0:00 को मैक्सिमम पर है एक जर्मन विचारक है एक दो बातें प्रमुख ज्यां जाए 1864 में यह जन्म लिए मैक्सिमम अ हुआ है कि जर्मनी के है तो हम इनको कार्ल मार्क्स के कंटेंट में देखेंगे तो कार्ल मार्क्स का जन्म 1818 में मृत्यु 1883 है आज काल मास्क के मृत्यु के में 19 साल पहले के जरिए 1864 में मैक्सिमम का जन्म होता है और मैक्सिमम जो 19 साल के होते हैं तो
0:45 कार्ल मार्क्स की मृत्यु होती है निकाल बात का विचार मैक्स वेवर के समय में प्रचलन में था मार्क्सवाद एक विचारधारा के रूप में धीरे-धीरे स्थापित हो रहा था और उसी पीरियड में मैक्सिमम ने अपना लेखन कार्य शुरू किया यानी 1800 90 है कि बाद मैक्सिमम का लेखन कार्य दिखाई देता है मुख्यतया तो आप ध्यान रखेंगे कि मैक्सिमम का जो विचार है वह उस समय के उनकी समय के सामाजिक और बौद्धिक पृष्ठभूमि पर आधारित था मार्क्स का जो विचार है वह मार्क्स के समय के सामाजिक और बौद्धिक पृष्ठभूमि पर आधारित तो थोड़ा सा इस बात को ध्यान में रखकर के पड़ेगी तब लक्ष्मण का जो सिलेबस हमारे यूपीसीए ने दे रखा है
1:32 यूपीएससी सिलेबस मैथ्स टेबल कि इस टॉपिक है आपका सोशल एक्शन दूसरा टॉपिक है आइडियल टाइम तीसरा टॉपिक हम लोगों को पढ़ना है उसी के सिलेबस में अथॉरिटी सत्ता चौथा टॉपिक है ब्यूरोक्रेसी नौकरशाही ठीक है सामाजिक क्रिया सोशल एक्शन अगेंस्ट प्रारूप अर्जेंट टाइप अथॉरिटी मतलब सकता ब्यूरोक्रेसी नौकरशाही और प्रोटेस्टेंट एथिक्स एंड स्पिरिट ऑफ़ एप्लीकेशन टो फिक्स फिक्स आसार ट्रैफिक समझने जो भी मान्यताएं हैं नियम है को चुनना एक नियम है है तो प्रोटेस्टिंग फिक्स प्रोटेस्टैंट
2:20 आर्म एंड ए स्पिरिट आफ टेररिज्म पूंजीवाद का सार्थक तो भावना आत्मक स्पीक हिंदी अलग-अलग पुस्तकों में ही किया गया है पढेंगे तो हम लोग हम विचार करेंगे यही है प्रोटेस्टेंट एडिसन एंड स्पिरिट ऑफ़ फैशन शो तो यही पांच टॉपिक हम लोगों को मैक्सिमम में पढ़ना है फिक्स और इसी कंटेस्ट में हम मिक्सचर को पढेंगे पानी की तरह समय पहले भी बता दिया हूं और अभी भी बताऊंगा कि जब हम किसी भी टैंकर को पड़ते हैं तो हम जानते हैं कि कोई भी थिंग कर अपने समाज के बारे में अपना विचार देता है तब तो उसका विचार सुनने में पैदा नहीं होता कहीं ना कहीं उस समय की सामाजिक
3:06 परिस्थितियां उसके विचारों को स्वरूप प्रदान करती हैं मार्च के समय की जो सामाजिक परिस्थितियां थी उसने मार्क्स के विचारों को स्वरूप प्रदान किया दुर्खीम के समय की जो सामाजिक परिस्थितियों थी उसने दुर्खीम के विचारों को सुनें प्रदान किया था कि किसी भी विचारक के विचारों को स्वरूप दान करने में केवल सामाजिक परिस्थितियों की ही भूमिका नहीं होती है बल्कि उस समय की बौद्धिक पृष्ठभूमि क्या होती है बौद्धिक परिदृश्य क्या होता है बौद्धिक पृष्ठभूमि या परिदृश्य भी कहीं न कहीं तो किसी भी तरह के विचारों को स्वरूप प्रदान करती है मतलब बुद्धिजीवी कि विश्वविद्यालय के प्रोफ़ेसर विद्वान बौद्धिक वर्ग किसी भी घटना के बारे में
3:53 क्या प्रतिक्रिया दे रहा है मैंने कौन-कौन सी विचारधाराएं प्रचलन में है कहीं न कहीं इन विचारधाराओं का प्रभाव भी इन बौद्धिक प्रतिक्रियाओं का प्रभाव भी तत्कालीन बौद्धिक विमर्श का प्रभाव भी अ कि इंक विचारकों के विचारों पर पड़ता है और इन विचारों के विचारों को स्वरूप प्रदान करने में इस बौद्धिक पृष्ठभूमि की भी महत्वपूर्ण भूमिका होती है इसलिए हम लोगों ने पीछे के दो थिंक कर जो पढ़ा को इसी घंटे में बड़ा हमने सामाजिक परिस्थितियों को देखा मार्क्स याद रखेंगे फिर उस समय के बहुत ही परिस्थितियों को देखा और फिर हमने देखा कि कैसे इन सामाजिक और बौद्धिक परिदृश्यों के संदर्भ में एक
4:39 दुर्खीम ने अपने विचारों को प्रस्तुत किया समाज के बारे में ख्याल समाज के विविध घटनाओं के बारे में मार्श ने अपने विचारों को प्रस्तुत किया समाज के बारे में समाज के विभिन्न घटनाओं के बारे में कि तुम लोग मिक्सचर को भी इसी अंदाज में पढेंगे इसे इसी तरीके से पड़ेगी तो ने कहा मैक्स वेवर कि जर्मनी 1864 1920 दुर्खीम की मृत्यु के तीन साल बाद अ कि 19th का सिलेबस आपके दिमाग में बिल्कुल छपा हुआ होना चाहिए सलेक्शन आइडियल टाइप औषधि ब्यूरोक्रेसी और प्रोटेस्ट इन ग्रैफिक्स
5:26 एंड स्पिरिट ऑफ कर ली तो ठीक है आपका पाठ्यक्रम है या कैशलेस है चलिए तो चलिए हम लोग एक डायग्राम पर नजर डालते हैं हुआ है ए हार्ट डायग्राम के माध्यम से देखते हैं कि उस समय की सामाजिक और बौद्धिक पृष्ठभूमि क्या थी हुआ है कि उस समय की सामाजिक और बौद्धिक पृष्ठभूमि क्या थी अ हुआ था एक मैसेज बर्लिन जर्मनी का था ना एक वृहद रूप से देखें तो यूरोप तथा यूरोप
6:13 में 1750 में ही औद्योगिक क्रांति हो चुके थे ध्यान देना है है और यादों की क्रांति यान पूरे इन रूप के समाज में यह इकोनामिक सिस्टम में बदलाव को दर्शाता है कि यूरोप के समाज में परिवर्तन का दौर चल रहा था और राजनीतिक व्यवस्था में परिवर्तन या हम कहें तो व्यवस्था में परिवर्तन हो चुका था तक बुद्धिवाद हर विज्ञान के विकास के साथ ही लोगों की सोच अधिक से अधिक तार्किक हो चुकी थी बहुत पहले ही राजनीतिक व्यवस्था में बदलाव हो चुका था व्यवस्था में बदलाव के साथ परंपरा के धर्म आधारित मूल्यों की जगह तर्क और विज्ञान आधारित
6:58 मूल्यों का उद्भव और विकास हो चुका था मानवतावादी मूल्यों का उद्भव और विकास हो चुका था स्वतंत्रता समानता और न्याय की मृत्यु का उद्भव और विकास हो चुका था अ कि समाज के एक अंग के रूप में राजनीतिक व्यवस्था में परिवर्तन हो चुका था राजतंत्र इसे लोकतंत्र की ओर परिवर्तन हो चुका था अ को गर्म आधारित शिक्षा व्यवस्था की जगह आधुनिक शिक्षा व्यवस्था का है दूध का दूध और विकास हो चुका था तो समाज के अंगों में बट एक सबसे बड़ा परिवर्तन था जो यह रूप में वह इकोनामिक सिस्टम में परिवर्तन था फॉलो सिस्टम में आ राजनीति पॉलीटिकल सिस्टम में रहा एजुकेशन सिस्टम मेरा रिलेशन सिस्टम में रहा रिलीजन का रिलाइजेशन हुआ आफ धर्म सुधार आंदोलनों का
7:44 उद्भव हुआ यह रूप में एक धर्मनिरपेक्ष समाज के निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ी हैं लेकिन इन सभी बदलावों में एक प्रमुख बदलाव था इकोनामिक सिस्टम में बदलाव यह कृषि अर्थव्यवस्था से औद्योगिक अर्थव्यवस्था के रूप में के रूप में इकोनामिक सिस्टम he Jaya है कि 1750 औद्योगिक क्रांति जो इंग्लैंड से शुरू हुई और धीरे-धीरे पूरे यूरोप में फैल गई है कि यह ध्यान है आपको कि यह औद्योगिक क्रांति या पौधों की अर्थव्यवस्था का विकास निजी उद्यमियों के द्वारा संभव बनाया गया निजी उद्यमियों द्वारा संभोग रह गया निजी लाभ के उद्देश्य से संभव बनाया गया अपने ज्ञान को बढ़ाने के उद्देश्य से
8:32 संभव बनाया गया इसलिए हम कर सकते हैं कि आथर्टन जीव आधी इस मॉडल की तर्ज पर है और अधिक आस्था करता सवा पूंजीवाद उस समय फीट प्रमुख विचारधारा थी दो आर्थिक क्रियाकलापों को के संदर्भ में थी कि ऋषि पूंजीवादी विचारधारा के तहत पूंजीवादी अर्थव्यवस्था का विकास हम कहें तो हो चुका था अ कि यह उसमें 1750 के बाद है कि पौधों की करण है और इसी पूंजीवादी और दूंगी
9:18 अर्थव्यवस्था के विकास के दुष्परिणाम भी दिखाई देने लगे थे ध्यान रखो यही निकाल था जिसने मार्क्स के विचारों को प्रभावित किया इस पूंजीवादी युद्धों की अर्थव्यवस्था के दुष्परिणामों पर पूरे यूरोप में चिंता थी और इस पर चिंता और चिंतन का मांस से भी प्रस्तुत किया लेकिन उस समय अगर हम देखें इसके पीछे की चर्चा कर चुके हैं को मैक्सिमम के समय अगर हम देखते हैं एक नई बात नज़र आती है उन्हीं बात क्या है तो नहीं बात है कि आधुनिक पूंजीवाद का विकास प्रारंभ हो चुका था अगर हम पूंजीवाद को कैटेगराइज करते हैं कई कैटेगरी बनती है बट
10:05 अगर हम सामान्य रूप से इसको दो भागों में बांटे तो एक प्रारंभिक पूंजीवाद और आधुनिक को बात है को मैक्सिमम के समय आधुनिक पूंजीवाद का विकास हो चुका था की मांग पर कहा था कि कि उस समय पूंजीवाद के दुष्परिणाम चमके दिखाई दे रहे थे पंजी का संधारण हो रहा था ना को चोटे पूंजीपति या कहो तो सफर दोनों की हालत बदतर होती जा रही थी मजदूरों का पूंजीवाद के विकास के साथ एक बार टेंशन हो रहा था जमकर है कि गरीबी विषमता तमाम तरह की समस्याओं का हाल बा हो चुका था मार्क्स के समय में इसलिए कहीं न कहीं मार्क्स का विचार है
10:50 मैं इसी परिस्थितियों से प्रभावित रहा इसलिए मार्क्स के विचार में नकारात्मकता जमकर दिखाइए समाज का या अर्थव्यवस्था का नकारात्मक विश्लेषण केंद्र में है आजीवन मार्क्स पूंजीवाद का आलोचक बना रहा एक विचारक के रूप में कटिंग कर के रूप में पर अपने सभी अध्यायों में मार्श ने पूंजीवाद की आलोचना की पूंजीवाद का नाकारात्मक विश्लेषण प्रस्तुत किया है है लेकिन और मार्क्स की जीवन की अंतिम वर्ष तक आते आते थे कि पूंजीवादी अर्थव्यवस्था में बदलाव आ चुका था अब आधुनिक पूंजीवाद का विकास प्रारंभ हो गया था दो
11:39 कि अब आधुनिक पूंजीवाद का विकास प्रारंभ हो चुका था अ को खोल दो है और दूंगी अर्थव्यवस्था भी पहले जैसी नहीं थी शुरुआत में वे ने बताया कि औद्योगिकरण प्रारंभिक स्तर पर कैसा था और दो कि ग्रहण के शुरू होने के पहले क्या था कर खाना प्रणाली से उत्पादन होता है कि इंग्लैंड के व्यापारी थे भारत जैसे अपने औपनिवेशिक देशों में व्यापार करते थे यहां की जरूरतों को पूरा करने के लिए बेहद उत्पादन की जरूरत पड़ी वृहद स्तर पर उत्पादन करने के लिए यह व्यापारिक इंग्लैंड में जाकर एक कैंपस बनाएं बहुत बड़ा और उस कैंपस के अंदर हजारों मजदूरों को बैठाकर मैनुअल बिना मशीन के उत्पादन
