0:00 हेलो स्टूडेंट वेलकम बैक टू अमितन एकडमी आई होप आप सभी अपनी जिंदगी में बेहतर कर रहे होंगे और बेहतरीन के तलाश में होंगे। तो देखते हैं आज के क्लास का एजेंडा क्या है? आज के क्लास का एजेंडा है सबसे पहला पॉइंट है इंट्रोडक्शन ऑफ प्रॉब्लम एनालिसिस। प्रॉब्लम एनालिसिस का इंट्रोडक्शन देखेंगे। फिर है पर्पस ऑफ प्रॉब्लम एनालिसिस। फिर प्रॉब्लम एनालिसिस का पपस देखेंगे। और थर्ड है स्टेप्स इन प्रॉब्लम एनालिसिस विद एग्जांपल। यानी कि प्रॉब्लम एनालिसिस में क्या स्टेप होता है उनको एग्जांपल के साथ समझेंगे। नेक्स्ट है कैरेक्टरिस्टिक ऑफ ए गुड प्रॉब्लम एनालिसिस। जो गुड प्रॉब्लम एनालिसिस होता
0:47 है उनका क्या कैरेक्टरिस्टिक है उन चीजों को समझेंगे। और लास्ट मेंेंस ऑफ प्रॉब्लम एनालिसिस। लास्ट मेंेंस देखेंगे। तो आइए देखते हैं नेक्स्ट स्लाइड पर क्या है? नेक्स्ट स्लाइड पर है इंट्रोडक्शन ऑफ प्रॉब्लम एनालिसिस। तो एनालिसिस को फर्स्ट पॉइंट के हेल्प से हम समझते हैं। सबसे पहला पॉइंट में क्या है? प्रॉब्लम एनालिसिस मीन्स अंडरस्टैंडिंग द प्रॉब्लम कंप्लीटली। जो भी हमारा प्रॉब्लम होता उनको पहले कंप्लीटली रूप से समझना चाहिए। इसका मीनिंग यह है। तो उसमें समझते क्या है? सबसे पहला है कि व्हाट इज गिवन? क्या हमें दिया हुआ है? नेक्स्ट है व्हाट इज रिक्वायर्ड? जरूरत क्या है? फिर है हाउ इट कैन बी सॉल्व एफिशिएंटली? वो किस तरह से
1:33 एफिशिएंटली वे में सॉल्व हो सकता है? तो इन सभी चीजों को हमें समझना पड़ता है। तो नेक्स्ट आप देख सकते हैं प्रॉब्लम एनालिसिस का एक डेफिनेशन क्या है कि प्रॉब्लम एनालिसिस इज द प्रोसेस। ये क्या है कि एक प्रोसेस है ऑफ अंडरस्टैंडिंग द प्रॉब्लम। किन चीजों का प्रोसेस है? तो सबसे पहला है कि अंडरस्टैंडिंग द प्रॉब्लम। प्रॉब्लम को समझने का प्रोसेस है। दूसरा है आइडेंटिफाइंग इनपुट्स एंड आउटपुट। इनपुट और आउटपुट को आइडेंटिफाई करने का भी प्रोसेस है। और थर्ड है डिटरमाइनिंग द बेस्ट मेथड टू सॉल्व इट। कोई भी हमारे पास प्रॉब्लम है उनको सॉल्व करने के लिए सबसे बेस्ट मेथड क्या है? उन चीजों को डिटरमाइन करना। तो इनका भी एक प्रोसेस है जिनको हम बोलते हैं प्रॉब्लम
2:19 एनालिसिस। तो हमारे पास तीन चीजों के प्रोसेस को बोलते हैं प्रॉब्लम एनालिसिस। इन तीनों चीजों का। आई थिंक ये चीज क्लियर होगा। नेक्स्ट पॉइंट है इट हेल्प्स द प्रोग्रामर टू फाइंड आउट। यह हेल्प करता है प्रोग्रामर को फाइंड आउट करने में। किन चीजों को फाइंड आउट करने में? तो सबसे पहला है व्हाट एग्जजेक्टली नीड्स टू बी डन? हमें क्या एग्जजेक्टली करना चाहिए? नेक्स्ट है व्हाट डेटा इज नीडेड? हमें कैसा डाटा का जरूरत है। नेक्स्ट है व्हाट रिजल्ट्स आर एक्सपेक्टेड? आप रिजल्ट आउटपुट कैसे एक्सपेक्ट कर रहे हो? लास्ट है व्हाट आर द पॉसिबल मेथड टू सॉल्व इट? इन जो भी प्रॉब्लम है उनको सॉल्व करने के
