0:00 हेलो नर्सिंग स्टूडेंट्स, मेरा नाम है शोर और आज के हमारे इस वीडियो में हम बात करने वाले हैं फार्माकोलॉजी टू के बारे में जिसमें हम लोग अगर देखें तो आपके फार्माकोलॉजी वन का हमने कवर किया है। ठीक है? और अभी के टाइम पे बहुत ज्यादा कम टाइम है। टाइम है नहीं बिल्कुल। तो इसके लिए मैंने एक प्रॉपर देखा जाए तो क्विक नोट्स करके बनाया है जिसमें मैं शॉर्ट फॉर्म में पार्ट टू के जो चैप्टर्स हैं उसको मैं कवर करूंगा। मैं ट्राई करूंगा कि मतलब दो से 3 घंटे से कम ही में वह कवर हो जाए ताकि जो रिवीजन है वह हो जाए। आप लोग बहुत ज्यादा ऐसे बोल रहे थे लेकिन अभी तो डिटेल वन शॉट नहीं बन सकता है। तो इसीलिए मैं ये वीडियो बना रहा हूं जिसमें मैं पार्ट टू के जो भी चैप्टर्स हैं जैसे कि यहां पे मैंने इस सिलेबस को खोल रखा है। तो आपको देखने में आसानी होगी। अगर आप देखो यहां पे तो वन सेकंड।
0:49 सो अब यहां पे अगर देखो तो आईएसी का सिलेबस है। आई एनसी के सिलेबस में अगर आप देखो तो इसमें पार्ट टू में देखा जाए तो इसमें कुछ एट चैप्टर्स हैं। तो इस वीडियो में हम लोग पूरे एट चैप्टर को कंप्लीट करेंगे वन शॉट में और देखेंगे क्या-क्या है, कैसे-कैसे है। ठीक है? जैसे कि आपका पहला जो हमारा मतलब कि सिस्टम होगा जिससे हम लोग यूज़ करेंगे वो हमारा ईएनटी होगा। इए के रिगार्डिंग जो भी ड्रग्स है उसके बारे में हम बात करेंगे। ठीक है? तो चलिए स्टार्ट करते हैं और देखते हैं हमारा ये जो भी चैप्टर है। ठीक है? यह हमारा क्विक नोट्स है जिससे हम आसानी से जल्दी-जल्दी इसको कवर कर लेंगे। ठीक है? तो अगर आप देखो तो ईएनटी के अंदर देखें तो हमारे अलग-अलग इसमें ड्रग्स हैं जिसमें हमारा पहला जो है एंटीहिस्टिन है। ठीक है? उसके बाद से ट्रॉपिकल इसमें एप्लीकेशनेशंस हैं आई का जिसमें अलग-अलग इसमें ड्रॉप्स और ये जो भी हमारे मतलब कि ड्रग्स हैं वो सब आ
1:35 जाती हैं जिसमें हम लोग स्टार्ट कर रहे हैं। ठीक है? अगर आपको ये नोट्स चाहिए हमारे ये नोट्स चाहिए तो आप इस नंबर पे कांटेक्ट कर सकते हो। ये हमारा WhatsApp का नंबर है जिसके थ्रू आपको ये नोट्स मिल जाएगा। ठीक है? और आसानी से आप अपने प्रिपरेशन को और ज्यादा बूस्ट कर सकते हो और अच्छा कर सकते हो। ठीक है? तो चलिए स्टार्ट करते हैं और देखते हैं हमारे यह फार्मेकोलॉजी का पार्ट टू का क्विक रिवीजन। ठीक है? तो अगर आपने मतलब कि ईएनटी की हम बात करें तो इए में पहला जो ड्रग इसमें बनता है वो हमारा एंटीहिस्टिन बनता है। ठीक है? एंटीहिस्टिन क्या होता है? कैसे होता है? तो जल्दी-जल्दी मैं बता देता हूं। एंटीमिन की हम अगर बात करें तो यह हमारा देखा जाए तो यह इए और जो आई डिसऑर्डर्स होते हैं उसमें बहुत ज्यादा ऐसे एलर्जिक रिएक्शन होती है जैसे कि आपका स्नीजिंग और ये नसल कंडीशन हो गया, इचिंग आई हो गया या फिर रनी नोज हो गया तो उस केस में यह काम आता है। ठीक है? सिम्टमेटिक रिलीफ दिलाता है यह हमारे
2:22 एलर्जी से और बहुत अच्छा काम करता है। अब हम डेफिनेशन की बात करें तो यह ब्लॉक करता है हमारे मतलब कि ब्लॉक करता है H1 को H1 रिसेप्टर को और देखा जाए तो रिड्यूस करता है जो भी हमारे एलर्जिक सिम्टम्स हैं इए टी और आई के डिसऑर्डर्स में। ठीक है? क्लासिफिकेशन की बात करें तो फर्स्ट लाइन ऑफ ड्रग्स में आपके ये तीनों ड्रग्स आ जाते हैं। सेकंड लाइन में आपके मतलब कि देखा जाए तो ये आपने पार्ट वन में भी पढ़ा है। ठीक है? तो इसमें अगर देखें तो डाईफिनाइल हाइड्रा अमाइन आ जाता है। ठीक है? और क्लोरोफिनाइल हाइड्रामाइन आ जाता है। और इसके साथ देखें तो प्रोमथाजीन आ जाता है। और इसमें अगर देखा जाए तो ये क्रॉस करता है हमारे ब्लड ब्रेन बैरियर को और मतलब कि सडक्शन को भी दिखाता है। ठीक है? सेकंड लाइन की हम बात करें तो सेटजीन लोराटडीन और इसके साथ-साथ टक्सो फिनाडीन आ जाता है। ठीक है? जो कि
3:08 हम लोग डेली बेसिस पे इसको यूज़ कर सकते हैं। ट्रॉपिकल हिस्टमिन होता है और इसको हम लोग इस्तेमाल करते हैं। ठीक है? आई और नजल स्प्रे में हम यूज़ करते हैं। मैकेनिज्म ऑफ एक्शन की हम बात करें तो मैकेनिज्म ऑफ एक्शन आप यहां पे अच्छे से समझ पाओगे। एलर्जिक के एक्सपोज़र में आते हो आप। हिस्टमिन जो है वो रिएक्ट करता है। हिस्टमिन वन जो है इसमें देखने को मिलता है रिसेप्टर। ठीक है? सिम्टम्स जो है वो दिखते हैं आपको। ठीक है? अब हमने क्या किया? तो यहां पे एंटीहिस्टिन का यूज किया। H1 जो रिसेप्टर है वो ब्लॉक हुआ। और जो भी सिम्टम्स हैं वो दिखना बंद हो गए। ऐसे ब्लॉक हो जाता है। ठीक है? जैसे कि आपको यहां पे H1 रिसेप्टर जो है वो ब्लॉक किया हमने। ठीक है? एलर्जिक और ये सब जो भी कंडीशंस हैं वो देखने को मिला। ये सब जो साइन ऑफ़ सिम्टम्स है ब्लॉक हुई और एलर्जिक रिएक्शन इसमें कम हो गया। ठीक है? अब इसमें इंडिकेशन में हम बात करें तो आपके एलर्जी में साइन मतलब कि साइनोसाइटिस हो गया, एलर्जिक मतलब कंजवाइटिस में फिर
3:54 आपके कोल्ड और ये देखा जाए तो आर्टिकार्डिया में यूज़ करते हैं। ठीक है? ड्रग और डोज़ की बात करें तो ज्यादातर ओरली और ट्रॉपिकली ये यूज़ किया जाता है ऑन द बेसिस ऑफ़ ड्रग के बेसिस पे। ठीक है? अब कॉन्ट्रा इंडिकेशन है ग्लूकोमा और जो भी आपके प्रो मतलब कि हाइपरट्रोफी होती है उसमें इल्ली में यह कंट्रा इंडिकेट किया जाता है और ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन में वही अल्कोहल सडक्शन और ये सीएनएस के डिप्रेशन को देखने को मिलता है। ठीक है? आगे हम अगर बात करें तो हमारे जो साइड इफेक्ट की हम बात करें तो इसमें क्या होता है? तो फर्स्ट लाइन में आपके सडक्शन देखने को मिलता है। ड्रग मतलब कि ड्रग जो डाई माउथ देखने को मिलता है। डनेस देखने को मिलता है। ठीक है? सेकंड जनरेशन की हम बात करें तो इसमें आपको माइल्ड हेडेज और मिनिमल इसमें सेक्शन देखने को मिलता है। एडवर्स इफ़ेक्ट में वही आपके जो कंडीशंस हैं जैसे क्फ्यूजन हो गया, यूरिनरी मतलब कि रिटेंशन
4:40 हो गया, ट्रेकीकारार्डिया हो गया। ठीक है? आगे हमारे पास जो नेक्स्ट कंडीशन है, नेक्स्ट कंडीशन की हम बात करें तो टॉक्सिसिटी है तो सीएनएस और यह मतलब कि आपके अलग-अलग कंडीशंस हो जाती हैं। रोल ऑफ नर्स की हम बात करें तो रोल ऑफ नर्स में असेसमेंट आप करते हो, एडमिनिस्ट्रेशन करते हो, मॉनिटरिंग करते हो और पेशेंट एजुकेशन और इसके साथ-साथ आपका ये कंडीशन खत्म होता है। पहला। ठीक है? अब हम आगे दूसरा कंडीशन की तरफ बढ़ेंगे जिसमें हम लोग ट्रॉपिकल एप्लीकेशन के बारे में बात करेंगे जो कि हमारा आई के लिए होगा। ठीक है? इसमें जो पहला इसमें हमारा देखने में मिलता है क्लोरेम फिनाइल कोल फिनिकोल आता है जिस और दूसरा जो है जेंटामाइसिन आई ड्रॉप आता है। ठीक है? ये जो है हमारे मतलब कि बैक्टीरिया के की वजह से जो कंडीशंस होती है जैसे क्यूकोटिस हो गया, कैरेटाइटिस हो गया तो ये सब में काम आता है। ठीक है? ट्रॉपिकल एंटोबायोटिक होता है जो कि ट्रीट
5:27 करता है और प्रिवेंट करता है आई के मतलब कि इंफेक्शन से। ठीक है? अब इसमें आपके अलग-अलग डेफिनेशनंस की हम बात करें तो यह जो है आपका ए्थमिक मतलब कि एंटोबायोटिक होता है। ट्रॉपिकल एपथैलमिक एंटीोबायोटिक होता है जो कि अप्लाई करते हैं हम लोग डायरेक्ट और इसको हम लोग एलिमिनेट करते हैं जो भी बैक्टीरियल इंफेक्शन है लोकली। ठीक है? ड्रग्स की हम बात करें तो इसमें आपका पहला जो हैको मतलब कि वही कोलरम फिनोल आता है। ठीक है? यह फ़ फेनिकॉल आता है। जेंटामाइसिन आता है। तो, इसके अगर अह मतलब कि जो मैकेनिज़्म ऑफ़ एक्शन की बात करें, तो ड्रग जो इनफ़ेक्शन है, आई में होता है। ठीक है? ड्रग देखें तो हम लोग इंजेक्ट मतलब कि देखो पहले बैक्टीरिया का इंफेक्शन हुआ। ठीक है? अब वहां पर हमें मेडिसिन की यूज़ पड़ी तो हमने जो भी आपका जेंटामाइसिन है या ड्रग है तो वो लिया हमने। ठीक है? तो आप अप्लाई किए हो तो
6:12 इसमें आपका कोलरम फेनोल जो फेनोकॉल जो है आपका 50s इनहबिटर हुआ। ठीक है? और जेंटामाइसिन जो है वो 30s इनबिट इनबिशन किया। ठीक है? इससे जो है प्रोटीन की जो सेंसेस है वो कम हुआ। और जो भी आपके मतलब कि सेल मतलब जो भी बैक्टीरिया है उसके अंदर डेथ हुआ। इनबिशन हुआ। ठीक है? रिलीफ मिल गया आपको इसमें जो भी इनफेक्शन है उससे। अब हम डोज़ और एडमिनिस्ट्रेशन के बारे में बात करें तो यह जो है देखा जाए तो वन से टू ड्रॉप हम लोग लेते हैं एक आंख में। ठीक है? और ये 4 से 8 घंटे में लिया जाता है। इंडिकेशन में अब वही आपका सेमी कंडीशन होगा। एक बात मैं बता दूं अगर आपको इंडिकेशन में कोई प्रॉब्लम आती है। ठीक है? अगर मान लो कि इंडिकेशन आपको नहीं पता है क्या-क्या हो रहा है, कैसे हो रहा है। ठीक है? उस केस में आपको करना ये है कि एक चैप्टर के लिए एक लिस्ट बनाना है। ठीक है? एक चैप्टर के लिए लिस्ट बनाओ और देखो कि क्या-क्या इसमें डिजीज कंडीशन दिए हुए
6:58 हैं। बुकिस वाला जो डिजीज कंडीशन है वो आप लिखो और उसको हर जगह पर अप्लाई कर सकते हो। जैसे कि ये आपने पिछले वीडियो मतलब कि पिछले भी टॉपिक में ये सब देखा होगा जिसमें कंजेक्टिवाइटिस आई वाला तो ये प्रॉब्लम हटा ही दो लेकिन दूसरे जो जैसे कार्डियोवस्कुलर हो गया। ये सब में आपको देखने को मिल सकता है। ठीक है? कॉन्ट्रा इंडिकेशन में हाइपरस सेंसिटिविटी हो गया, वायरल इंफेक्शन और फंगल इंफेक्शन हो गया। ड्रग एडमिन मिनिममल इसमें देखने को मिलता है। साइड इफेक्ट, आई इरिटेशन, बर्निंग सेंसेशन और रेडनेस देखने को मिलता है। एडवर्स इफेक्ट की हम बात करें तो एलर्जी और रेयर आपको सिम्टम्स देखने को मिलते हैं या कोई भी एज ऑर्प्शन। ठीक है? टॉक्सिसिटी में रेयरली ये होता है और इसके साथ-साथ प्रोलोंग यूज़ के वजह से होता है। रोल ऑफ़ नर्स वही सेम ही होगा। आगे हमारे पास क्या है? तो इसमें दूसरा हमारे पास मतलब कि ड्रग होगा जिसमें हम लोग देखें तो सोडा ग्लिसरीन है और मतलब कि ब्रोकी सॉरी ब्रोक
7:48 स्पिरिट आई ड्रॉप है तो ये जो है देखें तो हमारा बोरिक सॉरी बोरिक है ब्रोक बोल रहा हूं बोरिक स्पिरिट आई ड्रॉप है तो इसमें हम लोग देखें तो ये हमारा देखा जाए तो आईवक्स और ये जो ओटाइटिस एक्सटर्डना होता है तो उस केस में यूज़ करते हैं आईवक्स रिमूव करने के लिए और इंफेक्शन को कंट्रोल करने के लिए ठीक है ट्रॉपिकल हम लोग जो आई प्रिपरेशन करते हैं मेडिकलली उसको देखा जाता है और सॉफ्ट करता है ये वैक्स और रिलीफ करता है पेन से ठीक है ट्रीट करता है इंफेक्शन से ठीक है ये जो ड्रग है वो आपका देखा जाए तो सोडियम बाइकार्बोनेट आई ड्रॉप होता है और दूसरा जो है बोरिक एसिड आई ड्रॉप होता है तो ये इसमें मैकेनिज्म ऑफ एक्शन की हम बात करें तो अगर आई में कुछ प्रॉब्लम है मान लो कि वैक्स का ही प्रॉब्लम है तो वैक्स के केसेस में क्या होगा तो सोडा ग्लिसरीन का यूज करेंगे जो ये जो है सॉफ्टनिंग कर देगा आपके वैक्स का
