संक्षिप्त सारांश
यह वीडियो विभिन्न प्रकार के मित्रों और उनके स्वभावों पर प्रकाश डालता है। यह बताता है कि कैसे कुछ मित्र सहायक होते हैं, जबकि कुछ स्वार्थी या हानिकारक हो सकते हैं। वीडियो मित्रता के महत्व और व्यक्तियों के साथ कटु अनुभवों के आधार पर मित्रता के विचार को त्यागने के खिलाफ सलाह देता है।
- मित्रों के विभिन्न प्रकारों का वर्णन
- मित्रता के महत्व पर जोर
- व्यक्तियों के अनुभवों के आधार पर मित्रता के विचार को न त्यागने की सलाह
मित्र वे होते हैं जो मन को कष्टों से मुक्त करते हैं, लेकिन उनके कई प्रकार होते हैं। ज्योतिष में ग्रहों की तरह, मित्रों की चाल हमारे जीवन को प्रभावित करती है। इसलिए, मित्रों के कुछ मुख्य प्रकारों का उल्लेख किया गया है।
बाल सखा बचपन के मित्र होते हैं, जिनमें से कुछ काल सखा बन जाते हैं। काल सखा समय और परिस्थितियों के अनुसार लाभ-हानि देखकर मित्र बनते हैं और स्वार्थ पूरा होने पर दूध में पड़ी मक्खी की तरह त्याग देते हैं।
पाल सखा वे मित्र होते हैं जिनके पालन-पोषण की जिम्मेदारी हमारी होती है। वे हमेशा हमारे साथ रहते हैं और दुत्कारे जाने पर भी बुरा नहीं मानते। ढाल सखा हमारी रक्षा करते हैं और हमारी गलतियों को छुपाते हैं। वे हमारी तरफ आने वाली हर मुसीबत को अपने ऊपर झेलते हैं।
जाल सखा हमारे आसपास जाल बिछाते हैं, जिससे हम हमेशा फंसा हुआ महसूस करते हैं। वे हमें एक जाल से निकालकर दूसरे जाल में फंसा देते हैं। ये मूलतः साज बजाने वाले की तरह होते हैं, जो हमेशा हमें उलझाए रखते हैं।
हाल सखा हमेशा हमारा हाल पूछते हैं और हमारी सारी जानकारी रखते हैं। उन्हें हमारी समस्या के समाधान में नहीं, बल्कि उसके प्रचार में रुचि होती है। वे दुनिया को दिखाते हैं कि वे हमारे सबसे करीबी मित्र हैं, लेकिन वास्तव में उन्हें हमसे ज्यादा हमारी दुनिया से मतलब होता है।
चाल सखा हमारी तरक्की को पहले ही भांप लेते हैं और हमें आगे बढ़ने में मदद करते हैं, ताकि हम अपनी सफलता का श्रेय उन्हें दें। वे चलती हुई गाड़ी में चढ़ने में विश्वास रखते हैं और गाड़ी रुकने पर दूसरी गाड़ी में चढ़ जाते हैं।
माल सखा हमारे माल के मित्र होते हैं, लेकिन हमें इसका पता नहीं चलने देते। वे हमेशा हमसे कुछ न कुछ प्राप्त करने की कोशिश करते हैं। इसलिए, हमें ऐसे मित्रों से अपने माल की रक्षा करनी चाहिए।
लाल सखा हमेशा हमसे ईर्ष्या करते हैं और गुस्से से भरे होते हैं। वे हमारी आलोचना करते हैं, लेकिन कबीर के दोहे का सहारा लेकर हमें ही गलत साबित कर देते हैं। इस कारण हम उनका साथ नहीं छोड़ पाते, क्योंकि वे हमें भ्रमित कर देते हैं।
गाल सखा हमेशा हमारा पक्ष लेते हैं और हमारी गलत बातों का भी समर्थन करते हैं। वे हमें इतना भ्रमित कर देते हैं कि हमें गलत भी सही लगने लगता है।
टाल सखा हर बात को टालने में माहिर होते हैं। वे हमें हमेशा टहलाते रहते हैं और अंत में हमें कुछ भी नहीं मिलता। लेकिन मरने के बाद वे हमारे गुणों को दुनिया के सामने प्रकट करते हैं और हमें एक अच्छा कार्यकर्ता साबित करते हैं।
खाल सखा हमारी खाल से चिपके हुए होते हैं और दुनिया को हमारे प्रतिरूप दिखाई देते हैं। वे हमसे ही हमारी खाल खिंचवाते हैं और हमारी सारी संपत्ति हड़प लेते हैं। वे हमें दानी कर्ण जैसा महसूस करवाते हैं, ताकि हम सब कुछ दान कर दें और अंत में मारे जाएं।
मित्रों की कई उप-प्रजातियां होती हैं, जैसे परम मित्र, चरम मित्र, नरम मित्र, गरम मित्र, शरम मित्र, भरम मित्र, मरम मित्र, धर्म मित्र आदि। हमें मित्रों के आकार पर नहीं, बल्कि उनके प्रकार पर ध्यान देना चाहिए। मित्रता एक विचार है, इसलिए व्यक्तियों के कटु अनुभवों के आधार पर मित्रता के विचार को नहीं त्यागना चाहिए। मित्र और मित्रता दोनों ही हमारे मन को कष्टों से मुक्त करते हैं।
