0:12 जय हि दोस्तों मैं नवीन शर्मा आप सभी का स्वागत करता हूं आशा करता हूं आप सब एकदम अच्छे हैं एकदम बेहतरीन हैं उम्मीद करेंगे शानदार जबरदस्त जिंदाबाद होंगे लेकिन मैं बहुत बेहतरीन नहीं हूं आप सबके थोड़े से सहयोग कोऑपरेशन की आवश्यकता होगी दोस्त कि आप आज की कक्षा में अगर मतलब थोड़ा बहुत मुझसे कुछ गलतियां होती हैं तो उन्हें माफ करेंगे गलतिया किस तरह की हो सकती हैं कि बीच में मैं माइक बंद करने की कोशिश करूंगा छींक आ सकती है ठीक है क्योंकि और मतलब इस तरह की कोई भी गतिविधि होती है तो उसके लिए मतलब मैं पहले ही माफी मांग लेता हूं ताकि मुझे बारबार ना सॉरी बोलना पड़े आपसे क्लास में और आप डिस्टर्ब ना हो ठीक है आवाज साफ आ रही है मेरी एक बार बताएंगे आवाज मेरी साफ है क्या दोस्तों एक बार
0:58 बताएंगे बड़े ध्यान से ठीक है बहुत बढ़िया अभिषेक जी नीलम नमन मोनू रोहन मेघराज राहुल एसएससी जख्मी याशिका सिखा सीतू नितीश सारे दोस्तों का बहुत सारा स्वागत है आज की क्लास में दोस्त हम पढ़ने वाले हैं अगस्त ऑफर को क्रिप्स मिशन को सी राज गोपालाचार्य फार्मूला और सी राजगोपालाचारी फार्मूला के साथ में ही जो देसाई लियाकत यहां पर वार्ता हुई थी देसाई लियाकत फार्मूला भी जिसको कहा जाता है और वेवेल प्लान को ये सब क्या था दरअसल में हम जान रहे हैं भारत का संवैधानिक विकास यानी कॉन्स्टिट्यूशन डेवलपमेंट ऑफ इंडिया कि भारत के संविधान का विकास किस तरह से हुआ उसका क्रम क्या है उसी क्रम में इन सब
1:46 चीजों को जानना जरूरी है बहुत बार हम इसको हिस्ट्री में पढ़ रहे होते हैं लेकिन दरअसल में हमको पढ़ना चाहिए कहां पर पॉलिटी में अच्छा मैं आपसे य बोलूं कल के एक क्वेश्चन आपसे पूछ लेते हैं अ मुझे आप बताइए वह कौन सा वायसराय था जिसने भारतीयों से पूछे बगैर यह अनाउंस कर दिया था कि सेकंड वर्ल्ड वॉर में इंडियंस हमारे साथ में है किसने ऐसी हिमाकत कर दी थी बताएंगे मतलब इंडियन से पूछा तक नहीं पूछा तक नहीं आप सबको पता है डेट क्या थी आपका 3 सितंबर 1939 नोट करेंगे 3 सितंबर 1939 ड ऑफ सितंबर 1939 कौन था भारत में मैंने आपको बताया था
2:31 1936 से 43 तक लिलिथ गो था और यह लिलिथ गो बोल देता है क्या बोल देता है कि सेकंड वर्ल्ड वॉर में सेकंड वर्ल्ड वॉर में भारतीय हमारे साथ है इंडियंस विद अस इंडियंस विद अस य इसने बोल दिया क्या चल रहा था सेकंड वर्ल्ड वॉर चल रहा था अब समझना तो जो सेकंड वर्ल्ड वॉर चल रहा था वो कब से कब तक चला था आप कहेंगे भैया सेकंड वर्ल्ड वॉर जो चला था हमारा वह चला था हमारा 1939 से 1945 तक इन सभी घटनाओं को ध्यान में रखना आज ही जरूरत पड़ेगी क्लास में अब हो
3:19 क्या रहा था सेकंड वर्ल्ड वॉर में दो तरह के देश थे एक तो थे मित्र राष्ट्र मित्र राष्ट्र ठीक है एक तो मित्र राष्ट्र थे आपका ठीक है और दूसरे थे धुरी राष्ट्र मित्र राष्ट्र का मतलब था एलाइड पावर्स हमको इस पर गौर देना है थोड़ा इसको ध्यान रखना है एलाइड पावर्स में वो सभी देश थे जो किसके साथ थे ब्रिटेन के साथ में थे ब्रिटेन के साथ में और कौन-कौन से देश थे मुख्यत देखेंगे इसमें बाद में रूस शामिल हुआ और ये भी एक कारण रहेगा कि भारत की कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया जो थी सीपीआई ने वो आपका सीपीआई ने किसको सपोर्ट किया था सीपीआई ने सपोर्ट किया था ब्रिटेन
4:05 को भारत में सीपीआई ने इसको सपोर्ट किया था वो मैं आगे बोलूंगा आपसे और धुरी राष्ट्र में कौन था आपका जर्मनी और उसके सहयोगी देश तो हमको फोकस करना है एलाइड पावर्स पर और एलाइड पावर्स में याद रख लेना कि जब यह शुरुआत में वर्ल्ड वॉर शुरू हुआ था तो ब्रिटेन का एक पीएम था चेंबर लेन उसकी भी हमको आवश्यकता होगी ब्रिटेन का पीएम कौन था ब्रिटेन का पीएम ऐसे बोल सकते हैं आप 1937 से 40 तक था चेंबन कौन था ब्रिटिश पीएम चेंबन समझेंगे बात को समझे तो जो यह चेंबर लेन था यह युद्ध को हार रहा था यानी शुरुआती
4:52 दौर में आप देखोगे चर्चिल की वजह से ब्रिटेन जीत पाया चर्चिल की पॉलिसीज की वजह से जब चेंबन हार जाएगा और चेंबन के बाद में चेंबन के बाद में जो सरकार आएगी वह आएगी 1940 से 45 तक यहां पर जो ब्रिटिश पीएम होगा वह होगा आपका विंस्टन चर्चिल विंस्टन चर्चिल इसको भी ध्यान में रखना है इसका माइंड सेट भी समझेंगे तब आप समझ पाओगे बहुत जबरदस्त और बहुत इंटरेस्टिंग क्लास है आप सब लोगों के समझने के लिए एग्जाम के दृष्टिकोण से बहुत इंपॉर्टेंट है तो मित्र राष्ट्र क्या थे शुरुआती दौर में रहे थे आप सब लोगों को पता होगा जापान कितने जबरदस्त तरीके से लड़ रहा था शुरू में अच्छा जापान को भारत की तरफ से कौन सी
5:37 आर्मी थी जो सपोर्ट कर रही थी तो सुभाष चंद्र बोस की लीडरशिप वाली जो आजाद हिंद फौज थी आजाद हिंद फौज किसके समर्थन में थी जापान के क्या आप इस बात को जानते हैं हां या ना आप कहेंगे जी भैया हम जानते हैं आजाद हिंद फौज ब्रिटिश सरकार के खिलाफ थी और जापान के साथ में थी अब यह जो जापान आप देखोगे धीरे-धीरे धीरे-धीरे जापान की स्थिति बहुत मजबूत हो रही थी इस साउथ साउथ एशिया में यानी जो आपका आजाद हिंद फौज है वह धीरे-धीरे भारत की तरफ बढ़ रही थी इधर इंडोनेशिया मलेशिया ठीक है इधर ममर वाला जो क्षेत्र रंगून यह सब धीरे-धीरे किसके कब्जे में आता जा रहा था जापान के यानी कि ब्रिटेन कमजोर होता जा रहा था क्योंकि
6:24 सुभाष चंद्र बोस जी का मकसद भी यही था कि हमें कैसे भी करके क्या करना है ब्रिटेन को कमजोर करना है और अगर ब्रिटन ब्रिटेन कमजोर होगा तो भारत की जो इंडिपेंडेंस है जो स्वतंत्रता है उसके दरवाजे खुलेंगे तो जापान युद्ध जीत रहा था इतनी बात समझ चुके थम्स अप करके बताए जी भैया जापान की स्थिति बहुत मजबूत थी अब जब जापान की स्थिति मजबूत थी इन लोगों को यह पता नहीं था कि भाई यह जो भारत के लोग हैं कल को आजाद हिंद फौज यहां पहुंच गई य मान के चलिए कल को इन भारत के लोगों ने उल्टा इंडियन नेशनल आर्मी अर्थात आजाद हिंद फौज को ही सपोर्ट कर दिया तो हम तो और भी कमजोर हो जाएंगे और भी कमजोर हो जाएंगे तो जो चर्चिल था इस टाइम पे मतलब दो पीएम थे ये पहले चेंबन चेंबर निल कमजोर था आगे
7:11 चर्चिल ने मजबूती दी थी इस वॉर को तो चर्चिल तो चाह रहा था कि जो वॉर का खर्चा है वह इंडिया से ही निकले तो यहां से अब तो और जबरदस्त तरीके से जो पैसा यह निकाल सकते थे उसको निकाल रहे थे यहां से अब यहां समझना ब्रिटेन था इसके पक्ष में यूएसए था तो ऐसे में इनके ऊपर जब एक प्रेशर आया जब एक प्रेशर इनके ऊपर आता है उस प्रेशर में क्या बोलते हैं किर इंडियंस को कैसे भी करके जो है ना अपने पक्ष में लेकर आओ और इंडियंस को अपने पक्ष में लाने के लिए ही आया आपका क्या अगस्त ऑफर यानी अगस्त प्रस्ताव नोट करिए समझ गए अगस्त प्रस्ताव का क्या बैकग्राउंड है हां या ना अगस्त ऑफर अच्छा भैया अब हम समझ गए कि
7:58 यह लोग डर रहे थे क्योंकि सेकंड वर्ल्ड वॉर में ब्रिटेन की स्थिति जापान के कंपैरिजन में बहुत जापान की तुलना में बहुत कमजोर होती जा रही थी और जापान एक शक्ति बनक उभर रहा था जापान और जर्मनी सहयोगी हैं वह एक पक्ष में थे ठीक है यानी जापान की स्थिति मजबूत हो रही है तो जर्मनी की स्थिति भी मजबूत हो रही है ब्रिटेन हार रहा है इसका मतलब अमेरिका की स्थिति भी कमजोर हो रही है क्योंकि वह एक पक्ष में है तो ये अगस्त ऑफर में भारतीयों को देखो किस तरह से बहका का प्रयास करेंगे अगस्त ऑफर याद रख लेना 8 अगस्त 1940 को पेश हुआ था कब 8 अगस्त 1940 को इसको पेस किया
8:45 गया क्या बोलेंगे इंट्रोड्यूस्ड एट 8 ऑफ अगस्त 1940 मैंने कल एक छोटी सी घटना आपको बताई थी कि जब गो ने यह बोल दिया कि सेकंड वर्ल्ड वॉर में भारतीय हमारे साथ है क्या भारतीयों से डिस्कस किया आप कहेंगे नहीं किया डिस्कस तो भारत में जो कांग्रेस थी उसने रिजाइन कर दिया था यस और नो आप कहेंगे हां भैया अच्छा एक क्वेश्चन पूछ लेते हैं तब ज्यादा क्लियर होगा कल की क्लास में मैंने आपको बताया था 1937 के जो प्रांतीय चुनाव हुए थे जो प्रोविंशियल इलेक्शंस हुए थे उसमें मेजॉरिटी वाली जो सरकार थी कितने प्रांतों में पूर्ण बहुमत वाली सरकार थी यूं तो आपको पता है कि आठ
9:30 प्रांतों में सरकार थी लेकिन पूर्ण बहुमत वाली सरकार कितने में थी तो पूर्ण बहुमत था पांच में अगर आप इसका आंसर दे देंगे तो मैं समझ जाऊंगा आपका कल की क्लास क्लियर है री गुड तो जो कांग्रेस थी उसने रिजाइन कर दिया था कांग्रेस कह रही थी कि भाई क्या फायदा हुआ ऐसे चुनावों का जब तुम हम लोगों से पूछ ही नहीं रहे हो किसी चीज के लिए खुद ही अनाउंस कर दे रहे हो तो कांग्रेस ने कर दिया था भैया रिजाइन अब कांग्रेस की जो सरकार थी उसने रिजाइन कर दिया तो इनकी सिर्फ और सिर्फ एक डिमांड थी कि भाई अब हम किसी तरह का चुनाव नहीं अब तो हमको क्या चाहिए अब तो हमको चाहिए सेंटर में गवर्नमेंट प्रांत प्रांत का कोई अर्थ नहीं है व तो हमको केंद्र में सरकार चाहिए इससे कम पर हम नहीं मानेंगे केंद्र में एक सरकार हमको चाहिए और हमारे
10:18 निर्णय वही ले ब्रिटिश सरकार ना ले तो ब्रिटिश सरकार यहीं पर यह बात करती है 8 अगस्त 1940 को जब उसने पेश किया उसने बोला यहां पर पांच मुख्य मुद्दे हैं अगस्त प्रस्ताव में गवर्नर जनरल की कार्यकारिणी में यानी कि जो वाइस राय होगा गवर्नर जनरल की कार्यकारणी में कार्यकारणी में अधिक भारतीयों को शामिल किया जाएगा एग्जीक्यूटिव समझ गए जो मेन एग्जीक्यूटिव थी जिसमें छह लोग होते थे शुरुआत में अधिक भारतीयों को शामिल किया जाएगा यानी मोर
