ये हैं दुनिया का सबसे Powerful Meditation.The Most Powerful Meditation In The World.

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संक्षिप्त सारांश

यह वीडियो विपासना ध्यान के बारे में है, जो एक प्राचीन तकनीक है जिसका उपयोग गौतम बुद्ध ने आत्मज्ञान प्राप्त करने के लिए किया था। यह ध्यान तकनीक व्यक्ति को अपने विचारों, भावनाओं और संवेदनाओं को बिना किसी प्रतिक्रिया के देखने पर केंद्रित करती है। वीडियो में विपासना ध्यान के चार भागों की व्याख्या की गई है: कायन उपासना, वेदना उपासना, चित्त उपासना और धम्मा उपासना।

  • विपासना ध्यान एक शक्तिशाली तकनीक है जो व्यक्ति को अपने अतीत को जानने और अपने व्यवहार को बदलने में मदद कर सकती है।
  • यह तकनीक भारत की तिहाड़ जेल से लेकर अमेरिका की डोनाल्डसन जेल तक, कैदियों के व्यवहार को सुधारने के लिए उपयोग की जाती है।
  • विपासना ध्यान के चार भाग हैं: कायन उपासना, वेदना उपासना, चित्त उपासना और धम्मा उपासना।

परिचय: गौतम बुद्ध और विपासना ध्यान

वीडियो की शुरुआत गौतम बुद्ध के जीवन और शिक्षाओं से होती है। सिद्धार्थ गौतम, जो बाद में बुद्ध बने, एक राजकुमार थे जिन्होंने सांसारिक सुखों को त्याग दिया और सत्य की खोज में निकल पड़े। छह साल की तपस्या के बाद, उन्होंने विपासना ध्यान के माध्यम से आत्मज्ञान प्राप्त किया। आत्मज्ञान प्राप्त करने के बाद, गौतम बुद्ध ने इस ध्यान तकनीक को अपने शिष्यों को सिखाया और इसे पूरे भारतवर्ष में फैलाने को कहा ताकि अधिक से अधिक लोग अपने दुखों से मुक्ति पा सकें।

विपासना ध्यान की शक्ति: सम्राट अशोक का परिवर्तन

विपासना ध्यान की शक्ति का एक उदाहरण सम्राट अशोक का परिवर्तन है। कलिंग युद्ध में लाखों लोगों की मृत्यु के बाद, सम्राट अशोक को बहुत दुख हुआ। एक बौद्ध भिक्षु ने उन्हें विपासना ध्यान करने की सलाह दी, जिसके बाद उनका जीवन हमेशा के लिए बदल गया। जिस अशोक ने कलिंग में लाखों लोगों को मारा था, उसने अपने राज्य में जानवरों तक को मारने पर प्रतिबंध लगा दिया। सम्राट अशोक विपासना ध्यान से इतने प्रभावित थे कि उन्होंने आठ बौद्ध भिक्षुओं को दुनिया के अलग-अलग कोनों में भेजा ताकि पूरी दुनिया के लोग विपासना ध्यान सीख सकें।

विपासना ध्यान का महत्व: अतीत को जानना और व्यवहार को बदलना

विपासना ध्यान का एक महत्वपूर्ण लाभ यह है कि यह व्यक्ति को अपने अतीत को जानने में मदद करता है। हमारे दिमाग में बचपन से बहुत सारी यादें, भावनाएं और दबी हुई इच्छाएं जमा होती रहती हैं। ये चीजें हमारे व्यवहार और जीवन को नियंत्रित करती हैं। विपासना ध्यान के माध्यम से, हम अपने अतीत को जान सकते हैं और अपने व्यवहार को बदल सकते हैं। विपासना ध्यान भारत की तिहाड़ जेल से लेकर अमेरिका की डोनाल्डसन जेल तक, कैदियों के व्यवहार को सुधारने के लिए उपयोग किया जाता है ताकि कैदी बाहर जाकर दोबारा से क्राइम ना करें।

विपासना ध्यान क्या है?