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Transcript
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0:00 मन को त्राण से मुक्त करने वाले व्यक्ति को मित्र कहा जाता है मित्रों की कई प्रजातियां होती हैं ज्योतिष में जैसे नौ ग्रह 12 राशियां होती हैं कुंडली में इन सभी ग्रहों और राशियों का अपना एक विशेष स्थान महत्व होता है तो साहिबान ध्यान रखिए हमारी कुंडली का अच्छा बुरा होना इन्हीं ग्रहों की चाल पर निर्भर करता है वैसे ही हमारे मित्र भी होते हैं बिल्कुल भिन्न गति प्रकृति और स्वभाव वाले इन मित्रों की चाली हमारी गति सुगत या दुर्गति का कारण होते है इसलिए आपकी सुविधा के लिए मित्रों के कुछ प्रमुख प्रकारों को यहां पर उल्लेखित कर रहा हूं बाल सखा इनके बारे में हम सब जानते हैं हमारे
0:47 बचपन के मित्रों को बाल सखा कहा जाता है इन्हीं में से कुछ आगे चलकर हमारे काल सखा बन जाते हैं फिर होता है काल सखा काल सखा उसे कहा जाता है जो कालांतर में समय काल परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए लाभ हानि के गण से आपका मित्र बनता है और स्वार्थ सिद्ध होने के बाद वह आपको दूध में पड़ी मक्खी बताकर फेंक देता है तीसरा पाल सखा यह वे मित्र हैं जिनके पालन पोषण की जिम्मेदारी हमारी होती है य हमारे सोकर उठने से पहले अपनी उपस्थिति दर्ज करा देते हैं और हमारे सोने तक ये हमारे सामने उपस्थित रहते हैं यह आपके द्वारा दुत कारे जाने भगाए जाने का बुरा नहीं मानते यह मान अपमान से ऊपर उठे हुए होते हैं लगभग त
1:34 रागी अवस्था को प्राप्त कर चुके होते हैं फिर होता है ढाल सखा यह हमारे लिए ढाल के जैसा काम करते हैं हमारी तरफ आने वाली हर विसंगति को यह अपने ऊपर झेलते हैं आप इन्हें स्वयं के कु कर्मों का रक्षक मान सकते हैं हम कितनी ही शिट क्यों ना कर दें यह हमें धुला का काम तत्परता से करते हैं आप इन्हें मम्मी का सब्सीट्यूट मानना चाहे तो कोई हर्ज नहीं फिर होता है जाल सखा यह आपके इर्दगिर्द जाल बिछाने का काम करते हैं जिससे आप सदैव स्वयं को फसा हुआ महसूस करें और इनके द्वारा आप बंधन मुक्त किए जाएंगे कि आशा से आप भरे रहे किंतु यह आपको एक जाल से निकालकर दूसरे जाल में फंसा देते हैं यह मूलत जाल
2:22 सास टाइप के आदमी होते हैं स्मरण रखिए साज यानी वाद्ययंत्र जो बजता है और साज मतलब वाद यंत्र को बजाने वाला तो कुल मिलाकर ऐसे मित्र आपको या आपकी बजाते रहते हैं फिर होता है हाल सका यह वह है जो हर हाल में सबसे पहले आपका हाल पूछते हैं आपकी पूरी जानकारी जन्म प्रमाण पत्र से लेकर आधार कार्ड तक अपने पास होने का दावा करते हैं इन्हें आपकी समस्या के उपचार में नहीं समस्या के प्रचार में रुचि होती है प्रचार ही उपचार है कि मंत्र का य जुनून की हद तक पालन करते हैं जिसके कारण संसार को यह भ्रम उत्पन्न हो जाता है कि सिर्फ यही है जो आपके सबसे सगे वाले मित्र हैं आपके
3:08 जन्मदिन से लेकर उठावना तक आप इन्हें नहीं इनके संदेशों को इग्राम से लेकर सोशल मीडिया के हर उस प्लेटफार्म पर पाएंगे जिसमें संसार इन्हें नोटिस कर ले क्योंकि इन्हे आपसे नहीं आपकी दुनिया से अधिक मतलब होता है यह बेहद खतरनाक रिश्ता है इससे बच पाना तो कभी-कभी भगवान के लिए भी मुश्किल हो जाता है फिर होता है चाल सखा यह आपकी तरक्की को पहले ही सूंघ लेते हैं इन्हें पता होता है कि आपकी चाल बढ़ने वाली है इसलिए यह आपको तभी पकड़ लेते हैं जब आप दौड़ने से पहले वार्म अप की प्रक्रिया में होते हैं आपका मनोबल कितना ही बढ़ा हुआ क्यों ना हो यह फिर भी उसे
