15.09.2025 PROF PUNEET GANDHI

MM-TTC, RDVV, Jabalpur www.youtube.com

संक्षिप्त सारांश

यह वीडियो जल संरक्षण, अपशिष्ट प्रबंधन, नवीकरणीय ऊर्जा, और सतत विकास पर केंद्रित है। इसमें जल संसाधनों की कमी, वर्षा जल संचयन के महत्व, प्लास्टिक अपशिष्ट के प्रबंधन, और नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों के उपयोग पर जोर दिया गया है। वीडियो में पर्यावरण को बहाल करने और भावी पीढ़ियों के लिए एक स्वस्थ ग्रह सुनिश्चित करने के लिए व्यक्तिगत और सामुदायिक स्तर पर किए जा सकने वाले उपायों पर भी प्रकाश डाला गया है।

  • जल संरक्षण और वर्षा जल संचयन का महत्व
  • प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन और पुनर्चक्रण
  • नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों का उपयोग
  • सतत विकास के लिए व्यक्तिगत और सामुदायिक प्रयास

परिचय

प्रारंभिक अभिवादन और स्लाइड की दृश्यता की जाँच की जाती है। संकाय सदस्यों का स्वागत किया जाता है और चाय-कॉफी के बाद सत्र को फिर से शुरू करने की बात की जाती है।

जल संसाधन

भारत में जल संसाधनों के वितरण पर चर्चा की जाती है, जिसमें बताया गया है कि अधिकांश प्राकृतिक संसाधन उत्तर-पूर्व और पश्चिमी तट पर केंद्रित हैं। पंजाब में पानी की कमी की स्थिति पर प्रकाश डाला गया है, जहाँ पाँच नदियाँ निकलती हैं। जल पुनर्भरण के महत्व पर जोर दिया गया है, क्योंकि देश का 54% हिस्सा उच्च से अत्यधिक जल तनाव का सामना कर रहा है। बेंगलुरु, चेन्नई और पुणे जैसे शहरों में जल संकट के उदाहरण दिए गए हैं, जिसका कारण अनियोजित शहरीकरण और संसाधनों का अनुचित उपयोग है।

जल संरक्षण के उपाय

पानी बचाने के लिए घरेलू स्तर पर कुछ सुझाव दिए गए हैं, जैसे कि आरओ सिस्टम से निकलने वाले पानी का पुन: उपयोग करना। वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देने और इंजेक्शन वेल्स बनाने पर जोर दिया गया है। पीजोमीटर जैसे उपकरणों का उपयोग करके भूजल स्तर की निगरानी के महत्व को बताया गया है। जल शक्ति मिशन के तहत कुओं और बावड़ियों को साफ करके पुनर्जीवित करने की बात की गई है, जिससे भूजल में पानी का रिसाव हो सके। अधिक पेड़ लगाने (एफॉरेस्टेशन) को भी जल संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण बताया गया है।

वर्षा जल संचयन मॉडल

छत से पानी लाने और उसे फिल्टर करके स्टोरेज टैंक में डालने या सीधे एक्वीफर में डालने के सरल मॉडल की व्याख्या की गई है। इस प्रक्रिया से भूजल को रिचार्ज करने और पानी की कमी से बचने की बात की गई है।

बायोटेक्नोलॉजी और क्लाउड सीडिंग

बायोटेक्नोलॉजी के योगदान पर चर्चा की गई है, जिसमें क्लाउड सीडिंग के माध्यम से सूखे क्षेत्रों में बारिश कराने की तकनीक शामिल है। ऑस्ट्रेलिया में क्लाउड सीडिंग के उपयोग का उदाहरण दिया गया है।

अपशिष्ट प्रबंधन

अपशिष्ट प्रबंधन के महत्व पर जोर दिया गया है, जिसमें ठोस अपशिष्ट और प्लास्टिक शामिल हैं। प्लास्टिक के पुनर्चक्रण और प्लास्टिक को बदलने वाले विकल्पों की खोज पर ध्यान केंद्रित किया गया है, क्योंकि प्लास्टिक सीवेज लाइनों को ब्लॉक करते हैं और जानवरों के लिए हानिकारक होते हैं। पूजा की मूर्तियों के लिए मिट्टी के उपयोग को बढ़ावा देने की बात की गई है।

अपशिष्ट प्रबंधन की प्राथमिकता

अपशिष्ट प्रबंधन के लिए एक प्राथमिकता क्रम का पालन करने की सलाह दी गई है, जिसमें अपशिष्ट को कम करना, पुन: उपयोग करना, पुनर्चक्रण करना और ऊर्जा प्राप्त करना शामिल है। भोजन को बर्बाद न करने और बायोडिग्रेडेबल और गैर-बायोडिग्रेडेबल कचरे को अलग-अलग करने के महत्व पर जोर दिया गया है।

ई-कचरा प्रबंधन

ई-कचरा प्रबंधन के बारे में जानकारी दी गई है, जिसमें बताया गया है कि ई-कचरे में मूल्यवान तत्व होते हैं जिन्हें पुनर्चक्रित किया जा सकता है। शहरों में ई-कचरा केंद्रों को खोजने और वहां कचरा जमा करने के लाभों पर प्रकाश डाला गया है।

कार्बन फुटप्रिंट और नवीकरणीय ऊर्जा

अपशिष्ट प्रबंधन गतिविधियों के दौरान उत्पन्न होने वाली ऊर्जा को पुनः प्राप्त करने और उपयोग करने के महत्व पर जोर दिया गया है। नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों जैसे बायोमास, सौर ऊर्जा, भूतापीय ऊर्जा, पवन ऊर्जा और जलविद्युत का उपयोग करने की सलाह दी गई है। सौर पैनलों के उपयोग से ऊर्जा उत्पन्न करने के उदाहरण दिए गए हैं।

नवीकरणीय ऊर्जा नीतियां और ई-वाहन

एलईडी बल्बों के उपयोग से बिजली की खपत में कमी और गांवों में विद्युतीकरण के बारे में बताया गया है। सरकार द्वारा ई-वाहनों को बढ़ावा देने और उन पर सब्सिडी देने की बात की गई है।

डेजर्ट ग्रीनिफिकेशन और हाइड्रोजन ऊर्जा

डेजर्ट ग्रीनिफिकेशन के खतरों पर चर्चा की गई है, जिसमें प्राकृतिक पारिस्थितिक संतुलन को बिगाड़ने की बात शामिल है। हाइड्रोजन ऊर्जा के विभिन्न प्रकारों (ग्रे, ब्लू और ग्रीन) और उनके उत्पादन के तरीकों पर प्रकाश डाला गया है। ग्रीन हाइड्रोजन मिशन 2022 के बारे में भी जानकारी दी गई है।

पारिस्थितिकी तंत्र की बहाली और सतत विकास

पारिस्थितिकी तंत्र को बहाल करने, प्रदूषण को कम करने, अपशिष्ट को पुनर्चक्रित करने, और जल उपयोग को विनियमित करने के महत्व पर जोर दिया गया है। क्षतिग्रस्त पारिस्थितिक तंत्रों की उपेक्षा के परिणामों और उनके पुनर्स्थापन के लाभों पर प्रकाश डाला गया है।

तीन 'आर' नियम और पारिस्थितिक संतुलन

पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने के लिए तीन और 'आर' (बहाली, पुनर्गठन और लचीलापन) के महत्व पर जोर दिया गया है। प्रकृति के अनुसार चलने और पारिस्थितिक तंत्रों को बनाए रखने की सलाह दी गई है।

