0:04 शब्द हुआ था को एक आधे लुट
1:00 हुए दो शब्द भिंडी कर दो कि नमस्कार साथियों स्वागत अफ्रीका क्रिकेट एकेडमी के YouTube चैनल पर साथियों स्वागत है आपका लेक्चर नंबर-14 सेक्स लुसेंट की बुक का अध्ययन कर रहे हैं जिसमें हम लोग मुगल बादशाह में घुमाव के
1:48 बाद पढेंगे आज महान बादशाह अकबर के बारे में तो साथियों उम्मीद करते होंगे आप आवाज आ रही होगी तो फटाफट वीडियो को क्या कर दो शेयर कर तो दबाकर दबा के लाइक कर दो और साहब भाई साहब परेशान मत होना बहुत परेशान हो गए इतने सारे कमेंट आ गए इतने सारे कमेंट आगे कि भाई साहब सर कहां चले गए हो सर पढ़ाने और प्लीज भाई साहब तुमसे मोहब्बत की है बेवफा थोड़े साबित होना है हर तुमसे मोहब्बत की है बेवफा थोड़े साबित होना है तुमसे अगर मोहब्बत तो मोहब्बत का रिजल्ट भी तो देना है अपने सारे बच्चों को भी सेलेक्शन भी तो दिलाना है तो अपने का मतलब है बस इतना बचा लो थोड़े से
2:37 फैमिली रीजन से और पर्सनल रीजंस थे जिनकी वजह से मैं क्लास नहीं ले पाया उसके लिए मैं हाथ जोड़कर सभी भाइयों बहनों से उनके माता-पिता से जिनको मैं दिल्ली शत-शत नमन करता था उनसे भी माफी चाहता हूं कि उनके बच्चों का हमारे द्वारा लास्ट मुझे माप है और सबसे बड़ी बात बता दे अमृतसर मुस्कुरा है इसलिए है क्योंकि मैं पहले बोला था तो वह आवाज नहीं आई थी टिकट चाहिए बहुत बढ़िया बात है यह हंसी का आर्म होल है और हमें पता है बच्चे आज बिल्कुल दम लगा पढेंगे मजा आ जाएगा आनंद ही आनंद परमानंद चलिए है कि सिद्धार्थ बात का हमें लगातार हम अपने
3:22 नारद भाई साहब नाराज होने की बात ही नहीं रात गई बात गई काम खत्म लेकिन बहुत बदतमीजी हुई थी लास्ट टाइम वे पता है सबको चलिए पढ़ा जाए चले बहुत बढ़िया जबरदस्त फायदे टॉप क्लास शुरू की जा रही है तो सब अभी हां बहुत बच्चों के कमेंट आ रहा है सर आपने बोला था घुमाई के बाद सिरसा पढ़ाओगे तुम्हारी तरफ शेरशाह पढ़ाएंगे पक्का बढ़ाएंगे सिर्फ एक कंडीशन पर तुम्हारा लाइक शेयर नहीं रुकेगा टिप्स तो फटाफट भाई साहब सब लोग मीटिंग लगा लो अकबर क्या लगाओगे अखबार तो हमको पता है भाई साहब बात पर पढ़ लिया घुमाए पढ़ लिया आज बारीक इसकी है अकबर की है दम लगा के वीडियो को शेयर
4:10 करो कि भाई साहब कहीं पर गाड़ी रुकने नहीं चाहिए लाइक में कमी होने चाहिए ठीक है चलिए अब तो आपके बारे में सबसे पहले जान लो भाई साहब अकबर का टाइम पीरियड कब से कब तक चलेगा 1556 से 1605 तक अगर मैं 1 हम छह में बात कहूं ना सबसे ज्यादा अगर कोई प्रश्न पूछा जाता है मुगल काल से वह भाई साहब है कौन अकबर अकबर के बिना सब मामला सूना-सूना कहते नहीं है जग सूना सूना लागे वाला हाल है पूरा मुगल सूना सूना लागे किसके बिना विदाउट अकबर के बिना ठीक है चालक तो भाई साहब अकबर के बारे में बात समझ में आती है आती है छुट्टी भी है दिल में समाती भी है
4:59 अब बात कहने का तात्पर्य बस इतना है इतना है अकबर का पूरा नाम क्या था अकबर का पूरा नाम था जलालुद्दीन जलालुद्दीन मोहम्मद अकबर अ है तो जलालुद्दीन मोहम्मद अकबर किसका भाई साहब पूरा नाम था यह 22 जब तक इसका पूरा नाम अकबर का जलालुद्दीन मोहम्मद अकबर और कहने का मतलब है भाई साहब अकबर के बचपन का नाम भी याद रखना अकबर के बचपन का नाम भी याद रखना कि अकबर के बचपन का नाम क्या था तो सब बच्चों को पता होना चाहिए अकबर के बचपन का नाम जलाल था क्या था जलाल क्यों
5:47 क्योंकि भाई साहब इनकी जो माता थी जिनके गर्व से यह जन्म लिए थे हमीदा बानो बेगम तो हमीदा बानो बेगम इनको जलाल के नाम से पुकारते खैर मेरा लल्ला जलधारा जरा त्यों धर मिट्टी में खेल रहा है तो जलाल कहते कहते हैं इनका नाम जलालुद्दीन मोहम्मद अकबर पूरा नाम पड़ गया तो बात पता चल गई होगी कौन थे जलाल भाई साहब जगमाल वही थे जो बाद में अक अपने आपने बहुत कहानी देखिए अकबर जोधा जोधा अकबर हनक तो जोधाबाई के बारे में भी समझेंगे हर एक चीज समझेंगे ठीक है चलिए बहुत बढ़िया फिर बात समझना बहुत ध्यान से इनका टाइम पीरियड पहले आप पल्लू फिर उसके
6:33 बाद जलालुद्दीन मोहम्मद अकबर इनका पूरा नाम याद कर लो इनके बचपन का नाम जला कर लो अब बात आती है भाई साहब अकबर के पिता का नाम तो सब बच्चों को पता है भाई साहब अकबर के पिता का नाम क्या है अकबर के पिता का नाम था घुमाव अब हनुमान जी के बारे में एक बहुत ही अच्छे से हमने हमारी वाले बीच स्टोरी समझाई थी और यहां भी समझा देंगे तो दोनों का मामला दिमाग में हिट हो जाएगा तो कहने का तात्पर्य बस इतना है ज्यादा ताव पर है नहीं थोड़ा सा तात्पर्य चुटकी भर का ठीक है चलिए तो तात्पर्य का मतलब समझो क्या समझाना चाहते हैं जब शेरशाह सूरी ने जब शेरशाह सूरी ने इनको बिलग्राम का युद्ध कन्नौज के लिए कि 1540 इसी में हर आदमी आता तो भाई साहब
