CLAT 2027 Legal Current Affairs | July 2026 One Shot Revision | Supreme Court & Legal Updates

Brief Summary

The video covers critical updates in legal current affairs for July, including a significant focus on Environmental Impact Assessments (EIA) and changes in laws concerning paper leaks and national symbols. Key points highlight the mandatory requirement for environmental clearances before project commencement and recent legal stances on the right to a pollution-free environment.

  • Importance of obtaining prior environmental clearances before project initiation.
  • Overview of recent legal decisions relating to the regulation of AI use in legal processes.
  • Discussion of updates regarding the Prevention of Insults to National Honour Act and its amendments for protecting national symbols.

Environmental Impact Assessment

The session begins with the importance of Environmental Impact Assessments (EIA). It highlights that regulatory clearances must be obtained before initiating any project or construction. The discussion revolves around a Supreme Court ruling that states that any project started without the necessary clearances cannot seek post-facto approval, thereby affirming that these clearances are mandatory and must be acquired in advance to assess and mitigate environmental risks effectively.

Recent Legal Developments

Recent legal developments were discussed regarding the regulation of AI in legal contexts, particularly around the accuracy and verification of citations generated by AI tools. It emphasized that AI should not replace critical human checks in legal proceedings, urging the necessity for verified and sound citations to ensure justice is served accurately.

Prevention of Insults to National Honour Act

The video outlines changes made to the Prevention of Insults to National Honour Act, which now has provisions that categorically protect national symbols, including the national song "Vande Mataram." The amendment aims to penalise disrespect towards this song, ensuring it is treated alongside the national anthem with equal respect, thus filling in the legal gaps regarding national sentiments.

Consequences of Paper Leaks

The discussion shifts to the rising concerns of paper leaks in examinations, particularly in high-stakes tests like CLAT. An important new law introduced in 2024 aims to address these issues by establishing strict penalties for those involved in examination malpractice. Despite this legislative effort, the effectiveness of such laws remains in question, with ongoing scrutiny on their implementation.

Rights of Prisoners and Treatment Standards

The rights of prisoners, especially regarding humane treatment and dignity, form a significant discussion point. It notes the overpopulated状态 of Indian prisons and how the Supreme Court mandates states to develop comprehensive policies prioritising the humane treatment and early release of elderly and terminally ill prisoners.

Legal Implications of AI Use in Courts

Further discussions on AI usage in court highlight the need for scrutiny regarding the citations it produces. The video illustrates that unverified AI outputs can mislead legal proceedings and establish incorrect precedents, reinforcing the need for human oversight.

Conclusion and Future Considerations

The video concludes by stressing the continuous importance of keeping up with legal current affairs and encourages diligent preparation for upcoming exams. Each aspect covered is positioned as pivotal knowledge for law students and practitioners, emphasizing the impact of these legal frameworks on society.

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Transcript

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0:14 हेलो एवरीवन अ वेरी गुड आफ्टरनून टू यू ऑल जस्ट लेट मी नो एम आई क्लियरली विज़िबल क्लियरली ऑडिबल टू यू गाइस हाय एवरीवन जस्ट लेट मी नो एम आई क्लियरली विज़िबल क्लियरली ऑडिबल टू यू गाइस [गला साफ़ करने की आवाज़] यस गुड आफ्टरनून गुड आफ्टरनून नेहा राधे-राधे। चलो ठीक है। आई एम क्लियरली

1:01 विज़िबल, क्लियरली ऑडिबल। ओके। ऑल राइट। हाय एवरीवन। यस। सो वी आर गैदर्ड हियर अगेन टू डिस्कस द मंथली राउंड अप ऑफ़ जुलाई मंथ। द लीगल करंट अफेयर्स। गुड आफ्टरनून। यस। चलो फटाफट से एक बार सेशन को शेयर कर दो, लाइक कर दो एंड देन वी आर गोइंग टू स्टार्ट विद द सेशन नाउ। [नाक से की जाने वाली आवाज़] ऑलराइट। कैसी चल रही है सभी की तैयारी? आई होप सभी लोग पढ़ाई कर रहे हैं अच्छे से। राइट। हां बिल्कुल। हर हर महादेव। बहुत बढ़िया। सावधन का पहला सोमवार भी है। बिल्कुल ठीक है। चलो बढ़िया। चलो आ जाओ स्टार्ट करते

1:49 हैं। विद आवर फर्स्ट न्यूज़ दैट इज रिलेटेड टू एनवायरमेंटल इंपैक्ट असेसमेंट। दैट इज रिलेटेड टू एनवायरमेंटल इंपैक्ट असेसमेंट। हां, टेंशन अभी पीक पे है। बिल्कुल होनी भी चाहिए। बहुत अच्छी बात है। और आज बड़ा अच्छा दिन भी है। आज आपका एप्लीकेशनेशंस भी ओपन हो गए हैं। राइट? आपके एप्लीकेशनेशंस भी ओपन हो गए हैं। तो लास्ट के लिए मत रखना बेटा। फॉर्म भर देना ध्यान से। ठीक है? चलो। पहली न्यूज़ आपके सामने है। पहली न्यूज़ आपके सामने है कि भाई एनवायरमेंटल इंपैक्ट असेसमेंट की जो हमारी क्लीयरेंसेस हैं वो पहले होने चाहिए। राइट? वर्ड प्रायर इज़ वेरीेंट। ध्यान से समझना।

2:35 [नाक से की जाने वाली आवाज़] देखो न्यूज़ क्या थी? उस चीज को समझो पहले। [गला साफ़ करने की आवाज़] न्यूज़ क्या थी? उस चीज को समझो। पहले एक एनजीओ था वनशक्ति नाम से और उसने एक पिटीशन डाली थी सुप्रीम कोर्ट में। राइट? अब सुप्रीम कोर्ट ने आंसर किया नो मोर क्लीयरेंस लेटर। कहने का मतलब ये है कि आप एक्ट कर चुके हो। राइट? आप एक्ट कर चुके हो। उसके बाद आप क्लीयरेंस ले रहे हो। मान लो मान लो मुझे अ गाइस क्लैट एक्सप्रेस पेड नोट्स है। अरे क्लैट एक्सप्रेस के पेड नोट्स वगैरह बाद में देख लेना। पढ़ाई कर लो। अब चलो आ जाओ। है क्या? देखो एक आप कोई भी प्रोजेक्ट स्टार्ट करना चाहते हो। प्रोजेक्ट इन द

3:20 सेंस आप कोई इंडस्ट्री बिल्ड करना चाहते हो, फैक्ट्री बिल्ड करना चाहते हो, आप उस फैक्ट्री को सेटअप करने के लिए एनवायरमेंट से क्लीयरेंस गवर्नमेंट से क्लीयरेंस लेने लेने जरूरी होते हैं आपके लिए। है ना? उन क्लीयरेंसेस के लिए उन क्लीयरेंसेस के लिए आपको अप्लाई करना पड़ता है टू द गवर्नमेंट। राइट? एप्लीकेशन देनी पड़ती है। बट पॉइंट ये है कि मान लो आपने प्रोजेक्ट स्टार्ट कर दिया है ऑलरेडी। क्या उसके बाद उसको रेगुलराइज किया जा सकता है या नहीं? अब चार ईयर याद रखना। देखो 1986 में एक लॉ आया था व्हिच वाज़ एनवायरमेंटल प्रोटेक्शन लॉ ऑफ़ 1986। उसके बाद 2006 में एक एनवायरमेंटल इंपैक्ट असेसमेंट नोटिफिकेशन लाया गया। याद रखना बेटा कुछ इंपॉर्टेंट ईयर है। 1986,

4:07 2006 फिर उसके बाद 2017 एंड उसके बाद 2021। ये जो है ये अभी की रूलिंग के बेसिस पर डिपेंड करता है। राइट? [गला साफ़ करने की आवाज़] हां। ठीक है? दोनों तरीके से है। अगर आप ऑलरेडी एनरोल्ड हो लॉ प्रप के किसी पर्टिकुलर कोर्स में तो आपके लिए वो फ्री है। लेकिन अलग से भी आप उसको ले सकते हो। ठीक है? चलो। देखो 1986 में लॉ आया था। दैट इज़ एनवायरमेंटल प्रोटेक्शन लॉ। है ना? उसके बाद ये बोल दिया गया था। उसके बाद ये बोल दिया गया था जितने भी जितने भी टाइप के कुछ भी चेंजेस होंगे या आपको कुछ भी अ कुछ भी एस्टैब्लिश करने हैं अ आपके फैक्ट्री

4:53 इस्टैब्लिश करनी है इंडस्ट्री को इस्टैब्लिश करनी है तो उस इंडस्ट्री को एस्टैब्लिश करने के लिए आपको क्लीयरेंसेस आपको पेपर वर्क करवाना पड़ेगा फ्रॉम द गवर्नमेंट। ठीक है? उसी के बेसिस पर एक नोटिफिकेशन लाया गया था। उसी के बेसिस पर एक नोटिफिकेशन लाया गया था। 1986 में इनेक्टेड इन द शैडो ऑफ द भोपाल गैस ट्रेजडी। इट एमावर्स द सेंट्रल गवर्नमेंट टू इशू बाइंडिंग नोटिफिकेशंस टू प्रोटेक्ट द एनवायरमेंट। और इसी बाइंडिंग नोटिफिकेशन का एक इंपॉर्टेंट सेगमेंट था 2006 का एक नोटिफिकेशन। इट रिक्वायर्स द लिस्टेड कैटेगरीज़ ऑफ़ प्रोजेक्ट्स। मतलब अगर कोई प्रोजेक्ट माइनिंग का है, अगर कोई प्रोजेक्ट इंडस्ट्रीज का है, अगर कोई प्रोजेक्ट हाईवे से रिलेटेड है, पोर्ट से रिलेटेड है या लार्ज कंस्ट्रक्शन से रिलेटेड है, उसमें यू हैव टू ऑब्टेन एनवायरमेंटल क्लीयरेंस। राइट? यू हैव टू ऑब्टेन

5:40 एनवायरमेंटल क्लीयरेंस। ठीक है? तो उसके बाद बिफोर स बिफोर अ सिंगल ब्रेक इज़ लेड। मतलब कोई भी प्रोजेक्ट स्टार्ट करने से पहले आपको ये एनवायरमेंटल क्लीयरेंस लेना जरूरी है। ठीक है? आगे बढ़े तो वर्ड प्रायर ये बहुत इंपॉर्टेंट है बेटा याद रखना मतलब आप कोई भी एक्ट करने जा रहे हो उससे [हंसी] पहले ही आपको क्लीयरेंस लेना जरूरी है। उससे पहले ही आपको क्लीयरेंस लेना जरूरी है। ठीक है? कैरीज़ द एंटायर फिलॉसफी ऑफ़ द रिजम। असेस द डैमेज बिफोर इट हैपेंस। मॉडिफाई और रिफ्यूज द प्रोजेक्ट इफ द कॉस्ट टू नेचर इज़ टू हाई। राइट? कि आपका नुकसान हो उससे पहले ही आपसेस कर लो। राइट? आपका नुकसान हो उससे पहले ही आपसेस कर लो कि क्या गड़बड़ी होने वाली है। अगर हमें पहले से ही पता होगा तो हम वो रिस्क

6:27 लेंगे ही नहीं। हमें एक्चुअल में वो क्लीयरेंस देना है या नहीं देना इस प्रोजेक्ट को ये भी बड़ा मैटर करता है। ठीक है? अब पॉइंट ये है एनवायरमेंटल इंपैक्ट असेसमेंट प्रोसेस क्या था? वो सिंपली ये था कि स्क्रीनिंग की जाएगी पहले। पहले क्या स्क्रीनिंग की जाएगी? डस दिस प्रोजेक्ट नीड क्लीयरेंस एट ऑल? मतलब इसको क्लीयरेंस देना भी चाहिए या नहीं देना चाहिए? सबसे बड़ा क्वेश्चन तो यही है। अगर हम क्लीयरेंस दे भी रहे हैं तो किस लेवल पर मतलब स्टेट उसको क्लीयरेंस देगी या फिर सेंट्रल गवर्नमेंट उसको क्लीयरेंस देगी। ठीक है? द प्रोजेक्ट प्रोपोनेंट प्रिपेयर्स एन एनवायरमेंटल इंपैक्ट असेसमेंट रिपोर्ट। तो जो भी प्रोजेक्ट बना रहा है उसके ऊपर एक एनवायरमेंटल इंपैक्ट असेसमेंट रिपोर्ट बनाने की भी रिस्पांसिबिलिटी डाल दी गई है। ठीक? पब्लिक कंसल्टेशन जरूरी है। अफेक्टेड

7:14 कम्युनिटीज़ आर हर्ड मतलब द डेमोक्रेटिक हार्ट ऑफ़ द प्रोसेस। सो बेसिकली जहां पर भी वो प्रोजेक्ट स्टार्ट किया जा रहा है, उस जगह पर जितनी भी कम्युनिटी रह रही है, राइट? उस जगह पर जितनी भी कम्युनिटी रह रही है, उसी जगह पर आपको क्या करना है? उन लोगों से पता करना है। उन लोगों की सुननी है कि भाई क्या यहां पर उनको कुछ भी इंपैक्ट हो रहा है या नहीं हो रहा। अगर कोई पॉजिटिव इंपैक्ट है तो वो भी नोट डाउन किया जाए। अगर कोई डिसएडवांटेज है या फिर कोई नेगेटिव इंपैक्ट उनके ऊपर होने जा रहा है तो उस चीज को भी देखा जाएगा। ठीक है? उस चीज को भी देखा जाएगा। ठीक है? एन एक्सपर्ट कमिटी एग्जामिनस एवरीथिंग एंड क्लीयरेंस इज़ ग्रांटेड रिफ्यूज्ड और कंडीशंड। तो एक्सपर्ट कमिटी इस चीज को ध्यान में रखेगी और उसके बाद अकॉर्डिंगली उसको क्लीयरेंस दिया जाएगा, रिफ्यूज किया