जैव विविधता और आनुवंशिक विविधता

जैव विविधता के महत्व पर प्रकाश डाला गया है, जिसमें पौधों, जानवरों और मनुष्यों में विविधता शामिल है। आनुवंशिक विविधता के लाभों और सजातीय समूहों में विवाह के जैविक नुकसानों पर चर्चा की गई है।

एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य

"एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य" की अवधारणा पर जोर दिया गया है, जिसमें समग्र स्वास्थ्य के लिए प्राकृतिक चीजों का उपयोग करने की बात शामिल है। प्रदूषण को कम करने और स्वस्थ जीवन शैली अपनाने के महत्व पर प्रकाश डाला गया है। सिंथेटिक दवाओं और एंटीबायोटिक दवाओं के अत्यधिक उपयोग से बचने की सलाह दी गई है।

ग्रीन हेल्थ एलायंस और निष्कर्ष

ग्रीन हेल्थ एलायंस के बारे में जानकारी दी गई है, जिसका उद्देश्य पर्यावरण प्रदूषण को कम करना और समग्र स्वास्थ्य को बढ़ावा देना है। 2030 तक पर्यावरणीय प्रदूषण के स्तर को कम करने और समग्र स्वास्थ्य की ओर बढ़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

प्रश्न और उत्तर

श्रोताओं को अपने अनुभव साझा करने या प्रश्न पूछने के लिए आमंत्रित किया गया।

कल का कार्यक्रम

कल के कार्यक्रम की घोषणा की गई, जिसमें प्रोफेसर आर एस तोमर का व्याख्यान शामिल है। प्रस्तुति देने के इच्छुक लोगों से नाम देने का अनुरोध किया गया। प्रस्तुति का विषय पर्यावरण और सतत विकास होगा।

Summarize any YouTube video in seconds

Get summaries like this one for any video, in your language, with the free Summ app.

Download on the Apple Store
Get it on Google Play

Transcript

YouTube Transcript Generator

0:02 हेलो जी मैम जी हां जी सर कुछ है क्या वो एक्सटेंड होगा उनका आया उनकी मेल की वेट कर रही हूं आपको जी सर जी हां मैं चाबी भेजती हूं नीचे अनिल भैया अनिल भैया जावेद को बुला दो जरा

0:53 जावेद को बुला [संगीत] कुछ हां जी स्लाइड वििबल हुई नो मैम अभी अभी होने की अभी नहीं दिख रहा है। ओके स्लाइड शेयर पांडे सर आपको एक बार फिर से होस्ट इनेबल करना पड़ेगा शायद।

1:39 अरे दीपिका जी मैडम जी कर रहा हूं। देखिएगा सर। आपको देखो यस मैडम संजीव सर YouTube पे और लाइव स्ट्रीम कर देना सर कर दिया कर दिया ओके थैंक यू सर हां जी अरे मैम स्लाइड आ गई स्लाइड फैकल्टी मेंबर्स वेलकम बैक

2:24 चाय कॉफी पी के आई होप आप अच्छा फील कर रहे हैं एंड जी मैम आइए आगे का अभियान शुरू करते हैं। जी हम वाटर को एस रिसोर्स डिस्कस कर रहे थे। वाटर की सस्टेनेबिलिटी के लिए हम क्या कर सकते हैं? तो आप अगर देखेंगे इस मैप की ओर तो आप देखोगे कि पानी के जो एक्चुअल नेचुरल रिसोर्सेज हैं हमारे वो सिर्फ नॉर्थ ईस्ट में है और कुछ वेस्ट कोस्ट पे हैं। बाकी इतनी बारिश के बावजूद हम बहुत एवरेज पूरा कंट्री में

3:10 इंडिया में एवरेज उस पे हैं। एंड जहां से पांचों रिवर्स निकलते हैं पाकिस्तान से होते हैं जो हमारे पंजाब में आते हैं वहां इट इज ऑलमोस्ट अ ड्राई सिचुएशन। तो इसका इसको दिखाने का पर्पस यह है कि यह जरूरी नहीं है कि आपके पास वाटर बॉडी हो तो कंजमशन के लिए वाटर अवेलेबल होगा। जो हम बात कर रहे थे वाटर रिचार्ज की कि हमारे नीचे के पानी में अंडर ग्राउंड वाटर का रिचार्ज होना जरूरी है। वो एक बहुत मेजर इशू है। एंड आज का सिचुएशन यह है कि हमारा 54% हमारा देश के 54% हिस्से हाई टू एक्सट्रीम

3:55 वाटर स्ट्रेस फेस कर रहे हैं। आप सबको पता होगा साउथ में बेंगलुरु, चेन्नई बिल्कुल नो वाटर ज़ोंस डिक्लेअ हो गए थे। अभी पुणे भी पुणे भी उसी कैटेगरी में आ गया है। तो वहां यही है कि अनप्लंड अर्बनाइजेशन हो रहा है और रिसोर्सेज का यूटिलाइजेशन प्रॉपर नहीं हो रहा है। तो इसके लिए वाटर कंजर्वेशन जरूरी है। आपको पता है कि पुराने यहां पुराने समय से हमारे स्क्रिप्चर्स में लिखा हुआ है कि हमेशा सेटलमेंट्स या जिनको हम सेटलमेंट्स कहते हैं या लोग बस्तियां बसती हैं पानी किनारे। तो उसका एक रीजन था हमारे सब मंदिरों में बड़े

4:44 जो प्लेसेस ऑफ वरशिप है वहां पर हमेशा पानी का स्रोत होता है। उसका रीजन यही है कि पानी को जीवन से लिंक किया गया है। सो दैट इज व्हाई इट इज सोेंट। एंड यह कुछ टिप्स है आपके अपने लिए, घर के लिए कि आप कहां-कहां लीकेज आपकी हो सकती है। कहां-कहां आप पानी बचा सकते हो। आजकल सबके घर में मोस्टली आरो है। तो जो आरो का पानी ड्रेन ऑफ होता है। उसको वेस्ट मत कीजिए। उसको एक छोटी पाइप लगा के आप अपने क्लीनिंग के लिए, पोछे के लिए, गार्डन में यूज कर सकते हैं गार्डन के लिए। तो बहुत अच्छा पानी है क्योंकि वो मिनरल एनरच होता है। हम जो पानी पीते हैं उसमें से सारा मिनरल तो आरो निकाल के बाहर

5:30 कर देता है। तो ये चीजें बहुत इंपॉर्टेंट है। एंड इसके लिए एक मेजर कदम जो नॉट ओनली द गवर्निंग बॉडीज द गवर्नमेंट इन जनरल बट एस इंडिविजुअल्स एस सिटीजंस हमें करना है। दैट इज रेन वाटर हार्वेस्टिंग। तो रेन वाटर हार्वेस्टिंग अगर आप एक सोसाइटी में रहते हैं तो यह एक सोसाइटी एक्टिविटी हो सकती है और अगर आपका अपना घर है तो वो जो पानी चेक करने आते हैं ऐसे बहुत सारे लोग होते हैं। इनफैक्ट जब आपने कभी बोरिंग कराई होगी तो आपने एक वो किसी रोड वाले को बुलाया होगा जो एक

