0:04 नमस्कार वेलकम टू करियर 247 मैं हूं प्रशांत धवन क्या भारत में ऑनलाइन मनी गेम्स बैन होने वाली है और मैं आपको यह बता दूं इसका इंपैक्ट बिल्कुल आप पर भी होगा क्योंकि आप कहीं ना कहीं किसी कैटेगरी में तो आते होंगे। यहां पर आप देख पाओगे आज के समय इस पर बहुत आर्टिकल्स पब्लिश हो रहे हैं, डिबेट हो रहे हैं। लोग काफी हद तक नर्वस भी हैं कि जो ऑनलाइन वीडियो गेम वो खेलते थे क्या वो भी बैन कर दी जाएगी? बेसिकली जो यह ऑनलाइन गेमिंग बिल है, यह आखिर है किस बारे में? यह गेमर्स को कैसे इंपैक्ट करेगा? भारत की इकॉनमी को कैसे इंपैक्ट करेगा? और क्यों कई लोग कह रहे हैं कि थैंक गुडnस फाइनली सरकार ने यह स्टेप उठाया है क्योंकि गवर्नमेंट के एस्टीमेट के हिसाब से ही सुनकर देखना जो यह ऑनलाइन जुएं खेलने वाली
0:49 जो ऐप होती है ना गैंबलिंग एप्स जिनको आप कुछ भी कह लो कि जी यहां पर स्किल लगती है 100% गैंबलिंग नहीं कह सकते आप इसको यह जो भी एप्स है जिसमें आप अपना असली पैसा लोड करते हो एक गेम में और फिर एक गेम खेलते हो ऐसी गेम्स की वजह से हमारे देश में 45 करोड़ लोगों ने पैसा खोया है। कितना पैसा खोया है? टोटल 20,000 करोड़ का लॉस हुआ है। क्योंकि देखिए जो यह ऐसी गेम्स होती हैं, यह समीरो गेम्स होती हैं। एक आदमी जीतता है, दूसरा हारता है। और सीधी सी बात है जो प्लेटफार्म है हमेशा वह तो अपनी कमाई करेगा ही करेगा। तो हमारे देश की आबादी आप सबको ही पता है 130 करोड़ के आसपास की है। उसमें से 45 करोड़ लोग तो अपना घाटा करके बैठ गए थे एन एप्स में और इनका प्रमोशन आप सबको पता है। बड़े से
1:35 बड़ा क्रिकेटर, बड़े से बड़ा बॉलीवुड स्टार सब लोग जो कहते थे कि हम तो देखिए मोरली बिल्कुल यू नो एथिकली बिल्कुल करेक्ट लोग हैं। वो सब भी यहां पर प्रमोट कर रहे थे ऐसी एप्स को और बिल्कुल जब क्रिकेटर, एक्टर सब लोग प्रमोट करना स्टार्ट कर देंगे तो बिल्कुल हमारे देश की एक बड़ी आबादी यहां पर घुस गई और 20,000 करोड़ का नुकसान करके लोग बैठ गए हैं। इसीलिए अब फाइनली यह बिल पास किया जा रहा है। नाउ पहले तो ना मैं आपको बताता हूं कि इस बिल में सरकार कर क्या रही है? क्या बदलाव होंगे? और अगर आप एक गेमर हैं। अगर आप वीडियो गेम्स खेलते हैं। फॉर एग्जांपल जैसे वेलरेंट मैंने खेली नहीं है आज तक बट मुझे पता है। वेलोरेंट नाम की गेम एक्सिस्ट करती है। उसकी काफी हाइप है। उसके अलावा परहैप्स इवन टेकन और कई और जो वीडियो गेम्स है अगर आप काफी खेलते हैं तो ये जो बिल है एक्चुअली आपके लिए काफी