3:07 लिए कौन सा पॉसिबल मेथड हो सकता है? तो इन सभी चीजों को फाइंड आउट करने में हेल्प करता है प्रोग्रामर को ये प्रॉब्लम एनालिसिस। आई थिंक यह क्लियर होगा आपको। तो आइए देखते हैं नेक्स्ट स्लाइड पर क्या है? नेक्स्ट स्लाइड पर है परपस ऑफ प्रॉब्लम एनालिसिस। तो इनको फर्स्ट पॉइंट के हेल्प से समझते हैं कि द मेन पर्पस ऑफ एनालाइजिंग ए प्रॉब्लम। कोई भी एक प्रॉब्लम है उनको एनालाइज करने का सबसे मेन पर्पस क्या होता है? इज टू इंश्योर दैट द सॉल्यूशन वी डिजाइन इज करेक्ट। जो भी हम सॉल्यूशन बना रहे हैं, डिजाइन कर रहे हैं, वो करेक्ट होना चाहिए, सही होना चाहिए। इन चीजों को इंश्योर करते हैं और वो जो सॉल्यूशन वो एफिशिएंट भी होना चाहिए
3:52 और कंप्लीट भी होना चाहिए। तो इन मेन पर्पस ये है प्रॉब्लम एनालिसिस का। आई थिंक ये क्लियर होगा। नेक्स्ट है इट हेल्प अस। यह हमें हेल्प करता है किन चीजों में? तो सबसे पहला है अंडरस्टैंड द नेचर ऑफ प्रॉब्लम। प्रॉब्लम का जो नेचर होता है उन चीजों को समझने में यह हेल्प करता है। नेक्स्ट है आइडेंटिफाई द इनपुट्स एंड आउटपुट्स। यानी कि इनपुट और आउटपुट दोनों को आइडेंटिफाई करने में भी यह हेल्प करता है। थर्ड है डिसाइड द प्रोसेस और लॉजिक। जो भी लॉजिक होता है, प्रोसेस होता है उनको भी डिसाइड करने में हेल्प करता है। फोर्थ है अवॉयड मिस्टेक्स इन कोडिंग। कोडिंग में जो कुछ भी मिस्टेक होता है हमें जो एरर होता है उन चीजों को भी यह अवॉइड करता है। लास्ट है सेलेक्ट द मोस्ट
4:40 एफिशिएंट एल्गोरिथम। जो सबसे ज्यादा एफिशिएंट होगा एल्गोरिथम उनको ये चूज़ करने में हेल्प करता है। आई थिंक ये सारा पॉइंट आपको क्लियर होगा। तो देखते हैं नेक्स्ट स्लाइड पे क्या है? नेक्स्ट स्लाइड पे है स्टेप्स इन प्रॉब्लम एनालिसिस। क्या-क्या स्टेप होता है? सबसे पहला स्टेप है अंडरस्टैंड द प्रॉब्लम क्लियरली। कोई भी प्रॉब्लम है उनको सबसे पहले क्लियरली रूप से कंप्लीटली रूप से हमें समझना है। तो उनको कैसे कर सकते हैं? उनको समझते हैं। फर्स्ट पॉइंट के हेल्प से रीड द प्रॉब्लम स्टेटमेंट केयरफुली। जो भी प्रॉब्लम का स्टेटमेंट लिखा हुआ हो उनको अच्छे से समझना है, पढ़ना है। नेक्स्ट है आइडेंटिफाई व्हाट इज गिवेन इनपुट। यानी कि क्या हमें दिया हुआ है इनपुट? और व्हाट इज
5:27 रिक्वायर्ड आउटपुट? और उनको क्या चाहिए? क्या रिक्वायरमेंट किन चीजों का है एज ए आउटपुट में? नेक्स्ट पॉइंट है अंडरस्टैंड द पपस ऑफ सॉल्विंग इट। इनको सॉल्व करने का पर्पस क्या है? उन चीजों को समझना। जैसे कि आप क्वेश्चन देख सकते हो। व्हाट इज द प्रॉब्लम अबाउट? व्हाट इज द प्रॉब्लम अबाउट? नेक्स्ट है व्हाट शुड बी द रिजल्ट? व्हाट कंडीशन और लिमिटेशन आर देयर? यह सभी क्वेश्चन आप अराइज कर सकते हो, पूछ सकते हो। ठीक है? तब जाकर के आपको अच्छे से समझ में आ जाएगा प्रॉब्लम जो भी आपको दिया हुआ रहेगा। तो एग्जांपल के तौर पर समझते हैं हम कि इफ द प्रॉब्लम इज यदि प्रॉब्लम है कि फाइंड द लार्जेस्ट नंबर अमोंग थ्री