6:17 दिखाता है कि यहां एक्वाफर है। यहां पानी है। यहां खोद लीजिए। दे सो मेनी वेज टू डू इट। सिंपल चीज है। तो ग्राउंड वाटर की जो भी बॉडी है आपकी सिटी में वो आपको आपका एक्वाफर ढूंढ देगी। तो वहां एक इंजेक्शन वेल बनाना मतलब एक केसिंग डाल के पाइप ताकि बारिश का पानी वहां अंदर जा सके। वो उसको कहते हैं डिगिंग इंजेक्शन वेल्स। वो इंपॉर्टेंट है। फिर पीजोमीटर का मतलब यह है एक छोटा-छोटा इंस्ट्रूमेंट लगता है। जैसे हमारा भी छोटी बीपी मशीन होती है, ग्लूकोस मॉनिटरिंग मशीन होती है वैसे एक पीजोमीटर है। पानी का मीटर है तो वो ये जहां इंजेक्शन बेल्स बनाते हैं वहां पे एक वो पिज़ोमीटर लगा देते हैं। वो कास्टेंटली आपको जैसे आपकी

7:04 एक गेटेड सोसाइटी है या आप एक सोसाइटी में रहते हैं। वहां एक जगह पे जहां आपने इंजेक्शन वेल बनाया है वहां इसको इंस्टॉल कर सकते हैं। इट्स नॉट अ वेरी एक्सपेंसिव डिवाइस। कुछ ढाई 3000 में आ जाता है ये। एंड इसको देख के एक सबसे बड़ा एडवांटेज है कि आपके यहां ग्राउंड वाटर का क्या स्तर है वो कास्टेंटली मॉनिटर किया जा सकता है। इट इज मेंट फॉर मॉनिटरिंग दैट। तो यह अगर आप इंस्टॉल कर लेंगे तो यू कैन मॉनिटर द वाटर लेवल्स ऑफ योर एरिया। तो दिस इज अ गुड एफर्ट दैट मस्ट बी डन बाय ईच ऑफ द कम्युनिटीज। यह कम्युनिटी एक्टिविटी है। फिर अभी हमारी कंट्री में जलशक्ति मिशन चल रहा है। जहां ग्राउंड

7:50 वाटर कंजर्वेशन पर बहुत सारा काम हो रहा है। जिसमें रेन वाटर हार्वेस्टिंग है। फिर बहुत सारी जो बंद पड़ी है हमारी हमारे कुएं बावड़ियां उनको आप कुएं का पानी ना भी यूज करते हो, बावड़ी नहीं भी यूज करते हो तो वो एटलीस्ट खेती के लिए यूज हो सकता है। एंड नहीं भी यूज कर रहे हो अगर तो सबसे बड़ी चीज है कि उसमें पानी भरने से वह अगर उसको क्लीन करके आप उसमें नेचुरल रेन वाटर भरने देते हो तो उसमें एक बहुत बड़ा एडवांटेज ये है कि वहां से भी पानी सीप इन होके ग्राउंड वाटर में ऐड ऑन होता है। तो वो बहुत इंपॉर्टेंट है। फिर जो जितने भी बोर्स हैं उनको रिचार्ज करना एक इंपॉर्टेंट काम है। वाटर शेड्स बनाना वो

8:36 है। एंड इन सबका एक मेजर ब्लैंकेट काम जो है जो सारी चीजों को सारी एक्टिविटीज को करता है वो है इंटेंसिव एफरेस्टेशन मतलब बहुत ज्यादा पेड़ लगाना ताकि हमारी सोइल का इरोजन ना हो पानी एक्यूमुलेट हो सके हमारे ग्राउंड वाटर में ऐड हो सके। सो एफरेस्टेशन इज एन इंपॉर्टेंट पार्ट ऑफ द जल शक्ति मिशन। तो इस तरह से आप देखोगे कि जो हम पिछला डिस्कस कर रहे थे प्लांटेशन इन टर्म्स ऑफ लेस ऑफ पोल्यूशन एंड सस्टेनेंस वो कैरी ओवर यहां भी होता है। इट इज़ इंपॉर्टेंट इवन व्हेन वी टॉक ऑफ

9:21 वाटर कंजर्वेशन। तो इस टाइप का एक मॉडल आप अपनी सोसाइटी में या इवन घर में अगर आपका घर है तो बड़ी छत होगी। वहां से आप बना सकते हैं। और इस तरह से डायरेक्ट यूसेज भी कर सकते हैं। नहीं तो एटलीस्ट अपना ग्राउंड वाटर रिचार्ज कर सकते हैं। अपना बोर रिचार्ज कर सकते हैं इससे। जिसकी वजह से फिर आपको कभी पानी की शॉर्टेज नहीं होगी। सो दिस इज द मॉडल दैट इज अवेलेबल। बहुत सिंपल सा मॉडल है छत से पानी लाना। यह ग्राउंड पर एक फिल्टर लगा देते हैं। नेचुरल फिल्टर होता है जिसमें अलग-अलग टाइप की अलग-अलग साइज की गिट्टी, भूसा यह सब होता है। उससे पानी छन के नीचे चाहे तो

10:08 स्टोरेज टैंक में डाल सकते हैं। स्टोरेज टैंक में हम वहां डालते हैं जहां पे एरियाज में वाटर का चैनल नीचे। एक्वर जिसे हम कहते हैं वो ना हो आसपास तो वहां से यूज हो सकता है। यह आपका स्टोरेज टैंक आप ही के काम आ सकता है। और अगर एक्वाफर है तो सीधा आप एक्वाफर में भी डाल सकते हैं। वो तो और अच्छी चीज है। अब एक एक नया एंगल भी है साइंस का एंगल। क्योंकि हम सब बायोटेक्नोलॉजी की आज के जमाने में बात करते हैं। सो बायोटेक्नोलॉजी ने किस तरह से कंट्रीब्यूट किया है? बहुत सारे ऐसे एरियाज हैं जहां पे सूखा रहता था। यहां जहां किसी एक

10:54 स्पेसिफिक समय पे फॉर क्रॉप्स के लिए पानी की जरूरत होती है। तो वहां क्लाइमेट इंजीनियरिंग एक नया एस्पेक्ट है जो आया है। उसमें क्या करते हैं? यह क्लाउड सीडिंग करते हैं। क्लाउड सीडिंग मतलब पानी ले जा के ऊपर हेलीकॉप्टर्स में स्प्रे करते हैं एट अ सर्टन हाइट एट अ सर्टन ऑल्टीट्यूड। उसकी वजह से अगर सैचुरेटेड पानी है, ऊपर है, बादल है, उड़ गए, बादल है, बरसे नहीं तो इसको क्लाउड सीडिंग कहते हैं। क्लाउड सीडिंग से स्पेसिफिक छोटे एरियाज में बारिश क्रिएट की जा सकती है। सो दिस इज द टेक्नोलॉजी एंगल टू द रिक्वायरमेंट। बट नॉर्मली ऐसी चीजें

11:42 बहुत ज्यादा नहीं हो सकती बाहर की कंट्री में। ऑस्ट्रेलिया इज अ कंट्री व्हिच यूज अस लॉट ऑफ क्लाउड सीडिंग। तो छोटे एरियाज में यह की जा सकती है। फिजिबल है। अब हम आते हैं क्योंकि हम रिसोर्स मैनेजमेंट की बात कर रहे हैं। तो अब हम अभी तक हम दो मेजर रिसोर्सेज को कंजर्व करने की बात कर रहे थे। अब हम इकोनमी के हिसाब से मैनेजमेंट की बात कर रहे हैं। एंड वन बिग आस्पेक्ट इज वेस्ट वेस्ट मैनेजमेंट जिसमें सॉलिड वेस्ट भी आता है, प्लास्टिक्स भी हैं। बहुत सारी चीजें हैं। तो यह सारी जो बायोडिग्रेडेबल है वह तो अपने आप सर्कुलेट हो जाती हैं। बट जो बायोडिग्रेडेबल नहीं

