ये 1 Strategy आपकी Sales हमेशा के लिए बदल देगी | Audiobook | Gap Selling | Book Summary

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संक्षिप्त सारांश

यह वीडियो गैप सेलिंग के आठ शक्तिशाली पाठों पर प्रकाश डालता है, जो उत्पाद बेचने के बजाय समस्या-समाधान पर ध्यान केंद्रित करते हैं। यह ग्राहकों की वर्तमान स्थिति और भविष्य की आकांक्षाओं के बीच की खाई को उजागर करने, समस्या-केंद्रित दृष्टिकोण अपनाने और आपत्तियों को दूर करने के महत्व पर जोर देता है। वीडियो रिश्तों के बजाय समस्याओं को हल करने पर ध्यान केंद्रित करने और बिना दबाव के बिक्री को बंद करने की कला पर भी प्रकाश डालता है।

  • गैप सेलिंग ग्राहकों की वर्तमान स्थिति और भविष्य की आकांक्षाओं के बीच की खाई को उजागर करने पर केंद्रित है।
  • समस्या-केंद्रित दृष्टिकोण ग्राहकों की समस्याओं को समझने और समाधान प्रदान करने पर जोर देता है।
  • आपत्तियों को दूर करने के लिए गैप सेलिंग का उपयोग करके, आप ग्राहक को कार्रवाई करने के लिए प्रेरित कर सकते हैं।
  • रिश्तों के बजाय समस्याओं को हल करने पर ध्यान केंद्रित करने से बिक्री में सफलता मिलती है।
  • बिना दबाव के बिक्री को बंद करने की कला ग्राहकों को खुद ही उत्पाद खरीदने के लिए प्रेरित करती है।

गैप सेलिंग क्या है?

गैप सेलिंग एक ऐसी तकनीक है जो ग्राहकों को उत्पाद के फीचर्स बताने के बजाय उनकी वर्तमान समस्याओं और भविष्य की संभावनाओं पर ध्यान केंद्रित करती है। यह तकनीक ग्राहकों को उनकी वर्तमान स्थिति और भविष्य की आकांक्षाओं के बीच की खाई को दिखाती है, जिसे "गैप" कहा जाता है। गैप सेलिंग का लक्ष्य इस गैप को इतना स्पष्ट और बड़ा बना देना है कि ग्राहक खुद ही बदलाव की आवश्यकता महसूस करें। उत्पाद बेचने के बजाय, गैप बेचें, क्योंकि ग्राहक फीचर्स और कीमत को भूल जाते हैं, लेकिन समस्या के दर्द और समाधान की राहत को हमेशा याद रखते हैं।

समस्या-केंद्रित दृष्टिकोण

उत्पाद-केंद्रित सेलिंग में, विक्रेता उत्पाद के फीचर्स और लाभों पर ध्यान केंद्रित करते हैं, जबकि समस्या-केंद्रित सेलिंग में, विक्रेता ग्राहक की समस्याओं को समझने और उन्हें हल करने पर ध्यान केंद्रित करते हैं। गैप सेलिंग समस्या-केंद्रित दृष्टिकोण का उपयोग करता है, जिसमें ग्राहक की समस्या को पहचानना, दर्द को सामने लाना और समाधान के माध्यम से जीवन को आसान बनाने के तरीके को बताना शामिल है। उदाहरण के लिए, सीआरएम सॉफ्टवेयर बेचते समय, समस्या-केंद्रित विक्रेता यह पूछेगा कि क्या ग्राहक की सेल्स टीम डेटा एंट्री में घंटों खर्च करती है और रिपोर्ट में गलतियाँ होती हैं, और फिर यह बताएगा कि सॉफ्टवेयर डेटा एंट्री को 80% तक कम कर सकता है और रियल-टाइम रिपोर्ट तैयार कर सकता है।

वर्तमान स्थिति की गहराई से समझ

गैप सेलिंग में, ग्राहक की वर्तमान स्थिति को गहराई से समझना महत्वपूर्ण है। इसके लिए, ग्राहक से ऐसे सवाल पूछें जो उन्हें अपनी समस्याओं को जोर से बोलने और महसूस करने के लिए प्रेरित करें। उदाहरण के लिए, यदि आप अकाउंटिंग सॉफ्टवेयर बेच रहे हैं, तो आप पूछ सकते हैं कि आपकी टीम हर महीने रिपोर्ट बनाने में कितना समय खर्च करती है, गलतियों के कारण आपको कितना जुर्माना या नुकसान हुआ है, और क्या कभी डेटा लेट आने के कारण कोई बड़ा बिजनेस डिसीजन मिस हो गया है। जब ग्राहक इन सवालों के जवाब देते हैं, तो वे खुद महसूस करने लगते हैं कि उनकी वर्तमान स्थिति खराब है, और वे बदलाव की तरफ कदम बढ़ाने के लिए तैयार हो जाते हैं।

