“इतनी बड़ी बात प्रधानसेवक ने शाह को भी नहीं बताई | Deepak Sharma |”的完整文字稿。点击时间戳即可从该位置打开视频。想要其他视频的字幕?试试 YouTube 字幕提取工具。
0:00 नमस्कार मैं दीपक शर्मा मेरे YouTube मंच पर आपका स्वागत है। दोस्तों क्या बहुत से इंपॉर्टेंट फैसले नरेंद्र मोदी अपने शैडो अपनी छाया अमित शाह को भी नहीं बताते हैं और क्या ऐसे कई फैसले हैं जो अमित शाह को भी बाद में पता लगे। अब आज बहुत ही इंपॉर्टेंट इंपॉर्टेंट खबर आपसे साझा कर रहा हूं बीजेपी के सबसे ताकतवर दो नेताओं के बारे में। मोदी और शाह के बारे में कि मोदी कितनी बातें शेयर करते हैं। किस लेवल तक, किस स्केल तक अमित शाह से और क्या यह बात सच है कि अमित शाह को नंबर टू को यह नहीं पता था, नहीं मालूम था कि मोदी इस बार बीजेपी का नेशनल प्रेसिडेंट, बीजेपी
0:45 का बिग बॉस किसको बनाने जा रहे हैं। भले ही बिहार के ये मंत्री नितिन नवीन अमित शाह के भी चेले रहे हो। लेकिन क्या अमित शाह को नहीं मालूम था कि नितिन को ही मोदी बीजेपी का बिग बॉस बनाने जा रहे हैं। अब दोस्तों सच यह है कि नरेंद्र मोदी ने खुद नितिन नबीन को अध्यक्ष के तौर पर चुना था क्योंकि नितिन नबीन से उनकी जो आप कह सकते हैं जो रिश्ते हैं उनके बरसों पुराने हैं। आगे मैं डिटेल में बताऊंगा। लेकिन यहां पर ये मैं कहना चाह रहा हूं कि जब नितिन नवीन को मोदी ने अध्यक्ष के तौर पर चुन लिया उसके कुछ दिन के बाद उन्होंने यह खबर सबसे पहले मोहन भागवत से साझा की। उसके बाद दत्तात्रेय हौसबोले से साझा की और फिर ये
1:33 बात अमित शाह तक पहुंची। सच्चाई ये है। सच्चाई यह है कि संडे के दिन 14 दिसंबर के दिन जब कांग्रेस की रैली हो रही थी उस वक्त मोदी ने बीजेपी गुजरात उनके लीडर्स को बुलाया था जिसमें उनके नए अध्यक्ष और तमाम नेता थे और इसी बहाने उन्होंने अपने प्राइम मिनिस्टर रेजिडेंस पर अमित शाह को भी बुलाया, जेपी नड्डा को भी बुलाया और बीएल संतोष जो राष्ट्रीय महामंत्री उनको भी बुलाया और वहीं उस मीटिंग के खत्म होने के बाद एक अलग मीटिंग में मोदी ने आधिकारिक तौर पर बताया कि उन्होंने नितिन नवीन को अध्यक्ष के तौर पर चुना या यूं कह लीजिए कि मोदी ने नितिन नवीन का नाम सुझाया और मोहर तो फिर सबकी लगनी ही थी क्योंकि नाम मोदी के जुबान से आया था 14
2:22 दिसंबर संडे के दिन और उसी दिन तय हो गया कि यह नाम अनाउंस कर दिया जाए क्योंकि अगले दिन से खरमास का महीना शुरू होने जा रहा था और फिर वैसा ही हुआ शाम तक नितिन नवीन बीजेपी के सबसे इंपॉर्टेंट नेता बन गए मोदी शाह के बाद। अब 14 दिसंबर से पहले या यूं कहिए 14 दिसंबर के तीन दिन पहले एक इंपॉर्टेंट बैठक बुलाई गई थी। बीजेपी संसदीय बोर्ड की बैठक। अब यह जो बोर्ड है यह आप कह सकते हैं सर्वोच्च संस्था है बीजेपी की जो सबसे बड़े फैसले लेती है। बीजेपी के अध्यक्ष का भी फैसला कहीं ना कहीं यहीं डिस्कस होता है। और इस मीटिंग में इस मीटिंग में वर्चुअल मीटिंग थी। ऑनलाइन मीटिंग थी। इस मीटिंग में नरेंद्र मोदी ने पार्लियामेंट बोर्ड के सदस्यों से यह तो पूछा यह तो पूछा कि भाई अध्यक्ष
