Systematic Of Living Organisms Class 11 One Shot | Class 11 Biology Chapter 2 | HSC Board |Radha Mam

Brief Summary

This video provides a comprehensive overview of the chapter "Systematics of Living Organisms." It explains the concept of systematics, taxonomy, and classifications, focusing on the methods of grouping living organisms. The video also covers the three domains of life as proposed by Carl Woese, classification systems, the significance of DNA barcoding, and the five kingdoms of life, elaborating on the characteristics of each group.

  • Systematics involves grouping living organisms based on specific criteria and characteristics.
  • The three domains of life are Archaea, Bacteria, and Eukarya.
  • The five kingdoms are Monera, Protista, Fungi, Plantae, and Animalia, each with unique features.

Introduction to Systematics

The session begins with an introduction to the concept of systematics, which refers to the classification of living organisms. It asserts the importance of revision sessions through its one-shot format, targeting both those new to the content and those looking to reinforce their existing knowledge.

Key Terminologies: Systematics and Taxonomy

The video explains two foundational terms: systematics, which involves studying and grouping organisms based on certain criteria, and taxonomy, derived from Greek, meaning the arrangement and rules governing classifications. Understanding these terms is crucial for grasping the content of the chapter.

Classification of Organisms

The classification process involves organizing organisms based on similarities and differences, using criteria that highlight their characteristics. There are three types of classification: artificial, natural, and phylogenetic, each serving distinct purposes in how organisms are grouped based on observable traits or evolutionary relationships.

Three Domains of Life

Carl Woese proposed that all living organisms fall into three domains: Archaea, Bacteria, and Eukarya. Archaea are known for surviving extreme conditions, while Bacteria, with a peptidoglycan cell wall, and Eukarya include organisms with well-defined nuclei.

Methods of Biological Classification

The video discusses various methods of biological classification such as chemical taxonomy, which categorizes organisms based on chemical constituents; numerical taxonomy, which focuses on numbers and quantities; cladistics, a method of classifying species based on common ancestry; and phylogeny, which looks into evolutionary relationships among organisms.

DNA Barcoding

DNA barcoding is introduced as a method for identifying new species by comparing their DNA with existing species records. It is vital for tracking endangered species and understanding biodiversity. The process involves collecting DNA sequences and matching them to identify new findings or variations within known species.

Five Kingdom Classification

The five kingdoms are detailed: Monera (prokaryotic unicellular organisms), Protista (eukaryotic unicellular or simple multicellular organisms), Fungi (eukaryotic organisms that are heterotrophic), Plantae (autotrophic eukaryotic multicellular organisms), and Animalia (multicellular heterotrophic organisms). Memorable mnemonics are offered to help remember the kingdoms and their characteristics.

Final Thoughts and Overview

The chapter concludes by emphasizing the importance of studying systematics in biological sciences and reiterates the potential overlap of questions from the content in exams. The significance of continuous learning and revision is stressed for better retention of knowledge. The session wraps up with encouragement for students to engage deeper with the material through their educational programs.

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Transcript

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0:00 हेलो एवरीवन। तो कैसे हो आप लोग? क्या हालचाल? सब ठीक? तो आज के इस वीडियो में हम लोग यह सेकंड चैप्टर दैट इज सिस्टमैटिक्स ऑफ लिविंग ऑर्गेनिज्म्स का वन शॉट कवर करने वाले हैं। यानी कि पूरा का पूरा चैप्टर जो है हम सिर्फ एक ही वीडियो में एक ही बार बैठ के रिवाइज करने वाले हैं। अब वन शॉट का क्या बेनिफिट होता है? लेट मी ब्रेक इट अप टू यू। जब हम लोग लाइव सेशन अटेंड कर रहे होते हैं तो उसके अंदर में हम लोग स्टेप वाइज सारी चीजें सीखते जाते हैं। बट वन शॉट जो होता है वो रिवीजन के लिए होता है। तो ये वन शॉट उसके लिए भी यूज़फुल है जो पहली बार ये देखने वाला है क्योंकि उतना इजी वे में मैं आपको सिखाऊंगी। ये वन शॉट उनके लिए भी यूज़फुल है जिनका ऑलरेडी पढ़ के हो चुका है। तो बस

0:46 आपको यह वीडियो देखना है एंड आपके इसमें से एक भी मार्क्स नहीं कटेंगे। यह गारंटी मेरी हो जाएगी। तो चलो विदाउट फर्दर वेस्टिंग आवर टाइम लेट्स गेट स्टार्टेड विद आवर टुडेेस चैप्टर। अब सबसे पहले भैया ये समझते हैं कि सिस्टमैटिक्स का मतलब क्या होता है? एकदम बेसिक तरीके से बताती हूं। देखो सिस्टमैटिक्स का एकदम बेसिक मतलब ये होता है कि जितने लिविंग ऑर्गेनिज्म्स हैं मुझे उनकी ग्रुपिज्म करनी है। मुझे उनको ग्रुप में डालना है। बट ग्रुप में डालने का कोई ना कोई क्राइटेरिया होता है। कोई ना कोई रूल्स होता है। तो बस वही रूल्स को सेट करके ग्रुप में डालने को हम सिस्टमैटिक्स कहते हैं। हम ऐसे बोलते हैं ना अरे ये बहुत सिस्टमैटिक अरेंजमेंट है। तो उसी चीज को हम कहते हैं सिस्टमैटिक्स ऑफ लिविंग

1:31 ऑर्गेनिज्म। मतलब कौन से लिविंग ऑर्गेनिज्म को किस ग्रुप में डाला गया है और उसके पीछे क्या रूल है उसी चीज को कहा जाता है सिस्टमैटिक्स ऑफ लिविंग ऑर्गेनिज्म। तो हम आज बहुत डिटेल में ये सारी चीजें पढ़ने वाले हैं। थोड़ा सा ध्यान बनाए रखें और शुरू करते हैं आज का ब्यूटीफुल सा चैप्टर। एंड एक ही आप लोगों से रिक्वेस्ट है कि पूरा चैप्टर वन गो में देखिएगा और अपने फ्रेंड्स को भी शेयर कर दीजिए। आप लोगों को पूरा का पूरा चैप्टर्स जो 16 चैप्टर्स हैं सबके वन शॉट इसी चैनल पर मिलेंगे। साथ में एक्सरसाइज क्वेश्चंस भी। तो चलो अब सबसे पहले डेफिनेशन देखते हैं चैप्टर के सबसे इंपॉर्टेंट वर्ड का। क्या है वो वर्ड? सिस्टमैटिक्स। सिस्टमैटिक्स का मतलब होता है ऑर्गेनिज्म्स के बारे में स्टडी करना। है ना? सिस्टमैटिक्स का मतलब होता है

2:18 ऑर्गेनिज्म्स के बारे में स्टडी करना। अब भैया हमें ग्रुप में अगर उनको डालना है तो उसके लिए हमें ये पता होना चाहिए ना कि कौन सा ऑर्गेनिज्म कैसा है। उसके क्या फीचर्स हैं? उसके क्या कैरेक्टरिस्टिक है? बट ये फीचर्स ये कैरेक्टरिस्टिक किस चीज के कॉन्टेक्स्ट में किस चीज के रेफरेंस में देखे जाएंगे? तो उसके अंदर ये दो इंपॉर्टेंट टर्म आ जाएंगे। वो है कंपैरेटिव और इवोल्यूशनरी रिलेशनशिप। मतलब हम ऐसे कंपेयर करेंगे। अब जैसे कि मान लो मुझे एक स्कूल खोलना है। ठीक है? मान लो कि एक स्कूल है अपना फॉर एग्जांपल सीएचएस नाम का कोई स्कूल है। ठीक है? अब सीएचएस के अंदर में मान लो कि सिर्फ एट्थ मान लो कि सिर्फ एट लिख एट लिखने के चाहिए। नाइन लिख दिया मैंने एट्थ नाइंथ और 10थ

3:03 स्टैंडर्ड। ठीक है? अब ये 10थ स्टैंडर्ड को अगर मैं फोकस करूं तो उसके अंदर में पांच डिवीज़ है। ए, बी, सी, डी, ई। ठीक है? मान लीजिए कुछ इस तरीके से डिवीजन है। अब मैं ये कह रही हूं कि जो बच्चा ए डिवीजन में है ना वो बच्चे को 95 प्लस परसेंटेज आई हुई है तो ही मैं उनको ए डिवीजन में लूंगी। जो बी में है ना उसको 85 प्लस परसेंट आएगा तो ही मैं उसको बी में लूंगी। यहां पे 75 प्लस आएगा तो ही लूंगी। 65 प्लस आएगा तो ही लूंगी। 55 प्लस आएगा तो ही लूंगी। ठीक है? मान लो इस तरीके से क्राइटेरिया बनाया हुआ है मैंने। तो मैं यहां पे क्या कर रही हूं? मैं कंपेयर कर रही हूं। मैं कंपेयर कर रही हूं। अच्छा तुझे 95 से कम आया है ना तो तुझे बी में

3:50 आना पड़ेगा। तो यहां पे मैंने क्या किया? कंपेयर किया। तो जभी भी कोई ग्रुप बनता है ना तो हम कंपेयर करते हैं। बट अगर लिविंग ऑर्गेनिज्म की बात आ रही है तो उनके इवोल्यूशन के कॉन्टेक्स्ट को भी जाना जाता है। मतलब उनके पूर्वज क्या करते थे? उनके पूर्वज क्या थे? उन लोगों में कोई सिमिलरिटी है? अगर सिमिलरिटी है तो दोनों के बीच में कनेक्शन है। उनको सेम ग्रुप में डाल दो। इसी को हम कहते हैं सिस्टेटिक। सो मेरे साथ रिपीट करेंगे। इट इज द स्टडी ऑफ़ ऑर्गेनिज्म। ऑर्गेनिज्म की स्टडी है। बट किस बेसिस पे है? ऑन द कंपैरेटिव एंड इवोल्यूशनरी रिलेशनशिप। कंपैरेटिव और इवोल्यूशनरी रिलेशनशिप के ऊपर है। उसी को हम लोग क्या कहते हैं बेटा? जी? सिस्टमैटिक्स कहते हैं। अभी लिखने का टेंशन मत लो। आपको नोट्स मिल

4:37 जाएगा। फिलहाल सिर्फ ध्यान दीजिए आप। ठीक है? अब बात करेंगे दूसरे टर्मिनोलॉजी के बारे में जो कि है टैक्सोनॉमी। अब बेटा तुम्हें इंग्लिश आती हो ना आती हो कोई टेंशन की बात नहीं। आज ग्रीक जरूर सीख के जाओगे। तो ये जो टैक्सोनॉमी शब्द देख रहे हो ना तुम भारी-भरकम सा शब्द ये टैक्सोनॉमी दो ग्रीक वर्ड से बना है। जानना चाहोगे क्या है? चलो मेरे साथ देखो। तो ग्रीक वर्ड है यहां पे। पहला ग्रीक वर्ड है टैक्सेस। दूसरा है नैमोस। अब ये जो टैक्सेस है ना बेटा ये टैक्सेस का मतलब है अरेंजमेंट और रूल्स का मतलब है सॉरी और नोमोस का मतलब है बेटा रूल्स। ठीक है? नोमोस का मतलब क्या है बेटा? रूल्स। तो यहां पे जितने भी ऑर्गेनिज्म्स को मैं अरेंज करने वाली हूं जो भी मेरा अरेंजमेंट है उसके पीछे एक स्पेसिफिक रूल होगा। जैसे

