0:04 जय हिंद एवरीवन जय हिंद वंदे मातरम भारत माता की जय आई एम प्रथमेश रंजनी और मैं आप सभी का डिफेंस वाला के इस अमेजिंग प्लेटफार्म के ऊपर बहुत-ब बहुत-बहुत स्वागत करता हूं। जय हिंद कैरेट्स वंदे मातरम भारत माता की जय हर हर महादेव। जय हिंद। मेरी वॉइस एंड वीडियो दोनों क्लियर है? प्लीज कंफर्म कर दो एक बार। इज माय वॉइस वीडियो बोथ आर क्लियर? जय हिंद एवरीवन। जय हिंद कैरेट्स। जय हिंद, वंदे मातरम। भारत माता की जय। हर हर महादेव। जय हिंद। मेरी आवाज सुनाई दे रही है सभी को? एम ऑडिबल टू एम विज़िबल टू मेरी वॉइस एंड वीडियो दोनों क्लियर है? प्लीज कंफर्म कर दो बेटा क्या मेरी आवाज सुनाई दे रही है? जय हिंद जय हिंद जय हिंद जय हिंद जय हिंद वंदे मातरम भारत माता की जय गार्गी अंजलि जय हिंद ओके श्वेता जय हिंद अभिषेक पांडे जी जय हिंद ओके दिव्यांशु अमनीश लवजीत आर्य जय हिंद जय हिंद वंदे मातरम भारत माता की जय हर हर महादेव चलिए आई थिंक मेरी वॉइस वीडियो सभी को क्लियर आ रही है एम ऑडिबल टू यू आई विज़िबल टू यू वॉइस
0:51 वीडियो सभी क्लियर है कैरेट्स प्लीज कंफर्म कर दो एक बार वॉइस एंड वीडियो क्लियर है ऑल पॉजिटिव बहुत बढ़िया चलिए ऑल पॉजिटिव है ना सही है ऑल पॉजिटिव ही रहना चाहिए हमेशा और पॉजिटिव नहीं है तो उसको पॉजिटिव बनाना पड़ेगा यही यही तो एक अधिकारी की सबसे बड़ी खासियत होती है ना। जब हम फौज के बारे में बात करते हैं, जब हम फर्सेस के बारे में बात करते हैं, तो थिंग्स आर समटाइ्स थिंग्स आर नेगेटिव आउट देयर। बट अपने ओक्यूस के द्वारा और अपने धैर्य, अपने परिश्रम, अपने साहस के द्वारा हम उन चीजों को क्या करते हैं? उस सिचुएशन को हम पॉजिटिव में कन्वर्ट कर देते हैं। है ना? चलिए बहुत बढ़िया। ओके। स्टार्ट करें सेशन को। वॉइस एंड वीडियो क्लियर है। ग्रेट। ग्रेट। चलिए ठीक है। आई थिंक वॉइस वीडियो अब दोनों क्लियर है आपको। तो आज के सेशन की हम शुरुआत करते हैं और आज हिस्ट्री का आपका दूसरा लेक्चर है। याद रखना इतिहास के आपके चार लेक्चर लूंगा मैं। हिस्ट्री के कितने लेक्चर्स होंगे? चार लेक्चर्स होंगे। पहले में हम लोगों ने क्या कंप्लीट करा? पहले में हमने मॉडर्न
1:37 कंप्लीट कर लिया। मॉडर्न के कुछ पार्ट छूट हैं। चिंता मत करना वो भी करवाऊंगा। उसके बाद आज हम एंशिएंट हिस्ट्री के बारे में बात करेंगे। एंशिएंट के बाद हम लोग किस बारे में बात करेंगे? मेडवल हिस्ट्री के बारे में बात करेंगे। और उसके बाद हम लेंगे वर्ल्ड हिस्ट्री। वर्ल्ड हिस्ट्री के बाद हम लोग जो है लास्ट फीस्ट के अंदर जाएंगे। तो देखो याद रखना कि जो टॉपिक अगर लग रहा है कि सर ये पॉइंट छूट गया। सर ये टॉपिक थोड़ा सा छूट गया है। सर ये टॉपिक थोड़ा सा और बता दीजिएगा। चिंता मत करना। वो जितने भी टॉपिक्स हैं, जितने भी टॉपिक्स हैं वो सारे के सारे मैं आपको लास्ट फीस्ट के अंदर या तो वो कवर हो जाएंगे या वर्ल्ड हिस्ट्री के बाद एक टाइम बचा तो मैं कवर करवा दूंगा। तो चिंता मत करना इस चीज को कि सर ये टॉपिक बचा वो टॉपिक बचा है ना चिंता मत कीजिएगा। चलिए मेरी वॉइस एंड वीडियो क्लियर है? वॉइस एंड वीडियो क्लियर है? हां जी। वॉइस एंड वीडियो दोनों क्लियर है? जय हिंद। जय हिंद। मेरी वॉइस वीडियो बोथ आर क्लियर। अभी क्लियर है वॉइस एंड वीडियो। ओके चलिए। है आज एंशिएंट पूरा
2:24 कंप्लीट हो जाएगा यस ऑब्वियसली एंशिएंट हम लोग कंप्लीट करेंगे मेजर टॉपिक्स हम लोग कंप्लीट करेंगे और देखो याद रखना थोड़ा सा अपन लोग है ना आज एंशिएंट की जब हम बात करें तो एंशिएंट बहुत बड़ा है मतलब मॉडर्न से बड़ा एंशिएंट होता है तो हम थोड़ा सा आप लोग याद रखना कि हम थोड़ा सा स्पीड में जाएंगे ऐसा नहीं कि कुछ समझ में नहीं आएगा समझ में पूरा आएगा डिटेल के अंदर हम बात करेंगे पूरा समझ में आपको आएगा बट छोटी सी बात एक मेरी याद रखना कि कॉपी पेन लेकर बैठना ठीक है एंशिएंट में क्या-क्या इंपॉर्टेंट है देखो थोड़ा सा मैं बता देता हूं हालांकि मैं शुरुआत से करवाने वाला हूं सारी चीजें हम शुरुआत से करेंगे बट एंशिएंट में जो इंपॉर्टेंट मोस्टेंट टॉपिक है। कई बार रेस्टोरेंट्स पूछते हैं कि सर सबसे इंपॉर्टेंट टॉपिक क्या है? क्या चीजें बड़ी इंपॉर्टेंट है? क्या मैं पहले करूं? बाद में करूं? देखो क्या है? देखो दिस एग्जाम इज़ कंडक्टेड बाय द यूपीएससी। और जब यूपीएससी कोई एग्जाम कंडक्ट करवा रहा है तो वो वहां पर हमको थोड़ा सा अंदाजे से चलना पड़ता है कि यहां से सवाल आ सकता है। अब प्रीवियस ईयर के अगर आप
3:10 पेपर्स को देखेंगे, प्रीवियस ईयर के पेपर्स को एनालिसिस करेंगे तो आप देखोगे इतिहास के अंदर कुछ टॉपिक्स इंपॉर्टेंट हैं। पहले टॉपिक के बारे में बात करूं दैट इज़ आईबीसी। इंडस वैली सिविलाइजेशन। नंबर वन टॉपिक। दूसरा आप देखेंगे जो टॉपिक इंपॉर्टेंट है वो है आपका मौर्यन मौर्यन एरा मौर्यन एरा से सवाल आते हैं उसके बाद गुप्ता पीरियड गुप्ता पीरियड से यहां पर सवाल आते हैं कई बार सवाल आते हैं गुप्ता पीरियड से भी उसके बाद आप देखेंगे महाजनपद महाजनपद से लास्ट ईयर ही सवाल आया था हालांकि आसान सवाल था बट सवाल यहां से भी आता है। इसके बाद आप देखेंगे कि साउथ के अंदर आप देखेंगे साउथ किंगडम से भी कई बार सवाल आते हैं। जिसमें संगम एरा संगम एरा एक काफी इंपॉर्टेंट एक कहता हूं कि मैं माइलस्टोन है जहां से सवाल आने के चांसेस लगातार बने रहते हैं। तो चलिए स्टार्ट करते हैं। आज के इस सेशन की हम शुरुआत करते हैं और हम शुरुआत से बात करेंगे। शुरुआत में इतिहास वास्तविकता में इतिहास
3:56 होता क्या है? मैं उसका बेसिक आपको बताऊंगा। उसके बाद हम शुरुआत करेंगे आईबीसी से। याद रखना एटलीस्ट आईबीसी को बहुत अच्छे से करना। इंडस वैली सिविलाइजेशन से हम शुरुआत करेंगे। इंडस वैली सिविलाइजेशन के बाद हम देखेंगे कि आर्यंस कैसे आते? हु आर द आर्यंस? आर्य मतलब क्या होता है? प्योर आर्यंस कैसे भारत में आएंगे। आर्यंस के बाद हम बात करेंगे वैदिक एरा के बारे में। लेटर वैदिक अर्ली वैदिक एरा दोनों के बारे में बात करेंगे। नेक्स्ट हम यहां पर बात करेंगे महाजनपदास के बारे में और उसके बाद मौर्यन एंपायर और उस पे तरीके से हम आगे बढ़ने की आज पूरी कोशिश करेंगे। ओके? याद रखिएगा। ठीक है? तो स्टार्ट करें। ओके? अब यहां पर एक बच्चा पूछ सर इतिहास से कितने सवाल आते हैं। देखो राम जी यादव पहली बात तो ये चीज याद रखिएगा। किस पोर्शन से कितने सवाल आते हैं वो एक बहुत अलग विषय हो जाता है। पर इतिहास को आपको पढ़ना पड़ेगा। हिस्ट्री अगर अगर आप नहीं पढ़ोगे। मान लो इतिहास से अगर 25 क्वेश्चन आ रहे हैं। 25 * 4 कितना
4:41 होता है? 100 तो समझो। आपका पेपर कितने क्वेश्चंस आ रहे हैं, क्या आ रहे हैं, वह तो ठीक है। ऑब्वियसली अब एग्जाम इतना नहीं रह गया कि आपको केवल कट ऑफ निकालना है। मैंने एक वीडियो बनाया था कि हाउ टू स्कोर 450। उस वीडियो को स्टार्ट करने से पहले ही मैंने कहा था कि प्रैक्टिकली बात करूंगा मैं। हर बच्चे के लिए पॉसिबल नहीं होता है। और मेरिट लिस्ट के अंदर आना है अगर तो रिटर्न के अंदर 450 प्लस लेके आना थोड़ा सा इंपॉर्टेंट आज के टाइम पर हो गया है। ओके चलिए स्टार्ट करें? चलिए स्टार्ट करें। नहीं बेटा श्योर है मैं कैसे अभी तो मैं यहां पर हूं आपके सामने। है ना? ओके चलिए। पॉलिट हिस्ट्री के बाद स्टार्ट कर लेंगे। दो लेक्चर्स हैं पॉलिटिकल साइंस के। नहीं आएगा। एक भी क्वेश्चन मतलब मैं कोई इससे घमंड के अंदर नहीं बोल रहा हूं। अपने एक्सपीरियंस से बोल रहा हूं। पॉलिटिकल साइंस का एक भी क्वेश्चन बाहर नहीं जाएगा। याद रखिएगा। चलिए स्टार्ट करें। देखो इतिहास का मतलब क्या है? जब हम बात करते हैं हिस्ट्री की। व्हाट इज द मीनिंग ऑफ़ हिस्ट्री? हिस्ट्री किसे कहा जाता है? इतिहास। सवाल पहला तो यही आता है
5:29 कि इतिहास का मतलब क्या है? हिस्ट्री। हिस्ट्री किसे कहा जाता है? हिस्ट्री का मतलब क्या होता है? इतिहास। इतिहास। अगर मैं इन शब्दों को अगर मैं दो अलग-अलग भागों के अंदर विभाजित करूं तो इतिहास का मतलब है इतिहास है। जो हो चुका है। समथिंग व्हिच वाज़ हैपेंड इन दी पास्ट। ऐसा जो पहले हो चुका है इसे इतिहास कहा जाता है। बीता हुआ कल इसे इतिहास कहा जाता है। अब इतिहास ये तो समझ में आता है कि हां जो बीता हुआ कल है उसे इतिहास कहा जाता है। पर इतिहास को जानना समझना हमारे लिए जरूरी क्यों है? देखिए एग्जामिनेशन पॉइंट ऑफ व्यू से तो जरूरी इसलिए है क्योंकि एग्जाम के अंदर सब सवाल आते हैं। सर सवाल आते हैं तो सवाल तो करने पड़ेंगे। केवल मैं एग्जामिनेशन पॉइंट ऑफ व्यू से नहीं पूछ रहा हूं। नॉर्मली भी इतिहास को जानना हमारे लिए इतना जरूरी क्यों है? खास करके भारत के इतिहास को जानना जरूरी क्यों है? देखिए सीधी सी बात है इतिहास हमें
6:14 सिखाता है। इतिहास आप जिस देश में रहते हैं आप जिस दुनिया के अंदर रहते हैं उसके इतिहास के बारे में अगर आपको नहीं पता है तो आप आगे वही गलतियां करोगे जो हमने शायद इतिहास के अंदर करी। इसलिए इतिहास को जानना समझना जरूरी है। एग्जामिनेशन पॉइंट ऑफ व्यू से तो ऑब्वियसली वो चीज तो है ही इंपॉर्टेंट बट उसके अलावा भी अगर मैं क्लियरली बात करूं कि अपने जीवन में भी अगर आपको आगे बढ़ना है तो हमारे देश को और अपने खुद के इतिहास को जानना बहुत जरूरी है। हम जब मॉडर्न हिस्ट्री पढ़ते हैं तो हमको समझ में आता है कि कितनी मुश्किलों के बाद कितने संघर्षों के बाद देश को हम लोगों ने आजाद करवाया। कितनी मुश्किल के बाद देश के अंदर आज हम इस स्थिति के अंदर पहुंचे हैं कि दुनिया के अंदर कोई कंट्री हमें आंख दिखाने की हिम्मत नहीं करती है। तो ये हमारे इतिहास को जान के ही पता लगता है। तो इतिहास को जानना यहां पर काफी जरूरी है। बट देखिए इतिहास को जब हम जानेंगे तो जानने के इतिहास को दो तरीके हैं। एक तरीका होता है कि आप कहानियों के द्वारा इतिहास को जाने। दूसरा तरीका होता
