0:00 स्वागत है आप सभी का आशु घई 11 12th पे जहां पे मैं आशु घई आपको दिल और दिमाग दोनों से पढ़ाता हूं। तो स्वागत है आप सभी का आज के इस वन शॉट में यानी कि हमारे फिजिक्स के सेकंड चैप्टर के वन शॉट में इलेक्ट्रोस्टेटिक पोटेंशियल एंड कैपेसिटेंस और साथ ही साथ एक-एक डेरिवेशन तो कराने ही वाला हूं। एक-एक एक भी डेरिवेशन नहीं छोडूंगा। हर एक डेरिवेशन को हाथ से लिखूंगा आप सबके कहने पे। पिछले वन शॉट में पूछा था कि डेरिवेशन लिख के लेके आऊं या हाथ से करूं। आप सब ने कमेंट सेक्शन पे कहा हाथ से लिखो। तो आपने कहा तो भैया ना माने ऐसा हो नहीं सकता। तो हर एक डेरिवेशन हाथ से लिख रहे हैं। लेकिन ध्यान रहे इस चैप्टर में क्वेश्चंस भी साथ में करेंगे। क्वेश्चन है बिल्कुल लास्ट में 2 घंटे 10 मिनट 2 घंटे 20 वन शॉट जो है शूट हो चुका है। दो इंट्रोडक्शन बाद
0:45 में शूट कर रहा हूं। 2 घंटे 10 मिनट 2 घंटे 20 मिनट के आसपास ये वन शॉट शूट हुआ है। उसके बाद आपको मिलेंगे क्वेश्चन आंसर। तो अगर यहां पे आप सिर्फ क्वेश्चन आंसर्स के लिए आए हो तो आप वो वाला पार्ट स्किप कर सकते हो। बाकी मैं कहूंगा ऐसा मत करो। पूरा वन शॉट देखो स्टार्ट से एंड और उसके बाद लास्ट में आपको मिलेंगे क्वेश्चन एंड आंसर्स। लेकिन मैं दिल से बोल रहा हूं एक-एक चीज हमने यहां पे डेरिवेशन को पूरे दिल और दिमाग से पूरी ईमानदारी से यहां पे किया हुआ है पहले। तो टाइम बचाना। अगर आपको लगता है कि आपने ये पहले किया हुआ है तो उसको स्किप करना। देखो भाई साहब टाइम बचाना। स्मार्ट वर्क भी करो। हार्ड वर्क के साथ-साथ। कोई चीज पहले से कर रखी है, आती है तो उसको दोबारा देखने का कोई तात्पर्य नहीं है। उसको स्किप करो। जो नहीं आता है उस पे काम करो। पूरा ही चैप्टर आपके लिए एकदम ब्रांड न्यू है। तो
1:32 भैया फिर तो स्क्रैच से ही देखना शुरू करना पड़ेगा। पहली बात। दूसरी बात वन शॉट के लास्ट में क्वेश्चंस हैं। उनको ईमानदारी से बनाना। क्वेश्चन सब्जेक्टिव भी हैं। मतलब एमसीक्यू टाइप भी हैं आपके पास और ऑब्जेक्टिव भी हैं। दोनों प्रकार के। ओ एमसीक्यू ऑब्जेक्टिव तो एक ही बात होती है। आपके पास सब्जेक्टिव क्वेश्चन भी हैं और एमसीक्यू यानी ऑब्जेक्टिव क्वेश्चन भी हैं। कुछ क्वेश्चन विनर सीरीज हैं जो विनर सीरीज के बारे में नहीं जानता। दिल और दिमाग से बनाई गई किताब है। चाहते हो तो विनर सीरीज खरीद सकते हो क्योंकि हम पूरे साल उससे ही क्वेश्चन कराते हैं पेड बैच के अंदर। और यहां पे पेड बैच की बात हुई है। तो 2.0 बीच-बीच में बताता रहूंगा 2.0 के बारे में। लेकिन 2.0 की ओरिएंटेशन क्लासेस शुरू हो रही है 12 से। आप यह वीडियो देख रहे हैं। आज क्या तारीख है? आज तारीख है तो आज ये वीडियो आपके पास आ भी जाएगी। आप ये वीडियो आज देख रहे हैं 8 तारीख को अगर आप आज ही देख रहे हैं तो तो
2:18 12 तारीख को आपको ओरिएंटेशन क्लास होने वाली है 2.0 की तो अगर आप 2.0 ज्वाइन करना चाहते हो तो भाई जल्दी से बैच का भी लिंक नीचे है आ जाओ 40% ऑफ चल रहा है बैच 2.0 में हर एक क्लास लाइव कराने जा रही है लाइव कराई जाने वाली है डन है तो पहले हम लोग करेंगे वन शॉट फिर डेरिवेशन और उसके बाद करेंगे सवाल धमाकेदार सवाल एंड तक रुकना हां सवाल कम ही होंगे बिकॉज़ वन शॉट है फिर जब एक बार पूरा का पूरा वन शॉट निपट जाएगा उसके बाद अ जब हमें लगेगा कि यार पांच छह चैप्टर हो गए आप सबको पता है लाइव में आके हम लोग फिर इन चैप्टर्स के और बहुत सारे क्वेश्चंस आपको कराएंगे ठीक है डन है डन है डन है डन है डन है कंपटेंसी बेस्ड क्वेश्चन भी हैं आगे और भी कराएंगे बाकी ये वन शॉट देखो अब जो फर्स्ट और सेकंड चैप्टर है ये दोनों के दोनों
3:04 इलेक्ट्रोस्टेटिक्स में आते हैं। मैंने फर्स्ट लेक्चर में बताया था इलेक्ट्रोस्टेटिक्स का मतलब होता है जब चार्ज को हम रेस्ट पे पढ़ रहे होते हैं। तो दोनों चैप्टर इलेक्ट्रोस्टेटिक्स के हैं। यानी कि चार्ज जो हमारा रहने वाला है वो रेस्ट पे रहने वाला है और इसके हम साथ में भी क्वेश्चन आंसर्स करेंगे। यानी मैं सेकंड चैप्टर के बाद जो यहां पे लेक्चर डालूंगा उसमें मैं फर्स्ट और सेकंड चैप्टर के कंबाइंड क्वेश्चंस आपको कराऊंगा ताकि हम इलेक्ट्रोस्टेटिक्स को कंप्लीटली खत्म कर लें। उसके बाद थर्ड चैप्टर पे आएंगे। फिर फोर्थ चैप्टर पे आएंगे। ऐसे आएंगे जो कि इलेक्ट्रोडायनेमिक्स के हैं। यानी कि चार्ज हमारा मोशन में आने वाला है। अब इस चैप्टर के दो हिस्से हैं इलेक्ट्रोस्टेटिक पोटेंशियल एंड कैपेसिटेंस जो कि दोनों बहुत ज्यादा अलग बहुत ज्यादा डिफरेंट चीजें हैं। इलेक्ट्रोस्टेटिक पोटेंशियल एक अलग फज़ है और कैपेसिटेंस एक अलग फज़ है। इसको अलग-अलग चैप्टर भी बनाया जा सकता था। ये इतने डिफरेंट हैं। बट आओ एक-एक करके दोनों को समझते हैं। अब ये जो कैपेसिटेंस
3:49 शब्द है ये तो अभी आप नहीं सीखोगे। इसको समझने में अभी हमें कम से कम 1 डेढ़ घंटा 2 घंटा है। मतलब जितने भी दे रखा है वन शॉट रिकॉर्ड होगा। उसका नेक्स्ट हाफ हमारा कैपेसिटेंस होने वाला है। तो इसमें तो अभी देरी है। तो आओ बात करते हैं इलेक्ट्रोस्टेटिक पोटेंशियल या उससे पहले अगर हम लोग बात कर लें पोटेंशियल तो पोटेंशियल वर्ड हम लोग नाइंथ क्लास से सीखते आ रहे हैं पोटेंशियल एनर्जी। तो जब भी हम किसी कंजर्वेटिव फोर्स यानी कि चाहे वो इलेक्ट्रोस्टेटिक फोर्स हो, चाहे वो इलास्टिक फोर्स हो, चाहे वो ग्रेविटेशनल फोर्स हो। इसके अगेंस्ट में काम करते हैं, तो वो काम स्टोर हो जाता है इन द फॉर्म ऑफ़ पोटेंशियल एनर्जी। लेकिन इलेक्ट्रोस्टेटिक पोटेंशियल क्या होता है? या पोटेंशियल डिफरेंस क्या होता है? आओ जरा इसको समझते हैं। तो पहले यहां पे दो शब्द आएंगे हमारे पास। एक आएगा पोटेंशियल डिफरेंस और एक आएगा हमारे पास इलेक्ट्रिक पोटेंशियल।
4:35 दोनों कहीं ना कहीं सिमिलर हैं। एक छोटा सा फर्क है बस इसके अंदर। आओ दोनों को समझते हैं। तो पोटेंशियल डिफरेंस क्या है? लेट अस सपोज़ हमारे पास यहां पे एक पॉजिटिव चार्ज है। ठीक है ना? ये हमारे पास कोई पॉजिटिव चार्ज है। लेट्स से ये q चार्ज है। अब आपके पास एक और चार्ज है जो कि q नॉट है। और ये भी लेट से पॉजिटिव चार्ज ही है। ठीक है ना? आप उसे फर्स्ट चैप्टर के रिस्पेक्ट से टेस्ट चार्ज भी कह सकते हो। बट अभी के लिए ये कोई भी q नॉट चार्ज है। अब अगर ये q नॉट चार्ज a पॉइंट पे बैठा हुआ है और ये q नॉट चार्ज b पॉइंट पे आ जाता है। तो क्या ऐसा करने के लिए आपको कोई वर्क कोई मेहनत करनी पड़ेगी? तो आंसर है यस। कैसे? ये जो प्लस चार्ज है ये इधर की तरफ इलेक्ट्रिक फील्ड पैदा कर रहा होगा और प्लस को रिपेल करता है। आप सबको पता है पॉजिटिव पॉजिटिव को रिपेल करता है। तो अगर
5:21 मुझे ये वाला चार्ज इधर की तरफ मूव करना है तो मुझे कोई एक्सटर्नल वर्क करना पड़ेगा। करना पड़ेगा? बिल्कुल करना पड़ेगा। तो मैं कितना वर्क करता हूं? तो मैं कितना वर्क परफॉर्म करता हूं? यानी वर्क डन इन मूविंग अ पॉजिटिव चार्ज अगेंस्ट दी इलेक्ट्रिक फील्ड कह लो या वर्क डन इन मूविंग अ पॉजिटिव चार्ज टुवर्ड्स अनदर पॉजिटिव चार्ज है ना तो कैसे मर्जी कह लो पर यूनिट चार्ज जो आप लेके आए हो फ्रॉम वन पॉइंट टू अनदर इसे हम लोगों ने नाम दिया है पोटेंशियल डिफरेंस यानी कि पोटेंशियल डिफरेंस हमारे लिए क्या है भाई तो पोटेंशियल डिफरेंस है कितना काम हम करते हैं एक चार्ज को एक पॉइंट से दूसरे पॉइंट तक ले जाने के लिए ऑब्वियस सी
6:07 बात है इन द प्रेजेंस ऑफ एक्सटर्नल फील्ड इन द प्रेजेंस ऑफ़ एक्सटर्नल चार्ज इज़ कॉल्ड पोटेंशियल डिफरेंस। लेकिन ध्यान रहे वर्क डन पर यूनिट चार्ज है। अगर आपने 100 जूल काम किया एक कूलॉम के चार्ज को ले जाने के लिए तो 100 आंसर आ जाएगा। लेकिन अगर आपने 100 जूल काम किया 2 कूलॉम के चार्ज को ले जाने के लिए तो आंसर आपका अ 50 वोल्ट आ जाएगा। अभी हम इसकी यूनिट की बात करने वाले हैं। द पॉइंट इज़ कि ये कितना वर्क आप कर रहे हो पर यूनिट चार्ज एक चार्ज को एक पॉइंट से दूसरे पॉइंट पे लाने के लिए इन द प्रेजेंस ऑफ एक्सटर्नल इलेक्ट्रिक फील्ड इसे कहा जाता है पोटेंशियल डिफरेंस। अब ये ऑब्वियस सी बात है ये जो चार्ज हमारे पास है ये पॉजिटिव है और ये पॉजिटिव है। आप लाओगे तो वर्क
6:52 करना पड़ेगा। अगर ये पॉजिटिव हो जाए ये नेगेटिव हो जाए तो ये अपने आप आएगा। अब हमने 11th में सीखा है इस केस में जो वर्क है वो नेगेटिव हो जाएगा। तो पोटेंशियल डिफरेंस भी नेगेटिव हो जाएगा। वो भी हम बात करेंगे। अभी-अभी अभी तो शुरू किया है। तो पोटेंशियल डिफरेंस है वर्क डन पर यूनिट चार्ज। लेकिन शर्त क्या है? चार्ज आएगा फ्रॉम वन पॉइंट टू अनदर। लेकिन वहीं पे अगर मैं पोटेंशियल डिफरेंस की बजाय इलेक्ट्रिक पोटेंशियल की बात करूं तो सब कुछ सेम है सिवाय एक छोटी सी चीज के कि भैया यहां पे भी मेरे पास एक प्लस चार्ज होगा। और मैं यहां से एक और q नॉट प्लस चार्ज लेके आया हूं। बस फर्क ये होने वाला है कि ये जो q नॉट चार्ज है ये कौन से पॉइंट से आने वाला है? इनफाइनाइट से एक पर्टिकुलर पॉइंट पे आने वाला है। यानी इस वाले केस में जो चार्ज था फ्रॉम वन गिवन