5:23 मैंने आपको डिवीज़ के बारे में बताया। उसमें कैसे एक स्पेसिफिक रूल था? एग्जैक्टली लाइक दैट। उसी को हम लोग क्या कहते हैं बेटा? टैक्सोनॉमी कहते हैं। इतना चमक चुका है सभी को। तो आगे बढ़ते हैं बेटा। अब समझेंगे क्लासिफिकेशन का मतलब कि भैया क्लासिफिकेशन क्या होता है? क्लासिफिकेशन को अगर हम लोग एकदम देहाती लैंग्वेज में बोले ना तो इसका मतलब होता है एक तरीके से ग्रुपिज्म करना, ग्रुप बनाना, डिवीजंस करना। अब किसका डिवीज़ करेंगे? तो लिविंग ऑर्गेनिज्म का। तो बेटा जी यहां पे अरेंजमेंट होने वाला है ऑर्गेनिज्म्स का किस बेसिस पे? तो उनके अंदर क्या सिमिलरिटी है और क्या डिफरेंस है। अब जब मैंने आपको डिवीजंस के बारे में बताया था तो आपने ऑब्जर्व किया होगा कि सारे के सारे सेम ही स्कूल के अंदर सेम ही स्टैंडर्ड के अंदर है। इररेिस्पेक्टिव ऑफ़

6:09 द परसेंटेज। अब किसी को नाइंथ में 95 आया है तो उसको 10थ स्टैंडर्ड के ए डिवीज़ में नहीं बैठा देंगे। क्योंकि भले ही परसेंटेज सेम है बट उनमें डिफरेंस क्या है? तो डिफरेंस है उन लोगों का स्टैंडर्ड। तो ये जो अरेंजमेंट होता है ये एक स्पेसिफिक रूल के ऊपर बेस्ड होता है। तो रूल यहां पे क्या है? सिमिलरिटी मतलब समानता। क्या सेम सेम है? डिफरेंसेस मतलब अब उनको अलग करना पड़ेगा। जैसे लिविंग ऑर्गेनिज्म्स तो सभी है बट कुछ लिविंग ऑर्गेनिज्म का सेल जो है वो प्रोकैरियोटिक सेल है। यानी कि जिसका न्यूक्लियस डेवलप्ड नहीं है और कुछ-कुछ लिविंग ऑर्गेनिज्म है जो कि यूकैरियोटिक होते हैं। जिनका न्यूक्लियस वेल डेवलप्ड है। तो भले वो सारे ही लिविंग ऑर्गेनिज्म है बट उनको अलग ग्रुप में क्यों रखा गया? क्योंकि दोनों के सेल के अंदर में डिफरेंस

6:56 है। दोनों के न्यूक्लियस के अंदर में डिफरेंस है। समझे मेरे बात? अब क्लासिफिकेशन तीन तरीके का होता है। एक होता है आर्टिफिशियल, एक होता है नेचुरल और एक होता है फाइलोजेनेटिक। याद कैसे रखेंगे बेटा? तो याद रखने के लिए आप इस निमोनिक को याद रख सकते हैं ए एन पी को। अब ए से आर्टिफिशियल, एन से नेचुरल, पी से फाइलोजेनेटिक। जैसे हम लोग कहते हैं कि आर्टिफिशियल नकली लोगों से दूर रहना। क्योंकि नकली लोग तुमको ऊपर से ही जज करके तुमको पूरा ही जज कर लेंगे। चाहे तुम अंदर से सोना ही क्यों ना रहो। वैसे ही आर्टिफिशियल क्लासिफिकेशन होता है। यहां पे कुछ छोटी-मोटी सिमिलरिटीज दिखती है। जैसे कलर सेम है, हैबिट सेम है। तो बोलते हैं ये दोनों सेम ग्रुप में है। अरे भैया कलर सेम जो है। अब मान लो BMW का कलर सेम

7:43 है एक नॉर्मल Tata Nano से। इसका मतलब ये थोड़ी ना हो जाएगा दोनों को सेम ग्रुप में रख देंगे। तुम लोग को सुन के भी हंसी आ रही होगी। इनने वैसे ही किया था। इसलिए इसको नकली आर्टिफिशियल बनावटी क्लासिफिकेशन कहा जाता है। ठीक है? सिर्फ ऑब्जरवेबल चेंजेस दिखे उसको ग्रुपिंग में डाल दो। अब नेचुरल क्लासिफिकेशन थोड़ा सा लॉजिकल क्लासिफिकेशन होता है। ये क्लासिफिकेशन किया जाता है नेचुरल हैबिटट के ऊपर। जैसे कि सेल टाइप हो गया आपका सेल टाइप कैसा है? प्रोकैरियोटिक है। अच्छा चलो आप सारे एक ग्रुप में यूकैरियोटिक है। अच्छा चलो आप इस सारे ग्रुप में। अच्छा अब तेरा बॉडी ऑर्गेनाइजेशन कैसा है? ओह तू यूकैरियोटिक है। बट तेरे पास टिश्यू है और तेरे पास ऑर्गन है तो तुम दोनों को अलग ग्रुप में करना पड़ेगा। तो यहां पे दो-तीन और फीचर्स को कंसीडर करके ग्रुप में डाला

8:29 जाता है। मतलब थोड़ा लॉजिक लगाया जाता है। इसलिए इसको नेचुरल क्लासिफिकेशन का टेक्निक कहते हैं। तीसरी चीज होती है फाइलोजेनेटिक। फाइलोजेनेटिक का मतलब होता है यह क्लासिफिकेशन होती है बेटा इवोल्यूशनरी रिलेशनशिप के ऊपर। मतलब कि आज हम कहते हैं कि यह जो इंसान है यह इंसान जो है यह बंदर लोगों के आगे के वंशज है। मतलब क्यों? क्योंकि सिमिलरिटी देखने को मिला। हमको दिखा कि इंसान लोग के पास अभी भी टेल बोन यानी कि कॉकिक्स है। मतलब हमें भी कभी तो टेल था। हम लोगों के जो इंसान लोग थे अगर उनका ऑब्जर्व करूं तो अभी भी विज़डम टीथ है। यानी कि हम भी पहले कच्चा मांसवांस खाया करते थे। तो ऐसे काफी ज्यादा फीचर्स हमको दिखने को मिले जो कि उनमें भी कॉमन था और

9:16 हम में भी कॉमन था। तो यहां पे क्या मिला हमको? सिमिलरिटी इसलिए हमने इसको सेम ग्रुप में डाला। तो सबसे ज्यादा रेलेवेंट वे जो होता है वो फाइलोजेनेटिक होता है। फाइलोजेनेटिक वे ऑफ़ क्लासिफिकेशन। एक बार फिर से समराइज कर देती हूं। आर्टिफिशियल होता है नकली तरीका क्लासिफिकेशन करने का। मतलब ऊपर ऊपर के बॉडी फीचर्स देखा? हां, सेम टू सेम। अगर मैं नेचुरल की बात करूं तो यहां पे बेटा क्लासिफिकेशन होता है उसके सेल टाइप के बेसिस पे। बॉडी टाइप के बेसिस पे। ठीक है? और अगर मैं बात करूं फाइलोजेनेटिक के बारे में तो यहां पे क्लासिफिकेशन होने वाला है इवोल्यूशनरी रिलेशनशिप के ऊपर कि आपके पूर्वज क्या थे? आप दोनों में सिमिलरिटी है तो आप लोग एक कैटेगरी में आ जाएंगे। समझे मेरी बात? समझे मेरी बात? अब आगे बढ़ते हैं बेटा। अब हम लोग थ्री डोमेनस ऑफ लाइफ सीखने वाले हैं। अब थ्री डोमेनस ऑफ लाइफ यहां पे जो

10:03 कार्ल बोजी है उन्होंने दिया था। उन्होंने बोला कि जितना अपने संसार में लिविंग ऑर्गेनिज्म है उनको तीन पार्ट में डिवाइड कर दो। यही है मेन क्लासिफिकेशन। ओवर कॉन्फिडेंस हमेशा हमको ले डूबता है। इसलिए किसी को कालवोजी का नाम भी याद नहीं है। उन्होंने क्या कहा? संसार के जितने लिविंग ऑर्गेनिज्म है उनको कितने ग्रुप में डालेंगे बेटा? सिर्फ तीन ग्रुप में। उस ग्रुप का नाम हम याद रखेंगे ए, बी, ई से। तो ए से आरके, बी से बैक्टीरिया, ई से यूकैरिया। अब आरके का बात करेंगे बेटा। तो ये प्रोकैरियोटिक सेल होता है। अब बेटा दिमाग लगाओ अगर प्रोकैरियोटिक सेल है। प्रोकैरियोटिक सेल है मतलब कि इसका प्रीमेच्योर न्यूक्लियस होगा। ठीक है? प्रो का मतलब प्रीमेच्योर कैरियन का मतलब

10:48 न्यूक्लियस। अब अगर इसका भैया न्यूक्लियस ही अच्छा नहीं होगा। तो इसके पास न्यूक्लियर मेंब्रेन होगा। जिसका न्यूक्लियस ही ठीक नहीं है तो न्यूक्लियस अपने ऊपर एक पूरा नया स्ट्रक्चर बना पाएगा? नहीं बना पाएगा। जब राजा ही खोखला है उसकी प्रजा तो और भीमंगी हो जाएगी। वही हाल होता है प्रोकैरियोटिक सेल में। बट आर के की एक गजब बात है। ये एकदम एक्सट्रीम कंडीशंस में भी प्रेजेंट होते हैं। मतलब तुम लोग कॉकरोच जनता पार्टी बना रहे थे। असलियत में तुम्हें तो आरके जनता पार्टी बनाना चाहिए। क्योंकि कॉकरोच को अगर तुम एसिड में डाल दोगे तो तिलमिला जाएगा। बट ये नहीं तिलमिलाता है। तुम इसको एसिडिक कंडीशन में डालो। तुम इसको एक तरीके से कहते हैं सॉल्टी बेसिक कंडीशन में डाल दो। चाहे तुम इसको हीट कंडीशन में डाल दो। सर्वाइव कर लेता है। चंगा बंदा एकदम

11:34 बढ़िया बंदा है। तो यह जो है एक तरीके से हाई टेंपरेचर भी झेल सकता है। हाई सैलेनिटी यानी कि एकदम बेसिक ज्यादा सॉल्ट भी झेल सकता है। इसलिए इसको हैलोफाइल्स भी कहा जाता है। अब इसका सेल वॉल मतलब सेल के जो बाहर का प्रोटेक्टिव लेयर है वो पेप्टिडोग्लाइकन के बिना बना हुआ है। और सिंस इसको एक्सट्रीम कंडीशन सर्वाइव करना पसंद है। इसलिए इसको एक्सट्रीमोफाइल्स कहा जाता है। समझे मेरे भाई? आरके का सेल कैसा? प्रोकैरियोटिक। प्रोकैरियोटिक मतलब न्यूक्लियर मेंब्रेन डेवलप नहीं है। ना न्यूक्लियर मेंब्रेन डेवलप है ना सेल ऑर्गनल्स ढंग के है। बट एक्सट्रीम कंडीशन में सर्वाइव करता है। इसलिए इसको एक्सट्रीमोफाइल्स कहते हैं। हेलोफाइल्स भी कहते हैं। और सेल वॉल जो है ये पेप्टिडोग्लाइकन से नहीं बना है। पेप्टिडोग्लाइकन एक टाइप का मटेरियल है।

12:19 फिर दूसरी चीज बोल दी उसने बैक्टीरिया। अब बैक्टीरिया जो है वो भी प्रोकैरियोटिक सेल है। मतलब कि ये भी प्रीमेच्योर है। बट इसका सेल वॉल का जो स्ट्रक्चर है वो थोड़ा डिफरेंट है। अब आपने देखा था कि आर्के का जो सेल वॉल है वो पेप्टिडोग्लाइकन से नहीं बना हुआ था। बट यहां पे इन्होंने कहा कि बैक्टीरिया का सेल वॉल जो है वो बना हुआ है पेप्टिडोग्लाइकन से। किससे बना हुआ है? पेप्टिडोग्लाइकन से। सिर्फ इतना डिफरेंस है। बाकी दोनों सेम है। नेक्स्ट वी हैव यूके। यूकैरिया के अंदर में बेटा अगर हाथी आ रहा है, हम भी आ रहे हैं। चिंपांजी भी आ रहा है, तुम्हारे रिश्तेदार भी आ रहे हैं। सारे लोग आ रहे हैं। क्योंकि यूकैरिया का मतलब होता है यूकैरियोटिक सेल। अब फंगाई जो है उसका सेल वॉल। फंगाई के बाहर मतलब फंगाई जो है उसके सेल के वॉल जो है वो