8:33 ठीक है इंफेक्शन की बात करें तो बोरिक स्पिरिट की हम बात करें तो ये एंटी एंटी मतलब कि देखा जाए तो एंटीसेप्टिक आपका एक्शन दिखाएगा और इस तरीके से रिलीफ मिल जाएगा आपकी आंखों को। ठीक है? तो ये हो गया ड्रग का एडमिनिस्ट्रेशन वही दो से तीन ड्रॉप आप पर डे के हिसाब से लोगे। ठीक है? डेली बेसिस पे और जो इंडिकेशन है वो आपके सोडा का यूज़ करोगे आप मतलब कि सोडा ग्लिसरीन का वैक्स में और इसमें देखा जाए तो इंफेक्शन के केसेस में यूज़ करोगे। ठीक है? आगे हम कंट्रा इंडिकेशन की बात करें तो वही आपके अगर देखा जाए तो टपेनिक मेंब्रेन परफोडेशन है उस केस में सीवियर आई इनफेक्शन या फिर हाइपरसेंसिटिविटी के केस में इसको कंट्रा इंडिकेट करोगे एडवर्स इफेक्ट में वही एलर्जिक रिएक्शन इंक्रीस होगा आपका जो भी इरिटेशन है फिर मतलब कि टॉक्सिसिटी में रेयर और आपके देखा जाए तो जो भी एक्सेसिव आपको वैक्स देखने को
9:20 मिलेगा रोल ऑफ नर्स वही आपका सेम ही होगा। ठीक है? अब इसमें हम नेक्स्ट बात करेंगे हमारे नज़ल और जो बकल कैविटी है उसके रिगार्डिंग। ठीक है? इसमें क्या है? कॉलरी एक्सन माउथ वाश है। ठीक है? तो यह क्या होता है? तो यह अगर देखो तो बकल कैविटी मतलब कि क्रोन जो जैसे जिंजवाइटिस हो गया या फिर ओरल इंफेक्शन में काम आता है। हाइजीन को मेंटेन करना या फिर प्रिवेंट करना इनफेक्शन में उसमें काम आता है। ठीक है? अब ये इसकी हम बात करें तो ब्रॉड स्पेक्ट्रम में मतलब कि एंटीसेप्टिक होता है जो कि यूज़ करते हैं हम लोग रिड्यूस करने के लिए ओरल बैक्टीरिया और जो भी आपके इंफेक्शन है उससे। ठीक है? क्लासिफिकेशंस में अब अगर देखो तो एंटीसेप्टिक जो है वह ट्रॉपिकली आपका एंटोबत कि एंटीमाइक्रोबियल होता है। माउथ वाश और आपके ओरल जो रेसिंग होती है रेंसी होती है उसमें काम आता है। ठीक है? अब मैकेनिज्म ऑफ़ एक्शन क्या होता है? तो अगर आपके माउथ में क्या हो रहा है?
10:06 तो बैक्टीरिया है। ठीक है? उसमें क्या होगा? तो हम लोग ये मतलब कि माउथ वाश यूज़ करेंगे। ठीक है? कोलरी हेक्सडीन का यूज़ करेंगे। ये जो है आपके मेंब्रेन के देखा जाए तो सेल मेंब्रेन जो डिपमेंट हुआ है तो उस केस में क्या होगा? यूज़ होगा। ठीक है? लीकेज लीकेज जो है कंटेंट वो देखने को मिलेगा। बैक्टीरियल डेथ करेगा और इससे जो है आपका माउथ का हजीन बरकरार रहेगा। ठीक है? 10 से 15 ml लेते हैं 30 सेकंड तक इसको मतलब कि रेनिश करना होता है। ठीक है? दिन में दो बार करना होता है। ठीक है? और इसको स्वेलिंग हो तो उस केस में देखना होता और कॉन्ट्रा इंडिकेशन में वही जो मैंने बताया कि अलग-अलग जो कंडीशंस है वो लिख सकते हो और सॉरी इंडिकेशन में कॉन्ट्रा इंडिकेशन में सेंसिटिविटी और आपके हाइजीन क्लीन मतलब कि चाइल्ड आ जाते हैं। ठीक है? अब ड्रग इंटरेक्शन की बात
10:52 करें तो आपके टूथ जो टूथपेस्ट है उसमें हो जाता है। या फिर अगर देखें तो अलग-अलग जो कंडीशंस है उस केस में यूज़ कर सकते हो। माउथ वाश हो गया ये जो भी ब्रूसेस है गैप्स है उस केस में। साइड इफेक्ट है तो साइड इफेक्ट में आपके वही जो मतलब कि टूथ की मतलब कि जो भी आपके साइन सा सइटेनिंग होगी या फिर अल्टर इसमें टेस्ट हो जाएगा। ओरल इसमें इरिटेशन होगा और एडवर्स इफेक्ट की हम बात करें तो इसमें आपको म्यूकोसल इरिटेशन और हाइपरसेंसिविटी टॉक्सिसिटी में रियली होगा और ओरल इसमें इस तरीके से यह चैप्टर खत्म होता है। रोल ऑफ नस आपका वही सेम ही सबका होगा। ठीक है? तो यह हो गया। अब पहला जो चैप्टर है वो हमने कवर कर लिया है। ठीक है? इसमें जो है हमने पहला चैप्टर इसका कवर कर लिया। अब हम बात करेंगे इसके दूसरे चैप्टर के बारे में
11:37 जो कि हमारा ड्रग इंटरेक्ट मतलब कि जो भी ड्रग यूज़ करते हैं हम लोग यूरिनरी मतलब कि सिस्टम के अंदर। ठीक है? तो अगर आप देखो तो यहां पे मैंने अटैच कर रखा है। अगर आपको नोट्स चाहिए तो आप इस नंबर पे अभी भी कांटेक्ट कर सकते हो। ठीक है? और चैनल को सब्सक्राइब कर लेना और अपने दोस्तों को भी शेयर करना। सो दैट सारे लोग इस चैनल से कनेक्ट कर पाए। वन सेकंड। ओके। 10 10 मिनट लगे हैं मुझे एक चैप्टर के लिए। ठीक है? तो अब हम दूसरे चैप्टर की तरफ बढ़े। तो हमारा यह बहुत इंपॉर्टेंट चैप्टर है जो कि आपके इस चैप्टर से मतलब कि दो साल से एक क्वेश्चन रिपीट होता आ रहा है और उसको हम लोग एक-एक करके देखेंगे। ठीक है? तो ये हमारा यूरिनरी जो सिस्टम है उसके रिगार्डिंग हम देख रहे हैं। जिसमें हम लोग देन देखें तो राज सिस्टम है। ठीक है? अब रेनिन एंजियोटेंसिन सिस्टम है। तो उसके बारे में हम पहले बात
12:23 करेंगे। ठीक है? पहले एक बार सिलेबस देख लेते हैं। तो हमारे पास जो है इसमें हम लोग कॉमन जो मतलब कि फिज जो भी आपके फार्मेकोलॉजी है कॉमन ड्रग्स है उसके बारे में बात करेंगे। जिसमें पहला जो है आपका रा सिस्टम होगा। ठीक है? रस सिस्टम रेनिन एंजोटेंसिन और सिस्टम होगा। ठीक है? अब इसमें जो है दूसरा हम देखें तो डयूरेटिक्स और यूरेटिक्स होगा। ये भी आपका मोस्ट इंपॉर्टेंट है। ड्रग जो कि आपके टॉक्सिक मतलब होता है किडनी के लिए और एंटीसेप्टिक और यूटीआई में जो यूज़ होने वाला ड्रग है वो भी इंपॉर्टेंट है। तो ये सब एक-एक करके हम देखेंगे। ठीक है? तो चलिए देखते हैं और समझते हैं। तो पहले हमारे पास रेनिन है। ठीक है? तो इसमें रेनिन की हम बात करें सॉरी रा सिस्टम की बात करें तो यह हमारा रेगुलेट करता है ब्लड को ब्लड फ्लो को प्रेशर को और इसके साथ-साथ जो भी फ्लूइड बैलेंस है किडनी का जो फंक्शन है वो सब में। ठीक है? ओवरऑल अगर देखें तो हाइपरटेंशन और जो
13:10 क्रोनिक इसमें मतलब कि किडनी डिजीज देखने को मिलता है। अब इसमें डेफिनेशन की हम बात करें तो रास जो है आपका एक हॉर्मोनल सिस्टम होता है जो कि कंट्रोल करता है ब्लड प्रेशर को फ्लूइड के मतलब कि बैलेंस को किडनी और आपके जो भी वैस्कुलर मैकेनिज्म होती है उस समय। ठीक है? अब इसमें जो कंपोनेंट्स होती है वो समझना बहुत ज्यादा इंपॉर्टेंट होता है। क्योंकि अगर आप एक बार समझ जाओगे तो उसको आप आसानी से कर सकते हो। ठीक है? अब रेनिन है तो ये आपका रिलीज़ होता है किडनी से। एंजोटेंसिन है तो यह आपका इनक्टिवेटेड मतलब कि फॉर्म में होता है और मतलब कि देखा जाए तो यह आपका रेनिन वन जो है वो टू में करता है। ठीक है? अब इसमें क्या होता है? तो ये एक्टिवेटेड और मतलब कि देखा जाए तो वैसो कॉन्ट्रक्शन में काम आता है और इसमें देखें तो एल्डोस्टॉल स्टेरोन जो है आपका इंक्रीस करता है सोडियम और वाटर के रिटेंशन में। ठीक है? अब मैकेनिज्म ऑफ़ एक्शन की बात करें तो पहले मान लो कि आपका
13:56 बीपी और जो भी ब्लड वॉल्यूम है वो कम है। तो उस केस में क्या होता है? तो आपका जो रेनिन है वो काम करता है वो जो है एंजियोटेंसिन वन को एंजियोटेंसिन टू में कन्वर्ट करता है एसीई के रिगार्डिंग। ठीक है? तो यहां पे आपके दो ड्रग्स का यूज़ होता है वैसो कॉनस्ट्रक्शन और इसके साथ-साथ देखें तो एल्डोस्टॉल रिलीज़ करता है और इससे जो है आपका ब्लड प्रेशर जो है आपका इंक्रीस हो जाता है और प्रॉपर तरीके से वॉल्यूम भी सही हो जाता है। ठीक है? अब इसमें कॉमन जो एक्टिंग ड्रग होती है वो हमारा एसी एसीई इनबिटर्स होते हैं। तो एसी इनहिबिटर क्या होता है? तो एंजोटेंसिन कन्वर्टिंग एंजाइम्स होती हैं जो कि कन्वर्ट करती हैं आपके एंजियोटेंसिन वन से एंजोटेंसिन टू में। ठीक है? तो ये आप याद रखना। तो ये जो ड्रग है वो इनबिट करती है। इनबिट का मतलब है ग्रोथ कम करना। ठीक है? अब ये कम करती है एंजियोटेंसिन टू के फॉर्म में आने में। मतलब कि देखो पहली बात
14:42 इनहबिट का मतलब होता है कम होना। तो इनबिट का मतलब एसीई जो है आपका एक तरीके से देखा जाए तो एंजाइम है। ये जो कि वन से टू में कर रहा है। ठीक है? है तो ये जो है अगर देखा जाए तो टू में नहीं करता है। इसको रोकने का हेल्प करता है। जैसे कि हम अगर मैकेनिज्म ऑफ एक्शन में देखें तो एसीई एंजाइम है यहां पे जो कि कन्वर्ट कर रहा है वन से टू में। ठीक है? अब यहां पे वैसो कॉन्टफ्रक्शन हुआ और एड्लोस्टर का हुआ और बीपी यहां पे नॉर्मल हो गया। ठीक है? बीपी बढ़ गया। सॉरी ब्लड प्रेशर बढ़ गया। ये आपका ऐसे मान लेते हैं नॉर्मल है। अब हमने क्या किया? तो यहां पे ड्रग का यूज़ किया। एसीई इनविटर लिया। ठीक है? वहां पे हमने क्या किया? तो ये जो है आपके ब्लॉक कर दिए AC को। ठीक है? अब इससे क्या हुआ? तो एसी जब हुआ तो ए जो आपका एंजोटेंसिन टू है वो कम हुआ। वसोडाइलेशन हुआ। एल्डोस्टेरोल जो है वो कम हो गया।
15:29 ठीक है? बीपी आपका नॉर्मल हुआ। फ्लूइड जो रिटेंशन है वो नॉर्मल हुआ। ठीक है? की पॉइंट जो है वो लोअर करता है बीपी को और इसके साथ-साथ देखें तो प्रोटेक्ट करता है आपके किडनी को जो कि बहुत अच्छी बात है। अब हम आगे बात करें तो हमारे पास आर आर मतलब कि एआरबी है। ठीक है? सॉरी एंजियोटोटेंसिन रिसेप्टर ब्लॉकर है। तो ये क्या करता है? तो ये हमारे ब्लॉक करता है मतलब कि एंजोटेंसिन टू रिसेप्टर्स को जैसे कि एग्जांपल में हम देखें तो आपका ये जो है फॉर्म होता है। ठीक है? बाइंड करता है ये फर्स्ट पार्ट से वैसे कॉन्ट्रक्शन हुआ और बीपी आपका बढ़ गया। ठीक है? अब इस केस में हम ड्रग का यूज़ करेंगे एआरबी का जिसमें हम लोग देंगे और ये जो है ब्लॉक कर देगा आपके जो भी ए मतलब कि जो भी एटी वन रिसेप्टर है एंजोटेंसिन वन रिसेप्टर है और यहां पे कोई वैसो कॉन्ट्रक्शन नहीं होगा। वैसो डाइलेशन होगा और बीपी जो है आपका लो
16:15 हो जाएगा। ठीक है? अब इसमें जो है मतलब कि सेम होता है आपके एसीई इनबिटर की तरह। लेकिन इसमें कोई कफ नहीं होता। ठीक है? अब हम आगे बात करें तो डायरेक्ट आपके रेनिन इनबिशन है। तो ये इसमें अगर देखें तो आपके जो मतलब कि डायरेक्टेड इनबिशन होती है जिसमें ब्लॉक करते हैं हम लोग का सिस्टम को। ये आप फ्लो चार्ट के फॉर्म में ही देखो। ठीक है? अब रेनिन जो है वो रिलीज़ हुआ। ठीक है? ये आपका मतलब कि जो भी है कन्वर्ट होता है मतलब कि एंजोटेंसिनोजेन जो है आपके वन में कन्वर्ट हुआ। ठीक है? अब यहां पे जो है रास मतलब कि एक्टिवेशन हुआ। ठीक है? अगर ड्रग का हमने यूज़ किया तो वहां पे इनबिट हुआ आपका कम हुआ मतलब कि मतलब कि रेनिन और इससे जो है एंजोट एंजोटेंसिन वन जो है वो कम फॉर्म हुआ। एंजोटेंसिन टू जो है वो भी कम हुआ और इससे जो है बीपी जो है नॉर्मल हुआ। ठीक है?