11:07 इंडियंस विल बी एडेड टू मोर इंडियंस विल बी एडेड टू द वायरा एग्जीक्यूटिव मतलब ज्यादा होंगे दूसरी बात क्या की गई समझ गए ना आसान सी बात है मोर इंडियंस विल बी एडिड टू गवर्नर जनरल एग्जीक्यूटिव दूसरी बात क्या की गई थी य दूसरी बात की गई थी युद्ध की समाप्ति पर आफ्टर वॉर युद्ध की समाप्ति कौन से युद्ध की बात कर रहे सेकंड वर्ल्ड वॉर की समाप्ति पर भारत में औपनिवेशिक औपनिवेशिक स्वराज्य की स्थापना की
11:54 जाएगी औपनिवेशिक स्वराज की स्थापना होगी आराम से नोट करेंगे फिर समझेंगे है ना क्या बोला आफ्टर वॉर देयर देयर का मतलब इंडिया देयर विल बी डोमिनियन डोमिनियन स्टेटस डोमिनियन लिख लीजिए सिर्फ डोमिनियन इन इंडिया अच्छा मुझे एक बात बताइए आप कौन सा साल चल रहा है अभी किस ईयर की बात हम कर रहे हैं आप कहोगे भैया हम अगस्त प्रस्ताव
12:42 की बात कर रहे 1940 की 1940 में औपनिवेशिक स्वराज देने की बात यह कर रहे हैं क्या हम एक्सेप्ट करेंगे कल मैंने आपको बताया था कि उपनिवेश यानी कि डोमिनियन स्टेटस की बात हमने कब की थी डोमिनियन स्टेटस की डिमांड हम लोग कर रहे थे आप कहेंगे जी भैया आप लोगों को याद होगा 1929 के लाहौर अधिवेशन में हमारी डिमांड कहां पर चेंज हो गई थी हमारी जो डिमांड थी डोमिनियन हम अब से पहले मांगते थे और 1929 में जो लाहौर आपका लाहौर अधिवेशन हुआ था आपका लाहौर जिसमें आपका नेहरू जी अध्यक्ष थे वहां पर हमारी डिमांड कहां चली गई थी पूर्ण स्वराज्य की तरफ 1929 के बाद में हम पूर्ण स्वराज्य मांगने लग गए थे एक कंप्लीट स्वराज हमको चाहिए था
13:31 यस और नो एक कंप्लीट स्वराज हमको चाहिए था हां या ना तो क्या यह जो अंग्रेज अब वादा कर रहे हैं जो यह अंग्रेज जो अंग्रेज अब यह वादा कर रहे हैं या ब्रिटिश गवर्नमेंट जो यह वादा कर रही है कि भाई आपको हम डोमिनियन देंगे डोमिनियन देंगे तो क्या हम इस बात को एक्सेप्ट कर लेते यहां पर क्या आप एक भारतीय होने के नाते आप सोचिए आप एक इंडियन है उसन स्थितियों में डोमिनियन की डिमांड तो आप पहले कर रहे थे तब ये डोमिनियन की डिमांड पूरी नहीं हुई इसके बाद में हम एक कंप्लीट स्वराज की बात कर रहे हैं कंप्लीट स्वराज का मतलब एक पूर्ण स्वराज्य पूर्ण स्वराज तो आप इस बात को एक्सेप्ट करते आप कहेंगे नहीं एक्सेप्ट करते डिसीजन लेने आपको खुद को आप आप खुद को उस समय की स्थितियों में रखकर सोचना कि
14:17 आप एक भारतीय हैं उस समय और हम एक उपनिवेश भारत में रह रहे हैं तो हम उस बात को एक्सेप्ट करेंगे या नहीं करेंगे आप जरा सोचेंगे तो बहुत आसान होगा तो यह बात होगी आगे बात करते हैं तीसरी बात संविधान बनाना यहां पर एक अनाउंसमेंट और किया गया संविधान बनाना भारतीयों का अपना अधिकार होगा संविधान बनाना भारतीयों का अपना अधिकार होगा अधिकार होगा यानी जो संविधान बनाएंगे वह आपका अपना अधिकार होगा ठीक है इंडिया विल हैव इंडिया विल हैव इंडिया विल हैव देयर क्या
15:07 बोलेंगे देयर न न राइट्स या ऑन राइट टू मेक द कॉन्स्टिट्यूशन टू मेक द कॉन्स्टिट्यूशन एक घोषणा क्या की गई कि भाई आप लोग अपना संविधान बनाना आप ही लोग बनाएंगे और वो कि होगा आपका अपना ऑन राइट होगा अपना अधिकार होगा तीसरी बात यह की गई अगस्त ऑफर में चौथी बात चौथी बात मुस्लिम लीग को या मुसलमानों को आकर्षित करने के लिए अल्पसंख्यकों के विचारों का एक बार बताना दोस्त अल्पसंख्यक शब्द किसको मानेंगे आप हिंदुस्तान में अगर बात करें तो अल्पसंख्यक आप किस कम्युनिटी को कहना चाहेंगे बताएंगे अल्पसंख्यकों
15:53 के विचारों को भी ध्यान में रखा जाएगा विचारों को भी ध्यान में रखा जाएगा इसके व्यू को आप बोलेंगे भैया यहां पर यह बात करें द व्यू ऑफ माइनॉरिटी द व्यू ऑफ माइनॉरिटी यानी कि अल्पसंख्यकों का जो विचार है विल आल्सो बी टेकन इनटू अकाउंट विल आल्सो बी टेकन इनटू अकाउंट अल्पसंख्यक उस समय में कौन है
16:40 मुस्लिम देखो किसी भी देश में जो संख्या ज्यादा होती है उसको बोलते बहुसंख्यक जैसे हम देश में बोले किस धर्म को आप बहुसंख्यक कहना चाहेंगे भारत में आज की कंडीशंस में हम बात करें आज की स्थिति में हम बात करें तो आप कहेंगे भैया हिंदू बहुसंख्यक है और अगर हम बात करते हैं कि उनके कंपैरिजन में जो भी संख्या में वो क्या होंगे व अल्पसंख्यक होंगे ठीक है बहुत बढ़िया अल्पसंख्यकों के विचारों को भी ध्यान में रखा जाएगा यार एक लॉलीपॉप देने की कोशिश की बहका की कोशिश की किसको इन्होंने मुस्लिम लीग को लेकिन कहीं पर भी मुझे बताइए इस स्टेटमेंट में आपको दिख रहा है कि मुस्लिम लीग या बोले मुस्लिम लीग के समर्थन की बात कहीं भी इस स्टेटमेंट में आपको दिख रही है ऐसे अल्पसंख्यक में तो बहुत सारी कैटेगरी आ जाती है फिर आपका
17:27 कहीं भी मुस्लिम ली को स्पष्ट किया गया है तो याद रख लेना इसको मुस्लिम लीग तो यहीं से नाराज हो गया और मुस्लिम लीग ने शुरुआती दौर में तो मुस्लिम लीग इससे खुश था लेकिन मुस्लिम लीग एमएल फ मुस्लिम लीग ने इसे रिजेक्ट कर दिया क्योंकि क्यों रिजेक्ट कर दिया क्योंकि कहीं भी य स्पष्ट ही नहीं है कि मुस्लिम लीग के फेवर में कोई डिसीजन लिया जाएगा क्योंकि स्पष्ट रूप से मतलब क्लियर क्लियर मेंशन नहीं किया गया था स्ट स्पष्ट रूप से मेंशन नहीं था मेंशन नहीं था समझ जाएंगे इस बात को आसान से शब्द है अच्छा इसके बाद में बात करते हैं पांचवी और महत्त्वपूर्ण बात क्या की गई इन्होंने बोला इन्होंने बोला क्या बोलेंगे आपका छोटे से शब्द और लिख लेना आप यहां पे अगर
18:13 आप इससे भी ना समझे मुस्लिम लीग ने रिजेट इसलिए कर दिया था क्या बोलेंगे इन्होंने यहां पर जो यह चाहते थे अंग्रेज चाहते थे ये चाहते थे मुस्लिम लीग के लिए एक अन्य देश मुस्लिम लीग के लिए एक एक अन्य देश लेकिन कहीं भी यह स्पष्ट बात नहीं हुई थी ठीक है कहीं भी इस बात को एकदम से क्लियर स्पेसिफाई नहीं किया गया था इसीलिए मुस्लिम लीग ने बोला कि हमारे लिए बात करनी थी तो स्पष्ट बात करनी है हमको इस तरह का बहका नहीं चाहिए पांचवा बोला गया एक युद्ध सलाहकार परिषद बनेगी युद्ध सलाहकार परिषद ठीक है ये पांचवी बात थी इसमें क्या बोला गया
19:00 एक वॉर एडवाइजरी काउंसिल बनेगी तो आपसे कभी भी पूछे वॉर एडवाइजरी काउंसिल की बात युद्ध सलाहकार क्योंकि सेकंड वर्ल्ड वॉर चल रहा था और लिलिथ गो ने जो बोला था कि सेकंड वर्ल्ड वॉर में हम आपके साथ है उसने बोला कि भाई आज के बाद जो होगा कभी भी इस तरह का डिसीजन नहीं लिया जाएगा एक युद्ध सलाहकार परिषद होगी जिसमें भारतीयों के मत की भी कीमत होगी कि भाई आप इस युद्ध में शामिल है या नहीं है आपसे पूछा जाएगा ले लिथो ने जो बोला वो गलत बोला था जैसे बड़े बूढ़े नहीं कर देते भैया कोई बात नहीं बच्चे से गलती होगी सब माफ कर दो झगड़ा शांत करो तो झगड़े को शांत करने की बात है कि भाई किसको मनाने की बात है यह लोग किसको मनाना चाह रहे हैं यह कांग्रेस को मनाना चाह रहे हैं क्योंकि रूठी हुई कौन
19:45 है कांग्रेस रूठा हुआ कौन है कांग्रेस रूठा हुआ तो ये किसको मनाना चाह रहे हैं कांग्रेस को मनाना चाह रहे तो आपको लालच दिख रहे हैं सब आप कहेंगे भैया गवर्नर जनरल की कार्यकारिणी अरे भैया कार्यकारिणी की बात कर रहे हैं हम पूर्ण स् आज हम मांग रहे हैं आप कार्यकारिणी की बात कर रहे हैं आप कह रहे युद्ध की समाप्ति पर डोमिनियन डोमिनियन तो हम बहुत पहले छोड़ चुके हम तो इसकी मांग कर रहे थे फर्स्ट वर्ल्ड वॉर में फर्स्ट वर्ल्ड वॉर में होम रूल आंदोलन मांग कर रहा था डोमिनियन स्टेटस की यस और नो यह अंग्रेज हमको बकाना चाह रहे हैं सेकंड वर्ल्ड वॉर में भी हमको डोमिन देने की बात कर रहे हैं है मूर्खता संविधान बनाना भारतीयों का अपना अधिकार होगा ये कोई बड़ी बात नहीं है यह होना भी चाहिए था अल्पसंख्यकों के विचारों को ध्यान में रखा जाएगा या तुम देख रहे हो इस समय भी ब्रिटिश सरकार की मतलब खुद को
20:32 भारत को अपने पक्ष में भी करना चाह रहे हैं कांग्रेस को अपने पक्ष में भी करना चाह रहे हैं लेकिन पुष्पा की तरह रिएक्ट कर रहे हैं झुकना भी नहीं चाह रहे हैं युद्ध सलाहकार परिषद बनेगी भैया जो हमसे गलती हुई है वह आगे ना हो ठीक है कोई दिक्कत अब हुआ क्या था देखो मुस्लिम लीग ने तो रिजेक्ट कर दिया मैंने आपको बताया यहां पर याद रख लेना कांग्रेस का क्या वीर वहा इस पर नोट करना कांग्रेस ने इसे अस्वीकार कर दिया कांग्रेस ने इसे अस्वीकार अस्वीकार अर्थात रिजेक्ट कर दिया रिजेक्ट होना ही चाहिए था या नहीं आप कहेंगे जी भैया क्या कहा कांग्रेस ने कांग्रेस ने इसे अस्वीकार कर दिया और
21:17 कांग्रेस ने कहा भारत की स्वतंत्रता से कम पर समझौता नहीं करेंगे भारत की पूर्ण स्वतंत्रता से कम पर समझौता नहीं हम भी नहीं झुकेंगे तुम नहीं झुक रहे तो कम पर समझौता नहीं होगा कम पर समझौता नहीं नो कंप क्या बोलेंगे नो कंप्रोमाइज नो कंप्रोमाइज ऑन एनीथिंग लेस देन नो कंप्रोमाइज ऑन एनीथिंग एनीथिंग लेस देन इंडियाज इंडिपेंडेंस इंडियाज इंडिपेंडेंस भैया इससे कम पर कुछ भी एक्सेप्ट नहीं करेंगे ठीक