12:30 है जैसे प्लास्टिक्स हो गए तो उनके लिए एक एरिया में एक कॉलोनी में श्रेडर लगाना बहुत सारी जगहों पे आजकल मेट्रो स्टेशनंस पे और इवन एट सम एयरपोर्ट्स रेलवे स्टेशंस पे एक श्रेडर लगा होता है। आप अपनी पानी की बोतल पी के आप वहां उसमें डाल सकते हैं। फिर वो आपकी उसकी बोतल को छोटा-छोटा काट के ताकि अननेसेसरी स्ट्रेस ना बने एनवायरमेंट पे उसको रिसाइकल कर देता है। अब रिसाइक्लिंग के लिए तो बहुत सारी चीजें अवेलेबल हैं। एंड दिस गिव्स यू एन आईडिया प्लास्टिक वेस्ट बहुत बढ़ रहा है। तो प्लास्टिक को रिसाइकल करना या इस टाइप के अल्टरनेटिव्स ढूंढना जो कि

13:18 प्लास्टिक्स को रिप्लेस कर सके। वह अपने आप में एक बहुत मेजर कंसर्न है इन वेस्ट वाटर इन वेस्ट रिसाइक्लिंग क्योंकि यही प्लास्टिक्स जगह-जगह फंस के हमारे सीवेज लाइंस को ब्लॉक करते हैं। अगर हमारे एनिमल्स खासकर कााउस वगैरह हमारी गाय कैटल खा लेती है तो उनके कई बार डेथ भी हो जाती है। फंस जाते हैं उनके। हमारे वाटर बॉडीज को, हमारे रिवर्स एंड ओशंस को कंटैमिनेट कर रहे हैं। तो प्लास्टिक बहुत अच्छा अ स्यूशन था, चीप स्यूशन था एक टाइम पर कंट्री के लिए बट नाउ इट हैज़ बिकम अ हैज़र्ड। तो हर जगह जहां हम

14:05 उसको अवॉइड कर सकते हैं, हटा सकते हैं। वहां हम सबको एस पीपल ऑफ साइंस शुड थिंक ऑफ अल्टरनेटिव्स। जहां भी हम नेचुरल चीजें ला सकते हैं जो अपने आप डिग्रेड हो जाए। जैसे अब हमारे यहां मेरे ख्याल अक्रॉस द कंट्री सब जगह सब म्यनिसिपल कॉरपोरेशंस ने कर दिया है कि जितनी भी हमारी पूजा अर्चना की मूर्तियां हैं वो मिट्टी की बनी हुई होनी चाहिए। प्लास्टर ऑफ पेरिस नहीं होना चाहिए। क्योंकि उस पर प्लास्टर ऑफ पेरिस होता है। हार्मफुल केमिकल्स होते हैं जिनसे पेंट होता है। तो जितना नेचुरल हो सकता है वह करें ताकि हमारा एनवायरमेंट सस्टेनेबल बने। तो प्लास्टिक्स यस दोज ऑफ यू हु वर्क विद इदर पॉलीमर्स नेचुरल पॉलीमर्स पे बहुत

14:53 लोग काम कर रहे हैं। प्लीज लुक आउट एंड गिव अस गुड अल्टरनेटिव्स टू द प्लास्टिक। तो वेस्ट मैनेजमेंट में एक हायरार्की होती है जो हम फॉलो कर सकते हैं। एक सबसे पहला है अवॉयडेंस। हम जितना कम हो सके उसको यूज करें या फिर रिड्यूस कर सकें उसका यूज। अगर पॉसिबिलिटी हो उस चीज को रीयूज करने की तो वो करें। रिसाइकल करें। उस रिसाइक्लिंग को इस तरह से उसका प्रोसेस बनाएं कि उससे कुछ एनर्जी निकल पाए। उस एनर्जी को हम यूज़ कर पाए फाइनली कहीं। तो दीज़ आर द स्टेप वाइज प्रोसेससेस

15:40 जिसको हम वेस्ट की हायरार्की कहते हैं। अगर उसको इस तरह से खासकर प्लास्टिक को अगर फोकस किया जाए इस तरह से और इस तरह से उसको डील किया जाए। अवॉइड करना, यूज करना, उसका यूज रिड्यूस करना, उसको दोबारा रीयूज करना, बहुत कुछ अगर इस प्रोसेस को करें तो हमारा एनवायरमेंट का जो डैमेज का लोड है वो काफी हद तक कम हो जाएगा। हमारे यहां शास्त्रों में कहा गया है कि खाने को कभी वेस्ट नहीं करो। बचपन से हमने भी सीखा है और हम अपने बच्चों को भी सिखाते हैं कि उतना ही लो जितना आपको जितना आप खा सको।

16:28 खाना फेंकना नहीं चाहिए। सो दिस इज आल्सो अ मेजर पार्ट बिकॉज़ बहुत सारे ऐसे आज भी लोग हैं फ्रॉम द वीकर सेक्शंस इन आवर सोसाइटी जिनको सफिशिएंट फूड नहीं होता है। तो यह सिर्फ आप खुद प्रैक्टिस करोगे अपने बच्चों कोब्यूशन इसको बनाती इसलिए आप इसको जरूर प्रैक्टिस करें क्योंकि यह बहुत इजी है ये चीज करनी

17:15 खुद फॉलो करना और बच्चों को भी सिखाना तो एक छोटाछोटा एफर्ट फाइनली इट कलनेट्स इनू अ बिग चेंज दैट इजेंट दूसरा अगर आपके कॉलोनी में या कहीं नहीं भी हो तो दिस इज समथिंग दैट हैस टू टू बी प्रैक्टिस्ड इन टुडेेस टाइम बायोडिग्रेडेबल वेस्ट अलग। हालांकि अभी मोस्ट ऑफ द सिटीज अक्रॉस इंडिया आर फॉलोइंग द सिस्टम रेलवे स्टेशंस पे और वो सब जगह होता है यह। बट अगर नहीं है तो आप प्लीज इस प्राइमरी कलर रूल को फॉलो कर लें। जो ग्रीन है वह सारा बायोडिग्रेडेबल वेस्ट है। सारे हमारे फ्रूट्स, वेजिटेबल्स, पील्स जो

18:02 छिलके बड़े घर होते थे पहले जमाने में तो पीछे हमेशा एक गड्ढा होता था कंपोस्ट का। सारी खाद वहीं बन जाती थी। सारे छिलके वहीं फेंक के दबा दिए जाते थे। एंड वहां से खाद बनती थी। अभी वो चीज स्मॉलर एरियाज में उतनी फिजिबल नहीं होती। बट आप अगर आप यह एक रखेंगे तो वह म्यनिसिपल कॉरपोरेशन वाले ले जाते हैं या इसी को पलटा के दबा दिया जाता है। सो यू हैव फर्टिलाइजर नेचुरल फर्टिलाइजर फॉर योर एरिया। जनरल वेस्ट अलग रखिए। हज़ार्डस वेस्ट केमिकल सॉल्वेंट्स उनको अलग डालिए। और जो रिसाइकबल है ऑल प्लास्टिक बमबूस

