढ़ाई तो छोड़ सकते। कोर्ट कचहरी जाना पड़ेगा। सरकार प्रोटेस्ट करने रोज बुलाएगी। वहां सरकार नहीं आप लोग आपस में जाओगे। ठीक है? हर वर्ग जाएगा। लेकिन वही कह रहा हूं कि आपको थोड़ा सा मेंटली प्रिपेयर रहना है। एग्जाम का डिलीट होना माने क्वेश्चन का डिलीट होना, विलोपत विलोपित होना, कुछ ऐसी खबरें सुनाई देना कि यार वो पैसा देकर लग गया। ये सब खबर इन सब खबरों के लिए आपको तैयार होना पड़ेगा। या तो आप भी पैसा दे दो या तो ऐसी कहानियों को झूठ समझ के हटा दो क्योंकि फेयर सिलेक्शन बहुत सारे लोगों का हुआ है। सब पैसा देके लगे नहीं है। बट नहीं लगा है कोई यह भी बात सही नहीं है। कुछ लगे तो क्या करें सर? करप्शन को तो पैसा दे सकते हो क्या आप उतना? जुगाड़ है
42:13 क्या? अगर है तो अच्छी बात है। नहीं तो फिर एक ही रास्ता बचता है। मैं पढ़ाऊंगा और आप क्या करोगे? पढ़ोगे। क्योंकि आपके पास उतनी अगर हैसियत होती, आर्थिक रूप से आप उतना सक्षम होते। आप यहां क्यों बैठते फालतू माथापच्ची करने के लिए? दे देते पैसा और घर में बातचीत हो जाती है और आप अंदर हो जाते। अब वो भी किसको दे रहे हो? थोड़ी ना मतलब पता है जो जिसको दे रहे हो वो कह दिया कि मेरा पहचान है किनसे? सीएम के साथ। बोले फोटो खिंचवा के डाल दिए। यह देखो और आप दे दिए अभी ₹20 लाख लगेगा। बोले कि ₹ लाख में डिप्टी कलेक्टर का पद दिलवा देंगे आपको। लेकिन शुरू में आपको एडवांस 10 लाख देना पड़ेगा। आप दे दिए ₹1 लाख। वो आदमी रखा है अपने पास। फिर आप बोले कि पैसा वापस होगा। हो सकता
42:59 है हो जाए। अगर आपका अब मैं वो बोलेगा आपको मेहनत करते रहो भाई फिर भी। मैं भी प्रयास कर रहा हूं। आप भी प्रयास आपने खूब मेहनत की। हो सकता है आप अपनी मेहनत से बन गए। उसने बोल दिया मैंने बनवाया है। तो 20 लाख का क्या हुआ? अंदर या फिर नहीं बने तो 20 लाख में 2 लाख कट जाएगा और आपको 18 वापस कर देगा। भाई 2 लाख की कमाई इसको शुद्ध की। बोलेगा अरे मैं दे दिया ले ले इतना वापस हो पाए। यही बिजनेस है। ₹ लाख रख लेगा। तीन रख लेगा पांच रख लेगा। तुम बोलोगे यार कुछ तो दे दे कम से कम। वो बोलेगा 10 भी चला गया। तुमको मारना पड़ेगा। क्योंकि तुम दिए हो वो लिया है। देना भी गलत है और लेना भी गलत। किसके पास जाओगे? रिश्वत दिया हूं। भ्रष्टाचार किया हूं। आपको ही पुलिस पहले भेड़ के तीन चार डंडा मारेगा। इसलिए कभी भी ऐसे स्कैम में फंसना मत। पहली बात तो और फंसना तो पूरे विश्वसनीय
43:45 आदमी के पास कि खुद अगर साक्षात सीएम साहब तुम्हारे घर के दहलीज पे आए बोले पैसा दे मेरे को। पैसा जैक भी होना चाहिए ना। और इसलिए कोई मिनिस्टर हाथ लगाता नहीं है। इतिहास है। कोई भी मिनिस्टर हाथ नहीं लगाता है। ठीक? या तो उनकी वाइफ या तो उनके रिलेटिव्स या तो उनके जो पर्सनल सेक्रेटरी होते हैं उन लोग ही इसमें एडमिट करते हैं। बाकी तो और कोई कभी हाथ नहीं लगाएगा। कोई कितना भी कहे मेरा पहचान है। हां लगे हैं मैं भाई बता रहा हूं लगे हैं लेकिन वैसा आपका जैक होना चाहिए फिर कि पैसा डूबे मत क्योंकि पता है ना भाई ₹30 लाख इंस्टेंट ₹40 लाख एक समय ₹75 लाख की बात चल रही थी। खूब उठी थी बात ₹75 लाख। ₹75 लाख मतलब पौने मतलब कि 75 लाख कम थोड़ी ना होता है
44:32 यार। कहां से दोगे कि रात में उठे सबका एक एक तो किडनी निकाली और चले गए बेचने के लिए। तो आप मिडिल क्लास के पास एक ही रास्ता है वो है हार्ड वर्क का पढ़ाई का और कुछ लोग इसी खराब सिस्टम में पास भी होते हैं। तो मैंने कमियां गिनाई है तो कमी सुन के ये नहीं कि नहीं हो पाएगा। ऐसा नहीं है। इसी कमी वाले सिस्टम में ठीक है ना? अब उम्मीद है कि देर सवेरे सुधरेंगे। निर्देश जारी किया है सीजीपीएससी ने। देखो पीडीएफ पढ़ना एक बार उसको वैकेंसी तो जारी हो नहीं रही इनसे निर्देश जारी कर रहे हैं वैकेंसी जारी करो बच्चा और आती कितनी वैकेंसी आती है पीएससी में 30 वैकेंसी एक अभी एग्जाम आया था असिस्टेंट डायरेक्टर इंडस्ट्री उसका इंटरव्यू चल रहा है और उस
45:19 इंटरव्यू में सब पुराने पीएससी वाले हैं जो 16 17 18 से स्टार्ट वो सब पढ़ रहे हैं उसमें एक कैंडिडेट ये वन डे एग्जाम है इसमें आप सीधा टिक मारो, इंटरव्यू दो और सीधा फाइनल सिलेक्शन। पद की संख्या 30। लगभग 1 लाख तो रहे होंगे मेरे हिसाब से लग रहा है। तो 1 लाख लोग हैं और पोस्ट कितना है? 30 और यह बताता हूं ऐसे एग्जाम में 1 लाख में सारे के सारे 500 तो दावेदार रहते ही हैं क्योंकि वह सब खतरनाक खिलाड़ी रहते हैं और इसमें सारे क्योंकि पीएससी में बाहर के स्टेट वाले लोग भी लागू हो आ जाते हैं। उसमें एक फीमेल आई थी इंटरव्यू के लिए परसों उनका ग्रेजुएशन उनका क्वालिफिकेशन समझना। उन सीबीएसई बोर्ड से पढ़ी है। डीपीएस रिसाली की स्टूडेंट है दुर्ग और
