0:06 नमस्कार आप सभी का मैं बहुत-बहुत स्वागत करता हूं आपके अपने इस ऑफिशियल YouTube चैनल पर। दोस्तों, यूपीपीएससी के द्वारा जो एलटीग्रेड की परीक्षा 2018 में कराई गई थी, उसमें जो सोशल साइंस वाला पार्ट है, उस सोशल साइंस वाले पार्ट में आपके चार सब्जेक्ट आते हैं। हिस्ट्री, ज्योग्राफी, पॉलिटी एंड इकोनमी। तो इनमें से कोई दो पार्ट आपको करने होते हैं। 60-60 क्वेश्चन चारों में रहते हैं। लेकिन आपको कोई दो पार्ट करने रहते हैं। सिर्फ 120 क्वेश्चन बाकी 30 क्वेश्चन अलग से जनरल स्टडीज के आते हैं। तो आज मैं आपको जो 60 क्वेश्चन करवाने वाला हूं वो हिस्ट्री से रिलेटेड करवाने वाला हूं। और आप देखिएगा कितनी आसानी से सारे क्वेश्चन आप कर ले जाएंगे। ये सारा प्रीवियस ईयर का पेपर क्वेश्चन होगा और मैं आपको आज पूरा ही पेपर
0:53 कराऊंगा। चाहे एक घंटा लगे, डेढ़ घंटा लगे या 2 घंटा लगे। इसके पहले मैं आपको बता दूं अगर एलटीग्रेड की आप तैयारी कर रहे हैं, टीजीटी की तैयारी कर रहे हैं तो आप हमारा सोशल साइंस का बैच अगर आप सोशल साइंस से हैं, अगर आपने सोशल साइंस से किया हुआ है, कोई भी दो सब्जेक्ट आपके ग्रेजुएशन में, हिस्ट्री, ज्योग्राफी, पॉलिटी और इकॉनमी में रहे हैं तो आप फॉर्म भरेंगे और बीएड अनिवार्य कर ही दिया गया है। और अगर आप फॉर्म भर रहे हैं तो आप हमारा यह सोशल साइंस का बैच जरूर लेंगे। तो चलिए बच्चों क्लास को प्रारंभ करते हैं और आज हम लोग को पढ़ना है हिस्ट्री और हिस्ट्री के 60 बेस्ट क्वेश्चन मैं आपको करवाने वाला हूं और ये एनसीईआरटी पर बेस्ड पूरा पैटर्न आपको देखने को मिलेगा। बिना किसी हिचक के आप आंसर बताइएगा। ना भी आए
1:38 तो भी आप आंसर बताइएगा और बहुत ही मजेदार ये सेशन होने वाला है। स्टार्ट करते हैं। पहला क्वेश्चन आपकी स्क्रीन पर है। कह रहा बिहार में 1857 के विद्रोह का नायक कौन था? कुछ क्वेश्चन आसान, कुछ क्वेश्चन कठिन, कुछ क्वेश्चन तो बहुत ही ज्यादा कठिन होने वाले हैं। तो कह रहा है बिहार में तो आपसे ये भी क्वेश्चन पूछ सकता था कि बिहार में क्रांति का केंद्र क्या था? बिहार में 1857 की क्रांति का केंद्र क्या था? बिहार में 1857 की क्रांति का केंद्र क्या था? तो आप कहेंगे बच्चों जगदीशपुर था। बिहार में 1857 की क्रांति का केंद्र क्या था बच्चों? तो आप कह देंगे जगदीशपुर था। जबकि अगर हम लोग उत्तर प्रदेश की बात
2:24 करें तो उत्तर प्रदेश में कानपुर में पूछता है कि उत्तर प्रदेश में कानपुर में क्रांति का केंद्र क्या था? तो उत्तर प्रदेश में कानपुर में क्रांति का केंद्र था बच्चों बिठूर। तो याद रखिएगा कानपुर की तरफ से कौन लड़ रहा था? तो आप कहेंगे नाना साहब। कानपुर की तरफ से कौन लड़ रहा था बच्चों? नाना साहब। और नाना साहब को हम लोग कहते हैं धोंधूप पंत। बहुत महत्वपूर्ण नाना साहब का जो वास्तविक नाम है वो है धोंधूप पंत। और बिहार में क्रांति का केंद्र था जगदीशपुर। और बिहार का शेर किसे कहते हैं? 80 साल की उम्र में। बच्चों 80 साल की उम्र में ही उन्होंने अंग्रेजों के छुड़ा दिए थे। मान के चलिए। ठीक है ना? तो बिहार का शेर कहते हैं बच्चों
3:10 कुंवर सिंह को। किसको कहते हैं दोस्तों? कुंवर सिंह को। तो पहले क्वेश्चन का जो आंसर हो जाएगा वो हो जाएगा कुंवर सिंह। तो बिहार का शेर कौन है? कुंवर सिंह है। अच्छा तो यहां पर ये क्वेश्चन हो गया। क्वेश्चन ये पूछा गया कि मंगल पांडे ने विद्रोह कब छेड़ा था? भैया जब मंगल पांडे ने विद्रोह कब छेड़ा था? जब मंगल पांडे को पता चला कि भैया जो कारतूस है उसमें चर्बी लगा हुआ है तो चर्बी लगा कारतूस का प्रयोग हमसे करवा रहे हैं तो फिर बताइए मंगल पांडे ने विद्रोह कब छेड़ा था तो 29 मार्च 1857 को याद रखिएगा 29 मार्च 1857 को विद्रोह किया था। ये डेट महत्वपूर्ण है
3:57 आने वाले क्वेश्चन में 29 मार्च 1857 को और मंगल पांडे को फांसी कब दी गई थी? मंगल पांडे को फांसी दी गई थी 8 अप्रैल 1857 को। मंगल पांडे को फांसी कब दी गई थी? 8 अप्रैल 1857 को। मंगल पांडे का प्रसिद्ध नारा क्या था? मंगल पांडे ने प्रसिद्ध नारा क्या दिया था? कि मारो फिरंगियों को। क्या भैया? मारो फिरंगियों को। याद रखिएगा। मारो फिरंगियों को। तो ये बहुत महत्वपूर्ण क्वेश्चन हो जाता है। तात्या टोपे का असली नाम क्या था? अगर प्रश्न पूछा जाए कि भैया जो तात्या टोपे थे तो तात्या टोपे का असली नाम क्या था? नाना साहब ने अपना कमांडर इन चीफ किसको घोषित किया था? तो नाना साहब का जो कमांडर इन
4:46 चीफ था। नाना साहब का जो कमांडर इन चीफ था वो कौन था? तो कहेंगे तात्या टोपे थे बच्चे। नाना साहब के कमांडर इन चीफ कौन थे? तात्या टोपे थे। ठीक है? और तात्या टोपे का असली नाम था रामचंद्र पांडुरंग। याद रखिएगा तात्या टोपे का असली नाम क्या था मेरे भाई? रामचंद्र पांडुरंग था। बहुत ही महत्वपूर्ण क्वेश्चन मैंने आपको यहां पर बता दिया। आगे बढ़ा जाए। तो पहले क्वेश्चन का आंसर क्या है? पहले क्वेश्चन का आंसर है डी। दूसरा क्वेश्चन। अब ये देखो क्वेश्चन थोड़ा सा कठिन हो गया। अब क्या हो गया भैया? ये क्वेश्चन थोड़ा सा क्या हो गया? कठिन हो गया। अब इसमें जब आपने अच्छे से इतिहास पढ़ा होगा तभी आप इसको बता पाएंगे। कह रहा है कि बताइए निम्न में से कौन सी संधि पहले हुई थी?
5:32 कौन सी संधि बाद में हुई थी? और इस हिसाब से इसको क्रम से लगाइए। तो सूरत की संधि कब हुई थी? श्रीरंगपट्टनम की संधि कब हुई थी? तो श्रीरंगपट्टनम की संधि भैया टीपू सुल्तान के समय है ना? 1792 ईस्वी में हुई थी। 1792 ईस्वी में। तो अगर आपसे पूछा जाए कि बताइए सूरत की संधि कब हुई थी? तो आप कहेंगे सर 1775 में। सूरत की संधि कब हुई थी? 1775 में। कैसे याद करते हैं? अभी मैं आपको बताऊंगा। सालबाई की संधि कब हुई थी भैया? अगर आपसे पूछा जाए साल बाई तो बाई मतलब 82 है ना? बाई मतलब क्या हो जाएगा? 82। 1782 में हुई थी। बसीन या बेसिन की संधि कब हुई थी? बसीन या बेसिन की संधि 1802 ईस्वी में हुई थी। अब जरा सा इसको
6:19 क्रम से लगा लीजिए कि सबसे पहले क्या होगा? दो आएगा। 75 75 के बाद 82 82 के बाद 92 तीन एक चार दो तीन एक चार इसका सही उत्तर हो जाएगा दो तीन एक चार। ठीक है ना? तो इसका सही उत्तर क्या हो गया भैया? 2 तीन एक चार। आपके कितने क्वेश्चन सही हुए? लास्ट में जरूर बताइएगा। है ना? आपके अंत में जरूर बताइएगा कि कितने प्रश्न आपने सही करे। क्वेश्चन नंबर तीन देखिए बच्चों क्वेश्चन नंबर बच्चों जरा तीन देखिए और इसका आंसर बताइए क्वेश्चन नंबर तीन का आंसर क्या होगा? कह रहा है इनमें से किसने भारत में बैपिस्टिक मिशनरियों की गतिविधि को विनाशक माना? तो भैया आपको पता होना
7:05 चाहिए कि 1813 का जो चार्टर एक्ट पास हुआ था। उस 1813 के चार्टर एक्ट के तहत बहुत सारे ईसाई मिशनरी भारत आए थे। बहुत सारे क्या हुए थे बच्चों? ईसाई मिशनरी भारत आए थे। लेकिन ये कह रहा है भारत में बैपिस्टिक मिशनरियों की गतिविधियों को विनाशक किसने माना था? डिस्ट्रॉयर किसने माना था? तो आपका उत्तर क्या आ जाएगा? डिस्ट्रॉयर किसने माना था? तो आपका उत्तर आ जाएगा विलेजली ने। किसने दोस्तों? लॉर्ड विलेजली ने। लॉर्ड वेलेजली 1798 से लेकर 1805 तक भारत का गवर्नर जनरल रहा है। याद रखिएगा। अगर आपसे क्वेश्चन पूछा जाए कि ये कब से कब तक रहा तो 1798 से लेकर 1805 तक
7:53 ये भारत का गवर्नर जनरल रहा। भारत का गवर्नर जनरल रहा। इसने रियासतों को हड़पने के लिए इसने रियासतों पर कब्जा करने के लिए कौन सी नीति अपनाई थी? तो इसने अपनाई थी सहायक संधि। इसने कौन सी नीति अपनाई थी दोस्तों? तो इसने लॉर्ड विलेजली ने सहायक संधि अपनाई थी और सहायक संधि को स्वीकार करने वाली पहली रियासत कौन सी थी? अगर आपसे क्वेश्चन पूछा जाए कि सहायक संधि स्वीकार करने वाली पहली रियासत कौन सी थी? तो आप कहेंगे हैदराबाद। और हैदराबाद के बाद कौन आएगा? मैसूर। मैसूर के बाद कौन आएगा? तंजौर। तंजौर के बाद कौन आएगा? अवध। तो इस प्रकार से ये क्रम याद रखना है। बहुत ही महत्वपूर्ण
8:40 ये क्रम याद रखना है क्योंकि ये बहुत ही महत्वपूर्ण क्वेश्चन है। इसके बाद जो बेंटिक के बारे में आप तो जानते हैं सती प्रथा का अंत किया था। सती प्रथा का अंत किया था 1829 में। सती प्रथा का अंत किया था। लेकिन पूछा जाता है लॉर्ड विलियम बेंटिक ने किस नियम के तहत बच्चों प्रश्न पूछा जाएगा कि विलियम बेंटिक ने किस नियम के तहत यह काम किया था? तो नियम नंबर 17 के तहत है ना नियम नंबर 17 के तहत यह कार्य किया था। ये इंपॉर्टेंट क्वेश्चन है। भारत में अंग्रेजी शिक्षा पर जोर देने वाले व्यक्ति का नाम क्या था? जिसने कहा था भारत में अंग्रेजी शिक्षा को ज्यादा बढ़ावा दिया जाए। तो भारत में अंग्रेजी