13:07 काइटिन से बना है। ये याद रखना जरूरी है। एमसीक्यू में पूछा जाता है। और जो आपका प्लांट है उसका सेल वॉल बेटा सेलुलोज़ से बना है। सेलुलोज़ से बनना जरूरी है क्योंकि ये खाना प्रोड्यूस करते हैं। खाना बनाने का काम करते हैं। स्टोर करने का काम करता है। अब तुम ही बताओ कितनी बेतुकी बात है। ड्यूकेरिया के अंदर में तुम प्लांट्स भी रख रहे हो। एनिमल्स भी रख रहे हो। अरे भैया प्लांट्स तो मूव ही नहीं कर सकते। एनिमल्स तो मूव करते हैं। प्लांट्स ऑटोट्रफिक होते हैं। एनिमल्स हेटेरोट्रोफिक होते हैं। तो दोनों सेम ग्रुप में कैसे आए? बट कार्लज़ ने बोला ये दो ये तीनों जो है मतलब ऐसे ही ग्रुप है और जितने लिविंग ऑर्गेनिज्म है ऐसे ही डिवाइड किया जाएगा। तो ये उन्होंने ऊपर ऊपर से बात की। तो थ्री डोमेनस ऑफ़ लाइफ को कैसे याद रखेंगे? ए बी ई। तो इसका फुल फॉर्म इसको याद रखने के लिए एक निमोनिक

13:52 है। एनी बॉडी कैन ईट कोई भी खाना खा सकता है। एनीबडी कैन ईट। एनी के ए से आर के बड़ी के बी से बैक्टीरिया और ईट के ई से यूकैरिया। आर के और बैक्टीरिया में सेल कैसा है? प्रोकैरियोटिक। यूकैरिया में सेल कैसा है? यूकैरियोटिक। आरके का पेप्टिडोग्लाइकन से लेयर नहीं बना हुआ है सेल वॉल का बैक्टीरिया का बना हुआ है। यूकैरिया में फंगाई का सेल वॉल बना है काइटिन से और प्लांट का बना हुआ है सेलुलोज़ से। आपको अच्छे से डिफरेंस समझ गया होगा। अब हम लोग समझेंगे कि बायोलॉजिकल क्लासिफिकेशन करने का क्या तरीका है? कौन सा मेथड यूज़ होता है? मतलब किस प्रकार से आप बायोलॉजिकल

14:38 क्लासिफिकेशन करते हैं। मतलब इतने सारे लिविंग ऑर्गेनिज्म है। बिलियनों में लिविंग ऑर्गेनिज्म है। उनको किस तरीके से कौन से रूल से किया जाता है? क्लासिफाई। पहला आया केमिकल टैक्सोनॉमी। टैक्सोनॉमी से तुम लोगों के दिमाग में क्या चमक रहा होगा? ग्रीक वर्ड से बना है। टैक्सोस एंड नोमोस। मतलब कि यहां पे अरेंजमेंट होने वाला है। कोई तो रूल के हिसाब से। सबसे पहला होता है बेटा केमिकल टैक्सोनॉमी। केमिकल टैक्सोनॉमी का मतलब होता है सेम केमिकल कॉन्स्टिटुएंट के हिसाब से हम लोग इनको सेम ग्रुप में डालेंगे। जैसे मैंने हमें पता है कि आर के जो है उसका सेल वॉल पेप्टिडोग्लाइकन से नहीं बना है बट बैक्टीरिया का बना है तो दोनों को अलग-अलग कैटेगरी में रखा जाएगा क्योंकि दोनों केमिकल कॉन्स्टिटुएंट अलग हो गए। एक पेप्टिडोग्लाइकन से बना है और एक पेप्टिडोग्लाइकन से नहीं बना है। तो ऑब्वियसली इनको अलग-अलग माना जाएगा।

15:25 न्यूमेरिकल टैक्सोनॉमी का बात करूंगी तो ये क्लासिफिकेशन है नंबर के हिसाब से। अब न्यूमेरिकल का मतलब ही समझ में आता है। ये देखो ना यहां पे लिखा हुआ है नंबर। बी डाल दूंगी यहां पे क्या आ जाएगा? नंबर आ जाएगा। तो कितना क्वांटिटी प्रेजेंट है? अब मान लो मान लो यहां पे मैं बोल रही हूं कि अच्छा सेल का ग्रुप है। टिश्यू है। चलो सारे टिश्यू वाले बॉडी लेवल ऑर्गेनाइजेशन एक ग्रुप में आ जाओ। यहां पे क्लस्टर में ज्यादा ध्यान दिया जाएगा। झुंड कितना प्रेजेंट है उस पे ध्यान दिया जाएगा। नंबर ज्यादा फोकस पे डाला जाएगा। तीसरा होता है कोलडोग्राम। जैसे आप अपना मनगढ़ंत रिश्ता बना लेते हैं अपने वन साइडेड प्यार से वैसे यह मनगढ़ंत हाइपोथेटिकल रिलेशनशिप होता है। बहुत सारे ग्रुप के बीच में एक ब्रांच बना लिया जाता है और सबको माना जाता है कि यही लिविंग ऑर्गेनिज्म का

16:11 ब्रांच है। सबसे ज्यादा एप्रोप्रियट होता है बेटा फाइलोजेनी। अब दूसरी बार फाइलोजेनी वर्ड तुम्हारे सामने आ रहा है। फाइलोजेनी का मतलब ही होता है इवोल्यूशनरी रिलेशनशिप। मतलब ही क्या होता है बेटा? इवोल्यूशनरी रिलेशनशिप। मतलब यहां पे देखा जाता है कि आप में और जो पुराने जमाने के लोग थे उनमें क्या सिमिलरिटी है? सिमिलरिटी है। तो सेम ग्रुप में डिफरेंस होते ही ग्रुप अलग। तो ये चार तरीका है बेटा क्लासिफाई करने का। पहला हो गया केमिकल टैक्सोनॉमी। केमिकल टैक्सोनॉमी मतलब केमिकल कॉन्स्टिटुएंट के हिसाब से अलग-अलग किया जाएगा। ग्रुप किया जाएगा। न्यूमेरिकल टैक्सोनॉमी मतलब नंबर क्वांटिटी के हिसाब से किया जाएगा। क्लडोग्राम मतलब हाइपोथेटिकल रिलेशनशिप बनाया जाता है काफी सारे ऑर्गेनिज्म्स के बीच में और फाइलोजेनिस सबसे एप्रोप्रियट

16:57 होता है क्योंकि यहां पे इवोल्यूशनरी रिलेशनशिप को कंसीडर किया जाता है। समझ गए मेरे भाई? अब आगे समझेंगे डीएनए बारकोडिंग के बारे में। अब आपको लग रहा होगा भैया डीएनए बारकोडिंग है क्या? तो मैं तुम लोगों को बताती हूं। अब फॉर एग्जांपल फॉर एग्जांपल मैं गई ये दवाई खरीदने। ठीक है? मैं गई ये दवाई खरीदने। अब मैं मान लो मैंने डीमार्ट से दवाई खरीदी है। अब ना यहां पे आप एक चीज देख रहेगे। ये लाइंस दिख रही है? ये लाइंस दिख रही है आप लोगों को? ये देखो ये दिख रही है? दिख रही है आपको ये लाइंस? है ना? तो अब क्या होगा? जैसे ही जैसे ही ये मैं dमar के स्कैनर पे ऐसे लगाऊंगी तो पिप करके आवाज आएगा फटाक से इसका प्राइस जो है वो मुझे पता चल जाएगा। है ना? अब इसके ऊपर भी बारकोड है और यहां पे मेरे पास यह बॉक्स है। इसके

17:42 ऊपर भी आपको बारकोड दिख रहा होगा। अब इसका प्राइस ₹25 दिख रहा है। तो जस्ट बिकॉज़ इसके ऊपर भी बारकोड है तो यह ₹25 का दिखेगा। नहीं दिखेगा। मतलब यह बारकोड यह जो बारकोड है, यह जो लाइन है, वो इसके लिए ही बना हुआ है। यह जो बारकोड है, यह जो लाइन है, वो इसके लिए ही बना हुआ है। वैसे ही डीएनए का बारकोडिंग किया जाता है। यह एक ऐसा मेथड है, ये एक ऐसा तरीका है सो दैट हम न्यू स्पीशीज जो है उसको आइडेंटिफाई कर पाए। अब मान लो मैं गई कहीं मुझे कोई नया ही स्पीशीज़ मिल गया। तो मुझे कैसे पता चलेगा? ये नया है। मुझे इस प्रकार पता चलेगा नया है अगर मेरे को पता हो कि ओल्ड जो ऑर्गेनिज्म है उनका डीएनए कैसा है। अब मान लो कि मैं मेरे बाल जो है

18:27 वो हल्का सा ब्राउन हाईलाइट्स के साथ है। अचानक से मैं पर्पल बाल करके आ गई। तो तुम लोगों को लगेगा ना अरे मैम थोड़ी कुछ अलग लग रही है। मैम आज वैसे नहीं दिख रही जैसी रोज दिखती है। क्यों? क्योंकि तुमने मुझे रोज देखा है। बट अगर कोई बंदा मुझे पहली बार देख रहा है। मान लो मैं पहले ही लाल बाल, पीला बाल करके आती हूं तो तुमको क्या लगता है? ऐसी ही दिखती है ये। तो कोई चीज में डिफरेंस पता करने के लिए उसका पुराना एकिस्टेंस होना जरूरी है। तो इसलिए डीएनए बारकोडिंग किया जाता है। क्योंकि डीएनए जो है ये यूनिक फीचर होता है। चाहे ट्विन से ही क्यों ना हो बट हमेशा 1% का डिफरेंस तो होता ही है दोनों के बीच में। और वो डिफरेंस कौन क्रिएट करता है? डीएनए क्रिएट करता है। तो ये यूज़ किया जाता है न्यू स्पीशीज़ को आइडेंटिफाई करने के लिए। मुझे न्यू स्पीशीज़ मिला। मैं उसको डीएनए बारकोडिंग करूंगी। मुझे पता चल जाएगा कि

19:14 ये कोई नया है या फिर पुराने डेटाबेस का ही कुछ तो वेरिएशन है। समझा? अब यहां पे क्या किया जाता है? डीएनए सीक्वेंस को कलेक्ट किया जाता है पुराने प्री एकिस्टिंग स्पीशीज का और फिर न्यू वाले एकिस्टिंग स्पीशीज से हम लोग मैच करके देखते हैं। अगर डीएनए मैच हो गया तो हम बोलेंगे कि अरे ये तो पुराना ही वाला है। तूने कुछ डिस्कवरी नहीं की। बट अगर मैच नहीं हुआ तो हम कह सकते हैं कि नया स्पीशीज ढूंढा गया है और ऐसे ही नए-नए स्पीशीज ढूंढ के उनका डीएनए बारकोडिंग कर दिया जाता है। अब तुम्हें बताओ अगर फॉर एग्जांपल इतना सारा भीड़ है डीमार्ट में और ऐसा बारकोडिंग नहीं किया होता तो उन लोग को प्राइस कैसे समझता इसलिए बारकोडिंग किया जाता है सो दैट इजीली प्राइस समझ जाए सारे फीचर्स समझ जाए। तो एग्जैक्टली वही सेम मेथड हम लोग हमारे लिविंग ऑर्गेनिज्म्स को आइडेंटिफाई करने के लिए

19:59 समझते हैं। अब एप्लीकेशन क्या है? क्या फायदा है इसका? सबसे पहली चीज एंडेंजर्ड स्पीशीज मतलब जो स्पीशीज खत्म होने वाले हैं उन स्पीशीज को प्रोटेक्ट करने के लिए यूज होता है। अब मेरे पास अगर ऑलरेडी डीएनए है तो फिर मेरे पास चांस है कि मैं उस डीएनए के थ्रू उस ऑर्गेनिज्म को डेवलप कर पाऊं। तो इसलिए डीएनए बारकोडिंग करना जरूरी है। दूसरी चीज नई स्पीशीज आइडेंटिफाई कर लेते हैं। अब मेरे पास अगर ओल्ड डीएनए का बारकोड प्रेजेंट होगा तभी ना मैं उसको मैच कर पाऊंगी मेरे न्यू वाले के साथ। तभी ना मैं बता पाऊंगी कि ये न्यू स्पीशीज है। इसलिए डीएनए बारकोडिंग करना जरूरी है। दूसरी बात हम फाइलोजेनेटिक रिलेशनशिप पता कर सकते हैं कि इसमें और इसके पूर्वज में क्या सिमिलरिटी है क्योंकि हमारे पास दोनों का डीएनए बारकोड

