0:00 नमस्कार दोस्तों। दोस्तों, सऊदी अरब ने 13 देशों के साथ मिलकर जिसमें बांग्लादेश और पाकिस्तान जैसे देश भी शामिल हैं, उनके साथ मिलकर रेड सी को सिक्योर करने का निर्णय लिया। आप देख सकते हो यहां पर खबरI सऊदी अरब 13 अदर नेशंस एग्री टू मैरिटाइम डिफेंस अलायंस एमिट हुतीज़ रेड सी अटैक। तो ये जो पूरा रेड सी आप देख रहे हो यहां पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है। वैसे तो अभी तक सबकी निगाहें स्टेट ऑफ होरमूस के ऊपर थी। लेकिन अब यहां से चीजें शिफ्ट होकर जो बाबेल मानदेव है जो कि इंडियन ओसियन और मेडिटेटियन सी को कनेक्ट करता है। यहां पर सबकी नजर आ रही है। तो उसको डिटेल में समझेंगे कि आखिरकार इस अलायंस में क्या-क्या चीजें हैं। इसका मेन पर्पस क्या है? सऊदी अरब कैसे इन चीजों को करेगा? चलिए शुरुआत करते हैं। लेकिन उससे पहले आप सबको बता दूं आप में से जो भी लोग यूपीएससी की तैयारी कर रहे हैं। हमारा इस बैच के अंदर एडमिशन लेने का लास्ट डेट है
0:46 फिफ्थ ऑफ अगस्त। मतलब एक ऐसा बैच जिसमें प्रीलिम्स से लेकर इंटरव्यू तक की पूरी तैयारी आपको कराई जाएगी। मेंटरशिप, टेस्ट सीरीज, रिवीजन सब कुछ आपको मिलेगा। अगर आपको कोई डाउट है, प्रॉब्लम है बैच को लेकर तो यह फोन नंबर दिया है। इस पे कॉल करिए, यूज़ करिए कोड अंकित लाइव मैक्सिमम डिस्काउंट के लिए। चलिए शुरुआत करते हैं। सबसे पहले देखते हैं कि हुआ क्या है। देखिए सऊदी अरब ने ल्च किया है इनफैक्ट क्रिएट किया है मल्टीीनेशनल मैरिटाइम डिफेंस कोलेशन। तो मान लीजिए आपके एग्जाम में आता है अगर इस तरह की चीजें कि रिसेंटली मल्टीीनेशनल मैरिटाइम डिफेंस कोलेशन। ये किस चीज से रिलेटेड है? तो ध्यान रखिएगा सऊदी अरब ने 13 और देशों के साथ मिलकर तो टोटल इसमें 14 देश हैं। ठीक है? ये निर्णय लिया गया है ताकि जो रेड सी है जो बाबेल मानदेव है उसको एक प्रकार से प्रोटेक्ट किया जाए। एंड इट इज़ वन ऑफ द मोस्ट सिग्निफिकेंट रीजनल सिक्योरिटी
1:32 इनिशिएटिव जो कि रिसेंटली सऊदी अरब ने लांच किया। एंड ये दिखा रहा है कि जो सऊदी अरब है अब वो सिंगल हैंडेडली चीजों को आगे ले जाने की कोशिश कर रहा है। क्योंकि अभी तक जो भी कुछ वो करता आ रहा था वो अमेरिका के साथ मिलकर करता था। लेकिन अब यहां से चीजें आपको डिफरेंट देखने को मिलेंगी। खैर ये कोलेशन की आवश्यकता क्या है? उसके पीछे का बैकग्राउंड समझिए। क्या है ना आपको याद होगा अक्टूबर 2023 में इजराइल हमास के बीच में जो वॉर स्टार्ट हुआ था तो इनिशियली जो हुतीज़ हैं उन्होंने स्पेसिफिकली इजराइल के जो शिप्स हैं उनको टारगेट किया था। मतलब ये जो यमन में हुतीज़ हैं यहां पर जो रहते हैं तो उनका ये कहना था कि अगर कोई भी ऐसा शिप जिसका लिंक इजराइल के साथ है अगर वो यहां से गुजरता है तो हम उसके ऊपर अटैक करेंगे और उन्होंने किया भी था उस समय। फिर क्या है कि धीरे-धीरे हुतीज ने कहा कि नहीं अब हम जितने भी वेस्टर्न कंट्रीज से