6:13 नंबर। हमारे पास तीन नंबर है। उन तीन नंबर में से सबसे लार्जेस्ट नंबर क्या है? उनको फाइंड आउट करना हो तो वो कैसे करेंगे? सपोज दैट हमारे पास तीन नंबर है A, B और C। तो हमें यदि फाइंड आउट करना है कि तीनों में से कौन सा लार्जेस्ट है तो यहां हमें क्या करना पड़ेगा? सबसे पहले प्रॉब्लम को समझे कि हमें प्रॉब्लम क्या है? क्या बोल रहा है? बोला कि तीन वेरिएबल है। तीन वेरिएबल में तीन नंबर में अलग-अलग में वो कौन सा नंबर सबसे लार्जेस्ट हो सकता है। फिर जाकर के हमें पता चलेगा कि कौन सा लार्जेस्ट है। ठीक है? सपोज दैट हमें लार्जेस्ट पता करना है। तो ए को बी से भी बड़ा होना चाहिए। एंड ए को सी से भी बड़ा होना चाहिए। लार्जर होना चाहिए। उसी तरह बी भी ए से ग्रेटर देन होना चाहिए और
7:01 बी जो है सी से भी ग्रेटर देन होना चाहिए। और उसी तरह सी जो है ए से भी ग्रेटर देन होना चाहिए और सी जो है बी से भी ग्रेटर देन होना चाहिए। यदि यह वाला कंडीशन तीनों में से कोई एक कर रहा है तो वो ग्रेटर देन होगा तीन नंबर में से। आई थिंक यह क्लियर होगा आपको। तो आइए देखते हैं नेक्स्ट स्लाइड पे क्या है? नेक्स्ट स्लाइड पर है आइडेंटिफाई इनपुट्स एंड आउटपुट। तो आइए देखते हैं नेक्स्ट स्लाइड पे क्या है? नेक्स्ट स्लाइड पे है आइडेंटिफाई इनपुट्स एंड आउटपुट्स। यानी कि इनपुट और
7:46 आउटपुट को आइडेंटिफाई करना। तो इन चीजों को फर्स्ट पॉइंट से समझते हैं। इनपुट को डेटा रिक्वायर्ड टू सॉल्व द प्रॉब्लम। मतलब डेटा जो भी हमें जरूरत रहता है रिक्वायर्ड रहता है सॉल्व करने के लिए कोई भी प्रॉब्लम को तो वो है एज ए इनपुट। फिर आउटपुट रिजल्ट टू बी डिस्प्ले आफ्टर प्रोसेसिंग। जब प्रोसेस हो जाएगा तब जाकर के उसका जो रिजल्ट आएगा उनको हम डिस्प्ले कर सकते हैं, दिखा सकते हैं। जैसे कि एग्जांपल के हेल्प से आप समझ सकते हैं। कैलकुलेट द एरिया ऑफ़ रेक्टेंगल। सपोज दैट हमारे पास एक रेक्टेंगल है। इनका एरिया फाइंड आउट करना है। तो ये लेंथ 4 सेंटीमीटर मान लेते हैं। और ये 2 सेंटीमीटर मान लेते हैं। तो अब जो इनका एरिया निकालना हो तो हमारे पास एरिया का फार्मूला होता है लेंथ * ब्रेड्थ। तो
