0:08 [संगीत] दोस्तों सुबह उठते ही पहले एकद घंटे में आप क्या करते हैं इसका असर आपके पूरे दिन पर पड़ता है। अपने एक कहावत भी चलती है कि यार पता नहीं सुबह किसका मुंह देख लिया था। पूरा दिन खराब हो गया। यह सिर्फ बोलने की बात ही नहीं एक्चुअली सुबह उठकर पहले दो घंटों में आप जो देखते हैं जो करते हैं इस पे डिपेंड करता है कि आप दिन भर कितने स्ट्रेस फ्री रहेंगे, कितनी प्रोडक्टिविटी निकाल पाएंगे और कितनी हेल्दी फूड चॉइसेस कर पाएंगे। लेकिन अक्सर हम सुबह की टाइम की उतनी वैल्यू नहीं करते। बल्कि हम लोग सुबह-सुबह ही कुछ ऐसी गलतियां करते हैं जिसकी वजह से हम पूरे दिन में वह आउटपुट
0:53 नहीं निकाल पाते जो हम चाहते हैं। इस वीडियो में मैं आपसे शेयर करना चाहता हूं वो कॉमन गलतियां जो हमें सुबह-सुबह अवॉइड करनी चाहिए। मेरी कोशिश रहेगी कि इस वीडियो को बहुत ही सिंपल और प्रैक्टिकल रखूं। आइए तो फिर बिना किसी देरी के शुरू करते हैं। [संगीत] हेलो फ्रेंड्स, वेलकम टू फिट ट्यूबर हिंदी। क्या आप सुबह उठते ही अलार्म का स्मूथ बटन दबाते हैं? जब मैंने Instagram पे आपसे यह पूछा था तो लगभग 60% लोगों का कहना था कि हां हम ऑलमोस्ट डेली सबसे पहले अलार्म को स्नूज़ करते हैं। अब भले ही यह बात छोटी लगे लेकिन अलार्म को बार-बार स्नूज़ करना अपने माइंड को यह सिग्नल देना है कि कोई बात नहीं थोड़ी देर बाद उठ जाएंगे। साइकोलॉजी एक्सपर्ट्स का मानना है कि बार-बार स्नूज करने से किसी भी काम को
1:39 बाद के लिए टालने की आदत बन जाती है और किसी भी काम को बाद के लिए टालना, प्रोक्रेस्टिनेट करना यह तो आपने भी अपने आसपास देखा ही होगा कि यह कितना कॉमन है और इसका हमें कितना नुकसान होता है। हमें पता है कि हम कोई भी काम कर सकते हैं। लेकिन माइंड हमारा बाद के लिए टालता रहता है और हम चाहते हुए भी वह काम नहीं कर पाते। अगर आप रोज रात को सोने से पहले एक टाइम सोचकर अलार्म लगाएं और यह निश्चय करें कि जैसे ही अलार्म बजेगा मैं उठ जाऊंगा तो इस एक काम की वजह से आपकी प्रोक्रेस्टिनेट करने की आदत ठीक होने लगेगी। ऊपर से एक बात और भी है कि 10 मिनट स्नूज़ करने के बाद जो हम सोते हैं उसके बाद बल्कि दोबारा उठना ज्यादा मुश्किल होता है क्योंकि एक न्यू स्लीप साइकिल के बीच में ही अलार्म वापस बज जाता है। एक