17:01 अब इससे हम आगे बात करें तो की मतलब कि मतलब कि हम लोग की इफेक्ट के बारे में बात करें तो ब्लॉक करता है ब्रास और मतलब कि देखा जाए तो अर्ली अर्लियस्ट मतलब कि स्टेप इसमें देखने को मिलता है। आगे हम अगर देखें तो एल्डोस्टेरोल एंड एागोनिस्ट के बारे में बात करेंगे। ठीक है? जो कि आपका दूसरा इसमें होगा जिसमें मैकेनिज्म ऑफ़ एक्शन के बारे में डायरेक्ट हम बात करेंगे जो कि रास जो एक्टिवेशन हुआ है। ठीक है? आप इसमें ऐसे देखो कि जो एसीई इनबिटर था वो जो है ब्लॉक कर रहा था आपके एंजियोटेंसिन टू को। ठीक है? और दूसरा अगर हम देख तो एआरवी जो था वो ब्लॉक कर रहा था इसमें से ऑलमोस्ट अगर देखो ना आप तो सबका जो है आपका सिस्टम जो है इसी से कनेक्टेड होता है और यही जो अगर एक बार ऊपर जो मैंने बताया वो अगर आप समझ गए तो पूरी आप राम कथा समझ जाओगे जो कि आपका प्रॉपर कैसे
17:47 बढ़ रहा है बीपी और कैसे बीपी घट रहा है तो ये जो है आप इस तरीके से समझ जाओगे जैसे कि आप समझो कि एंजियोटेंसिन वन से अगर टू में जा रहा है ठीक है तो इसका मतलब है बीपी बढ़ेगा और इसमें जो है मतलब मतलब कि टू फॉर्म ही नहीं हो रहा है तो उस केस में क्या है? तो बीपी इसमें कंट्रोल होगा, घटेगा। ठीक है? जैसे कि यहां पे देखो एसीई इनबिटर जो है वो आपके ब्लॉक कर दे रहा है एंजोटेंसिन टू के फॉर्मेशन को। जैसे कि एआरबी जो है ब्लॉक कर दे रहा है एंजोटेंसिन के एक्टिवेशन को। ठीक है? रेनिन जो है वो ब्लॉक कर देता है रेनिन को इनबिटर्स। ठीक है? और इसके साथ-साथ देख तो एल्डोस्टॉल जो है फ्लूइड के रिटेंशन को घटाता है। तो इससे जो है बीपी आपका कम होता है और जो किडनी है वो बहुत सही काम करना स्टार्ट कर देता है। ठीक है? तो ये मतलब कि देखा जाए तो आपका जो सेकंड पार्ट ब्लॉक का होना बहुत ज्यादा इंपॉर्टेंट होता है किडनी के अच्छे फंक्शन के लिए।
18:32 ठीक है? इंडिकेशन में हाइपरटेंशन, हार्ट फेलअर और इसके साथ-साथ किडनी के डिजीज में काम आता है। कॉन्ट्रा इंडिकेशन में आपके देखा जाए तो प्रेगनेंसी हाइपर कैल्समिया और इसके साथ-साथ रेनिन आर्टरी स्टोनोसिस में काम आता है। ठीक है? अब हम ड्रग के इंटरेक्शन की बात करें तो एसी ये तो हटा ही दो। ये आप लिखोगे नहीं भी तो भी चलेगा। साइड इफेक्ट की हम बात करेंगे तो साइड इफेक्ट में आपको यह मतलब कि एसीई इनबिटर जो है आपको ड्राई कफ ये सब देखने को मिलेगा। एआरबी जो है लेस कफ और इंडनेस देखने को मिलेगा। एल्डोस्टॉल में हाइपर कैल्समिया देखने को मिलेगा। एडवर्स इफेक्ट में किडनी डिस्कंशन और इसके साथ-साथ सीवियर इसमें हाइपोक्सिया देखने को मिलेगी। साथ ही में टॉक्सिसिटी की बात करें तो इलेक्ट्रोलाइट इमंबैलेंस और ऑर्गन के डैमेज देखने को मिलेगा। यह पहला इसमें
19:18 मतलब कि रोल ऑफ नर्स तो मैं हमेशा ही बोलूंगा कि सब में सेम होता है। आप कहीं भी किसका भी चिपका सकते हो। ठीक है? अब हम आगे बात करेंगे तो डयूरेटिक्स और यूरेटिक्स एंड सॉरी डयरेटिक्स और एंटी डयर यूरेटिक्स के बारे में बात करेंगे। तो यह आपका किडनी जो है फ्लूइड और इलेक्ट्रोलाइट और इसके साथ-साथ ब्लड प्रेशर में काम आता है। अगर कुछ कमी होती है तो आपका देखो डाई यूरेटिक जो है वन सेकंड डाईरेटिक्स अगर हम देखें तो ये जो है यूरिनेशन को बढ़ा देता है। अगर आप ये चीज समझ गए ना यहीं पे तो आपका पूरा ये मतलब कि टॉपिक समझ में आ जाएगा। ठीक है? जो डायरेटिक्स है वो यूरिन को बढ़ा रहा है और इसमें अगर एंटी डायरेटिक्स है मतलब कि इसके अपोजिट में जो काम कर रहा है वह आपका यूरिन को घटा रहा है। जैसे कि अगर देखो अगर कोई कंडीशन है जिस केसेस में आपका यूरिन का आउटपुट बढ़
20:04 गया है जैसे किडनी अगर खराब हो रहा है या फिर ऐसे कुछ भी आउटपुट बढ़ रहा है तो उस केस में हम लोग डायरेटिक ले मतलब कि सॉरी एंटी डायरेक्ट एंटी डायरेट सो अब हम बात करेंगे हमारे नेक्स्ट टॉपिक के बारे में जो कि हमारा डायरेटिक्स होगा। ठीक है? एंटी डायरेटिक्स। तो अगर आप देखो तो यह जो है हमारा डायरेक्ट किडनी से रिलेटेड है। दो चीजें होती है इसमें। अगर आप यह चीज समझ गए तो आप पूरी चैप्टर को समझ जाओगे मतलब टॉपिक को समझ जाओगे। ठीक है? डायरेटिक्स जो है आपका अगर देखें तो ये जो है आपके यूरिन लेवल को इसमें मतलब कि बढ़ा देता है। ठीक है? अब वहीं पे एंटी डायरेटिक्स जो है आपके देखा जाए तो इसमें जो है यूरिन लेवल को ये घटाता है। अब ये क्या होता है? तो अगर मान लो कि बॉडी के
20:49 अंदर कुछ ऐसा कंडीशन हो गया तो उस केस में मान लो कि अगर आपको जैसे कि मतलब कि टॉयलेटिंग ही नहीं हो रही है। अलग-अलग जो कंडीशंस है वो देखने को मिल रहा है तो उस केस में हम लोग क्या यूज़ करते हैं कि एंटी डायबरेटिक्स का यूज़ करते हैं। अगर आपके बॉडी में मतलब कि बहुत ज्यादा एक्सेसिव आपकी यूरिनेशन हो रही है तो उस केस में हम लोग मतलब कि देखा जाए तो डायरेटिक्स का यूज़ करते हैं। जैसे कि हम अगर देखें तो इंक्रीस करना हो मतलब कि यूरिनेशन को इंक्रीस करना हो अलग-अलग केसेस में जैसे होता है जैसे तो उस केस में हम लोग डयरेटिक्स का डयरेटिक्स का यूज करते हैं और यूरिनेशन को अगर कम करना हो तो उस केस में हम लोग एंटी डायरेटिक्स का यूज करते हैं। ठीक है? किडनी जो है आपका मतलब कि फ्लूइड बैलेंस इलेक्ट्रोलाइट और आपके बीपी में काम आता है। डायरेटिक्स की बात करें तो ये आपके इंक्रीस करता है मतलब कि
21:36 यूरिनेशन को और एंटी डायरेटिक्स जो है डिक्रीज करता है आपके यूरिनेशन को यूरिन को। ठीक है? अब इसमें देखें तो डयरेटिक्स जो है आपका इंक्रीस करता है यूरिन के आउटपुट को प्रमोट करता है एक्सक्रीशन को वाटर और जो भी इलेक्ट्रोलाइट है ठीक है एंटी डरेटिक्स जो है आपका रिड्यूस करता है यूरिन के आउटपुट को कैसे तो वाटर को अब्सॉर्ब करके ठीक है तो इसमें क्या है कैसे है तो इसमें आपके अलग-अलग टाइप्स हैं जो कि आपको अच्छे से इसको देखना है और इसमें पहला जो है लूप आपका डायरेटिक्स है इसका एग्जांपल आपका फोरो मतलब कि फोरोसमाइड्स हो गए ठीक है थियाजाइड्स हो गए तो इसमें आपका हाइड्रोक्लोरोथियाजाइड हो गए हो जाते हैं। ठीक है? पोटेशियम स्प्रिंग डयरेटिक्स है तो ये आपके देख तो स्पर्नो लैक्टोन हो जाता है। और इसके बाद से अगर देखें तो हमारे ऑस्मेटिक डायरेटिक्स है। तो इसमें आपके देखा जाए तो
22:23 मेनिटोल है। ठीक है? अब मैकेनिज्म ऑफ़ एक्शन की बात करें तो लू इसमें वन सेकंड यहां पे आपको सही से समझ आएगा। ठीक है? अब मान लो कि किडनी आपका मतलब कि टिब्यूल है तो वहां पे डायरेटिक्स का हमने यूज़ किया। ठीक है? तो ये जो है आपके नेफ्रॉन के ऊपर काम किया। ठीक है? अब यहां पे क्या हुआ? तो ये जो है सोडियम के जो रिअजॉर्प्शन है उसको घटाया। ठीक है? और साथ ही में अगर देखें तो आपके वाटर के रिअजॉर्प्शन को घटाया और इससे जो है आपके यूरिन का आउटपुट जो है वो बढ़ गया। ठीक है? अब ये जो है देखो इस तरीके से मतलब कि सोडियम का रिअजॉर्प्शन घटा दिया और वाटर का जो मतलब कि देखा जाए तो रिअजॉर्प्शन घटा दिया। तो उस केस में यूरिन का जो है आउटपुट बढ़ गया। ठीक है? अब यह क्यों होता है? कैसे होता है? तो आपके हाइपरटेंशन होती है। एडमा और अलग-अलग जो केसेस है तो उस केस में होता है। ठीक है? एडमा के केसेस में ज्यादा देखने को मिलता है।
23:09 और हार्ट का कोई फेलवर है तो उस केस में साइड इफेक्ट में आपके डिहाइड्रेशन हो सकती है। इलेक्ट्रोलाइट इमंबैलेंस और हाइपोलेसीमिया इसमें हो सकता है। ठीक है? तो ये सब आपको कंडीशन इसमें देखने को मिलती हैं। अब हम आगे बात करें तो हमारे पास एंटी डायरेटिक्स है। तो इसमें अगर ड्रग्स की बात करें तो आपका मतलब कि एग्जांपल में देखें तो आपके डस्मो मतलब कि जो भी प्रसिन है। ठीक है? और पैसोप्रसीन है। और इसमें मैकेनिज्म ऑफ़ एक्शन की बात करें तो ये जो है एडीएच जो है एडीएच क्या है? तो आपके जो भी एडीएच रिसेप्टर है वहां से देखने को मिलता है। यह बाइंड करता है किडनी के साथ जो कि वाटर के रिअ्सॉर्प्शन को बढ़ा देता है और यूरिन के आउटपुट को घटाता है और ब्लड के वॉल्यूम को बढ़ाता है। ठीक है? जैसे कि एडीएच जो ड्रग है वो हमने लिया। ठीक है? अब यहां पे क्या हुआ? तो ये आपके कलेक्टिंग जो डक्ट होती है हमारे किडनी के अंदर उस पे काम किया। वाटर
23:55 के रिअ्सॉर्प्शन को बढ़ा दिया। यूरिन के आउटपुट को घटा दिया और इससे जो है वाटर मतलब कि ब्लड का जो वॉल्यूम है वो आपका बढ़ गया। ठीक है? इसका हम लोग डायबिटीज इनसे मतलब कि जो भी आपके इंसिपिडस है तो उस केस में यूज़ करते हैं या फिर अगर देखें तो जो भी आपके नेक्टरिनल जो ये न्यूरिज्म है तो उस केस में हम लोग यूज़ करते हैं। न्यूरेसिस है या फिर ब्लीडिंग अगर डिसऑर्डर है तो उस केस में। ठीक है? कॉन्ट्रा इंडिकेशन हाइपोनट्रीमिया में इसको यूज़ नहीं किया जाता है। और इलेक्ट्रो जो भी आपके फ्लूइड का इलेक्ट्रोलाइट है उस केस में यूज़ नहीं किया जाता है। साइड इफ़ेक्ट में वाटर रिटेंशन हो सकती है। हाइपो न्यूट्रीमिया हो सकता है। हेडेच हो सकता है। रोल ऑफ़ नर्स वही आपका सेम रहेगा। तो आगे बढ़ते हैं। अब हमारे पास क्या है? तो कौन मतलब कि ड्रग टॉक्सिक टू किडनी कौन-कौन से जो आपके ड्रग्स होते हैं जो कि आपके किडनी के लिए खतरनाक होते हैं। ठीक