12:29 करना शुरू किया कि इसको मैं कारखाना लगाने हैं हैं तो धीरे-धीरे मशीनों का विकास हुआ और मशीनों का प्रयोग भी इस कैंट पुलिस के अंदर उत्पादन की प्रक्रिया में शुरू कर दिया गया तो कहानी क्या बनी एक बहुत बड़ा कैंपस उस कैंपस में ढेर सारे सारिक श्रमिक और फिर बीच में आया एक बहुत बड़ा मशीन और इस बहुत बड़े मशीन से उत्पादन का काम शुरू हो गया है है इसका खाना का मालिक 30 उत्पादन की प्रक्रिया में कांग्रेस के होकर काला का मालिक शेठ इसका कर खाना था मैं अब दूसरी तरफ लगा मैन्युअल वर्क अट शरीर से काम करने वाला बरकत और वैश्विक
13:16 भाषा मशीन अ इस समय टेक्नोलोजी काफी ज्यादा विकसित नहीं थी इसलिए यह मशीन को चलाने के लिए तकनीशियन या इंजीनियर के रूप में मजदूर की बाली नहीं हुई थी तो कि कोई भी व्यक्ति मशीन का एक बटन पुश कर देता था घर घर घर घर घर के मशीन चलने लगता था मैं ईश्वर का उस पर काम करने लगते थे परिदृश्य वहीं का जो भारत में पचास और साठ के दशक में जो फिल्में बनाई जाती थी उस फिल्मों पर आधारित था चालीस पचास के दशक में 30 40 50 घर के मशीन चल रही है इस बारे में इंडियन वर्कर उस पर काम कर रहे हैं शाम को करके सायरन बजा और सारी मजदूर टिड्डी की तरह अपना साइकिल अपना जो भी लिए अपने झोपड़े की तरफ चल दिए स्लम्स की तरह
14:03 चलती है की सप्ताहिक मजदूरी या दैनिक मजदूरी मुनि बैठ गया कुर्सी-टेबल लगा करके 24 लठैत बैठकर उसके साथ और मजबूरी होती गई यह था इंद्रजीत सिंह का प्रारंभ करते हैं कि ज्ञानी मजदूर मैन वर्कर के रूप में थे अकुशल श्रमिक के रूप में थे स्किल्ड वर्कर का विकास कुशल श्रमिक का विकास अभि नहीं हुआ था के समय और जो अनुशासन समिति था उसका कोई बहुत महत्व होता नहीं था तो मजदूरी बहुत न्यूनतम दी जाती थी वैसे अकुशल श्रमिकों की सप्लाई बहुत ज्यादा वक्त लघु कुटीर उद्योगों के खत्म होने से ढेर सारे उसमें शामिल लोग बेकार होकर के
14:50 मजदूर के रूप में शहरों में पहुंच गए थे और यह औद्योगिक शहरों में मजदूरों की आपूर्ति बढ़ने से उनकी डिमांड के तुलना में उनका मूल्य कम हो गया था न्यूनतम मजदूरी मजदूरों की हालत दयनीय थी मीणा हुआ था है अब आप समझ सकते हो कि उस अ स्थिति ने कि किस तरीके से मार्क्स के विचारों को चेक प्रदान किया स्वरूप प्रदान किया लेकिन अ कि उम्र तक आते-आते कहानी पढी थी जो व्यक्ति हैं अजय को कि मजदूरों की हड़ताल होने लगे थे मार्च
15:35 के जीवनकाल के ही अंतिम वर्षों में कई कारखानों में मजदूरों ने हड़ताल करनी शुरू कर दी थी परिणाम में हुआ था कि हम उद्योगपति भी सावधान हो चुके थे तो है और सावधान होकर उद्योगपतियों ने भी अपने कर खाना में सोशल का काम कम कर दिया था कि उद्योगपतियों ने भी अपने कारखाना में एक मैनेजमेंट बाहर कर दिया था अब हो चुका तर्कसंगत तरीके से मजदूरों के गिरने से इसको शिकायतों को दूर करते थे तो थे और कल खाना के स्तर पर बड़े ही तर्कसंगत तरीके से कामों का प्रबंधन कर रहे थे मैनेजमेंट कर रहे थे
16:21 और इधर एक सैलरी भी ठीक आप कर दी गई क्योंकि वही काम करवाना है अगर मजदूर हड़ताल पर चला जाए और 2 महीना कर खाना बंद हो जाए तो इसे पर नुकसान होगा मजदूरों पर दया करके पूंजीपतियों ने मजदूरों की मजदूरी नहीं बढ़ाई बल्कि उन्होंने देखा कि इससे उनको लाभ उनका दुष्प्रभावित हो रहा उनका काम दुष्प्रभावित पूरा इससे मजदूरों की सैलरी भी ठीक-ठाक पहले जैसी नहीं थी अ को चोटे मोटे शिकायतों को बड़े बेहतर तरीके से हैंडल किया जा रहा था मतलब कर खाना के स्तर पर कोई न कोई इरफान साइन इन सिस्टम है ईस्ट करने लगा था अ यहां पर मालिक के प्रतिनिधि के रूप में प्रबंधक बढ़ कोआर्डिनेशन बनाने में लगा हुआ था कि मालिक और मजदूर के मध्य संबंध
17:08 ठीक बनी रहे ताकि मजदूर प्रॉपर्टी काम करती है यह कुल मिलाकर अगर हम कहें तो मजदूरों की स्थिति में पहले की तुलना में सुधार हुआ था अ ऑन करो कि टेक्नोलॉजिकल डेवलपमेंट हुआ था तकनीकी विकास हुआ और तकनीकी विकास होने के परिणामस्वरूप कर खाना के स्तर पर मजदूर दो भागों में बंट चुके थे एक कुशल श्रमिक तकनीशियन इंजीनियर ए है जो उच्च प्रौद्योगिकी एक कुकर खाना के स्तर पर चलाने में उनको उपयोग में लाने में सक्षम हैं
17:54 एक कुशल श्रमिक अ है और एक दूसरी थे जो अकुशलता देखते हैं इंडियन वर्कर थे शरीर से काम करने वालों पर करते तौर पर खड़ा में चार वर्ग दिखाई दे रहा था ध्यान से देखो एक बड़ी मार्मिक और दूसरा वर्ग मालिक के प्रतिनिधि के रूप में प्रबंधक पढ़े-लिखे प्रबंधक पोटाई लगाए हुए प्रबंधक अब वह दैट वाला मुनीम वाला लठैत वाला दौड़ धीरे-धीरे जा रहा था को टाइल लगाने वाला लगाने वाला प्रबंधक पहाड़ी की पत्नी तक जुड़ा दिमाग लगा करके बात तर्कसंगत तरीके से कर खाना के स्तर पर समायोजन मालिक और मजदूर के बीच समायोजन को बनाने में लगा हुआ था और कारखाना के कामों को सुनियोजित तरीके से चला रहा था व्रत के समय में ऐसी रघुनाथ ए
18:41 में दूसरा कारखाना के एक मजदूर के स्तर पर भी दो तरह के मजबूर हो गए थे एक कुशल श्रमिक जो टाइम वह लगाकर थे पढ़े-लिखे थे इंजीनियर के रूप में थे और दूसरा मेनू वर्कर आपको श्रमिक कुशल श्रमिक पिदुगुरला मधुमेह हुआ था कि वह दिमाग की काम करते थे सब उनके कामों को नहीं कर पाते सब उनकी जगह को रिप्लेस नहीं कर सकते थे इसलिए उनकी सैलरी छात्रा थी तो कुशल श्रमिकों की जिंदगी अच्छी चल रही थी बेहतर पोजीशन मित्रों कुशल श्रमिक को टाइम लगा के गाड़ी वाली से आते थे है और दूसरा अकुशल श्रमिक थे और उनकी भी स्थिति तुलनात्मक रूप से ठीक होते हैं
19:30 है तो उस समय की जो Aa अधिक अर्थव्यवस्था की स्थिति थी पूंजीवादी अर्थव्यवस्था की स्थिति थी उसमें काफी कुछ बदलाव हो चुका था तो ओं थे वे है बट इस हंड्रेड परसेंट खत्म नहीं हुआ था क्योंकि बदलाव पूरे जगह पर समान रूप से नहीं था ध्यान देने वाली बात है कछुए को थे वेदर कि को अमेरिका जाने का मौका मिला 1995 में मैक्सिमम अमेरिका के और मैक्सिमम अ अमेरिका में जो दूं कि अर्थव्यवस्था का विकास हो चुका था वह प्रारंभिक औद्योगिक अर्थव्यवस्था ज्योति रूप में खड़ा उससे काफी हद तक बदला हुआ था यह सारी कहानी जो मैंने बदले हुए और उद्योग या व्यवसाय के
20:16 बारे में बताइए बदले हुए पूंजीवाद के बारे में बताइए को अमेरिका तथा अमेरिका में काफी परिपक्व रूप में पूंजीवाद विकसित हो चुका था कहो तो आधुनिक पूंजीवाद का विकास हुआ था आधुनिक औद्योगिक अर्थव्यवस्था का विकास हो चुका था अ है और उक्त व्यवस्था में टेक्नोलॉजिकल डेवलपमेंट तकनीकी विकास हो चुका था अब है लेकिन उस अनुपात में अभियुक्त बैक हर जगह नहीं हुआ था है इसलिए बदलाव आया था लेकिन पूरी तरह बदलाव नहीं आया था और मालिक द्वारा श्रमिकों का शोषण जारी था मालिकों और मजदूरों के बीच हितों का टकराव जारी था इस टकराव को लेकर कई जगहों पर संघर्ष भी होते रहते थे हरताल भी होते रहते थे लेकिन
21:01 मालिक हैं एक बेहतरीन तरीके से कोशिश कर रहा था कि इन सभी समस्याओं को दूर किया जा सके हैं है इन सभी समस्याओं को दूर किया जा सके मजदूरों के अमीता होने लगे थे मालिक भी मजदूरों के नेताओं से प्रॉपर तरीके से बातचीत करने लगा था मालिक के प्रतिनिधि के रूप में मैनेजमेंट मजदूरों के नेताओं से बातचीत करके चीजों को ठीक करने में लगा हुआ था क्योंकि सबका और यह टेंशन था सबका फोकस था कि काम दुष्प्रभावित महो उत्पादन दुष्प्रभावित ना हो लाभ दुष्प्रभावित इस तरीके से रूप में में और सुनाओ अजय को
21:47 है उधर अगर हम कि राज्य की बात करें तो है तो राज्य के स्वरूप में भी बदलाव आया था ना को थ्रो कि अगर हम पॉलीटिकल सिस्टम पर विचार करते हैं बच्चा तो प्रारंभिक पॉलीटिकल सिस्टम राजतंत्र के रूप में रहा यह आप अच्छी तरह जानते हो जो राज्य के दैवी अधिकार के सिद्धांत के आधार पर संपोषित आ राजा भगवान का प्रतिनिधि होता है भगवान ने राजा को हमारे ऊपर शासन करने के लिए भेजा है हमारा धर्म है कि हम राजा की आज्ञा का पालन करें तो ज्योति पब्लिक धार्मिक थी मीणा धर्म प्रधान समाज था हिस्ट्री सभी राजा की आज्ञा का अत्यंत व्रत पालन करते थे तो अजय को है लेकिन तक विवाद के विकास के साथ ही रूप
22:33 में जब धर्म सुधार आंदोलन होता है धर्म के प्रभाव में कमी आती है तो राजतंत्र के विरोध में आवाज़ उठता है मानवता वादी विचारधारा के गुणों के साथ स्वतंत्रता समानता और न्याय के मूल्यों का विकास होता है और इन मूल्यों पर आधारित एक नए प्रकार की राजनीतिक व्यवस्था का उद्भव और विकास कार्य इसको हम लोकतांत्रिक राजनीतिक व्यवस्था नाम देते हैं 888 ने ग्लोरियस रिवॉल्यूशन फॉर इंग्लैंड में लोकतंत्र का उद्भव 1789 में फ्रांसीसी क्रांति और फ्रांस में लोकतंत्र का उन हो तो धीरे-धीरे लोकतांत्रिक व्यवस्था आ चुकी थी लेकिन मार्क्स के समय में यानी 18030 सब्सक्राइब जो लोकतांत्रिक क्रांति व्यवस्था थी परिपक्व लोकतंत्र नहीं था