भविष्य की स्थिति की तस्वीर दिखाना

गैप सेलिंग में, ग्राहक को भविष्य की स्थिति की तस्वीर दिखाना महत्वपूर्ण है, ताकि वे बेहतर कल की कल्पना कर सकें। इसके लिए, ग्राहक को विजुअलाइज कराएं, कहानी सुनाएं, और नंबर और रिजल्ट बताएं। उदाहरण के लिए, यदि आप मार्केटिंग टूल बेच रहे हैं, तो आप कह सकते हैं कि अभी आपकी टीम हर हफ्ते 100 लीड्स निकालने में 20 घंटे खर्च करती है और फिर भी आधी लीड्स बेकार निकलती हैं, लेकिन अगर यही प्रोसेस ऑटोमेटिक हो जाए, तो आपकी टीम सिर्फ 5 घंटे लगाए और हर हफ्ते 500 क्वालिफाइड लीड्स तैयार हों, तो आपकी सेल्स कितनी बढ़ेंगी। जितना स्पष्ट और विजुअल आप भविष्य की स्थिति दिखाएंगे, उतना ही ग्राहक का मन बोलेगा कि हां, मुझे यह बदलाव अभी चाहिए।

गैप की वैल्यू

गैप सेलिंग में, गैप को इतना बड़ा और स्पष्ट बनाना महत्वपूर्ण है कि ग्राहक के पास ना कहने का कोई कारण ही ना बचे। इसके लिए, नुकसान गिनाइए, समय दिखाइए, और इमोशन जगाइए। उदाहरण के लिए, यदि आप साइबर सिक्योरिटी सॉफ्टवेयर बेच रहे हैं, तो आप कह सकते हैं कि अभी आपके पास हर हफ्ते 10,000 से ज्यादा अटैक आते हैं और अगर एक भी बड़ा अटैक सफल हो गया तो आपको करोड़ों का नुकसान हो सकता है, लेकिन हमारा सॉल्यूशन इसे 95% तक रोक देगा। गैप जितना बड़ा दिखेगा, ग्राहक के लिए बदलाव उतना ही अनिवार्य लगेगा।

आपत्तियों को दूर करने का नया तरीका

गैप सेलिंग में, आपत्तियों को दूर करने के लिए, उन्हें बहस नहीं बल्कि गैप पर वापस जाने का रास्ता समझें। सबसे आम आपत्तियां और उनके गैप सेलिंग जवाब इस प्रकार हैं: यह बहुत महंगा है (लेकिन अगर अभी आपकी टीम की 30% प्रोडक्टिविटी खराब हो रही है और सालाना 10 लाख का नुकसान हो रहा है तो क्या यह सॉल्यूशन उस नुकसान से छोटा या बड़ा है?), अभी टाइम नहीं है (लेकिन क्या आपने सोचा कि जितना आप देर करेंगे उतना ही नुकसान बढ़ेगा?), और हम पहले से किसी और का इस्तेमाल कर रहे हैं (क्या वो टूल आपकी वर्तमान सभी समस्याएं पूरी तरह हल कर रहा है? अगर नहीं, तो यही गैप है जिसे हम भर सकते हैं)।

रिलेशनशिप वर्सेस प्रॉब्लम

गैप सेलिंग में, ग्राहक दोस्ती से नहीं, समाधान से खरीदता है। रिलेशनशिप जरूरी है, क्योंकि यह आपको एक्सेस देता है और ग्राहक आपसे खुलकर बात करता है, लेकिन डील क्लोज तभी होगी जब आप उसकी प्रॉब्लम और गैप को गहराई से समझकर उसे सॉल्व करने का रास्ता दिखाएंगे। रिलेशनशिप दरवाजा खोलने की चाबी है, जबकि प्रॉब्लम सॉल्विंग अंदर घुसकर डील जीतने का हथियार है।