20:45 प्रेजेंट है। कुछ बेसिक सा डिफरेंस आएगा हम समझ लेंगे। अच्छा बेसिक म्यूटेशन है ये। ठीक है? दूसरी बात पेस्ट कंट्रोल करने में भी हेल्प होता है एग्रीकल्चर में। अब देखिए आपको पता है कि जो भी अपना फार्मिंग का सीन है वहां पे कीड़े-मकोड़े लगना तो बहुत नॉर्मल बात है। बट अगर उसी कीड़े-मकोड़े को मैं कोई दवाई से पेस्टिसाइड से मारने की कोशिश करूं तो वो कीड़े-मकोड़े अगर मर सकते हैं मेरे प्लांट को भी तो इफेक्ट होगा। तो क्यों ना मैं उन लोगों का डीएनए बारकोडिंग करके उन लोगों का अंदर से सारी चीजें समझ लूं कि इनको कौन से केमिकल्स नहीं चलेंगे। अच्छा तुमको ये केमिकल नहीं चलेगा तो मैं उससे अपोजिट वाला केमिकल यूज करके पेस्टिसाइड बनाऊंगा। जैसे कि हम लोग अभी मोटिन वगैरह जलाते हैं तो अपन लोग थोड़ी ना मरते हैं बट मच्छर तो मर जाते हैं। तो वो क्यों? क्योंकि उनको

21:32 पता है कि वो चीज हमारे लिए हार्मफुल नहीं है। सिमिलर चीज करने के लिए भी डीएनए बारकोडिंग यूज़ किया जाता है। दूसरी बात डिजीज वेक्टर समझने के लिए। मतलब जो डिजीज होता है वो डायरेक्टली बॉडी में तो आता नहीं है। वो किसी ना किसी जरिए से आता है। वो जो जरिया होता है वो जो व्हीकल होता है उसको वेक्टर कहते हैं। तो वो आइडेंटिफाई करने के लिए भी डीएनए बारकोडिंग का यूज़ होता है। बेटा एप्लीकेशन इंपॉर्टेंट है। एग्जाम में आ चुका है। अब आइडेंटिफाई करना दूसरी बात मेडिसिनल प्लांट जब तक मुझे पता ही नहीं है इसका डीएनए स्ट्रक्चर कैसा है। मैं कैरेक्टरिस्टिक कैसे पता कर पाऊंगी कि इसका कोई मेडिसिनल फीचर है या मेडिसिनल फंक्शन है। नहीं पता कर पाऊंगी। है ना? दूसरी बात नेचुरल प्रोडक्ट है या नहीं वो भी मैं ऑथेंटिकेट कर सकती हूं। मतलब मैं एक तरीके से प्रूफ पता कर सकती हूं क्योंकि मेरे पास डीएनए का बारकोडिंग ऑलरेडी है। ठीक है? अब आगे बढ़ते हैं।

22:18 समझते हैं यूनिट ऑफ क्लासिफिकेशन किस तरीके से हम लोग क्लासिफाई करने वाले हैं। मतलब कि आज मैं तुम लोगों को एक कड़क निमोनिक सिखाने वाली हूं। जैसे ही यूनिट ऑफ क्लासिफिकेशन आया। अब देखो तुमने देखा होगा स्कूल में सबसे ऊपर ट्रस्टी होते हैं। फिर उसके बाद में अंदर में जो प्रिंसिपल हो गया फिर उसके बाद में वाइस प्रिंसिपल हेड ऑफ द डिपार्टमेंट फिर उसके बाद में टीचर स्टूडेंट्स ऐसे सारे लेवल होते हैं। वैसे ही यहां पे भी लेवल प्रेजेंट होता है यूनिट ऑफ क्लासिफिकेशन में। मतलब किस लेवल वाइज हम लोग कंसीडर करने वाले हैं। ठीक है? तो इसको याद रखने के लिए एक निमोनिक है। मेरे साथ सब रिपीट करेंगे। किंग फिलिप केम ओवर फॉर गुड सूप। मैं क्या बोली? किंग फिलिप केम ओवर फॉर गुड सूप। मैं क्या बोली? किंग फिलिप केम

23:06 ओवर फॉर गुड सूप। किंग के के से किंगडम आएगा। फिर फिलिप के पी से फाइलम आएगा। केम के सी से क्लास आएगा। ओवर के ओ से ऑर्डर आएगा। फिर फॉर के एफ से फैमिली आएगा। वुड के जी से जीनस आएगा। सूप के एस से स्पीशीज आएगा। चलो एक बार सब साथ में रिवाइज करेंगे। यूनिट ऑफ क्लासिफिकेशन का निमोनिक है किंग फिलिप केम ओवर फॉर गुड सूप किंग के के से किंगडम फिलिप के पी से फाइलम केम के सी से क्लास ओवर के ओ से ऑर्डर जी फिर गुड के जी से फ गुड के जी से जीनस और सूप के एस से स्पीशीज एक बार फिर रिवाइज करेंगे किंग फिलिप केम ओवर फॉर गुड सूप

23:51 किंग के के से किंगडम सबसे ऊपर का क्लासिफिकेशन जैसे जैसे ट्रस्टी हो गए स्कूल के। फिर फिलिप के पी से फाइलम। अब प्रिंसिपल आ गया। फिर केम के सी से क्लास। जैसे वाइस प्रिंसिपल आ गए। फिर ओवर के ओ से ऑर्डर। अब हेड ऑफ द डिपार्टमेंट आ गए। फिजिक्स का ये हेड ऑफ द डिपार्टमेंट बायो का ये हेड ऑफ द डिपार्टमेंट। उसके बाद में फॉर के एफ से फैमिली। अब वो डिपार्टमेंट के अंदर में टीचर्स आ गए। फिर गुड के जी से जीनस। जीनस मतलब अब यहां पे प्यून वगैरह आ गए। और एस के एस से सूप के एस से स्पीशीज यानी कि स्टूडेंट्स वगैरह आ गए। तो ये क्लासिफिकेशन होता है। अब जो स्पीशीज होते हैं ना वो सब सेम होते हैं। एग्जैक्ट सिमिलरिटी होती है उनमें। इसलिए वो लोग सेम ग्रुप के होते हैं। फिर वही

24:37 सेम स्पीशीज जो है उसके अंदर एक जीनस के अंदर में मल्टीपल स्पीशीज एकिस्ट करते हैं। फिर उसके बाद में एक फैमिली के अंदर में बहुत सारे जीनस एक्सिस्ट करते हैं। एक ऑर्डर के अंदर में बहुत सारे फैमिलियां एकिस्ट करती है। एक क्लास के अंदर में बहुत सारे ऑर्डर एक्सिस्ट करते हैं और एक फाइलम के अंदर में बहुत सारे फाइलम एक्सिस्ट करते हैं। और किंगडम जो है उसके अंदर में मल्टीपल किंगडम है जैसे किंगडम एनिमेलिया, किंगडम फंगाई। तो ऐसे बहुत सारे किंगडम्स आ गए। तो इस तरीके से क्लासिफिकेशन किया जाता है। अब बात आई नोमेनक्लेचर की। अब बच्चा हो ही गया है तो नाम भी रख देते हैं उसका। तो अब देखो मैं अब मैंगो को आंबा भी बोल रही हूं। मैं आम भी बोल रही हूं। तो साउथ इंडियन आदमी कुछ और बोल रहा होगा। अब हर जगह के देश के लोग

25:22 अलग-अलग चीज उसको बोलेंगे। तो कंफ्यूजन क्रिएट होगा। ये तो सिर्फ एक आम की बात हो गई। ऐसे ही बहुत सारे लिविंग ऑर्गेनिज्म्स हैं। तो सबके नाम में कंफ्यूजन ना हो। तो जैसे आप लोग फिजिक्स केमिस्ट्री में एक स्टैंडर्ड यूनिट करते हैं ना एक एसआई यूनिट फॉलो करते हैं वैसे ही बायो में एसआई यूनिट को बायनॉमियल नोमेनक्लेचर कहा जाता है। बायनॉमियल का मतलब अगर मैं बताऊं तो यहां पे नामकरण तो किया जाएगा बट दो डिवीजन में। अब जैसे कि मेरा नाम है राधा चौधरी। मेरा नाम क्या है बेटा? राधा चौधरी। तो यहां पे राधा जो है ये मेरा नेम हो गया। और बेटा चौधरी जो है यह मेरा सरनेम हो गया है ना ईजीपीजी वैसे ही हमको इनका नाम और सरनेम देना पड़ता है। तो इनके केस में

26:09 उल्टा होता है। इनके केस में क्या होता है बेटा? उल्टा होता है। अब मान लो अब मान लो कि मैंने बात की मैंगो की। मान लो मैंने बात की मैंगो की। ठीक है? तो मैंगो को बाइनमियल नोमेनक्लेचर के हिसाब से कैसा लिखा जाएगा? मैंगनी फेरा। मैगनी पैरा स्मॉल आई में लिखेंगे हम इंडिका। स्मॉल आई में क्या लिखेंगे? इंडिका। अब ध्यान से देखो। यहां पे फर्स्ट रूल है कि फर्स्ट वर्ड हमेशा कैपिटल होना चाहिए। फर्स्ट वर्ड क्या होना चाहिए? हमेशा कैपिटल। किसका फर्स्ट वर्ड कैपिटल होना चाहिए? जीनस का। जीनस का फर्स्ट वर्ड कैपिटल। फिर स्पीशीज का फर्स्ट वर्ड स्मॉल। स्पीशीज का फर्स्ट वर्ड क्या होगा? स्मॉल होगा।

26:54 इससे हमें यह समझा कि मैग्नीिफेरा क्या है? मैग्नीिफेरा इज जीनस और इंडिका क्या है? तो इंडिका इज स्पीशीज। इंडिका क्या है? स्पीशीज है। तो जैसे नेम और सरनेम अपने में होता है वैसे इन लोगों में आपको जीनस और स्पीशीज लिखना पड़ता है। अब आप कंप्यूटर में लिख रहे हैं तो आप इसको इटैलिक फॉन्ट में लिखिएगा। आप कंप्यूटर में लिखेंगे तो आप इसको इटैलिक फॉन्ट में लिखेंगे। बट अगर कंप्यूटर में आप नहीं लिख रहे हैं तो आपको इसको सेपरेटली अंडरलाइन करना पड़ेगा। बस इसी तीन रूल के हिसाब से ये चलता है। रूल रिपीट करूंगी। आपको [नाक से की जाने वाली आवाज़] मैग्नीिफेरा इंडिका लिख दिया तो पहला नाम होता है जीनस का। दूसरा नाम होता है स्पीशीज का। जीनस का फर्स्ट वर्ड कैपिटल स्पीशीज का फर्स्ट वर्ड जो है वो स्मॉल होगा। ठीक है? इसके बाद में अगर आप कंप्यूटर में लिख रहे हैं

27:40 तो इटैलिक फों्ट कंप्यूटर में नहीं लिख रहे हैं आपको स्ट्रेट स्ट्रेट यहां पे लिखना है तो आपको अंडरलाइन करना पड़ेगा। ठीक है? तो ये रहा आपका रूल बेटा बायनॉमियल नोमेनक्लेचर हो चुका है अपना। अब समझते हैं फाइव किंगडम क्लासिफिकेशन। मतलब अब मैंने जितने लिविंग ऑर्गेनिज्म में मुझे बुद्धि आ चुकी है। मैं इनको पांच किंगडम में बांट दूंगी। मैं पांच राज्य में बांट दूंगी। ठीक है? तो मेरे सर के टेबल बनाने के लिए रेडी हो जाओ। मेरे को एक से पानी पी लेने दो। बढ़िया टेबल बनाएंगे हम लोग। मजा ही आ जाएगा। तुम लोग तब तक इसका पहले स्क्रीनशॉट ले लो फटाफट से। चलिए अब समझते हैं बेटा जी फाइव किंगडम