7:00 है कि आप फैक्ट्स के द्वारा इतिहास को जाने। ये दो तरीके होते हैं कि आप कहानियों के द्वारा जाने या आप एक फैक्ट्स के द्वारा जान लें। अब दोनों तरीकों के अपने-अपने नुकसान हैं। पहला तरीका कहानियों के द्वारा इतिहास को जाना। इसका नुकसान ये होता है कि कहानियों के द्वारा जब आप इतिहास को जानते हो तो यहां पर आप कहीं ना कहीं कुछ फैक्ट्स को मिसिंग कर देते हो। बिकॉज़ आप केवल कहानियां सुन रहे हो कि ऐसा हुआ फिर ऐसा हुआ। पर एग्जाम में कहानी नहीं आने वाली। एग्जाम के अंदर उस कहानी के बीच का फैक्ट आने वाला है। तो जब आप कहानियों के बारे में केवल कहानी के रूप में आप इतिहास को पढ़ेंगे तो उसमें एग्जाम के अंदर क्वेश्चन आने के चांसेस कम हो जाते हैं। बिकॉज़ आप फैक्ट्स नहीं पढ़ रहे हैं। और अगर आप केवल फैक्ट्स पढ़ेंगे तो आपको इतिहास में इंटरेस्ट नहीं आएगा। तो सबसे बढ़िया तरीका क्या होता है? सबसे बढ़िया तरीका ये होता है कि उन कहानियों के अंदर आप फैक्ट्स को भी इंक्लूड करें और उस तरीके से आप अपने देश के इतिहास को जाने पर और इतिहास को याद रखिएगा। मैंने चीज पहले भी कही थी कि इतिहास को बदलने की बहुत कोशिश की गई है। बहुत सारी चीजें ऐसी
7:47 है इतिहास के अंदर जिस पे कई बार हमें भरोसा होता है। कई बार भरोसा हमें करना पड़ता है। पर इतिहास के अंदर कई चीजें ऐसी है जिसको छुपा के भी रखा गया है। तो हम जब इतिहास के बारे में बात करेंगे जब हम एनडी के हिस्ट्री के बारे में बात करते हैं तो देखिए एंशिएंट हिस्ट्री को आपको डिटेल में पढ़ना पड़ेगा। डिटेल की बात करूं क्योंकि सवाल अब बहुत गहराई से आते हैं। अब वो समय नहीं रहा कि आपने केवल ऊपर ऊपर से पढ़ लिया और सवाल यहां से आ गया कि साहब गविष्ठी किसको बोलते थे? इन द सर्च ऑफ काऊ को गविष्ठी कहते हैं। नहीं अब इतना नहीं है। अब डिटेल में जाके आपको पढ़ना पड़ेगा। तो उसे डिटेल के साथ हम बात करेंगे। एक टाइमलाइन के द्वारा हम पढ़ने की कोशिश करेंगे इतिहास को और मैं वही कहूंगा जो मैं अपने हर सेशन के अंदर कहता हूं। आप कहीं से भी इतिहास पढ़ा है। आपने कहीं से भी अगर आपने हिस्ट्री पढ़ा है। ऑब्वियसली मैं मानता हूं कि आपने नोट्स बनाए होंगे। उन नोट्स को अपने सामने रखो। अपने सामने उन नोट्स को रखो। कुछ एडिशनल चीज आ रही है तो उसको एडिशनल करते जाइएगा। हां जी स्टार्ट
8:33 करें। हां जी पढ़ें। ग्रेट ग्रेट। चलिए सही बात है। ओके चलिए रेडी राम जी यादव रेडी हर हर महादेव। वॉइस एंड वीडियो क्लियर रेडी स्टार्ट करें। हिस्ट्री के सेशन की शुरुआत करें। जय हिंद। जय हिंद। रेडी रेडी फॉर दी सेशंस। चलिए बहुत बढ़िया। बहुत बढ़िया। चलिए अब देखिए। देखिए इतिहास के अंदर जब हम बात करते हैं हिस्ट्री के बारे में बात करें तो ऐसा कहा जाता है कि दुनिया का जो पहला हिस्टोरियन है जिन्हें फादर ऑफ हिस्ट्री कहा जाता है ही वाज़ अ ग्रीक ये कहा जाता है कि दुनिया का पहला हिस्टोरियन जो है वो ही वाज़ अ ग्रीक पर्सन और उस व्यक्ति का नाम आप सब जानते होंगे जिन्हें फादर ऑफ हिस्ट्री के नाम से भी जाना जाता है। दैट इज़ हेरोडोटस। सुना होगा इनका नाम आपने। हेरोडोटस को फादर ऑफ हिस्ट्री कहा जाता है। ऐसा कहा जाता है कि दुनिया के अंदर अगर इतिहास लिखने की शुरुआत किसी
9:19 व्यक्ति ने करी। जिस व्यक्ति ने इतिहास के बारे में सबसे पहले जानकारी दी, जिस व्यक्ति ने पास्ट इवेंट्स के बारे में सबसे पहले लिखना शुरू करा, वो यह व्यक्ति था। पर भारत के अंदर ये चीज नहीं है। भारत में इतिहास इससे भी पहले लिखा जा रहा है। तो भारत के हिसाब से अगर हम बात करें तो भारत के अंदर जब मैं बात करता हूं याद रखिएगा कल्हण इन्हें कल्हड़ भी कहा जाता है। इन्हें कल्हणा भी कहा जाता है। कल्हण जो है इन्हें भारत के अंदर ये कहा जाता है कि ये भारत के पहले हिस्टोरियन है। नोट कर लीजिएगा। सवाल दोनों आ सकते हैं। सवाल पहला क्या बनता है? पहला है कि साहब फादर ऑफ हिस्ट्री किसे कहा जाएगा? अगर मैं ऑल ओवर द वर्ल्ड के बारे में बात करूं वो कौन है? हेरोडोटस। बट अगर हम कल्हड़ के बारे में बात करें जिन्हें कलहना के नाम से भी जाना जाता है। ये भारत के पहले हिस्टोरियन है। द इन्हें फादर ऑफ इंडियन हिस्ट्री के नाम से जाना जाता है। अब देखिए इतिहास के बारे में जब भी हम बात करते हैं तो इतिहास शुरू कहां से हुआ है? इतिहास शुरू कहां से
10:04 होता है? इतिहास क्या शुरू वहां से हुआ है जब से मॉर्न एरा की शुरुआत हो गई थी। या इतिहास इंडस वैली सिविलाइजेशन से शुरू हुआ है। ये इतिहास उससे भी पहले शुरू हो चुका है। इतिहास की शुरुआत होती कहां से है? जब मैं पढ़ना शुरू कर रहा हूं किसी चीज को। इफ आई वांट टू स्टार्ट समथिंग तो मुझे इसका एक छोर ढूंढना पड़ेगा कि कहां से मैं शुरुआत करूं। तो जब हम इतिहास के बारे में बात करते हैं तो इतिहास का जो पहला छोर है जो सबसे इंपॉर्टेंट छोर जिसे मैं मानता हूं वो है मानव सभ्यता की शुरुआत होना। वो छोर है मानव सभ्यता की शुरुआत होना। याद रखिएगा ये छोर है मानव सभ्यता की शुरुआत होना कि हमारी ह्यूमन एस अ ह्यूमन हमारी शुरुआत कहां से हुई है? अब एक सवाल अगर मैं आपसे पूछूं हालांकि इस सवाल का जवाब आप सब जानते हैं। बट स्टिल ये सवाल मैं आप सबसे पूछना चाहता हूं। ह्यूमन हिस्ट्री के बारे में जब भी बात की जाती है तो इंसान के पहले अवशेष कहां मिलते हैं? क्या कहां
10:50 कहा जाता है? बताइए ऐसा कहां बोला जाता है साहब कि दुनिया के अंदर यहां से ये जो एरिया था यहां से इंसान के सबसे पहले अवशेष मिले। कहां से मिले इंसान के सबसे पहले अवशेष? भारत हमारा प्यारा यह हमारा अफ्रीका। अब बोल रहे हो हराम। हमारा क्यों बोल रहे हो सर? हमारा इसलिए बोल रहे हो बिकॉज़ वासुदेव कुटुंबकम सब अपने ही है। ओके। अफ्रीका या यूएसए से मिले या सबसे नहीं सर यूएसएस यूएसए से नहीं मिले दुबई से मिले अगर इतिहास की मैं बात करूं तो मानव के पहले साक्ष्य कहां से देखने को मिलते हैं कि मानव के पहले साक्ष्य यहां से मिले क्या इंसान था और इंसान इस तरीके से था मानव के पहले साक्ष्य कहां से मिले किस किस एरिया से मिले मैं यहां पर सिटी या कंट्री नहीं बोलूंगा बिकॉज़ यहां पर कॉन्टिनेंट्स भी हैं। तो मानव के पहले साक्ष्य आपको कहां
11:36 से मिलते हैं? कहां से पता लगता है क्या इंसान के अंदर मानव जो है मानव ने शायद यहीं पर इसी एरिया के अंदर मानव ने जन्म लिया था और मानव इसी एरिया से फिर दुनिया के अंदर निकल कर दुनिया के दूसरे एरियाज के अंदर गया और अपना एक साम्राज्य स्थापित किया तो इतिहास के जो पहले साक्ष्य हैं आई नो आप सब जानते हैं दैट इज़ अफ्रीका याद रखिएगा इस तरह का सवाल भी पूछा गया था तो इतिहास में जो मानव के पहले साक्ष्य मिलते हैं वो अफ्रीका से मिलेंगे ऑप्शन नंबर बी इज़ द राइट आंसर लेट्स सी 100% अरे बहुत बढ़िया बहुत बढ़िया यार 100% बच्चों का आंसर सही है मतलब बहुत बड़ी बात है 100% बच्चे सही बिल्कुल बिल्कुल सही बात है कि अफ्रीका के बारे में कहा जाता है कि अफ्रीका के अंदर इंसान के पहले साक्ष्य मिल पर जब हम इंसान के बारे में बात करते हैं जब मैं ह्यूमंस के बारे में बात करता हूं जैसे कि आज अगर मैं आज के ह्यूमन के बारे में बात करूं तो क्या हमारा जो हमारे पूर्वज जो थे क्या वो भी इसी तरीके से
12:22 दिखते थे क्या वो भी मेरी तरह बात करते थे क्या वो भी आपकी तरह देखते थे क्या उनके अंदर भी आपकी तरह और मेरी तरह इमोशंस थे क्या उनके पास भी ये टेक्नोलॉजी थी कि वो अपने खाने को बिल्कुल आसानी से पका सकते थे क्या आग का आविष्कार शुरुआत से ही ह्यूमन के हिस्ट्री के अंदर हो गया था। इसका जवाब ही नहीं। बिल्कुल सही बात है। जसमीन त्यागी जी धन्यवाद। बिल्कुल सही जवाब दिया आपने। इसका जवाब ही नहीं। इंसान का इवोल्यूशन हुआ है। इंसान धीरे-धीरे चेंज होता गया है। जैसे आप मेरे पीछे जो पिक्चर्स देख रहे हैं आपने कई बार ये सुना होगा कि इंसान जो शुरुआती इंसान है वो चिंपांजी की तरह दिखता है। और आज का जो इंसान है वो दिखता है होमोसेपियस की तरह। याद रखिएगा होमोसेपियस ये हमारे जीवन का वो चरण है। ये हमारे एववोल्यूशन का वो चरण है जहां पर हम इंसान की तरह दिखना शुरू हो गए थे। हम इंसान की तरह दिखना शुरू हो जाते हैं। और इसी के बाद इंसान के अंदर कई
13:10 सारे ऐसे बदलाव आते हैं। केवल फिजिकल नहीं। यहां पर मैं मेंटल चेंजेस के बारे में भी बात कर रहा हूं। इमोशनल चेंजेस के बारे में भी बात कर रहा हूं। और इस तरीके से इंसान का ह्यूमंस का एववोल्यूशन होना पूरी दुनिया के अंदर शुरू हो जाता है। अब यहां पर अगर मैं इतिहास के बारे में बात करूं एग्जामिनेशन पॉइंट ऑफ व्यू से बात करूं तो ऐसा कहा जाता है कि हमारा और जो बेसिकली अगर मैं ह्यूमंस के इतिहास के बारे में बात करूं इंसान के इतिहास करोड़ों साल पुराना है। ये इतिहास कोई 5 10 15 16 हजार का नहीं है। शुरुआती इंसानों के साक्ष्य के बारे में बात करूं तो कई सारे मिलियंस एगो इयर्स पहले आपको इन इंसानों के साक्ष्य देखने को मिल जाते हैं। अब ऐसे ही आप सोचिए कि इस तरह से जब हम शिकार करते थे और आज हम लोग एआई का यूज कर रहे हैं। आप सोचिए कितना बड़ा एववोल्यूशन हम लोगों ने किया है। कितनी बड़ी छलांग मारी है। दुनिया के अंदर किसी