24:41 है? इसको हम लोग नेफ्रोटक्सिन ड्रग बोलते हैं। नेफ्रोटॉक्सिक ड्रग जो किडनी जो है बहुत ज्यादा इंपॉर्टेंट रोल प्ले करता है आपके ड्रग के एक्सक्यूशन में और लगे कि फ्लूइड और इलेक्ट्रोलाइट के बैलेंस में। ठीक है? कुछ ड्रग जो है वो अफेक्ट करती है आपके किडनी को भी। तो उसको हम लोग नेफ्रोक्सिक ड्रग बोलते हैं। अगर हम टाइप्स इसके डेफिनेशन की बात करें तो ये हम मेडिकेट करते हैं और ये मतलब कि देखा जाए तो कॉज करता है आपके स्ट्रक्चरल और फंक्शनल डैमेज में किडनी के और ये जो है आपके रिनल भी फेलर कर सकता है। ठीक है? टाइप्स ऑफ जो किडनी डैमेज है कितने टाइप का होता है? तो एक्यूट एक्यूट हो सकता है, क्रोनिक हो सकता है, ट्युबुलर नेक्रोसिस हो सकता है। या फिर अगर देखें तो मतलब इंटरस्टेशियल जो भी आपके न्यू न्यूराइटिस होता है वो सब आ जाता है। नेफ्राइटिस। ठीक है? कॉमन
25:27 ड्रग्स में क्या-क्या आते हैं? तो एंटोबायोटिक आते हैं। एंटोबायोटिक में आपके जेंटामाइसिन, एमाइसिन और आपका देख तो वेंको माइसिन आ जाता है। से नसेल्ड्स आ जाता है जिसमें हम लोग एब्रोप्रोफिन हो गया और मतलब कि डक्लोफेनिक हो गया। तो ये सब आ जाता है। ठीक है? और डाईरेटिक्स में वही आपके फोरसिनोमाइड आ जाता है। ठीक है? एंड ये सब जो ड्रग है वो आपके किडनी के लिए टॉक्सिक होते हैं। एंटी कैंसर में हम देखें तो आपके ट्रेनिंग मतलब कि सिपन हो आ जाता है। ठीक है? रेडियो कंस्ट्रक्शन मतलब कि देखा जाए तो एजेंट में आपका ये जो है इमेजिन में आपका देखने को मिलता है। जैसे किडनी डैमेज करता है और अदर में आपके ये दो ड्रग आ जाते हैं। ठीक है? अमफोरेसीिन और बी और एसीई इनबिटर्स। ठीक है? अब ये कैसे-कैसे काम करते हैं? तो ड्रग के एक्सपोज़र में आप जाते हो। ठीक है? उस केस में क्या होता है? तो एक्यूमुलेशन होने
26:13 लगता है आपके किडनी में और ट्युबुलर इसमें डैमेज होता है। जीएफआर जो है आपका घटता है और इसके जो किडनी जो है डिसफंक्शन करने लगता है। ठीक है? रिस्क फैक्टर क्या होता है? तो एल्डरली इसमें पेशेंट और डिहाइड्रेशन प्री जो किडनी है मतलब कि देखा जाए तो प्री एक्साइट किडनी होगी और इसके साथ-साथ हाई ड्रग डोज़ होता है। ठीक है? और इसमें क्लीनिकल फीचर में वही आपके देखा जाए तो यूरिन का आउटपुट डिक्रीज होना, एमा हो गया या फिर आपके मतलब कि क्रेटनिन का लेवल बढ़ना या फिर इलेक्ट्रोलाइट इमबैलेंस। ठीक है? आगे हम अगर देखें तो प्री वैलेंसी मतलब कि प्रिवेंशन है। ठीक है? प्रिवेंशन में हम देखें तो आपके मतलब कि एक्यूरेट इसमें हाइड्रेशन अवॉइड करोगे अननेसेसरी ड्रग को डोजिंग आप प्रॉपर देखोगे एडजस्टमेंट और मॉनिटर करोगे जो भी पेशेंट रोल ऑफ नर्स है तो वो तो हर जगह पे सेम ही होता है। अब
26:58 हमारे पास जो नेक्स्ट टॉपिक है वो हमारा यूरिनरी एंटीसेप्टिक है। ठीक है? इसमें जो है ये जो है यूज़ करते हैं हम लोग यूटीआई के केसेस में। ठीक है? कॉमनली ये यूज़ होता है। ठीक है? यूरिनरी ट्रैक इंफेक्शन के केसेस में कॉमन जो ड्रग होता है यूर मतलब कि ओनली यूरिक मतलब देखने को मिलता है। कंट्रोल करता है आपके इंफेक्शन को यूरिनरी आपके एंटीसेप्टिक में काम आता है। ठीक है? अब हम आगे बात करें डेफिनेशन में तो यूरिनरी आपके एंटीसेप्टिक की बात करें तो ये आपके एंटीमाइक्रोबियल एक्शन दिखाता है जो कि स्पेशली हम देखें तो आपके यूरिनरी ट्रैक में काम आता है विदाउट ऐसे देखें तो सिग्निफिकेंट और सिस्टमिक इफेक्ट दिखाई दे। ठीक है? क्लासिफिकेशन में आपके प्राइमरी यूर यूरिनरी इसमें एंटीसेप्टिक देखने को मिलता है जिसमें हम लोग देखें तो आपके अलग-अलग एग्जांपल होते हैं। न्यूट्रो फोना ट्वीन होता है और इसके साथ-साथ देखें
27:46 तो मेथिना अमाइन होता है। ठीक है? ये नाम थोड़े अजीब से होते हैं। तो मुझे थोड़ा डिस्टरबेंस होती है। अब इसमें रिलेटेड दूसरे ड्रग्स की हम बात करें तो नैलीक्स डेक्सिक एसिड हो गया, सैक्रो फ्लॉक्ससीसिन हो गया। ठीक है? तो ये आपके हो गए। मैकेनिज्म ऑफ एक्शन की हम बात करें तो मैकेनिज्म ऑफ एक्शन में आप अगर देखो तो ड्रग जो है रीच करता है आपके यूर यूरिन मतलब कि यूरिन तक ठीक है अब इसमें जो है ड्रग जो है वो डीएनए के डैमेज करने लगता है और इससे जो है आपका मतलब कि जो इंफेक्शन हुआ है उस उसमें खतरा होने लगता है ठीक है और ये जो है फॉर्म मतलब कि एल्डिहाइड इसमें रिलीज़ होता है और प्रॉपर तरीके से सही होता है जो बैक्टीरिया वो डेथ होता है और इसके इससे जो है यूटीआई से रिलीफ मिलता है। ठीक है? बोथ दो दोनों दवा हम लोग ओरली लेते हैं इंडिकेशन में यूटीआई में मतलब कि रिकेंट यूटीआई में या फिर अगर
28:33 देखें तो क्रोफेलेक्स अगर इंफेक्शन है तो उस केस में ठीक है कॉन्ट्रा इंडिकेशन रनल फेलवर है या फिर सीवियर इसमें लीवर डिजीज या प्रेगनेंसी के केसेस में इसको कंट्रा इंडिकेट किया जाता है। साइड इफेक्ट में वही एंटा एसिड और इसके साथ-साथ अल्कलाइन जो यूर यूरिन है उस केस में यूज़ लेते हैं। साइड इफ़ेक्ट में हम लोग अह मतलब कि देखा जाए तो नज़िया गमिटिंग और इसके साथ-साथ हाइड में काम आता है। एडवर्स इफेक्ट की हम बात करें तो इसमें पल्मोनरी टॉक्सिसिटी नेफ्रो पैथी हो गया या फिर अगर देखें तो हीमोलाइसिस हो गया। ठीक है? आगे हम अगर बात करें तो हमारे पास टॉक्सिसिटी है रेयर और इसमें क्रोनिक यूज़ हम लोग करते हैं। और रोल ऑफ नर्स की हम बात करें तो आपके सेम ही होते हैं। तो आप इसको एक बार देख लेना। ठीक है? अब हम ट्रीटमेंट ऑफ यूटीआई की बात करेंगे। तो यूटीआई हमने तो पहले ही देखा है और इसमें हम लोग जो दवाएं हैं वो देख लेते हैं जिसमें हम लोग यूरिनरी जो मतलब
29:19 कि एसिड फायर हम लोग देखते हैं और मतलब कि एल्कली जायर को हम लोग यूज़ करते हैं। ठीक है? बर्निंग मैचुरेशन हो गया या फिर अगर देखें तो फ्रीक्वेंसी या पेन की वजह से ये होता है। ठीक है? जो पीएच है वो आपका मॉडिफाई मतलब कि मॉडिफिकेशन देखने को मिलता है और ये ट्रीटमेंट बहुत ज्यादा हेल्प देता है। ठीक है? अब इसमें देखें तो यूररी आपका मतलब कि एसिडिफायर जो है आपका लोअर करता है यूरिक एसिड के पीए को जो कि देखा जाए तो मतलब कि जो भी आपका पीए है और ज्यादा एसिडिक कर देता है। ठीक है? अगर मान लो कि पीए आपका लो होगा तो उस केस में क्या होगा? तो एसिडिटी मतलब कि एसिड का जो कंसंट्रेशन है वो बढ़ेगा। अब वही एल्कि एल्किनीजायर जो है वो आपका पीएच को बढ़ा देता है। तो ये आपका बेस बेसिसिटी बढ़ा देता है। ठीक है? आगे हम अगर देखें तो ड्रग जो है एसिडिफायर जो है आपका देखा जाए
30:05 तो मतलब कि जो भी आपके एस्कोर्बिक एसिड हो गया या फिर अमीनो मतलब कि क्लोराइड हो गया, अमोनियम क्लोराइड। ठीक है? और अल्कलेलजाइडर जो है आपका सोडियम बाइकार्बोनेट और पोटेशियम बाइकार्बोनेट होते हैं। ठीक है? मैकेनिज्म ऑफ़ एक्शन की हम बात करें तो यूटीआई के सिम्टम्स आपको दिख रहे हैं। ठीक है? एसिडिफायर जो है आपका यूर यूरिन का जो आउटपुट मतलब कि पीए है वो घटाया। ठीक है? और जो बैक्टीरिया है उसके ग्रोथ को घटाया। ठीक है? ग्रोथ एंबिशन को मैंने बताया था कि ग्रोथ होता है। ठीक है? तो यह ग्रोथ को घटाया। अब दूसरा जो है आपका मतलब कि अगर अल्कलिक है तो उस केस में भी आपका पीए बढ़ाया। ठीक है? और इसमें जो है यह भी आपका रिलीफ किया जो भी आपके इरिटेशन है सिम्टम से रिलीफ मिला और इंफेक्शन कंट्रोल हुआ। ठीक है? आगे हम अगर बात करें तो हमारे पास इंडिकेशन है। इंडिकेशन में आपके जो भी
30:51 मतलब कि यूटीआई हो गया या फिर अगर देखें तो मतलब कि जो भी कंडीशंस होती हैं जैसे कि आपका अल्कली यूरिन इंफेक्शन हो गया। ठीक है? एसिडिफायर है तो उसमें डेप्थरिया हो गया या फिर किडनी स्टोन या फिर अगर देखें तो यूटीआई के कॉमन सिम्टम से रिलीफ मिलता है। ठीक है? और कॉन इंडिकेशन में एसिडिटी में हम लोग एस मतलब कि एसिडसिस में हम लोग नहीं देते हैं और मतलब कि किडनी डिजीज में नहीं देते हैं। ठीक है? और अलको सॉरी अल्कलाइजर में हम लोग अगर देखें तो इस केस में हम लोग अल्कलोसिस में और इसके साथ-साथ सीवियर अगर रनल फेल है तो उस केस में हम नहीं देते हैं। ठीक है? ड्रग के इंटरेक्शन की बात करें तो इसमें हम लोग एसिड और एसिडिफायर यह सब तो छोड़ ही दो यार। साइड इफेक्ट की हम बात करेंगे तो एसिडिफायर जो है जीआई के मतलब कि इरिटेशन में और