28:27 क्लासिफिकेशन मतलब कि संसार में जितने लिविंग ऑर्गेनिज्म है उनको पांच राज्यों में बांटने वाली हूं मैं तो ये पांच राज्यों का नाम याद करने के लिए एक निमोनिक हो जाए निमोनिक बोलेंगे सब मेरे साथ मध्य प्रदेश में फर्जी पैसा आया क्या बोला क्या बोला क्या बोला मध्य प्रदेश में फर्जी पैसा आया। क्या बोला? मध्य प्रदेश में फर्जी पैसा आया। मध्य के एम से मोनेरा, प्रदेश के पी से प्रोटेस्टा, फर्जी के एफ से पंगाय, पैसा के पी से प्लांटे और आया के ए से एनिमेलिया। फिर से रिपीट करेंगे। पांच राज्यों के क्या निमोनिक? मध्य प्रदेश में फर्जी पैसा आया। मध्य के एम से मोनेरा। प्रदेश के पी से

29:13 प्रोटेस्टा। फर्जी के एफ से फंगाई पैसा के पी से प्लांट आया के ए से एनिमेलिया अब बेटा कैरेक्टर्स लिखेंगे ठीक है ये टेबल एक बार जिसको याद हो गया ना फिर ये सारे किंगडम याद करना एकदम चिंदी काम है बच्चों का काम हो जाएगा अब कैरेक्टर्स में है सेल टाइप इनके कैसे है सेल वॉल इनका कैसा है न्यूक्लियर मेंब्रेन इनका कैसा है बॉडी का ऑर्गेनाइजेशन कैसा है और खाने का मोड ऑफ न्यूट्रिशन कैसा है बट ये कैरेक्टर्स इतने सारे अरे याद कैसे करेंगे? तो उसके लिए भी तुम्हारे मैम के पास निमोनिक है। अरे भैया हमारे साथ बोलो। चंदू चैंपियन ने बैंक नहीं लूटा। क्या कहा? कहा क्या कहा? क्या कहा? चंदू चैंपियन ने बैंक नहीं लूटा। क्या बोला मैंने? चंदू चैंपियन ने बैंक

30:01 नहीं लूटा। चंदू के सी से सेल टाइप। चैंपियन के सी से सेल वॉल। नहीं के एन से न्यूक्लियर मेंब्रेन। बैंक के बी से बॉडी ऑर्गेनाइजेशन। फिर उसके बाद में न्यूट्रिशन समझे फिर से रिपीट करेंगे चंदू चैंपियन ने बैंक नहीं लूटा लूटा मैंने एक्स्ट्रा वर्ड डाल दिया है चंदू के सी से सेल टाइप चैंपियन के सी से सेल वॉल ने के एन से न्यूक्लियर मेंब्रेन बैंक के बी से बॉडी ऑर्गेनाइजेशन और नहीं के एन से मोड ऑफ न्यूट्रिशन अब मेरे साथ सब रिपीट करेंगे मैंने क्या कहा संसार के लिविंग ऑर्गेनिज्म को पांच राज्यों में बांटा जाए पांच राज्यों को याद करने के लिए हम क्या बोलेंगे? मध्य प्रदेश में फर्जी पैसा आ। अब मेरे साथ रिपीट करो। मध्य के एम से

30:48 मोनेरा प्रदेश के पी से प्रॉटिस्टा। फर्जी के एफ से फंगाए। पैसा के पी से प्लांट। आया के ए से एनिमेलिया। आया के ए से एनिमेलिया। कैरेक्टर्स को याद कैसे रखेंगे? चंदू चैंपियन ने बैंक नहीं लूटा। चंदू चैंपियन ने बैंक नहीं लूटा। चंदू के सी से सेल टाई। चैंपियन के सी से सेल वॉर। ने के एन से न्यूक्लियर मेंब्रेन। बैंक के बी से बॉडी ऑर्गेनाइजेशन। नहीं के एन से बोर्ड ऑफ न्यूट्रिशन। अब चलो भैया एक-एक भरा जाए। अब देखो बेटा मोनेरा का सेल टाइप जो है वो प्रोकैरियोटिक है। अब बेटा अगर हम प्रोकैरियोटिक के बारे में बात करेंगे तो प्रोकैरियोटिक का मतलब होता है भैया

31:34 प्रीमेच्योर टाइप का न्यूक्लियस। मतलब ये इवॉल्व ही नहीं हुआ है न्यूक्लियस इसका। कैरियन का मतलब तो अब तक समझ ही चुके होंगे न्यूक्लियस है। अब आपको एक चीज याद करवाऊंगी कि मोनेरा छोड़ के सों का सेल टाइप यूकैरियोटिक है। तो एक स्टेटमेंट लिखेंगे मेरे साथ। एक्सेप्ट मोनेरा एवरीवन सेल टाइप इज़ यूकैरियोटिक। अब इसको इजी वे में बोलूं। मोनेरा इज़ प्रोकैरियोटिक। अदर्स आर यूकैरियोटिक। मोनेरा इज़ प्रोकैरियोटिक। अदर्स आर यूकैरियोटिक। रिपीट मोनेरा इज़ प्रोकैरियोटिक। अदर्स आर यूकैरियोटिक। तो मोनेरा जो है वो प्रोकैरियोटिक है और बाकी सारे क्या है? यूकैरियोटिक। अब तुम दिमाग लगाओ सेल वॉल के बारे में बात होगा। जो मोनेरा है उसका

32:19 सेल वॉल नॉन सेलुलोजिक होता है। मतलब यह सेललोस से नहीं बना हुआ है। प्रॉटिस्टा में किसी किसी में ही सेल वॉल प्रेजेंट होता है। फंगाई का सेल वॉल हमने पहले ही देख लिया था थ्री डोमेवस ऑफ लाइफ में कि काइटिन से बना हुआ है और प्लांटे का जो सेल वॉल है बेटा वो सेलुलोस से बना है और एनिमेलिया के पास तो होता ही नहीं है। तो अब तक हमने क्या-क्या देखा कि मोनेरा का सेल टाइप जो है वो प्रोकैरियोटिक या अदर्स आर यूकैरियोटिक। मोनेरा का सेल वॉल नॉन सेलुलोजिक होता है। प्रोटिस्टा का सेल वॉल किसीकिसी में प्रेजेंट होता है। फंगाई का सेल वॉल काइटिन से बना है। प्लांटे का सेल वॉल सेलुलोज़ से बना है और एनिमल का सेल वॉल एब्सेंट होता है क्योंकि उनको जरूरत ही नहीं है। अब नेक्स्ट है न्यूक्लियर मेंब्रेन। अब भैया जिसका न्यूक्लियस ही डेवलप नहीं है उसके पास न्यूक्लियर मेंब्रेन होगा। नहीं होगा। तो एक्सेप्ट

33:06 मोनेरा एवरीवन हैज़ न्यूक्लियर मेंब्रेन। क्या बोला? एक्सेप्ट मोनेरा एवरीवन हैज़ न्यूक्लियर मेंब्रेन। दूसरी बात करेंगे। दूसरी बात बॉडी ऑर्गेनाइजेशन की बात करेंगे। तो अगर मैं बॉडी ऑर्गेनाइजेशन की बात करूं तो मोनेरा इतना छोटा है। उसके अंदर न्यूक्लियस डेवलप न्यूक्लियर मेंब्रेन है। तो कहां से सेल के ऊपर का स्ट्रक्चर बना पाएगा? तो इसलिए हमको सिर्फ यहां पे सेल्यूलर स्ट्रक्चर दिखेगा। प्रॉटिस्टा में भी सेलर स्ट्रक्चर दिखेगा। फंगाई में मल्टीसेल्यूलर लूज़ टिश्यूज़ देखेंगे। पूरा टिश्यू नहीं आया है। प्लांट में टिश्यू ऑर्गन लेवल तक दिखेगा और एनिमेलिया में तो तुमको ऑर्गन सिस्टम तक दिखेगा। अब न्यूट्रिशन का बात करूं तो मोनेरा ऑटोट्रफिक भी है, हेटेरोट्रफिक भी है। खुद का खाना खुद भी बना लेता है कभी-कभी और कभी-कभी डिपेंडेंट भी रहता है।

33:52 अगर आप बेटा प्रॉटिस्टा का बात करेंगे तो वो भी ऑटोट्रफिक है और हेटेरोट्रफिक है। अब बेटा फंगाई का बात करेंगे तो ये सेप्रोफाइटिक है। यानी कि ये सड़ी गली चीजों पे सर्वाइव करता है। अगर आप प्लांटे का बात करेंगे तो यह ऑटोट्रफिक है और हेटेरोट्रफिक है। अब हेटेरोट्रफिक कब होगा? जैसे कि आपने पिचर प्लांट के बारे में सुना होगा। तो यह प्लांट क्या होता है? ये इंसेक्ट वगैरह के ऊपर डिपेंडेंट होता है। तो खुद का खाना तो खुद नहीं बनाता। तो यस प्लांट्स भी जो है वो कभी-कभी हेटेरोट्रफिक होते हैं और एनिमल्स जो है वो हेटेरोट्रोफिक या तो होलोजोइक ही होते हैं। अब एक बार पूरा चार्ट रिवाइज करेंगे। राज्यों को याद रखने के लिए क्या बोला हमने? मध्य प्रदेश में फर्जी पैसा आया। मध्य के एम से मोनेरा, प्रदेश के पी से प्रोटेस्टा, फर्जी के एफ से फंगा, पैसा के पी से प्लांट, आया के ए से एनिमेलिया।

34:39 कैरेक्टर्स को याद रखने के लिए क्या कहा था हम लोगों ने? चंदू चैंपियन ने बैंक नहीं लूटा। चंदू के सी से सेल टाइ चैंपियन के सी से सेल व ने के एन से न्यूक्लियर मेंब्रेन बैंक के बी से बॉडी ऑर्गेनाइजेशन नहीं से आएगा न्यूट्रिशन। मोड ऑफ़ न्यूट्रिशन। अब नाउ अगर सेल टाइप का बात करूं तो एक स्टेटमेंट याद करवाई थी मैं तुम लोगों को। एक्सेप्ट मोनेरा एवरीवन हैज़ यूकैरियोटिक सेल टाइप। सबके पास क्या है? यूकैरियोटिक सेल टाइप है। सेल वॉल का बात करूं तो मोनेरा का सेल वॉल नॉन सेलुलोज़िक है। प्रॉटिस्टा का सेल वॉल किसीकिसी में ही प्रेजेंट है। फंगाई का सेल वॉल काइटिन से बना है। प्लांट का सेल वॉल सेलुलोज़ से बना है। एनिमल के पास सेल वॉल होता ही नहीं है। अब न्यूक्लियर मेंब्रेन का बात करूं तो सेम सेल टाइप जैसा एक्सेप्ट मोनेरा एवरीवन सेल वॉल इज़ प्रेजेंट। बाकी

35:27 सबके सेल वॉल जो है वो प्रेजेंट है। सिर्फ मोनेरा के ही पास नहीं है। बॉडी ऑर्गेनाइजेशन का बात करूं तो मोनेरा और प्रोटॉिस्टा सेल्यूलर लेवल पे है। आप लोगों का फंगाई का बात करूं तो लूज टिश्यूज़ आ चुका है। प्लांट में आप लोगों को ऑर्गन तक दिख रहा है और एनिमेलिया में आपको ऑर्गन सिस्टम तक दिख रहा है। न्यूट्रिशन का बात करूं तो मोनेरा ऑटोट्रफिक न्यूट्रिशन भी देता है। हेटेरोट्रफिक भी करता है। प्रोटेस्टा भी ऑटोट्रफिक भी है। हेटेरोट्रफिक भी है। फंगाई सेप्रोफाइटिक है। बट प्लांट भी ऑटोट्रफिक हेटेरोट्रफिक देता है। और एनिमल प्योरली हेटेरोट्रफिक या तो होलोजोइक न्यूट्रिशन प्रोवाइड करता है। वह खुद का खाना खुद नहीं बना सकता। अब एक-एक करके सारे किंगडम को बढ़िया तरीके से समझते हैं। पहला किंगडम आपके स्क्रीन पे है। दैट इज किंगडम मोनेरा मध्य। तो अब यहां पे आपको हमने अगर वो चार्ट पढ़ा हुआ है तो