3:09 कैसा होना चाहिए? लेकिन अध्यक्ष कौन हो उस पर सुझाव नहीं मांगे। किसी से नाम नहीं मांगा कि किसको अध्यक्ष होना चाहिए। अध्यक्ष कैसा होना चाहिए और इस मीटिंग में अमित शाह भी थे, बीएल संतोष भी थे, नड्डा भी थे और कई इंपॉर्टेंट लीडर्स थे। यह नहीं बताया कि अध्यक्ष कौन होगा। और फिर इसी के बाद नरेंद्र मोदी के दफ्तर से फोन जाता है मोहन भागवत और उन्हें बताया जाता है कि नितिन नवीन को पार्टी के नए अध्यक्ष के तौर पर चुन लिया है। इत्तेफाक से मोहन भागवत नितिन के पिता नवीन बाबू को पहले से जानते थे। फैसला नहीं जानते थे। जो आदमी बन रहा था उसके परिवार को जानते थे। अब दोस्तों जो बड़ा सवाल है वो यह है कि क्या मोदी ने पूरी पार्टी पूरी पार्टी बीजेपी
3:56 को मैसेज दिया? कि चाहे सरकार हो, चाहे पार्टी हो, चाहे संगठन हो, चाहे नेता हो। मोदी इज नंबर वन। एक से लेकर 11 तक मोदी हैं। 12वें नंबर पर अमित शाह हैं। और 12 के बाद गिनती खत्म हो जाती है नेताओं की। क्या ये एक मैसेज गया? और ये मैसेज राजनाथ सिंह के लिए भी है। ये मैसेज नितिन गडकरी के लिए भी है। ये मैसेज शिवराज सिंह चौहान के लिए भी है। ये मैसेज योगी आदित्यनाथ के लिए भी है। ये मैसेज जो करीबी लोग हैं नए लीडर हैं जिसमें भूपेंद्र यादव हैं या फिर पीयूष गोयल हैं या फिर धर्मेंद्र प्रधान हैं। इन सबके लिए मैसेज था कि मोदी ही सब कुछ हैं और क्या ये जो लक्षण हैं, ये जो सिम्टम्स ये मोदी को धीरे-धीरे डिक्टेटर बना रहे हैं और डिक्टेटर की तरफ
4:42 वो बढ़ रहे हैं कि सिम्टम्स क्या वही सिम्टम्स हैं? ऐसे बहुत से सवाल हैं और मैंने आज अभिषेक और उमाकांत जी दोनों को बुलाया क्योंकि मैं थोड़ा सा सवाल नितिन नवीन के बारे में भी करना चाहता हूं कि मोदी के करीब आए कैसे? ये टांका भिड़ा कहां? इतने खास हो गए कि मोदी ने तय कर लिया कि पार्टी का बिग बॉस इन्हीं को बनाना है। शाह के भी ऊपर, नड्डा के भी ऊपर, सबके ऊपर। अभिषेक मेरा जो सवाल है और बड़ा इंपॉर्टेंट सवाल है। नितिन बाबू नितिन नबीन जो राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाए गए हैं और अगले महीने वो नड्डा की कुर्सी पर बैठेंगे। क्या नितिन नवीन मोदी के आदमी हैं और मोदी को काफी पहले से जानते हैं और इसीलिए नरेंद्र मोदी ने इनको
5:28 हैंड पिक किया है और किसी को नहीं बताया। एक सीक्रेट अपने छाती से लगा के रखा है। यहां तक कि अमित शाह को नहीं बताया। ये क्या बहुत पहले से मोदी के साथ जुड़े हुए हैं। मैं ब्रीफ में जानना चाह रहा हूं। जी मैं ब्रीफ में ही आपको बता रहा हूं। दरअसल बिहार में जब नीतीश कुमार सत्ता में आए उस वक्त सुशील मोदी कैंप में मोटे तौर पर है तो आडवाणी कैंप हावी था। आडवाणी कैंप में नितिन नवीन के पिता को जगह नहीं थी। कुछ दिनों बाद उनका देहांत हो गया। तो नितिन नवीन उनकी जगह विधायक बने। नितिन नवीन 26 साल की उम्र में 2006 में विधायक बन गए। उसके बाद भीकि उनके पिता के साथ सुशील मोदी के बहुत अच्छे संबंध नहीं थे। लिहाजा उस वक्त जो भी लोग भारतीय जनता पार्टी की वो जो दिल्ली वाली लॉबी थी लालकृष्ण आडवाणी वाली लॉबी उसके साथ