46:07 हमारे छत्तीसगढ़ के डीपीएस में सबसे बेस्ट डीपीएस वही है। दिल्ली पब्लिक स्कूल वन ऑफ द फाइनेस्ट स्कूल इन छत्तीसगढ़ क्लासी है। अमीरों के स्कूल नहीं है लेकिन बहुत ब्रिलियंट बच्चे वहां से पास आउट होते हैं। म छत्तीसगढ़ में आई कैन क्लेम इज़ली आई बिकॉज़ आई लिव इन दुर्ग भिलाई एरिया। ठीक है? तो पूरे के पूरे पूरे छत्तीसगढ़ में सबसे टॉप क्लास का स्कूल है डीपीएस। वहां से पढ़ा है उसने स्कूलिंग की है। सेकंड दूसरा वो आगे की जो ग्रेजुएशन है उसका हुआ है बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी से बीएचयू और आप पढ़ते हो बीयू बिलासपुर यूनिवर्सिटी दुर्ग यूनिवर्सिटी एक डीयू ये है दुर्ग यूनिवर्सिटी और एक दिल्ली यूनिवर्सिटी ठीक है तो उसका हुआ है आगे का
46:54 क्वालिफिकेशन बीएचयू से जो आईआईटी का दर्जा मिल चुका है बट वो आईटी सेक्शन से नहीं बीएचयू बीएचयू भारत के पुराने विश्वविद्यालय में से दूसरा उसका उसका आगे का जो मैनेजमेंट का कोर्स है बीकॉम शायद की थी भूल गया उसका प्रोफाइल क्या है उसका मैनेजमेंट हुआ है आईआईएम इंडियन इंस्टट्यूट ऑफ मैनेजमेंट कोजीकोड केरल देख रहे हो किस टाइप के बच्चे लोग फाइट कर रहे हैं और अपन प्राइवेट में बीए प्राइवेट में एमए और कई लोग तो ओपन स्कूल वाले होंगे 10वीं 12वीं वाले तो फर्क तो पड़ेगा यार 30 पद में एक पद आई होप उसको मिलना चाहिए बिकॉज़ शी डिर्व बेटर। इतना पढ़ने के बाद नौकरी ना मिले। वह ऑलरेडी इंटर्नशिप में
47:40 है। 55 56000 मिलता है उसको। सोचो तो 55 56000 आपको डी डीसी बनने के बाद भी मिलेगा। 56000 की सैलरी आपको मिलती है। डिप्टी कलेक्टर डीएसपी बनने के बाद क्लास रूम में उतना ही सैलरी है। उसके ऊपर के आपका जिंदगी चलता है। उसको उतनी सैलरी मिल रही है। लेकिन वो संविदा है। कॉन्ट्रैक्ट है। तो मैंने पूछा व्हाई यू वांट टू जॉइ दिस फील्ड? आप तो ऑलरेडी अच्छा सैलरी कमा रहे हैं। बोले सर चीजें साफ-साफ है। आई नीड अ स्टेबल एंप्लॉयमेंट। एक मैं स्थाई रोजगार चाहती हूं और वो रेपुटेशन उसमें नहीं है जो इसमें है। तो वो तो आईएम से पास आउट है। उसको कोई भी प्राइवेट होम उठा लेगा। तो गवर्नमेंट जॉब का जो चकाचौंध है ये ऐसा है। ये आपको कहीं से खींच खास के ले आता है। वो हमारे यहां ज्यादा है। छत्तीसगढ़ में
48:25 बाकी स्टेट में उतना नहीं है। महाराष्ट्र में कोई क्रेज नहीं है। गुजरात में कोई पढ़ना नहीं आ जाता। पीएससी पंजाब में कोई नहीं पढ़ना चाहता। कोई पंजाब पीएससी क्योंकि इतना घर में पैसा है। डिपेंड करता है ना कि वहां क्षेत्र है। यहां गरीबों का क्षेत्र है। किसान गरीब हैं। उनके बेटे गरीब हैं। वो गरीबी दूर करने के लिए ये मरे जा रहे हैं। तो ऐसे कंडीशन में जब कोई बच्चा तैयारी कर रहा है ना तो फिर उसके साथ जस्टिस करना चाहिए एग्जाम सिस्टम को। क्योंकि 17 18 क्वेश्चन में आप बिगाड़ डालोगे सब लोगों का सब कुछ। देखो कुछ शायद उम्मीद हो शायद इस एग्जाम के बाद एक बार पीएससी में ऐसा हुआ था कि असिस्टेंट इंजीनियर का एग्जाम होता है सीजीपीएससी एग्जाम ले थी एई ठीक तो उसमें जब मॉडल आंसर आया तो उसमें
49:11 शुरू के 75 150 क्वेश्चन थे शायद उसमें तो शुरू के 75 क्वेश्चन का ऑप्शन ए ए पूरा लाइन से फिर तुरंत जैसे बात उठी तुरंत उसको डिलीट करना पड़ा मॉडल आंसर और पेपर को करना पड़ा रद्द। ठीक? तो अब क्या बोलोगे उसमें? आगे चलके पीएससी दोगे। पीएससी आपको बता रहा हूं। आप पहले ही मान के चलो कि आपका 100 क्वेश्चन में कोई मूल्यांकन नहीं होगा। केवल आपका 90 क्वेश्चन में मूल्यांकन होगा। 10 क्वेश्चन आप भूल जाओ जो सही रहेंगे या फिर हो सकता है उसके आंसर आपके हिसाब से नहीं लेंगे। भाई हो सकता है वो क्वेश्चन आया कि छत्तीसगढ़ की राजधानी क्या है? ऑप्शन में है नया रायपुर और है बिलासपुर। आपने मारा नया रायपुर। उसने आंसर ले लिया बिलासपुर।
49:56 उसकी मर्जी। फिर आप क्या करोगे? दावपत्ती करोगे। वो हटा दे क्वेश्चन को। ऐसा भी ब्लंडर मिस्टेक होता है। पीएससी एक ऐसा आयोग है जो बिल्कुल भी एनसीआरटी के ही चीजों को नहीं मानता है। क्योंकि चीजों को मैंने खुद झेला है कोर्ट तक। 2017 में हम अभी कोर्ट कचहरी गए हैं। कुछ मिलता नहीं है। अपनी पढ़ाई करिए और इन तामझाम से दूर रहिए। और नहीं तो फिर वाइल्ड गाली एंट्री ₹75 लाख वाला अगर है तो हर सरकार का अपना-अपना रेट रहता है। सबको कमाना है ना यार। तुम ही बस थोड़ी ना एकदम मतलब इंसान हो। वो भी तो इंसान है। उनको भी पैसा चाहिए। ठीक? तो वो क्या किए? पूछे ऐसे उठ के गए थे।
50:43 पूछे कि गाली देने आती तो बोले नहीं आता है। ठीक है तो ऐसा बताते हैं भाई पता नहीं उसने दो चार बार बोले नहीं नहीं आती है सर भगवान कसम नहीं आता है सर तो बोले चलो बताओ अब इतना भी वो नहीं करो तो उसने बोला उन्होंने पूछा कि छत्तीसगढ़ कुछ ऐसी गालियां है जिसमें बिल्कुल भी अभद्रता नहीं है बिल्कुल अब्यूजिंग नहीं है तो फिर उसने बोला कि ठीक है सर मैं ट्राई करता हूं तो उसने फिर बोला यही लबरा झूठा ठगवा ये ना हमारे यहां गालियां है रोगा दोगला ठीक है और उसमें एक यह था जोपुर तो यह अभद्रता नहीं है। बाकी खानदान वाली गाड़ियां अलग है। यह नहीं कि पूछे गाली देना आता है। हां सर देके दिखाऊं क्या? वो रास्ते मोड़ लिया चालू हो गया। कहां से स्टार्ट करूं सर बताइए आप?