36:12 एक-एक करके आपको आएगा। अब किंगडम मोनेरा क्या है? प्रोकैरियोटिक है। मतलब ये मल्टीसेल्यूलर तो होगा नहीं। तो ये कैसा है बेटा? यूनिसेल्यूलर है। मतलब कि ये सिंगल सेल से बना है तुम्हारे जैसा। और इसके पास में कोई भी न्यू न्यूक्लियस है ही नहीं। इसके पास में नो ट्रू न्यूक्लियस इज देयर। क्योंकि बेटा ये किस चीज से बना हुआ है? ये प्रोकैरियोटिक सेल से बना है। इसलिए इसके पास में कोई ट्रू न्यूक्लियस नहीं है। अब न्यूक्लियस न्यूक्लियस नहीं है तो इसके पास में सेल ऑर्गेनल्स भी नहीं होने वाले हैं ढंग के। मतलब सेल के ऑर्गन्स भी नहीं है ढंग के। सेल वॉल जो है वो ज्यादातर पेप्टिडोग्लाइकन से बना हुआ है। ठीक है? नॉन सेलुलोजिक है बेसिकली ये। और यहां पे किस तरीके से रिप्रोडक्शन किया जाता है? बाइनरी फिश मतलब एक ऑर्गेनिज्म है उनको डिवाइड किया जाएगा और फिर वो दो ऑर्गेनिज्म बन जाएंगे। मतलब एक ऑर्गेनिज्म

36:59 दो पार्ट में डिवाइड होने वाला है। और आप लोगों ने चार्ट में देखा होगा मोड ऑफ न्यूट्रिशन में ऑटोट्रफिक भी आया था। हेटेरोट्रफिक भी आया था। इसलिए यहां पे एक स्टेटमेंट लिखा है। इट पोज़ेसेस वेरियस मोड ऑफ न्यूट्रिशन। बहुत अलग-अलग टाइप के न्यूट्रिशन दिखाता है। अब इसके अंदर में तीन और लोग हैं। तीन और लोग हैं। इस राज्य में तीन और लोग हैं। एक है आरके बैक्टीरिया, एक है यू बैक्टीरिया और एक है आप लोगों का माइकोप्लाज्मा। ठीक है? क्या बोला मैंने? आरकेबक्टीरिया, यू बैक्टीरिया एंड माइकोप्लाज्मा। इसको याद रखने के लिए आपको ये चीज याद रखनी है। एम क्या याद रखोगे? एम यानी कि लक्ष्य। बस स्पेलिंग में ए आई एम एम नहीं आएगा। ए इ एम एम आएगा। तो कैसे याद रखना है? एम आरके बैक्टीरिया यू बैक्टीरिया माइकोप्लाज्मा

37:44 आरके बैक्टीरिया के बारे में आपको पता ही है। ए से आर के बैक्टीरिया ए से एंशिएंट आर के बैक्टीरिया हमने डोमेनस ऑफ लाइफ में ही देखा था। एक्सट्रीमोफाइल्स है। मतलब इनको तुम कैसे भी टेंपरेचर में डाल दो, कैसे भी कंडीशन में डाल दो। दे विल सर्वाइव। एग्जांपल हैलोफाइल्स याद रख लो। मिथेनोजेंस याद रख लो। मेथेनोजेंस काऊ के गट में प्रेजेंट होते हैं। मतलब वहां भी सर्वाइव कर लेते हैं। हैलोफाइल्स मतलब जिनको सॉल्टी कंडीशन भी चल जाती है। फिर एम के ई से आएगा बेटा यू बैक्टीरिया। यू यू का मतलब ही होता है बेटा ट्रू बैक्टीरिया। तो ट्रू बैक्टीरिया है। क्यों ट्रू बैक्टीरिया? क्योंकि इनका सेल वॉल जो है वो बहुत कड़क है। बहुत रिजिड है। अब याद रखना यू बैक्टीरिया के ई से ही इसका एग्जांपल भी आएगा ई कोलाय। अब ई कोलाय जो है यह सबसे ज्यादा आपको दिखता होगा बैक्टीरिया में इसका नाम। दूसरा एग्जांपल

38:30 है इसका साइनोबक्टीरिया और यह फोटोसिंथेटिक होता है क्योंकि ये फोटोसिंथेसिस करके खुद का खाना खुद भी बना सकता है। माइकोप्लाज्मा से याद रखना है माय कोट इज मिसिंग। क्या कहा मैंने? माय कोट इज मिसिंग। मतलब कि इसका कोट मिसिंग है। कोट मतलब सेल वॉल इसके पास नहीं है। मतलब मोनेरा में सबके पास सेल वॉल है। बट माइकोप्लाज्मा बोलता है माय कोट इज मिसिंग। मेरे पास तो कोटिच नहीं है। तो ये स्मालेस्ट लिविंग सेल है और इसके पास कोट नहीं है। अब ये बेटा पैथोजेनिक होता है। पैथोजेनिक मतलब बैड बॉय ये डिजीज कॉज कर सकता है। तो एग्जांपल निमोनिया आ जाएगा। समझे पूरी बात? मोनेरा की बात समझे? कैसे यूनिसेल्यूलर है वो। कैसे उसके पास में न्यूक्लियस नहीं है अच्छा वाला। ना सेल ऑर्गेनल्स है। सेल वॉल जो है वो ज्यादातर पेप्टिडोग्लाइकन से बना हुआ है और नॉन

39:15 सेलुलोज एक सेल वॉल है। बाइनरी फिशन दिखाता है। मतलब एक ऑर्गेनिज्म दो हिस्सों में बंट जाता है और बहुत तरह के न्यूट्रिशन दिखाता है। यानी कि ऑटोट्रफिक और हेटेरोट्रफिक मोड ऑफ न्यूट्रिशन। याद कैसे करेंगे इसके अंदर के ग्रुप के लोग? तो एम लक्ष्य से ए से आर के बैक्टीरिया, ई से यू बैक्टीरिया और एम से माइकोप्लाज्मा। आर के के ए से एन शंट बहुत पुराने जमाने के बैक्टीरिया है। एक्सट्रीमोफाइल्स है। आपको ये काऊ के गट में मिलेंगे। यानी कि मिथनोजेस और आपको यह एक्सट्रीम सॉल्टी कंडीशन में भी मिलेंगे जिसको हम लोग हैलोफाइल्स कहते हैं। यू बैक्टीरिया का बात करूं तो यू मतलब ट्रू बैक्टीरिया। ये ट्रू बैक्टीरिया है। सच्चे बैक्टीरिया क्योंकि इनका सेल वॉल जो है बहुत कड़क है। बहुत रिचिड है। एग्जांपल अगर आप इसका देखेंगे तो इ कोलाई हो जाएगा जो कि गट में प्रेजेंट है। इसका दूसरा एग्जांपल साइनोबक्टीरिया जो कि फोटोसिंथेटिक है। खुद का खाना खुद भी बना सकता है। तीसरा है

40:03 माइकोप्लाज्मा। सबके पास सेल वॉल है। यह भैया बोलता है माय कोट इज मिसिंग। मेरे पास तो कोट ही नहीं है। मतलब मेरा सेल वॉल ही नहीं है। स्मालेस्ट लिविंग सेल है ये। और ये बैड बॉय है। क्योंकि ये पैथोजेनिक है। एग्जांपल इसका निमोनिया। ऐसे पूरा मुंह जुबानी याद होना चाहिए। बार-बार रिवाइज करोगे तो याद हो जाएगा। अब देखो माइकोप्लाज्मा के बाद में अब हम आगे बढ़ते हैं। तो मध्य प्रदेश प्रदेश के पीछे आएगा प्रॉटिस्टा। किंगडम प्रॉटिस्टा। अब जैसे तुम्हारे बैच में तुम्हारे क्लास में कोई ना कोई ऐसा लड़का ऐसा लड़की जरूर होंगे जो तुम्हारा ही एग्जैक्ट कॉपी करते होंगे। यह प्रोटेस्टा भी कॉपीकैट है। तुम किसी को कॉपीकैट कब कहते हो? तभी कहते हो ना जब वो तुम्हारे जैसी हरकतें करें। सेम टू सेम तुम्हारे जैसा कपड़ा पहन ले, घड़ी पहन ले, वॉच लगा ले, परफ्यूम लगा ले। सब कुछ सेम टू सेम तुम्हारे जैसा करे। उसको हम लोग

40:48 कहते हैं कॉपीकैट। ये भी कॉपीकैट है। क्योंकि ये पता है क्या करता है? ये प्रोटिस्टा के ये प्लांट की भी कॉपी करता है। एनिमल की भी कॉपी करता है। फंगाई की भी कॉपी करता है। सबकी कॉपी करने वाला है। बेटा बट ये है तो यूनिसेल्यूलर सिंगल सेल से बना है। बट ये यूकैरियोटिक है। क्योंकि हमने क्या बोला था? मोनेरा को छोड़ के सब लोग यूकैरियोटिक है। यूकैरियोटिक है मतलब ट्रू न्यूक्लियस। यू मतलब ट्रू होता है। और ज्यादातर ये एक्वेटिक होते हैं। एक्वेटिक होते हैं। मतलब अंदर रहते हैं पानी के अंदर क्योंकि अब तक बाहर नहीं आ पाए हैं। अब प्लांट लाइक प्रोटिस्ट मतलब प्लांट की कॉपी करेगा। प्लांट की कॉपी करना मतलब खुद का खाना खुद बनाना। फोटोसिंथेटिक है ये भैया। फोटोसिंथेटिक है मतलब एक्वेटिक लोगों के लिए यह एक तरीके से फूड चेन में हेल्प करते हैं। ऑटोट्रोप्स बनके प्रोड्यूसर्स बनके हेल्प

41:34 करते हैं। अब प्लांट के पास सेल वॉल होगा तो यह भी तो कॉपी करेगा ना। ये भी सेल वॉल रहेगा। इसके पास भी सेल वॉल रहेगा। एग्जांपल इसका डीनोफ्लैचुलेट्स भी आता है, डाई एटम्स भी आता है और युग्लेना भी आता है। युग्लेना जो होता है ये मिक्सोट्रफिक होता है। दोनों टाइप का मतलब कर लेता है। प्लांट भले ही है बट ऑटोट्रफिक हेटेरोट्रफिक दोनों मोड ऑफ़ न्यूट्रिशन फॉलो करता है। तो देखो प्लांट जैसी हरकतें करना मतलब प्लांट की कॉपी करना इसलिए इसको प्लांट लाइक प्रोटॉिस्ट कहते हैं। दूसरा हो गया एनिमल लाइक प्रोटॉिस्ट। अब एनिमल का क्या-क्या हरकत है? एक तो खुद का खाना खुद नहीं बना सकते। हेटेरोट्रोफिक है। ये लोग भी हेटेरोट्रोफिक है। प्लांट के पास में सेल वॉल नहीं एनिमल के पास में सेल वॉल नहीं होता। देखो इसके पास भी लैक ऑफ सेल वॉल है। मतलब इसके पास सेल वॉल नहीं है। हम मूव करके खाना खाते हैं। ये लोग भी मूव करता है खाना खाने के लिए। जैसे कि