23:20 पूर्ण लोकतंत्र नहीं था बहुत से लोगों को तो वोट देने का अधिकार भी नहीं आ आ कि बहुत से लोगों को पुख्ता नागरिक अधिकार भी नहीं था मौलिक अधिकार भी नहीं है ए राजा के ऊपर एक अ में संशोधन किया था जो नियंत्रण करने लगा था 23 मार्च के समय में है कि संसद में पूंजीपतियों का वर्चस्व बढ़ रहा था और राजा और पूंजीपति मिल चुके थे राजा मतलब राज्य लोकतांत्रिक राज्य का प्रतिनिधित्व और पूंजीपति मिल चुके थे जो नया वाला लोकतंत्र आया है मैं इसमें अमित वर्ग के लोग भी शामिल थे
24:05 पूंजीपतियों के साथ मिले हुए थे अभी बॉटम का है का वर्ग इस तंत्र में शामिल नहीं हो पाया था भारत में भी आप देखोगे कि 1947 में जब मुक्त सी आता है है तो अंग्रेजों से सप्ताह जब भारत के लोगों को हस्तांतरित होती है तो लौड़ा मंगरू भूरा चनेसर गौतम के लोगों को हस्तांतरित नहीं होती है जो टॉप के तो ये लोग उन्हीं को मिलती है कि अ यह पहला चुनाव भी होता है तो चुनाव का जो परिदृश्य था उस परिदृश्य में बॉटम के लोग चुनाव नहीं जीते तंत्र ऊंची जातियों का हक बनता ठाकुर गजेंद्र प्रताप सिंह ठाकुर महेंद्र प्रताप सिंह बूथ पर बैठ जाते थे और जिसको चाहे उसको मतदान
24:51 बुधवार थे मगर घोड़ा घोड़ा चनेसर ही निशान तो पोलिंग बूथ तक नहीं पहुंचते हैं कि 70 के दशक तक आते-आते मध्यवर्ग यह क्या मध्यवर्गीय जातियों में राजनीतिक चेतना का विकास होता है और यह अब तंत्र में अपनी सहभागिता को सर्च करने लगते हैं 80 के दशक तक आते-आते दलित चेतना का विकास होता है और फिर दलितों में जब राजनीतिक चेतना का विकास होता है इनकी संख्या बढ़ती है तब जाकर भारत में लोकतंत्र मजबूत होता है एक पहुंची जातियों का तथा उसी तरह से यूरोप में भी प्रारंभिक जो लोकतंत्र था उसमें उच्च वर्गीय लोगों का ही प्रभुत्व था डोमिनेंट अतिथि थे हुआ है है और प्रसिद्ध धार्मिक प्रमुख से ही मिले
25:39 हुए थे यही कारण है कि मार्क्स ने कहा कि है जिसके पास पैसा होता है और राजनीतिक व्यवस्था पर भी धर्म पर भी समाज हर जगह उसी की विटामिन सी होती है कि ऐसा आ है लेकिन बीबर की काल तक आते-आते लोकतंत्र और मैच्योर हो चुका था ध्यान देने वाली बात है मतलब टॉप गांव के लोगों के साथ बॉटम के लोगों में भी राजनीतिक चेतना का विकास हो चुका था तो वतन के लोगों के भी तंत्र में सहभागिता काफी हद तक बढ़ चुके थे अब लोग अपने नागरिक अधिकारों के प्रति काफी अवेयर थे और लोगों को धीरे-धीरे नागरिक अधिकार मिल चुका था तो राजनीतिक व्यवस्था में भी बदलाव आया था अनुकूल मिला करके मास्क के समय की सामाजिक संरचना राजनीतिक संरचना आर्थिक संरचना से
26:25 मैक्सिमम के समय की सामाजिक संरचना आर्थिक संरचना राजनीतिक शक्तियां काफी बदल चुकी थी अ है लेकिन ट्रांसफर फीस था ध्यान देने वाली बात है कि हंड्रेड परसेंट नहीं आती है कि अगर हम तीन स्टेप बनाते हैं मार्क्स विजिबल पासवर्ड मार्श ने समाज का नकारात्मक विश्लेषण प्रस्तुत किया पार्षद से समाज का पूरी तरह सकारात्मक विश्लेषण प्रस्तुत किया है है तो की पार्षद के समय में अमेरिकी समाज काफी हद तक बढ़िया बढ़िया था इस मास्क समय में काफी हद तक गड़बड़ टॉप तुम आज के विचारों पर उस समाज की परिस्थितियों का प्रभाव दिखाई देता है पार्षद के विचारों पर अपने समय के 1950 के
27:11 बाद के अमेरिकी समाज की पर इसका प्रभाव दिखाई देता है मैक्सिमम बीच का था मैक्सिमम ने अमेरिका में आधुनिक पूंजीवाद के विकास को रोते हुए देखा था अमेरिका में अधिक अर्थव्यवस्था में टेक्नोलॉजिकल डेवलपमेंट और श्रमिकों की स्थिति में सुधार को शुरू होते हुए मैक्सिमम ने देखा था और धीरे-धीरे रूप में भी शुरू हो रहा था लेकिन यूरोप में पुराना हितों का संघर्ष भी ओमेक्स रिवर देख रहा था कि आप समझ सकते हो इसलिए मैक्सिमम के विचारों पर दोनों ही तरह की सामाजिक पृष्ठभूमि का प्रभाव परिलक्षित होता है एकदम मैक्सिमम के विचारों को देखेंगे तो हमेशा इस बात को ध्यान में रखकर के देखेंगे कि कैसे उस समय की सामाजिक परिस्थितियां मैक्सिमम के विचारों को सकते हैं आपके सामने स्क्रीन पर सामाजिक
27:58 पृष्ठभूमि में तीन बिंदु दिए हुए तीन बिंदुओं में पहला बिंदु है आधुनिक पूंजीवाद का विकास प्रारंभ आपके सामने स्क्रीन पर है आधुनिक पूंजीवाद का विकास प्रारंभ इनसाइड हो जाता हूं आप देख सकते हो आधुनिक पूंजीवाद का विकास प्रारंभ कर दो ऑन करो है दूसरा है पौधों की अर्थव्यवस्था में कि तकनीकी विकास टेक्नोलॉजिकल डेवलपमेंट और श्रमिकों की स्थिति में सुधार प्रारंभ प्रारंभ हमेशा ध्यान दो और तीसरा बिंदु था कि पौधों की अर्थव्यवस्था आ मैं जयपुर की वाली अर्थव्यवस्था में हितों
28:43 का टकराव जारी जारी कर दिया है जो करने से चला रहा था इसी हीरों की टकराव पर केंद्रित होकर कार्ल मार्क्स ने अपने विचारों को स्वरूप प्रदान किया था हितों का टकराव ही जारी था अ कि पीठों का टकराव ही जारी था यह मैक्सिमम होते हैं कर दो कि अ और बौद्धिक परिदृश्य तो पॉकेट कोई भी कि मैं सुबह के समय कि पूंजीवादी विचारधारा के प्रति सं
29:32 है एक विचारधारा के रूप में स्थापित हो चुकी थी बुद्धिजीवियों में और बुद्धिजीवियों का एक वर्ग में कि इस पूंजीवादी अर्थव्यवस्था का समर्थन कर रहा था अत और बुद्धिजीवियों का एक बड़ा वर्ग इस पूंजीवादी अर्थव्यवस्था का समर्थन कर रहा था अत मैं उल्टा बात में उपयोगिता व लिस्ट ईयर जैसी विचारधाराएं इस पूंजीवादी अर्थव्यवस्था को सपोर्ट कर रही थी कि राज्य के हस्तक्षेप का विरोध कर रही थी को टर्न देने वाली बात है कि राज्य के हस्तक्षेप का विरोध कर रही थी
30:17 मैं है लेकिन ध्यान देना एक सुगबुगाहट शुरू हो चुकी थी कि नहीं राज्य को हस्तक्षेप करना चाहिए और इस बूट कब शुरू हुई थी जो कुछ भी हाय पूंजीवाद का समर्थन कर रही थी पूंजीवाद एक विचारधारा के रूप में सेबी ने सोचा था आयोग ने हुआ था है और पूंजीवादी अर्थव्यवस्था के विकास के साथ चुकी पूंजीवाद के दुष्परिणाम दिखाई देने लगे थे इसलिए इस दुष्परिणामों के संदर्भ में पूंजीवाद की आलोचना भी शुरू हो चुकी थी और आलोचकों में दो विचारधाराएं प्रमुख टी समाजवाद और माक्र्सवाद है में समाजवादियों ने तत्कालीन यूरोप की
31:03 समस्याओं के लिए लाभ उन्मुख पूंजीवादी अर्थव्यवस्था को उत्तरदाई आ रहे थे तो हुआ है है और राज्य के हस्तक्षेप द्वारा निजी संपत्ति के अधिकार को समाप्त करने की वकालत कर रहे थे कि संपत्ति के अधिकार को समाप्त कराया जाए राज्य हस्तक्षेप करें निजी संपत्ति का अधिकार को खत्म करें पूंजीवाद को खत्म करें उत्पादन के सभी साधनों पर सभी संपत्ति पर राजी अपना स्वामित्व स्थापित करें तभी जाकर के आर्थिक समानता की स्थापना होगी तभी जाकर कि समाजवादी समाज की स्थापना होगी और जब समाजवादी समाज की स्थापना होगी तो फिर
31:48 शोषण खत्म होगा हर तरह की समस्याएं खत्म होगी मार्क्स बीच समाजवादी विचारक के बॉस ने भी इस सभी समस्याओं के लिए निजी संपत्ति के अधिकार वाली लाभ उनमें उत्पादन पर बल देने वाली पूंजीवादी अर्थव्यवस्था को जिम्मेदार ठहरा रहा है और वापस प्ले भी इन सभी समस्याओं के समाधान के लिए समाजवादियों की तरह निजी संपत्ति के अधिकार का खात्मा पूंजीवाद वूलन पर बल दिया और एक आर्थिक असमानता से सूख समाज की स्थापना पर बल दिया है है लेकिन मार्क्स का जो तीव्र था वह अलग था अप्रोच गोखरू अलग था और राजनीतिक हस्तक्षेप से सुधार करके आर्थिक समानता की स्थापना करना नहीं था उसका मानना था कि
32:34 राज ऐसा नहीं करेगा राज ऐसा नहीं करेगा का यह राजपूतों पूंजीपतियों के हाथों की कठपुतली एक काम समीप को करना होगा अ है और ये आसानी से नहीं होगा क्योंकि पूंजीपति अपने अधिकारों को आसानी से छोड़ने को तैयार नहीं हुई है मैं इसे एक व्यापक हिंसा होगी अ कि पूंजीवाद के विकास के साथ पंजी का संधारण होगा शोषण बढ़ेगा छोटे-छोटे पूंजीपति भी मजदूर वर्ग में शामिल होंगे तो कि मजदूरों का आकार बढ़ेगा क्लास पोलराइजेशन होगा एक तरफ मिट्टी व पूंजीपति होंगे दूसरी तरफ मेज़ व्यापक स्तर पर आ
33:28 को मजबूर पर क्योंकि अ है कि मजदूरों में अवेअरनेस आएगा वर्ग चेतना का विकास होगा और मजदूर वर्ग संगठित होकर के इस कि पूंजीवादी अर्थव्यवस्था के विरुद्ध एक हिंसक क्रांति करेंगे एक शांति आसान नहीं होगी यह न सकूंगी है कि पूंजीपतियों की तरफ से राज्य की पुलिस सेना सब आएगी लड़ने के लिए बीच कि मजदूरों का आकार इतना बड़ा है कि चित्र मजदूरों की होगी और है और फिर ख्वाब थी समानता से युक्त एक समाज की स्थापना होगी इसको माखनी साम्यवाद की संगति है हुआ है ए लोग सब चीजों के बारे में पड़ चुके हैं इस समय मत की संगत
34:15 हैं तो इस तरह से समाजवाद और माक्र्सवाद है कि पूंजीवाद का विरोध कर रहे थे है इसलिए भी बातें उठने लगी थी कि राज्य को हस्तक्षेप करना चाहिए मार्च के समय में हस्तक्षेप की नीति सबसे प्रबल थी राज्य कोई हस्तक्षेप नहीं कर रहा था पूंजीपति उद्योगपति एकदम स्वतंत्र होकर के अपने आर्थिक क्रियाकलापों का संपादन कर रहे थे उन पर कोई राज्य का इंटर करने से ही सफलता जमकर शोषण करने से है लेकिन अब राज्य के हस्तक्षेप की बात लगी प्लीज शेयर करें नियम बनाए कानून बनाए हैं
35:02 है समाजवादी कर रहे थे तब मार्क्सवादी कह रहे थे कि मजदूर वर्ग हिंसा करेगा और निजी संपत्ति का अधिकार को खत्म करेगा समाजवादी कर रहे थे कि राज्य हस्तक्षेप करें और निजी संपत्ति का अधिकार को खत्म करें तो कुछ लोग ऐसे भी थे जो कह रहे थे करना शुरू कर दिए थे कि राज्य नीचे संपत्ति के अधिकार को भले खत्म नहीं करें लेकिन राज्य हस्तक्षेप करें कानून का निर्माण करें और कि पूंजीपतियों को रेगुलेट करें उद्योगपतियों को रेगुलेट करें ताकि और श्रमिकों का इस तरीके से शोषण न कर सके हैं लुट है यानि कि एक हफ्ते के प्रति राज्य की विचारधारा में बदलाव आना शुरू हो चुका था