8:01 जाएगा या फिर कंडीशनली दे दिया जाएगा कि हां अगर आप ऐसा करोगे तब हम दे देंगे। तो अकॉर्डिंगली ये सारी चीजें देखी जाएंगी। ठीक है? द पॉइंट इज़ द पॉइंट इज़ कि एनवायरमेंटल क्लीयरेंस इज़ेंट। ये याद रखना। ठीक है? आगे बढ़ते हैं। नाउ अब उसके बाद आया 2017 का नोटिफिकेशन। मैंने आपको चार ईयर याद दिलाए। 1986, 2006, 2017 एंड 2021। ये चार ईयर याद रखना। 2017 में एक नोटिफिकेशन आया और 2021 का एक ऑफिस मेमोरेंडम है। उसने एक एस्केप रूट क्रिएट कर दिया। एस्केप रूट क्या? जैसे मान लो मैं आज अपनी एक इंडस्ट्री एस्टैब्लिश करना

8:46 चाहता हूं। तो 2006 के नोटिफिकेशन के हिसाब से मुझे गवर्नमेंट से क्लीयरेंस लेना पड़ेगा। एनवायरमेंटल क्लीयरेंस जिसको हम बोलते हैं ईसी। ठीक? अब पॉइंट ये है कि मान लो उससे पहले ही उससे पहले ही क्लीयरेंस लेने से पहले ही मैं अपनी इंडस्ट्री एस्टैब्लिश करना स्टार्ट कर देता हूं। ऑलदो मेरे ऊपर पेनल्टीज लगानी चाहिए ऑलदो मुझे रोक देना चाहिए ये सब चीजें होंगी लेकिन 2017 और 21 का जो नोटिफिकेशन था वो ये बोलता है कि एक एस्केप रूट हमने निकाल दिया है क्या एस्केप रूट कि अगर आपने एक इंडस्ट्री एस्टैब्लिश कर दी है स्टार्ट कर दिया है उस पे काम तो हम आपको एक एस्केप रूट देते हैं। आपको एनवायरमेंटल क्लीयरेंस की अब जरूरत नहीं है। लेकिन आपको अब रेगुलराइजेशन करना पड़ेगा। क्या है देखो क्रिएटेड एन एस्केप रूट प्रोजेक्ट्स दैट

9:31 हैड ऑलरेडी बीन बिल्ड विदाउट क्लीयरेंस ठीक है बिना क्लीयरेंस के जो भी प्रोजेक्ट स्टार्ट हो गए हैं इट कुड अप्लाई फॉर रेगुलराइजेशन आफ्टरवर्ड्स मतलब आप रेगुलराइजेशन के लिए बाद में अप्लाई कर दो ठीक है इंडस्ट्री ऑब्वियसली इंडस्ट्री वाले जितने भी लोग हैं वो सब इसको वेलकम कर रहे थे लेकिन रियलस्टेट ओनर्स और ये सब चीजें जितने भी ये सब लोग जितने भी हैं ये सब इसको वेलकम कर रहे थे इसको क्रिटिक किस किसने किया? इसको चैलेंज किसने किया? जो एनजीओस थे जो इफेक्ट हो रहे थे एक्चुअल में इससे। राइट? तो एक एनजीओ था जिसका नाम था वनशक्ति टूक द फाइट टू द सुप्रीम कोर्ट। इस पर्टिकुलर 2021 के नोटिफिकेशन को और 20 2017 के नोटिफिकेशन को उसने चैलेंज किया सुप्रीम कोर्ट के अंदर। राइट?

10:16 क्या चैलेंज किया? सबसे पहला जो चैलेंज किया गया था मई 2025 में उसमें सुप्रीम कोर्ट ने डिसीजन क्या दिया? ए बेंच ऑफ़ जस्टिस ओका एंड भुयान स्ट्रक् डाउन द 2017 नोटिफिकेशन एंड द 2021 ऑफिस मेमोरेंडम मेमोरेंडम होल्डिंग दैट एक्स पोस्ट फैक्टो क्लीयरेंस इज़ एलियन टू एनवायरमेंटल लॉ अब एक्स पोस्ट फैक्टो मतलब क्या होता है कि भाई आज आपने एक्ट किया और मान लो लॉ बाद में बनाया जा रहा है। फैक्ट इज़ एट दिस पॉइंट ऑफ़ टाइम और उसके बाद कोई लॉ बनाया जा रहा है तो उसका कोई फायदा नहीं है। एंड वायलेट्स द राइट टू क्लीन एनवायरमेंट अंडर आर्टिकल 21. राइट? इट वायलेट्स द राइट टू क्लीन एनवायरमेंट अंडर आर्टिकल 21. राउंड टू जो है उसमें दोबारा से जब हियरिंग की गई तो उस जजमेंट को दोबारा से रिकॉल किया

11:04 गया। ए लार्जर बेंच रिकॉल दैट सिक्स मंथ ओल्ड जजमेंट बाय 2:1 मेजॉरिटी। अब देखो यहां पर ये समझना। यहां टू जज बेंच था। राइट? यहां थ्री जज बेंच हुआ। ठीक है? यहां थ्री जज बेंच हुआ। उसके बाद फाइनली राउंड थ्री में फाइनल वर्ड आया। जजमेंट वाज़ रिजर्वड ऑन 1 अप्रैल 2026 एंड ऑन 29th जुलाई इबेंच लेड बाय सीजीआई सूर्यकांत विद जस्टिस बाची एंड पंचोली डिलीवर द वर्डिक्ट लार्जली रिस्टोरिंग द स्ट्रिक्ट पोज़ेशन। मतलब स्ट्रिक्ट पोज़शन क्या? जो 2006 का नोटिफिकेशन था उसी को याद रखना है। मतलब आपको पहले क्लीयरेंस लेनी पड़ेगी। उसमें कोई नेगोशिएशंस नहीं होंगे। राइट? आपको क्लीयरेंस लेनी पड़ेगी।

11:49 उसमें किसी तरीके का कोई नेगोशिएशन नहीं किया जाएगा। राइट? इज दैट क्लियर? समझ आ रही है सभी को बात? ठीक है? चलो अब आगे बढ़ते हैं। [नाक से की जाने वाली आवाज़] [गला साफ़ करने की आवाज़] नाउ कोर्ट ने हेल्ड क्या किया? उस चीज को देखो। द सुप्रीम कोर्ट क्वाइज़र्स द 2021 ऑफिस मेमोरेंडम विद प्रोस्पेक्टिव इफेक्ट। व्हाट डू यू अंडरस्टैंड बाय प्रोस्पेक्टिव इफेक्ट? बेटा मतलब जो आगे के केसेस आएंगे उनके ऊपर यहां लग ये लगेगा। ठीक है? जो आगे के केसेस आएंगे उनके ऊपर यह लागू होगा। पुराने केसेस पर ये लागू नहीं होगा। जो पुराने केसेस पर लागू होता तो वहां पर लिखा होता रेट्रोस्पेक्टिव इफेक्ट। वहां पर लिखा होता रेट्रोस्पेक्टिव इफेक्ट। ठीक है? तो ये फर्क समझना बेटा। रेट्रोस्पेक्टिव और प्रोस्पेक्टिव। प्रोस्पेक्टिव मतलब जब

12:36 से लॉ बनाया गया, जब से डिसीजन डिसीजन दिया गया उसके बाद से अप्लाई होना स्टार्ट होगा। उससे पहले से नहीं। ठीक है? उससे पहले से नहीं। उसके पहले के जितने भी क्लीयरेंसेस हैं वो ठीक है। आप रेगुलरावाइज भी करा सकते हो। बट आज से जब से डिसीजन आया है उसके बाद से आपको क्या करना है? प्रोस्पेक्टिवली अप्लाई करना है। मतलब अब आपके क्लीयरेंसेस मैंडेटरी हैं। ठीक है? द प्रायर क्लीयरेंस रिजाइम रिजीम अंडर 2006 ईआईए नोटिफिकेशन द कोर्ट हेल्ड इज़ मैंडेटरी अनलेस अमेंडेड थ्रू अ स्टैचरी नोटिफिकेशन एंड एन ऑफिस मेमोरेंडम इज़ नॉट अ स्टैचरी नोटिफिकेशन। तो स्टैचरी नोटिफिकेशन आपका प्रिवेल करेगा नॉट द ऑफिस मेमोरेंडम। ऑफिस मेमोरेंडम इज़ जस्ट एडमिनिस्ट्रेटिव लॉ। एडमिनिस्ट्रेटिव लॉ। ठीक है? द ऑफिस

13:25 मेमोरेंडम द कोर्ट सेड सप्लांट्स अ स्टैचरी रिजीम थ्रू अ मेयर एडमिनिस्ट्रेटिव ऑर्डर। ठीक है? तो समझना इस चीज को भी। ये भी बड़ा इंपॉर्टेंट पॉइंट है कि हमारा जो स्टचटरी लॉ है उसको सप्लीमेंट करने के लिए ऑफिस मेमोरेंडम बनाया जाएगा। ऑफिस मेमोरेंडम इज़ बेसिकली एडमिनिस्ट्रेटिव ऑर्डर। राइट? एडमिनिस्ट्रेटिव ऑर्डर कोई स्टचटरी लॉ नहीं है। स्टचटरी लॉ इज़ समथिंग व्हिच इज़ पास्ड बाय द पार्लियामेंट। राइट? लेजिस्लेचर जिसको पास करती है वो आपका स्ट्यूट बनता है। ठीक है? एज़ ए परपेचुअल एमनेस्टी स्कीम फॉर वायलेटर्स। इट आल्सो लेज़ डाउन नो इंटेलिजिबल डिफरेंशिया विद रैशन नेक्सेस टू द ऑब्जेक्ट ऑफ़ द एनवायरमेंट प्रोटेक्शन एक्ट 1986 प्रोटेक्टिंग द एनवायरमेंट। नाउ द पॉइंट इज अच्छा कोई बता सकता है व्हाट इज द

14:10 मीनिंग ऑफ इंटेलिजिबल डिफरेंशिया एंड रैशन एक्सेस? अगर आर्टिकल 14 आपने पढ़ा हो आई होप पढ़ा होगा। अब तक तो पढ़ लिया होगा आर्टिकल 14 तो उसमें दो चीजें हम पढ़ते हैं। इंटेलिजिबल डिफरेंशिया एंड रैशन एक्सेस। कैन एनीवन टेल मी द डिफरेंस बिटवीन? और कैन एनीवन टेल मी द मीनिंग ऑफ इंटेलिजिबल डिफरेंशिया एंड रैशन एक्सेस? फटाफट से यस बताइए बताओ बताओ फटाफट से हम

14:56 इंटेलिजिबल डिफरेंशिया हां नो वन आर्टिकल 14 पढ़ा है कि नहीं ये बताओ जरा आर्टिकल 14 पढ़ा है कि नहीं? हम हां यस पढ़ाया तो बोलो। हां भाई। ठीक है। एक ही एक ही पर्सन ने पढ़ाया ऐसा। हम तो इंटेल इंटेलिजिबल डिफरेंशिया और

15:43 रैशन नेक्सेस दो वर्ड्स यूज़ किए जाते हैं आर्टिकल 14 जब हम पढ़ते हैं देखो जो रिजर्वेशंस हैं डायरेक्ट कनेक्शन बिटवीन द बेसिस ऑफ द क्लासिफिकेशन वेरी करेक्ट। ठीक है? बिल्कुल सही। द पॉइंट इज़ अगर मान लो गवर्नमेंट रिजर्वेशन प्रोवाइड कर रही है तो वो किस बेसिस पर प्रोवाइड कर रही है? आर्टिकल 14 तो हमें ये बोलता है कि राइट टू इक्वलिटी मतलब इक्वल प्रोटेक्शन ऑफ लॉस ये सब चीजें होनी चाहिए। हर एक पर्सन को लॉ की नजर में बराबर देखा जाएगा। लेकिन हम रिजर्वेशन में क्या कर रहे हैं? हम अलग-अलग तरीके से देख रहे हैं। अब पॉइंट ये है कि हम उनको अलग-अलग तरीके से तो देख रहे हैं बट उसके पीछे का एक रैशन है। रैशन है। रैशन मतलब उसके पीछे का एक रीज़ है। अब

16:28 उस रीज़ को आप इंटेलिजिबली डिफरेंशिएट करते हो। उन लोगों को आप इंटेलिजिबली डिफरेंशिएट करते हो। ठीक है? जो आउटकम निकल के आता है उसका पर्पस ये है कि हम जो नीचे तबके के लोग हैं, जो लोअर कैटेगरी के लोग हैं उनको हम ऊपर उठाना चाहते हैं। ठीक है? क्लियर डिस्टिंक्ट एंड अंडरस्टैंडेबल डिफरेंस दैट सेपरेट्स पर्संस और थिंग्स ग्रुप टुगेदर फ्रॉम दोज़ लेफ्ट आउट। बिल्कुल सही। बिल्कुल सही। वेरी करेक्ट। राइट? प्रोहिबिट्स अनफेयर और रैंडम स्टेट एक्शंस, इंश्योरिंग लॉज़ दैट ट्रीट्स इक्वल। बिल्कुल ठीक। बिल्कुल सही। ठीक है? 100% तो पॉइंट यही है कि हां यहां पर हमने जो है वायलेटर्स को अलग से डिफरेंशिएट करके जो पुराने मतलब एक सिंपल सी थ्योरी ये थी एनवायरमेंटल इंपैक्ट असेसमेंट जो

17:15 नोटिफिकेशन 2006 में आया था उसके बाद से हमने काफी चेंजेस किए 2017 और 21 वाले नोटिफिकेशन के अंदर। 17 और 21 के नोटिफिकेशन में हमने उनको एक एस्केप रूफ दे दिया कि भाई आपने अगर इंडस्ट्री एस्टैब्लिश कर दी है तो ठीक है कोई बात नहीं कोई प्रॉब्लम नहीं है। हम आपको अब रेगुलराइज करने के लिए बोल रहे हैं। ठीक है? आपने कोई क्राइम कर दिया सॉरी बोल दिया आप आगे निकल गए। क्या ऐसा होना चाहिए लॉ? आंसर इज़ नो। आप पहले से ही क्या करो? उस लॉ को इतना स्ट्रिक्ट बनाओ कि ताकि कोई लॉ कोई क्राइम कर ही ना पाए। ताकि कोई क्राइम कर ही ना पाए। यही कहना है इस पूरे जजमेंट का। राइट? एनवायरमेंटल क्लीयरेंस इज़ अ प्रिवेंटिव चेक। राइट? इट इज़ अ प्रिवेंटिव चेक। मतलब कोई नुकसान हो उससे पहले ही हम उसको प्रिवेंट कर दें। लाइक अ टिकट यू बाय बिफोर बोर्डिंग नॉट अ फाइन यू

