अपना Free Time बर्बाद करने के बजाए ये 7 काम करो | Warren Buffett Secret

Brief Summary

This video emphasizes the value of effectively utilizing free time to bring about significant life changes. It discusses how people often waste hours on social media and entertainment rather than investing that time in personal growth and skill development. Key takeaways include:

  • Investing time in learning new skills can lead to significant personal and professional transformation over time.
  • Prioritizing health, reading, networking, and developing communication skills can enhance one's life and career opportunities.
  • Taking action based on ideas is crucial for making meaningful changes in life.

Introduction to Time Management

The video begins by questioning the audience about their phone screen time and how much of it is spent aimlessly scrolling through social media. It highlights that the average person can waste 3 to 4 hours daily, which accumulates to nearly 1000 hours a year — time that could be used to acquire new skills or build a business. Most people don't realize this until it's too late, resulting in stagnation in their lives and careers.

Free Time Investment vs. Entertainment

The narrator explains that the difference between wealthy and poor individuals often lies not in income but in how they invest their free time. While one person may use that time for learning and growth, another might waste it on entertainment. Successful individuals, like Warren Buffett, view time as their most valuable asset; once lost, it cannot be regained. Thus, protecting and effectively utilizing free time is essential for success.

Seven Productive Ways to Use Free Time

The speaker presents seven actionable strategies to use free time productively:

  1. Learn Something New: Reflect on your career skills and ensure you're updated. Investing just 30 minutes a day into high-value skills can lead to significant improvement over time.

  2. Invest in Health: Maintaining good health is foundational to achieving larger goals in life. Regular exercise, walking, and meditation can enhance mental clarity and focus.

  3. Read Books: Reading provides insights from years of experience condensed into hours. Learning from others’ experiences can fast-track your personal growth.

  4. Create Additional Income Streams: Focusing solely on a regular salary limits growth potential. Exploring side jobs or freelance work can provide financial security and growth opportunities.

  5. Build Networks: The right connections can provide opportunities that hard work alone cannot. Surrounding yourself with people who encourage growth is crucial.

  6. Enhance Communication Skills: Strong communication can amplify your ideas and increase your opportunities significantly. Practicing speaking and writing can improve confidence and effectiveness.

  7. Practice Self-Reflection: Setting aside time for self-reflection can help you evaluate your progress and adjust your plans. Knowing yourself better leads to clearer paths to success.

Taking Action

Finally, the video stresses the importance of taking action on the ideas generated from these strategies. It suggests that many people have ideas but fail to act on them due to fear or procrastination. Successful people take small steps consistently, learning and adapting as they go along. Ultimately, the key to transforming one's life is through decisive action on well-considered ideas.

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Transcript

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0:00 क्या आपने कभी अपने फोन की स्क्रीन टाइम रिपोर्ट खोल कर देखी है? अगर देखी है तो शायद आपको अपने ऊपर हैरानी हुई होगी। रोज के 3 से 4 घंटे सिर्फ स्क्रोलिंग में बिना किसी मतलब के, बिना किसी नतीजे के, कभी Instagram रील्स, कभी YouTube शॉट्स, कभी बस यूं ही मोबाइल हाथ में लेकर टाइम पास करना। और अब जरा सोचिए यही 3 से 4 घंटे अगर आप अगले 5 साल तक सही जगह लगा दें तो आपकी जिंदगी कहां पहुंच सकती है? क्या आपने कभी यह हिसाब लगाया है कि साल भर में यह छोटे-छोटे घंटे मिलकर कितने बड़े बन जाते हैं? रोज के सिर्फ 3 घंटे। साल भर में लगभग 1000 घंटे बनते हैं और 1000 घंटे इतने [संगीत] होते हैं कि कोई भी इंसान एक नई स्किल में एक्सपर्ट बन सकता है। एक नया बिजनेस खड़ा कर सकता है या अपनी पूरी सोच