8:32 हमारा लेंथ क्या है? 4 सें.मी. * 2 सें.मी. हमारा ब्रेड्थ है। तो क्या हो जाएगा? 8 सें.मी. स्क्वायर। ये हमारा एरिया निकल जाएगा। तो आई थिंक क्लियर होगा आपको ये पॉइंट्स। तो आइए देखते हैं नेक्स्ट स्लाइड पर क्या है? नेक्स्ट स्लाइड पर है आइडेंटिफाई द प्रोसेसिंग और लॉजिक। यानी कि इनमें आइडेंटिफाई करना रहता है कि प्रोसेस को और लॉजिक को। तो इनको सबसे पहला पॉइंट के हेल्प से समझते हैं। डिसाइड व्हाट ऑपरेशन और कैलकुलेशन आर नीडेड टू गेट द आउटपुट फ्रॉम द इनपुट। यानी कि ये बोल रहा है कि ये डिसाइड करता है कि कौन सा ऑपरेशन और कैलकुलेशन होगा जिससे हमारा जो इनपुट है इनपुट से हमारा आउटपुट मिल जाए। आई थिंक ये चीज क्लियर
9:20 होगा। नेक्स्ट है आइडेंटिफाई कंडीशंस। कंडीशन को आइडेंटिफाई करता है। लूप्स को भी और डिसीजन टू बी यूज। जो भी डिसीजन होता है उनको यूज करने का काम करता है। नेक्स्ट है पॉइंट ट्राई टू राइट द लॉजिक्स इन सिंपल स्टेप और सूडो कोड। यानी कि यह कोशिश करता है कोई भी लॉजिक को एक तरह से सिंपल स्टेप में लिखे। बिल्कुल इजी तरीका से इजी स्टेप में। इनको आप एग्जांपल के तौर पर समझ सकते हैं। टू फाइंड द लार्जेस्ट ऑफ़ थ्री नंबर। तीन नंबर है। उनमें से कौन सा लार्जेस्ट होगा उनको फाइंड आउट करना है। जैसे पहले हम स्लाइड में बताए हुए भी थे कि तीन है तो तीनों को किस तरह से हम लूप लगा किस तरह से हम कंडीशन लगा करके हम चेक कर सकते हैं कौन सा लार्जर है तीनों वेरिएबल में से। तो
10:07 जैसे कि आपको दिया हुआ है कि फर्स्ट कंपेयर a एंड b पहले a और b को कंपेयर करेंगे और उनको जो है स्टोर कर लेंगे लार्जर इन ए वेरिएबल। एक वेरिएबल में जो भी इन दोनों में से सपोज दैट a इज > b हुआ अब कोई एक वेरिएबल रहेगा उनमें लार्जर वाला सपोज a लार्जर है तो उनमें वो स्टोर कर लेंगे फिर नेक्स्ट है कंपेयर दैट वैल्यू विद सी जो भी ये जो स्टोर हुआ है इनको सी से कंपेयर करना है सी से कंपेयर करेंगे यदि सी से भी ग्रेटर देन हुआ तो सबसे लार्जेस्ट वैल्यू क्या हो जाएगा ए हमारा हो जाएगा तो इस तरह से आप फाइंड आउट कर सकते हो। तो आइए देखते हैं नेक्स्ट स्लाइड पे क्या है? नेक्स्ट स्लाइड पे है डिवाइड द प्रॉब्लम इनू सब प्रॉब्लम। यानी
10:54 कि कोई प्रॉब्लम है उनको अलग-अलग छोटे पार्ट्स में हम डिवाइड कर देते हैं छोटे प्रॉब्लम में। तो इनको फर्स्ट पॉइंट के हेल्प से समझते हैं। लार्ज प्रॉब्लम्स आर डिफिकल्ट टू सॉल्व एट वंस। बोल रहा है कि जो भी लार्ज प्रॉब्लम होता है काफी डिफिकल्ट होता है एक बार में सॉल्व करने में। तो उनको क्या करते हैं हम कि ब्रेक कर देते हैं। मेन प्रॉब्लम जो होता है उनको हम ब्रेक कर देते हैं स्मॉलर छोटे-छोटे प्रॉब्लम में। ठीक है? नेक्स्ट है सॉल्व ईच सब प्रॉब्लम सेपरेटली। जो भी हम ब्रेक करते हैं छोटे-छोटे प्रॉब्लम में तो सिर्फ हमें सॉल्व करना रहता है। पहले स्मॉल प्रोग्राम को प्रॉब्लम को और फिर स्मॉल प्रॉब्लम को हम कंबाइन करके हम अपना कंप्लीट प्रॉब्लम को स्यूशन प्राप्त कर लेते हैं। आई थिंक ये चीज क्लियर होगा।