18:02 पे आफ्टर बीइंग कॉट। राइट? कि आपको एक टिकट खरीदना पड़ेगा। राइट? आपको एनवायरमेंटल क्लीयरेंस लेने पड़ेंगे। अगर आपको ये इंडस्ट्री एस्टैब्लिश करनी है। अगर आपको इस ट्रेन में ट्रेवल करना है तो आपको टिकट लेना पड़ेगा। ऐसा नहीं होगा कि आप ट्रेन में ट्रेवल कर रहे हो और उसके बाद आप पकड़े जा रहे हो तो आप जो है उसके लिए पे कर देते हो। ऐसा नहीं करना है। हम क्या कर रहे हैं? हम पहले से ही इस्टैब्लिश कर रहे हैं कि आपको ये टिकट खरीदना है। मतलब एनवायरमेंटल क्लीयरेंस इज़ अ टिकट एंड योर जर्नी फ्रॉम वन प्लेस टू अनदर प्लेस इज़ द इंडस्ट्री बी इंडस्ट्री बीइंग एस्टैब्लिश्ड। ठीक है? तो द गवर्नमेंट कैन नॉट कन्वर्ट आस्क फर्स्ट इंटू अपोलजाइज लेटर। मतलब गवर्नमेंट यह नहीं बोल सकता कि आप बाद में चलो माफी मांग लेना। आप बाद में माफी मांग लेना। पहले एस्टैब्लिश कर लो इंडस्ट्री। ऐसा

18:47 नहीं होगा। लोग इंपैक्ट होंगे। मतलब एक सिंपल सी बात बताओ। पूरा का पूरा एक जंगल काट दिया जाए। एक इंडस्ट्री एस्टैब्लिश कर दी जाए। क्या वो जंगल कहीं कभी वापस आ पाएगा? विल इट बी पॉसिबल? और इंडस्ट्री वाले तो बस आपको पैसा दे देंगे। चलो ठीक है यार हम सॉरी बोलते हैं। पैसा रख लीजिए। क्या हो पाएगा ऐसा? विल दैट बी पॉसिबल? आंसर इज़ नो। तो जो नुकसान होता है वो नुकसान की भरपाई पॉसिबल ही नहीं है। राइट? वो नुकसान की भरपाई पॉसिबल ही नहीं है। ठीक है? थ्रू एन इंटरनल ऑफिशियल नोट। चलो आगे बढ़ते हैं। [गला साफ़ करने की आवाज़] नाउ द आर्टिकल 21 इंक्लूड्स द राइट टू क्लीन पोल्यूशन फ्री एनवायरमेंट। पोस्ट फैक्टो क्लीयरेंस डिफीट्स द प्रिवेंटिव लॉजिक ऑफ़

19:34 दैट राइट। अब देखो आर्टिकल 21 बड़ा इंपॉर्टेंट है। आर्टिकल 21 इंक्लूड्स द राइट टू क्लीन पॉल्यूशन फ्री एनवायरमेंट। राइट? और अगर आप एक सिंपल सी बात समझना। अगर आप ये बोलो कि भाई इस पर्सन को हम क्लीयरेंस दे देते हैं। पहले से ही क्लीयरेंस दे देते हैं। इसको एस्टैब्लिश करने दो और बाद में हम इसको रेगुलराइज करा लेंगे। बाद में इससे पैसा ले लेंगे। क्या वो आर्टिकल 21 को डिफीट नहीं करेगा? आंसर इज़ यस। आर्टिकल 21 क्या बोलता है? इट सेस राइट टू क्लीन एंड पोलशन फ्री एनवायरमेंट। और जब हमारे पास इंडस्ट्री इस्टैब्लिश होती चली जाएंगी, क्या उसकी कोई भरपाई होगी? आंसर इज़ नो। उससे पहले आपको क्लीयरेंस लेना जरूरी है। ठीक है? द प्रकॉशनरी प्रिंसिपल सेज़ प्रिवेंट हार्मफस्ट दैट बी सस्टेनेबल डेवलपमेंट,

20:19 बैलेंससेस ग्रोथ एंड इकोलॉजी। द कोर्ट रीकर्ड बोथ। ठीक है? हरार्की ऑफ़ नॉर्म्स मतलब एन एडमिनिस्ट्रेटिव ऑर्डर। समझना ये बड़ा इंपॉर्टेंट है बेटा। क्लैट के लिए बड़ा इंपॉर्टेंट है। जो एडमिनिस्ट्रेटिव ऑर्डर है इट कैन नॉट ओवराइड अ सप्लांट स्टचटरी नोटिफिकेशन। मतलब एक स्टट्यूट के थ्रू या फिर एक पर्टिकुलर स्टैट्यूट जो बनाया गया उसको ओवराइड नहीं कर सकता एक एडमिनिस्ट्रेटिव ऑर्डर। राइट? नाउ द इंटेलिजिबल डिफरेंशियल टेस्ट फ्रॉम आर्टिकल 14 वाज़ अप्लाई टू स्ट्राइक एट अ ब्लैंकेट परपेक्चुअल एमिनिस्ट्री फॉर वायलेटर्स। अब देखो क्लैट के लिए अनदरेंट पॉइंट कैन द कोर्ट रिकॉल इट्स ओन जजमेंट? क्या कोर्ट अपने ही जजमेंट को वापस से रिकॉल कर सकता है? आंसर इज़ यस इट कैन इन

21:08 रेयर केसेस। राइट? बट थ्री राउंड द थ्री राउंड वन शक्ति स्टोरी इज़ अ लाइव डिबेट ऑन फाइनलिटी ऑफ़ द जजमेंट वर्सेस करेक्टिंग एरर्स एक्सपेक्ट पैसेजेस ऑन रिव्य्यू हु रिकॉल एंड प्रोस्पेक्टिव ओवरूलिंग। ठीक है? तो ये पैसेजेस आपके रिव्यू रिकॉल एंड प्रोस्पेक्टिव ओवरूलिंग पर आ सकते हैं। ध्यान रखना। ठीक है? चलो आगे बढ़ते हैं अब बेटा। [गला साफ़ करने की आवाज़] ठीक है? अनदर वेरीेंट एस्पेक्ट सभी लोग एआई का बहुत ज्यादा यूज़ करते हैं। राइट? और कर भी लेना चाहिए। ऐसा कोई प्रॉब्लम नहीं है। देखो एआई का यूज़ जब तक मिसयूज़ में कन्वर्ट नहीं हो रहा तब तक इट इज़ फाइन। राइट? तब तक इट इज़ फाइन। आप अपने बेटरमेंट के लिए जब उसको यूज कर रहे हो तब

21:53 तक इट इज फाइन। लेकिन किसी और के डिसएडवांटेज के लिए आप एआई का यूज कर रहे हो। दैट इज रॉन्ग। दैट इज रॉन्ग। ठीक है? द पॉइंट इज़ कि एआई का यूज़ अब सुप्रीम कोर्ट भी कर रहा है। एआई का यूज़ अब एडवोकेट्स भी कर रहे हैं। बट एडवोकेट्स जब एआई का यूज़ कर रहे हैं तो उस पर्टिकुलर एआई से वो पूरी की पूरी पिटीशन ही ड्राफ्ट करा देते हैं। बहुत सारी सिचुएशन ऐसी है जहां पर एक एडवोकेट ने पूरी पिटीशन ड्राफ्ट कराई। अब समझना इस बात को। फेब में भी मैंने यह न्यूज़ कवर करी थी। बहुत इंपॉर्टेंट पॉइंट है कि एआई से रिलेटेड एआई से रिलेटेड एक पिटीशन जो है ड्राफ्ट कराई गई। एआई से एक पिटीशन ड्राफ्ट कराई गई। उसके बाद जो पिटीशन में केसेस आए उस

22:41 केसेस को एज इट इज़ कोर्ट के सामने पेश कर दिया गया। प्रेजेंट कर दिया गया। अब वो केसेस को ना प्रूफ रीड किया गया ना उसको क्रॉस चेक किया गया। अब ऐसे केसेस थे जो सिर्फ एआई ने बना दिए लेकिन एक्चुअल में एक्सिस्ट ही नहीं करते थे। बहुत सारे ऐसे केसेस थे जो एआई ने बना दिए और केसेस एक्सिस्ट ही नहीं करते। इस सिचुएशन को सबसे पहले कोर्ट क्या बोलेगा? इस सिचुएशन को कोर्ट बोलेगा इट इज़ अ सिचुएशन ऑफ़ अबेसिव। इट इज़ अ सिचुएशन ऑफ़ अबेसिव। अबेसिव मतलब क्या होता है बेटा? अबेसिव मतलब होता है डिनोटिंग द एब्सेंस ऑफ़ अ केस। अबेसिव मतलब होता है डिनोटिंग द एब्सेंस ऑफ़ अ केस। अब पॉइंट ये है कि एक सिंपल सी बात बताना। क्या ये एडवोकेट का प्रोफेशनल मिसकंडक्ट नहीं है? एक एक कोई

23:28 क्लाइंट उसके पास आया। उस क्लाइंट ने अपनी पूरी स्टोरी बताई। फैक्ट्स बताए जो भी सारी चीजें अपनी केस की फाइल उसको दी। अब पिटीशन खुद से ड्राफ्ट करने की जगह वो एआई से ड्राफ्ट करवाता है। वो एडवोकेट पिटीशन एआई से ड्राफ्ट करवाता है। अब एआई से ड्राफ्ट कराया तो चलो ठीक है लेकिन उसके बाद उसको प्रूफ रीड भी नहीं किया। क्रॉस चेक भी नहीं किया कि उसके अंदर लिखा क्या है। एज इट इज़ सुप्रीम कोर्ट में पेश कर दिया गया। देखो ये तो कुछ मिनटों का काम था कि भाई आपने पिटीशन बना ली। लेकिन ये बहुत सारा टाइम लेता है सुप्रीम कोर्ट का कि उस पर्टिकुलर पिटीशन को पूरा अच्छे से रिव्यू किया जाए, देखा जाए कि क्या उसमें सही लिखा है, क्या उसमें गलत लिखा है। तो इट इज़ वेरी टाइम टेकिंग प्रोसेस फॉर द सुप्रीम कोर्ट। और वो रेगुलेटरी जो बॉडी

24:15 होती है सुप्रीम कोर्ट की जो इस चीज को चेक करती है उसका टाइम बहुत ज्यादा कंज्यूम किया जाता है। एंड दैट इज व्हाई यहां पर पेंडेंसी ऑफ़ केसेस भी बहुत सारे ऑलरेडी हमारे पास इतने सारे केसेस पेंडिंग हैं। उसके बाद और ज्यादा पेंडिंग केसेस बढ़ते जा रहे हैं। ठीक है? और ज्यादा पेंडिंग केसेस बढ़ते जा रहे हैं। मेरी आवाज क्लियर नहीं आ रही क्या? हम कोई लिख रहा है प्लीज चेंज योर माइक। मेरी आवाज क्लियर नहीं आ रही क्या बेटा? हम क्लियर तो है?

25:02 [गला साफ़ करने की आवाज़] ठीक है? चलो एनीवे आगे बढ़ते हैं। हम क्लियर है। चलो आगे बढ़ते हैं। अब पॉइंट ये है कि ऐसे ही कुछ पिटीशंस अब देखो फब के मंथ में तो बहुत कम थी ऐसी पिटीशंस लेकिन बहुत सारी बढ़ती गई हैं। बहुत सारे एडवोकेट्स क्या करते हैं? उस पर्टिकुलर पिटीशन को ऐसे ही ड्राफ्ट कर देते हैं फ्रॉम एआई एंड उसको चेक ही नहीं करते। उसको चेक ही नहीं करते। राइट? तो उसी के ऊपर सुप्रीम कोर्ट ने दोबारा से एक डिसीजन दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने क्या बोला एक बार देखते हैं। चलो। हुआ क्या? जनरेटिव एआई चैटब्स ड्राफ्ट इन सेकंड्स व्हाट अ जूनियर माइट टेक अ डे टू रिसर्च। ठीक है? सो ओवरवर्ड लॉयर्स वर्ल्ड वाइड अडॉप्टेड देम फॉर प्लीडिंग्स रिसर्च नोट्स एंड

25:48 साइटेशंस। देखो पॉइंट ये है कि सुप्रीम कोर्ट भी यूज़ करता है एआई का। सुप्रीम कोर्ट ने इसको डिनाई नहीं किया। सुप्रीम कोर्ट भी एआई का यूज़ करता है। बट द पॉइंट इज सुप्रीम कोर्ट यूजज़ इट फॉर रिसर्च, ट्रांसलेशन एंड ट्रांसक्रिप्शन। द इशू इज़ नॉट एआई इन कोर्ट्स। कोर्ट में एआई का इस्तेमाल करना गलत नहीं है। बट इफ इट इज़ अनवेरिफाइड एआई इन जजमेंट्स, दिस इज़ रोंग। दिस इज़ रोंग। एआई का यूज़ करो बट इट शुड बी वेरीिफाइड। राइट? इट शुड बी वेरीिफाइड। ठीक है? दीज़ टूल्स डू नॉट नो द लॉ। राइट? ऑब्वियसली एआई को लॉ नहीं पता है। दे प्रेडिक्ट पॉसिबल साउंडिंग टेक्स्ट। व्हेन द मेमोरी रंस आउट दे हेलसनेट। राइट?

