0:02 [संगीत] करने से पहले आपको इस चीज को समझना बहुत ज्यादा जरूरी हो जाता है की आप किस ढंग से बात कर रहे हैं राइट आप जिस भी इंसान से बात करें तो आपकी सोच क्या है उसको बात करते वक्त उसे बात करते वक्त वो बहुत ज्यादा डिपेंड करती है की जो आपकी जो कम्युनिकेशन है जो आपकी कन्वर्सेशन है उसका रिजल्ट क्या आने वाला है उसका आउटपुट क्या आएगा तो इस चीज को समझना बहुत ज्यादा जरूरी है जिसके बारे में आज हम बात करेंगे फ्रेंड्स राइट की हमारी इंटेंशन जो है वो किस टाइप की रहनी चाहिए ए और जब भी आप किसी पर्सन से कम्युनिकेट करते हैं तो आप उसको कैसे कंट्रोल करना है राइट अभी आपने यह चीज तो फुल कारी होगी की
0:48 आप बहुत ज्यादा acresive वहां पे हो जाते हैं किसी भी पर्सन से बात करते वक्त तो वो एग्रेसिवनेस क्यों आती है कम्युनिकेशन के बीच में कुछ ऐसा छोटा सा पार्ट जो की आपको हर्ट कर देता है उसकी वजह से वो छोटा सा पार्ट बहुत बड़ा मूवमेंट में कन्वर्ट हो जाता है जिसकी वजह से आपकी जो कम्युनिकेशन है वो बहुत ज्यादा गलतफहमी चली जाती है तो उसको कैसे कंट्रोल करना है आज इस वीडियो के बाद अंदर बात करेंगे फ्रेंड्स आज हम बात करने वाले हैं पॉजिटिव एटीट्यूड राइट तो पॉजिटिव एटीट्यूड क्या है किस तरह से कम करता है हमारी कम्युनिकेशन में इसकी क्या इंपॉर्टेंस है इन टॉपिक से ऊपर हम बात करेंगे फ्रेंड्स दिस चैनल परसेंटेज
1:39 राइट हम जो है अपनी इकोनॉमिक कम्युनिकेशन के अंदर इस चीज को नहीं समझ पाते हैं की सच में पॉजिटिव एटीट्यूड का हमारे कम्युनिकेशन के अंदर क्या महत्व है क्या इंपॉर्टेंस है जबकि इस चीज को बहुत ज्यादा इंपॉर्टेंस आपको देनी है बट बाय डिफॉल्ट हम इस को इंपॉर्टेंस नहीं दे पाते हैं जिसकी वजह से हमारे कम्युनिकेशन गलत वे में जाती है तो इसको समझने से पहले आपको ये चीज बहुत अच्छे से जानी पड़ेगी मैं आपको एग्जांपल के थ्रू बताता हूं जब आप किसी इंसान से बात करते हैं और बात करते वक्त आप सिर्फ और सिर्फ उससे बात ही कर रहे हैं आपको यह नहीं पता आप किस इंटेंशन से बात कर रहे हैं राइट आपकी ग्रुप के अंदर जिस भी इंसान से आप बात करते हैं तो उसमें से एक आध पर्सन तो ऐसा जरूर होगा ना जिससे आप बात करते हो आपको छेड़ा आती है उसकी बातें आपको पसंद नहीं आती है या फिर
2:27 उसकी बातों में कोई भी ऐसी पॉइंट होते जो की आपको गलत लगता है राइट तो उसे चीज से बहुत ज्यादा आपको हार्ड हो जाता है बट फिर भी आपको इस चीज को नहीं समझ में आता है की भाई हम उससे बात किस वे में कर रहे हैं किस वे में हम इससे बात करनी चाहिए आप जो है एक नॉर्मल जो पॉजिटिव एटीट्यूड की पावर होती है उसको आ उनवान मतलब अनदेखा कर देते हैं राइट उसको नज़र अंदाज़ कर देते जिसकी वजह से कई सारी प्रॉब्लम्स वहां पे क्रिएट हो जाती है अब आपको जो है ये चीज को समझना है की जो पॉजिटिव एटीट्यूड आपका नजरिया बदल सकता है ध्यान दीजिएगा मेरी बात को आपका जो पॉजिटिव एटीट्यूड है वो आपका नजरिया बदल सकता है एंड जब आप किसी भी पर्सन से बात कर रहे हो तो बेसिक से वो गलत शब्द का उसे
3:12 कर रहा हो बेसिक से वो नेगेटिव बातों का उसे कर रहा हो फिर भी आपको उसे बातों के अंदर पॉजिटिविटी ढूंढ ही लेंगे जिस वजह से आपकी जो कम्युनिकेशन है वो एक हेल्दी और एक राइट कम्युनिकेशन में कन्वर्ट हो जाएगी राइट तो सेकंड पॉइंट हमारा ये है की अपनी जो कम्युनिकेशन है उसके अंदर नेगेटिव पॉइंट का आपको ढूंढना पड़ेगा राइट जब आप किसी भी पर्सन कम्युनिकेट करते हैं जब आप किसी भी पर्सन से कोई बात करते हैं तो आपको इस चीज को जानना बहुत ज्यादा जरूरी है की आपको किन-किन बातों से गुस्सा आता है आपको परेशानी होती है आपको एग्रेसिवनेस फुल होती है एंड आपको अनकंफरटेबल फुल होता है तो ये चार चीज जिन-जिन शब्द से आपको जो है ये सब फुल होता है तो उनको ओवर कम करना शुरू कर दे रही है यानी की जो पर्सन इस