31:37 एसिडोसिस में मतलब कि देखने को मिलता है। ठीक है? और इसमें हम देखें तो अल्कोलोसिस और इलेक्ट्रोलाइट इमंबैलेंस। ठीक है? एडवर्स इफेक्ट में आपको मेटाबॉलिक इमंबॉलिज्म और इमंबैलेंस और इसके साथ-साथ अगर देखें तो किडनी डिस्पंशन होता है। टॉक्सिसिटी में वही आपका एसिड बेस इमंबैलेंस हो गया। ऑर्गन फेलर के चांसेस डिस्पंशन के चांसेस हो जाते हैं। ठीक है? रोल ऑफ नर्स वही सेम। तो यहां पर हमारे यह दूसरा चैप्टर भी कंप्लीट होता है जिसको हमने कंप्लीटली इसको कवर कर लिया। ठीक है? अब हम आगे बात करेंगे। तो हमारा तीसरा यहां पे चैप्टर स्टार्ट होगा। ठीक है? तीसरे चैप्टर को हम लोग करना स्टार्ट कर रहे हैं जो कि हमारा देखा जाए तो जो भी आपके न्यूरोलॉजिकल प्रॉब्लम से रिलेटेड है। ठीक है? तो ये मेरे लिए भी इंपॉर्टेंट है। तो इसमें हम लोग देखें तो फार्माकोलॉजिकल जो भी ड्रग्स है उसके बारे में बात करेंगे। पहला जो है एनालजेसिक और एनस्थीसिया के बारे में होगा। ठीक है? और
32:24 एंटीपायरोटिक हो गया, पड्स हो गए, सेंट्रल जो मतलब कि एजेंट है वो सब हो गया। ठीक है? और यह सब जो भी ड्रग्स है उसके बारे में हम बात करेंगे। काफी बड़ा चैप्टर है। तो देखते हैं ये कितना बड़ा चैप्टर है। ठीक है? ओह माय गॉड। ये आपके 77 पेजेस के हैं। ठीक है? तो इसको हम लोग एक-एक करके कवर करेंगे। मैं ट्राई करूंगा कि इसको 20 मिनट से ज्यादा ना दूं। ठीक है? तो चलिए स्टार्ट करते हैं। सो अब हम स्टार्ट कर रहे हैं हमारे नर्वस सिस्टम का चैप्टर। इसमें हम लोग देखें तो हमारा जो फर्स्ट टॉपिक इसमें बनता है वो हमारा कॉमन जो मतलब कि ड्रग्स है वो उसके बारे में पहले इंट्रोडक्शन पार्ट को हम लोग देखते हैं। ठीक है? जो नर्वस सिस्टम है नर्वस सिस्टम क्या होता है? तो कंट्रोल करता है ये ब्रेन को ब्रेन के फंक्शन को मूवमेंट को जो भी सेंसेशन होती है और ऑटोनॉमिकल जो आपके एक्टिव एक्टिविटीज होती
33:10 है उस समय। ठीक है? और इसमें दो तरीके से ये काम करता है। ठीक है? एक आपका सेंट्रल नर्वस सिस्टम होता है जिसमें आपका ब्रेन और ब्रेन और इसके साथ-साथ अगर देखें तो आपके स्पाइनल कॉर्ड्स होते हैं। ठीक है? अब दूसरा जो आपका होता है तो ऑटोनॉमिक आपके नर्वस सिस्टम होते हैं जो कि बाद में दूसरे जो फदर डिवीजन होती है वह सब में आते हैं। ठीक है? डेफिनेशन की बात करें तो जो ड्रग नर्वस सिस्टम में यूज़ होता है उसको वह मतलब कि एक तरीके से देखा जाए तो एजेंट होते हैं जो कि मॉडिफाई करते हैं आपके नर्व के इंपल्स को और ट्रांसमिशन को मतलब कि जो सिनेप्स होती है उसके बीच में जो जो भी इंपल्स होते हैं तो उसको नेट मतलब जो भी ट्रांसमिशन होती है उस सब में बहुत ज्यादा काम करते हैं ब्रेन के कंसर्निंग में काम करते हैं और साथ ही में ट्रीट करते हैं न्यूरोलॉजिकल प्रॉब्लम और जो भी आपके मतलब कि साइकेट्रिक जो डिसऑर्डर्स होती है वो सब ठीक है उसमें
33:57 क्या-क्या है तो आपके अलग-अलग इसमें ड्रग्स होते हैं। जिसमें हम लोग देखें तो पहले हमारे पास सीएनएस के ड्रग्स हैं। जिसमें हम लोग देखें तो सेडेटिव और इसमें देखा जाए तो मतलब कि हाइपोनेटिक आपका आ जाता है। एनालजेसिक आता है। एंटी एप्लेप्सिया सॉरी इक्लिप्टिक आ जाता है। ठीक है? और एंटीसाइकोटिक आ जाता है। एंटी डिप्रेसेंट और जनरल एनस्थीसिया आता है। ठीक है? अब हमारा जो है एएनएस की हम बात करें तो ऑटोनॉमिक जो नर्वस सिस्टम है उससे रिलेटेड तो आपके कोनर्जिक आ जाता है एंटी कोलोनर्जिक और इसके साथ-साथ एड्रिनर्जिक और इसके साथ-साथ मतलब कि एंटी एड्रिनर्जिक आ जाता है। तो ये आपके चार ड्रग्स होते हैं। तो एक-एक करके हम लोग बेसिक बेसिस पे हम लोग देखेंगे। ठीक है? बेसिक अगर फार्मकोलॉजी की बात करें तो न्यूरोट ट्रांसमिटर्स के बारे में हम ट्रांसमिशन के बारे में बात करेंगे। ठीक है? जो कि हम देखें तो इसमें क्या-क्या होता है? तो
34:42 एसीएच मतलब कि एसिटाइल कोलिन एंजाइम होती है, डोपमिन होता है। फिर आपके सेरिटोनिन होता है और मतलब कि गाबा होता है। ठीक है? ये जो है यही सब सब कुछ हैंडल करते हैं ये लोग। ये बहुत महान लोग हैं। ठीक है? इन सभी लोगों से थोड़ा बच के रहिए। ये जो ड्रग हैं वो कैसे काम करते हैं? तो ये स्टिमुलेट करते हैं रिसेप्टर्स को। ठीक है? ये मतलब कि ऐसे होते हैं ये मूड वाले होते हैं। जैसे कि अलग-अलग हैप्पीनेस के लिए फिर आपके एक्साइटमेंट के लिए गिल्ट के लिए। तो ये सब यही सब होते हैं। अलग-अलग इसमें जो भी कारनामे हैं वो सब करते हैं। ठीक है? इस डिटेल में आप अगर देखोगे तो समझ आएगा अच्छे से। ठीक है? ये तो क्विक रिवीजन है। तो इसमें ड्रग का हम लोग मतलब कि देखें तो जो ड्रग एक्ट करता है तो स्टिमुलेट करने का काम करता है जो भी रिसेप्टर है बुक ब्लॉकिंग करने का काम करता है रिसेप्टर को और अल्टर करता है
35:28 आपके जो भी न्यूरोट ट्रांसमीटर है। ठीक है? अब हम आगे बात करें तो जनरल इसमें मैकेनिज्म के बारे में बात करेंगे। आपके जो देखा जाए तो न्यूरॉन्स है। ठीक है? न्यूर ट्रांसमीटर है उसमें रिलीज होता है। रिसेप्टर जो है वह मतलब कि देखें तो इसमें एक्टिवेशन होता है। ठीक है? अब यह जो है आपका रिस्पांस दिखाता है। अब इसमें क्या है? तो ड्रग एक्से तो इसमें स्टिमुलेट करता है, इनबिशन करता है और ब्लॉक करता है ट्रांसमिशन को। तो ये आपका इस तरीके से है। जैसे कि मान लो कि आपके जो न्यूरॉन्स है, ठीक है? वो न्यूरोट ट्रांसममीटर रिलीज़ किए। ठीक है? और इससे जो है आपका रिसेप्टर एक्टिवेशन हुआ। रिस्पांस में क्या देखने को मिला? ये तीन चीज में से कुछ भी हो सकता है। या तो स्टिमुलेट हो सकता है या तो आपका इनबिशन हो सकता है या फिर ये ब्लॉक हो सकता है। अब यहां से जो है हमारा ये स्टार्ट होता
36:14 है जो टॉपिक है जिसमें हम लोग एनालजेसिक के बारे में बात करेंगे। ठीक है? और इसमें हम लोग नसेल्ड्स के बारे में बात करेंगे। ठीक है? नॉन स्टेरॉयडल एंटी इनफ्लेममेटरी ड्रग। तो ये हमारा क्या होता है? तो ये आपके पेन रिलीफ में काम आता है। फीवर के मतलब कि रिडक्शन में काम आता है। साथ ही में इनफ्लेमेशन के कंट्रोल में भी काम आता है। ठीक है? अभी यह जो है कॉमनली यूज़ कहां होता है? तो अर्थराइटिस हो गया। फिर आपके जो भी देखा जाए तो फीवर हो गया, मस्कुलोस्केलेटल प्रॉब्लम में काम आता है। अब इसमें हम डेफिनेशन की बात करें तो जो नर्सिएट्स है ये ऐसे ड्रग्स होते हैं जो रिड्यूस करते हैं पेन को, इनफ्लेमेशन को और फीवर को। ठीक है? अब इसके साथ-साथ इनबिट करते हैं ये जो भी प्रोस्टाग्लैंडिन मतलब कि सिंथेसिस है कोई भी ऐसे स्टेरॉइड के एक्टिवेशन के विदाउट ही ये लोग करते हैं। ठीक है? अब इसमें हम लोग क्लासिफिकेशन की बात करें तो क्लासिफिकेशन
37:01 में इसमें नॉन सेक्टिव नस्टेड्स होती हैं जिसमें एबोप्रोफिन हो गया डाई साइक्लोफेनिक हो गया स्पिन हो गया। ठीक है? अब इसमें जो है दूसरा जो है कॉर्डक्स टू आपके सेलेक्टिव होते हैं जिसमें हम लोग देखें तो सेलको सेलको सेलकोगसी ये आपका हो जाता है जो कि लेस करता है गैस्ट्रिक इरिटेशन को। ठीक है? मैकेनिज्म ऑफ़ एक्शन की बात करें तो आपका जो है मान लो इसमें इंजरी और इनफ्लेमेशन है। ठीक है? अब इसमें जो है आपको क्या देखने को मिल रहा है? तो अर्ज नोडिक जो एसिड है वो देखने को मिला। अब इससे जो है आपका सीओ एक्स का जो एंजाइम है वो एक्टिवेट हुआ। प्रोस्टाग्लैंडिन देखने को मिला। आपको फीवर ठीक है? और जो भी पेन है और इनफ्लेमेशन है वो हुआ। यहां पे आपने नसेल्ड्स दिया। ठीक है? यहां तक आपका जो
37:47 कंडीशन है वो आपका प्री है। मतलब कि आपका इंजे मतलब कि कोई कंडीशन है इंजरी हुआ या इनफ्लेमेशन हुआ। ठीक है? उसमें क्या हुआ? हुआ तो अर्चन मतलब कि नोडिक जो आपका एसिड है वो देखने को मिला आपके सीओx मतलब एंजाइम देखने को मिला प्रोस्टाग्लैंडिन जो है वो रिलीज़ हुआ उसकी वजह से क्या हुआ तो आपको पेन फीवर और इनफ्लेमेशन हुआ अब ये जो कंडीशन है वो आपका ऐसे नॉर्मल बेसिस है अब आपने क्या किया तो यहां पे मेडिसिन का यूज़ किया नसेल्ड्स लिया आपने देखा है तो यहां पे COX का मतलब कि इनबिशन हुआ प्रोस्टाग्लैंडिन कम हुआ और रिलीफ हो गया आपको पेन से तो यही चीज़ आपको यहां पे लैंग्वेज के फॉर्म में लिखा हुआ है और आपको अगर यह नोट्स चाहिए तो आप इस नंबर पे हमारे इस नंबर पे कांटेक्ट कर सकते हो। आपको मिल जाएगा। ठीक है? मतलब कि पेड वाला नोट है ये तो आप ले सकते हो।
38:33 तो इसमें हम लोग फार्माकोलॉजिकल एक्शन के बारे में बात करें तो एनालजेसिक, एंटीपायरोटिक और इसके इसके साथ-साथ हम देखें तो आपके एंटी इनफ्लेममेटरी होता है। ठीक है? अब इसमें किस-किस में यूज़ होता है? तो आपके अर्थराइटिस, फीवर आपके जो भी मतलब कि मेनरिया में आता है हेडेच और इसके डेंटल जो पेन है वो सब में। ठीक है? कॉन्ट्रा इंडिकेशन में क्या होता तो इसमें फीवर सॉरी पेप्टिक अल्सर ये रनल फेलवर और ब्लीडिंग और यह अस्थमा में काम आता है। ड्रग इंटरेक्शन को छोड़ ही दो। आप डिटेल में देखना तो समझ आएगा। तो साइड इफेक्ट की हम बात करें तो गैस्ट्रोइेस्टाइनल में हम देखें तो आपके जो भी देखा जाए तो इसमें मतलब कि गैस्टाइटिस हो गया, अल्सर हो गया, ब्लीडिंग हो गया। रिनल में हम देखें तो आपके किडनी मतलब कि डैमेज हो गया, कार्डियोवस्कुलर में हम देखें तो हाइपरटेंशन और आपको रिस्क मतलब देखने को