विपासना शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है: 'वि' और 'पासना'। 'वि' का मतलब होता है विशेषकर और 'पासना' का मतलब होता है देखना। यानी कि विशेष तरीके से देखना। विपासना के बारे में बहुत धर्मग्रंथों में विस्तार से बताया गया है।

कायन उपासना: सांसों पर ध्यान और वास्तविकता को देखना

विपासना ध्यान की शुरुआत सांसों पर ध्यान लगाने से होती है। अन्य ध्यान तकनीकों में सांसों को लंबा और गहरा लेने को कहा जाता है ताकि हमारा दिमाग जल्दी से शांत हो सके, लेकिन विपासना ध्यान में आपको ऐसा कुछ नहीं करना है। इस ध्यान तकनीक में आपको बस अपनी सांसों पर ध्यान लगाना है, चाहे सांस छोटी हो या लंबी हो या गहरी हो, उसे बदलना नहीं है। अपनी और अपनी सांसों की सच्चाई को देखना है। ऐसा दो कारणों से किया जाता है: पहला, हर नौ सेकंड के अंदर हमारे दिमाग में कोई दूसरी थॉट आ जाती है, तो उस नौ सेकंड के साइकिल को तोड़ने के लिए हमें सांसों पर ध्यान लगाने को कहा जाता है ताकि हमारा कंसंट्रेशन गहरा हो सके और हम रियल विपासना मेडिटेशन को ठीक से कर सकें। दूसरा, जब आप दिनों तक अपनी सांसों पर ध्यान कर लेंगे तो आपकी नोट्स के आसपास आपको कुछ सेंसेशन फील होने शुरू हो जाएंगे, तो इसलिए पूरी बॉडी में सेंस इसकी अवेयरनेस को इनक्रीज करने के लिए सांसों पर ध्यान लगाने को कहा जाता है। सांसों पर ध्यान लगाने के अलावा, आपको किसी भी चीज को देखते समय उससे उसकी पहचान को हटा देना है।

वेदना उपासना: भावनाओं को विशेष रूप से देखना

वेदना उपासना का अर्थ है भावनाओं को विशेष तरीके से देखना। विपासना मेडिटेशन सेंटर्स से जेल में जो विपासना मेडिटेशन प्रैक्टिस कराई जाती है, वह यही वेदान उपासना प्रैक्टिस कराई जाती है। हमारा दिमाग भावनाओं के साथ बहुत जुड़ा हुआ होता है और हर तरीके की फीलिंग्स पर रिएक्ट करना चाहता है। विपासना मेडिटेशन के कोर्स के दौरान एक इंसान को लगभग दिन के 11 घंटे मेडिटेशन करना होता है। इस वेदान उपासना मेडिटेशन की तकनीक में आपको उस 11 घंटे में होने वाले दर्द पर कुछ रिएक्ट नहीं करना, बस उसे ऑब्जर्व करना है। जैसे ही आप उस दर्द को थोड़ी देर और ऑब्जर्व करोगे, दर्द खत्म हो जाएगा। इसी तरह से आपको अपनी हर फीलिंग के साथ करना होता है, चाहे वह फीलिंग गुस्से की हो, दुखी हो, दर्द की हो या अच्छी फीलिंग हो। जब आप इस मेडिटेशन में मास्टर हो जाओगे तो आप अपने आप में और अपनी फीलिंग्स में डिफरेंस कर पाओगे।

चित्त उपासना: मन को विशेष रूप से देखना

चित्त उपासना का अर्थ है मन को विशेष रूप से देखना। इस उपासना के माध्यम से आप अपने अंदर छिपे गद्दी पर सेल को जान सकते हैं। हमारे दिमाग में एक दिन में लगभग 75,000 थॉट्स आते हैं और उनमें से अधिकांश बेकार होती हैं। इन बेकार थॉट्स के चलते हम अपने पेस्ट सेल्फ को नहीं जान पाते क्योंकि हमारा दिमाग हर समय ही नहीं बेकार कुछ सोचने लगा रहता है। चित्त उपासना मेडिटेशन के अनुसार, आपको बस अपने थॉट्स को ऑब्जर्व करना है बिना रिएक्ट किए हुए। थोड़े ही दिनों में आप समझ जाओगे कि आपको किस तरीके के थॉट आते हैं। आपको समझ आने लगेगा कि कौन सी थॉट्स बेकार हैं और कौन सी इंपॉर्टेंट। जब आपका ऑब्जरवेशन गहरा होता जाएगा तब आप अपने दिमाग के हैवी पैटर्न समझने लगोगे।