9:27 शिक्षा भारत में अंग्रेजी शिक्षा पर जोर भारत में अंग्रेजी शिक्षा पर जोर सबसे ज्यादा किसने दिया था? लॉर्ड मैकाले ने। और भारत में जो आईपीसी बनाई गई थी वो किसके समय बनाई गई थी? तो आईपीसी बनाने में किसका ज्यादा योगदान है? तो आप कहेंगे मैकाले का। भारत में जो आईपीसी है, है ना? भारतीय दंड संहिता अब तो नाम बदल दिया गया है। भारतीय दंड संहिता अब क्या हो गई है बच्चों? अब ये हो गई है आपकी भारतीय न्याय संहिता। क्लियर है? तो नियम नंबर 17 के तहत आगे बढ़ते हैं अगला। कौन सा मैसूर युद्ध मंगलौर की संधि बेटा बहुत महत्वपूर्ण क्वेश्चन है। आंग्ल मैसूर युद्ध चार आंग्ल मैसूर युद्ध हुए हैं। कितने आंग्ल मैसूर युद्ध हुए बच्चों? चार।
10:13 इधर आओ। चार आंग्ल मैसूर युद्ध हुए हैं। तो कह रहा है मंगलौर की संधि कौन से युद्ध का परिणाम थी? तो आप कहेंगे दूसरे देखो शुरुआत के दो संधि थी जो जो शुरुआत के दो आंग्ल मैसूर युद्ध हुए हैं वो हैदर अली ने लड़े हैं। लेकिन अगर आपसे पूछा जाए अंतिम के दो तो वो टीपू सुल्तान ने। हां तो क्या हो जाएगा? बहुत बढ़िया बहुत बढ़िया है ना? तो इसका जो सही उत्तर हो जाएगा वो हो जाएगा दूसरा दूसरे दूसरे आंग्ल मैसूर युद्ध के बाद है ना मंगलौर की संधि हुई थी और इसमें टीपू सुल्तान कूद चुका था। हालांकि दो युद्ध
11:00 किसने करे हैं आपके? हैदर अली ने करे हैं। प्रश्न पूछा जाए कब से कब तक चला था? तो 1780 से लेकर 1784 तक 1780 से लेकर बच्चों 1784 तक द्वितीय आंग्ल मैसूर युद्ध चला था। प्रश्न पूछा जाए कि बताइए ये द्वितीय आंग्ल मैसूर युद्ध के समय है ना गवर्नर जनरल कौन था? तो आप कहेंगे बंगाल का गवर्नर जनरल था वारेन हेस्टिंग्स। कौन था भैया? बंगाल का गवर्नर जनरल कौन था? वारेन हेस्टिंग्स। ज्यादा जानकारी के लिए आप आंग्ल मैसूर युद्ध डालेंगे और और मेरा वीडियो आ जाएगा आप उसको देख लीजिएगा मजा आ जाएगी। अगला डलहौजी के पहले विलय का सिद्धांत किस राज्य पर लागू किया जा चुका था? नहीं
11:46 लॉर्ड डलहौजी के पहले भैया लॉर्ड डलहौजी के पहले विलय का सिद्धांत है ना किस पर लागू किया जा चुका था? यानी कि लॉर्ड डलहौजी तो बाद में यह काम करता है। पहले ईस्ट इंडिया कंपनी ने यह काम कब कर दिया था? यह कह रहा है बताइए जल्दी। तो मैं आपको बता दूं अगर जब यहां पर बात की जाए राज्य हड़प नीति की जब यहां पर हम लोग बात करते हैं इस क्वेश्चन का आंसर देना बड़ा मजेदार वाली बात है। है ना? सर ए लगा दीजिए। नहीं गलत है। मैक्सिमम लोगों का गलत आ रहा है। सूरत लगा दीजिए। चलो मैं बताता हूं। सुन लीजिए। राज्य हड़प नीति या इसी को कहते हैं इसी को कहते हैं व्यपगत
12:34 का सिद्धांत। इसी को कहते हैं बच्चों व्यपगत की नीति। इसी को कहते हैं हम लोग इसी को हम लोग कहते हैं गोद निषेध प्रथा। डॉक्ट्रिन ऑफ लैप्स गोद निषेध प्रथा। डॉक्ट्रिन ऑफ लैप्स। डॉक्ट्रिन ऑफ लैप्स। ठीक है ना? तो आप कहेंगे इस नीति का प्रयोग किसने किया था? तो इस नीति का प्रयोग डलहौजी ने किया था। इस नीति का प्रयोग किसने किया था? डलहौजी ने किया था। और डलहौजी ने इस नीति का प्रयोग करके कौन-कौन सी रियासतों को हड़प लिया? यह भी इंपॉर्टेंट है कि इस रीति का प्रयोग करके
13:21 कौन-कौन सी रियासतों को हड़प लिया गया। तो आप कहेंगे सूत्र याद रखिए सजे सब उजना। सूत्र याद कीजिए बच्चों। सजे सब उजना। तो आपको लाइन से सारी रियासतें याद हो जाएंगी जो पेपर में पूछा जाएगा। कितना भी कठिन क्वेश्चन कह दिया जाए डलहौजी ने कौन-कौन सी रियासतों को हड़पा था? इनमें से कौन सी नहीं थी या कौन सी थी? दोनों ही आप बता पाएंगे। जैसे स से हो जाएगा सतारा, ज से हो जाएगा जयतपुर, स से हो जाएगा सलपुर, ब से हो जाएगा बघाट है ना उ से हो जाएगा उदयपुर। फिर हो जाएगा झांसी।
14:09 फिर हो जाएगा नागपुर और फिर हो जाएगा हैदराबाद। समझे ना? तो इतनी रियासतों को डलहौजी ने अपनी नीति के तहत हड़पा था। लेकिन अगर प्रश्न ये पूछा जाए मेरे भाई प्रश्न अगर ये पूछा जाए कि डलहौजी ने कुशासन का आरोप किस पर लगाया था? तो डलहौजी ने कुशासन का जो आरोप है वो किस रियासत पर लगाया था? तो आप कहेंगे अवध। तब आपका उत्तर क्या आ जाएगा? अवध। लेकिन यह क्वेश्चन अलग है। यह क्वेश्चन कह रहा है डलहौजी से पहले बताओ ना कि डलहौजी से पहले ईस्ट इंडिया कंपनी ने 1834
14:56 में ही यह काम कर दिया था। इस नीति का प्रयोग इस नीति का प्रयोग इस विलय सिद्धांत का प्रयोग 1834 में ही 1834 ईस्वी में कोर्ट ऑफ डायरेक्टर या बीओडी कह सकते हैं। है ना? बीओडी ने बोर्ड ऑफ डायरेक्टर जिसे कहते हैं निदेशक मंडल इन्होंने ही कर दिया था। इन्होंने सबसे पहले 1839 में है ना मांडवी या मांडवा को कब्जे में ले लिया था। 1840 में महाराष्ट्र के कोलावा और जालौर को ले लिया था। 1842 में इन्होंने सूरत पर कब्जा कर लिया था। इस हिसाब से उपर्युक्त सभी इसका आंसर हो
15:42 जाएगा। इन सभी रियासतों पर कब्जा बोर्ड ऑफ डायरेक्टर ने विलय के सिद्धांत की नीति का प्रयोग 1834 में करके हड़प लिया था। आगे चलकर डलहौजी ने भी यही नीति अपनाकर इन सभी रियासतों को हड़प लिया था। ऐसे कोई नहीं पढ़ाएगा आपको। समझ रहे हो? इतना पढ़ाने के लिए इतना आना भी जरूरी है दोस्तों। ठीक है? कि क्वेश्चन लगाया, आंसर बताया, आगे बढ़ गए। इतना पढ़ाने के लिए, इतनी चीजें बताने के लिए वही बता सकता है जिसको एक्सपीरियंस मैक्सिमम हो। 13 साल हो गए मुझे पढ़ातेपढ़ाते। ठीक है ना? आगे बढ़ते हैं। लंदन में ईस्ट इंडिया एसोसिएशन की स्थापना किसने की थी? लंदन में ईस्ट इंडिया
16:28 एसोसिएशन की स्थापना तो किसने की थी? ऑप्शन में है बाल गंगाधर तिलक, सुभाष चंद्र बोस, दादा भाई नौरोजी और राजा राम मोहन राय। तो इसका सही उत्तर क्या लगाएंगे? बच्चों, इसका सही उत्तर क्या लगाएंगे? बहुत बढ़िया। बीइंग ऑफिसर का आंसर आ चुका है। बिल्कुल सही। आंसर इज़ दादा भाई नौरोजी। लंदन में ईस्ट इंडिया एसोसिएशन की स्थापना 1866 में दादाभाई नौरोजी ने की थी। अब दादाभाई नौरोजी से क्वेश्चन पूछा जाए तो लंदन में ईस्ट इंडिया एसोसिएशन की स्थापना 1866 ईस्वी में दादा भाई नौरोजी ने की थी। दादा भाई नौरोजी को हम लोग कहते हैं द ग्रेट ग्रैंड ओल्ड मैन ऑफ इंडिया। भारत का महान
17:16 भारत का महान वयोवृद्ध पुरुष भारत का महान वयोवृद्ध पुरुष पारसी धर्म में अब आपको पता है दादा भाई नौरोजी कांग्रेस के पहले पारसी अध्यक्ष थे। कांग्रेस के पहले क्या थे भैया? पारसी अध्यक्ष। ये कांग्रेस के पहले क्या थे बच्चों? तो कहेंगे पारसी अध्यक्ष थे। इनका जन्म कब हुआ था? इनका जन्म हुआ था 1825 में। और मृत्यु कब हुई थी इनकी? 1917 में। मृत्यु कब हुई थी भैया? 1917 में। यानी बहुत लंबे समय तक तो जी गए ये। क्वेश्चन पूछा जाता है कि इनकी प्रमुख पत्रिका बताइए कौन सी थी? और इन्होंने पारसी धर्म में सुधार करने के
18:03 लिए क्या किया था? तो इन्होंने पारसी धर्म में सुधार करने के लिए रहनुमाई रहनुमाई माजदाई सभा बनाई थी। रहनुमाई माजदाई सभा का गठन किया था। किसके लिए? पारसी धर्म में सुधार करने के लिए। पारसी धर्म में सुधार करने के लिए रहनुमाई माजदाई सभा का गठन किया था। दादा भाई नौरोजी कांग्रेस के पहले पारसी अध्यक्ष थे। कांग्रेस के पहले पारसी अध्यक्ष थे। कांग्रेस के पहले पारसी अध्यक्ष थे। और यह अध्यक्ष पहली बार कब
18:49 बने थे? तो 1886 में जब अधिवेशन हुआ था कोलकाता में। इन्होंने 1906 में जब कोलकाता अधिवेशन हुआ कांग्रेस का तो स्वराज्य शब्द का प्रयोग किया। तो कांग्रेस के भीतर कांग्रेस के भीतर स्वराज शब्द का प्रयोग करने वाले पहले व्यक्ति दादा भाई नौरोजी हो जाएंगे। इन्होंने राष्ट्रीय गोफ्तार नाम की पत्रिका निकाली थी। इन्होंने राष्ट्रीय गोफ्तार नाम की पत्रिका का प्रकाशन किया था। राष्ट्रीय गोफ्तार पत्रिका नाम का प्रकाशन किया था। पावर्टी एंड अनब्रिटिश रूल इन इंडिया नामक पुस्तक लिखी थी। पावर्टी
19:38 एंड अनब्रिटिश रूल पावर्टी एंड अनब्रिटिश रूल इन इंडिया इन्होंने ये पुस्तक लिखी थी। साथ ही साथ भारत में धन निष्कासन सिद्धांत धन निष्कासन सिद्धांत भी किसने दिया था? दादा भाई नौरोजी ने। पहली बार राष्ट्रीय आय का आकलन। पहली बार राष्ट्रीय आय का आकलन पहली बार राष्ट्रीय आय का आकलन करने वाले पहले व्यक्ति कौन हो जाएंगे? दादा भाई नौरोजी। पहली बार राष्ट्रीय आय का आकलन करने वाले पहले व्यक्ति दादा भाई नौरोजी। इतना काफी है। बोर्ड भर चुका है। आगे बढ़ सकते हैं हम लोग। अगला क्वेश्चन। भारत की जनगणना। अब सुनो। आपके मन में