7:38 पॉइंट टू अनदर गिवन पॉइंट आया। ये आप लेके गए। लेकिन यहां पे जो चार्ज है वो कहां से आने वाला है? इनफाइनाइट से टू अ पॉइंट। यानी उसका जो ओरिजिनल पॉइंट सोर्स है या वो कहां से आ रहा है वो हमें नहीं पता है। हमें इतना पता है कि वो कहीं इनफाइनाइट से आया है। इनफाइनाइट के दो मतलब निकलते हैं यहां। एक तो बहुत दूर से आया है और एक इसका मतलब है कि वो कहां से आ रहा है हमें वो पता नहीं है। जब पास ही का कोई पॉइंट क्यों ना हो बट हमें पता नहीं है। तो अभी के लिए इनफाइनाइट का मतलब है कि एक अननोन पॉइंट से वो एक नोन पॉइंट पे आ रहा है। तो सेम वर्क डन अपॉन चार्ज कितना वर्क आप करोगे पर यूनिट चार्ज? इसे हम लोग कह देंगे इलेक्ट्रिक पोटेंशियल। तो दोनों में डिफरेंस क्या हुआ? एक में चार्ज पार्टिकल कहां से कहां आ रहा है? फ्रॉम वन पॉइंट टू अनदर। और एक में चार्ज पार्टिकल कहां से आ रहा है? फ्रॉम इनफाइनाइट टू अ पॉइंट। दोनों का फार्मूला सेम है। कितना वर्क
8:24 करोगे आप पर यूनिट चार्ज? फार्मूला सेम होने वाला है। तो SI यूनिट वगैरह भी सेम ही होने वाली है। आ जाओ एसआई यूनिट पे बात करते हैं। फिर समझते हैं प्रैक्टिकली इनकी क्या अंबॉेंस है और हम इनको डे लाइफ में कहां-कहां यूज़ करते हैं। अच्छा इतना आप समझते हो अगर यहां पे कोई भी चार्ज नहीं बैठा हुआ है तो कोई इलेक्ट्रिक फील्ड भी नहीं होगी। तो इस चार्ज को यहां से यहां लाने के लिए आपको भले ही मस्कुलर वर्क करना पड़े बट कोई इलेक्ट्रिक वर्क नहीं करना पड़ेगा। है ना? आप मेरी बात को समझो। अब जैसे ये स्टाइलस है। है ना? या ये फोन ले लेते हैं। ये स्टाइलस आपको शायद दिखेगा नहीं। ये फोन है। मान लेते हैं। अब मैंने फोन को यहां रखा हुआ है। अब मैं अगर फोन को ऊपर या नीचे लेके जाता हूं तो मैं ग्रेविटेशनल फोर्स के अगेंस्ट काम करूंगा। तो मैंने ग्रेविटेशनल वर्क किया। लेकिन अगर मैं फोन को ऐसे या ऐसे लेके जाता हूं तो मैंने कोई काम नहीं किया अगेंस्ट ग्रेविटी। तो ऐसे ही अगर यहां पे कोई चार्ज ही नहीं बैठा हुआ है तो इस चार्ज को
9:10 आने ले जाने के लिए कोई इलेक्ट्रिक वर्क नहीं होगा। मस्कुलर हो रहा है नहीं हो रहा है या बाकी कोई हो रहा है कि नहीं हो रहा है? दैट इज़ समथिंग डिफरेंट। लेकिन कौन सा वर्क नहीं होगा भाई? इलेक्ट्रिक वर्क नहीं होगा। वो तभी होगा जब आप इन द प्रेजेंस ऑफ एक्सटर्नल चार्ज करोगे। अब आप इसकी इसके सिंबल के लिए बात करें तो हम लोग इसका सिंबल यूज़ करने वाले हैं V। वर्क डन के लिए हम लोग यूज़ करने वाले हैं W और चार्ज के लिए हम लोग यूज़ करते हैं Q। तो यहां से हमारे पास पहली बात तो इसकी SI यूनिट क्या आ जाएगी भाई? वर्क डन की हो जाती है जूल। चार्ज की होती है कूलम। तो जूल पर कूलम आ गई। लेकिन आप सब शायद 10th क्लास से जानते हैं कि भैया जो पोटेंशियल डिफरेंस होता है इसकी एक और यूनिट होती है जिसको हम लोग कहते हैं वोल्ट। है ना? आफ्टर दी नेम ऑफ एलेक्जेंड्रो वोल्टाजी। एलेक्जेंड्रो वोल्टाजी को ऑनर देने के लिए हमने
9:55 पोटेंशियल डिफरेंस या इलेक्ट्रिक पोटेंशियल दोनों की एसआई यूनिट वोल्ट रखी है। वोल्ट का भी कैपिटल होगा। है ना? एक और यूनिट भी होगी जो कि मैंने आपको बता दिया। जूल पर कूलम। अच्छा अब अगेन 1 वोल्ट कब आएगा? अगर आपको 1 वोल्ट पोटेंशियल डिफरेंस डिफाइन करना है। व्हेन 1 जूल ऑफ वर्क इज डन इन मूविंग 1 कूलॉम ऑफ चार्ज फ्रॉम वन पॉइंट टू अनदर। ये बात ध्यान रखना। लेकिन यहां पे क्या लिखेंगे हम? व्हेन 1 जूल ऑफ वर्क इज डन इन मूविंग वन कूलॉम ऑफ चार्ज फ्रॉम यस। इनफाइनाइट टू अ पॉइंट। यहां पे बस छोटा सा वर्ड आपको नहीं भूलना है कि चार्ज इनफाइनाइट से आएगा। लेकिन यहां पे जो चार्ज आएगा फ्रॉम वन पॉइंट टू अनदर पॉइंट आएगा। फ्रॉम वन पॉइंट टू अनदर पॉइंट आएगा अगेंस्ट दी इलेक्ट्रोस्टेटिक फोर्सेस व्हिच इज़ ऑब्वियस। अब यहां पे एक बड़ी इंपॉर्टेंट
10:40 बात और भी जाननी होगी आपको कि जो पोटेंशियल डिफरेंस है ये एक स्केलर क्वांटिटी है। ये एक स्केलर क्वांटिटी है। कोई डायरेक्शन वगैरह तो है नहीं। डायरेक्शन डिपेंडेंट है नहीं। तो ये एक स्केलर क्वांटिटी है। और ऑब्वियस सी बात है हमारे इलेक्ट्रोस्टेटिक पोटेंशियल भी एक कौन सी क्वांटिटी ही है? स्केलर क्वांटिटी। यार देखो दोनों सेम है भाई। दोनों सेम है। बस फर्क ये है। एक में चार्ज इनफाइनाइट से आ रहा है। एक में वन पॉइंट टू अनदर। अब ना मैं आपको एक सवाल दूंगा। प्लीज कमेंट सेक्शन पे आंसर देना। जो बच्चे पुराने हैं उनको पता हम कैसे पढ़ते हैं। देखो 10 मिनट लगाए हमने इन दो शब्दों को सीखने के लिए। बिकॉज़ आगे का जीवन मुश्किल ना हो जाए। ठीक है ना? फाउंडेशन कमजोर रखोगे तो बिल्डिंग गिर जाएगी। फाउंडेशन जल्दबाजी में बनाओगे ताकि बिल्डिंग जल्दी बने तो जल्दी गिर जाएगी। गाइस जल्दी भूल जाओगे। अगर पहले के टॉपिक्स पे मेहनत नहीं करोगे। तो सुनो अब एक सवाल पूछ रहा हूं। कमेंट सेक्शन पे आंसर चाहिए। आपके हिसाब से पोटेंशियल
11:28 डिफरेंस और इलेक्ट्रिक पोटेंशियल में से ज्यादा अ हमारे आगे की पढ़ाई में हम कौन सा वाला पढ़ेंगे? मतलब कौन सा आसान है? कौन सा फर्स्ट स्टेप होने वाला है? पोटेंशियल डिफरेंस फर्स्ट स्टेप होने वाला है या इलेक्ट्रिक पोटेंशियल फर्स्ट स्टेप होने वाला है? सोच के बताओ। कमेंट सेक्शन पे टाइम स्टैंप आपका कुछ 10 11 मिनट के आसपास है। ठीक है? आई होप आपने वीडियो को पॉज करके आराम से इसका आंसर दिया है। ठीक है? तो आप में से बहुत क्योंकि जब मैं ऑफलाइन में या पेड बैच में पढ़ाता हूं तो मुझे पता है बहुत सारे बच्चे इसका आंसर देते हैं पोटेंशियल डिफरेंस। क्योंकि उनको लगता है कि चार्ज वन पॉइंट से अनदर पॉइंट आ रहा है। बट इसका हैरान कर देने वाला आंसर है कि इलेक्ट्रिक पोटेंशियल पहला स्टेप है पोटेंशियल डिफरेंस के। मैं अभी आपको समझाऊंगा एक डेरिवेशन से। बट अगर शॉर्ट में बोलूं तो इलेक्ट्रिक पोटेंशियल में
12:13 हमें इससे नहीं फर्क पड़ता कि चार्ज कहां से आ रहा है। इसीलिए वहां पे सिर्फ एक पॉइंट मैटर करता है कि वो आ कहां रहा है। लेकिन पोटेंशियल डिफरेंस में दोनों पॉइंट मैटर करते हैं जहां से वो आ रहा है जहां वो जा रहा है। लेकिन बड़ी हैरान कर देने वाली बात है। हम अपने घरों में ज्यादातर जो नापते हैं वो पोटेंशियल डिफरेंस है। देखो अगर आपने 10थ क्लास में कभी भी ऐसा किया है कि ये मेरे पास एक बल्ब है। प्लीज इग्नोर दी शेप ऑफ माय बल्ब। और ये मेरे पास एक पॉजिटिव नेगेटिव है। ठीक है? अब ये बल्ब है। आपने 10थ क्लास में बहुत किया है कि भैया हमें ना कितना वोल्टेज आ रहा है यहां पे नापना है। तो हम यहां पे एक वोल्टमीटर लगा दिया करते थे। अब वोल्टमीटर तो दो पॉइंट्स के बीच में लगता है। तो ऑब्वियस सी बात है अगर वोल्टमीटर दो पॉइंट्स के बीच में लगता है तो वो क्या नापता है? तो वो नापता है पोटेंशियल डिफरेंस। यानी कि मैं यहां पर लिख देता हूं कि वोल्टमीटर मेजर्स
13:02 वोल्टमीटर मेजर्स पोटेंशियल डिफरेंस वो इलेक्ट्रिक पोटेंशियल नहीं नापता है। वो पोटेंशियल डिफरेंस नापता है और यही हमारे जीवन में ज्यादा काम की चीज भी है। लेकिन हमें जो पढ़ना ज्यादा है वो इलेक्ट्रिक पोटेंशियल है। चैप्टर का नाम भी क्या है? इलेक्ट्रोस्टेटिक पोटेंशियल एंड कैपेसिटेंस। तो हम इलेक्ट्रोस्टेटिक पोटेंशियल यानी कि इलेक्ट्रिक पोटेंशियल के बारे में बात करने वाले हैं। ठीक है? लाइफ में ज्यादा काम पोटेंशियल डिफरेंस आता है। लेकिन हमारा पहला स्टेप इलेक्ट्रिक पोटेंशियल को पढ़ना होगा इस पूरे चैप्टर में। इस चैप्टर में आपको ज्यादा एक्सपेरिमेंट्स मिलेंगे नहीं। मतलब है ही नहीं। बिकॉज़ हम लोग पोटेंशियल के बारे में बात करने वाले हैं। जो एक्चुअली में विज़िबल चीज नहीं है जो दिखती नहीं है। है ना? तो यहां पे डेरिवेशंस बहुत हैं। अगर आप नोटिस करो तो ये चैप्टर डेरिवेशन
13:48 से भरा हुआ है। आप देखो ये सारी चीजें ब्लैंक हैं। ये सारी यहां पे डेरिवेशंस आने वाली है। और आप सबको पता है हम वन शॉट में सिर्फ फॉर्मूले नहीं करवाते। एक-एक डेरिवेशन भी करवाते हैं। तब भी आप हमारे वन शॉट्स को इतना प्यार दे रहे हो। तो लेकिन इस वाले में एक्सपेरिमेंट्स नहीं है। दो चार हैं वो मैं करूंगा लेकिन आपके साथ ही करूंगा। यहां पे कैपेसिटर के ऊपर काम करेंगे। अब हम बात करते हैं इलेक्ट्रिक पोटेंशियल ड्यू टू अ पॉइंट चार्ज। जैसे हमने इलेक्ट्रिक फील्ड निकाली थी। अब हम एक इलेक्ट्रिक पोटेंशियल निकालने वाले हैं एक पॉइंट चार्ज के लिए। आसान भाषा में कहें तो हमारे पास एक पॉइंट चार्ज होगा और वो कितना इलेक्ट्रिक पोटेंशियल पैदा कर रहा होगा अपने अराउंड? इसके ऊपर हम लोग यहां पे बात करने वाले हैं। आओ जरा समझते हैं। देखो लेट अस सपोज़ मेरे पास यह एक चार्ज है जिसका नाम है q। अब क्योंकि मुझे इलेक्ट्रिक पोटेंशियल निकालना है तो मैं इनफाइनाइट से एक चार्ज
14:36 को लेके आया इस पॉइंट तक। लेट्स से A पॉइंट तक। ये चार्ज मैं जो लेके आया वो q नॉट है। है ना? और मैं इसको कितनी दूरी पे लाया इससे? तो आंसर है मैं इसको r दूरी पे लेके आया। आई होप आप कंसीडरेशंस लिख लेंगे कि लेट अस टेक अ पॉजिटिव चार्ज q एंड अनदर चार्ज q नॉट इज डिस्प्लेस्ड फ्रॉम इनफाइनाइट टू अ पॉइंट a व्हिच इज़ एट डिस्टेंस r फ्रॉम q अब हमें क्या करना है हमें निकालना है इलेक्ट्रिक पोटेंशियल तो प्लानिंग क्या है इलेक्ट्रिक पोटेंशियल से पहले मैं यहां पे निकालूंगा वर्क डन और वर्क डन अपॉन चार्ज कर दूंगा क्योंकि इलेक्ट्रिक पोटेंशियल का फार्मूला हमारे पास क्या है वर्क डन अपॉन में चार्ज चलो आओ ये प्लान है हमारा ठीक है चलो तो छोटा सा जो वर्क डन होता है उसका फार्मूला होता है फोर्स * में डिस्प्लेसमेंट * में cos थीटा। यह हमने 11th क्लास में पढ़ा। अब