39:19 मिला हार्ट के जो भी डिजीज है उस समय में। ठीक है? एडवर्स इफेक्ट की हम बात करेंगे। जीआई इसमें आपको ब्लीडिंग देखने को मिला। ठीक है? और इसके साथ हम आगे बात करें तो रिनल फेलअर और हाइपर सेंसिटिविटी रिएक्शन देखने को मिला। ठीक है? साइड इफेक्ट की हम बात करें तो ओवर डोजिंग में क्या होता है? तो मेटाबॉलिक इसमें एसिडोसिस होता है। ठीक है? सीएनएस का इफेक्ट देखने को मिलता है। और इसके साथ-साथ अगर देखें तो आपके ऑर्गन डैमेज होता है। ठीक है? रोल ऑफ नर्स की हम बात करें तो यूनिवर्सल होता है। ये हर जगह पे लिख देना काम कर जाएगा। आगे हम अगर बात करें तो हमारे पास एंटीपायरोटिक ड्रग है। एंटीपायरोटिक ड्रग की हम बात करें तो इसमें क्या होता है? तो इसमें अगर देखो तो फीवर में यह काम करता है। फीवर जो कि इंफेक्शन से अगर हुआ है तो उस केस में ये काम करता है। आपके जो पायरोजन होता है उसमें ये रिलीज़ होता है
40:05 और ये बॉडी के जो पाइरोजन जो है वो बॉडी के टेंपरेचर को बढ़ा देता है। ठीक है? और एंटीपायरोटिक जो है वो रिड्यूस करता है फीवर को। एंटीपायरोटिक जो है लोअर कर देता है एलिवेशन बॉडी टेंपरेचर का। कैसे वो हाइपो जो मतलब कि हाइपोथैलेमिक जो आपका टेंपरेचर रेगुलेटर होता है रेगुलेटरी सेंटर वहां से। ठीक है? हाइपोथैलेमस से। अब इसमें तीन तरीके के दर्ग हैं जिसमें पैरासिटामॉल, एबोप्रोफिन हो गया, एस्परीन हो गया। तो ये सब हो जाते हैं। मैकेनिज्म ऑफ एक्शन हम देखेंगे। तो मान लो कि आपको इंफेक्शन हुआ। देखो एक चीज मैं बता रहा हूं कि अगर बॉडी के अंदर ना कोई भी ऐसे अटैक हुआ तो प्राइमरी जो है मतलब कि अटैक की स्पेलिंग गलत लिख रही है प्राइमरी जो है अगर आप देखो तो प्राइमरी रिस्पांस में
40:52 आपको क्या होगा फीवर होगा चाहे वो आपको चोट लगी हो चाहे आपको इंफेक्शन हुआ हो या फिर आपको कुछ भी हुआ हो तो फीवर ही होगा ठीक है तो यह आप एक एक बार देखना है पाइरोजन जो है रिलीज़ हुआ। अब इससे जो है प्रोस्टाग्लैंडिन आपका देखने को मिला। हाइपो हाइपोजो थैलेमस है वो जो है बॉडी को टेंपरेचर को बढ़ाया जो कि आपका मतलब कि टेंपरेचर सेंटर होता है। फीवर हुआ और यहां पे आपने ड्रग को लिया। ठीक है? इससे जो है जो आपके प्रोस्टाग्लैंडिन के है वो कम हुआ। ठीक है? बॉडी हीट लॉस किया। ठीक है? बॉडी का टेंपरेचर घट गया। तो इस तरीके से काम करता है। रिड्यूस करने का काम करता है। साथ ही में माइल्ड एनालजेसिक भी होता है। तो पेन को रिलीफ करता है। साथ ही में
41:38 यह इंफ्लेमेशन को भी कम करता है। पैरासिटामॉल में इसमें होता है। एडमा सॉरी इंडिकेशन की बात करूं तो फीवर, वायरल इंफेक्शन, बैक्टीरियल और वैक्सीनेशन में काम आता है। वैक्सीनेशन में जो फीवर हुआ हो। कॉन्ट्रा इंडिकेशन में लीवर डैमेज या पेप्टिक अल्सर या फिर चाइल्ड में ये नहीं दिया जाता अगर मतलब कि अवॉइड किया जाता है स्प्लीन को। ठीक है? ड्रग इंटरेक्शन में पैरासिटामॉल अल्कोहल नहीं दिया जाता है। लीवर इसमें टॉक्सिसिटी होती है। नसे और एंटी कोर्जिक नहीं दिया जाता है। इससे ब्लीडिंग होती है। ठीक है? साइड इफेक्ट की हम बात करें तो इसमें पैरासिटामॉल जो है आपका जनरली सेफ होता है। लेकिन ओवरडोजिंग जो है लीवर को डैमेज करता है। नसरीत की बात करें तो इसमें गैस्ट्रिक इरिटेशन को कॉज करता है। और इसमें किडनी डैमेज होता है। एस्परीन की हम बात करें तो गैस्ट्रिक इसमें इरिटेशन होता है। ब्लीडिंग कॉज करता है। ठीक है? एडवर्स इफेक्ट तो है तो इसमें
42:25 आपको हाइपोटक्सिसिटी देखने को मिलता है। जीआई इसमें ब्लीडिंग देखने को मिलता है। एलर्जिक रिएक्शन देखने को मिलता है। ठीक है? आगे हमारे पास टॉक्सिसिटी है। सीवियर आपके लीवर फंक्शन हो गया नजिया वोमिटिंग और ये सब पैटल देखने को मिला है। रोल ऑफ न्स यूनिवर्सल हर जगह पे सेम लिखो। ओपियोड्स सेंट्रल एनालजेसिक और इसके साथ-साथ हमारे पास एनस्थीसिया है। ठीक है? तो हम लोग ओपियोड्स और सेंट्रल एनालजेसिक के बारे में पहले बात करेंगे। तो यह क्या होते हैं? तो यह आपके देखा जाए तो यूज करते हैं हम लोग मॉडरेट पेन के लिए। मॉडरेट जो सी मॉडरेट टू सीवियर जो पेन होता है उस केस में यूज़ करते हैं। यह आपका सीधा सीएनएस को एक्ट करता है। ठीक है? और ये किस में? पोस्ट ऑपरेटिव कैंसर और ट्रॉमा में काम आता है। ओपियोड्स जो है वो
43:11 ड्रग जो है बाइंड करता है आपके ओपड रिसॉर्ट के साथ। ये हमारे सीएनएस में और प्रोड्यूस करते हैं एनालजेसिक मतलब कि प्रोड्यूस टू एनालजेसिक और इससे जो है पेन रिलीफ होता है। ठीक है? अब इसमें अलग-अलग क्लासिफिकेशन है। स्ट्रांग ओपीियर्ड में मॉर्फिन और आपके फेंटाइल है। ठीक है? मॉडरेट में आपके मतलब कि देखा जाए तो कोडिन हो गया और ट्रोप ट्रोपना ट्रोप ट्रोपाडोल हो गया। ठीक है? और नॉन आपके ओपीड्स में आपके देखा जाए तो अ पैरासिटामॉल हो गया। ठीक है? मैकेनिज्म ऑफ़ एक्शन को हम देखेंगे। इसको आप देख लो। ये सब के ऊपर एक्ट करते हैं ये लोग। μ डेल्टा पापा अब यह जो है आप मान लो कि पेन स्टिमुलेशन हो रहा है। ठीक है? वहां पे आपको सिग्नल ट्रांसमिट हुआ। ये जो है ओपीइड इसमें देखने को मिला। पेन दिया और ये जो है
43:58 रिसेप्टर जो क्या है? रिसेप्टर म्यू जो है वहां पे देखने को मिला। उसकी वजह से क्या हुआ? तो आपको मतलब कि न्यूरो ट्रांसमीटर रिलीज़ हुआ। अह कम हुआ और इससे जो है आपका पेन जो है पर्सिस्टेंट कम हो गया। ठीक है? अब इसमें क्या-क्या इफेक्ट देखने को मिलता है? तो अलग-अलग जो कंडीशन है एनालजेसिक सडेशन और रेस्पिरेटरी डिप्रेशन और मतलब कि यूफोरिया में भी काम आ जाता है। साइड इफेक्ट में जो भी आपके रेस्पिरेटरी डिप्रेशन हो गए कॉन्स्टिपेशन या फिर आपके नजिया और इसके साथ-साथ देखें तो मतलब कि डिपेंडेंसी एडिक्शन होने के चांस। अब हम टॉक्सिसिटी की बात करें तो ओवरडोजिंग, कोमा और रेस्पिरेटरी इसमें फेलवर भी कर सकता है। और एंटीटोट जो है आपका नैलोन होता है। ठीक है? नैलोक्स
44:48 ज़ोन नेलॉग ज़ोन गोल ऑफ़ लॉस। सो नेक्स्ट हम बात करें तो हमारे जनरल एनस्थीसिया के बारे में बात करेंगे। ठीक है? और इसमें क्या है? तो डेफिनेशन अगर देखें तो ये रिवर्सिबल पेन लॉस ऑफ़ कॉन्शियसनेस के लिए होता है। जैसे एनालजेसिया हो गया। फिर आपके जो भी मसल रिलैक्सेशन होता है वो। ठीक है? इसमें अलग-अलग चार स्टेप्स होते हैं जिसमें आपका मतलब कि एनालजेसिक हो गया। फिर आपके एक्साइटमेंट मसल का एनस्थीसिया हो गया। फिर जो भी मतलब कि मॉड्यूलरी डिप्रेशन है वो आ जाता है। ठीक है? टेक्निक की हम बात करेंगे तो इन्हेलेशन होता है। ठीक है? आईवी के थ्रू हम लोग इसको देते हैं। ठीक है? मैकेनिज्म की हम बात करेंगे तो इसमें एसेंट्रल डिप्रेशन होता है जो कि गावा एक्टिवेशन करता है। न्यूरोल मतलब कि
45:34 न्यूरोल एक्साइटमेंट इसमें गढ़ जाता है। ठीक है? आगे हमारे पास प्री एनस्थ एनस्थेटिक मतलब मेडिकेशन है। तो पर्पस इसका क्या होता है? तो एंजाइटटी को सिकक्रशन को और इसके साथ-साथ जो कॉम्प्लिकेशंस है उसको घटाना और अच्छे से रखना। ठीक है? ड्रग जो है इसमें से सडेशन एंटी कोलनर्जिक फिर आपके एंटीमेटिक आ जाता है और ओपीड्स आ जाता है। ठीक है? नर्सिंग में इसमें रोल में आपका वही सेम ही देखा जाता है प्रॉब्लम। लोकल एनस्थीसिया है। तो इसमें क्या होता है? तो ये इसको हम लोग रीयूज करते हैं रिवर्सिबल मतलब कि लॉस ऑफ कॉन्शियसनेस के लिए स्पेसिफिक एरिया के लिए। ठीक है? विदाउट मतलब कि कॉन्शियसनेस लूज किए। ठीक है? कुछ एक पर्टिकुलर एरिया के लिए। ठीक है? इसमें आपका मतलब कि अबाइट्स आ जाता है। स्टर्स आ जाता है। ठीक
46:20 है? मैकेनिज्म ऑफ एक्शन की हम बात करें तो इसमें पेन जो है स्टिमुलेशन मतलब कि होता है जो कि नर्व के कंडक्शन को दिखाता है। लोकल एनस्थीसिया होता है। जो भी आपके सोडियम आयन के चैनल्स ब्लॉकर्स हैं वहां ब्लॉक कर देता है। ठीक है? और इससे जो है इसमें इंपल्स जो है वह ट्रांसमिट नहीं होता है। लॉस ऑफ़ कंसेसनेस हो जाता है। ठीक है? टाइप्स इसमें क्या होता है? तो इसमें सर मतलब कि सरफेस एनस्थीसिया हो गया। इनफिल्ट्रेशन हो गया। नर्व नर्व के जो ब्लॉकेज है वो स्पाइनल एनस्थीसिया हो गया। ठीक है? साइड इफेक्ट है। तो इसमें सी एन एस सी सीएनएस का टॉक्सिसिटी, कार्डियक डिप्रेशन और एंड जो भी एलर्जी है वो आ जाता है। ठीक है? और इसमें हम आगे बात करें तो आपके मतलब कि रोल ऑफ़ नर्स तो वही सेम ही आप रखोगे। अब हम आगे बात करेंगे तो हमारे पास क्या है? तो इसमें मेडिसिन मतलब