51:31 समटाइम्स यू हैव टू होल्ड अ पेशेंस। भाई वो जॉब तुम जॉब लेने गए हो। ये नहीं कि और अपना परिचय दीजिए। सर पिताजी हैं और सुबह मतलब बहुत अच्छे मिजाज के आदमी कभी आइए घर चाहिए। ये नहीं कि ऐसा चालू हो गया। वो देखते हैं कि आप अब वो कह रहे हैं कि थोड़ा फ्री हो जाइए। क्योंकि जनरली करके जैसे ही बच्चा घुसता है ना एसी चलते रहता है। 20 में चल रहा है। 20 में चलता है। 19 में चलता है। फिर भी वहां अंदर इतना पसीना नहीं छूटेगा। ठीक है? और खासकर लड़कियां नर्वस हो जाती हैं। वो लोग पानी ऑफर करते हैं कि बेटा बी रिलैक्स। वो लोग पूरा कोशिश करते हैं कि बच्चा कंफर्टेबल हो जाए और आप कितने बड़े थ्रम खान क्यों ना हो अंदर घुसने के बाद आपका पूरा तलवा टाइट हो जाता है। बता कह रहा हूं कि आपका पैर कांपता है और पैर से ले पूरा मुंडी तक कांपना चालू हो जाता है अंदर से। माने आप
52:18 बैठे-बैठे व कपाल भारती करना चालू कर देते हैं। यह होता है प्रेशर। जब मेरा पहला इंटरव्यू था, उस समय पे मेरे बाजू में भैया बैठे थे। उनका छठवां इंटरव्यू था। पहला भी नहीं। कौन सा? छठवां और सिलेक्टेड थे वो। अब नाम लेना उचित नहीं है। उनके ऊपर भी लग गया है आरोप। करप्शन का चार्ज लग गया। सस्पेंड है। महेश पूछे पहली बार बोला हां भैया पहली बार आपका छठवीं बार। ठीक है। और उनका बाद उनका नंबर मेरे बाद था। नहीं मेरे पहले था शायद। हां मेरे पहले था। तो और उनका हम लोग जब पहली बार जाओगे ना आप पूरी सावधानी से जाओगे। शर्ट एकदम पूछोगे सर वाइट लाइट क्या पहनूं मैं पट डार्क ब्लू ब्लैक क्या
53:04 होनी चाहिए ऐसा बहुत ट्राई करते हो कोट पहनूं नहीं पहनूं टाई पहनूं नहीं दांत निपो कि नहीं निपोूं हंसू क्या करूं समझ में नहीं आ रहा ये पहले दूसरी बार में रहता है तो वो क्या है कि सामने ठीक मेरे थे और फिर क्या बोलते हैं कि एकदम ही वास वेरी फ्री और इवन वो तो शिकारी वाले जूते पहन के आ गए थे जो हंटर लोग पहनते हैं ना वो एकदम ऊपर तक मतलब थोड़ा एड़ी के ऊपर था। एकदम ऊपर नहीं था। तो मैं इनको देखा यह आदमी फूल एकदम फ्री है। ठीक है। वो मेरे को सलाह दे रहे हैं। अरे कोई टेंशन नहीं है। आराम से हां भैया थोड़ा नर्वसनेस लग रहा है। ठीक है। जब अक्सर क्या तीन हॉल से आपको ले जाते हैं इंटरव्यू तक। इंटरव्यू रूम तक लेके जाएंगे। दो लोगों को लेके जाते हैं। एक जाएगा एक बैठेगा फिर तब तो दो लोग आएंगे।
53:50 मैं जाऊंगा उन लोग बैठेंगे। तो अच्छा कन्वर्सेशन चल रहा था। अच्छी बातें बता रहे थे कि बता रहे थे प्रशासन में ऐसा होता है। खुद गाइड कर रहे हैं मेरे को। अच्छे-अच्छे लोग ही सिलेलेक्ट होते ध्यान जिनकी भावनाएं अच्छी होती है वही सिलेक्ट होता है। इसलिए कहता हूं कि आप अच्छे भाव से प्रवेशन करिए। यह भी जरूरी है। अब हीन भावना से करेंगे तो आगे जा भी नहीं पाएंगे। तो फिर बहुत अच्छा गाइड। सो जो पहली मुलाकात में उन्होंने सारा कुछ बताया सिस्टम में यह होता है ऐसा होता है। अब मैं बोला कैसा भैया आपको डर लग रहा है क्या? बोले नहीं नहीं मेरे को बिलकुल डर नहीं लग रहा है। अपन यार छवीं बार इंटरव्यू है। सिलेक्टेड है क्या ही हो जाएगा। तभी देखना एकदम लाइट शर्ट लाइट पट वो एकदम जैसे नेताग लोग आते हैं वैसे ही कलर कोड में आ गए थे तो जब उनका बारी आया तो मेरे को बोले भाई डर लग रहा है मैं बोला ये क्या बात हुई
54:35 अभी तो बड़ी-बड़ी बातें चल रही थी और अगर आपको डर लगा तो मेरे को तो मर जाना चाहिए कहते थे तो मैं यह कह रहा हूं कि माहौल इतना खतरनाक रहता है कि जहां आपका नाम आया वहां से आपका हार्ट बीट बढ़ना चालू हो जाता है तो इंटरव्यू का एक्सपीरियंस हमेशा अच्छा रहता है। आप अपने आप में ही अपने आप को योग्य मानना चालू कर देते हो। एक अलग ही कॉन्फिडेंस आ जाता है। इसलिए बोलते हैं वहां तक पहुंचना भले कोई उपलब्धि नहीं है लेकिन एक अच्छा खासा स्टेज है। अच्छा एक्सपीरियंस मिल जाता है आपको। सामने आपके ब्यूरोक्रेट्स बैठे होते हैं। आईएएस बैठे होते हैं। ठीक है? जो आपको नौकरी देने वाले हैं और प्रकांड विद्वान बैठे होते हैं। साइकोलॉजिस्ट होते हैं। ठीक? तो
55:20 यह एक पार्ट हुआ बाकी बात आते हैं तो यहां पर वही दीपोर से आ गए थे वहां गए थे ठीक है तो ये हमारे पास जो मैदान है दूसरा राजस्थान का मैदान तो राजस्थान के मैदान में हमको दो भाग में डिवाइड करना है पहले तो दो भाग में डिवाइड करता है कौन करता है अरावली राइट वाला हिस्सा मेवाड़ लेफ्ट वाला मारवाड़ ठीक है मेवाड़ क्षेत्र में जो उपजाऊ भूमि को हम लोग क्या बोलते हैं रोही और लेफ्ट साइड में तीन स्ट्रक्चर है पहले का नाम क्या पड़ेगा बरखान ठीक है दूसरे का नाम प्लाया और एक बालसन। ठीक है? यह मैदान यहां पर मैं डिस्क्राइब कर दिया हूं। और देखो ऐसा है कि ठीक है? लाइफ के मेरे तीन जो अनुभव है इंटरव्यू के उसमें सबसे खराब चीज मैंने क्या नोटिस किया? जैसे साल बढ़ता गया। ठीक