20:25 आएगा सर ये क्वेश्चन तो कठिन से कठिन हो गया। पूछो कैसे? यह क्वेश्चन कठिन क्यों हो गया? किसी के दिमाग में आ जाए तो हम लोग पढ़ते हैं भारत की जनगणना में कि भारत की पहली बार जनगणना प्रश्न पूछा जाता है तो कहते हैं भारत की पहली बार जनगणना और पहली स्थाई जनगणना। पहली स्थाई जनगणना। तो यहां पर उत्तर आता है कि पहली बार जनगणना 1872 में लॉर्ड मेो के समय की गई थी और स्थाई जनगणना 1881 में लॉर्ड रिपन के समय की गई
21:11 थी। फिर 81 के बाद जब 91 में जनगणना हुई तो 91 में जनगणना के दौरान जनगणना आयुक्त कौन था? सेंसस कमिश्नर कौन था? बढ़िया क्वेश्चन है ना? तो आपका सही उत्तर क्या आ जाएगा? आप कहेंगे सर जरवाइस एथलस्टेन बेंस क्या भैया जरवाइस एथलस्टेन बेंस ये थे 1891 की जनगणना में जनगणना आयुक्त तो ये वीआईपी क्वेश्चन हो गया वीआईपी क्वेश्चन वीआईपी क्यों क्योंकि मैक्सिमम लोगों का आंसर गलत हुआ था इसमें मैक्सिमम लोगों का आंसर जो
21:57 था इसमें गलत हुआ था। ठीक है ना? चलिए आगे बढ़े। आठवां कह रहा है बताइए ये सारे शिक्षा से संबंधित है। आपको मैंने एक चैप्टर पढ़ाया है भारत में शिक्षा का इतिहास या भारत में शिक्षा का विकास। जिसमें मैंने आपको बताया था सर्वप्रथम 1854 ईस्वी में चार्ल्स वुड्स डिस्पैच आयोग आया था। वच डिस्पैच की अध्यक्षता में जिसको भारत में शिक्षा का मैग्नाकार्टा कहा जाता था जिसमें बताया गया था कि विश्वविद्यालय भी खोले जाएंगे और पहले विश्वविद्यालय लॉर्ड कैनिंग के समय कोलकाता, मद्रास और मुंबई में खोले गए थे। इसी में बताया गया था कि प्राथमिक विद्यालय में जो शिक्षा का भाषा का माध्यम
22:43 होगा वो स्थानीय होगा क्योंकि उनको अभी सीधे-सीधे अंग्रेजी भाषा सिखाना बहुत मुश्किल हो जाएगा। तो यहां पर कह रहा है कि बताइए क्या क्रम होना चाहिए? तो आप कहेंगे सर 1854 शिक्षा पर वच डिस्पैच आयोग आया। बिल्कुल सही है। 1882 हंटर शिक्षा आयोग आया। 1882 में हंटर आयोग आया था। एक हंटर कमेटी है मेरे भाई। है ना? याद रखिएगा। एक क्या है? एक आपकी हंटर कमेटी है और हंटर कमेटी का संबंध जलियांवाला बाग हत्याकांड से है। है ना भैया? अब इसमें कुछ बच्चे पूछ रहे हैं सर क्लास लाइव है बेटा लाइव ही है। है ना? हां। तो आपको पढ़ने से मतलब है आप अपना
23:28 दिमाग पढ़ने पे लगाइए। सिर्फ 1882 में हंटर आयोग आया था। ये भी किससे संबंधित था? शिक्षा से संबंधित था। 1904 में आपका भारत विश्वविद्यालय अधिनियम आया था। और 1917 में आपका सैंडलर आयोग आया था। तो क्या हो जाएगा? 1 3 4 2 हो जाएगा। 1 3 4 2 इसका सही उत्तर क्या हो जाएगा? 1 3 4 2 यहीं से क्वेश्चन गलत हो गया। 1 3 4 2 होगा। एक एक के बाद तीन के बाद चार के बाद दो गलत हो जाएगा। 1 4 3 2 नहीं 1 3 4 2 होगा। ए इसका सही उत्तर होगा। जी हां ए। और यहीं पर प्रश्न पूछा जाए कि बताइए यहीं पर प्रश्न आपसे पूछा जाएगा शिक्षा से
24:14 संबंधित अन्य योजनाएं शिक्षा से संबंधित अन्य योजनाएं और अन्य आयोग आपसे पूछा जाए रैले कमीशन प्रश्न पूछा जाएगा कि रैले कमीशन का संबंध किससे है? तो भारत में शिक्षा के विकास से। यही क्वेश्चन आपसे पूछा जाएगा कि सार्जेंट योजना का संबंध किससे है? तो आप कहेंगे भारत में शिक्षा से। यही पूछा जाएगा वर्धा योजना का संबंध किससे है? भारत में शिक्षा से। कोठारी आयोग का संबंध किससे है? भारत में शिक्षा से। कोठारी आयोग यही पूछा जाएगा राधाकृष्ण आयोग का संबंध किससे है? भारत में शिक्षा से। राधाकृष्ण आयोग का।
25:04 ठीक है ना? तो यहां पर याद रखिएगा 1 2 3 4 और 5 यह सारे भारत में शिक्षा के विकास के लिए हैं बच्चों। ठीक है? थैंक यू आर के कोचिंग। आगे बढ़े अगला क्वेश्चन। क्वेश्चन नंबर नौ है। इसका आंसर बताइए। कह रहा है दक्षिणेश्वर संबंधित है किससे? दक्षिणेश्वर। बढ़िया प्रश्न है। देखन में छोटन लगे और घाव करे गंभीर। तो आपको पता है दक्षिणेश्वर के नाम से कौन प्रसिद्ध है? तो आपको पता है कि अब मैं क्या ही बताऊं पहले आप लोग आंसर बता दीजिए फिर मैं बताऊं आपको क्या होगा। अंजलि कह रही है दयानंद यानी दयानंद सरस्वती। ओके और सोचो
25:52 बेटा आपको पता होना चाहिए कि जो रामकृष्ण परमहंस थे वो काली माता के बहुत बड़े पुजारी थे और वो कोलकाता में दक्षिणेश्वर काली मंदिर के पुजारी थे। इसलिए इनको दक्षिणेश्वर संत के नाम से भी जाना जाता है। इसलिए बेटा आंसर हो जाएगा रामकृष्ण परमहंस। रामकृष्ण परमहंस को दक्षिणेश्वर है ना संत के नाम से जाना जाता है या दक्षिणेश्वर परमहंस के नाम से जाना जाता है। रामकृष्ण परमहंस का असली नाम क्या था? रामकृष्ण परमहंस का असली नाम था गदाधर चट्टोपाध्याय। याद रखिएगा। रामकृष्ण परमहंस का वास्तविक नाम क्या था?
26:38 गदाधर चट्टोपाध्याय। है ना? तो ये स्वामी विवेकानंद के गुरु थे। ये स्वामी विवेकानंद के गुरु थे। गुरु थे। और स्वामी विवेकानंद का असली नाम क्या था? अगर प्रश्न पूछा जाए कि स्वामी विवेकानंद का असली नाम क्या था? तो आप क्या बताएंगे? नरेंद्रनाथ दत्त। क्या बताएंगे? नरेंद्रनाथ दत्त। स्वामी विवेकानंद को स्वामी की उपाधि किसने दी थी? बताओ। स्वामी विवेकानंद जी को स्वामी की उपाधि किसने दी थी? कौन बताएगा? स्वामी विवेकानंद जी को स्वामी की उपाधि किसने दी थी? तो आप कहेंगे खेतड़ी।
27:23 राजस्थान में जगह पड़ती है खेतड़ी। राजस्थान में जगह पड़ती है खेतड़ी। तो खेतड़ी के महाराजा खेतड़ी रियासत के महाराजा खेतड़ी रियासत के महाराजा महाराजा कुंवर अजीत सिंह ने खेतड़ी महा के राजा कुंवर अजीत सिंह जी ने इनको स्वामी की उपाधि दी थी। जब पहला अंतरराष्ट्रीय धर्म सम्मेलन हुआ था। क्वेश्चन पूछा जाता है कि बताइए अगर आपसे क्वेश्चन ये पूछा जाए कि खेतड़ी किसके लिए प्रसिद्ध है? तो खेतड़ी तांबे के लिए प्रसिद्ध है। राजस्थान का जो खेतड़ी है वहां पर सबसे ज्यादा मात्रा में कौन सा खनिज पाया जाता है? तो राजस्थान के खेतड़ी में तांबा सबसे
28:09 ज्यादा मात्रा में पाया जाता है। यही पूछा जाए कि बताइए अंतरराष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय धर्म सम्मेलन में अंतरराष्ट्रीय हिंदू धर्म सम्मेलन में अंतरराष्ट्रीय हिंदू धर्म सम्मेलन में भारत की ओर से किसने भाग लिया था? भारत की ओर से भाग लिया या भारत की ओर से गए थे। कौन? स्वामी विवेकानंद अगर प्रश्न पूछा जाए बताया बताइए भैया अंतरराष्ट्रीय हिंदू धर्म सम्मेलन या धर्म सम्मेलन जो हुआ था 1893 का शिकागो में 1893 का शिकागो में वहां पर भारत की ओर से कौन भाग लिया था तो स्वामी विवेकानंद जी ने भाग लिया था। मेरे हिसाब से सारी बातें यहां तक क्लियर हैं।
28:58 आगे बढ़ें। अगला क्वेश्चन इनमें से देवबंद स्कूल से कौन नहीं जुड़े थे? देवबंद स्कूल से इनमें से बच्चों कौन नहीं जुड़े थे? तो क्या बताएंगे? देवबंद स्कूल की स्थापना किसने की थी? बताइए। तो आप कहेंगे सर जब लंदन में ईस्ट इंडिया एसोसिएशन की स्थापना की गई 1866 में। जब लंदन में दादा भाई नौरोजी ने ईस्ट इंडिया एसोसिएशन की स्थापना करी। उसी दौरान 18667 में है ना मोहम्मद काशिम ननौतवी और राशिद अहमद गंगोही ने उत्तर प्रदेश के सहारनपुर के देवबंद में देवबंद स्कूल की स्थापना की थी। बात समझ में आ रही है? तो आप कहेंगे देवबंद या देवबंद आंदोलन भी पूछा जा सकता
29:45 है। तो ये कहां हुआ था? तो ये उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में। तो देवबंद आंदोलन किससे संबंधित है? तो उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से संबंधित है और इस स्कूल की स्थापना 18667 में मोहम्मद कासिम ननौतवी और राशिद अहमद गंगोही और महमूद उल हसन के द्वारा की गई थी। ये कह सकते हैं। बात समझ में आ रही है? अच्छा अब आपको पता चलना चाहिए सर ऐसा क्यों? देखिएगा आपको पता है सर सैयद अहमद खान ने अलीगढ़ आंदोलन चलाया था। सर सैयद अहमद खान ने अलीगढ़ आंदोलन चलाया ताकि मुस्लिम शिक्षा में सुधार लाया जा सके। मुस्लिम समुदाय में जो अंधविश्वास है, रीति-रिवाज है उन पर प्रतिबंध लगाया जा
30:32 सके। तो उसी के विपक्ष में कि मुस्लिम जो समुदाय है उसमें जो रीति-रिवाज और जो नियम है वो बिल्कुल सही है। है ना? तो अंग्रेजी शिक्षा और पश्चिमी संस्कृति को मुस्लिम समुदाय में प्रवेश होने से रोकने के लिए देवबंद आंदोलन चलाया गया था। बात समझ में आ रही है? तो कह सकते हैं कि शाह अब्दुल अजीज जो हैं इनका कोई संबंध देवबंद आंदोलन से या देवबंद स्कूल से नहीं है। तो शाह अब्दुल अजीज का इससे कोई संबंध नहीं है। क्लियर है? ओ ओके। चलिए तो ये क्या हो जाएगा? इस स्कूल में क्या था? मुस्लिम समुदाय को या मुस्लिम धार्मिक शिक्षा प्रदान की जाती थी।
31:20 मुस्लिमों को धार्मिक शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रदान करने के लिए है ना साथ ही साथ अंग्रेजी व आधुनिक शिक्षा को प्रतिबंधित करने के लिए अंग्रेजी व आधुनिक शिक्षा को प्रतिबंधित करना ये इसका काम था। प्रतिबंधित करना। ठीक है? तो, यह हो जाएगा आपका आंसर। अगला करते हैं। क्वेश्चन नंबर 11 पे आते हैं। यह बताइए। वेरी गुड मॉर्निंग। गुड मॉर्निंग टू ऑल ऑफ यू। चलिए, अगला क्वेश्चन करिए और आंसर बताइए जल्दी से।