47:06 कि मेडिकल जो आपके गैसेस होते हैं वो आ जाते हैं। ऑक्सीजन, नाइट्रोजन ऑक्साइड हो गया, कार्बन डाइऑक्साइड हो गया फिर आपके और देखा जाए तो अदर्स जो होते हैं। ठीक है? इसमें क्या-क्या है? तो इमरजेंसी कंडीशन एनस्थीसिया और इसमें मतलब कि रेस्पिरेटरी थेरेपी के लिए काम आता है। ये बहुत ज्यादा लाइफ सीवियर कंडीशन है। साथ ही में आपके मतलब कि देख तो कंडीशंस में काम आता है। डेफिनेशन में आप देखो तो इसमें मेडिकल मतलब कि गैसेस जो है वो थेरेपटिक यूज़ज़ होती है गैसेस का डायग्नोसिस थेरेपटिक यूज़ज़ और इसके साथ-साथ एनस्थेटिक मतलब कि पर्पस के लिए ठीक है क्लीनिकल प्रैक्टिस में अब इसमें क्लासिफिकेशन की बात करें तो लाइफ मतलब कि सपोर्ट गैस होते हैं ऑक्सीजन हो गया एनस्थेटिक गैस हो गया जिसमें नाइट्रोजन मतलब कि नाइट्रस ऑक्साइड हो गया ठीक है रेस्पिरेटरी मतलब कि स्टिमुलेंट हो गया
47:51 कार्बन डाइऑक्साइड और अदर गैसेस में हीलियम और आपके नाइट्रिक ऑक्साइड हो गया ठीक है ऑक्सीजन है तो ऑक्सीजन हम लोग पहले देखें तो सेलर इसमें रेस्पिरेटरी और सर्वाइवल के लिए होता है। मैकेनिज्म की बात करें तो लॉस ऑफ इसमें ऑक्सीजन सप्लाई हो गया, टिश्यूज़ हो गए। सेलर अगर देखें तो मेटाबॉलिज्म हो गया। इंडिकेशन की हम बात करें तो हाइपोक्सिया हो गया, सीओपीडी में काम आता है। कार्डियक मतलब कि अरेस्ट हो गया, शॉक हो गया। एडमिनिस्ट्रेशन में नज़ मतलब कि नज़ल कैनोला हो गया, फेशियल इसमें मास्क हो गया या फिर वेंटिलेशन में काम आता है। साइड इफेक्ट में आपके ऑक्सीजन टॉक्सिसिटी और मतलब कि ड्राइनेस में काम आता है। ठीक है? आगे हमारे पास नाइट्रोजन ऑक्साइड है। तो मतलब कि सॉरी नाइट्रोस ऑक्साइड है। तो लाफिंग गैस बोलते हैं। ये आपके एनालजेसिक और सेडेशन होता है। ठीक है? और इसमें हम देखें तो आपके मैकेनिज्म
48:37 में सीएनएस का डिप्रेशन हो गया। फिर आपके गाबा एक्टिवेशन में काम आता है। ठीक है? इन अह आगे हम अगर देखें तो हमारे पास इसके मतलब कि इंडिकेशन है सर्जरी डेंटल और इसके साथ-साथ लेबर अगर पेन है तो उस केस में ठीक है। नेक्स्ट वन सेकंड मैं इसको चार्ट में लगा दूं। नेक्स्ट अगर हम देखें तो हमारे मतलब कि ये सब तो साइड इफेक्ट हो गया। और कार्बन डाइऑक्साइड है। तो यह रेस्पिरेटरी स्टिमुलेंट होते हैं। मतलब कि स्टिमुलेंट होता है। ठीक है? मैकेनिज्म की बात करें तो यह स्टिमुलेट करते हैं हमारे रेस्पिरेटरी सेंटर को ब्रेन में। ठीक है?
49:23 और ब्रीथिंग रेट बढ़ा देते हैं। ठीक है? और इसमें हम मतलब कि इंडिकेशन में देखें तो जो भी आपके रेस्पिरेटरी स्टिमुलेशन होती है, डायग्नोस्टिक प्रोसीजर में काम आते हैं। साइड इफ़ेक्ट में एसिडोसिस और आपके ब्रीथिंग गैस में काम आता है। ठीक है? अदर गैस में आपके हीलियम, नाइट्रोजन ऑक्साइड हो गए। तो हीलियम में हम देखें तो यह मतलब कि कोई भी एयरवे ऑस्ट्रक्शन हो गया उस केस में और एयरवेज का अगर मतलब कि देखें तो रेजिस्टेंस है तो उस केस में यूज़ करते हैं। ठीक है? नाइट्रस नाइट्रिक एसिड है तो इसमें हम देखें तो हमारे पल्मोनरी हाइपरटेंशन और जो भी आपके पेस्टोडाइलेशन में काम आता है। कैसे-कैसे काम करता है? तो आपका ऑक्सीजन जो है ऑक्सीजन सप्लाई करता है। नाइट्रोजन ऑक्साइड जो है सीएनएस डिप्रेशन में काम आता है और कार्बन डाइऑक्साइड जो है आपके रेस्पिरेशन को बढ़ाता है और इसके साथ-साथ अदर जो है
50:09 स्पेशली उसका यूज़ किया जाता है। थेपिटिक इफेक्ट दिखाते हैं सब। ठीक है? अब इसका जो है अवॉइड किया जाता है ऑक्सीजन मतलब कंसंट्रेशन लॉन्ग टाइम तक। ठीक है? और प्रॉपर वेंटिलेशन इंश्योर किया जाता है। करेक्ट इसमें इक्विपमेंट यूज़ किया जाता है। रोल ऑफ़ नर्स ऑलवेज सेम आगे बढ़ेंगे। अब हम आगे बात करें तो मतलब कि एपिनोटिक और सेडेटिव हमारे पास ड्रग है। ठीक है? अब इसमें क्या है? तो यह हमारे सेंट्रल नर्वस सिस्टम के द्वारा कंट्रोल होता है जिसमें रिड्यूस होता है एंजायटी स्लीप और इसके काम जो पेशेंट है उसको करता है। ठीक है? इसमें हम सडेटिव की बात करें तो यह जो है ड्रग जो है काम कर देता है पेशेंट को। और इसके साथ-साथ रिड्यूस कर देता है एंजाइटटी और मतलब कि स्लिप मतलब कि मतलब कि सुलाता नहीं है लेकिन इसमें कंट्रोल कर देता है इंड्यूस कर देता है स्लिप को हाइपो
50:55 हाइपोटिक है तो इसमें क्या होता है तो ड्रग जो है इंड्यूस और मेंटेन करता है स्लिप को ठीक है और लो डोज़ जो है सडेशन हम लोग देते हैं हाई डोज़ में आपके एप्नोटिक हो जाता है। ठीक है? अब हम आगे बात करें तो हमारे पास क्लासिफिकेशन है। तो इसमें आपके बेंज़ो डाई मतलब कि जिप फाइन है। ठीक है? फर्स्ट लाइन इसको बोलते हैं जिसमें आपका ड डज़पम हो गया लोरा पाम लोरापाम हो गया फिर अल्फरा अल्फाज जो लम हो गया ठीक है अब इसके बाद से हमारे पास क्या है तो नॉन बेंजो बेंजो जमपाइन हो गया तो ये आपके जेड मतलब कि ड्रग बोले जाते हैं और इसको हम लोग क्या कहते हैं ज्वलपी डम बोलते हैं ठीक है और इसमें दूसरा जो है ज्वलपी क्लोन बोलते हैं ठीक है अब इसमें क्या-क्या कैसे-कैसे होता है तो नेक्स्ट हम देखें तो इसमें आपके बबी
51:43 ट्यूरेट होता है। ठीक है? तो ये आपका देख तो फाइनो बबील इसमें ड्रग होता है जो कि टॉक्सिसिटी को यह लेस करता है। ठीक है? मिसलेनियस है। तो ये आपके आगे हम लोग पढ़ेंगे ही। ठीक है? मैकेनिज्म की हम बात करें तो ये गाबा जो है गाबा आपका क्या करता है? तो गाबा आपका देखें तो ये मतलब कि रिसेप्टर होता है जो कि हमारे मतलब कि बाइंड करता है। रिसेप्टर होता है जो भी ड्रग है। ठीक है? क्लोरीन का जो रेट है वो वो बढ़ाता है। जो भी आपके न्यूरॉन्स है उसके इनबिशन को बढ़ाता है। सडेशन को बढ़ा देता है। ठीक है? अब इसमें जो भी एक्शन है ये सब साइड इफ़ेक्ट आप देख लो। इफ़ेक्ट देख लो। तो ये आपके आर मतलब कि एम को घटा देता है। इफ़ेक्ट को घटाता है। इसके साथ-साथ स्ट्रांग इसमें से सप्रेशन होता है। ठीक है? अब इसके यूज़ज़ की बात करें तो इसमें
52:28 सेडेशन, हाइपोटसिस हो गया। फिर आपके मसल रिलैक्सेशन, कन्वोलेशन और जो भी दर्द है ये सब आ जाते हैं। और यूज़ज़ की बात करें तो इंसोमिया, एंजाइटटी और प्री एनस्थीसिया, एनस्थेटिक मेडिकेशन हो गया, सीज़र्स हो गए तो ये हो गया। ठीक है? कॉन्ट्रा इंडिकेशन में स्लीपिंग ये सब आपके काम में आता है। ठीक है? ये मतलब कि कॉन्ट्रा इंडिकेट किया जाता है। ड्रग इंटरेक्शन हटा दो। साइड साइड डिफ़ेक्ट में कॉमन। अब अगर देखें तो डगनेस, डिजीनेस और फटीग होता है। सीरियस में आपके रेस्पिरेटरी डिप्रेशन और कंफ्यूजन और एटक्सिया होता है। ठीक है? अब हमारे पास क्या है? तो एडवर्स इफ़ेक्ट है। डिपेंडेंसी, टॉलरेंस और विड्रॉल होता है इसमें। और विथड्रॉल अगर सिम्टम्स की बात करें तो एनस्थसिया, इंसोमिया और ट्रोमा
53:14 मतलब कि ट्रोमा और सीज़र्स होता है। ठीक है? साइड इफ़ेक्ट में आपको कोमा, रिसे रेस्पिरेटरी डिप्रेशन और हाइपोटेंशन देखने को मिलता है। ठीक है? एंटी डॉट्स की हम बात करें तो इसमें आपको क्लमा जीन मतलब कि जेनेलिन देखने को मिलता है। रोल ऑफ नर्स तो वही आपका सेम ही होगा। अब स्केलेटल मसल हमारे पास रिलैक्सेंट है। ठीक है? तो ये जो है आपका रिड्यूस कर देते हैं मसल स्प को। मसल को रिलैक्स करते हैं सर्जरी के टाइम पे और इसमें जो है फैसिलिटेटिंग मतलब कि इनक्यूबेशन होती है। ठीक है? अह सेंट्रल पे होता है पेरिफेरल पे आपको देखने को मिलता है। ठीक है? यह जो है रिड्यूस कर देते हैं मसल टोन को और रिलैक्स कर देते हैं स्केलेटल मसल्स को। ठीक है? यह आपको देखा जाए तो क्लासिफिकेशन में सेंट्रल एक्टिंग हमारे पास मसल
53:59 रिलैक्सेशन का है। तो आपके जो भी डजीपाम हो गया। फिर आपके ब्लोरोफिन हो गया। फिर आपके टीएनए डीन हो गया। तो ये आपके मसल स्पोसिटी को घटा देते हैं। ठीक है? पेरिफेरल एक्टिंग हमारे पास है। तो इसमें आपके नॉन मतलब कि डाईपोलराइजेशन हो गया। डाईपोलराइजेशन हो गया। जिसमें देखें तो वो वैक्रोनियम हो गया। फिर आपके एनक्रोमियम हो गया। ठीक है? डाईपोलराइजेशन हो गया। तो इसमें क्या होता है? तो सक्सेसनाइल मतलब कि कोलाइन सक्सनाइल कोन हो गया। फिर आपके देखा जाए तो ये सर्जरी और एनस्थीसिया में काम आता है। ठीक है? मैकेनिज्म ऑफ़ एक्शन है तो सेंट्रल लाइन इसमें देखने को मिलता है। सेंट्रल मस्कुलर रिलक्सेंट होता है। तो ये कैसे-कैसे काम करता है? तो अगर आप देखो तो मोटर नर्व इंपल्स इसमें जनरेट
54:44 होता है और ये जो है एसिटाइल कोन रिलीज़ करता है। ठीक है? नॉन मतलब कि डाई पोलराइजेशन होता है। फिर यह जो है आपका ब्लॉक कर देता है रिसेप्टर को। ठीक है? और पोलराइजिंग अगर देखें तो कंटिन्यू करता है स्टिमुलेशन को। ठीक है? ये क्या होता है? तो आपके मसल के कॉन्ट्रक्शन को घटा देता है और मसल इसमें रिलैक्स हो जाता है। अब इसमें आपके मसल के रिलैक्सेशन में, पैरालिसिस में और आपके कोई भी मतलब कि लॉस ऑफ़ कॉन्शियसनेस है उसमें काम आता है। इंडिकेशन की बात करें तो सेंट्रल आपके ड्रग होते हैं। जैसे कि मसल स्पर्म हो गया, स्पर्मसिटी हो गया। ठीक है? पेरिफेरल ड्रग होते हैं जो कि आपके सर्जरी इंट्यूबेशन और इसके मैकेनिकल वेंटिलेशन में काम आता है। ठीक है? कॉन्ट्रा इंडिकेशन है तो इसमें आपके न्यूरोमस्कुलर अगर डिसऑर्डर है उसमें साथ ही में आपके रेस्पिरेटरी फेलर है या फिर अगर देखें तो कोई भी ऐसे मतलब कि हाइपरस सेंसिटिविटी