7:21 यह मजबूर हो गए थे यहां से भागने के लिए दिल्ली सल्तनत छोड़कर यह भागने के लिए मजबूर हो गए थे घुमाई साहब इसीलिए भाई साधू माई के बारे में सबको पता होगा क्या पता होगा 1540 में जब बिल ग्राम्य कन्नौज का युद्ध हार गया घुमाई व्हातसाप तो यह दिल्ली छोड़कर भाग गया भाग के कहां जाता तो सब को पता है 1541 की स्थिति में यह क्या हो गया भाग दिया 1541 फिरे मणी भाग कर कहां जाता है भाई सार राजस्थान के मरुस्थली इलाके में राजस्थान के मरुस्थली इलाका में जहां पर जहां पर बींस साल की रियासत चलती थी किस कि रियासत में पहुंच गए यह वीर साल की रियासत में पहुंच गए कौन
8:08 घुमाव तो कहने का मतलब हुए 1541 हुए दें बींस साल की रियासत में भागकर कौन प्रज्ञा तो भाई था वह चले गए कौन मानव अब बात आती है यह 20 साल की रियासत राजस्थान में पढ़ती कहां थी तो सब बच्चों को पता है बेताब यह रियासत पड़ती थी अमरकोट में में कि यह रियासत कहां पर तीर तो भाई साहब यह रियासत थी अमरकोट में कहने का मतलब है बीरसाल की रियासत कहां पढ़ती थी तब फिर साल के रियासत अमरकोट की थी और यह पड़ती थी राजस्थान जिसकी राजधानी है गुलाबी शहर मतलब जयपुर क्लियरेंस तो कहने का मतलब है
8:57 1541 विभाग या वहां पर क्या हुआ वहां पर हुआ बहुत ही तगड़ा काम क्या हुआ 1541 में विवाह हुआ था संपन्न हुआ विवाह ठीक है अब भाई साहब घुमाव का विवाह हुआ था किस से हुआ विवाह तो सबको हमने बताया था यहीं पर विवाह हुआ किसने हमीदा बानो बेगम से हमीदा बानो बेगम से 1541 में क्या हो जाता है विवाह संपन्न हुआ टिकट अब विवाह हो गया भाई साहब हमीदा बानो बेगम इन की बेगम बन गई इन कीपक यह बन गई तो इससे क्या हुआ तो भाई साहब तो भाई साहब ऐसा क्या हुआ तो भाई साहब इन दोनों के डुब हमीदा बानो बेगम और मानव से
9:45 एक पुत्र रत्न की प्राप्ति होती है जिसका नाम था जलालुद्दीन मोहम्मद अकबर तो पता चलता है पिता यह थे माता हमीदा बानो बेगम थी किसकी अकबर की क्लियर है इतनी बात क्लियर है भाई साहब अब बात आती है अकबर का जन्म हुआ तो कब हुआ अकबर का जन्म हुआ तो कब हुआ तो याद रखिएगा 1541 फ्री में तो हमारी का विवाह हुआ और जन्म कब हुआ तो याद रखिएगा 1542 इसवी में हुमायूं का क्या हुआ हुमायूं का विवाह हुआ था किस से हुआ था सॉरी 15 से काली इसमें तो विवाह हुआ 1542 ईस्वी में अकबर का जन्म हुआ था अकबर का जब जन्म हुआ तो याद रखिएगा याद रख
10:33 झाल जितना खुश या इतना खुश हुआ कि उसके पास वहां के राजाओं को वहां के सेनापतियों को देने के लिए कुछ नहीं था कुछ नहीं था लेकिन सिर्फ इसके पास एक कस्तूरी मेथी सिर वे किसके पास कस्तूरी थी तो अकबर के केवल जन्म की खुशी में हुमायूं ने पूरे कस्तूरी को तोड़ तोड़ तोड़ तोड़ कर पूरा पटवा दिया टिकट तो कहने का तात्पर्य यह तो हमारी की बात हो जाती है पर अब बात आती है बहुत ध्यान से तब आपको बताएं बाद में घुमाव बाद में हुमायूं 1555 शुरू में मच्छी वाला का
11:21 युद्ध मछीवाड़ा का युद्ध ठीक है अवसर हिंदी की लड़ाई जीतकर कुमारी द्वारा दिल्ली सल्तनत पर बैठ जाता है और उसी बीच कमाई की है दूर हो जाती है हत्या का हो जाती है भाई साहब हमने बताया था हत्या की मृत्यु हो जाती है यहां पर हत्या जो शब्द लिखा है ना अभी कुछ मेरे विरोधी कहेंगे गलत पड़ा रहा है मास्टर इसको यहां से निकालो तो मैं खुद ही उस बात को बदले दे रहा हूं हुमायूं की मृत्यु होती है सबको पता है तीन पनाह नामक पुस्तकालय तथा वहां की सीढ़ियों के सिगुर ने की वजह से बाइक सवार की मृत्यु होती है वह सन होता है 1556 ई स्विच 1556 इससे में
12:09 जख्म आयोग की मृत्यु हो जाती है तो उस समय हु की भाई बिल्कुल भाई साहब चील की तरह मंडरा रहे थे कि हमको मिल जाए गद्दी हमारे भाई साहब तो मर गए हमारे भाई साहब तो मर गए कामरान लोग चुप क्या हुआ था एक अकबर मानव का सेनापति था एक हमारी का सेनापति था और का सेनापति का नाम क्या था तो भाई साहब बच्चों को पता है क्या था हुआ का सेनापति का नाम है सबको पता है बैरम खां तो बेगम का किसका सेनापति ता तो बैरम खां भाई साहब हुमायूं का सेनापति था तो बैरम खान ने दिमाग चलाया दिमाग क्या चलाया तो भाई साहब दिमाग यह चलाया बैरम खाने की अकबर उस समय