18:47 रयूजेबल मटेरियल अगर उसकी साइकिलिंग आप अपने एरिया में अपनी लोकालिटी में अगर मैनेज करते हैं तो दैट विल गो अलोंग वि नाउ दिस हैज़ बिकम वन इंपॉर्टेंट पार्ट एंड बिलीव मी जिनों को इसका थोड़ा सा भी आईडिया है इस इंडस्ट्री का दिस इज एन इंडस्ट्री हम कहते हैं इसको वेस्ट मैनेजमेंट बट दिस इज एन इंडस्ट्री। बहुत छोटी-छोटी चीजें हमारे घर में क्या होता है ना हमने कबाड़ी वाले को बेच दी। नाउ देयर आर इन ईच सिटी। देयर आर सेंटर्स जो ई वेस्ट लेते हैं। क्योंकि यह ई वेस्ट का जो मटेरियल है इसमें बहुत सारे ऐसे ट्रेस एलिमेंट्स अवेलेबल है जो कि बहुत एक्सपेंसिव होते हैं। गोल्ड बीइंग वन ऑफ देम। कुछ परसेंटेज

19:35 गोल्ड निकलता है हमारे सारे चिप्स में से, कंप्यूटरटर्स में से, टीवीज में से। तो एक मुझे पता है अलवर में एक बहुत बड़ी इंडस्ट्री है। आई थिंक और पढ़ेंगे देखेंगे क्योंकि हमारे यहां से उस तरफ जाता है यह ई वेस्ट। तो, यह किलोस में, टन्स में खरीदा जाता है सारा इलेक्ट्रॉनिक सामान और फिर उसको एक रिसाइकल प्रोसेस में किया जाता है। तो अगर आप अपने शहर का ई वेस्ट सेंटर लोकेट कर लें और वहां दें। उसके लिए पैसे भी मिलते हैं। सो दैट इज द मोस्ट अट्रैक्टिव पार्ट कि आपको पैसे मिलते हैं। यू कैन गो आउट एंड एंजॉय वन गुड मील जो है। तो आपकी जो भी है मोबाइल फस हैं, पुरानी टीवीज हैं, केबल्स, चार्जर्स, इवन

20:23 एलईडी ट्यूबलाइट्स फॉर दैट मैटर। इन सबको एक कॉर्नर में इकट्ठा कर लीजिए और एक दिन जाके ई वेस्ट मैनेजमेंट वाले को दे आइए। पैसे भी मिलेंगे और कचरा भी सही जगह पहुंच जाएगा। सो वन बिग एस्पेक्ट इतना सब जब हम एक्टिविटी कर रहे हैं तो हमारा फर्स्ट वाला जो उद्देश्य था दैट इज कार्बन फुटप्रिंट प्रोड्यूस करना वो कई बार बिगड़ जाता है क्योंकि बहुत सारी हीट स्मोक फ्यूम्स एनर्जी इज जनरेटेड तो कोशिश हमें यह करना चाहिए कि यह जो एनर्जी जनरेट हो रही है जैसे बहुत सारा मटेरियल इनरेट होता

21:08 है जलाया जाता है। वहां से जो एनर्जी निकलती है उसको यूज रिकवर कर लिया जाए। उसको वेस्ट मैनेजमेंट के प्रोसेससेस में जैसे एक पार्क में आपने एसटीपी बनाया सॉलिड वेस्ट डिस्पोजल का जो टैंक्स बनाते हैं सब जगह उससे जो गैस निकलती है जो एनर्जी लगते हैं उससे आप अपना एक छोटा सा लैंप लाइट कर सकते हैं। लैंप होस्ट की लाइट उससे कनेक्ट कर सकते हैं। यह आई एग्री कि पर्सनलाइज लेवल की चीज नहीं है। बट इफ यू आर एन एक्टिव मेंबर ऑफ योर सोसाइटी तो आप अपनी सोसाइटी के लिए ये एक बहुत अच्छी एक्टिविटी कर सकते हैं। नॉट ओनली विल इट सेव रिसोर्स ऑफ योर वो मेंटेनेंस कॉस्ट लो

21:56 होगा। प्लस आप एनवायरमेंट के लिए बहुत अच्छा काम कर रहे होंगे। सो व्हाट आर द टाइप्स ऑफ रिन्यूएबल एनर्जी दैट वी कैन लुक एट? बायोमास एक है। सोलर हमने बात की जियोथर्मल बात की। हीट जो जमीन के नीचे से निकलती है। विंड एनर्जी की बात की और हाइड्रो पावर की बात की। सो अकॉर्डिंग टू आवर प्लेस एंड एक्सेसिबिलिटी। हम इसमें से कोई भी रिन्यूएबल एनर्जी पे काम कर सकते हैं। सोलर एंड बायोमास बींग दस्ट टू डू एट इंडिविजुअल लेवल। यह जनरलाइज टारगेट्स हैं। जैसे मैंने आपसे

22:42 पहले भी बात की थी कि एक छोटा सा सोलर पैनल आपको महीने भर में 5 किलो वाट एनर्जी तक बिल्कुल छोटा सा 5 किलो वाट एनर्जी दे सकता है जिससे आप एक लैंप स्ट्रीट लैंप चला सकते हैं। वो दिन में उसको एक्यूमुलेट कर लेगा। अपनी बैटरी में छोटी सी बैटरी होती है। ऊपर छोटा सा पैनल लगा होता है और रात भर शाम रात को बहुत बढ़िया लाइट आपको फ्री की मिलेगी। सो दी आर जस्ट टू गिव यू एन आईडिया कि विंड से सोलर से और हाइड्रो इनसे कितनी कितनी एनर्जी हम जनरेट कर सकते हैं। हाइड्रो में विंड

23:27 पावर में सबसे ज्यादा है। पर फिर भी दिस इज एडिशनल द मोमेंट वी स्विच ऑन टू टोटली रिन्यूएबल एनर्जी उस दिन हम अपना कार्बन फुटप्रिंट खुद खत्म कर लेंगे। सो दैट इज देंट पार्ट। दिस इज जस्ट टू गिव यू एन आईडिया। आप जो फिजिबल है वो चूज़ कर सकते हैं। एंड अभी की जो पॉलिसीज है उसमें एलईडीज यूज करने से बहुत कट डाउन हुई है पावर कंसमशन। हम अपने विलेजेस में इलेक्ट्रिफिकेशन कर पाए हैं। एंड जो भी ट्रांसफॉर्मेशंस हुए हमारे पावर इंडस्ट्री में दिस गिव्स यू एन आईडिया क्या कुछ पॉसिबल है।

24:17 सो जो हमारी सनशाइन है अगर हम कोल और ऑयल ना यूज़ करें उसकी जगह पानी यूज़ कर रहे हैं हाइड्रो एनर्जी एंड वी हैव कम अप अ बिग वे फॉर ई व्हीक्स बहुत प्रमोट कर रही है हमारी सरकार इस पे इनफैक्ट काफी बड़ा अमाउंट में सब्सिडी भी मिलती है सिर्फ सोलर पैनल्स पे नहीं ई व्हीकल्स पे भी आपको इनकम टैक्स में डिपेंडिंग कि आप कितनी वो खरीद रहे हैं। 1 लाख से 1.5 लाख की छूट है इन द क्सक्यूटिव इयर्स दिस कुड इन अ बिग वे रिड्यूस द रोड पोलशन