11:41 एग्जांपल के तौर पर आप समझ सकते हैं। प्रॉब्लम क्या है? कैलकुलेट टोटल मार्क्स एंड परसेंटेज ऑफ ए स्टूडेंट। एक स्टूडेंट है उनके परसेंटेज और टोटल मार्क्स को हमें कैलकुलेट करना है। तो इनको हम किस तरह से सब प्रॉब्लम में हम डिवाइड कर सकते हैं वह समझते हैं। सबसे पहले इनपुट मार्क्स ऑफ सब्जेक्ट जो भी हमारे पास सब्जेक्ट है उनका हमें मार्क्स लेना पड़ेगा एज ए इनपुट। फिर हमें फाइंड करना पड़ेगा टोटल। सभी मार्क्स का टोटल कितना हुआ। फिर हम कर सकते हैं परसेंटेज को कैलकुलेट। फिर लास्ट में हम जो रिजल्ट आएगा उनको हम डिस्प्ले कर सकते हैं। तो इस तरह से कोई भी हमारे पास कॉम्प्लेक्स प्रॉब्लम है तो उनको हम डिफरेंट स्मॉल स्मॉल पार्ट्स में हम डिवाइड करके फिर हम कैलकुलेट कर सकते हैं।
12:26 तो आई थिंक ये भी पॉइंट आपको क्लियर होगा। तो आइए देखते हैं नेक्स्ट स्लाइड पे क्या है? नेक्स्ट स्लाइड पे है फाइंड डिफरेंट मेथड्स ऑफ सॉल्यूशन। इनका फर्स्ट पॉइंट ख्याल से समझते हैं। ए प्रॉब्लम कैन बी सॉल्व इन मेनी वे। कोई एक प्रॉब्लम है उनको हम कई तरीका से सॉल्व कर सकते हैं। तो सेकंड पॉइंट है ट्राई टू फाइंड मल्टीपल एल्गोरिथ्म। हम कोशिश करते हैं कि कई सारा मल्टीपल एल्गोरिथम को फाइंड आउट करने के लिए, खोजने के लिए। देन चूज़ द बेस्ट वन। फिर जो है उनमें से सबसे बेस्ट कौन सा मेथड है? कौन सा एल्गोरिथ्म सबसे बेस्ट है? उनको चूज करते हैं। नेक्स्ट पॉइंट है कंपेयर मेथड्स बेस्ड ऑन स्पीड, मेमोरी एंड सिंपलीसिटी। यानी कि हम कंपेयर करते हैं
13:14 उन मेथड को किन चीजों के बेस पे? तो स्पीड के और मेमोरी और सिंपलीसिटी इन सभी चीजों के बेस पर हम कंपेयर करते हैं। तो नेक्स्ट एग्जांपल के तौर पर समझते हैं। टू फाइंड द लार्जेस्ट ऑफ थ्री नंबर। तीन नंबर है। तीनों में से लार्जेस्ट क्या होगा? उन चीजों को हम फाइंड आउट करते हैं। जैसे कि यूजिंग इफ एल्स स्टेटमेंट। ये इफ एल्स स्टेटमेंट होता है जो कि कंडीशन चेक करने के लिए हम यूज़ करते हैं। तो इनको आप इन डिटेल आगे पढ़ोगे। जैसे कि इफ होता है। ये सिंटेक्स है। इफ यहां पे कंडीशन लिखा जाता है। ठीक है? फिर इनका ब्लॉक स्टार्ट होता है। इनके अंदर में जो भी आपको स्टेटमेंट लिखना वो लिख सकते हो। फिर एल्स वाला आता है। तो एल्स वाले के अंदर में भी जो कुछ भी लिखना यदि यह वाला ट्रू हुआ यह ट्रू हुआ तो फिर
14:04 यह एल्स वाला नहीं चलेगा। यह यदि फॉल्स हुआ यह फॉल्स हुआ तो फिर जाकर के यह चलेगा ये एल्स वाला कंडीशन। क्लियर है? ये सब कुछ आगे चल के पढ़ेंगे हम इसी सीरीज में। फिर नेस्टेड कंडीशन यानी कि एक के बाद एक एक इफ के अंदर दूसरे इफ लगाना वह नेस्टेड कहलाता है। ठीक है? लास्ट है बिल्ट इन फंक्शनंस यानी कि जो पहले से बना बनाया हुआ फंक्शन है। ठीक है? इन चीजों से भी हम फाइंड आउट कर सकते हैं। तो आइए देखते हैं नेक्स्ट स्लाइड पे क्या है? नेक्स्ट स्लाइड पे है चेक फिजिबिलिटी एंड कास्टेंट। इन चीजों को समझते हैं फर्स्ट पॉइंट के हेल्प से। चेक वेदर द स्यूशन इज प्रैक्टिकल और एफिशिएंट। वो चेक करता है