2:24 स्लीप साइकिल 90 मिनट का होता है। आप सोचो 10 मिनट में ही उठा दिया जाए तो ऐसा लगेगा कि सोए ही नहीं। इसीलिए आप नोटिस करना कि एक बार स्नूज़ करने के बाद बार-बार स्नूज़ करने का मन करता है। इसका बेस्ट सलूशन यह है कि आप रात को 6 8 घंटे के हिसाब से एक अलार्म लगाओ और फिर फोन को अपने से दूर रख दो ताकि जब सुबह अलार्म बजे तो उसे बंद करने के लिए आपको ना चाहकर भी उठना ही पड़े। फिर दूसरी गलती जो ज्यादातर लोग करते हैं वो ये कि उठते ही अपना फोन जलाने लग जाते हैं। सोशल मीडिया खोल लेते हैं Instagram, Facebook वगैरह प्रोफाइल्स चेक करने लग जाते हैं। किसने लाइक किया? क्या नया मैसेज आया? किसने क्या फोटो डाली? अगर सुबह उठकर 10 मिनट फोन चला भी लेते हैं तो क्या दिक्कत है? बल्कि फोन चलाने से नींद अच्छे से खुल जाती है। नींद तो इसलिए खुल
3:10 जाती है क्योंकि स्मार्टफोन की तेज वाइट लाइट आंखों पर पड़ती है। दोस्तों सुबह के टाइम आंखें बहुत सेंसिटिव होती हैं और इस टाइम पे एकदम से फोन चलाना आंखों को भी खराब करता है। फिर सुबह-सुबह फोन चलाने से दिमाग में फालतू की इंफॉर्मेशन भर जाती है। देखो, साइंटिफिक स्टडी से आज यह बात बिय्ड डाउट है कि सुबह उठते ही हमारे ब्रेन का प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स सबसे ज्यादा एक्टिव होता है। प्रीफ्रंटल कॉेक्स ब्रेन का वो पार्ट है जो आपकी डिसीजन मेकिंग में हेल्प करता है। किसी भी गोल को अचीव करने के लिए कैसे प्लानिंग करें यह डिसाइड करता है। आपकी क्रिएटिव थिंकिंग, मेमोरी और इमोशंस को गवर्न करता है। अब कहां सुबह उठते ही कोई क्रिएटिव आईडिया, कोई प्रोडक्टिव थॉट आ सकता था और कहां सोशल मीडिया खोल के रिएक्टिव स्टेट में चले गए। साइंटिस्ट सुबह के ब्रेन को अल्फा
3:56 स्टेट ऑफ माइंड कहते हैं। और इस वक्त आप जो देखते हैं, जो सुनते हैं, जो करते हैं, जो सोचते हैं, वह आपके पूरे दिन की टोन को सेट करता है। रिसर्चरर्स ने देखा कि जो लोग सुबह उठने के 15 मिनट में फोन चलाते हैं, वो लोग पूरे दिन ज्यादा स्ट्रेस में रहते हैं। उन लोगों के कंपैरिजन में जो सुबह अपने दिमाग को खाली रखते हैं और 84% लोग ऐसे हैं जो सुबह उठते ही फोन चलाते हैं। फिटबर कम्युनिटी के भी 67% लोग सुबह उठते ही सबसे पहले फोन चलाते हैं। देखो फोन लैपटॉप चलाने के लिए पूरा दिन पड़ा है। सुबह-सुबह के पहले 2 घंटे तो यह नियम बना लो कि सोशल मीडिया खोलूंगा नहीं। कोई ऑफिस के ईमेल्स नहीं चेक करूंगा। अपने में रहो देखना कितना अच्छा लगेगा आपको। फिर सुबह उठते ही बहुत से लोग या तो चाय पीते
4:41 हैं या कॉफी पीते हैं। देखो चाय कॉफी दिन में कभी पी लेना चलेगा। लेकिन भूलकर भी सुबह उठते ही सबसे पहले खाली पेट चाय या कॉफी पीने की आदत ना बनाना। यह जो बेड टी पीने की आदत है, इसकी वजह से आपकी स्किन मुरझाती है। आपको गैस्ट्रिक ट्रबल होती है। चाय एक एसिडिक चीज है। रात भर क्योंकि पेट बिल्कुल रेस्ट में था, तो सुबह-सुबह पेट की लाइनिंग बड़ी नाजुक होती है। उस पे सीधा खाली पेट गर्म चाय या कॉफी लगती है तो स्टमक लाइनिंग के जो सेल्स हैं वो डैमेज होते हैं। इस वजह से धीरे-धीरे गैस, एसिडिटी, आईबीएस जैसी प्रॉब्लम्स होने लगती है। फिर एक बात और भी है कि रात भर सोने के बाद सुबह-सुबह बॉडी में ऑलरेडी पानी की कमी होती है। चाय और कॉफी तो ड्यूरेटिक बेवरेजेस है। मतलब कि यह शरीर से पानी निकालती हैं। इस वजह से सुबह चाय