12:58 मौजूद था पंजाब में कहां पर पंजाब में तो उस जगह का नाम क्या था समझना बहुत आसान से भाई साहब अकबर का वहां पर क्या करा दिया राजतिलक करा दिया 1556 स्प्रे में ही बैरम खान ए अकबर का क्या कर दिया राजतिलक करा दिया और राजतिलक कराया कहां से याद रखिएगा कलानौर व कलानौर कहां पड़ता है तो याद रखिएगा कलानौर पड़ता भाई साहब पंजाब में तो यह पेपर में बहुत बेहतरीन प्रश्न बना रहा है कि भाई साहब अकबर का राज कि इस नामक स्थान पर हुआ था तो कलानौर नामक स्थान पर हुआ था कला नॉर्थ किस राज्य में पड़ता है एक कलानौर पंजाब में पड़ता
13:44 है भाई साहब जिस वर्ष अकबर का राज्याभिषेक हुआ वह वर्ष कौन था वह वर्ताव 1556 इस विषय पर लेक्चर हनुमंताय राजतिलक के समय कहते नहीं है आ रहे हैं भगवाधारी करो राजतिलक की तैयारी हेतु भाई साहब चुनावी रैलियों में क्या है कोटेशन है लेकिन यहां पर उस से मतलब नहीं है बस इतना याद रख लिया राजतिलक हुआ कब 1556 ई से में और सबसे बड़ी बात राजतिलक के समय में संयोजक बादशाह अकबर हैं कितने साल के थे भाई साहब जिस शेयर तुम लोग हाई स्कूल के पेपर देते हो उस ईयर भाई साहब दिल्ली सल्तनत की सत्ता संभाले बैठे थे कौन है
14:33 कि तुम हाई स्कूल के पेपर देते हो उस समय यह सत्ता संभाल लिया था और वह उम्र क्या थी मात्र 13 वर्ष चार माह तेरह वर्ष चार माह अब बहुत मेरे बालक बहुत मेरे जो पीएचडी करे हुए बालक है वह हमसे भी कहेंगे अरे मास्टर तेरा बयां 1542 में जन्म हुआ था 1556 में तिलक हुआ टोटल 14 साल का लेकिन बालक मैंने यह तो बताया नहीं कि किस माह में अकबर का जन्म हुआ किस माह में तिल राजतिलक हुआ था हमने इसे भूषण बताया है इसीलिए हमने बता दिया तेरा वर्ष चार माह
15:20 का सिर्फ एक बर्थ जब उसका राजतिलक किया गया अतएव इस प्रकार पता चलता है राजतिलक किसने किया अकबर का तो उस व्यक्ति का नाम था बैरम खान कौन था बे आखिरी और इसी लिए वॉइस आफ पेपर प्रश्न आता है बैरम ख़ां को क्या कहा जाता है अकबर का संरक्षक तो अकबर का संरक्षक किसे कहते हैं तो भाई साहब बैरम ख़ां को कहा जाता है अकबर का संरक्षक तो भाई साहब कौन सा ऐसा बच्चा है बता दे जिसको यह भाई साहब कांसेप्ट नहीं समझ में आया अभी उसका रिवीजन भी करूंगा हर एक चीज बताऊंगा तुम्हारा लाइक दर नहीं पड़ेगा तुमको भी ढालेंगे इसीलिए लाइक शेयर जरूर मारना नहीं
16:06 मारोगे वहीं आकर मारेंगे तो इसीलिए फटाक से भाई साहब लाइक शेयर मारो वरना मोहब्बत यही सिर्फ टूट जाएगी चले बहुत बढ़िया जबरदस्त 9th ज्योग्राफी भी पड़ाव सर पॉजिटिव भी पड़ाव खिचड़ी बना दे हम मूंग की हनक अरे यार एक अरहर की दाल बढ़िया चल रही है वह नहीं खाना चाहते पूरा द मून दूध व लिखियो जय मां कुछ चमेली चलो तो बड़ा से इतनी बात और ना गई से भी पर याद रखना अकबर का जन्म कहां पर हुआ अमरकोट में ठीक है तो मिक्स करते इतनी बात सुन जाएगी फटाक से सब को दिल से बिल्कुल सब्बास मेरे बच्चे सब पाप मेरे शेरों शेयर कर दो जहां तक तुम्हारी
16:52 ताकत को उसके आगे तो भाई साहब हम संभाल लेंगे केवल तुम्हारी क्षमता का आकलन कहां तक होगा जहां तक तुम्हारी क्षमता शेयर करने से होगी उसके बात भाई साहब यहां पर सारा तांडव हम मचा लेंगे चलिए पड़ा खासकर लाइक शेयर करो फिर बात करते हैं उन लोगों आगे की तरफ वो जबरदस्त तरीके से ठीक है चलिए बहुत बढ़िया सब बस मेरे बच्चे ने का प्रयास अब्बास एस ऑन करो रॉक बैंड
17:42 हुए दो लुट लो भिंडी हुआ है
18:30 हुए दो कि चलें बहुत बढ़िया उम्मीद करते सब बच्चों ने स्किन साथ ले लिया होगा समझ में आ गया होगा बहुत बढ़िया है इधर को बलराम मीना कैरेक्टर मोबाइल नंबर भैया गाना सुनाओ क्या है गोविंदा जी से मांगे थे चलो बढ़िया मोहित विसेन सर जी शेरशाह सूरी नहीं पढ़ाया आपने नहीं पढ़ाएंगे भाई साहब
19:15 शुरुआत में बोल दिया था जब तुम्हारा लाइक शेयर होगा अब तुमको सीरियल मिलेगा जब लाइक शेयर नहीं करोगे सीरियल बाईसा मामला बंद हो जाएगा इसीलिए लाइक शेयर जरूर करते रहना ठीक है चलिए बहुत बढ़िया जबरदस्त था अब समझ में आ गया बहुत बढ़िया जबरदस्त है कि तेजल कपड़े 500 प्लस कमांड गाइड लूज बेगम मोंट चल बेटा फिर बात करते हैं उन लोगों आगे की तरफ ठीक है तो उम्मीद करते इतनी बात समझ में आ गई चलिए हां बहुत बढ़िया जबरदस्त 6 हां यार समझ में तो आ रही होगी ना इतना थोड़े खराब पड़ा ने जो तुम्हें समझ में