13:55 जानवर ने ये चीज नहीं करके दिखाई। आप देखिए इसलिए तो इंसान को महान कहा जाता है। बिकॉज़ इंसान ने अपने आप को जितना डेवलप किया उतना आज तक कोई नहीं कर पाया। किसी ने करा है क्या? नहीं। शेर, चीते, हाथी, मगरमच्छ तो लंबे अरसे से दुनिया के अंदर है। बट ये अपने आप को इतना डेवलप नहीं कर पाया जितना हमने अपने आप को डेवलप कर लिया। आपसी एक आदि मानव से जहां पर हम शिकार करते थे, जानवरों को पका कर मार कर खाते थे। आज हम एक ऐसी दुनिया के अंदर जहां पर हम डी फेक के साथ जी रहे हैं। डी फेक पता है ना क्या टेक्नोलॉजी है? अगर मैंने आपका पिक्चर दिखाया तो हुबहू आपके पिक्चर के अंदर आप जैसे दिख रहे हैं वैसा मैं एक वीडियो बना सकता हूं। तो आज ये चीजें हम इस एवोल्यूशन तक पहुंच गए। अब इस एवोल्यूशन के दौर में इंसान ने कई सारी चीजों को फेस किया है। पर इंसान का सबसे बड़ी उपलब्धि थी आग की खोज करना। तो ये सवाल छोटा सा पूछा जाता है। अगर मैं मुझसे
14:41 कोई पूछता है कि इतने ह्यूमन के पूरे फेस में इंसान की सबसे बड़ी उपलब्धि क्या थी? अकॉर्डिंग टू मी इंसान की जो सबसे बड़ी उपलब्धि थी वो थी आग की खोज करना। डिस्कवरी ऑफ़ फायर। आग की खोज करना इंसान की सबसे बड़ी उपलब्धि है। बिकॉज़ आग एक ऐसी चीज थी। ये मैंने हमेशा कहता हूं। इस बात में मैं बहुत बिलीव करता हूं। आग नहीं इंसान के अंदर इमोशंस जगा है। विदाउट फायर हम लोग कुछ भी नहीं। हम जिंदा ही नहीं रह पाते। दुनिया के अंदर जिस टाइम पर हमारा एववोल्यूशन हो रहा है उस टाइम पर दुनिया में जानवरों की ऐसीऐसी प्रजातियां है कि इंसान का जिंदा रहना लगभग नामुमकिन था। बट जस्ट बिकॉज़ ऑफ़ दैट फायर द इनोवेशन ऑफ़ फायर इंसान ने इमोशंस को भी जन्म दिया। इंसान की इमोशनल डेवलपमेंट भी होता है। और इसी के साथ-साथ इंसान का शारीरिक और मानसिक विकास भी इसी आग के द्वारा किया गया है। अब देखिए इतिहास को तीन तरह तीन चरणों के
15:27 अंदर डिवाइड किया जाता है। नोट कीजिएगा। आग के बारे में बात कर रहे थे कि इतिहास हमारा जो है सवाल यहां से बनेगा। नोट कीजिएगा। इतिहास को नॉर्मली तीन पार्ट्स में डिवाइड किया जाता है। जब भी हम हिस्ट्री की बात करते हैं। हिस्ट्री नॉर्मली तीन पार्ट्स के अंदर डिवाइड की जाती है। किसी भी हिस्टोरियन से आप बात करें, किसी भी किताब को आप देखें। आप कहीं से भी इतिहास को पढ़ें तो इतिहास को अच्छे से समझने के लिए इतिहास को तीन पार्ट्स में डिवाइड किया जाता है। पहला पार्ट है जिसे कहा जाएगा प्री हिस्ट्री। मैं बताऊंगा किस पार्ट के अंदर क्या होता है। दूसरा पार्ट है इसे कहा जाता है प्रोटो हिस्ट्री। और तीसरा पार्ट है इसे कहा जाता है हिस्ट्री। अब तीनों के अंदर डिफरेंस क्या है? ये डिफरेंस याद रखना। कई बार सवाल ऐसे बेसिक डिफरेंसेस से याद आता है कि इन तीनों के बीच में डिफरेंस क्या है? सबसे बड़ा डिफरेंस क्या है? अब देखिए सबसे पहले हम बात करें जब हम बात करते हैं प्री हिस्टोरिकल एरा के बारे में। प्री
16:13 हिस्टोरिकल एरा देखिए प्रीस्ट्री उस समय को कहा जाता है जब इंसान के पास रहने, खाने और जीने के लिए बहुत ज्यादा संसाधन नहीं थे। दैट मींस प्री हिस्ट्री में इंसान की स्टोन एज आती। हम यहां पर बात करते हैं पाषाण युग के बारे में। ये वो समय है जिसके इस समय के बारे में हमें कोई भी रिटन एविडेंस नहीं मिलेगा। वी डोंट हैव एनी रिटन एविडेंस ऑफ़ दैट टाइम। प्री हिस्ट्री इतिहास का वो एरा है जिसमें इंसान के लिखित साक्ष्य आपको कहीं पर नहीं मिल रहे। मतलब ऐसा नहीं हो रहा है कि प्री हिस्ट्री के बारे में किताब मिल गई। किताब के अंदर लिखा था कि भैया इंसान जो है वो पत्थर तोड़ता था। फिर इंसान ने ऐसे आके खोज करी ना ना ना। प्री हिस्ट्री इतिहास का वो है जब इंसान पाषाण युग के अंदर था। और यहां पर इंसान अब हम ये कह नहीं सकते। पर हिस्टोरियंस ये से कहते हैं कि इस समय पर इंसान लिखना तो नहीं जानता था। हमें लिखना नहीं आता था। हमें लिखना राइटिंग
16:59 इतनी डेवलप नहीं हुई है। राइटिंग इतना डेवलप नहीं था यहां पर। और इसी के साथ-साथ जो लैंग्वेज है लैंग्वेज भी इतनी डेवलप्ड नहीं थी। अब इशारों में हम बात करते थे जब हम पाषाण युग के अंदर जैसे जब हम पत्थर वाले युग के अंदर थे तब हम इशारों के अंदर बात कर रहे हैं। बट यहां पर ना भाषा का डेवलपमेंट हुआ है इतना ना बोली का डेवलपमेंट हुआ है। ना लिपि का लैंग्वेज तो बिल्कुल डेवलप हो ही नहीं सकती है। और लिखने का तरीका स्क्रिप्ट स्क्रिप्ट भी डेवलप नहीं है। तो प्री हिस्ट्री इतिहास का वो एरा है जहां पर ना तो राइटिंग डेवलप हुआ है। जहां पर ना तो लैंग्वेज डेवलप हुई है और इस एरा के कोई भी रिटन आपको साक्ष्य नहीं मिलते हैं। कोई भी रिटन साक्ष्य नहीं मिल रहे हैं कि आपको कोई किताब मिल गई कहीं पर नहीं। यहां किस इस सेरा के बारे में आपको कोई भी रिटन साक्ष्य नहीं मिलता। तो सवाल यह आता है कि सेरा के बारे में जानकारी फिर हमको मिली कैसे? बिकॉज़ इस सेरा का तो कोई किताब हमको मिली नहीं। बिकॉज़ इस सेरा के अंदर इंसान तो लिखना
17:45 जानता ही नहीं है ना। लिखना पढ़ना इंसान को यहां पर नहीं आता है। और इस सेरा के अंदर जब इंसान लिखना पढ़ना नहीं जानता है। तो यहां के जो रिटन साक्ष्य है वो तो हमारे पास हो ही नहीं सकते। तो सैरा के बारे में जानकारी फिर मिली कहां से? कहां से पता लग गया तुमको? कि इंसान ने आंख की खोज इस टाइम पर करी। इंसान शिकार करता था। कैसे पता लगा? थोड़ा सोचो इस बारे में। इतिहास को पढ़ने का एक तरीका अपना दिमाग लगाओ। कैसे पता लगा आपको? क्या इस टाइम के एविडेंसेस क्या थे? इस टाइम पर क्या एविडेंस आपको मिले? बिल्कुल सही बात है। इस टाइम के एविडेंसेस आपको मिलते हैं फॉसिल्स के अंदर। जी हां, फॉसिल्स। जीवाश्म। जीवाश्म मरा हुआ कोई जानवर है। मरे हुए इंसान की हड्डियां जो जमीन के अंदर दबी हुई थी। फॉसिल्स के अंदर इसके अवशेष मिलते हैं। उसके बाद आप देखोगे केव के अंदर गुफाओं के अंदर आपको पेंटिंग्स देखने को मिलती है। केव्स के अंदर जो पेंटिंग्स हैं, वहां से इसके अवशेष मिलते हैं। इसके अलावा और क्या चीज़ है? बिल्कुल
18:31 आर्कलॉजिकल बता दिया मैंने फॉसिल बता दिया और कोई रिमेनिंग फॉसिल्स पेंटिंग्स और ड्राइंग्स और कोई स्टोंस बिल्कुल सही बात है इस टाइम पर आपको मिलेंगे डिफरेंट काइंड ऑफ टूल्स इन टूल्स को देख के आप बता दे कि हां साहब इंसान इस तरीके से इस टाइम पर जीता था तो ये वो टाइम है प्रीस्ट्री याद रखिएगा प्रीस्ट्री के बारे में एक चीज याद रखना है प्रीस्ट्री इतिहास का वो एरा है जिस एरा के कोई भी रिटर्न्स साक्ष्य हमको नहीं मिलते इंसान यहां पर लिखना नहीं जानता था प्रोबेब्ली नहीं जानता था इंसान यहां पर पढ़ना नहीं जानता था इंसान की भाषा भी डेवलप नहीं थी इशारों के अंदर बात करता और इस टाइम के जो एविडेंसेस है वो आपको कौन से एविडेंसेस मिलते हैं? केवल और केवल यहां पर आपको आर्कलॉजिकल एविडेंसेस मिलते हैं। जैसे फॉसिल आपको मिल गया यहां पर आपको यहां पर कोई दबा हुआ कंकाल मिल जाता है। आपको किसी गुफा के अंदर पेंटिंग मिल गई फॉर एग्जांपल भीम बेटी का। और यहां से आप इस एरा के बारे में जानकारी जुटाने
19:17 की कोशिश कहते करते हैं। दैट इज़ द प्री हिस्ट्री। प्री हिस्ट्री के बाद आता है यू आर अ प्रोटो हिस्ट्री। प्रोटो हिस्ट्री इतिहास का कौन सा एरा? देखिए प्रोटेस्ट्री इतिहास का वो आ रहा है जहां पर इंसान लिखना जानता है। जी हां लिखना जानता है। मतलब इंसान ने स्क्रिप्ट को डेवलप कर लिया है। स्क्रिप्ट डेवलप हो गई। इंसान लिखना जानता है। इंसान पढ़ना भी जानता है। लैंग्वेज भी प्रॉपर्ली डेवलप्ड है। इंसान पढ़ना भी जानता है। रीडिंग राइटिंग इंसान को आती है। बट प्रोटोस्ट्री इतिहास का वो एरा है जहां पर इंसान लिखना पढ़ना जानता है। अभी ऐसा नहीं कि लिख रहा पढ़ रहा है तो सब किताब के अंदर कागज के अंदर लिख रहा है। कागज का डेवलपमेंट यहां पर नहीं हो रहा। पर इंसान लिख रहा लिखना पढ़ना जानता है। भाषा डेवलप कर ली इंसान ने। अब इंसान केवल इशारों में बात नहीं कर रहा। उसने भाषा डेवलप कर ली है। अब वो भाषा डेवलप कर ली। बट जब हम प्रोटोस्ट्री के बारे में बात करते हैं। प्रोटोस्ट्री इतिहास का वो एरा जहां पर इंसान लिखना पढ़ना जानता है।
20:03 इंसान ने भाषा का डेवलपमेंट कर लिया। लिपि का डेवलपमेंट कर लिया है। बट समस्या आई है कि ये यहां पर इंसान जिस भाषा का यूज़ करता है, जिस लैंग्वेज का यूज़ करता है, जिस स्क्रिप्ट का यूज़ कर रहा है, उसको आज तक हम डिकोडिफाई कर ही नहीं पाए। उसको हम डिकोडिफाई नहीं कर पाए। द प्रॉब्लम विथ अस कि आज तक हम उसको डिकोडिफाई नहीं कर पाए। अरे साहब प्री हिस्ट्री के अंदर तो इंसान लिखना पढ़ना ही नहीं जानता था। इंसान को नहीं पता कि लिखना कैसे पढ़ना कैसे। प्रोटोस्ट्री इतिहास का वो एरा जहां पर इंसान लिखना पढ़ना तो जानता है। यहां के एविडेंसेस भी आपको मिलते हैं। साइन बोर्ड मिला, लैंग्वेज मिल रही है, स्क्रिप्ट मिल रही है। बट हम उस स्क्रिप्ट को डिकोडिफाई नहीं कर पाए। जैसे एग्जांपल की बात की जाए इंडस वैली सिविलाइजेशन। जी हां, आईवीसी जिसके बारे में हम पढ़ेंगे। इंडस वैली सिविलाइजेशन के बारे में जब हम बात करेंगे तो याद रखो इंडस वैली सिविलाइजेशन जो है उसमें आपको लैंग्वेज मिली है? हां मिली