पुशिंग के बिना क्लोजिंग

गैप सेलिंग में, क्लोजिंग का मतलब धक्का देना नहीं है, बल्कि ऐसा गैप बनाना है कि ग्राहक खुद कहे कि मुझे यह बदलाव अभी चाहिए। जब आप शुरुआत से ग्राहक को उसकी वर्तमान स्थिति, आज की परेशानी और भविष्य की स्थिति का फर्क दिखाते हैं, और जब आप गैप को इतना बड़ा बना देते हैं कि उसका दर्द और नुकसान साफ नजर आए, तो क्लोजिंग अपने आप हो जाती है।

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Transcript

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0:00 क्या आपने कभी ऐसा महसूस किया है कि आप ग्राहक को अपने प्रोडक्ट के बारे में सब कुछ बता देते हैं? फीचर्स, प्राइस, फायदे। लेकिन फिर भी वह बोलता है सोच कर बताऊंगा या अभी टाइम नहीं है। असलियत यह है कि लोग प्रोडक्ट नहीं खरीदते। वो खरीदते हैं अपनी समस्या का समाधान और यही राज खोलती है कि इनकी मशहूर किताब गैप सेलिंग। इस किताब ने सेल्स की दुनिया को एकदम पलट दिया है। आज मैं आपको बताऊंगा इसके आठ सबसे दमदार लेसन जो सिखाएंगे कि कैसे आप प्रोडक्ट बेचने के बजाय प्रॉब्लम बेचकर डील क्लोज कर सकते हैं। तो वीडियो को आखिर तक देखिएगा क्योंकि हर लेसन आपके सोचने का तरीका बदल देगा। चलिए शुरू करते हैं। वन गैप सेलिंग

0:48 क्या है? सोचिए। आपके सामने दो शहर हैं। एक शहर है आज का जहां ट्रैफिक जाम, गड्ढे और टूटे पुलों से भरा हुआ है। दूसरा शहर है भविष्य का जहां चौड़ी सड़कें हैं। मेट्रो है और हर चीज स्मूथली चल रही है। अब अगर कोई आपसे पूछे आप कहां रहना चाहेंगे? जाहिर है आप तुरंत कहेंगे भविष्य के शहर में। यही है गैप सेलिंग का पहला सबक। ज्यादातर सेल्स पर्सन क्या करते हैं? वे सीधे अपने प्रोडक्ट के फीचर्स गिनवाना शुरू कर देते हैं। हमारा सॉफ्टवेयर तेज है। हमारी मशीन बिजली बचाती है। हमारी सर्विस सबसे अच्छी है। लेकिन सच कहूं तो ग्राहक को इससे फर्क ही नहीं पड़ता। ग्राहक सिर्फ एक चीज चाहता है। अपनी

1:35 मौजूदा समस्याओं से बाहर निकलना और बेहतर भविष्य पाना। गैप सेलिंग कहता है ग्राहक की करंट स्टेट यानी आज की परेशानियां और फ्यूचर स्टेट यानी कल की संभावनाएं को सामने रखो और फिर दिखाओ कि इन दोनों के बीच जो दूरी है वही है द गैप। आपकी सेल्स का असली काम है इस गैप को इतना क्लियर और बड़ा बना देना कि ग्राहक खुद बोले हां मुझे यह बदलाव चाहिए। तो याद रखिए प्रोडक्ट मत बेचो गैप बेचो। क्योंकि फीचर और प्राइस भूल जाते हैं। लेकिन समस्या का दर्द और समाधान की राहत हमेशा याद रहती है। अब सवाल यह है यह गैप पकड़ते कैसे हैं? ग्राहक की असली समस्या सामने कैसे आती है? यही जानेंगे अगले सेगमेंट में। दो

2:22 प्रॉब्लम सेंट्रिक अप्रोच। एक छोटा सा सवाल। अगर आपको भूख लगी है और मैं आपके सामने 20 तरह के स्वादिष्ट व्यंजनों के नाम गिनाना शुरू कर दूं। पनीर टिक्का, पास्ता, बिरयानी, पिज़्ज़ा। तो क्या खरीद लेंगे? शायद नहीं। लेकिन अगर मैं पूछूं भाई आपको भूख कितनी लगी है? कुछ खाया क्या? और फिर आपके मूड के हिसाब से खाना परोस दूं? तो यही फर्क है प्रोडक्ट सेंट्रिक और प्रॉब्लम सेंट्रिक सेलिंग का। पुराने जमाने की सेलिंग थी प्रोडक्ट सेंट्रिक। मतलब सेल्स पर्सन आते थे और प्रोडक्ट का लंबा चौड़ा डिस्क्रिप्शन सुनाते थे। हमारी मशीन सबसे तेज है। इसमें 10 नए फीचर है। मार्केट में सबसे एडवांस