6:15 कंफर्टेबल नहीं थे उनका ठिकाना अहमदाबाद होता था। जी उनको अहमदाबाद से एक पॉलिटिकल शेल्टर की उम्मीद थी और वैसे लोगों में ही नितिन नवीन की गिनती होती है। समझ गया कह रहे हैं कि 2007 के बाद 2007 के बाद 2007 के बाद और 2009 आते-आते जब आडवाणी और नरेंद्र मोदी में खाई गहराई। उस वक्त जो आडवाणी के कैंप में लोग नहीं थे वो नरेंद्र मोदी के कैंप में थे। क्योंकि उस वक्त नरेंद्र मोदी ने पार्टी का सारा फंड फाइनेंस अपने हाथ में ले लिया था और खासकर प्रमोद महाजन के दिवंगत होने के बाद। मैं एक सवाल जरा लखेड़ा साहब से पूछना चाह रहा हूं। लखड़ा साहब क्या नरेंद्र मोदी ने अपने आदमी को इतनी बड़ी कुर्सी पर बैठाया? तो यह मैसेज है योगी
7:02 आदित्यनाथ को, देवेंद्र फडनवीस को, भूपेंद्र यादव को, पीयूष गोयल को, इसके अलावा धर्मेंद्र प्रधान को यहां तक कि अमित शाह को इन सबको एक मैसेज है लखड़ा साहब। आई एम द नंबर वन, आई एम द नंबर टू, आई एम द नंबर थ्री। मैं ही सब कुछ हूं। मैं ही तय करूंगा कि अध्यक्ष कौन है ना संस्कृत का श्लोक है ना कि अहम ब्रह्मस मैं हूं ब्रह्म लेकिन नरेंद्र मोदी वो कह रहे मैं महाबली हूं वो तो भगवान तो वो खुद को घोषित करवा ही चुके हैं वो महाबली भाई मैं जिसका चाहो बलि ले लूं आपकी किसी की हिम्मत है आज की तारीख में भारतीय जनता पार्टी के भीतर इतना असंतोष है
7:47 कार्यकर्ताओं में जो स्टेट के कार्यकर्ता हैं केंद्र के कार्यकर्ता है मेंबर ऑफ पार्लियामेंट है ये जो लोकतांत्रिक पार्टी अगर है भारतीय जनता पार्टी तो कंसल्टेशन का प्रोसेस कहां है? आपने कोई ये तो ये तो तानाशाही पूर्ण तरीका है। आप नितिन नवीन एक अच्छे वक्ता हो सकते हैं। वो अच्छे चरित्र के हो सकते हैं। चरित्रवान हो सकते हैं। ऊर्जावान हो सकते हैं। लेकिन सवाल है कि एक डेमोक्रेटिक पार्टी अगर इस चुनौती का सामना आज की तारीख में कर रही है तो उसमें एक नवसिया व्यक्ति ये तो ऐसे हो गया कि आर्मी की लड़ाई हो रही है। लड़ाई पर जाना है आपने। मोर्चे पर जाना है आपने जो अग्निवीर भर्ती किया आपने चार महीने चार साल की ट्रेनिंग वाला अग्निवीर जो भर्ती किया है उसको आपने आर्मी चीफ बना दिया तो भाई साहब जो लेफ्टिनेंट जनरल जो टॉप जनरल
8:33 है वेस्टर्न कमांड ईस्टर्न कमांड साउथ कमांड ये जो जनरल है वो क्या खास घास काटेंगे क्या सवाल तो ये है पार्टी विद्रोह की विद्रोह की स्थिति है लेकिन किसी की हिम्मत है नहीं जी समझ गया समझ गया लखेड़ा साहब कह रहे हैं कि भाई अग्निवीर भर्ती कर दिया बीजेपी में का जो अध्यक्ष है वो अग्निवीर है और कुछ लोग कह रहे हैं कि यह बीजेपी का बाल विवाह है। बहुत सी बातें हो रही है। लेकिन एक बात जो बहुत स्पष्ट रूप से सामने आ रही है कि नरेंद्र मोदी का ही सिलेक्शन था। नरेंद्र मोदी ने ही चुना था। और यहां तक कि अमित शाह को भी नहीं मालूम था। संडे को पता लगा अनाउंस करने से कुछ देर पहले जब एक मीटिंग करी नड्डा, बीएल संतोष और अमित शाह के साथ नरेंद्र मोदी ने। अभिषेक क्या आपको लगता है कि जो बीजेपी की ये जो सेकंड