15:21 छोटा सा वर्क डन। अगर मैं यहां पे निकालना चाहता हूं वर्क डन बाय इलेक्ट्रोस्टेटिक फोर्स। वर्क डन बाय इलेक्ट्रोस्टेटिक फोर्स। तो इलेक्ट्रोस्टेटिक फोर्स का वर्क डन होता है k q1 q2 / x²। मैंने यहां पे x क्यों लिया? क्योंकि अब बच्चे कहते हैं r लो। नहीं नहीं नहीं। ये जो चार्ज है वो इनफाइनाइट से इस पॉइंट पे आ रहा है। तो बार-बार अपनी पोजीशन को वो चेंज कर रहा है। मान लो ये वाला चार्ज है जो कि फिक्स्ड है जिसके लिए हमें पोटेंशियल निकालना है। मैं चार्ज लेके आ रहा हूं इनफानाइट से। मैं इधर ला रहा हूं। इधर ला रहा हूं। इधर ला रहा हूं। इधर ला रहा हूं। ला रहा हूं। ला रहा हूं। ला रहा हूं। ला रहा हूं। ला रहा हूं ला रहा हूं। तो क्या बार-बार r चेंज हो रहा है मेरा? क्या बार-बार मेरा चार्ज से डिस्टेंस चेंज हो रहा है? यस। तो इसलिए मैंने यहां पे अभी फिलहाल क्या ले लिया? x ले लिया। dx अब cos थीटा के बारे में अगर बात करें यहां पे तो ये वाला चार्ज इस पॉजिटिव चार्ज को
16:08 इधर रिपेल कर रहा होगा। क्योंकि पॉजिटिव चार्ज पॉजिटिव चार्ज को रिपेल करता है। तो इधर फोर्स लग रहा है। लेकिन हम चार्ज को इधर लेके आ रहे हैं। उसके अगेंस्ट लेके आ रहे हैं। तो डिस्प्लेसमेंट इधर लग रहा है। तो आप समझते हैं कि एंगल जो इनके बीच में हो जाएगा वो 180° हो जाएगा। तो ये आ जाएगा k q1 q2 / x² dx और cos 180 की वैल्यू आई होप आपको सबको पता हो -1 हो जाती है। तो यहां से ये मेरे पास आता है छोटा सा वर्क डन। अब अगर मुझे टोटल वर्क डन निकालना है तो आप सबको पता है कि मुझे इंटीग्रेशन करना होगा। तो यहां मैं करने जा रहा हूं इंटीग्रेटिंग बोथ साइड्स। मैं दोनों साइड्स पे क्या करने जा रहा हूं भैया? इंटीग्रेशन। तो यहां पे अगर मैं इंटीग्रेशन करता हूं तो dw का इंटीग्रेशन आ जाएगा। और यहां पे -k q नॉट q वो वाला
16:57 चार्ज है जो यहां पड़ा हुआ है। q नॉट वो है तो मैंने इनको ले लिया। ये बाहर आ गए बिकॉज़ ये कांस्टेंट है। तो यहां बच जाएगा 1 / x²dx अच्छा अब लिमिट देखो। मैं चार्ज को कहां से कहां लेके आ रहा हूं? क्या मैं चार्ज को इनफाइनाइट से r लेके आया हूं? तो यहां पे जो x की लिमिट डल जाएगी वो डल जाएगी इनफाइनाइट से r। सबसे बड़ी गलती बच्चे यहां करते हैं। और मैं आपको यहां बताने वाला हूं कि इलेक्ट्रिक पोटेंशियल क्यों ईज़ियर है एज़ कंपेयर टू पोटेंशियल डिफरेंस पढ़ना। पढ़ना। डेली लाइफ में कैलकुलेट करना वो अलग बात है। ठीक है ना? अब यहां पे अगर आप देखो तो dw का जो इंटीग्रेशन है हमारे पास यानी कि छोटे से वर्क डन का जो इंटीग्रेशन है वो तो हमारे पास आ गया w हमारे पास बाहर - के q नॉट तो है ही अब 1 / x² का जो इंटीग्रेशन होता है वो -1 / x
17:44 होता है। आई होप सबको पता है। लिमिट इनफाइनाइट से r भूल गए हो तो x की पावर ऊपर जाएगी तो -2 हो जाएगी। तो पावर में एक ऐड हो जाएगा। वही पावर नीचे आ जाएगी। माइनस माइनस यहां पे हो जाएगा प्लस तो kq नॉट अपॉन में अप्पर लिमिट 1 / r माइनस लोअर लिमिट 1 / इनफाइनाइट अब यहां पे शुरू होती है भैया वो बात अगर ये मैंने इलेक्ट्रिक पोटेंशियल के बजाय पोटेंशियल डिफरेंस निकाला होता तो क्या मैंने यहां पे r1 से r2 किया होता बिकॉज़ वो दोनों पॉइंट मेरे लिए क्या होते हैं? नोन होते। तो मैंने यहां क्या किया होता? R1 से R2 किया होता ना कि मैंने इनफाइनाइट से R किया होता। तो यहां पे मैंने इनफाइनाइट से r किया है तो 1 / इनफाइनाइट हो जाएगा ज़ीरो 1 / इनफाइनाइट हो जाएगा ज़ीरो जिससे कि
18:29 मेरा जीवन आसान हो जाएगा। अब मैं ये नहीं कह रहा कि पोटेंशियल डिफरेंस बहुत ही ज्यादा मुश्किल है। ऐसा नहीं है। बस समझो अगर मैं R1 से R2 जा रहा हूं तो यहां दोनों दोनों R आएंगे जिस जो कि एक अलग एक एक नेक्स्ट लेवल माना जाएगा। आप ऐसा कह सकते हैं। चलो अभी तो हमारे पास वर्क डन आया है। हमें क्या निकालना था? हमें तो निकालना था भैया पोटेंशियल। चलो जी। अब हमारे पास पोटेंशियल का फार्मूला क्या होता है? वर्क डन अपॉन में जो चार्ज आप लेके आए हो। अब वर्क डन कितना है हमारे पास? K q q नॉट / r / q नॉट। क्या q नॉट से q नॉट कैंसिल हो गया? यस। तो हमारे पास पोटेंशियल का फार्मूला क्या आ गया? kq / r हमारे पास पोटेंशियल का और k की जगह आप पता ही है आपको 1 / 4π 0 लिख सकते हो। q / r अब यहां पे मजेदार
19:15 बात क्या है? देखो हम लोगों ने फोर्स का फार्मूला क्या पढ़ा है? हम लोगों ने फोर्स का फार्मूला पढ़ा है। KQ1 Q2 / R² हमने इलेक्ट्रिक फील्ड का फार्मूला फर्स्ट चैप्टर में क्या पढ़ा है? KQ / R² यहां पे फार्मूला क्या आया है? KQ / R तो कंफ्यूज नहीं होना है। थोड़े से मिलते-जुलते फॉर्मूले हैं लेकिन कंफ्यूज नहीं होना है। बहुत इंपॉर्टेंट बहुत प्यारी डेरिवेशन एग्जाम में भले ही ना आए लेकिन ये फार्मूला अब इस पूरे चैप्टर में कम से कम 10 बार इस्तेमाल होने वाला है अलग-अलग जगह पे। तो बहुत इंपॉर्टेंट है ये डेरिवेशन। इलेक्ट्रिक पोटेंशियल फ़ॉर अ पॉइंट चार्ज। डन। चलिए, अब हम लोग अगेन हमारे प्यारे टॉपिक पे आ रहे हैं। हमने जैसे कि फर्स्ट चैप्टर में एक डायपोल के लिए एक डपोल के लिए एक्सियल पॉइंट पे और इक्विटोरियल पॉइंट पे इलेक्ट्रिक फील्ड निकाली थी। अब
20:01 हम लोग इलेक्ट्रिक पोटेंशियल निकालेंगे। ये काम पहले के मुकाबले आसान होने वाला है। क्यों होने वाला है आसान? क्योंकि वहां पे अगर आपको याद हो तो इलेक्ट्रिक फील्ड एक स्केलर क्वांटिटी थी। और स्केलर क्वांटिटीज़ को हमेशा ऐड करते हुए दिक्कत आती है। खासकर इक्विटोरियल पॉइंट पे आई थी। हमने वेक्टर्स को रॉल्व किया था। यहां पे बिल्कुल भी दिक्कत नहीं आने वाली है। एक्सेल वाला तो लगभग-लगभग सेम डेरिवेशन है। इक्विटोरियल वाली तो कुछ है ही नहीं। क्योंकि भूलना मत इलेक्ट्रिक पोटेंशियल एक स्केलर क्वांटिटी है। बेटा ऑब्वियस है अगर आपने फर्स्ट चैप्टर नहीं किया है तो सेकंड पे नहीं आना है। हमारे फिजिक्स के पार्ट वन के सारे चैप्टर आपस में कनेक्टेड हैं। अगर आपने फर्स्ट नहीं किया है तो आप सेकंड नहीं समझ पाओगे। अभी ही आपको रियलाइज़ हो गया होगा। आगे और होगा। तो अगर आपने फर्स्ट चैप्टर नहीं किया है, वीडियो को यहीं रोक लो आप। ठीक है? ये बात ध्यान रखना। अब हम बात करते हैं एक्सियल पॉइंट पे। हम लोग कैसे इलेक्ट्रिक पोटेंशियल
20:48 कैलकुलेट कर सकते हैं। तो ये मेरे पास +q चार्ज है। ओहो सॉरी सॉरी। ये मेरे पास +q चार्ज है क्योंकि डपोल की बात हो रही है और ये मेरे पास -q चार्ज है। ठीक है ना? डपोल की बात हो रही है। ठीक है? ठीक है? इनके बीच में डिस्टेंस आप सबको याद होगा 2a है। अब मुझे एक पॉइंट पे वि इज पॉइंट लेट्स से P जो कि एक्सियल पॉइंट है। इस पे मुझे इलेक्ट्रिक पोटेंशियल निकालना है। पोटेंशियल और सेंटर से ये जो दूरी है वो पिछली बार की तरह हमारी R ही है। अब हमने यहां से निकालना है इलेक्ट्रिक पोटेंशियल। तो कैसे करेंगे? बड़ा आसान है। पहले इसके लिए इलेक्ट्रिक पोटेंशियल निकाल लेंगे। फिर इसके लिए इलेक्ट्रिक पोटेंशियल निकाल लेंगे और दोनों को ऐड कर देंगे। ठीक है? तो अगेन बेटा स्टेटमेंट वगैरह प्लीज लिख लेना। तो इलेक्ट्रिक पोटेंशियल + q चार्ज के लिए लिखूंगा। तो फार्मूला क्या हो जाएगा? अभी हमने पॉइंट चार्ज के लिए
21:33 फार्मूला क्या निकाला है? kq / r तो यहां पे r मतलब डिस्टेंस कितना है? प्लस वाले का। ये r है और आप सबको पता है ये पूरा 2a है। ये पूरा 2a है। तो ये a और ये r तो हो जाएगा हमारे पास कितना? हां सुन लिया मैंने। आप कह रहे हो r +a कह रहे हो। सही कह रहे हो। चलो -q वाले कह रहे जल्दी से कह दो। कह दो कह दो कह दो कह दो। सही है। कुछ बच्चों ने माइनस नहीं बोला है। मैंने सुना है बेटा। सर आपको कैसे पता लग रहा है? अरे भैया 15 साल हो गए पढ़ाते हुए। आप में से कुछ बच्चों ने यहां माइनस नहीं बोला है। बेटा चार्ज माइनस का है ना? तो -kq / r माइनस ये आएगा। चार्ज माइनस का है मेरी जान। तो यहां पे आ गया सेकंड। अब अगर मुझे टोटल पोटेंशियल एक्सियल पॉइंट पे निकालना है तो मुझे क्या करना होगा? मुझे +q वाले के लिए और -q वाले के लिए ऐड कर
22:19 देना होगा। एज़ सिंपल एज दैट। खत्म। खत्म। डेरिवेशन। देखो आप भाई, एग्जियल पॉइंट पे निकालते हैं। +q वाले के लिए क्या आया? kq/ r +a और यहां आ गया -kq/ r - a है ना भाई वो प्लस माइनस माइनस कर दिया मैंने सिंगल स्टेप में तो एग्जियल पॉइंट के लिए मैंने kq को कॉमन ले लिया है यहां बच जाता है 1 / r + a और -1 / r - a बच जाता है। सब कुछ ठीक चल रहा है। kq मैंने कॉमन ले रखा है। अब यहां पे r + a r - a होता है a² - b² यहां पे यह भाई साहब आ गए r - a और यहां पे ये बहन जी आ गई r + a ठीक है जी तो यहां पे हमारे पास k आ गया नीचे क्या आ गया बोलो r² - a² क्या यहां पे r
23:06 से r कैंसिल हो गया हां लेकिन a में a ऐड हो जाएगा तो -2a आ जाएगा अब आपको पता है कि हमारी उंगलियां मचल रही होंगी इसको डपोल मूमेंट लिखने के लिए तो यहां पे हम लोग एग्जियल पॉइंट पे काम कर रहे हैं। तो यहां पे q * में 2a माइनस तो बाहर है ही। माइनस तो बाहर है ही। q * में 2a q * में 2a को मैं लिख रहा हूं डपोल मूवमेंट फर्स्ट चैप्टर q * में 2a होता है डपोल मूमेंट या कह लो इलेक्ट्रिक डपोल मूमेंट और नीचे आ गया r² -a² तो ये हमारे पास डेरिवेशन आ जाती है टोटल इलेक्ट्रिक पोटेंशियल की एट एक्सियल पॉइंट ऑफ डायपोल। लेकिन यह तो हमने एक किसी भी डपोल के लिए काम किया है। अगर मेरा डपोल शॉर्ट है फॉर शॉर्ट डपोल। अगर मेरा डपोल शॉर्ट है। मेरा