42:19 अमीबा हो गया। अमीबा क्या करता है? अपने सूडोपोडिया से खाना इनफ कर लेता है। अपने सूडोपोडिया से खाना इनफ कर लेता है। पैरामोशियम जो है अपने छोटे-छोटे फिलामेंट सिलिया से खाना इंग्ल्फ कर लेता है। प्लाज्मोडियम जो है ये मलेरिया का पैरासाइट है। ये तो इस तरीके से दिखता है। ये तो खुद ही नॉन ये तो खुद ही मोटाइल है। कहीं भी मूव करके चला जाता है। तो एनिमल लाइक प्रोटिस्ट मतलब एनिमल जैसी हरकतें करना। फंगाई लाइक प्रोटिस्ट मतलब फंगाई जैसी हरकतें करना। अब फंगाई का मोड ऑफ़ न्यूट्रिशन क्या है? सैप्रोफाइटिंग यानी कि सड़ी गली चीजों पे सर्वाइव करना। ये भैया भी वैसे ही है। डीकंपोज कर रहे हैं। मतलब चीजों को सड़ा देना, चीजों को सड़ा के खुद सर्वाइव कर लेना और स्पोर्स भी बनाते हैं। ये बेस्ट एग्जांपल इसका हो गया स्लाइ मोल्ड्स। तो प्रोटिस्टा जो है ये एक तरीके से कॉपी कैट है। तीन लोगों की कॉपी करता है प्लांट की, एनिमल की, फंगाई की। उनकी

43:06 जैसे हरकतें। प्लांट की जैसी हरकतें मतलब फोटोसिंथेटिक करना। फोटोसिंथेटिक है ये। सेल वॉल है। इनके पास प्रोड्यूसर की तरह एक्ट करता है। एनिमल लाइक प्रोटीन हेटेरोट्रोफिक होते हैं। इनके पास सेल वॉल नहीं होता है। मूवमेंट दिखाते हैं खाना खाने के लिए। फंगाई की बात करूं तो सेप्रोफाइटिक बन जाता है। डीकंपोजर्स बन जाता है। स्पोर्स प्रोड्यूस करने लगते हैं। रिप्रोडक्शन स्पर्स के थ्रू करते हैं। तो एकदम कॉपी कर रहे हैं। फिर बात करेंगे हम लोग फंगाई के बारे में। फंगाई जो है भैया अभी-अभी हम देख क्या मैंने आपको बोला था मोनेरा को छोड़ के सबका सेल सबका सेल कैसा है? यूकैरियोटिक। तो बेटा ये यूकैरियोटिक है बट दो ही यूनिसेल्यूलर थे। बाकी सारे मल्टीसेल्यूलर। तो बेटा फंगाई भी मल्टीसेल्यूलर है। मोर देन वन सेल से बना हुआ है। भले गुच्छा ही क्यों ना हो सेल का। सिर्फ यीस्ट इसके अंदर एक्सेप्शन है। यीस्ट में भी कौन सा? तो सैक्रोमाइसिस सेरीबसी है जो कि बेकर्स

43:52 यीस्ट होता है। अब बेटा ये हेटेरोट्रोफ है। क्यों हेटेरोट्रफ है? क्योंकि खुद का खाना खुद नहीं बना सकते। इनको वेट करना पड़ेगा किसी चीज को सड़ाने के लिए। तभी ये लोग सर्वाइव कर पाएंगे। साथ में इनका सेल वॉल किससे बना हुआ है बेटा? काइटिन से बना हुआ है। अभी-अभी हमने रिवाइज किया था। तो काइटिन से बना है। सेप्रोफाइटिक है और पैरासिटिक न्यूट्रिशन में बिलीव करता है। पैरासिटिक मतलब दूसरे के खैरात के ऊपर जिंदा रहना। दूसरे के ऊपर जिंदा रहना। कोई ब्रेड, कोई जानवर अगर सड़ेगा नहीं तब तक ये सर्वाइव ही नहीं कर सकते। रिप्रोडक्शन कैसे करेंगे? स्पोर्स के थ्रू। अब देखो स्पोर्स के थ्रू रिप्रोडक्शन कर रहे हैं। इसलिए प्रोटिस्ट जो था फंगाई लाइक प्रोटिस्ट। उसने भी रिप्रोडक्शन कैसे दिखाया बेटा? स्पोर्स के थ्रू दिखाया। अब ये लोग अ क्लोरोफिलस होते हैं। अ क्लोरोफिलस मतलब इनके पास क्लोरोफिल पिगमेंट नहीं है। क्लोरोफिल पिगमेंट नहीं है। मतलब ये लोग फोटोसिंथेसिस कर सकते हैं

44:38 क्या? नहीं कर सकते। अब फंगाई के अंदर भी थोड़े काम करने वाले वर्कर लोग हैं। कौन-कौन है वर्कर लोग? मैं बताती हूं। तो देखो प्लीज ऑलवेज बेक डोनट। ऐसे याद रखना है। कैसे याद रखना है? प्लीज ऑलवेज बेक डोनट्स। तो प्लीज के पी से फाइकोमाइसिटेज। ऑलवेज के ए से एस्कोमाइसिटेज। फिर बेक के बी से बेसिडियोमाइसिटेज। और डोनट्स के डी से ड्यूटेरोमाइसिटेज। अब आप बोलेंगे भाई मैडम ये तो बिल्कुल याद नहीं हो रहा है। तो एक चीज आपको याद रखना है सब में ये जो माइसिटेस है ना ये वर्ड कॉमन है। अब आप इसको याद कैसे रखोगे? माय सी टेस्ट। ऐसे याद रखो। ठीक है? कैसे याद रखोगे? माइसेस। अब देखो मैंने क्या बोला? प्लीज ऑलवेज बेक डोनट्स। सो इसी में तो

45:25 लिखना है पाइको माइसिटेज ठीक है फिर देखो एस्को माइसिटेज बेसिडियो माइसिटेज फिर आ जाएगा ड्यूटेरो माइसिटेज तो माइसिटेज याद हो गया तो ये चारों याद रखना बहुत इजी हो जाते हैं। ठीक है? तो इस तरीके से याद करना है। अब फाइकोमाइसिटेस का बात करूं तो इसके फीचर्स याद रखने के लिए मेरे पास एक ट्रिक है। क्या ट्रिक है पता है क्या? एएससीआई क्या ट्रिक है? ए एस सीआई ए से अल्गल फंगाई तो बेटा यहां पे जो फाइकोमाइसिटेस है वो कैसा फंगाई है अल्गे की तरह ठीक है फिर एस से सैक फंगाई तो ये जो तुम लोगों का एस्कोमाइसिटस है ये बोरी होती है ना बोनी जो होती है वैसे टाइप का फंगाई है उसके बाद में बेसिडियोमाइसिटेस का आ जाएगा क्लब

46:11 फंगाई क्लब फंगाई मतलब ऐसा मशरूम की तरह दिखता है ठीक है क्लब फंगाई मतलब मशरूम की तरह दिखता है और ड्यूटेरोमाइसिटेज जो होता है ना वो खुद ही कंफ्यूज होता है कि वो किस तरीके से रिप्रोडक्शन कर रहा है उसका क्या है मतलब मतलब असेक्सुअल कर रहा है, सेक्सुअल कर रहा है। खुद कंफ्यूज रहता है। इसलिए वो इंपपरफेक्ट फंगाई कहलाता है। तो फीचर्स याद रखने के लिए क्या याद रखना है? ए एस सीआई। अब बेटा स्पोर्स याद रखने के लिए आपको याद रखना है ज़बैक। अपन बोलते हैं ना जबरदस्त। जबरदस्त नहीं बोलने का आज से ज़बैक बोलने का। तो ज़बैक के जे से जेड से आ जाएगा ज़ू स्पोर। तो बेटा फाइकोमाइसिटेज जो है वो जूस स्पोर है। जूस्पोर मतलब ये स्पोर मूव कर सकता है। फिर उसके बाद में एस्कोमाइसिटेज जो है वो एस्कोस्पोरस है। फिर बेसिडियोमाइसिटेज जो है वो बेसिडियोस्पर्स है। और जो तुम लोगों का ड्यूटेरोमाइसिटेस है वो कोनेडिया है। याद

46:58 कैसे रखेंगे? जबक के थ्रू। ठीक है? एग्जांपल्स देख लो तो फाइयोकोमाइसिटेस अल्कल फंगाई है। तो उसका एग्जांपल म्यूकर हो गया। राइजोपस हो गया। यानी कि ब्रेड मोल्ड हो गया। ठीक है? अब अगर मैं एस्कोमाइसिडेज का बात करूं तो इसका एग्जांपल यीस्ट है, पेनिसिलियम है। पेनिसिलियम में एक एंटीबायोटिक्स है जो हम लोग यूज कर सकते हैं बैक्टीरिया को किल करने के लिए। बेसिडियोमाइसिडेज भाई क्लब फंगा है मतलब इसका बेस्ट एग्जांपल क्या हो जाएगा? मशरूम लिख दो। ठीक है? अब जैसे इसको हम लोग बोल रहे हैं कि इंपपरफेक्ट है तू। तो कोई लोग अजीब होते हैं तो हम लोग उसको क्या बोलते हैं? अल्टर है क्या तू? तो वही इसका एग्जांपल भी है अल्टरने एरिया। इसको पता ही नहीं है कि किस मोड से रिप्रोड्यूस कर रहा है। अब हम लोगों ने मध्य प्रदेश में फर्जी तो देख लिया। अब हम लोग इसके बाद में पैसा भी देख ही लेते हैं। फर्जी तो देख ही लिया बेटा। तो पैसा भी देख ही लेते हैं। यानी कि किंगडम

47:43 प्लांटे देखेंगे। किंगडम प्लांटे का बात करूं बेटा। ये भी मल्टीसेल्यूलर है। मोर देन वन सेल से बना है। यूकैरियोटिक ऑर्गेनिज्म है। मतलब कि इसका ट्रू न्यूक्लियस है बेटा जी। कैसा न्यूक्लियस है? ट्रू न्यूक्लियस है। अब प्लांट है। मतलब ये फोटोसिंथेटिक भी होंगे। यानी कि ये ऑटोट्रफिक है। खुद का खाना खुद बनाएंगे। सेल वॉल किससे बना है बेटा? सेलुलोज़ से बना है। इनके पास में क्लोरोफिल पिगमेंट प्रेजेंट होगा। फंगाई के पास नहीं प्रेजेंट है। यह नॉन मोटाइल है। मतलब ये लोग मूव नहीं कर सकते। ठीक है? और इनको दो ग्रुप में क्लासिफाई किया जाता है। एक होता है क्रिप्टोगम, एक होता है फेनरोगम। अब कोई चीज छुपी हुई होती है, इडियस होती है, सीक्रेट होती है तो हम उसको क्या बोलते हैं? क्रिप्टिक। ऐसे बोलते हैं ना एनक्रिप्टेड। तुम्हारे WhatsApp के मैसेजेस आर एनक्रिप्टेड। मतलब

48:29 छुपे हुए हैं। तो वैसे ही याद रखना क्रिप्टो का मतलब होता है हिडन। क्रिप्टो का मतलब होता है हिडन। या तो एब्सेंट लिख दो तुम लोग। ठीक है? तो यहां पे इनका जो रिप्रोडक्टिव ऑर्गन्स है वो दिख के नहीं आता। पेनोगम्स में रिप्रोडक्टिव ऑर्गन्स जो है वो दिख के आएगा। एग्जांपल का बात कर लूं तो मॉसेस, फर्न्स आ गए जिम्नोस्पर्म में। मतलब इसका सीड जो है वो नेकेड है। और अगर मैं बात करूं रोज और मैंगो का तो एंजियोस्पर्म्स आ गया। यानी कि सीड कवर्ड है। मैंगो में तुम देखोगे सीड के ऊपर में पूरा का पूरा फ्रूट का पल्प लगा होता है। तो वो आ जाएंगे आप लोगों के फेनेरोगम्स में। और क्रिप्टोगम्स जो है वो किस में आ जाएंगे? मतलब अपने जिम्नोस्पर्म्स में आ गए। समझा? तो ये हो गया आपका किंगडम प्लांट है। लास्ट में आपका किंगडम एनिमेलिया। किंगडम एनिमेलिया ये भी मल्टीसेल्यूलर है। यूकैरियोटिक है और साथ