22:05 है और इस समय पर कांग्रेस के अध्यक्ष कौन थे कौन बताएगा 1940 में कांग्रेस के अध्यक्ष कौन थे कभी भी आपसे पूछा जाए सेकंड वर्ल्ड वॉर में जो कांग्रेस के अध्यक्ष थे तो वह एक ऐसा समय था कि कांग्रेस ने अपने अध्यक्ष पद के लिए कोई चुनाव वगैरह नहीं कराया अब्दुल कलाम आजाद ही सबसे लंबे समय तक कांग्रेस के अध्यक्ष रहे हैं सबसे लंबे समय तक कांग्रेस का अध्यक्ष कौन है अब्दुल कलाम आजाद वो सबसे कम उम्र के कांग्रेस के अध्यक्ष भी बने थे आपको को याद होना चाहिए 1923 का जो दिल्ली का विशेष अधिवेशन था उसमें वह मात्र 35 वर्ष की आयु में कांग्रेस के अध्यक्ष बन गए थे तो सबसे कम जज के भी वही है और सबसे लंबे समय तक भी वही हैं ओके तो अब्दुल कलाम जी का यहां पर एक स्टेटमेंट आता है अब्दुल कलाम जी ने कांग्रेस का वह कौन सा नेता था अब्दुल
22:50 कलाम अब्दुल कलाम आजाद ठीक है आजाद भारत के पहले शिक्षामंत्री भी ये बने थे याद रख लेना इन्होंने डिस्कस तक भी नहीं किया डिस्कस तक भी नहीं किया इन्होने इन्होने बो ये डिस्कशन करने की चीज है इस पर तो डिस्कस भी नहीं करेंगे तो कांग्रेस का वह कौन सा नेता है जिसने अगस्त प्रस्ताव पर चर्चा करने से बिल्कुल इंकार कर दिया था ठीक है भारत की स्वतंत्रता से कम कुछ स्वीकार नहीं करेंगे नेहरू जी का स्टेटमेंट आता है यहां पर नेहरू जी ने क्या कहा था अगस्त प्रस्ताव को अगस्त कांग्रेस का व्यू देख रहे हैं हम इस पर क्या था अगस्त प्रस्ताव को नेहरू जी
23:36 ने नेहरू जी ने दरवाजे पर जंग लगी कील के समान बताया जंग लगी कील जंग लगी कील के समान बताया कहां दरवाजे पर एक कील लगी हुई है व भी जंग लगी हुई क्या बोलेंगे यानी कि किसको बताया था इन्होंने जो अंग्रेजों ने कहा था कि हम तुमको अभी औपनिवेशिक स्वराज्य देंगे डोमिनियन स्टेटस को डोमिनियन स्टेटस को यह नेहरू जी ने कह दिया क्या बोल दिया नेहरू जी ने नेहरू जी ने बोल दिया कि इ लाइक डोमिनियन स्टेटस इ
24:24 लाइक इज लाइक डोमिनियन स्टेटस इज लाइक ए रस्टी नेल रस्टी नेल किसने कहा था ये या बोले डोमिनियन स्टेटस इज लाइक रस्टी नेल इन द डूर यह किसका स्टेटमेंट है डोमिनियन स्टेटस दरवाजे पर जंग लगी कील के समान है यह अगस्त प्रस्ताव में जो डोमिनियन देने की बात की गई थी उस पर नेहरू तो आप समझ गए कांग्रेस इसके खिलाफ में है यस और नो आप कहेंगे जी भैया लिलिथ गो पूरी दुनिया में क्या बोल लिथ को पूरी दुनिया में क्या बोलता था इंडिया साथ है अब सीधी सी बात हुई कि भाई इंडिया साथ है भारत से पूछा गया था हां या
25:09 ना आप कहेंगे भैया बहुत बार हम इस पर डिस्कस कर चुके बिल्कुल नहीं पूछा गया तो जब आपसे या हमसे पूछा नहीं गया तो क्या हमारा जो राइट टू स्पीच है वह हमसे छीना गया क्या हमारा जब बोलने का अधिकार है मतलब हमसे पूछा तक भी नहीं गया इसका मतलब है कि हमको हमारे बोलने के अधिकार से वंचित रखा गया एक बड़ा शानदार प्रश्न बनेगा ध्यान से सुनना हा या ना आप कहेंगे जी भैया आप तो बिल्कुल ठीक कह रहे यानी कि हमारे राइट टू स्पीच को यहां पर छीन लिया गया बोलने के अधिकार से हमको वंचित किया गया और इसीलिए यहां पर बड़ी महत्त्वपूर्ण बात आएगी उसको लिखें अगस्त प्रस्ताव के विरोध में अगस्त प्रस्ताव के
25:59 विरोध में इन द अपोजिशन ऑफ अगस्त ऑफर विरोध में व्यक्तिगत सत्याग्रह शुरू हुआ भैया मेरी आवाज ठीक आ पा रही है आप लोगों को ऐसे तो नहीं लग रहा मैं नाक में बोल रहा हूं जैसे व्यक्तिगत सत्याग्रह व्यक्तिगत सत्याग्रह से क्या मतलब है इंडिविजुअल सत्याग्रह अभी इसका बैकग्राउंड समझेंगे कि इसके पीछे जो है मंसा क्या थी अभी तक आप सिर्फ पढ़ते होंगे व्यक्तिगत सत्याग्रह था एक भैया मैं टिशू पेपर लेकर आया था जरूरत पड़ेगी दोस्त माफ करेंगे मुझे आज मैंने आपसे पहली माफी मांग लिया
26:52 ना ओके क्या बोलेंगे अगस्त प्रस्ताव के विरोध में अगस्त प्रस्ताव के विरोध में व्यक्तिगत सत्याग्रह को शुरू किया गया अब इसको समझे इंडिविजुअल सत्याग्रह है क्या कब शुरू हुआ था 17 अक्टूबर 1940 को कहां से शुरू हुआ था पवनार पवनार एक आश्रम था पवनार आश्रम महाराष्ट्र से पवनार आश्रम महाराष्ट्र से शुरू हुआ देखो गांधी जी की मंसा क्या थी अब इस टाइम पर सब लोगों ने बोला कि भाई यार ये अंग्रेज हमको लॉलीपॉप दे रहे हैं अंग्रेज हमको बहका रहे हैं तो सब लोगों ने गांधी जी से बोला कि कोई एक मास मूवमेंट करते हैं मतलब एक बड़ा
27:38 आंदोलन इस समय पर छेड़ देते हैं लेकिन गांधी जी ने कहा कि अभी मास मूवमेंट नहीं करते कोई बड़ा आंदोलन नहीं चलाते हैं अभी मेरे पास एक तरीका है वह तरीका यह है कि लिलिथ ने पूरी दुनिया को यह बताया है कि भाई भारतीय हमारे साथ है पहले तो उसने हमारा जो राइट टू स्पीच छीना है जो उसने हमसे बोलने की स्वतंत्रता छीनी है पहली लड़ाई तो हमें उसके खिलाफ ल होगी यानी हमको अभी बोलना होगा क्या करना होगा अभी राइट टू स्पीच छीना गया हमसे तो अभी हम पहले बोलेंगे और हम दुनिया को बताएंगे कि हम इस ब्रिटिशर्स के साथ में नहीं है हम ब्रिटिश सरकार के साथ में नहीं है तो उसके लिए क्या होता था व्यक्तिगत यानी एक व्यक्ति चलता था जिला मजिस्ट्रेट को उस जिले में जिस जिले में उसको भाषण देना होता था वहां के जिला मजिस्ट्रेट को एक चिट्ठी भेजता था पहले कि भैया मैं यहां पर
28:23 आऊंगा इस जगह ऐसे नहीं होता ऐलान करके कि भैया मैं कल यहां आ य मैं अपनी स्पीच दूंगा तुम पर अगर मुझे गिरफ्तार किया जा सकता है तो तुम कर लेना इतना ओपन चैलेंज यानी हमको बोलना है किसके खिलाफ ब्रिटिश सरकार की नीतियों के खिलाफ हमको बोलना है सेकंड वर्ल्ड वॉर में ब्रिटिशर्स जो हमारी परमिशन के बिना हमको शामिल कर रहे थे जो उन्होंने बोला है कि उन्होंने हमारा य अधिकार छीन लिया था हमको बोलना है गांधी जी ने बोला ठीक है पहले व्यक्ति कौन जाएंगे जो इसमें पहले व्यक्ति थे याद रख लेना इसमें पहले व्यक्ति कौन थे पहले व्यक्ति थे जो सबसे पहले गए आपका आचार्य विनोवा भावे आचार्य विनोवा भावे गिरफ्तारी होती थी इन लोगों की विनोवा भावे सबसे पहले
29:12 इनको भेजा गया दूसरे व्यक्ति थे बोले कि भी हमारी जो बोलने की आजादी छीनी गई है ना पहले हमें उसके लिए काम करना है अभी मास मूमेंट की आवश्यकता नहीं है वैसे ही सेकंड वर्ल्ड वॉर में आजाद हिंद फौज उधर से आ रही है कहीं ऐसा ना हो एक मास मूवमेंट हो तो लोग इस समय हिंसा करें दोनों चीजें आपस में मिल जाए और बहुत बड़े उसके नुकसान हो जाए डर रहे थे गांधी जी उसे थोड़ा एक बड़े आंदोलन से दूसरे व्यक्ति अगर हम बात करें दूसरे व्यक्ति इसमें कौन थे जवाहरलाल नेहरू तीसरे व्यक्ति कौन थे बीपीएससी ने इस बार क्वेश्चन पूछा था आप सब जानते होंगे व्यक्तिगत सत्याग्रह में जो तीसरे व्यक्ति थे तीसरे व्यक्ति कौन बने थे इसमें ब्रह्मदत्त थे तीसरे व्यक्ति इसमें ब्रह्मदत्त बने यह
29:58 सब लोग क्या बोलते थे भैया जाकर के बात समझ गए क्या था व्यक्तिगत ठीक है व्यक्तिगत सत्याग्रह आप लोग समझ गए होंगे जी भैया तो यहां पर हम लोग क्या कर रहे थे अपना जो राइट टू स्पीच है उसको अर् कर रहे थे आपसे मैं कभी भी पूछूंगा इन फ्यूचर कि व्यक्तिगत सत्याग्रह के पीछे मकसद क्या था गांधी जी ने क्यों चलाया था तो राइट टू स्पीच को अर् करने के लिए अर् का मतलब हमारी जो बोलने की स्वतंत्रता है बोलने की स्वतंत्रता है उसको पक्का किया जा रहा था कि भाई हम बोलेंगे क्लियर है इतनी बात तो इन तीनों लोगों को या अन्य लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया अब देखो जो व्यक्तिगत सत्याग्रह
30:43 चला वो दो फेस में चला पहले तो अकेला आदमी चलता था अकेला आदमी चलता था भैया आगे आगे और अपना स्पीच देता था गिरफ्तारी देता था लेकिन जब गांधी जी ने देखा कि यह ज्यादा इफेक्टिव नहीं है इसका ज्यादा असर नहीं पड़ रहा इसकी बात ज्यादा दूर तक नहीं जा रही है तो उन्होंने बोला एक काम करो तुम गांव से होते हुए जाओ ब्रिटिश सरकार का विरोध करते हुए चलो एक आदमी और इस बार अपने साथ लोगों को भी जोड़ो अपने साथ लोगों को भी ले लो अभी तक क्या था अभी तक तो सिर्फ एक पर्सन होता था अभी गांधी जी ने बोला कि भाई तुम जो अकेले अपने साथ चल रहे हो तो तुम अपने साथ लोगों को जोड़ो भी ठीक है अपने साथ अन्य लोगों को भी जोड़ लो ठीक है हाथ पांव अलग अलग बना दिए मैंने कोई दिक्कत नहीं है अपने साथ लोगों को चल दो और लोगों को लेकर चलो दिल्ली की तरफ तो यहीं पर बात आई दिल्ली
31:30 चलो इसीलिए व्यक्तिगत सत्याग्रह को हम क्या बोलते हैं गांवों से होते हुए दिल्ली चलो मूव टू दिल्ली तो दिल्ली चलो का जो यह नारा दिया गया लेकिन यह सारी चीजें कैसी होंगी पीसफुली होंगी शांतिपूर्ण होंगी कोई हिंसा हमको नहीं करनी है कोई हिंसा हमको नहीं करनी है सीधे कहां पहुंचना है हम सब लोगों को दिल्ली पहुंचना है दिल्ली की तरफ अब चल दीजिए तो अगर मैं कभी भी आपसे पूछूंगा व्यक्तिगत सत्याग्रह जो चला था वह किसके विरोध में चला था तो आप कहेंगे या तो लिलिथ को की घोषणा या आप कहेंगे अगस्त प्रस्ताव के विरोध में ठीक है याद रखेंगे इस बात को अगली बात पर आते हैं वापस चलेंगे यहां पर ध्यान से देखना अभी बात करते हैं जापान युद्ध जीत रहा था
32:17 मैंने आपको बताया जापान ने एक कबाल कर दिया 7 दिसंबर 1941 को पर हार्बर पर्ल हार्बर पर अटैक कर दिया पर्ल हार्बर पर एक मूवी भी आपने देखी होगी बहुत चर्चित मूवी है अब जो परल हार्बर क्या था अमेरिका का एक नौसैनिक अड्डा था यहां पर अमेरिका के क्या है फाइटर प्लेनस खड़े रहते थे और जापान ने जाकर वहां पर 100 से ज्यादा फाइटर प्लेन उनके उड़ा दिए परल हार्बर सुना है सबने इसी वॉर ने जापान को और ज्यादा मजबूत कर दिया यही वोह अटैक है जिसकी वजह से अमेरिका ने परमाणु हमला किया हिरोशिमा और नागासाकी जापान के दो शहरों