35:49 और अब एक हस्तक्षेप राज्य की प्रासंगिकता को स्वीकार किया जाने लगा कि राज्य स्तरीय क्रीड़ा अधिकारी राजेश को सेट करें हैं मोटू पतलू के मूल्य में राज्य सूची की जांच करें और है समाजवादी तो पूरी तरह से पूंजीवाद के खात्मे की बात कर रहे थे लेकिन एक वर्ग था जो पूंजीवाद के खाते में की बात नहीं कर रहा था लेकिन तत्कालीन समस्याओं के समाधान पर विचार कर रहा था ना कि अगर जब हम उदारवाद कोई कार्डियोलॉजी के रूप में पढ़ते हैं लिजम कोई आइडियोलॉजी के रूप में पढ़ते हैं तो उदारवाद के तीन स्टेज देखे जाते हैं एक उदारवाद का प्रारंभिक स्थिति है हवाई जहाज हस्तक्षेप नहीं करेगा और
36:36 हस्तक्षेप के सिद्धांतों का पालन करेगा एक उदारवाद का सेटिंग्स स्टेज अ के द्वारा कथित हस्तक्षेप करेगा अ के राज्य सचिव करके चीजों को ठीक करेगा एकदम फ्रीडम नहीं देगा तो कि अगर हम कहें तो उदारवाद के द्वितीय चरण की शुरुआत सिक्वेंस तीजा प्लूरेलिज्म की शुरुआत हो चुकी थी शुरू धीरे-धीरे धीरे-धीरे पूरी तरह से नहीं पता को स्टार्ट 118 शॉप 8090 उन्नीस सौ तक जाती है है और बाद का एक तीसरा स्टेज है इसको 1977 में 1975 में
37:24 को देखते हैं यह फिर से इलाज की उपस्थिति भूमिका को स्वीकार करें लगा चयनित अहस्तक्षेप की नीति और फिर हस्तक्षेप फिर से हाथ से इसको हम उदारवाद के तृतीय चरण या इसके लिए एक नया नाम दिया जाता है नियोजन एवं नवउदारवाद है है तो उस समय उदारवाद का जो सेटिंग स्थिरता आ है उसको चुका था पहले कुछ भी बहुत कुछ विचार रखे यह बात करने लगे कि खिलाड़ियों को हस्तक्षेप करना चाहिए राजीव को कानून बनाना चाहिए राजू को पूंजीपतियों और उद्योगपतियों पर नियंत्रण रखना चाहिए ताकि लोग रखना में श्रमिको का शोषण न कर सके हैं
38:10 कि सभी मार्क्स की विचारधारा में विरुद्ध यथार्थ रूप के पूंजीपतियों को डरा दिया था राज्य को सोचने के लिए विवश कर दिया था वह जीव को सोचने के लिए विवश कर दिया का दिमाग फॉलो करते हैं वह सही है और कहीं न कहीं इस पूंजी पतियों की मनमर्जी को रोकना होगा उद्योगपतियों की मनमर्जी को रोकना होगा इनका जो फ्रीडम है कि राज्य कोई हस्तक्षेप नहीं करेगा तो कि अगर हम कहें कि एडम स्मिथ के लिस्ट पर के विपरीत कहा जाने लगा था कि राजू को शेयर करना चाहिए सामाजिक न्याय के संदर्भ में राज्य के हस्तक्षेप की भूमिका को
38:56 स्वीकार किया जाए तथा सामाजिक न्याय के संदर्भ में तीन विचारधाराएं साम्यवाद मार्क्स का समाजवाद समाजवादियों का जाने की संपत्ति का अधिकार नहीं होगा पुंजीवाद नहीं होगा और राज्य के हस्तक्षेप की भूमिका के द्वारा आ कि एक समता मूलक समाज की स्थापना अ कि ऐसा नहीं है कि वर्तमान यूरोप और वर्तमान अमेरिका के देश एक समता मूलक समाज की स्थापना पर बल नहीं देती है देती लेकिन वह पंजीवाद को खत्म करके निजी संपत्ति के अधिकार को समाप्त करके नहीं देते बल्कि राज्य हस्तक्षेप करेगा मॉडल पूंजीवादी रहेगा व्यक्ति राज्य हस्तक्षेप करने का राज्य समाज के विज्ञान शिक्षक 125 करें का कानून बनाकर के पूंजीपतियों को रेगुलेट करेगा कानून बनाकर के मजदूरों की सुरक्षा
39:42 का ख्याल रखिएगा का या सुरक्षा का प्रबंध करेगा का या कि श्रम सुधार से संबंधित तमाम सुरक्षा से संबंधित सारे कानून बनाए जाएंगे अदिति ने हैं तो इस तरह की सूचक उभरकर सामने आ चुके हैं है और पूंजीपति और श्रमिक वर्ग के बीच योग जारी गतिरोध जो हितों का टकराव था उसका समय वह में स्थापित करने का एक नया तरीका विकसित हो चुका था अ की तिथि मीणा यूरोप की की सामाजिक पृष्ठभूमि इसके अंतर्गत शामिल है आर्थिक पृष्ठभूमि के राजनीतिक पृष्ठभूमि और बहुत है
40:33 कि फार्म-21 तुम सब मैंने कर दिया और बहुत अधिक पृष्ठभूमि ने पूंजीवाद का विचार समाजवाद और माक्र्सवाद खरीदना है है लेकिन विचार है कि मैं कोशिश करता हूं कि कंपरेटिव होकर बढ़ाओ और अगर आवेदक को सही तरीके से अगर आप समझना चाहते हो तो दो-तीन कर के साथ तुलनात्मक दृष्टिकोण से अगर पढ़ोगे तो विवाह के बिल्कुल परफेक्ट समझ लो कि अ है और एक स्टिकर है कार्ल मार्क्स और दूसरा दिन करें दिल की कि मानव समाज के बारे में जो मैक्सिमम का विचार हमेशा आफ दिमाग में कार्ल मार्क्स के विचारों को रखो कि कार्ल मार्क्स की
41:18 सामाजिक परिस्थितियों को रखो बहुत ही परिस्थितियों को पृष्ठभूमि को रखो और तब बीबर के विचारों को देखो तब प्यार का विचार बिल्कुल परफेक्ट समझ में आएगा कि दोनों ने तो मैक्सिमम को मार्क्स का विरोधी बताया हालांकि पूरी तरह विरोधी नहीं रहे तो कई विद्वानों ने कहा कि मार्क्स के सही प्रतिनिधित्व मैक्सिमम है हुआ था है कुछ विद्वानों ने कहा कि अंबेडकर तो पूछते ही नहीं मैक्सिमम के बारे में यह कहा गया कि मैक्स वेबर मार्क्स के भूत के साथ लड़ते-लड़ते समाजशास्त्री बन गया विचारक बन गया के पैसे से मिक्स डबल्स प्रोफेसर थे ध्यान रहे हैं को मैक्सिमम पर को लॉक के विद्वान थे विधि जो रिश्ते
42:11 और मार्क्स के भूत के साथ लड़ते-लड़ते मैक्स बल्कि द्वार पर गया तो मैक्सिमम के जो भी विचार है समाज के बारे में आपको मान कर चलना होगा कि कहीं न कहीं मार्क्स के विचारों का काउंटर है बहुत से जगहों पर मार्क्स के विचारों का काउंटर किया है मिक्स इट जगह-जगह तो जब आप मैक्सिमम के विचारों को पढ़ते हो और दिमाग में मार्क्स को ले करके आते हो तो ना केवल मैक्सिमम कि आपकी समझ है बिल्कुल स्पष्ट होती है बल्कि कई जगहों पर आपको तुलनात्मक प्रश्न पूछे जा सकते हैं क्योंकि यहां पर तुलना वाले सवाल बनते हैं मैं यहां पर तुलना वाले सवाल बनते हैं और पिंटू सीधा-सीधा तुलना वाला सवाल बनेगा फिक्की ऑडिटोरियम पर मार्क्स और मैक्सिमम के विचारों की चम्मच है
42:57 कि पूंजीवाद पर मार्क्स और मिक्सचर के निशान की तुलना कीजिए कि भ्रूण के बारे में बन सकता है धर्म के बारे में बन सकता है मार्क परमेश्वर के विचारों की तुलना कीजिए नौकरशाही पर बन सकता है ब्यूरोक्रेसी के बारे में मार्च और मैक्सिमम के विचारों की जानकारी चाहिए अपने समाज के बारे में जहां भी तुलनात्मक प्रश्न बनेगा और है तो मैं स्मार्ट के साथ बनेगा है है तो सामाजिक पृष्ठभूमि के बारे में जब हमने आपको बताया तो हमेशा मार्किट से कंपेयर करके बताएं कि व्हाट्सएप के समय की सामाजिक पृष्ठभूमि खबर के समय की सामाजिक पृष्ठभूमि और बौद्धिक पृष्ठभूमि बताते समय भी मैंने है मैं आपको कंप्यूटर किया तो एक बदलाव आ चुका था पंजीवात था उस समय प्रचलन में
43:44 समाज और मार्क्सवाद पूंजीवाद का विरोधी विचारधारा के रूप में का और एक बीच का फर्क था जो कि राज्य के हस्तक्षेप के द्वारा उस समय की समस्याओं को गतिरोध को दूर करने का प्रयास कर रहा था हितों के टकराव को टालने का प्रयास कर रहा था ना की तिथि सामाजिक पृष्ठभूमि और बहुत इफेक्ट को है कि हम अक्टूबर के विचारों को दो भागों में बांटते हैं समाज के बारे में मैक्सिमम का भी चार मार्च का काउंटर है और तत्कालीन विचारधाराओं से प्रभावित दूसरा ए समाजशास्त्र के बारे में भी प्रकार की 400 जी के बारे में विवाह का विचार है
44:32 है और ध्यान रहे जब हम 100 जी के बारे में किसी भी तीन करके विचार को पड़ते हैं तो चलो जी के बारे में किसी भी दिन करके विचार को पड़ते हैं तो तीन ही संदर्भ में मेक उस दिन करके विचारों को सम्मानित कर देखते सूजी की विषय वस्तु के बारे में तो किसी दिन काफी 400 जी की प्रकृति के बारे में किसी टीम का भी चांद विषय वस्तु विशेष क्षेत्र दोनों अटैक प्रकृति के बारे में किसी टीम का भी साथ है और अध्ययन की पद्धति के बारे में सेटिंग कर का वितरण मैं यहां पर भी दुखी में भी हमने देखा कि समाजशास्त्र की विषय वस्तु के बारे में कि इस क्षेत्र के बारे में प्रकृति के
45:18 बारे में अध्ययन पद्धति के बारे में जो सिम का क्या विचार है को मैक्सिमम नहीं भी समाजशास्त्र की विषय-वस्तु प्रकृति विशेष अध्ययन पद्धति पर अपने विचारों को दिया यही समाजशास्त्र के विकास में मैक्सिमम का योगदान है मैक्सिमम को समाजशास्त्र के प्रारंभिक विचारकों में माना जाता है समाजशास्त्री एक स्वतंत्र विषय के रूप में स्थापित करने में मैक्सिमम की भूमिका भी महत्वपूर्ण मानी जाती है अगस्त पॉइंट तो केवल समाजशास्त्र की उन दिनों की बात का कर मर गए उनके विचारों को आगे बढ़ाने का काम दुर्खीम ने किया लेकिन उस समय स्वास्थ्य जो भी काउंटर चल रहा था उस काउंटर करके समाजशास्त्र को और स्पष्ट स्वरूप प्रदान करने का निर्णय किया है
46:04 और आदर्शवादी सीधे तौर पर खर्च कर रहे थे कि समाज का भी ज्ञान नहीं हो सकता प्रवेश व निकास समझ का भी ज्ञान होता है और आदर्शवादी सीधे तौर पर नो आदर्शवादी लोकतंत्रवादी है ए दिल थे रिकॉर्ड विद्वान से अ कि तुलसी की चेतना को महत्व प्रदान कर रहे थे तो कि बच्चे पर थोड़ा सा बीच का रास्ता अख्तियार करते हुए दुर्खीम से असहमत होते हुए ध्यान दूं कि हमसे सहमत होते हुए उनके विचारों को काउंटर करते हुए और इस मध्य मार्ग स्थापित करते हुए समाज साथ के विषय वस्तु को निर्धारित किया समा आसपास के