2:19 रिलेटेड शिप हैं उनके ऊपर भी अटैक करेंगे और ये पूरा मामला चेंज हो गया। अभी रिसेंटली 2026 में जो यूएस ईरान का वॉर स्टार्ट हुआ उसमें यहां पर सहूतीस ने यह कह दिया कि हम सऊदी अरब के ऊपर ब्लॉकेड लगा रहे हैं। इसका मतलब यह है कि जो भी शिप यहां से गुजरेगी अगर वह सऊदी अरब से रिलेटेड है तो हम उसके ऊपर अटैक करेंगे। हम उसको वहां से पास नहीं होने देंगे। और आप सोच के देखो ये जो हम एरिया की बात कर रहे हैं दैट इज़ बाबेल मानदेव ये स्ट्रेट है। ये गल्फ ऑफ एडन हो गया आपका और ये कनेक्ट करता है आपका रेड सी से। मतलब ये पूरा का पूरा रीजन डिस्टरबेंस के मोड में आ जाएगा। मतलब ऑलरेडी पूरी दुनिया स्ट्रेट ऑफ होमोस से परेशान थी। अब ये इसकी वजह से और ज्यादा दिक्कतें हो जाती हैं। अच्छा रेड सी स्ट्रैटेजिकली इतना इंपॉर्टेंट क्यों है? क्योंकि इसका रूट समझने की
3:04 कोशिश करिए। जो मैं आपको बता रहा था ना जैसे मान लीजिए भारत से कोई शिप आता है इधर तो अरेबियन सी से यह क्रॉस करेगा। यहां पर गल्फ ऑफ़ एडन है। यहां पर स्टेट ऑफ़ होरमूस को क्रॉस करेगा। रेड सी में जाएगा। रेड सी से स्वेज़ कैनाल में जाएगा। वहां से होते हुए मेडिटेरनियन सी और फिर वहां से अटलांटिक ओशियन आगे होते हुए यूरोप जाना हो, अमेरिका जाना हो। तो बेसिकली ज्यादातर जो शिप्स हैं वो यहीं से ही होकर पास होते हैं। ये इंपॉर्टेंट क्यों हो जाता है? क्योंकि यह सबसे शॉर्टेस्ट रूट है। अगर मान लीजिए यहां पर कोई डिस्टरबेंस होती है तो अल्टीमेटली जो शिप है उनको नीचे से दैट इज केप ऑफ गुड होप होकर जाना पड़ेगा जो कि 10 से 15 दिन ज्यादा लगेंगे। इंश्योरेंस कॉस्ट बढ़ जाएगी। फ्यूल काफी ज्यादा लगेगा। अच्छा इसमें जो बाबेल मानदेव स्टेट की हम बात कर रहे थे यह सबसे ज्यादा इंपॉर्टेंट है क्योंकि हर दिन यहां से
3:50 क्रूड ऑयल, एलएनजी, कंटेनरशिप, फूड ग्रेंस, इलेक्ट्रॉनिक्स मतलब दुनिया भर के सामान यहां से गुजरते हैं। एंड इट इज पर्टिकुलरली वाइटल फॉर यूरोप, इंडिया, चाइना, जापान, साउथ कोरिया सबके लिएेंट हो जाता है। और मैं आपको बता दूं इसका जो नैरोस्ट पॉइंट है ना ये बाब बाबेल मांडी की हम बात कर रहे हैं यहां पर। इसका नैरोस्ट पॉइंट जस्ट 30 कि.मी. का है। मतलब यहां पर अगर हुतीश चाहें तो ब्लॉकेड लगा सकते हैं। तो अगर कोई भी यहां पर डिसरप्शन आता है मतलब पूरा जो ग्लोबल सप्लाई चेन है, एनर्जी सिक्योरिटी है वो खतरे में आ जाएगा। अब हम आते हैं कोलेशन को लेकर। देखो सबसे पहली चीज याद रखिएगा कि जो सऊदी अरब ने ये कोलेशन ल्च किया है। यह कोई मिलिट्री अलायंस नहीं है वॉर के लिए कि यहां पर हुतीज़ के खिलाफ सारे देश आ रहे हैं। बस अटैक करने जाएंगे। ऐसा नहीं है।