2:22 अच्छी न्यूज़ लेके आ सकता है। नाउ पहले तो हम जानते हैं कि सरकार ने किस तरीके से अब वीडियो गेम्स को ओवरऑल गेम्स को क्लासिफाई कर दिया है। अब देखो भारत सरकार यहां पर यह कह रही है कि गेम्स प्राइमरली चार टाइप की होती है। ये चार टाइप आपके सामने हैं। यह जो क्लासिफिकेशन है यह प्रमोशन एंड रेगुलेशन ऑफ ऑनलाइन गेमिंग बिल 2025 में यह बात मेंशंड है। अभी वैसे यह बिल सिर्फ लोकसभा में पास हुआ है। जैसे आप जानते हैं लोकसभा के बाद राज्यसभा में इसको पास करना होगा। उसके बाद प्रेसिडेंट ऑफ इंडिया का अप्रूवल आएगा। फिर यह बिल प्रॉपर्ली पास हो जाएगा। ठीक है? तो अभी राज्यसभा में देखना होगा कि क्या यह बिल ऐसे ही पास हो जाता है या फिर यू नो व्हाट हैपेंस? इट विल बी इंटरेस्टिंग टू सी। मगर अभी के लिए
3:07 अगर हम देखें लोकसभा में जो इसका ड्राफ्ट पास हुआ है उसमें यह बताया गया है कि देखो एक तो होती है ऑनलाइन मनी गेम जैसे कि ड्रीम 11 MPL यहां पे सीधा-सीधा आप पैसा जीत सकते हैं। पैसा आपको लगाना भी पड़ेगा। अपने बैंक अकाउंट से पैसा यहां पे आप डालोगे, गेम खेलोगे, जीत सकते हो, हार भी सकते हो। और बिल्कुल यह कितनी अजीब बात है कि ऑनलाइन मनी गेम में एक बड़ा ब्रांड ड्रीम 11 यह इंडियन क्रिकेट टीम का स्पॉन्सर है आज भी। यह कैसे हो गया, किसने अप्रूव कर दिया पता नहीं। मगर बहुत अजीब बात है कि लंबे समय तक ड्रीम 11 इंडियन क्रिकेट टीम का स्पॉन्सर रहा है और अभी भी है। फिर होती है देखिए सोशल गेम्स। यहां पर कोई बैटिंग नहीं होती, कोई कैश प्राइज नहीं होता। मगर आप एक बार को ना यहां पर
3:52 खेलने के लिए प्लेटफार्म फी पे करते हो। फॉर एग्जांपल लूडो किंग हो गया, कैंडी क्रश हो गया, यह ऑनलाइन चेस हो गया। ये चेस.com वगैरह पे अगर आप उनकी मेंबरशिप लेते हो तो ऑब्वियसली आपको वहां पे एक बार को पैसा पे करना होता है। फिर आप लगातार खेल सकते हो। मगर वहां पे कोई जुआ नहीं लगता। कोई ऐसा नहीं है कि पैसा आप हार सकते हो, जीत सकते हो। फिर होती है एजुकेशनल गेम्स। फॉर एग्जांपल डलिंगो हो गई। कई एप्स होती है कोडिंग या फिर कई जो क्विज एप्स होती हैं प्ले स्टोर पर जहां पे आप कुछ सीखते ही हो। एक बार को यहां पर भी आप पेमेंट कर सकते हो। यह आपको बोल सकते हैं कि जी आप अगर बिना ऐड का एक्सपीरियंस चाहते हैं, ऐड फ्री एक्सपीरियंस चाहते हैं, प्रीमियम अकाउंट चाहते हैं तो उसके लिए ₹5000, ₹6000 साल के जितने भी वो मांग रहे हैं वो मांग सकते हैं। यह तो आपकी हो गई एजुकेशनल गेम। फिर
4:38 होती है ई स्पोर्ट्स। ई स्पोर्ट्स कंपैरेटिव टूर्नामेंट बेस्ड गेमिंग होती है। इसमें भी इन गेम करेंसी यूज़ की जाती है काफी बार। फॉर एग्जांपल वेलरेंट एक गेम है। आपने कभी अगर खेली नहीं है तो एक बेसिकली शूटर गेम है और इसमें अगर आपके कैरेक्टर को आप चाहते हैं और ज्यादा सजाना चाहते हैं तो आप स्किल्स परचेस कर सकते हैं। उसके लिए भी पैसा लगता है। आप अपने बैंक अकाउंट से पैसा ट्रांसफर करते हैं गेम में वहां पर। फिर आप गेम के अंदर जो भी आपको नई बंदूक चाहिए, नया मुकुट चाहिए, जो भी आपको चाहिए आप ले सकते हो और अपनी गेम खेल सकते हो। सो अभी के लिए क्या है? सोशल गेम्स नो प्रॉब्लम। जितना मर्जी खेलो कोई प्रॉब्लम नहीं है। ई स्पोर्ट्स एब्सोलुटली नो प्रॉब्लम। जितने मर्जी ई स्पोर्ट्स खेलने हैं खेलो। कोई दिक्कत नहीं है। एजुकेशनल गेम्स एब्सोलुटली नो