46:50 क्षेत्र को निर्धारित किया था समाज की प्रकृति को निर्धारित किया था और समाजशास्त्रीय अध्ययन पद्धति को निर्धारित किया है है तो यह कपड़ा भी पॉसिबल का एक योगदान है जो समाजशास्त्र को एक विषय के रूप में स्थापित करने में मैक्सिमम के योगदान के रूप में पढ़ते हैं और हमेशा ध्यान रखो यहां पर यदि मैक्सिमम को बेहतर तरीके से समझने है तो हम एक है मजदूर खीम से कंपेयर करके समझ जाओ आप हुआ है ए समाजशास्त्र के बारे में दुर्खीम का क्या विचार है उसको जब हम दिमाग में रखेंगे और फिर कैसे मैक्सिमम दूं कि उनके विचारों को काउंटर करता है है और काउंटर करने के बाद भी कैसे मैक्सिमम पर दुर्खीम के विचारों के साथ
47:38 विल थे और निकट के विचारों में समायोजन स्थापित करने का प्रयास करता है तब जा करके समाजशास्त्र के बारे में मैक्सिमम के विचारों की हमें समझ चुके है इसीलिए आपके सामने स्क्रीन पर जो पौधा पृष्ठभूमि आप देख रहे हो उस बहुत अधिक पृष्ठभूमि में पहला पॉइंट है आपके सामने स्क्रीन पर है समाजवाद पूंजीवाद दिखाई दे रहा है यह पूंजीवाद है कि समाजवाद और माक्र्सवाद द्वारा पूंजीवाद का विरोध हो रहा था और यह जो लाइन है है कि हम दो कि प्रत्येक सौंठ और आपके स्वास्थ्य धन्यवाद एवं प्रभात
48:23 हुआ था आपके विचार धाराएं थी उस समय चल नहीं थी अ हुआ था लुट अगस्त गोमेज ए समाजशास्त्र कोई कि प्राकृतिक विज्ञान की तरह विज्ञान बनाना चाहते थे और प्रत्यक्षवाद को प्राकृतिक विज्ञान की अध्ययन पद्धति को समाजशास्त्रीय नेट पद्धति के रूप में प्रस्तावित कर चुके थे है MS Word हमने उनकी इस अधूरे काम को पूरा किया ए समाजशास्त्र को दुर्खीम ने भी प्राकृतिक विज्ञान के समकक्ष विज्ञान बनाने पर बल दिया है
49:09 है और अगस्त क्वांटिटी की प्रत्यक्ष को आपको और ए दोस्त किया और ऑर्गेनाइज किया झाल है और इस क्रम में दुखी नहीं समाजशास्त्र की विषय-वस्तु का निर्धारण किया ए समाजशास्त्र की प्रकृति का निर्धारण किया और समाजशास्त्रीय अध्ययन पद्धति का गठन किया है कि आपके दिमाग में है है और इस क्रम में दुर्खीम में हमेशा समाज पर बल दिया इसलिए उन्होंने कहा व्यक्ति और समाज के संबंधों के बारे में कि समाज बॉस है
49:56 जो व्यक्ति समाज का उत्पाद है है ए समाजशास्त्र की विषय-वस्तु सामाजिक सकते हैं हैं तमाशा प्राकृतिक विज्ञान की तरफ विज्ञान है है और समाजशास्त्र को प्रतिपादित पद्धति से समझ घटनाओं का अध्ययन करने वाला विज्ञान है झाल है तो सामाजिक घटनाओं का अध्ययन करेगा सामाजिक घटनाओं के पीछे काम करने वाले सार्वभौमिक नियमों का पता लगाएगा और सामाजिक घटनाओं के बारे में भविष्यवाणी करेगा अ कि इस तरह से कि प्रत्यक्ष बोध उस समय की एक प्रमुख
50:44 प्रचलित विचारधारा बन चुकी थी कि है इसके परिणीता से साइमन अगस्त कौन के और मुख्य ML दुर्ग इन थे सी कि एक विचारधारा इस मान्यता पर आधारित थी कि समाज भी नेचरल का पाठ पानी माने सामाजिक घटनाएं भी प्राकृतिक घटनाओं की तरह कुछ निश्चित अपरिवर्तनीय नियमों द्वारा संचालित होती हैं है और जिस तरह से प्राकृतिक विज्ञान में वैज्ञानिक पद्धति से अध्ययन करके उन नियमों का पता लगाया जा चुका है क्या पता लगाया जाता है और उन्हीं नियमों के आधार पर प्राकृतिक घटनाओं के बारे में
51:31 भविष्यवाणी की जाती है उसी तरह सामाजिक घटनाओं का भी प्राकृतिक विज्ञान की पद्धतियों के प्रयोग द्वारा है का अध्ययन किया जा सकता है सामाजिक घटनाओं के पीछे काम करने वाले उन सार्वभौमिक नियमों का पता लगाया जा सकता है और इन नियमों के आधार पर सामाजिक घटनाओं के बारे में भी भविष्यवाणी की जा सकती है या प्रत्यक्षवाद की मानें तो आप उस समय पिक पर थी तो दूसरी तरफ आदर्शवाद इस मान्यता को खरीद कर रहा था और आदर्शवाद कह रहा था कि संभव नहीं है कि जगत के मूल में आईडिया है विचार है दो
52:16 कि यह विचार ही मनुष्य को अन्य जानवरों से अलग करता है है और इसी विचार के बल पर ही एक मनुष्य अपने क्रियाकलापों के द्वारा इतनी सुंदर संचार की रचना करने में सक्षम है यह जो समाज है दो विमानों निर्मित संसार है डमरू की विचारों की अभिव्यक्ति है इसके मूल में विचार है दो कि Idea आए लुट हैं और अगर इस समाज को समझना है तो इसमें विचारों को इग्नोर नहीं किया जा सकता है है इसके मूल में विचार है मुरशिद विचार करने वाला प्राणी है एक विचार करता है
53:04 सोचता है सब कुछ करता है है इसलिए जो मनुष्य द्वारा निर्मित मनुष्यों द्वारा निर्मित है कि उनके क्रियाकलापों के बारे में इस समाज के बारे में है कि किसी सार्वभौमिक नियमों का पता नहीं लगाया जा सकता है कोई सार्वभौमिक सिद्धांत का निर्माण नहीं किया जा सकता है इसके बारे में कोई भविष्यवाणी नहीं की जा सकती है हर था समाज का भी ज्ञान संभोग है ही समाज का विकास संभव नहीं है कि समाज का विज्ञान संभव नहीं है और आदर्शवादी विचारक विचारों को केंद्र में रखकर समाजशास्त्र को एक विज्ञान के
53:51 रूप में विषय बनाने की संभावना से इंकार कर देते हैं कि प्रत्यक्षवादी विचारक समास को प्राकृतिक विज्ञान की तरह विज्ञान बनाना चाह रहे थे और आदर्शवादी समाज का विज्ञान बनाने की संभावना पर ही प्रश्न खड़ा कर रहे थे तो लुट मैक्सिमम कर कि इस वैचारिक संघर्ष में मध्यमार्ग को अपनाता है कि पर्वत दिमाग को अपनाकर समाजशास्त्र को एक स्वतंत्र विषय के रूप में स्थापित करने में अपना प्रमुख योगदान देता है
54:39 को मैक्सिमम करता है कि भाइयों बहनों को ऑन करो यह समझता विज्ञान संभव है अ झाल कि समझ का विज्ञान संभव है है है क्योंकि विज्ञान का संबध विषय वस्तु से नहीं है केवल प्राकृतिक घटनाओं का विज्ञान होगा समझ का विज्ञान नहीं होगा और कि विज्ञान का संबंध आप पद्धति से यहां पर इस बात को समझ रहे हो ना विज्ञान का संबध अध्ययन की पद्धति से है वैज्ञानिक
55:26 पद्धति से अध्ययन की वैज्ञानिक पद्धति से हैं तर्कसंगत और व्यवस्थित तरीके से अध्ययन की पद्धति से अध्ययन की पद्धति है यही वैज्ञानिक पद्धति है कि किसी घटना का तर्कसंगत और व्यवस्थित तरीके से अध्ययन किया जाए तो विज्ञान का संबंध इस वैज्ञानिक पद्धति से है इस पर वैज्ञानिक पद्धति से किसी नई चीज का अध्ययन किया जाता है आज का ज्ञान हो सकता है चाहे विषय-वस्तु प्राकृतिक घटनाएं हो चाहे विषय-वस्तु समझ करता है को टाइट विषय-वस्तु अच्छी तंग आ अपने पति घटना यह स्टाइल विषय वस्तु क्षेत्र टर्न मानवीय क्रिया-कलापों को
56:12 है कि नहीं कहा जा सकता है कि प्राकृतिक घटनाएं अचेतन होती हैं उनके बारे में सार्वभौमिक सिद्धांत बनाया जा सकता है सामाजिक घटनाएं व्यक्ति के क्रिया-कलापों को परिलक्षित करती है व्यक्ति सोचकर विचार कर किया करता है व्यक्ति एक चेतनशील प्राणी है उसके चेतना पहलुओं के बारे में कोई सार्वभौमिक नियमों का पता नहीं लगाया था टेस्ट टेस्ट टेस्ट टेस्ट अपनी समाज का ज्ञान नहीं हो सकता है मनुष्य चिंतनशील प्राणी है उन्हें यकीन करिए उसके चेतना द्वारा निर्धारित होती है फिर भी समाज का भी ज्ञान संभव है मनुष्य के क्रिया-कलापों से निर्मित समाज का विज्ञान संभव है क्योंकि विज्ञान का संबंध है अध्ययन की पद्धति से विषय वस्तु से नहीं कि अगर वैज्ञानिक पद्धति से किसी भी विषय
56:57 वस्तु का ध्यान किया जाए चाहे वो प्राकृतिक घटनाएं हो चाहे वो सामाजिक घटनाओं विज्ञान संभव है पहला मैक्सिमम की स्थापना को मैक्सिमम ने इस लड़ाई में समाजशास्त्र की इज्जत बचाई और कहा कि स्वास्थ्य विज्ञान है समाजशास्त्री सामाजिक घटनाओं का वैज्ञानिक अध्ययन संभव समाजशास्त्र एक विज्ञान है जो है कि सामाजिक घटनाओं का वैज्ञानिक अध्ययन संभव है दो सामाजिक घटनाओं की कार्य-कारण संबंधों की व्याख्या संभव है दो कि समाजशास्त्र व ऐसा कर सकता है कर दो कि इस लड़ाई में दुर्खीम यहां खड़े नजर आए
57:43 बिल्कुल क्लियर प्रत्यक्षवादी स्वास्थ्य को बिल्कुल नेचुरल साइंस की पर साइंस बनाना चाहते थे आदर्शवादी व्यक्ति को एक चेतन सिर्फ प्राणी मानते हुए हैं कि समाज के विज्ञान होने की संभावना से इनकार कर रहे थे तो और आदर्शवादी नो आदर्शवाद है में प्रदर्शित की बात कर रहा हूं एक बार विटामिन द्वार होगा अ के नेवल मित्र कहा कि समाज का विकास संभव है आप किसी भी विषय वस्तु का अगर दोस्त इस तरीके से वैज्ञानिक तरीके से दिन किया जाता है वैज्ञानिक पद्धति से अध्ययन किया जाता है तो उसका ज्ञान बनाया जा सकता है
58:32 हुआ है हैं परंतु कि विपक्ष ने इस बात को स्वीकार किया है हो चुके थे अपडेट्स के कि अ ने इस बात को स्वीकार किया कि मनुष्य चेतनशील पानी अ आज तक हुआ था जो मनुष्य के क्रियाकलापों को उसकी चेतना निर्धारित करते हैं उसकी सोच निर्धारित करती है उसका विचार निर्धारित करता है और मुशफिकुर ने उनकी सोच से निर्धारित होते हैं कि प्रत्येक तो अधिक कर रहे थे शूटिंग कर रहे थे कि मनुष्य की क्रियाएं फिक्स
59:20 निश्चित अपरिवर्तनीय नियमों से निर्धारित होती है कि सामाजिक नियमों से निर्धारित होती इंटर्नत समाज प्रमुख है दोस्तों वही करता है जो समाचार है कि समाज के नियमों के अनुसार हिम्मटसर कार्यकर्ता है समाज की वेश्याओं के अनुसार हम उसे कार्य करता है यह समाज होता है वैसा आप उसे होता है जैसा समाज सोचता है वैसा मनुष्य सोचता है यह समाज करता है वैसा मनुष्य करता है मनुष्य अतीक समाज बॉस के प्रतिभागियों की प्रमुख स्थापना की थी को मैक्सिमम ने कहा कि नहीं भैया कि उक्त शिक्षक वेतन सिर पानी अ भी मुश्किल है उसके चेतना उसके विचारों