20:50 है। उसमें लिपि भी मिल गई है। किस भाषा में वो लोग लिखते थे वो लिखा है। मिल रहे हैं। अविडेंसेस मिल रहे हैं। पर उन शब्दों को आप डिकोडिफाई नहीं कर पा रहे हैं। यू आर नॉट एबल टू डिकोडिफाई दैट लेटर्स। वो लेटर्स मिले हैं अपने को। पर वो लेटर्स समझ ही नहीं आ रहे। जैसे मछली बना दी। मछली के बीच में एक तीर बना दिया। अब अपने को समझ नहीं आ रहा कि उसमें लिखा क्या है। तो प्री हिस्ट्री के बारे में भी नोट माफ़ कीजिएगा प्रोटो हिस्ट्री के बारे में भी जो एविडेंसेस आपको मिलेंगे वो कहां से मिलेंगे? वो आर्कलॉजिकल सर्वे से मिलेंगे। आर्कलॉजिकल साइट्स जैसे मोहनजोदड़ो खुदाई के अंदर पूरा एक शहर मिल गया। उससे पता लगा क्योंकि लिपि लिख क्या आ रहे हैं उससे तो अपन को समझ नहीं आ रहा ना। वी आर नॉट एबल टू डिकोडिफाई टिल नाउ। अभी तक अपन डिकोडिफाई नहीं कर पाए। बहुत सारी भाषाएं दुनिया के अंदर ऐसी केवल इंडस वैली तो मैंने एग्जांपल के रूप में बताया ताकि आप इंडस वैली को जानते हैं। पर दुनिया में ऐसी बहुत सारी भाषाएं हैं बेटा। बहुत सारी देयर आर सो मेनी लैंग्वेज जिसको आज तक आप
21:36 डिकोडिफाई कर ही नहीं पाए। आप नहीं कर पाए। तो याद रखिएगा प्रोटोस्ट्री इतिहास का वो एहरा है जहां पर इंसान लिखना जानता है, पढ़ना जानता है, लिखना भी जानता है, पढ़ना भी जानता है। और इसके साथ-साथ इंसान इन चीजों को लिखना पढ़ना तो जानता है। पर लिखने पढ़ने के अलावा इंसान ने यहां पर एक भाषा भी डेवलप कर ली। पर समस्या इस एरा की है कि यहां पर जितनी भी चीजें हुई है, उसके एविडेंसेस आपको रिटन फॉर्म में मिलेंगे। आपको भाषा दिख रही है, लिखा हुआ है कहीं पर कोई साइन बोर्ड बना है। कुछ लिखा हुआ है पत्थर के ऊपर। बट आप उस लैंग्वेज को आज तक क्या नहीं कर पाए? आप उस लैंग्वेज को आज तक डिकोडिफाई नहीं कर पाए। यू आर नॉट एबल टू डिकोडिफाई दैट लैंग्वेज। तो ये यहां पर एक समस्या है। क्लियर हो गया? क्लियर हो गया? अब जो सबसे इंपॉर्टेंट एरा है वो है हमारा इतिहास। ये तीसरा पार्ट है आपका हिस्ट्री। हिस्ट्री इंसान के जीवन का वो एरा है जिसके रिटन
22:23 एविडेंसेस भी मिलेंगे। ठीक है? इस टाइम पर इंसान को लैंग्वेज बोलते भी आता है, इंसान को लिखते भी आता है। पर और सबसे बड़ी बात इस टाइम पर इंसान ने जिस भाषा में कम्युनिकेशन किया है, जो बुक्स लिखी गई हैं, जो एविडेंसेस आपको मिले हैं, उन एविडेंसेस को हमने डिकोडिफाई कर लिया है। जी हां। जैसे संस्कृत के अंदर कोई किताब लिख दी है, द्रविडियन लैंग्वेज के अंदर कोई किताब लिखी है, कन्नडा भाषा के अंदर कोई किताब लिखी है। तो हिस्ट्री इतिहास का वो एरा है जिसमें सब चीजें क्लियरली डिफाइंड है। क्लियरली डिफाइंड है। सबसे क्लियरली डिफाइंड जो एरा है वो इसे हिस्ट्री कहा जाएगा। बिकॉज़ यहां पर क्लियरली डिफाइंड है। यहां पर आपको आर्कलॉजिकल एविडेंसेस भी मिलते हैं। जमीन खोदी तो जमीन खोदने के बाद क्या मिला? पटना बिहार में क्या मिला? चंद्रगुप्त मौर्य का लकड़ी से बना भवन मिला। लकड़ी का महल था चंद्रगुप्त मौर्य का। मैंने सवाल पूछा हर शौर्य के अंदर पूछता हूं। हर
23:09 क्लास में पूछते होंगे कि साहब चंद्रगुप्त मौर्य का जो महल है वो लकड़ी का क्यों था? चाणक्य ने क्यों जोर देके लकड़ी का महल बनवाया था? तो यहां पर जो एविडेंसेस मिलते हैं वो रिटन एविडेंसेस भी मिलते हैं। आपको वो लैंग्वेज भी यहां पर डेवलप हो चुकी है। और इन एविडेंसेस को हमने डिकोडिफाई भी कर लिया। तो सबसे आसान जिस एरा के बारे में जानकारी प्राप्त करना है। और जो सबसे सटीक जानकारी मिलती है कि एग्जैक्टली यही हुआ था वो इस हिट हिस्ट्री वाले एरा की है। व्हाई? बिकॉज़ यहां पर इंसान को लिखना भी आता है, इंसान को पढ़ना भी आता है। और यहां पर इंसान जब लिख रहा है, पढ़ रहा है तो सीधी बात है जो एविडेंसेस मिले हैं उन एविडेंसेस को हमने बहुत आसानी से डिकोडिफाई कर लिया। हमको ऋग्वेद मिला। ऋग्वेद किस भाषा में था? ऋग्वेद ऑब्वियसली जो भाषा है जिसमें लिखा है दैट इज़ संस्कृत। है ना? अब वो उसके अंदर अपन ने उसको डिकोडिफाई कर लिया कि अच्छा इसका संस्कृत के अंदर ये श्लोक लिखा है। श्लोक का मतलब क्या होता है? वी न्यू दैट थिंग। क्योंकि हम उस भाषा को जानते हैं। तो याद
23:55 रखिएगा इतिहास को जानना इसलिए सबसे आसान है। सबसे आसान है। यहां तक समझ में आ गया? क्लियर हो गया? यहां तक क्लियर है कैरेट्स? यहां तक क्लियर है? प्लीज कंफर्म कर दीजिए। क्या यहां तक क्लियर है? क्या यहां तक क्लियर है? हां जी। अभी अब जो लास्ट वाला फज़ है जिसे हम हिस्ट्री के नाम से जानते हैं जहां पर एविडेंसेस आपको क्लियरली मिलते हैं। रिटन एविडेंसेस भी यहां पर है। रिटन के साथ-साथ आप देखेंगे यहां पर आर्कलॉजिकल एविडेंसेस भी मिलते हैं। और कई सारे एविडेंसेस इस तरह के आपको देखने को मिलते हैं। अब ये जो हिस्ट्री है इसे भी तीन पार्ट्स में डिवाइड किया गया है। हालांकि इस पार्ट इन तीन पार्ट्स के बारे में आप जरूर जानते होंगे। ये जो हिस्ट्री है इसे भी तीन पार्ट्स में डिवाइड किया जाता है। और हिस्ट्री को जिन तीन पार्ट्स में डिवाइड किया गया है वही तीन पार्ट्स
24:41 हम इन शक्ति के अंदर पढ़ रहे हैं। पहला आपका होता है एंशिएंट हिस्ट्री। दूसरा होगा आपका मिडवल हिस्ट्री और तीसरा यहां पर होता है आपका मॉडर्न हिस्ट्री। याद रखिएगा एमओडी कर देता हूं मैं मॉडर्न हिस्ट्री। अब एंशिएंट हिस्ट्री के अंदर हम क्या पढ़ते हैं? हम इसमें पढ़ेंगे इंडस वैली सिविलाइजेशन, मॉरेन एरा, गुप्ता। इन सब के बारे में हम पढ़ते हैं एंशिएंट हिस्ट्री के अंदर। उसके बाद हम बात करते हैं मेडवल हिस्ट्री के बारे में तो आ रहा है। मिडवलस्ट्री के बारे में जब भी बात की जाएगी तो अराइवल ऑफ़ भारत के अंदर जो अरब के आक्रमण होते हैं अरब्स के जो इन्वज़ंस हुए भारत में वहां से मिडवल हिस्ट्री स्टार्ट होती है। कई लोग ट्रिपलाइड स्ट्रगल से भी मानते हैं। वो मैं बताऊंगा व्हाट इज़ अ ट्रिपल स्ट्रगल? अपन पढ़ेंगे। और उसके बाद मॉडर्न हिस्ट्री जब यूरोपियंस भारत के अंदर आना शुरू करते हैं कि यूरोपियंस के अंदर कौन है साहब? ब्रिटिशर्स भी आ रहे हैं, फ्रांसीसीज़ भी आ
25:27 रहे हैं, डच भी आ रहे हैं, पोर्तुगीज़ भी आ रहे हैं। तो यहां से अपन मॉडर्न हिस्ट्री की शुरुआत मानते हैं। अब हम लोगों ने कितना कंप्लीट कर लिया? देखिए, हमारे एग्जाम के हिसाब से वी हैव ऑलरेडी कंप्लीटेड दी मॉडर्न हिस्ट्री। मॉडर्न अपन ने कंप्लीट कर लिया। दो बचे अपने एंशिएंट बचा है और मिडवल बचा है। तो आज हम बात करने वाले हैं कि आज हम बात करेंगे एंशिएंट हिस्ट्री के बारे में। यहां तक समझ में आया कि बेसिक एक इतिहास का जो बेसिक मैं बताना चाह रहा हूं। वो बेसिक क्लियर हो गया सभी को। डाउट समस्या कोई इशू तो नहीं है। बिकॉज़ इसके बाद हम एक बहुत ही इंपॉर्टेंट चैप्टर के बारे में बात करेंगे। और वो आपका होने वाला है यूर्थ इंडस वैली सिविलाइजेशन। हम बात करेंगे दुनिया की सबसे बड़ी सिविलाइजेशन के बारे में। दैट इज़ इंडस वैली सिविलाइजेशन। इंडस वैली सिविलाइजेशन जिसे आप मोहनजोदड़ो जिसे हड़प्पन सिविलाइजेशन जिसे इंडस सिविलाइजेशन के नाम से भी जाना जाता है।
26:13 यहां तक क्लियर हो गया? प्लीज कंफर्म कर दीजिए। है ना? प्लीज कंफर्म कर दो एक बार बेटा। 1 मिनट क्लियर है? 1 मिनट दीजिएगा मुझे। ग्रेट। बहुत बढ़िया। बहुत बढ़िया। बहुत बढ़िया। है ना? अब देखो नोट्स वर्स ले बैठ जाना। ठीक है? इतिहास जब भी पढ़ो ना तो इतिहास को इमेजिन किया करो। दैट्स मतलब मैं ये मैं मानता हूं कि इतिहास को इमेजिन करके पढ़ोगे तो मजा आएगा। अब देखिए थोड़ा सा हम डिटेल में बात करेंगे इंडस वैली के बारे में। बिकॉज़ सवाल बनते हैं यहां से। साइबॉन्ड के अपन आराम से और बहुत डिटेल के अंदर जाके बात करेंगे इंडस वैली के बारे में। गुप्ता साम्राज्य के बारे में, मौर्य नेरा के बारे में,
26:59 वैदिक ये डिटेल वाले सब टॉपिक्स हैं। इसको अच्छे से पढ़ना बहुत जरूरी होता है। अब देखो जब भी हम इंडस वैली सिविलाइजेशन के बारे में बात करते हैं। इंडस वैली सिविलाइजेशन। अब सिविलाइजेशन का मतलब क्या होता है? पहली बात है सभ्यता सिविलाइजेशन। साहब सिविलाइजेशन बहुत बड़ी बात है। सिविलाइजेशन। इंडस वैली ट्राइब के बारे में बात नहीं कर रहे। इंडस वैली सोसाइटी के बारे में हम बात नहीं कर रहे। वी आर टॉकिंग अबाउट द इंडस वैली सिविलाइजेशन। सिविलाइजेशन का मतलब क्या होता है? सभ्यता। सभ्यता में पहला शब्द क्या है? सभ्य। जहां के लोग सभ्य हैं। सभ्य का मतलब होता है कि जहां पर समाज नियम और कानून के साथ चलता है। जो समाज नियम कानून के साथ चलता है उसे ही सभ्य समाज माना जाता है और उसे ही सभ्यता कहा जाता है। जहां पर समाज में रहने के कुछ नियम है। कुछ कायदे हैं, कुछ कानून है। और इसीलिए उसे सभ्यता कहा