3:09 है। लेकिन ग्राहक सोचता था मुझे इससे फायदा क्या होगा? मेरी समस्या कहां सुलझेगी? गैप सेलिंग कहता है खेल बदलो। ग्राहक की समस्या पकड़ो। दर्द को सामने लाओ और बताओ कि आपकी सॉल्यूशन से उसकी लाइफ कैसे आसान होगी। उदाहरण के लिए मान लीजिए आप एक सीआरएम सॉफ्टवेयर बेच रहे हैं। प्रोडक्ट सेंट्रिक सेल्स पर्सन कहेगा हमारे सीआरएम में 50 नए फीचर्स हैं। डैशबोर्ड कलरफुल है और रिपोर्ट्स ऑटोमेटिक बनती है। लेकिन प्रॉब्लम सेंट्रिक सेल्स पर्सन कहेगा क्या आपकी सेल्स टीम रोज डाटा एंट्री में घंटों खर्च करती है? और फिर भी रिपोर्ट्स गड़बड़ाती है। सोचिए अगर वही डाटा एंट्री 80% तक कम हो जाए और

3:54 रिपोर्ट्स खुद ब खुद रियल टाइम में तैयार हो तो आपकी टीम कितना ज्यादा बेच पाएगी। देखा फर्क। पहले वाले ने प्रोडक्ट बेचा। दूसरे वाले ने प्रॉब्लम का हल बेचा और याद रखिए ग्राहक प्रोडक्ट नहीं खरीदता। वह अपनी प्रॉब्लम से छुटकारा खरीदता है तो आपकी सेल्स पिच जितनी प्रॉब्लम सेंट्रिक होगी उतनी ही पक्की होगी। अब सवाल उठता है ग्राहक की करंट प्रॉब्लम का पता कैसे लगाया जाए? कौन से सवाल पूछे ताकि सामने वाला खुलकर अपनी तकलीफें बताएं? यही जानेंगे अगले सेगमेंट में। तीन करंट स्टेट की गहराई से समझ। मान लीजिए आप डॉक्टर के पास गए और डॉक्टर बिना पूछे सीधे दवाई पकड़ा कर बोले, लो खा लो इससे सब ठीक हो

4:41 जाएगा। आपका रिएक्शन क्या होगा? शायद आप सोचेंगे। भाई मेरी तकलीफ सुने बिना दवाई कैसे लिख दी? सेल्स भी बिल्कुल वैसी ही है। अगर आप ग्राहक की करंट स्टेट नहीं समझते तो आपका प्रोडक्ट भी उसी बिना सुने दी गई दवाई जैसा लगेगा। इसलिए गैप सेलिंग का पहला असली स्टेप है ग्राहक की वर्तमान स्थिति को गहराई से समझना। कैसे? सवाल पूछकर। लेकिन सिर्फ हाना वाले सवाल नहीं बल्कि ऐसे सवाल जिनसे ग्राहक खुद अपनी मुश्किलें जोर से बोले और महसूस करें। उदाहरण के लिए अगर आप अकाउंटिंग सॉफ्टवेयर बेच रहे हैं तो सीधे मत कहिए क्या आप हमारा सॉफ्टवेयर खरीदना चाहेंगे? बल्कि ऐसे सवाल कीजिए आपकी टीम हर महीने रिपोर्ट

5:28 बनाने में कितना टाइम खर्च करती है? गलतियों की वजह से आपको कितना फाइन या लॉस झेलना पड़ा है? क्या कभी ऐसा हुआ है कि डाटा लेट आने की वजह से बड़ा बिजनेस डिसीजन मिस हो गया हो? जैसे ही ग्राहक इन सवालों के जवाब देने लगता है, वह खुद महसूस करने लगेगा कि हां मेरी मौजूदा हालत सच में खराब है। याद रखिए जब तक ग्राहक खुद अपनी समस्या का दर्द महसूस नहीं करता, वह कभी बदलाव की तरफ कदम नहीं बढ़ाएगा। और यही है आपकी ताकत। ग्राहक को उसकी करंट स्टेट का आईना दिखाना। अब अगला सवाल यह उठता है ग्राहक को करंट स्टेट की तकलीफ तो समझा दी लेकिन फ्यूचर स्टेट यानी बेहतर कल की तस्वीर कैसे दिखाएं क्योंकि बिना