26:35 इन्वेंटिंग केस नेम्स, न्यूट्रल साइटेशंस एंड इवन फुल्ली कोटेड पैराग्राफ्स ऑफ़ जजमेंट्स दैट वर नेवर डिलीवर्ड। कैन यू इमेजिन? बहुत सारे जजमेंट्स ऐसे, बहुत सारे जजमेंट्स के कोटेशंस ऐसे जो कभी एकिस्ट ही नहीं करते इंडियन लीगल हिस्ट्री में, वो भी एआई ने बना के दे दिए। इसी को बोला गया एआई हेलसनेट या एआई हेलसिनेशन राइट फॉर्मेटेड सो परफेक्टली दैट दे लुक्ड रियल इतने इतने बढ़िया तरीके से उसको फॉर्मेट किया गया कि वो बिल्कुल ही असली ही लगते हैं कि हां ये जजमेंट तो कोर्ट ने ही दिया होगा बट एक्चुअल में नहीं होता। ठीक है? द डेंजर इज़ एसिमेट्रिक। ए फेक साइटेशन कॉस्ट सेकंड्स टू जनरेट बट आवर्स ऑफ़ एक्सपर्ट चेकिंग टू डिटेक्ट। एंड वंस अ

27:22 जज रिलायस ऑन इट फेक लॉ बिकम्स रियल प्रेसिडेंट। अब समझ रहे हैं इसका कॉन्सिक्वेंस कितना ज्यादा है। एक एडवोकेट ने तो एक जो है लेट्स से कोई भी केस कोर्ट कर दिया जो फेक है। राइट? बट उसके ऊपर मान लो कोर्ट डिसीजन दे देता है। उसके कॉन्सिक्वेंसेस उसके रिपरकशंस कितने ज्यादा होंगे इसका इंपैक्ट कितना ज्यादा होगा इसका अंदाजा नहीं लगा पा रहे हैं लोग। ठीक है? तो माता वर्सेस एयंका यूएसए का एक केस था। मेटा वर्सेस एंका यूएसए 2023 द वर्ल्ड्स मोस्ट फेमस एआई मिसहप लॉयर सेंश आफ्टर चार्ज जीपीटी इन्वेंटेड सिक्स प्रेसिडेंट्स दे फाइल्ड इन अ न्यूयॉर्क कोर्ट कोर्ट्स इन सेवरल कंट्रीज रेस्पोंडेड विद प्रैक्टिस डायरेक्शंस वेरीफाई एव्री साइटेशन डिस्क्लोज़ एआई यूज़

28:09 मतलब अब आप जब भी एआई का यूज़ करोगे तो आपको डिस्क्लोज़ करना पड़ेगा। आपको से साइटेशन जितनी भी है वो सारी साइटेशन वेरीफाई करनी पड़ेगी। इंडियास कोर्ट्स वाज़ द सेम प्रॉब्लम अराइव ऑन देयर ओन डोर स्टेप। इंडिया के अंदर भी यही सेम प्रॉब्लम अराइव हुई। राइट? उसके बाद कोर्ट ने इस चीज पर डिसीजन दिया जो हम अब डिस्कस करने जा रहे हैं। ओवर द पास्ट ईयर फैब्रिकेटेड साइटेशन सरफेस्ड अक्रॉस इंडियन ट्राइबनल्स ट्रायल कोर्ट्स एंड हाई कोर्ट्स अराउंड 10 रिपोर्टेड इंस्टेंसेस सेवरल क्लस्टर्ड इन रीसेंट मंथ्स वेयर एज़ फाइल्ड देम सम जजेस एंड ट्राइबनल्स रिलायड ऑन देम। ठीक है? सबसे बड़ी दिक्कत यही है कि जजेस और ट्राइबनल ने उनके ऊपर रिलाई कर लिया एंड उसके बेसिस पर जजमेंट्स भी दे दिए गए। ठीक है? द जुडिशरी सॉ इट कमिंग। द

28:56 सुप्रीम कोर्ट्स रिसर्च सेंटर फ्लैग द रिस्क इन नवंबर 2025 वाइट पेपर ऑन एआई एंड द जुडिशरी। राइट? दिस वाज़ द रिसर्च टॉपिक जो सुप्रीम कोर्ट के रिसर्च विंग ने फ्लैग आउट किया था। ठीक है? इन 2026, जून 2026, ड्राफ्ट रूल्स फॉर एआई यूज्ड इन कोर्ट्स वर रिलीज़्ड, प्रोपोजिंग दैट एआई मस्ट नेवर डिसाइड केसेस एंड दैट लॉयर्स डिस्क्लोज़ व्हेन दे यूज़ इट। ठीक है? तो, जो 2026 में ड्राफ्ट रूल्स आए फॉर एआई, उसमें क्लियरली मेंशन कर दिया गया कि लॉयर अगर एआई का इस्तेमाल कर रहे हैं तो उनको पहले ही मेंशन कर देना है। राइट? उनको पहले ही डिस्क्लोज़ कर देना है। देन केम द टेस्ट केस इन द एसएल इनफ्रास्ट प्रोजेक्ट्स

29:42 इनोल्वेंसी मैटर द एनसीआरटीस ऑर्डर रेस्टेड ऑन सिक्स प्रेसिडेंट्स नन ऑफ़ व्हिच कैन यू इमेजिन नन ऑफ़ व्हिच हैड इवन साइटेड बाय द लॉयर्स अपीयरिंग बिफोर इट। राइट नाउ व्हाट इज़ एन एआई हेलुसिनेशन? एन एआई चैटबॉट प्रिडिक्ट्स पॉसिबल साउंडिंग टेक्स्ट इट डज़ नॉट नो द लॉ। राइट? उसको लॉ पता नहीं है बट फिर भी वो इस तरीके से आपको डिज़ाइन करके देगा कि हां बिल्कुल आपको फॉर्मेट ऐसा करके देगा कि आपको लगेगा कि ये तो बिल्कुल सच ही लिखा है। ठीक है? सो इट कैन प्रोड्यूस अ परफेक्टली फॉर्मेटेड साइटेशन टू अ जजमेंट दैट नेवर डिलीवर्ड और स्टफ अ रियल जजमेंट विद इन्वेंटेड पैराग्राफ्स। राइट? जैसे कि अगर आप देखोगे कि मूड कोड प्रॉब्लम्स जो होती हैं, मूड कोड प्रॉब्लम्स जनरेट किए जाती

30:29 हैं एआई से। राइट? एक्चुअल में मूड कोर्ट प्रॉब्लम्स जो होती हैं दोज़ आर जस्ट बेस्ड ऑन फिक्शन। राइट? दोज़ आर जस्ट बेस्ड ऑन फिक्शन। और अगेन एआई से बनाई गई हैं। तो एक्चुअल में वो केस एक्सज़िस्ट नहीं करता। बट उससे सिमिलर केस एकज़िस्ट कर सकता है ऐसा मैं नहीं बोल रहा। 100% हो सकता है। बट द पॉइंट इज़ क्या वो एक्चुअल में एक्सिज़िस्ट करता है? आंसर इज़ नो। दैट इज़ एआई हेलसिनेशन। राइट? अनलेस अ ह्यूमन वेरीफाई एव्री साइटेशन अगेंस्ट द एक्चुअल लॉ रिपोर्ट्स फेक लॉ कैन क्वाइटली एंटर रियल जजमेंट्स। राइट? फेक लॉ कैन एंटर क्वाइटली द रियल जजमेंट्स। ठीक है? ये चीज़ समझना बेटा, बड़ा इंपॉर्टेंट है। ठीक? नाउ, ए बेंच ऑफ़ जस्टिस पीएस नरसिम्हा एंड आलोक आराधे फाउंड दैट ऑफ़ द सिक्स

31:15 प्रेसिडेंट्स रिलाई प्रेसिडेंट्स रिलाइन बाई द एनसीएलटी थ्री डिड नॉट एक्सिस्ट एट ऑल। कैन यू इमेजिन? तीन आउट ऑफ सिक्स थ्री जजमेंट्स वर नॉट एट ऑल एकज़िस्टिंग। राइट? एंड थ्री रियल साइटेशन कैरीड इन्वेंटेड पैराग्राफ्स और एन इनकरेक्ट केस टाइटल। और तीन जो एक्चुअल में एकिस्ट करते भी थे। उसके अंदर भी कुछ ऐसे वर्ड्स कोटेड थे जो एक्चुअल लॉ के अंदर एक्चुअल केस के अंदर नहीं दे रखे थे। जो जजमेंट में डिलीवर नहीं किए हुए थे। ठीक है? आगे देखो। द कोर्ट सेट असाइड बोथ एनसीएलटी एंड एनसीएलआईटी ऑर्डर्स एप्ले ट्रबनल ऑर्डर्स डिक्लेअरिंग दैट द डिसीजन बेस्ड ऑन नॉन एकिस्टेंट हेलसिनेटेड मटेरियल इज़ नो

32:01 डिसीजन इन द आईज ऑफ़ लॉ। ये आपके लिए सबसे इंपॉर्टेंट लाइन है। तो सुप्रीम कोर्ट ने क्लियरली बोल दिया कि अगर कोई डिसीजन एआई बेस्ड केसेस पर दिया गया है। चाहे वो कोई भी दे। वो डिसीजन इन द आईज ऑफ़ लॉ इज़ नो डिसीजन एट ऑल। वो डिसीजन इन द आईज ऑफ़ लॉ इज़ नो डिसीजन एट ऑल। इवन इफ द फेथ मटेरियल हैड ओनली एन इनडायरेक्ट बेयरिंग ऑन द आउटकम। द कोर्ट कंपयर्ड सच मटेरियल टू द रिलीज़ ऑफ़ द मिथिल आइसो आइसोसाइनेट इन द प्रोविंस ऑफ़ लॉ एंड जस्टिस। ठीक है? द इंसोल्वेंसी एप्लीकेशन गोज़ बैक टू द एनसीएलटी फॉर अ फ्रेश एक्सपीडिशियस डिसीजन अनटेंटेड बाय द फैब्रिकेटेड अथॉरिटीज़। द

32:46 कोर्ट एक्सप्रेस नो व्यू ऑन मेरिट्स। द पॉइंट इज़ कि अब वो केस जो एनसीएलटी या एनसीएलटी ने डिसाइड किया था वो केस वापस से फ्रेशली नीचे एनसीएलटी के पास जाएगा। एपिलेट ट्रिब्यूनल से वापस एनसीएलटी के पास जाएगा। दोबारा से उसको डिसाइड किया जाएगा विद फ्रेश पिटीशंस। विद फ्रेश पिटीशंस। ठीक है? तो सुप्रीम कोर्ट ने क्लियरली बोल दिया जीरो मैंडेट जीरो टॉलरेंस मैंडेट कोर्ट मस्ट अडोप्ट जीरो टॉलरेंस एप्रोच टू प्रोडूसिंग साइटिंग और रिलाइंग अपॉन एआई जनरेटेड प्रेसिडेंट्स विदाउट वेरिफिकेशन अगर आप एआई का यूज़ कर रहे हो तो आपको डिस्क्लोज़ करना पड़ेगा फॉर एडवोकेट साइटिंग अनवेरिफाइड एआई जनरेटेड जजमेंट्स इज़ प्रोफेशनल मिसकंडक्ट नाउ प्रोफेशनल मिसकंडक्ट जो है ये

33:32 एडवोकेट्स के अगेंस्ट जो है एक प्रोसीडिंग भी इनिशिएट किया करा सकता है ऑफ़ डिसबारमेंट। राइट? डिसबार करने के लिए एडवोकेट को प्रोफेशनल मिसकंडक्ट की प्रोसीडिंग्स जो है इनिशिएट भी की जा सकती हैं। पॉइंट ये है कि एडवोकेट्स एक्ट जो है 1961 का है ना? तो उसके अंदर प्रोफेशनल मिसकंडक्ट के थ्रू डिसबार्क किया जा सकता है। टू एन एडवोकेट, टू एन एडवोकेट। राइट? बिकॉज़ इट इज़ अ प्रोफेशनल मिसकंडक्ट कि आप अनवेड एआई केसेस जो है कोर्ट में लेके जा रहे हो। फॉर जजेस एंड ट्राइबनल्स रिाइन ऑन सच मटेरियल इज़ अ सीरियस लैप्स ऑफ द बेंच। राइट? द बार काउंसिल ऑफ इंडिया वाज़ डायरेक्टेड टू कॉन्स्टिट्यूट अ कमिटी एंड प्रिस्राइब नॉर्म्स विद डिसिप्लिनरी कॉन्सिक्वेंसेस। ठीक है? चलो अब आगे बढ़ते

34:19 हैं बेटा। हम अनदर वेरी इंपॉर्टेंट इशू। देखो हमारे जो इंडिया के अंदर एनसीएलटी देखो एनसीआरटी जनरली जो है इट इज़ बेसिकली द लोअर कोर्ट आप बोल सकते हो लोअर ट्राइबनल आप बोल सकते हो जो कंज्यूमर के केसेस देखता है जो कंज्यूमर के केसेस देखता है ना उसको एंड उसको अगर आप अपील में लेके जाते हो दैट दैट विल बी एनसीएलटी दैट विल बी एनसीएलटी ठीक है द पॉइंट इज़ अच्छा एक चीज और समझना एक चीज और समझना जब हम बात करते हैं प्रिजनर्स के राइट की, जब हम बात करते हैं प्रिजनर्स के राइट की, उनके राइट्स बहुत इंपॉर्टेंट है। ऐसा नहीं

35:06 है कि अगर वो पर्सन कन्विक्ट हो गया तो उसके राइट्स खत्म हो गए। उसका राइट टू लाइफ, राइट टू लिबर्टी ये सब उसका एकिस्ट करता है। राइट? वो जेल के अंदर घुसता है। इसका मतलब ये नहीं कि वो अपने राइट्स जो है जेल के बाहर ही छोड़ के चला गया है। उसके राइट्स उसके साथ फॉलो किए जाएंगे। उसको फॉलो करेंगे इन द जेल आल्सो। नाउ द पॉइंट इज इंडिया के अंदर जितने भी प्रिजंस हैं वो सब ओवर क्राउडेड हो चुके हैं। मेजरली राइट वो सब मेजरली ओवर क्राउडेड हो चुके हैं। 100% कैपेसिटी जहां पर होनी चाहिए आज की डेट में 120% कैपेसिटी से भी ऊपर हो चुकी है। राइट? 120% कैपेसिटी से ऊपर हो चुकी है। तो जहां 100 प्रिजनर्स होने चाहिए थे वहां पर आज की डेट में 120 प्रिजनर्स हैं। तो उसी के

35:52 ऊपर सुप्रीम कोर्ट ने एक और इंपॉर्टेंट जजमेंट दिया है जो हम अब डिस्कस करने वाले हैं। राइट प्रिजनर्स राइट प्रिजनर्स राइट वेरी इंपॉर्टेंट डॉक्ट्रिन। नाउ व्हाट हैपेंड इज़ फ्रॉम हैंड्स ऑफ टू द कॉन्स्टिट्यूशन एंटर्स द जेल। द कॉलोनियल व्यू वाज़ सिंपल। ए कन्विक्ट वाज़ अ स्लेव ऑफ द स्टेट एंड कोर्ट्स केप्ट देयर हैंड्स ऑफ प्रज़न एडमिनिस्ट्रेशन। राइट? इंडिपेंडेंट इंडिया सुप्रीम कोर्ट डेमोलिश्ड दैट आइडिया इन द लेट 1970। इन अ सेलिब्रेटेड लाइन ऑफ़ केसेस द कोर्ट हेल्ड दैट प्रिज़नर्स रिटेन देयर फंडामेंटल राइट्स एक्सेप्ट दोज़ नेसेसरली लॉस्ट विद लिबर्टी इटसेल्फ। देखो, पहले क्या होता था जब हम ब्रिटिश या कॉलोनियल एरा में रह रहे