20:00 नहीं आ बेइज्जती करें मां चल कोर्स कितने में देते हो भाई साहब भिंडी मूली थोड़े जो नहीं से कह रहे हो अरे यार पढ़ाई हैव स्टडीड फॉर एप्लीकेशन डाउनलोड करो वह जो त्रिशूल बैटिंग अ मिल जाएगी टेक चालू बात करते हैं मेरे बच्चे आगे की तरफ आगे की तरफ अकबर के बारे में देखते हैं अब अकबर की चालू होंगे इन लव स्टोरियां अकबर के चाहूंगी बीवियां सबकी होती है बीवी अकबर की थी बिया माई कितना बढ़िया सिमिलर पिलर बनाए हिंदी वाला एकवचन बहुवचन देख तो कहने का मतलब है अकबर की पहली पत्नी थी कि अकबर की पहली पत्नी जिनका विवाह हुआ था
20:47 अकबर सिर्फ तो उनका नाम क्या था उनका नाम था भैया रुकइया बेगम रुकने रूई रुपैया मैं इतनी रुइया रुक गया तो रुचियां बेगम त्रुटियां बेगम अकबर की पहली पत्नी थी पहली धर्म पत्नी थी फिर यहां पर याद रखेगा आखिरकार त्रिकोण सबसे बड़ा पेपर में आईएएस की परीक्षा में प्रश्न पूछा गया क्या अकबर का विवाह अपने चाचा की बेटी से हुआ था यस व तो चाचा कैसे बनेंगे तो वाला भी मानव कामरान असकरी हिंदाल चार भाई थे अक्टूबर
21:39 कि किसके पुत्र थे कुमाऊँ के तो सिंपल सी बात है कामरान स्क्रीन हिंदाल इन्हीं में से किसी की पुत्री होंगी कौन रुकइया बेगम तो यहां पर पता चल रहा है जो भाई साहब हिंदाल थे हिंदाल तो हिंदाल की पुत्री का नाम ही क्या था जिंदाल की पुत्री का नाम ही था रुकइया बेगम क्या था रुकइया बेगम हफ्ते इस प्रकार हमें पता चल जाता है जो हिंदाल की पुत्री थी जो हमारी के भाई जिंदाल की पुत्री जिनका नाम था रुकइया बेगम वहीं जाकर अकबर की पहली पत्नी बनती हैं पहला विवाह अकबर का अच्छे से समझ में आ गया होगा ठीक है चाहिए पिंकी कुमारी सिर
22:26 किस बुक से पढ़ा नहीं आप प्लीज बताइए ना हम हम बेटा पढ़ा रहे हैं लुसेंट मैं अकेला सेंड मिल नहीं रहा मामला अथवा तक कर का क्यों किधर लुसेंट में मिल नहीं रहा है अब क्या होगा होगा कुछ नहीं पढ़ते रहो हमसे पढ़ लो जब मैंने मिला अरे अरुण भैया गुरुजी पांव लघु खुश रहो अब ना करो यार तुम का आशीर्वाद ही दिया हम देख जा फिर इतनी बात सच नागिन अब बात आती बहुत बढ़िया पेपर में प्रश्न आता है अकबर के संरक्षक का नाम बताओ अकबर के संरक्षक पेपर कर पूछ लिया जाए तो दौड़ते-दौड़ते बता देना बैरम खां क्योंकि इसमें तो तुम अगर डाउट को हुए या पेपर में छोड़कर आए तो भाई
23:13 साहब छड़ी से हम मारेंगे बाय रखा अब बैरम खान के बारे में पूरा का पूरा बता दिया अब भाई साहब यह तो याद रखिएगा अकबर अकबर वैसे तो था निरक्षरता है फर्क क्या था पेपर प्रश्न आता है कौन सा मुगल बादशाह था है जो निरक्षरता निरक्षर का मतलब होता है कि वह बिल्कुल भी पढ़ा लिखा नहीं है तो निरक्षर शासक कौन सा मुगल सम्राट ने तो उसका नाम था अकबर क्या नाम था अकबर जो था वह निरक्षरता सकता याद रखेगा और संरक्षक इसके कौन सी अकबर के तो अकबर के संरक्षक थे बैरम खां ठीक है फिर यह याद रखेगा
24:00 लेकिन यह निरक्षर था लेकिन इसके एक शिक्षक भी थे अकबर के जरूरी थोड़े का एबीसीडी का कार्य सिखाया वह औरों से इच्छा होती हैं तो और शिक्षा देखा तिन भाई साहब इस के शिक्षक का क्या नाम तक पढ़ा तो याद रखिएगा अकबर के शिक्षक का नाम था अब्दुल लतीफ व कि अब्दुल लतीफ तो अकबर के शिक्षक का क्या नाम या युद्ध टीचर ऑफ द अकबर भाई साहब दल न तिब्बत के लिए रेस्ट इतनी वासना के चलिए फिर आगे बात स्वर्णा अब यहां पर बात आती है भाई साहब बैरम खान कौन था तो बैरम खां के बारे में जान लेते हैं हम आपको पहले बताएं हुमायूं का सेनापति बैरम खान तथा
24:48 फिर उसके बाद अगर बात को थोड़ा सा ज्यादा नहीं थोड़ी सी बात को अगर आगे बढ़ाएं तो बैरम खां की यह पत्नी थी जिनका नाम था सलीमा बेगम क्या नाम था सलीमा बेगम अ कि बैरम खां की पत्नी पूछी गई थी तो हम तुमको बता दे रहे हैं बैरम खां की पत्नी का नाम सलीमा बेगम था क्या था बेटा सलीमा बेगम फिर यह प्रश्न फसेगा आपका बहुत ही प्यारा प्रकट शिकायत क्या फसेगा तो याद रखिएगा बैरम खां की पत्नी का नाम पता चल गया शैली में वेलकम ही पर प्रभु से का युद्ध सलीमा बेगम है सलीमा बेगम कौन था कौन थी भैया आपको पता चल गया हीन दल ने अपनी एक पुत्री अकबर से बेदी और एक पुत्री
25:37 भैरवी था समृद्धि तो इस प्रकार बैरम खान जो अकबर साढ़ू-साढ़ू हो गए जो यह उस समय नहीं पता था इन्हें अब पता हम तुमको रिलेशन याद करवा रहे हैं मतलब अकबर और बहराम ठा बैरम खान जो अकबर के संरक्षक जरूर थे लेकिन साढू भाई थे आपस में यह साड़ी का मतलब होता है जब बहन बहन को हैं जिस बहनों का विवाह जिनके पत्तियों से होता है वह आपस में पति साढ़ू कहलाते हैं मतलब कहने का मतलब हुए सलीमा बेगम भी इंदल की पुत्री थी और रुकइया बेगम भी इंदौर की पुत्री थी तो इस प्रकार मामला यहीं पर बढ़िया समझ में आ गया होगा और जो