5:28 पीने से चेहरा मुरझाने लगता है। लेकिन बेटा अगर सुबह चाय ना पिए तो पेट अच्छे से साफ ही नहीं होता। इसका तो बहुत ही सिंपल और इफेक्टिव सलूशन है। आप सुबह गर्म चाय की जगह गुनगुना पानी पियो। पेट भी खुल के साफ होगा और चेहरे का ग्लो भी बढ़ने लगेगा। और देखो सुबह उठते ही सबसे बेस्ट होता है पानी पीना। इसके फायदों की तो बहुत लंबी लिस्ट है। इस टाइम पर आप खूब पानी पियो दो तीन चार गिलास बल्कि आपका पेट बेहतर साफ होने लगेगा। सुबह उठते ही पानी पीने से स्किन पर अंदर से ग्लो आ जाता है। भाई सुबह पानी ब्रश किए बिना पी सकते हैं? सुबह पानी ब्रश किए बिना ही पीना चाहिए। रात भर जो मुंह की लार बनती है वो अल्कलाइन होती है। वो जब पानी के साथ घुल के अंदर जाती है तो एसिडिटी को कम करती है और पाचन तंत्र को मजबूत करती है। >> क्या मैं सुबह उठकर नींबू पानी पी सकती हूं?
6:15 >> पी तो सकते हो ऐसी कोई दिक्कत नहीं होगी लेकिन बेहतर तो यही है कि आप सुबह उठकर प्लेन वाटर ही पियो। नींबू पानी पीना या कोई आंवला एलोवेरा टाइप जूस पीना या शुगर के लिए एक चम्मच मेथी दाना का भिगोकर खाना। अपनी-अपनी हेल्थ प्रॉब्लम के हिसाब से कोई भी मास्टर मील लेना। यह सब हमें ब्रेकफास्ट करने से आधे घंटे पहले लेनी चाहिए। फिर अगर आप सुबह उठते हैं और बस तैयार होके ऑफिस के लिए निकल जाते हैं तो यह भी एक गलती ही है। देखो सुबह का टाइम बहुत कीमती होता है। इसको अच्छे से यूटिलाइज कर लिया तो आपका पूरा दिन बहुत प्रोडक्टिव और एनर्जेटिक निकलेगा। सुबह ऐसे टाइम पर उठना चाहिए कि उठते ही भागमभाग ना हो। उठो पानी पियो। फ्रेश होके 10-15 मिनट योगा के लिए निकालो। मैंने आपको इस वीडियो में बताया था कि अगर कोई रोज 10 मिनट कपालभाति कर ले तो उसका पेट
7:03 तो कम होगा ही साथ में जो कॉमन बीमारियां हैं उन सब से भी वह बड़े आराम से बच जाएगा लेकिन डेली करें कपालभाति और अनुलोम-विलोम यह दो ऐसे योगिक प्राणायाम है जो मुझे लगता है हर किसी को रोज करने चाहिए फिजिकल हेल्थ और मेंटल स्टेबिलिटी के लिए यह दोनों का कॉम्बिनेशन बेस्ट है और सुबह-सुबह सबसे अच्छा टाइम होता है इन्हें करने का बाकी चलो माना आपका योगा करने का मन नहीं है तो पार्क पार्क में वॉक के लिए चले जाओ। सुबह जल्दी उठकर जिम चले जाओ। विटामिन डी की कमी है या वैसे ही दिन भर लेथार्जी फील होती है तो थोड़ी देर धूप में बैठ जाओ। सुबह ऑफिस जाने से पहले 15-20 मिनट इस तरह से कुछ कर लोगे तो पूरे दिन आप बहुत एनर्जेटिक महसूस करोगे। और इस बात की खुशी भी रहेगी कि सुबह-सुबह ही योगा एक्सरसाइज करके टाइम अच्छे से यूटिलाइज कर लिया। वरना तो बहुत बार हमें