36:38 थे। उस पॉइंट ऑफ टाइम पर उस पॉइंट ऑफ टाइम पर अगर कोई भी कोई भी प्रिजनर होता था तो वो सारे के सारे राइट्स अपने छोड़ के आता था जेल के बाहर। उसको कोई राइट नहीं दिया जाता था। बट फिर जब हम इंडिया की बात करते हैं इन द लेट 1970 उसके बाद से हमने थोड़ा सा लॉ में चेंज किया। हमने कुछ चेंजेस किए जो यह बोले कि हां हम क्या करेंगे अब? जो प्रिजनर्स हैं उनको भी हम राइट्स देंगे। उनको भी हम राइट्स देंगे। और इनफैक्ट राइट्स उनके पास ऑलरेडी हैं। हम उनके राइट्स को रिकॉग्नाइज करेंगे। उनके राइट्स को खत्म नहीं किया जाएगा। जस्ट बिकॉज़ कि वो प्रज़न में जा चुके हैं। राइट? तो इन अ सेलिब्रेटेड लाइन ऑफ़ केसेस अ कोर्ट हेल्ड

37:23 दैट प्रिज़नर्स रिटेन देयर फंडामेंटल राइट्स एक्सेप्ट दोज़ नेसेसरली लॉस्ट विद द लिबर्टी इटसेल्फ। पनिशमेंट इज़ द रेस्ट्रिक्शन ऑफ़ फ़्रीडम। राइट? इट इज़ नॉट लाइसेंस फॉर द स्टेट टू डिनाई हेल्थ, डिग्निटी और ह्यूमन ट्रीटमेंट। राइट? तो कहने का मतलब ये है कि आप पनिशमेंट दीजिए। उसमें कोई प्रॉब्लम नहीं है। आप उसको रेस्ट्रिक्ट करिए। बट क्या आप उसके बेटर हेल्थ? क्या आप उसकी ह्यूमन कंडीशन इन सब चीजों को रेस्ट्रिक्ट कर सकते हो? जस्ट बिकॉज़ कि उसने क्राइम किया? आंसर इज़ नो। उसका राइट बनता है अभी भी। राइट? उसका हेल्थ का राइट बनता है, डिग्निटी का राइट बनता है। ह्यूमन ट्रीटमेंट का राइट बनता है। प्रॉपर जगह पर वो रहे। ऑब्वियसली

38:09 प्रज़न में रहे। बट वो प्रिज़्म हाइजीनिक होना चाहिए। ऐसा नहीं होना चाहिए कि भाई बहुत ही अनहाइजीनिक प्रज़न है। ये सब चीजें देखनी बहुत जरूरी है। ठीक है? अलोंग साइड ग्रूव द रिफेटिव थ्योरी। देखो बड़ा इंपॉर्टेंट पॉइंट है बेटा यहां पे। दो टाइप की पनिशमेंट हमारे पास होती हैं। यहां [गला साफ़ करने की आवाज़] पर हमारे पास दो टाइप की पनिशमेंट होती हैं। वन इज रिफेटिव और रेस्टोरेटिव पॉइंट ऑफ जस्टिस और पॉइंट ऑफ थ्योरी या थ्योरी ऑफ़ पनिशमेंट आप बोल सकते हो। और एक होती है रेट्रिब्यूटिव थ्योरी ऑफ़ पनिशमेंट। ध्यान से समझना। थ्योरी ऑफ़ पनिशमेंट इज़ डिवाइडेड इंटू टू पार्ट्स। रेट्रिब्यूटिव थ्योरी ऑफ़ पनिशमेंट एंड यू कैन से रेस्टोरेटिव थ्योरी ऑफ़ पनिशमेंट। रेट्रिब्यूटिव थ्योरी ऑफ़ पनिशमेंट जो होती है, इसका मतलब होता है इट क्रिएट्स अ डिटरेंट इफेक्ट। डिटरेंट

38:55 इफेक्ट का मतलब क्या होता है? डिटरेंट इफ़ेक्ट का मतलब होता है कि एक पर्सन हेलो अनन्या गुड आफ्टरनून। डिटरेंट इफ़ेक्ट का मतलब क्या होता है? इसका मतलब होता है कि एक पर्सन ने मान लो क्राइम किया। हम उसको इस तरीके की पनिशमेंट देंगे ताकि बाकी सबके लिए एग्जांपल सेट हो जाए। दैट इज़ रेटिब्यूटिव काइंड ऑफ़ पनिशमेंट। एक होती है रेस्टोरेटिव और रिफोर्मेटिव काइंड ऑफ़ पनिशमेंट। जहां पर हम उसको वापस से जहां पर जहां पर हम उसको वापस से उस पर्टिकुलर सोसाइटी में रिस्टोर या रिफॉर्म करने की कोशिश कर रहे हैं। राइट? हम उसको उस तरीके की पनिशमेंट देंगे। जैसे एक हो गया कि आपने उसको डेथ पेनल्टी सुना दी। एक हो गया आपने उसको लेट्स सपोज़ 20 साल की सजा सुना दी। 10 साल की सजा सुना दी। तो ये सब आपका

39:42 रेट्रिब्यूटिव काइंड ऑफ पनिशमेंट है। रेस्टोरेटिव होती है कि आपने उसको ओपन प्रेजेंट में रखा है। आप उसको वेजेस प्रोवाइड कर रहे हो कि आप चलो ठीक है कारपेंटर बन जाइए थोड़े टाइम के लिए। आपको अगर कारपेंटर का जॉब करना है आप कारपेंटर का जॉब कर लीजिए। आपको गार्डनिंग करनी है आप गार्डनिंग कर लीजिए। आपको एग्रीकल्चर करना है आप एग्रीकल्चर कर लीजिए। व्हाटएवर यू वांट टू डू। ठीक है? तो उसके हिसाब से उसके हिसाब से आपको अकॉर्डिंगली काम करना होता है। ठीक है? दैट इज़ वेरीेंट। अलोंग साइड ग्र्यू द रिफेटिव थ्योरी ऑफ़ पनिशमेंट। द गोल ऑफ अ सेंटेंस इज नॉट टू ब्रेक अ पर्सन बट टू रिटर्न अ बेटर वन टू सोसाइटी। अ जस्टिस सिस्टम दैट फॉरगेट्स दिस द कोर्ट वांट पनिशेस इटसेल्फ। ठीक है? देखो केसेस जो आपको याद रखने हैं बड़े इंपॉर्टेंट है। सुनील बत्रा 1978 एंड

40:28 1980। इसने कर्व किया था सॉलिटरी कनफाइनमेंट को एंड बार फेटर्स। द कॉन्स्टिट्यूशन डज़ नॉट स्टॉप एट द प्रिज़न वॉल। बहुत इंपॉर्टेंट पॉइंट है बेटा यहां पे समझना। कॉन्स्टिट्यूशन जो है प्रजन की वॉल पर वहीं पर नहीं रुक जाता। आपको आपको कॉन्स्टिट्यूशन पूरे टाइम के लिए उसको देना पड़ेगा। उसका राइट टू लाइफ, राइट टू पर्सनल लिबर्टी, राइट टू हेल्थ, राइट टू डिग्निटी सब एकिस्ट करता है। राइट? जो एक्यूज़्ड है, जो कन्विक्टेड है, सबका वो राइट टू लाइफ, पर्सनल लिबर्टी सब कुछ एक्सज़िस्ट करता है। इवन अ नोटोोरियस अंडर ट्रायल कीप्स एनफोर्सिएबल राइट्स अगेंस्ट इन ह्यूमन जेल ट्रीटमेंट। बाइंडिंग सेफगार्ड्स अगेंस्ट कस्टोडियल अब्यूज राइट? डिग्निटी इन कस्टडी इज़ अ कॉन्स्टिट्यूशनल कमांड। राइट? डिग्निटी इन

41:15 कस्टडी इज़ अ कॉन्स्टिट्यूशनल कमांड। वेरीेंट पॉइंट याद रखना। चलो आगे बढ़ते हैं। अब देखो। इंडियन प्रेजेंस रंस क्रॉनिकली अबव कैपेसिटी। एज़ आई टोल्ड यू ए लार्ज शेयर ऑफ़ इनमेट्स आर अंडर ट्रायल्स एंड मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर इज़ थिन। अमोंग देम आर पीपल फॉर हुूम इंप्रज़मेंट हैज़ क्वाइटली बिकम हारशर देन द सेंटेंस इंटेंडेड। द वेरी ओल्ड, द बेड रिडन एंड टर्मिनली इल। तो कोर्ट ने इन्हीं पर फोकस किया है कि जो ओल्ड है जो बेड रिडन है जो टर्मिनली इल है फॉर हुूम कज़ क्रूज़ हार्ड बेड्स एंड डिस्टेंट हॉस्पिटल मीन कंटीन्यूअस सफरिंग राइट।

42:01 [गला साफ़ करने की आवाज़] अरे पढ़ाई कर लो बेटा। पढ़ाई कर लो। हंसी मजाक बहुत हो गई आज। हां, ठीक है। अरे ठीक है। कोई बात नहीं। टॉकिंग टू सर तो ठीक है। पढ़ाई लिखाई नहीं हो रही है। है ना? क्यों नहीं हो रही पढ़ाई? [गला साफ़ करने की आवाज़] अरे कोई ब्लश नहीं कर रहा। पढ़ाई कर लो। चलो। टूल्स एक्सिस्ट। द लॉ ऑलरेडी हैज़ रिलीज़्ड वॉल्व्स रेमिशन एंड प्रीमेच्योर रिलीज़

42:47 अंडर सेंटेंसिंग लॉ, कॉन्स्टिट्यूशनल पार्ड्स अंडर आर्टिकल 72 एंड 161 एंड स्टेट लेवल रिव्यु बोर्ड्स दैट पीरियडिकली एग्जामिन लॉन्ग सर्विंग कन्विक्ट्स। ठीक है? दस टूल्स आर डिस्क्रीशनरी एंड अनइवनली अप्लाइड। फ्यू स्टेट्स हैव एनी डेडिकेटेड। फ्यू स्टेट्स हैव एनी डेडिकेटेड यूनिफॉर्म पॉलिसी फॉर इनमेट्स हु आर एल्डरली और टर्मिनली इल। सो रिलीज डिपेंड्स ऑन केस बाय केस मर्सी लॉयरस एंड लक। नाउ द पॉइंट इज़ द इशू रीच द कोर्ट थ्रू इट्स कंटेनिंग ओवरसाइट ऑफ़ बेल एंड प्रज़न रिफॉर्म मैटर्स इन रे पॉलिसी स्ट्रेटजी फॉर ग्रांट ऑफ़ बेल वेयर द कोर्ट मॉनिटर्स सिस्टम प्रॉब्लम्स नॉट जस्ट वन प्रिज़नर्स केस। देखो अब ये एक

43:33 पर्सन की प्रॉब्लम नहीं है। ये बहुत सारे प्रिज़नर्स की प्रॉब्लम है। राइट? सो ये बहुत सारे प्रिजनर्स की प्रॉब्लम है। अब प्रिजनर्स एक्चुअल में देखो जो टर्मिनली इल है या ओल्ड है उनके लिए ओपन करेक्शनल इंस्टीट्यूशन इस्टैब्लिश करने के लिए भी सुप्रीम कोर्ट ने गवर्नमेंट को बोला था। ठीक है? कि ओपन करेक्शनल इंस्टीटशंस ध्यान से सुनना बेटा। बहुत इंपॉर्टेंट पॉइंट है। फेब के मंथ में बहुत इंपॉर्टेंट न्यूज़ आई थी। सुप्रीम कोर्ट ने एक डिसीजन दिया था। सुरेश चकमा का एक केस था। उस केस में सुप्रीम कोर्ट ने ओपन करेक्शनल इंस्टीट्यूशन के बारे में डिस्कशन किया था। उसमें ये बोला गया था कि जो भी बहुत टाइम से बहुत टाइम से जेल के अंदर है उसको

44:19 ओपन प्रेजेंट के अंदर डाला जाए। एंड ओपन प्रेजेंट का कांसेप्ट इंडिया के अंदर एक्सिस्ट करता है। बट उसको अब एक्टिवली अप्लाई किया जाए। उसको अब एक्टिवली अप्लाई किया जाए कि ओपन करेक्शनल इंस्टीट्यूशन जो ओपन प्रज़ंस हैं वो हमें दिखने चाहिए वो होने चाहिए। वो एक्चुअल में जो पुराने प्रिजनर्स हैं जो ओल्ड प्रज़नर्स हैं या फिर जो टर्मिनली इल प्रिज़नर्स हैं उनको या तो छोड़ दिया जाए या फिर ओपन करेक्शनल इंस्टीट्यूशन में डाला जाए। ओपन करेक्शनल इंस्टीट्यूशन का पर्पस क्या था? कि हम उनको वेजेस प्रोवाइड करेंगे। राइट? हम उनको वेजेस प्रोवाइड करेंगे। एंड वो वेजेस जो है उनको हेल्प करेगा उनकी फैमिली को बेटर करने के लिए। राइट? वो वेजेस क्यों प्रोवाइड किए जाएंगे? ताकि आप एग्रीकल्चर

45:06 का वर्क कर सको उस ओपन कनेक्शनल इंस्टीट्यूशन में या आप कुक का वर्क कर सको या आप गार्डनिंग कर सको। व्हाटएवर जो भी वहां पर काम दिए जाए उनको। ठीक है? आगे बढ़ते हैं। नाउ सुप्रीम कोर्ट डायरेक्टेड एव्री स्टेट गवर्नमेंट एंड यूनियन टेरिटरी टू फॉर्मुलेट अ कॉम्प्रहेंसिव पॉलिसी फॉर द अर्ली रिलीज ऑफ एल्डरली एंड टर्मिनली इल पर्सन। बहुत इंपॉर्टेंट है बेटा। जो ओल्ड और टर्मिनली इल्ल पर्सन है वहां पर आपको सुप्रीम कोर्ट ने क्लियरली मैंडेट कर दिया है और सुप्रीम कोर्ट ने डायरेक्ट किया है स्टेट गवर्नमेंट और यूनियन टेरिटरी को टू