4:35 इसका जो मेन मोटिव है वो यह है कि मैरिटाइम सिक्योरिटी प्रोवाइड करना। मतलब इस रास्ते से अगर कोई भी कमर्शियल शिप गुजरना चाहता है। कोई ऑयल टैंकर है, कुछ भी गुजरना चाहता है तो उनको सिक्योरिटी प्रोवाइड करें। उनको बोले कि भाई वहां पर आपके ऊपर हमला नहीं होगा। हम आपको बचाएंगे। क्योंकि क्या होता है ना जब खतरा होता है तो कोई भी शिप वहां से गुजरना नहीं चाहेगा। वो तो कहेगा नहीं भाई हमारी तो जान को खतरा है। मैं क्यों वहां से शिप लेकर जाऊं? तो ये एक बहुत बड़ी चीज होती है कि अशोरेंस देना। तो कहीं ना कहीं यह अश्योरेंस देने की कोशिश की जा रही है। यहां पर जो सभी देश हैं यह 14 के 14 देश मिलकर जॉइंट नेवल पेट्रोलिंग करेंगे। इंटेलिजेंस शेयर करेंगे आपस में। सर्विलेंस कोऑर्डिनेट करेंगे। ड्रोन का इस्तेमाल करेंगे। हो सके तो मिसाइल अटैक का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। डिपेंड करता है अगर हुतीज़ मिसाइल ल्च करते हैं, ड्रोन ल्च करते हैं। तो इन कोयलेशन के द्वारा भी
5:22 ल्च किया जा सकता है। फ्रीडम ऑफ नेविगेशन को एनश्योर किया जाएगा। तो और साथ ही साथ ध्यान रखिएगा इसका जो हेड क्वार्टर है ये जो नया कोलेशन ल्च किया जा रहा है इसका हेड क्वार्टर रियाद में होगा वहीं से सब कुछ कोऑर्डिनेशन किया जाएगा। अब इसमें कौन-कौन से देश हैं? सऊदी अरब ने तो लांच किया है लेकिन साथ ही साथ पाकिस्तान, टर्की इजिप्ट जॉर्डन यमन सूडान जिबोटी बांग्लादेश नाइजीरिया सोमालिया कुवैत, बहरेन और क़तर ये सभी देश देखने को मिलेंगे। सरप्राइजिंगली यहां पर आप में आपको लगेगा कि ओमान नहीं दिख रहा है और यूएई नहीं दिख रहा है। जनरली यूएई तो जॉइ करना चाहिए। ओमान तो आप कह सकते हो कि हां ट्रेडिशनली ये न्यूट्रल कंट्री रहा है। जैसे यूरोप में हम कहते हैं ना स्विट्जरलैंड थोड़ा सा न्यूट्रल रहता है। किसी के साथ नहीं जाता है। सेम वही चीज आपको ओमान के साथ देखने को मिलेगी। ये न्यूट्रल रहता है। मीडिएटर की तरह काम
6:07 करता है। आपने देखा होगा अभी यूएस ईरान का वॉर उसको लेकर भी मीडिएशन के तौर पर ओमान सामने आ रहा था। डायरेक्ट मिलिट्री कंफ्टेशन ये किसी देश से नहीं चाहता। तो यह नॉर्मली बाहर ही रहता है। लेकिन जहां तक यूएई का सवाल है अगेन यह भी अपना इंडिपेंडेंट रीजनल सिक्योरिटी प्रायोरिटीज़ को ध्यान में रख रहा है। फ्लेक्सिबिलिटी रख रहा है ताकि जो हुतीज़ हैं उनसे खतरा ना मोला जाए। ईरान से ज्यादा खतरा ना मोला जाए। क्योंकि अल्टीमेटली आप देखो ना अभी रिसेंटली जो ईरान ने अटैक किया वो दुबई और कितने सारे जगहों पर भी अटैक कर दिया था। तो यूएई को ये शायद खतरा दिख रहा होगा। इनफैक्ट आपने देखा होगा कि यूएई तो ओपेक से भी बाहर हो चुका है। ठीक है? है वो थोड़ा सा अपना इंडिपेंडेंट पॉलिसी अपनाने की कोशिश कर रहा है। अब क्वेश्चन यहां पर ये आता है कि होतीज़ को लेकर इतनी चर्चा क्यों हो रही है? ये है कौन? बेसिकली दे आर ऑफिशियली नोन एज अंसार अल्लाह। इनका