33:03 पर 6 अगस्त 1945 और 9 अगस्त 1945 को परमाणु बम गिरा दिए गए यह हम हिस्ट्री में पढ़ेंगे ठीक है जब हम फर्स्ट वर्ल्ड वॉर और सेकंड वर्ल्ड वॉर को बहुत विस्तार से पढ़ेंगे वर्ल्ड हिस्ट्री में तो 7 दिसंबर 1939 कहने का मतलब है 7 दिसंबर 1941 को जो पर्ल हार्बर पर अटैक हुआ पर्ल हार्बर कहां है अमेरिका का एक नौसैनिक अड्डा है आप सब लोगों को पता होना चाहिए तो कहने का मतलब है अभी उस टाइम की कंडीशन में खुद को रख के देखो जापान इस समय पर ग्लोबली बहुत मजबूत दिखाई देता है या नहीं आप कहेंगे जी भैया बहुत मजबूत दिखाई दे रहा था यानी कि जो चर्चिल है देखो चर्चिल का क्या स्टेटमेंट है भैया जब भारतीय विरोध कर रहे हैं चर्चिल का स्टेटमेंट सुनिए इस समय का क्या है चर्चिल कहता
33:48 है भारतीय आजाद हो भी गए ना भारतीय आजाद हो भी गए हो भी गए तो भी तो भी अपना देश नहीं चला पाएंगे यह किसका मानना था नहीं चला पाएंगे क्योंकि एक तो इसकी मनसा नहीं थी भारत को आजाद करने की क्योंकि इसको पता था कि वॉर में जो पैसा वैसा है वह सब हम इंडिया से अच्छे से रिकवर कर सकते हैं तो इंडिया को छोड़ना बिल्कुल नहीं चाहता था चर्चिल मतलब एटली आएगा एटली थोड़ा सा उदार रहेगा लिबरल रहेगा वो सोचेगा कि भारत आजाद होना चाहिए
34:33 लेकिन ये जो आपका क्या बोलेंगे चर्चिल है यह भारतीयों को क्या आजाद करना चाह रहा है मनसा देखिए इसकी आप कहेंगे नहीं भैया बिल्कुल भी नहीं लेकिन जब जापान की स्थिति बहुत मजबूत हुई तो जापान पर जापान की स्थिति मजबूत होते हुए मित्र राष्ट्रों ने इस चर्चिल पर एक प्रेशर बनाया चर्चिल पर एक दबाव क्रिएट किया यार तुम पागल वागल हो गए हो क्या यह देखना यह आजाद हिंद फौज जो है आजाद हिंद फौज जो है यहां पे आपका सिंगापुर इंडोनेशिया इंडोनेशिया जानते हैं मैप पर कहां पर है हर स्टूडेंट के टेबल पर एक मैप होना जरूरी है हमेशा जहां बैठ के आप जिस दीवार पर पढ़ते हैं हांगकांग देखना आज मैप में कहां पर है आज आपका काम है वियतनाम
35:19 देखना कहां पर है आज मैप में आप यानी आप कहोगे भारत के इधर वाला हिस्सा यह आजाद हिंद फौज जो है जीत चुकी थी आजाद हिंद फौज जो है यह हिस्सा जीत चुकी थी और आजाद हिंद फौज किधर बढ़ रही है भारत की तरफ तो इन्होंने बोला कि यार कल को एक बात बताओ कि अगर इस आजाद हिंद फौज को इंडियंस का सपोर्ट मिल गया तब क्या स्थिति होगी तो यहां पर दबाव बनाया जाता है चर्चिल के ऊपर किसकिस ने दबाव बनाया था चर्चिल पर याद रख लेना यहां पर यूएसए के राष्ट्रपति थे यूएसए के राष्ट्रपति यानी मित्र राष्ट्रों ने ही दबाब बनाया भाई अब तो यह करना पड़ेगा इसमें पहला व्यक्ति था यूएसए के राष्ट्रपति क्या नाम है उनका रूजवेल्ट पूछा जाता है सेकंड वर्ल्ड वॉर के टाइम पर अमेरिका के राष्ट्रपति कौन थे यह सब घटनाए
36:06 यहां छुपी हुई है आपको अलग से नहीं पढ़ना होता है चाइना से ठीक है चीन के चीन के जो राष्ट्रपति थे चीन में कौन चियांग के सेक चियांग केई सेक और तीसरे व्यक्ति थे आपका यहां पर लिखना ऑस्ट्रेलिया के पीएम थे नहीं पीएम ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्री थे फॉरेन मिनिस्टर थे विदेश मंत्री ऑस्ट्रेलिया के जिनका नाम था इ वोट इन तीनों ने किस पे दबाब बनाया चर्चिल पर दबाब बनाया कि यार तुम्हें कैसे भी करके अब भारतीयों को अपने साथ लेना है कैसे भी करके भारतीयों का जो ये मामला है इसको हल करो भाई चाइनीज नेम तो चाइनीज में ही होगा ना अब इसको मैं ये बोल दूं कि तुम इसको
36:51 सोनू कुमार लिख लो तो गलत होगा चोनू कुमार थोड़ी ना लिख सकते हैं आप इसको नहीं लिख सकते तो इन लोगों ने क्या बोला कि भारतीयों का मामला हल होना चाहिए अच्छा यह चाहता है भारतीयों का मामला हल हो आप क्या समझे अभी तक चर्चिल चाहता है क्या आप कहेंगे भैया चर्चिल की तो मंसा हम समझ चुके हैं चर्चिल तो बहुत ही चालू आदमी है भारत को बिल्कुल भी मुक्त नहीं करना चाहता है इसीलिए चर्चिल ने फिर से कहा कि चलो भारतीयों को फिर से बहका लेकिन इस बार दबाब में दबाब किसका है इस बार मित्र राष्ट्रों का तो इस बार आया क्रिप्स मिशन देखो देख ये वो मिशन है जो सब विफल हुए हैं और एग्जाम में बहुत सफल है ये क्वेश्चन बहुत पूछे जाते हैं इनसे क्रिप्स मिशन क्रिप्स मिशन इसके लिए जब मित्र
37:37 राष्ट्रों ने चर्चिल पर दबाव बनाया तो चर्चिल ने इसको अनाउंस कर दिया क्या बोलेंगे क्रिप्स मिशन को चर्चिल ने अनाउंस कर दिया और घोषणा इसकी कब हुई थी इसको कब अनाउंस किया गया था यह आपसे क्वेश्चन है मेरा इसको अनाउंस किया गया था कि भाई एक क्रिप्स मिशन होगा 11 मार्च 1942 को इसको अनाउंस किया गया तो कई बार आपसे क्वेश्चन एग्जाम में पूछा जाता है सीधे-सीधे कि क्रिप्स मिशन भारत क्यों आया था आप अपने शब्दों में लिखें आप तक अब तक आप क्या जाने हैं दोस्त तो आप कहेंगे भैया अब तक हम जाने हैं क्रिप्स मिशन का जो उद्देश्य ऑब्जेक्टिव था वोह था सेकंड वर्ल्ड वॉर में भारतीयों का सहयोग प्राप्त करना आसान
38:24 से शब्द है छोटी बात है याद रखेंगे सेकंड वर्ल्ड वॉर में भारतीयों का सहयोग प्राप्त करना सहयोग प्राप्त करना सहयोग शायद हम कर भी देते लेकिन ललित से बड़ी भूल हुई ललित गो की बेवकूफी की वजह से चीजें बदल गई ठीक है 11 नहीं 22 होगा सर बेटा थोड़ा धेरे रखो धेरे रखो धरे ज्यादा जल्दी खाएंगे तो मुंह जल जाता है घोषणा हुई और याद रख फिर अगला पॉइंट लिखें 23 मार्च 1942 को 22 नहीं 23 आएगा 1942 को स्टेफोर्ड क्रिप्स की अध्यक्षता में
39:10 प्यारे बच्चे बनना है हमेशा एक अगर आप जीवन में धैर्य रखना सीख गए तो सब कुछ आसान है 23 मार्च 1942 को स्टेफोर्ड क्रिप्स की अध्यक्षता में आपको पता है आप उन बच्चों में से एक होगे जो जीएस में विशेष होंगे जो धैर्य रखेंगे बहुत सारे क्या बोलेंगे आप ही में से वो कहेंगे कि यार चलो ठीक है कहीं से शॉर्टकट देख लेते हैं ऐसी कोई वीडियो देख लेते हैं जहां आधे घंटे में पूरी पॉलिटी पढ़ाई जाती हो या 100 प्रश्नों के माध्यम से जहां पॉलिटी हो जाए ऐसा कुछ चुन लेते हैं और कमाल कर देते हैं और वोह दरअसल में कभी कमाल नहीं कर पाते वर्षों तैयारी करते हैं और अंत में फिर झुज करके बैठ जाते हैं और फिर सारा ठीकरा हमेशा सिस्टम पर फोड़ते रहते हैं तो या उनमें से बनिए स्टेफोर्ड
39:56 क्रिप्स की अध्यक्षता में कहां पर आया दिल्ली आया क्लास पर फोकस करेंगे दिल्ली आया ओके तो सबसे पहले पूछेगा कहां पर आया था अध्यक्ष कौन थे क्रिप्स मिशन के स्टेफोर्ड क्रिप्स ठीक है इसकी अध्यक्षता में कितनी तारीख को आया भारत 23 मार्च को आया तीन इंपॉर्टेंट पॉइंट है अगली बात लिखें 24 मार्च को मीटिंग हुई गांधी जी से 24 मार्च को क्या क्या होता है 24 मार्च को यहां पर कई बार ये 27 मार्च भी कई जगह लिखा होता है तो उससे कंफ्यूज नहीं होना है 24 मार्च एक सही तिथि है गांधी जी से मुलाकात होती
40:42 है गांधी जी से मुलाकात हुई गांधी जी को इन्होंने बताया भैया वह बड़ा दबाब है मित्र राष्ट्रों का एलाइड कंट्रीज का वो कह रहे भारतीयों का मामला हल होना चाहिए गांधी जी कहा दिखाओ क्या-क्या है तुम्हारे पास क्या लेके आए हो इसमें कुछ शर्त हैं गांधी जी ने पढ़ा उसको गांधी जी गांधी जी जैसे ही उसको पढ़ रहे थे गांधी जी ने बोला एक काम करो पहली फुर्सत में निकल लो पहली फुर्सत में निकलने का मतलब समझते हैं और सच में गांधी जी नेय जवाब उन्हें दिया था कि तुम पहले ही जहाज को पकड़ लो और वापस लौट जाओ कुछ होने वाला नहीं है अब बहका से काम नहीं चलेगी बिल्कुल काम नहीं चलेगा तो गांधी जी से जो ये मुलाकात है इनकी यहां पर एक स्टेटमेंट लिख लेना गांधी जी ने कहा भैया
41:27 प्रथम जहाज से याद रखोगे ना पहली पहली टिकट लो और कट लो प्रथम जहाज से निकल लो छोटे से शब्द लिख लो मेरे तुम याद रखेंगे आप समझ गए होगे इ इसके बाद में यह जो आया था क्रिप्स मिशन इसको क्या सिर्फ गांधी जी से मुलाकात के लिए भेजा गया था नहीं इसको कहा गया था कोई कांग्रेस का समर्थन लेना है तो कांग्रेस के जितने भी टॉप मोस्ट लीडर्स है उन सबके सामने पेश होना चाहिए देखते हैं कि वो लोग आपका इसपे एडमिट करते हैं नहीं करते हैं अब आप सब लोगों को पता है चिरच तो बिल्कुल चाहता नहीं कि भारत स्वतंत्र हो तो चर्चिल ने ऐसी ही शर्तें फिर से भेजी चर्चिल ने कैसी शर्तें भेजी जिसको इंडियंस पहले ही रिजेक्ट कर चुके थे जिन पर भारतीय बिल्कुल भी सहमत नहीं थे या जिनको हम पहले ही
42:15 अस्वीकार कर चुके थे उसने ठीक है प्रेशर है पहले तो उसको कहीं ये लोग फिर बोलेंगे नहीं चर्चिल हमने तुमसे कहा था तो उसने बोला ठीक है इनकी बात भी रह जाएगी और कुछ ऐसी कंडीशंस भ भेज देता हूं जिन इंडियन जो है व राजी ही ना हो तो गांधी जी से मुलाकात हुई यहां पर क्या होता है फिर 30 मार्च को नोट कर लेना 30 मार्च को क्या हुआ था कांग्रेस के सामने प्रस्ताव रखा प्रपोजल इन फ्रंट ऑफ कांग्रेस वर्किंग कमेटी ऐसे भी बोल सकते हैं कांग्रेस के सामने प्रस्ताव तो कांग्रेस पार्टी के सामने प्रपोजल कब आया था क्रिप्स मिशन का 30 मार्च को बहुत इंपोर्टेंट है यहां पर याद रख लेना कांग्रेस के जो यहां
43:00 पर कांग्रेस के आधिकारिक जो वार्ताकार थे आधिकारिक वार्ताकार यानी इस पर जो चर्चा करेंगे आधिकारिक वार्ताकार कांग्रेस के आधिकारिक वार्ताकार ऑफिशियल नेगोशिएटर्स ऑफ कांग्रेस ऑफिशियल नेगोशिएटर ऑफ कांग्रेस कौन थे यहां पर दो लोग हैं एक तो नेहरू जी हैं ने जी से आप समझ जाएंगे हमेशा पंडित नेहरू की बात करें देश के प्रधानमंत्री और साथ में अब्दुल कलाम आजाद बहुत बार य क्वेश्चन पूछा गया है बहुत महत्त्वपूर्ण इसको मार्क करें क्रिप्स मिशन पर चर्चा के लिए कांग्रेस की तरफ से आधिकारिक वार्ताकार कौन थे इवन यूपीएससी ने ये क्वेश्चन पूछा हुआ है