5:24 प्रॉब्लम। अभी जो गाज गिरी है यह सिर्फ ऑनलाइन मनी गेम्स पर गिरी है। ड्रीम 11, MPL, जुपी यह अभी के लिए एज ऑफ नाउ लग यही रहा है कि बैन ही हो जाएंगी। और अब यहां पे आप यह जो हेडलाइन है इसको आप अच्छे से समझ पाओगे। क्रिस्टल क्लियर हो जाएगा सब कुछ कि ऑनलाइन गेमिंग बिल में बैन लगा है मनी गेम्स पर। यह एक्चुअली लगेगा जब एक बार प्रेसिडेंट ऑफ इंडिया अपना अप्रूवल दे देंगी और यह एक बिल की जगह एक एक्ट बन जाएगा तब बिल्कुल बैन लग जाएगा और इसलिए आप देख रहे हैं नजारा टेक्नोलॉजीस और कई और जो कंपनीज़ हैं जो ऐसी मनी बेस्ड गेम्स चलाती थी उनके शेयर आज के समय गिरे हुए हैं क्योंकि एक बार इन पे प्रोहबिशन लग गया। यह बैन हो गई। उसके बाद सरकार क्या करेगी किसी को पता नहीं है। क्या यह
6:10 रेगुलेशन के अंडर ऑपरेट करेंगी? क्या इन पे काफी सख्ती कर दी जाएगी? होगा क्या? अब देखो लोग ना बटे हुए हैं कि यह डिसीजन सही है या नहीं। एक तरफ तो लोग यह देखते हैं कि 2000 करोड़ हर साल देश के जो युवक हैं यहां पर युवक ही काफी हद तक पैसा गवाते हैं। कई देखिए मिडिल ऐज लोग भी होते हैं। उनको अब लाइफ में बोरियत भी होती है आदमी को कुछ मनो कुछ करने का मिल नहीं रहा है। चलो ठीक है इसमें अपना टाइम स्पेंड करना स्टार्ट कर दिया। जो लोग ऐसी गेम्स में एंटरटेनमेंट ढूंढ रहे थे। मैं काफी हद तक एमथाइज भी करता हूं। मगर एट द सेम टाइम आपको यह भी देखना होगा जो यह पैसा लगातार गवाया जा रहा है यह फैमिलीज पर बड़ा भारी पड़ता है। गेमिंग करना कोई प्रॉब्लम नहीं है। मगर जब आप असली पैसे को गेम्स में
6:56 इनवॉल्व करना स्टार्ट कर देते हो दैट इज वेरी रिस्की। इससे फैमिलीज बहुत ज्यादा सफर करती है। और अब प्रॉब्लम देखिए यहां पर यह आती है कि अगर भारत सरकार यह जो ऑनलाइन मनी एप्सैंड को बैन कर देती है तो जो लोग हैं जिनको ऐसी गेम्स खेलने का चसका लग चुका है। जो अब बिल्कुल उनको तो चाहिए मतलब कि मैं पैसा लगाऊं और गेम खेलूं मैं अपनी ड्रीम टीम बनाऊं। स्किल होती है इसमें यह होता है वगैरह। ना मैंने यह गेम्स कभी खेली नहीं है और ना मैं कभी किसी को बोलूंगा कि यह गेम खेलिए। मगर एक बार को सोचना होगा कि जो लोग यह गेम्स बहुत ज्यादा खेलते थे जिनकी आबादी अगेन करोड़ों में है। अब अचानक से वो लोग अल्टरनेटिव तो ढूंढेंगे। ऐसा तो होगा नहीं कि 45 करोड़ से भी ऊपर जो लोग हैं जो खेल रहे हैं आज के समय ऐसी ये गेम्स ऑनलाइन यह