7:49 इस बात का ही गिल्ट रहता है कि यार आज पूरा दिन ही वेस्ट कर दिया। भाई सुबह योगा करना ज्यादा बढ़िया है या वर्कआउट करना? >> दोनों ही बढ़िया है। मेन बात है बॉडी को किसी तरह से हिलाना। आज मॉडर्न साइंटिस्ट इस बात पे जोर दे रहे हैं कि हर बंदे को हफ्ते में कम से कम 150 मिनट एक्सरसाइज के लिए निकालने चाहिए। इससे आपको गजब के फायदे होंगे। बाकी यह डिपेंड करता है कि आपका फोकस किस चीज पे है। अगर आप योगा करते हो तो आपका पूरे दिन मन शांत, खुश और एनर्जी बनी रहती है। बॉडी में फ्लेक्सिबिलिटी आती है। बाकी वेट ट्रेनिंग वगैरह करने से बॉडी शेप में आती है। मसल बिल्डिंग होती है। पहले 10 मिनट योगा कर लो। फिर 15 20 मिनट घर पे ही वर्कआउट कर लो या पहले वर्कआउट करके फिर योगा भी कर सकते हैं। जैसे आपको ठीक लगे। फिर अगर आप सुबह गर्म पानी से नहाते हैं तो इसे भी
8:36 अवॉयड करना चाहिए। कुछ लोग तो मैंने देखा है कि गर्मी में भी गुनगुने पानी से नहाते हैं। गुनगुना पानी पीना चाहिए। नहाने के लिए ठंडा पानी ही बेटर है। हां, सर्दियों में नहाने के लिए गुनगुना पानी चलेगा लेकिन वैसे तो कोशिश करनी चाहिए कि जितना हो सके ठंडा पानी से ही नहाए। बार-बार स्टडीज हो रही हैं और हर बार यह बात सामने आ रही है कि ठंडे पानी से नहाने से हमारी बॉडी में चुस्ती आती है। स्किन की एजिंग स्लो होती है। मूड अच्छा रहता है और सबसे हैरानी की बात तो यह कि बॉडी की एक्सेस चर्बी कम करने में भी मदद मिलती है। वो इसलिए क्योंकि ठंडे पानी से नहाने से मेटाबॉलिज्म इनक्रीस होता है। अब मेटाबॉलिज्म बढ़ेगा तो फैट लॉस होगा ही। साइंटिस्ट आज इसे कोल्ड थेरेपी के नाम से बता रहे हैं और इसके और भी कई फायदे हैं। एक फायदा तो यह भी है कि जब हम ठंडे पानी
9:23 से नहाते हैं तो हमारी माइंड को हल्का सा शॉक लगता है जिसका असर यह होता है कि ब्रेन सेल्स ग्रो करने लगते हैं। इसलिए कोशिश करके सुबह ठंडे पानी से ही नहाएं और बाहर से ग्लो के लिए आप ट्राई कर सकते हैं डीकंस्ट्रक्ट का क्लियरिंग सीरम। देखो मार्केट में वैसे तो बहुत से सीरम्स आते हैं लेकिन बहुत ही कम है जो टॉक्सिन फ्री हैं जिनमें सिलिकॉनस नहीं है और जो एक्चुअली वर्क करते हैं। डीकंस्ट्रक्ट का क्लियरिंग सीरम जिसमें 5% नियासिनामाइड जो स्किन के टेक्सचर को इंप्रूव करता है और 2% अल्फा अर्बटिन है जो कि एक प्लांट बेस्ड नेचुरल इंग्रेडिएंट है। मेलनिन प्रोडक्शन को रिड्यूस करता है। एक्ने स्कार्स हो, काले दाग धब्बे हो, टैनिंग हो रखी हो या वैसे ही स्किन की टोन अनइवन हो, सभी में यह सीरम इफेक्टिव है। यह मल्टी बेनिफिट फेस सीरम ऑयली, सेंसिटिव और