56:07 है ना? तो इसमें होना क्या चाहिए? साल दर साल इंटरव्यू नंबर बढ़ना चाहिए। उल्टा हो गया भाई। इधर 89 फिर इधर आपका 70 तो लास्ट वाले मिला था सबसे कम मिला था 70 यहां पर लगभग 75 के आसपास मिला था माने नंबर तो बढ़ना चाहिए गए से तो ऐसा नहीं होता कि नॉलेज नंबर ज्यादा मिले आपको उनका मूड और तुम्हारा कॉन्फिडेंस है कि ओवर कॉन्फिडेंस ये मैटर करता है अब इतने साल से पढ़ातेपढ़ाते एक साल के गैप में पढ़ातेपढ़ाते यहां तक हमको लगा नॉलेज बहुत आ गया है। रोज तो हम बच्चों से बात करते हैं, डील कर देते हैं। हां अब तो बन जाएगा। सामने वाले ने मेरे को मेरी औकात दिखा दी कि तुम होगी किसी और देखो कभी भी मैंने तीनों इंटरव्यू में एक चीज नहीं बताया कि मैं पढ़ाता हूं। ठीक है ना? लेकिन उसने तीन बार पूछा बोला साइकोलॉजिस्ट वो समझ गया। उसने तीन बार
56:55 पूछा कि तुम पढ़ाते हो? बोला नहीं पढ़ाता। क्योंकि पढ़ाऊंगा अगर बोलूंगा तो उसकी एक्सपेक्टेशन बहुत क्या हो जाएगी? हाई हो जाएगी। और अगर मैं कह दिया कि पढ़ाता हूं और मैंने ही गलत आंसर देते हो। तुम क्या खाक पढ़ाते होगे? तो मैंने नहीं बोला। मेरे एस सीनियर वास सजेस्टेड टू मी यार डोंट मेंशन यू आर टीचर और तब तक तो मेरे को 10 साल हो भी गए थे पढ़ाते तो मैंने ट्राई उसमें मेंशन किया ही नहीं और फिर मैं मेरे को तीन बार पूछा वो पढ़ाते हो पढ़ाते हो पढ़ाते हो मैंने बोला नहीं पढ़ाता हूं और लास्ट में वो हंस दिया मेरे ऊपर मैं समझ गया इसको पकड़ में आ गया मैं पढ़ाता हूं बोले कैसे हैंड मूवमेंट जो हमारी आदत होती है ना बार-बार ऐसे करने वो मेरा हाथ बार-बार उड़ जाए पढ़ाता है जनरली बोलते हैं कूल एंड काम मिस्टेक कूल एंड काम थाइस के ऊपर हाथ रखिए नॉर्मल बैठिए या क्रॉस योर हैंड्स ऐसा है। ठीक है? उसका अलग-अलग होता है। बॉडी लैंग्वेज
57:42 कैसा आप बैठते हो। ठीक? तो ये बहुत बड़ा ड्रॉबैक था। ठीक है? तो मुझे लगा तीसरी बार मैं हां बोल दूं लेकिन फिर वही है ना कि पहले झूठ फिर क्या सही है। बहुत बड़ा फैक्टर रहता है। और पहली बार जब इंटरव्यू जाओगे ना तो जो छह बार वाले भैया हैं बोलते हैं पहली बार जब मैं गांव से आया था। मेरे साथ पूरे बोले भर के लोग आए थे। अरे हम लका के इंटरव्यू है जाओ। पापा भी आए थे, दोस्त यार आए थे। छठी बार बोला भाई कोई नहीं आता मैं अकेले आता हूं। मतलब वो जो खुशी है ना पहली दूसरी बात बाकी है फिर आपको नहीं पूछने वाले। तो इसलिए आप पहली बार जाओ खत्म करके आओ ज्यादा अच्छा है। खूब बड़ी-बड़ी बातें बताए। मैंने अच्छी-अच्छी बातें बताएं। मतलब एक्सपीरियंस इज़ वेरी एक्सपीरियंस ऑफ़
58:28 पीएससी जर्नी। आपको कुछ अलग चीज सिखाएगी। आप भी सीखो। अभी शुरुआत कर रहे हो। आगे मजा आएगा। मजा भी आएगा, दुख भी होगा, रोओगे भी, हंसोगे भी, टूटोगे भी। कभी-कभी खुशी के आंसू निकलेंगे अगर पास हुए तो नहीं तो फिर दुख के आंसुओं से भरा रहेगा जर्नी। ठीक है? चलो अब हम चलते हैं इसमें उत्तर भारत के मैदान का। उत्तर भारत का जो मैदान है इसका हम लोग करते हैं। दो मैंने डिवाइड किया था। याद होगा तो इधर वाला हिस्सा था कणों के आधार पर। किसके आधार पर? कणों के आधार पर। ठीक है? तो कणों के आधार अगर देखा जाए तो कैसे बनता है देखो डायग्राम
59:16 चलो तो इसमें सबसे पहले तो देखो भाई पहला जो स्ट्रक्चर बनेगा क्योंकि पूरा पहाड़ है हमारे पास हिमालय है और हिमालय के ही ठीक नीचे से मैदान बनना चालू हो जाता है क्योंकि पहाड़ टूटेगा नदियां वहां से निकलेगी और नदियां पहाड़ को तोड़त के नीचे जमा करेंगी और उसी से मैदान का बनना चालू हो जाता है। तो सबसे पहला लेयर बन रहा है यह मैदान का। इस मैदान का पहला स्ट्रक्चर का नाम है भाबर। क्या नाम है? भाबर। शायद नाम लिखा था। क्या बोलते हैं? भाबर। ठीक है? पहला चीज। अब नदी लाई इसको जमा कर दी। अब फिर से क्या होगा? नदी इसको तोड़ेगी ना और आगे। तो अगला जो स्टेज होगा उसको हम बोलते हैं तराई। क्या बोलते हैं? तराई। बट उसका साइज इसकी तुलना में क्या होगा? छोटा तराई पहले
1:00:04 वाले का नाम भाबर दूसरे वाले का नाम तराई ठीक दो हो गया तीसरा अगला जो होगा वो और छोटा होगा ठीक है उसको बोलते हैं हम लोग क्या बोलते हैं खादर सॉरी बांगर क्या बोलेंगे बांगर ये आया हुआ है ना क्वेश्चन ये और लास्ट हमको मिलता है उसको बोलते हैं हम लोग खादर क्या बोलेंगे खादर कादर ठीक है तो ये तो मान लिए कि उत्तर से
1:00:52 दक्षिण जब पूछे क्रम आपसे तो बन जाएगा पहली बात तो अगर पूछे कि इन सारे के सारे स्ट्रक्चर को नॉर्थ टू साउथ या साउथ से नॉर्थ में सेट करी है तो मालूम होना चाहिए। तो पहला पहला हमने क्या बोला? भाबर। दूसरा क्या बोले? तराई। ठीक है? तीसरा क्या बोले? बांगर और चौथा क्या बोले? खादर। ठीक है? ये नाम सबको ऐसे लिखना है। भाबर तराई भाबर देन तराई देन यहां पे बांगर। देन खादर। ठीक। तो अब देखो भाई यहां पर चार नाम दिख गए। अब चारों को एक्सप्लेन करता हूं। तो पहला सवाल तो यह बनता है कि जब भी आप यह चीज समझो कि नदी बह रही है तो नदी बहेगी