धम्मा उपासना: धर्म को विशेष रूप से देखना

धम्मा उपासना का अर्थ है धर्म को विशेष रूप से देखना, उसकी ट्रू फॉर्म में देखना। यहां पर बुद्ध ने जो टीचिंग्स दिए हैं, उसे ठीक से ऑब्जर्व करने को कहा है। बुद्धिज्म में एलाइनमेंट पाने के लिए बुद्धिस्ट को बहुत रूल्स एंड रेगुलेशंस फॉलो करने होते हैं। इसी बीच में एलाइनमेंट पाने की सेवन मेंस्टेज होती है। स्वामी विवेकानंद के अनुसार, रिलीजन इज द रियल सिचुएशन। जिस भी धर्म को फॉलो करते हो, क्या आपने उस धर्म को रियल लाइफ किया है? जिस दिन आपको यह रियल लाइफ हो जाएगा, उस दिन सारे रिलीजन आपको एक जैसे लगेंगे।

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Transcript

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0:00 कि आज से पच्चीस साल पहले से ब्रिलिएंट वैज्ञानिक ने जन्म लिया था जिन्हें कुछ लोग भगवान् का अवतार और इंसानियत का उद्धार करने वाला भी बोलते हैं और उस महान इंसान का नाम था गौतम तब उठा जब लाइट वन जैसा हम सब जानते हैं कि सिद्धार्थ गौतम एक राजा के बेटे थे और खुद भी एक राजा थे इसलिए जिंदगी के शुरूआती उनके इस साल उन्होंने महल की शानो-शौकत के बीच होता है एक दिन जब सिद्धार्थ अपने रथ पर बैठकर अपने राज्य का भ्रमण कर रहे थे तब उन्होंने मरे हुए इंसान को देखा इसका ऐसा आंसर सिद्धार्थ के दिमाग पर हुआ कि उन्होंने अपना सारा राज-पाट छोड़ संन्यास ले लिया और सच की तलाश में निकल पड़े दोस्तों ऐसा कहते हैं कि छह साल की कठिन तपस्या के बाद भी जब उन्हें कुछ हासिल नहीं हुआ तब सिद्धार्थ बचपन में जो मेडिटेशन किया करते थे उस मेडिटेशन के साथ एक पेड़ के नीचे बैठ गए और अपने आपसे प्रॉमिस किया कि जब तक मुझे मेरे सारे सवालों के जवाब नहीं मिल जाएंगे तब तक

0:45 यहां से नहीं लूंगा चाहे फिर इसके लिए मेरी जान ही क्यों न चली जाए कहते हैं कि 48 दिनों तक गौतम बुद्ध वही उस पेड़ के नीचे बैठे रहे और 48 दिनों बाद बैसाखी फुल मून इवनिंग में उन्हें इनलाइटनमेंट मिला और जिसमें रिटेंशन से गौतम बुद्ध कोई लाइटमैन प्राप्त हुआ उस क्वेश्चन का नाम है फिर 5 न मेडिटेशन विपासना मेडिटेशन मेडिटेशन की बहुत पुरानी टेक्नीक है इसका जिक्र अलविदा तक में भी किया गया है लेकिन समय के साथ ब्रिटेन के टेक्निक लुप्त हो गई थी लेकिन गौतम बुद्ध ने लाइट होने के बाद उन्होंने यह मेडिटेशन टेक्निक अपनी डिसाइड कोशिका उसे पूरे भारतवर्ष में फैलाने को कहा ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इस मेडिटेशन को जान कर अपने दुख-दर्द और मिसरी से दूर हो सकें विपासना मेडिटेशन कितना पावरफुल है इसका अंदाजा आप यहां से लगा सकते हैं कि कल इंदौर में मारे गए लाखों लोगों को देखकर सम्राट अशोक के दुख और गिल्ड की कोई सीमा न थी तब एक