10:09 कॉम्बिनेशन स्किन टाइप के लिए सूटेबल है। मुंह धोने के बाद थोड़ा सा पूरे चेहरे पर लगा सकते हैं। डीकंस्ट्रक्ट का यह टॉक्सिन फ्री क्लियरिंग सीरम खरीदने के लिए डिस्क्रिप्शन बॉक्स में दिए लिंक को क्लिक कीजिए। स्पेशल डिस्काउंट कूपन लगाना ना भूलना जिससे आपको मिलेगा एडिशनल ऑफ। नहाकर रेडी होने के बाद एक गलती जो बहुत से लोग जल्दी के चक्कर में करते हैं वो यह कि या तो ब्रेकफास्ट को स्किप ही कर देते हैं या फिर ब्रेकफास्ट में चाय रस्स, ब्रेड जैम, न्यूटेला या इस तरह की पोषक तत्वों से रहित चीजें खाकर ऑफिस चले जाते हैं। इससे होता यह है कि ना तो ऑफिस में काम में मन लगता है बल्कि कुछ ना कुछ मंचिंग करने का मन करता रहता है। अब मंचिंग होगी तो बिना बात के उल्टा सीधा खाया जाएगा जिससे पेट बढ़ेगा। देखो ब्रेकफास्ट को सबसे इंपॉर्टेंट मील माना जाता है। इसका कारण
10:54 है सारी रात आपकी बॉडी फास्टेड स्टेट में रही है और इस वक्त ना सिर्फ आपकी बॉडी को न्यूट्रिशन की जरूरत है बल्कि इस टाइम पर आप जो भी खाओगे बॉडी उसे बहुत अच्छे से बहुत ही इजीली अब्सॉर्ब कर लेगी। ब्रेकफास्ट सही हो तो पूरे दिन एनर्जी बनी रहती है और काम में भी मन लगता है। सुबह नाश्ता कैसा हो इसके लिए आयुर्वेद में बहुत अच्छे तरीके से समझाया गया है। आयुर्वेद के हिसाब से ब्रेकफास्ट आपको राजा की तरह करना चाहिए क्योंकि राजा के पास धन की तो कमी नहीं होती लेकिन बढ़ती उम्र के चलते पाचन क्रिया मंद हो जाती है। इसलिए वो चुन के ऐसा ब्रेकफास्ट खाता है जो बहुत हैवी ना हो लेकिन न्यूट्रिशन से भरपूर हो। जैसे सब्जियां डाल के स्टील का टोट्स, फ्रूट्स एंड नट्स डाल के ओट मील, प्रोटीन रिच सत्तू का परांठा दही के साथ, पनीर की भुर्जी दो रोटियों के साथ।
11:40 बेसिकली ब्रेकफास्ट में आप फ्रेश फ्रूट्स, होल ग्रेंस, नट्स, सीड्स और फ्रेश सीजनल वेजिटेबल्स का इस्तेमाल करके अपने रीजन के हिसाब से रेसिपीज बना सकते हैं। मैंने आपसे सेवन हेल्दी ब्रेकफास्ट रेसिपीज शेयर की हुई है। आप चेक कर सकते हैं। भाई, मैं तो इंटरमिटेंट फास्टिंग करता हूं। रात को डिनर करके सीधा अगले दिन लंच करता हूं। तो क्या मुझे भी ब्रेकफास्ट करना जरूरी है? नहीं, अगर आप इंटरमिटेंट फास्टिंग फॉलो कर रहे हैं, जिसमें जानबूझकर आप फास्ट रखते हैं, उस केस में आप ब्रेकफास्ट स्किप कर सकते हैं। इनफैक्ट, मुझे लगता है कि जिन लोगों के पास सुबह बिल्कुल भी टाइम नहीं होता, वह इस तरह का ईटिंग पैटर्न फॉलो कर सकते हैं। इंटरमिटेंट फास्टिंग को हमने डिटेल में इस वीडियो में डिस्कस किया हुआ है और यह बहुत ही इफेक्टिव तरीका है हर बीमारी से बचने का। फिर ऑफिस पहुंचने के