1:01:40 तो ऐसे कंडीशन में जब यहां के कणों का आकार ज्यादा है। मैं सबसे बड़े कण कहां पे मिल रहे हैं अपने को? भाबर। और सबसे छोटे कण कहां मिल रहे हैं? खादर। ये मान लिए। तो जहां छोटा कण होगा वहां ज्यादा खेती होगी। बड़ा कण वाले में। छोटा कण में। ठीक है ना? जहां कण छोटे होंगे वहीं पर अच्छी क्या होगी? खेती। माने इन सब में सबसे अच्छा मैदान कौन सा है? खादर। तो फिर ऐसे में देखो जब नदियां चलती हैं एक सवाल ये है जैसे मान लो ये पहला स्टेज है। इसको हमने नाम दिया भाबर दिया। सेकंड नाम क्या है? तराई। फिर क्या नाम है? बांगर। और क्या है? खादर। आप बोलेंगे खादर सबसे अच्छा है। बांगर सबसे बेकार है। मतलब नदी जब ऐसे फ्लो करी ये हिमालय का सीधा हिमालय का चार रेंज पढ़े हो। ट्रांस हिमालय, वृहद हिमालय, मध्य हिमालय और शिवालय। माने शिवालिक के ठीक नीचे सबसे पहले जो मिलता है उसको क्या बोलते हैं? भावर। शिवालिक के गिरी मतलब
1:02:26 गिरी मतलब पर्वत और पद मतलब पैर। तो शिवालिक के गिरी पद में शिवालिक के ठीक फुटप्रिंट में फुट जो फुट पैडल है फुटप्रिंट है उसी फुट पैडल में सबसे पहला स्ट्रक्चर मिलता है कौन सा होगा? भाबर। ये लिखेंगे आगे चलके। दूसरा अब यहां पर पूरा पूरा टूट टूट के आया है भाई। पहाड़ टूटेगा। पहाड़ का बड़ा-बड़ा चट्टान टूटेगा तो टूट-टूट करके वो कहीं ना बड़े स्ट्रक्चर में आकर जमा हो जाएगा। और जनरली करके गोल-गोल क्यों बनाए उसको? क्योंकि भाई पहाड़ से जब कोई लुढ़कती है तो लुढ़कते हुए उसका जो कोर है जो किनारा है वह कहीं ना कहीं टूटेगा और वह एक गोल के रूप में कन्वर्ट हो जाता है। ठीक है ना? जैसे आप कभी कहीं से गिरते हो। ठीक है? तो पहले गिरो तो आपकी कोहनी में लगता है। घुटने में लगता है। माने जो जो भाग आपके बॉडी के एक्सटीरियर है। ठीक है? वही ज्यादा लगता है। ठीक है? एक बार ट्राई करना है ना? अंदाजा हो जाएगा। तो कोहनी
1:03:13 छिलाएगा बस ज्यादा नहीं होगा उसमें। बट एक्सपीरियंस हो जाएगा। ठीक है? यहां पर जो बता रहा हूं मैं कि बड़े-बड़े कंकड़ पत्थर से बना हुआ एक स्ट्रक्चर उसको बोलते हैं क्या बोलते हैं? भावर और दूसरा यह है कि जब नदी बह रही है तो मान लो पत्थर बड़े-बड़े हैं। ठीक है? तो नदी इसके ऊपर से नहीं नदी से कहां जाएगी? नीचे से। माने नदी आपको दिखेगी नहीं सरफेस के ऊपर। कहां पर? भाबर। भाबर स्ट्रक्चर बड़े-बड़े कंकड़ पत्थर से मिलकर बनता है। पहला चीज। दूसरा नदियां यहां पर ऊपर नहीं दिखती। कहां रहती है वो? नीचे। परमीएबल नहीं रहती है। यहां पर नदी ऊपर ऊपर तो आ ही नहीं सकती क्योंकि यह सारे के सारे चट्टान दूर-दूर हैं। बड़े-बड़े पत्थर हैं। जैसे ही अगला स्टेज आता है कौन सा आता है आपका? तराई। जैसे ही कण छोटे हुए पासपास आए और पासपास होने से
1:04:00 अब वो नदियों को बहने से नीचे बहने से रुकेंगे और नदी अब जो नीचे बह रही थी वो कहां जाएगी? थोड़ा सा ऊपर। पहली बार नदी हिमालय के नीचे जिस मैदान के स्ट्रक्चर में ऊपर दिखाई पड़ती उसका नाम क्या पड़ेगा? तराई। ठीक है? ये भी क्वेश्चन आता है। अब दूसरा तराई में होता क्या है? तराई क्यों कहते हैं? सोचने वाली बात है। हिमालय के ठीक नीचे आप उतर रहे हो। पहला चीज और हिमालय से नीचे उतरोगे नीचे धीरे-धीरे उतरोगे। जैसे मान के चलो कि अगर हम बात करते हैं ये वॉच। ठीक है ना? थोड़ा सा साइन कर रहा होगा। चमक रहा हो कहीं ना कहीं। क्यों चमक रहा है? क्योंकि एक लाइट का रिफ्लेक्शन यहां है और दूसरा आपका आंखों में है। वैसे ही जब नदियां बहती हैं तो ऐसे कंडीशन में जब नदी बहेगा तो एक ऊपर का सूर्य का रोशनी यहां पड़ता है और हम जब नीचे से देखेंगे तो हमको चमकता हुआ नजर आता है। तो पूरा तारों से भरा हुआ क्षेत्र कहलाता है। क्या बोलते हैं उसको? तराई। तराई कहने का मतलब तारों से भरा हुआ
1:04:46 टिमटिमाता एरिया उसको बोलते हैं। क्या बोलते हैं? तराई। ये तो चीज हो गया। अब आप ये मान लीजिए कि नदी पहले दिखाई पड़ रही। पहली बार नदी दिखाई पड़ रही सरफेस के ऊपर जहां पर उसको बोलते हैं हम लोग? तराई। तो भाई नदी एक साथ सब पूरा ऊपर नहीं आएगा। थोड़ा सा भाग ऊपर फिर कहीं नीचे फिर कहीं ऊपर फिर कहीं नीचे मतलब पानी फिर जमीन फिर पानी फिर जमीन ये चलता रहेगा। और ऐसे में किसी स्थान में पूरा दलदल बन जाता है। क्या बन जाता है? दलदल। दलदल वही बनता है जहां पे जमीन पानी दोनों हो कहीं ना कहीं। तो ये पूरा का पूरा क्षेत्र कौन सा वाला? कौन सा बोलेंगे? तराई। ये तराई का पूरा क्षेत्र दलदल से भरा रहता है। अब आते हैं बांगर और एक क्या बोलते हैं? खादर। अब ये क्या होता देखो बांगर और खादर को समझने के लिए आपको पहले एक नदी को मान लेना है। हम नदी का नाम मान लेते हैं अर्पा। क्या नाम है ये? अर्पा। ठीक है? अर्पा नदी ऐसा नदी