32:05 कह रहा है भारतीय ग्लाइड स्टोन किसे कहा जाता है? हम सर चलो भारत का ग्लास्टोन फिरोज शाह मेहता को कहते हैं। घूंसा मारेंगे अभी हम। ठीक है? भारत का बिस्मार्क किसे कहते हैं? यह बताओ। अगर हम यहां पर बात करें भारत का बिस्मार्क किसे कहते हैं? यह
32:52 प्रश्न पूछा जाए। भारत का बिस्मार्क भारत का लौ पुरुष। भारत का बिस्मार्क और भारत का लौ पुरुष। हां अब आंसर आया है। अब आंसर आया है दादा भाई नौरोजी को बच्चों दादा भाई नौरोजी को। ठीक है ना? तो इसका जो सही उत्तर है भारत का ग्लैज स्टोन किसे कहते हैं? तो दादा भाई नौरोजी को। गोपाल कृष्ण गोखले जी ने दादा भाई नौरोजी के लिए एक शब्द कहा है कि अगर मनुष्यों में कहीं देवत्व है तो वो दादा भाई नौरोजी में है। याद रखिएगा गोपाल कृष्ण गोखले ने दादा भाई नौरोजी के लिए कहा है। डीबी एन
33:40 मतलब दादा भाई नौरोजी के लिए कहा। क्या कहा है? यदि मनुष्यों में कहीं देवत्व है। यदि मनुष्यों में कहीं देवत्व है तो दादा भाई नौरोजी में है। यदि मनुष्यों में कहीं देवत्व है तो वो कहां पर है भैया? दादा भाई नौरोजी में है। तो भारत का बिस्मार्क और लौह पुरुष कहते हैं सरदार पटेल को। भारत का बिस्मार्क और भारत का लौह पुरुष किसे कहते हैं? सरदार पटेल को। सरदार पटेल के नाम पर ही 31 अक्टूबर को हम लोग क्या मनाते हैं? राष्ट्रीय एकता दिवस मनाते हैं।
34:27 राष्ट्रीय एकता दिवस मनाते हैं। राष्ट्रीय एकता दिवस। क्लियर है? ये बताओ कि वन मैन बाउंड्री फोर्स किसे कहा जाता है? यह बताओ वन मैन वन मैन बाउंड्री फोर्स यानी कि अगर वो व्यक्ति अकेला ही खड़ा हो जाए तो जितनी भी बटालियन है जितने भी ओप गोले हैं उनकी जरूरत ही नहीं पड़ेगी। वन मैन बाउंड्री फोर्स किसे कहते हैं? कौन बताएगा? वन मैन बाउंड्री फोर्स किसे कहा जाता है? कौन बताएगा? जल्दी जी हां वन मैन बाउंड्री फोर्स महात्मा
35:16 गांधी को कहा जाता है। महात्मा गांधी को है ना और किसने कहा था? माउंटबेटन ने। ये माउंटबेटन ने कहा था। माउंट बैटन ने कहा था। है ना? तो महात्मा गांधी को वन मैन बाउंड्री फोर्स लॉर्ड माउंटबेटन ने कहा था। आगे बढ़े क्वेश्चन नंबर 12 करेंगे। यह किताब बताइए कौन किसकी किताब है? क्वेश्चन नंबर 12 करेंगे और बताएंगे कौन किसकी किताब है? बाल गंगाधर तिलक। बाल गंगाधर तिलक ने लिखी है द आर्कटिक होम ऑफ वेदास। दी आर्कटिक होम
36:04 ऑफ वेदास। इनकी दो पत्रिकाएं भी हैं। केसरी और मराठा। प्रश्न पूछा जाता है केसरी पत्रिका किस भाषा में है? तो मराठी भाषा में है। और मराठा पत्रिका किस भाषा में है? अंग्रेजी भाषा में है। बाल गंगाधर तिलक ने महाराष्ट्र में लोगों के अंदर उत्साह जगाने के लिए दो त्यौहार शुरू किए। तो बाल गंगाधर तिलक के द्वारा ही दो त्यौहार बनाने शुरू किए गए थे। एक था आपका शिवाजी उत्सव। एक था आपका शिवाजी उत्सव और एक था गणपति बाप्पा मोरया। गणपति उत्सव। तो गणेश चतुर्थी है ना तो बाल गंगाधर तिलक ने द
36:50 आर्कटिक होम ऑफ वेदास और गीता रहस्य लिखी है। यानी यह सही है। ये तो सही है। अरविंद घोष ने लिखा है अरविंद घोष ने लिखा है द आइडियल ऑफ ह्यूमनिटी ह्यूमन यूनिटी। जवाहरलाल नेहरू ने लिखा है द यूनिटी ऑफ इंडिया। इसके बाद सुभाष चंद्र बोस ने लिखा है स्प्रिंगिंग टाइगर। तो कह रहा है इनमें से कौन सा सही नहीं है? कह रहा इनमें से कौन सा सही नहीं है? तो आप कहेंगे सर ये सही है। ये सही है। ये सही है। ये गलत है। सुभाष चंद्र बोस ने द स्प्रिंगिंग टाइगर नहीं लिखा है। स्प्रिंगिंग टाइगर सुभाष चंद्र बोस के ऊपर लिखा गया है। स्प्रिंगिंग टाइगर सुभाष चंद्र बोस। एस सी बोस
37:38 की आत्मकथा है। आत्मकथा मतलब नहीं कह सकते हैं। एस सी बोस की मतलब जीवनी है। इसमें एस सी बोस की जीवनी है। लेकिन ये जीवनी सुभाष चंद्र बोस ने नहीं लिखी है। ह्यूज टॉय ने लिखी है। किसने लिखी है भैया? इसको लिखा है ह्यूज टॉय ने। ह्यूज टॉय ने। क्लियर है? हस्ट टॉय ने लिखा है तो गलत कौन सा हो जाएगा? डी गलत हो जाएगा। हां भैया आगे बढ़ेंगे। क्वेश्चन नंबर 13 क्वेश्चन नंबर 13 गलत नहीं करना। बताइए क्वेश्चन नंबर 13 करेंगे। फटाफट बताओ।
38:29 जल्दी कह रहा है ऑल इंडिया किसान सभा की स्थापना किसने की थी? दूसरा यानी अखिल भारतीय किसान सभा आत्मीय सभा की स्थापना 1815 में। फॉरवर्ड ब्लॉक पार्टी की स्थापना 1939 में। रामकृष्ण मिशन की स्थापना कब की गई थी? ये भी बताओ। तो कह रहा है इनमें से कौन सा सही नहीं है? तो आप कहेंगे ऑल इंडिया किसान सभा ये आपका गलत हो जाएगा। क्यों? क्योंकि भारत अखिल भारतीय किसान सभा का जो संस्थापक है वो स्वामी सहजानंद सरस्वती हैं। वो कौन है भैया? वो है स्वामी सहजानंद सरस्वती।
39:14 स्वामी सहजानंद सरस्वती हैं। कौन है बच्चों? स्वामी सहजानंद सरस्वती। ये गलत हो गया आपका। अगला बाकी फॉरवर्ड ब्लॉक बहुत इंपॉर्टेंट है। सुभाष चंद्र बोस से संबंधित है। यह तीनों सही हैं। ठीक है ना? ये तीनों आपके सही हैं। ये बताओ क्वेश्चन नंबर 14 करेंगे भैया। क्वेश्चन नंबर 14 बड़ा तो नहीं है। नहीं बिल्कुल बड़ा नहीं है। ऐसे क्वेश्चन करने के तो हम लोग आदि हो चुके हैं। है ना? स्टेटमेंट वाले क्वेश्चन करने में तो और मजा आने लगा है हमको। तो चलिए कह रहा महात्मा गांधी के संबंध में बताइए कौन सा सही है? 1920 में उन्होंने असहयोग आंदोलन प्रारंभ किया था। बिल्कुल सही है। 1 अगस्त
40:00 1920 को बाल गंगाधर तिलक की मृत्यु के साथ बीजी तिलक की मृत्यु के साथ बीजी तिलक की मृत्यु के साथ है ना असहयोग आंदोलन को प्रारंभ किया गया था। उन्होंने ग्राम उद्योग संघ प्रारंभ किया था। यह भी सही हो जाएगा। उन्होंने ग्राम उद्योग संघ का प्रारंभ किया था। भैया यह भी आपका सही हो गया। है ना? तो आप कहेंगे कि एक और दो दोनों ही सही हैं। लेकिन एक बात बताओ असहयोग आंदोलन को क्यों बंद कर दिया गया था? बताओ असहयोग आंदोलन को बंद करने का निर्णय क्या था? क्यों था? जल्दी से। अच्छा एक और बात अगर प्रश्न ये पूछा जाए कि गांधी जी ने ग्राम उद्योग संघ
40:48 की स्थापना कब की थी? तो 14 सितंबर 1934 को 14 सितंबर 1934 को तो 14 सितंबर 1934 को गांधी जी ने वर्धा में महाराष्ट्र के वर्धा में महाराष्ट्र के वर्धा में ग्राम उद्योग संघ की स्थापना की थी। क्लियर है? बहुत बढ़िया। आगे बताएंगे। चलिए बताइए। बहुत बढ़िया। तो ग्राम उद्योग संघ सबका आंसर आ गया। सबका सही है। एक बढ़िया क्वेश्चन करें। एक क्वेश्चन ये है कि गांधी जी ने जो ग्राम उद्योग संघ स्थापना की थी, इस ग्राम
41:33 उद्योग संघ का पहला अध्यक्ष किसको बनाया गया था? इसका पहला अध्यक्ष यह बताइए इससे बढ़िया क्वेश्चन नहीं मिलेगा। जो गांधी जी ने ग्राम उद्योग संघ का स्थान प्रारंभ किया था। इसके पहले अध्यक्ष कौन थे? तो आप कहेंगे सर कृष्णदास जाजू। कृष्णदास जाजू कृष्णदास जाजू। ठीक है। चलो। सुभाष चंद्र बोस। 23 जनवरी 1897 कटक उड़ीसा में इनका जन्म हुआ था। 23 जनवरी 1897
42:21 कटक उड़ीसा में कटक उड़ीसा में इनका जन्म हुआ था। इसलिए प्रत्येक 23 जनवरी को राष्ट्रीय पराक्रम दिवस मनाया जाता है। प्रत्येक 23 जनवरी को राष्ट्रीय पराक्रम दिवस मनाया जाता है। सुभाष चंद्र बोस ने स्था स्वाधीन भारत की अस्थाई सरकार के गठन की घोषणा कब की थी? तो आप कहेंगे 21 अक्टूबर 1943 को। और गांधी जी ने कहा था मैं जापान की सेना के साथ भारत में प्रवेश करूंगा। है ना? हे राष्ट्रपिता यानी गांधी जी को राष्ट्रपिता कहकर सुभाष चंद्र बोस ने ही पुकारा था। बात समझ में आ रही है? बहुत बढ़िया। प्रश्न ये पूछा जाए कि बताइए आजाद हिंद
43:07 फौज की स्थापना किसने की थी? प्रश्न ये अगर यह क्वेश्चन पूछा जाए कि आजाद हिंद फौज की स्थापना किसने की थी? क्या बताएंगे जल्दी? कौन बताएगा? बिल्कुल सही। सुभाष चंद्र बोस को गांधी जी ने सॉरी गांधी सुभाष चंद्र बोस ने ने गांधी जी को गांधी जी को 1944 में रंगून रेडियो स्टेशन पे यह इंपॉर्टेंट है भैया। क्या रंगून रेडियो से है ना? या रंगून से रेडियो पर राष्ट्रपिता कहकर पुकारा था।
43:54 राष्ट्रपिता कहा था। तो मैं पूछ रहा हूं बिल्कुल सही है। कुमारी रूबी तुम्हें उठा के देंगे पटक प्राण निकल जाएंगे तुम्हारे। इतनी बार बताया गया है। आजाद हिंद फौज इंडियन नेशनल आर्मी आईएए आजाद हिंद फौज का गठन कैप्टन मोहन सिंह ने किया था। आजाद हिंद फौज का गठन आजाद हिंद फौज का गठन कैप्टन मोहन सिंह ने किया था। किसने किया था? कैप्टन मोहन सिंह ने किया था। आजाद हिंद फौज का गठन कैप्टन मोहन सिंह ने किया था। और आजाद हिंद फौज का सुप्रीम कमांडर सुभाष चंद्र बोस को कब बनाया गया?