6:53 ओरिजिन 1990 में होता है। और जो यमन का ऊपर वाला नदन साइड मैंने अभी आपको दिखाया था ना यहां पर यमन का ये वाला जो पार्ट है जनरली यहां पर देखने को मिलेगा। इनफैक्ट यमन की जो कैपिटल है सना उसको भी इन्होंने यहां पर कैप्चर करके रखा हुआ है। एंड ये इनिशियली ल्च हुआ था एज अ सोशल रिलीजियस मूवमेंट। लेकिन आगे चलकर पॉलिटिकल मूवमेंट के तौर पर देखने लगा। आर्म्ड मलेशिया के तौर पर ये बन गए और डी फैक्टो रूलर बन गए नॉर्थ वेस्टर्न यमन के अंदर। और देखो यहां पर सबसे बड़ी चीज ये है कि क्योंकि ये शियाइट मुस्लिम्स के तौर पर जाने जाते हैं। तो जनरली ईरान इनको सपोर्ट करता है। ऑलदो ईरान ऑफिशियली कभी ये चीज नहीं कहता। ईरान कहता है कि हम सपोर्ट करते हैं लेकिन इनको हथियार नहीं देते हैं। लेकिन एक्चुअल में अगर आप देखोगे जितने भी इंटेलिजेंस से रिपोर्ट आई है ईरान लगातार इनको हथियार देता है। ड्रोन सप्लाई करता है। लगातार
7:38 सपोर्ट करता रहता है। जैसे हिजबुल्लाह हमस उनको सपोर्ट करता है। सेम यहां पर वो चीज देखने को मिलेगी। अब क्वेश्चन ये है कि हुतीज़ कैसे शिप को अटैक कर रहा है? मतलब हुतीज़ यहां पर प्रॉब्लम कैसे क्रिएट कर रहे हैं? एक तो होती है इसके पास बैलेस्टिक मिसाइल है। उसको ल्च कर देते हैं। क्रूज मिसाइल है, ड्रोंस अटैक है। अनमैंड बोट्स है एक्सप्लोसिव ताकि उसको लॉन्च करके सामने वाला जो शिप है वहां पर अटैक किया जाए। नेवल माइंस ये लोग बिछा सकते हैं। तो ये कई तरह की चीजें आपको देखने को मिलेंगी। हुतीज़ के पास है जिसके माध्यम से ये अलग-अलग शिप के ऊपर अटैक कर देते हैं। अब क्वेश्चन ये आता है कि सऊदी अरब यहां से लीड क्यों कर रहा है? देखो क्योंकि ये भी काफी सरप्राइजिंग है। अभी तक क्या होता था कि सऊदी अरब जनरली यूएस के ऊपर ही डिपेंड रहता था। यूएस की जो सिक्योरिटी गारंटी है उसके ऊपर रिलाई करता था और साथ ही साथ जो अपनी खुद की टेरिटरी
8:25 है उसी के ऊपर फोकस करता था कि हम अपनी टेरिटरी को फोकस करेंगे बाकी हमसे हमको और ज्यादा किसी देश से लेना देना नहीं है। लेकिन अब यहां पर वो खुद सिक्योरिटी इनिशिएटिव को लॉन्च करना चाहता है। लीड करना चाहता है। जो ऑयल एक्सपोर्ट है रेड सी के थ्रू उसको प्रोटेक्ट करना चाहता है। स्ट्रेटेजिक ऑटोनमी डेमोंस्ट्रेट करने की कोशिश कर रहा है। और साथ ही साथ जो मुस्लिम मेजॉरिटी कंट्रीज हैं उनको एक साथ लाने की कोशिश कर रहा है। यह अभी रिसेंटली आपने देखा भी होगा कि यूएस के साथ मिलकर सऊदी अरब ने इराक में स्ट्राइक लॉन्च की थी। तो यह सरप्राइजिंगली पिछले कुछ दिनों से चेंज हो रहा है जिओपॉलिटिक्स में बड़ा बदलाव हो रहा है मिडिल ईस्ट में कि सऊदी अरब में काफी हद तक इस वॉर में आ चुका है। अगर यहां पर ईरान और कुछ हरकतें करता है सऊदी अरब के ऊपर अटैक करता है तो सऊदी अरब हिचकेगा नहीं वो भी डायरेक्टली अब ईरान के