6:13 उज्जवल भविष्य के वादे के ग्राहक आधे रास्ते पर ही रुक जाएगा। यही जानेंगे अगले सेगमेंट में फॉर फ्यूचर स्टेट की तस्वीर दिखाना। जरा कल्पना कीजिए। आप रात को सोने से पहले सोचते हैं। काश मेरी टीम का काम थोड़ा आसान हो जाए। काश मेरे बिजनेस में कम गड़बड़ियां हो। काश मेरे पास ज्यादा मुनाफा और खाली टाइम हो। और अगली सुबह वह काश हकीकत बन जाए। यही है फ्यूचर स्टेट की ताकत। गैप सेलिंग कहता है सेल्स पर्सन का असली रोल सिर्फ ग्राहक की तकलीफ दिखाना नहीं है बल्कि उसे यह दिखाना है कि बिना समस्या वाली दुनिया कितनी खूबसूरत हो सकती है। कैसे दिखाएं फ्यूचर स्टेट उसे

6:58 विजुअलाइज कराइए। कहानी सुनाइए, नंबर और रिजल्ट बताइए। मान लीजिए आप मार्केटिंग टूल बेच रहे हैं। आप कह सकते हैं अभी आपकी टीम हर हफ्ते 100 लीड्स निकालने में 20 घंटे खर्च करती है और फिर भी आधी लीड्स बेकार निकलती है। लेकिन सोचिए अगर यही प्रोसेस ऑटोमेटिक हो जाए। आपकी टीम सिर्फ 5 घंटे लगाएं और हर हफ्ते 500 क्वालिफाइड लीड्स तैयार हो तो आपके सेल्स कितने बढ़ेंगे? या फिर अगर आप हेल्थ प्रोग्राम बेच रहे हैं। तो कह सकते हैं अभी आपको हर रोज थकान महसूस होती है। नींद पूरी नहीं होती और काम का प्रेशर दिमाग खा जाता है। लेकिन सोचिए अगर आपकी नींद गहरी हो एनर्जी लेवल हमेशा हाई रहे और दिन भर आप फोकस्ड

7:45 रहें तो आपकी परफॉर्मेंस कहां तक जा सकती है? देखा फर्क। यहां आप सिर्फ प्रोडक्ट नहीं बेच रहे बल्कि ग्राहक के दिमाग में उसका सपना उकेर रहे हैं। याद रखिए जितना क्लियर और विजुअल आप फ्यूचर स्टेट दिखाएंगे उतना ही ग्राहक का मन बोलेगा। हां, मुझे यह बदलाव अभी चाहिए। अब सवाल यह है ग्राहक की करंट स्टेट और फ्यूचर स्टेट के बीच जो दूरी है यानी द गैप उसे कैसे इतना बड़ा और मजबूत बनाया जाए कि ग्राहक तुरंत एक्शन ले। यही जानेंगे अगले सेगमेंट में फाइव गैप की वैल्यू। सोचिए आपके जूते में एक छोटा सा पत्थर फंसा है। शायद थोड़ा चुभेगा। लेकिन आप कहेंगे चलो अभी तो सहन कर लूं। लेकिन

8:30 अगर वही पत्थर बड़ा हो जाए और हर कदम पर दर्द दे तो आप तुरंत जूता उतारेंगे और उसे निकालेंगे। यही फर्क है छोटे और बड़े गैप का। ग्राहक भी बिल्कुल ऐसा ही सोचता है। अगर गैप छोटा है यानी मौजूदा परेशानी ज्यादा बड़ी नहीं लगती तो वह कहेगा अभी की झंझट चल सकती है। बदलने की जरूरत नहीं। लेकिन जब गैप बड़ा हो जाता है। जब उसे दिखता है कि अगर अभी नहीं बदला तो नुकसान बढ़ता ही जाएगा। तब वह तुरंत एक्शन लेता है। आपका काम क्या है? गैप को इतना बड़ा और क्लियर बनाना कि ग्राहक के पास ना कहने का कोई कारण ही ना बचे। कैसे? नुकसान गिनाइए। अगर आपने अभी सॉल्यूशन नहीं लिया