43:45 सीपीएफ में भी पूछा गया है और आपका क्या पूछेंगे सिविल सर्विसेस दोनों में पूछा गया है कांग्रेस के आधिकारिक वार्ताकार कौन थे ये बात याद रखेंगे यहां पर अन्य वार्ताकार भी थे उनको कहीं किनारे पर नोट कर लेना कांग्रेस वाले सबसे महत्त्वपूर्ण है ठीक है मुस्लिम लीग की तरफ से मुस्लिम लीग के सामने भी ये जाएगा क्योंकि मुस्लिम लीग भी तो इंडिया में है तो इनका समर्थन भी चाहिए अंग्रेजों को जी भैया तो बोले मोहम्मद अली जिन्ना को भी समझा के आना मोहम्मद अली जिन्ना मुस्लिम लीग की तरफ से मोहम्मद अली जिन्ना हिंदू महासभा की तरफ से वीडी सावरकर बोले भैया हिंदू महासभा भी हमारे साथ होनी चाहिए ठीक है वीडी सावरकर जी को ये पढ़ाया गया और अभी देखना है रोल सबका जैकर साहब थे य हिंदू महासभा की तरफ से ही जिन्होंने तीनों गोलम सम्मेलन में भाग
44:32 लिया था बोला गया अनुसूचित जाति अनुसूचित जाति बोले तो शेड्यूल कास्ट के समर्थन भी हमको चाहिए और अनुसूचित जाति के नेता कौन थे उनके अग्रणी नेता थे बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर जी तो बोले अंबेडकर जी को भीय दिखा के आओ ओके सिखों की तरफ से सिखों का भी समर्थन चाहिए सिखों की तरफ से थे सरदार उज्जवल सिंह सरदार उज्जवल सिंह मतलब बहुत सारे लोग थे यह महत्त्वपूर्ण नाम है एक उदार उदारवादी जितने भी लिबरल्स थे उनके लिए बोला गया आपका उदारवादी जितने भी लिबरल्स थे उनके लिए भी बोला गया ओके उनके आपका नेता थे उनके तेज प्रताप सप्रू जिनको हम तेज बहादुर सप्रू के नाम से भी जानते हैं तो इन सब लोगों के
45:18 पास वह गया ठीक है इतनी यहां तक की बात में कोई दिक्कत कोई परेशानी कि भैया क्रिप्स मिशन भारत में आया ठीक है और क्रिप्स मिशन जब भारत में आया तो उसकी घोषणा हुई थी 11 मार्च 1942 को यहीं पर सुभाष चंद्र बोस जी को पता चल गया था क्रिप्स मिशन भारत जा रहा है सुभाष चंद्र बोस जी ने अपना जो आप उनका रेडियो था जिसको आजाद हिंद रेडियो के नाम से जाना जाता है उस आजाद हिंद रेडियो पर याद रख लेना सुभाष चंद्र बोस जी ने घोषणा कर दी थी कि भैया यह रोटी डालने आ रहे हैं बहका के लिए आ रहे हैं यह क्रिप्स मिशन जो आ रहा हैय किसके लिए एक टुकड़ा लेकर के आ रहा है भारतीयों को बहका के लिए आप सब लोगों को बहकावे में बिल्कुल नहीं आना है क्या बोलेंगे आप लोगों को बहकावे में नहीं आना है वह भारत में आए गांधी जी से
46:04 मुलाकात की गांधी जी ने कहा पहली फुर्सत में निकलो और 30 मार्च को कांग्रेस के सामने जैसे ही वह आए तो कांग्रेस के आधिकारिक वार्ता नेहरू अब्दुल कलाम अब्दुल कलाम आजाद यह राष्ट्रपति मत समझ लेना अब्दुल कलाम आजाद नहीं है एपीजे अब्दुल पाकिर जैनल उद्दीन अब्दुल कलाम आजाद नहीं है यह भारत के पहले शिक्षा मंत्री अब्दुल कलाम आजाद हैं ठीक है बहुत आपसे में अगर मैं कहूं बहुत शानदार या आपका भारत की राजनीति के एक सितारे हैं ठीक है सिख सरदार उज्जवल सिख मोहम्मद अली जिन्ना मुस्लिम लीग के लिए हिंदू महासभा के लिए वीडी सावरकर और अनुसूचित जाति के लिए बाबासाहेब अंबेडकर थे क्या बातें की गई थी क्रिप्स मिशन में जिसके लिए गांधी जी ने कहा तुरंत निकल जाओ पहली बात क्या थी पहला बिंदु लिखें भारत संघ
46:50 बनेगा क्या यह बात पहले हो चुकी थी हां या ना यह बताते रहना बस आप अपने आप समझ जाओगे की योजना क्या है भारत संघ बनेगा यानी यूनियन ऑफ इंडिया विल बी फॉर्म्ड यूनियन ऑफ इंडिया यूनियन ऑफ इंडिया विल बी फॉर्म क्या ऐसी बात आपने कहीं देखी थी पहले भैया भारत संघ बनाने की बात तो पहले ही हो गई थी देखो यहां पर इन्होंने क्या बोल दिया इन्होंने बोल दिया कि इसमें क्या होगा जो ब्रिटिश भारत है ब्रिटिश भारत में कितने प्रांत थे भैया आप जानते पहले आठ थे तीन फिर बढ़ गए थे मैंने आपको बताया था बोलेंगे भाई एक उत्तर पश्चिम बढ़ गया था बिहार और उड़ीसा अलग हो गए थे एक उससे बढ़ गया था और एक आपका सिंध बढ़ गया था याद है
47:35 दोस्त या नहीं है ब्रिटिश प्रांत थे आपके और एक थी आपके प्रिंसली स्टेट्स देशी रियासत जिन देशी रियासतों ने क्या बोल दिया था आपको याद हो अखंड भारत में यानी कि भारत में शामिल होने से उन्होंने क्या बोल दिया था मना कर दिया था ठीक है यहां पर इन्होंने बोला कि भारत संघ बनेगा ब्रिटिश प्रांत कमिश्नरी क्षेत्र यानी ब्रिटिश प्रांत थे आपके 11 क मिशनरी क्षेत्र थे 500 से ज्यादा देसी रियासत थी और साथ में एक छूट और दे दी कि आपकी मर्जी होगी मर्जी मर्जी होगी आपकी चाहे तो शामिल हो या ना हो चाहे तो आप इसमें शामिल हो यानी कि यूनियन को आप बनाए चाहे तो ना हो यह दो शर्तें दे
48:23 दी चाहे तो ना हो या की इट विल बी एट पर योर चॉइस यह तुम्हारी चॉइस पर होगा यह तुम्हारी चॉइस पर होगा मेरे पास एक यंत्र है तो भैया अगर ऐसे हो जाता तो भारत के बहुत सारे टुकड़े नहीं हो जाते जैसे भारत में 500 से ज्यादा सब बोल देते मैं भी अलग हो जाऊंगी साथ में ये बोले कि तुम अपना संविधान भी बना सकते हो अलग से चाहे तो तुम भारत के संघ में शामिल हो जाओ और तुम चाहो तो अपना संविधान अलग से बना लो अब जैसे यूपी में अलग संविधान हो जाए एमपी में अलग हो जाए और उस समय तो 500 रियासतें थी तो भारत के टुकड़े नहीं हो जाते क्या तो इस चीज को कि भारत के टुकड़े हो कि क्या आप एक भारतीय होने के नाते उस समय की स्थितियों में आप स्वीकार करते या
49:10 नहीं आप स्वीकार करते या नहीं बताएंगे भाई हां या ना आप कहेंगे भया बिल्कुल स्वीकार नहीं करते भारतीय होने के नाते तो बिल्कुल नहीं भारत को राष्ट्रमंडल और दूसरी बात स्वीकारते रहना इनको हां या ना राष्ट्र मंडल और और अन्य संगठनों में शामिल होने की स्वतंत्रता होगी अन्य संगठनों में शामिल होने की स्वतंत्रता होगी होने की स्वतंत्रता होगी
49:57 इस बात का क्या मतलब हुआ इस बात का मतलब हो गया फ्रीडम टू जॉइन फ्रीडम टू जॉइन कॉमनवेल्थ कॉमनवेल्थ में कितने देश बताए थे मैंने कल एंड एंड अदर ऑर्गेनाइजेशंस कल कितने देश मैंने बताए थे कॉमनवेल्थ का क्या मतलब होता है कल मैंने आपको समझाया था आप कहे भैया कॉमनवेल्थ का मतलब होता है कॉमनवेल्थ का मतलब होता है आपका कि जो कभी ना कभी ब्रिटेन का उपनिवेश रहे हैं 54 कंट्रीज बहुत शानदार उन्होंने बोला कि आप चाहे तो कॉमनवेल्थ को जवाइन करें और चाहे तो ना
50:43 जॉइन करें ठीक है तीसरी बात क्या की गई यहां पर एक संविधान सभा होगी यहां पहली बार बात हुई संविधान सभा की जिसको आप डायरेक्ट पढ़ लेते हो यहां पर बात होगी संविधान सभा जो होगी वो संविधान बनाएगी संविधान सभा संविधान बनाएगी बच्चों नोट्स अच्छे से बना रहे हो ना अपने कांस्टिट्यूशन विल बी मेक बाय कंसीट असेंबली कंसीट एंट असेंबली संविधान सभा जो होगी वो क्या बोलेंगे कांस्टिट्यूशन विल बी मेक बाय कंसीट असेंबली ओके अब इसमें संविधान सभा बनाएंगे तो संविधान सभा में लोग होंगे तो
51:30 उन्होंने बोला जितने लोग ब्रिटिश क्षेत्र से आएंगे भैया ब्रिटिश क्षेत्र का मतलब जो 11 प्रांत मैंने आपको बताए थे 11 प्रांत क्लियर है दिमाग में 11 प्रांत कौन से हैं जी तो जो ब्रिटिश एरिया है वहां से जो लोग आएंगे वह आएंगे इलेक्शन से यानी कि वहां के जो प्रतिनिधि होंगे वह उनको चुनाव करेंगे और जो देसी रियासत होंगी जो प्रिंसली स्टेट्स है प्रिंसली स्टेट्स देशी रियासतों से क्या होगा कि का राजा जिसको चाहेगा कि भाई वहां का संविधान वह बनाए तो राजा जिसको भेजेगा राजा जिसको नॉमिनेट कर देगा जो नॉमिनेटेड होगा वह आ जाएगा तो यह क्या होंगे इनको बोल दिया अपॉइंटमेंट किए जाएंगे इनको नॉमिनेटेड किया जाएगा और यह आएंगे ब्रिटिश क्षेत्रों से य चुनावों से आएंगे दोनों बातों में कोई दिक्कत कोई परेशानी नहीं भैया ठीक है संविधान सभा की
52:18 बात समझ में आ रही है चौथी बात हम करते हैं चौथी बात की गई यहां पर चौथी तो बात की ना हमने अभी तीसरी बात की थी चौथी बात कर लेते पहली तो हमने की भारत का संघ बनेगा भारत को राष्ट्रमंडल में शामिल किया जाएगा और आपका हां चौथी बात की गई डोमिनियन स्टेटस देने की यह बात फिर से दोहरा रहे हैं या नहीं आप भी परेशान हो गए होंगे डोमिनियन स्टेटस से डोमिनियन स्टेटस समझ गए ना क्या था आपका कि आंतरिक मामलों पर सभी मामलों पर हम बनाएंगे लेकिन जो आपका जो राजा रहेगा वह कहां का रहेगा वो ब्रिटेन का रहेगा बार-बार वही बात कर रहे हैं अंग्रेज डोमिनियन स्टेटस डोमिनियन स्टेटस की बात की गई इसको तो छोटा सा ही शब्द लिख लो भैया वही बातें वायसराय की जो काउंसिल है उसमें बोल दिया
53:06 गया सभी भारतीय होंगे वायसराय की परिषद में जो उसकी कार्यकारिणी होती थी परिषद में बोल दिया गया कि अब सभी भारतीय होंगे सभी भारतीय होंगे इन द काउंसिल ऑफ वायसराय इन द काउंसिल ऑफ वायसराय पहले तो देखा इन्होने थोड़ा थोड़ा थोड़ा-थोड़ा एक एक दो दो करके एंटर किया अब ऐसी कंडीशन इनके सामने आ गई है इन द काउंसिल ऑफ वायसराय देयर विल बी ऑल इंडियंस सभी भारतीय होंगे सभी भारतीय होंगे ठीक है अब मुझे य बात