7:42 अचानक से कहेंगे कि चलो ठीक है अब आज के बाद यह गेम खेली नहीं। एक बड़ी मेजॉरिटी ऑफ कोर्स यहां पे हो सकता है कि बिल्कुल ये गेम खेलना छोड़ दे। बट फिर भी बहुत सारे लोग होंगे वो क्या करेंगे? इललीगल रास्ता ढूंढेंगे। वो चाइनीस एप्स या फिर इंडिया से बाहर कोई कंपनी है वह ऐसी एप्स बनाकर बैठ गई है वहां पर जाएंगे। उधर और बड़ा रिस्क होगा कि एक बार को वहां पर पैसा डाल दिया हारे जीते अलग बात है। वह पैसा वापस विड्रॉ कर पाएंगे या नहीं कर पाएंगे इसकी भी गारंटी नहीं है। सो प्रॉब्लम बहुत सारी है और इसलिए मैं कहता हूं कि या तो इस इंडस्ट्री को स्टार्टिंग में ही मना कर देते कि यह अलाउड नहीं है। ये इंडस्ट्री पहले तो फली-फूली है। इंडियन क्रिकेट टीम की जर्सी पे तो इनकी जो कंपनियां हैं वहां पे उनकी ब्रांडिंग हो रखी थी। इतने इंडिया के फेमस लोग जो हम कहते हैं कि हमारे इंडियन ब्रांड
8:27 एंबेसडर्स हैं वो लोग ऐसी एप्स को प्रमोट कर रहे थे। अब हम अचानक से इनको बैन कर रहे हैं ना इससे देखो क्या होगा कि जो यह बड़ी-बड़ी कंपनियां थी जहां पर लोग काम कर रहे थे उनका रोजगार जाएगा। सडनली एक इंडस्ट्री को शौक लगेगा। वो कहेंगे कि यार यह क्या है कि पहले हमको खड़ा होने की अनुमति दे दी। फिर अचानक से ऐसे बंद कर दिया। तो यह प्रॉब्लम इतनी ज्यादा सिंपल नहीं है। एक मैं कहूंगा कि यहां पर कहीं ना कहीं सरकार को देखना होगा कि व्हाट एल्स कैन वी डू। बट फाइनली हमेशा की तरह मैं यहां पे आप लोगों से पूछना चाहूंगा। आप लोग लाखों की संख्या में यह वीडियो देखोगे। कई हजारों लोग कमेंट्स करेंगे। तो कमेंट सेक्शन में मैं आपका ओपिनियन जानना चाहता हूं। क्या आप मानते हैं कि जो यह पैसे वाली ऑनलाइन गेम्स हैं बिल्कुल इन पर इमीडिएट ब्लैंकेट बैन लगा देना ठीक है या
9:14 फिर आप मानते हैं कि कुछ और रास्ता ढूंढना होगा क्योंकि जो लोग खिलाड़ी अब बन गए हैं वो अब अजीबोगरीब रास्ते ढूंढने के गेम खेलने और अपना टाइम बिताने के उनका हम क्या करेंगे तो लिखिएगा कमेंट सेक्शन में आप इसके बारे में क्या सोचते हैं डू यू सपोर्ट दिस बैन ऑन ऑनलाइन मनी गेम्स और नॉट मैं जानना चाहूंगा आपका ओपिनियन नाउ जनरेटिव एआई के बारे में मैं एक की बात बोलूंगा। इट इज ऑसम। आप उससे कुछ भी क्रिएट कर सकते हो। और जब मैं बोलता हूं कुछ भी आई मीन एनीथिंग। आप अपना खुद का एक फिक्शनल कैरेक्टर बना सकते हो एक प्रम्प्ट डालकर। और ना सिर्फ इस कैरेक्टर की इमेज आप इसको मूव करा सकते हो। आप इसी कैरेक्टर को दिखा सकते हो वेरियस पोजीशंस में। आप ट्रेन कर सकते हो अपने एआई को एक स्टोरी बनाने के लिए। एंड यू कैन क्रिएट एनीथिंग फॉर द वर्ल्ड। इसलिए आज के समय कंपनीज़