0:46 बदल सकता है। दोस्तों यही वो सवाल है जो 99% लोग कभी खुद से पूछते ही नहीं। वह हर दिन ऑफिस से थके हारे घर आते हैं। फोन उठाते हैं और अगले दो-ती घंटे कब निकल जाते हैं? उन्हें पता ही नहीं चलता। और फिर महीने के आखिर में साल के आखिर में वही एक सवाल दिमाग में घूमता है। इस साल [संगीत] भी कुछ बदला नहीं। यह वही रूटीन है, वही सैलरी, वही टेंशन, वही सवाल कि आखिर मेरी जिंदगी [संगीत] में बदलाव कब आएगा? दोस्तों अगर आप भी अपनी जिंदगी में यही महसूस कर रहे हैं तो आज का यह वीडियो आपके लिए एक वेकअप कॉल है क्योंकि सच्चाई यह है कि अमीर और गरीब इंसान में सैलरी का फर्क उतना बड़ा नहीं होता जितना उनके फ्री टाइम इस्तेमाल करने के तरीके का फर्क होता है। जरा सोचिए दो लोग एक जैसी नौकरी करते हैं। एक जैसी सैलरी पाते हैं। एक जैसे 24

1:31 [संगीत] घंटे जीते हैं। दोनों के पास बराबर समय है, बराबर मौके हैं। फिर भी 5 साल बाद एक इंसान की जिंदगी पूरी तरह बदल चुकी होती है और दूसरा इंसान वहीं का वहीं खड़ा रहता है। वजह सिर्फ एक है। एक इंसान ने अपने फ्री टाइम को इन्वेस्टमेंट की तरह देखा और दूसरे ने उसे सिर्फ टाइम पास में उड़ा दिया। वारेन बफेट जिन्हें दुनिया आज तक का सबसे समझदार निवेशक मानती है। वह हमेशा कहते हैं कि आपका सबसे बड़ा एसेट आपका पैसा नहीं आपका समय है क्योंकि पैसा वापस कमाया जा सकता है। लेकिन एक बार निकला हुआ समय कभी वापस नहीं आता। आप [संगीत] चाहे कितने भी अमीर क्यों ना हो जाए बीता हुआ एक घंटा आप कभी दोबारा नहीं खरीद सकते। यही वजह है कि दुनिया के सबसे सफल लोग अपने फ्री टाइम को सबसे ज्यादा प्रोटेक्ट करते हैं। वो जानते हैं कि उनका

2:18 फ्री टाइम ही उनका असली इन्वेस्टमेंट टूल है। अब जरा एक आम इंसान की जिंदगी को करीब से देखिए। सुबह उठना, तैयार होना, ऑफिस जाना, वहां 8 से 9 घंटे काम करना, फिर थके हारे घर वापस आना। इसके बाद जो 3 से 4 घंटे बचते हैं, वही असली गेम चेंजर होते हैं। यही वह समय है जो तय करता है कि अगले 5 साल बाद आप कहां खड़े होंगे। लेकिन ज्यादातर लोग इसी समय को सबसे लापरवाही से खर्च करते हैं। जबकि जो लोग आगे बढ़ते हैं वह इसी समय को हथियार बना लेते हैं। तो आज मैं आपको वो सात काम बताने वाला हूं जो आप अपने फ्री टाइम में करके अपनी पूरी जिंदगी की दिशा बदल सकते हैं। यह कोई कठिन काम नहीं है। कोई भारी इन्वेस्टमेंट नहीं मांगते। बस थोड़ी सी सोच बदलने की जरूरत है और वीडियो के आखिर में एक बोनस पॉइंट

3:03 भी है जो शायद सबसे ज्यादा जरूरी है क्योंकि बिना उस पर एक्शन लिए यह सारे पॉइंट्स सिर्फ नॉलेज बनकर रह जाएंगे। इसीलिए वीडियो को अंत तक जरूर देखिए। पहला काम रोज एक नई चीज सीखो वरना दुनिया आपको पीछे छोड़ देगी। जरा खुद से एक सवाल पूछिए। अगर आज आपकी मौजूदा नौकरी अचानक खत्म हो जाए तो क्या आपके पास कोई दूसरा रास्ता है? या आप सिर्फ एक ही स्किल के भरोसे पूरी जिंदगी टिके हुए हैं? दोस्तों आज की दुनिया इतनी तेजी से बदल रही है कि जो स्किल आज कीमती है हो सकता है वो वो तीन से चार साल में बेकार हो जाए। नई टेक्नोलॉजी आती है। नए टूल्स आते हैं और जो लोग खुद को अपडेट नहीं करते वो धीरे-धीरे पीछे छूट जाते हैं। इसीलिए स्मार्ट लोग अपने फ्री टाइम को एंटरटेनमेंट नहीं इन्वेस्टमेंट मानते हैं। वो जानते हैं कि आज जो वो सीखते हैं वही कल उनकी कमाई तय करेगा। अब सवाल आता है कि