53:52 बताओ यह चीजें आप देखें क्या आप इनको एक्सेप्ट करेंगे भाई भारत संघ बनेगा उसको कह रहा है कि जिसकी मर्जी है वह शामिल हो जाओ जिसकी मर्जी नहीं है वो मत शामिल हो तो आप क्या बोलेंगे इस बात को आप कहेंगे तो गलत बात है तो भारत में तो भाई 500 रियासतें बोलेंगे कि हम सब अलग होंगे 500 रियासतों के 500 कानून होंगे तो देश तो बांटने की प्रयास है ठीक है भारत को राष्ट्रमंडल और अन्य संगठनों में शामिल होने की स्वतंत्रता तुम कौन होते हो भैया इस बात को कहने वाले हम तो पहले से ही पूर्ण स्वतंत्रता मांग रहे हैं तो वो तो हमारा ही डिसीजन होगा हम संप्रभु बनने की तरफ जा रहे हैं ये तुम डिसाइड नहीं करोगे संविधान स संविधान बनाएगी कॉमन सी बात है भैया हम देख लेंगे उसको डोमिन स्टेटस हमको एक्सेप्ट ही नहीं है वायसराय की परिषद में सभी भारतीय होंगे हम पूर्ण स्वतंत्रता की बात करें आप कह रहे कि परिषद में भारतीय होंगे अधिराज्य आपको चाहिए क्या डोमिनियन
54:40 स्टेटस क्या आपको चाहिए था या फिर 1929 के बाद हमको पूर्ण स्वराज चाहिए था आप क्रिप्स मिशन के सभी बिंदुओं पर विचार करें और मुझे यह बताएं क्या क्रिप्स मिशन के जितने भी बिंदु हैं वह सब दोहराए गए बिंदु नहीं है क्या कोई ऐसी विशेष बात की गई जो भारतीयों को लुभा पाए आप कहेंगे नहीं भैया तो इसीलिए गांधी जी ने क्या कहा था इसको पहले तो पट्टा भी सीतारमैया जी का स्टेटमेंट है पट्टा भी सीतारमैया गांधी जी के करीबी व्यक्ति थे जब हम इतिहास को पढ़ेंगे सुभाष चंद्र बोस जी के बारे में जानेंगे सुभाष चंद्र बोस जी के खिलाफ आप लोगों को पता होना चाहिए आप इतिहास में पढ़ते होंगे 1938 में 1938 में आपका एक हरिपुरा अधिवेशन हुआ था जिसके अध्यक्ष सुभाष चंद्र बोस जी थे और 1939 में आपका एक हुआ था
55:27 त्रिपुरी सं अधिवेशन जिसको कांग्रेस का त्रिपुरी संकट भी कहा जाता है वहां पर सुभाष चंद्र बोस जी के खिलाफ चुनाव कौन लड़े थे पट्टा भी सीतारमैया लेकिन वहां पर सुभाष चंद्र बोस जी के खिलाफ में जो पट्टा भी सीतारमैया जी थे उनको समर्थन प्राप्त था गांधी जी का यानी गांधी जी के पसंदीदा उम्मीदवार थे पट्टा भी सीतारमैया गांधी जी ने उनका खूब प्रचार प्रसार किया गांधी जी ने कहा पट्टा भी की हार मेरी हार होगी फिर भी पट्टा भी हार गए 1377 वोट ही मिल पाए थे उनको 137 27 और सुभाष चंद्र बोस जी को 1580 यानी 1580 वोट मिले थे लेकिन फिर जो कांग्रेस की आपका कार्यकारणी है उसने इस्तीफा दे दिया था तो सुभाष चंद्र बोस जी को भी फिर कांग्रेस को छोड़ना पड़ा उसके बाद आप जानते हैं कि उन्होंने फॉरवर्ड ब्लॉक बनाया 1939 में और फिर उनके ऊपर जब निगरानी की गई तो उन्होंने बहुत सारे वेस
56:14 बदले और वह कहां पर पहुंच गए थे जर्मनी जहां पर उन्होंने 1941 में क्या बनाया था आपका बोलेंगे 1941 में जर्मनी में क्या बनाया था प्री इंडिया सेंट बनाया था वहां पर ओके वापस आते हैं तो मैंने बोला कि पट्टा भी सीतारमैया कहते हैं अगस्त प्रस्ताव का अगस्त प्रस्ताव का अगस्त प्रस्ताव का परिवर्तित संस्करण मात्र है यह सिर्फ क्या यह ज्यादातर बातें अगस्त प्रस्ताव में की गई थी या नहीं यानी आप समझ गए कि चर्चिल ने तो भैया दबाब में सिर्फ बोल दिया है क्या बोला इसको मॉडिफाइड वर्जन ऑफ अगस्त ऑफर यह किसने ने कहा था क्रिप्स मिशन को मॉडिफाइड वर्जन ऑफ
57:02 अगस्त ऑफर किसने कहा था आप कहोगे पट्टा भी सीतारमैया ने गांधी जी का स्टेटमेंट सुनिए इस पर गांधी जी ने क्या कहा था बताएंगे आपने भी देखा होगा परीक्षाओं में बहुत महत्त्वपूर्ण है गांधी जी ने कह दिया था टूटते हुए टूटते हुए बैंक के नाम टूटते हुए बैंक के ना उत्तर दिनांक चेक भाई आप चेक के बारे में क्या जानते हैं पहली बात तो आपको चेक पता होना चाहिए बैंक का चेक होता है हां उस पर एक डेट डली होती है कॉर्नर पर ठीक है जिस पर लिखा होता है इसके तीन महीने के अंदर इसको आप भुना सकते हैं यानी इससे पैसे निकाल सकते हैं गांधी जी कह रहे हैं आप जिस ब्रिटिश
57:49 सरकार की बात कर रहे हैं ना कि व हमको य सुविधा देगी वह खुद खत्म होने वाली है तुम्हारा कोई भविष्य नहीं है तुम तो अब युद्ध में ही कमजोर हो और तुम्हारा कोई अभी स्थिति नहीं है तुम वैसे ही खुद कमजोर हो तो तुम्हारा तो बैंक है ना यानी कि जो देश है बैंक यहां पर देश को संबोधित कर रहे थे वो उन्होंने कहा टूटते हुए बैंक के नाम उत्तर दिनांक चेक है और एक ऐसा भरोसा है क्या कह रहे थे कंडीशंस में युद्ध के बाद में हर बात में ये बोलते थे युद्ध के बाद में हर स्थिति में य क्या बोलते थे हर स्थिति में बोलते भया युद्ध के बाद में उन्होंने बोला कि यार ठीक है अभी तुमको ही नहीं पता कि फ्यूचर में होगा क्या युद्ध में होगा क्या यह तुमको ही नहीं पता है युद्ध के बाद युद्ध के बाद
58:36 तुम यह बोल रहे हो तो गांधी जी ने से टूटते हुए बैंक के नाम उत्तर दिनांक चेक कहा यानी किसने क्रिप्स मिशन को पोस्ट डेटेड चेक कहा था पोस्ट डेटेड चेक पोस्ट डेटेड चेक अपॉन ए क्रशिंग बैंक यह किसने कहा था अपॉन बैंक यह कहा था गांधी जी ने और यहां पर नेहरू जी ने कौन से शब्द जोड़ दि थे हुज बैंक इज अबाउट टू बैंकट हुज बैंक इज अबाउट टू गो टू बैंकट जिसका बैंक भी दिवालिया होने वाला है यह शब्द किसने जोड़ दिए थे बाद में नेहरू जी ने क्या जोड़ दिया था हुज बैंक हुज बैंक इज अबाउट टू गो
59:27 अबाउट टू गो बैंकर यह ऐसे बैंक का चेक है जिसका लिख लेना जिसका बैंक दिवालिया होने वाला है बैंक दिवालिया दिवालिया का मतलब कुछ नहीं बचता जिसके पास में बोले तुम्हारे पास भी कुछ नहीं बचने वाला तो तुम बस झूठी बातें कर रहे हो जिस जिसका बैंक दिवालिया होने वाला है तो कहने का मतलब है क्रिप्स जो है यह अपने उद्देश्य में सफल हुआ आप कहेंगे भैया इनका उद्देश्य नहीं था यह तो चाहते ही थे कि असफल हो चर्चिल क्या चाहता था ऐसी शर्त देकर भेज देते हैं जो असफल ही हो क्योंकि मित्र राष्ट्र भी नहीं बचेंगे क्योंकि वह तो एक दबाब में आया ठीक है तो 11 अप्रैल 1942 को
1:00:13 नोट करना पूछा जाता है क्रिप्स मिशन वापस कब गया था 11 अप्रैल 1942 को क्रिप्स मिशन वापस चला गया अब भारतीय समझ गए कि ब्रिटिश सरकार हमको मूर्ख समझ रही है क्रिप्स मिशन वापस चला गया और गांधी जी को भी यह समझ में आ गया क्रिप्स मिशन कब रिटर्न हुआ था भैया 11 अप्रैल को गांधी जी को भी समझ में आ गया कि भैया अब छिटपुट छिटपुट घटनाओं से काम नहीं चलेगा टिनी मूवमेंट से काम नहीं चलेगा छोटे आंदोलनों से काम नहीं चलेगा अब एक बड़ा आंदोलन करना होगा तो बहुत बार पूछा जाता है क्रिप्स मिशन की विफल की वजह से कौन सा आंदोलन देश में शुरू हुआ जरा आप
1:00:59 लोग भी बताए सोचिए 1942 में कौन सा आंदोलन शुरू हुआ था याद रख लेना क्रिप्स विफल हुआ होना ही था भैया क्रिप्स की विफलता के क्या प्रभाव हुए क्रिप्स की विफलता का प्रभाव क्या हुआ क्या प्रभाव हुआ था बताएंगे क्रिप्प्स की विफलता का प्रभाव यह हुआ यानी कि इंपैक्ट ऑफ इंपैक्ट ऑफ क्रिप्स फेलियर इंपैक्ट ऑफ क्रिसिस फेलियर क्या इंपैक्ट पड़ता है आप लोगों को याद रख लेना कि 14 जुलाई को किसको 14 ऑफ जुलाई 1942 को 14 जुलाई बहुत महत्त्वपूर्ण
1:01:46 मार्क करना भैया इसको 14 जुलाई 1922 को 1942 को जो आपका कांग्रेस की कार्य समिति थी कांग्रेस की जो वर्किंग कमेटी है कांग्रेस कार्य समिति ने कांग्रेस कार्य समिति ने वर्धा वर्धा जो कि आपका साथी कहां पर है महाराष्ट्र में है वर्धा वर्धा में क्या किया था वर्धा में अंग्रेजों भारत छोड़ो प्रस्ताव को भाई अब हमको इनको भगाना होगा अंग्रेजों भारत छोड़ो ब्रिटिशर्स
1:02:36 माफ करेंगे भैया भैया क्रिप्स मिशन के मेंबर्स तो लिखा दो दोस्त क्रिप्स मिशन पॉलिटी का सब्जेक्ट नहीं है वो हिस्ट्री का उसको पढ़ेंगे वहां हिस्ट्री में बड़े ध्यान से अभी पॉलिटी के लिए जो जरूरी है उसको जानिए सिर्फ ऐसे एक बच्चा कह रहा था मैंने देखा 1961 का एक्ट जब 181 का एक्ट मैंने पढ़ाया बोला भैया आपने तो उच्च न्यायालय तो लिखवा ही नहीं आप तो अधूरा अधूरा पढ़ा रहे हैं तो मैंने देखा ऐसे एक बच्चे ने और लिख रखा तो भ 186 के एक्ट में तो आपने तो उच्च न्यायालय बताया नहीं 182 में आपका कलकाता में उच्च न्यायालय बना था मैंने कहा भाई
1:03:22 वो उच्च न्यायालय अधिनियम है वह हाई एक्ट 18 61 और हम पढ़ रहे हैं आपका क्या इंडियन चार्टर एक्ट हम चार्टर एक्ट को पढ़ रहे थे 186 दोनों में जमीन आसमान का अंतर है तो थोड़ा सा धैर्य रखना है जब हम हाई कोर्ट को पढ़ेंगे तब उसको पढ़ेंगे जब हम हिस्ट्री में पढ़ेंगे क्रिप्स मिशन कौन-कौन व्यक्ति आए थे कौन-कौन उनमें मेंबर थे वह सब पढ़ेंगे प्लीज आगे आएंगे 14 जुलाई 1942 को क्या बोलेंगे आपका कांग्रेस कार्य समिति ने में अंग्रेजों भारत छोड़ो भैया प्लीज पीडीएफ से पढ़ाइए बेटा तुम्हारा ये नाटक हमेशा रहता है कभी पीडीएफ से पढ़ना होता है तुमको पीडीएफ से पढ़ाए तो हाथ से लेख स्टेटिक जीके को पीडीएफ से पढ़ेंगे ओके स्टेटिक जीके को
1:04:09 क्योंकि उसमें लिखने जैसा कुछ नहीं होता बहुत सारे फिगर्स वगैरह की उसमें जरूरत पड़ती है लेकिन पॉलिटी हिस्ट्री तो हाथ से लिख के पढ़ेंगे क्योंकि इसमें क्या है साथ-साथ आप आसानी से बहुत बच्चों की रिक्वेस्ट थी मेरे पास पर्सनल मैसेज करके कि भैया हम साथ-साथ कनेक्ट करके नोट्स बना पाते हैं पीडीएफ से एकदम भागने जैसा हो जाता है है ठीक है ना एक बार थम्स अप करके बताओ कोई दिक्कत थोड़ी है ऐसे नोट्स बनाने में आपको ऐसे ही मस्त है ना ओके तो कांग्रेस कार्य समिति ने वर्धा वर्धा कहां पे पड़ता है महाराष्ट्र में एक प्रपोजल बनाया और उसमें बोला क्विट इंडिया क्या बोलेंगे ब्रिटिशर्स क्विट इंडिया अंग्रेजों भारत छोड़ो यह बात की गई ठीक है कांग्रेस की और वर्किंग कमेटी ने और यही 8 अगस्त आप लोगों को याद रखना है 88 अगस्त