45:51 फॉर्मुलेट कॉम्प्रिहेंसिव पॉलिसी फॉर दैट। राइट? इंस्टेड ऑफ़ ईच सिक और एजेड प्रिज़नर सेपरेटली बेगिंग कोर्ट्स फॉर मर्स स्टेट्स मस्ट बिल्ड अ स्टैंडिंग यूनिफॉर्म मैकेनिज़्म दैट आइडेंटिफाई सच प्रिज़नर्स एंड कंसीडर्स देयर रिलीज़ एज़ अ मैटर ऑफ़ पॉलिसी। ठीक है? अब देखो यहां पर समझना। इट इज़ अ डायरेक्शन टू फ्रेम पॉलिसी। याद रखना। कोर्ट सेट्स द कॉन्स्टिट्यूशनल फ्लोर स्टेट्स फिल इन एलिजिबिलिटी प्रोसीजर एंड सेफगार्ड्स। तो कोर्ट ने एक स्टेज बना दिया गया है। राइट? अब उस स्टेज पर आके परफॉर्म किसको करना है? परफॉर्म किसको करना है? पार्लियामेंट को या फिर स्टेट्स को। राइट? कि हां हमने यहां पर आपको बता दिया है कि आपको करना क्या है? लेकिन आप करोगे ये आपके पास अथॉरिटी है।

46:38 इट इज़ नॉट अ ब्लैंकेट रिलीज़ ऑर्डर। नो प्रिज़नर्स वॉक्स फ्री ऑटोमेटिकली। ईच रिलीज़ हैपेंस अंडर द पॉलिसीज़ क्राइटेरिया जो पॉलिसी स्टेट गवर्नमेंट बनाएगी। इट सीट्स विद अ कंटेन मेंस। मतलब मैंडेट ऑर्डर राइट द कोर्ट कीप्स द मैटर अलाइव एंड मॉनिटर्स कंप्लायंस ओवर टाइम ए हॉलमार्क ऑफ इंडियन पीआईएल ठीक है द ऑर्डर लुक्स एडमिनिस्ट्रेटिव बट इट इज़ कॉन्स्टिट्यूशनल एट एट इट्स कोर्टर देखो देखने में तो ये लग रहा है कि भाई कोर्ट ने एक डिसीजन दे दिया स्टेट गवर्नमेंट को बोल दिया कि आप ऐसा-सा करिए बट प्रॉब्लम ये है कि एक्चुअल में ये है इससे भी बड़ा इसका इंपैक्ट उससे भी बड़ा है क्या इंपैक्ट है इट कन्वर्ट्स कंपैशन फ्रॉम जुडिशियल चैरिटी इंटू स्टेट ऑब्लिगेशन द सेम स्कीम

47:24 वर्सेस ड्यूटी शिफ्ट वी सॉ इन द मेंस्ट्रुअल हेल्थ रूलिंग ऑफ़ जनवरी। ये बहुत इंपॉर्टेंट है बेटा। जनवरी के मंथ में आपने मेंस्ट्रुअल हेल्थ का जो जजमेंट था, एक लैंडमार्क जजमेंट जो सुप्रीम कोर्ट ने दिया था उसको आपने आई होप पढ़ा होगा। एंड उसी के बेसिस पर ये डिसीजन भी दिया गया है कि जो प्रिजनर्स की कैपेसिटी ज्यादा हो गई है हमारे जेल्स में उसको ध्यान में रखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने अब मैंडेट किया है डायरेक्ट किया है स्टेट को कि आप इसके ऊपर कुछ पॉलिसीज बनाइए ताकि जो एल्डरली प्रिजनर्स हैं या फिर टर्मिनली इल प्रिजनर्स हैं वो हमारे पास आके मर्सिपेटिशंस ना फाइल करें रादर उस पॉलिसी के हिसाब से वो यूनिफॉर्मली ही वहां से सेट फ्री हो जाएं। बट अकॉर्डिंग टू द पॉलिसी। ठीक है? आई होप यह समझ आया होगा।

48:12 चलो अब आगे बढ़ते हैं। [गला साफ़ करने की आवाज़] आर्टिकल 21 इससे डायरेक्टली कनेक्टेड है बेटा। ये भी याद रखना। आर्टिकल 21 इससे डायरेक्टली कनेक्टेड है। ये भी याद रखना। ठीक है? राइट [गला साफ़ करने की आवाज़] सर्वाइव कन्विक्शन। इंप्रज़मेंट टेक्स लिबर्टी नॉट डिग्निटी। हेल्थ, ह्यूमन ट्रीटमेंट एंड अ डिग्निफाइड डेथ आर पार्ट ऑफ़ द राइट टू लाइफ इवन इनसाइड जेल। रिफेटिव जस्टिस कीपिंग अ डाइंग और इमोबल प्रिज़नर लॉक्ड अप सर्व्स नाइदर डिटरेंस नर रिफेशन पनिशमेंट मस्ट रिटेन अ पर्पस। पॉलिसी एज़ रेमेडी कोर्ट्स इंक्रीजिंगली ऑर्डर्स फ्रेमवर्क नो वन ऑफ़ रिलीफ्स। सिस्टमिक प्रॉब्लम्स गेट सिस्टेमिक आंसर। तो क्लैट का एंगल इससे समझो क्या आएगा।

48:58 सिनेरियो क्वेश्चंस लव दिस स्पेस। सो बेसिकली एन एलिंग अब समझ लोना क्वेश्चन बनेगा कैसे? एक 75 ईयर ओल्ड कन्विक्ट है अप्लाई अंडर अ स्टेट पॉलिसी कैन द स्टेट रिफ्यूज साइटिंग द ग्रेविटी ऑफ़ ह ओल्ड ऑफेंस? व्हाट फैक्टर्स मे अ वैलिड पॉलिसी वे वॉच फॉर क्वेश्चंस ऑन आर्टिकल 21 रिमेशन वर्सेस अर्ली रिलीज एंड जुडिशियल मॉनिटरिंग। ठीक है? ये ध्यान रखना। ये पॉइंट बहुत इंपॉर्टेंट है। चलो आगे बढ़ते हैं। अब अगली न्यूज़ बड़ी इंपॉर्टेंट है बेटा। अब इसके ऊपर हुआ है प्रोटेस्ट भी। इसके ऊपर हुआ है प्रोटेस्ट भी। आई एम श्योर आप में से कुछ लोग भी गए होंगे। गए थे क्या? [नाक से की जाने वाली आवाज़] आई एम श्योर

49:45 एटलीस्ट पता तो होगा प्रोटेस्ट के बारे में कि जंतरमंतर पर प्रोटेस्ट हुआ। बहुत ज्यादा हाई लेवल पर प्रोटेस्ट चला था। एंड उसके बाद हमारे एजुकेशन मिनिस्टर ने भी रिजाइन कर दिया था। ठीक हम ठीक है तो पॉइंट ये है कि पेपर लीक एक बड़ा इंपॉर्टेंट मुद्दा है कई कई लोग बोलते हैं कि भाई लास्ट ईयर क्लैट का पेपर भी बड़ा कंट्रोवर्सी में रहा वो भी लीक हुआ था है ना ये बड़ा एक इंपॉर्टेंट मुद्दा है कि लास्ट ईयर क्लैट का पेपर भी लीक हुआ था ऐसा लोग बोलते हैं एंड उसके ऊपर उसके ऊपर पिटीशन भी डाली गई थी। राइट? उसके ऊपर पिटीशन भी डाली गई थी। ग्रवेंसेस पोर्टल

50:31 पर जो है ग्रिवेंसेस भी डाले गए थे। ठीक है? बट द पॉइंट इज़ कि उसके ऊपर कुछ आंसर नहीं किया। क्लैट का एग्जाम हमारा बहुत छोटा-मोटा एग्जाम है ना इसलिए उसके ऊपर कोई उसके ऊपर कोई एक्शन नहीं लिया गया। है ना? नीट का एग्जाम बड़ा है तो प्रोटेस्ट हुआ। और ये पेपर लीक बहुत बहुत टाइम से चलता आ रहा है। लेकिन याद रखना 2024 में पहली बार इंडिया को लॉ मिला था। 2024 में पहली बार फेब के मंथ में इंडिया को एक लॉ मिला था। जो एक्चुअल में जो एक्चुअल में पेपर लीक के ऊपर पेपर लीक मैल प्रैक्टिससेस के ऊपर क्या करता था? एक्शन लेता था डायरेक्टली। फब 204 में ये

51:20 एक लॉ बनाया गया। उससे पहले तो हमारे पास लॉ ही नहीं था। उससे पहले हां उससे पहले हमारे पास जो लॉज़ थे वो स्कैटर्ड थे। अलग-अलग लॉज़ में हम पनिश करते थे। ठीक है? आईपीसी में भी पनिश कर देते थे। राइट? अलग-अलग लॉज़ में अलग-अलग तरीके से हम पनिश करते थे। बट 2024 में पब्लिक एग्जामिनेशन एक्ट आया। उसके बाद से पेपर लीक के लिए एक स्पेसिफिक लॉ बना दिया गया। अब पॉइंट ये है कि पेपर लीक के लिए लॉ तो बना दिया गया बट फिर भी पेपर लीक तो रुका नहीं। उस चीज को थोड़ा सा और स्ट्रिक्ट करने के लिए इस मसून सेशन में पार्लियामेंट ने ये बिल पास किया।

52:10 ठीक है? अब पॉइंट ये समझना बेटा। एक चीज़ और याद रखना। पब्लिक एग्जामिनेशन एक्ट बड़ा इंपॉर्टेंट है। पब्लिक एग्जामिनेशन एक्ट में अह एक्ट के क्राइटेरिया में क्लैट कंसोर्शन फॉल नहीं करता। अंटिल एंड अनलेस स्टेट जो है नोटिफाई स्पेसिफिकली कर दे उसको। राइट? उस समय तक उस समय तक क्लैड कंसर्शन विल विल नॉट फॉल अंडर पब्लिक एग्जामिनेशन एक्ट। अब समझना 2024 वाज़ द ईयर एग्जाम इंटीग्रिटी बिकम अ नेशनल क्राइसिस। पहली बार नीट यूजी कंट्रोवर्सी हुई एन इंप्रोबेबल स्पाइक ऑफ परफेक्ट स्कोर मतलब 720 आउट ऑफ 720 स्कोर आया था बच्चों का ग्रेस मार्क्स डिस्प्यूट्स एंड लीक एलगेशंस पुट लैक्स ऑफ़ मेडिकल एस्पिरेंट्स थ्रू रीिटेस्ट लिटिगेशन एंड

52:56 डिस्पेयर विद द सुप्रीम कोर्ट इटसेल्फ मॉनिटरिंग द फॉल आउट द यूजीसी नेट वाज़ कैंसिल्ड आउटराइट ऑन लीक फियर्स। ठीक है? उसके बेसिस पर यूजीसी नेट नेट भी कैंसिल कर दिया गया। ठीक? बिहाइंड द हेडलाइंस ले ऑन इंडस्ट्री सॉल्वर गैंग्स क्वेश्चन पेपर माफियाज़ करप्ट इनसाइडर्स एट प्रिंटिंग प्रसेस एंड कोचिंग हब मिडिलमैन सेलिंग पेपर्स फॉर लैक्स स्टेट लेवल रिक्रूटमेंट एग्जाम्स हैड बीन लीकिंग फॉर इयर्स स्कैटर्ड स्टेट लॉज़ हैड फेल्ड टू डिटर द नेटवर्क्स फॉर स्टूडेंट्स एव्री लीक मीन्स द सेम थिंग मंथ्स ऑफ़ प्रिपरेशन गैंबल्ड ऑन अ सिस्टम दैट दे कैन नॉट ट्रस्ट ठीक इक्वलिटी िटी ए लीड पेपर डिफीट्स मेरिट एंड आर्टिकल 14 प्रॉब्लम नॉट जस्ट एन

53:44 एडमिनिस्ट्रेटिव वन लाइफ चांसेस सीट्स जॉब्स एंड इयर्स आर लॉस्ट द राइट टू फेयर कंपटीशन टचेस आर्टिकल 21 एस्पिरेशंस एनफोर्समेंट गैप्स मतलब माफियाज़ ऑपरेट अक्रॉस स्टेट्स स्टेट स्पेसिफिक लॉज़ कुड नॉट रीच द होल नेटवर्क। ठीक है? तो इन फरवरी 2024 उसका रिजल्ट क्या हुआ? पार्लियामेंट स्टेप्ड इन विद इंडियास फर्स्ट डेडिकेटेड सेंट्रल लॉ ऑन एग्जामिनेशन मैल प्रैक्टिस। ठीक है? अब उसके बाद पॉइंट ये है कि क्या 2024 के बाद ऐसा हुआ कि पेपर लीक ही नहीं हुए। अभी इसी साल आपके लिए एग्जांपल है। राइट? इसी साल आपके लिए एग्जांपल है। द पब्लिक एग्जामिनेशन प्रिवेंशन ऑफ़ अनफेयर मींस एक्ट 2024 कवर्स पब्लिक एग्जामिनेशंस

54:31 कंडक्टेड बाय सेंट्रल बॉडीज यूपीएससी, एसएससी रेल्वेज बैंकिंग रिक्रूटमेंट एंड एनटीए एग्जाम सच एज नीट, जेईई एंड सीयूईटी। तो ये तो आपके कवर हो जाएंगे। क्या क्लैट का एग्जाम इसके अंदर आएगा? आंसर इज़ नो। इट्स टारगेट इज़ द इकोसिस्टम नॉट द एग्जामिनी। लीकिंग पेपर्स, अनअथराइज़्ड एक्सेस, टपरिंग विद आंसर शीट्स और रैंकिंग। फेक एग्जाम्स एंड फेक डॉक्यूमेंट्स एंड ऑर्गेनाइज्ड मैल प्रैक्टिस बाय सर्विस प्रोवाइडर्स बोनफ आईडी कैंडिडेट्स आर एक्सप्रेसली आउटसाइड इट्स प्यूरेटिव नेट राइट इन्वेस्टिगेशन इज़ इंटरेस्टेड टू सीनियर ऑफिसर्स मतलब जो इन्वेस्टिगेशन करेगा कौन करेगा इसमें सीनियर ऑफिसर्स डीएसपी एसीपी एंड अबव ठीक है एंड द सेंटर कैन हैंग केसेस टू सेंट्रल एजेंसी रिकॉग्नाइजिंग दैट लीक नेटवर्क

55:19 क्रॉस स्टेट लाइंस ठीक है राइट चलो टीथ ऑफ द 2024 एक्ट अनफेयर मीन्स और कॉनस्परेसी इंप्रज़मेंट ऑफ थ्री टू फाइव इयर्स विद फाइन ठीक है अगर अनफेयर मींस और कॉनस्परेसी की जा रही है तो इंप्रज़मेंट फॉर थ्री इयर्स और फाइव इयर्स विद फाइन ऑर्गेनाइज़ पेपर लीक क्राइम्स राइट ये भी एक क्राइम बना फाइव टू 10 इयर्स एंड अ फाइन दैट कैन रीच ₹1 करोड़ एरिंग सर्विस प्रोवाइडर फर्म्स फेस हैवी फाइन एंड कॉस्ट रिकवरी। ऑल ऑफेंसेस आर कॉग्निजिबल, नॉन बेलेबल एंड नॉन कंपाउंडेबल। अब फटाफट से मुझे डिफरेंस बता दो कि कॉग्निजिबल और नॉन कॉग्निजिबल में डिफरेंस क्या होता है?