49:16 में ये हेटेरोट्रोफिक ऑर्गन ऑर्गेनिज्म कहलाते हैं। क्योंकि खुद का खाना खुद नहीं बना सकते। बट साथ ही साथ इनके पास सेल वॉल नहीं है। आप समझ रहे हो वो चार्ट बनाने के बाद यह पूरा का पूरा चैप्टर ऐसे चिंदी हो गया। आपके हाथों में आ गया है। दूसरी बात ये लोग होलोजोइक होते हैं। ज्यादातर मोटाइल होते हैं। दे आर मोस्टली मोटाइल। एकदम जो छोटे ऑर्गेनिज्म्स होते हैं सिर्फ वो लोग मूव नहीं कर सकते। बाकी सब मूव करते हैं। ठीक है? साथ में इनके पास में एक तरीके से नर्वस सिस्टम भी डेवलप हो चुका है। जैसे स्पोंजेस का बात कर लो, फिश का बात कर लो, बर्ड, इंसेक्ट, ह्यूमन। तो बेसिकली एक दिमाग में कनेक्शन भी आ चुका है। तो मध्य प्रदेश में फर्जी पैसा आ गया। अब हम बात करेंगे लाइकंस के बारे में जो कि थोड़ा बीच का बंदर है। भैया इसको क्यों बीच का बंदर बोल रहे हैं? क्योंकि ये कंपोजिट ऑर्गेनिज्म है। कंपोजिट का मतलब

50:03 ही होता है दो लोगों के कॉम्बिनेशन का। हमने इंग्लिश में कंपोजिट सेंटेंस ये सब सुना होगा। वैसे ये कंपोजिट ऑर्गेन ऑर्गेनिज्म है। यह बेटा एक सिंबायोटिक रिलेशनशिप में होता है। अल्गी और फंगाई के। सिमबायोटिक रिलेशनशिप तुम लोगों के जमाने का फ्रेंड्स विद बेनिफिट्स होता है। यानी कि तू उसको नोट्स दे रहा है, तू उसको नोट्स दे रहा है। मैं यही बोल रही हूं तुम्हारा दिमाग गंदा तुम देख लो। तो वैसे ही लाइकेस जो है वो सिंबायोटिक रिलेशनशिप में होता है अल्गे और फंगाई के बीच में। अल्ग और फंगाई जो है वो एक दूसरे का हेल्प करते हैं और सर्वाइव करवा देते हैं एक दूसरे को। ठीक है? फाइकोबियंट जो है यहां पे वो है अल्गल और माइकोबियंट जो है वो है फंगल। ठीक है? अब बायोलॉजिकल पापुलेशन पोल्यूशन का इंडिकेटर भी होता है। जहां पे पोल्यूशन है वहां पे लाइकंस एक्सिस्ट नहीं करेगा। जहां पोल्यूशन नहीं है वहां पे लाइकंस एकदम सीना ठोक के खड़ा रहता है। तो

50:49 जहां लाइकंस नहीं है हम सीधे बोल देते हैं बहुत पोल्यूटेड एरिया है। ठीक है? तो लाइकंस के बारे में बहुत पूछा जाता है। तो आप लोगों को पता होना चाहिए। लास्ट में असेल ऑर्गेनिज्म बता देती हूं। ये कुछ ऐसे ऑर्गेनिज्म है जिनके पास सेल ही नहीं है फिर भी है वो। अब जैसे जो जिसने हम सभी को घुटने टिकवा दिए थे 2020 में वो है हमारा वायरस। वायरस जो है ये नॉन सेल्यूलर एंटिटी है। एंटिटी मतलब प्रजाति है। क्योंकि अब देखो बाहर में वायरस जो है वो मरा हुआ है। जैसे ही उसको होस्ट मिल जाता है मतलब अपने जैसा लिविंग ऑर्गेनिज्म तो वो जिंदा हो जाता है। इसके पास सेल ही नहीं है प्रॉपर्ली। जेनेटिक मटेरियल या तो इसका डीएनए या तो इसका आरएनए है। अब क्यों वायरस की दवाई नहीं निकल पाती है जल्दी से? क्योंकि मेरे अंदर जो उसका जेनेटिक मटेरियल है तुम्हारे अंदर जाके वो रेप्लिककेट कर लेता है चेंज कर देता है।

51:36 तो भाई मेरे लिए दवाई बनाई थी ना मैंने तो मेरी दवाई तेरे पे कैसे चलेगी? वैसा सीन हो जाता है। इसका जो प्रोटीन कोट है मतलब ऊपर में जो कोटिंग होती है इसकी वो कैप्सिड होती है और ये ऑब्लिगेट पैरासाइट है। जैसे एग्जांपल हो गया तुम लोगों का एचआईवी इन्फ्लुएंजा बैक्टीेरियोफाज। ठीक है? अब वायरॉइड्स का बात करूं तो यह एकदम छोटू से होते हैं। एकदम एकदम छोटू से होते हैं। नेकेड होते हैं। मतलब इनके ऊपर में कोई कोटिंग-वोटिंग नहीं होती। एकदम सिंगल स्टैंडर्ड होते हैं। मतलब एक ही ऐसा आरएनए का सिंगल स्टैंड होता है। और इनके पास कोई प्रोटीन कोट नहीं होता। इसलिए मैंने इसको क्या कहा? नेकेड है ये। जैसे कि पोटैटो स्पिंडल हो गया। फिर उसके बाद में ट्यूबर वायरइड हो गया। तुम लोगों ने सुना होगा पोटैटो स्पिंडल फाइबर्स जो होते हैं वो। तो ये बेसिकली पोटैटो के ऊपर के डिजीज वाली चीजें होती है। तीसरी हो गई वायरोसोइ्स। यह थोड़ा वायरॉइड्स जैसे ही

52:23 है। बट इनको हेल्पर वायरस की जरूरत होती है। मतलब इनको किसी और वायरस की जरूरत है डिजीज लाने के लिए, इंफेक्शन कॉज करने के लिए। ठीक है? तो जैसे हेपेटाइटिस हो गए। फिर उसके बाद में हेपेटाइटिस डी का जो वायरस है उसको हेपेटाइटिस बी की जरूरत होती है रेप्लिकेट करने के लिए। खुद से वो अपनी प्रजाति ही नहीं बना पाएंगे। दूसरे की जरूरत है। बात करेंगे प्रायंस के बारे में। ये इनफेशियस होते हैं। इनफेक्शन कॉज करते हैं। ये मिसफोल्डेड प्रोटीनंस है। मतलब अजीब सा कुछ तो प्रोटीन जो है वो घूम फिर के कैसा तो हो चुका है। और इसमें कोई जेनेटिक मटेरियल नहीं होता। मिसफोल्डिंग हो जाती है। मतलब गलत तरीके से फोल्ड हो जाता है यहां पे नॉर्मल प्रोटीन में। इसके वजह से प्रायन्स बनते हैं। तो ये बेटा मैड काऊ डिजीज वगैरह का इसका एग्जांपल होता है। ठीक है? तो आप लोगों को असेल ऑर्गेनिज्म भी समझ गया। वायरसेस जो है वो

53:09 ऑब्लिगेट पैरासाइट्स हैं। होस्ट जब तक नहीं मिलेगा तब तक मरे हुए टाइप के ही रहेंगे। नॉन लिविंग रैंक है। वायरॉइड्स का बात करूं तो सिंगल आरएनए प्रोटीन की कोट नहीं होती। इसके पास में प्रोटीन की कोट यानी कि कैप्सिड प्रेजेंट है। वायरसोइड्स को दूसरे की जरूरत पड़ेगी रेप्लिकेट करने के लिए। जैसे हेपेटाइटिस डी वायरस को हेपेटाइटिस पी की बी की जरूरत पड़ेगी अगर उसको अपना वायरस का नंबर बढ़ाना है। तो प्रायोस की बात करूं तो मिसफोल्डेड प्रोटीन से किसी भी तरीके से ये फोल्ड हो चुके हैं। आई होप आप लोगों को यह चैप्टर एकदम बढ़िया तरीके से समझ गया होगा। बेटा आप अगर ऑब्जर्व करेंगे आपके टेक्स्ट बुक में बहुत सारी एक्स्ट्रा फालतू चीजें दी हुई है। तो उसमें से मैंने पूरा कंसंट्रेट करके जो सबसे इंपॉर्टेंट चीजें हैं वो आज आप लोगों को सिखा दिया है। अब ये जो चैप्टर है डायरेक्टली सीईटी में नहीं पूछा

53:55 जाएगा बट इसको अलग-अलग तरीके से फ्यूजन क्वेश्चंस जो होते हैं उसके अंदर पूछा जाता है। अगर आप नीट दे रहे हैं तो यह चैप्टर भी इंपॉर्टेंट है क्योंकि यह चैप्टर भी आपके सिलेबस के अंदर है। ठीक है? अब अगर आप लोग ने अभी तक अभी तक नहीं परचेस किया है हम लोगों का सबसे महाराष्ट्र का नंबर वन बैच। तो मैं आप लोगों को एक वंडरफुल सा न्यूज़ देना चाहती हूं। देखो डेफिनेटली विजय सीरीज जो है वहां पे आप लोगों को वन शॉट मिल रहा है। बट हम लोगों ने लिटरली डांस करके गाना गा के आप पूछ सकते हो बच्चों को। सारे चीजों को याद किया हुआ है। यह पूरा चैप्टर बच्चों को मुंह जुबानी याद है। क्यों मुंह जुबानी याद है? क्योंकि उन्होंने लाइव लेक्चर अटेंड किया है। वो मुझे डाउट पूछ रहे थे। मैं उनका डाउट क्लियर कर रही थी। ये सब लाइव लेक्चर में ही पॉसिबल होता है। तो अगर आपने अब तक जॉइ नहीं किया है तो वी

54:42 हैव अ वंडरफुल न्यूज़ फॉर यू। वी हैव ल्च नीव बैच जहां पे हम लोगों ने लाइव सेशन में सारी चीजें कवर करते हैं। 11th स्टैंडर्ड, 12थ स्टैंडर्ड एंड साथ में सीईटी भी जो सीईटी का अभी नया कोर्सर्सेस भी आएंगे, क्रैश कोर्सर्सेस भी आएंगे। नीव के बच्चों को वो फ्री होगा। तो प्लीज डू नॉट लूज़ दिस अपॉर्चुनिटी। डिस्क्रिप्शन में लिंक है। प्लीज गो चेक इट आउट। ठीक है? अब आप लोगों को मैं थोड़े ऑफलाइन के रिजल्ट्स भी दिखा सकती हूं। इन केस इफ यू प्रेफर ऑफलाइन तो ये रहे हमारे आठ के ऊपर बच्चे जिन लोगों ने परफेक्ट स्कोर लाया है सीईटी में 90 के अबव तो बहुत सारे बच्चे हैं जेई में भी परफेक्ट स्कोर आने से हम पीछे नहीं हटे हैं। अगर तीन आईआईटीए बन रहे हैं ना बेटा साल भर में तो एक आईआईटीए तो वेदांतू ही प्रोड्यूस करता है। 1400 के ऊपर डॉक्टर्स वेदांतू ने प्रोड्यूस किया है। एंड इट इज़ ऑल बिकॉज़ ऑफ द स्ट्रेटजी

55:29 एंड द पर्सनलाइज़ अटेंशन वी गिव टू द स्टूडेंट्स। अब आप लोगों को मैं बता देती हूं। तो यह रहे हमारे Vedu के ऑफलाइन सेंटर्स। आप जा सकते हैं वहां विजिट कर सकते हैं। एंड डोंट वरी फीस की चिंता मत करना। जितना ऑनलाइन सस्ता है उतना ही ऑफलाइन भी सस्ता होगा क्योंकि 90% स्कॉलरशिप आप जाके अवेल कर सकते हैं। थैंक यू सो मच फॉर वाचिंग टिल दी एंड। आप लोगों को अभी बस कुछ नहीं करना है। एक बारी इस चैप्टर को रिवाइज करना है। एंड यू आर डन विद द चैप्टर। बाकी क्वेश्चन एक्सरसाइज क्वेश्चंस भी आप लोगों के लिए अपलोड कर दिए जाएंगे। और अगर नीव बैच जॉइ नहीं किया तो प्लीज गो चेक इट आउट। और आप लोगों को अगर सही लगे हम लोगों का पढ़ाना तो आप डेफिनेटली ज्वाइन कर सकते हो। थैंक यू सो मच फॉर वाचिंग टिल दी एंड। बाय-ब सी यू फॉर द नेक्स्ट टाइम।

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