9:16 तो अगले 6 महीने में आपको इतना लॉस होगा। समय दिखाइए। अभी आप हर हफ्ते 20 घंटे बर्बाद कर रहे हैं। साल भर में यह 1000 घंटे से भी ज्यादा हो जाते हैं। इमोशन जगाइए। क्या आपको लगता है कि आपकी टीम की मेहनत का 50% सिर्फ गलतियों को सुधारने में चला जाता है? मान लीजिए आप साइबर सिक्योरिटी सॉफ्टवेयर बेच रहे हैं। अगर आप सिर्फ कहें हमारा सॉफ्टवेयर अच्छा है। आपकी कंपनी को सेफ रखेगा तो ग्राहक शायद इग्नोर कर दे। लेकिन अगर आप कहें अभी आपके पास हर हफ्ते 10,000 से ज्यादा अटैक आते हैं और अगर एक भी बड़ा अटैक सफल हो गया तो आपको करोड़ों का नुकसान हो सकता है। लेकिन हमारा सॉल्यूशन इसे 95% तक रोक देगा। अब

10:05 बताइए कौन सा मैसेज ज्यादा असरदार लगेगा? यही है गैप की वैल्यू। गैप जितना बड़ा दिखेगा, ग्राहक के लिए बदलाव उतना ही अनिवार्य लगेगा। अब सवाल उठता है जब आप गैप बड़ा दिखाते हैं तो ग्राहक अक्सर ऑब्जेक्शंस देता है। अभी बजट नहीं है, महंगा है, टाइम नहीं है तो इन आपत्तियों से कैसे निपटे यही जानेंगे अगले सेगमेंट में। चेकक्स ऑब्जेक्शंस को दूर करने का नया तरीका। सोचिए आप जिम ट्रेनर हैं। क्लाइंट से कहते हैं आपको फिटनेस प्रोग्राम ज्वाइन करना चाहिए। वह कहता है अभी टाइम नहीं है। अब अगर आप बहस करने लगे नहीं टाइम तो आपको निकालना ही पड़ेगा। तो क्लाइंट नाराज हो जाएगा। लेकिन अगर आप काम

10:52 कहे समझ गया आपके पास टाइम की कमी है। लेकिन क्या आपने सोचा है कि इसी कमी की वजह से आपकी सेहत और बिगड़ रही है। अगर अभी बदलाव नहीं किया तो बाद में अस्पताल में मजबूरी में और ज्यादा टाइम देना पड़ेगा। अब देखिए ऑब्जेक्शन एक डिस्कशन में बदल गया। यही गैप सेलिंग का असली तरीका है। ऑब्जेक्शन को बहस नहीं बल्कि गैप पर वापस जाने का रास्ता समझो। सबसे आम ऑब्जेक्शंस और उनका गैप सेलिंग जवाब। यह बहुत महंगा है। जवाब सही है। अभी यह निवेश बड़ा लग रहा होगा। लेकिन अगर अभी आपकी टीम की 30% प्रोडक्टिविटी खराब हो रही है और सालाना 10 लाख का नुकसान हो रहा है तो क्या यह सॉल्यूशन उस नुकसान से छोटा या

11:38 बड़ा है? अभी टाइम नहीं है। जवाब समझ सकता हूं। अभी आप बिजी हैं। लेकिन क्या आपने सोचा कि जितना आप देर करेंगे उतना ही नुकसान बढ़ेगा। अगर आज से 3 महीने बाद आपने कदम उठाया तो तब तक आप कितना खो देंगे? हम पहले से किसी और का इस्तेमाल कर रहे हैं। जवाब बहुत अच्छा। क्या वो टूल आपकी वर्तमान सभी समस्याएं पूरी तरह हल कर रहा है? अगर हां तो ठीक। लेकिन अगर अब भी आपकी टीम समय बर्बाद कर रही है या एरर आ रहे हैं तो यही गैप है जिसे हम भर सकते हैं। देखा ऑब्जेक्शन का मतलब यह नहीं कि ग्राहक ने ना कह दिया। ऑब्जेक्शन का मतलब है मुझे अभी भी गैप