3:51 सीखें क्या? आपको हर स्किल सीखने की जरूरत नहीं। बस एक हाई वैल्यू स्किल चुनिए। जैसे कम्युनिकेशन, वीडियो एडिटिंग, सेल्स, कोडिंग या फाइनेंसियल नॉलेज और रोज सिर्फ 30 मिनट उसे दीजिए। सोचिए अगर आप रोज 30 मिनट किसी स्किल पर लगाते हैं तो 1 साल में यह करीब 180 घंटे बनते हैं। इतने घंटे किसी को भी एक स्किल में एवरेज से एक्सपर्ट लेवल तक ले जा सकते हैं और अगर आप दो से तीन साल तक इसी आदत को बनाए रखें तो सोचिए आप कहां पहुंच सकते हैं। आज इंटरनेट ने सीखना इतना आसान बना दिया है कि बहाना बनाना बहुत मुश्किल हो गया है। YouTube पर फ्री कोर्स, फ्री ट्यूटोरियल, फ्री गाइड सब कुछ मौजूद है। बस समस्या यह है कि ज्यादातर लोग यह सब देखने के बजाय एंटरटेनमेंट कंटेंट में उलझे रहते हैं। जरा सोचिए दो दोस्त एक ही कंपनी में नौकरी

4:37 करते हैं। एक अपने फ्री टाइम में हर दिन एक नई स्किल पर काम करता है। दूसरा अपना पूरा समय रील्स और गेमिंग में बिता देता है। 2 साल बाद पहला दोस्त उसी स्किल की वजह से एक बेहतर पोजीशन या फ्रीलांस इनकम हासिल कर लेता है। जबकि दूसरा वहीं अटका रहता है। जहां से शुरू हुआ था और याद रखिए जितना आप सीखते हैं उतना ही आप [संगीत] कमाते हैं। ये कोई मोटिवेशनल लाइन नहीं, ये सीधा फाइनेंसियल फार्मूला है। जो लोग सीखने में पैसा और समय लगाते हैं वो [संगीत] आगे चलकर कई गुना ज्यादा कमाते हैं और जो लोग सीखना बंद कर देते हैं वो अपनी जगह पर ठहर जाते हैं। जबकि बाकी दुनिया आगे निकल जाती है। दूसरा काम अपनी सेहत में इन्वेस्ट करो क्योंकि टूटा हुआ शरीर बड़े सपने नहीं संभाल सकता। दोस्तों जरा सोचिए अगर आपके पास करोड़ों रुपए आ जाए लेकिन आपकी बॉडी साथ ना दे तो उस पैसे

5:23 का क्या फायदा? क्या आप उस जिंदगी को एंजॉय कर पाएंगे जिसके लिए आपने इतनी मेहनत की? हेल्थ इज वेल्थ। यह लाइन सुनने में पुरानी लगती है। लेकिन यही सबसे बड़ा सच है। ज्यादातर लोग कहते हैं टाइम नहीं मिलता लेकिन वही लोग रोज दो-ती घंटे रील्स देखने के लिए टाइम निकाल लेते हैं। फर्क टाइम का नहीं प्रायोरिटी का है। आपको जिम जाकर घंटों पसीना बहाने की जरूरत नहीं। सिर्फ 20 से 25 मिनट की वॉक, हल्की स्ट्रेचिंग या योगा भी आपकी बॉडी और माइंड दोनों को एक्टिव रखने के लिए काफी है। साथ में अगर आप 10 मिनट का मेडिटेशन भी जोड़ लें तो आपका दिमाग पूरे दिन ज्यादा शांत और फोकस्ड रहता है। यहां एक इंटरेस्टिंग कांसेप्ट [संगीत] समझिए एंटीफ्रजाइल। इसका मतलब है कुछ चीजें प्रेशर में टूट जाती हैं और कुछ चीजें प्रेशर में और मजबूत बन जाती हैं। आपकी बॉडी भी एंटीफ्रजाइल है।