25:07 एटलीस्ट फॉर ऑल ऑफ अस। और यह इकोलॉजिकली भी बहुत बैलेंस है। तो इसके बारे में नेक्स्ट टाइम आप अपनी गाड़ी बदलने का सोचे तो जरूर सोचिए। अब हम इसका हज़ार्ड देखें। एक केस स्टडी देखते डेजर्ट ग्रीनफिकेशन आप सबको पता होगा जब व्हनेवर वी टॉक ऑफ द यूएई स्टेट्स दुबई स्टिल इज अ लिटिल ग्रीन बट वो बेसिकली एक रेगिस्तान है और उन्होंने वहां पे उन्होंने क्या किया है धीरे-धीरे बहुत सारा एफरेस्टेशन कर दिया है प्लांट्स लगा दिए हैं पौधे लगा दिए क्लाउड सीडिंग से बारिश करा रहे हैं तो यह सब अच्छी एफर्ट्स हैं। बट द रीज़न दैट आई

25:54 हैव मेंशंड हियर इज़ दैट इनकी वजह से हम नेचुरल इकोलॉजिकल बैलेंस खत्म कर रहे हैं। नेचर ने कुछ एरियाज बहुत वेट बनाए, कहीं मैनग्रोव्स बनाए, कहीं रिवर्स दिए। दैट इज बेसिकली टू बैलेंस व्हाट इज देयर इन नेचर। जहां रेगिस्तान है हमारा उसमें वहां रेगिस्तान में सस्टेनेंस के लिए हम कुछ ग्रो करें वह अलग चीज है पॉट्स में बट अगर हम चाहे कि हमारी रेत को हटा के हम वहां पे पेड़ उगा दे वो तो दैट इज नॉट द राइट अप्रोच ऐसा डजर्ट ग्रीनिकेशन के अपने रेमििकेशंस होंगे। इसीलिए क्लीन ग्रीन एनर्जी में सोलर

26:40 एनर्जी इज द मोस्ट फेवर्ड एनर्जी टिल डेट। नाउ देयर इज अनदर सोर्स ऑफ एनर्जी दैट इज कमिंग अप इन अ बिग वे और वो है हाइड्रोजन एनर्जी। अब हाइड्रोजन को तीन कैटेगरीज में बांटते हैं। ग्रे, ब्लू एंड ग्रीन। हमको सबको पता है कि पानी में से इलेक्ट्रिसिटी पास करो तो वह स्प्लिट होती है इनू हाइड्रोजन एंड ऑक्सीजन। तो वो दैट इज कॉल्ड ग्रीन हाइड्रोजन। एंड इनफैक्ट अभी इसकी कमर्शियल डेवलपमेंट नहीं हुई है। कोई ऐसे टाइप के रिएक्टर्स या वो नहीं बने हैं जहां इलेक्ट्रोलिसिस करके ऑक्सीजन हवा में छोड़ रहे हो और क्लीन

27:28 हाइड्रोजन बन रहा हो एनर्जी के लिए। बट आई थिंक कोविड के दौरान आप कुछ लोगों ने सुना होगा कि देयर वर सम सिटीज जहां उन्होंने ऑक्सीजन जनरेटर्स कमर्शियली लगा लिए थे के आपको क्लीन हवा चाहिए तो स्पेशली आफ्टर द सेकंड वेव तो उन्होंने छोटे-छोटे सिस्टम्स लगा लिए थे जहां पानी में से वो इलेक्ट्रिसिटी पास करते थे एंड वो आपको एक मास्क दे देते थे तो वो दैट इज क्लीन ऑक्सीजन आप ले लो। सो दे सो मेनी थिंग्स जिसका एक कमर्शियल यूज हो सकता है। अपार्ट फ्रॉम दैट इंडस्ट्री में हम ग्रे और ब्लू ऑक्सीजन यूज करते

28:13 हैं। ब्लू हमारी नेचुरल गैस से निकलती है। व्हाइल ग्रे हम कोल से बनाते हैं। तो द पर्पस टू डिस्कस दिस इज कि जो एक्स्ट्रा मेटाबोलाइट्स एक्स्ट्रा बाय प्रोडक्ट्स जनरेट होते हैं इस उसमें उनके लिए भी हमको टेक्नोलॉजीस बनाना जरूरी है क्योंकि उसको वेस्ट ऐसे हवा में छोड़ने से कोई फायदा नहीं है। उसको रीयज करने में बेहतर सस्टेनेबिलिटी है। हमारा ग्रीन हाइड्रोजन मिशन 2022 में स्टार्ट हुआ था एंड दे आर वर्किंग

28:59 पीछे सो इतना सब कुछ आपसे शेयर करके अ द पपस इज टू रिस्टोर आवर इको इकोसिस्टम हमको पोल्यूशन बंद करना है। उसको रिड्यूस करना है जो ऑलरेडी है। वेस्ट को रिसाइकल करना है। ट्रीट करना है। पानी का यूजेज रेगुलेट करना है। एंड उससे रिलेटेड जितने भी इकोसिस्टम्स जुड़े हुए हैं वाटर बेस्ड, लैंड बेस्ड उनको सबको रेगुलेट करना है। तभी हमारा सस्टेनेबल डेवलपमेंट पॉसिबल है।

29:44 आने वाली जनरेशंस को तभी हम एक स्वस्थ एन मतलब अच्छा एनवायरमेंट दे पाएंगे। नहीं तो वह कहेंगे कि यह जनरेशन बहुत सेल्फिश थी। इन्होंने सब कुछ यूज कर लिया। नेचुरल रिसोर्सेज में हमारे लिए कुछ नहीं छोड़ा। सो दैट इज व्हाई। तो ये रेस्टोरेशंस के कुछ पैसेजेस है। डैमेज्ड इको सिस्टम्स को अगर हम नेगलेक्ट करेंगे तो फाइनली हमारी सिविलाइजेशन पे इसका फर्क पड़ेगा। अगर हम उसको रेस्टोर करेंगे तो हमारा इको सिस्टम दोबारा रिवाइव हो पाएगा। सो द पर्पस इज दिस कांसेप्ट वर्क्स लाइक अ पिरामिड। जितना हम

30:31 इको सिस्टम से इंपैक्ट हटाएंगे पोल्यूशन का, ओवर यूज का, मिसयूज का उतनी अच्छी हमारी रिहबिलिटेशन होगी और उतना ही अच्छा हमारा इकोलॉजिकल रेस्टोरेशन होगा। आने वाले समय में हम कुछ अच्छा कर पाएंगे इस चीज को लेकर। मतलब हम अपने आने वाली जनरेशन को एक अच्छा सस्टेनेबल इको सिस्टम और एक अच्छा नेचर अच्छी अर्थ दे पाएंगे वापस वि इज आवर ड्यूटी आल्सो माफी चाहते हैं। कंप्यूटर की बैटरी लो हो

31:19 गई थी तो हम उसको बस चार्जिंग के लिए लगा रहे हैं। एक सेकंड का टाइम दीजिए। जी अब आपने एस फैकल्टी एस अवेयर सिटीजंस द थ्री आर रूल बहुत बार सुना होगा जिसमें रिसाइकल रिड्यूस रिसाइकल रयूज का कांसेप्ट चलता है बट इकोलॉजिकल बैलेंस मेंटेन करने के लिए तीन और आवर्स भी इंपॉर्टेंट है व्हिच इज रेस्टोरेशन दैट इज रिटर्न टू द नॉर्मल ओरिजिनल स्टेट रिऑर्गेनाइजेशन