23:54 डपोल शॉर्ट अगर हमारा ये वाला डायपोल शॉर्ट है तो इस केस में क्या जो A है वो R से बहुत छोटा हो जाएगा। फर्स्ट चैप्टर फर्स्ट चैप्टर की बहुत सारी चीजें यहां लग रही हैं। तो अगर मेरा डपोल शॉर्ट है तो R जो है सॉरी R जो है वो A से काफी बड़ा हो जाएगा और A बहुत छोटा हो जाएगा। तो डिनोमिनेटर में से मैं A को इग्नोर कर दूंगा बच्चों। और मुबारक हो मेरे पास एग्जियल पॉइंट पे फार्मूला आ जाएगा - KP / R² - KP / R² - KP / R² वहां पे क्या आया था? - 2kp / r यहां पे आया है - kp / r² यह वाला फ़ॉर्मूला सिर्फ शॉर्ट डपोल के लिए और यह वाला फ़ॉर्मूला एनी डपोल के लिए है। ये बात
24:41 आपको ध्यान रखनी है। डन है चलो अब यही सेम काम ये तो पेज बच गया हमारे लिए। मैं ये हटा दूंगा बाद में। चाहे ठीक है लगे भी रहे। अब यही सेम काम हमें कौन से पॉइंट के लिए करना है? इक्विटोरियल। मैंने अभी आपको शुरू करने से पहले ही बता दिया। इक्विटोरियल पॉइंट कुछ भी नहीं है। आओ देखते हैं कैसे। कुछ भी नहीं है इक्विटोरियल पॉइंट। तो ये हमारे पास एक डप क्योंकि बेटा ना वहां पे क्या था? वहां पे हमारे पास अ इलेक्ट्रिक फील्ड निकालनी थी और वो एक वेक्टर क्वांटिटी थी तो बेटा पंगे आए थे। ये हमारे पास +q चार्ज है। ये हमारे पास -q चार्ज है। इनके बीच में डिस्टेंस जो है हम जानते ही हैं ये 2a डिस्टेंस है भाई। ठीक है? कोई दिक्कत वाली बात नहीं है। ठीक है? अब इसके सेंटर से अगर आपको याद होगा तो सेंटर से हम लोगों को एक पॉइंट लेना है यहां
25:27 इस पॉइंट पे जो कि r दूरी पे है तो यहां से ये जो दूरी है ये r है ये a है तो ये हो जाएगा अंडर रूट r² + a² ये तो पिछली बार की तरह ही हो रहा है सर सब कुछ हां भाई और ये हो जाएगा मेरे पास क्या r² + a² सब कुछ ठीक चल रहा है अब मुझे इस पॉइंट पे क्या निकालना है पोटेंशियल बहुत सिंपल कैसे आओ कुछ नहीं होगा देखो पहले मैं निकालूंगा लूंगा पोटेंशियल + q वाले के लिए। फ़ूला हमने पढ़ा है KQ / R अब r कितना है भाई? तो r है r² + a² अब कोई डायरेक्शन वक्शन तो है नहीं कि ये इसको इधर अट्रैक्ट कर रहा है। ये इसको इधर रिपेल कर रहा है। ऐसा तो कुछ करना ही नहीं है क्योंकि बेटा ये तो पोटेंशियल है। इसकी तो कोई डायरेक्शन नहीं है। तो और ये -q वाले के लिए निकालूंगा तो आ जाएगी -kq / r r कितना है हमारा? दूरी कितनी है इस
26:12 चार्ज से हमारी? तो r² + a² है। तो अगर मैं यहां से इक्विटोरियल पॉइंट पे टोटल पोटेंशियल निकालना चाहता हूं तो क्या मुझे +q और -q को ऐड कर देना होगा? बिल्कुल सही कह रहे हो। तो kq / r² + a² अंडर रूट ये प्लस माइनस माइनस kq / r² + a² का अंडर रूट। क्या ये कैंसिल हो गए? इसका मतलब है बच्चों कि इक्वेटोरियल पॉइंट पे जो पोटेंशियल पैदा हो जाएगा वो हो जाएगा शून्य यानी कि ज़ीरो। जो पोटेंशियल पैदा हो जाएगा वो हो जाएगा शून्य यानी कि ज़ीरो। कितना? अब चाहे शॉट डपोल हो चाहे कोई भी डपोल हो। यानी इस लाइन और ये इसके ऊपर कंसेप्चुअल बहुत क्वेश्चन आते हैं। यानी इस लाइन पे आप कहीं भी घूम लो। डपोल के इस
26:58 लाइन पे आप कहीं भी घूम लो। इस लाइन पे आप कहीं भी घूम लो। जो पोटेंशियल आपको मिलेगा वो क्या मिलेगा भैया? ज़ीरो मिलेगा। पोटेंशियल ज़ीरो मिलेगा। कोई पोटेंशियल नहीं मिलेगा। और पोटेंशियल नहीं मिलेगा तो कोई वर्क भी नहीं होगा। क्योंकि पोटेंशियल डिफरेंस ही ज़ीरो है। तो कोई मेहनत नहीं करनी पड़ेगी चार्ज को घुमाने के लिए। बाकी अभी हम बात कर लेंगे। तो काफी इंपॉर्टेंट डेरिवेशन भी है ये। ऐसा नहीं डेरिवेशन डेरिवेशन इंपॉर्टेंट है। इसका जो कंक्लूजन आया है ये बहुत इंपॉर्टेंट है कि एक डपोल के इक्विटोरियल पॉइंट पे जो पोटेंशियल होती है वो शून्य होती है। जल्दी से इसको एक बार रिवाइज़ करो और इसको एक बार रिवाइज़ करो। फिर आगे बढ़ते हैं। जल्दी से प्लीज देखो इतना रिवाइज़ कर लो पहले। ठीक है भाई? तो अब हम आगे बात करेंगे इलेक्ट्रिक पोटेंशियल ड्यू टू डपोली बट एट एनी जनरल पॉइंट। अभी हमने जो बात की आपने नोटिस किया हमने एक्सियल पे बात की मतलब कि
27:45 एक्सियल पे हमने बात की इक्विटोरियल पे। अब हम एट एनी जनरल पॉइंट बात करेंगे। ये काम हम लोगों ने फर्स्ट चैप्टर में नहीं किया था। और इसीलिए यह डेरिवेशन एक तो इंपॉर्टेंट हो जाती है। और फिर एट एनी जनरल पॉइंट पे डेरिवेशन करने के बाद हम यह देखेंगे कि हमने जो एक्सियल और इक्विटोरियल के लिए डेरिवेशन की है वो सही है कि नहीं है। ठीक है ना? तो एट एनी पॉइंट अगर मुझे बात करनी है तो मेरे पास यहां पे एक प्लस चार्ज है। इसका डायग्राम बहुत ज्यादा इंपॉर्टेंट है और डायग्राम से ही आप सारी चीजें कनेक्ट कर पाओगे। ठीक है जी? और ये हमारे पास एक नेगेटिव चार्ज है। अब अगर मैं एट एनी पॉइंट काम करने वाला हूं तो थोड़ा सा और दूर कर देता हूं। अगर मैं एट एनी पॉइंट काम करने वाला हूं। यानी कि लेट्स से ये वो पॉइंट है। अब अगर आप नोटिस करें तो ये पॉइंट ना तो एक्सियल
28:32 है और ना ही ये पॉइंट इक्विटोरियल है। ये हमारे डपोल के सेंटर से है तो r दूरी पे ही लेकिन ये थीटा एंगल पे है। अगर ये थीटा एंगल 90 हो जाए तो ये इक्विटोरियल पॉइंट हो जाएगा। और यहीं पे अगर ये थीटा एंगल 0° हो जाए तो ये एग्जियल पॉइंट हो जाएगा। इतना समझते हो? ये वाला एंगल अगर 90 हो जाए तो ये इक्विटोरियल हो जाएगा। और यही एंगल गिर के ज़ीरो हो जाए तो ये पॉइंट एक्सियल हो जाएगा। बट अभी के लिए ये एट एनी एंगल थीटा है जिसका मतलब है ये एनी आर्बिटरी पॉइंट हो गया। अब यहां से जो दूरी होगी इसकी ये वाली जो डिस्टेंस इसका होगा आप समझते हैं ये इस बार r के बराबर नहीं होगा ना पिछली बार तो क्या था ये r था और ये दोनों यानी कि पिछले वाले केस में ये r था और ये दोनों बराबर थे क्योंकि इक्विटोरियल पॉइंट था। लेकिन यहां पे जो
29:17 ये डिस्टेंस है इसको मुझे R1 लेट करना होगा और ये जो डिस्टेंस होगा मुझे यहां पे लेट कर लेना होगा R2 और R1 और R2 यहां पे बराबर नहीं है अभी फिलहाल लेकिन यहां पे हम एक सिचुएशन क्रिएट करेंगे जहां पे ये बराबर हो जाएंगे उसके ऊपर अभी वेट करते हैं। चलो अभी नॉर्मल नॉर्मल पढ़ाई करते हैं। ये पूरा का पूरा 2A है तो ये A हो गया। ये A हो गया। ये तो हम जानते हैं। तो अगर मुझे ये वाले P पॉइंट पे टोटल पोटेंशियल निकालना है जो एट एनी पॉइंट है तो पहले मैं इलेक्ट्रिक पोटेंशियल निकाल लूंगा +q वाले चार्ज के लिए जो कि हो जाएगा KQ / में अब ये +Q वाला इस पॉइंट से R1 दूरी पे है। तो यहां पे मेरे पास आ जाएगा R1 समझते हो इतना R1 आ जाएगा। ठीक है? ठीक है? ठीक है। इसके बाद अगर बात करें तो -Q वाले के लिए आ जाएगा KQ अपॉन
30:04 में R2 आ जाएगा लेकिन माइनस आ जाएगा। जैसा कि अभी तक हम करते आ रहे हैं। तो मुझे नहीं लगता यहां पे कोई टेंशन है। बस R1, R2 इस बार अलग-अलग हो गए हैं। तो यहां R1 आ गया, r2 आ गया। अब अगर मुझे टोटल पोटेंशियल निकालना है तो मुझे वेक्टर वगैरह तो देखना नहीं है। तो प्लस और माइनस वाले को मुझे ऐड कर देना है। तो +q वाले के लिए मेरे पास था KQ / R1 + - हो जाएगा KQ / R2। ठीक है? अभी तक तो कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए। अब यहां पे अगर मैं टोटल पोटेंशियल निकालता हूं तो KQ मैंने कॉमन ले लिया। यहां पे आ गया मेरे पास 1 / R1 - 1 / R2। अब इस पॉइंट पे ये मेरे पास KQ आ जाता है। तो यहां पे मेरे पास आ जाता है R1 R2 और
30:50 यहां पे मेरे पास आ जाता है R2 - R1। अब इधर अगर आप अटके हो तो आप अगर ध्यान से देखो तो अभी फिलहाल आप इसे और आगे सॉल्व नहीं कर सकते क्योंकि R1 R2 की वैल्यू्यूज आपको पता नहीं है क्या है। तो ये हमारे पास आंसर आ गया। बट इस आंसर से हम सेटिस्फाई नहीं हुए हैं। और पहली बात तो हमने ये एक एट एनी पॉइंट ऑफ डपोल के लिए एट एनी डपोल निकाला है। अभी हमने इसे एक्सियल इक्विटोरियल पे कुछ नहीं किया। और प्लस ये डपोल शॉर्ट भी कंसीडर नहीं किया है। ये एक नॉर्मल डपोल है। तो ये फार्मूला आया जो कि अच्छा नहीं लग रहा हमें। बट हां ये फार्मूला आ गया। लेकिन अगर एक डपोल शॉर्ट है तो चीजें बदल जाएंगी बहुत ज्यादा लेवल पर। तो ध्यान से सुनना फॉर शॉर्ट डपोल। यहां शॉर्ट डपोल उतना आसान नहीं होने वाला है। तो थोड़ा सा
31:36 बेटा अगर आप लेटे हुए हो तो बैठ जाओ। बैठे हुए हो तो कमर सीधी कर लो। कमर सीधी है तो आंखें चौड़ी कर लो। आंखें चौड़ी है तो सब चौड़ा कर लो। कानवान चौड़े कर लो। सुनो। फॉर शॉर्ट डपोल बात करने वाले हैं हम। अगर ये डपोल शॉर्ट है तो ये डायग्राम ऐसा नहीं दिखेगा आपको। ठीक है? अगर ये डपोल शॉर्ट है तो ये +q वाला चार्ज इधर होगा। -q वाला चार्ज इधर होगा। कैमरा में दो डॉट्स आपको दूर-दूर दिख रहे होंगे। ऑलदो ये इससे भी पास है। मैं इससे पास बनाऊंगा तो आपको नजर नहीं आएगा। अगर एक डपोल शॉर्ट है तो ये दोनों +q और -q इतने पास हैं। और जो मेरा P पॉइंट है वो ये है। जो मेरा P पॉइंट है वो ये है। ठीक है? अब ईमानदारी से बताओ अगर +q वाले से P पॉइंट पे जाता हूं और ये मैं R1 बनाता हूं। ये मेरे लिए R1 है। ये मेरे लिए R1 है। ठीक है ना? और ऐसे ही अगर मैं -q वाले चार्ज से P पॉइंट पे जाता हूं