27:45 जाता है। जहां के लोग सभ्य हैं। जो रूल्स को फॉलो कर रहे हैं। जो रिचुअल्स को फॉलो कर रहे हैं। जिनका एक धर्म है, जिनका एक पॉलिटिकल स्ट्रक्चर है, जिनका एक प्रॉपर शहर को बनाने का तरीका है, जहां पर लोग ट्रेड कर रहे हैं, बिजनेस कर रहे हैं। उसे कहा जाता है सिविलाइजेशन। केवल एक छोटी सी सोसाइटी को आप सिविलाइजेशन नहीं कह सकते। ये सभ्यता है पूरी की पूरी। जहां पर चीजें प्रॉपर परफेक्ट मैनर के अंदर होती है। प्रॉपर मैनर के अंदर इंसान यहां पर क्या कर रहा है? डेवलप्ड है। ऑब्वियसली मेंटली फिजिकली दोनों तरीके से डेवलप्ड है। यहां की प्रॉपर बोली है, भाषा है, लैंग्वेज है, लिखना आता है यहां के लोगों को। यहां पर ट्रेड किया जा रहा है, व्यापार किया जा रहा है। दुनिया के दूसरी कंट्रीज के साथ। यहां पर भगवान की पूजा की जा रही है, वरशिप की जा रही है। यहां पर प्रॉपर आपको शहर देखने को मिलते हैं। तो ऐसी सभ्यताओं को सिविलाइजेशन कहा जाता है। और ये कहा जाता है कि दुनिया के अंदर अगर मैं
28:31 एंशिएंट टाइम के बारे में बात करूं तो चार सबसे बड़ी सभ्यताएं रही हैं। दुनिया के अगर मैं एंशिएंट टाइम के बारे में बात करूं तो चार सबसे बड़ी सभ्यताएं रही हैं। अब अपन डिटेल में जाके बात करेंगे। याद रखना मजा आना चाहिए और मजा तो ठीक है यार। थोड़ा नॉलेज गेन करना जरूरी है। बाकी तो अपन पढ़ते हैं वो कोई इशू नहीं है। थोड़ा नॉलेज गेन करना समझ में आना जरूरी है। अब देखिए सभ्यताओं के बारे में बात करें तो दुनिया के अंदर चार प्रमुख सभ्यताएं हैं। कितनी? चार प्रमुख है। अब देखो सबसे पहले जो सभ्यता है उसे कहा जाता है मेसोपोटामिया की सभ्यता है। ये देखो ये मेसोपोटामिया की सभ्यता। इतना बड़ा एरिया है इसका। ये कहां पर है? ये टिगिस। ये टिगिस नदी के किनारे पर है। इसके बाद जो दूसरी सभ्यता है इसे कहा जाएगा इजिप्शियन। ये देखो इजिप्शियन सभ्यता है। इजिप्शियन सिविलाइजेशन ये देखो ये नाइल वैली नाइल नदी के किनारे पर है।
29:16 उसके बाद तीसरी जो सभ्यता है जो एरिया वाइज अगर मैं बात करूं देखिए एरिया वाइज अगर मैं बात करूं एरिया वाइज दुनिया की सबसे बड़ी सभ्यता है। एरिया वाइज बात कर रहा हूं मैं बेटा। ये देखो एरिया वाइज दुनिया की सबसे बड़ी सभ्यता है। इससे बड़ी सभ्यता कोई है ही नहीं दुनिया की। और वो है इंडस वैली सिविलाइजेशन। इसे इंडस सरस्वती वैली सिविलाइजेशन के नाम से भी जाना जाता है। और उसके बाद चाइना के अंदर जो सिविलाइजेशन है उसे कहा जाएगा वांगहो सिविलाइजेशन। क्यों भाई साहब? बिकॉज़ ये वांग हो नदी के किनारे पर। अब इस स्लाइड से क्या याद करना है? इस स्लाइड से याद रखना साहब कि ये जो चारों सिविलाइजेशंस है ना दुनिया की ये कौन सी नदियों के किनारे पर है? बिकॉज़ देखो हर सभ्यता किसी ना किसी नदी के किनारे पर ही बनी है। व्हाई? ऐसा क्यों है? दिमाग लगाओ। थोड़ा सोचो इस बारे में कि हर सभ्यता नदी के किनारे पर ही क्यों बनती है? सब नदी इतना महत्वपूर्ण है क्या? हां जी महत्वपूर्ण है। बट याद
30:02 रखिएगा इंडस वैली दो कारणों से सबसे महत्वपूर्ण है। पहली बात इसका एरिया सबसे ज़्यादा है। एरिया वाइज़ सबसे ज़्यादा है। देखो एरिया सबसे ज्यादा इंडस वैली का है। दूसरा ये सबसे ज्यादा डेवलप्ड है। हां, डेवलप्ड कैसे? जैसे इंडस वैली के अंदर आप आज आप घर बनाते हो तो घर बनाओगे तो कैसी ईंट का यूज़ करते हो। बर्न ब्रिक्स का। बर्न ब्रिक्स का मतलब आपने भट्टी में बढ़िया तपाव वपा के उसको ब्रिक को मजबूत बनाया है। अब आप सोच के चलिएगा कि इंडस वैली सिविलाइजेशन जिस टाइम पर दुनिया के अंदर लोग भाषा के बारे में भी नहीं जानते। ज्यादातर एरियाज के अंदर जिस टाइम पर दुनिया में अलग-अलग तरह के ट्राइब्स हैं, उस टाइम पर इंडस वैली के लोग क्या डबल फ्लोर के मकान बना रहे हैं? भाई साहब डबल फ्लोर का मकान है। एक फ्लोर नहीं डबल फ्लोर है। डबल फ्लोर के मकान में आप सोच के चलिएगा बर्न ब्रिक्स का यूज़ कर रहे हैं। पकी हुई ईंट है। मट्टी में पकी हुई ईंट है। अब आप बोलोगे सर ये दूसरी
30:49 सभ्यताओं के अंदर भी तो की जाती थी ना। नहीं की जाती है। मेसोपोटामिया के सभ्यता के बारे में बात करूं तो ये बर्न ब्रिक्स का यूज़ करते तो हैं बट बहुत लिमिटेड। ये पता है कौन सी ब्रिक्स का यूज़ कर रहे हैं? सूरज में तपी हुई ब्रिक्स का। ईंट है बट सूरज में तपी है। भट्टी-वट्टी में नहीं कर रहे हैं साहब। इस तरह की चीजें आपको देखने को मिलती है। दैट इज द रीज़न। याद रखिएगा कि दुनिया में जो सभ्यताएं हैं उसमें सबसे महान भारत की सभ्यता है। पर भाई साहब अंग्रेज तो हमको महान मानते ही नहीं थे। अंग्रेज मानते थे कि अपने को महान नहीं। अंग्रेज अपने को महान नहीं मानते थे। ब्रिटिशर्स को अपने ऊपर बड़ा गर्व था। ब्रिटिशर्स एक थ्योरी के ऊपर चलते हैं। उस थ्योरी का नाम है वाइट मैनस बर्डन। किसी ने सुना है इस थ्योरी के बारे में। बहुत सारे जो मेरी क्लासेस के बच्चे हैं उनको तो पता ही होगा। वाइट मैनस बर्डन। गोरे लोगों के ऊपर बर्डन ब्रिटिशर्स कहते थे कि दुनिया में जितने भी काले लोग होते हैं अपने जैसे जो काले हैं काले मतलब अफ्रीका
31:35 के लोग अपन लोग बोले जितने भी काले लोग होते हैं ना ये भगवान ने इनको बस बना के भेज दिया है और जो गोरे लोग हैं भगवान के दूत हैं जितने भी ये गोरे चमड़ी वाले हैं ये भगवान के दूत हैं और ये गोरे लोगों के ऊपर एक भार है बर्डन है कि इन जो काले लोग हैं ना अपने जैसे बोले इनको सिविलाइज्ड करें इनको सभ्य बनना सिखाएं बिकॉज़ ये सभ्य थोड़ी है ये तो जानवर हैं। ये अपने को जानवर समझते अब ये भाई साहब जानवर समझते हैं। खुद ही जानवर थे पर हम सब जानते हैं। बट इनका था कि ये इनका इनके ऊपर बर्डन है। और इस तरीके से इन्होंने हमारे ऊपर जितने अत्याचार करे इसको जस्टिफाई किया। क्या बोल के कि नहीं ये तो वाइट मैनस बर्डन था। तो सोचो इस लेवल तक ये अंग्रेज गए। और सोचो उस टाइम पर भी अंग्रेज इसी लेवल के ऊपर थे। तो क्या होता है कि अंग्रेजों को ये लगता था। सुनिएगा ये बात बड़ी इंटरेस्टिंग सी है। आपने इस बैटल के बारे में सुना होगा जो एलेक्जेंडर और राजा
32:20 पुरुषोत्तम के बीच हुई। अब राजा पुरुषोत्तम कौन? पोरस। पोरस अपना नाम नहीं है। पोरस ग्रीक हिस्टोरियंस ने उनको नाम दिया है। उनका रियल नाम था राजा पुरुषोत्तम। महान महाराजा पुरुषोत्तम। एक बैटल होती है जिसे किस झेलम नदी का युद्ध कहा जाएगा। बैटल ऑफ हडबसिस 326 बीसी के आसपास ये बैटल होती है झेलम नदी के तट पर। और इस बैटल के अंदर कौन जीतता है? हु इज़ गोइंग टू विन इन दैट बैटल? अब आप बोलोगे सर इस बैटल में हमने तो ग्रीक हिस्टोरियंस में लिखा है कि इस बैटल के अंदर जो है वो एलेक्जेंडर जीता था। अलेक्जेंडर महान जीता था। मैं एक सवाल पूछता हूं। अगर अलेक्जेंडर इतना ही महान था तो फिर इस बैटल को जीतने के बाद वो भारत में अंदर क्यों नहीं आया? भारत में अंदर क्यों नहीं आया? पोरस नहीं बोलना है। सूरज नहीं व्हाई पोरस? पोरस क्यों बोल रहे हो? पुरुषोत्तम नाम है उनका। व्हाई यू आर टेलिंग द पोरस? पोरस ग्रीक हिस्टोरियंस ने नाम दिया है। हमारे
33:07 महाराजाओं के नाम पोरस रखते थे क्या? हिंदू सभ्यता के अंदर हिंदू संस्कृति के अंदर क्या पोरस नाम मिलता है? कभी नहीं मिलेगा। यहां पर एक ही नाम मिलेगा दैट इज़ महाराजा पुरुषोत्तम। बट क्या होता है कि देखिए हिस्टोरियंस अपने हिसाब से इतिहास को लिखते हैं। अब ठीक है हम जो भी माने यहां पर कई सारी बड़ी बातें की जाती हैं कि साहब एलेक्जेंडर ने जो है वो महाराजा पुरुषोत्तम को हरा दिया। उसके बाद उनकी के युद्ध कला से उनके गौरव से उनके गौरव से उनके कहते हैं कि साहब उनकी ताकत से इतना प्रभावित हुआ कि वो उनको यहां पर जिंदा छोड़ के चला गया। व्हिच इज़ नॉट पॉसिबल। हम सब जानते हैं कि अलेक्जेंडर जो है इस वॉर के अंदर जीता हारा। वो ठीक है। मैं उसके बारे में बात नहीं करूंगा। बट इसी समय पर जब ये भारत में आता है एक तीर इसको लगता है और उस तीर के कारण ही वापस जब ये घर जा रहा था तो इसकी मृत्यु हो जाती है। बिकॉज़ भारत के अंदर जो भारत के हाथी हैं उसका सामना ये नहीं कर पाए थे। भारत के जो हाथी
33:54 हैं पहली बार इनकी सेना हाथी देखती हाथी वाती इनके लिए बहुत बड़ी बात थी। बोला हाथी अरे क्या है हाथी? देख के इनकी सेना डर गई थी। और महाराजा पुरुषोत्तम की सेना में कई सारे हाथी थे। अपन पढ़ेंगे इतिहास। जब क्लासेस के अंदर आओगे तो बहुत डिटेल में हम जाते हैं। बच्चों को पता है बट अभी ठीक है। अब क्या होता है कि इनको क्या लगता था कि साहब इससे पहले बोले 326 बीसी से पहले ना भारत में कोई सिविलाइजेशन थी ही नहीं। इनको ये लगता था कि भारत में 326 बीसी से पहले कोई सिविलाइजेशन नहीं है। बोले ये तो जंगली हैं। जंगली थे। ये तो कोई सिविलाइजेशन भारत में नहीं थी। वो तो अलेक्जेंडर आया। उसके बाद देखो राज महाराजा पुरुषोत्तम मिले और उसके बाद थोड़ा बहुत ये पढ़ना लिखना इनके अंदर सिविलाइजेशन था। भाई ये इनके दिमाग में था। इनके दिमाग के अंदर ये चीज थी कि यार यह चीजें थी कि भारत में कोई सिविलाइजेशन होती नहीं थी। पर इनका दिमाग घूम गया। इनको झटका लगा और ऐसा झटका लगा जिससे आज