6:09 जब आप एक्सरसाइज करते हैं शुरुआत में थकान होती है। लेकिन धीरे-धीरे वही बॉडी स्ट्रांग बनने लगती है। स्टैमिना बढ़ता है। इम्यूनिटी मजबूत होती है। क्योंकि जब आपकी बॉडी हेल्दी रहती है, आपका फोकस बढ़ता है। आपकी एनर्जी बढ़ती है और यही एनर्जी आपको बाकी सारे काम बेहतर तरीके से करने की ताकत देती है। सोचिए अगर आप थके हारे और सुस्त हो तो चाहे आपके पास कितना भी बड़ा प्लान क्यों ना हो आप उसे [संगीत] पूरी ताकत से नहीं कर पाएंगे। एक कमजोर शरीर आपकी सबसे बड़ी योजनाओं को भी बीच रास्ते में रोक सकता है। यह ऐसा इन्वेस्टमेंट है जिसका रिटर्न आपको जिंदगी भर मिलता रहेगा। वारेन बफेट खुद भी अपनी हेल्थ को एक प्रायोरिटी मानते हैं क्योंकि वह जानते हैं ना कि बिना हेल्दी बॉडी और क्लियर माइंड के कोई भी बड़ा फैसला सही तरीके से नहीं लिया जा सकता। इंडिया में

6:55 सिर्फ 30% लोग ही अपनी हेल्थ को सीरियसली लेते हैं। बाकी 70% टाइम नहीं मिलता कहकर टाल [संगीत] देते हैं। जबकि यही लोग हर दिन घंटों मोबाइल पर बिता देते हैं। तीसरा काम किताबें पढ़ो क्योंकि यह सालों का एक्सपीरियंस कुछ घंटों में देती [संगीत] हैं दोस्तों। अगर आपको किसी सफल इंसान की सालों की मेहनत, उसकी गलतियां और उसकी सीख कुछ ही घंटों में मिल जाए तो क्या आप वह मौका छोड़ेंगे? शायद नहीं। यही ताकत होती है एक अच्छी किताब की। दुनिया के ज्यादातर सफल लोग इसलिए आगे नहीं बढ़े क्योंकि उन्होंने सब कुछ खुद से खोजा बल्कि इसलिए क्योंकि उन्होंने उन लोगों से सीखा जो उनसे पहले उस [संगीत] रास्ते पर चल चुके थे। वारेन बफेट खुद कहते हैं कि वो हर दिन अपना ज्यादातर समय पढ़ने में बिताते हैं क्योंकि नॉलेज एक ऐसा कंपाउंड इंटरेस्ट है [संगीत] जो कभी रुकता नहीं। वो खुद अपनी सफलता का बड़ा क्रेडिट बेंजामिन ग्राहम की

7:42 किताब को देते हैं जिससे उन्होंने इन्वेस्टिंग के ज्यादातर प्रिंसिपल्स सीखे। आपको महीने में पांच किताबें पढ़ने की जरूरत नहीं। बस रोज 15 से 20 मिनट किसी अच्छी फाइनेंस माइंडसेट या सेल्फ ग्रोथ किताब को दीजिए। यह छोटी सी आदत धीरे-धीरे आपकी सोचने की क्षमता [संगीत] को पूरी तरह बदल देगी। क्योंकि जब आप पढ़ते हैं, आप सिर्फ शब्द नहीं पढ़ रहे होते, आप किसी और की पूरी जिंदगी का सार कुछ पन्नों में समझ रहे होते हैं। कुछ 100 से ₹200 की एक किताब आपको करोड़ों की सोच दे सकती है। बस फर्क इतना है कि आप उसे पढ़ते हैं या नहीं? जो लोग किताबों से सीखते हैं उन्हें हर गलती खुद करके सीखने की जरूरत नहीं पड़ती। वह दूसरों की गलतियों से ही आगे निकल जाते हैं। और अगर आपको लगता है कि किताब पढ़ने का टाइम नहीं मिलता तो सोचिए आप रोज जितना समय शॉट्स स्क्रॉल करने में

8:28 बिताते हैं अगर उसका सिर्फ 15 मिनट भी पढ़ाई में लगा दें तो साल भर में आप 8 से 10 किताबें आराम से पूरी कर सकते हैं। चौथा काम एक्स्ट्रा इनकम का रास्ता बनाओ। वरना जिंदगी हमेशा समझौता करवाएगी। ईमानदारी से सोचिए। क्या पूरी जिंदगी सिर्फ एक सैलरी के भरोसे जीना चाहते हैं? सुबह उठो, ऑफिस जाओ, 9 से 10 घंटे काम करो और अगले दिन फिर वही रूटीन दोहराओ। क्या यही आपकी जिंदगी का फाइनल प्लान है? अगर जवाब नहीं है तो आपको अपने फ्री टाइम का इस्तेमाल सिर्फ [संगीत] आराम में नहीं एक साइड इनकम बनाने में करना होगा। आज इंटरनेट के जमाने में एक्स्ट्रा इनकम बनाना पहले से कहीं ज्यादा आसान है। आपके पास सिर्फ एक स्मार्टफोन और थोड़ा सा फ्री टाइम चाहिए। कोई फ्रीलांसिंग स्किल सीखिए। कोई छोटी ऑनलाइन सर्विस शुरू कीजिए या कंटेंट क्रिएशन में हाथ आजमाइए। वारेन