26:25 बच्चे सुबह 11बजे नहीं जुड़ा रहे हैं हम गुज़र के हिंदी क्लास में वह जीवन में हिंदी नहीं सीखेंगे समझ लेना वॉइस आफ सिर्फ एक इंसान है जो हिंदी सिखा सकता है हिंदी पड़ा तब सकते हैं सिखा सिर्फ एक बंदा सकता है युवा विकास कल्याण अधिकारी अमृतसर कहने का तात्पर्य है 22 आप 50 में 49 नंबर से दिलाते हुए एक नंबर वह कहते हैं जब मैं खुद जान देने जाता था जब आप क्यों क्योंकि एग्जामनर नया क्वेश्चन रखता था अगर हम नेल में लगा होता कैसे और पाएं 50 में 50 तो भाई साहब यह मार्केटिंग का तरीका है कि बेवकूफ बनाया जा रहा है तो इसीलिए उस किसी भी भ्रमित
27:11 विज्ञापन के चक्कर में ना पड़ें सेव भाई साहब असली पर विश्वास करें पहले इस्तेमाल करें फिर विश्वास करें तो कहने का मतलब है अमृतसर के हिंदी की क्लास में डेली सुबह 11बजे जरूर चुड़ैल ठीक है और तुम्हारा लाइक शेयर अगर नहीं हुआ ना हम तुम पर विश्वास करना बंद कर देंगे इतनी बात करेंगे फिर बात समझना भाई साहब अहम खाने अकबर शासक बना बैठा तो अच्छी बात है लेकिन अहम गाने उसी बीच मालवा मालवा साथ में किसको जीता ग्वालियर को का मालवा तथा ग्वालियर को जीता कैसे भाई साहब बैरम खान ने मालवा तथा ग्वालियर को किसने जीता तो सब को पता चल गया आप बैरम
27:59 खान ने जीता एक पॉइंट यह याद हो गया दूसरा पॉइंट या याद होगा भाई सांप और भाई साहब आप में एक युद्ध लड़ गया एक युद्ध लड़ गया उस युद्ध का नाम पड़ा पानीपत का युद्ध कहने का तात्पर्य है पहला युद्ध लड़ा गया था बाबर प्लस इब्राहिम लोदी कहने का मतलब ए लोदी वंश का अंतिम शासक इब्राहिम लोधी इब्राहिम लोदी प्लस बाबर के बीच में जो युद्ध लड़ा गया पानीपत का पहला युद्ध था उसी युद्ध की वजह से यह लोग बाबर की है पुस्ते शासन कर पाएं स्वर्णा वह युद्ध ना होता तो यह पुस्ते भाई साहब कहीं कोने में
28:45 मजीरा बजा रही हूं अतिथि याद रखिएगा इसी बीच में पानीपत का द्वितीय युद्ध लड़ा गया अब पानीपत का द्वितीय युद्ध हुआ वह किसके किसके बीच हुआ तो भाई साहब हुआ किसके किसके बीच सबको पता है किस वर्ष हुआ 1556 इस फिल्म में किसके बीच हुआ तो याद रखिएगा अकबर प्लस हेमू के बीच में अब तुम कहोगे यहां पर यहां पर कैसे लड़ गया भाई साहब मात्र 13 वर्ष का बालक ऐसा युद्ध को जीत जाएगा भाई साहब क्यों क्योंकि इसके संरक्षक में कौन था बहुत बड़ा ही था बहुत बड़ा आदमी था उसका नाम सबको पता है बैरम खान तथा जब बैरम खां व अपने स्तनों पर बागडोर लेकर तमाम व्यथा अकबर का कोई बाल
29:33 बांका भी नहीं कर सकता था इसी लिए 1556 ईस्वी में अकबर प्लस ही मुल्क के बीच में यह दो तार जो पानीपत का द्वितीय युद्ध होगा पहला युद्ध 1526 में मतलब इसको एडजस्ट 30 साल पहले टेक 30 साल पहले बाबर प्लस इब्राहिम लोधी के बीच में भाई साहब पहला युद्ध हुआ था दूसरा यह दुआ अकबर प्लस हेमू के बीच में जिसको विजय किसको मिली भाई साहब विजय किसको प्राप्त हुई सत्यार्थ रखेगा विजय पाने वाला बादशाह था अकबर सही का मतलब है जीत गया युद्ध सही का मतलब है यह युद्ध मैं जीत गया क्लियर है चलिए यहां पर हम जबर्दस्त भाई साहब जिन बच्चों ने भी चैनल को सबस्क्राइब नहीं किया हो और अगला टॉपिक
30:19 आ रहा जहांगीर का वहां पर पढ़ोगे न्याय का घंटा और जिन्होंने अभी भी घंटी ना बज़ा जो हमारे चैनल की जात के टन टन बजा दें वरना भाई साहब उनको न्याय का घंटा नहीं मिलेगा इसीलिए उस चैनल को सब्सक्राइब करें बेल आइकन बटन को दबाएं और साथ में घंटी को टर्न बजाएं और याद रखेगा लाइक शेयर करना भाई साहब तुम्हारी आने वाली पीढ़ियां भी ना भूलें इस प्रकार लाइक शेयर करना ठीक है अब चलिए तो अकबर ने मुकेश उम्मीदवार पैर भाई साहब होता क्या है अकबर थोड़ा बड़ा होता है उम्र होती इसकी करीब 17 साल कितनी होती है 17 साल के करीब उम्र होती है 22 आप क्या होता है तो बात समझ नहीं ला बहुत
31:07 ध्यान से कि वह सत्रह साल की उम्र वह सत्रह साल की उम्र 22 आफ व अकबर विद्रोह कर देता है अकबर क्या कर देता है विद्रोह अब विद्रोह भाई साहब किसके खिलाफ वोट याद रखेगा अकबर विद्रोह कर देता है किसके खिलाफ कर देता है भाई साहब बैरम खां के विरुद्ध बैरम खां के विरुद्ध विरोध विद्रोह कर दे अकबर और बहराम खां यहां पर याद रखेगा अकबर के खिलाफ कर देता है कौन बैरम खान बेगम का विद्रोह कर देता है अकबर के खिलाफ किस वर्ष तो याद रखिएगा वह उस वर्ष का नाम था 1560 अर्थात कहने का मतलब है 1543 में