32:06 रिऑर्गेनाइजेशन ऑफ अ रिसोर्सेज किसी के पास कम है किसी के पास ज्यादा है बैलेंस करके कैसे चलना है एंड देन रेिलियंस रेिलियंस इन द सेंस कि आप जैसे हमने अभी बात की रेगिस्तान की तो रेस्टोरेशन अगेंस्ट नेचर जाकर मत कीजिए। फाइनली वह कहीं ना कहीं हम पर ही रिफ्लेक्ट होता है। सो लेट्स गो अकॉर्डिंग टू नेचर। नेचर ने अगर हमको एक ग्रासलैंड दिया है तो उसको उस तरह से मेंटेन करना चाहिए। अगर हम रेगिस्तान में रहते हैं, ड्राई एरिया में रहते हैं तो उसको उस तरह से मेंटेन करना चाहिए। सो फॉर अ सस्टेनेबल डेवलपमेंट रिटर्न रिऑर्गनाइज एंड रेिलियंस यह

32:55 हमारे क्रूशियल आस्पेक्ट्स है। एंड फाइनली इकोलॉजिकल स्टडीज एनवायरमेंटल स्टडीज का असर कहां दिखता है? वो है हमारी बायोडायवर्सिटी पे। बायोडायवर्सिटी से हमारा मतलब है कि जो जो हमारी सारी लाइफ में फूल पौधों में जानवरों में जो विविधता है जैविक विविधता जिसे कहते हैं वी आर वेरी लकी टू बी इन अ कंट्री जिसमें बहुत सारी बायोडायवर्सिटी है। हमारे पास इतने सारे वैरायटीज ऑफ प्लांट्स हैं, एनिमल्स हैं, बर्ड्स हैं। इनफैक्ट हम तो

33:42 रेसेस भी अलग-अलग है। कितने सारे रिलीजन और डवर्स कल्चर के लोग हम सब साथ रहते हैं। दैट इज द मोस्ट ब्यूटीफुल पार्ट। वो इसलिए क्योंकि दैट गिव्स अस जेनेटिक डायवर्सिटी। बहुत सारी ऐसी रेसेस दुनिया में खत्म हो गई जहां वो अपने आप तक सिक्सड रहे मिक्स नहीं हुए। हमारी जेनेटिक डायवर्सिटी हम इतने लकी हैं कि वो जो मिक्स एंड मैच होता है हमारे यहां और जो हमारे शास्त्रों में यह चीज लिखी गई है कि गोत्र काेंस है। हम जब अरेंज मतलब जब हमारे यहां अरेंज्ड मैरिजेस

34:28 का सिस्टम था तो नॉर्मली ये होता था कि फादर की साइड से सात जनरेशंस छोड़ के मदद के साथ पांच जनरेशंस छोड़ के वो मनुस्मृति में लिखा गया है वैसे तो ही करनी चाहिए। वो उसका पर्पस ये था। द साइंटिफिक थिंग बिहाइंड वास कि जब हम एक ही जीन पूल में क्लोज निट रिलेटिव्स में अगर शादी करते हैं और ये एक चलन बन जाता है जैसे पारसीज में होता है। कुछ मुस्लिम कम्युनिटीज में होता है। इनफैक्ट कहीं कहीं क्रिश्चियंस में भी होता है। डाउन साउथ के आप अपने रिलेटिव्स में वो कर सकते हो। तो उससे एक बायोलॉजिकल डिसएडवांटेज यह है कि उस ग्रुप में जो

35:13 डेलिटरियस जींस होती हैं जो इफेक्टेड है जो फुल्ली फंक्शनल नहीं है सही से फंक्शन नहीं कर वो कंसंट्रेट होती जाती है। जैसे हम पोल्यूशन की बात करते हैं ना कि हमारी बॉडी में बायो एक्यूमुलेशन होता है। उसी तरह जींस का भी कांसेप्ट है। हमारी जो डिजीज्ड जींस है वो कंसंट्रेट होती जाती है। और जितना हम डायवर्स दूर रिलेशनशिप एस्टैब्लिश करते हैं उतना वो मिक्स एंड मैथ से अच्छा रहता है। सो बायोडायवर्सिटी इज अ बिग इन ऑल द वेज़ किसी भी आस्पेक्ट में आप देखें चाहे वो प्लांट्स की हो, चाहे वो एनिमल्स की हो, चाहे वो हमारी हो। दिस इज अ नेचुरल वे ऑफ सस्टेनेबल डेवलपमेंट। तो उसको एस ह्यूमन बीइंग्स हमको भी इस इन

36:01 चीजों का ध्यान रखना चाहिए। और यह हमारे बायोलॉजिकल साइंसेस वाले, प्लांट साइंसेस वाले लोग नॉर्मली इस तरह से काम करते हैं प्लांट एंड एनिमल साइंसेस वाले टू मेंटेन बायो डायवर्सिटी। दैट इज हाउ दे वर्क। नाउ द लेटेस्ट कांसेप्ट इन टुडेेस टाइम जो हमारी गवर्नमेंट ने भी दिया है। वन अर्थ वन हेल्थ द एडवांटेज 2023 में कैंपेन ल्च हुई थी और नाउ द सिस्टम इज कि हमको हर टाइप का वो यूज करना चाहिए। क्या कहते हैं? सिस्टम फॉर होलिस्टिक हेल्थ। सिर्फ हम एलोपैथी पर

36:50 डिपेंडेंट नहीं है। जहां जरूरत है एलोपैथी की वहां जहां नेचुरल लाइफस्ट डिजीजेस मैनेज करनी है। ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, ओबेसिटी, हॉर्मोनल इमंबैलेंसेस जो कि सब इस पोलशन और एनवायरमेंटल प्रॉब्लम से क्रिएट हो रही है। तो उसके लिए बहुत कुछ अब एक ट्रेंड हेल्दी ईटिंग की तरफ योग आयेदा होम्योपैथी इनकी तरफ गया है। सो द कांसेप्ट इन टुडेेस टाइम इज कि एक होलिस्टिक हेल्थ होनी चाहिए जिसमें हमको सब नेचुरल चीजों का सहारा लेना चाहिए फॉर अ बेटर लाइफ। और इससे रिलेटेड एक मेजर जो प्रॉब्लम हमारे सेक्टर में आती

37:38 है दैट इज पोलटेंट्स को जब जलाया जाता है प्लास्टिक वेस्ट हमारे में डिस्पजेबल हेल्थ केयर में बहुत निकलता है तो उस पर बहुत काम हो रहा है कि इन चीजों को कम किया जाए ताकि टॉक्सिक गैसेस ना निकले और एनवायरमेंट पे असर ना आए। जैसा कि हमने अभी बात की अल्टरनेटिव ट्रेडिशन ऑफ मैनेजमेंट फॉर स्ट्रेस एंड लाइफस्टाइल डिजीज इसको अपनाना इंपॉर्टेंट है फॉर अ बेटर हेल्थ एंड आप कोशिश कीजिए कि बहुत सारी बिकॉज़ यह मैं मानती हूं कि दोष हमारे सिस्टम का ही है।

38:24 आप डॉक्टर के पास जाते हैं। आपका आपको डिटेक्ट हुआ है हाई शुगर। वो फटाफट आपको एक गोली प्रिस्राइब कर देते हैं। और आप भी ठीक है। गोली खा ली जितना उसने कंट्रोल किया कंट्रोल किया। कुछ लोग हैं जो धीरे-धीरे यह चीज अवेयरनेस अपने में लाते जा रहे हैं। क्योंकि क्या होता है कि नेचुरल चीजें कोई फॉलो करनी है तो उनके लिए थोड़ी मेहनत करनी पड़ती है। अगर आपको अपनी शुगर की फ्लक्चुएशन मेंटेन करनी है तो आप मेथी के बीज रात को भिगो के सुबह पीजिए या सिनेमन का पानी पीजिए, दालचीनी का पानी पीजिए। तो वह बनाना पड़ेगा आपको करना पड़ेगा। सो टेकिंग एन पिल एंड हैविंग अ पिल