56:06 बेलेबल नॉन बेलेबल में डिफरेंस क्या होता है? जल्दी फटाफट। और कंपाउंडेबल नॉन कंपाउंडेबल में क्या होता है? नो प्राइवेट सेटलमेंट कैन बरी अ लीक। हम जल्दी फटाफट बताओ बहुत देर से टाइम पास कर रहे हो तुम लोग हां [गला साफ़ करने की आवाज़] हम अच्छा बेलेबल में बेल कैन बी गिवन और नॉन बेलेबल में बेल नहीं दी जाएगी ऐसा इसको लिखो बेलेबल में बेल कैन बी गिवन बाय

56:51 द पुलिस ऑफिसर इटसेल्फ एंड बेल इज अ राइट इन बेलेबल ऑफेंसेस इन नॉन बेलेबल ऑफेंसेस बेल इज़ नॉट अ राइट एंड बेल इज़ जस्ट द डिस्क्रीशन ऑफ़ द कोर्ट बेल इज़ जस्ट द डिस्क्रीशन ऑफ़ द कोर्ट इन नॉन बेलेबल ऑफेंसेस। कॉग्निजबल और नॉन कॉग्निजिबल कॉग्निजबल और नॉन कॉग्निजिबल उसका मतलब होता है इन कॉग्निजिबल केसेस द पुलिस ऑफिसर कैन अरेस्ट विदाउट वारंट द पुलिस ऑफिसर कैन अरेस्ट विदाउट वारंट नॉन कॉग्निजिबल मतलब आपको पहले अरेस्ट वारंट देना पड़ेगा मैजिस्ट्रेट से उसके बाद फिर आप उसके बाद फिर आप क्या करोगे अरेस्ट करोगे ठीक है चलो हां बिल्कुल इन नॉन रिक्वायर्ड परमिशन

57:36 मैजिस्ट्रेट की परमिशन की रिक्वायरमेंट नॉन बेलेबल में बेटा बेल आपको एज अ राइट नहीं मिलती। डिस्क्रीशन होता है कोर्ट का कि आपको बेल मिलेगी या नहीं मिलेगी। ठीक है? चलो आगे बढ़ते हैं। हम अब देखो 2024 में ये लॉ तो बन गया था बट क्या उसके बाद पेपर लीक रुके? आंसर इज़ नो। एंड येट द लीक्स कंटिन्यूड। फ्रेश कंट्रोवर्सीज अराउंड नेशनल टेस्ट कीप कीप स्टूडेंट एंगर ऑन द बॉल एंड एक्सपोज्ड गैप्स। सेटिंग द स्टेज फॉर द 2026 अमेंडमेंट इंट्रोड्यूस्ड इन द लोकसभा ऑन 27th जुलाई। तो 27th ऑफ जुलाई को ये इंट्रोड्यूस किया गया नया बिल जो स्ट्रिक्टर बनाता है पब्लिक एग्जामिनेशन एक्ट को और ज्यादा। ठीक है? द पब्लिक एग्जामिनेशन एक्ट प्रिवेंशन ऑफ

58:22 अनफेयर मींस अमेंडमेंट बिल 2026 ट्रिगरर्ड ट्रिगरर्ड अ फियर्स डिबेट इन द लोकसभा दैट रन टिल मिडनाइट बिफोर बीइंग पास्ड बाय वॉइस वोट ऑन 29th जुलाई तो 29 जुलाई को ये अब पास हो चुका है बिल ए डे लेटर ऑन 30th जुलाई द राज्यसभा अप्रूव्ड इट बाय वॉइस वोट अमेंड एन अपोजिशन वॉकआउट द अमेंडमेंट मैंडेट्स हारश पेनल्टीज़ विथ द गवर्नमेंट सेइंग इट इज़ एड्रेसिंग की कंसर्न इंपैक्टिंग स्टूडेंट एंड इज़ ओपन टू लर्निंग फ्रॉम एक्सपीरियंसेस। अपोज़िशन मेंबर्स आर्ग्यूड द बिल इज़ प्यूनिव नॉट प्रिवेंटिव। इट एक्ट्स ओनली आफ्टर अ लीक एंड इन्वेस्टिगेशन एंड आइडेंटिफिकेशन ऑफ़ कल्पेट्स व्हेन एमपीस मेमोरेबल लाइन। इट इज़ लाइक बोल्टिंग द स्टेबल बोल्टिंग द

59:08 स्टेबल डोर आफ्टर द हॉर्स हैज़ ऑलरेडी बोल्टेड। ठीक है? द डीपर डिमांड सिस्टेमिक रिफॉर्म ऑफ एग्जाम कंडक्टिंग बॉडीज एंड सिक्योर प्रोसेससेस नॉट जस्ट बिगर पनिशमेंट्स। तो देखो दो अगेन जो गवर्नमेंट है वो ये कह रही है कि हम इस पॉइंट ऑफ़ टाइम पे जो गवर्नमेंट है वो ये कह रही है हम इस पॉइंट ऑफ़ टाइम पर क्या करेंगे? हम इस पॉइंट ऑफ़ टाइम पर इनकी पनिशमेंट को हारशर कर रहे हैं। अपोजिशन का कहना क्या है? अपोजिशन का कहना ये है कि हम इस पॉइंट ऑफ टाइम पर हारश पनिशमेंट नहीं चाहते। हम चाहते हैं कि आप पेपर लीक को रोकिए। पेपर लीक हो जाने के बाद आप उनको पनिशमेंट दे रहे हो। दैट इज नॉट रिक्वायर्ड। वो इंपॉर्टेंट नहीं है। पेपर लीक रोकना ज्यादा जरूरी है। हां बिल्कुल। नॉन बेलेबल

59:55 केसेस होते हैं बेटा यूएपीए के। मर्डर अकॉर्डिटी बिल्कुल सही। सारे क्रिमिनल केसेस नॉनवेलेबल नहीं होते हैं। जरूरी नहीं है। है ना? जरूरी नहीं है। ठीक है? चलो। द कोर डिजाइन ऑफ द 2024 एक्ट स्टेज़ द अमेंडमेंट टर्न्स अप द टेंपरेचर स्टिफर्ड पनिशमेंट्स टू रेज़ द कॉस्ट ऑफ रनिंग और इनेबलिंग अ लीक इट बिकम्स लॉ वंस इट रिसीव्स प्रेसिडेंशियल एसेंट अंडर आर्टिकल ट्रिपल वन। ठीक है? [गला साफ़ करने की आवाज़] चलो। अब देखो अगेन यहां पर आपको ये समझना जरूरी है कि क्लैट के लिए कैसे इंपॉर्टेंट है ये। एक्सपेक्ट पैसेज बेस्ड क्वेश्चंस पेयरिंग द 2024 एक्ट विद द 2026 अमेंडमेंट। यहां पर एक बात मुझे सभी लोग

1:00:43 बताएंगे। क्या सबने क्या सबने प्रीवियस ईयर पेपर्स एनालाइज किए हुए हैं? क्या सबने प्रीवियस ईयर पेपर पढ़े हुए हैं? देखे हैं एटलीस्ट। क्लैट 2025 का पेपर किस-किस ने दिया है? एक बार बताना जरा यहां पे। देखा है? मतलब उस पेपर को एटलीस्ट एनालाइज किया है। हम क्लैट 2025 का पेपर किस-किस ने एनालाइज किया है? यस ठीक है। अब पॉइंट ये है। हां बिल्कुल। तो क्लैट 2025 में अगर आप देखोगे तो उस पर्टिकुलर पेपर में आपको पब्लिक एग्जामिनेशन 2024 पब्लिक एग्जामिनेशन एक्ट 2024 के ऊपर आपको

1:01:30 पैसेज देखने को मिलेगा। बहुत बड़ी कंट्रोवर्सी हुई थी। अब समझ लेना इस बात को। वो कंट्रोवर्सी आज भी रेलेवेंट है। तो हो सकता है उस पर्टिकुलर एक्ट को इस पर्टिकुलर जो बिल अभी पास होने वाला है ये प्रेसिडेंशियल का प्रेसिडेंशियल एसेंट उसको मिल जाएगा तो उसके बाद वो एक्ट बन जाएगा। अब उसके कंपैरिजन को लेके आपके पास हो सकता है एक पैसेज आ जाए। राइट? एक पैसेज आ जाए। तो उस पैसेज को जरूर ध्यान में रखना। उस पर्टिकुलर अमेंडमेंट को ध्यान में रखना। पढ़ लेना ध्यान से। डेफिनेशंस ऑफ़ अनफ़ेयर मीन्स। राइट? हु द लॉ टारगेट्स एंड क्रिटिकल रीज़निंग क्वेश्चंस ऑन द डेटरेंस वर्सेस प्रिवेंशन। आर्गुमेंट मेड ऑन द फ्लोर ऑफ द हाउस। राइट? डेटरेंस

1:02:19 वर्सेस प्रिवेंशन। डेटरेंस मतलब क्या होता है बेटा? डेटरेंस मतलब होता है कि हम पहले से ही हम पहले से ही अच्छा प्रिवेंशन पहले समझो। प्रिवेंशन का मतलब क्या होता है? हम पहले से ही ऐसा लॉ बना रहे हैं कि भाई जो पेपर लीक है वो होगा ही नहीं। जो पेपर लीक है वो होगा ही नहीं। लेकिन डेटरेंस का मतलब क्या होता है? डेटरेंस का मतलब होता है जहां पर आपने एक एक्ट कर दिया पेपर लीक हो गया। मतलब अब आप उसको पनिश करने जा रहे हो ताकि बाकी लोग ना करें। राइट? ताकि बाकी लोग ना करें। ठीक है? चलो। [गला साफ़ करने की आवाज़] अब लास्ट इंपॉर्टेंट लास्ट इंपॉर्टेंट न्यूज़ हमारे लिए क्या है? लास्ट इंपॉर्टेंट न्यूज़ है हमारे लिए जो एक एक्ट

1:03:05 बड़ा इंपॉर्टेंट एक्ट बेटा आया था अभी बहुत ही ज्यादा इंपॉर्टेंट एक्ट अभी इनफैक्ट उस एक्ट के ऊपर डिसीजन दिया गया है। उसके अंदर कुछ चेंजेस किए गए हैं। वो एक्ट मैं आपको बताता हूं। एंड दैट एक्ट वाज़ यस द प्रिवेंशन ऑफ इंसल्ट्स टू नेशनल ऑनर एक्ट 1971। इसके अंदर कुछ चेंजेस किए गए हैं। इसके अंदर कुछ चेंजेस किए गए हैं। और उस चेंजेस को करने का रीजन सिर्फ इतना था कि जो सॉन्ग है जो वॉर क्राई हुआ करता था वंदे मातरम। राइट? उसके ऊपर बहुत सारी बहुत सारी टिप्पणियां की गई हैं। राइट? नेगेटिव भी, पॉजिटिव भी बहुत अलग-अलग तरीके से लोगों ने बोला है। तो उसके ऊपर

1:03:52 उसके ऊपर एक सेशन था जब अभी मसून सेशन था पार्लियामेंट में। उसके ऊपर एक बिल लाया गया। उसके अंदर कुछ चेंजेस किए गए, अमेंडमेंट किए गए। ठीक है? उस लॉ के अंदर देखो, वंदे मातरम के बारे में थोड़ा सा समझ लो। वाज़ रिटेन बाय बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय इन 1870 एंड पब्लिश्ड इन हज़ नवेल आनंदमथ 1882 रविंद्रनाथ टैगोर सग इट इट एट द 1896 सेशन ऑफ़ द इंडियन नेशनल कांग्रेस एंड इट बिकम द बैटल क्राई ऑफ़ द फ्रीडम स्ट्रगल चैंटेड इन प्रोसेशनंस प्रज़ेंस एंड प्रोटेस्ट। ठीक है? आफ्टर इंडिपेंडेंस सेंसिटिव सेंसिटिविटीज ओवर द रिलीजियस इमेजरी इन द सॉन्ग लेटर स्टैंजाज़ लेड टू अ केयरफुल कॉम्प्रोमाइज बाय कन्वेंशन ओनली द फर्स्ट टू स्टैंजाज़ आर

1:04:39 संग ऑन ऑफिशियल ओकेशंस। बड़ा इंपॉर्टेंट पॉइंट है। द सॉन्ग दस कैरीज़ अ नॉर्मस इमोशनल वेट एंड इक्वली पर्सिस्टेंट कंट्रोवर्सी इंटू एव्री डिबेट अबाउट इट्स लीगल स्टेटस। ठीक है? 24 जनवरी 1950 ऑन द कॉन्स्टिटुएंट असेंबलीज़ लास्ट डे प्रेसिडेंट राजेंद्र प्रसाद डिक्लेयर्ड जनगण मन द नेशनल एंथम राइट एंड स्टेटेड दैट वंदे मातरम शैल बी ऑनर्ड इक्वली विद इट राइट क्रूशियली दिस वाज़ अ स्टेटमेंट फ्रॉम द चेयर नॉट एन आर्टिकल ऑफ़ द कॉन्स्टिट्यूशन। बड़ा इंपॉर्टेंट पॉइंट है। ठीक है? दिस वाज़ स्टेटमेंट फ्रॉम द चेयर नॉट एन आर्टिकल ऑफ़ द कॉन्स्टिट्यूशन। द कॉन्स्टिट्यूशन इटसेल्फ आर्टिकल 51 ए