44:39 आजाद हिंद फौज का सुप्रीम कमांडर सुभाष चंद्र बोस को कब बनाया गया? तो कहेंगे 5 जुलाई 1943 को 5 जुलाई 1943 को सुप्रीम कमांडर बनाया गया। बात समझ में आ रही है? हां सिंगापुर के टाउन हॉल में ठीक है ना? तो गलत कर रहे हो सब लोग गड़बड़ाते हो। चलो अगला क्वेश्चन। क्वेश्चन नंबर 16 डरना बिल्कुल नहीं है। हम लोगों को सब कुछ पता है। जब भारत का विभाजन हो रहा था तो भारत का विभाजन के समय है ना भारत का गवर्नर जनरल कौन था? तो आप कहेंगे लॉर्ड माउंटबेटन था। लेकिन क्वेश्चन देखो क्वेश्चन का आंसर तब बताना। 1947 में भारत विभाजन के बाद किसे संयुक्त रक्षा समिति जिसे सैनिक कर्मचारियों,
45:26 हथियारों व युद्ध सामग्रियों के विभाजन की जिम्मेदारी सौंपी गई थी का सर्वोच्च सेनापति बनाया गया था। उस व्यक्ति का नाम क्या है? तो रेडक्लिफ है। रेडक्लिफ तो भैया भारत और पाकिस्तान के बीच में सीमा का निर्धारण करने के लिए आए थे। भारत व पाकिस्तान की मध्य सीमा निर्धारण भारत व पाकिस्तान के मध्य सीमा निर्धारण माउंटबेटन कौन थे? ये उस समय भारत के गवर्नर जनरल थे। लेकिन क्वेश्चन अलग है। क्वेश्चन कह रहा है संयुक्त रक्षा समिति जिसे सैनिक कर्मचारियों युद्ध हथियारों के सामग्रियों के विभाजन की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। यानी कि कितना भारत में रहेगा और
46:14 कितना पाकिस्तान में रहेगा। कितना कितने हथियार भारत को जाएंगे? कितने हथियार किसको जाएंगे? पाकिस्तान को जाएंगे। इसकी जिम्मेदारी ओचिन लेक को दी गई थी। इसकी जिम्मेदारी किसको दी गई थी? ऑचिन लेक को। बहुत सारे विद्यार्थियों ने पहली बार का सुना हो क्वेश्चन। अगर पहली बार सुना है तो स्टार डालना बनता है। वैसे तो मैंने कई बार पढ़ाया है। है ना? अगला क्वेश्चन देखते हैं। क्वेश्चन यह है। हड्डी की मातृ देवी की मूर्ति हमें कहां से प्राप्त हुई? अस्थि की मातृ देवी मूर्ति अस्थि से बनी। तो अस्थि से बनी मातृ देवी की मूर्ति हमको इलाहाबाद से प्राप्त हुई। अब इलाहाबाद में क्या था आपका? अब इलाहाबाद में क्या था? जरा बताइए फटाक से। क्वेश्चन छूट गया है क्या? अच्छा हां
47:00 17वां छूट गया है। ठीक है बेटा। ठीक है। समझ गए। 17वां छूट गया है। कह रहा भारत के प्राग इतिहास के अध्ययन को आरंभ करने का श्रेय किसको दिया जाता है? तो अगर आप कहेंगे रॉबर्ट ब्रूसफुट 1863 ईस्वी में भारत में पाषाण कालीन बस्तियों के अन्वेषण की शुरुआत रॉबर्ट ब्रूसफुट से ही मानी जाती है। रॉबर्ट ब्रूसफुट 1863 है ना? पाषाण कालीन बस्तियों की शुरुआत। पाषाण कालीन बस्तियों की खोज करने की शुरुआत रॉबर्ट ब्रूसफुट। ठीक है? आगे बढ़ते हैं। तो अस्थि से बनी मातृ देवी की मूर्ति हमको इलाहाबाद से मिलेगी। और इलाहाबाद में कौन सी घाटी रहेगी? इलाहाबाद में कौन सी घाटी
47:48 रहेगी? बेलन घाटी। बेलन घाटी में कौन सा क्षेत्र? लोहदा नाला क्षेत्र। है ना? तो आप कहेंगे कि हड्डी की मातृ देवी की मूर्ति विंध घाटी के निम्न पूर्व पाषाण काल से संबंधित है। सोन घाटी के मध्य पूर्व पाषाण काल से संबंधित है। राजस्थान के बागोर के मध्यपाषाण काल से संबंधित है या विध घाटी के उच्च पूर्व पाषाण काल से संबंधित है? तो आप कहेंगे यही हो जाएगा बेलन घाटी लोहदा नाला क्षेत्र। बेलन घाटी लोहदा नाला क्षेत्र से हमको अस्थि से बनी मातृ देवी की मूर्ति मिलती है। जब आप उत्तर प्रदेश का इतिहास पढ़ रहे होंगे तो उत्तर प्रदेश के इतिहास में पहले
48:34 दिन ही मैं आपको ये क्वेश्चन बनाता हूं बताता हूं। क्वेश्चन अगर आपसे पूछा जाए ये जो मातृ देवी की मूर्ति है ये वर्तमान में कहां पर है? तो ये जो मूर्ति मिली है ये वर्तमान में हमने कौशांबी के संग्रहालय में रखी हुई है। कहां पर भैया? कौशांबी के संग्रहालय में रखी हुई है। कौशांबी के संग्रहालय में इसको रखा गया है। याद रखिएगा इस मूर्ति को। अगला क्वेश्चन धौलावीरा। धौलावीरा को आप जानते हैं। धौलावीरा का मतलब क्या है? कहते हैं तुम्हारा रंग धवल है। धवल का मतलब क्या होता है? सफेद। तो धौलावी बीरा। बीरा मतलब होता है कुआं। तो धौलावीरा का शाब्दिक अर्थ होता है सफेद कुआं।
49:20 धौलावीरा का बच्चों शाब्दिक अर्थ क्या होता है? तो आप कहेंगे सर सफेद कुआं। तो धौलावीरा का शाब्दिक अर्थ धौलावीरा ये क्या है? ये गुजरात में पड़ता है और हड़प्पा सभ्यता का एक स्थल है। ये क्या है भैया? हड़प्पा सभ्यता का एक स्थल है। हड़प्पा सभ्यता में सबसे उन्नत जल निकास प्रणाली कहां से मिली? प्रश्न पूछा जाता है हड़प्पा सभ्यता में सबसे उन्नत जल निकास प्रणाली कहां की मिली? तो धौलावीरा की। सबसे उन्नत जल निकास प्रणाली। सबसे अच्छी जल निकास प्रणाली। कहां की मिली थी भैया? तो आप कह देंगे धौलावीरा। धौलावीरा से हमको स्टेडियम मिला। धौलावीरा से हमको शाइन बोर्ड मिला।
50:06 लेकिन प्रश्न क्या पूछ रहा है? बहुत बढ़िया। अगर हम यह क्वेश्चन कह दे कि धौलावीरा की सबसे पहले खोज किसने की थी? तो जगपति जोशी जी ने की थी। बच्चों किसने की थी? जगपति जोशी जी ने। तो अगर इसकी खोज की बात की जाए तो सबसे पहले खोज करने आए थे जेपी जोशी जिसे कहते हैं जगपति जोशी। फिर इसके बाद आर एस बिष्ट आए। इसके बाद कौन आए? आर एस बिष्ट। तो, जगपति जोशी की बात की जाए, चाहे आर एस बिष्ट की बात की जाए, तो यह दोनों किससे संबंधित हैं? धौलावीरा से प्रश्न पूछ रहा है धौलावीरा हड़प्पा में कौन से पार्ट में मिला था हमको नवपाषाण काल का तो है नहीं हड़प्पा से है तो हड़प्पा में क्या प्राक हड़प्पा ग्रामीण संस्कृति
50:52 तो प्राक हड़प्पा ग्रामीण संस्कृति इसका सही उत्तर हो जाएगा 20वां क्वेश्चन कौन सा ऐसा स्थल है जहां से हमको अग्नि के सात कुंड मिले या सात अग्निकुंड मिले तो सात अग्निकुंड कहां से मिलेंगे जल्दी बताइए सात अग्निकुंड तो सात अग्निकुंड आपको मिले बताएंगे सर 20वें का बी रूबी तुम्हारा कोई क्वेश्चन सही नहीं हो रहा है स्वाति तुम्हारा भी गलत है बुद्ध प्रताप का डी सही है डी सही है जिसका डी है वह सही है डी इज़ द राइट आंसर तो सात अग्निकुंड हमको कहां से मिले। तो सात अग्निकुंड हमको कहां
51:38 से मिले बच्चों? तो कालीबंगन से मिले। वर्तमान में कालीबंगन राजस्थान के हनुमानगढ़ में है। अब कालीबंगन से हमको क्या-क्या मिला? नोट करो। कालीबंगन से हमको काले रंग की चूड़ियां मिली। कालीबंगन से बच्चों हमको काले रंग की क्या मिली? चूड़ियां मिली। इसके बाद ऊंट की हड्डियां मिली। ऊंट की हड्डियां मिली। इसके बाद हमको जुते हुए खेत के साक्ष्य मिले। जुते हुए खेत के साक्ष्य मिले। पूरी सिंधु घाटी सभ्यता में है ना पत्थर से बनी नालियां मिनी है। लेकिन कालीबंगन में लकड़ी से बनी नालियां मिली। लकड़ी से बनी
52:24 नाली। लकड़ी से बनी नालियां मिली। प्रत्येक घर में अपना कुआं था। प्रत्येक घर में कुआं। प्रत्येक घर में कुआं कहां से मिला? तो आप कहेंगे कालीबंगन से मिला। कालीबंगन कहां पर पड़ता है? राजस्थान में। कालीबंगन कहां पर स्थित है हड़प्पा स्थल? तो आप कहेंगे राजस्थान में स्थित है। बताओ सारी बातें क्लियर है। यहां तक बच्चों सारी बातें क्लियर है। आपको याद रखना है। सिंधु घाटी सभ्यता से क्वेश्चन जरूर आता है पेपर में। अगला करो। तो यहां तक बात क्लियर है। अगर आपसे पूछा जाए निम्न में से लघु हड़प्पा के नाम से किसको जानते हैं? तो लघु हड़प्पा के नाम से लोथल को जानते हैं। ये क्या था? यह प्रमुख बंदरगाह
53:10 था। हड़प्पा क्या था भैया? तो यह प्रमुख बंदरगाह था। ठीक है? आगे बढ़ाएं क्वेश्चन। अगला क्वेश्चन। निम्न हड़प्पीय स्थलों में से किनमें चावल की खेती के प्रमाण मिले हैं? तो इनका आंसर बताइए। तो आपको मैंने सूत्र बताया है जब गोरी चली क्या सूत्र बताया है बच्चों मैंने सूत्र बताया है जब गोरी चली तो ज से क्या हो जाएगा ज से हो जाएगा जौ के दाने ब से क्या हो जाएगा बनावली गा से हो जाएगा गेहूं और रा से हो जाएगा रंगपुर च से हो जाएगा चावल और ल से हो जाएगा लोथल ल से क्या हो जाएगा लोथल
53:55 ठीक है? लेकिन अगर आपसे क्वेश्चन पूछा जाए चावल की भूसी कहां से मिली? चावल की भूसी तो आपको याद रखना है चार। चार का मतलब च से चावल की भूसी और रा से रंगपुर। क्या याद रखना है? रंगपुर। ठीक है? तो इस प्रकार से कुछ सूत्र आप अगर याद रखेंगे तो इन सूत्रों से बहुत सारे क्वेश्चन आपके हो जाने वाले हैं। कह रहा है कि बताइए हमको यहां पर चावल कहां-कहां से मिला? तो एक तो आपका लोथल से और एक आपका रंगपुर से। अरे हां कि ना? एक आपका लोथल से है और एक आपका रंगपुर से है। तो लोथल आपका यहां पर मिल रहा है। यहां पर कहीं रंगपुर मिल रहा है बच्चों? नहीं मिल रहा। तो कालीबंगन से हमको जुते हुए खेत के
54:40 साक्ष्य मिले हैं। तो कालीबंगन भी पकड़ लेते हैं। बाकी मोहनजोदड़ोस सुर कोतदा लगाना नहीं है। तो एक और दो इसका सही उत्तर हो जाएगा। तो लोथल, कालीबंगन और रंगपुर लोथल, कालीबंगन और रंगपुर हम लोग इसका सही उत्तर लगा सकते थे। लोथल से हमको गोदीवाड़ा मिला है। लोथल से हमको अग्निवेदियां भी मिली हैं। है ना? लोथल से हमको अग्निवेदियां मिली हैं। और लोथल क्या है? गोदीवाड़ा। गोदीवाड़ा का मतलब क्या है? बंदरगाह है। गोदीवाड़ा का मतलब क्या है? बंदरगाह। सुरकोतदा से हमको मिली है घोड़े की अस्थियां। घोड़े की हड्डियां। प्रश्न पूछा जाए सुरकोतदा से क्या मिला है? घोड़े की
55:26 हड्डियां मिली है। अगला क्वेश्चन। चलो। कह रहा बूचड़खाना क्षेत्र का साक्ष्य प्राप्त हुआ है। बूचड़खाना। बूचड़खाना एक जगह है। जगह है कहां पर? बूचड़खाना जगह कहां पर है? तो आप कहेंगे जब आप उत्तर प्रदेश का इतिहास पढ़ेंगे तो उत्तर प्रदेश के इतिहास में आपको पशुवध स्थल प्रश्न मैंने बताया है। पशु वध स्थल उत्तर प्रदेश का जब आप मध्यपाषाण काल पढ़ेंगे। उत्तर प्रदेश का मध्यपाषाण काल जब आप पढ़ेंगे मध्यपाषाण काल तो उसमें मैं आपको बताता हूं मदाहा दमदमा
56:14 है ना आपको मैं बताता हूं मदाहा मदाहा दमदमा तो ये सब कहां पर आपको लगाने हैं उत्तर प्रदेश का प्रतापगढ़ ये क्या हो जाएगा उत्तर प्रदेश का प्रतापगढ़ है ना तो इसका इसका जो सही उत्तर है वो मादाहा है। मादाहा तो मादाहा से प्रतापगढ़ के मादा से आपको बूचड़खाना का साक्ष्य प्राप्त हुआ है। तो 22 का आंसर हो जाएगा ए है ना? आगे बढ़ाएंगे और सराय नाहर राय ये भी आपका प्रतापगढ़ में है। है ना? तो महा, दमदमा और सराय नाहर राय ये तीनों आपके प्रतापगढ़ में है। ठीक है? अगला क्वेश्चन हड़प्पा संस्कृत संस्कृति की पूर्वी सीमा