10:02 सिर्फ डिग्री नहीं देख रही। डिग्री के साथ-साथ वो लोग यह भी देख रहे हैं कि क्या यह आदमी जनरेटिव एआई को प्रॉपर्ली समझता है? क्योंकि आप अगर जनरेटिव एआई को प्रॉपर्ली अगर यूज कर सकते हो तो जॉब मार्केट में आप अलग ही दिखोगे। योर चांसेस ऑफ गेटिंग एंप्लॉयड इनक्रीस ट्रेमेंडसली। कई स्टडीज तो हमको यह भी बताती है कि अगर एक आदमी जॉब ढूंढने के लिए जाता है आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की स्किल्स के साथ, तो उसको 28 से 30% हायर सैलरी मिलती है कंपेयर टू अदर्स। तो अगर आप बहुत ही जल्द जॉब ढूंढने के लिए जाने वाले हैं, जॉब मार्केट को एंटर करने वाले हैं, यू शुड हैव जनरेटिव एआई स्किल्स। इससे आपको एक डेफिनेटिव एज मिलती है। आपका रेज्यूुमे अलग ही दिखता है। और ऑलदो आप अगर मार्केट में जाओगे तो जनरेटिव एआई सिखाने वाले आपको बहुत सारे कोर्सर्सेस मिल जाएंगे।
10:48 मगर ज्यादातर जो यह कोर्सर्सेस हैं इनमें प्री रिकॉर्डेड लेक्चर होंगे जो एक बार को आप देख सकते हो। उसके बाद कोई आपका क्वेश्चन है, कुछ क्वेरी है, यह रॉल्व हो पाएगी या नहीं हो पाएगी, इसकी कोई गारंटी नहीं है। जबकि करियर 247 में हम आपको प्रोवाइड करते हैं अपने जनरेटिव एआई कोर्स में 130 घंटे की इंस्ट्रक्टर लेड लाइव वर्चुअल ट्रेनिंग जहां पे आप सवाल पूछ सकते हैं। कुछ आपको चीज नहीं समझ आ रही। आप ओपनली पूछ सकते हैं, समझ सकते हैं कि प्र्प कैसे डालते हैं? खुद की प्र्प्ट लाइब्रेरी कैसे बनाते हैं? देखिए, जनरेटिव एआई इज़ नॉट जस्ट अबाउट प्र्प डाल दिया। चलो हो गया। आपको यहां पर यह सीखना होगा कि एआई मॉडल ट्रेनिंग कैसे होती है? डिप्लॉयमेंट कैसे की जाती है? एआई फॉर डाटा एंड एंटरप्राइज सशंस कैसे किया जाता है? ताकि आप कॉर्पोरेट वर्ल्ड के लिए तैयार हो पाए। तो, आपको यहां पर करना क्या
11:35 है? सिंपली जो वीडियो आप देख रहे हैं, इसके कमेंट सेक्शन में जाओ। कमेंट सेक्शन में आपको यह लिंक मिल जाएगा बैच स्टार्ट्स ऑन 23 एनरोल नाउ पर। यहां पर इस लिंक पर करिए क्लिक और यहां आप परचेस कर सकते हैं करियर 247 का जनरेटिव एआई कोर्स। आपको अभी क्या करना है यहां पर अपना नाम डालिए। ईमेल फोन नंबर जो डिस्काउंट कोड है यहां पर पीजी 10 ऑफ कोर्स यह डालिएगा तभी आपको डिस्काउंट मिलेगा। नहीं तो यू वोंट गेट द डिस्काउंटेड प्राइस। कुछ एक दो% लोग होते हैं वो कभी-कभी कोड लगाना भूल जाते हैं। एंड बिकॉज़ ऑफ़ दैट दे हैव टू पे द होल प्राइस। सो यूज़ द कोड, गेट द प्रॉपर डिस्काउंट। करियर 247 की तरफ से आपको कॉल आएगा। एंड देन यू कैन मेक योर परचेस एंड यू कैन स्टार्ट योर जर्नी इन द जेनेरेटिव एआई कोर्स। इस कोर्स के लिए देखिए कुछ ऐसा नहीं है। एज वगैरह यू कैन डू दिस कोर्स एट
12:22 एनी एज। हालांकि प्रेफरेबल रहेगा। जितने आप यंग हैं, जितने आप अभी अपना करियर स्टार्ट कर रहे हैं तब आप यह स्किल्स एक्वायर कर लेंगे। इट विल हेल्प यू अ लॉट लेटर ऑन इन योर करियर। याद रखिएगा आज का जमाना सिर्फ डिग्री का नहीं है। आपके पास स्किल्स भी होनी चाहिए टू गेट द जॉब दैट यू वांट। सो, यूज़ द कोड टू E10 एंड गेट द मैक्सिमम डिस्काउंट। इसी नोट के साथ यह है वीडियो का अंत।