34:41 तक उभर नहीं पाए। और वो झटका था इंडस वैली सिविलाइजेशन। इन्होंने सोचा भी नहीं था। इन्होंने सोचा भी नहीं था कि भारत में इतनी पुरानी 3300 बीसी के आसपास एक सभ्यता जन्म लेगी। जब ब्रिटेन के अंदर लोग जो है ना बोलना भी नहीं जानते थे। यह जो कहते हैं अपने आप को भगवान का दूत ये भगवान के दूत तो कहना मैं चाहूंगा नहीं पर यह लोग उस टाइम पर ढंग से लिखना भी नहीं जानते थे। इनको पता ही नहीं सिविलाइजेशन क्या होती है। जिस टाइम पर ये जानवर मार रहे थे ना उस टाइम पर अपने आप पर अपन ट्रेड कर रहे हैं दुनिया की इन चार सिविलाइजेशंस के साथ तीन के साथ। अब होता ये है कि भारत के अंदर ब्रिटिशर्स ने राज किया। देखो शुरुआत कैसे हुई? पता कैसे लगा सिविलाइजेशन के अंदर। एक व्यक्ति था लॉर्ड डलहौजी। याद आ गया लॉर्ड डलहौजी। कौन सी पॉलिसी लेकर आया था? लॉर्ड डलहौजी। लास्ट लेक्चर का क्वेश्चन है। बताना सब लॉर्ड डलहौजी कौन सी पॉलिसी लेकर आया? जल्दी कैरेट्स बताओ
35:28 भाई साहब बताओ बताओ बताओ लॉर्ड डलहौजी कौन सी पॉलिसी लेकर आया है? जल्दी-जल्दी जल्दी कौन सी पॉलिसी लॉर्ड डलहौजी लेकर आया था? कैरेट्स लास्ट लेक्चर के अंदर हमने पढ़ा था बिल्कुल से। डॉक्ट्राइन ऑफ लेप्सिस। अब एक सवाल का जवाब यहां पर और दो। डॉक्ट्राइन ऑफ़ लेप्सिस के द्वारा सबसे पहले किस राज्य को अपने अधीन करा? लॉर्ड डलहौजी ने। जल्दी दोनों सवाल पूछे गए हैं एग्जाम में। दोनों सवाल की बात कर रहा हूं। लास्ट लेक्चर के अंदर बताया मैंने। लॉर्ड डलहौजी ने डॉक्ट्रिन ऑफ लेप्सस के द्वारा कौन से स्टेट को सबसे पहले अपना हिस्सा बनाया? और याद रखना ब्रिटिश कॉलोनी का सबसे ज्यादा बड़ा हिस्सा इसी यही व्यक्ति इसी के टाइम पर था कि साहब ये लेके आ गए थे। पहला सबसे पहला राज्य कौन सा था? झांसी पहला था। नहीं झांसी पहला बिल्कुल सही। अरे बहुत बढ़िया यार। मजा आ गया। याद है बच्चों को।
36:13 बहुत अच्छे। बस ऐसी पढ़ाई करते रहना अच्छे से। ठीक है। हां। चलो ठीक है। अब क्या होता है? देखो इसके टाइम पर क्या होता है कि रोड्स का डेवलपमेंट होना शुरू हो गया था। किसका डेवलपमेंट होना शुरू हो गया था? रोड का डेवलपमेंट होना शुरू हो गया था। किसका? रोड्स का डेवलपमेंट होना शुरू हो गया था। और लाहौर साइड से एक रोड बना रहा था। अब क्या होता है कि दो भाइयों को जिम्मेदारी दी गई थी रोड बनाने की कि दो भाई तुम रोड बनाओ। अब रोड बनाने के लिए कुछ ईंटों की जरूरत थी। ईंट ऑब्वियसली ईंट जरूरी है रोड बनाने के। माफ़ कीजिएगा। रेलवे ट्रैक बिछाना था और रेलवे ट्रैक बिछाने के लिए इनको ईंटों की जरूरत थी। अब ईंटों की जरूरत है तो क्या होता है कि इन्होंने देखा कि इनके जो कुछ मजदूर काम कर रहे हैं वो मजदूर एक गड्ढे से ईंट निकाल के लाते हैं और गड्ढे से बहुत सारी ईंट इन्होंने निकाल ली। अब ये दो इंजीनियर भाई जब इन्होंने पूछा कि भाई साहब ये कहां से तुम ये निकाल के ला रहे हो? कहां से कौन से गड्ढे से निकाल के ला रहे हो? तो
36:59 बोले पास में एक जगह है और एक गड्ढा उस गड्ढे में जितनी चाहो उतनी ईंट ई उतनी ईंट आपको मिल जाती है। अब वहां पर ये दोनों भाई जाते हैं और उस गड्ढे को देखते हैं। गड्ढे को देखा थोड़ा बहुत खुदाई-वई-वदाई करी तो पता लगा अरे गड्ढा नहीं ये तो बहुत बड़ी एक बहुत बड़ी बिल्डिंग जैसी है। अब यहां पर जब बिल्डिंग देखने के बाद उनको ब्रिक्स को उन्होंने देखा तो उनको लगा कि ब्रिक्स होगी। ठीक है। ब्रिक्स होगी कितना 100 50 साल पुरानी ईंट होगी। और उसके बाद इस बात पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया गया। पर इंडस वाली सिविलाइजेशन की खोज करने का श्रेय दिया जाता है। एक ऐसे आदमी को ध्यान से मेरी बात सुनिएगा। बड़ा इंटरेस्टिंग कहानी है व्यक्ति की जो मतलब मैं कहूं तो बहुत सारे लोगों ने इंडस वैली सिविलाइजेशन को खोजने की कोशिश करी है। पर ये जो व्यक्ति थे इनकी कहानी बड़ी इंटरेस्टिंग है। मैं चाहता हूं कि एक बार आप उनका फोटो देखें अगर मैं यहां पर लेकर आया हूं तो। बिल्कुल सही। ये है आपके
37:47 चार्ल्स मेसन। सुना है चार्ल्स मेसन के बारे में? चार्ल्स मेसन 1826। चार्ल्स मेसन क्या था? यह एक ब्रिटिश अधिकारी है। ब्रिटिश आर्मी अधिकारी है। अब इनको क्या ब्रिटिशर्स ने इनको आर जहां पर इनका आर्सनल रखते हैं ये लोग हथियार वथियार जहां पर रखते हैं ब्रिटिशर्स वहां पर इनको तैनात करके रखा था। अब भाई साहब घूमने फिरने के बड़े शौक हैं। बोला नहीं हम काहे के लिए आर्सनल में रुके? हम काहे के लिए हथियार वक्तियार के सुरक्षा करें? बोले हम घूमने निकल जाए और ये घूमने निकलता है। और जब ये घूमने निकलता है तो पंजाब साइड जॉर्ज पाकिस्तान में वहां पर ये कई सारी चीजें ऑब्जर्व करेगा। बहुत सारी चीजें ऑब्जर्व करता है। ऑब्जर्व करता है कि एक बड़े-बड़े शहर इसको देखने को मिल रहे हैं। पूरा शहर नहीं दिख रहा है। बट ऐसा दिख रहा है कि अच्छा इस जगह पर कोई छत जैसी दिख रही है। जमीन के अंदर दबी हुई है। थोड़ा आगे जा रहा है तो वापस कुछ ऐसी चीजें दिख रही है। तो जो पहली बार व्यक्ति रिपोर्ट करता है ना कि देखो ऐसी कुछ चीजें हैं। बड़े-बड़े माउंट्स बने हुए हैं। ये
38:33 रिपोर्ट करने वाले व्यक्ति का नाम था चार्ल्स मेसन। 1826 के अंदर चार्ल्स मेसन रिपोर्ट करता है। बट इसके बाद इंडस वैली सभ्यता को खोजने का अगर श्रेय दिया जाना चाहिए जिस आदमी को। मेरे अकॉर्डिंग और एग्जामिनेशन पॉइंट ऑफ व्यू से भी जिस व्यक्ति को इंडस वैली सिविलाइजेशन को खोजने का श्रेय दिया जाना चाहिए। उस व्यक्ति का नाम है एलेक्जेंडर कर्निघम। नोट कीजिए इनका नाम। क्या नाम है इस व्यक्ति का? इस व्यक्ति का नाम है एलेक्जेंडर कर्निघम। नोट कीजिए बहुत इंपॉर्टेंट है। 1853 के अंदर क्या होता है? एलेक्जेंडर कर्निघम हड़प्पा के अंदर जाते हैं। हड़प्पा एक एरिया है। हम बताएं बात करेंगे हड़प्पा के बारे में। जब ये वहां पर जाते हैं ना तो इनको एक सिक्स लेटर की सील मिलती है। एक सील मिलती है जिसप कुछ छह लेटर लिखे थे। अब इनको समझ में नहीं आता कि वो छह लेटर क्या लिखे हैं। उस पे एक पशुपति भी बना था। नंदी महाराज की पिक्चर सील थी और उसके ऊपर एक पशुपति बना है। छह लेटर्स भी यहां पर
39:19 मिलते हैं। तो पहली बार तो इनको कुछ समझ में नहीं आता कि यार ये चीजें हैं क्या? और याद रखिएगा बार उसके बाद ये 56 में 72 में वापस से रिवजिट करते हैं। और याद रखिएगा ये भारत के अंदर हमारे देश का जो पहला आर्कलॉजिकल सर्वे ऑफ़ इंडिया था उसके पहले सर्वेयर भी बनते हैं 1861 में। तो ये कहा जाता है कि इंडस वैली सभ्यता को खोजने का श्रेय अगर देना चाहिए तो वो किसे देना चाहिए? वो देना चाहिए जिस व्यक्ति को जिस व्यक्ति का नाम था एलेक्जेंडर कर्निघम इनका नाम नोट कीजिएगा नाम सवाल कई बार एग्जाम के अंदर आ जाता है बट सभ्यता है क्या अब देखो सभ्यता इस तरह की थी कि जब इस सभ्यता को खोजना शुरू करा अंग्रेजों ने इनके एविडेंसेस को देखना शुरू करा और उस एरिया के अंदर जब खुदाई करना शुरू करी तो ये भौचके रह गए भौचके रह गए इनको समझ ही नहीं आ रहा कि भारत में इतनी बड़ी सिविलाइजेशन हो कैसे सकती है ये भरोसा ही
40:06 नहीं कर रहे कि नहीं भारत में ऐसी सिविलाइजेशन हो ही नहीं सकती और भारत में इतनी इतनी बड़ी सिविलाइजेशन निकल के आती है। इतनी बड़ी सिविलाइजेशन और ये दुनिया की सबसे बड़ी सिविलाइजेशन है। देखिए आपको एक मैप दिखाता हूं मैं इंडस वैली सिविलाइजेशन का। इससे चीजें आपको क्लियर हो जाएगी। ये देखिए दैट इज द मैप ऑफ इंडस वैली सिविलाइजेशन। देखिए बहुत बड़ा अफगानिस्तान से लेके पाकिस्तान, भारत इन सारे एरियाज के अंदर आपको इंडस वैली सिविलाइजेशन के अंश मिलते हैं। और जहां-जहां कर भी खोदा गया, जिस-जिस एरिया के अंदर भी खोदा गया, वहां-वहां पर आपको एक पूरे के पूरे शहर देखने को मिले। और शहर कैसे हैं? डेवलप्ड है। ऐसा नहीं कि डेवलप्ड नहीं है। बिल्कुल डेवलप्ड शहर देखने को मिलते हैं। फॉर एग्जांपल की बात की जाए आम धोलावीरा देखिएगा इंपॉर्टेंट है। लोथल के बारे में हम बात करेंगे। दैट इज़ लोथल। हड़प्पा सबसे इंपॉर्टेंट और सबसे
40:52 पहली साइट जिसे खोजा गया। उसके बाद मोहनजोदड़ो। इन सारी साइट्स को यहां पर खोजा गया। और आज अगर मैं बात करूं इंडस वैली सिविलाइजेशन के बारे में तो आप देखते हैं इंडस वैली सिविलाइजेशन जो है वो दुनिया के तीन बड़ी कंट्रीज के अंदर फैली हुई है। कौन सी तीन कंट्रीज हैं? तीन बड़ी कंट्रीज जहां पर इंडस वैली सिविलाइजेशन फैली हुई है। सबसे बड़ी तीन बड़ी कंट्रीज के बारे में बात करूं। पहला है हमारा भारत। दूसरा है इसको यार कहां साथ में लिखूं इसका नाम। मतलब अपने साथ तो नाम भी नहीं लिख सकते इसका। पहला है अपना भारत। ठीक है? दूसरा है इनका ये पाकिस्तान। छोटे अक्षर में लिखो। हमारे साथ खड़े होने की औकात नहीं है तुम्हारी। और तीसरा है अफगानिस्तान। अफगानिस्तान तो अपना दोस्त है। लिख सकते हैं। तो तीन बड़े-बड़े शहरों के अंदर माफ़ कीजिएगा। तीन बड़े-बड़े जो है दुनिया के देशों के अंदर इस सभ्यताओं के अंश मिलते हैं। और आज के