57:00 क्या थी? बताओ। हड़प्पा सभ्यता यानी सिंधु घाटी सभ्यता। सिंधु घाटी सभ्यता का सबसे पूर्वी क्षेत्र कौन सा है? तो सूत्र क्या बताया गया है? सूत्र बताया गया है उमपुआ द पशु। सूत्र क्या बताया गया है भैया? उमपुआ द पशु। है ना? तो अगर यह सूत्र याद रखेंगे उमपुआ दद पशु तो आपके क्वेश्चन पूरे के पूरे हो जाएंगे। उम पुआ दद पशु तो देखो भाई कैसे करते हैं उमपुआ द पशु तो उ का मतलब होता है उत्तर मा का मतलब होता है मांडा मांडा पड़ता है जम्मू कश्मीर में और चिनाब नदी के तट पर अगर आपसे क्वेश्चन पूछा जाए कि मांडा किस नदी के तट पर है? तो मांडा चिनाब नदी के
57:45 तट पर है। बच्चों मांडा किस नदी के तट पर है? तो मांडा चिनाब नदी के। तो पु का मतलब हो जाएगा पूरब और आ का मतलब हो जाएगा आलमगीरपुर। आ का मतलब हो जाएगा आलमगीरपुर। ये है आपका उत्तर प्रदेश के मेरठ में। और ये किस नदी के किनारे स्थित है? तो आप कहेंगे हिंडन नदी के किनारे। ये किस नदी के किनारे स्थित है भैया? हिंडन नदी के किनारे। द मतलब दक्षिण। दक्षिण और दा का मतलब दायमाबाद। दा का मतलब दक्षिण और दाएं का मतलब क्या? दायमाबाद। दायमाबाद कहां पर है मेरे भाई? तो आप कहेंगे महाराष्ट्र में। दायमाबाद कहां पर है मेरे बच्चों? तो आप कह देंगे महाराष्ट्र में। अब दायमाबाद अगर महाराष्ट्र में है तो किस नदी के किनारे
58:32 है? तो आप कहेंगे प्रवरा नदी के किनारे। या फिर प्रवरा ऑप्शन में ना आता है तो गोदावरी लगा देते हैं। जब प्रवरा ऑप्शन में नहीं आता बच्चों तो हम लोग क्या लगाते हैं? गोदावरी लगा देते हैं। यही क्वेश्चन पूछा जाए प मतलब हो जाएगा पश्चिम। तो पश्चिम में क्या भैया? सुतका गैंडोर। तो पश्चिम में सु लिखा है ना तो सु का हो जाएगा सुतका गैंडोर। तो सुतका गैंडोर कहां पर है? तो कहेंगे बलूचिस्तान। दक्षिणी बलूचिस्तान में है। दक्षिणी बलूचिस्तान और यह किस नदी के किनारे है? तो सुतका गैंडोर किस नदी के किनारे बसा हुआ था? तो आप कहेंगे दाश। क्या आंसर आ जाएगा? दाश नदी।
59:18 क्या आंसर आ जाएगा मेरे बच्चों? दाक नदी इसका सही उत्तर हो जाएगा। तो पूछा क्या था? पूर्वी। पूर्वी पूछा है तो लगा दिया हमने आलमगीरपुर। पूर्वी पूछा है बच्चों तो आलमगीरपुर लगा दिया। ठीक है ना? चलिए आगे बढ़ते हैं। अगला क्वेश्चन ऋग्वेद के किस मंडल से ऋग्वेद के किस मंडल में गायत्री मंत्र लिखा गया है? फटाफट बताओ जल्दी आंसर फटाक से बताओ और क्लास को एक बार बढ़िया से शेयर कर दो सभी लोग बच्चों। सभी लोग एक बार बढ़िया से क्लास को शेयर कर देंगे। है ना? मैं बता रहा हूं कि पूरे के पूरे नंबर आएंगे आपके इतिहास में। इतिहास में पूरे के पूरे नंबर आएंगे। कोई भी क्वेश्चन छोड़ के नहीं आओगे आप हमसे
1:00:06 पढ़ोगे तो ठीक है तो ऋग्वेद के कौन से मंडल में तो आप कहेंगे देखिए अगर हम लोग बात करें ऋग्वेद के ऋग्वेद में टोटल मंडल कितने हैं तो ऋग्वेद में टोटल आपके 10 मंडल हैं। 10 में से दो से लेकर सात तक के मंडल को हम लोग 2 3 4 5 6 और सात इसको हम लोग कहते हैं प्राचीन मंडल या परिवार मंडल या वंश मंडल के नाम से इसको जाना जाता है। तो प्रश्न पूछा जाए सबसे प्राचीन मंडल कौन सा है? तो 2 3 4 5 और छ और सात तो दो से लेकर सात तक के मंडल को। ठीक है ना? इसके
1:00:52 बाद यहीं पर प्रश्न आपसे पूछा जाएगा ऋग्वेद के तीसरे मंडल में क्या है? तो ऋग्वेद के तीसरे मंडल में गायत्री मंत्र है। ऋग्वेद के तीसरे मंडल में क्या है? गायत्री मंत्र है। ऋग्वेद में जो नवा मंडल है वो सोमदेव को समर्पित है। सोम देवता को समर्पित है। और जो दसवां मंडल है उसमें आपका पुरुष सूक्ति है। ऋग्वेद के 10वें मंडल में कौन सी सूक्ति पूछी जाए तो ऋग्वेद के 10वें मंडल में पुरुष सूक्ति है। कौन सूक्ति? पुरुष सूक्ति। और पुरुष सूक्ति में ही ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य, शूद्र का उल्लेख किया गया है। पुरुष सूक्ति में ही ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य और शूद्र का उल्लेख किया
1:01:39 गया है। तो शूद्रों का सबसे पहले उल्लेख सिर्फ एक बार किया गया है। शूद्रों का उल्लेख किस में? ऋग्वेद के 10वें मंडल में। है ना? तो नवा मंडल किसको समर्पित है? सोम देवता को। प्रश्न पूछा जाता है सोम देवता कौन से देवता हैं? तोम देवता कौन से देवता हैं? तो आप कहेंगे यह वनस्पतियों के देवता हैं। तोम देवता कौन से देवता हैं बच्चों? तो आप कहेंगे सर ये वनस्पतियों के देवता हैं। ऋग्वेद का तीसरा मंडल किसने लिखा है? तो आप कहेंगे विश्वामित्र ने। विश्वामित्र ने। ठीक है ना? जैसे तीसरा लिखा है विश्वामित्र ने। फिर वामदेव ने, फिर अत्री ने, फिर भारद्वाज ने, फिर वशिष्ठ ने, फिर कण ने, फिर अंगिरा
1:02:24 ने। इस प्रकार से आप देखेंगे सारे याद हो जाएंगे आपको। ठीक है ना? चलिए आगे बढ़ते हैं। नारायण के साथ विष्णु के तादातम्य का प्राचीनतम उल्लेख प्राप्त होता है कौन से ग्रंथ में? तो ये तो आसान है। अच्छा अगर आपसे पूछा जाए कि जो गायत्री मंत्र है वो किसको समर्पित है? तो सविता को। गायत्री मंत्र किसको समर्पित है? सविता या सावित्री? सविता या सावित्री जो सूर्य देव का भाग है। जो कि किसका भाग है भैया? जो कि सूर्य देव का भाग है। तो याद रखिएगा सविता या सावित्री आंसर लगाना है। और किसका भाग है ये? सूर्य का भाग है। तो नारायण नारायण। है ना? तो नारायण के साथ विष्णु के
1:03:11 तादातम्य का उल्लेख कहां पर मिलता है आपको? तो आप कहेंगे सर महाभारत में मिलता है। समझ में आ गया? नारायण को ही तो आपको पता है नारायण के साथ विष्णु तो विष्णु जी को या नारायण को ही तो कहा गया है कि इस संसार में जितनी भी चीजें हैं सर्वव्यापी एवं सभी को उत्पन्न करने वाला किसको बताया गया है? तादातम्य का मतलब क्या है? एक ऐसा व्यक्ति जिसने सबको बनाया है, सबको उत्पन्न किया है। बात समझ में आ रही है? हां। तो ये आपका आंसर हो जाएगा। बिल्कुल। चलिए तो इसका जो सही उत्तर हो जाएगा वो महाभारत हो जाएगा। तो महाभारत के शांति पर्व में आपने सुना होगा ना विष्णु जी ने बताया है या श्री कृष्ण ने बताया है। इस
1:03:57 संसार में जो भी चीज है वो सब मेरे अधीन है। इस संसार में जिसकी भी उत्पत्ति होती है, नाश होता है वो सब मेरे कारण ही होता है। है ना? मैं ही करता हूं। तो ये सब किस में है? महाभारत के शांति पर्व में। आपको इसका उल्लेख मिलेगा। महाभारत के शांति पर्व में बच्चों इसका उल्लेख मिलेगा। ठीक है ना? आप मैं बताऊं आपने सुना होगा ना नारद मुनि को यह कहते हुए कि नारायण नारायण नहीं वो ये नहीं कहते हैं वो कहते हैं नर नारायण नर नारायण ये कहते हैं क्योंकि इसका मतलब होता है नर नारायण नर नारायण ये होता है नारायण का मतलब हो गया विष्णु जी और नर का मतलब हो गया मनुष्य तो मनुष्य को
1:04:42 तब तक मोक्ष नहीं मिलेगा जब तक वह विष्णु जी का उपासक नहीं बनेगा और जो नारायण के उपासक होते हैं उनको हम लोग कहते हैं पांचरात्र। नारायण के जो उपासक होते हैं, है ना? उनको हम लोग क्या कहते हैं भैया? पांचरात्र कहते हैं। चलो इसके बारे में बाद में बात करेंगे। महाभारत कृष्ण द्वापायन वेदव्यास से संबंधित है। कृष्ण द्वापायन वेदव्यास से संबंधित है। इसमें 1 लाख श्लोक हैं। इसमें 1 लाख श्लोक हैं। 18 पर्व हैं। 18 पर्व हैं। जिसमें सबसे बड़ा आपका है भीष्म पर्व। जिसमें सबसे बड़ा आपका क्या है?
1:05:27 भीष्म पर्व है। 1 लाख श्लोक होने के कारण इसको सत सहस्त्री के नाम से जाना जाता है। सत सहस्त्री के ग्रंथ के नाम से इसको महाभारत को जाना जाता है। ठीक है? चलिए आगे बढ़ा जाए। बताओ। चलो तो यहां तक आपको सारी बातें क्लियर हैं। आगे बढ़ सकते हैं हम लोग। कौन सा वैदिक सूर्य देवता नहीं था? है ना? सविता, सावित्री ये सब क्या है भैया? सूर्य देवता से समर्पित है। यानी कि सूर्य देवता से संबंधित है। तो कह रहा है कि बताइए इसमें कौन सूर्य देवता संबंधित नहीं है? तो विष्णु उरुकम विष्णु उक्रम जो है वह सूर्य देवता से संबंधित नहीं है। है ना? क्योंकि विष्णु रुककरम विष्णु जी का नाम है और
1:06:14 बाकी सभी आपके चाहे सविता सावित्री विश्वकर्मा ये सब आपके सूर्य से ही संबंधित है। तो नॉर्मल सा क्वेश्चन हो गया। अब ये कह रहा है कनिष्क बौद्ध धर्म के किस संप्रदाय का अनुयाय था? कनिष्क जो था वो बौद्ध धर्म के किस संप्रदाय का अनुयाई था? अगर आप बौद्ध धर्म की संगीतियां पढ़े हो कभी। अगर आपने कभी बौद्ध धर्म की संगीति पढ़ी हो तो वहीं से क्वेश्चन आ जाता है। यदि यहां पर हम लोग बौद्ध संगीति देखें। यदि यहां पर हम लोग बौद्ध संगीति को देखें तो चार बौद्ध संगीति हुई थी। चार राजाओं के नेतृत्व में अका अक या अका अका ऐसे याद कर सकते हैं। अका अक याद कर लो या अका अका
1:06:59 याद कर लो। तो आ से क्या हो जाएगा? नंबर एक अजात शत्रु। पहली बौद्ध संगीति आजात शत्रु के समय हुई थी। दूसरा दूसरी बौद्ध संगीति कालाशोक के समय हुई थी। तीसरी बौद्ध संगीति अशोक के समय हुई थी। चौथी बौद्ध संगीति कनिष्क के समय हुई थी। और कनिष्क के समय ही बौद्ध धर्म का विभाजन हो गया था। बौद्ध धर्म का क्या हो गया था? विभाजन हो गया था। क्योंकि आपको पता होना चाहिए कि कनिष्क के समय कनिष्क के समय कश्मीर के कुंडलवन में कश्मीर के कुंडलवन में बौद्ध धर्म की चौथी संगीति हुई थी। कश्मीर के कुंडलवन में क्या हुई थी
1:07:45 बच्चों? बौद्ध धर्म की चौथी संगीति हुई थी। हां कि ना? और यहीं पर बौद्ध धर्म दो भागों में बंट गया था। हीनयान और महायान। हीनयान और महायान वर्तमान में सबसे ज्यादा क्या यूज किया जाता है? महायान और हीनयान क्या है? ये बुद्ध को ईश्वर नहीं मानते। ये बुद्ध को ईश्वर नहीं मानते। और इनकी मूर्ति पूजा नहीं करते। महायान बुद्ध को ईश्वर मानते हैं और बुद्ध की मूर्ति पूजा करते। है ना? तो कनिष्क क्या करता था? कनिष्क ने तो गौतम बुद्ध की बहुत सारी मूर्तियां बनवाई थी। मूर्तियां बनवाई थी। इसका मतलब