1:32 ब्रिटिश में सम्राट अशोक को विपासना मेडिटेशन करने की सलाह दी और दोस्तों ऐसा कहते हैं जिसके बाद सम्राट अशोक की लाइव हमेशा के लिए बदल गई जिस अशोक ने कलिंग और में लाखों लोगों को मारा था वह अशोक ने अपने राज्य में इन जानवरों तक कुमार ने पर बैन कर दिया सम्राट अशोक पासवान अमेज़न से इस तरह से प्रभावित थे कि उन्होंने आठ बुद्धिस्ट मोंक को दुनिया के अलग-अलग कोणों में भेजा ताकि पूरी दुनिया के लोग विपासना मेडिटेशन सीख सकें विपासना मेडिटेशन बाकी के सारे मेडिटेशन से इतना लक्ष्यों है और ऐसा क्या है जो क्वेश्चन को इतना पावरफुल बनाता है तो देखो हमारे दिमाग में बचपन से बहुत सारी मेमोरी अच्छे-बुरे इमोशंस हमारी दबी हुई इच्छाएं इंपल्सेस सब स्टोर होते रहते हैं और यह सारी चीजें सबको इसलिए हमारे पूरे बिहेवियर इन फैक्ट हमारी पूरी लाइफ टो कंट्रोल करते हैं और हम इसका पता तक नहीं होता पर एग्जांपल सपोच हम किसी इंसान पर

2:17 बहुत ज्यादा यानि कि हाथ से ज्यादा ट्रस्ट करते हैं और जब ऐसा इंसान हमारा ट्रस्ट तोड़ता है तब हमारे दुख़ और दर्द का कोई अंत नहीं होता यहां तक कि कुछ लोग डिप्रेशन तक में चले जाते हैं लेकिन ऐसा कहते हैं कि टाइम सारे सांभर देता है इसलिए कुछ महीनों में या कुछ सालों में हम ठीक हो जाते हैं लेकिन हमारा सबकॉन्शियस माइंड उस सारे इंसिडेंट को अपने अंदर स्टोर कर लेता है और सब को इस पॉइंट अपने अंदर यह बहुत अच्छे से बैठा लेता है कि ट्रस्ट का मतलब दुख दर्द डिप्रेशन यह कार्य कि वह बात हमारे बिलीफ सिस्टम का हिस्सा बन जाती है और फिर पूरी जिंदगी हमारा सबकॉन्शियस माइंड उस तो इससे बचने के लिए हमें किसी पर ट्रस्ट नहीं करने देता जब तक कि वह इंसान अपना पूरा बिलीफ सिस्टम चेंज ना कर दे यह बस मैंने आपको एक छोटा सा एक्सांपल दिया है ऐसे न जाने कितने अच्छे बुरे बिलीव से हमारा सबकॉन्शियस माइंड भरा पड़ा है इसलिए 337 क्वालिटीज एंड इन ए हुमन पर्सनैलिटी के सब्सिडी बेस्ट बिहेवियर को समझने के लिए

3:04 ही मन पर्सनैलिटी टेस्ट इंवेट किया था जो कि आगे चलकर सॉलिटेयर के नाम से फेमस हुआ लेकिन यह सब मैं आपको क्यों बता रहा हूं कि विपासना मेडिटेशन के लाखों फाइलों में से एक फायदा यह भी है कि पास र मेडिटेशन से आप अपने पेस्ट पर सेल को जान पाएंगे विपासना मेडिटेशन कितना पावरफुल है और यह किस हद तक इंसान की लाइफ में चेंजेस ला सकता है इस बात का अंदाजा आप यहां से लगा सकते हैं कि विपासना मेडिटेशन भारत की तिहाड़ जेल से अमेरिका की डोनाल्डसन पर जातक में कैदियों के बिहेवियर को सुधारने के लिए कराया जाता है ताकि कैदी बाहर जाकर दोबारा से क्राइम ना करें अब मैं यह नहीं बोल रहा हूं कि आप लोग सब क्रिमिनल है ना भाषण Amazing 194 देशों में 202 से ज्यादा सेंटर है इसमें लाखों लोगों को विपासना मेडिटेशन सिखाया जाता है तो आप जानते ही विपासना मेडिटेशन आखिर है क्या विपस्सना विपासना शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है VPN पास ना पी का मतलब होता है विशेषकर