39:10 समटाइ्स सीम्स टू बी द इज़ियर वे बट उसके अपने रिपकशंस है। दैट इज आल्सो अ पार्ट ऑफ इकोसिस्टम डिस्टरबेंस। तो ओवरयूज या मिसयूज सिंथेटिक ड्रग्स का मत कीजिए। एंड इसमें एक मेजर पार्ट एंटीबायोटिक्स का भी है। हम आज के जमाने में वो टाइम नहीं रहा जहां हमारी ग्रैंड पेरेंट्स मोस्टली ग्रैंड मदर्स उतने एजुकेटेड नहीं थे। ऑल ऑफ अस आर वेल एजुकेटेड। सो वी शुड लर्न कि बच्चे को जरा सा खांसी जुकाम हुआ। आपने एंटीबायोटिक दे दी। आप उसको दो साल की उम्र से खिलाना शुरू करते हो। एंटीबायोटिक बाय द टाइम कभी एक्चुअल नीड अराइज़ेस तो देयर इज सो मच ऑफ

39:58 रेिस्टेंस कि बहुत सारी चीजें काम ही नहीं कर रही होती है। तो व्हाई आई एम टॉकिंग अबाउट दिस इज ओवर यूज़ ऑफ एंटीबायोटिक्स आल्सो इज अ बिग प्रॉब्लम। डॉक्टर भी लिख देते हैं। गलती वहां भी है। बट आपको थोड़ा सा अवेयरनेस होना चाहिए कि अगर आपको फ्लू हुआ है, वायरल हुआ है तो वायरस के अगेंस्ट वैसे भी कोई एंटीबायोटिक काम नहीं करती। इट विल टेक इट ओन कोर्स। तीन दिन उसको लगेंगे जाने में। आप सिर्फ सिंपल पैरासिटामॉल खाइए ताकि आपको फीवर ना हो। बच्चों के लिए भी यह बहुत इंपॉर्टेंट है कि आप उनकी बॉडी में सिंथेटिक ड्रग्स ना डालें। वह उनका ग्रोथ का टाइम होता है। यंग अडोलेसेंस का टाइम होता है। उस टाइम पर अगर आप यह सब खिलाएंगे तो हॉर्मोनल

40:44 इमंबैलेंस होते हैं। जिसकी वजह से बहुत सारी प्रॉब्लम होती है। ग्रोथ रुकना, एक्ने होना, मूड स्विंग्स होना। तो ये सब चीजें ऐसे ध्यान नहीं जाता। बट दिस इज बेसिकली ओवर यूज ऑफ मेडिकेशन। तो कोशिश कीजिए कि आप सिर्फ एक पैरासिटामॉल ताकि बुखार आपके सिर को नहीं चढ़ना चाहिए एंड बॉडी एक नहीं होना चाहिए। सो पैरासिटामॉल खाइए। दैट मेक्स यू फील गुड। एंड वो तुलसी का काढ़ा पी लीजिए। अदरक की चाय ले लीजिए। काली मिर्च, अदरक, काली मिर्ची बहुत सारे नेचुरल एंटी इनफ्लमेटरी है जो आपको इस फ्लू से रिलीफ दे देंगे। बट

41:33 तसल्ली के लिए जरा सा गला खराब हो रहा है तो एथ्रोमाइसीन खा लें। काउंटर से लेके हमारे यहां क्योंकि यह रेगुलेशंस नहीं है तो यह दिक्कत करते हैं आगे जाके। तो यह प्लीज प्रैक्टिस मत फॉलो कीजिए। तो जो ग्रीन इनिशिएटिव है इंडिया का उसमें एक ग्रीन हेल्थ अलायंस एक मेजर कार्यक्रम है जो ल्च किया गया है जिसमें जैसे कि मैंने आपसे शेयर किया कि एनवायरमेंटल पोल्यूशन कम करना और होलिस्टिक हेल्थ की बात करना सब टाइप की नेचुरल चीजें यूज करके करना दैट इज द पर्पस एंड दैट इज व्हाट वी आर एमिंग एट कि बाय 2030 हम अपने सारे एनवायरमेंटल पोलशन के लेवल्स

42:19 को कम कर लेंगे और एक होलिस्टिक हेल्थ की तरफ बढ़ पाएंगे। थैंक यू सो मच फॉर अ वेरी पेशेंट हियरिंग। दैट इज ऑल फ्रॉम मीड फॉर टुडे। आप सब अपने कोई एक्सपीरियंसेस शेयर करना चाहे तो आई वुड लव टू हियर देम। मुझे भी कुछ सीखने को मिलेगा या कोई क्वेरीज है तो बताइए। थैंक यू मैडम। बहुत वंडरफुल लेक्चर हो गया आपका। बहुत बढ़िया रहा। थैंक यू वेरी मच। मैम थैंक यू मैम। लेक्चर थैंक यू मैम। यू वेलकम। थैंक यू मैम। बहुत विस्तार से आपने बहुत सारी चीजें बता दी और बहुत ही रोचक तरीके

43:07 से। थैंक यू। थैंक यू मैम। कोई अपने कोई एक्सपीरियंसेस शेयर करना चाहेगा? या किसी की कोई क्वेरी हो आई थिंक दैट्स ऑल फॉर टुडे। थैंक यू वन एंड ऑल। थैंक यू मैम।

43:55 थैंक यू। थैंक यू मैम। ओके। थैंक यू मैम। ओके। थैंक यू मैम। थैंक यू। थैंक यू मैम। थैंक यू मैम। थैंक यू सो मच मैम। कल का प्रोग्राम बता दे। यस सर। सर कल मॉर्निंग का सेशन रहेगा 10:30 से 1:30 बजे तक। प्रोफेसर आर एस तोमर

44:41 जी सर। वाइस चांसलर है एमआईटी यूनिवर्सिटी ग्वालियर के। उनका कल रहेगा। 10:30 से 1:30 बजे तक और आप लोगों में से कोई लेक्चर देना चाहे जिसने नाम नहीं बताया मेरे को। जी सर अगर किसी को अपना प्रेजेंटेशन देना हो तो मेरे को कल नाम दे दीजिएगा। जी सर सर जी सर जी सर लेकर आएंगे। जी सर ओके सर। ठीक है। तो कल मिलते हैं। ओके सर। थैंक यू। सर प्रेजेंटेशन के टॉपिक तो थैंक यू सर ओके सर थैंक यू

45:29 प्रेजेंटेशन सर थैंक यू प्रेजेंटेशन बोला मैं प्रेजेंटेशन जिनको देना है वही देंगे अच्छा टॉपिक टॉपिक तो वही एनवायरमेंटल सस्टनेबल हां एनवायरमेंटल एंड सस्टेनेबल डेवलपमेंट ओके ठीक है ठीक है सर थैंक यू जय श्री का कल फोन आया था कि मैं प्रेजेंटेशन दे रही हूं ठीक है दे सर हम कल नाम ले ठीक है जी सर थैंक यू बंद करो

Share

YouTube Video Summaries