1:05:25 नेम्स ओनली द फ्लैग एंड द एंथम। एंथम कौन सा हुआ? एंथम वाज़ जनगणन अमंग सिंबल्स टू बी रेस्पेक्टेड। तो क्या वंदे मातरम क्या वंदे मातरम सिंबल्स का पार्ट होगा? आंसर इज़ नो। आंसर इज़ नो। क्यों? क्योंकि कॉन्स्टिट्यूशन नहीं बताता ना। चेयर ने तो बोला था कि भाई हम उसको इक्वली ऑनर करेंगे जैसा जनरल मन था। लेकिन पॉइंट ये है कि क्या कॉन्स्टिट्यूशन में उसके बारे में लिखा गया? आंसर इज़ नो। कॉन्स्टिट्यूशन ने सिर्फ फ्लैग और एंथम के बारे में बताया था एज अ सिंबल्स टू बी रेस्पेक्टेड। ठीक? तो

1:06:11 इसी बेसिस पर ये डिस्कशन भी किया गया पार्लियामेंट के अंदर। अब समझना है क्या? हम [गला साफ़ करने की आवाज़] द प्रिवेंशन ऑफ इंसल्ट्स टू नेशनल ऑनर एक्ट 1971 इज द स्टट्यूट दैट गिव्स पीनल टीथ टू रेस्पेक्ट फॉर नेशनल सिंबल्स। बेटा ये ध्यान रखना नेशनल सिंबल्स की बात करता है। इट पनिशेस बर्निंग म्यूटलेटिंग और डिफाइनिंग द नेशनल फ्लैग ऑन द कॉन्स्टिट्यूशन एंड इंटेंशनली प्रिवेंटिंग और डिस्टर्बिंग द सिंगिंग ऑफ़ द नेशनल एंथम। राइट? सिंगिंग द नेशनल एंथम तो नेशनल एंथम जन गगन मन है आपका वंदे मातरम नहीं है इक्वली रिस्पेक्ट दी जाएगी वो अलग बात है राइट द नेशनल सॉन्ग फाउंड

1:06:59 नो मेंशन इन इट नेशनल सॉन्ग फाउंड नो मेंशन इन इट इंसल्टिंग वंदे मातरम माइट वोंट सेंटीमेंट मोरली वो रोंग हो सकता है बेटा मोरली वो रोंग हो सकता है बट लीगली इस लॉ के हिसाब से गलत नहीं है बट इट इट अट्रैक्टेड नो स्पेसिफिक पीनल कॉन्सिक्वेंसेस अंडर द 1971 एक्ट। मीनवाइल कंट्रोवर्सीज़ कैप्ट रिकरिंग डिस्प्यूट्स ओवर इट्स सिंग इन लेजिस्लेचर्स स्कूल्स एंड सिविक फंक्शनंस एंड पीआईएल सीकिंग गाइडलाइंस और इक्वल स्टेटस फॉर द सोम। कोर्ट्स रिपीटेडली नोटेड दैट द मैटर वाज़ फॉर द पार्लियामेंट। नॉट जजेस इन जुलाई 2026 पार्लियामेंट फाइनली मूव्ड। पार्लियामेंट ने क्या बोला? देखो पहले तो

1:07:44 एक्ट समझ लो क्या है? पनिशेस बर्निंग, म्यूटिलेटिंग और डिफाइलिंग द नेशनल फैग और कॉन्स्टिट्यूशन। पनिशेस इंटेंशनली प्रिवेंटिंग और डिस्टर्बिंग द सिंगिंग ऑफ़ द नेशनल एंथम। अंटिल नाउ सेड नथिंग अबाउट द नेशनल सॉन्ग द गैप अह द गैप द 2026 अमेंडमेंट टारगेट्स। ठीक है? आगे रिमेंबर व्हिच आर इमैनुअल केस। ये बहुत इंपॉर्टेंट केस है बेटा। स्टूडेंट हु रेस्पेक्ट रेस्पेक्टफुली स्टुड बट डिड नॉट सीन द एंथम वर प्रोटेक्टेड अंडर आर्टिकल 19 एंड 25 द केस एव्री डिबेट ऑन कंपल्ड पेट पेट्रियोटिज्म रिटर्न्स टू राइट पॉइंट ये है कि कहीं पर भी अगर कोई पर्सन रेस्पेक्ट रेस्पेक्टफुली खड़े होके भले ही गा रहा है जनमन या फिर बस वो खड़ा है रेस्पेक्टफुली

1:08:30 खड़ा है क्या उसको पनिश किया जा सकता है आंसर इज़ नो बजाय इमैनुअल का केस वही था ठीक ठीक है? आगे देखो। ड्यूरिंग द मसून सेशन द राज्यसभा अप्रूव्ड द प्रिवेंशन ऑफ इंसल्ट टू नेशनल ऑनर अमेंडमेंट बिल 2026 जो वो गैप फिल करता है। क्योंकि जो वंदे मातरम है इट इज़ नॉट नेशनल एंथम। इट माइट बी नेशनल सॉन्ग बट इट इज़ नॉट नेशनल एंथम। तो वो नेशनल एंथम नहीं है तो वो नेशनल सिंबल की कैटेगरी में नहीं जाएगा। एंड सिंस इट इज़ नॉट सिंबल तो उसको रिस्पेक्ट करना फंडामेंटल ड्यूटी में फॉल नहीं करेगा। मतलब आर्टिकल 51 ए में फॉल नहीं करेगा। तो ये गैप था। उसी गैप को कवर अप करने के लिए एक अमेंडमेंट बिल आया जिसको हमने बोला

1:09:16 प्रिवेंशन ऑफ इंसल्ट्स टू नेशनल ऑनर अमेंडमेंट बिल 2026। एम दैट क्रिमिनलाइजिंग एनी ऑब्स्ट्रक्शन ऑफ़ और डिसरेस्पेक्ट टुवर्ड्स द नेशनल सॉन्ग वंदे मातरम। इन इफेक्ट द अमेंडमेंट सीक्स टू प्लेस द नेशनल सॉन्ग अलोंग साइड द फ्लैग द कॉन्स्टिट्यूशन एंड द एंथम विद इन द 1971 एक्ट्स प्रोटेक्टिव अंब्रेला। अब प्रोसीजरल स्टेटस क्या है? ए बिल बिकम्स एन एक्ट ओनली आफ्टर पैसेज बाय बोथ हाउसेस एंड प्रेसिडेंशियल एसेंट आर्टिकल ट्रिपल वन। ट्रैक द लोकसभा स्टेज एंड एसेंट बिफोर राइटिंग लॉ इन एन आंसर एज़ ऑफ़ एंड जुलाई रिपोर्ट इज़ एज़ क्लियर्ड इट एज़ क्लियर्ड बाय द राज्यसभा। नाउ एक्सटेंड्स पीनल प्रोटेक्शन टू वंदे मातरम ऑब्स्ट्रक्शन और डिसरिस्पेक्ट बिकम्स पनिशेबल ऑफेंस सिंबॉलिक वेट पार्लियामेंट एलिवेट्स द

1:10:01 सॉन्ग्स लीगल स्टेटस क्लोज़र टू इक्वल ओनर प्रॉमिस्ड इन 1950 नाउ अब इसके ऊपर आपका प्रैक्टिकल क्वेश्चन क्या आएगा? व्हाट काउंट्स एज़ डिसरिस्पेक्ट डज़ रिफ्यूज़ टू सिंग अमाउंट टू इट? आंसर इज़ नो। कोर्ट्स मे सून हैव अ ड्रा दीज़ लाइन। राइट? इसके साथ आपको याद रखना है। विजय इमैनुअल का केस। राइट? चलो अब आगे बढ़ते हैं। नाउ व्हाई इट मैटर्स पेट्रियोटिज्म, कंपल्शन एंड फ्री स्पीच? द कॉन्स्टिट्यूशनल क्वेश्चन आर्टिकल 19 क्लॉज़ वन ए प्रोटेक्ट्स एक्सप्रेशन इंक्लूडिंग कोर्ट्स हैव हेल्ड द राइट टू रिमेन साइलेंट। वेयर इज़ पीनलाइजिंग डिसरिस्पेक्ट

1:10:48 सेट अगेंस्ट दैट। आर्टिकल 51 ए सबक्लॉज़ ए मेक्स रेस्पेक्टिंग नेशनल सिंबल्स अ फंडामेंटल ड्यूटी बट ड्यूटीज़ आर नॉट डायरेक्टली एनफोर्सबल स्टट्यूट्स लाइक दिस वन ऑप ऑपरेशनलाइज़ देम राइट ऑपरेशनलाइज़ देम डिस्टिंशंस दैट विन मार्क्स एंथम वर्सेस सॉन्ग द कॉन्स्टिट्यूशन आर्टिकल 51 ए नेम्स द फ्लैग एंड द एंथम वंदे मातरम स्टेटस फ्लोज़ फ्रॉम 1950 डिक्लेरेशन एंड नाउ पोटेंशियली स्टट्यूट अभी बना नहीं है अभी पास नहीं हुआ है इट विल विल बी पास्ड अभी जब प्रेसिडेंशियल एसेंट मिल जाएगा। ठीक है? बिल वर्सेस एक्ट क्लियर बाय वन हाउस इन इज़ नॉट लॉ प्रसीज़ ऑन लेजिसलेटिव प्रोसीजर सेपरेट स्टॉपर्स फ्रॉम द प्रिस्ट। ठीक है? नाउ क्लाड एंगल इन नियर

1:11:35 सर्टेन पैसेज थीम फ्री स्पीच वर्सेस रीज़नेबल रेस्ट्रिक्शन बिज इमैनुअल्स कंटिन्यूइंग रेलेवेंस फंडामेंटल ड्यूटीज़ एंड सिनेरियो क्वेश्चंस ऑन व्हाट डिसरिस्पेक्ट टू ए नेशनल सिंबल मीन्स इन लॉ। राइट? आई होप दिस इज़ क्लियर। राइट? अब फटाफट से देख लो हमने क्या-क्या पढ़ा है। सबसे पहले इफ आई टॉक अबाउट वन शक्ति वाला एक हमने इंपॉर्टेंट एस्पेक्ट पढ़ा था। राइट? पोस्ट फैक्टो ईसीज बार मतलब एनवायरमेंटल क्लीयरेंसेस एनवायरमेंटल क्लीयरेंसेस जो हैं वो बाहर कर दिए गए हैं। बाद में पहले ही आपको लेने पड़ेंगे। मैंडेटरी है। आप अपनी इंडस्ट्री इस्टैब्लिश करने के लिए कोई भी एक ब्रिक

1:12:23 भी लगा रहे हो। उससे पहले आपको एनवायरमेंटल क्लीयरेंस लेना है। दिस इज नाउ मैंडेटरी। एआई हेलसिनेशन केसेस के बारे में हमने बात करी जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने बोला कि जीरो टॉलरेंस रहेगा। ठीक है? प्रिजनर्स के बारे में हमने बात करी। अर्ली रिलीज पॉलिसी बनाएगी स्टेट गवर्नमेंट। राइट? स्टेट अर्ली रिलीज पॉलिसी बनाएगी। ठीक है? एंटी पेपर लीक अमेंडमेंट के बारे में हमने डिस्कशन किया जिसमें हार्शर पेनल्टीज दे दी गई है। बट क्या उससे पेपर लीक रुक जाएगा? क्या उससे पेपर लीक रुक जाएगा? दैट डिपेंड्स। वंदे मातरम बिल के बारे में बात डिस्कशन किया गया राज्यसभा ने। उसको पास कर दिया गया है जुलाई में। ठीक है? चलो इफ यू हैव एनी क्वेश्चन यू कैन आस्क राइट

1:13:09 नाउ। कोई भी क्वेश्चन हो तो प्लीज लेट मी नो राइट नाउ। अपनी प्रिपरेशन से रिलेटेड कोई क्वेश्चन हो तो बताइए। कुछ डाउट्स आ रहे हैं तो बताइए। हम [गला साफ़ करने की आवाज़] ठीक है? एवरीथिंग क्लियर? बेटा दो तीन टॉपिक बहुत इंपॉर्टेंट है जो आपको पढ़ने हैं। हां दो तीन टॉपिक है जो बहुत इंपॉर्टेंट है। आपको पढ़ने हैं एग्जाम पॉइंट ऑफ व्यू से। एक तो पॉक्सो एक्ट से रिलेटेड रोमियो जूलिएट क्लॉज़। राइट?

1:13:58 [गला साफ़ करने की आवाज़] एक तो हम पोक्सो एक्ट से रिलेटेड रोमियो जूलियट क्लॉज़ यू हैव टू अंडरस्टैंड वो पढ़ना बहुत जरूरी है। उसके साथ-साथ [नाक से की जाने वाली आवाज़] हम उसके साथ-साथ आपको एक लैंडमार्क जजमेंट जनवरी के मंथ में जो आया था वो पढ़ लेना बेटा में हेल्थ से रिलेटेड। ठीक है? यूथनेशिया से रिलेटेड पढ़ लेना। है ना? हां रे जलेट क्लॉज़ भी करेंगे। [गला साफ़ करने की आवाज़] ठीक है? ऑलदो मैंने कवर किया था जनवरी के मंथ के लीगल करंट अफेयर्स में बट एक बार फिर उसको रैप अप कर लेंगे थोड़े टाइम बाद। चलो थैंक यू सो मच। आई विल सी यू इन द नेक्स्ट सेशन। बाय-बाय। टेक केयर।

1:14:50 बेटा हर एक मंथ के लीगल करंट अफेयर इंपॉर्टेंट है। है ना? हर एक मंथ के लीगल करंट अफेयर इंपॉर्टेंट है। आल्सो कीप इन माइंड अगर लीगल के क्वेश्चंस कर रहे हो बिना रेफरेंस लाइन के आंसर नहीं करना है। पैसेज में जितना दिया है उसी हिसाब से आंसर करना है। अपना दिमाग नहीं लगाना है। चलो बाय-ब टेक केयर।

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