9:14 बफेट खुद कहते हैं कि अगर आप सोते समय पैसा कमाना नहीं सीखते तो आपको जिंदगी भर काम करना पड़ेगा। शुरुआत में रिजल्ट धीमा दिखेगा। शायद पहले कुछ महीनों में कुछ खास ना हो। लोग मजाक भी उड़ा सकते हैं। परिवार शायद सपोर्ट भी ना करें। लेकिन यही वो फेज है जहां ज्यादातर लोग हार मान लेते हैं। जो लोग टिके रहते हैं वही आगे चलकर देखते हैं कि यही छोटी सी साइड इनकम उनकी मेन इनकम से भी बड़ी बन गई। याद रखिए एक इनकम सोर्स होना खतरनाक है क्योंकि अगर वो एक सोर्स बंद हो गया तो आपके पास कोई बैकअप नहीं बचता। लेकिन अगर आपके पास दो-तीन इनकम सोर्स हैं तो एक के रुकने पर भी आपकी जिंदगी नहीं रुकती। सोचिए अगर आप महीने के 3000 से 4000 भी एक्स्ट्रा कमाना शुरू कर दें तो साल भर में यह 400 से 500 तक बन

10:00 जाता है। सिर्फ अपने फ्री टाइम के सही इस्तेमाल से। पांचवा काम सही लोगों के साथ नेटवर्क बनाओ। दोस्तों जरा सोचिए आपकी जिंदगी के जितने भी बड़े मौके आए क्या वो सिर्फ आपकी मेहनत से आए या किसी सही इंसान सही कनेक्शन की वजह से भी आए। सच यह है कि सिर्फ मेहनत काफी नहीं होती। आपके आसपास कौन लोग हैं यह भी उतना ही मायने रखता है। दुनिया [संगीत] के सबसे सफल लोगों को देख लीजिए। चाहे वो वारेन बफेट हो या कोई बड़ा एंटरप्रेन्योर। उनकी एक चीज कॉमन होती है। उनका नेटवर्क ऐसे लोग जिनसे वह सीखते हैं जिनसे नए आइडियाज लेते हैं। एक बहुत मशहूर लाइन है। आप उन पांच लोगों का एवरेज बन जाते हैं जिनके साथ आप सबसे ज्यादा समय बिताते हैं। अगर आपका पूरा फ्री टाइम अकेले स्क्रॉल करने में या ऐसे लोगों के साथ बीत रहा है जिनकी खुद कोई ग्रोथ माइंडसेट नहीं है तो धीरे-धीरे आपकी सोच

10:46 भी वहीं सीमित हो जाती है। इसीलिए अपने फ्री टाइम का थोड़ा हिस्सा ऐसे लोगों के साथ बिताइए [संगीत] जो आपसे आगे हैं। जो सीखने और बढ़ने में विश्वास रखते हैं। आज के डिजिटल जमाने में नेटवर्क बनाना पहले से कहीं ज्यादा आसान है। आप [संगीत] Lindin जैसे प्लेटफार्म पर लोगों से कनेक्ट कर सकते हैं। ऑनलाइन कम्युनिटीज ज्वाइन कर सकते हैं। सेमिनार्स या वर्कशॉप्स अटेंड कर सकते हैं। शुरुआत में यह थोड़ा अनकंफर्टेबल लग सकता है। लेकिन यही डिस्कंफर्ट आपको ग्रो कराता है। क्योंकि सही लोग सिर्फ आपकी बातचीत नहीं बदलते। वह आपकी पूरी जिंदगी की दिशा बदल सकते हैं। कई बार एक सही व्यक्ति से मिली एक सलाह आपको महीनों की मेहनत से भी ज्यादा आगे पहुंचा देती [संगीत] है। छठा काम। अपनी बात कहना सीखो। कम्युनिकेशन को मजबूत बनाओ। दोस्तों आपके पास चाहे कितना भी अच्छा आईडिया हो अगर आप उसे सही तरीके