32:24 तो ईमानदारी की बात है ये मेरे पास R2 है। अब दिल पे हाथ रख के बताओ अगर डपोल छोटा है। देखो अगर डपोल बड़ा ना होता अगर डपोल बड़ा होता जैसे कि ऐसा था तो R1 R2 बराबर नहीं है। आपको साफ दिख रहा है। बट अगर डपोल छोटा है तो क्या R1 और R2 लगभग बराबर होंगे? आंसर है यस। और वो किसके बराबर होंगे? इनके सेंटर से जो पॉइंट जा रहा है क्या वह मेरे तो बनाना ही बड़ा मुश्किल है। ऑलदो देखो यह तो मैं बना भी डिजिटली रहा हूं। लेकिन यह जो सेंटर से लाइन जा रही होगी R होगी। तो क्या ऐसा कह दे कि अगर डपोल शॉर्ट है तो चाहे वो R1 हो चाहे वो R2 हो और चाहे वो R हो ये लगभगल लगभग आपस में बराबर होंगे। तो फॉर शॉर्ट डपोल R1 इज़ एप्रोक्सीमेटली इक्व R2 व्हिच इज़ एप्रोक्सीमेटली इक्वल्स टू R। इतना समझते
33:10 हो पहले? इतना समझते हो? अब एक और बात सुनो। हमें ना यहां पर R2 - R1 की वैल्यू चाहिए। देखो R1 R2 लगभग R के बराबर है। अगर ऐसा है तो मेरे पास जो पोटेंशियल आया है जिसका फार्मूला मेरे पास आया है KQ अपॉन में नीचे मेरे पास कौन था? R1 * में R2 तो R1 R2 दोनों R के बराबर हैं। तो क्या मैं डिवाइड में R² लिख सकता हूं? हां क्योंकि दोनों R के बराबर हैं। लेकिन अगर R1 R2 लगभग बराबर है तो ऊपर तो माइनस करके ज़ीरो आ जाएगा। तो यही तो बात है। जहां पे इनको बराबर मान के ज्यादा फर्क नहीं पड़ रहा है। जैसे r1 r2 को बराबर मान के नीचे तो मैंने r² लिख दिया। लेकिन ऊपर मैं इनको बराबर नहीं मानूंगा। क्योंकि अगर मैंने ऊपर बराबर मान लिया तो आंसर ज़ीरो हो जाएगा। व्हिच इज़ नॉट गुड। एंड करेक्ट भी नहीं है। बिकॉज़ ज़ीरो कैसे हो सकता है? तो
33:56 R1 R2 - R1 क्या होगा? सुनो ध्यान से। अब यहां पे एक और डायग्राम बनेगा। अगर मैं यहां डायग्राम मतलब कंस्ट्रक्शन अगर मैं यहां से एक लाइन खींच दूं। जैसे कि ये मेरे पास R2 है और ये मेरे पास R1 है। अगर ये लाइनें बहुत पास है और मैं यहां से एक लाइन खींच देता हूं। इसको मैं लेट्स से इस कलर से दिखा देता हूं। तो ये जो हिस्सा मेरे पास आ जाएगा ये वाला हिस्सा ये हो जाएगा मेरे पास R1 - R2 समझना ध्यान से। ये है मेरे पास मान लो R1 ये है मेरे पास R2। अब इन दोनों में कितना डिफरेंस है? पहली बात जो भी डिफरेंस होगा वो R1 - R2 होगा। अब कितना डिफरेंस है इसको निकालने का? पहला तरीका तो क्या है कि आप R1 निकालो, R2 निकालो और दोनों को माइनस कर दो। लेकिन एक और तरीका भी है कि इन दोनों उंगलियों को पैरेलल ले आओ। अभी ये पैरेलल नहीं थी। पैरेलल ले आओ। जो एक्स्ट्रा बचेगा वो उनका डिफरेंस हो गया। गहरी बात
34:43 है। गहरी बात है। अगर ये दूर है तो क्या तरीका है? इसकी लंबाई निकालो। इसकी लंबाई निकालो। माइनस कर दो व्हिच इज़ R1, - R2 और R2 - R1 लेकिन अगर ये पैरेलल हो जाए तो जो ये डिफरेंस बचेगा अब अगर डपोल शॉर्ट है तो क्या ये तीनों लाइनें आपस में पैरेलल हैं? सर पैरेलल तो नहीं है। अच्छा अच्छा अब देखना जरा। अब देखना जरा क्या ये पैरेलल है? किसी भी इंसान को दिखा दो तो वो कहेगा ये पैरेलल हैं। हां यहां मना कर देगा वो। लेकिन अगर किसी इंसान को इन्हें ऐसे दिखाओगे तो क्या ये लाइनें पैरेलल? हैं? हां पैरेलल हैं। और अगर ये लाइनें पै शॉर्ट डपोल के लिए शॉर्ट डपोल के लिए अगर ये लाइनें पैरेलल हैं तो इन दोनों के बीच का जो डिफरेंस है जो डिफरेंस है इनके बीच का जो डिफरेंस है वो ही एक्चुअली में हमारे लिए R1 - R2 होगा। अब अगर ये तीनों
35:31 लाइनें लगभग आपस में पैरेलल हैं। ये वाला एंगल अगर थीटा है तो ये वाला एंगल भी थीटा हो जाएगा। ये डिस्टेंस 2a है। हम सब जानते हैं ये हो जाएगा 2a cos थीटा। मैथ्स आती है। ये थीटा है। ये 2a है तो ये हो जाएगा 2a cos थीटा। मना मत करना। ये एंगल 90 है क्योंकि हमने यहां से परपेंडिकुलर खींचा। अगर ये लाइनें पैरेलल हैं। ये थीटा है तो ये बेस हो गया ना। तो बेस हमेशा क्या होता है? 2a cos थीटा होता है। तो क्या r1 r2 के लगभग बराबर था? हां। एंड साथ ही साथ जो R1 - R2 है ये किसके बराबर है? 2A cos थीटा के। लेकिन मेरे को तो चाहिए R2 - R1 तो कोई बात नहीं। R2 - R1 की जगह -2a cos थीटा लिख दूंगा। इतनी मैथ्स तो सबको आती है। 12वीं कक्षा में है। तो यहां से K
36:16 माइनस बाहर ले लो। Q * में 2a Q * में 2a क्या बच गया? Q * में 2a क्या बच गया? डपोल मोमेंट। बेटा मैंने जो अभी पीछे बताया है ना ये एक बारी में समझ में थोड़ा सा काम आता है। तो जाओ पीछे जाओ वीडियो को दोबारा से देखो और मैंने क्या बोला है दोबारा समझो। अब यहां पे q * में 2a क्या है? q * में 2a क्या है? q * में 2a होता है डपोल मूमेंट। तो फार्मूला आ गया -kp cos थीटा / r² -kp cos थीटा / r² समझ गए? डन हो गया। ओके? लेकिन ये जो ये जो फार्मूला आया था ये एनी डपोल के लिए था। यह जो आया है, शॉर्ट डपोल के लिए आया है। क्या यह फ़ॉर्मूला करेक्ट आया है? कैसे चेक करें कि यह फ़ॉर्मूला करेक्ट आया है कि नहीं आया है? तो, हम इसी से आओ काम करते हैं एक्सियल और इक्विटोरियल। अगर मेरे पास एक्सियल पॉइंट
37:03 है, तो मैंने अभी आपको बताया था थीटा जो है वो 0° हो जाएगा। अगर एक्सियल पॉइंट है, तो थीटा 0° हो जाएगा। थीटा ज़ीरो हो जाएगा, तो पोटेंशियल क्या आ जाएगा? - KP cos 0 की वैल्यू वन होती है बाय r²। अरे ये फार्मूला तो हमने आज डिराइव किया है। क्या बात है यार मजा आ गया। और अगर यही काम मैं करूं इक्व टोरियल पॉइंट के लिए तो उसके लिए थीटा मेरे पास हो जाएगा 90 डिग्री। थीटा मेरे पास कितना हो जाएगा? 90° और थीटा अगर 90° हो गया तो cos 90 होता है ज़ीरो। तो - KP 0 / R² व्हिच इज़ ज़ीरो। तो ये भी हमने आज प्रूफ किया है भाई साहब। लो जी। और क्या चाहिए? इसका मतलब हमने जो ये एट एनी पॉइंट फार्मूला डिराइव किया है वो बिल्कुल करेक्ट है क्योंकि हमें ये
37:48 एक्सियल और इक्विटोरियल के लिए सही रिजल्ट निकाल के देता है। मैं फिर से कहूंगा वीडियो को पॉज कर लो ये वाला हिस्सा ये वाला पॉज कर लो मतलब सॉरी बैक जाओ ये वाला हिस्सा एक बार दोबारा देख लो इसके बगैर आगे मत बढ़ना रिक्वेस्ट है। ठीक है जी। तो ये हुआ इलेक्ट्रिक पोटेंशियल एट एनी पॉइंट। अब हम लोग बात करने वाले हैं इलेक्ट्रिक पोटेंशियल ड्यू टु यूनिफॉर्मली चार्ज्ड स्फेरिकल शेल यानी होलो स्फीयर। अब शेल का मतलब आई होप आपको पता है होलोस्फीयर होता है। लेकिन ध्यान रखना ये जो हम करने जा रहे हैं ये एक्चुअली में एक डेरिवेशन नहीं है। कई बच्चों को लगता है कि ये एक डेरिवेशन है। ये डेरिवेशन नहीं है। ये कॉनंसेप्चुअल चीज है। और एक बहुत जैसे हमने फर्स्ट चैप्टर के अंदर एक शेल के आउटसाइड ऑन और इनसाइड पे इलेक्ट्रिक फील्ड को कैलकुलेट किया था। यहां पे हम
38:34 उसी के लिए इलेक्ट्रिक पोटेंशियल के बारे में बात करने वाले हैं। ठीक है ना? थोड़ा ध्यान से सुनना। ये डेरिवेशन नहीं है। फिर बोल रहा हूं। अगर मैं इसके फर्स्ट पॉइंट पे बात करूं तो मैं बात करना चाहता हूं आउटसाइड अ शेल। मैं एक शेल के बाहर बात करने वाला हूं। ठीक है ना? तो मेरे पास एक शेल है जिसका लेट्स से रेडियस है मेरे पास r इसका r रेडियस है। r रेडियस है। और मुझे लेट्स से r रेडियस अह या डिस्टेंस पे इलेक्ट्रिक पोटेंशियल कैलकुलेट करना है। और इस पूरे पे जो चार्ज है वो q है। है ना? इस पूरे पे जो चार्ज कंसंट्रेटेड है वो कितना चार्ज कंसंट्रेटेड है? q चार्ज कंसंट्रेटेड है टोटल ओवरऑल। अब अगर ऐसा है तो पोटेंशियल
39:19 क्या होगा भाई? देखो एक क्या मैं इसको एक पॉइंट चार्ज मान लूंगा? आंसर है हां। तो एक पॉइंट चार्ज मान लूंगा तो पोटेंशियल हो जाएगा kq / अगर मैं r डिस्टेंस पे हूं तो r तो आप देख सकते हो मैं कोई डेरिवेशन नहीं कर रहा हूं। ये बस एक फार्मूला रिवाइज हो रहा है कि मैं एक स्फीयर को एक पॉइंट चार्ज मान सकता हूं। उसके सारा का सारा चार्ज सेंटर पे कंसंट्रेटेड एज्यूम किया जा सकता है। जिसकी वजह से जो पोटेंशियल पैदा हो जाएगा एट डिस्टेंस r आउटसाइड दी स्फीयर वो kq / r हो जाएगा। ठीक है ना? अब यही अगर मैं आ जाऊं ऑन द स्फीयर या ऑन द शेल तो शेल के ऊपर अगर मैं आता हूं तो लेट्स से मेरे पास पहली बात तो यह सेम स्फीयर है और मैं यहां पे जो कि इसका
40:05 रेडियस हमारे पास r था। अब मुझे जो पोटेंशियल कैलकुलेट करना है वो ऑन द स्फीयर ही है। ठीक है ना? यहां पे ये है इस पॉइंट पे। तो ऑब्वियस सी बात है मैं इनफाइनाइट अगर मैंने r पे निकाला तो इसका मतलब समझते हो ना? तो यहां पे क्या था कि मैं चार्ज को इनफाइनाइट से क्योंकि हम बेटा इलेक्ट्रिक पोटेंशियल निकाल रहे हैं। तो आप सबको पता है हम चार्ज को कहां से लेके आए होंगे? इनफाइनाइट से एक पॉइंट तक लेके आए होंगे। तो इनफाइनाइट से मैं इसे कहां तक ले आया? R तक ले आया। अब मैं इसे इनफाइनाइट से ऑन द स्फीयर यानी छोटे R तक लेके आया हूं। तो पोटेंशियल का फार्मूला मेरे पास हो जाएगा K Q / R है ना? पोटेंशियल का फार्मूला मेरे पास हो जाएगा KQ / R अगर मैं जाता हूं इनसाइड सबसे इंटरेस्टिंग यही है। इंसाइड द शेल जाता हूं तो अगेन ऑफलाइन के एक्सपीरियंस से मैं