14:49 कि जो कुछ भी हम प्रॉब्लम का स्यूशन प्राप्त किए हैं, बनाए हुए हैं, वह प्रैक्टिकली और एफिशिएंट है या नहीं है। प्रैक्टिकल है और एफिशिएंट है कि नहीं है। ठीक है? नेक्स्ट पॉइंट है वेरीफाई द अवेलेबिलिटी ऑफ किन चीज का? तो रिक्वायर्ड डाटा जो भी डाटा रहता है रिक्वायर्ड वाला वो। फिर टाइम एंड स्पेस कॉम्प्लेक्सिटी। फिर हार्डवेयर एंड सॉफ्टवेयर रिसोर्स इन सभी चीजों को अवेलेबिलिटी यानी कि वो अवेलेबल है कि नहीं उपस्थित है कि नहीं इन चीजों को वो वेरीफाई करता है। एग्जांपल के तौर पर आप समझ सकते हैं इफ डेटा इज वेरी लार्ज यदि डेटा काफी लार्ज है वी मस्ट इंश्योर द एल्गोरिथम इज फास्ट। हमें ये इंश्योर करना पड़ता है कि एल्गोरिथम जो काफी फास्ट होगा और डज नॉट कंज्यूम टू मच
15:34 मेमोरी। वो ज्यादा मेमोरी और स्पेस नहीं कंज्यूम करेगा। नहीं ऑक्यूपाई करके रखिएगा। आई होप यह सभी पॉइंट्स आपको अच्छे से समझ में आया होगा। तो आइए देखते हैं नेक्स्ट स्लाइड पे क्या है? नेक्स्ट स्लाइड पे टेस्ट विद सैंपल डाटा। तो इनको फर्स्ट पॉइंट के से समझते हैं। ट्राई सॉल्विंग द प्रॉब्लम मैनुअली। हम कोशिश करते हैं कोई प्रॉब्लम है उनको सॉल्व करने का मैनुअली रूप से वि सिंपल इनपुट्स टू चेक करेक्टनेस। और हम यह भी चेक करते हैं कि क्या वो सही है या नहीं है। इनपुट दे दे के कुछ इनपुट वैल्यू दे के वो सॉल्यूशन पे चेक करते हैं कि उनका करेक्ट करेक्ट है या नहीं है। ठीक है? नेक्स्ट पॉइंट है मेक श्योर द आउटपुट इज करेक्ट एंड लॉजिकल। और
16:20 ये भी हम श्योर करते हैं कि आउटपुट जो है वो सही है और लॉजिकल है या नहीं है। ठीक है? आई थिंक ये पॉइंट क्लियर होगा। जैसे कि आप एग्जांपल के तौर पर समझ सकते हैं। इनपुट में जो है हमारे पास 10, 20 और 30 है। तो आउटपुट क्या होना चाहिए तीनों नंबर में? लार्जेस्ट वाले में तो 30 होना चाहिए। 30 हमारा सबसे लार्जेस्ट नंबर होगा। ठीक है? तो आइए देखते हैं नेक्स्ट स्लाइड पे क्या है? नेक्स्ट स्लाइड पे है कैरेक्टरिस्टिक ऑफ ए गुड प्रॉब्लम एनालिसिस। ठीक है? तो इनका सबसे फर्स्ट पॉइंट है कंप्लीट अंडरस्टैंडिंग द प्रॉब्लम। यानी कि जो भी प्रॉब्लम है उनको कंप्लीटली रूप से सबसे पहले समझ ले। नेक्स्ट है क्लियर डेफिनेशन ऑफ इनपुट एंड आउटपुट। जो भी इनपुट और आउटपुट है उनका क्लियर डेफिनेशन होना चाहिए। नेक्स्ट है