3:50 पास ना का मतलब होता है देखना यह देखिए इस तरीके से देखना विपासना के बारे में बहुत धर्मग्रंथ सती प्रथा न सूझता और महासचिव प्रकाश गुप्ता में बहुत डिटेल्स बताया गया है तो उन्हें ग्रंथों के अनुसार अपने मेडिसिन को चार भागों में बांटा गया है कायन उपासना आवेदन उपासना चिता उपासना एंथम मान उपासना फर्स्ट कायन उपासना विपासना मेडिटेशन की शुरुआत सांसो पर ध्यान लगाने से होती है बाकी के मेडिटेशन टेक्निक में सांसो को लंबा और गहरा लेने को कहा जाता है ताकि हमारा दिमाग जल्दी से शांत हो सके लेकिन विपासना मेडिटेशन में आपको ऐसा कुछ नहीं करना है इस मेडिटेशन टेक्निक आपको बस अपनी सांसो पर ध्यान लगाना है चाहे सांस छोटी हो या लंबी हो या गहरी हो उसे बदलना नहीं है अपनी और अपनी सांसो की सच्चाई को देखना है अब ऐसा दो रीजन की वजह से किया जाता है फर्स्ट हरनौत सेकेंड के अंदर हमारे दिमाग में कोई दूसरी थॉट आ जाती है तो उस नो सेकंड के साइकिल

4:35 को तोड़ने के लिए हमें सांसो पर ध्यान लगाने को कहा जाता है ताकि हमारा कंसंट्रेशन गहरा हो सके और हम रियल विपासना मेडिटेशन को ठीक से कर सकें दूसरा जो आपको दिनों तक अपनी सांसो पर ध्यान कर लेंगे तो आपकी नोट्स के आसपास आपको कुछ सेंसेशन फिर होने शुरू हो जाएंगे तो इसलिए पूरी बॉडी में सेंस इसकी अवेयरनेस को इनक्रीज करने के लिए सांसो पर ध्यान लगाने को कहा जाता है और सांसो पर ध्यान लगाने के अलावा जो आपको एक और काम करना है वह यह है कि हैप्पी आप किसी चीज को देखें तो उस चीज से उसकी पैंटी को हटा दें देखो बचपन से ही हमारे दिमाग को प्रोग्राम करना शुरू कर दिया जाता है कि यह कुत्ता है यह बिल्ली है यह पेड़ है यह गाय है एक्स एक्स एक्स एक्स तरफ 2 मिनट के लिए अपने दिमाग से निकाल दो कि यह कुत्ता है फिर इसे देखो तो इस तरीके से देखने पर पता है क्या होगा आपका दिमाग यह समझने की कोशिश करने लगेगा कि अगर यह कुत्ता नहीं है तो आखिर है क्या

5:21 और इस तरीके से चीजों को देखने पर आपकी की ओपोसिटी और ऑब्जर्वेशन पॉवर बहुत बढ़ जाएगी आप हर चीज को बहुत की ओपोसिटी और ध्यान से देखने लगा के हमलों से अक्सर कहा जाता है ना कि बच्चों जैसे कि यह दोनों बच्चों जैसे कि बनोगे के लिए कोई नहीं बताता कि कैसे बनो बच्चे इतने सीरियस किसलिए होते हैं कि उनका दिमाग हमारी तरह प्रोग्राम नहीं होता इसलिए उनका दिमाग अपने आस-पास की हर चीज को समझने की कोशिश करता है और ऐसा आपको देने तक सीमित नहीं रखना है आपको हर चीज में बस और ज़ोर करना है सपोच अगर दो लोग आपस में बात कर रहे हैं या किसी से बात कर रहे हैं तो अपने पुराने बिलीफ सिस्टम से उस बात को तुरंत जज नहीं करना है कि तुम गलत हो या मैं सही हूं वगैरा-वगैरा नहीं उसे ज़ोर करना है कि क्या बात हो रही है वह मैं आपको उठते-बैठते जागते-सोते हर टाइम करना है कि ऑफिसर ऑब्जर्वर्स अपॉइंटेड से लेकर हर चीज को बस और ज़ोर करना है नथिंग