55:31 वाले प्रॉब्लम है उसमें आपको यह देखने को काम आता है। ठीक है? साइड इफेक्ट है। सो सेंट्रल में हम देखें तो सजेशन और डिजीजनेस होती है। पेरिफेरल में हम देखें तो रेस्पिरेटरी पैलेसिस, हाइपो हाइपोटेंशन और ट्रैकी कार्डिया देखने को मिलता है। ठीक है? और सक्सिनेट कोंजाइम में हम देखें तो आपके कोलिन में हम देखें तो आपके मसल के पेन और इसके हाइपोकल्समिया मैगेंट सी देखने को मिलती है और हाइपर मतलब कि हाइपरथैलेसीमिया एडवर्स इफेक्ट में पैलेसिस हो सकता है। रेस्पिरेटरी अरेस्ट और आपके जो भी मतलब कि फ़दर एलर्जी है वह हो सकता है। ठीक है? आगे हमारे पास रेस्पिरेटरी है तो इसमें ओवरडोजिंग सॉरी रेस्पिरेटरी बोला टॉक्सिसिटी है तो इसमें आपको ओवरडोजिंग पैलिसिस कॉज कर सकता है और डेथ कर सकता है रेस्पिरेटरी फेल हुआ ठीक है और इसमें ये
56:18 सब हो गया रोल ऑफ नर्स हो गया अब हमारे पास जो है एंटीसाइकोटिक ड्रग है और मूड जो स्टेबलाइजर है वो सब आ जाता है जो कि एडवांस हमारे फार्मेकोलॉजी में आते हैं। ठीक है? अब एंटीसाइकोटिक हमारे पास जो ड्रग है वह आपके दो कंडीशंस में काम आता है। सीजोफेनिया मतलब कि साइकोटिक डिसऑर्डर के तो यह सीिजोफेनिया में काम आता है और इसके साथ-साथ साइकोसिस में। ठीक है? अब इसमें जो है सिम्टम्स क्या होते हैं? तो हेलुसिनेशन आपको दिखते हैं। ठीक है? और डल्यूजन दिखते हैं और इसके साथ-साथ देख तो मतलब कि एगटनेशन दिखते हैं। ठीक है? अब इसमें डेफिनेशन की बात करें तो एंटीसाइकोटिक जो ड्रग है वो रिड्यूस करता है साइकोटिक सिम्टम्स को और ब्लॉक करता है जो भी आपके डोकुमिन रिसेप्टर्स हैं हमारे ब्रेन से। ठीक है? क्लासिफिकेशन की बात करें तो ए मतलब कि टिपिकल होता है जो कि
57:05 हम लोग देखें तो हेलो मतलब कि पीरियडिकल पीरियडल होता है। ठीक है? और इसके साथ-साथ देखें तो कॉलप्रो माइजीन होता है। ठीक है? स्ट्रांग इसमें आपको डोपामिन देखने को मिलता है। ठीक है? दूसरा हमारे पास एट टिपिकल होता है जो कि हम लोग सेकंड जनरेशनल होता है जिसमें हम लोग देखें तो रेस्ट मतलब कि रेस्ट पिरडॉन हो गया या फिर अगर देखें तो अल अलजापिन हो गया। फिर आपके कोजापिन हो गया। ठीक है? अब इसमें जो है आपके एक्ट करता है यह मतलब कि आपके जो भी डोपमिन है और सेरिटोनिन है एक साथ। ठीक है? मैकेनिज्म ऑफ एक्शन क्या होता है? तो आपके एक्सेसिव इसमें डोपामिन रिलीज़ हुआ। साइकोटिक इसमें आपको सिम्टम्स देखने को मिला। एंटी एंटीसाइकोटिक जो डिस डिजीज है वो यूज़ किया आपने। डी2 जो है रिसेप्टर वो ब्लॉकेज हुआ और इससे जो डोपामिन का रिएक्शन कम मिला और सिम्टम्स जो है वो
57:52 कंट्रोल हो गए। ठीक है? तो इस तरीके से काम करता है। अब इसमें जो ड्रग्स हैं जैसे कि मिसो लंबिक है तो ये इफेक्ट दिखाता है साइकोसिस में। ठीक है? आपके मिसो मेसो मतलब कि कॉर्टिकल है तो आपके नेगेटिव सिम्टम्स को दिखाता है और इसमें जो है आपके नेग्रो देखा जाए तो नेग्रोस्ट स्टर्टल है तो ये आपके मतलब कि मूवमेंट के कंट्रोल को दिखाता है। इसके साथ-साथ देखें तो टर्बो इन पर मतलब कि फ्यूबरल है तो ये आपके प्रोलैक्टिन को दिखाता है। ठीक है? साइड इफेक्ट की हम बात करें तो एक्स्ट्रा पिरामिडल जो आपके सिम्टम्स होते हैं जिसमें आपका देखा जाए तो पारकिंसन हो गया पारसिज्म हो गया फिर आपके डिस्टो मतलब कि डिस्टोनिया हो गया फिर आपके एक थासिया हो गया ठीक है तो ये आपके इसमें आ जाता है ठीक है अब इसमें हम देखें तो टारवी
58:40 डिस्क डिस्केंसिया में क्या होता है तो रिवर्सिबल इसमें मूवमेंटम हो गया फिर सॉरी मूवमेंट हो गया इसके साथ-साथ देखें तो हाइपर प्रो लैक्टीमिया की हम बात तो लैक्टेशन और आपके ए मतलब कि मोनार्गिया में काम आता है। ठीक है? मेटाबॉलिक इसमें इफ़ेक्ट की बात करें तो वेट गेन हो गया। और इसके साथ-साथ अगर देखें तो डायबिटीज में काम आता है। ठीक है? अब न्यूरोलैप्टिक हमारे पास मेलगन अगर देखें सिंड्रोम की बात करें तो इसमें फीवर मतलब कि जो भी रिजिडिटी है इसके साथ-साथ ऑटोइम्यून्य में काम आता है। ठीक है? आगे हमारे पास इंडिकेशन की बात करें तो सीज़ोफेनिया हो गया। डाईपोलर मतलब डिसऑर्डर हो गया। इसके साथ-साथ आपके सीवियर इसमें मतलब कि एग्नेशन में काम आता है। ठीक है? रोल ऑफ नर्स वही सेम ही होगा। अब हमारे पास मूड
59:25 स्टेबलाइजर है। वन सेकंड इसको देखूं मैं कितना हमने कवर किया है। मूड स्टेबलाइजर तक कवर कर लिया है। भी काफी ज्यादा है। एंटी डिप्रेसेंट है। एंटी एंजाइटटी है और एंटी कॉन्वोलसेंट है और न्यूरो डीजनरेटिव ड्रग डिसऑर्डर्स है। स्टिमुलेंट है। बहुत सारे ड्रग्स हैं। तो मूड स्टेबलाइज़र की हम बात करें तो यह जो है डोप अह मतलब कि ड जो भी बाइपोलर डिसऑर्डर है उसमें आता है जिसमें मिनिया और मूड स्विंग में यह काम करता है। ठीक है? अगर आप देखो तो ये मूड स्टेबलाइजर जो है एक ड्रग होता है जो कि मेंटेन करता है आपके मूड को और जो भी मतलब कि मिनिया और ये डिप्रेशन है उसको कंट्रोल करता है। ठीक है? अब इसमें क्या है? कैसे है? तो आप अगर देखो तो ये आपका प्रो मतलब कि जो भी आपके
1:00:11 प्राइमरी ड्रग है उसमें मतलब कि देखा जाए तो लिथियम हो गया। फिर आपके एंटी एक्टिक जो मूड स्टेबलाइजर है उसमें आपके वप्रो एक्ट हो गया। फिर आपके कार्बो कार्बोमा पिन हो गया। फिर एटिपिकल अगर देखें तो उसमें आपके ओलेना जिपिन हो गया। फिर आपके रे रेस्पिरीडोन हो गया। ठीक है? तो ये अजीब अजीब से नाम होते हैं। तो इसमें मैकेनिज्म ऑफ़ एक्शन देखो। तो मूड मतलब कि इनस्टेबल है। स्टेबलाइजर का यूज़ किया। न्यूरो ट्रांसमीटर इसमें रेगुलेशन हुआ। स्टेबल हो गया। ठीक है? अब इसमें क्या है? तो डाईपोलर इसमें डिसऑर्डर मिनिया और आपके जो भी रीलैप्स वाले जो होते हैं वो सब में काम आता है। ठीक है?
1:00:56 आगे हमारे पास साइड इफ़ेक्ट है। तो लिथियम की हम बात करें तो ट्रॉमा फिर आपके जो भी वेट गेन हो गया, हाइपो हाइपो अगर थायरॉइडिज़्म है उसमें इसके साथ-साथ देखें तो पॉली यूरिया में काम आता है। ठीक है? लिथियम के टॉक्सिसिटी की हम बात करें तो इसमें साइन और सिम्टम्स हुए हैं। गुमिटिंग कंफ्यूजन ट्रॉमा ट्यूमर्स और इसके साथ-साथ देखें तो हमारे सीज़र्स होते हैं। ठीक है? टॉक्सिसिटी मैनेजमेंट में स्टॉप कर देते हैं हम लोग। ड्रग को मतलब कि हाइड्रेट करते हैं और सीवियर केसेस में हम लोग मतलब कि डायलिसिस भी करते हैं। ठीक है? अब रोल ऑफ़ नर्स वही सेम ही होगा। बहुत बड़ा चैप्टर है। एंटी डिप्रेशन ड्रग। एंटी डिप्रेसेंट ड्रग। यह हम लोग मेंटल डिसऑर्डर में डिप्रेशन के केसेस में देते
1:01:42 हैं। ठीक है? इसमें क्या होता है? तो इमंबैलेंस हो जाता है। जिसमें आपका सेरीटोनिन का लेवल घट जाता है। नर इफिनेफिन का लेवल घट जाता है। डिपमिन का लेवल घट जाता है। तो इस केस में करते हैं। ठीक है? अब इसमें डेफिनेशन की हम बात करें तो डेफिनेशन क्या होता है? कैसे होता है? तो अगर आप देखो तो वन सेकंड तो अगर आप देखो तो आपका जो मतलब एंटी रिप्रेसेंट जो ड्रग है वो आपका इंप्रूव करता है मूड को इंक्रीस करता है लेवल को और लेवल ऑफ़ जो भी ट्रांस मतलब कि न्यूरोट ट्रांसमिटर्स है हमारे ब्रेन के अंदर। ठीक है? इसमें क्या है? कैसे है? तो आपका जो सेटोनिन है मतलब कि जो भी आपका एनई है जो भी डोपमिन है डिप्रेशन में काम किया। ठीक है? एंड एंटी डिप्रेशन देखने को मिला और
1:02:27 न्यूरोट ट्रांसमिटर्स को बढ़ाया, इंप्रूव कर दिया मूड को। ठीक है? अब इसमें अलग-अलग टाइप्स होती हैं। ठीक है? क्लासिफिकेशन होती हैं। एसएसआरआई होता है जिसमें हम देखें तो आपके अलग अजीब से नाम वाले ये तीन ड्रग होते हैं। ठीक है? अब ये सेफ्टी और आपके कंफ्यूजन को दिखाते हैं। ठीक है? अब टीसीए होता है ट्राई एस मतलब कि साइक्लिक आपके एंटी डिप्रेसेंट होते हैं जिसको जिसमें हम देखें तो एम मतलब कि एमिट्रिक एमिट्रिक पेलाइन होता है। ठीक है? और इसके साथ-साथ देखें तो एम्रोमाइन होता है। ठीक है? ये आपका हो गया जो कि हमारे साइड इफेक्ट को बताता है। एम एओ मतलब कि देख तो इनबिटर है। तो ये आपके फिनाइल फिनाइल जीन में आता है जो कि रेयरली इसमें देखने को मिलता है। एिटिपिकल एंटी डिप्रेसेंट है। तो ब्यू बी ब्यूपी पोपियन में काम आता है
1:03:13 और इसके साथ-साथ देखें तो मतलब कि मशिपिन में काम आता है। ठीक है? मैकेनिज़्म ऑफ़ एक्शन की हम बात करेंगे। तो आपके जो न्यूरोट ट्रांसममीटर्स होते हैं रिलीज़ होते हैं वो आपके देखा जाए तो रीकैप करते हैं और इसके साथ-साथ एंटी डिप्रेशन आपको एक्शन देखने को मिलता है और न्यूरोट ट्रांसमीटर बढ़ते हैं और इंप्रूव हो के सही हो जाते हैं। ठीक है? इसमें इंपॉर्टेंट जो है डिलेड होता है आपका दो से चार वीक तक और रिसेप्टर इसमें एडप्टेशन न्यूरो प्लास्टिक इसमें एक्सचेंज हो गया। ठीक है?
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