9:19 जनरेशन है जिसमें भूपेंद्र यादव, धर्मेंद्र प्रधान, पीयूष गोयल, अश्विनी वैष्णव, योगी आदित्यनाथ, देवेंद्र फडनवीस क्या इन लोगों को भी मैसेज है कि हैसियत में रहिए। अहंकार अगर आप में दिखेगा तो कोई नितिन नवीन आके जो है उस अहंकार को चूर करेगा। एक मैसेज है मोदी का और जो लखेड़ा साहब कह रहे हैं अहम ब्रह्मास्मि मैं ही ब्रह्मा हूं। मैं ही सब कुछ हूं। आई एम द वन वन एंड ओनली नरेंद्र मोदी। बिल्कुल आप सही कह रहे हैं और इसके उत्तर दो तरीके से दिए जा सकते हैं दीपक जी। पहला एक कि बीजेपी में नरेंद्र मोदी ने पूरे एक जनरेशन को बाईपास कर दिया। यह बिल्कुल वैसा ही है कि रोहित शर्मा को कप्तान से हटने के लिए कहा जाए और उनके बाद वाली जनरेशन को कप्तान ना बनाकर किसी
10:05 बिल्कुल नए खिलाड़ी के हाथ में इंडियन टीम की कप्तानी दे दी जाए। रोहित शर्मा के बाद सीधे यशस्वी जायसवाल आ जाए। केएल राहुल वगैरह बीच से गायब हो जाए। ये उसी तरह की कप्तानी दी गई है। क्योंकि आप देखिए बीजेपी की पहली पीढ़ी के समय में तो आपने नोटियंस दिल्ली की और खास के रायसीना हिल पर पत्रकारिता टॉप फोर मंत्रालय में की है। आपने उसको कवर किया है। जब अटल आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी का दौर था, जसवंत सिंह का दौर था। अब उसके बाद की पीढ़ी जो थी नरेंद्र मोदी, प्रमोद महाजन, राजनाथ सिंह वो अभी सत्ता में है। प्रमोद महाजन अब नहीं है लेकिन उनकी पीढ़ी सत्ता में है। उसके बाद वाली जो पीढ़ी दिखाई दे रही थी जिसमें अमित शाह, योगी आदित्यनाथ, जेपी नड्डा, भूपेंद्र यादव यह सब जो पीढ़ी
10:50 दिखाई दे रही थी इस पीढ़ी को सीधे झटका देते हुए एक पीढ़ी और नीचे नरेंद्र मोदी ने कमान सौंप दी है। मतलब दादा के बाद पोता पिताजी और चाचा जी वाली जनरेशन गायब हो गई। और इसके पीछे बड़ा कारण क्या है? जो दूसरा महत्वपूर्ण इशू है कि दूसरे तरीके से भी इसका उत्तर मैंने कहा दिया जा सकता है वो ये है कि बीजेपी में जो लीडरशिप ग्रूमिंग प्रोसेस चल रहा था 10 साल से उसमें ज्यादातर पर अमित शाह के आदमी काबिज थे। आप देखिए बृजेश पाठक और ये केशव प्रसाद हां बिहार में नित्यानंद राय और सम्राट चौधरी जितने पर्ची वाले मुख्यमंत्री हैं उनको देख लीजिए विनोद तावड़े को देख लीजिए प्रहलाद जोशी की बात आप देख लीजिए जिस ढंग
11:37 से पूरी टीम सजाई गई थी वो टीम अमित शाह थी और टीम अमित शाह जब सजाई गई थी ये नरेंद्र मोदी को भी दिख रहा था लिहाजा एक जनरेशन नीचे जाने के अलावा उनके पास विकल्प भी तो नहीं था अगर वो भाजपा पर अपनी होल्ड बनाए रखना चाहते हैं। अपने जनरेशन को देंगे तो उसमें तो एक से एक घाग पॉलिटिशियन है। राजनाथ सिंह और नितिन गडकरी को तो वो दे नहीं सकते। अपने बाद वाले जनरेशन में जिधर वो देखते हैं उधर अमित शाह की टीम नजर आती है। तो उस जनरेशन के बाद वाले जनरेशन में जाना उनकी मजबूरी थी। ठीक। ठीक। साहब लास्ट क्वेश्चन। क्या आपको लगता है कि चलिए भाई अमित शाह तो क्योंकि गुजरात के हैं मोदी जी के हमराज है राजदार हैं। बहुत से ऐसे राज हैं। बहुत से ऐसे ऑपरेशन है जो अमित शाह ने खुद संभाले जब मोदी मुख्यमंत्री थे। तो खैर अमित शाह तो अमित