41:38 तारीख में क्या है? आज के तारीख में तीन एरियाज हैं। और सबसे बड़ा एरिया इनका कहां पर है? सबसे बड़ा एरिया जिस कंट्री में है वो है पाकिस्तान। है ना? इनके पास इस सभ्यता का सबसे बड़ा एरिया। बहुत बड़ा एरिया पंजाब वाला जो है इनके पास चला गया। तो सबसे बड़ा एरिया इनके पास है। पाकिस्तान के पास है। तो छोटी सी बात याद रखिएगा। अब देखिए इसका अपन थोड़ा सा ज्योग्राफिकल डिवीज़ देखते हैं। ज्योग्राफिकल डिवीज़ के बारे में अगर मैं बात करूं तो देखो कितना बड़ा फैला हुआ है। देखो इधर हड़प्पा यहां पर आ गया है। इधर मोहनजोदड़ो आपको देखने को मिलेगा। इधर बनवाली देखने को मिलेगा। भारत के अंदर भी धुलावीरा भी है। इधर लोथल भी है। बट मेजर साइट्स आप देखोगे तो भारत के अंदर मिलेंगी। जो मेजर साइट्स हैं। मेजर साइट्स आर सिचुएटेड इन द इंडिया। भारत के अंदर इनकी सबसे ज्यादा मेजर साइट्स देखने को मिलती है। अब कुछ स्टैटिकल डेटा के बारे में अगर मैं बात करूं तो देखिए क्या है? इस सिविलाइजेशन को जब खोजा गया तो जिस नदी
42:23 के आसपास यह सिविलाइजेशन मिली है वो नदी कौन सी थी? वो नदी है इंडस रिवर। जी हां, इंडस और उसकी ट्रिब्यूटरी के आसपास क्या होता है कि नदी के आसपास ये सारी सभ्यताएं मिलती है। तो जो पहला शहर खोजा गया वो था हड़प्पा। हड़प्पा वाज़ द फर्स्ट सिटी। याद रखिएगा जो इंडस वैली सिविलाइजेशन के अंदर खोजी गई है। अब ये रिचुअल आप इसको कह लो या एक रूल चलता है कि जब भी किसी सिविलाइजेशन की खोज की जाती है जो तो जो पहला शहर मिलता है उस पहले शहर के नाम पे ही उस पूरी सिविलाइजेशन का नाम रख दिया जाता है। तो यहां पर इस सिविलाइजेशन का सबसे पहला नाम क्या था? क्या नाम था? हड़प्पन सिविलाइजेशन। पहला नाम था हड़प्पन सिविलाइज़ेशन। फिर हमने देखा कि साहब केवल हड़प्पन नहीं कर सकते बिकॉज़ हड़प्पा के आसपास भी इलाके में बहुत सारे शहर मिलना शुरू हो गए। और ये शहर मिल रहे थे इंडस नदी के आसपास। ये इंडस वैली है साहब। इंडस नदी के आसपास कहीं सारे शहर मिलना शुरू हो
43:09 गए। तो हमने बोला साहब अच्छा ठीक है इस सिविलाइजेशन का नाम बेसिकली अब क्या होगा? इस सिविलाइजेशन का नाम हम कर देते हैं इंडस सिविलाइजेशन। अब सवाल ये आता है कि केवल इंडस नदी के आसपास नहीं इंडस नदी से बहुत दूर भी यहां भी मिल रही है एक शहर। एक शहर यहां भी मिल रहा है। एक शहर यहां भी मिल रहा है। तो उसके बाद इसका नाम रखा गया इंडस वैली सिविलाइजेशन। तो पहले शुरुआत में हड़प्पा। फिर इंडस फिर इंडस वैली करना पड़ा। और इसके साथ-साथ इसके और भी कई नाम है। जैसे एग्जांपल की बात करें इसे इंडस सरस्वती सिविलाइजेशन भी कहा जाता है। अब सरस्वती नदी कौन सी है? जी हां, इसे इंडस सरस्वती सिविलाइजेशन भी कहा जाता है। सरस्वती नदी भी है यहां पे। सरस्वती नदी आज है क्या? आज नहीं है। आज नहीं है साहब। आज नहीं आज एंशिएंट नदी है। काफी पुरानी और जब हम वेदास के बारे में बात करेंगे तो याद रखना वेदों के समय पर
43:55 सरस्वती सबसे पवित्र नदी मानी जाएगी। सबसे पवित्र है वो स्टमबरन अर्ली वैदिक एरा के बारे में बात करेंगे तो चीजें आपकी क्लियर हो जाएगी। तो याद रखो इस सभ्यता को हड़प्पन सिविलाइजेशन, सिंधु सरस्वती सिविलाइजेशन, इंडस वैली सिविलाइजेशन और इंडस सरस्वती सिविलाइजेशन के नाम से भी जाना जाता है। अच्छा एक सवाल का जवाब दीजिए जिससे अगर थोड़ा बहुत आईडिया हो तो आज सरस्वती वाला जो रीजन है, सरस्वती वैली वाला जो रीजन है, आज वहां पर एक नदी तो बहती है। उस नदी को आज किस नाम से जाना जाता है? आज उस वैली के अंदर अगर हम बात करें तो उस नदी को किस नाम से जाना जाता है? सरस्वती नदी तो हम बोलते हैं कि बहुत एंशिएंट है। बहुत पुरानी है। सबसे पवित्र नदी जो है वो सरस्वती है। तो आज उसे किस नाम से जाना जाता है? बताओ क्लासेस के अंदर बताया मैंने यमुना। वाह बिल्कुल
44:42 बिल्कुल बिल्कुल यमुना। नहीं नहीं देखो उस नदी को अगर आज मैं बात करूं उसे घग्गर हाकरा के नाम से जाना जाएगा। घगर एंड हकरा याद रखना उस टाइम से सिविलाइजेशन लगातार पूरी दुनिया के अंदर बड़ी फेमस होती गई। अब क्या होता है कि देखिए जब भी कोई सिविलाइजेशन दुनिया में फेमस होती है तो उसका उपहास उड़ाना हिस्टोरियंस शुरू कर देते हैं। सेम चीज इंडस वैली के साथ भी। देखो सिंडस वैली के बारे में जब हमने देखा तो कई सारे आप देखो कहां पर है भारत के अंदर भी है। अफगानिस्तान के अंदर भी देखने को मिल रही है और पाकिस्तान के अंदर भी सिविलाइजेशन आपको देखने को मिलती है। तो कई लोगों ने ये हमारा मजाक उड़ाया और ये कहा कि नहीं साहब ये सभ्यता बहुत पुरानी नहीं है। भले तो 200 300 साल पुरानी है। क्योंकि विदेशी लोग अगर मैं क्लियरली ब्रिटिशर्स के बारे में बात करूं। ब्रिटिशर्स ये मानने को कतई तैयार नहीं थे कि 3300 बीसी पहले भारत के
45:29 अंदर एक ऐसी सभ्यता का उदय हो जाता है जहां पर लोग ऐसी चीजों का यूज कर रहे हैं जो कि आज भी हम लोग कई बार नहीं करते हैं। डबल स्टोरी बिल्डिंग्स आपको देखने को मिल रही है। हर घर में आपको देखते हैं कि वेव्स में वेल्स देखने को मिल रही है। तो कई सारी चीजें यहां पर आपको देखने को मिल जाती है। अब देखिए जब इन सभ्यता के बारे में बात करेंगे तो एक चीज याद रखना भारत के भी बहुत बड़े हिस्से में पंजाब, सिंध, बलूचिस्तान अब ये तो उनका है। पर मैंने क्या बोला? वासुदेव कुटुंबकम अपना ही है। ठीक है ना? राजस्थान, गुजरात कुछ पार्ट्स उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश माफ़ कीजिएगा हरियाणा, राजस्थान यहां पर भी आपको इंडस वैली सिविलाइजेशन के साक्ष्य देखने को मिलते हैं। तो यहां तक क्लियर हो गया? क्लियर हो गया? क्लियर हो गया? चलिए बहुत बढ़िया। चलिए अब देखिए अब आगे अगर हम यहां पर बात करें तो देखो कुछ पॉइंट्स याद रखिएगा कि ये जो पूरी सिविलाइजेशन है, इसे
46:15 ट्रायंगुलर सिविलाइजेशन कहा जाता है। ट्रायंगुलर क्यों कह रहे हैं? इसे ट्रायंगुलर सिविलाइजेशन कहा जाता है। व्हाई इट्स ट्रायंगुलर सिविलाइजेशन? बिकॉज़ इसका जो एरिया है आप देखो ये ट्रायंगुलर शेप के अंदर ये देखो एक ट्रायंगल बनाता है। ये जो पूरा एरिया है आप देखेंगे ध्यान से ये पूरा ट्रायंगल बना रहा है। ये देखो यहां से लेके यहां तक एक ट्रायंगल बना रहा है। फिर यहां से ला के यहां लेकर एक ट्रायंगल बना रहा है। तो ये चीज छोटा सा पॉइंट याद रखिएगा। इस सिविलाइजेशन को ट्रायंगुलर सिविलाइजेशन कहा जाता है। ये नोट करना ये सवाल पूछा गया है। और जब मैं बात कर रहा हूं ना कि ट्रायंगुलर सिविलाइजेशन के बारे में इनका एरिया भी याद रखिएगा। ठीक है? 1550 कि.मी. यहां से और 1400 कि.मी. इस तरीके से आ रहा है। तो ये एरिया सिविलाइजेशन किस तरीके की? ये ट्रायंगुलर सिविलाइजेशन है। अब कुछ स्टैटिकल डेटा के बारे में हम बात करें बिकॉज़ स्टैटिकल डेटा एग्जाम के अंदर पूछा जाएगा। सबसे पहली चीज
47:00 याद रखिएगा इट इज़ अ ट्रायंगुलर सिविलाइजेशन। दूसरी बात अगर मैं टोटल एरिया के बारे में बात करूं। देखो टोटल एरिया के बारे में बात कर रहे हैं। टोटल एरिया मतलब इंडिया के अंदर भी जितना एरिया है पाकिस्तान के अंदर भी जितना और अफगानिस्तान के अंदर जितना भी अगर हम टोटल एरिया के बारे में बात करें देखो इतना बड़ा एरिया है। 1299600 स्क्वायर कि.मी. याद रखना नहीं स्क्वायर कि.मी. है। ठीक? इतना बड़ा एरिया। अब एरिया अप्रोक्समेटली याद रखना पड़ेगा। हां, याद रखना पड़ेगा। अब सवाल एक दूसरा भी आता है कि सभ्यता की शुरुआत किस साल से हुई है? किसी भी सभ्यता की शुरुआत होती है तो किसी न किसी साल से होती है। इंडस वैली सभ्यता की शुरुआत किस साल से हुई है? मैं सवाल क्या पूछ रहा हूं? ये पीछे वाला आंसर मत बोल देना। ये तो एनसीईआरटी में लिखा है कि इसका जो फेस है कब ये सभ्यता आई है? या 2600 से लेके 1900 बीसी के आसपास आई है।
47:46 नहीं नहीं ये इसका मैच्योर फेस है। देखो किसी भी चीज के तीन फसेस होते हैं। तीन फसेस का मतलब क्या होता है? एक फेस से जब सभ्यता धीरे-धीरे शुरुआत हो के धीरे-धीरे सभ्यता आगे बढ़ना शुरू करती है। मतलब अब डेवलपमेंट होना धीरे-धीरे शुरू हो रहा है। इसे कहा जाता है अर्ली फेस। ओके? उसके बाद एक फेस होता है जब ये सभ्यता अपने पीक पर जाती है। जहां चीजें सबसे अच्छी हो गई हैं। सब चीजें बहुत बढ़िया चल रही हैं। इसे कहा जाता है मैच्योर फेस कि अब चीजें मैच्योर हो चुकी है और इससे बेहतर नहीं हो सकता। और एक मैच्योर फेस के ऊपर आ जाने के बाद सभ्यता धीरे-धीरे होती है डिक्लाइन। याद रखिएगा। और जब सभ्यता डिक्लाइन होना शुरू होती है इसे कहा जाता है डिक्लाइन फेस या इसे एंड फेस कहा जाता है। तो जो एनसीईआरटी बात करता है ना कि साहब 2600 से लेके 1900 बीसी तक के बारे में ये बेसिकली मैच्योर फेस है। याद रखिएगा वो बात करता
48:33 है इस फेस के बारे में। अगर मैं एक टाइमलाइन यहां पर बनाऊं तो ये बात करता है इस मैच्योर फेस के बारे में कि 2600 से लेके यहां पर आप बात करेंगे 1900 बीसी तक जो है ये सिंधु घाटी सभ्यता इसका मैच्योर फेस था। मैच्योर मतलब सब बढ़िया चल रहा है। बढ़िया शहर बना रहे हैं। बढ़िया पोट्रीज बना रहे हैं। बढ़िया जो है ट्रेड चल रहा है। पेंटिंग वेंटिंग करी जा रही है। अब ये चीज़ मैच्योर फेस के अंदर है। बट शुरुआत से ऐसा था कि नहीं शुरुआत से ऐसा नहीं है। देखो इंसान धीरे-धीरे सीखता है। अब शुरुआत के फेस में क्या है? थोड़ा बहुत पोटरी बन रही होगी। कभी खराब बनी, कभी सही बनी। पेंटिंग्स बन रही है। थोड़ी खराब बनी, थोड़ी सही बनी। शहर बना रहे हैं। अब यहां पर अपन जानते हैं ग्रीड पैटर्न के बारे में। ग्रीड पैटर्न क्या है कि 90° पे सड़ें बनाई जा रही है। हालांकि एग्जैक्टली 90 नहीं थी। बट शुरुआत में तो एग्जैक्टली 90 भी नहीं बना पा रहे हैं। 45 भी नहीं बन रही। तो यहां पर अगर शुरुआत के बारे में बात करें तो अगर सवाल पूछा ना शुरुआत कहां से