31:54 जन्म 1560 में विद्रोह उसके संरक्षक के द्वारा ही था उसके साढ़ू के द्वारा ही उसको झेलना पड़ जाता है तब अकबर की उम्र होती है कितने मात्र 17 साल लेकिन तब आंख पर बहुत बड़ा बादशाह अजय को तहत और वह बैरम ख़ां को हरा देता है भाई साहब बैरम खां चला जाता है कहां गुजरात गुजरात में जाकर आता है किसको बैरम ख़ां को फिर इसको भाई साहब चार रास्ता दे ताकि आप मक्का की यात्रा पर निकल जाओ वरना है यह देश छोड़कर चले जाओ तुम्हें सब जयराम का मक्का की यात्रा पर जा रहा होता है तो रास्ते में एक जगह पड़ती है जिसका नाम है पाटन पाटन भाई साहब गुजरात में पड़ता है याद रखेगा जहां पर पाटन में भाई
32:41 साहब हत्या कर देता है कौन पाटन में हत्या कर देता है किस कि बैरम खां की कौन तो याद रखिएगा मुबारक खा लो कि मुबारक खान नामक व्यक्ति ने हत्या कर दी हत्या कर दी किसकी कर दी भाई साहब बैरम खां की हत्या कर दी तो बैरम खां की हत्या किसने कर दी तो ऐसा मुबारक खान नामक व्यक्ति ने हत्या कर दी रास्ते में है तो मिक्स करते भाई साहब समझ में आ गया ठीक है चलिए अब बात तिवारी अंबा तिवारी आपसे पढ़कर मुझे हिस्ट्री बहुत ही अच्छी लगने लगी कि आप बात है एक अच्छा तुमने सोशल साइंस की वजह से डिस्ट्रिक्ट टॉप नहीं कर पाई थी अच्छा क्या पाते दुख हो गया नमस्कार गुरु जी पाटलिपुत्र की नगरी से नमस्कार मेरे बालक
33:30 तुम्हारा इतना प्यार देने के लिए और साथ में इतना सम्मान देने के लिए बस यह सम्मान हमारा तुम्हारा ता-उम्र बना रहे इससे ज्यादा और क्या चाहिए भाई साहब इससे ज्यादा और क्या चाहिए मेरे बच्चे समझ में आ गया होगा अब बात करेगा मेरा बच्चा मेरा बालक आगे की तरफ इतना चलिए फटाफट से स्किन सलोना मेरा बच्चा लेकिन साथ स्कूली बच्चा पड़ा स्किन टॉनिक पियल बात करते हैं आगे की तरफ में जबरदस्त तरीके से ठीक है चलिए बहुत बढ़िया है तो उम्मीद करते हरेक बच्चे को हरेक ऊंचाई को यहां पर जो पत्ते सजीव प्राणी जो उपस्थित है उसको बड़े प्यार से समझ में आ रहा होगा अब
34:15 कि चलो बहुत बढ़िया जबरदस्त हां भाई साहब समझ में ना आए तो बेकार है जरा चलिए बहुत अजय बार वार तर मेरा तो कल्याण हो जाएगा अगर और कल्याण चाहते हो पूरी तरह यह सब कुछ सीखना चाहते हो तो भाई साहब इस नंबर पर कॉल करें और हमारा त्रिशूल बैच ज्वाइन करें इसमें आतंक ही आतंक कट रहा है तारे बच्चों से पूछो जाकर और हमारा एप्लीकेशन डाउनलोड कर लो स्टडी पाए एप्लीकेशन और स्टडी फॉर एप्लीकेशन डाउनलोड कर लो जहां पर भाई साहब सिर्फ आतंक मचाए इस नंबर पर कॉल करो तुरंत भाई साहब स्कूल बैच में एंट्री पाव अब मात्र
35:01 पंद्रह सौ का बैठे लेकिन उसमें भी ऑफर दे रहे सिर्फ 2 दिन के लिए ऑफर दे रहे हैं जिनको लेना हो भाई साहब यह बैक केवल 13 ₹100 में ले सकते कितने रुपए में तेरह सौ रुपए में त्रिशूल भैंस ले सकते हैं सिर्फ 2 दिन के लिए ऑफर दे रहा हूं आज अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर इस नंबर पर कॉल करके सभी बच्चे भाई साहब मात्र 13 ₹100 में बैच में जॉइन हो सकते हैं कौन से बहस में त्रिशूल बीच में चले बड़ा जबरदस्त मेज़ अभिषेक कुमार अ और निधि योजना संतोष प्रजापति चली बड़ा जबरदस्त समझ में आ रहा है फिर देख मेरे बच्चे हां अरे यार समझ जाएगा क्यों परेशान होना चल फिर देखते भाई साहब आगे बढ़े आगे
35:49 बढ़े चलिए अब है अरमान है मत गहरा लास्ट में क्वेश्चन पूछेगा भाई साहब पूछ लूंगा यार क्यों परेशान होता है तू बालक डेली शाम को बस इतना नियम बना लो राघव सर की क्लास 7:00 नहीं छूटना चाहिए जिस दिन छूट गई उस दिन तुम्हारी भाई साहब तैयारी अधूरी हो जाएगी याद कर लेना तुमने पढ़ा सब जगह का सीखा देखा सब जगह होगा लेकिन मैं नोट्स बनाना सिखा दूंगा इतने प्यारे नोट जब तुम्हारी काफी में छिपे होंगे ना तो भाई साहब तुम्हारी जो जीवन संगिनी उपयोगी जो जीवन साथी भी होगा आगे चलकर और भी देखेगा ना कहेगा एक बार मुस्कराएगा जरूर भाई साहब क्या लिखते हो जबरजस्त चलिए अब बात करते