6:07 मोर और अगर आपने इस तरीके की साइट डेवलप कर ली सबसे पहले तो आपकी सीओ सिटी बहुत-बहुत बहुत ज्यादा बढ़ जाएगी दूसरा आपका दिमाग जीरो थॉट्स एंड ई थॉट ठाट स्टेज की तरफ बढ़ना शुरू कर देगा कि एक टाइम पर या तो आप किसी चीज को यूज कर सकते हैं उसके बारे में सोच सकते हैं आप दोनों काम एक साथ नहीं कर सकते तीसरा काम जो आपको साथ होगा वह यह कि आपकी ऑब्जर्वेशन पावर इतनी बढ़ जाएगी कि आप हर चीज में बस उसका सच देख पाएंगे चाहे फिर वह आपके इमोशंस हो तो लोगों की बातें हो यह दुनिया की कोई और चीज आपको बस हर चीज में उसकी सच्चाई देखने लगी और ही विपासना का सही मतलब है जो जैसा है उसे वैसा ही देखना ना कि अपने प्रोग्राम दिमाग हिम ऑफिसर के हाथों से देखना और ऐसा बिल्कुल नहीं है कि आप 10 दिन के अंदर ही पूरे यूनिवर्स को समझ जाओगे गौतम बुद्ध के अनुसार विपासना में पूरी तरह से मास्टर होने में साल का समय लगता है मैं भी पिछले दिनों से फॉलो

6:53 कर रहा हूं और मेरे अंदर जो चेंजेस है वह यह है कि मैं हर चीज को अ बहुत क्यूट सिटी के साथ देखता हूं कि आखिर यह है क्या और कि मुझे हर चीज को देखकर ग्रिटीट्यूड की फीलिंग आने लगी है क्योंकि अब मैं अपने दिमाग से बाहर निकलकर अपने आसपास की दुनिया को ऑफ और कर रहा हूं जो कि बहुत खूबसूरत है तीसरा एक्सपीरियंस जो इस तरह से देखा मुझे हुआ है वह यह कि मुझे फील होने लगा है कि आई नो नथिंग अबाउट थिस व्होल यूनिवर्स सड़क पर पड़े पत्थर को देखकर यह बोल देना कि यह पत्थर है बहुत आसान है अगर उसी पत्थर से उसकी पैंटी हटा दी कि यह पत्थर है तो घंटों तक उस पत्थर को देखते रह जाओगे लेकिन यह समझ नहीं पाओगे कि आखिर है क्या देखो मैं इस एक्सपीरियंस को वर्ष में पूरी तरीके से नहीं समझा सकते क्योंकि वर्ष की अपनी पिछली टेंशन होती है आप इस चीज को खुश एक्सपीरियंस करें और मैं आपको गारंटी दे सकता हूं कि यह सच में बहुत कमाल का एक्सपीरियंस है से निवेदन उपासना वेदना यानि की फीलिंग्स विपासना यानी कि विशेष

7:39 तरीके से देखना यानि फीलिंग उसको विशेष तरीके से देखना विपासना मेडिटेशन सेंटर से जेल में जो विपासना मेडिटेशन प्रैक्टिस कराई जाती है वह यही वेदान उपासना प्रैक्टिस कराई जाती है कि हम और हमारा दिमाग फीलिंग्स के साथ बहुत जुड़े हुए होते हैं और हमारा दिमाग हर तरीके की फिल्म सुपर हिट करना चाहता है और ग्राम पल अगर हमें गुस्सा आता है तो हम उसे हिसाब से रेट करते हैं अगर हमें किसी चीज से अच्छी फीलिंग आती है तो हम चीज को प्रॉब्लम करना चाहते हैं या फिर अगर जो हमें दुख दर्द की फीलिंग होती है तो हमारा दिमाग उस सीलिंग से जल्दी से जल्दी निकलना चाहता है कहने का मतलब यह कि हमारे दिमाग में आने वाली हर तौर पर हमारा दिमाग क्रिएट करना चाहता है और इसी की वजह से हम अपनी इमोशंस के गुलाम बनकर रह जाते हैं तो इसीलिए विपासना मेडिटेशन सेंटर और जेल में विपासना मेडिटेशन के कोर्स के दौरान एक इंसान को लगभग दिन के 11 घंटे मेडिसिन करना होता है अब आप खुद सोचो 20 मिनट एक जगह बैठने पर मारी हालत खराब होने