11:32 से लोगों तक नहीं पहुंचा पाते तो उसकी वैल्यू आधी रह जाती है। बहुत सारे टैलेंटेड लोग सिर्फ इसलिए पीछे रह जाते हैं क्योंकि वह अपनी बात असरदार तरीके से नहीं रख पाते। जबकि एवरेज नॉलेज वाले लोग जिनकी कम्युनिकेशन स्ट्रांग होती है, वह ज्यादा मौके पा लेते हैं। चाहे [संगीत] वह जॉब हो, बिजनेस हो या पर्सनल लाइफ। अपने फ्री टाइम में अपनी सोच को लिखने की आदत डालिए। खुद को बोलकर रिकॉर्ड कीजिए और सुनिए। या छोटे-छोटे विषयों पर बोलने की प्रैक्टिस कीजिए। यह छोटी सी आदत धीरे-धीरे आपके अंदर एक कॉन्फिडेंस भर देगी जो मीटिंग में, इंटरव्यू में और हर जगह आपको बाकी लोगों से अलग खड़ा करेगी। वारेन फेट ने भी कहा है कि अगर आप अपनी कम्युनिकेशन स्किल्स को इंप्रूव कर लेते हैं तो आपकी वैल्यू कम से कम 50% तक बढ़ सकती है। यानी यह सिर्फ एक स्किल नहीं एक

12:17 मल्टीप्लायर है जो आपकी हर दूसरी स्किल की वैल्यू को बढ़ा [संगीत] देता है और अगर आप YouTube या किसी भी कंटेंट प्लेटफार्म पर काम करना चाहते हैं तो यह स्किल आपके लिए गेम चेंजर साबित हो सकती है। क्योंकि वहां सिर्फ वही लोग आगे बढ़ते हैं जो अपनी बात लोगों के दिल तक पहुंचा पाते हैं। सातवां काम खुद से सवाल पूछो। सेल्फ रिफ्लेक्शन की आदत डालो दोस्तों। हम में से ज्यादातर लोग दिन भर बिजी तो रहते हैं लेकिन प्रोडक्टिव नहीं। हम भागते तो हैं लेकिन यह नहीं पता होता कि आखिर जा कहां रहे हैं। यही सबसे बड़ी गलती है। बिना सोचे समझे बस चलते जाना और इसी गलती को ठीक करता है सेल्फ रिफ्लेक्शन। हफ्ते में सिर्फ एक बार 10 से 15 मिनट निकाल कर मोबाइल साइड में रखिए और खुद से पूछिए इस हफ्ते मैंने क्या अच्छा किया। कहां गलती हुई और मैं अगले हफ्ते क्या बेहतर कर सकता

13:03 हूं। दुनिया के सबसे सफल लोगों में एक चीज कॉमन होती है। वह सिर्फ काम नहीं करते बल्कि समय-समय पर रुककर खुद को एनालाइज भी करते हैं। यह छोटा सा सवाल आपको धीरे-धीरे साफ दिशा देने लगता है और आपको भीड़ के साथ बहने से बचाता है। जब आप चीजों को लिखते हैं तो वो आपके दिमाग में और ज्यादा क्लियर हो जाती हैं। आपको अपने पैटर्न्स दिखने लगते हैं। आपकी [संगीत] स्ट्रेंथ्स, आपकी वीकनेसेस, सब कुछ और सबसे जरूरी बात सेल्फ रिफ्लेक्शन आपको खुद से कनेक्ट करता है। इस दुनिया में हर कोई आपको कुछ ना कुछ सलाह देगा। हर कोई आपको अलग रास्ते दिखाएगा। लेकिन जब तक आप खुद को नहीं समझते तब तक आप किसी भी रास्ते पर सही तरीके से नहीं चल सकते। सिर्फ सोचो मत। एक्शन लो दोस्तों। आइडियाज तो हर किसी के पास होते हैं। रात को सोने से पहले नहाते