36:34 हैं भाईसाहब अकबर के बारे में अकबर की भाई साहब कैपिटल क्या थी अकबर की कैपिटल क्या थी सबको पता है अकबर की कैपिटल का नाम क्या था आगरा में जो आगरा क्या भाई साहब आगरा प्लेयर हां बिल्कुल बहुत बढ़िया जबरदस्त फिर बात समझना इसने क्या-क्या किसने अकबर ने अकबर ने भाई साहब क्या किया चलिए तो बता दे अकबर ने क्या किया अकबर ने बहुत बड़ा डिसीजन लिया 1571 में है है वहीं पर एक कि स्थापना करवाई चौ ए किसकी थी
37:20 को फतेहपुर सीकरी की भाई साहब फतेहपुर फतेहपुर सीकरी की स्थापना करवाई किसने भाई साहब अकबर अकबर ने फतेहपुर सीकरी की स्थापना करवाई कप 1571 दिशा में हुआ है कि यह स्थापना करवा दी ठीक है फिर यह पेपर ने बड़े प्यार से समझेगा क्या समझोगे 1571 शुरू में ही भाई साहब 1571 शुरू में ही क्या कर दिया कैपिटल चेंज कर दी अब 22 आफ कैपिटल अकबर ने क्या किया याद रखिएगा आगरा टू आगरा टू फतेहपुर सीकरी मतलब आगरा से राजधानी स्थानांतरण करके किसको बना दिया
38:08 फतेहपुर सीकरी को बना दिया कि इस वर्ष तो याद रखिएगा 1571 में आगरा से परिवर्तित करके राजधानी किसको बना दिया फतेहपुर सीकरी को किस वर्ष 1571 में 1571 में ही भाई साहब फतेहपुर सीकरी की स्थापना होती है और फतेहपुरसीकरी को राजधानी भी अकबर जो है 1571 इसवी में ही बना देता है कि 140 बहुत बढ़िया जबरदस्त फिर बात समझ आ मेरे बच्चे बहुत ध्यान से कि हम जो कह हां वानर सा नाम ले लो भाई साहब नाम तो ले रहा हूं यार कहां पर मामला फंस रहा है नाम बीच में झांक कहां राय मुझे यह तो बताओ मेरे भाई को
38:54 तो चलिए भाई साहब दिल्ली शाम को 7 बजे क्लास लगती है तब भी परेशान रहते हो लाइक शेयर करते नहीं पूछते हो ठीक है फिर भाई साहब बात समझना बहुत ध्यान से है कि 15062 हिस्ट्री कौन सा 1562 मीत कि आप अकबर ने सबसे बड़ा काम कर दिया दास प्रथा का अंत दास का मतलब होता भाई साहब गुलाम अब अकबर ने कह दिया कि भाई साहब आप कोई गुलाम नहीं रखा जाएगा 1562 में अकबर
39:43 ने एक बहुत बड़ा काम किया कि भाई साहब आपको भी दांत नहीं रखा जाएगा दास रखने की कोई आवश्यकता नहीं या समझ लेना फिर समझ चीजों को 1500 तो कहने का मतलब बैक किसने गुलामी से लोगों को आजादी दिला दी किसने भाई सब लोगों को अपनी खुद की पहचान दिला दी कि हां यार मैं भी एक नागरिक हूं मैं भी किसी का गुलाम नहीं हूं मैं भी स्वतंत्र ओके कोई अपने कार्य कर सकता हूं देखिए एक बच्चे ने बोला था कम ऑन व्यास लेट्स ऑन सेलिब्रेट फेज़ रियल में तुमने सेलिब्रेट कर दिया सच में मजा आ गई लेकिन वह दिन कौन सा होगा जिस दिन बाईसा भगवान उसे ज़ोर का सेलिब्रेशन होगा
40:30 जबरजस्त भाई साहब होगा है कि बागपत लोग कहते हैं तुम भाई साहब बोलते कम और पढ़ाते ज्यादा लेकिन मेरा मानना होता है मैं साइकोलॉजिकल एक मेथड सुना है कि भाई साहब हमेशा इंटरेस्ट लेकर पढ़ना चाहिए जिंदगी में बोरिंग मास्टर तो बहुत मिलेंगे डैड यह भाई साहब यह क्या हुआ था कंपटीशन है कि नहीं चल मेरे भाई 1562 दास प्रथा का अंत तो कहने का तात्पर्य बस इतना है हमेशा मजे सिर्फ हमेशा खुश होकर पढ़ो कभी भी निराश मत हो चली 15063 में क्या किया भाई साहब 1563 हिस्ट्री में बहुत बड़ा काम कर दिया लोग तीर्थ पर जाते थे लोग तीर्थ में जाते
41:16 थे मतलब तीर्थ यात्रा पर जाते थे जब लोग जाते थे तो वे सब 1563 में क्या हुआ एक डिसीजन ले लिया अकबर ने जिससे वहां की प्रजा जनता बड़ी खुश मेरे कहने का तात्पर्य बस इतना ए वॉइस आफ 1563 में अकबर ने क्या बेहतरीन काम किया काम यह किया अकबर ने सबसे बेहतर रॉकी एस ने तीर्थ यात्रा पर कर समाप्त कर दिया कहने का मतलब है जैसे लोग जो बड़े तीर्थ यात्रा पर जाते थे तो उस पर भी टैक्स लगता था तो याद रखिएगा तीर्थ यात्रा पर टैक्स किसने समाप्त किया तो याद रखिएगा तीर्थयात्रा पर कर समाप्त किस वर्ष 1563 हिस्ट्री में याद हो गया पहला 1562 1562
42:04 मतलब भाई साहब गुलाम कोई नहीं रहेगा जब गुलाम नहीं रहेगा तो अगले साल से लोग बड़े आप तीर्थ यात्रा पर जाएंगे फिर उसने कहा भाई साहब कोई नहीं है टक्कर में हम है अकबर कहने का मतलब है भाई साहब घूमो फिरो आजाद रहो 1563 रोशनी एक्टिवेट कर हटा झाल पैर उसके बाद याद रखिए भाई साहब 1564 क्या-क्या सिम चलेगा 1564 का सीन यह चलेगा कि वॉइस आफ बहुत सारे हिंदू लोग भाई लोग क्या होते थे हम लोग जैसे यह कोई मूर्ति स्थापित हो गई थी अ बादाम मूर्ति पर पैसा चढ़ाएंगे पूर्व चढ़ाएंगे पानी चढ़ाएंगे ठीक है हिंदू लोग ऐसे पूजा करते मुस्लिम