8:25 लगती है तो क्या रे घंटे मेडिटेशन करने में कितना दर्द होता होगा और यही इस वेदांत पास न मेडिटेशन की तरीके की आपको उस 11 घंटे में होने वाले दर्द पर कुछ रिएक्ट नहीं करना बस उसे आदर करना है कहां दर्द हो रहा है जैसे ही आप उस दर्द को थोड़ी देर और जरूर करोगे दर्द खत्म हो जाएगा सिर्फ बॉडी है किसी दूसरे पार्ट में दर्द होना शुरू हो जाएगा जब आप उस दर्द को भी थोड़ी देर और जरूर करोगे तो वह दर्द खत्म हो जाए इसी तरह से आपको अपनी हर फीलिंग के साथ करना होता है चाहे वह फीलिंग्स गुस्से की हो दुखी हो दर्द की हो या अच्छी फीलिंग को जवाब हिस मेडिटेशन में मास्टर हो जाओगे तो आप अपने आप में और अपनी फीलिंग्स डिफरेंस कर पाओगे और आप चीजों की फीलींगस एंड इमोशंस आफ टेंपरेट इस्टेट में आपको कोई भी थर्ड को भी मोशंस परेशान नहीं कर सकते आपके अंदर समता की भावना आ जाएगी यानी कि आपका अपने ऊपर पूरा कंट्रोल हो जाएगा आप समझ जाओगे कि आज नोट

9:11 माइथॉस एनिमेशन इसलिए जेल में आवेदन उपासना मेडिटेशन कराया जाता है ताकि कैदी अपने आप में अपने इमोशंस फीलींगस विद डिफरेंस कर पाएं और अपनी फीलिंग्स के बस में आकर कोई उल्टा-सीधा काम ना करें हम अपनी फीलिंग्स और इमोशन से इस तरह से चिपके हुए होते हैं इस बात को दर्शाता लाइट ऑफ नॉट गिविंग आगे आप समझ गए होंगे यह तर्क मार्क मैं इसे ने अपने टॉपिक फीडबैक लूप फ्रॉम हेल में बहुत ही खूबसूरत तरीके से बताया है कि लेख सपोच हम एक बहुत छोटी सी बात पर गुस्सा आया और तभी हमें यह रियल लाइफ होता है कि यार यह तो बहुत छोटी सी बात है मैं इस बात पर गुस्सा कैसे हो सकता हूं जैसे कि आपको यह हुआ कि आप बहुत बेकार सी बात पर गुस्सा हो रहे हैं तब आपको फिर और गुस्सा आएगा उत्सव इस बात पर नहीं जो आपके साथ हुई है गुस्सा आपको आएगा कि मैं इस तरीके का इंसान हूं यह जो छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा करता हूं यानि कि आप रियल इंसीडेंट जो आपके साथ हुआ है

9:56 उसे छोड़कर अपने गुस्सा पर गुस्सा करने लगे इसे ऑथर बैकुंठपुर हेल्प कहते हैं सुविधा उपासना के अनुसार जैसे ही आपको गुस्सा आया और आपने उस गुस्से पर गेट करने की बजाय अगर उसे ऑफ कर लिया तो आप इस सो कॉल्ड फीडबैक लो फ्रॉम हेल से भी बच पाओगे जिससे धीरे-धीरे आपको अपने ऊपर कंट्रोल बढ़ने लगेगा थर्ड एकता उपासना सिक्का यानि कि मन विपासना मतलब टिप्स रूप से देखना यानी कि मन को विशेष रूप से देखना मैंने स्विस रोल बाद में बताया था कि आप विपासना मेडिटेशन के थ्रू अपनी बेस्ट सेलर को जान सकते हैं तो इसी चिंतन उपासना के थ्रू आप अपने अंदर छिपे गद्दी पर सेल को जान सकते हैं जो कि चिंता उपासना मतलब कि माइंड कंटेंपलेशन मैंने अपने विडियो में बताया था कि हमारे दिमाग में एक दिन में लगभग 75,000 छोड़ सकते हैं और 69000 थॉट में से एक है 290 467 और स्पष्ट होती है यह बेकार थॉट्स हमारे रियल में ठीक उसी तरह से काम करती