3:53 बढ़ाने का काम करते हैं जिससे आप अपनी सफलता का श्रेय इनकी झोली में डालकर इनके प्रति अनुग्रह के भाव से भरे रहे मूलतः यह चलती हुई गाड़ी में लपक कर चढ़ने में विश्वास रखते हैं और यदि किसी कारणवश आपकी चलती हुई गाड़ी कुछ समय के लिए रुक जाए तो यह आपकी गाड़ी को छोड़कर किसी दूसरी चलती हुई गाड़ी में लपक कर चढ़ने में देर नहीं करते फिर होता है माल सखा यह आपके नहीं आपके पास उपलब्ध माल के सखा होते हैं किंतु आपको इस बात की भनक तक नहीं लगने देते यह मूलत है जली जलाई बीड़ी से अपनी बीड़ी जलाने की जगत में रहते हैं इनके पास अपनी माचिस नहीं होती नोट स्मरण
4:39 रखें भारत में माल के कई अर्थ हैं इसलिए माल मित्रों से अपने माल की रक्षा करना आपकी नैतिक जिम्मेदारी है फिर होते हैं लाल सखा यह सदैव आपके प्रति गुस्से से भरे होते हैं ईर्षा की अग्नि में तपक ये लाल हो चुके होते हैं आपके द्वारा इनके इस व्यवहार पर आपत्ति दर्ज कराने पर यह संत कबीर के दोहे निंदक निर राख आंगन कुटी छवाय का आश्रय लेकर आपको ही गलानी से भर देते हैं और आप चाहते हुए भी इनका साथ नहीं छोड़ पाते क्योंकि इन्होंने आपको कबीर दास जी के दोहे से कंफ्यूज कर दिया होता है कि सच्चा मित्र चापलूस नहीं होता वह निंदक होता है और इसकी आड़ में वे सदैव सरेआम आपकी खटिया खड़ी करते रहते हैं सार्वजनिक रूप से परिणाम स्वरूप आप कुल
5:26 मुड़ाते हुए इनकी दुष्टता को भी शिष्टता मानकर से चिपके रहते हैं फिर होता है गाल सखा यह सिर्फ आपके पक्ष में गाल बजाने का काम करते हैं धोखे से यदि आप दिन को रात कह दे तो यह तुरंत सूर्य को चंद्रमा बताने लगेंगे इतना कि एक समय बाद आपको स्वयं भी तपता हुआ सूरज शीतल चंद्रमा के जैसा दिखाई देने लगेगा फिर होता है टाल सखा यह आपको या आपसे संबंधित किसी भी बात को टालने में माहिर होते हैं यह सिर्फ आपको टहला में विश्वास रखते हैं यह टहला टहला करर आपको थका डालते हैं किंतु इनकी कला यह होती है कि आप अब मिलेगी अब मिलेगी की आशा में गोल गल इनके
6:13 चक्कर लगाते रहते हैं और अंत में चकरा करर बिना कुछ प्राप्त किए ही आपके प्राण पखेरू उड़ जाते हैं किंतु एक अच्छी बात होती है टाल सखाव में कि आपके जीते जी जो संभावनाएं संसार को आप में दिखाई नहीं देती थी आपकी मरने के बाद टाल सखा उन्हीं सद्गुणों को संसार के सामने प्रकट करके आपको एक अच्छे सर्वगुण संपन्न कार्यकर्ता के रूप में स्थापित कर देता है फिर एक और कैटेगरी होती है खाल सखा यह आपकी खाल से चिपके हुए होते हैं बिल्कुल कर्ण के कवच कुंडल के जैसे संसार को यह आपका प्रतिरूप ही दिखाई देते हैं ये आपसे ही आपकी खाल खिंचवाने की कला में निपुण होते हैं और आपकी खाल उतर कर ही दम लेते
7:00 हैं यदि आप दुनिया के सबसे बड़े कंजूस हैं तब भी यह अपनी बातों से आपको दानवीर कण के जैसा महसूस करवाएंगे ताकि आप भावेश में अपने ही हाथों अपनी खाल खींचकर किसी और को दान कर दें और अंत में मारे जाए मित्रों की और भी कई उप प्रजातियां होती हैं जैसे परम मित्र चरम मित्र नरम मित्र गरम मित्र शरम मित्र भरम मित्र मरम मित्र धर्म मित्र इत्यादि क्योंकि हम मित्रों को बहुत महत्व देते हैं इसलिए इनके आकार पर नहीं इनके प्रकार पर हमें दृष्टि डालनी चाहिए स्मरण रखिए मित्रता एक विचार है इसे व्यक्ति मानने की भूल ना करें इसलिए व्यक्तियों से मिले कटु
7:46 अनुभवों को लेकर मित्रता रूपी विचार के प्रति कड़वाहट से मत भरिए क्योंकि मंत्र और मित्रता यह दोनों ही हमारे मन को त्राण से अर्थात कष्ट से मुक्त करने वाले होते हैं