1:05:33 है जो साल भर में आएगा और मालूम है कि भैया इस साल वो चाहे हर साल हो वो नदी ना यहीं तक बहती है। कहने का मतलब उसका जो चौड़ाई है वो यहां से यहां तक रहेगा। ठीक है? तो क्या होगा कि कभी-कभी नदी बीचोंबीच रहती है। सूख जाती है तब लेकिन जब नदियों में पानी आता है तो नदी यहां तक चला जाता है। तो जहां तक यह भाग सूखा है इसके आसपास या यहीं पर हमको हर साल नया-नया एक हमको मिलता है इंग्रेडिएंट्स या हमको नया-नया पोषक तत्व मिलता है इस वाले हिस्से में और ये वाला हिस्सा जब हर साल चेंज हो रहा है तो यहां पे उत्पादन भी थोड़ा सा अच्छा होगा क्योंकि यह मिट्टी हर साल क्या हो रही है? चेंज हो रही है। नदी के ठीक किनारे का हिस्सा जो हर साल बदलना तय है उसको बोलते हैं खादर। क्या बोलते हैं उसको? खादर। लेकिन मान लो किसी साल फ्लड
1:06:19 वाला सिचुएशन आ गया। किसी साल बाढ़ वाली कंडीशन आ गई तो बाढ़ वाली कंडीशन में पानी थोड़ा फैल जाएगा और एक नया लेयर यहां पर डेवलप कर देगा। लेकिन यह हर साल नहीं होगा। यह तभी होगा जिस साल क्या आएगा? बाढ़। तो इस एक्स्ट्रा गए हुए पानी को या इस बाढ़ के कारण से बना हुआ मिट्टी वाला क्षेत्र को हम लोग बोलते हैं बांगर। क्या बोलते हैं? बांगर। ब से बाढ़ और ब से क्या होगा? बांगर। हर साल चेंज होगा। कौन चेंज होगा आपका? खादर। और कभी-कभी चेंज होगा कौन सा? बांगर। अब जो कभी-कभी चेंज हो रहा है वो तो पड़ा हुआ है कहीं ना कहीं। 5 साल लगे, 3 साल लगे, 2 साल लगे। तो ऐसे में ये जो बांगर है ये पड़ी हुई भूमि है। ये कहीं ना कहीं ऐसा एक हाइट वाले स्थान में चला गया है। क्योंकि ये तो मालूम है ना कि बाहर जब आएगा तो ऐसे में पानी एक्स्ट्रा जाएगा तो जो एक्स्ट्रा वाला भाग है ऊपर
1:07:06 रहेगा ना कि नीचे रहेगा। ठीक है? तो ऐसे में दोनों में अगर पूछा जाए खादर और बांगर में अगर पूछा जाए तो खादर और बांगर में दोनों में हाइट ज्यादा किसकी होगी? हाइट ज्यादा किसकी होगी? ऊंचाई पर कौन ज्यादा स्थित होगा? खादर कि बांगर बांगर। बांगर कौन होगा? बांगर क्योंकि भाई पानी का हाइट उठा ना बाढ़ आने से और हाइट दोनों में कम किसकी होगी? खादर। यह रटने वाली बात नहीं है। यह मानने वाली बात है। नदी जा रही है इतने में जाती है। इस बार इत्त में चली गई। तो जहां चली गई वो बाढ़ से बन गया। तो एक नया मिट्टी ऊपर बनेगा। इसलिए बोलते हैं खादर। बांगर में ऊंचाई ज्यादा होता है। किसका होता है? बांगर। पहला चीज। दूसरा दोनों में ज्यादा उपजाऊ कौन सी है? खादर। ज्यादा अच्छा खेती कहां पर होगा? खादर। जो मिट्टी हमारे खेती के लायक होगी कौन सी होगी? खादर। कण छोटे
1:07:52 किसके होंगे? कण बड़े किसके होंगे? ऊंचाई पर कौन सी बनेगी? बाढ़ से कौन बनेगा? हर साल कौन चेंज होगा? कभी-कभी कौन चेंज होगा? खराब मिट्टी कौन सी है? और नई मिट्टी कौन सी है? काम की मिट्टी कौन सी है? बादल। इतना अंतर समझा समझ में आना कि ज्यादा दोनों देखो जल से बनता है। जलोढ़ बोलते हैं इसको। एलुवियल बोलते हैं। दोनों एलुवियल सोइल है। दोनों जलोढ़ मिट्टी है। कैसी मिट्टी दोनों? जलोढ़। बट इस एलुवियल सोइल की अगर बात करें तो यह जो एलोड जो है ना खादर यह है नवीन जलोढ़ नया है ये न्यू एलुवियल और यह जलोढ़ जो है ये पुराना है ओल्ड एलुवियल क्योंकि कभी-कभी चेंज हो रहा है हर साल
1:08:38 चेंज हो रहा है तो खादर बांगर में अंतर सिर्फ इतना है दोनों नदी के किनारे पर रहेगा जो ठीक किनारे पर रहेगा उसको हमने क्या नाम देना है खादर और जो किनारे के किनारे रहेगा उसको हमने क्या नाम देना है बांगर सर अब देखो जब मिट्टी कहीं खाली पड़ी है वहां पानी गिर नहीं रहा है पानी जा नहीं रहा है मिट्टी पड़े पड़े खराब हो जाती है उसमें साल्ट कंटेंट ज्यादा हो जाता है उसमें लवण की मात्रा ज्यादा हो जाती है कैल्शियम सोडियम पोटशियम तो जब किसी मिट्टी में साल्ट की मात्रा ज्यादा हो जाती है वो मिट्टी हमारे काम की रहती नहीं है इसलिए बोल रहा हूं ना कि खादर बांगर में ये खराब है कौन सी खराब है बांगर क्योंकि इसमें ये पड़े पड़े मिट्टी खराब है इसमें साल्ट कंटेंट जो नीचे था वो धीरे-धीरे कहां आ के जमा हो गया सरफेस के ऊपर और फिर वो मिट्टी हमारे काम उतनी नहीं होती जितनी की होनी चाहिए। ये दोनों में डिफरेंस है। ठीक है? हमको चारों का
1:09:24 डेफिनेशन लिखना है। पहला भाबर है। दूसरे का नाम क्या है? तराई। फिर क्या नाम है? बांगर। और फिर क्या है? खादर। ठीक है? चलो पहले लिखो। भाबर को नाम। बाबर का लिखो डेफिनेशन। यहीं पर लिख लो। ठीक है तो लिखो पहले भाव पर लिखो या शिवालिक के
1:10:10 शिवालिक के ठीक दक्षिण में शिवालिक के ठीक ठीक दक्षिण में दक्षिण में या गिरी पद में फुटप्रिंट में गिरीपद या फुटप्रिंट में कंकड़ पत्थर से बनी कंकड़ पत्थर मतलब इसको बोलते हैं हम लोग रक्स एंड बोल्डर कंकड़ पत्थर से बनी छिद्रुमा संरचना है। पोर्स स्ट्रक्चर है। छिद्रुमा संरचना है। कंकड़ पत्थर से बनी
