संक्षिप्त सारांश
महाराष्ट्र सरकार और स्टारलिंक के बीच हुए समझौते का मुख्य उद्देश्य राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में हाई-स्पीड इंटरनेट पहुंचाना है। इस साझेदारी के तहत, स्टारलिंक की सैटेलाइट आधारित इंटरनेट सेवा को महाराष्ट्र में आधिकारिक तौर पर अपनाया जाएगा, जिससे राज्य डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में अग्रणी बन सकेगा।
- महाराष्ट्र देश का पहला राज्य बना जिसने स्टारलिंक की सैटेलाइट आधारित इंटरनेट सेवा को अपनाया।
- इस परियोजना के तहत ग्रामीण और दुर्गम इलाकों में हाई-स्पीड इंटरनेट पहुंचाया जाएगा।
- शुरुआत में गढ़चिरोली, नंदुरबार, वाशिम और धाराशिव जिलों में यह सेवा शुरू होगी।
महाराष्ट्र सरकार और स्टारलिंक समझौता
महाराष्ट्र की फडनवीस सरकार ने एलॉन मस्क की कंपनी स्टारलिंक के साथ एक ऐतिहासिक समझौता किया है। इस समझौते के तहत, महाराष्ट्र देश का पहला राज्य बन गया है जिसने स्टारलिंक की सैटेलाइट आधारित इंटरनेट सेवा को आधिकारिक तौर पर अपनाया है। मुंबई में हुए इस समझौते में मुख्यमंत्री फडनवीस और स्टारलिंक की वाइस प्रेसिडेंट लॉरेन रियर मौजूद थे।
डिजिटल महाराष्ट्र मिशन
यह साझेदारी डिजिटल महाराष्ट्र मिशन के तहत ग्रामीण और दुर्गम इलाकों में हाई-स्पीड इंटरनेट पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। शुरुआत में गढ़चिरोली, नंदुरबार, वाशिम और धाराशिव जिलों में स्कूलों, अस्पतालों और पंचायत कार्यालयों में पहले चरण में सैटेलाइट इंटरनेट लगाया जाएगा। इन संस्थानों को मुफ्त या सब्सिडाइज्ड कनेक्शन मिलेगा।
तकनीकी पहलू और लाभ
इस परियोजना में टावर या केबल की आवश्यकता नहीं होगी, बल्कि एक छोटा डिश एंटीना सीधे सैटेलाइट से सिग्नल लेगा। इससे नेटवर्क हर मौसम और किसी भी आपदा के दौरान भी जारी रहेगा। यह सेवाएं ईवी चार्जिंग स्टेशन, कोस्टल डेवलपमेंट और डिजास्टर मैनेजमेंट प्रोजेक्ट्स से भी जुड़ेंगी। मुख्यमंत्री फडनवीस ने कहा कि यह साझेदारी प्रधानमंत्री मोदी के डिजिटल इंडिया मिशन को और मजबूत करेगी।
परियोजना का भविष्य और लागत
स्टारलिंक का पायलट प्रोजेक्ट 2025 के अंत तक शुरू होगा और 2026 की शुरुआत में कमर्शियल लॉन्च होगा। अनुमान है कि अनलिमिटेड डाटा प्लान की कीमत लगभग ₹840 प्रति माह होगी, जबकि डिवाइस की कीमत लगभग ₹33,000 होगी। इस कदम से ऑनलाइन एजुकेशन, हेल्थ सर्विस और डिजास्टर मैनेजमेंट को नई गति मिलेगी, जिससे डिजिटल इंडिया का सपना साकार होगा।