1:00:09 द्वारा निर्धारित होती है यहां पर मैक्सिमम का आदर्शवाद का समर्थन यहां पर मैं एक टेबल आदर्शवादी बन जाती हैं आदर्श व्यक्ति के लिए इन पर मैक्सिमम आदर्शवादी बन जाते हैं कि वह कहते हैं कि मनुष्य के जो कला कला पर है कि इन क्रियाकलापों से समाज बनाते हैं कि कुचिंग एक प्रकार का क्रियाकलापों का आरोप है कि हम कुछ किया कर रहे हैं और आप इस क्रिया का जवाब देने पड़ रहे हो आप चेक बॉक्स में रिस्पोंस कर रहे हो मोड ओन कर रहे हो में नियुक्तियां कर ऊपर परिवार हमारा प्रिया अंतर्क्रिया का रूप है वह हम जाते हैं विशेष प्रकार की क्रिया करते पत्नी के साथ बच्चों के साथ
1:00:55 अपने मित्र मंडली प्रिया अंतर्क्रिया का एक रूप पर एक विशेष प्रकार की क्रियाओं तकलीफें की जाते हैं को समाज और कुछ नहीं विभिन्न व्यक्तियों के अंत तक पूरा कर ऊपर और इस विभिन्न व्यक्तियों के शांति प्रक्रिया का निर्धारण व्यक्ति की चेतना से होता है व्यक्ति की सोच से होता है कि कश्मीर म कि इस समाज के अध्ययन के लिए अपने समाज के बारे में सही-सही ज्ञान प्राप्त करने के लिए है कि समाज का वैज्ञानिक विश्लेषण करने के लिए समाज का वैज्ञानिक विश्लेषण मतलब व्यक्ति के चयन प्रक्रिया का वैज्ञानिक अध्ययन के लिए वैज्ञानिक विश्लेषण के लिए
1:01:41 समझने के लिए मिट्टी के चेतना को समझना जरूरी है एक व्यक्ति की सोच को समझना जरूरी है व्यक्ति के विचारों को समझना जरूरी है उसको इग्नोर करके व्यक्ति के क्रिया-कलापों क्या समाज की सही समझ आ प्राप्त नहीं कर सकते हैं है और व्यक्ति की सोच कि का प्रत्यक्ष निरीक्षण परीक्षण स्वयं संभव नहीं है एक व्यक्ति की सोच को समझने के लिए व्यक्ति के मनोविज्ञान के संदर्भ में उसकी सोच को समझ चुका था अपने पति के मनोविज्ञान के संदर्भ में उनकी सोच को समझना होगा कि हाउ टो प्रोटेक्ट निरीक्षण-परीक्षण नहीं पा ली बात
1:02:28 और दूसरी बात व्यक्ति के सोच के बारे में कोई सार्वभौमिक नियमों का पता नहीं लगाया जा सकता क्योंकि सूचक अब क्या करेगी इसके बारे में तो बस अधिक से अधिक इसके बारे में समझने का प्रयास किया जा सकता है इसके बारे में कोई सार्वभौमिक सिद्धांत का निर्माण किया जा सकता है यानी अगर हम कहें कि सामाजिक घटनाओं के बारे में एक और * उमर किसी सार्वभौमिक सिद्धांत का निर्माण नहीं किया जा सकता है कि सामाजिक घटनाओं के बारे में में में कोई भविष्यवाणी नहीं की जा सकती है कि सभी घटनाओं या स्वास्थ्य सामाजिक
1:03:17 घटनाओं का अध्ययन करने वाला एक विज्ञान है है लेकिन यह प्राकृतिक विज्ञान की तरह काम नहीं है आज तक प्राकृतिक विज्ञान की तरफ व्यक्ति इन पर मैक्सिमम से अलग हो जाता है यहां पर मैक्सिमम दुर्खीम के प्रत्यक्षवाद का विरोध करता है कि बहादुर की में समाजशास्त्र को एक स्वतंत्र विषय के रूप में स्थापित करने के लिए मनोविज्ञान से प्रथक चौधरी को एक स्वतंत्र देश के रूप में स्थापित किया मैक्सिमम फिर से सॉरी को मनोविज्ञान से जोड़ देता है में प्रकट है कि नहीं हुआ था कि सामाजिक घटनाओं के
1:04:04 के बारे में आ कि सार्वभौमिक सिद्धांत का निर्माण और भविष्यवाणी पुत्तन संभव नहीं है जिस तरह हम प्राकृतिक घटनाओं के बारे में कर सकते हैं प्राकृतिक घटनाओं की विषय-वस्तु चेतन होती है के प्रति घटनाओं में स्थित उसका सीधा रिस्पॉन्स आता है मैंने कई बार कहा है कि हाइड्रोजन पर हॉट सीजन का इस टाइम मिनट्स लगे तो जरूर बनेगा जीवन में कभी भी वह जल्द ही बनेगा इंग्लैंड में अमेरिका में अफ्रीका में इंडिया में ऐसा नहीं कभी दूध बन गया कभी पानी बन गया कभी cocacola बन गया कारण हाइड्रोजन ऑक्सीजन की अपनी कोई चेतना नहीं है है लेकिन सामाजिक घटनाओं की कई व्यक्ति है
1:04:51 व्यक्तियों की क्रियाओं अंतर्क्रिया है अब आपको गाली देंगे आप मारेंगे लेकिन फीस सार्वभौमिक नियम नहीं है कि इंग्लैंड में अमेरिका में इंडिया में कभी भी किसी भी समय किसी भी परिस्थिति में मेरे गाली देने पर खत्म करेंगे मैंने गाली दिया इसी मुल्क अपने मार दिया रिस्पोंस लो कि हम गाली दिए अपने मार दिया दाउद इब्राहिम निकाली दिया अपने नहीं मारा क्यों इस बीच में आता है दिमाग सोच इंटरप्रिटेशन आफ कि प्राकृतिक घटनाओं में जो कि अचेतन होती है इस टीम लड्डू रिस्पोंस फेस्टिवल्स लाइंग रिस्पोंस बट याद करो सामाजिक घटनाओं में प्रयाग प्रक्रिया में स्टीम न
1:05:37 इंटरप्रिटेशन एंड डिस्पोजल टीम न इंटरप्रिटेशन एंड डिस्पोज्ड आफ इंजस्टिस इन माइंड कि चेतना आ ने उनसे एक चिंतनशील प्राणी है है वह सोचता है तब किया करता है विचार करता है तब क्रिया करता है हुआ था और अरुण क्या सूची का यह है इसके बारे में कोई सार्वभौमिक नियमों का निर्माण नहीं किया जा सकता है प्राकृतिक विज्ञान की तरह प्राकृतिक विज्ञान में तो नियमों की पहचान कर ली गई कि स्टोर बराबर जल होगा यह परिस्थितियां उत्पन्न होगी तो भूकंप आएगा है परिस्थितियां उत्पन्न होगी तो सुना भी आएगा गरज के साथ छीटें पढेंगे वहां कार्य
1:06:24 कारण संबंधों के बारे में सार्वभौमिक सिद्धांत का निर्माण किया जा सकता है लेकिन सामाजिक विज्ञान में समाजशास्त्र में प्राकृतिक विज्ञान की तरफ सार्वभौमिक सिद्धांत का निर्माण और भविष्यवाणी नहीं की जा सकती हैं क्योंकि मनुष्य के एक चेतना पर पहलुओं के बारे में इस तरह का कोई सार्वभौमिक नियमों की पहचान संभव नहीं है भविष्यवाणी संभव नहीं इसलिए समाजशास्त्र विज्ञान है ध्यान दो ए समाजशास्त्र एक विज्ञान है ए समाजशास्त्र विज्ञान है लेकिन प्राकृतिक विज्ञान की तरक्की नहीं है लेकिन प्राकृतिक विज्ञान की तरह काम
1:07:09 नहीं है मैं तेरी कौन सा भी ज्ञान है कौन-कौन सा भी ज्ञान है मैक्सिमम ने कि एक नया ए समाजशास्त्र के बारे में विचार प्रस्तुत किया यह विचार पहले से ढूंढ आदि द्वारा दिया जा चुका था समाजशास्त्र में वैश्य ने कहा कि समाजशास्त्र व्याख्यात्मक विज्ञान है चलिए आइए रिपीट ए समाजशास्त्र व्यक्तित्व विद्यालय अ अजय को थे इंटरएक्टिव साइंस से
1:07:57 कि इंटरप्रेटिव साइंस है थे इंटरएक्टिव साइंस जो दो एक व्यक्ति के करता के अ थे इंटरप्रिटेशन के संदर्भ में इंटरप्रेटेशन हम जो विचार करते हैं किस चीज का इंटरप्रेटेशन करते हैं में निकाल कि स्टीमुलस इंटरप्रिटेशन एंड रिस्पांस टीम्स आफ इंटरप्रिटेशन एंड स्पोर्ट्स तो करता के इंटरप्रिटेशन के संदर्भ में उसके रिस्पोंस उसकी क्रिया थी घटना आज का दैनिक करता का वैज्ञानिक अध्यक्षता डा है सवा शास्त्र एक इंटरैक्टिव साइंस समाज साफ एक भावनात्मक विज्ञान है है
1:08:43 हुआ है है जो व्यक्तियों के दृष्टिकोण के संदर्भ में इंटरप्रिटेशन के संदर्भ में उनके क्रियाओं को सामाजिक घटनाओं शुक्रिया यह और समाजिक घटना से को समझने का प्रयास करता है समझने का प्रयास करता है सार्वभौमिक सिद्धांत का निर्माण करने के लिए नहीं है हुआ था को समझने का प्रयास करता है घटना के कारणों को भी दोनों कारों को भी समझने का प्रयास करता है लेकिन कार्य कारण संबंधों के बारे में कोई सार्वभौमिक सिद्धांत का निर्माण नहीं करता समाजशास्त्र करता के दृष्टिकोण से उनके क्रिया-कलापों का अध्ययन विश्लेषण करेगा और उस घटना के पीछे के क्या कारण है उन कारणों को समझने का
1:09:30 प्रयास करेगा आ कि कोई सार्वभौमिक सिद्धांत का निर्माण नहीं कर सकता है कि मुझे जा रहा बच्चा तो यहीं पर आकर कि मैं संबंधित समाजशास्त्र की विषय-वस्तु खंडन किया और कहा कि समाज की विषय वस्तु व्यक्ति की क्रियाओं तक लिया है कि सामाजिक नियम नहीं दुकान करते थे स्वास्थ्य विषय वस्तु सामाजिक नियम है सामाजिक नियमों को जान जाओ समाज को जान जाओगे सामाजिक नियमों के लिए सामाजिक मान्यताओं के लिए धार्मिक मान्यताओं के लिए मुस्लिमों के लिए उन्होंने की शब्द का प्रयोग किया था सामाजिक तक थे जाकर उसकी
1:10:15 करते हैं समाजशास्त्र विषय वस्तु सामाजिक करते हैं सामाजिक नियम सामाजिक मूल्य सामाजिक मान्यता इनको जान जाओगे तो समाज को समझ जाओगे क्योंकि व्यक्ति नथिंग व्यक्ति तो बस इन नियमों के अनुसार ही क्रिया करता है मैक्सिमम ने कहा कि नहीं भैया व्यक्ति प्रमुख हैं अपने पति के सिर पानी है सोचता है तब त्याग करता है उसकी करिए उसके सोच से निर्धारित होती है कि इतिहास समाज शास्त्र विषय वस्तु व्यक्ति की क्रियाओं अंतर्क्रिया होनी चाहिए जो अलार्म सेट किया सामाजिक नियम नहीं किया गया है कि पश्चिम ने कहा कि समाज शास्त्र विषय वस्तु सामाजिक किया था कि सामाजिक रिया चौक यह
1:11:03 कि समाज घटनाएं और कुछ नहीं है प्रिया अंतर्क्रिया का ही तनी सामाजिक क्रियाओं कहीं भिन्न-भिन्न रूप है मैं तो समझ की विषय-वस्तु सामाजिक क्रिया था कि इन सामाजिक प्रक्रियाओं का अध्ययन कैसे किया जाएगा करता के दृष्टिकोण से अ कि Tata की दृष्टिकोण से इंटरप्रिटेशन के संदर्भ में हुआ है कि के समाजशास्त्रीय अध्ययन पद्धति मनोवैज्ञानिक मनोविज्ञान है तो हो करता के मनोविज्ञान के संदर्भ में करता की सोच के संदर्भ में करता के इंटरप्रिटेशन के संदर्भ में उसके क्रियान्वयन करता की अंतर्दृष्टि के संदर्भ में उन्नति के लिए
1:11:48 उपयुक्त है है इसलिए समाजशास्त्रीय अध्ययन पद्धति मैक्सिमम ने बताई वर्ष हीन पद्धति पर तीन जर्मन शब्द लें अ कि पत्रकारिता के दृष्टिकोण से उसकी क्रियाओं का आते हैं एक हफ्ता रिपीट कर रहा हूं कि पांडे सर छत पर खड़ा होकर के साथ मार रहे हैं अदनान सामी की छत पर खड़ी एक सुंदर लड़की मुस्कुरा रही है दुर्खीम की अध्ययन पद्धति है प्रत्यक्ष निरीक्षण परीक्षण कीर्ति इसके दुर्खीम अध्ययन करेगा तो सीधे कहेगा कि पांडेश्वर हनुमान गई वह लड़की मुस्कुरा रहे हैं को मैक्सिमम कहीं का नहीं प्रत्यक्ष निरीक्षण परीक्षण की पद्धति से इस घटना की