1:08:31 कनिष्क क्या हो जाएगा? महायान संप्रदाय का हो जाएगा। इसका मतलब कनिष्क किस संप्रदाय का हो जाएगा? महायान संप्रदाय का हो जाएगा। ओके? गुड। तो सारी बातें क्लियर हैं? मुंह से बोलो। सारी बातें क्लियर हैं। कोई दिक्कत तो नहीं हो रही है। क्वेश्चन नंबर आते हैं आठ में। पहली जैन संगीति आपको पता है जैसे बौद्ध धर्म की चार संगीति हुई हैं वैसे जैन धर्म की दो संगीति हुई हैं। वैसे जैन धर्म की कितनी संगीति हुई है बच्चा? दो संगीतियां हुई हैं। तो जैन धर्म की दो संगीति जैन संगीतियों की अगर हम लोग बात करें तो जैन संगीतियां दो हुई हैं। पहली आपकी जैन धर्म की संगीति पाटलिपुत्र में हुई थी और दूसरी आपकी वल्लभी गुजरात में हुई थी।
1:09:18 दूसरी आपकी कहां पर हुई थी बच्चों? वल्लभी गुजरात में हुई थी। तो पहली पाटलिपुत्र में हुई थी। उसमें अध्यक्ष कौन बनाए गए थे? तो अध्यक्ष बनाए गए थे आपके है ना स्थूलभद्र। अध्यक्ष कौन बनाए गए थे भैया? स्थूलभद्र बनाए गए थे। आपको पता है जैन धर्म दो भागों में बट गया था। जैन धर्म जो था वो दो भागों में बट गया था। एक था आपका श्वेतांबर और एक था आपका दिगंबर। तो जो दिगंबर थे वह कपड़े नहीं पहनते थे। वो वायुमंडल को ही अपना वस्त्र मानते थे कि वायुमंडल ही मेरा वस्त्र है और मैं कपड़ा नहीं पहनूंगा। तो आपको पता है स्थूलभद्र जो थे वो श्वेतांबर संप्रदाय के थे। श्वेतांबर संप्रदाय के गुरु थे और जो भद्रबाहु थे वो दिगंबर संप्रदाय के
1:10:07 गुरु थे। तो याद रखिएगा भद्रबाहु दिगंबर के थे और स्थूलभद्र श्वेतांबर के थे। अगला भगवान बुद्ध ने अपना पहला उपदेश कहां पर दिया? थोड़ा सा स्पीड से आंसर बताएंगे लोग। सभी विद्यार्थी मेरे भाई बंधु थोड़ा सा स्पीड से आंसर बताएंगे। थोड़ा सा अगर जल्दी-जल्दी आंसर बताएंगे तो अच्छा लगेगा। गौतम बुद्ध ने अपना पहला उपदेश देखो बोधगया में क्या हुई थी? बोधगया में ज्ञान प्राप्ति हुई थी। बोधगया में क्या हुई थी बच्चों? ज्ञान प्राप्ति हुई थी। कुशीनगर में गौतम बुद्ध की मृत्यु हुई थी। है ना? श्रावस्ती में बुद्ध ने सर्वाधिक उपदेश दिए थे। बुद्ध ने सर्वाधिक उपदेश दिए थे। बुद्ध ने सर्वाधिक उपदेश दिए थे। तो इसका
1:10:52 सही उत्तर क्या हो जाएगा? ऋषिपत्तन। क्यों? क्योंकि ऋषिपत्तन सारनाथ का प्राचीन नाम है। यह सारनाथ का प्राचीन नाम है। सारनाथ का प्राचीन नाम है। ऋषिपत्तन। जी हां, डी इसका सही उत्तर हो जाएगा। डी इज द राइट आंसर। अच्छा क्वेश्चन यह बताओ कि निर्वाण और महापरिनिर्वाण में अंतर क्या है? कोई मुझे बताएं निर्वाण और महापरिनिर्वाण में अंतर क्या है? निर्वाण का प्रतीक चिन्ह क्या है? और महापरिनिर्वाण का प्रतीक चिन्ह क्या है? कौन बताएगा? बताओ निर्वाण का प्रतीक चिन्ह क्या है? और महापरिनिर्वाण का प्रतीक चिन्ह क्या है? तो आप कहेंगे सर निर्वाण का मतलब होता है
1:11:41 इच्छाओं का त्याग। समझना निर्वाण का तात्पर्य होता है इच्छाओं का त्याग। यानी जीते जी कौन सी अवस्था प्राप्त की जा सकती है? निर्वाण। यानी एक व्यक्ति जीवित रहते हुए कौन सी अवस्था प्राप्त कर सकता है? कहेंगे निर्वाण। लेकिन मरने के बाद क्या प्राप्त किया जाता है? महापरिनिर्वाण। तो याद रखिएगा महापरिनिर्वाण मतलब होता है मृत्यु। और इसका मतलब होता है इच्छा का त्याग। और इसका जो चिन्ह होता है वह होता है पद चिन्ह। और इसका जो होता है वो होता है स्तूप। आपने देखे होगा जब आप किसी मंदिर में जाते हैं तो मंदिर में जाने के बाद भगवान के
1:12:26 ऐसे दो चरण बने होते हैं। देखा कभी? देखा होगा? भगवान की चरण पादुका रखी रहती है या फिर दो चरण बने होते हैं उस पर लोग फूल चढ़ाते हैं। हर मंदिर में हर एक चीज कोई ना कोई कुछ ना कुछ कहती है। जैसे जो पद चिन्ह है जैसे आप पद चिन्ह देखेंगे इसका मतलब होता है कि आप मंदिर में आप आए हैं तो इच्छाओं को त्याग दें। मंदिर की सीढ़ियों पर ही इच्छाओं को त्याग दें। लेकिन मनुष्य जो है वो बहुत अधर्मी है। वो जाता ही मंदिर इच्छा को लेकर है और वो उसी पैर पे सर रखकर कहता है हे प्रभु इस बार नौकरी दिला देना बड़ी मुश्किल से वैकेंसी आई है। समझे ना? क्या लगता है तुमको? ठीक
1:13:11 है। तो भगवान भी हंस रहे होंगे कि पद चिन्ह का मतलब है इच्छाओं का त्याग करना और यह उसी पर सर रखकर हमारी इच्छा मांग रहा है। हैं। चलो कह रहा है भगवती सूत्र किससे संबंधित है? तो भगवती सूत्र का संबंध है आपका जैन धर्म से। भगवती सूत्र का संबंध किस धर्म से है? तो भगवती सूत्र किताब है। जैसे पूछा जाता है कि बताइए 12 अंग। अंगों की संख्या कितनी है? 12 अंग 12 उपांग छह छेद सूत्र चार मूल सूत्र एक नंदीसूत्र एक अनुयोग सूत्र
1:13:59 अनुयोग सूत्र सूत्र भगवती भगवती सूत्र नया धम्म कहा परिशिष्ट परवन परिष्ट परवन बच्चों ये सब किससे संबंधित हैं? यह सब संबंधित हैं जैन धर्म से। आपसे पूछा जाए जैन धर्म में अंगों की संख्या कितनी है? प्रश्न पूछा जाए जैन धर्म में अंगों की संख्या कितनी है? 12 उप अंगों की संख्या कितनी है? 12 छेद सूत्र मूल सूत्र तो आप इसके सारे आंसर बता पाएंगे। तो भगवती सूत्र का संबंध किससे है? तो भगवती सूत्र ये किताब किससे संबंधित है? जैन धर्म से संबंधित है। बताओ आ गया आंसर।
1:14:44 बताओ बच्चों आंसर आ गया। बहुत बढ़िया। बहुत बढ़िया। सभी का उत्तर आ गया। अरे तुम लोग बहुत होशियार हो। है ना? चलो अगर हम क्वेश्चन यह पूछे कि भगवती सूत्र का दूसरा नाम क्या है? और इसकी रचना किसने की है? जल्दी सबसे पहले जैन साहित्य को क्या कहा जाता है? जैन साहित्य को आगम कहा जाता है। जैन साहित्य को क्या कहा जाता है? तो सबसे पहला क्वेश्चन जैन धर्म का जो साहित्य है उसे क्या कहा जाता है? तो जैन साहित्य को बच्चों आगम कहा जाता है। है ना? और पांचवा आगम है भगवती सूत्र। और ये जो भगवती सूत्र है इसको कहते हैं हम लोग विहाया प्रणति।
1:15:34 क्या कहते हैं बच्चों? विहाया प्रणति कहते हैं। विहाया प्रणति कहते हैं। तो धर्मास्वामी ने इसकी रचना की थी। सुधर्मास्वामी द्वारा इसकी रचना की गई है। सुधर्मास्वामी के द्वारा इस भगवती सूत्र की क्या की गई है बच्चों? रचना की गई है। जैन धर्म के जो साहित्य हैं उनकी जो भाषा है वो है आपकी प्राकृत। जैन धर्म की भाषा अगर आपसे पूछा जाए तो आप बताएंगे प्राकृत। आगे बढ़ें। मेगस्थनीज के लेखन में उल्लेखित एग्रोनोमोई कौन है? है ना? एग्रोनोमोई के बारे में कौन क्या है? तो मेगस्थनीज की पुस्तक का नाम है इंडिका। मेगसनीज की पुस्तक का नाम है इंडिका और
1:16:21 मेगस्थनीज चंद्रगुप्त मौर्य का दरबारी था। चंद्रगुप्त मौर्य के समय आया था। यह चंद्रगुप्त मौर्य के समय आया था। तो मेगस्थनीज चंद्रगुप्त मौर्य के समय आया था और यह नगर का अधिकारी है। ये क्या है भैया? एग्रोनोमोई की बात करें तो ये क्या है दोस्तों? यह नगर का अधिकारी है। है ना? आगे बढ़ा सकते हैं। तो ये कह सकते हैं एक और क्वेश्चन मेगस्थनीज कौन था? यह यूनानी यात्री था। तो ये भी प्रश्न पूछा जा सकता है कि भारत आने वाला पहला यूनानी यात्री कौन? भारत आने वाला पहला यूनानी यात्री कौन? तो आप कह देंगे मेगस्थनीज। और यही क्वेश्चन आपसे पूछ दिया जाए। बहुत बढ़िया। और यही क्वेश्चन आपसे पूछ दिया जाए कि
1:17:06 मेगस्थनीज को किसने भेजा था? तो सेल्यूकस निकेटर ने भेजा था। सेल्यूकस निकेटर द्वारा भेजा गया था। निकेटर ने भेजा था। ठीक है? क्योंकि सेल्यूकस निकेटर की पुत्री हेलना का विवाह चंद्रगुप्त मौर्य से हुआ था। सेल्यूकस निकेटर की पुत्री हेलना का विवाह किससे हुआ था? चंद्रगुप्त मौर्य से हुआ था। तो उसने क्या किया? दार्शनिक मांगे। तो चंद्रगुप्त मौर्य ने जब दार्शनिक मांगे तो सेल्यूकस ने क्या कर दिया? मेगस्थनीज को भेज दिया। अच्छा ये बताइए मेगस्थनीज का उत्तराधिकारी किसे कहते हैं? यानी मेगस्थनीज के बाद आने वाला दूसरा यूनानी यात्री कौन होगा? बताइए मेगस्थनीज का उत्तराधिकारी किसे कहते हैं? मेगस्थनीज का उत्तराधिकारी
1:17:52 यह प्रश्न अगर मैं आपसे पूछूं कि मेगस्थनीज का उत्तराधिकारी किसे कहते हैं? तो आपका उत्तर क्या आएगा? तो आपका उत्तर क्या आएगा भैया? बताइए। तो आपका उत्तर आएगा डायमेकस। मेकस नीज का उत्तराधिकारी कौन था? डायमेकस। और यह किसके समय आया था? तो बिंदुसार के समय आया था। किसके समय आया था भैया? चंद्रगुप्त मौर्य के बेटे बिंदुसार के समय आया था। ठीक है? अगर अभी तक आपने सेशन को लाइक ना किया हो तो सभी विद्यार्थियों से निवेदन रहेगा कि वो सेशन को थोड़ा सा लाइक करेंगे। आगे बढ़ेंगे। अगला क्वेश्चन। आगे बढ़ेंगे बच्चों। अगला क्वेश्चन अगला क्वेश्चन कह रहा है सीरिया का राजदूत डाईमेकस देखो यही क्वेश्चन आ
1:18:38 गया डाईमेकस किसके दरबार में आया था बिंदुसार के दरबार में आया था डाईमेकस किसके दरबार में आया था बिंदुसार के दरबार में अभी देखो मैंने यहां पे बताया है डाईमेकस क्या है डाईमेकस किसका उत्तराधिकारी है मेगस्थनीज का उत्तराधिकारी है यही क्वेश्चन पूछा जाता है कि बताइए ऐसा कौन सा राजा था जिसके सीरिया और मिस्र से अच्छे संबंध थे ऐसा कौन सा राजा राजा था जिसके सीरिया और मिस्र से अच्छे संबंध थे। तो सीरिया व मिस्र से अच्छे संबंध। तो सीरिया और मिस्र से अच्छे संबंध बिंदुसार के थे। सीरिया का राजा कौन था? तो आप कहेंगे एंटीओकस। देखो यहां लिखा होगा कहीं पे नहीं लिखा। सीरिया का राजा
1:19:24 कौन था? एंटीओकस। सीरिया के राजा एंटीओकस से बिंदुसार ने तीन चीजें मांगी थी। बिंदुसार ने तीन चीजें मांगी थी। बताइए कौन-कौन सी? बिंदुसार से तीन चीजें मांगी थी। बताइए कौन-कौन सी? नंबर एक, नंबर दो, नंबर तीन। और कौन सी चीज दी गई और कौन सी चीज नहीं दी गई? तो बिंदुसार ने सीरिया के राजा एंटीओकस से तीन चीजें वो कौन सी मांगी थी? तो आप कहेंगे मीठी मदिरा, सूखे अंजीर और दार्शनिक। क्या मांगी थी? मीठी मदिरा, सूखे अंजीर, अंजीर और दार्शनिक।
1:20:10 मीठी मदिरा, सूखे अंजीर और दार्शनिक जिसमें मदिरा दे दी गई, अंजीर दे दिए गए और दार्शनिक देने से मना कर दिया गया। और दार्शनिक देने से क्या कर दिया गया था? मना कर दिया गया था। ठीक है? याद रखेंगे। अगला क्वेश्चन देखते हैं। गुप्त संवत का मथुरा स्तंभ लेख संबंधित है। गुप्त संवत। सीधे-सीधे यह पूछ रहा है कि बताइए गुप्त संवत कर लेंगे या नहीं करेंगे? बताओ। गुप्त संवत 61 का मथुरा स्तंभ लेख किससे संबंधित है? यह पूछ रहा है गुप्त संवत 61 जल्दी से