9:12 ऊपर अटैक करने लगेगा। ये साफ-साफ यहां पर दिख रहा है। अच्छा यहां पर क्वेश्चन ये है कि अभी तक जितने भी नेवल ऑपरेशंस किए गए रेड सी को सिक्योर करने के लिए उससे ये वाला कैसे डिफरेंट है? देखो मैं आपको बता दूं 2023 में भी यूएस ने ल्च किया था दैट इज ऑपरेशन प्रोस्पेरिटी गार्डियन और उसमें भी कोशिश यही था कि जो होती का अटैक है उसको रोका जाए। फिर यूरोपियन यूनियन ने भी यहां पर ऑपरेशन ल्च किया ताकि एक डिफेंसिव एक आप कह सकते हैं कि नेवल मिशन था ताकि शिप्स को प्रोटेक्ट किया जाए। इनफैक्ट आपने देखा होगा स्टेट ऑफ हॉर्मोस को लेकर भी प्रोटेक्ट करने के लिए कोलेशन बनाया गया और अब यहां पर सऊदी ने ये कोलेशन बनाया है और यहां पर मेनली अगर आप देखोगे तो वेस्ट एशिया से अफ्रीका से एशियन कंट्रीज से ये सभी देश देखने को मिलेंगे। मतलब एक बड़ा अरेंजमेंट किया गया है सऊदी
9:57 अरब के द्वारा ताकि हुतीज को रोका जाए। अब देखो इसका इकोनॉमिक इंप्लिकेशन होगा। अगर शिपिंग डिसररप्ट होती है इस पूरे रीजन में ऑयल के प्राइसेस बढ़ेंगे। जो ट्रांसपोर्टेशन का कॉस्ट है इनफ्लेशन बढ़ेगा। ग्लोबल सप्लाई चेन यहां पर डिस्टर्ब हो सकता है। लेकिन देखो इस कोलेशन के लिए भी चीजें इतनी आसान नहीं होने वाली। यहां पर आप समझो ईरान का खतरा है। अगर ये कोलेशन एक साथ मिलकर कुछ भी ऐसे करता है चीजें तो ईरान यहां पर रिटेलिएट करने की कोशिश करेगा डायरेक्टली या इनडायरेक्टली। और साथ ही साथ अब ये जो 14 देश हैं कैसे वो आपस में अपनी मिलिट्री कैपेबिलिटीज़ के साथ जो है कोऑर्डिनेट कर पाएंगे क्योंकि हर एक देश की मिलिट्री कैपेबिलिटीज़ अलग है। कैसे कोऑर्डिनेशन होगा? साथ ही साथ इतने हजारों शिप वहां से गुजरते हैं। क्या वो सभी को प्रोटेक्ट कर पाएंगे? बहुत सारे सवाल हैं यहां पर देखना होगा। बट आई होप कि ये जो खबर आ रही थी कि
10:43 सऊदी अरब ने एक बड़ा अलायंस ल्च किया है रेड सी को सिक्योर करने के लिए। वो आई होप आप समझ गए होंगे। और जाने से पहले एक बहुत ही इंटरेस्टिंग क्वेश्चन। क्या बता सकते हो यहां पर आपको क्रोनोलॉजिकली अरेंज करना है ये सभी इवेंट। ये चार इवेंट दिए हुए हैं। इसको क्रोनोलॉजिकली अरेंज करिए। इसका राइट आंसर आप सब जानते हैं। मेरे Instagram पर तो मिलेगा ही। वहां पर अगर आप नहीं हो कोई बात नहीं। Telegram से ले सकते हैं इसका सही उत्तर। और दोस्तों जैसा मैंने आपको बताया अगर आप यूपीएससी की तैयारी कर रहे हैं कोई भी बैच चाहते हैं आपको मेंटरशिप रिवीजन टेस्ट सीरीज सब कुछ हमारे बैच के अंदर मिलेगा। इनफैक्ट 18 बुक्स का पूरा सेट आपके घर पर भेजा जाता है। कोई भी अगर आपको डाउट है, प्रॉब्लम है तो यह फोन नंबर दिया है। इस पे कॉल कर लीजिए। लिंक कमेंट सेक्शन में मिल जाएगा। वहां पर जाकर यूज कर लीजिए कोड अंकित लाइव मैक्सिमम डिस्काउंट के लिए। स्टडी आईक्यू आईएस आपका सिलेक्शन हमारा
11:29 मिशन।