1:12:34 सही समझ हासिल नहीं हो सकती है इस घटना के बारे में जल्दी ही समझ को प्राप्त करना है तो पानी सर के दृष्टिकोण से उनकी क्रियाओं का चयन किया जाना चाहिए ताकि देश भर के मनोविज्ञान के संदर्भ में उनकी क्रियाओं का चयन किया जाना चाहिए और जब मेरे मनोविज्ञान मेरे नजरिए के संदर्भ में जब मेरी क्रियाओं का अध्ययन किया गया तो पता चला जब वैश्य ने अध्ययन किया तो पता चला कि मैं बाबा रामदेव के अनुसार पेट दर्द ठीक करने के लिए छत पर खड़ा होकर के लिए हाथ हिला रहा कि कन्या देंगे से अ झाल कि जब उस लड़की के मनोविज्ञान के संदर्भ में लड़की के अंतर्दृष्टि के संदर्भ में उसके क्रियान्वयन किया गया तो पाया गया कि लड़की को इन सुच करके मुझे देखकर के नहीं मुस्कुरा
1:13:21 रही थी कि उसके बीमारी है हर 2 3 4 मिनट पर ऐसे हो जाता है कि करता है मजाक उड़ा रही हो इस प्रश्न पर कथाएं समाजशास्त्र एक विज्ञान है जिसका कूट इससे सामाजिक घटनाओं के बारे में सही-सही समझ प्राप्त करना है तो इसके लिए है 9th करता के दृष्टिकोण से उन क्रियाओं का ध्यान नहीं किया जाएगा तब तक सामाजिक घटनाओं के बारे में उनकी क्रियाओं के बारे में सही समझ प्राप्त नहीं हो सकते हैं की सही समझ प्राप्त नहीं हो सकती है है तो समाजशास्त्र की विषय-वस्तु सामाजिक रिया ध्यान दो समाजशास्त्र की प्रकृति अध्ययन पद्धति व स्टीफन पद्धति करता के
1:14:09 मनोविज्ञान के संदर्भ में उनकी क्रियाओं का तेल और समाजशास्त्र की प्रकृति नेचर आफ सोशियोलॉजी प्राकृतिक विज्ञान की तरह विज्ञान नहीं कैसा विज्ञान व्याख्यात्मक विज्ञान व्याख्यात्मक विज्ञान व्याख्यात्मक विज्ञान जो करता के इंटरप्रिटेशन के संदर्भ में उसकी क्रियाओं के बारे में सामाजिक घटनाओं के बारे में एक अंडरस्टैंडिंग एक अंडर स्टैंडिंग एक समझ प्राप्त करने का प्रयास करता है प्राप्त करने का प्रयास करता है तो 100 जी हज इंटरप्रेटिव साइंस समाजशास्त्र एक इंटरैक्टिव साइंटिफिक इसे व्यक्तिगत मत देखना है है तो उस समय की बौद्धिक पृष्ठभूमि पर टेक्स्ट बाद उसकी मान्यताएं बिल्कुल
1:14:55 क्लियर है समाजशास्त्र के अंदर नहीं मैंने कहा था और आदर्शवाद जो इसका विरोध कर रहा था दोनों एक दूसरे की विरोधी थी और इन दोनों के संदर्भ में मैक्सिमम का विचार मैक्सिमम का पुष्प मैंने आपको बता दिया है हुआ है MP3 में अब आधे स्क्रीन पर एक तीसरी विचार हर चौथी निकाल अधिक रही है मैंने यहां पर दो विचारधाराएं दूध और प्रकार है और उन्माद मार्क्स की विचारधारा थी इस प्रकार विवाहित दुर्ग सिंह की
1:15:40 विचारधारा थी पॉइंट की विचारधारा थी अ अजय को ऑन करो मैं यहां पर हमेशा ध्यान दो मैक्सिमम दोनों के बीच खड़े नजर आते हैं जोखिम ने कहा था किसी घटना के परिणामों का विश्लेषण करते समय उनके लाभकारी पहलुओं का विश्लेषण करना चाहिए में है है और बॉक्स हमेशा हर घटना के निकट इन चीजों के रजिस्ट्रेशन पर बल देता है टीम आखिरी छेद आदमी था अ में वंशवाद एक विचारधारा है जो परिवर्तन की बात है
1:16:27 है और कहता है कि हर चीज ने दोनों अंतर्विरोध कमियां गड़बड़ियां इन्हें वृद्धि और वही कमी अगर बढ़िया परिवर्तन को संभव बनाती है अर्थात आप जो भी है उनमें ढेर सारी कमियां कि तुम्हारे में स्थित उग्रवादी भी चालक उन कमियों पर अपने विश्लेषण को फोकस करते हैं अपने अधीन को फोकस करते हैं कि मार्क्स ने पूंजीवादी उत्पादन प्रणाली के लाभों पर अपने विश्लेषण को फोकस नहीं किया पूंजीवादी उत्पादन प्रणाली की खामियों पर अपने विश्लेषण को फोकस किया इसलिए हम करते हैं किमाम कुछ एकदम दबी इच्छा रखता था के प्रति दृण जैसे विचारक किसी भी घटनास्थल सकारात्मक पक्षों पर फोकस करते हैं धर्म की सकारात्मक पक्षों पर फोकस किया है जबकि निर्देशन में श्रम विभाजन के
1:17:15 प्रकार्यात्मक पक्षों पर फोकस किया है अपने विश्लेषण में कि तुम विचारधारा एक और दोनों की आलोचना धन्यवाद की आलोचना के सकारात्मक पक्षों की अपेक्षा करता है और प्रकार्यवाद की आलोचना यह नकारात्मक पक्षों की अपेक्षा करता है MS Word यह दोनों के बीच में खड़े हैं उस समय के प्रचलित दोनों ही विचारधाराओं में मैक्सिमम ने सामंजस्य स्थापित करने का प्रयास किया कि पॉजिटिव चीजों की भी चर्चा की जाए और निगेटिव चीज़ों की भी चर्चा की हालांकि प्रकार्यवाद की तरफ अधीक्षक रहे यह ध्यान रखिए प्रकार्यवाद की तरफ अधीक्षक कहते हैं है तो मैक्सिमम के समय कि 1864 19 और उस समय की सामाजिक
1:18:01 पृष्ठभूमि के और बौद्धिक पृष्ठभूमि हम लोग देख चुके हैं और इन दोनों ही पृष्ठभूमि ने मैक्सिमम के विचारों को सौंप दिया अभी थोड़े का आउटलाइन अभी थोड़ा समझ में आएगा और सारी चीजें नहीं समझ गया कि अब इसी को लोग कई बार दो बार तीन बार आखिर इस पेज में तो रास्ते चलेंगे तो बिल्कुल क्लियारिटी होती चली जाएगी है थे और इन्हीं के सब के संदर्भ में मैक्सिमम ने को बंदूक स्क्रीन पर हुआ है में कई विचारों को प्रस्तुत किया जिसमें पांच विचार हमारे सिलेबस में है कि यह सामाजिक पृष्ठभूमि फेसबुक पृष्ठभूमि और इसी के कंटेस्ट मैक्सिमम के यह पांच
1:18:48 विचार पहला क्या है बच्चा पहला विचार है सोशल एक्शन या कहो तो हम इसको पहला ना करके ऐसे एक नंबर कर दे जो हम लोगों को टॉपिक पढ़ना है एक नंबर टॉपिक है हमारा सोशल एक्शन सलेक्शन के विचार क्यों दिया होगा थोड़ा क्लियर है समाजशास्त्र की विषय-वस्तु दूसरा है हमारा दो नंबर आइडियल टाइप आदर्श प्रारूप पढ़ना है सिलेबस में हमारा तीसरा टॉपिक है सत्ता का विचार पत्थर ईधी पढ़ना है चौथा टॉपिक हमारा ब्यूरोक्रेसी कि उस समय की बेरुखी सी पर भी मैक्सिमम ने अपने विचारों को रखा है जो उस समय पर चैनल में अनोखा ही व्यवस्था ब्यूरोक्रेसी और पांचवा के प्रोटेस्टैंट एथिक्स एंड
1:19:35 स्पिरिट आफ थिस प्रोटेस्ट एंड एथिक्स एंड स्पिरिट आफ रेगुलेशन इसमें उन्होंने धर्म और अर्थव्यवस्था के मध्य संबंधों का विश्लेषण किया इस टॉपिक में को मैक्सिमम ने मार्क्स के विपरीत यह स्थापित किया कि इकोनॉमी ही सुपर स्ट्रक्चर को निर्धारित नहीं करती है धर्म को निर्धारित नहीं करती है बल्कि कई जगहों पर तो धर्म भी इकोनॉमी को निर्धारित करता है इस मास्क के विपरीत बीबर ने अपने विश्लेषण में इस बात को स्थापित किया कि समाज के सारे अंग एक-दूसरे से जुड़े होते और सभी सभी को प्रभावित करते हैं बीबर ने मार्च
1:20:21 के विपरीत यह स्थापित किया कि सामाजिक घटनाएं जटिल होती है यह एक नहीं कई कारकों का परिणाम होती है कि मारुति तो इकोनॉमी को सबस्क्राइब अधोसंरचना के रूप में स्वीकार करके समाज के बाकी अंगों को सुपर स्ट्रक्चर के रूप में स्थापित कर दिया था और कहा था कि इकोनॉमी ही सभी को निर्धारित करती है वह बढ़ने इसको खारिज किया और कहा कि नहीं भी सब सब को प्रभावित करते हैं और बने इस बात को स्थापित करने के लिए भी दिखा दिया कि धर्म भी इकोनॉमी को कैसे प्रभावित करता है है तो यहां पर पांचवा टॉपिक यही है हम किसी इसको थोड़ा सा रिवाइज करते हैं कि मैक्सिमम को जब हम देखते हैं तो दो संदर्भों में देखते हैं बच्चा तय तय
1:21:11 का पहला इंट देखो तुम्हारे सामने आ गया को मैक्सिमम के विचारों को देखते हैं तो एक हमारा संभव है समाजशास्त्र की बारी मिक्सचर का विचार और हमारा दूसरा संदर्भ है समाज के बारे में मैक्सिमम का विचार है अपने समाज के बारे में मिक्सचर पंक्चर जब मैक्सिमम समाजशास्त्र के बारे में अपने विचार देते हैं तो निश्चित रूप से तीन बिंदुओं पर फोकस होंगे विषय वस्तु पूर्व क्षेत्र प्रकृति और अध्ययन पद्धति समाज साथ की विषय-वस्तु चाय समाजशास्त्र की प्रकृति क्या है और समाजशास्त्रीय अध्ययन पद्धति चाहे है कि इसका उत्तर मैक्सिमम पर तिथि तय करती है सवा 7 की विषय-वस्तु सामाजिक न्याय है
1:21:56 हैं या फिर सामाजिक विज्ञान समाजशास्त्र सामाजिक प्रक्रियाओं का अध्ययन करने वाला एक विषय समाजशास्त्र सामाजिक प्रभावों का अध्ययन करने वाला सामाजिक सेवाओं के भिन्न-भिन्न रूपों का अध्ययन करने वाला एक विषय हैं क्योंकि सामाजिक घटनाएं और कुछ नहीं है भैया सामाजिक घटनाएं तो समाधि क्रियाओं का ही भिन्न-भिन्न रूप दत्त आर्थिक घटनाएं सामाजिक रिया का एक अलग रूप है राजनीतिक घटना संबोधित किया कार्यक्रम में नौकर ही संबोधित किया कार्यक्रम लगा रूप है परिवार विवाह संबोधित किया कार्यक्रम रुपए कोचिंग सामाजिक क्रिया का एक अलग रूप में सामाजिक घटना समाजिक रिया के ही भिन्न-भिन्न रूप दत्त और समाजशास्त्र इन्हें सामाजिक प्रभावों का अध्ययन करने वाला एक विशेष हैं इसलिए समाजशास्त्र की विषय-वस्तु सामाजिक प्रयास
1:22:43 है और दूसरा प्रश्न का समाजशास्त्र की प्रकृति विषय-वस्तु हो गया प्रकृति समास का नेचर क्या है विज्ञान है या क्लासें हैं कि विज्ञान है तो प्राकृतिक विज्ञान की तरफ विज्ञान है तो कि कांटेक्ट चुटकी हींग समाजशास्त्र को प्राकृतिक विज्ञान की तरफ विज्ञान बनाने पर बल दे रहे थे मैक्सिमम ने कहा कि नई समाजशास्त्र प्राकृतिक विज्ञान की तरह विज्ञान नहीं सकता विज्ञान है लेकिन यह विज्ञान है लेकिन या व्याख्यात्मक विज्ञान है यह इंटरप्रेटिव साइंस है है जो करता के इंटरप्रिटेशन के संदर्भ में उसकी क्रियाओं को बस बस समझने का प्रयास