12:24 शाह है। भाई गुजरात लॉबी तो गुजरात लॉबी रहेगी। लेकिन ये बात सही है कि मोदी ने ये चीज क्लियर करी कि नंबर वन वही है। नंबर एक से 11 तक वो है। 12वें नंबर पर अमित शाह थे। और बाकी 12 नंबर के बाद बीजेपी में कोई गिनती नहीं। सब बराबर है। क्या राजनाथ सिंह रक्षा मंत्री क्या नितिन गडकरी पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष और एक सीनियर लीडर या योगी आदित्यनाथ दो बार के मुख्यमंत्री तीसरी बार मुख्यमंत्री बनने का सपना देख रहे हैं? क्या इन लोगों की कोई हैसियत नहीं? शिवराज सिंह चौहान या फिर राजनाथ सिंह या फिर नितिन गडकरी या फिर योगी आदित्यनाथ ऐसे लोगों की कोई हैसियत नहीं है। मोदी ने ये मैसेज दिया है। इट्स अ कंप्लीट आप कह सकते हैं जो डिक्टेटर होता है डिक्टेटर टाइप की आपको रिजीम दिखती है।
13:10 अरे दीपक जी आप हैसियत कहां हैसियत की बात कैसे कर रहे हैं? इनको तो कूड़ेदान में फेंक दिया। आप ये बताइए कि आप ये बताइए कि अनुराग ठाकुर जो युवा मोर्चा के अध्यक्ष हुआ करते थे किसी जमाने में उनका जूनियर उनका जूनियर उनका अब वो डायरेक्शन ये डायरेक्शन देंगे अनुराग ठाकुर अनुराग यहां मैं क्या बोल रहा आपको भाई अग्निवीर को बना दिया आर्मी जनरल ओके जिसको अग्निवीर होना था भारत की सेना में ऐसा मुमकिन है ऐसा हो सकता है एक डेमोक्रेटिक पार्टी में ऐसा काम एक डिक्टेटरशिप में एक तानाशाही में एक आप मार्शल लॉ में ही हो सकता है कि जो मैंने कह दिया इसको बाप बोलो। यही आपका भगवान
13:55 है। यही आपका भाग्य विधाता है। सवाल यह है कि क्या नितिन नबी भारत ऐसा मुल्क है। इतना बड़ा मुल्क है। इतनी इस कंट्री में डवर्सिटी है। नॉर्थ है, साउथ है, ईस्ट है, वेस्ट है। इन राज्यों की अलग-अलग कथाएं हैं। अलग-अलग पार्टी स्ट्रक्चर है। हम एक मल्टी पार्टी डेमोक्रेसी में जी रहे हैं। एक कोिशन गवर्नमेंट चला रहे हैं। उस कोिशन गवर्नमेंट को को जो लीडर है, उसका जो सिरमोर है, एक अननोन आदमी जो डिस्ट्रिक्ट लेवल का लीडर है, ठीक है। चार पांच बार का एमएलए वो बिहार में डिस्ट्रिक्ट के बाहर उनकी क्या हैसियत है अपने बांकीपुर जो विधानसभा है उसके बाहर क्या हैसियत है उनकी तो ऐसे व्यक्ति को अग्नवीर को आपने ठोक दिया कि आर्मी चीफ है कल से अब उसकी ट्रेनिंग ही नहीं है आर्मी चीफ की ट्रेनिंग नहीं है उसे कोई कमांड नहीं की
14:41 है कोई उसने कोई राष्ट्रीय सचिव रहता है वाइस प्रेसिडेंट रहता है उसको उसको क्या पता कि कौन नेता है स्टेट में क्या हालत है क्या नहीं है ये मोदी ने पूरी तरह भारतीय जनता पार्टी के विध्वस विध्वस शब्द का इस्तेमाल कर रहा हूं मैं। विध्वस करने की पटकथा लिख दी है। और भारतीय जनता पार्टी में गुलामी में जो लोग जी रहे हैं राजनाथ सिंह जैसे लोग मैं किस चीज का नाम लूं आपको? किस-किस का नाम लूं? जो जो नितिन गडकरी जैसे लोग जो कहानियां बुझाते हैं, बिटवी इन द लाइन बातें करते हैं। किसी की हिम्मत है आज की तारीख में ये पूछने की कि भाई ये डिक्टेटरशिप नहीं है तो क्या है? किसी की हिम्मत है कि कोई चिट्ठी लिख दे। आरएसएस के अंदर यह कहा जा रहा है कि मोहन भागवत से पूछ के लिया।