1:04:54 1942 को गांधी जी मैदान में गए कहां पर आपके ग्वालिया टैंक मैदान जो कहां पर है यह आपको बताना है ग्वालिया टैंक ग्राउंड ग्वालिया टैंक ग्राउंड आपका जो कि कहां पर है मुंबई में और यहां से शुरू हो गया भारत छोड़ो आंदोलन क्विट इंडिया मूवमेंट भारत छोड़ो आंदोलन यह मैं आपको बताना चाह रहा था क्रिप्स की विफलता की वजह से कौन सा आंदोलन शुरू हुआ तो आप कहेंगे भैया क्विट क्य आई एम इसको हम बोलते हैं क्विट इंडिया मूवमेंट शुरू हो गया क्विट इंडिया मूवमेंट शुरू हो गया ओके क्विट इंडिया मूवमेंट 8 अगस्त 1942 को और इसी डेट को हम
1:05:40 बोलते हैं आपका क्या इसी डेट को हम बोलते हैं आपका क्या अगस्त क्रांति क्योंकि अगस्त में शुरू हुई अगस्त रिवोल्यूशन इसको कहा जाता है तो देखा अगस्त नाम से मैंने क्या कहा था आगे चलकर हम अगस्त प्रस्ताव भी पढ़ेंगे आगे चल हम अगस्त क्रांति भी पढ़ेंगे लेकिन मैंने एक शब्द और आपको पढ़ाया था आज हमने अगस्त प्रस्ताव को पढ़ा आज हमने अगस्त क्रांति को जाना इससे पहले हमने कौन से अगस्त को जाना था एक बार कमेंट सेक्शन के माध्यम से लिखें तो क्या बोलेंगे इसी को अगस्त रिवोल्यूशन भैया हम कहते हैं क्या बोलते हैं इसको अगस्त रिवोल्यूशन इसको कहते हैं बस आप मेरे साथ धीरे धीरे धीरे धीरे चलते रहे यहां पर गांधी जी ने कौन सा नारा दे दिया था करो या मरो डू और
1:06:26 डाई डू और डाई का नारा यहां पर दिया गया ठीक है क्या बोल दिया गांधी जी ने करो या मरो करो या मरो का नारा दे दिया गया ठीक है अब समझना भारत छोड़ो आंदोलन में क्या नारा दे दिया गया करो या मरो भैया अगस्त घोषणा हमने इससे पहले पढ़ा था अगस्त अनाउंसमेंट है ना बहुत अच्छे बच्चों बहुत अच्छे अब बात करते हैं यहां पर तो गांधी जी ने लोगों से क्या बोला क्विट इंडिया मूवमेंट क्विट इंडिया मूवमेंट में गांधी जी ने क्या बोला लोगों से भारत छोड़ो आंदोलन किस वर्ष शुरू हुआ 1942 में गांधी जी लोगों से कहते हैं कि भैया जितने भी ऑफिसर्स हैं
1:07:11 जितने भी आपका लोग सरकारी नौकरी में है वह अपनी जॉब ना छोड़े ऑफिसर्स जितने भी थे उनको क्या कहा गया जितना भी अधिकारी वर्ग था जितने भी लोग नौकरी पैसे वाले थे उनसे कह दिया गया कि भाई आपको अपनी जॉब जो है ना वह बनाए रखनी है जॉब छोड़नी नहीं है जैसा गांधी जी ने आपका आप लोगों को याद हो एस योग आंदोलन जब हम हिस्ट्री में पढ़ेंगे गांधी जी ने कहा था कि आप सब मेरे साथ आ जाओ एक वर्ष में हम पूर्ण स्वराज्य को पा लेंगे तो वहां पर लोगों ने अपनी जॉब छोड़ दी थी स्टूडेंट्स ने स्कूल जाना छोड़ दिया था लोगों ने अपनी खेती करनी छोड़ दी थी तो यहां पर गांधी जी को वह समझ आ गया कि उस सब का फायदा नहीं हुआ था गांधी जी ने कहा अपने पद पर रहो लेकिन किसका ब्रिटिश सरकार की जो नीतियां हैं जो ब्रिटिश सरकार की नीतियां है उनको उनका विरोध करो ब्रिटिश
1:07:59 सरकार की नीतियों के खिलाफ बोलो ब्रिटिश सरकार की नीति का क्या करना होगा आपको उसको अपोज करना होगा अपोज करना होगा उसको विरोध करना होगा बात समझ में आई मतलब जॉब नहीं छोड़नी दूसरा एक बड़ा वर्ग था यहां पर जिसकी जरूरत थी वह था सोल्जर्स का सिपाहियों का सोल्जर्स का सिपाहियों का जितने भी सिपाही या तैनात थे उनसे कहा गया कि भैया आप भी अपनी जॉब पर बने रहे लेकिन ब्रिटिश सरकार आपको जो भी आदेश देती है वह आपको आदेश नहीं मानने क्या बोलेंगे जो ऑर्डर्स हैं वह फॉलो करने हैं या नहीं आप कहोगे ऑर्डर्स फॉलो नहीं करने हैं जॉब पर बने रहना है तीसरा जो आदेश दिया गया आपका जो मतलब आदेश क्या एक एक्सपेक्टेंट थी कि
1:08:45 भाई ये लोग ऐसा करेंगे तभी यह सफल होगा पीजेंट्स यानी कि जो कृषक वर्ग था जो किसान भाई थे जो कृषक बंधु थे हमारे उन सबसे कहा गया कि भैया तुमको अब ऐसा नहीं होगा कि भाई तुम लोग खेती करनी छोड़ दो तो जो एग्रीकल्चर है वह आपको करना है लेकिन क्या करेंगे जो आप यह टैक्स देते हैं लगान देते हैं यह नहीं देना यह विरोध के तरीके हुए भैया भारत छोड़ो कई जगह 9 अगस्त लिखा होता है हा ठीक लिखा होता है 8 अगस्त 1942 एसएससी द्वारा डेट मान्य इसीलिए मैंने आपको 8 अगस्त बताई है जबकि यूपीपीसीएस उसको 9 अगस्त भी मान चुका है तो एग्जाम में जब आएगा आठ या न में से कोई एक डेट आएगी कभी भी आपको वेद मिलेगा तो क्वेश्चन कैंसिल करना पड़ेगा ओके सिंपल सा है क्योंकि 8 अगस्त गांधी जी मैं आपको बताता
1:09:31 हूं ना उसपे एक काकोरी एक्शन हुआ था 9 अगस्त 1925 को हुआ था काकोरी एक्शन गांधी जी उसकी 17वीं एनिवर्सरी पर भारत छोड़ आंदोलन शुरू करना चाह रहे थे गांधी जी कह रहे थे इसको 9 अगस्त को शुरू करते हैं इसीलिए मैंने आपको अभी बताया कि वर्धा में जो प्रस्ताव बना उसके लिए टाइम ही इतना लगा लेकिन इस समय पर बोले कि अंग्रेज सरकार इसको शुरुआत में ही दबा देगी तो ये 8 अगस्त की रात को ही शुरू हो गया था इसीलिए कई अखबारों को तो इसको पता चला 9 अगस्त का तो उन्होने ने जो आपका खबरें छापी वो 9 अगस्त को छापी ठीक है तो पीजेंट यानी कि कृषक उनको क्या बोला खेती करिए लेकिन क्या बोलेंगे यहां पर आपको विरोध करना है अब इतना तगड़ा यह विरोध हुआ कि जगह-जगह कहीं पर लोग पटरी उखाड़ रहे थे कहीं पर ब्रिटिश जो कम्युनिकेशन सिस्टम था उसको लोग डिस्ट्रॉय कर रहे थे उनके संचारी कहीं ऑफिस लूटे जा रहे थे कहीं पर अंग्रेजों को पीटा जा रहा
1:10:17 था 1942 में एकदम से बबाल हो गया अंग्रेज तो भैया जान बचाते भाग रहे थे इसी समय पर देश में पैरेलल गवर्नमेंट बनी पैरेलल गवर्नमेंट पैरेलल गवर्नमेंट का मतलब है समानांतर सरकारें पैरेलल गवर्नमेंट मतलब समानांतर सरकारें देश में बनी थी कोई एक समानांतर सरकार का नाम आप भी लिखिए समानांतर सरकार यहां पर बनी जैसे एक बनी थी आपका बलिया में चित्तू पांडे ने हिस्ट्री में पढ़ेंगे हम बहुत विस्तार से है ना बलिया में किसने बनाई थी चित्तू पांडे ने जिनको क्या बोलते बागी बलिया भैया चित्तू पांडे जी ने यहां पर बनाई और सतारा में सतारा में आपका बनी थी वाईवी चौहाण ने बनाई थी तमलुक में बनी थी वेस्ट बंगाल में तमलुक वेस्ट बंगाल में ठीक है अंबिका
1:11:04 चक्रवर्ती जिने बनाई थी और एक तलचर में वहां के स्थानीय लोगों ने बना ली थी तलचर उड़ीसा में तो यहां पे स्थानीय सरकारें बन गई स्थानीय सरकार का मतलब है कि भैया ब्रिटिशर्स तो कहां पर सेकंड वर्ल्ड वॉर में बिजी इधर भारतीयों से क्विट इंडिया मूवमेंट से बचने में बिजी तो हालत खराब है उनकी तो यहां प बहुत सारे लोगों ने तो आपका अनाउंस कर दिया कि भैया अपनी गवर्नमेंट हम खुद चलाएंगे ठीक है बागी बलिया में चित्त पांडे जी ने इसको सबसे पहले किया कि भैया हम अपनी सरकार खुद चलाएंगे तो आप देख रहे हैं 1942 का जो भारत छोड़ो आंदोलन है उसका एक अच्छा प्रभाव ब्रिटिश सरकार पर पड़ रहा है हां या नहीं यह आपको बताना है हां या ना तो आप कहेंगे जी भैया बहुत अच्छा प्रभाव पड़ रहा है लेकिन क्विट इंडिया मूवमेंट के सपोर्ट में कौन नहीं था उस समय की भारत की
1:11:50 पार्टियों की स्थिति देखिए क्विट इंडिया जो मूवमेंट था क्या इसको हिंदू महासभा का समर्थन मिला था बोलेंगे सबसे पहले समझेंगे कौन सी पार्टी थी याद रखना जिन्होंने समर्थन नहीं किया क्ट इंडिया मूवमेंट में जिन्होंने समर्थन नहीं किया बहुत महत्त्वपूर्ण प्रश्न बनता है भारत छोड़ो आंदोलन में किसका समर्थन प्राप्त नहीं था पहली पार्टी थी कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया लिखिए सीपीआई जो बच्चे पूरा नाम ना जानते हो तो लिखें कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ
1:12:38 इंडिया दूसरी थी आपकी मुस्लिम लीग कौन आपका मुस्लिम लीग क्यों नहीं किया था इस पर भी बात करेंगे अभी समर्थन और तीसरी थी आपका हिंदू महासभा जिसके प्रमुख कौन थे वीडी साव जी थे उस समय क्या आप लोग बोलेंगे इस समय क्या बोलेंगे आप देखो यहां पर एक मामला समझिए जो कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया मैंने बोला यूएस जो आपका ब्रिटेन यूएसए एक साथ थे यूएसए के ब्रिटेन के साथ में ब्रिटिश सरकार के साथ में रूस था या नहीं था सेकंड वर्ल्ड वॉर में बताए जो सेकंड वर्ल्ड वॉर है उसमें ब्रिटेन के साथ रूस था या नहीं था जी भैया रूस एक कम्युनिस्ट देश है
1:13:25 कम्युनिस्ट होने का मतलब क्या होता है कि आप धर कम्युनिस्ट का मतलब क्या बोलते हैं आप साम्यवादी हैं साम्यवादी का मतलब क्या होता है कि आप देश में हर वर्ग को बराबर दृष्टि से देखना चाहते हैं संसाधनों को आप बराबर दृष्टि से देखना चाहते हैं आप किसी धर्म के जाति के पक्ष में नहीं है ओके तो ऐसे ही रूस में तो इन लोगों ने बोला सीपीआई ने हम तो रूस कम्युनिस्ट कंट्री है और रूस जिसके साथ है हम उसी के साथ में यानी सीपीआई ने किसको सहयोग कर दिया सीपीआई ने इंडिया मूवमेंट में समर्थन भारत को ना दे कर के किसको दिया ब्रिटेन को दिया किसको दे दिया ब्रिटेन को दे दिया मुस्लिम लीग क्या बोलेंगे क्या बोलेंगे मुस्लिम लीग कहती थी कि भैया क्विट इंडिया मूवमेंट में नहीं जाना है भारत आजाद हो