40:50 बता रहा हूं। जब मैं बोलता हूं इंसाइड द शेल तो बच्चा कहता है कि अरे इंसाइड तो ज़ीरो होगा। बेटा इंसाइड ज़ीरो क्या ज़ीरो होता है? इनसाइड इलेक्ट्रिक फील्ड जीरो होती है। पोटेंशियल जीरो होगा कि नहीं होगा? इसके ऊपर तो बात कर रहे हैं। लेकिन आप ऐसा नहीं बोल सकते कि अगर फील्ड जीरो है तो पोटेंशियल भी ज़ीरो होगा। आओ जरा समझें इस बात को। बहुत ध्यान से सुनना। ये तो हम सब जानते हैं कि होलो शेल के अंदर देयर विल बी नो इलेक्ट्रिक फील्ड एट ऑल। अंदर कोई इलेक्ट्रिक फील्ड नहीं होगी। अब अगर अंदर कोई इलेक्ट्रिक फील्ड नहीं होगी। तो अंदर चार्ज को घुमाने के लिए मुझे कोई वर्क नहीं करना पड़ेगा। चैप्टर के फर्स्ट में यह देखो भैया पहली स्लाइड में मैंने आपको क्या बोला? पहली स्लाइड में मैंने आपको बोला कि अगर यह चार्ज ही नहीं है तो इसको इधर-उधर ले जाने के लिए कोई इलेक्ट्रिक वर्क नहीं करना पड़ेगा। वैसे
41:36 मस्कुलर वर्क भले ही करना पड़े लेकिन कोई इलेक्ट्रिक वर्क नहीं करना पड़ेगा। तो अगर ये नहीं है तो ये जो चार्ज है ये ज़ीरो वर्क से आएगा। अब आप समझो अगर हमारे स्फीयर के अंदर इलेक्ट्रिक फील्ड ही नहीं है तो चार्ज को अंदर कहीं पे भी घुमाने के लिए आपको कोई एक्स्ट्रा वर्क नहीं करना पड़ेगा। लेकिन आप चार्ज को लेके कहां से आए हो? यस आप चार्ज को ले आए हो इनफाइनाइट से। आप चार्ज को ले आए हो इनफाइनाइट से किसी पॉइंट पे। तो इनफाइनाइट से ऑन तक लाने के लिए कितना काम करना पड़ा आपको? KQ / r इनफाइनाइट से ऑन तक आने के लिए कितना काम करना पड़ा? KQ / R तो आप समझ जाओ कि यहां से अंदर लाने के लिए भी आपको काम कितना ही करना पड़ेगा। आंसर है KQ / छोटा R ही। क्योंकि जितना काम आपने ऑन तक किया है उतना ही इनसाइड भी होगा। बिकॉज़ इनसाइड
42:23 देयर इज़ नो इलेक्ट्रिक फील्ड। इनसाइड देयर इज़ नो इलेक्ट्रिक फील्ड। तो पोटेंशियल का फार्मूला हमारे पास आ जाएगा KQ / R यानी कि जो ऑन है और जो इनसाइड है ये सेम रहेगा। लेकिन आउटसाइड पोटेंशियल वेरी करेगा R के साथ। इसका रीज़न अगर आपसे कोई पूछ ले तो मैं बोल देता हूं। आप चाहे रोक-रोक के लिख लो। इलेक्ट्रिक पोटेंशियल फॉर होलो कंडक्टर ऑन एन इनसाइड ऑन एन इनसाइड इज इक्वल बिकॉज़ देयर इज नो एक्स्ट्रा वर्क डन इन मूविंग चार्ज इनसाइड द शेल बिकॉज़ ऑफ एब्सेंस ऑफ़ इलेक्ट्रिक फील्ड। है ना? तो ये हमारा काम। अब इसका अगर मैं ग्राफ प्लॉट करूं। अगर आपको याद हो तो हमने ग्राफ प्लॉट किया हुआ है इलेक्ट्रिक फील्ड का। लेकिन अगर मैं ग्राफ प्लॉट करता
43:10 हूं यहां कर देता हूं मेरे पास जितनी जगह है उसके हिसाब से। अगर मैं इसका ग्राफ प्लॉट करता हूं, बड़ा इंटरेस्टिंग ग्राफ होगा। हमने इलेक्ट्रिक फील्ड का ग्राफ बनाया था। यहां पे इस बार हम पोटेंशियल बना रहे हैं। और यहां पे हम अगेन डिस्टेंस बना रहे हैं। याद होगा इलेक्ट्रिक फील्ड इनसाइड ज़ीरो आई थी। ज़ीरो आई थी। जैसे हम R पे पहुंच गए थे बढ़ के फिर कम हो गई थी। अगर आपने फर्स्ट चैप्टर पढ़ा है तो। लेकिन यहां पे ऐसा नहीं होने वाला। अगर मैं यहां पे रेडियस तक हूं। तो जो पोटेंशियल है वो अंदर कहीं पे भी घूम लो। कितना रहने वाला है? KQ / R तो अंदर कहीं पे भी घूम लो। कितना रहने वाला है? KQ / R तो ये ये मैं सेंटर से इसके R तक आ रहा हूं। सेंटर से R तक आ रहा हूं। तो पोटेंशियल सेम रहेगा KQ / R ऑन भी पहुंच जाऊंगा तो भी कितना रहेगा? KQ / R लेकिन आगे जाऊंगा तो क्या पोटेंशियल जो है वो R से इन्वर्सली प्रपोर्शनल हो गया है। R जैसे-जैसे बढ़ेगा
43:57 पोटेंशियल कम होगा। तो आगे का जो ग्राफ है वो नीचे जाएगा इन्वर्सली प्रपोर्शनल। तो ये ग्राफ एग्जाम में काफी बार पूछा गया है और बच्चा बड़ा कंफ्यूज होता है इलेक्ट्रिक फील्ड के ग्राफ में और इलेक्ट्रिक पोटेंशियल के ग्राफ में। इलेक्ट्रिक फील्ड का ग्राफ यहां ज़ीरो रहता है। बिकॉज़ अंदर इलेक्ट्रिक फील्ड ज़ीरो रहती है और फिर आगे ऐसे ही जाता है। तो मतलब बस फर्क आता है अंदर वाले खेल का। बाकी तो सेम चीजें रहती हैं। समझे? तो ये बात हुई इलेक्ट्रिक पोटेंशियल ड्यू टू यूनिफॉर्मली चार्ज स्फेरिकल शेल जो कि एक्चुअली में कोई डेरिवेशन नहीं है देखा जाए तो। ठीक है? अब अगेन यहां एक बहुत इंपॉर्टेंट रिलेशन हम लोग डिराइव करने जा रहे हैं। और इसी रिलेशन की मदद से एक्चुअली में इसी रिलेशन की मदद से एक्चुअली में बहुत सारे सवाल तो ये जो डेरिवेशन हम करने जा रहे हैं डेरिवेशन तो अपने आप में इंपॉर्टेंट है ही
44:44 लेकिन ये वैसे भी काफी इंपॉर्टेंट चीज है। हम लोग रिलेशन निकालने जा रहे हैं इलेक्ट्रिक फील्ड एंड पोटेंशियल। ऑब्वियस सी बात है पोटेंशियल कौन सा वाला होने वाला है? इलेक्ट्रिक पोटेंशियल होने वाला है। पोटेंशियल दो हैं इस चैप्टर में। पोटेंशियल डिफरेंस और इलेक्ट्रिक पोटेंशियल। हम हमेशा इलेक्ट्रिक पोटेंशियल इस चैप्टर में पढ़ेंगे। इस चैप्टर में कहीं पोटेंशियल डिफरेंस नहीं आएगा। अगले चैप्टर में आएगा। चलो अब आओ रिलेशन डिराइव करते हैं भाई। ठीक है? क्या हो रहा है? हमारे पास यहां पे एक चार्ज बैठा हुआ है। अगेन q मैं एक q नॉट चार्ज को इसकी तरफ लेके आ रहा हूं। थोड़ा-थोड़ा डिस्प्लेस करवा रहा हूं। थोड़ा-थोड़ा डिस्प्लेस करवा रहा हूं। रिलेशन डिराइव करेंगे। आ जाओ। क्या ये कहना सही होगा कि जो छोटा सा वर्क डन होता है उसका फार्मूला फोर्स इनू में छोटा सा डिस्प्लेसमेंट * में cos थीटा होगा। रीज़ आपको पता है cos थीटा का। आज बात कर चुके
45:30 हैं। तो छोटा सा वर्क डन हो जाएगा - फोर्स * में dx। ठीक है? क्योंकि मुझे रिलेशन निकालना है किसके बीच में? इलेक्ट्रिक फील्ड। तो क्या मैं फोर्स को इलेक्ट्रिक फील्ड के टर्म्स में कुछ लिख सकता हूं? तो आंसर है यहां हमने फर्स्ट चैप्टर में पढ़ा है कि इलेक्ट्रिक फील्ड होता है फोर्स पर यूनिट टेस्ट चार्ज। याद होगा? तो यहां से मैं फोर्स की जगह लिख सकता हूं इलेक्ट्रिक फील्ड * में टेस्ट चार्ज * में dx सब कुछ सही आ रहा है। इसको मान लो आप कौन सी इक्वेशन भैया? फर्स्ट इक्वेशन। ठीक है? इसको आप फर्स्ट इक्वेशन मान लो। ऑल्सो हमने आज ही पढ़ा है कि जो पोटेंशियल का फार्मूला है, छोटे से पोटेंशियल का फार्मूला होगा वो होगा कितना छोटा सा आपने वर्क डन किया पर यूनिट जो आप चार्ज लाए होए होए होए होए होए होए होए होए होए हो। चार्ज तो छोटा सा हो नहीं सकता। ठीक है? मतलब dq चार्ज। तो यहां से भी मेरे पास वर्क डन का फार्मूला आ जाएगा dv q नॉट और
46:18 इसको मैं मान लेता हूं सेकंड इक्वेशन। अब इन दोनों को आपस में कनेक्ट कर देते या रिलेट कर देते हैं जो भी आप कह लो। तो यहां से मेरे पास - q0 dx आ जाता है। और यहां से मेरे पास q0 dv आ जाता है। तो यहां पे q नॉट से q नॉट कैंसिल हो जाता है। और अगर मैं dx को उधर ले जाऊं तो - e = dv / dx आ जाएगा। अब अगर मैं माइनस को भी यहां से हटा के इधर ले जाऊं तो ये मेरे पास एक रिलेशन आ गया है इलेक्ट्रिक फील्ड का विद पोटेंशियल। बहुत ज्यादा इंपॉर्टेंट टॉपिक। इसके ऊपर दो बहुत बड़े सवाल आते हैं और बात कर रहे हैं। लेकिन उससे पहले क्या मैं dv / dx को डेल्टाV / डेल्टा x और सिंपली v / x भी
47:04 लिख सकता हूं। अब यहां से दो इंपॉर्टेंट सवाल क्या बनते हैं? सबसे पहले तो ये माइनस साइन का यहां पे मतलब क्या है? ये माइनस साइन बहुत कुछ डिकोड करता है। आओ जरा समझे क्या-क्या डिकोड करता है। लेकिन ये माइनस साइन की बहुत ज्यादा यहां पेेंस है। सबसे पहली बात तो ये माइनस साइन यहां पे क्या रिप्रेजेंट कर रहा है? ये कह रहा है कि इलेक्ट्रिक फील्ड और चेंज इन पोटेंशियल हमेशा ऑपोजिट है। इसका मतलब है अगर क्योंकि इलेक्ट्रिक फील्ड एक वेक्टर क्वांटिटी है। ये आप सब जानते हो। तो इसका मतलब है कि अगर आप इलेक्ट्रिक फील्ड की डायरेक्शन में जाओगे तो पोटेंशियल हमेशा ड्रॉप होगा, गिरेगा। बिकॉज़ चेंज इन पोटेंशियल माइनस आ रहा है। अब चेंज इन पोटेंशियल माइनस का मतलब क्या है? कि पोटेंशियल ड्रॉप होगा। पोटेंशियल गिरेगा। आपको अंदाजा भी नहीं है ये पॉइंट कितना इंपॉर्टेंट है। मैं आपको अभी इसके ऊपर
47:50 क्वेश्चन भी समझाऊंगा। लेकिन हमें इस लाइन से क्या पता चलता है? मैं यहां ये लाइन लिख देता हूं कि इन दी डायरेक्शन ऑफ इलेक्ट्रिक फील्ड। बेटा याद करोगे यह पॉइंट अगर मैंने आपको समझाया है। आपने यह याद कर लिया। दो नंबर आपके पेपर में पक्के हो गए तो याद करोगे। कुछ सिखा गए थे सर। द डायरेक्शन ऑफ़ इलेक्ट्रिक फील्ड इन द डायरेक्शन ऑफ़ इलेक्ट्रिक फील्ड पोटेंशियल ड्रॉप्स यानी पोटेंशियल हमेशा गिरता है फॉर पॉजिटिव चार्ज। आओ समझे इसका मतलब क्या है? क्वेश्चन कैसे आते हैं? है ना? जैसे कि मान लो मुझे कहीं खाली जगह मिल जाए अगर लेट्स से यहां बात कर रहे हैं। एक क्वेश्चन हमारे p / q का ही सवाल है। ये इलेक्ट्रिक फील्ड जा रही है। ये इलेक्ट्रिक फील्ड जा रही है। ये मैंने कराया था दाढ़ी वाले सर पे। ये इलेक्ट्रिक फील्ड जा रही है। ये हमारे पास A पॉइंट
48:36 है। ये हमारे पास B पॉइंट है। ये हमारे पास C पॉइंट है। और ये हमारे पास D पॉइंट है। क्वेश्चन में पूछा गया था कि इनमें सबसे ज्यादा हायर पोटेंशियल पे कौन सा पॉइंट होगा? सिर्फ ये सवाल था। एमसीक्यू था। तो मैंने अभी आपको क्या बोला? इन दी डायरेक्शन ऑफ इलेक्ट्रिक फील्ड पोटेंशियल ड्रॉप्स यानी पोटेंशियल गिरता है। तो यानी अगर मैं इलेक्ट्रिक फील्ड के डायरेक्शन में जाऊंगा तो पोटेंशियल गिरेगा। यानी C और D का पोटेंशियल तो सबसे कम हो गया। क्योंकि वो इलेक्ट्रिक फील्ड की डायरेक्शन में सबसे आगे है तो वहां पोटेंशियल गिर रहा होगा। लेकिन वहीं पे B और A में आप देखो तो A का पोटेंशियल सबसे ज्यादा हो जाएगा। क्योंकि A सबसे पहले है और इलेक्ट्रिक फील्ड के डायरेक्शन में जाने पे पोटेंशियल जो है वो ड्रॉप होता है। समझ गए? तो इन द डायरेक्शन ऑफ इलेक्ट्रिक फील्ड पोटेंशियल ड्रॉप होता है। जिसकी वजह से यहां पे A का पोटेंशियल मैक्सिमम हो