1:10:59 चलो मैं लिख देता हूं। लिख दूं क्या? हो जाएगा। ठीक। कंकड़ पत्थर से बनी क्षेत्रुमा संरचना है। मैं देखो ये बेसिकली रॉक्स से और क्या कहते हैं आपको? वो बोल्डर से बना रहता है। बोला ना बड़ा-बड़ा आकार रहता है तो उसी को हम रॉक कहेंगे या बोल्डर कहेंगे। लेकिन इसमें ये पूरा सपाट नहीं रहेगा। इसमें छोटे-छोटे पोर्स रहेंगे, होल रहेंगे वहीं से पानी निकलेगा कहीं ना कहीं। ठीक है? छिद्र संरचना है। जहां पे नदियां नेक्स्ट पॉइंट जहां पे नदियां जहां पे नदियां स्लो बोल रहा हूं। स्लोली बोल रहा हूं। ठीक है? यहां पे नदियां सतह के सरफेस के ऊपर के नीचे नीचे बहती है।
1:11:47 रिवर फ्लोस अंडर दी सरफेस। ठीक है? जहां पे नदियां सतह के कहां बहती हैं? नीचे। दूसरा ये ध्यान रखना है कि ये जो चौड़ाई अपने को दिख रहा है ये वाला हिस्सा ये। तो ये जो चौड़ाई अपने को दिख रहा है यह कितना चौड़ा होगा? भाई यह 8 से लेकर 16 किलोमीटर तक फैला है। लिखो भाबर की चौड़ाई भाबर की चौड़ाई 8 से 16 कि.मी. तक होती है। भाबर की चौड़ाई 8 से 16 कि.मी. तक होती है। 8 टू 16 कि.मी. तक होती है। नेक्स्ट पॉइंट यह सिंधु नदी से
1:12:34 से तीस्ता तीस्ता नदी के नाम सुने हो क्या पहले हां ठीक वो शायद हिमालय पढ़े तब सुने होंगे सिंधु सतलज काली तीस्ता और ब्रह्मपुत्र ठीक है सिंधु नदी से तीस्ता नदी फैली है सिंधु नदी से तीस्ता नदी तक फैली ठीक। यह हुआ भाबर हुआ। नेक्स्ट पॉइंट लिखो। तराई तो तराई कितना दूर तक फैला है? देखो वो कितना बोला? आठ से 16 8 से 16 अब तराई लिखो। 16 से 30 कि.मी.
1:13:22 16 से 30 ठीक लिखो इसमें इस सतह में नहीं सतह मत करो इस संरचना में करो स्ट्रक्चर में संरचना में इस संरचना में इस संरचना में नदियां इस संरचना में नदियां सतह के इस संरचना में नदियां सतह के ऊपर दिखाई पड़ती हैं।
1:14:07 इस संरचना में नदियां सतह के ऊपर दिखाई पड़ती हैं। रिवर रिमर्ज ओवर दी सरफेस या रीअपीयर्स ओवर दी सरफेस। इस सतह में इस संरचना में नदियां सतह के कहां दिखाई पड़ती हैं? ऊपर। ठीक है? रिवर रीअपीयरर्स ओवर दी सरफेस। दूसरा यहां दलदल भूमि का निर्माण होता है। देखो दलदल भूमि क्या बोलते हैं इंग्लिश में? मार्शी एंड स्वामीपी एरिया। यहां दलदल भूमि का निर्माण होता है। नेक्स्ट पॉइंट यह एरिया कृषि के लायक रहता है। यह एरिया
1:14:56 कृषि के लायक रहता है। यह एरिया कृषि के लायक रहता है। पहला वाला बिल्कुल नहीं है ना जो पहला हम लिखे हैं ना क्या लिखे हम लोग भाबर वहां कोई खेती नहीं कर सकते आप तो आप चाहो तो ऐड कर सकते हो बट याद भी रखना कि भाबर में कोई खेती की पॉसिबिलिटी नहीं है देयर इज नॉट एनी स्कोप ऑफ एग्रीकल्चर इन भाबर एरिया तो देखो भाबर में एक ऐड कर लो यहां कृषि के लायक कोई स्थिति नहीं होती है नॉट एनी स्कोप ऑफ एग्रीकल्चर यहां कृषि के लायक कोई क्या बोलता मैं हिंदी हिंदी में म लिख लो ना अपने हिसाब से कृषि नहीं कर सकते ऐसा लिख लो हां जो भी लिखना है अब इतना तो समझ जाया करो ठीक है ये हुआ अब आओ इसमें बांगर
1:15:43 और खादर चलो तो बांगर खादर को आप ऐसे अंतर करके लिख लो बीच से ऐसा बांट लो इधर लिख लो बांगर और दूसरा खादर बांगर और खादर। ठीक है? दोनों में पुराना कौन सा है? बांगर। कौन? तो खादर बोल रहा है। ठीक है? बांगर पुराना है और नया कौन सा है? खादर। तो पहला लिखो। यह पुरानी जलोढ़ है। ओल्ड एलवियल।
1:16:28 नहीं विश्वास हो रहा है। पुराना है। अरे मतलब दोनों के लेना जो जो बार-बार नहीं बनता उस हिसाब से बोल रहा हूं। देखो पहला बांगर में लिखो। बांगर में लिखना है। यह पुरानी जलोढ़ है। ठीक है? उधर लिखो उसमें खादर में यह नवीन जलोढ़ है। न्यू एलुवियल। लिख लोगे ना? दूसरा दोनों में बताओ हाइट ज्यादा किसकी होगी? किसकी? बांगर लिखो। इसकी हाइट ज्यादा होती है। इसकी हाइट कम होती है। इसकी हाइट ज्यादा और इसकी हाइट कम होती है।
1:17:14 ठीक है? दो हो गया। तीसरा दोनों में ज्यादा कृषि के लिए ज्यादा फेवरेबल कौन सा होगा? खाद। देखो ये कृषि के लिए कम उपजाऊ होती है। या कृषि के लिए ज्यादा उपजाऊ होती है? कृषि के लिए कम उपजाऊ होती है। कृषि के लिए ज्यादा उपजाऊ होती है। भाबर में लिखना है। बांगर में लिखना है कि यह कृषि के लिए कम उपजाऊ होती है। खादर में लिखो। यह कृषि के लिए सबसे बेहतर होती है। ठीक। दोनों में कण किसके छोटे होंगे? लिखो। इसके कण बड़े हैं
1:18:00 और उसके कण छोटे होते हैं। बाढ़ से कौन बनेगा? बाढ़ से कौन बनता है? देखो, यह बाढ़ से बनने वाली जलोढ़ मिट्टी है। फ्लड से बनता है यह। या बाढ़ से बनने वाली जलोढ़ मिट्टी है। उधर लिखो। यह हर साल बनती है। हर साल बनती है। अब लिखना है इसमें। अभी समझा रहा था मैं
1:18:46 आपको कि क्षार जो तत्व है क्षारीय तत्व है बताया था ना अभी समझाया था क्षारीय तत्व किसमें ज्यादा होंगे बांगर में कि खादर में देखो ध्यान रखना क्षारीय तत्व मिट्टी को खराब करता है सॉल्ट कंटेंट की बात कर रहा हूं ठीक है जो अल्कलिनिटी है जो उसकी क्षारीयता है वह मिट्टी को खराब करती है तो क्षारीय तत्व वही बनेगा जहां पर पानी जा नहीं रहा है बार-बार या फिर यह होता है कभी-कभी जब पानी बहुत अधिक मात्रा में जाता है जैसे मान लो कहीं पानी जमा हो गया कभी-कभी आप अगर आप एक्वाफिना का या फिर आरो का ऐड देखते होंगे तो उसमें एक एनिमेटेड एक आपको ऐड दिखाते हैं कि उसमें ना पूरा का पूरा ऐसा गोलगोल किसी में कैल्शियम किसी में सोडियम