1:20:56 जल्दी नहीं मालूम कठिन क्वेश्चन है नहीं मालूम सर नहीं मालूम नो सर अंधी मार रहे हैं स्कंदगुप्त डी हैं मोनी ने कहा है सर डी लगाइए अंधी मार रही हो चलो आंसर है इसका चंद्रगुप्त विक्रमादित्य तो याद रखिएगा इसका जो सही उत्तर है वो है चंद्रगुप्त विक्रमादित्य आपको पता होना चाहिए कि अगर मैं यह कहूं कि गुप्त संवत किसने चलवाया था अगर मैं कहूं कि गुप्त संवत शुरू किसने किया था तो गुप्त संवत शुरू किया था चंद्रगुप्त प्रथम ने गुप्त संवत शुरू किसने किया था? चंद्रगुप्त प्रथम ने। प्रश्न पूछा जाए शक
1:21:44 संवत किसने शुरू किया था? शक संवत किसने शुरू किया था? तो आप कहेंगे सर शक संवत शुरू किया था आपका कनिष्क ने। है ना? कनिष्क ने शुरू किया था। तो शक संवत शुरू किया गया था 78 ईस्वी में और यह शुरू किया गया था 320 ईसवी में। तो प्रश्न पूछा जाता है इनके बीच अंतर कितने का है? तो इनके बीच अंतर है 242 वर्षों का। 242 वर्षों का अंतर है। लेकिन यह कह रहा है गुप्त संवत 61 का मथुरा स्तंभ लेख। ये किससे संबंधित है? चंद्रगुप्त दृतिय से संबंधित है। और यहीं से पता चलता है कि मथुरा में बड़े-बड़े शिवलिंग बनाए गए थे। अर्थात मथुरा उस समय शैवधर्म था।
1:22:29 राजराज प्रथम की माता का क्या नाम था? बहुत इंपॉर्टेंट क्वेश्चन। और छोड़ने वाला क्वेश्चन। लेकिन अगर आप पढ़ेंगे हमसे तो फिर नहीं छोड़ेंगे। समझ रहे हो ना? तो राजराज प्रथम चोल साम्राज्य का पहला शक्तिशाली शासक माना जाता है। चोल साम्राज्य का पहला शक्तिशाली शासक चोल साम्राज्य का पहला शक्तिशाली शासक चोल साम्राज और राजराज प्रथम को गद्दी पर बिठाने पर उनकी माता का ही योगदान था। है ना? इसलिए अब इनके पिता का नाम था सुंदर चोल। इनके अगर पिता का नाम पूछा जाता तो पिता का नाम
1:23:15 क्या था? सुंदर चोल। इनके पिता का नाम पूछा जाता तो आप कहते सुंदर चोल। और माता का नाम पूछा जाएगा तो पंचवन महादेवियर। क्या भैया? पंचवन महादेवीर। पक्की बात है। सोच लो। नहीं। आंसर है वानवन महादेवी। वानवन महादेवी। हमने हमने पंचवन बोला। सब ने बी लगाना शुरू कर दिया। बहुत बढ़िया। अरे मेरे बच्चे तंजौर में जो राजराजेश्वर मंदिर है जिसको हम लोग ब्रह्मदीश्वर मंदिर कहते हैं। इसी ने तो बनवाया था। कितनी बार क्वेश्चन पूछा गया है कि बताइए तंजौर का राजराजेश्वर तंजौर का राजराजेश्वर मंदिर
1:24:02 या ब्रह्मदीश्वर जिसे कहते हैं ब्रह्मदीश्वर मंदिर का निर्माण किसने करवाया? तो आप कहेंगे राजराज प्रथम ने करवाया। खत्म। आगे गंगोंड की स्थापना की और गंगोंड चोलपुरम की उपाधि धारण की तो चोल वंश का सबसे महान शासक कौन राजेंद्र प्रथम तो राजेंद्र प्रथम ने गंगेयकोंड है ना चोलपुरम गंगोंड की उपाधि धारण की और गंगेयकोंड जो चोलपुरम नामक एक नगर भी बसाया ठीक है ना बहुत बढ़िया अब देखो सुनिएगा एक है राजतरंगिणी और एक एक है द्वितीय राजतरंगिणी। दोनों में अंतर है। एक है राजतरंगिणी और
1:24:49 एक है द्वितीय राजतरंगिणी। तो और दोनों में ही कश्मीर के इतिहास की जानकारी है। है कि नहीं? हां भैया राजतरंगिणी जो है उसके बाद द्वितीय राजतरंगिणी लिखी गई। तो जो राजतरंगिणी की यात्रा थी उसी को आगे बढ़ाकर द्वितीय राजतरंगिणी लिखी गई है। है ना? तो बताएंगे फटाक से। जल्दी बी कल्ह अच्छा
1:25:34 क्या ही बताऊं तुमको छोटे-छोटे क्वेश्चन और यह भी नहीं कर पा रहे हो और बनोगे सूरमा हैं बनोगे सूरमा देखिए राजतरंगिणी के लेखक राजतरंगिणी के लेखक कल्हड़ गीत गोविंद के लेखक जयदेव तृतीय राजतरंगिणी के लेखक तृतीय द्वितीय राज तरंगिणी के लेखक द्वितीय राज तरंगिणी के लेखक
1:26:20 और इन सब में कश्मीर का इतिहास है। इन सभी में इन सभी राजतरंगिणी में कश्मीर का इतिहास है। तो याद रखिएगा पहले राजतरंगिणी लिखी कल्हड़ ने और फिर कल्हड़ की मृत्यु हो गई तो द्वितीय राजतरंगिणी लिखी जॉनराज ने इनकी मृत्यु हो गई है ना और फिर तृतीय राजतरंगणी लिखी श्रीवर ने इनके शिष्य ने तो द्वितीय पूछा गया था तो आंसर हो जाएगा जोनराज अब याद रखोगे अब पहले दूसरे तीसरे तीनों के याद रखोगे चलो भाई अगला
1:27:06 क्वेश्चन नंबर 37 मध्य मध्यकालीन इतिहास से क्वेश्चन है। मध्यकालीन इतिहास से क्वेश्चन आने शुरू हो गए भाई। तो बताएंगे फटाक से मध्यकालीन इतिहास का क्वेश्चन। सर मेरे लिए तीनों क्वेश्चन है। मैं कहता हूं ना जब भी मेरी क्लास चले मैं कुछ भी पढ़ा रहा हूं। लेकिन अगर वो जीएस का है किसी भी चीज का हिस्ट्री, ज्योग्राफी, पॉलिटी, इकोनमी, साइंस, करंट अफेयर कुछ भी पढ़ा रहे हूं मैं। आप मेरी क्लास करिए। आपको हर बार नया-नया मिलेगा। हर बार ठीक है ना चलो तो कह रहा है इनको क्रम से लगाइए पहले कौन आया था बाद में कौन आया और उसके बाद में कौन आया तो आपको पता होना चाहिए सबसे पहले 712 ईस्वी में भारत पर हमला एक अरब के
1:27:54 मुसलमान मोहम्मद बिन कासिम ने किया था 712 ईस्वी में यानी मोहम्मद बिन कासिम सबसे पहले आएंगे इसका मतलब सी कट जाएगा और बी कट जाएगा फिर इसके बाद महमूद गजनवी आएगा तुर्की की हमला करेगा। तैमूर 1398 ईस्वी में आएगा और उसके पहले इल्तुतमिश के समय चंगेज खान भारत आ चुका होगा। है ना? इल्तुतमिश के समय चंगेज खान भारत की सीमा पर आ गया था। तो आप कहेंगे एक हो जाएगा। फिर दो हो जाएगा। फिर चार हो जाएगा। फिर तीन होगा। 1 2 4 3 होगा। क्या कह रहा है? निम्नलिखित शासकों के अच्छा शासनकाल पूछ रहा है बेटा यह क्या पूछ रहा है यह शासनकाल पूछ रहा है तो शासनकाल तो पहले मोहम्मद बिन कासिम आएगा
1:28:42 फिर महमूद गजनवी आएगा फिर चंगेज खान फिर तैमूर हैं क्योंकि तैमूर तो 1398 में आएगा ना तो क्या लगाते हैं एक सेकंड एक आएगा दो आएगा फिर चार आएगा फिर एक अच्छा ये ये गलत हो गया है ऑप्शन में थोड़ी सी गड़बड़ी हो गई है ऑप्शन में थोड़ी सी गड़बड़ी हो गई है। 1 2 4 फिर तीन आएगा। यहां पे यहां पर 1 2 4 और फिर क्या आएगा? तीन आएगा। ठीक है? ठीक। तो 1 2 4 और तीन हो गया।
1:29:38 हम कैसे करें इसको चलो अब सही है ना 1 2 4 और 3 यह हो गया इसका सही उत्तर हम चलो ठीक है। आगे बढ़ते हैं। अगला क्वेश्चन नंबर 38। क्वेश्चन नंबर 38 स्पीड से करेंगे बच्चे। स्पीड से करेंगे जल्दी-जल्दी। 60 क्वेश्चन है टोटल। टोटल कितने क्वेश्चन हैं? 60 क्वेश्चन। और 60ों के 60 एक साथ आपको बताने हैं। कह रहा पृथ्वीराज चौहान
1:30:26 ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती के समकालीन थे। ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती बेटा ये मोइनुद्दीन चिश्ती के बारे में आप जानते हो? अजमेर शरीफ दरगाह सुनी है। अजमेर शरीफ हां तो ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती पहली बात तो याद रखिएगा जो मोइनुद्दीन चिश्ती हैं। मोइनुद्दीन चिश्ती इनकी दरगाह कहलाती है अजमेर शरीफ। इनकी दरगाह कहलाती है अजमेर शरीफ। अब जरा सुनने की कोशिश करना और अच्छे से समझ में आएगा चीजें। मोइनुद्दीन चिश्ती भारत आए थे मोहम्मद गौरी के साथ। किसके साथ आए थे? ये मोहम्मद गौरी के साथ भारत आए।
1:31:12 के साथ भारत आए। तो पहली बात है ना? पहली बात और मोहम्मद गौरी की लड़ाई हुई थी पृथ्वीराज चौहान से। मोहम्मद गौरी की लड़ाई हुई थी पृथ्वीराज चौहान से। दो युद्ध हुए। तराइन का प्रथम और तराइन का द्वितीय। तराइन का प्रथम युद्ध और तराइन का द्वितीय युद्ध। तो तराइन का प्रथम युद्ध 1191 और 1192। इसमें पृथ्वीराज जीता और दूसरे वाले में हारा। पृथ्वीराज चौहान जीता और इसमें मोहम्मद गौरी जीता।
1:31:57 पक्की बात है। हां कि ना? यानी कि अगर पृथ्वीराज चौहान मोहम्मद गौरी के समकालीन है तो और मोहम्मद गौरी के साथ मोइनुद्दीन चिश्ती आए थे। मतलब ये भी इसके समकालीन होंगे। यानी यह वाला आंसर आपका सही है। गयासुद्दीन तुगलक ने शेख निजामुद्दीन औलिया को कहा था कि चुपचाप दिल्ली छोड़कर चले जाओ। तो निजामुद्दीन औलिया ने कहा था हुनूज दिल्ली दूर अस्त से दिल्ली अभी बहुत दूर है। तो आप कहेंगे दोनों ही सही हैं। आप कहेंगे बच्चों दोनों ही इसके आंसर सही हैं। दोनों अरे यार दोनों ही बच्चों इसके आंसर क्या हो जाएंगे? सही हो जाएंगे। ठीक है? अगला क्वेश्चन करेंगे। कुवत उल इस्लाम
1:32:43 मस्जिद जो उत्तर भारत की पहली मस्जिद है। जो उत्तर भारत की पहली मस्जिद है। उत्तर भारत की पहली मस्जिद विष्णु मंदिर को तोड़कर बनाई गई थी। विष्णु मंदिर को बच्चों तोड़कर बनाई गई थी कुतुबुद्दीन ऐबक के द्वारा और एक बार नहीं कई बार बता चुका हूं। और एक बार नहीं कई बार बता चुका हूं। कुतुबुद्दीन ऐबक ने अजमेर में क्या बनवाया था? 2ाई दिन का झोपड़ा। क्वेश्चन पूछा जाता है कि अजमेर में 2ाई दिन का झोपड़ा किसने बनवाया था? अजमेर का अजमेर में 2ाई दिन का झोपड़ा। अजमेर में 2ाई दिन का झोपड़ा। कुतुबुद्दीन
1:33:30 ऐबक ने गुलाम वंश या दिल्ली सल्तनत की स्थापना की थी। गुलाम वंश या दिल्ली सल्तनत की स्थापना की थी। गुलाम वंशिया दिल्ली सल्तनत का यह क्या था मेरे भाई? संस्थापक था। ये बताओ इनमें से इनमें से हातिम सेकंड के नाम से किसको जाना जाता है? किसको कहते हैं? हातिम सेकंड। देखो एक तो आपने बचपन में देखा होगा हातिम ताई जो सात सवालों के जवाब ढूंढने निकलता है। तो इसी के कारण हातिम सेकंड किसको कहते हैं? तो इसको हम लोग हातिम सेकंड कहते हैं। कई बार क्वेश्चन पूछा गया है। हातिम सेकंड किसे कहते हैं? इसे किसे? कुतुबुद्दीन ऐबक को। लाखों का दान करने के कारण लाख बख्श
1:34:15 कहते हैं। लाखों का दान। बचपन में बहुत तेज स्वर में कुरान पढ़ता था। इसलिए इसको कुरान खान कहते हैं। कुरान खान के नाम से भी जाना जाता है। कुतुबुद्दीन ऐबक ने है ना क्या भैया? कुतुबुद्दीन ऐबक ने कुतुब मीनार का कार्य शुरू करवाया। कुतुब मीनार का कार्य शुरू करवाया। किसकी याद में? यह बताना है। कुतुब मीनार का कार्य कुतुबुद्दीन ऐबक ने किसकी याद में शुरू कराया था? कोई बताएगा? तो आप कहेंगे एक सूफी संत शेख कुतुबुद्दीन बख्तियार काकी। क्या बच्चों
1:35:03 शेख
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