49:22 जाएगा। तो ये माइनस साइन यहां पे ये रिप्रेजेंट कर रहा है कि जैसे-जैसे आप इलेक्ट्रिक फील्ड की डायरेक्शन में जाओगे पोटेंशियल विल ड्रॉप। पोटेंशियल जो है वह गिर जाएगा। बात समझ में आती है? एक और यहां से बड़ा इंपॉर्टेंट सवाल आता है और वह यह है बच्चे के ना पेपर में एक सवाल आया कि वोल्ट पर मीटर किसकी यूनिट होती है? और ऑप्शन में इलेक्ट्रिक फील्ड भी लिखा हुआ था। अब क्योंकि फर्स्ट चैप्टर में बच्चे ने रट्टे मार रखा है कि इलेक्ट्रिक फील्ड की यूनिट होती है न्यूटन पर कूलम। न्यूटन पर कूलम क्योंकि वो होता है फोर्स अपॉन में चार्ज। तो न्यूटन पर कूलम। लेकिन इलेक्ट्रिक फील्ड की इस वाले फॉर्मूले से एक और यूनिट मिलती है जिसको हम बोलेंगे वोल्ट पर मीटर। क्योंकि ऊपर है मेरे पास डीवी यानी वोल्टेज, नीचे है मेरे पास मीटर। तो क्या बन गया? वोल्ट पर मीटर। यानी कि इलेक्ट्रिक फील्ड की एक और बड़ी
50:07 इंपॉर्टेंट यूनिट मिलती है वो है वोल्ट पर मीटर। और हम लोगों ने 11th क्लास में सीखा है जब भी किसी चीज को टाइम से डिवाइड करते हैं तो उसको रेट कहते हैं। लेकिन जब भी किसी चीज को लेंथ से डिवाइड करते हैं तो उसको हम ग्रेडियंट कहते हैं। तो क्या मैं इलेक्ट्रिक फील्ड को पोटेंशियल ग्रेडियंट भी कह सकता हूं? क्योंकि मैं पोटेंशियल को लेंथ से क्या कर रहा हूं? डिवाइड कर रहा हूं। तो ध्यान रखना इलेक्ट्रिक फील्ड इलेक्ट्रिक फील्ड को मैं पोटेंशियल ग्रेडियंट भी कह सकता हूं। ऐसा इसलिए कह सकता हूं क्योंकि लेंथ के बढ़ने पे डिवाइड बाय लेंथ है। डिवाइड बाय टाइम हो तो रेट बोल देते हैं। है ना? रेट ऑफ चेंज ऑफ वेलोसिटी इज़ कॉल्ड एक्सीलरेशन। रेट ऑफ डूइंग वर्क इज़ कॉल्ड पावर। लेकिन ऐसे अगर डिवाइड में लेंथ हो तो उसे ग्रेडियंट कह
50:54 देते हैं। तो ये डेरिवेशन अपने आप में उतने इंपॉर्टेंट चाहे ना हो। वैसे है। लेकिन ये दो पॉइंट्स बहुत ज्यादा इंपॉर्टेंट हैं। एक नंबर आपका एग्जाम में ये पक्का करा सकते हैं। डन हो गया? डन हो गया? तो अभी भी हम इलेक्ट्रोस्टेटिक पोटेंशियल पे ही हैं। कैपेसिटेंस पर नहीं पहुंचे हैं। चलिए एक टॉपिक आता है हमारे पास इक्विपोटेंशियल सरफेस। इक्विपोटेंशियल सरफेस के पढ़ने के बाद हम लोग पोटेंशियल एनर्जी पे जाएंगे और उससे हमारा इलेक्ट्रिक पोटेंशियल वाला हिस्सा खत्म हो जाएगा। तो मान के चलो अभी हमें आधा घंटा और चलाना है इलेक्ट्रिक पोटेंशियल। उसके बाद कैपेसिटेंस शुरू हो जाएगा जो कि उतना ही चलेगा जितना हमने पोटेंशियल तो आप वन शॉट का चौड़ाई का अंदाजा लगा सकते हो। चलो आओ आओ बात करते हैं इक्विपोटेंशियल सरफेससेस क्या होते हैं? अगर आप इसके नाम को डिकोड करो तो इक्विपोटेंशियल यानी
51:41 इक्वल पोटेंशियल वाले सरफेससेस। तो ऐसे कोई भी सरफेस जिन पे घूमते वक्त हर पॉइंट पे पोटेंशियल सेम रहेगा उन्हें बोला जाएगा इक्विपोटेंशियल सरफेस। आओ जरा समझें। मान लेते हैं कि मेरे पास जैसे इसको थोड़ा सा अगर मैं साइड करूं यह तो मैंने एनसीआरटी से स्क्रीनशॉट लिया ही हुआ है। बट मान लेते हैं मैं आपको बोलूं ये मेरे पास एक पॉइंट चार्ज है + q ठीक है ना? q तो इसके इधर r डिस्टेंस पे पोटेंशियल कितना होगा? आज ही बात किया कितना पोटेंशियल होगा? KQ / r इधर r डिस्टेंस पे कितना होगा? kq / r यहां भी r पे होगा kq / r kq / r kq / r kq / r kq / r kq / r ऐसे आगे भी kq / r होंगे ऐसे kq / r इन सारे kq / r को अगर मैं जोड़ दूंगा
52:27 तो क्या मुझे एक स्फीयर मिलेगा और क्या उस स्फीयर पे r रेडियस के स्फीयर पे कहीं पे भी घूम लूं क्या मुझे पोटेंशियल kq / r मिलने वाला है यस तो भैया इक्विपोटेंशियल सरफेस ऐसे सरफेस होते हैं जिन पे घूमते वक्त कहीं पे भी घूम लो जो पोटेंशियल रहता है वो सेम रहता है। तो ऐसे सरफेससेस जहां पे घूमते वक्त पोटेंशियल सेम रहे उन्हें कहते हैं इक्विपोटेंशियल सरफेससेस। तो क्या परिभाषा लिखी हुई है भैया इसकी? आओ देखो परिभाषा में लिखा हुआ है कि एनी सरफेस दैट हैज़ सेम इलेक्ट्रिक पोटेंशियल जिसका हर जगह पे कहीं पे भी घूम लो। हर जगह पे पोटेंशियल सेम रहे उसे कहते हैं इक्विपोटेंशियल सरफेस। जैसे कि एक पॉइंट से 10 सें.मी. पे जो स्फीयर बनेगा वहां का
53:12 पोटेंशियल इक्वल होगा। होगा, 20 पे भी सेम होगा, 30 पे भी सेम होगा और कहीं पे भी 1 सें.मी. पे भी सेम होगा, 50 कि.मी. पे भी सेम होगा। अब इक्विपोटेंशियल सरफेससेस हम ड्रॉ तो करना सीखेंगे लेकिन उससे पहले कुछ प्रॉपर्टीज आ रही हैं इसकी जिसके ऊपर एग्जाम में सवाल बहुत बनता है। पहला इक्विपोटेंशियल सरफेस पे घूमते हुए आपको कोई वर्क नहीं करना पड़ता। क्यों नहीं करना पड़ता? क्योंकि पोटेंशियल सेम है। हम बचपन से पढ़ते आ रहे हैं। वर्क तब करना पड़ता है जब आप जाते हो फ्रॉम लोअर पोटेंशियल टु हायर। और चीजें अपने आप मूव करती हैं फ्रॉम हायर पोटेंशियल टु लोअर। लेकिन यहां तो पोटेंशियल ही सेम है। अगर मैं कह रहा हूं मेरे पास एक स्फीयर है जिस पे हर जगह पोटेंशियल 5 वोल्ट, 5 वोल्ट, 5 वोल्ट, 5 वोल्ट ये है। तो अगर हर जगह 5 वोल्ट है तो क्या मैं हायर से लोअर जा रहा हूं, लोअर साइड जा रहा हूं? कहीं नहीं। तो भैया पोटेंशियल सेम है तो मुझे कोई इलेक्ट्रिक वर्क नहीं करना पड़ेगा। ऐसे कह
53:57 लो या कह लो वर्क का फार्मूला चार्ज इंटू में पोटेंशियल डिफरेंस होता है। अब चार्ज कोई भी हो। क्योंकि इक्विपोटेंशियल सरफेस पे पोटेंशियल डिफरेंस ज़ीरो होगा। तो हमारे लिए बेटा वर्क डन भी ज़ीरो हो जाएगा। यानी इक्विपोटेंशियल सरफेस पे कहीं पे भी घूमते वक्त आपको कोई वर्क नहीं करना पड़ता। ये बात ध्यान रखना बहुत इंपॉर्टेंट पॉइंट है। इलेक्ट्रिक फील्ड इज़ ऑलवेज नॉर्मल टू इक्विपोटेंशियल सरफेस। अगर ये एक चार्ज है और ये इसका कोई भी इक्विपोटेंशियल सरफेस है तो इलेक्ट्रिक फील्ड हमेशा इससे परपेंडिकुलर निकलेगी। इससे परपेंडिकुलर निकलेगी। इससे परपेंडिकुलर निकलेगी। इससे यानी इलेक्ट्रिक फील्ड हमेशा इक्विपोटेंशियल सरफेससेस से परपेंडिकुलर निकलती हैं। ये भी काफी इंपॉर्टेंट है। इक्विपोटेंशियल सरफेससेस आर क्लोजर टुगेदर इन द रीजन ऑफ स्ट्रांग फील्ड। अगर फील्ड
54:44 स्ट्रांग है तो इक्विपोटेंशियल सरफेस पास आ जाएंगे। अभी हम ड्रॉ भी करेंगे। मतलब देखेंगे ड्रॉ किए हुए हैं। एनसीईआरटी के स्क्रीनशॉट हैं। अगर इलेक्ट्रिक फील्ड स्ट्रांग है तो इक्विपोटेंशियल सरफेस पास हो जाएंगे। और अगर इलेक्ट्रिक फील्ड वीक है तो इक्विपोटेंशियल सरफेस दूर हो जाएंगे। नो टू इक्विपोटेंशियल सरफेससेस कैन इंटरसेक्ट ईच अदर। ऑब्वियस सी बात है सुनो। ये मेरे पास ना एक इक्विपोटेंशियल सरफेस है जिस पे हर जगह घूम लूं तो 10 वोल्ट है। इक्विपोटेंशियल सरफेस का मतलब ही यही है कि कहीं भी घूम लो। पोटेंशियल क्या है भैया? सेम है। सेम है। तो इसमें कहीं पे भी घूम लूं। मुझे पोटेंशियल कितना मिलेगा? 10 वोल्ट मिलेगा। कितना मिलेगा? 10 वोल्ट मिलेगा। अब मान लेते हैं कोई और इक्विपोटेंशियल सरफेस इससे इंटरसेक्ट हो जाता है जिसका पोटेंशियल 20 वोल्ट है। तो कहीं भी घूम लूं 20 20 20 20 20 20 लेकिन
55:29 यहां पे अगर मैं आता हूं और यहां पे अगर मैं आता हूं तो अब मैं 10 मानूंगा या 20 मानूंगा क्योंकि ये पॉइंट 10 वाले का भी है और ये पॉइंट 20 वाले का भी है। तो अगर ये इंटरसेक्ट हो गए तो एक ही पॉइंट पे हमें दो अलग-अलग पोटेंशियल मिल जाएगा जो कि पॉसिबल नहीं है। तो इसीलिए दो इक्विपोटेंशियल सरफेससेस कभी भी एक दूसरे को इंटरसेक्ट नहीं कर सकते। अब एनसीईआरटी के हिसाब से इक्विपोटेंशियल सरफेस फॉर पॉइंट चार्ज ये तो हम बना ही चुके थे। स्फीयर होगा। बट आप एक छोटी सी बात ध्यान रखो। ये स्फीयर का जो रेडियस है वो धीरे-धीरे धीरे-धीरे एक दूसरे से दूर हो रहा है। होना भी चाहिए। क्योंकि अभी हमने कहा कि अगर इक्विपोटेंशियल सरफेससेस पास हैं इसका मतलब फील्ड स्ट्रंग है तो प्लस चार्ज के पास फील्ड स्ट्रांग होती है और दूर वीक होती चली जाती है। है ना भाई? तो इसीलिए आप ऐसा मत बनाना। कई बच्चे इसकी इक्विपोटेंशियल सरफेस फेयर तो बनाते हैं
56:16 लेकिन ऐसे बनाते हैं। अब इसमें प्रॉब्लम क्या है? हम गैप जो है वो सेम रख रहे हैं तो ये गड़बड़ हो जाएगी। तो कैसे बनाना है? आपको पहले इक्विपोटेंशियल सरफेससेस थोड़े पासपास रखने हैं। फिर इनके बीच का डिस्टेंस आपको बढ़ाते चले जाना है। समझ गए ना? तो ऐसा होगा क्योंकि पास फील्ड स्ट्रांग है और दूर जो फील्ड है वो वीक हो जाएगी। ठीक है? ठीक है। ठीक है। डन। इसके बाद इक्विपोटेंशियल सरफेस दो इक्वल और अपोजिट चार्जेस। अब दो इक्वल और अपोजिट चार्जेस के लिए हमने फर्स्ट चैप्टर में इलेक्ट्रिक फील्ड बनाई थी। अगर आपको याद हो तो इलेक्ट्रिक फील्ड बीच में बहुत कम होती है क्योंकि वो दोनों एक अपोजिट हैं। सॉरी अपोजिट हैं। तो बीच में स्ट्रांग होती है। क्योंकि प्लस माइनस को अट्रैक्ट करता है तो इसकी सारी फील्ड यहां जाती है। इधर वीक होती है। अब अगर बीच में स्ट्रांग होगी तो यहां पे इक्विपोटेंशियल सरफेसेस एक दूसरे ओह हो यह मैंने फोटो गलत लगा दी है। यहां पे दो इक्वल एंड अपोजिट पॉइंट चार्ज है।