3:59 बातों का इन शब्द का उसे करता है आप उनके साथ कम्युनिकेट थोड़ा सा गैप क्रिएट कर दीजिए जिसकी वजह से आप अपनी जो पॉजिटिव थिंकिंग है उसको बनाए रखेंगे राइट जो मैंने फर्स्ट पॉइंट के ऊपर बात कारी थी की आपको अपना पॉजिटिव एटीट्यूड समझना पड़ेगा राइट आप उसको उसकी इंपॉर्टेंस समझनी पड़ेगी जब आप अपने पॉजिटिव की इंपॉर्टेंस समझेंगे हर एक चीज के अंदर में कोई ना कोई एक पॉजिटिव पॉइंट्स छुपा होता है जब आप उसे ढूंढ लेंगे वहां से आप उसकी इंपॉर्टेंस समझेंगे दें उसके बाद आपको क्या करना है आपको नेगेटिव पॉइंट वहां पर ढूंढना है की किन पॉइंट से आपको बुरा लगता है आपको हार्ट होता है एंड पॉइंट से जो की आपके लाइफ के अंदर बहुत ज्यादा इंपॉर्टेंट रूफ प्ले करते हैं आपको हर्ट करने में तो जब आप उसे फाइंड कर लेंगे तो आपको ये चीज पता लगेगा हान इस पॉइंट से मुझे बहुत
4:45 ज्यादा हार्ड होता है तो आप उसको जो पर्सन उसका उसे करता है जहां पे आपको वो शब्द सुनने को मिलता है जो चीज आपको अच्छी नहीं लगता आप मुझसे गैप बनाना स्टार्ट कर देंगे थर्ड थिंग आप खुद भी गलत बातें करना बंद करिए स्टॉप नेगेटिव स्पीकिंग यानी की किसी भी पर्सन के बारे में फिर चाहे किसी टॉपिक के बारे में गलत बोलना बंद करिए क्योंकि जो हमारे शब्द होते हैं ना वो हमारी मेंटालिटी से निकलती हैं यानी की आपको जब आपकी पॉजिटिव थिंकिंग हो जाएगी ना जब आपको पॉजिटिव एटीट्यूड हो जाएगा तो ऑटोमेटेकली आप जो है आप जो एक सही तरीके से बोलना शुरू कर देंगे राइट बट आपको खुद पे भी फोकस करना है की यार मैं गलत बात तो नहीं का रहा क्या इस पर्सन को मेरी बात सही लग रही है अगर मेरी बात इस पर्सन को सही लग रही है तो ये एक अच्छी वे में बात चल रही है नहीं चल रही है आपको हर थोड़ी देर के अंदर अपनी
5:32 कम्युनिकेशन को आंकना पड़ेगा मेंशन कम्युनिकेशन इस विद पॉजिटिव एटीट्यूड यानी की आपको अपनी कम्युनिकेशन को समझना पड़ेगा की आपकी कम्युनिकेशन सही चल रही है हेल्दी चल रही है या राइट चल रही है या फिर galatfai में तो नहीं जा रही इस चीज को आपको देखना पड़ेगा की आप किसी भी पर्सन से जब बात कर रहे हैं तो उसका कम्युनिकेशन जो है जो आपकी बातें चल रही हैं वो सही वे में चल रही है या नहीं राइट तो इस पॉइंट में मैंने आपको चार पॉइंट बहुत ज्यादा इंपॉर्टेंट तरीके से बताए हैं पहला जो पॉइंट है आपको पॉजिटिव एटीट्यूड को समझना पड़ेगा राइट अपना आप नजरिया चेंज करिए अपनी इंटेंशन पॉजिटिव कर दीजिए दें उसके बाद गलत पॉइंट धुंधिया जो भी आपको गलत हर्ट होता है जिनसे जिन टॉपिक से उनसे गैप
6:17 बनाना शुरू कर दीजिए दें उसके बाद जो आप गलत बातें करते हैं नेगेटिव बातें करते हैं उनको ओवर कम करना शुरू करिए जब आप ऐसा करेंगे तो डेफिनेटली जो भी बात आप किसी भी पर्सन से कर रहे हैं तो उसका बहुत अच्छा इंपैक्ट है आपको पड़ेगा एंड जो आपका पॉजिटिव वेव्स आप क्रिएट अपने अंदर तो सामने वाले तक भी जाती है दें उसके बाद 14 जो पॉइंट है आपको मेजरमेंट करना है अपना राइट कम्युनिकेशन का किसी भी पर्सन बात कर रहे हैं तो इस वे में आप मेजर करिए की यस ये जो कम्युनिकेशन है वो पॉजिटिव वे में जा रही है नहीं जा रही है राइट तो इस चीज को आपको जरूर समझना पड़ेगा एंड ये जो टॉपिक है इनको ध्यान में रखिए अप्लाई करने पे फोकस करिए चलते हैं नेक्स्ट वीडियो के अंदर और भी बहुत कुछ सीखना