12:24 पूरी तरह क्लियर नहीं लग रहा। मुझे और समझाओ। और जब आप गैप पर वापस जाकर दिखाते हैं कि नो चेंज शो लॉस और चेंज शो ग्रोथ तो ग्राहक के पास रुकने का कोई कारण नहीं बचता। अब सवाल यह है क्या सिर्फ गैप और ऑब्जेक्शंस ही काफी है? नहीं। किताब कहती है कि सेल्स सिर्फ रिश्तों पर टिके नहीं रहते। तो असली फर्क क्या है? रिलेशनशिप वर्सेस प्रॉब्लम। यही जानेंगे अगले सेगमेंट में। सेवन रिलेशनशिप वर्सेस प्रॉब्लम। सोचिए आप एक कार शोरूम में गए। सेल्समैन बहुत ही अच्छा इंसान है। मुस्कुराकर बात करता है। आपको कॉफी ऑफर करता है। आपकी तारीफ करता है। लेकिन जब आप पूछते हैं यह कार मेरी जरूरत पूरी करेगी

13:10 या नहीं? तो वह सिर्फ दोस्ती की बातें करने लगे। उस समय आपको क्या लगेगा? शायद आप सोचे ठीक है। इंसान अच्छा है लेकिन मुझे कार खरीदनी है दोस्ती करने नहीं। यही है किताब का बड़ा सबक। ग्राहक दोस्ती से नहीं समाधान से खरीदता है। हां, रिलेशनशिप जरूरी है। एक अच्छा रिश्ता आपको एक्सेस देता है। ग्राहक आपसे खुलकर बात करता है। वह आपके सवालों का ईमानदारी से जवाब देता है। लेकिन डील क्लोज कब होगी? तभी जब आप उसकी प्रॉब्लम और गैप को गहराई से समझकर उसे सॉल्व करने का रास्ता दिखाएं। आसान भाषा में रिलेशनशिप दरवाजा खोलने की चाबी प्रॉब्लम सॉल्विंग अंदर घुसकर डील जीतने

13:56 का हथियार अगर आप सिर्फ रिलेशनशिप पर भरोसा करेंगे तो डील अधूरी रह जाएगी लेकिन अगर आप रिलेशनशिप प्लस प्रॉब्लम अंडरस्टैंडिंग दोनों को मिलाएंगे तो ग्राहक खुद कहेगा यह इंसान मुझे समझता भी है और मेरी समस्या हल भी करता है। याद रखिए दोस्ती दिल जीत सकती है। लेकिन समाधान ही पॉकेट खोलता है। अब बात आती है सेल्स के आखिरी पड़ाव की। ग्राहक को प्रोडक्ट जबरदस्ती ठेलकर नहीं बल्कि आसानी से खुद हक कहलवाने की कला। यही है असली क्लोजिंग विदाउट पुशिंग। और यही जानेंगे अगले सेगमेंट में। एड क्लोजिंग विदाउट पुशिंग। जरा याद कीजिए आपने आखिरी बार कब किसी सेल्स पर्सन से प्रोडक्ट खरीदा था। क्या उसने आपको बार-बार कॉल करके, मैसेज

14:44 करके, दबाव डालकर खरीदने पर मजबूर किया था? नहीं, असलियत यह है कि जब कोई हमें जबरदस्ती बेचने की कोशिश करता है तो हम उल्टा पीछे हट जाते हैं। यही कारण है कि गैप सेलिंग कहता है क्लोजिंग एट्स धक्का देना नहीं है। क्लोजिंग का मतलब है ऐसा गैप बनाना कि ग्राहक खुद कहे। मुझे यह बदलाव अभी चाहिए। कैसे काम करता है यह? जब आप शुरुआत से ग्राहक को उसकी करंट स्टेट, आज की परेशानी और फ्यूचर स्टेट बेहतर कल का फर्क दिखाते हैं। जब आप गैप को इतना बड़ा बना देते हैं कि उसका दर्द और नुकसान साफ नजर आए तो क्लोजिंग अपने आप हो जाती है। मान लीजिए आप बिजनेस कंसल्टिंग बेच रहे हैं। आप ग्राहक को दिखाते हैं। अभी

15:30 आपके बिजनेस में हर महीने 10 लाख का पोटेंशियल लॉस हो रहा है। क्योंकि आपकी टीम सही स्ट्रक्चर में काम नहीं कर रही। लेकिन अगर आप हमारी स्ट्रेटजी अपनाते हैं तो अगले 6 महीने में यही 10 लाख हर महीने का प्रॉफिट बन सकता है। अब बताइए क्या यहां आपको प्लीज बाय कहने की जरूरत है? नहीं। क्योंकि ग्राहक के दिमाग में यह क्लियर हो चुका है।

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