49:19 हुई है वो 3300 बीसी से हो गई है। याद रखिएगा 3300 बीसी से शुरुआत मानी जाती है। याद रहेगा बिल्कुल सही बात है। 3300 बीसी से इसकी शुरुआत मानी जाती है। याद रखना बेटा बहुत इंपॉर्टेंट है। इट इज़ द मोस्टेंट थिंग। क्योंकि सवाल घुमा फिरा के इधर से पूछेंगे तो यहां से शुरुआत हुई है। यहां से शुरुआत होती है और सवाल को घुमा फिरा के इधर से ही पूछा जाता है। गॉट माय पॉइंट? समझ में आ गया? ये देखो ये बना दिया मैंने। 3300 से शुरुआत होती है और कहां तक जाएगी? 1400 बीसी के अंदर इसका एंड हो जाता है। 1400 के आसपास खत्म हो जाएगी। खत्म क्यों हुई? वी डोंट नो। कुछ कहते हैं आर्यंस का इन्वेशन हुआ है। आर्यंस आ गए थे। हमको नहीं पता कि शुरुआत कब हुई। हमको ये तो पता है शुरुआत क्यों हुई? कैसे हुई बट इसका अंत कैसे हुआ। हम नहीं जानते। कई सारे एजम्पशनंस है इसको लेकर। उन एजम्पशनंस के बारे में भी हम लोग बात करने वाले हैं। अब देखिए दुनिया में
50:06 कई सारी एजेस होती हैं। जैसे हम लोगों ने देखा कि स्टोन एज है। स्टोन एज के बाद दूसरी एजेस भी आई। आयरन ऐज भी आई। चाकलथिक ऐज भी आती है। तो अगर मैं बात करूं इंडस वैली सिविलाइजेशन के बारे में तो ये किस ऐज के अंदर आता है? इंडस वैली सिविलाइजेशन किस ऐज के अंदर आएगा? कौन सी ऐज के अंदर इंडस वैली सिविलाइजेशन आता है? तो याद रखना ये आसान सवाल। इंडस वैली आता है ब्रोंज़ ऐज के अंदर। नोट कीजिएगा। इस टाइम पर आयरन का आविष्कार नहीं हुआ है। आयरन कब आया पता है? 900 के आसपास आयरन आया था। 900 बीसी के आसपास आयरन आया है। 900 बीसी के आसपास आयरन आता है। और इसका यहां पर भारत के अंदर आप देखेंगे आयरन 900 बीसी के आसपास आया है। तो आयरन की कोई भी चीज का यूज़ करना ये जानते नहीं थे। आयरन है ही नहीं साहब। आयरन नहीं अभी खोज ही नहीं करी आयरन की। 900 बीसी के आसपास आयरन की खोज होगी। तो यहां पर याद रखना कि ये जो सिविलाइजेशन है दैट इज़ द ब्रोंज़ एज सिविलाइजेशन। गॉट
50:52 माय पॉइंट? समझ में आ गया? है ना? अब इसका एक पॉइंट और याद रख लेना। आई न्यू थोड़ा सा स्टैटिकल डाटा मैं ज्यादा बता रहा हूं। बट कहां करें बेटा? इसको पढ़ना लिखना जरूरी है। क्या कर सकते हैं? अब देखो। इंडस वैली का सबसे नॉर्थ पॉइंट कौन सा है? सबसे साउथ पॉइंट कौन सा है? सबसे ईस्ट पॉइंट कौन सा है? वेस्ट पॉइंट कौन सा है? यह याद रखना पड़ेगा। एग्जांपल की बात करें। देखो नॉर्थ से साउथ तक की अगर मैं डिस्टेंस के बारे में बात करूं वो 1400 कि.मी. है। और अगर आप वेस्ट टू ईस्ट के डिस्टेंस के बारे में बात करें कितना फैला है? तो वो 1600 कि.मी. तक फैला है। बट यहां पर याद रखिएगा इंडस वैली सिविलाइजेशन का जो नॉर्थ मोस्ट पॉइंट है वो है मांडा। याद रखिएगा ऊपर वाला यह नया है। पहले यह मानते थे बट यह है। मांडा चिनाब नदी के किनारे जो कि जम्मू एंड कश्मीर में है। अगर मैं मोस्ट सदर्न पॉइंट के बारे में बात करूं तो वो क्या है? वो है दाहिमाबाद। ये मत याद रखना बेटा। ये पुराना है। ठीक है? गुजरात वाला।
51:39 अभी है दाईमाबाद। दाईमाबाद कहां पर है? ये है महाराष्ट्र के अंदर। है ना? प्रवरा नदी के किनारे पर है। सबसे वेस्टर्न पॉइंट के बारे में बात करूं। ये है सुदगंडोर। दशक नदी के किनारे पर है। पढ़ेंगे अपन मकराना कोस्ट पे। मकराना कोस्ट ईरान बॉर्डर के ऊपर। अभी तो पाकिस्तान ईरान बॉर्डर के ऊपर लगता है। मकराना कोस्ट। यहां पर क्या घटना हुई थी? मकरान कोस्ट कुछ याद आ रहा है? कुछ घटना हुई थी। बड़ी इंपॉर्टेंट घटना है। और हम बात करें अगर ईस्टर्न मोस्ट ये पूछा जा सकता है जो ईस्टर्न मोस्ट एरिया है इंडस वैली का वो है आलमगीरपुर। कहां पर है साहब? हिंदल नदी के किनारे यूपी उत्तर प्रदेश। है ना अपना उत्तर प्रदेश। तो याद रखिएगा इस तरीके से ये सभ्यताएं ये पॉइंट्स आपको याद रखना जरूरी है। अब अब देखो सभ्यता के अंदर जब हम बात कर रहे हैं तो हमने एक सबसे बड़े एरिया के बारे में बात करी। वो सबसे बड़ा एरिया कौन सा था? हमने बात करी हड़प्पा के बारे में। हड़प्पा। हड़प्पा वास द फर्स्ट सिटी जिसे
52:27 खोजा गया था। अब देखो शुरुआत से कई लोग कह तो रहे थे कि यहां पर कुछ है। यहां पर कुछ है। खोजने की कोशिश भी कर रहे हैं। बट खोजने का जो श्रेय दिया जाएगा सबसे पहले खोज जो व्यक्ति कर रहा है उन व्यक्ति का नाम था दयाराम साहनी। ये सवाल पूछा जाता है। हड़प्पा। हड़प्पा की खोज करी है दयाराम साहनी ने। किसने खोज करी? दयाराम साहनी जी हड़प्पा की खोज करते हैं। तो हड़प्पा वाज़ द फर्स्ट सिटी। नोट कीजिएगा। हड़प्पा वो पहली सिटी है। इंडस वैली का वो पहला शहर है जिसकी खोज की गई थी। और इसकी खोज करने का श्रेय किसे दिया जाएगा? दयाराम साहनी जी को। उसके बाद एक बहुत बड़ा शहर जिसे मृतकों का टीला कहा जाता है। द माउंट ऑफ डेड मृतकों का टीला। मृतकों का टीला ऐसा कहा जाता है कि उस शहर के पास एक बहुत बड़ा टीला था। बहुत बड़ा पहाड़ जैसा था। माउंट था और वहां पर कई
53:13 सारे लोगों को दफन किया गया था। और वो पूरा मरे हुए लोगों से पूरा माउंट भरा हुआ था। अब लोग उस एरिया में आसपास जाने से भी डरते थे। उनको नहीं पता कि यार वहां क्या जाए। वहां पर जो है हमारे देश के आर्कलॉजिकल सर्वे ऑफ़ इंडिया उस समय के वहां के लोग जाके खोज करते हैं। तो पता लगता है कि यहां पर एक इतना बड़ा शहर है जिससे कई सारी ऐसी चीजें मिलेगी जिससे सिविलाइजेशन के गौरवशाली इतिहास के बारे में हमको जानकारी मिलेगी। और वो था आपका मोहनजोदड़ो। नोट कीजिएगा। और इसकी खोज किसने की है? इसकी खोज की यहां पर राखलदास बनर्जी ने। 1922 वाज़ द ईयर जब 1922 के अंदर राखलदास बनर्जी नोट कीजिएगा इनका नाम राखलदास बनर्जी मोहनजोदड़ो की खोज करते हैं। अब सवाल मेरा ये आता है देखिए हम बात कर रहे हैं इतनी सारी हम सभ्यताओं के बारे में बात कर रहे हैं ये कर रहे हैं वो कर रहे हैं। इतना ऐसा क्या है भाई साहब
54:00 मोहनजोदड़ो के अंदर? ऐसा क्या है? किसी भी सभ्यता के अंदर बहुत सारी बातें होती है। बट मोहनजोदड़ो के अंदर ऐसे कुछ फीचर्स के बारे में अगर हम बात करें इंडस वैली सिविलाइजेशन के कुछ इंपॉर्टेंट फीचर्स के बारे में बात करें तो फीचर्स क्या है ऐसे इसके अंदर? हमने देखा साहब कि इसका जो मैच्योर फेस है वो 2600 से लेके 1900 बीसी के आसपास इसका मैच्योर फेस चल रहा है। मैच्योर मतलब साहब जब पीक पे चीजें शुरुआत में इंसान सीखता है बाद में मैच्योर किया। अब मेरे को आ गया। अब चीजें पीक पे चल रही है। तो मैच्योर फेस के बारे में भी अगर मैं बात करूं ऐसा क्या है यहां पे? क्या फीचर्स हैं इसके? देखो सबसे पहला फीचर अगर आप इसके बारे में बात करें जो सबसे इंपॉर्टेंट है जहां से सवाल आएंगे सोचो इमेजिन करो अपन कब की बात करें 3300 बीसी के आसपास की बात कर रहे हैं आज से कितना समय पुराना बीसी बिफोर क्राइस्ट मैं अभी एडी के बारे में बात नहीं कर रहा हूं
54:45 बिफोर क्राइस्ट बीसी के बारे में बात कर रहा हूं सबसे इंपॉर्टेंट फीचर अगर इंडस वैली का कोई है दैट इज देयर टाउन प्लानिंग टाउन प्लानिंग अरे शहर को प्लान करके बनाए जैसे आज टाउन प्लानिंग आज भी भारत में कई शहरों सही नहीं होती है। कोई चंडीगढ़ की है। चंडीगढ़ की टाउन प्लानिंग भारत की सबसे बेहतरीन टाउन प्लानिंग मानी जाती है। टाउन प्लानिंग का मतलब क्या है? प्रॉपर शहर बन रहे हैं। शहर कैसे बन रहे हैं? घर एक साइज के हैं। सेम साइज के घर आपको देखने को मिलते हैं। घर जो है सामने वो सेम साइज के हैं। इसके बाद आप देखो आपको मिल रही है रोड्स। सड़कें देखने को देखने को मिलेगी। चौड़ी-चौड़ी। सड़कें जो है वो ग्री पैटर्न के अंदर बनी है। ग्रीड पैटर्न मतलब 90° पे एक दूसरे को काट रही हैं। इसके अलावा आपको मिलेगा एक प्रॉपर ड्रेनेज सिस्टम देखने को मिलता है। ग्रेट बात। कई सारी चीजें मिल रही है। अभी अपन डिटेल में बात करेंगे। तो पहला फीचर है इनका टाउन प्लानिंग। साहब टाउन प्लानिंग
55:32 बहुत बढ़िया है इनकी। टाउन प्लानिंग बहुत बढ़िया तरीके से करके रखी है। एक सैडल बना के रखा है कि जो नॉर्मल आदमी है वो जमीन के नीचे रहेगा और जो अमीर लोग हैं वो ऊपर रहेंगे जिसे सैटल कहा जाएगा। इसके बारे में भी बात करेंगे अपन। तो पहला फीचर है इनका टाउन प्लानिंग। दूसरा फीचर क्या हो सकता है? दूसरा फीचर यहां पर है कि ये एक रिलीजन को फॉलो भी करते हैं। धर्म है। जब दुनिया के अंदर लोग धर्म से परिचित भी नहीं थे। उनको नहीं पता धर्म क्या होता है। तब यहां पर एक रिलिजन को फॉलो किया जा रहा। रिलजन कौन सा है? अभी आगे समझ में आ जाएगा कि ये लोग रिलजन को फॉलो कर रहे हैं। दे आर फॉलोइंग द रिलजन साहब धर्म है उस टाइम पे। तीसरी चीज आप सोचिए दुनिया के अंदर जब लोग बोलना भी नहीं सीख पा रहे हैं। इनके पास इनकी खुद की स्क्रिप्ट है। भाषा है साहब इनकी। इनको लिखना आता है। भाषा तो क्या लिखना भी आ गया इनको। स्क्रिप्ट है इनकी। खुद की स्क्रिप्ट है
56:17 इनकी। आप बिलीव नहीं करोगे। इनको वेट और मेज़रमेंट लेना भी आता है। जी हां। वेट और मैनेजरमेंट यह डेवलप करके बैठे हुए हैं। इसके अलावा यह लोग कर रहे हैं ट्रेड। और ट्रेड किसके साथ कर रहे हैं? पूरी दुनिया के साथ कर रहे हैं। दुनिया की बड़ी-बड़ी
…