17:07 वेल स्ट्रक्चर एंड लॉजिकल स्टेप्स। लॉजिकल स्टेप्स और अच्छे से वो स्ट्रक्चर होना चाहिए। ठीक है? नेक्स्ट है आइडेंटिफिकेशन ऑफ कांस्टेंट। जो भी कांस्टेंट है उनका आइडेंटिफाई होना चाहिए। आइडेंटिफिकेशन होना चाहिए। नेक्स्ट है टेस्टिंग विद सिंपल डाटा। जो भी सिंपल डाटा है उनके साथ टेस्टिंग होनी चाहिए। ये सभी जो पॉइंट्स है यह गुड प्रॉब्लम एनालिसिस का कैरेक्टरिस्टिक है। आई थिंक आपको सभी समझ में आ गया होगा। ये सभी पॉइंट्स को आप याद रखें और इन सभी चीजों को अपने लैंग्वेज बना करके लिखना एग्जाम के टाइम पे। इसी तरह पॉइंट्स टू पॉइंट इससे रिलेटेड कोई भी क्वेश्चन पूछे तो आप कोशिश करना कि उस
17:55 क्वेश्चन से रिलेटेड जितना भी आपके पास नॉलेज है जो कुछ भी आपको याद है सब कुछ आप एग्जाम में लिख देना कुछ भी मत छोड़ना और खास करके आप कोई भी क्वेश्चन को मत छोड़ना ठीक है पेज भर देना एकदम अच्छे से और उस आंसर जो है उस क्वेश्चन से रिलेटेड होना चाहिए ठीक है तो आइए देखते हैं नेक्स्ट स्लाइड पे क्या है नेक्स्ट स्लाइड पे है प्रॉब्लम एनाल एनालिसिस काेंस तो इनका सबसे फर्स्ट पॉइंट से हम समझते हैं। सबसे फर्स्ट पॉइंट है हेल्प्स टू अंडरस्टैंड द प्रॉब्लम डीपली। कोई भी प्रॉब्लम है उसको डीपली तरीका से समझने में यह हेल्प करता है। नेक्स्ट है इंश्योर दैट द सॉल्यूशन इज करेक्ट और एफिशिएंट। और यह यह चीज भी इंश्योर करता है कि हमारा जो सॉल्यूशन है
18:42 वो सही है और एफिशिएंट है या नहीं है। ठीक है? नेक्स्ट है रिड्यूसेस एरर। एरर इससे पहले भी बताए हुए हैं कि जो भी हमारा गलती जो होता है, मिस्टेक होता है उन चीजों को बोलते हैं एरर। यह एरर को भी रिड्यूस कर देता है, कम कर देता है और कंफ्यूजन ड्यूरिंग प्रोग्रामिंग जो कंफ्यूजन होता है प्रोग्रामिंग के टाइम उन चीजों को भी यह कम कर देता है। आई थिंक यह भी पॉइंट क्लियर होगा। नेक्स्ट है सेव्स टाइम एंड एफर्ट इन डिबगिंग। यानी कि यह टाइम को भी हमारा बचा देता है और डिबगिंग यानी कि जो भी एरर है उनको सही करने में भी हमें एफर्ट लगाने में काफी हेल्प करता है। उतना एफर्ट नहीं लगाना पड़ता है। नेक्स्ट पॉइंट है इंप्रूव्स प्रॉब्लम सॉल्विंग स्किल। जो
19:28 भी प्रॉब्लम सॉल्व करने का जो स्किल होता उनमें भी काफी इंप्रूवमेंट ला देता है। यह लास्ट पॉइंट है मैक्स इट इज़ियर टू डिजाइन एल्गोरिथम एंड फ्लो चार्ट। और यह जो है काफी आसान बना देता है कोई भी एल्गोरिथ्म को डिजाइन करने में और फ्लो चार्ट बनाने में। आई थिंक यह सभी चीज आपको अच्छे से समझ में आया होगा। तो इसी के साथ आपका आज का लेक्चर द एंड हो रहा है। थैंक यू सो मच फॉर वाचिंग द वीडियो एंड सपोर्टिंग। तो आप सभी को यदि इनफेटिव लगा होगा यह वीडियो तो वीडियो को लाइक कर दें और चैनल को सब्सक्राइब कर लें ताकि न्यू लेक्चर जैसे ही आए आप देख पाओ। थैंक यू सो मच।