42:50 भाई लोग नमाज अता कर सकते कहीं भी कर सकते भाई साहब खाना तो सब लोग की अपनी अपनी मन्नतें होती है जिस तरह से अपने भगवान को अपने देवता को लोग मानते हैं तो कहने का मतलब बस इतना ही सिंपल सा शहद कि भाई साहब एक कर होता था उस पर को कारक कहते थे जजेस आंख कहते थे जजिया कर अ कि अ जजिया कर को अगर डिफाइन करो बहुत प्यार समझ सकते हो जजिया कर जजिया कर किस पर किस पर लगाया जाता था तो याद रखिएगा जजिया अगर उनमें लगा है जो उन पर लगाया जाता था जो मूर्ति पूजा होते थे है जो मूर्तिपूजक होते थे उन पर जजिया कर लगाया जाता था कहने का मतलब है चाय या मूर्ति की पूजा करने वाले को कह लो या आप
43:36 कह सकते हो गैर मुसलमान कहने का मतलब है जो मूर्ति की पूजा नहीं करते गैर मुसलमान का मतलब है कि मुसलमानों को हटाकर जितने और आधार है वह ऐड गैर वह ऐड गैर तो भाई साहब गैर-मुसलमानों पर जो टैक्स लगता था मूर्तिपूजकों पर जो टैक्स लगता था उसका नाम था जजिया कर याद रखेगा तो अकबर ने कुछ नहीं किया अकबर ने बस इतना किया यह वैध कैसा पूजा हम भी करें हम बस मूर्ति पूजा करें पूजा तुम भी करो पूजा सब करें भाई साहब किस बात का भी दबाव बढ़ाया उसने 1562
44:21 में पहले किया उसने काम सबसे बड़ा पता क्या गुलाम नहीं रहेंगे की साइड में गुलाम भाई साहब कहीं भी यात्रा करें तीर्थ यात्रा पर टैक्स निश्चल खाएं 1564 में जजिया कर भी समाप्त कर दिया कहने का मतलब ऐसा कोई भी मूर्ति पूजा करने वाला व्यक्ति टैक्स नहीं देगा तो जजिया कर भाई साहब कब लगा 1564 में लगा तो 1562 1563 1564 का कांसेप्ट तो बड़े दिल समझ में आ गया हमें लग रहा है रोहित सिंह भाई साहब ब्लैक होने का दिल मना चुके हैं अपना मूड बना चुके हैं क्योंकि सबको पता ए मैं ज्यादा नहीं करता हूं भाई साहब बस इतना कह सकता हूं कि भाई साहब अगर एक बार कमेंट
45:07 करोगे तो हमें अच्छा लगेगा बार-बार वही चीज रंग हो गया व्हाट्सएप और दूंगा मैं याद रखेगा राज रवी शंकर मिश्रा करें सर बहुत चिल्लाते हम मुसलमान की तरह देखो यह मिश्रा जी है ना तभी तो यह लड़ाई लगवाना चाल है भाई जी बैठे राघव सचर कवि जाति तो मालूम नहीं मुझे व्यक्ति कि मैं किस जाति का हूं मुझे तो बस इतना मालूम है कि इस YouTube में निर्जीव कैमरे के सामने एक छोटा मोटा शिक्षकों जो अपने भाई साहब प्यारे और जो कमजोर बच्चों को शिक्षित कर रहा है लेकिन राजकुमार मिश्रा को चढ़ा है भाई साहब धार्मिक सहिष्णुता और हैं इन्हीं लोगों की वजह तो समाज गंदा है
45:55 जो भाई था मिश्रा के नाम पर कलंकित हैं जिला रोम अपनी वजह से चिल्ला रहा हूं मुसलमानों की तरह हटा दिया है कि अरे यार मैं हिंदु मै मुसलमान मै सिक्ख मै साइज कोई धार्मिक सचिन लगता है क्या लगता है गत हैं यह सब कोई बात नहीं है के बगैर कहना भाई साहब गांव में क्या कहते गैलन तो पहला नहीं सब कि मिश्रा बने बैठे हो तो एक धर्म के व्यक्तित्व की नाटक के रचनाकार अरे मेरी भाई साहब जो ऐप प्रकार से भावनाओं को समझकर कहते थे चलो चिला ड्रॉबैक लेकिन मुसलमान की तरह के होता यार धर्म को लेकर
46:41 बात छेड़ रहे हो हुआ है तो चलिए मैं इन बच सिर्फ मिश्रा जी को ब्लॉक करता हूं कि भाई साहब ने इनको चली जाती ठीक है अच्छा लिए बहुत बढ़िया यस यह समाज के गंदे कीड़े हैं चलिए बहुत प्रयास तो मिक्स करते भाई साहब सब को समझ में आ गया होगा दिल समझ में आएगा बिल्कुल भाई साहब अच्छे समझ जाओगे बहुत बढ़िया धान जी चौधरी अंबा तिवारी जबरदस्त आकाश कुलहरि एवं मिस्टर स्टडी अरुण विकास मुकेश खड़क सिंह सौरभ संगीता सभी बच्चों को भाई साहब गुड नाइट शुभ रात्रि एक उसके पहले जान लो
47:26 भाई साहब दो दिन के लिए ऑफर है द 777 12108 पर त्रिशूल बैग ज्वाइन कर सकते हो मात्र स्कूल बैच की कीमत तेरह सौ रुपया और जो फाऊंडेशन बैच है उसकी कीमत मात्र दो हजार ₹2000 में पढ़ोगे मैथ्स जिस और साथ में अब पढ़ोगे आप हिंदी भी तो इस प्रकार मात्र ओन आफ्टर टू डेज याद रखिएगा 13 ₹100 में मुझे स्पेशल बेंच 2000वें मैच जीत हिंदी आप ले सकते हो इस नंबर पर कॉल करके केवल दो दिन के लिए तेरहवे जिसकी कीमत भाई साहब 1540 है जिसकी कीमत 2260 है तो याद रखिएगा दो
48:11 दिन के लिए अगर तुम्हें ऑफ बैकअप के लिए बता दूं कल बाय जून और तेज जून 23 जून लास्ट तेज जून लास्ट चहिए दौड़ने करते सब बच्चों को समझ में आ गया हालत चाहिए साथियों विदा लेता हूं आप लोग अपना ख्याल रखिएगा मिलूंगा कल शाम को इसी मैदान में ही इसी जगह तुमसे लड़ाई लड़ने के लिए और खासकर इन जैसे कि दलों से जो मिश्रा होने के बाद धार्मिक नेता की बात करते हैं भाई साहब जय हिंद जय भारत वंदे मातरम है क्या हुआ