15:28 अरुण सिंह अरुण सिंह को अरुण कुमार को पूछ के लिया। बाकी बाकी लोगों को सवाल ये है कि किसी का ये ये हिम्मत है। ये साहस है या दुस्साहस कर सकता है कोई आज की तारीख में ये पूछे चिट्ठी लिख के या प्रेस कॉन्फ्रेंस करे। तो ये बहुत विध्वसकारी डिसीजन है और भारतीय जनता पार्टी का मैं मेरी दसों लोगों से बात हो गई। पूरा मोरल पार्टी का डाउन है। राज्यों में, स्टेट में, सेंटर में, मेंबर ऑफ पार्लियामेंट आठआ बार के एमपी वो कह रहे हैं इसके अंडर में हम काम करेंगे। ठीक है। दोनों एक्सपर्ट्स दोनों एक्सपर्ट्स की भाई एक सलाह जो इमर्ज हो के सामने आ रही है या आप कह सकते हैं जो हेडलाइन इमर्ज हो रही है दोनों एक्सपर्ट्स की क्योंकि नितिन बाबू को बहुत करीब से जानते हैं और कई
16:13 बरसों से फॉलो कर रहे हैं अभिषेक और लखड़ा साहब बीजेपी भी कवर करते हैं। संसद कवर कर रहे हैं 30 35 साल से। तो बाकी जो नेशनल लेवल के लीडर उनको बहुत अच्छी तरह से जानते हैं। दोनों का यह कहना है कि भाई नरेंद्र मोदी ने एक बात पार्टी के भीतर क्लियर कर दी कि मैं जो कहूं वही एक आदेश है वही एक हुक्म है और उसको मानना पड़ेगा और अमित शाह को भी मानना पड़ेगा राजनाथ सिंह को भी मानना पड़ेगा मोहन भागवत आरएसएस के चीफ को भी एक्सेप्ट करना पड़ेगा चाहे मैं नितिन नवीन को बनाऊं या किसी और को बनाऊं या अग्निवीर को बनाऊं जनरल अगर मैं बना रहा हूं तो यह मेरा हैंडप सिलेक्शन है और यह मैसेज दिया और एक ही झटके में राजनाथ जैसे लोग नितिन गडकरी जैसे लोग शिवराज सिंह चौहान जैसे लोग कई बार के मुख्यमंत्री, कई बार के केंद्रीय
16:59 मंत्री, योगी आदित्य ने जैसे मुख्यमंत्री, सबसे बड़े सूबे के इन सबको एक मैसेज दिया है कि आपकी जगह उतनी है जितनी जगह मैं आपको दे दूंगा। बाकी सब कुछ मैं तय करूंगा और शायद इसीलिए इस बार अमित शाह को भी इतना बड़ा सीक्रेट, इतना बड़ा फैसला नरेंद्र मोदी ने 11वें घंटे में बुलाया। मतलब आखिरी वक्त बुलाया बताया। देखते हैं ये क्या पार्टी डिक्टेटरशिप की तरफ बढ़ रही है और डिक्टेटरशिप की तरफ बढ़ रही है। तो लखड़ा साहब कह रहे हैं कि यह तो भाई पार्टी का ही आप विध्वंस कर रहे हैं। पार्टी को ही आप डिस्ट्रॉय करने जा रहे हैं। अभिषेक बाबू बहुत-बहुत शुक्रिया। आप आए आपने नितिन बाबू के बारे में रोशनी डाली कि भाई मोदी के पुराने आदमी थे। वफादार थे। इनको इनाम मिला। बहुत बड़ा इनाम मिला। और भाई नखड़ा साहब आपने कह
17:45 दिया कि ये तो अग्निवीर हैं। अग्निवीर को आर्मी जनरल बना दिया। तो खैर अग्निवीर मोदी जी की योजना है। लागू कर रहे हैं आर्मी में भी, पार्टी में भी। थैंक यू सो मच। थैंक यू सो मच बोथ ऑफ यू फॉर जॉइनिंग दिस प्रोग्राम।