10:42 हैं जैसे कि जब किसी नदी या तालाब में बहुत गंदी के मिट्टी होती है तो इस नदी के तल को देखना बहुत मुश्किल होता है लेकिन जब एक बार फिर मिट्टी यह गंदी की साइड हो जाती है तो हम उस नदी के धातु तक देखते हैं ठीक उसी तरह इन प्रकार की थॉट्स के चलते हम उक्त नीति पेस्ट सेल्फ को नहीं जान पाते क्योंकि हमारा दिमाग हर समय ही नहीं बेकार कुछ सोचने लगा रहता है अब किताबों पास न मेडिटेशन के अनुसार आपको बस अपने थॉट्स को अवसर करना है बिना रिएक्ट किए हुए अब वह थॉट्स बहुत नेगेटिव भी हो सकती हैं बहुत पॉजिटिव भी हो सकती है लेकिन आपको उन तो उस पर कोई रिएक्शन नहीं देना है थोड़े ही दिनों में आप समझ जाओगे कि आपको किस तरीके के तौर आते हैं आपको समझ आने लगेगा कि कौन सी थॉट्स बेकार हैं और कौन सी इंपॉर्टेंट नौजवान को ऑब्जरवेशन गहरा होता जाएगा तब आप अपने दिमाग के हैवी पैटर्न समझने लगोगे अपने दिमाग की इंपल्सेस अपने दिमाग की क्रेविंग समझने लगे लेकिन इन सब थॉट्स को

11:29 भी आपको बस अब और करते जाना है और धीरे-धीरे यह सारी थॉट्स आपके दिमाग से खत्म होने लगेंगी और आपको समझ आने लगेगा कि इवन थॉ नॉट माय थॉट टो आपको ऑब्जर्वेशन बहुत गहरा हो जाएगा तब आप एकदम सुनने की स्टेज में पहुंच जाओगे जहां पहुंचने के बाद आपकी लाइफ में चमत्कार होने शुरू हो जाएंगे और थे धम्मा उपासना गमों यानी कि धर्म और उपासना इनकी विशेष रूप से देखना यानि कि धर्म को विशेष रूप से देखना है उसकी ट्रू फॉर्म में देखना है यहां पर बुद्ध ने जो टीचिंग्स दिए हैं उसे ठीक से अवसर करने को कहा है अकॉर्डिंग टो बुद्धिस्म इनलाइटनमेंट पाने के लिए बुद्धिस्ट को बहुत रूल्स एंड रेगुलेशंस फॉलो करने होते हैं इसी बीच में एलाइनमेंट पाने की सेवन मेंस्टेज होती है माइंडफूलनेस इन्वेस्टिगेशन आफ नेचर आफ रियलिटी एनर्जी जो या फिर ऑप्शन रिलैक्सेशन और टाइम क्वालिटी कंसंट्रेशन एंड इक्वैनिमिटी लेकिन इन एंटरटेनमेंट के लिए सनातन धर्म

12:15 में और टेस्टी होती है यम नियम आसन प्राणायाम प्रत्याहार धारणा ध्यान और समाधि और इन स्टेट्स इसके अलावा का उपयोग होते हैं यह सीधी भर्तियों का कर्म योगी जी ने फॉलो करके एक इंसान एप्स लूट में विलीन हो सकता है ऐसे ही अलग-अलग धर्म के अपने अलग-अलग रूल्स एंड रेगुलेशंस होते हैं इस बात से मुझे स्वामी विवेकानंद के जीवन की एक घटना याद आ गयी उन्हें इस बार किसी ने पूछा कि स्वामीजी व्हाट इज रिलीज हुई तो उन्होंने कहा कि रिलीजन इज द रियल सिचुएशन जिस भी धर्म को फॉलो करते हो क्या आपने उस धर्म को रियल लाइफ किया है कि आपने उस धर्म को खुद से एक्सपीरियंस किया है जिस दिन आपको यह रियल लाइफ हो जाएगा उस दिन सारे रिलीजन आपको एक जैसे लगेंगे सो दैट्स ऑल दोस्तों इस वीडियो के लिए इतना ही वीडियो अच्छी लगी हो तो लाइक करें सब्सक्राइब करें कभी ना सब कुछ कर दिया है तो शेयर भी करते हैं थैंक यू

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