12:26 बाद एक चीज और है जिसे करने से आपके पूरे दिन की प्रोडक्टिविटी बहुत बढ़ जाएगी। अक्सर हम लोग सोचते तो हैं कि दिन भर में यह सब करेंगे लेकिन पूरा दिन कहां चला जाता है पता ही नहीं चलता। ऐसे में ऑफिस डेस्क पे पहुंच के सबसे पहले एक टू डू लिस्ट बनाओ। आज दिन भर में आप क्या-क्या काम करना चाहते हो। पर्सनल वर्क रिलेटेड जो भी आपके मन में आए उसे लिख लो और साथ में भले ही यह भी लिख लो कि किस काम को करने में लगभग कितना टाइम लगेगा। इससे आपका पूरा दिन बहुत अच्छे से प्लान आउट तो हो ही जाएगा बल्कि माइंड को यह सिग्नल पहुंचेगा कि आज यह सब काम करने हैं। 2 मिनट लगते हैं लेकिन इस चीज का कितना अच्छा रिजल्ट मिलता है वो आप इसे एक दिन करके ही फील कर पाएंगे। टू डू लिस्ट बनाने से प्रोडक्टिविटी इनक्रीस होती ही है। आप इसे खुद आजमा के देख लेना। बल्कि जब एक-एक
13:13 काम करने के बाद उस पे टिक मार्क मारोगे तो आपको अच्छा भी लगेगा कि आज कुछ काम किया है। टू डू टास्क लिस्ट बनाना स्ट्रेस फ्री तरीका है काम करने का। वरना तो हम पूरे दिन के टाइम को सही तरह से यूटिलाइज कर ही नहीं पाते। इससे आप डिसिप्लिन भी बनेंगे और कम देर में ज्यादा काम कर पाएंगे। जल्दी से रिककैप करूं तो सुबह जब अलार्म बजे तो उसे स्नूज़ ना करें। स्नूज़ करने से प्रोक्रेस्टिनेट करने की आदत बनती है और उठकर फ्रेश भी फील नहीं होता। फिर सुबह उठके पहले एकद घंटे बिल्कुल फोन ना चलाएं। सुबह उठते ही बेड टी नहीं तीन-चार गिलास पानी के पिए। इससे पेट भी खुल के साफ होगा और चेहरे का ग्लो भी बढ़ेगा। सुबह ऐसे टाइम पर उठे कि ऑफिस के लिए भागमभाग ना हो। बेस्ट रहेगा अगर आप 15-20 मिनट योगा एक्सरसाइज के लिए निकालें। अगर एक्सरसाइज नहीं भी करनी तो भी आराम से
14:01 शांत मन से रेडी होकर ऑफिस जाएं। भाग-भाग के नहीं। इससे दिन भर स्ट्रेस बना रहेगा। नहाने के लिए कोशिश करें कि ठंडे पानी से ही नहाएं। इससे स्किन की एजिंग स्लो होती है और ब्रेन सेल्स ग्रो करते हैं। ब्रेकफास्ट कीेंस को समझें। ऐसा नहीं कि कुछ भी खा के चल दें। इससे काम में मन नहीं लगेगा और पूरे दिन क्रेविंग्स होती रहेंगी। पौष्टिक ब्रेकफास्ट करें ताकि आपकी बॉडी को प्रॉपर न्यूट्रिशन मिले और लंबे समय तक पेट भरा रहे। बाकी डीकंस्ट्रक्ट का टॉक्सिन फ्री क्लियरिंग सीरम खरीदने के लिए डिस्क्रिप्शन बॉक्स में दिए लिंक को क्लिक कीजिए। सुबह जल्दी कैसे उठे उसके लिए यह वीडियो जरूर देखें। माय नेम इज विवेक। आई थैंक यू सो मच फॉर वाचिंग। [संगीत]