1:14:11 गया तो इन भारत के नेताओं का बिल्कुल भरोसा नहीं है कि मुसलमानों के हितों की रक्षा करेंगे नहीं करेंगे इनको यह विश्वास था कि ब्रिटेन यह युद्ध जीतना चाहिए और ब्रिटेन ने एक वादा कर रखा था आप सबको पता होना चाहिए 1940 में पाकिस्तान की मांग उठने लगी थी ये हम हिस्ट्री में पढ़ेंगे तो उनको यह विश्वास था कि सिर्फ और सिर्फ ब्रिटिश गवर्नमेंट ही मुस्लिमों के लिए पाकिस्तान की व्यवस्था कर सकती है इसीलिए ये लोग भी क्या चाहते थे कि कौन जीते कौन जीते तो आप कहेंगे भैया इनका तो पक्ष सीधा-सीधा ब्रिटेन की तरफ था यानी कि ये भारत के इस क्विट इंडिया मूवमेंट को क्यों सपोर्ट करें व्हाई सपोर्ट करें अब इनको पता है हिंदू महासभा को कि भाई जो यह ब्रिटिश सरकार है जो ब्रिटिश सरकार है यह क्या करेगी आपका ब्रिटिश सरकार क्या करेगी आपका यह मुस्लिम
1:14:58 लीग के हित के फैसले लेगी या नहीं लेगी यानी ब्रिटेन ही पाकिस्तान देगी तो हिंदू महासभा भी इसी बात को लेकर के विरोध में थी कोई दिक्कत कोई परेशानी समझ गए अब आते हैं अगली बात पर यहां पर एक नेताजी आए बीच में और नेताजी ने कहा भैया मुस्लिम लीग और हिंदू सभा या कांग्रेस इन सब के बीच हम एक आपका अलायंस कराते हैं जिसको कहा जाता है सी राजगोपालाचारी फॉर्म दो चार बिंदु और लिखेंगे फिर हमारी आज की कक्षा का अंत होगी सी गोपालाचारी फार्मूला कब आया था य राजगोपालाचारी कौन है गांधी जी के समधी हैं चक्रवर्ती राजगोपालाचारी ठीक है तो चक्रवर्ती राजगोपालाचारी क्या बोलेंगे इन्होंने क्या
1:15:44 कोशिश की थी मुस्लिम लीग और कांग्रेस के बीच एक समझौता करवाने के लिए मुस्लिम लीग और कांग्रेस का एकीकरण हो जाए और कब आया था सी राजगोपालाचारी फार्मूला यह आया था जुलाई 1944 में मतलब एक कंप्रोमाइज हो जाए कैसे भी यह लोग जो अलग थलग भाग रहे हैं तो यह क्या बोला था इन्होंने देखना इनकी चीज कैसे एक्सेप्ट होगी या नहीं होगी यहां पर य क्या कहते हैं इन्होंने बोल दिया कि जैसे भारत है उस समय के भारत की अगर हम बात करते हैं ठीक है तो ये जो पाकिस्तान वाला क्षेत्र थाय भी क्या इंडिया का था आज जो बांग्लादेश वाला क्षेत्र है वो भी क्या इंडिया का था या हां या ना तो इन दो
1:16:30 एरियाज में क्या था मुस्लिम बहुत ज्यादा थे यह मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र थे मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र थे यह आज आप भी जानते होंगे इसीलिए यहां पर क्या बना था ईस्ट पाकिस्तान पूर्वी पाकिस्तान यहां पर था पाकिस्तान जब बना था 1947 में तो दो पाकिस्तान थे एक तो इधर था ईस्ट पाकिस्तान और इधर था वेस्ट पाकिस्तान ठीक है ईस्ट पाकिस्तान को इंदिरा गांधी जी ने 1971 में बांग्लादेश बना दिया तो ये मुस्लिम बाहुली क्षेत्र थे आपका अब इन्होंने बोला कि जितने भी मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र हैं मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्रों का क्या हो जाएगा आपका सीमांकन करा लेंगे सीमांकन बोले तो डिमार्केट करा लेंगे एक जहां पर क्या बोलेंगे आपका जहां पर मुस्लिम मेजॉरिटी में उसका डिमार्केट केशन जो होगा वह आपका वहां पर वोटिंग के आधार पर
1:17:19 देख लेंगे किसके आधार पर वोटिंग के ऑन द बेसिस ऑफ वोटिंग वोटिंग आधार पर आधार पर क्या देख लेंगे आपका क्या देख लेंगे कि भैया कितना हिस्सा मुस्लिमों को दिया जाए यानी यह इस समय पर इस बात के लिए तैयार हो गए थे कि मुस्लिमों के लिए अलग राष्ट्र आपका देना पड़ेगा तो उन्होने बोला कि वहां की जनता से वोटिंग करा लेंगे ठीक है जो आपका मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र वोटिंग के बाद में हम लोग आपस में तय कर लेंगे किई कौन सा एरिया दिया जाए जैसे ही जिन्ना ने य नाम सुना जिन्ना भड़क उठा किसने विरोध किया था मुस्लिम आपसे पूछे सी राजगोपालाचारी फॉर्मूले का क्यों क्योंकि किसकी बात की गई थी वोटिंग की बात की गई थी और जैसे ही वोटिंग के आधार पर बात हुई तो मोहम्मद अली जिन्ना ने इसका विरोध कर
1:18:06 दिया अब एक छोटी सी बात और मुझे बताएं किसने अपोज किया था यह क्या विफल रहा था आपका राजगोपालाचारी फार्मूला भी उन्होंने बोला हां यह भी विफल रहा यह भी विफल रहा अब जब क्विट इंडिया मूवमेंट देश में चल रहा था तो आपने इतिहास में पढ़ा है कि कांग्रेस के सभी नेताओं को गिरफ्तार कर गया था हा या ना जैसे ऑपरेशन जीरो चलाव कर आपके गांधी जी को गिरफ्तार कर लिया गया उनको आग खा पैलेस में रख लिया गया ठीक बहुत सारे नेताओं को गिरफ्तार कर लिया गया नाममात्र के नेता थे जो बाहर थे उन्हीं नेताओं में एक थे भूला भाई देसाई क्या बोलेंगे तो यहां पर एक छोटी सी बात और आती है जिसको हम बोलते हैं आपका देसाई लिख लेना भूला भाई देसाई और और लियाकत
1:18:55 देसाई और लियाकत ठीक है समझौता हुआ इन दोनों ने भी बात की अ ये दोनों लीडर्स बाहर थे सब अपना अपना दिमाग अलग-अलग लगा रहे थे यह कौन है इनका नाम लिख लेना पूरा भूला भाई देसाई और यह कौन है लियाकत अली खान थे इन दोनों ने बोला एक काम करते हैं इन दोनों ने बोला कि दोनों को 50 % सीट देंगे 50 पर 50 पर सीट हिंदू और मुसलमानों को ठीक है वोटिंग के आधार पर नहीं तो यह भी क्या रहा था यह भी विफल रहा था इसको बाकी लोगों ने एसेट नहीं किया क्योंकि इसमें सिर्फ दो लोगों के बीच का समझौता है यानी बीच में बहुत सारी कोशिशें हो रही हैं कि मुस्लिम लीग ऐसे भी करके भारत से अलग होने की बात ना करें क्योंकि यहां पर भूला भाई देसाई ने क्या कहा कल को हमारे
1:19:40 देश की जब सरकार बनेगी हम देश में एक केंद्रीय सरकार बनाएंगे उस सरकार में जो मंत्रिमंडल होगा उसमें 50 पर तो हिंदू होंगे और 50 पर मुस्लिम होंगे ठीक है मतलब ऐसी कुछ व्यवस्था की गई दरअसल में अगर मैं एग्जैक्ट फिगर आपको बताऊं उसम व्यवस्था यह थी कि 4040 में तो आपका मुस्लिम और हिंदू और 20 प्र में बाकी माइनॉरिटी हो ठीक है यहां पर देखें आगे आते हैं बच्चा इसमें विस्तार से लिखने की क्या बात है सी राजगोपालाचारी फार्मूला मुस्लिम लीग कांग्रेस के एकीकरण की बात की गई अब इसके लिए पूरा सेंटेंस लिखूंगा पूरा सेंटेंस तो ऐसे तो दोस्त फिर तो यह बात हुई कि आप पहली क्लास के छात्र हैं पहली कक्षा के ऐसा ना करें प्लीज यह मेरी रिक्वेस्ट है
1:20:26 ऐसा नहीं करेंगे बच्चे इसमें कुछ ऐसा मुझे बताए एक बार कोई दिक्कत आ रही है क्या समझने में आप बताएं फिर मैं लिखूंगा तो फिर तो बहुत लंबी अवधि लगेगी फिर तो वर्षों चले जाएंगे दोस्त हमको ऐसे अपनी भाषा में लिख लिया करो खुद लिख लिया करो पूरा कोई दिक्कत तो नहीं बताए एक बार नो लिख करके बताएंगे कोई दिक्कत नहीं है दिक्कत है तो बताए हां इतने छुटके बच्चे नहीं बनना है कोई कोई बहुत से बहुत छोटा बच्चा अभी पन पकड़ा बेचारे ने आज तक जो घर वाले बोल रहे थे पढ़ना है तो तब तो पढ़ता नहीं था अब उसको लग गया गुरुजी की क्लास में आकर एकदम से हीरो बन जाना है देखो वेवल योजना क्या है वेवल प्लान इसको समझे लिलिथ गो ने भैया किए
1:21:11 कराए पर सब पर पानी फेर दिया लिलिथ गो से बोला भैया तू एक काम कर वापस आ 1943 में इसको वापस बुला लिया गया लिलिथ गो वापस आया और लिलिथ गो की जगह लिलिथ गो की जगह कौन आए थे आप भैया एक बार सुनेंगे तो दिलि को वापस भेज
1:21:58 दिया और लिथ की जगह कौन आई भाई वेवेल और वेवेल को बताया गया कि भाई अब भारत जाओ तुम भारत जाओ ठीक है अब स्थिति कुछ और हो चुकी थी देखो समझो इस समय की स्थिति क्या है स्थिति समझो ब्रिटेन में चुनाव आ गए थे मैंने आपको कार्यकाल बताया था अभी चर्चिल का बताए कितना कार्यकाल मैंने बताया था ब्रिटेन में इस समय चुनाव आ गए थे दो लोग सामने थे एक तरफ चर्चिल था चर्चिल और वर्सेस में एक व्यक्ति आए क्लीमेंट एटली यहां पर ब्रिटेन में चुनाव होने वाले थे 1945 के लास्ट की बात है कि चुनाव चल रहे थे इटली ने यहां पर एक मुद्दा बनाया इटली ने यहां पर मुद्दा बनाया क्या इशू
1:22:44 क्रिएट किया भारत की स्वतंत्रता का उन्होंने बोला कि जैसे ही वह देश के प्रधानमंत्री बनेंगे तो वह भारत की स्वतंत्रता के बारे में विचार करें भारती को स्वतंत्रता मिलनी चाहिए तो हमारा देश का जो पक्ष हो जाएगा यानी जितने भी भारतीय उस समय ब्रिटेन में रहते होंगे वह सब किसको सपोर्ट करेंगे आप बताइए इस व्यक्ति की मंसा आप जान चुके हैं साथ में याद रख लेना 1942 43 में बंगाल में अकाल पड़ा था बंगाल के अकाल अकाल का मतलब एक डाउट डाउट बोलते हैं बंगाल में अकाल पड़ा था यानी कि पहले तो आप जानते हैं कि सिचाई के इतने साधन नहीं थे फसले आपका बारिश आदि पर निर्भर करती थी तो बारिश नहीं पड़ी तो चावल की फसल बंगाल चावल पर आधारित था आपका ठीक है चावल वहां सारा नष्ट हो गया चावल नष्ट हो गया तो
1:23:30 यहां पर बंगाल में अकाल की वजह से 30 लाख लोगों की मौत हो गई थी 30 लाख लोग अब जब ये 30 लाख लोग यहां पर मारे गए तो उस सबका जिम्मेदार भी किसको माना जाता है कि चर्चिल की वजह से वो सब मारे गए चर्चिल ने अगर थोड़ा भी ध्यान दिया होता तो इन भारतीयों की जान बच जाती तो भारतीय किस फेवर में होंगे चर्चिल के तो एकदम खिलाफत में होंगे अब चर्चिल को जैसे ये पता चलता है कि भाई इंडियंस जो है ना उन सबका जो सपोर्ट है वह किसके लिए जा रहा है इटली के लिए तो इसीलिए उसने बोला भैया किसको विवेल भैया जाओ ना वेवेल भैया जाओ ना इंडियंस को मनाओ ना वेवेल प्लान वेवेल प्लान आपका पेश हुआ 14 जून 1945 को 14 ऑफ जून 1945 को य प्रेजेंट किया गया
1:24:18 और इसमें क्या बात की गई आपका देखो कुछ
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