57:04 लेकिन मैंने यहां पे प्लस चार्ज की लगा दी। वही कहूं गड़बड़ ही तो हो रही है। तो ऐसा करते हैं ना? ऐसा करते हैं। इसको चेंज कर देते हैं। इक्विपोटेंशियल सरफसेस फॉर टू इक्वल एंड इसको कर देते हैं हम टू इक्वल एंड पॉजिटिव चार्जेस। ठीक है? पॉजिटिव चार्जेस। तो अगर पॉजिटिव हैं दोनों दोनों के दोनों पॉजिटिव हैं तो एक दूसरे को रिपेल करेंगे। तो बीच में इक्विपोटेंशियल सरफेस देखो एक दूसरे से दूर होंगे। ये इंटरसेक्ट नहीं हो रहे हैं। नहीं नहीं आपको लग रहा है बट ज़ूम करोगे तो नहीं हो रहे। तो यहां पे फील्ड वीक होगी। इसलिए यहां पे दूर हो रहे हैं। लेकिन यहां पे स्ट्रांग होते तो पास हो रहे हैं। और धीरे-धीरे अब आगे अब देखो ना ये वाले इतने करीब आ गए कि अगला वाला अगर बनाऊंगा तो इंटरसेक्ट कर जाएगा। इसलिए फिर इनके इक्विपोटेंशियल सरफेस कॉमन होना स्टार्ट हो जाते हैं। और जब बहुत दूर जाओगे तो ये
57:50 स्फीयर ही हो जाएंगे क्योंकि ये दोनों इतने पास आ जाएंगे कि ये पॉइंट सोर्स का ही काम करने वाले हैं। ठीक है जी। एंड लास्ट यहां पे आ गए हमारे पास टू इक्वल एंड ऑोजिट। तो यहां पे ऑब्वियस सी बात है उल्टा होगा। टू इक्वल एंड ऑोजिट चार्जेस आ जाएंगे यहां। टू इक्वल एंड ऑोजिट चार्जेस। तो वही वाली बात मैंने बताया था। अगर इक्वल अपोजिट है तो बीच में फील्ड स्टंग होंगी। तो इस बार देखो यहां पे पास हैं। लेकिन यहां से धीरे धीरे धीरे-धीरे ये दूर होते जा रहे हैं। और अगर इलेक्ट्रिक फील्ड यूनिफॉर्म है हर जगह बराबर है तो ये पहली बात तो शीट की फॉर्म में बनेंगे। क्योंकि इलेक्ट्रिक फील्ड हमेशा इक्विपोटेंशियल सरफेस से कैसे निकलनी चाहिए? परपेंडिकुलर नॉर्मल। तो नॉर्मल भी निकल रही है। तो इक्विपोटेंशियल सरफेस कैसे बन गई? शीट की फॉर्म में। अब जैसे कि ये शीट है तो इक्विपल सरफेस कैसे बनेंगे? इससे पार जाते हुए। क्योंकि भैया
58:37 परपेंडिकुलर है ना तो अगर इलेक्ट्रिक फील्ड सीधी जा रही है तो शीट की फॉर्म में बनेंगे और इनके बीच का डिस्टेंस भी बराबर रहेगा। लेकिन ध्यान से सुनना कभी कबभार पेपर में ऐसे बोलते हैं कि जो इलेक्ट्रिक फील्ड है वो लेफ्ट टू राइट जाने पे इंक्रीस हो रही है। मतलब स्ट्रांग हो रही है। नॉन यूनिफॉर्म है और स्टंग हो रही है। तो बनेंगे तो कैसे ही? शीट ही बनेंगे। बस फर्क ये है कि लेफ्ट टू राइट जाते-जाते ये एक दूसरे से और करीब आ जाएंगे। करीब क्यों आएंगे? क्योंकि इलेक्ट्रिक फील्ड लेफ्ट टू राइट जाने पे बढ़ रही है और अगर बढ़ रही है तो स्ट्रांग होती चली जाएगी। समझ गए ना? तो यहां पे स्ट्रांग होते चली जाएगी। तो इनके बीच का डिस्टेंस कम होगा। उल्टा कर दो। अगर वीक हो रही है तो पहले पास-पास बनेंगे और फिर दूर बन जाएंगे। समझ गए? तो ये हमारी पढ़ाई हुई बेटा किसकी? इक्व पोटेंशियल सरफेससेस की। अब हम चलेंगे पोटेंशियल एनर्जी पे। मैं कहूंगा वीडियो
59:23 को पॉज करके प्लीज ये सारे ड्रॉ कर लो। कभी कबभार एग्जाम में एक आध नंबर के ड्रॉ करने के आते हैं। छोटी-छोटी बातों पे ध्यान देना है। कब पास, कब दूर, कब उनके बीच में कोई गैप नहीं। डन है। एक बार ये कर लो प्लीज। बच्चों वीडियो में आगे बढ़ने से पहले एक छोटी सी लेकिन बहुत इंपॉर्टेंट बात करने जा रहा हूं। हमारा बैच 2.0 ल्च हो चुका है। जिसमें हम लोग रोज आके आपको लाइव पढ़ाने वाले हैं हर एक सब्जेक्ट। इसमें नाइंथ से लेके 12th तक सारे बैचेस आपको हमारे ऐप पे मिलेंगे। साइंस के साथ-साथ कॉमर्स, एमडीए और सीयूईटी के भी बैचेस अवेलेबल हैं। तो फिर देर किस बात की? डिस्क्रिप्शन में दिए गए और फर्स्ट पिन कमेंट में दिए गए लिंक को क्लिक करो और बनो साइंस एंड फन के पेड बैच का हिस्सा। याद रहे जो डिस्काउंट है सारे पेड
1:00:08 बैचेस में वो लिमिटेड टाइम के लिए ही वैलिड है। अब वीडियो में आगे बढ़ते हैं। हां जी। तो अब हम बात करते हैं आगे पोटेंशियल एनर्जी के बारे में। सबसे पहले आओ समझते हैं कि समझना क्या है? आप सब लोग 11th क्लास पार करके आ चुके हो। आई होप सो। और 11th क्लास में आप लोगों ने पढ़ा है कि जो पोटेंशियल एनर्जी होती है बेसिकली वो एक ऐसी एनर्जी है जो कंजर्वेटिव फोर्स के अगेंस्ट काम करके आती है। व्हिच मींस कि अगर आप किसी कंजर्वेटिव फ़ जैसे इलास्टिक फ़ के अगेंस्ट काम करो आप उस रबर बैंड को खींचो स्प्रिंग को खींचो या कंप्रेस करो स्प्रिंग को तो आप इलास्टिक फ़ के अगेंस्ट काम कर रहे हो। तो जो भी आप काम करते हो वो बेसिकली स्टोर हो जाता है इन द फॉर्म ऑफ़ पोटेंशियल एनर्जी। ग्रेविटेशनल फोर्स के अगेंस्ट काम करो तो वो स्टोर हो जाता है इन द फॉर्म ऑफ पोटेंशियल एनर्जी। बिल्कुल। ऐसे ही अगर आप इलेक्ट्रोस्टेटिक फोर्स के अगेंस्ट काम
1:00:54 करते हो मतलब कि अगर आप अ पॉजिटिव चार्ज के प्रेजेंस में एक पॉजिटिव चार्ज को लेके आते हो जो कि आज हमने सबसे पहली स्लाइड पे किया। तो आपके द्वारा किया गया वर्क बेसिकली स्टोर हो जाता है इन द फॉर्म ऑफ पोटेंशियल एनर्जी। तो हम पोटेंशियल एनर्जी की ही डेरिवेशन करने वाले हैं। बट देखा जाए तो पहला जो हमारी स्लाइड थी जहां पे पहला मतलब हमने जहां पे पॉइंट चार्ज के लिए पोटेंशियल निकाला वही काम हम रिपीट करने वाले हैं। बस अब हमारा गोल अलग होगा। मैं समझाता हूं। तो इलेक्ट्रिक पोटेंशियल एनर्जी से पहले आपको जो वर्ड पता होना चाहिए वो कौन सा वर्ड है भाई? पोटेंशियल एनर्जी जो कि मैंने आपको समझा दिया। ऐसी एनर्जी जो कि स्टोर होती है जब हम किसी भी कंजर्वेटिव फोर्स के अगेंस्ट काम करते हैं। तो इलेक्ट्रिक पोटेंशियल एनर्जी क्या होगा? आप कह सकते हो कि एनर्जी स्टर्ड व्हेन
1:01:40 वर्क इज डन अगेंस्ट इलेक्ट्रो स्टैटिक फोर्स। जब भी आप इलेक्ट्रोस्टेटिक फोर्स के अगेंस्ट काम करते हो तो जो एनर्जी स्टोर हो जाती है उसको हम लोग इलेक्ट्रिक पोटेंशियल एनर्जी कहते हैं। मैं आपको बस यहां पर रिवाइज करवाना चाहता हूं कि पोटेंशियल एनर्जी तीन प्रकार की होती थी। सबसे पहली आती थी हमारे पास ग्रेविटेशनल पोटेंशियल एनर्जी। जहां पे हम लोगों ने ग्रेविटेशनल फोर्स के अगेंस्ट काम किया था और हमारा काम स्टोर हो गया था इन द फॉर्म ऑफ पोटेंशियल एनर्जी। सेकंड आती है हमारे पास इलास्टिक
1:02:26 पोटेंशियल एनर्जी। अगेन जहां ये हमने दोनों की दोनों 11th क्लास में पढ़ रखी हैं। अगर ग्रेविटेशनल पोटेंशियल एनर्जी की बात करें तो दो फ़ूले आए थे। एक था mgh फॉर कांस्टेंट वैल्यू ऑफ़ g और एक आया था gm1 m2 / r व्हिच इज़ - gm1 m2 / r आल्सो। इलास्टिक पोटेंशियल एनर्जी हमारे पास 1/2 kx² आया था। अगर आपको याद हो। इलास्टिक पोटेंशियल एनर्जी हम लोगों ने दो चैप्टर में अ डिराइव की वर्क एनर्जी में भी की थी और इसको हम लोगों ने 1/2 kx² को ऑसिलेशन में भी प्रूव किया था। फाइनल एनर्जी को अ दो-तीन जगह पे किया था। लेकिन यहां पे अगर बात करें पोटेंशियल एनर्जी तो तीसरे प्रकार की पोटेंशियल एनर्जी हमारे पास आ जाती है इलेक्ट्रिक पोटेंशियल एनर्जी जिसको हमें इस चैप्टर में पढ़ना है। तो ये कब आएगी? जब हम इलेक्ट्रिक या इलेक्ट्रोस्टेटिक फोर्स के अगेंस्ट में काम करेंगे। ठीक है ना? अब इसका फार्मूला क्या होने वाला है? तो अगर आप याद करो तो
1:03:13 हमने आज इस स्लाइड के सबसे फर्स्ट में क्या किया? हम लोगों ने पॉइंट चार्ज के लिए इलेक्ट्रिक पोटेंशियल निकाला। लेकिन उससे पहले क्या हम लोगों ने यहां पे वर्क डन निकाला? तो ये जो वर्क डन आया यही तो पोटेंशियल एनर्जी की फॉर्म में स्टोर होने वाला है। यही तो पोटेंशियल एनर्जी की फॉर्म में स्टोर होने वाला है। तो यही डेरिवेशन दोबारा करने वाले हैं। इसलिए मैं थोड़ा जल्दी करूंगा बिकॉज़ डेरिवेशन हमारे पास सेम यही होने वाली है। अगेन यहां पे हमारे पास एक चार्ज होने वाला है जो कि +q है। आप एक और चार्ज को जो कि +q ही है। उसको आप इनफाइनाइट से एक पॉइंट तक लेके आने वाले हो जो कि इससे कितना दूर है भाई? r तो क्या पहली बात तो कोई पोटेंशियल एनर्जी स्टोर होगी? तो आंसर है हां क्योंकि आप इलेक्ट्रोस्टेटिक फोर्स के अगेंस्ट काम कर रहे हो तो ऑब्वियस सी बात है कि हेलो हेलो मेरी आवाज ठीक है ना हां तो ऑब्वियस सी बात है कि पोटेंशियल एनर्जी
1:04:00 तो स्टोर होगी ही होगी तो वही काम कर रहे हैं जो पहले कर रहे थे कि छोटा सा जो वर्क डन होता है वो होता है फोर्स इंटू में डिस्प्लेसमेंट इंटू में cos थीटा अब आपने इलेक्ट्रोस्टेटिक फोर्स के अगेंस्ट काम किया है तो आपने डिस्प्लेसमेंट लगाया है इधर आप जो वर्क कर रहे हो आप जो वर्क कर रहे हो आपकी फोर्स के द्वारा वो स्टोर स्टोर होगा। तो आपका डिस्प्लेसमेंट हो रहा है इधर। देखा जाए तो आपकी फोर्स भी इधर ही है वैसे। बट अगर आप वर्क डन बाय चार्ज निकालोगे तो फोर्स उधर हो जाएगी। तो बस फर्क एक छोटा सा ये है कि आप यहां पे वर्क डन बाय अ फोर्स आपके द्वारा भी निकाल सकते हो या वर्क डन बाय इलेक्ट्रोस्टेटिक फ़। तो इलेक्ट्रोस्टेटिक फ़ के द्वारा निकालोगे तो फ़ इधर आ जाएगी। एंगल 180 हो जाएगा। माइनस का फर्क आएगा जिसको बाद में देख लेंगे। तो ये मेरे पास dw = FDX cos 180° आ गया। ये
1:04:48 तो हम पहले कर चुके हैं। तो यहां से वर्क
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