1:23:28 करता है तो आप चौक कोई सार्वभौमिक सिद्धांत का निर्माण और कोई भविष्यवाणी नेचुरल साइंस की तरह एक करने की स्थिति में नहीं है इसलिए यह नेचुरल साइंस की तरह साइंस नहीं है बल्कि यह व्याख्यात्मक लिया है है तीसरा पशुओं के स्वास्थ्य के बारे में के समाजशास्त्रीय अध्ययन की पद्धति क्या है अध्ययन पद्धति क्या है को मैक्सिमम करते हैं करता कि मनोविज्ञान के संदर्भ में रूस की क्रियाओं का ध्यान करता मैं शेयर करते हैं कि करता के कि अंतर्दृष्टि के संदर्भ में रूस की क्रियाओं का ध्यान करना है कि अंतर्दृष्टि के संदर्भ में रूस की क्रियाओं के अध्ययन की पद्धति को हम वर्ष ही पद्धति करते हैं या 250 वर्ष ही पद्धति
1:24:15 है इस वर्ष ही पद्धति है और इसी वर्ष ही पद्धति के तहत सामाजिक प्रभावों के अध्ययन हेतु मैक्सिमम पर एक अध्ययन पद्धति की रूपरेखा प्रस्तुत करते हैं एक अध्ययन की पद्धति की रूपरेखा प्रस्तुत करते हैं जिसको कहा जाता है आदर्श प्रारूप आइडियल टाइप सिलेबस मुफीद टॉपिक जो है यह हमारा समाज शास्त्र से संबंधित है सिलेबस में पांच टॉपिक है सामाजिक क्रिया एक नंबर और दो नंबर आदर्श प्रार्थना की जो नहीं है नंबर इनकम कर रहे हैं यह भी हम पढ़ रहे हैं क्योंकि सवाल यहां से भी पूछा जाएगा बच्चा तो सामाजिक त्याग हमारा एक नंबर टॉपिक सिलेबस का आदर्श प्रारूप हमारा दो नंबर टॉपिक आदर्श प्रारूप का संबंध किससे है तो ध्यान
1:25:01 पद्धति से सामाजिक क्रियाओं के अध्ययन हेतु अगस्त को मैक्सिमम द्वारा प्रस्तावित जैन की पद्धति आदर्श प्रेरित न अपने समाज के बारे में मैक्सिमम का विचार समाज के बारे में मिक्सचर का विचार है हुआ था कि संभाग व उस समय के सभी विद्वानों ने पॉलीटिकल सिस्टम पर पावर पर और सृष्टि पर अपने विचारों को प्रस्तुत किया उन विचारों में सबसे प्रमुख विचारक माना जाता है मैच मिस ऊ कि कुछ बन नहीं सकती हो सकता के संदर्भ में अपने विचारों को रखा शक्ति क्या है सट्टा क्या है थोड़ी दूरी क्या है है और इसी ऑथरिटी और नौकरशाही का यह दोनों
1:25:49 विचार इस तरह से संयुक्त है उनका लेकिन पहले और तिथि पर व्यापक रूप से लिखते हैं कि सत्ता के बारे में अपने विचारों को देते हैं क्या देंगे हम लोग आगे बढ़ेंगे तो उनका एक तीसरा टॉपिक है यह सत्ता के बारे में मिक्स पर कब्जा खूब समाज के बारे में ओवरऑल समाज के बारे में मैच केवल का विचार मैं बता चुका हूं कि मैक्सिमम दुर्खीम की तरह समाज को सुई जेनेरिस नहीं मानते मैक्सिमम समाज को व्यक्ति के क्रिया अंतर्क्रियाओं का उत्पाद मानते हैं समाज पार्टी का उत्पाद है दुकान के अनुसार व्यक्ति समाज का उत्पादन व्यक्ति और समाज के मध्य संबंधों के संदर्भ में जो बहुत चली आ रही है हमारे समाज विज्ञान में
1:26:35 उसमें दुर्खीम समाज के तरफ खड़े हैं तो वहीं मैक्सिमम पर व्यक्ति के तरफ खड़े हैं मिक्स्ड डबल आदर्शवादी विचारक हैं मैक्सिमम व्यक्ति की चेतना और व्यक्ति को महत्व प्रदान करते हैं वह समाज को व्यक्ति के द्वारा निर्धारित किए गए क्रिया-कलापों में भिन्न-भिन्न रूपों के समग्र के रूप में देखते समाज और कुछ नहीं है व्यक्तियों के क्रियाकलापों के सामाजिक क्रिया के भिन्न-भिन्न रूपों का एक समग्र इसमें कई तरह के संबोधित किया करूं दिखाई पड़ते हैं और आर्थिक या राजनीतिक या धार्मिक क्रिया थे सब संबोधित किया केविन कूपर और इन सब के समग्र को हम समाज करते इस समाज के
1:27:22 केंद्र में मनुष्य और मनुष्य की क्रियाएं हैं जो उनके चेतना उनकी सोच उनके इंटरप्रेटेशन द्वारा निर्धारित होती है आ रही है समाज के बारे में मैक्सिमम का विचार और इसी कंटेस्ट में समाज के कुछ घटनाओं के संदर्भ में मैक्सिमम अपना विचार देते हैं तो पहला है सत्ता का मैक्सिमम का विचारक दूसरा है चार नंबर टॉपिक में दिखती है नौकरशाही ब्यूरोक्रेसी के बारे में मैक्सिमम का विचार है कि उस समय तक संगठन के क्रिया-कलापों को संचालित करने के लिए नौकरशाही व्यवस्था का विकास हो चुका था लेकिन ध्यान दो मार्क्स के समय में केवल राज्य नौकरशाही का विकास हुआ था लेकिन जब मैक्सिमम अ 1995 में
1:28:08 अमेरिका जाते हैं तो हम पर देखते हैं कि अरे वाह औद्योगिक संगठनों में ही अब नौकरशाही व्यवस्था कार्य कर रही है कि अब पहले के समय मार्क्स के समय जैसा औद्योगिक संगठन नहीं रह गया है जहां एक तरफ हजारों की संख्या में मैन वर्कर एक तरफ मालिक उसका मुनीब और 10 20 लगाएं ऐसा नहीं है कि अब एक और भी प्रॉपर मैनेजमेंट आ चुका है ब्यूरोक्रेटिक सिस्टम के साथ औद्योगिक संगठनों में उत्पादन का काम चल रहा है काफी प्रभावित हुए इसे नौकरशाही व्यवस्था पर मैक्सिमम ने अपना विचार प्रस्तुत करने का निर्देश दिया और नौकरशाही व्यवस्था पर विचार प्रस्तुत किया और मार्क्स जहां नौकरशाही व्यवस्था का निगेटिव इंटरप्रिटेशन कर रहे थे मार्च कह रहे थे
1:28:54 कि नौकरशाही व्यवस्था की दोनों उस समय राज्य नौकरशाही थी जो सरकारी वाली होती है डिपार्टमेंट में हुआ है के पास कह रहे थे कि जो सरकारी डिपार्टमेंट है नौकरशाही व्यवस्था है अधिकारी-कर्मचारी है कि जो राज्य के आदेशों का पालन करते हैं उपभोक्ता पूंजीपतियों के अध्यक्ष उक्त कि निकायों पूंजीपतियों के जेब में हो है और मित्रों के माध्यम से पूंजीपति नौकरशाही व्यवस्था को एक साधन के रूप में यूज करते हैं और श्रमिकों का शोषण करते हैं तो कसाई बोस का श्रमिकों के शोषण में संयुक्त देती है पुलिस श्रमिकों के शोषण में सहयोग देती है प्रशासन श्रमिकों के शोषण में सहयोग देती है कानून सब कुछ
1:29:40 श्रमिक को पूंजीपतियों के हितों के पक्ष में बनाए जाते हैं सभी विरोध करते हैं पुलिस आरोपियों के विरुद्ध थमा देती है नौकरशाही व्यवस्था खत्म पूंजीपतियों के हितों के सिद्ध करने में एक साधन के रूप में कार्य करती है इस तरह से मासूमों को देख ब्यूरोक्रेसी का नाकारात्मक वेकेशन प्रस्तुत कर रहे थे जब मैंने ब्यूरोक्रेसी के सकारात्मक पक्षों को दिखाया खास करके प्राइवेट सेक्टर में मैक्सिमम ने कहा कि देखो यह ब्यूरोक्रेसी कितना बेहतर तरीके से समस्याओं को शॉट आउट कर रही है है अब अगली और पढेंगे अभी ही सब नहीं करेंगे पर एक आउटलाइन नौकरशाही पुस्तक और ठीक हमारा पांचवा टॉपिक है समाज के बारे में तीसरा धर्म और आर्थिक व्यवस्था इसको हमने नाम दिया था सिलेबस में जो लिखा हुआ था प्रोटेस्ट इन ग्रैफिक्स एंड स्पिरिट
1:30:26 ऑफ़ एप्लीकेशन है कि उस टाइम धर्म की आचार्य और पूंजीवाद की आत्मा उस किताब के नाम का हिंदी रूपांतरण है मैं यहां पर धर्म और पूंजीवाद के ही उन्होंने का पाठ तो धर्म और इकोनॉमी के मध्य रिलेशन को दिखाने का प्रयास किया है है और व्यक्ति बीमार थी इनक्रीस द स्थापित किया है कि केवल इकोनामी ही धर्म के स्वरूप को निर्धारित नहीं करती है धर्म भी ठीक होने में के स्वरूप को निर्धारित करता है निर्धारित करता है निर्धारित करता है तो यही है मजा आ हुआ है मैं एक हाउस लाइन जो हम लोग खड़े थे मैं तुम्हें सिमर का एक इंट्रोडक्शन पर
1:31:12 मैंने आपको दे दिया अब दो-तीन बातें बेसिक जो है वह पहले से ही हम जाए सबसे पहली बात मैक्सिमम के अध्ययन का परीक्षण दृष्टिकोण आपका आफ मैंने एक जगह लिख दिया है वीडियो को मैक्सिमम के अध्ययन का दृष्टिकोण क्या है नजरिया मैक्सिमम प्रत्यक्षवादी भी चालक हैं या आदर्शवादी विचारक तो हमारा उत्तर है कि मैक्सिमम पर एक आदर्शवादी विचारक है दृष्टिकोण है मैक्सिमम के अध्ययन का दृष्टिकोण मैंने बहुत पहले भी बताया है कि आपको किसी भी विचार रखे का नजरिया के बारे में जानकारी को तू क्या कहेगा इसके बारे में काफी हद तक रिक्रूटमेंट बनाया जा सकता है इसके बहुत सारे टॉपिक कदर प्रश्न पूछती है जाए और बहुत ज्यादा ज्ञान न वो तो आप उसके
1:31:59 दृष्टिकोण के आधार पर कहीं न कहीं एक आप इंच राइट कर सकते हो पकड़ सकते हैं है तो मैक्सिमम के अध्ययन का दृष्टिकोण नजरिया तो मैक्सिमम आदर्शवादी विचारों पर बंद दूसरा जो व्यक्ति वाली है जो व्यक्ति फल है जो व्यक्ति और समाज के मध्य संबंधों के संदर्भ में व्यक्ति पर है है तीसरा अंतरक्रियामा दी इन सेक्शन ऑर है तो सामाजिक नियमों पर नहीं व्यक्ति के किरिया अंतर्क्रिया के विश्लेषण पर बल देता है मैं सेवन एक अंतर्क्रिया बाद की शुरुआत की जो बाद में आकर के कई रूपों में विकसित हुई उसी का एक रूप है सिंबॉलिक
1:32:45 इंट्रस्ट नहीं चलता है कि यूपीएससी ने सवाल पूछा है मी लिखे संस्कृत में कि की प्रतीकात्मक अंतक्रिया बाद में मीट के योगदानों को बताइए हम लोग का गठन कर है जॉर्ज हरबर्ट मीट ओं में दिए स्वीट कि वहां पर हम लोग देखेंगे तो यह आगे जी ने पहले तीन कर खत्म होते-होते वह आ जाएंगे यह सारी चीजें मतलब अंतर्क्रिया पर बलम तक प्रिया के विश्लेषण पर है आधे घंटे के लिए आवाज दी ऐ है और और की संख्या भी अगर हम कहीं की प्रकार्यवाद और दूध बाद भी वह कहां अवस्थित है तो संक्रमण माओवादी विचारक मैक्सिमम को माना
1:33:30 जाता है MS Word का सामाजिक स्तरीकरण का सिद्धांतों को पढ़ना है तो हम रही हैं कि मैक्सिमम एक संकलन वादी इच्छा रखता था कि प्रकार रोज की तरह दुकान जाता है बट प्रकार अवधि की कैटेगिरी में इसको विशुद्ध रूप से कटिंग राइस नहीं किया जाता है यही है मैक्सिमम के अधीन का दृष्टिकोण को समाज और व्यक्ति का वास मैं आपको बता चुका हूं तो दोबारा बताने की जरूरत है समाज और व्यक्ति है कि मध्य संबंधों के संदर्भ में मैक्सिमम पर व्यक्ति के पक्ष में खड़ा है
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