13:50 वक्त अकेले बैठे हुए। दिमाग में अक्सर एक चमकदार सा आईडिया आता है यार अगर मैंने यह कर लिया ना तो मेरी जिंदगी बदल सकती है। उस पल में वह आईडिया बहुत रियल और एक्साइटिंग लगता है। लेकिन अगली सुबह वही आईडिया कहीं खो जाता है और आप फिर से अपनी पुरानी रूटीन में लग जाते हैं। सच यही है कि आइडियाज तो हर किसी के पास होते हैं लेकिन उन्हें एक्शन में बदलने की हिम्मत बहुत कम लोगों में होती है और [संगीत] यही फर्क बनाता है आपको भीड़ से अलग। वारेन बफेट की सक्सेस सिर्फ अच्छे आइडियाज की वजह से नहीं बल्कि उन आइडियाज पर सही समय पर एक्शन लेने की वजह से है। जब वह सिर्फ 11 साल के थे तब उन्होंने अपना पहला स्टॉक खरीदा था। सोचिए उस उम्र में ज्यादातर बच्चे खेलते हैं। लेकिन उन्होंने अपने इन्वेस्टमेंट के आईडिया पर एक्शन लिया। बचपन में वह डोर टू डोर जाकर कोका कोला बॉटल्स बेचते थे। न्यूज़पेपर्स

14:36 डिस्ट्रीब्यूट करते थे और हर छोटे मौके को पैसे कमाने और सीखने के एक्सपीरियंस में बदलते थे। उन्होंने कभी यह नहीं सोचा कि [संगीत] मैं अभी छोटा हूं या यह सही टाइम नहीं है। यह सब छोटे-छोटे एकशंस ही आगे चलकर उनकी बड़ी सक्सेस की फाउंडेशन बने। आपका फ्री टाइम भी बिल्कुल ऐसा ही एक मौका है। मान लीजिए आपके मन में कभी यह ख्याल आया हो कि मुझे YouTube चैनल शुरू करना चाहिए या मैं ब्लॉगिंग कर सकता हूं या मुझे कोई नई स्किल सीखकर कुछ करना चाहिए। फर्क सिर्फ इतना है कि आप उस आईडिया को कितनी जल्दी एक्शन में बदलते हैं। शुरुआत हमेशा इमपरफेक्ट होती है। पहली वीडियो परफेक्ट नहीं होगी। पहला ब्लॉग बहुत अच्छा नहीं होगा और शुरुआत में कॉन्फिडेंस भी कम होगा। लेकिन यही छोटे-छोटे कदम धीरे-धीरे आपको आगे बढ़ाते हैं। अक्सर लोग एक्शन इसलिए नहीं लेते क्योंकि उन्हें डर लगता

15:21 है। फेलियर का डर, लोगों की सोच का डर। या यह सोच कि अभी सही समय नहीं है, लेकिन सच्चाई यह है कि कोई भी परफेक्ट टाइम नहीं होता। वारेन बफेट ने भी परफेक्ट मोमेंट का इंतजार नहीं किया। उन्होंने बस शुरुआत की और जैसे-जैसे वह एक्शन लेते गए, उन्हें क्लेरिटी भी मिलती गई और कॉन्फिडेंस भी। याद रखिए आपका हर छोटा एक्शन आपको उस जिंदगी के करीब ले जाता है जो आप चाहते हैं। दोस्तों अगर आज की यह वीडियो आपको सच में वैल्यू देने वाली लगी हो तो इसे लाइक जरूर कीजिए और अपने उस दोस्त को भेजिए जिसे इस वक्त इन बातों की सबसे ज्यादा जरूरत है। अगर आप ऐसी ही फाइनेंशियल और माइंडसेट से जुड़ी वीडियोस हर रोज सबसे पहले देखना चाहते हैं तो चैनल को सब्सक्राइब कर लीजिए और बेल आइकन दबाना मत भूलिए। कमेंट में जरूर बताइए कि इन सात

16:08 कामों में से कौन सा काम आप आज से शुरू करने वाले हैं। मैं आपके कमेंट्स जरूर पढूंगा। दोस्तों, अब जरा एक पल के लिए रुक कर सोचिए। आपका आज का फ्री टाइम कल आपकी जिंदगी बना भी सकता है और बिगाड़ भी सकता है। फैसला आपके हाथ में है। अगर आपने इन सात कामों में से सिर्फ दो-तीन को भी आज से अपनी जिंदगी में शामिल करना शुरू कर दिया तो अगले 1 साल बाद आप खुद अपने ऊपर हैरान होंगे। तो आज ही तय कीजिए अपने फ्री टाइम को बर्बाद करना है या उससे अपनी पूरी जिंदगी बनानी है क्योंकि अंत में फर्क आइडियाज से नहीं पड़ता। फर्क पड़ता है उस एक्शन से जो आप उन आइडियाज पर लेते

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