1:19:33 लिखा होता है ऐसा घूमते रहता है वो क्षार है वो उसको हम डीआयनाइज करते हैं और उसको हम मिनरल वाटर के तौर पर इस्तेमाल करते हैं तो मिनरल वाटर का आवश्यकता उन देशों में ज्यादा है जिन देशों में पानी साफ सुथरा नहीं मिल रहा है और हमारे इंडिया में ही हमारे देश में पानी साफ सुथरा नहीं मिल रहा है। लेकिन वहीं जो कंट्री ग्लेशियर के ठीक किनारे हैं वहां पे भी मिनरल वाटर मिलता है। बट वहां की जो आम जनता होती है वो नॉर्मल वाटर भी सीधे नदियों से निकाल के क्या कर सकती है? पी सकती है। इतना फ्रेश वाटर वहां मिलता है। ठीक? तो इसलिए और यह भी कहते हैं कि आरो का पानी साफ रहता है लेकिन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक भी होता है। कैसे? अगर आप लगातार उस ऑरो वाटर को पिएंगे तो ये एक
1:20:20 रिसर्च है। अब पता नहीं कहां तक सही नहीं। दैट कॉजेस कैंसर। ठीक है ना? लेकिन वही है क्योंकि आप डिमिनरलाइज वाटर पी रहे हो ना। पानी ऐसा पियो जिसमें कोई मिनरल है ही नहीं। तो ऐसे में फिर वो किसी वर्थ का काम है नहीं। और दूसरा यह है कि जब आप एक्सेस अमाउंट ऑफ पानी पीते हो क्योंकि किसी चीज का जब असंतुलन आप सेवन करते हैं अननेसेसरी या फिर इमंबैलेंस आप उसको जब इन्हेल करोगे उसको जब इस्तेमाल करोगे तो उसका नुकसान तो मिलता ही है। तो ये ऐसा रिसर्च निकला है कि ज्यादा मिनरल वाटर पीने से भी दिक्कत होता है। लेकिन वही है हमारे पास पानी साफ सुथरा होता तो हम मिनरल वाटर क्यों पीते? तो हमको पीना ही पड़ेगा। चाहे आप कैंसर से मरो चाहे हवा ऐसे मरो। ठीक है? चाहे हैजा से मरो। ठीक है? चलो। तो इसमें लिखिए बांगर में इसमें क्षारीय
1:21:07 तत्व अधिक होते हैं। एल्कलाइन एलिमेंट्स ज्यादा होते हैं। बांगर में क्षारीय तत्व ज्यादा होते हैं। ठीक? क्षारीय तत्व ज्यादा होते हैं। वहां लिखो। क्षारीय तत्व कम रहते हैं। क्षारीय तत्व कम रहते हैं। उसमें पोषक तत्व पाए जाते हैं। खादर में पोषक तत्व पाए जाते हैं। ऊंचाई लिख लीजिए दोनों को। ऊंचाई ज्यादा कम ज्यादा। ऊंचाई ज्यादा किसका है? बांगर। ऊंचाई कम किसका है? पहली बार नदी कहां पर दिखाई पड़ती है? सरफेस के ऊपर कहां पर दिखाई पड़ेगी? कहां दिखाई पड़ेगा? तराई
1:21:52 तराई कहां दिखाई पड़ेगा? तराई। और सरफेस के नीचे कहां पर बहेगा? कहां बहेगा? सरफेस के नीचे कहां बहेगा? सब जन आंसर दो। कहां बहेगा? ठीक है? और सरफेस के ऊपर कहां पर दिखाई पड़ेगा? सबसे छोटा कण किसका होगा? सबसे बड़ा कण किसका होगा? कंकड़ पत्थर से कौन बना होगा? कौन बना होगा? बांगड़। बाढ़ से कौन सा जलोढ़ बनता है? बांगर। बांगर और खादर में ज्यादा अधिक उपजाऊ कौन सा है? खादर। छारीय तत्व ज्यादा किसमें है? उपजाऊ पोषक तत्व किसमें ज्यादा है? खादर। खेती के लायक कौन सी है? दलदल एरिया कहां मिलेगा? कहां? तराई। दलदल कहां मिलेगा? तराई। तो ऐसे क्वेश्चन पूछेगा आपसे। हो गया खत्म।
1:22:38 तो हमने हिमालय पढ़ा। हम दूसरा पढ़े। पठार वाला पढ़े। तीसरा क्या पढ़े? मैदान। तट पढ़ लिए हैं क्या? हां। तो अब एक तो बचा द्वीप। मरुस्थल हम लोग इसी में पढ़े हैं ना वह जो हमने राजस्थान का मैदान पढ़ा है वह उसी में कवर हो जाता है। ठीक है? अब हम लोग पढ़ेंगे द्वीप पढ़ेंगे। द्वीप पढ़ते हैं आज। चलो तो द्वीप में देखो दो हिस्सा रहता है। एक रहेगा अंडमान निकोबार का और एक रहेगा लक्षद्वीप का। आप अभी तक दो ही द्वीप पड़े हो। लेकिन दोनों के अलावा भी हमारे इंडिया में कहीं-कहीं द्वीप है। अब वह कौन से द्वीप है? कौन से नहीं? कैसे घड़ी देख रहे हो बार-बार कहीं जानावाना है क्या
1:23:24 घर? अभी तो घर से आए हो क्या? अरे ज्यादा मत जाया करो। इज्जत वज्जत कम हो जाएगा। अभी छुट्टी हो जाएगी। फिर सेकंड हाफ में घूम लेना ना। क्या दिक्कत है? एकदम बिलासपुर में एकदम से पागलों की तरह घूमना। ठीक है। आज वैसे भी कहीं ना कहीं दही हांडी वगैरह होगा ही ठीक है तो चले जाना बढ़िया घूमने के लिए जो लोग पहली बार बिलासपुर आए हो उन लोग थोड़ा कभी देखे नहीं मत करना कि अभी अरे कभी देखे नहीं है मटकी फोड़ क्या होता है
1:24:11 और थोड़ा दूर रहना भीड़भाड़ अचानक भीड़भाड़ में लड़ाई हो जाती है भाई कभी पता चला गए चार पांच चाकू कोई मार दिया खत्म मन भर गया भगवान कृष्ण बचा नहीं पाए वही मर गए शहीद हो गए हैं ठीक है थोड़ा सा ध्यान से है ना यहां का भरोसा किसी भीड़ का भरोसा नहीं यहां का क्या भरोसा नहीं स्वागत नहीं है।
1:25:19 देखो बेसिकली हमारे पास दोनों साइड द्वीप मिलता है। दीप तो जानते हो किसको बोलते हैं? जब भी कोई जमीन चारों तरफ से पानी से गिरा हो। यह तो खैर शुरू में बता
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